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<title> &#45; admin</title>
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<title>20 अगस्त राशिफल: इन राशियों पर बरसेगी विष्णु कृपा, धन&#45;लाभ के योग</title>
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<description><![CDATA[ मेष मेष राशि वालों के लिए दिन उज्ज्वल और चंचल है। छोटे-छोटे पाठ या क्लास में भाग लें। दोस्ताना बातचीत से आइडिया आते हैं और योजनाओं को आकार देने में मदद मिलती है। व्यावहारिक कदम और सवाल चुनें। खुले दिल से रहें। वृषभ आज ऑफिस में समझदारी भरे फैसले लें। आपके प्रेम संबंध में सुखद … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 23 Aug 2026 11:08:02 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>अगस्त, राशिफल:, इन, राशियों, पर, बरसेगी, विष्णु, कृपा, धन-लाभ, के, योग</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मेष</strong><br>
मेष राशि वालों के लिए दिन उज्ज्वल और चंचल है। छोटे-छोटे पाठ या क्लास में भाग लें। दोस्ताना बातचीत से आइडिया आते हैं और योजनाओं को आकार देने में मदद मिलती है। व्यावहारिक कदम और सवाल चुनें। खुले दिल से रहें।</p>
<p><strong>वृषभ</strong><br>
आज ऑफिस में समझदारी भरे फैसले लें। आपके प्रेम संबंध में सुखद मौके आएंगे। धन अत्यधिक सावधानी की मांग करता है। हेल्थ पॉजिटिव रहेगी। प्रेम संबंध में ज्यादा बातचीत की जरूरत है।</p>
<p><strong>मिथुन</strong><br>
आज आप भाग्यशाली हैं कि आपका रोमांटिक जीवन अच्छा रहेगा। काम के प्रति ईमानदार रहें और आपको पॉजिटिव रिजल्ट मिलेंगे। कोई बड़ी स्वास्थ्य समस्या नहीं होगी।</p>
<p><strong>कर्क</strong><br>
आज का दिन दयालु कार्यों का दिन है। किसी एक छोटे से सुधार के बारे में सोचने में समय बिताएं। परिवार के साथ प्यार भरे शब्द शेयर करें, और अपने घर के एक कोने को साफ करें। धीरे-धीरे पढ़ने या सीखने से नए आइडिया मिलते हैं।</p>
<p><strong>सिंह</strong><br>
आज अपने प्रेम संबंधों में आने वाली समस्याओं को संभालें। उत्पादकता से जुड़ी चुनौतियां होंगी, लेकिन आप उनका समाधान निकाल लेंगे। धन और स्वास्थ्य दोनों ही सकारात्मक हैं</p>
<p><strong>कन्या</strong><br>
आज प्रेम जीवन अच्छा रहेगा और आधिकारिक तौर पर आपको अपने करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। धन के लिए अधिक देखभाल की आवश्यकता होती है।</p>
<p><strong>तुला</strong><br>
आज छोटे-छोटे कदम भविष्य के लिए शांति और उपयोगी स्किल्स लाते हैं। प्रेम संबंधों से जुड़ी समस्याओं का समाधान करें। नई पेशेवर चुनौतियों का सामना करें। आज आपको धन खर्च पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता होगी।</p>
<p><strong>वृश्चिक</strong><br>
आज सुनिश्चित करें कि आप पेशेवर जरूरतों को पूरा करें। आर्थिक समस्याएं आज महत्वपूर्ण फैसलों को रोक सकती हैं। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए पैसों का सावधानीपूर्वक प्रबंधन करें।</p>
<p><strong>धनु</strong><br>
आज आपको पेशेवर चुनौतियों का समाधान करने के लिए ईमानदार रवैया अपनाना चाहिए। नौकरी में सफलता पाने के लिए अवसरों का लाभ उठाएं। धन और सेहत दोनों पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।</p>
<p><strong>मकर</strong><br>
आज लव लाइफ में आने वाली चुनौतियों का स्मार्ट तरीके से सामना करें। आप अपने प्रोफेशनल जीवन में भी सफल होंगे। धन और स्वास्थ्य दोनों ही अच्छे हैं। संपत्ति संबंधी मुद्दे आपको परेशान कर सकते हैं।</p>
<p><strong>कुंभ</strong><br>
आज प्रेम जीवन को क्रिएटिव बनाए रखें। प्रोफेशनल प्रेशर को कॉन्फिडेंस से भरी मुस्कान के साथ संभालें। आज समृद्धि रहेगी और आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। सभी सौंपे गए प्रोफेशनल कामों को पूरा करें।</p>
<p><strong>मीन</strong><br>
आज फाइनेंशियल दिक्कतें आपको परेशान कर सकती हैं। रिश्ते में बहस करते समय अपना कंट्रोल न खोएं। आपका प्रोफेशनल जीवन उत्पादक है। आज आप समृद्ध भी रहेंगे। स्वास्थ्य भी कोई परेशानी नहीं देगा।</p>]]> </content:encoded>
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<title>21 अगस्त राशिफल: इन राशियों पर बरसेगी विष्णु कृपा, चमकेगी किस्मत; धन&#45;लाभ के योग</title>
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<description><![CDATA[ मेष राशि- दिन क्लियर फोकस, दोस्ताना मदद और अपनी ताकत दिखाने के नए मौके लाएगा। छोटी-छोटी गलतियों से शांति और खुशी के साथ आप सीख सकते हैं। कोई आसान शांत करने वाली एक्टिविटी करें। वृषभ राशि- प्यार का मामला स्टेबल और देखभाल करने वाला महसूस होगा। छोटे कदम आपको मजबूत रखते हैं। आप अपने प्लान … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 23 Aug 2026 11:07:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>अगस्त, राशिफल:, इन, राशियों, पर, बरसेगी, विष्णु, कृपा, चमकेगी, किस्मत, धन-लाभ, के, योग</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<div>
<p><strong>मेष राशि- </strong>दिन क्लियर फोकस, दोस्ताना मदद और अपनी ताकत दिखाने के नए मौके लाएगा। छोटी-छोटी गलतियों से शांति और खुशी के साथ आप सीख सकते हैं। कोई आसान शांत करने वाली एक्टिविटी करें।</p>
</div>
<p><strong>वृषभ राशि- </strong>प्यार का मामला स्टेबल और देखभाल करने वाला महसूस होगा। छोटे कदम आपको मजबूत रखते हैं। आप अपने प्लान ठीक से मैनेज कर सकते हैं। छोटी-मोटी प्रॉब्लम ठीक कर सकते हैं और शांत महसूस कर सकते हैं।</p>
<p><strong>मिथुन राशि- </strong>आप नई सिचूऐशन आजमाएंगे और आइडिया शेयर करेंगे तो आपका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा। बोल्ड लेकिन विनम्र रहने की कोशिश करें। दूसरों को क्लियर प्लान पसंद आ सकते हैं।</p>
<p><strong>कर्क राशि- </strong>क्लियर लिस्ट और लगातार कदम आपको काम शांति से और गर्व के साथ खत्म करने में मदद करेंगे। आपको घर के कामों को ऑर्गनाइज करने के क्लियर मौके मिल सकते हैं। छोटी लिस्ट बनाएं और एक बार में एक प्लान को फॉलो करें।</p>
<p><strong>सिंह राशि- </strong>दिन आपके लिए रोमांस भरा साबित होगा। छोटे, समझदारी भरे रिस्क लें। जरूरत पड़ने पर मदद मांगें। वीकेंड तक आप प्रोग्रेस देखेंगे और दोस्तों और ऑफिस में अपने समय का आनंद लेंगे।</p>
<p><strong>कन्या राशि- </strong>छोटी गलतियों को सबक समझें। दिन के आखिर तक आप शांत महसूस करेंगे और आगे बढ़ने के लिए तैयार होंगे। आज के दिन पैसे को ध्यान से हैंडल करें। कुछ लोगों को आज हेल्थ प्रॉब्लम हो सकती है।</p>
<p><strong>तुला राशि-</strong> दयालु, फ्लेक्सिबल और प्रैक्टिकल बने रहें। आप काम, रिलेशन और सेल्फ-ग्रोथ में कॉन्फिडेंस, सब्र और क्लैरिटी के साथ प्रोग्रेस का आनंद ले सकते हैं। आज के दिन अपनी लव लाइफ में भी कूल बिहेवीयर बनाए रखें।</p>
<p><strong>वृश्चिक राशि- </strong>शांति बनाए रखें। एक सफल प्रोफेशनल लाइफ जिएं, जहां आप सभी दिए गए काम पूरे करें। आज के दिन फाइनेंशियल सक्सेस दिन की एक और खास बात है। आप बड़ी हेल्थ प्रॉब्लम से भी फ्री रहने वाले हैं।</p>
<p><strong>धनु राशि-</strong> जब आप मांगेंगे तो मदद के लिए कोई न कोई आएगा। आज खुद की बुराई करने से बचें। ये दिन आपके लिए कुछ ऐसे पल लाएगा, जहां क्रिएटिविटी, दोस्ताना सपोर्ट और क्लियर चॉइस पर फोकस करें।</p>
<p><strong>मकर राशि-</strong> आपको पर्सनल और सोशल गोल के करीब पहुंचने के साथ-साथ प्लान को आसानी से मैनेज करने में मदद मिलेगी। आप मेंटली एक्टिव और उम्मीद से भरा महसूस कर सकते हैं।</p>
<p><strong>कुंभ राशि-</strong> नए आइडिया आसानी से आ सकते हैं, लेकिन लगातार काम करना जरूरी है। आपके दोस्त मददगार सपोर्ट व नए नजरिए देते हैं। अपनी सोच और आराम में बैलेंस बनाएं।</p>
<p><strong>मीन राशि-</strong> कमिटमेंट के साथ जॉब में हिम्मत दिखाएं। आज अच्छी हेल्थ से फाइनेंशियल सक्सेस मिलेगी। आज के दिन अपनी लव लाइफ में सभी मौजूदा दिक्कतों को सुलझाएं।</p>]]> </content:encoded>
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<title>चंद्र ग्रहण से इन राशियों पर पड़ सकता है असर! धन, करियर और रिश्तों में बरतें सावधानी</title>
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<description><![CDATA[ 28 अगस्त 2026 को साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है. यह ग्रहण खास इसलिए भी है क्योंकि यह सावन पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन के दिन पड़ेगा. खगोलीय गणना के अनुसार यह एक गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण होगा. हालांकि भारत में दिन के समय होने के कारण यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा. … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 23 Aug 2026 11:07:55 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>चंद्र, ग्रहण, से, इन, राशियों, पर, पड़, सकता, है, असर, धन, करियर, और, रिश्तों, में, बरतें, सावधानी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>28 अगस्त 2026 को साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है. यह ग्रहण खास इसलिए भी है क्योंकि यह सावन पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन के दिन पड़ेगा. खगोलीय गणना के अनुसार यह एक गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण होगा. हालांकि भारत में दिन के समय होने के कारण यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण का प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग तरह से पड़ सकता है और कुछ राशियों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.</p>
<p><strong>कब लगेगा चंद्र ग्रहण?</strong><br>
28 अगस्त को चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार सुबह करीब 6 बजकर 54 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 32 मिनट तक रहेगा. ग्रहण का मुख्य आंशिक चरण सुबह 8 बजकर 04 मिनट से 11 बजकर 22 मिनट तक रहेगा, जबकि इसका चरम सुबह 9 बजकर 43 मिनट पर होगा. भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देगा, क्योंकि उस समय चंद्रमा क्षितिज के नीचे रहेगा.  इसी वजह से भारत में सूतक काल लागू होने को लेकर सामान्यतः मान्यता नहीं है.</p>
<p>ज्योतिषीय गणना में यह ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र से जुड़ा माना जा रहा है.  ग्रहण के दौरान चंद्रमा और राहु का संबंध बनने की वजह से मन, भावनाओं, निर्णय क्षमता और मानसिक स्थिति से जुड़े विषयों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.  हालांकि ये ज्योतिषीय मान्यताएं हैं, इन्हें वैज्ञानिक भविष्यवाणी नहीं माना जाना चाहिए.</p>
<p><strong>मेष राशि</strong><br>
मेष राशि के जातकों को इस दौरान मानसिक तनाव और बेचैनी का सामना करना पड़ सकता है.  छोटी-छोटी बातों को लेकर चिंता बढ़ सकती है. काम में अचानक रुकावट आने से आत्मविश्वास प्रभावित हो सकता है. प्रेम संबंधों और संतान से जुड़े मामलों में भी धैर्य रखना बेहतर रहेगा. जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला न लें.</p>
<p><strong>मिथुन राशि</strong><br>
मिथुन राशि वालों के लिए आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी रहेगी. आय के मुकाबले खर्च बढ़ने की स्थिति बन सकती है. अचानक सामने आए खर्च बजट बिगाड़ सकते हैं.  स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें .</p>
<p><strong>सिंह राशि</strong><br>
सिंह राशि के जातकों को धन और रिश्तों के मामले में सतर्क रहना चाहिए.  दांपत्य जीवन में छोटी बातों को लेकर तनाव बढ़ सकता है. जीवनसाथी के स्वास्थ्य और अपनी दिनचर्या पर ध्यान दें.  इस अवधि में बिना पूरी जानकारी के निवेश करना नुकसानदेह हो सकता है. किसी को बड़ी रकम उधार देने से भी बचें.</p>
<p><strong>कन्या राशि</strong><br>
कन्या राशि वालों के लिए ग्रहण की अवधि में नए काम की शुरुआत को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.  कार्यस्थल पर परिस्थितियां अपेक्षा के अनुसार न रहने से तनाव हो सकता है.  किसी करीबी व्यक्ति से मतभेद की स्थिति भी बन सकती है.  अचानक निर्णय लेने के बजाय परिस्थितियों को समझकर आगे बढ़ें.</p>
<p><strong>धनु राशि</strong><br>
धनु राशि के लोगों के लिए आर्थिक और सामाजिक मोर्चे पर उतार-चढ़ाव रह सकता है. व्यापार करने वालों को किसी भी सौदे में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए. आपकी किसी बात का गलत अर्थ निकाला जा सकता है, इसलिए सार्वजनिक या पेशेवर बातचीत में संयम रखें.  प्रेम संबंधों में भी गलतफहमी पैदा हो सकती है.  यात्रा की योजना बनाते समय अतिरिक्त सावधानी रखें.</p>
<p><strong>कुंभ राशि</strong><br>
कुंभ राशि पर इस ग्रहण का प्रभाव विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि ज्योतिषीय गणना के अनुसार ग्रहण इसी राशि से जुड़ा है. इस दौरान वैवाहिक जीवन, संतान और आर्थिक मामलों में तनाव की स्थिति बन सकती है. कार्यक्षेत्र में मेहनत के बावजूद अपेक्षित परिणाम न मिलने से निराशा हो सकती है.  अनजान व्यक्ति के साथ पैसों का लेन-देन करने से बचें.</p>
<p><strong>क्या करें और किससे बचें?</strong><br>
ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए खगोलीय दृष्टि से इसे लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं है. धार्मिक मान्यताओं का पालन करने वाले लोग अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार पूजा-पाठ या अन्य नियमों का पालन कर सकते हैं. ज्योतिषीय दृष्टि से इस अवधि में संयम रखना, बिना सोचे आर्थिक फैसले न लेना और विवादों से दूर रहना बेहतर माना जाता है.</p>]]> </content:encoded>
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<title>पुत्र न हो तो कौन करेगा श्राद्ध? गरुड़ पुराण में बताया गया है पूरा अधिकार&#45;क्रम</title>
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<description><![CDATA[ सनातन धर्म और गरुड़ पुराण में पितृऋण से मुक्ति और पूर्वजों की आत्मा की तृप्ति के लिए श्राद्ध कर्म को अनिवार्य माना गया है. धर्मशास्त्रों में ज्येष्ठ पुत्र को पिता के श्राद्ध और पिंडदान का मुख्य अधिकारी माना गया है. हालांकि, यदि पुत्र न हो या पुत्र जीवित न हो या किसी कारणवश उपस्थित न … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 23 Aug 2026 11:07:52 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>पुत्र, न, हो, तो, कौन, करेगा, श्राद्ध, गरुड़, पुराण, में, बताया, गया, है, पूरा, अधिकार-क्रम</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>सनातन धर्म और गरुड़ पुराण में पितृऋण से मुक्ति और पूर्वजों की आत्मा की तृप्ति के लिए श्राद्ध कर्म को अनिवार्य माना गया है. धर्मशास्त्रों में ज्येष्ठ पुत्र को पिता के श्राद्ध और पिंडदान का मुख्य अधिकारी माना गया है. हालांकि, यदि पुत्र न हो या पुत्र जीवित न हो या किसी कारणवश उपस्थित न हो, तो गरुड़ पुराण में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि पितृ कर्म कभी रुकना नहीं चाहिए. इसके लिए शास्त्रों में एक निश्चित अधिकार-क्रम निर्धारित किया गया है, जिसके अनुसार परिवार और समाज के अन्य लोग भी इस पवित्र कर्म को संपन्न कर सकते हैं.</p>
<p><strong>पुत्र की अनुपस्थिति में निकटतम परिजनों के अधिकार</strong><br>
गरुण पुराण के मुताबिक, पुत्र न होने की स्थिति में सबसे पहला अधिकार पौत्र यानी पोते और प्रपौत्र यानी परपोते का होता है, क्योंकि वे उसी वंश श्रृंखला का हिस्सा माने जाते हैं. यदि वंश में पुरुष संतति न हो, तो मृतक की धर्मपत्नी को अपने पति का श्राद्ध और पिंडदान करने का पूर्ण शास्त्रसम्मत अधिकार प्राप्त होता है.</p>
<p>यदि केवल बेटियां हैं, तो गरुड़ पुराण के अनुसार पुत्री भी अपने पिता का श्राद्ध कर सकती है. इसी क्रम में पुत्री का पुत्र यानी दौहित्र (नाती) भी अपने नाना-नानी के श्राद्ध कर्म का पूर्ण अधिकारी होता है. इसके अतिरिक्त, घर में पुरुष सदस्य न होने पर परिवार की ज्येष्ठ पुत्रवधू यानी बड़ी बहू भी अपने सास-ससुर का पिंडदान कर सकती है.</p>
<p><strong>अन्य संबंधियों व विशेष परिस्थितियों में श्राद्ध का विधान</strong><br>
गरुड़ पुराण के अनुसार, संतान न होने की स्थिति में मृतक का सगा भाई या भाई का पुत्र यानी भतीजा भी इस दायित्व को निभा सकता है. निकटतम परिवार में किसी के न होने पर सगोत्र या सपिंड (एक ही गोत्र के रिश्तेदार) को यह अधिकार मिलता है.</p>
<p>यदि मृतक का कोई भी पारिवारिक या रक्त संबंधी जीवित न हो, तो उसका शिष्य, गुरु या परम मित्र भी उसकी आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध कर सकता है. गरुड़ पुराण यहां तक कहता है कि यदि कोई भी सगा-संबंधी न हो, तो कोई योग्य ब्राह्मण भी मृतक के निमित्त तर्पण कर सकता है. इसका मूल भाव यही है कि श्रद्धापूर्वक किया गया कार्य ही मुख्य है और किसी भी परिस्थिति में पूर्वजों की आत्मा की शांति का यह कर्म अधूरा नहीं रहना चाहिए.</p>]]> </content:encoded>
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<title>शनि का नक्षत्र परिवर्तन: 9 अक्टूबर तक इन 4 राशियों को रहना होगा सावधान</title>
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<description><![CDATA[ ज्योतिष शास्त्र में कर्मफलदाता और न्याय के देवता शनिदेव के नक्षत्र परिवर्तन को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 20 अगस्त 2026 को शनिदेव ने रेवती नक्षत्र के प्रथम पद में प्रवेश कर लिया है और वे 9 अक्टूबर 2026 तक इसी पद में विराजमान रहेंगे. रेवती नक्षत्र के स्वामी बुध देव … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 23 Aug 2026 11:07:49 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>शनि, का, नक्षत्र, परिवर्तन:, अक्टूबर, तक, इन, राशियों, को, रहना, होगा, सावधान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>ज्योतिष शास्त्र में कर्मफलदाता और न्याय के देवता शनिदेव के नक्षत्र परिवर्तन को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 20 अगस्त 2026 को शनिदेव ने रेवती नक्षत्र के प्रथम पद में प्रवेश कर लिया है और वे 9 अक्टूबर 2026 तक इसी पद में विराजमान रहेंगे.</p>
<p>रेवती नक्षत्र के स्वामी बुध देव हैं, जो बुद्धि, व्यापार और संवाद के कारक हैं. शनि का यह नक्षत्र गोचर कई राशियों के जीवन में उथल-पुथल मचा सकता है. शनि और बुध के इस प्रभाव के कारण कुछ राशियों को करियर, सेहत और पैसों के मामले में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. आइए जानते हैं कि 9 अक्टूबर तक किन राशियों को विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता है.</p>
<p><strong>मेष राशि (Aries)</strong><br>
शनि का यह गोचर आपकी राशि से बारहवें भाव को प्रभावित कर रहा है. अकारण और अचानक खर्चों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे आपका वित्तीय बजट बिगड़ सकता है. मानसिक तनाव और अनिद्रा की समस्या रह सकती है. पैसों के लेन-देन में लापरवाही न बरतें. किसी भी बड़े निवेश से बचें.</p>
<p><strong>सिंह राशि (Leo)</strong><br>
सिंह राशि के जातकों के लिए यह गोचर आठवें भाव में प्रभाव दिखाएगा. आठवां भाव अचानक आने वाली रुकावटों और संकटों का माना जाता है. कार्यक्षेत्र में बनते हुए काम अंतिम समय पर अटक सकते हैं. सहकर्मियों या अधिकारियों के साथ मतभेद हो सकते हैं. वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें. सेहत को लेकर लापरवाही भारी पड़ सकती है, इसलिए अपने खान-पान का ध्यान रखें.</p>
<p><strong>वृश्चिक राशि (Scorpio)</strong><br>
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए शनि का यह नक्षत्र परिवर्तन पांचवें भाव में रहेगा. विद्यार्थियों का मन पढ़ाई से भटक सकता है. प्रेम संबंधों में किसी बात को लेकर तनाव या गलतफहमियां बढ़ सकती हैं. शेयर बाजार या जोखिम भरे कामों में पैसा लगाने से बचें. संतान के स्वास्थ्य या व्यवहार को लेकर चिंता रह सकती है.</p>
<p><strong>धनु राशि (Sagittarius)</strong><br>
धनु राशि के चौथे भाव में शनि का प्रभाव रहेगा. घर-परिवार में अशांति का माहौल बन सकता है. संपत्ति या भूमि-भवन से जुड़े मामलों में अड़चनें आ सकती हैं. माता जी के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें. परिवार के सदस्यों के साथ बातचीत के दौरान धैर्य और संयम बनाए रखें.</p>
<p><strong>अशुभ प्रभावों से बचाव के उपाय</strong><br>
– शनिवार के दिन एक कटोरी में सरसों का तेल लेकर उसमें अपना चेहरा देखें और उसे किसी गरीब को दान करें या पीपल के नीचे दीपक जलाएं.</p>
<p>– प्रतिदिन सुबह और शाम हनुमान चालीसा का पाठ करें, इससे शनि के अशुभ प्रभावों में कमी आती है.</p>
<p>– रोजाना ऊं शं शनैश्चराय नमः मंत्र का 108 बार श्रद्धापूर्वक जाप करें.</p>]]> </content:encoded>
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<title>आज का राशिफल 22 अगस्त: : 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा दिन, जानें किसे मिलेगा खुशियों का साथ</title>
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<description><![CDATA[ मेष राशि  आपको थकान और भावनात्मक उलझन महसूस हो सकती है। छोटी बात भी बड़ी लग सकती है। ऐसे में खुद को थोड़ा स्पेस दें। हर बात पर रिएक्ट न करें। यह समय खुद के बारे में सोचने और मन को शांत करने का है। सब्र रखें, हालात बदलेंगे। वृषभ राशि मन थोड़ा भारी रह … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 23 Aug 2026 11:07:46 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>आज, का, राशिफल, अगस्त:, राशियों, के, लिए, कैसा, रहेगा, दिन, जानें, किसे, मिलेगा, खुशियों, का, साथ</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मेष राशि</strong><br>
 आपको थकान और भावनात्मक उलझन महसूस हो सकती है। छोटी बात भी बड़ी लग सकती है। ऐसे में खुद को थोड़ा स्पेस दें। हर बात पर रिएक्ट न करें। यह समय खुद के बारे में सोचने और मन को शांत करने का है। सब्र रखें, हालात बदलेंगे।</p>
<p><strong>वृषभ राशि</strong><br>
मन थोड़ा भारी रह सकता है और आसपास का माहौल भी ठीक नहीं लगेगा। लेकिन यह वक्त खुद को समझने का है। भावनाओं से भागने के बजाय उन्हें स्वीकार करें। सही बातचीत से रिश्तों में सुधार आ सकता है।</p>
<p><strong>मिथुन राशि</strong><br>
 दिन अच्छा और पॉजिटिव रहेगा। मेहनत का असर दिखेगा। परिवार या पुराने दोस्तों से बात करके मन खुश होगा। कोई पुरानी बात फिर से जुड़ सकती है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और आप नए मौकों के लिए तैयार रहेंगे।</p>
<p><strong>कर्क राशि</strong><br>
 आपको लग सकता है कि चीज़ें आपके कंट्रोल से बाहर जा रही हैं। मन थोड़ा बेचैन रह सकता है। किसी से उलझने के बजाय खुद को समझने की कोशिश करें। आज का दिन आत्मनिरीक्षण का है। धीरे-धीरे हालात आपके पक्ष में आएंगे।</p>
<p><strong>सिंह राशि</strong><br>
 दिल थोड़ा खुला रहेगा। अपनों से बात करने का मन करेगा और रिश्तों में नजदीकियां बढ़ेंगी। पुरानी गलतफहमियां दूर हो सकती हैं। आप चीज़ों को ज्यादा साफ़ तरीके से देख पाएंगे। अंदर से ताकत और भरोसा महसूस होगा।</p>
<p><strong>कन्या राशि</strong><br>
मन थोड़ा डगमगाया हुआ रह सकता है। कभी ज्यादा सोचेंगे, कभी खुद पर शक करेंगे। लेकिन अगर आप खुलकर बात करेंगे तो आधी परेशानी वहीं खत्म हो जाएगी। रिश्तों में गलतफहमी की गुंजाइश है, इसलिए शब्दों को संभालकर बोलें। दिन थोड़ा भारी लग सकता है, लेकिन शाम तक चीजें संभलेंगी।</p>
<p><strong>तुला राशि</strong><br>
 मन थोड़ा उलझा रह सकता है। कुछ बातें अंदर ही अंदर परेशान कर सकती हैं। हर किसी से तुरंत उम्मीद न रखें। बातों में नरमी रखें और खुद को समय दें। आज का दिन आपको धैर्य सिखाने वाला है। जल्द प्रतिक्रिया देने से बचें।</p>
<p><strong>वृश्चिक राशि</strong><br>
 दिन अपनों के साथ बैठने, बात करने और रिश्तों को मजबूत करने का है। घर-परिवार या दोस्तों के साथ समय बिताने से मन हल्का रहेगा। अगर किसी से मनमुटाव चल रहा था तो बात बन सकती है। आज दिल की बात कहने में झिझक न रखें। छोटी-छोटी खुशियां आपको अच्छा महसूस कराएंगी।</p>
<p><strong>धनु राशि</strong><br>
 आप काफी संतुलित महसूस करेंगे। बातचीत में समझदारी रहेगी और लोग आपकी बातों को महत्व देंगे। किसी खास इंसान के साथ दिल की बात शेयर हो सकती है। आज दूसरों की मदद भी करेंगे और खुद को लेकर भी अच्छा महसूस करेंगे। दिन शांत और सुकून भरा रहेगा।</p>
<p><strong>मकर राशि</strong><br>
आप खुद को अच्छा, कॉन्फिडेंट और हल्का महसूस करेंगे। लोग आपकी बात सुनेंगे और आपकी मौजूदगी नोटिस होगी। रिश्तों में गर्मजोशी बनी रहेगी। दिल की बात कहने का सही दिन है। जो बात लंबे समय से अंदर दबाए बैठे थे, उसे कह सकते हैं।</p>
<p><strong>कुंभ राशि</strong><br>
मन और शरीर दोनों थोड़ा साथ नहीं दे सकते। छोटी-छोटी बातों पर मन भारी हो सकता है। किसी अपने से बात करना फायदेमंद रहेगा। सब कुछ खुद ही संभालने की कोशिश न करें। आज आराम और खुद को समझने का दिन है। जल्दबाजी में कोई फैसला न लें।</p>
<p><strong>मीन राशि</strong><br>
 आपका मूड अच्छा रहेगा और भीतर से एनर्जी महसूस होगी। जो काम काफी समय से मन में था, उस पर आज कदम बढ़ा सकते हैं। लोगों से बातचीत आसान रहेगी और रिश्तों में भी खुलापन आएगा। आज आप जो बोलेंगे, लोग उसे समझेंगे। काम को नए तरीके से करने की सोच बन सकती है। दिन का इस्तेमाल सही लोगों से जुड़ने और पुराने मतभेद मिटाने में करें।</p>]]> </content:encoded>
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<title>वीर ब्रह्मेंद्र स्वामी की भविष्यवाणियां: लाल बारिश से कल्कि अवतार तक, क्या कहता है कालज्ञानम?</title>
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<description><![CDATA[ भारत की धरती पर ऐसे कई संत और भविष्यवक्ता हुए हैं, जिनके बारे में माना जाता है कि उन्होंने आने वाले हजारों वर्षों से जुड़ी घटनाओं की भविष्यवाणियां की थीं. खास बात यह है कि इन भविष्यवाणियों को नास्त्रेदमस या बाबा वेंगा की भविष्यवाणियों की तरह रहस्यमय और सांकेतिक भाषा में नहीं, बल्कि अपेक्षाकृत स्पष्ट … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 23 Aug 2026 11:07:42 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p>भारत की धरती पर ऐसे कई संत और भविष्यवक्ता हुए हैं, जिनके बारे में माना जाता है कि उन्होंने आने वाले हजारों वर्षों से जुड़ी घटनाओं की भविष्यवाणियां की थीं. खास बात यह है कि इन भविष्यवाणियों को नास्त्रेदमस या बाबा वेंगा की भविष्यवाणियों की तरह रहस्यमय और सांकेतिक भाषा में नहीं, बल्कि अपेक्षाकृत स्पष्ट रूप में बताया गया है.</p>
<p>इन्हीं प्रसिद्ध भविष्यवक्ताओं में आंध्र प्रदेश के सिद्ध संत श्री पोतुलूरी वीर ब्रह्मेंद्र स्वामी का नाम भी प्रमुखता से लिया जाता है. माना जाता है कि स्वामी वीर ब्रह्मेंद्र का जन्म वर्ष 1608 में हुआ था. उन्होंने तेलुगु भाषा में कालज्ञानम नामक ग्रंथ की रचना की थी. इस ग्रंथ में भविष्य में होने वाली कई घटनाओं का उल्लेख होने का दावा किया जाता है. समय के साथ कालज्ञानम से जुड़ी भविष्यवाणियां सोशल मीडिया और इंटरनेट पर काफी चर्चा में आने लगी हैं. यही वजह है कि भविष्यवाणियों को लेकर लोगों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है.</p>
<p><strong>आने वाले समय से जुड़ी भविष्यवाणियां</strong><br>
कालज्ञानम से जुड़ी कई ऐसी भविष्यवाणियां भी प्रचलित हैं, जिन्हें भविष्य में होने वाली घटनाओं से जोड़कर देखा जाता है. इनमें प्राकृतिक आपदाओं, जलवायु परिवर्तन, धार्मिक घटनाओं, महामारियों और बड़े युद्धों तक का उल्लेख होने का दावा किया जाता है. हालांकि इन दावों की व्याख्या अलग-अलग स्रोतों में अलग तरीके से मिलती है और इनकी प्रामाणिकता पर भी मतभेद हैं. लोकप्रिय रूप से बताई जाने वाली प्रमुख भविष्यवाणियां इस प्रकार हैं.</p>
<p><strong>लाल बारिश और समुद्र का बढ़ता जलस्तर</strong><br>
कहा जाता है कि भविष्य में आसमान से लाल रंग की वर्षा होगी. साथ ही समुद्र का जलस्तर बढ़ने के कारण कई तटीय शहरों के डूबने की भविष्यवाणी का भी उल्लेख मिलता है. इसे कुछ लोग जलवायु परिवर्तन, समुद्री स्तर में वृद्धि और प्राकृतिक आपदाओं से जोड़कर देखते हैं.</p>
<p><strong>बढ़ता तापमान और दो सूरज जैसा दृश्य</strong><br>
एक कथित भविष्यवाणी में धरती के अत्यधिक गर्म होने और पहाड़ों से आग निकलने जैसी घटना का वर्णन बताया जाता है. इसके साथ आकाश में ‘दो सूरज’ दिखाई देने की बात भी कही जाती है. इसे प्राकृतिक घटनाओं, ज्वालामुखीय गतिविधियों या असामान्य आकाशीय घटनाओं की प्रतीकात्मक व्याख्या माना जाता है.</p>
<p><strong>दिन में दिखाई देंगे तारे</strong><br>
कालज्ञानम से जुड़ी कुछ व्याख्याओं में कहा जाता है कि एक समय ऐसा आएगा जब दिन के उजाले में भी तारे दिखाई देंगे. इसके बाद कुछ क्षेत्रों की आबादी के पूरी तरह समाप्त होने की बात कही जाती है. इसे किसी बड़ी प्राकृतिक आपदा या वातावरण में होने वाले असाधारण बदलाव से जोड़कर देखा जाता है.</p>
<p><strong>तिरुपति बालाजी की वैश्विक प्रसिद्धि</strong><br>
कहा जाता है कि आने वाले समय में तिरुपति बालाजी मंदिर की ख्याति पूरी दुनिया में फैल जाएगी और अलग-अलग धर्मों को मानने वाले लोग भी यहां दर्शन के लिए पहुंचेंगे. इसे मंदिर की बढ़ती वैश्विक लोकप्रियता से जोड़कर देखा जाता है.</p>
<p><strong>108 वर्षों तक संघर्ष और उथल-पुथल</strong><br>
एक लोकप्रिय दावे के अनुसार, कलियुग के पांच हजार वर्ष पूरे होने के बाद अधर्म के अंत से पहले दुनिया को लगभग 108 वर्षों तक संघर्ष, अशांति और बड़े बदलावों का सामना करना पड़ेगा. इसे मानव सभ्यता के एक बड़े संक्रमणकाल के रूप में समझा जाता है.</p>
<p><strong>शनि के मीन और मेष राशि में गोचर के समय भीषण युद्ध</strong><br>
एक अन्य भविष्यवाणी में कहा जाता है कि जब शनि मीन और मेष राशि से संबंधित विशेष स्थिति में होगा, तब दुनिया में एक भयंकर और निर्णायक युद्ध हो सकता है. इस दावे को ज्योतिषीय घटनाओं और वैश्विक राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इसे किसी निश्चित भविष्य की घटना मानना उचित नहीं है.</p>
<p><strong>विश्ववसु संवत्सर में कल्कि अवतार</strong><br>
सबसे चर्चित दावों में से एक यह है कि ‘विश्ववसु’ नामक संवत्सर में भगवान कल्कि का अवतार होगा. मान्यता के अनुसार भगवान कल्कि अधर्म और अत्याचार का अंत करके धर्म की पुनर्स्थापना करेंगे. हालांकि संवत्सर की गणना और इस भविष्यवाणी के समय को लेकर अलग-अलग मत और व्याख्याएं मिलती हैं.</p>]]> </content:encoded>
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<title>मंगल का कर्क राशि में गोचर, इन 3 राशियों की बदलेगी किस्मत</title>
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<description><![CDATA[ ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को ग्रहों का सेनापति माना गया है, जो साहस, ऊर्जा, पराक्रम और भूमि का प्रतिनिधित्व करता है. वर्तमान में मिथुन राशि में गोचर कर रहे मंगल अब अपनी राशि बदलने की तैयारी में हैं. आने वाली 18 सितंबर 2026 को मंगल अपनी नीच राशि कर्क में प्रवेश करेंगे. हालांकि, कर्क … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 23 Aug 2026 11:07:39 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>मंगल, का, कर्क, राशि, में, गोचर, इन, राशियों, की, बदलेगी, किस्मत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को ग्रहों का सेनापति माना गया है, जो साहस, ऊर्जा, पराक्रम और भूमि का प्रतिनिधित्व करता है. वर्तमान में मिथुन राशि में गोचर कर रहे मंगल अब अपनी राशि बदलने की तैयारी में हैं. आने वाली 18 सितंबर 2026 को मंगल अपनी नीच राशि कर्क में प्रवेश करेंगे.</p>
<p>हालांकि, कर्क राशि में मंगल को नीच का माना जाता है, जिससे उनके सामान्य प्रभाव में कमी आ सकती है, लेकिन ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस गोचर के दौरान कर्क राशि में गुरु की स्थिति मंगल के नीचत्व को भंग कर नीच भंग राजयोग का निर्माण कर रही है. यह स्थिति कई राशियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी. 12 सितंबर 2026 तक कर्क राशि में रहने वाले मंगल का प्रभाव किन राशियों के लिए शुभ रहेगा, आइए जानते हैं.</p>
<p><strong>इन 3 राशियों को होगा विशेष लाभ</strong><br>
<strong>1. तुला राशि (Libra):</strong><br>
मंगल का गोचर तुला राशि वालों के लिए एक नई शुरुआत लेकर आ सकता है. आपको कार्यक्षेत्र में नई डील्स साइन करने के अवसर मिलेंगे. बिजनेस में चल रही परेशानियां दूर होंगी . अप्रत्याशित आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं.  परिवार में भाई-बहनों के साथ संबंध मधुर होंगे . अटकी हुई संपत्ति संबंधी समस्याओं का समाधान निकलेगा. आत्मविश्वास में वृद्धि होगी.<br>
उपाय: किसी जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करना आपके लिए इस अवधि में फलदायी होगा.</p>
<p><strong>2. कुंभ राशि (Aquarius):</strong><br>
कुंभ राशि के जातकों के लिए यह समय करियर और रोजगार में तरक्की लेकर आ रहा है. ऑफिस में सीनियर अधिकारियों का साथ मिलेगा, जिससे आपका मान-सम्मान बढ़ेगा. आर्थिक दृष्टिकोण से लाभ की स्थिति बनेगी. व्यापार का विस्तार करने का सपना पूरा हो सकता है.  हालांकि, कोई भी बड़ा फैसला लेते समय जल्दबाजी न करें.<br>
उपाय: मंगल की कृपा पाने के लिए अनाज का दान करना उत्तम रहेगा.</p>
<p><strong>3. वृषभ राशि (Taurus):</strong><br>
वृषभ राशि के लिए यह गोचर जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा. दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ेगी. आप जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे. लंबे समय से रुका हुआ पैसा वापस मिलने के संकेत हैं.  सरकारी काम पूरे होंगे. व्यापार में मुनाफे की प्रबल संभावना है . यात्राएं सुखद रहेंगी.<br>
उपाय: अपने क्रोध पर नियंत्रण रखें. भाई-बहनों से प्रेमपूर्ण संबंध बनाए रखें.</p>
<p><strong>ज्योतिषीय महत्व और मंगल का प्रभाव</strong><br>
वैदिक ज्योतिष में मंगल को अग्नि तत्व का प्रधान ग्रह माना जाता है. जब मंगल अपनी नीच राशि कर्क में आते हैं, तो यह अक्सर व्यक्ति के स्वभाव में भावुकता और ऊर्जा के असंतुलन को दर्शाता है.  लेकिन, नीच भंग राजयोग के प्रभाव से, जो लोग मेहनत और धैर्य के साथ काम करेंगे, उन्हें विपरीत परिस्थितियों में भी सफलता अवश्य प्राप्त होगी.</p>]]> </content:encoded>
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<title>महाकाली में अक्षय खन्ना बनेंगे शुक्राचार्य, जानें असुर गुरु की पूरी कहानी</title>
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<description><![CDATA[ डायरेक्टर प्रशांत वर्मा की फिल्म महाकाली एकबार फिर चर्चा में आ गई है. दरअसल, फिल्म मेर्कस ने हाल ही में अक्षय खन्ना का एक नया लुक जारी किया है, जिसे देखकर इंटरनेट पर हलचल मच गई है. पिछले साल, धुरंधर के रिलीज होने के बाद महाकाली का फर्स्ट लुक पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 23 Aug 2026 11:07:36 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>महाकाली, में, अक्षय, खन्ना, बनेंगे, शुक्राचार्य, जानें, असुर, गुरु, की, पूरी, कहानी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>डायरेक्टर प्रशांत वर्मा की फिल्म महाकाली एकबार फिर चर्चा में आ गई है. दरअसल, फिल्म मेर्कस ने हाल ही में अक्षय खन्ना का एक नया लुक जारी किया है, जिसे देखकर इंटरनेट पर हलचल मच गई है. पिछले साल, धुरंधर के रिलीज होने के बाद महाकाली का फर्स्ट लुक पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. उस पोस्टर के मुताबिक, फिल्म महाकाली में अक्षय खन्ना असुर गुरु शुक्राचार्य का रोल निभाते नजर आएंगे. पौराणिक कथाओं और पुराणों के मुताबिक, शुक्राचार्य असुरों के गुरु थे. साथ ही, शुक्राचार्य को महान ऋषियों में से एक माना जाता है, जो बहुत ही विद्वान और ज्ञानी थे.</p>
<p><strong>कौन थे गुरु शुक्राचार्य?</strong><br>
पुराणों के मुताबिक, गुरु शुक्राचार्य ने देवताओं को प्रसन्न करने और उनसे शक्तियां प्राप्त करने के लिए लंबे समय तक तपस्या और साधना की थी. उन्होंने इसी साधना से कई मंत्रों और औषधियों का ज्ञान भी हासिल किया था और बाद में यही ज्ञान अपने शिष्यों को भी सिखाया था.</p>
<p>वहीं, वैदिक ज्योतिष में शुक्राचार्य का संबंध शुक्र ग्रह से माना जाता है. शुक्र नवग्रहों में से एक है. और वृषभ-तुला राशि का स्वामी माना जाता है. ज्योतिष में शुक्र को प्रेम, सौंदर्य, कला, भौतिक सुख, आकर्षण और संतान से जुड़ा ग्रह भी माना जाता है.</p>
<p>गुरु शुक्राचार्य महर्षि भृगु और माता ख्याति (माता काव्या) के पुत्र थे. कुछ किवदंतियों में ऐसा जिक्र मिलता है कि शुक्राचार्य ने शिक्षा प्राप्त करने के लिए महान ऋषि अंगिरा के आश्रम में प्रवेश लिया था. वहां उन्होंने ऋषि अंगिरा के पुत्र बृहस्पति के साथ रहकर शिक्षा ग्रहण की थी. लेकिन शुक्राचार्य को महसूस हुआ कि ऋषि अंगिरा अपने पुत्र बृहस्पति को उनसे अधिक महत्व देते हैं. इस बात से दुखी होकर शुक्राचार्य ने ऋषि अंगिरा का आश्रम छोड़ दिया था. इसके बाद उन्होंने महान ऋषि गौतम से शिक्षा प्राप्त की थी.</p>
<p>पौराणिक कथाओं के मुताबिक, गुरु शुक्राचार्य के चार पुत्र थे. जिनका नाम चंड, अमर्क, त्वाष्ट्र और धरात्र बताया जाता है. वहीं, उनकी दूसरी पत्नी से उनकी एक पुत्री हुई थी, जिसका नाम देवयानी था. कुछ कथाओं में देवयानी को इंद्र की पुत्री भी बताया गया है.<br>
चलिए अब जानते हैं कि क्यों गुरु शुक्राचार्य भगवान विष्णु के शत्रु बन गए थे.</p>
<p><strong> गुरु शुक्राचार्य की भगवान विष्णु से शत्रुता</strong><br>
देवी भागवत पुराण के मुताबिक, एक बार एक युद्ध के दौरान देवता असुरों पर भारी पड़ रहे थे. अपनी रक्षा के लिए असुर महर्षि भृगु के आश्रम में पहुंचे थे. संयोग से उस समय महर्षि भृगु और गुरु शुक्राचार्य आश्रम में मौजूद नहीं थे और वहां केवल माता ख्याति (काव्या) ही मौजूद थी. माता ख्याति को देखते ही सभी असुरों ने उनसे अपनी रक्षा का अनुरोध किया. माता काव्या ने अतिथि धर्म निभाते हुए उन्हें आश्रय दे दिया था.</p>
<p>कहा जाता है कि माता काव्या इतनी शक्तिशाली थी कि उन्होंने असुरों की मदद करने के लिए अपने आश्रम के चारों ओर एक मजबूत और अदृश्य कवच का निर्माण कर दिया था. देवता भी इस सुरक्षा कवच को भेद नहीं पा रहे थे. इसके बाद जैसे ही माता काव्या ने देवताओं की ओर देखा, तो सभी देवता तुरंत बेहोश हो गए थे. तब सभी देवताओं ने भगवान विष्णु से मदद मांगी थी. ब्रह्मांड का संतुलन बनाए रखने के लिए भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र को माता काव्या का सुरक्षा कवच तोड़ने और उनका वध करने का आदेश दिया था.</p>
<p>जब महर्षि भृगु को इस घटना के बारे में पता चला तो वे बहुत क्रोधित हो गए थे. उन्होंने भगवान विष्णु को श्राप दिया कि उन्हें पृथ्वी पर मनुष्य के रूप में जन्म लेना होगा और अपनी पत्नी से वियोग का दुख सहना पड़ेगा. उसके बाद जब शुक्राचार्य को अपनी माता की मृत्यु के बारे में पता चला तो वे भगवान विष्णु से बेहद नाराज हुए थे. मान्यता है कि इसी कारण उन्होंने असुरों को भगवान विष्णु की पूजा करने से रोक दिया था और फिर वह देवताओं के बजाय असुरों का साथ देने लगे थे.</p>
<p><strong>मृत संजीवनी मंत्र</strong><br>
भागवत पुराण के मुताबिक, एक युद्ध में असुरों की हार से गुरु शुक्राचार्य बहुत दुखी और क्रोधित हो गए थे. जिसके बाद उन्होंने देवताओं को हराने के उद्देश्य से भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कठोर तपस्या शुरू कर दी थी. कहा जाता है कि उन्होंने यह तपस्या सिर नीचे और पैर ऊपर करके की थी.</p>
<p>जब देवराज इंद्र को शुक्राचार्य की कठिन तपस्या के बारे में पता चला, तो उन्होंने अपनी पुत्री जयंती को उनकी तपस्या भंग करने के लिए भेजा था. लेकिन जयंती की सभी कोशिशें असफल रहीं, क्योंकि शुक्राचार्य अपनी साधना में इतने लीन थे कि उन्होंने उसकी ओर कोई ध्यान तक नहीं दिया था.</p>
<p>जिसके बाद गुरु शुक्राचार्य की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें वरदान मांगने को कहा था. तब गुरु शुक्राचार्य ने भगवान शिव से संजीवनी मंत्र का ज्ञान मांगा था. यह ऐसा मंत्र माना जाता है, जिसके जरिए मृत व्यक्ति को दोबारा जीवित किया जा सकता था. भगवान शिव ने उन्हें संजीवनी मंत्र का ज्ञान तो दिया, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी कि इसका गलत इस्तेमाल न किया जाए. इसके बाद गुरु शुक्राचार्य ने इस मंत्र का उपयोग असुरों के लिए किया था. मान्यता है कि वे युद्ध में मारे गए असुरों को संजीवनी मंत्र की मदद से दोबारा जीवित करते थे, जिससे असुर फिर से देवताओं के खिलाफ युद्ध कर सकें.</p>
<p><strong>कैसे पड़ा था नाम शुक्राचार्य?</strong><br>
एक बार असुरों और भगवान शिव की सेना के बीच युद्ध हुआ था. भगवान शिव की पूरी सेना की कमान नंदी के हाथों में थी. इस युद्ध में देवताओं ने भी भगवान शिव की सेना की मदद की थी. लेकिन, असुरों की सेना की संख्या इतनी ज्यादा थी कि वह युद्ध जीत रहे थे. स्थिति बिगड़ती देख नंदी देवताओं के साथ भगवान शिव के पास सहायता मांगने पहुंचे. जब भगवान शिव को पता चला कि गुरु शुक्राचार्य ने संजीवनी मंत्र का गलत इस्तेमाल किया है, तो उन्होंने शुक्राचार्य को निगल लिया और अपने पेट में रख लिया.</p>
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<title>23 अगस्त राशिफल: सूर्य देव की कृपा से इन राशियों को मिलेगा लाभ, जानें अपना भविष्यफल</title>
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<description><![CDATA[ मेष मन ज्यादा शांत और सोच गहरी रहेगी। काम में धीरे-धीरे सुधार आएगा और चीज़ें सही दिशा में जाएँगी। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह काम आएगी। सेहत में थकान या नींद की कमी हो सकती है, इसलिए खुद को समय दें। धैर्य रखेंगे तो हालात आपके पक्ष में बनेंगे। वृषभ नए आइडिया और योजनाएं दिमाग … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 23 Aug 2026 11:07:33 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>अगस्त, राशिफल:, सूर्य, देव, की, कृपा, से, इन, राशियों, को, मिलेगा, लाभ, जानें, अपना, भविष्यफल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मेष</strong><br>
मन ज्यादा शांत और सोच गहरी रहेगी। काम में धीरे-धीरे सुधार आएगा और चीज़ें सही दिशा में जाएँगी। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह काम आएगी। सेहत में थकान या नींद की कमी हो सकती है, इसलिए खुद को समय दें। धैर्य रखेंगे तो हालात आपके पक्ष में बनेंगे।</p>
<p><strong>वृषभ</strong><br>
नए आइडिया और योजनाएं दिमाग में आएंगी। दोस्त या जान-पहचान वाले काम में मदद करेंगे। नौकरी या काम में नया मौका मिल सकता है। आमदनी ठीक रहेगी और खर्च भी कंट्रोल में रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी, बस रूटीन बिगड़ने न दें।</p>
<p><strong>मिथुन</strong><br>
काम का दबाव ज़्यादा रह सकता है, लेकिन आप सब संभाल लेंगे। नौकरी में स्थिति मजबूत रहेगी और मेहनत का फल मिलेगा। सीनियर आपकी मेहनत नोटिस करेंगे। सेहत में थकान, कमर या पैरों में दर्द हो सकता है, आराम जरूरी है।</p>
<p><strong>कर्क</strong><br>
किस्मत का साथ मिलेगा। जो काम अटके हुए थे, उनमें गति आएगी। पढ़ाई, यात्रा या नए काम की शुरुआत हो सकती है। काम में मन लगेगा और आत्मविश्वास बना रहेगा। आमदनी के योग अच्छे हैं। सेहत ठीक रहेगी।</p>
<p><strong>सिंह</strong><br>
मन थोड़ा बेचैन या भारी रह सकता है। पुरानी बातें या पुराने लोग दिमाग में आ सकते हैं। काम में जिम्मेदारी बढ़ेगी और भरोसा भी मिलेगा। खर्च पर थोड़ा कंट्रोल जरूरी है। सेहत में कमजोरी या थकान महसूस हो सकती है, आराम करें।</p>
<p><strong>कन्या</strong><br>
लोगों से बातचीत और संपर्क आपके काम आएंगे। नौकरी या काम में नया मौका मिल सकता है। मन एक जगह टिकेगा नहीं, कई बातें साथ-साथ चलेंगी। किसी बड़े फैसले में जल्दबाजी न करें। नींद पूरी न होने से थकान या चिड़चिड़ापन रह सकता है।</p>
<p><strong>तुला</strong><br>
रिश्तों के लिहाज से समय ठीक है। बात करके पुराने मतभेद दूर हो सकते हैं। कामकाज में संतुलन बनाकर चलेंगे तो फायदा होगा। नया प्रस्ताव या जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी। सेहत सामान्य रहेगी।</p>
<p><strong>वृश्चिक</strong><br>
कामकाज में स्थिरता बनी रहेगी। जो मेहनत आप काफी समय से कर रहे थे, उसका असर अब दिखने लगेगा। परिवार का साथ मिलेगा और घर से जुड़ा कोई काम पूरा हो सकता है। खर्च थोड़ा बढ़ सकता है, इसलिए फिजूलखर्ची से बचें। सेहत सामान्य रहेगी, बस खानपान का ध्यान रखें।</p>
<p><strong>धनु</strong><br>
काम में ध्यान अच्छा बना रहेगा। पुराने अटके काम पूरे होने लगेंगे। आप हर चीज को बहुत बारीकी से देखेंगे, लेकिन ज़्यादा सोचने से बचें। नौकरी में स्थिति स्थिर रहेगी। सेहत में पेट, गैस या थकान की शिकायत हो सकती है।</p>
<p><strong>मकर</strong><br>
आत्मविश्वास बढ़ा हुआ रहेगा। काम में आपकी बात सुनी जाएगी और पहचान भी मिलेगी। बॉस या सीनियर का सहयोग मिल सकता है। खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए पैसों को लेकर संतुलन रखें। सेहत ठीक रहेगी, बस ज्यादा तनाव न लें।</p>
<p><strong>कुंभ</strong><br>
मन थोड़ा भावुक रहेगा और छोटी बातें जल्दी असर डाल सकती हैं। परिवार का सहयोग मिलेगा और घर के मामलों में आपकी भूमिका अहम रहेगी। काम में मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी, लेकिन उसका फायदा आगे चलकर मिलेगा। सेहत में पेट, नींद या तनाव से जुड़ी परेशानी हो सकती है।</p>
<p><strong>मीन</strong><br>
इस समय काम करने का मन बना रहेगा। पढ़ाई-लिखाई या कुछ नया सीखने में दिल लगेगा। कभी-कभी मन जल्दी भटक सकता है या गुस्सा आ सकता है, इसलिए बोलते समय थोड़ा संभलकर रहें। सेहत में थकान या सिर भारी रहने की शिकायत हो सकती है। नौकरी में बदलाव, ट्रांसफर या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। आमदनी धीरे-धीरे बढ़ेगी और आर्थिक स्थिति बेहतर होगी।</p>]]> </content:encoded>
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<title>Aaj Ka Rashifal 16 August 2026: आज इन राशियों की चमकेगी किस्मत, धन&#45;करियर में मिलेगा लाभ</title>
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<description><![CDATA[ मेष: आज कामकाज में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी। वृषभ: धन से जुड़े मामलों में लाभ के योग हैं। नौकरीपेशा लोगों को सफलता मिल सकती है। परिवार का सहयोग मिलेगा। मिथुन: करियर में नए अवसर सामने आ सकते हैं। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात फायदेमंद रहेगी। खर्चों … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 16 Aug 2026 00:02:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Aaj, Rashifal, August, 2026:, आज, इन, राशियों, की, चमकेगी, किस्मत, धन-करियर, में, मिलेगा, लाभ</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मेष:</strong> आज कामकाज में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी।</p>
<p><strong>वृषभ:</strong> धन से जुड़े मामलों में लाभ के योग हैं। नौकरीपेशा लोगों को सफलता मिल सकती है। परिवार का सहयोग मिलेगा।</p>
<p><strong>मिथुन:</strong> करियर में नए अवसर सामने आ सकते हैं। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात फायदेमंद रहेगी। खर्चों पर नियंत्रण रखें।</p>
<p><strong>कर्क:</strong> आज मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है। व्यापार में लाभ के संकेत हैं। प्रेम संबंधों में नजदीकियां बढ़ेंगी।</p>
<p><strong>सिंह:</strong> आत्मविश्वास बढ़ेगा और अधूरे काम पूरे हो सकते हैं। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।</p>
<p><strong>कन्या:</strong> आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। कार्यक्षेत्र में दबाव रह सकता है, लेकिन आपकी मेहनत रंग लाएगी। परिवार में सुख-शांति रहेगी।</p>
<p><strong>तुला:</strong> आज का दिन आपके लिए सकारात्मक रह सकता है। करियर में सफलता और धन लाभ के अवसर मिलेंगे। प्रेम जीवन में उत्साह रहेगा।</p>
<p><strong>वृश्चिक:</strong> किसी पुराने निवेश से लाभ मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी प्रशंसा होगी। अनावश्यक विवादों से बचें।</p>
<p><strong>धनु:</strong> नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए दिन अच्छा है। धन लाभ के अवसर मिल सकते हैं। यात्रा के योग बन सकते हैं।</p>
<p><strong>मकर:</strong> करियर में महत्वपूर्ण बदलाव के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा।</p>
<p><strong>कुंभ:</strong> आज रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। नौकरी और व्यापार में अच्छे अवसर मिलेंगे। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।</p>
<p><strong>मीन:</strong> धन संबंधी मामलों में लाभ हो सकता है। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा। प्रेम संबंधों में सकारात्मक बदलाव आएगा।</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>लू को प्राकृतिक आपदा घोषित करने का बड़ा फैसला! अब कुल 14 आपदाएं, जानें किसे और क्या मिलेगा फायदा</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली केंद्र सरकार ने देश में लगातार बढ़ रहे तापमान और भीषण गर्मी के संकट को देखते हुए एक ऐतिहासिक और संवेदनशील फैसला लिया है। यानी केंद्र सरकार ने लू (हीटवेव) को एक &#039;अधिसूचित प्राकृतिक आपदा&#039; (Notified Natural Calamity) के रूप में मान्यता दे दी है। यह फैसला देश के उन करोड़ों अत्यंत संवेदनशील … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 22:31:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>लू, को, प्राकृतिक, आपदा, घोषित, करने, का, बड़ा, फैसला, अब, कुल, आपदाएं, जानें, किसे, और, क्या, मिलेगा, फायदा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>केंद्र सरकार ने देश में लगातार बढ़ रहे तापमान और भीषण गर्मी के संकट को देखते हुए एक ऐतिहासिक और संवेदनशील फैसला लिया है। यानी केंद्र सरकार ने लू (हीटवेव) को एक 'अधिसूचित प्राकृतिक आपदा' (Notified Natural Calamity) के रूप में मान्यता दे दी है। यह फैसला देश के उन करोड़ों अत्यंत संवेदनशील लोगों के लिए उम्मीद की एक नई किरण लेकर आया है, जो हर साल चिलचिलाती धूप और जानलेवा गर्मी का सामना करने को मजबूर होते हैं। चाहे वे मजदूर हों या बेसहारा गरीब या दोहरी शिफ्ट में काम करने वाले दिहाड़ी मजदूर या तंग बस्तियों में रहने वाले लोग। अब इस ऐतिहासिक कदम के बाद राज्य सरकारें गर्मी से लोगों की जान बचाने और उन्हें राहत पहुंचाने के लिए विशेष केंद्रीय आपदा फंड का उपयोग कर सकेंगी।</p>
<p>4 अगस्त को भारत ने लू और बिजली गिरने की घटना को प्राकृतिक आपदा घोषित किया। यानी पहले से मौजूद 12 अधिसूचित प्राकृतिक आपदाओं की सूची में लू और बिजली गिरने की घटना को भी शामिल कर लिया गया है, जिससे यह सूची 14 आपदाओं की हो गई। शमन कोष के दिशा-निर्देशों में 2024 में किए गए संशोधन के साथ, इस कदम से लू पूरी तरह से भारत के आपदा फ़ाइनेंसिंग सिस्टम के दायरे में आ गई है। इससे पहले जून 2026 में, गृह मंत्रालय ने 2026 से 2031 तक की अवधि के लिए राज्य और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष के लिए नए ऑपरेशनल दिशा-निर्देश जारी किए थे। इससे पहले तक अधिसूचित प्राकृतिक आपदाओं की लिस्ट में भूकंप, बाढ़, सूखा, सुनामी, चक्रवात या तूफान, भूस्खलन, कीड़ों का हमला, जंगल की आग, हिमस्खलन, शीतलहर या पाला, बादल फटना और ओलावृष्टि शामिल था।<br>
<strong>फंडिंग का खुला रास्ता: अब जमीनी स्तर पर दिखेगा ठोस काम</strong></p>
<p>राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के प्रमुख कृष्ण एस. वत्सा ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि हाल के दिनों में हीटवेव एक बेहद गंभीर खतरे के रूप में उभरी है। इसलिए सरकार के लिए जरूरी है कि वह लॉन्ग टर्म को ध्यान में रखते हुए इस पर काम करे और ज़रूरी संसाधन मुहैया कराए। वत्सा ने बताया, "एक बार आपदा के तौर पर घोषित होने के बाद, राज्य सरकारें बिजली गिरने और लू यानी दोनों से निपटने और उनके असर को कम करने के लिए 'स्टेट डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फंड' (SDRF) और 'स्टेट डिज़ास्टर मिटिगेशन फंड' (SDMF) का इस्तेमाल कर पाएँगे। चूँकि हाल के समय में ये समस्याएँ तेज़ी से बढ़ी हैं, इसलिए सभी स्तरों पर सरकार के लिए जरूरी है कि वह पर्याप्त संसाधनों के साथ लंबे समय के लिए इनका समाधान करे। यह एक ऐसा कदम होगा जिसका लंबे समय तक सकारात्मक असर पड़ेगा।"<br>
<strong>फंड जुटाना होगा आसान</strong></p>
<p>उन्होंने आगे कहा, "अब तक, इस पर प्रतिक्रिया ज़्यादातर योजनाओं, रूपरेखाओं और जागरूकता तक ही सीमित रही है; अब ज़मीनी स्तर पर ठोस उपायों की ज़रूरत है, और यह फंड आवंटन ठीक इसी काम के लिए संसाधन तय करने का एक अच्छा मौका देता है।" योजना कैसे काम करेगी, इस बारे में बताते हुए वत्सा ने कहा कि सरकार की फंडिंग 'सीड मनी' (शुरुआती पूंजी) की तरह काम करती है। यह एक शुरुआती मदद है जो शहरों को 'हीट एक्शन प्लान' (HAP) बनाने में मदद करती है, जिससे नागरिकों, CSR और दूसरी योजनाओं से अतिरिक्त फंड जुटाना आसान हो जाता है।<br>
<strong>हीट एक्शन प्लान लागू करने में होगी सुविधा</strong></p>
<p>वत्सा ने कहा, "अगर कोई शहर या शहरी आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, या नगर निगम 'कूलिंग शेल्टर' बनाना चाहता है, ज़्यादा पानी के पॉइंट बनाना चाहता है, या सार्वजनिक जगहों पर गर्मी से राहत देने वाली सुविधाएँ बेहतर करना चाहता है, तो इन संसाधनों का इस्तेमाल ऐसे कामों में किया जा सकता है। यह एक शुरुआती मदद की तरह काम करता है, जिसका इस्तेमाल करके दूसरे स्रोतों से और संसाधन जुटाए जा सकते हैं।" उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और नगर निगम स्थानीय स्तर पर HAP लागू करने और यह तय करने के लिए ज़िम्मेदार हैं कि संसाधन कहाँ से जुटाए जाएँ और कहाँ निवेश किए जाएँ। वत्सा ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि इससे अगले पांच सालों में और ज़्यादा HAP (हीट एक्शन प्लान) और स्थानीय उपाय लागू होंगे, साथ ही तापमान बढ़ने के पीछे के जलवायु संबंधी कारणों को भी बेहतर ढंग से समझा जाएगा।"<br>
<strong>बजट की पुरानी बाधाएं हुईं खत्म</strong></p>
<p>'काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर' (CEEW) के संस्थापक-सीईओ अरुणाभ घोष ने इस फैसले के वित्तीय महत्व को समझाते हुए एक बड़ी बात बताई। उन्होंने कहा कि पहले कोई भी राज्य अपने स्तर पर हीटवेव को आपदा घोषित तो कर सकता था, लेकिन वे SDRF के केवल 10 प्रतिशत और SDMF के केवल 20 प्रतिशत फंड का ही इस्तेमाल कर पाते थे। केंद्र की इस नई अधिसूचना ने इस वित्तीय सीमा और नीतिगत अस्पष्टता को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है।<br>
<strong>जमीनी स्तर पर क्या बदलाव दिखेंगे?</strong></p>
<p>इस सरकारी फंड का उपयोग शहरों और जिलों में 'हीट एक्शन प्लान' (HAPs) को लागू करने के लिए 'सीड मनी' (प्रारंभिक सहायता राशि) के तौर पर किया जाएगा। स्थानीय प्रशासन इस राशि का उपयोग करके कूलिंग शेल्टर (ठंडे आश्रय स्थल) का निर्माण कर सकेंगे। सार्वजनिक स्थानों पर पीने के पानी के नए केंद्र स्थापित कर सकेंगे। सार्वजनिक क्षेत्रों में थर्मल आराम (Thermal Comfort) और छांव की व्यवस्था कर सकेंगे। ितना ही नहीं, इस सरकारी मदद के जरिए कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) और अन्य योजनाओं से अतिरिक्त फंड आकर्षित किया जा सकेगा। इससे गरीबों, दिहाड़ी मजदूरों, राहगीरों को बड़ी राहत मिलेगी।<br>
<strong>स्वास्थ्य प्रणाली का सुदृढ़ीकरण होगा</strong></p>
<p>एम्स (AIIMS) दिल्ली के चिकित्सक डॉ. हर्षल रमेश साल्वे ने जोर देकर कहा कि हीटवेव के असर को रोकना और इलाज करना बहुत कठिन नहीं है, इसके लिए केवल प्राथमिकता और संवेदनशील लोगों की पहचान की जरूरत है। उन्होंने बताया कि बीमारी के कारण गरीबों पर होने वाले भारी खर्च को रोकने के लिए अगर सरकारी पुनर्वास और वित्तीय सहायता दी जाए, तो इससे देश के आर्थिक और स्वास्थ्य ढांचे दोनों को मजबूती मिलेगी।</p>
<p><strong>राष्ट्रीय और राज्य नीतियों का तालमेल दिखेगा</strong><br>
'नेचुरल रिसोर्सेज डिफेंस काउंसिल' (NRDC) के अभियंत तिवारी ने इस कदम की तुलना कोविड-19 महामारी से की। उन्होंने कहा कि आपदा घोषित होने से पूरी प्रणाली एकजुट और समन्वित होकर काम करती है। यह कानूनी अधिसूचना अब हीट एक्शन प्लान को राष्ट्रीय स्तर पर नीतिगत, कानूनी और वित्तीय (SDRF, NDRF, SDMF, NDMF के जरिए) ताकत देगी। चूंकि, भारत एक तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है जहां बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य चल रहा है और कार्यबल का एक बड़ा हिस्सा खुले आसमान के नीचे काम करता है। ऐसे में यह कदम असंगठित क्षेत्र के कामगारों को सीधा फायदा पहुंचा सकता है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>तलाक हुआ तो जॉर्जिना को हर महीने मिलेंगे ₹1.10 करोड़! रोनाल्डो के साथ करोड़ों की डील की रिपोर्ट</title>
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<description><![CDATA[ लिस्बन पुर्तगाल के महान फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने 11 अगस्त को जॉर्जिना रोड्रिगेज से शादी की है। रोनाल्डो और जॉर्जिना ने निजी समारोह में शादी की। केवल परिवार और करीबी दोस्त ही इस समारोह में शामिल हुए। रोनाल्डो अपने जीवन के नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं। उनकी शादी सुर्खियों में रही। अब जॉर्जिया … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 22:04:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>तलाक, हुआ, तो, जॉर्जिना, को, हर, महीने, मिलेंगे, ₹1.10, करोड़, रोनाल्डो, के, साथ, करोड़ों, की, डील, की, रिपोर्ट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लिस्बन </strong></p>
<p>पुर्तगाल के महान फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने 11 अगस्त को जॉर्जिना रोड्रिगेज से शादी की है। रोनाल्डो और जॉर्जिना ने निजी समारोह में शादी की। केवल परिवार और करीबी दोस्त ही इस समारोह में शामिल हुए। रोनाल्डो अपने जीवन के नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं। उनकी शादी सुर्खियों में रही। अब जॉर्जिया के साथ उनकी शादी से जुड़ा एक दिलचस्प तथ्य सामने आया है। उनके विवाह प्रमाण पत्र के अनुसार, रोनाल्डो और जॉर्जिना ने तलाक की दशा में संपत्ति का बंटवारा ना होने की शर्त पर शादी की है।</p>
<p>मेक्सिको के एक पब्लिकेशन En Pareja के अनुसार , रोनाल्डो और उनकी पत्नी के आधिकारिक पंजीकरण डॉक्यूमेंट से पता चलता है कि शादी 'संपत्ति पृथक्करण' व्यवस्था के तहत हुई है। इस डॉक्यूमेंट से रोनाल्डो और रोड्रिगेज दोनों अपनी-अपनी संपत्ति पर पूरा नियंत्रण बनाए रखेंगे।</p>
<p>पुर्तगाली कानून के अनुसार, इस तरह की व्यवस्था से यह पता चलता है कि रोनाल्डो और जॉर्जीना दोनों अपनी सभी संपत्तियों, आय और निवेशों पर पूरा कंट्रोल बनाए रखेंगे। चाहे वह संपत्ति शादी से पहले या शादी के दौरान कमाई गई हो। खास बात यह है कि अगर कपल का तलाक भी होता है तब भी संपत्ति का खुद से बंटवारा नहीं होगा।</p>
<p>इस समझौते का सीधा मतलब यह है कि कॉन्ट्रैक्ट, एंडोर्समेंट और व्यावसायिक उद्यमों से रोनाल्डो की सभी आय पूरी तरह से उन्हीं के पास रहेगी।<br>
<strong>रोनाल्डो को तलाक की दशा में पत्नी को देने होंगे पैसे</strong></p>
<p>हालांकि, इस शादी का दूसरा पहलू भी है। एकदम ऐसा नहीं है कि रोनाल्डो तलाक की दशा में अपनी पत्नी से संपत्ति का बंटवारा बिना किए एकदम से मुक्त हो जाएंगे। बेशक संपत्ति का बंटवारा नहीं करना पड़ेगा, लेकिन रोनाल्डो को तलाक होने पर शर्तों के अनुसार अपनी पत्नी को पेंशन के रूप में गुजाराभत्ता देना होगा।</p>
<p>पुर्तगाली मैगजीन TV Guia की एक अन्य रिपोर्ट में दावा किया गया है कि विवाह पंजीकरण में कुछ ऐसे प्रावधान हैं जो दंपत्ति द्वारा तलाक के लिए अर्जी दाखिल करने पर लागू हो जाएंगे।</p>
<p>पहली शर्त के अनुसार, जॉर्जीना को रोनाल्डो से लगभग 100,000 यूरो (लगभग 1.10 करोड़ भारतीय रुपये) की मासिक पेंशन मिलेगी। दूसरी शर्त के अनुसार, मैड्रिड के ला फिंका स्थित दंपत्ति के आलीशान बंगले की पूरी मिल्कियत जॉर्जीना के पास रहेगी। इस संपत्ति का वर्तमान मूल्य 56 लाख डॉलर (लगभग 53.50 करोड़ रुपये) से अधिक है।</p>
<p>रिपोर्ट में आगे दावा किया गया है कि उनके सभी पांच बच्चे कुछ करीबी लोगों के साथ शादी समारोह में शामिल हुए थे। आधिकारिक गवाहों की सूची में जिन व्यक्तियों के नाम शामिल थे, उनमें मिगुएल पैक्सो (रोनाल्डो के स्पोर्टिंग सीपी के दिनों से करीबी दोस्त) और इवाना रोड्रिगेज (जॉर्जिना की बहन) शामिल हैं। रोनाल्डो, की शादी में पुर्तगाल राष्ट्रीय टीम के उनके साथी खिलाड़ी और क्लब के खिलाड़ी कोई भी सेलिब्रिटी मौजूद नहीं था। शादी के बाद पति- पत्नी ने अपने उपनाम भी नहीं बदले हैं।</p>]]> </content:encoded>
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<title>LIC के बाद अब इन कंपनियों पर सरकार की नजर, हिस्सेदारी बिक्री से मिल सकता है कमाई का मौका</title>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 22:04:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंबई </strong></p>
<p>केंद्र सरकार ने पिछले हफ्ते ही एलआईसी में अपनी 6.5 प्रतिशत हिस्सेदारी को बेच दिया था। यह बिक्री ऑफर फार सेल के जरिए की गई थी। अब खबर आ रही है कि कई और कंपनियों में सरकार हिस्सेदारी घटाने जा रही है। ये कंपनियां हिन्दुस्तान कॉपर, हिन्दुस्तान जिंक, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स आईआरटीसी है। मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार सरकार की प्रथामिकता में हिन्दुस्तान कॉपर और हिन्दुस्तान जिंक है। बता दें, वित्त मंत्रालय की तरफ से<strong> कोई भी आधिकारिक ऐलान अबतक नहीं हुआ है।</strong></p>
<p><strong>किस कंपनी की कितना हिस्सा बेचने की है तैयारी</strong><br>
सरकार की तरफ से कितना हिस्सा बेचा जाएगा। इसको लेकर स्पष्ट जानकारी बाहर नहीं आ पाई है। रिपोर्ट्स के अनुसार हिन्दुस्तान जिंक में सरकार अपनी हिस्सेदारी 1.5 प्रतिशत घटाने पर विचार कर रही है। यह अन्य कंपनियों की तुलना में कम हिस्सा होगा। लेकिन कंपनी का मार्केट कैप अधिक होने की वजह से इस हिस्सेदारी की बिक्री अधिक कीमत की हो सकती है।</p>
<p>हिन्दुस्तान कॉपर की बात करें तो सरकार की तरफ से 5 प्रतिशत हिस्सेदारी को बेचा जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार साइज मार्केट के कंडीशन्स पर निर्भर करेगा।</p>
<p><strong>इस साल कई सरकारी कंपनियों के शेयरों को बेचा गया</strong><br>
कोल इंडिया, एनएचपीसी, जनरल इंश्योरेंस कारपोरेशन, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन रेलवे फाइनेंस कारपोरेशन के साथ-साथ एलआईसी में हिस्सेदारी सरकार ने घटाई है। दीपप के आंकड़ो के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 में सरकार ने 61638.61 करोड़ रुपये टोटल जुटाए हैं। इसमें 52716.02 करोड़ रुपये डिसइनवेस्टमेंट से आया है। 6366.93 करोड़ रुपये एसेट मोनेटाइजेशन से आया है। वहीं, 2555.66 करोड़ रुपये डिविडेंड से मिला है।</p>
<p><strong>एलआईसी के शेयरों की बिक्री</strong><br>
केंद्र सरकार ने एलआईसी के शेयरों की बिक्री 382 रुपये प्रति शेयर के दर पर बेचा था। सरकार ने कुल 6.50 प्रतिशत हिस्सा बेच दिया था। एक्सचेंज के नियमों के अनुसार इस लिस्टेड कंपनी में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी पब्लिक की होनी चाहिए। इसके लिए 16 मई 2027 डेडलाइन थी। हालांकि, सरकार ने तय समय सीमा से लगभग एक साल पहले ही बिक्री कर दी। इस ऑफर फार सेल की कीमत 31000 करोड़ रुपये है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>Apple Pay India Launch: सितंबर&#45;अक्टूबर में हो सकती है एंट्री, शुरुआत में UPI सपोर्ट नहीं</title>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 22:04:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Apple, Pay, India, Launch:, सितंबर-अक्टूबर, में, हो, सकती, है, एंट्री, शुरुआत, में, UPI, सपोर्ट, नहीं</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंबई </strong></p>
<p> ऐपल की डिजिटल पेमेंट सर्विस भारत में अक्टूबर में लॉन्च हो सकती है। एक रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में यह सर्विस Visa और Mastercard के क्रेडिट कार्ड्स को सपोर्ट करेगी। लॉन्च के समय में इसमें UPI (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) का सपोर्ट मिलने की संभावना नहीं है। शुरुआत में ऐसा कहा जा रहा था कि ‘ऐपल पे’ को भारत में यूपीआई सपोर्ट के साथ लाया जाएगा, जिससे लोगों में इस सर्विस को लेकर काफी उत्साह था। अब जानकारी आ रही है कि शुरू में सिर्फ वीजा और मास्टरकार्ड के क्रेडिट कार्ड्स पर ‘ऐपल पे’ सपोर्ट करेगा और आईफोन यूजर्स एक टैप में पेमेंट कर पाएंगे।</p>
<p><strong>इंडियन बैंकों से बातचीत कर रहा Apple</strong><br>
Apple इन दिनों प्रमुख भारतीय बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ Apple Pay को भारत में शुरू करने के लिए पार्टनरशिप को लेकर बातचीत कर रहा है। कंपनी को सर्विस शुरू करने से पहले बैंकिंग इंटीग्रेशन और जरूरी रेगुलेटरी प्रोसेस को पूरा करना होगा।</p>
<p>रिपोर्ट्स के मुताबिक, Apple शुरुआत में भारत में Visa और Mastercard नेटवर्क वाले चुनिंदा क्रेडिट कार्ड को Apple Pay में ऐड करने की सुविधा दे सकता है। यूजर्स अपने सपोर्टेड कार्ड को iPhone के Wallet एप में ऐड कर पाएंगे।</p>
<p><strong>UPI सपोर्ट क्यों नहीं?</strong><br>
यहां यूपीआई सपोर्ट से मतलब इस बात से है कि जिस तरह से लोग पेटीएम, फोनपे या गूगलपे से यूपीआई पेमेंट करते हैं, क्या उसी तरह ‘ऐपल पे’ भी काम करेगा? इसका जवाब है- शुरुआत में तो नहीं। बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, UPI सर्विस देने के लिए ऐपल को 'नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया' (NPCI) से मंजूरी लेनी होगी और साथ ही किसी बैंक के साथ साझेदारी करनी होगी। ऐसा लगता है कि अभी तक ऐपल को इसके लिए मंजूरी नहीं मिली है। (REF.)</p>
<p>    रिपोर्ट के अनुसार, ‘ऐपल पे’ सर्विस के लॉन्च होने से कंपनी को प्रीमियम क्रेडिट कार्ड सेगमेंट में जगह बनाने का मौका भारत में मिलेगा।</p>
<p>    कंपनी कुछ महीनों से देश के बड़े क्रेडिट कार्ड रिलीज करने वाले बैंकों से बातचीत कर रहा है। बातचीत इस पर है कि हर ट्रांजैक्शन पर किसको कितना हिस्सा मिलेगा।</p>
<p>    रिपोर्ट के अनुसार, ऐपल सितंबर के अंत या अक्टूबर तक ‘ऐपल पे’ को लॉन्च करने की तैयारियों में है।</p>
<p><strong>iPhone से कर सकेंगे Tap-and-Pay</strong><br>
इतना ही नहीं Apple Pay के आने से यूजर्स अपने iPhone को NFC-Enabled POS मशीन के पास टैप करके मिनटों में पेमेंट कर सकेंगे। पेमेंट को Face ID या Touch ID के जरिए भी ऑथेंटिकेट किया जा सकेगा।</p>
<p>भारत में पहले से ही बड़े रिटेल स्टोर, मॉल, रेस्टोरेंट और सुपरमार्केट में कॉन्टैक्टलेस कार्ड पेमेंट वाले POS टर्मिनल मौजूद हैं। ऐसे में Apple Pay iPhone यूजर्स के लिए फिजिकल क्रेडिट कार्ड साथ रखने की जरूरत को खत्म कर सकता है।</p>
<p><strong>UPI की कमी कर सकती है परेशान</strong><br>
हालांकि इस वक्त भारत में Apple Pay के सामने सबसे बड़ी चुनौती UPI सपोर्ट की हो सकती है। रिपोर्ट्स में ऐसा कहा जा रहा है कि लॉन्च के वक्त Apple Pay में UPI पेमेंट की सुविधा नहीं मिलेगी। भारत में UPI का यूज ऑनलाइन शॉपिंग, बिल पेमेंट से लेकर छोटे दुकानदारों को पेमेंट करने तक बड़े पैमाने पर हो रहा है। Google Pay और PhonePe जैसे एप्स भी UPI पर बेस्ड हैं।</p>
<p>ऐसे में अगर Apple Pay में शुरुआत में UPI नहीं मिलता है, तो यूजर्स इससे UPI QR कोड स्कैन करके पेमेंट नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा सीधे UPI पेमेंट करने की सुविधा भी नहीं मिलेगी।</p>
<p>
<strong>किस तरह काम करेगी सर्विस</strong></p>
<p>    ‘ऐपल पे’ सर्विस यूजर करने वाले ग्राहक अपने क्रेडिट कार्ड की डिटेल को ऐपल वॉलेट में सेव कर पाएंगे।</p>
<p>    जब भी वो किसी दुकान पर पेमेंट करने जाएंगे तो उन्हें वहां पीओएस मशीन पर स्वाइप करने की जरूरत होगी।</p>
<p>    NFC तकनीक की मदद से कॉन्टैक्टलेस पेमेंट हो जाएगा। हालांकि QR कोड स्कैन करने की सुविधा नहीं होगी।</p>
<p><strong>भारत में डिजिटल पेमेंट के बढ़ने की उम्मीद</strong><br>
ऐपल पे के आने से भारत में डिजिटल पेमेंट के बढ़ने की उम्मीद है। बहुत से ऐपल यूजर्स ऐपल पे के लॉन्च होने का इंतजार कर रहे हैं। आने वाले वक्त में अगर यह सर्विस यूपीआई में लॉन्च होती है तो बड़ी संख्या में ग्राहकों को सीधे इस सुविधा का फायदा होगा और फोनपे, गूगलपे, पेटीएम जैसे ऐप्स को सीधी टक्कर मिलने की उम्मीद है।<br>
प्रेम त्रिपाठी</p>]]> </content:encoded>
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<title>हर महीने ₹5,000 निवेश करने हैं? FD, RD या SIP—कहां मिलेगा बेहतर रिटर्न, जानें पूरा हिसाब</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली महीने के आखिर में अगर खर्च निकालने के बाद आपके पास निवेश के लिए सिर्फ ₹5,000 बचते हैं, तो सबसे बड़ा सवाल होता है- इसे फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में लगाएं, रिकरिंग​ डिपॉजिट (RD) में बचाएं या सिस्टमेटिक इंवेस्टमेंट प्लान (SIP) शुरू करें? इसका कोई एक सही जवाब नहीं है. NYVO Money के CEO … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 21:32:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>हर, महीने, ₹5, 000, निवेश, करने, हैं, FD, या, SIP—कहां, मिलेगा, बेहतर, रिटर्न, जानें, पूरा, हिसाब</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
महीने के आखिर में अगर खर्च निकालने के बाद आपके पास निवेश के लिए सिर्फ ₹5,000 बचते हैं, तो सबसे बड़ा सवाल होता है- इसे फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में लगाएं, रिकरिंग​ डिपॉजिट (RD) में बचाएं या सिस्टमेटिक इंवेस्टमेंट प्लान (SIP) शुरू करें? इसका कोई एक सही जवाब नहीं है. NYVO Money के CEO हर्ष सोनी के मुताबिक, निवेश का फैसला इस बात से होना चाहिए कि पैसे की जरूरत किस उद्देश्य के लिए है। </p>
<p>सही विकल्प इस बात पर निर्भर करता है कि आपको पैसे की जरूरत कब पड़ेगी, आपका मकसद क्या है और आप कितना जोखिम उठा सकते हैं. मान लीजिए दो लोग हर महीने ₹5,000 निवेश कर रहे हैं. एक व्यक्ति को एक साल के भीतर इमरजेंसी फंड तैयार करना है, जबकि दूसरा 30 साल की उम्र में अगले 20 साल के लिए रिटायरमेंट कॉर्पस बनाना चाहता है. तो दोनों के इंवेस्टमेंट विकल्प एक जैसे नहीं हो सकते। </p>
<p><strong>सबसे पहले तय करें पैसे का मकसद</strong></p>
<p>इन्वेस्टमेंट शुरू करने से पहले अपनी बचत को किसी लक्ष्य से जोड़ना जरूरी है. हर्ष सोनी के मुताबिक, इमरजेंसी फंड के लिए FD या लिक्विड म्यूचुअल फंड जैसे अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्पों पर विचार किया जा सकता है. वहीं, अगर लक्ष्य 8-10 साल या उससे ज्यादा दूर है, तो SIP के जरिए इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश पर विचार किया जा सकता है. Wise FinServ की सीओओ चारू पाहुजा के मुताबिक, 2-3 साल दूर के लक्ष्य के लिए FD या RD ज्यादा उपयुक्त हैं, जबकि 5 साल से लंबे लक्ष्य में इक्विटी SIP बेहतर विकल्प हो सकता है. यानी हर महीने बचने वाले वही ₹5,000 अलग-अलग लक्ष्यों के लिए अलग तरीके से लगाए जा सकते हैं। </p>
<p><strong>₹5,000 की मंथली सेविंग्स कितनी बन सकती है?</strong><br>
अगर आप हर महीने ₹5,000 इंवेस्ट करते हैं, तो एक साल में कुल ₹60,000 और 15 साल में आपकी जेब से कुल ₹9 लाख जाएंगे. चारू पाहुजा के मुताबिक, अगर 7% सालाना रिटर्न का अनुमान लगाया जाए, तो 15 साल में यह रकम करीब ₹15.8 लाख हो सकती है. वहीं, 12% सालाना रिटर्न के अनुमान पर यह करीब ₹25 लाख तक पहुंच सकती है. हालांकि, ये सिर्फ उदाहरण हैं. म्यूचुअल फंड और इक्विटी इन्वेस्टमेंट में रिटर्न मार्केट पर निर्भर करता है और इसकी कोई गारंटी नहीं होती। </p>
<p><strong>FD कब बेहतर विकल्प हो सकता है?</strong><br>
FD यानी फिक्स्ड डिपॉजिट की सबसे बड़ी खासियत इसकी निश्चितता है. एफडी में निवेश करने वाले को इंटररेस्ट रेट, टेन्योर और मैच्योरिटी के बाद कितना फंड मिलेगा इसके बारे में पहले ही पता होता है. इसलिए कम अवधि के लक्ष्यों और इमरजेंसी बचत के लिए यह उपयोगी विकल्प हो सकता है. लेकिन FD के ब्याज पर टैक्स लागू हो सकता है. इसके अलावा महंगाई समय के साथ पैसे की वास्तविक खरीद क्षमता को कम कर सकती है. हर्ष सोनी के मुताबिक, FD का मुख्य काम सुरक्षा और स्थिरता देना है, न कि बहुत ज्यादा रिटर्न हासिल करना. FD में पैसा लगाने से पहले प्रीमैच्योर विड्रॉल के नियम और इस पर लगने वाली पेनल्टी को भी जरूर समझ लें। </p>
<p><strong>RD किसके लिए उपयोगी है?</strong><br>
RD यानी रिकरिंग डिपॉजिट उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है, जो हर महीने एक तय रकम बचाने की आदत बनाना चाहते हैं. इसमें हर महीने नियमित रकम जमा की जाती है और तय अवधि के बाद मैच्योरिटी पर रकम मिलती है. छुट्टियां मनाने, गैजेट खरीदने, शादी, गाड़ी या घर की डाउन पेमेंट जैसे कुछ तय और अपेक्षाकृत कम अवधि वाले लक्ष्यों के लिए RD पर विचार किया जा सकता है। </p>
<p><strong>SIP में ज्यादा रिटर्न की संभावना, लेकिन जोखिम भी</strong><br>
SIP के जरिए नियमित अंतराल पर म्यूचुअल फंड में निवेश किया जाता है. अगर SIP इक्विटी फंड में है, तो बाजार के उतार-चढ़ाव का असर निवेश की वैल्यू पर पड़ता है. कुछ महीनों में निवेश बढ़ सकता है, तो कुछ समय में उसकी वैल्यू गिर भी सकती है. इसलिए 10-15 साल जैसे लंबे लक्ष्य के लिए SIP पर विचार करने वाले निवेशक को कुछ महीनों के रिटर्न के आधार पर फैसला नहीं करना चाहिए. इंवेस्टमेंट का समय जितना लंबा होता है, शेयर बाजार की अस्थिरता को झेलने की क्षमता भी उतनी अधिक होती है। </p>
<p>अगर किसी व्यक्ति के पास अभी इमरजेंसी फंड नहीं है, तो वह अपनी मासिक ₹5,000 की बचत को अलग-अलग उद्देश्यों के हिसाब से बांटने पर विचार कर सकता है. उदाहरण के लिए, ₹2,000 सुरक्षित विकल्प में और ₹3,000 इक्विटी SIP में. हालांकि, यह कोई तय फॉर्मूला नहीं है. ऐसा बंटवारा तभी समझदारी भरा होगा, जब निवेशक के दो अलग लक्ष्य और उनके लिए अलग समय-सीमा हो। </p>
<p><strong>पहली बार निवेश कर रहे हैं तो क्या करें?<br>
अगर आप पहली बार निवेश शुरू कर रहे हैं, तो शुरुआत किसी प्रोडक्ट से नहीं बल्कि अपने लक्ष्य से करें.</strong></p>
<p><strong>1-2 साल में पैसे की जरूरत है: FD या अन्य अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्पों पर विचार करें.</strong></p>
<p><strong>2-3 साल का लक्ष्य है: RD या FD जैसे विकल्प उपयोगी हो सकते हैं.</strong></p>
<p><strong>5 साल से ज्यादा का लक्ष्य है: जोखिम क्षमता के मुताबिक इक्विटी म्यूचुअल फंड SIP पर विचार किया जा सकता है.</strong></p>
<p><strong>10-15 साल या उससे ज्यादा का लक्ष्य है: लंबी अवधि के लिए इक्विटी SIP में ग्रोथ की ज्यादा संभावना हो सकती है.</strong></p>
<p><strong>सिर्फ हाल के शानदार रिटर्न देखकर निवेश का फैसला न करें. इक्विटी इन्वेस्टमेंट में गिरावट के दौरान घबराकर SIP बंद करने से भी बचना चाहिए, बशर्ते आपका मूल लक्ष्य, समय-सीमा और जोखिम क्षमता नहीं बदली हो.</strong></p>
<p><strong>₹5,000 कहां लगाएं? जवाब लक्ष्य में छिपा है</strong><br>
हर निवेशक के लिए FD, RD या SIP में से एक ही विकल्प सही नहीं हो सकता. अगर पैसे की जरूरत जल्दी है, तो सुरक्षा और लिक्विडिटी ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकती है. नियमित छोटी बचत के किसी तय लक्ष्य के लिए RD उपयोगी हो सकती है. वहीं, 10 साल या उससे लंबे लक्ष्य के लिए इक्विटी SIP में ज्यादा ग्रोथ की संभावना हो सकती है, लेकिन इसके साथ बाजार जोखिम भी जुड़ा है. इसलिए हर महीने बचने वाले ₹5,000 को कहां लगाना है, इसका सबसे अहम सवाल यह नहीं है कि FD ज्यादा देगी या SIP, बल्कि यह है कि आपको यह पैसा कब और किस काम के लिए चाहिए. यही दो बातें आपके लिए सही निवेश रास्ता चुनने में सबसे ज्यादा मदद करेंगी। </p>]]> </content:encoded>
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<title>‘WhatsApp&#45;ईमेल पर दे रहे तलाक’, SC में ‘Virtual Divorce’ मामले पर 27 अक्टूबर को सुनवाई</title>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 21:31:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>‘WhatsApp-ईमेल, पर, दे, रहे, तलाक’, में, ‘Virtual, Divorce’, मामले, पर, अक्टूबर, को, सुनवाई</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>मुस्लिमों में तीन तलाक पर भले ही कानूनी रोक लग गई हो, लेकिन तलाक को लेकर अब भी कुछ प्रथाएं जारी हैं. इसे ही तलाक-ए-हसन और तलाक-ए-अहसन जैी प्रथाओं के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर हुई थीं, जिन पर अब सुनवाई शुरू होने वाली है. सुप्रीम कोर्ट इन याचिकाओं पर 27 अक्टूबर को सुनवाई करेगा। </p>
<p>इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट पहले ही नोटिस जारी कर चुका है. अगर सरकार की तरफ से या अन्य पक्षकारों की तरफ से इस मामले में कोई जवाब नहीं दिया जाता तो भी 27 अक्टूबर से 10 मुस्लिम महिलाओं की तरफ से दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई शुरू हो जाएगी। </p>
<p><strong>क्या हैपूरा मामला?</strong><br>
सुप्रीम कोर्ट में पत्रकार बेनजीर हीना समेत कई महिलाओं ने याचिकाएं दाखिल की थीं. इसमें मुस्लिमों की तलाक प्रथाओं को चुनौती दी गई थी। </p>
<p>पत्रकार बेनजीर हीना ने अपनी याचिका में तलाक-ए-हसन को संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 21 और 25 के तहत मिले मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया था. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का तब रुख किया था जब उनके पति ने कथित तौर पर तलाक-ए-हसन का नोटिस भेज दिया था। </p>
<p>उनके अलावा और कई महिलाओं ने याचिका में आरोप लगाया है कि उनके पति ने उन्हें वॉट्सऐप या ईमेल के जरिए तलाक भेज दिया. कुछ की शिकायत यह है कि उनके अशिक्षित होने का फायदा उठाते हुए उनके पति ने कोरे कागज पर उनसे दस्तखत करवा लिए। </p>
<p>चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच के सामने इन प्रथाओं पर रोक लगाने की मांग की गई है. अदालत को बताया गया है कि कुछ मुस्लिम पुरुष वॉट्सऐप और ईमेल के जरिए वर्चुअल तलाक देने की कोशिश कर रहे हैं। </p>
<p>इस मामले पर कोर्ट का कहना था कि अदालत को सभी धर्मों का सम्मान करते हुए धार्मिक मामलों में कम से कम दखल देना चाहिए, लेकिन धार्मिक मान्यताएं अगर सीधे मानवाधिकारों को प्रभावित कर रही हैं तो फिर कोर्ट को दखल देना होगा। </p>
<p><strong>तलाक-ए-हसन और तलाक-ए-अहसन क्या है?</strong><br>
2017 में सुप्रीम कोर्ट ने तलाक-ए-बिद्दत यानी तीन तलाक पर रोक लगा दी थी. इसके बाद 2019 में केंद्र सरकार इस पर रोक लगाने के लिए कानून लेकर आई थी. अब तीन तलाक देने पर 3 साल तक की जेल हो सकती है। </p>
<p><strong>लेकिन अब भी मुस्लिमों में तलाक की कई प्रथाएं चल रही हैं. इनमें सबसे अहम तलाक-ए-हसन और तलाक-ए-अहसन है। </strong></p>
<p>तलाक-ए-हसन में शौहर को तीन महीने में तीन बार तलाक देना होता है. इस प्रथा में तलाक बोलकर या लिखकर दिया जाता है. इसके तहत, पति को लगातार तीन महीने तक हर महीने एक बार तलाक देना होता है. तीन महीने की इस अवधि को 'इद्दत' कहा जाता है. इस दौरान अगर पति चाहे तो तलाक वापस ले सकता है। </p>
<p>वहीं, तलाक-ए-अहसन में पति को एक ही बात में तलाक देना होता है. इसमें भी तीन महीने की अवधि होती है. तीन महीने के भीतर अगर तलाक वापस नहीं लिया जाता है तो पति-पत्नी में तलाक मंजूर हो जाता है। </p>
<p><strong>क्या महिलाएं नहीं दे सकतीं तलाक?</strong><br>
इस्लाम में महिलाएं भी पति से तलाक ले सकती हैं. महिलाएं 'खुला' के जरिए तलाक ले सकती है. इसके लिए आपसी सहमति जरूरी है. अगर पति सहमत नहीं है तो अदालत के जरिए भी ऐसा किया जा सकता है. इसमें महिला को निकाह के वक्त जो 'मेहर' की रकम मिलती है, उसे लौटाना होता है। </p>
<p>इसके अलावा, इस्लाम में 'मुबारत' की भी इजाजत है. यह तलाक का ऐसा तरीका है जिसमें पति-पत्नी दोनों आपसी सहमति और अपनी मर्जी से शादी खत्म करने के लिए राजी होते हैं। </p>
<p><strong>तलाक की प्रथाओं पर क्या कह चुकी हैं अदालतें?</strong><br>
तीन तलाक के मामले में जब 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था तो अदालत ने बाकी प्रथाओं पर न तो कोई टिप्पणी की थी और न ही दखल दिया था। </p>
<p>अगस्त 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने तलाक-ए-हसन पर कहा था कि यह प्रथा गलत नहीं है, क्योंकि इसमें सुलह-समझौते का समय मिल जाता है. तब सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि महिलाओं के पास भी 'खुला' का विकल्प है। </p>
<p>इन प्रथाओं पर हाई कोर्ट्स का रुख भी साफ रहा है. हिमाचल प्रदेश और केरल हाई कोर्ट ने तलाक-ए-हसन में दखल देने से इनकार कर दिया था। </p>]]> </content:encoded>
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<title>PM&#45;KUSUM&#45;2 पर किसानों को बड़ी राहत, सोलर पंप से होगी सिंचाई; खाली खेत से भी होगी कमाई</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली देशभर के किसानों को जिस योजना का बेसब्री से इंतजार था, उसको लेकर सरकार ने बड़ी खुशखबरी दी है. केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने पीएम-कुसुम योजना (PM-KUSUM) के दूसरे चरण को लेकर बड़ा अपडेट बताया हे; उन्होंने कहा कि पीएम-कुसुम के पहले चरण (PM-KUSUM 1) की सफलता के बाद, सरकार जल्द ही इसका … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 21:31:02 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>देशभर के किसानों को जिस योजना का बेसब्री से इंतजार था, उसको लेकर सरकार ने बड़ी खुशखबरी दी है. केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने पीएम-कुसुम योजना (PM-KUSUM) के दूसरे चरण को लेकर बड़ा अपडेट बताया हे; उन्होंने कहा कि पीएम-कुसुम के पहले चरण (PM-KUSUM 1) की सफलता के बाद, सरकार जल्द ही इसका नया और उन्नत वर्जन यानी 'पीएम-कुसुम 2' (PM-KUSUM 2) लॉन्च करने की तैयारी कर रही है. चूंकि 'पीएम-कुसुम 1' को सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है, इसलिए सरकार अब बहुत जल्द 'पीएम-कुसुम 2' को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया में जुटी है।  </p>
<p>इस योजना के तरह खेती-किसानी में सिंचाई के लिए सोलर पंप पर भारी सब्सिडी देने की तैयारी है. साथ ही किसान अपनी खाली पड़ी जमीन पर या बंजर जमीन पर सोलर प्‍लांट लगाकर बिजली पैदा कर सकेंगे, इसे सरकार को बेच सकेंगे और PM सूर्य घर योजना की तरह मोटी कमाई भी कर सकेंगे। </p>
<p>अगर आप भी एक किसान हैं या ग्रामीण इलाके में सोलर एनर्जी के जरिए अपनी आमदनी बढ़ाना चाहते हैं, तो ये खबर आपके लिए बहुत काम की है. तो आइए, जानते हैं कि इसमें क्या खास प्रावधान किए गए हैं और इस नई योजना से किसानों को क्या-क्या फायदे मिल सकते हैं। </p>
<p><strong>क्या है PM-KUSUM योजना?</strong><br>
'PM-KUSUM' यानी प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान' (PM-KUSUM) का मुख्य उद्देश्य किसानों को डीजल और पारंपरिक बिजली पर निर्भरता से पूरी तरह मुक्त करना है. इस योजना के तहत सरकार किसानों को कई बड़ी सुविधाएं देती है:</p>
<p>    सोलर पंप पर भारी सब्सिडी: PM-KUSUM योजना के तहत किसानों को सोलर पंप लगवाने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से 30 से 50 प्रतिशत तक की भारी केंद्रीय सब्सिडी दी जाती है. खेतों में जो अभी मौजूदा समय में बिजली वाले पंप लगे हैं, जो ग्रिड से जुड़े हैं, उन पंपों का सोलराइजेशन करने पर भी ये सब्सिडी मिलेगी। </p>
<p>    बंजर जमीन पर पैदा होगी बिजली: किसान अपनी बंजर या खाली पड़ी जमीन पर 2 मेगावाट तक के सोलर पावर प्लांट भी इंस्‍टॉल कर सकते हैं. इससे जो बिजली पैदा होगी, उसे स्थानीय डिस्कॉम यानी बिजली डिस्‍ट्रीब्‍यूशन को स्‍टेट-रेगुलेटेड टैरिफ पर बेचकर अच्‍छी कमाई भी कर सकते हैं. जैसा कि PM सूर्य घर योजना में प्रावधान है।   </p>
<p><strong>किसानों और आम लोगों को सीधा फायदा? </strong><br>
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने यह भी जानकारी दी कि सरकार और उद्योग जगत मिलकर रिन्यूएबल एनर्जी उपकरणों की लागत को कम करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं. हाल ही में नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों और उनके घटकों पर GST की दरों को 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है, जिससे यह तकनीक अब बहुत सस्ती हो गई है। </p>
<p>    GST कम होने से किसानों के लिए 5 हॉर्सपावर (HP) का सोलर पंप लगभग 17,500 रुपये तक सस्ता हो गया है. सरकार के 10 लाख नए सोलर पंप लगाने के लक्ष्य से किसानों को कुल मिलाकर लगभग 1,550 करोड़ रुपये की बड़ी बचत होने का अनुमान है। </p>
<p>    आम परिवारों के लिए भी छतों पर लगने वाला 3 किलोवाट का सोलर सिस्टम (जो 'पीएम सूर्य घर' योजना के तहत आता है) अब लगभग 9,000 से 10,500 रुपये तक सस्ता मिल रहा है। </p>
<p>    इस कटौती से यूटिलिटी और पावर प्रोजेक्ट्स की लागत भी काफी घटी है, जिसका सीधा सकारात्मक असर आम उपभोक्ताओं और बिजली कंपनियों पर पड़ेगा। </p>
<p><strong>कैसा रहा है PM-KUSUM योजना का पहला चरण? </strong><br>
ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पीएम-कुसुम के पहले चरण ने एग्रीकल्‍चर सेक्‍टर में रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई है. लॉन्‍ग टर्म लक्ष्‍य तो 10,000 मेगावाट का है, लेकिन अब तक इसमें 1986.3 मेगावाट क्षमता के ग्रिड-कनेक्टेड सोलर पावर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। </p>
<p>देश भर में 13.07 लाख से अधिक स्टैंडअलोन सोलर पंप मंजूर किए गए हैं, जिनमें से 11.69 लाख पंप पहले ही लगाए जा चुके हैं. इसके अलावा, किसानों के सिंचाई पंपों को सोलर ऊर्जा से जोड़ने का काम भी तेजी से चल रहा है, जिसके तहत लाखों एफएलएस (FLS) और आईपीएस (IPS) पंपों का सोलराइजेशन किया जा चुका है। </p>
<p><strong>PM-KUSUM 1 से कितनी अलग, क्‍या है तैयारी?  </strong><br>
पीएम-कुसुम के दूसरे चरण में सरकार लिथियम-आयन सेल मैन्युफैक्चरिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को भी बढ़ावा दे रही है ताकि देश में ही सस्ते और टिकाऊ उपकरण तैयार हो सकें। </p>
<p>यदि आप भी डीजल के महंगे खर्च से परेशान हैं और अपने खेतों में सिंचाई के लिए सोलर पंप लगवाने या अपनी खाली जमीन का सही उपयोग करके बिजली बेचने के इच्छुक हैं, तो आने वाले दिनों में लॉन्च होने वाली 'पीएम-कुसुम 2' योजना आपके लिए एक बेहतरीन अवसर साबित हो सकती है। </p>
<p>योजना के आधिकारिक ऐलान के बाद किसान अपने नजदीकी कृषि विभाग या सीएससी (CSC) सेंटर के जरिए इसके लिए आवेदन कर सकेंगे। </p>]]> </content:encoded>
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<title>Tata Steel vs JSW Steel: निवेश के लिए कौन बेहतर? जानिए किस कंपनी के फंडामेंटल हैं ज्यादा मजबूत</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली  तिमाही नतीजों का सीजन जारी है और इस बार सबसे ज्यादा नजर देश की दो बड़ी स्टील कंपनियों टाटा स्टील और JSW स्टील पर रही। दोनों कंपनियों ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। ऐसे समय में जब भारत में स्टील की मांग मजबूत बनी हुई है और अलग-अलग देशों में स्टील … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 21:04:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Tata, Steel, JSW, Steel:, निवेश, के, लिए, कौन, बेहतर, जानिए, किस, कंपनी, के, फंडामेंटल, हैं, ज्यादा, मजबूत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
 तिमाही नतीजों का सीजन जारी है और इस बार सबसे ज्यादा नजर देश की दो बड़ी स्टील कंपनियों टाटा स्टील और JSW स्टील पर रही। दोनों कंपनियों ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। ऐसे समय में जब भारत में स्टील की मांग मजबूत बनी हुई है और अलग-अलग देशों में स्टील की कीमतों में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आने वाले स्टील साइकल का सबसे ज्यादा फायदा किस कंपनी को मिल सकता है।</p>
<p>एक तरफ टाटा स्टील के पास बड़ा कारोबार, मजबूत घरेलू बिजनेस और विस्तार की बड़ी योजना है। वहीं दूसरी तरफ JSW स्टील बेहतर मुनाफा, कम कर्ज और ज्यादा क्षमता के साथ आगे बढ़ती दिख रही है। दोनों कंपनियां लगातार अपनी क्षमता बढ़ाने में लगी हैं। आइए समझते हैं कि जून तिमाही के नतीजों के आधार पर फिलहाल कौन सी कंपनी ज्यादा मजबूत नजर आ रही है।</p>
<p><strong>रेवेन्यू और मुनाफे में किसने मारी बाजी</strong><br>
30 जून 2026 को खत्म हुई तिमाही में टाटा स्टील का कुल रेवेन्यू 60,794 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का EBITDA 9,370 करोड़ रुपये रहा। यह पिछले साल के मुकाबले 25 फीसदी ज्यादा है। वहीं कंपनी का नेट प्रॉफिट 2,385 करोड़ रुपये रहा।</p>
<p>दूसरी ओर JSW स्टील का रेवेन्यू 47,364 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का EBITDA 9,383 करोड़ रुपये रहा। यह टाटा स्टील के लगभग बराबर है। जबकि उसका कारोबार आकार में छोटा है। सबसे बड़ी बात यह रही कि JSW स्टील का नेट प्रॉफिट 4,696 करोड़ रुपये रहा। यह टाटा स्टील के मुकाबले लगभग दोगुना है।</p>
<p><strong>Criteria     टाटा स्टील (Q1 FY27)     JSW स्टील (Q1 FY27)<br>
रेवेन्यू     ₹60,794 करोड़     ₹47,364 करोड़<br>
EBITDA     ₹9,370 करोड़     ₹9,383 करोड़<br>
EBITDA ग्रोथ (YoY)     25%     लगभग टाटा स्टील के बराबर EBITDA<br>
नेट प्रॉफिट     ₹2,385 करोड़     ₹4,696 करोड़</strong></p>
<p>
<strong>मार्जिन और कारोबार में कौन आगे</strong></p>
<p>टाटा स्टील के भारत वाले कारोबार का EBITDA मार्जिन 27 फीसदी रहा। प्रति टन EBITDA 3,255 रुपये बढ़कर 19,162 रुपये पहुंच गया। इससे साफ है कि भारत में कंपनी का कारोबार मजबूत बना हुआ है। लेकिन कंपनी के यूरोप बिजनेस ने प्रदर्शन कमजोर किया। नीदरलैंड यूनिट का EBITDA सिर्फ 4 मिलियन यूरो रहा। वहीं यूके यूनिट अभी भी घाटे में है। हालांकि पहले के मुकाबले नुकसान कम हुआ है।</p>
<p>वहीं JSW स्टील पर विदेशी कारोबार का ऐसा दबाव नहीं है। कंपनी ने भारत में 94 फीसदी क्षमता का इस्तेमाल किया, जबकि पिछले साल यह 88 फीसदी था। इसके अलावा कंपनी की कुल बिक्री में 61 फीसदी हिस्सा वैल्यू एडेड और स्पेशल स्टील प्रोडक्ट्स का रहा। इससे आगे भी बेहतर मार्जिन मिलने की उम्मीद है।</p>
<p><strong>कर्ज और बैलेंस शीट में बड़ा अंतर</strong><br>
टाटा स्टील का नेट कर्ज बढ़कर 84,173 करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी का नेट डेट टू EBITDA अनुपात 2.3 गुना है। वहीं JSW स्टील लगातार अपना कर्ज घटा रही है। 30 जून 2026 तक कंपनी का नेट कर्ज घटकर 46,157 करोड़ रुपये रह गया। यह मार्च में 53,870 करोड़ रुपये था।</p>
<p>इसमें JFE Steel की 7,875 करोड़ रुपये की इक्विटी निवेश की दूसरी किस्त का भी योगदान रहा। JSW स्टील का नेट डेट टू EBITDA अनुपात 1.46 गुना और नेट डेट टू इक्विटी 0.42 गुना है। इसी वजह से Fitch और CARE Ratings ने भी कंपनी की क्रेडिट रेटिंग में सुधार किया है।</p>
<p><strong>मापदंड     टाटा स्टील     JSW स्टील<br>
नेट कर्ज (30 जून 2026)     ₹84,173 करोड़     ₹46,157 करोड़<br>
कर्ज का रुझान     नेट कर्ज बढ़ा     नेट कर्ज घटा<br>
नेट डेट टू EBITDA     2.3 गुना     1.46 गुना</strong></p>
<p><strong>किसके पास ज्यादा मौका</strong><br>
टाटा स्टील ने नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड में 4.8 मिलियन टन सालाना क्षमता बढ़ाने को मंजूरी दी है। इस पर 33,873 करोड़ रुपये का निवेश होगा। कंपनी का लक्ष्य भारत में अपनी कुल क्षमता 40 मिलियन टन सालाना से ज्यादा करना है।</p>
<p>वहीं JSW स्टील भी तेजी से विस्तार कर रही है। कंपनी FY32 तक अपनी कुल क्षमता बढ़ाकर करीब 62 मिलियन टन सालाना करना चाहती है. कंपनी ने विजयनगर प्लांट की क्षमता बढ़ाकर 4.5 मिलियन टन सालाना कर दी है. इसके अलावा कडप्पा में नया इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस लगाया जा रहा है. ओडिशा में POSCO के साथ 6 मिलियन टन क्षमता वाले नए प्लांट का जॉइंट वेंचर भी कंपनी की बड़ी योजना का हिस्सा है। </p>
<p><strong>क्या कहते हैं आंकड़े</strong><br>
अगर भारत में स्टील की मांग इसी तरह मजबूत रहती है, तो दोनों कंपनियों को फायदा मिल सकता है. लेकिन फिलहाल आंकड़े बताते हैं कि JSW स्टील कम कर्ज, बेहतर मुनाफा, ज्यादा क्षमता इस्तेमाल और मजबूत बैलेंस शीट की वजह से बेहतर स्थिति में नजर आ रही है। </p>
<p>वहीं टाटा स्टील के लिए भारत का कारोबार मजबूत है, लेकिन यूरोप का कारोबार अभी भी चुनौती बना हुआ है. आने वाले समय में सबसे बड़ी नजर इस बात पर रहेगी कि टाटा स्टील यूरोप में कितना सुधार करती है और JSW स्टील अपनी विस्तार योजना को कितनी तेजी से पूरा करती है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>Luminetta Solar Car: स्टूडेंट्स ने बनाई ऐसी सोलर कार, जितनी बिजली खर्च करेगी उससे ज्यादा बनाएगी</title>
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<description><![CDATA[    नई दिल्ली Luminetta Solar Car: कल्पना कीजिए, आप रोज इलेक्ट्रिक कार से ऑफिस जाते हैं और कार को चार्ज करने के लिए बार-बार चार्जिंग स्टेशन जाने की जरूरत ही न पड़े. इतना ही नहीं, दिनभर चलने के बाद कार जितनी बिजली खर्च करे, उससे ज्यादा एनर्जी कार खुद पैदा कर दे. सुनने में यह … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 21:04:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Luminetta, Solar, Car:, स्टूडेंट्स, ने, बनाई, ऐसी, सोलर, कार, जितनी, बिजली, खर्च, करेगी, उससे, ज्यादा, बनाएगी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>   नई दिल्ली</strong><br>
Luminetta Solar Car: कल्पना कीजिए, आप रोज इलेक्ट्रिक कार से ऑफिस जाते हैं और कार को चार्ज करने के लिए बार-बार चार्जिंग स्टेशन जाने की जरूरत ही न पड़े. इतना ही नहीं, दिनभर चलने के बाद कार जितनी बिजली खर्च करे, उससे ज्यादा एनर्जी कार खुद पैदा कर दे. सुनने में यह किसी साई-फाई फिल्म की कहानी जैसी लगती है, लेकिन अमेरिका की  क्लमेसन यूनिवर्सिटी (Clemson University) और BMW की रिसर्च टीम ने ऐसी ही एक इलेक्ट्रिक कार का प्रोटोटाइप तैयार किया है. इस कार को Deep Orange 17 Luminetta नाम दिया गया है। </p>
<p>यह एक दो दरवाजों वाली इलेक्ट्रिक कूपे है, जिसे ट्रेडिशनल कारों से थोड़ा अलग हटकर डिजाइन किया गया है. खास बात यह है कि इसमें सोलर पावर को सिर्फ कार की बैटरी को चार्ज करने के लिए नहीं बल्कि एक्स्ट्रा इलेक्ट्रिसिटी बैक-अप के तौर पर तैयार किया गया है. दावा किया जा रहा है कि, इस कार को चलने के लिए जितनी बिजली की जरूरत होगी, ये उससे कहीं ज्यादा इलेक्ट्रिसिटी जेनरेट <strong>करेगी. यानी कार का पावर सिस्टम का अहम हिस्सा बनाया गया है। </strong></p>
<p><strong>छाए में भी चार्ज होगी कार</strong><br>
कार की बॉडी पर 1,700 से ज्यादा फोटोवोल्टिक सेल लगाए गए हैं. ये सेल कार के बाहर लगे पैनलों में ही शामिल किए गए हैं. यानी कार सड़क पर चल रही हो या पार्किंग में खड़ी हो, सूरज की रोशनी मिलने पर ये सेल बिजली बनाने का काम करते रहेंगे. इस कार में लगाए गए सोलर पैनल फ़्रॉनहोफ़र इंस्टीट्यूट फ़ॉर सोलर एनर्जी सिस्टम्स के सहयोग से डेवलप किया गया है. इन पैनलों की खासियत यह है कि अगर इनका कुछ हिस्सा छाया में आ जाए, तब भी ये बिजली बना सकते हैं. यानी यदि इन्हें सीधे धूप नहीं भी मिलती है तो भी कुछ पैनल्स इलेक्ट्रिसिटी जेनरेट करने में सक्षम होंगे। </p>
<p>BMW के रिसर्च एंड न्यू टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट मैनेजर स्टेफन आगस्टिन (Stephan Augustin) ने कहा कि यह ऐसा प्रोजेक्ट था, जिस पर टीम कई साल से काम करना चाहती थी. उनके मुताबिक पिछले दो साल में छात्रों की टीम ने कई तकनीकी चुनौतियों से निपटते हुए आखिरकार ऐसी कार तैयार की है, जो जरूरत से ज्यादा ऊर्जा पैदा करने में सक्षम है। </p>
<p>सोलर सेल को सुरक्षित रखने के लिए इनके ऊपर एक मजबूत फिल्म लगाई गई है. कार की बॉडी को एक अलग तरह का रंग भी दिया गया है, जिसे लेजर मैन्युफैक्चरिंग तकनीक की मदद से तैयार किया गया है. इससे कार का डिजाइन भी अलग नजर आता है और सोलर सेल को सेफ्टी भी मिलती है। </p>
<p><strong>अलग-अलग शहरों के मुताबिक टेस्टिंग </strong><br>
इस कार की क्षमता को समझने के लिए छात्रों ने अमेरिका के ग्रीनविले के अलावा फ्रैंकफर्ट, मैड्रिड और मुंबई जैसे शहरों में सूरज की रोशनी की उपलब्धता का सिमुलेशन किया. इसके बाद 20 किलोमीटर के रोजाना सफर को बेस बनाया गया. इस टेस्ट के मुताबिक ये कार अलग-अलग शहरों में औसतन करीब 50 किलोमीटर की एक्स्ट्रा ड्राइविंग रेंज के बराबर सौर ऊर्जा पैदा कर सकती है. यानी रोजमर्रा के छोटे सफर में कार जितनी ऊर्जा इस्तेमाल करती है, उसके मुकाबले यह ज्यादा सौर ऊर्जा पैदा करने की क्षमता रखती है। </p>
<p>यही वजह है कि इसे एनर्जी-पॉजिटिव व्हीकल भी कहा जा रहा है. आसान भाषा में समझें तो कार सिर्फ बिजली खर्च करने वाली मशीन नहीं है, बल्कि रियल कंडिशन में बिजली पैदा करने वाला प्लेटफॉर्म भी बन सकती है। </p>
<p><strong>बॉक्सफिश से इंस्पायर्ड डिजाइन</strong><br>
कार का डिजाइन काफी यूनिक है. डेवलपमेंट टीम का कहना है कि इस कार का डिजाइन बॉक्सफिश से इंस्पायर्ड है. ये डिजाइन एयर प्रेशर को कम करने में मदद करता है. कम एयरोडायनामिक ड्रैग का सीधा फायदा कार की रेंज पर पड़ता है. कार को हवा को चीरकर आगे बढ़ने में कम एनर्जी खर्च करनी पड़ती है. साथ ही डिजाइन ऐसा रखा गया है कि अंदर बैठने वालों के लिए पर्याप्त जगह बनी रहे। </p>
<p>इस इलेक्ट्रिक कार में रीजनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम दिया गया है. जब कार धीमी होती है या ब्रेक लगाती है, तब सामान्य तौर पर जो एनर्जी हीट के रूप में बर्बाद हो जाती है, उसे रीजनरेट कर एनर्जी बनाई जा सकती है. इसके अलावा कार में इंटेलिजेंट टॉर्क डिस्ट्रीब्यूशन और खास ड्राइवट्रेन कंट्रोल सिस्टम भी दिए गए हैं. ये सिस्टम कार की जरूरत के हिसाब से पावर का इस्तेमाल करने और एनर्जी को बेहतर तरीके से बचाने में मदद करते हैं। </p>
<p><strong>हाईटेक केबिन</strong><br>
कार का का इंटीरियर भी काफी मॉडर्न है. इसमें कस्टम ह्यूमन-मशीन इंटरफेस दिया गया है, जो कार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी रियल टाइम में स्क्रीन पर दिखाता है. इसके अलावा कार में एप्पल कार प्ले और एंड्रॉयड ऑटो कनेक्टिविटी भी दी गई है. यानी एक फ्यूचरिस्टिक सोलर इलेक्ट्रिक कार होने के साथ-साथ इसे डेली लाइफ के इस्तेमाल और कनेक्टेड ड्राइविंग को ध्यान में रखकर भी तैयार किया गया है। </p>
<p><strong>बेहद हल्की है ये इलेक्ट्रिक कार<br>
इस कार की एक और बड़ी खासियत </strong>इसका वजन है. इस प्रोटोटाइप का वजन सिर्फ 550 किलोग्राम यानी करीब 1,212 पाउंड है. यह सामान्य प्रोडक्शन कारों के मुकाबले लगभग एक-चौथाई वजन है. कम वजन रखने के लिए कार के चेसिस में अलग-अलग तरह की मैटेरियल का इस्तेमाल किया गया है. इसमें सेफ्टी के लिए स्ट्रक्चरल स्टील के साथ एल्युमिनियम, कार्बन फाइबर स्ट्रक्चरल पार्ट्स और 3D प्रिंटेड मेटल जॉइंट्स का इस्तेमाल किया गया है. इसका मकसद कार को मजबूत रखने के साथ-साथ उसका वजन कम करना है। </p>
<p><strong>बाजार में कब आएगी कार</strong><br>
Deep Orange 17 अभी एक प्रोटोटाइप है. फिलहाल ये नहीं कहा जा सकता है कि, ये कार सीधे तौर पर बाजार में उतारी जाएगी या नहीं. लेकिन ये कार इतना जरूर बताती है कि, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को किस तरह नई दिशा दी जा सकती है. सोलर पैनल, बेहद हल्का चेसिस, एयरोडायनामिक डिजाइन और एनर्जी को रिकवर करने वाली तकनीक को एक साथ जोड़कर यह दिखाने की कोशिश की गई है कि भविष्य की इलेक्ट्रिक कारें सिर्फ बैटरी की एनर्जी पर निर्भर नहीं रहेंगी। </p>
<p>अगर सोलर तकनीक, हल्के मटेरियल और बेहतर एनर्जी मैनेजमेंट को बड़े पैमाने पर व्यावहारिक बनाया जा सका, तो आने वाले समय में कार को चार्ज करने की जरूरत कम हो सकती है. ये कार इसी भविष्य की एक झलक है, जहां कार सड़क पर चलने के साथ-साथ खुद के लिए एनर्जी भी तैयार कर सकती है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>Google Fitbit Air की भारत में एंट्री! अक्टूबर में होगा लॉन्च, सिंगल चार्ज में 7 दिन चलेगा</title>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली Google एक फिटनेस ट्रैकर लेकर आ रहा है, जिसका नाम Google Fitbit Air होगा. यह एक बिना स्क्रीन वाला डिवाइस होगा और इसे भारत में इस साल अक्टूबर में लॉन्च किया जाएगा. कंपनी ने गूगल पिक्सल 11 सीरीज की लॉन्चिंग के दौरान बताया है कि भारत में फिटनेस ट्रैकर लेकर आ रहा है।  … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 20:33:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Google, Fitbit, Air, की, भारत, में, एंट्री, अक्टूबर, में, होगा, लॉन्च, सिंगल, चार्ज, में, दिन, चलेगा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong><br>
Google एक फिटनेस ट्रैकर लेकर आ रहा है, जिसका नाम Google Fitbit Air होगा. यह एक बिना स्क्रीन वाला डिवाइस होगा और इसे भारत में इस साल अक्टूबर में लॉन्च किया जाएगा. कंपनी ने गूगल पिक्सल 11 सीरीज की लॉन्चिंग के दौरान बताया है कि भारत में फिटनेस ट्रैकर लेकर आ रहा है। </p>
<p>भारत में बिना डिस्प्ले वाले फिटनेस ट्रैकर काफी पॉपुलर हो रहे हैं. विराट कोहली समेत कई एथलीट बिना डिस्प्ले वाले फिटनेस ट्रैकर को पहनते हैं, जिसका नाम Whoop है. ऐसे में गूगल इस रेस में पीछे नहीं रहना चाहता है। </p>
<p>दोबारा गूगल के अपकमिंग डिवाइस पर लौटते हैं. बताते हैं कि Fitbit Air  एक 12 ग्राम वजनी प्रोडक्ट होगा. कंपनी ने इसमें डिस्प्ले ना देने का फैसला किया है, साथ ही इसमें हार्ट रेट ट्रैकर दिया जाएगा। </p>
<p><strong>Fitbit Air के फीचर्स</strong><br>
Fitbit Air के फीचर्स की बात करें तो इसमें हार्ड रेट ट्रैकर, ब्लड ऑक्सीजन, वर्कआउट डिटेक्ट करने के लिए सेंसर दिए जाएंगे. इसके बाद Fitbit Air का डेटा सीधा गूगल हेल्थ ऐप पर देखा जा सकता है. अपने स्मार्टफोन को फिटनेस बैंड से कनेक्ट करना होगा। </p>
<p><strong>Fitbit Air सिंगल चार्ज में 7 दिन चलेगा </strong><br>
बैटरी लाइफ को लेकर जानकारी दी है कि एक बार फुल चार्जिंग के बाद 7 दिन तक का बैटरी बैकअप मिलेगा. फिटनेस ट्रैकर के अंदर AI पर काम करने वाले हेल्थ इनसाइट भी दिए जाएंगे. हालांकि गूगल ने इवेंट के दौरान ये डिटेल्स में स्पेसिफिकेशन्स के बारे में नहीं बताया है। </p>
<p>Fitbit Air की संभावित कीमत <br>
गूगल ने Fitbit Air की कीमत का ऐलान नहीं किया है, लेकिन ग्लोबल मार्केट में यह डिवाइस करीब 99.99 अमेरिकी डॉलर (करीब 9500 रुपये) में सेल किया जाएगा. कंपनी ने अभी तक लॉन्च डेट का ऐलान नहीं किया है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>धमतरी के शासकीय ITI परिसर में बन रहा ‘ऑपरेशन सिंदूर उद्यान’, देशभक्ति की दिखेगी झलक</title>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 20:31:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>धमतरी.</strong></p>
<p>शासकीय आईटीआई परिसर भखारा में पर्यावरण वानिकी मद से लगभग 31 लाख रुपए की लागत से विकसित किया गया ‘ऑपरेशन सिंदूर उद्यान’ अब अपने स्वरूप में निखरने लगा है।</p>
<p>उद्यान में लगाए गए विभिन्न प्रजातियों के पौधे धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं और परिसर में हरियाली की सुंदर छटा दिखाई देने लगी है। कभी अपेक्षाकृत खाली नजर आने वाला परिसर अब हरे-भरे वातावरण और व्यवस्थित पौधरोपण के कारण आकर्षण का केंद्र बन रहा है।<strong> </strong>इस उद्यान का निर्माण पर्यावरण संरक्षण, हरित क्षेत्र के विस्तार तथा नागरिकों और विद्यार्थियों को स्वच्छ एवं प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध कराने की दृष्टि से किया गया है। उद्यान में औषधीय, फलदार एवं छायादार प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। इनके विकसित होने के साथ ही परिसर में न केवल हरियाली बढ़ रही है, बल्कि भविष्य में यह स्थान विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों के लिए प्रकृति के निकट समय बिताने तथा पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का उपयोगी स्थल भी बनेगा।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि शासकीय आईटीआई भखारा परिसर में लगभग 31 लाख रुपए की लागत से निर्मित ‘ऑपरेशन सिंदूर उद्यान’ का लोकार्पण विगत अप्रैल माह में क्षेत्रीय विधायक श्री अजय चंद्राकर द्वारा किया गया था। इसके साथ ही मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत लाइवलीहुड (भखारा-भठेली) केंद्र का उद्घाटन भी किया गया तथा युवाओं को प्रशिक्षण किट प्रदान की गई। इन पहलों के माध्यम से क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ युवाओं के कौशल विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसरों को भी बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है।</p>
<p>वर्तमान में उद्यान में पौधों की बढ़ती हरियाली और विकसित होता स्वरूप इस पहल के सकारात्मक परिणामों को दर्शा रहा है। आने वाले समय में पेड़-पौधों के और विकसित होने के साथ यह उद्यान भखारा क्षेत्र के लिए एक सुंदर हरित स्थल के रूप में अपनी पहचान बनाएगा। पर्यावरण संरक्षण और कौशल विकास को एक ही परिसर में बढ़ावा देने वाली यह पहल विकास के साथ प्रकृति के संतुलन का सार्थक उदाहरण बन रही है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>दुबई का भारत से था गहरा नाता, आजादी के बाद बदला खाड़ी का नक्शा</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली  आज दुबई अपनी ऊंची इमारतों और दौलत के लिए जाना जाता है लेकिन इसके इतिहास का भारत से एक अनोखा संबंध रहा है। आजादी से पहले दुबई और खाड़ी के दूसरे देशों का प्रशासन ब्रिटिश भारत के जरिए चलाया जाता था। 1947 में लिए गए एक शांत फैसले ने उस रिश्ते को बदल … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 20:31:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>दुबई, का, भारत, से, था, गहरा, नाता, आजादी, के, बाद, बदला, खाड़ी, का, नक्शा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
 आज दुबई अपनी ऊंची इमारतों और दौलत के लिए जाना जाता है लेकिन इसके इतिहास का भारत से एक अनोखा संबंध रहा है। आजादी से पहले दुबई और खाड़ी के दूसरे देशों का प्रशासन ब्रिटिश भारत के जरिए चलाया जाता था।</p>
<p>1947 में लिए गए एक शांत फैसले ने उस रिश्ते को बदल दिया और खाड़ी का वह राजनीतिक नक्शा तैयार किया जिसे हम आज जानते हैं। इतिहासकार और लेखक सैम डैलरिम्पल के अनुसार, खाड़ी के कुछ हिस्सों, जिनमें आज का दुबई भी शामिल है का प्रशासन कभी ब्रिटिश भारत के हिस्से के तौर पर चलाया जाता था।</p>
<p><strong>क्या है वो अनजाना अध्याय?</strong><br>
और भी हैरानी की बात यह है कि आजादी के समय ब्रिटिश अधिकारियों ने कुछ समय के लिए इस बात पर विचार किया था कि बंटवारे के बाद ये इलाके भारत के पास रहने चाहिए या पाकिस्तान का हिस्सा बन जाने चाहिए। डैलरिम्पल ने अपनी किताब शैटर्ड लैंड्स के बारे में बात करते हुए इंस्टाग्राम पर इस अनजाने अध्याय का जिक्र किया है।</p>
<p>यह उस दौर पर रोशनी डालता है जब इस इलाके का राजनीतिक नक्शा आज के नक्शे से बिल्कुल अलग था। कई दशकों तक खाड़ी के ज्यादातर हिस्से का प्रशासन लंदन से नहीं चलाया जाता था। इसके बजाय, ब्रिटिश भारतीय साम्राज्य के हिस्से के तौर पर इसे दिल्ली से नियंत्रित किया जाता था।</p>
<p><strong>'दुबई था भारत का हिस्सा'</strong><br>
इस पोस्ट में सैम डैलरिम्पल बताते हैं, "अदन से लेकर कुवैत तक अरब के संरक्षित इलाकों (प्रोटेक्टोरेट्स) का शासन दिल्ली से चलता था। इनकी देखरेख इंडियन पॉलिटिकल सर्विस करती थी, सुरक्षा भारतीय सैनिक संभालते थे और ये भारत के वायसराय के प्रति जवाबदेह थे। 1889 के इंटरप्रिटेशन एक्ट के तहत कानूनी तौर पर इन सभी संरक्षित इलाकों को भारत का ही हिस्सा माना जाता था।"</p>
<p>ये रिश्ते उतने ही गहरे थे, जितना कि बहुत से लोग समझते हैं। अबू धाबी भारत की रियासतों की आधिकारिक सूची में शामिल था और वायसराय लॉर्ड कर्जन ने तो ओमान को ब्रिटिश भारत की रियासत जैसा दर्जा देने का प्रस्ताव भी रखा था।</p>
<p><strong>'जारी किए जाते थे भारतीय पासपोर्ट'</strong><br>
यहां तक कि आधुनिक यमन में अदन तक भारतीय पासपोर्ट जारी किए जाते थे। अदन भारत का सबसे पश्चिमी बंदरगाह था और बॉम्बे प्रांत के हिस्से के तौर पर उसका प्रशासन चलाया जाता था।</p>
<p>एक्स पर किए गए एक पोस्ट में डैलरिम्पल कहते हैं, "ब्रिटिश भारत में हर कोई इंडियन एम्पायर पासपोर्ट पाने का हकदार था। यमन की एक यहूदी महिला, जो बालफोर घोषणा के बाद यरूशलेम जाना चाहती थी उसे भारतीय पासपोर्ट पर ही जाना पड़ा क्योंकि दक्षिण यमन में पैदा होने की वजह से वह कानूनी तौर पर भारतीय थी।"</p>
<p><strong>'अरब के कई युवा खुद को मानते थे भारतीय'</strong><br>
जब 1931 में महात्मा गांधी ने शहर का दौरा किया तो उन्होंने पाया कि अरब में कई युवा खुद को भारतीय राष्ट्रवादी मानते थे। जब 1947 में अंग्रेज उपमहाद्वीप छोड़ने की तैयारी कर रहे थे तो एक अहम सवाल उठा कि अंग्रेजी शासन खत्म होने के बाद इन खाड़ी के संरक्षित क्षेत्रों का प्रशासन कौन संभालेगा?</p>
<p><strong>भारत ने ठुकराया प्रस्ताव</strong><br>
असल में अंग्रेजों ने भविष्य की भारतीय सरकार को खाड़ी क्षेत्र की पेशकश की थी, लेकिन सरकार ने इसे ठुकरा दिया। डैलरिम्पल बताते हैं कि ब्रिटिश अधिकारियों के बीच कुछ समय के लिए इस बात पर बहस हुई थी कि क्या आजाद भारत या नए बने पाकिस्तान को फारस की खाड़ी का कामकाज संभालने की इजाजत दी जाए।</p>
<p>हालांकि, इस प्रस्ताव को ज्यादा समर्थन नहीं मिला। तेहरान में ब्रिटिश मिशन के एक सदस्य ने हैरानी जाहिर करते हुए लिखा कि दिल्ली के अधिकारियों के बीच इस बात पर साफ सहमति थी कि फारस की खाड़ी में भारत सरकार की कोई खास दिलचस्पी नहीं थी।</p>
<p><strong>जिम्मेदारी को लेकर चिंताएं</strong><br>
ब्रिटिश प्रशासन के भीतर इस इलाके की जिम्मेदारी सौंपने को लेकर भी चिंताएं थीं। खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले विलियम हे ने कहा, "खाड़ी के अरब लोगों के साथ व्यवहार करने की जिम्मेदारी भारतीयों या पाकिस्तानियों को सौंपना साफ तौर पर अनुचित होता।"</p>
<p>उस फैसले ने इतिहास की धारा ही बदल दी। 1 अप्रैल 1947 को यानी भारत और पाकिस्तान को आजादी मिलने से कुछ महीने पहले दुबई समेत खाड़ी के संरक्षित राज्यों (प्रोटेक्टोरेट्स) को ब्रिटिश भारत से औपचारिक रूप से अलग कर दिया गया।</p>
<p>बाद में जब इन दो नए देशों ने सैकड़ों रियासतों को अपने में मिलाना शुरू किया तो अरब के शेख-शासित राज्य उस प्रक्रिया का हिस्सा नहीं रहे। अगर घटनाएं अलग तरह से घटी होतीं तो आज पश्चिम एशिया का राजनीतिक नक्शा बहुत अलग होता।</p>]]> </content:encoded>
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<title>छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन बनी महिलाओं के स्वाभिमान की डोर</title>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 20:03:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>छत्तीसगढ़, की, महतारी, वंदन, बनी, महिलाओं, के, स्वाभिमान, की, डोर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के अटूट स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के वादे का प्रतीक है। इस पावन पर्व से ठीक पहले विष्णु भैय्या की छत्तीसगढ़ सरकार ‘महतारी वंदन योजना’ ने जिले की हज़ारों महिलाओं के जीवन में स्वाभिमान और आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई मिठास घोल दी है।</p>
<p>योजना के तहत सीधे बैंक खातों में पहुंची राशि बहनों के लिए केवल एक आर्थिक मदद नहीं, बल्कि महिलाओं के लिए अपने सामर्थ्य से त्योहार की खुशियां मनाने का सशक्त माध्यम बन गई है।</p>
<p><strong>अब किसी के आगे हाथ फैलाने की ज़रूरत नहीं</strong><br>
धमतरी  जिले की मुजगहन निवासी मंजू यादव, धमतरी की शिवानी साहू और पोटियाडीह की मीनाक्षी निर्मलकर के लिए यह योजना उनके आत्मसम्मान का संबल बनी है। मुजगहन की मंजू यादव चेहरे पर बिखरी खुशी के साथ बताती हैं कि इस बार विष्णु भैय्या के भेजे पैसे से रक्षाबंधन पर अपने लिए नई साड़ी खरीदूंगी। महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि से अपनी छोटी-छोटी ज़रूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। धमतरी की शिवानी साहू  अनुभव साझा करते हुए कहती हैं कि पहले बच्चों के लिए त्योहार पर मिठाई या छोटी-मोटी चीज़ें लेने के लिए भी दूसरों की मदद लेनी पड़ती थी। अब इस राशि से मैं खुद बच्चों के लिए मिठाई और ज़रूरी सामान खरीद रही हूँ।इसी तरह पोटियाडीह की मीनाक्षी निर्मलकर के लिए यह पर्व और भी खास हो गया है। वे कहती हैं, इस बार अपने भाइयों के लिए राखी, मिठाई और उपहार मैं अपने खुद के पैसों से खरीदूँगी। त्योहार से ठीक पहले मिली यह राशि किसी भाई के अनमोल उपहार से कम नहीं है।</p>
<p><strong>मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार</strong><br>
लाभार्थी महिलाओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति सहृदय आभार व्यक्त करते हुए उन्हें अपना श्बड़ा भाईश् बताया। महिलाओं का कहना है कि हर महीने नियमित मिलने वाली इस वित्तीय सहायता से न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ा है, बल्कि वे अपने परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में भी अधिक सक्षम महसूस कर रही हैं।</p>
<p><strong>महिला सशक्तिकरण का नया दौर</strong><br>
महतारी वंदन योजना राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रही है। नियमित आर्थिक संबल मिलने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाएं अपनी व्यक्तिगत ज़रूरतों, बच्चों की पढ़ाई, घरेलू खर्चों और तीज-त्योहारों की तैयारियों को बिना किसी आर्थिक तंगी के पूरा कर पा रही हैं। रक्षाबंधन के मुहाने पर मिली यह राशि राज्य की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता, स्वाभिमान और आर्थिक सुरक्षा का सच्चा उपहार बनकर उभरी है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>Surya Ketu Yuti 2026: सिंह राशि में सूर्य&#45;केतु की युति से इन राशियों की चमकेगी किस्मत, करियर में मिलेगा बड़ा फायदा</title>
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<description><![CDATA[ वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रहों की युति का प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग देखने को मिलता है। 17 अगस्त 2026 में सिंह राशि में सूर्य और केतु की युति बनने जा रही है। सूर्य को आत्मविश्वास, नेतृत्व, मान-सम्मान और सरकारी कार्यों का कारक माना जाता है, जबकि केतु आध्यात्मिकता, शोध, रहस्य और अप्रत्याशित परिणामों … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 20:02:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Surya, Ketu, Yuti, 2026:, सिंह, राशि, में, सूर्य-केतु, की, युति, से, इन, राशियों, की, चमकेगी, किस्मत, करियर, में, मिलेगा, बड़ा, फायदा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रहों की युति का प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग देखने को मिलता है। 17 अगस्त 2026 में सिंह राशि में सूर्य और केतु की युति बनने जा रही है। सूर्य को आत्मविश्वास, नेतृत्व, मान-सम्मान और सरकारी कार्यों का कारक माना जाता है, जबकि केतु आध्यात्मिकता, शोध, रहस्य और अप्रत्याशित परिणामों का प्रतिनिधित्व करता है। इन दोनों ग्रहों का एक साथ आना कुछ राशियों के लिए करियर, व्यवसाय और आर्थिक मामलों में सकारात्मक संकेत दे सकता है।</p>
<p><strong>इन राशियों को मिल सकता है विशेष लाभ</strong></p>
<p><strong>सिंह राशि</strong><br>
सिंह राशि के जातकों के लिए यह युति प्रभावशाली साबित हो सकती है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिलने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त हो सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने के योग बन सकते हैं। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ सकती है।</p>
<p><strong>धनु राशि</strong><br>
धनु राशि के लोगों के लिए भाग्य का साथ मिलने की संभावना है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। नौकरी बदलने की योजना बना रहे लोगों को अच्छे अवसर प्राप्त हो सकते हैं। व्यापार में विस्तार और नई योजनाओं से लाभ मिलने के संकेत हैं।</p>
<p><strong>मेष राशि</strong><br>
मेष राशि वालों के लिए यह समय रचनात्मक कार्यों और करियर में उन्नति का माना जा सकता है। निवेश से जुड़े मामलों में सोच-समझकर लिया गया निर्णय भविष्य में लाभ दे सकता है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है और कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है।</p>
<p><strong>मिथुन राशि</strong><br>
मिथुन राशि के जातकों के लिए यह ग्रह योग संचार, व्यापार और नई साझेदारियों में लाभदायक साबित हो सकता है। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है।</p>
<p><strong>सूर्य-केतु युति का सामान्य प्रभाव</strong><br>
इस ग्रह संयोग के दौरान कई लोगों में आत्मविश्लेषण की भावना बढ़ सकती है। कुछ लोगों को करियर की दिशा बदलने या नए अवसरों पर विचार करने का मौका मिल सकता है। हालांकि किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले अपनी व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार योग्य ज्योतिषी से सलाह लेना उचित माना जाता है।</p>
<p><strong>निष्कर्ष: </strong>सिंह राशि में बनने वाली सूर्य-केतु की युति कुछ राशियों के लिए करियर, आर्थिक प्रगति और नए अवसर लेकर आ सकती है। हालांकि ग्रहों का प्रभाव प्रत्येक व्यक्ति की जन्म कुंडली, दशा और गोचर पर भी निर्भर करता है। इसलिए किसी भी भविष्यवाणी को सामान्य ज्योतिषीय संकेत के रूप में ही देखें।</p>]]> </content:encoded>
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<title>पीएमएफई योजना से मिली नई दिशा, आधुनिक मशीनों से बढ़ा कारोबार</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर. खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिले के ग्राम अतरिया निवासी 35 वर्षीय प्रो. जितेन्द्र कुमार धनकर ने कृषि परिवार से होने के बावजूद स्वरोजगार को अपनाकर फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। बी.एससी. एग्रीकल्चर शिक्षित जितेन्द्र कुमार ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) का लाभ लेकर अपने व्यवसाय को आधुनिक स्वरूप … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 19:31:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>पीएमएफई, योजना, से, मिली, नई, दिशा, आधुनिक, मशीनों, से, बढ़ा, कारोबार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिले के ग्राम अतरिया निवासी 35 वर्षीय प्रो. जितेन्द्र कुमार धनकर ने कृषि परिवार से होने के बावजूद स्वरोजगार को अपनाकर फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।</p>
<p>बी.एससी. एग्रीकल्चर शिक्षित जितेन्द्र कुमार ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) का लाभ लेकर अपने व्यवसाय को आधुनिक स्वरूप दिया और सीमित स्तर से शुरू कारोबार को आगे बढ़ाया। जितेन्द्र कुमार ने “धनकर एंटरप्राइजेज (एमएफजी यूनिट)” की शुरुआत 16 मार्च 2022 को की। उनके उद्यम में लीची जूस, मैंगो जूस, ऑरेंज जूस, भेल, मसाला मुरमुरा, चना मिक्स, नमकीन सहित विभिन्न खाद्य उत्पादों का निर्माण एवं पैकेजिंग किया जाता है।</p>
<p><strong>पीएमएफएमई से पहले सीमित था व्यवसाय का दायरा</strong><br>
पीएमएफएमई योजना से पहले जितेन्द्र कुमार का व्यवसाय मुख्य रूप से मौसमी उत्पादों तक सीमित था। इस दौरान उनकी मासिक आय लगभग 10 हजार रुपये थी और व्यवसाय के विस्तार की संभावनाएं सीमित थीं। इसी दौरान उन्हें जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र (डीटीआईसी) के माध्यम से प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना की जानकारी मिली। विभागीय मार्गदर्शन प्राप्त कर उन्होंने योजना के तहत आवेदन किया और आवश्यक प्रशिक्षण भी प्राप्त किया।</p>
<p><strong>35 प्रतिशत सब्सिडी से मिला व्यवसाय विस्तार का अवसर</strong><br>
पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत बैंक ऑफ बड़ौदा, छुईखदान से जितेन्द्र कुमार को 6.30 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इसमें उन्हें 2.45 लाख रुपये की 35 प्रतिशत सब्सिडी का लाभ मिला। इस वित्तीय सहायता से उन्होंने अपने उद्यम में आधुनिक मशीनें स्थापित कीं और उत्पादन, पैकेजिंग तथा ब्रांडिंग को बेहतर बनाने पर काम किया। उद्यम में वीएफएफएस पैकिंग मशीन, एयर कम्प्रेसर, मिक्सर मशीन और ड्रायर मशीन जैसी आधुनिक मशीनों की स्थापना की गई। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ी और खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग को भी बेहतर स्वरूप मिला।</p>
<p><strong>मौसमी कारोबार से नियमित उत्पादन तक का सफर</strong><br>
पीएमएफएमई योजना का लाभ मिलने के बाद धनकर एंटरप्राइजेज के कारोबार में उल्लेखनीय बदलाव आया। पहले जहां व्यवसाय मुख्य रूप से मौसमी उत्पादों पर निर्भर था, वहीं अब नमकीन, मसाला मुरमुरा, चना मिक्स सहित अन्य उत्पादों का नियमित उत्पादन एवं पैकेजिंग किया जा रहा है। आधुनिक मशीनों और बेहतर पैकेजिंग से उत्पादों को स्थानीय बाजार के साथ नए बाजारों तक पहुंचाने में भी मदद मिली। वर्तमान में उद्यम में प्रतिदिन लगभग 2,000 से 2,500 रुपये की बिक्री हो रही है। वहीं उनकी मासिक आय बढ़कर लगभग 30 हजार रुपये तक पहुंच गई है।</p>
<p><strong>5 स्थानीय लोगों को मिला रोजगार</strong><br>
जितेन्द्र कुमार की सफलता केवल उनके स्वयं के व्यवसाय तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके उद्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं। वर्तमान में 5 स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। उनका लक्ष्य आने वाले समय में उत्पादन क्षमता का विस्तार कर और अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है।</p>
<p><strong>स्थानीय बाजार में बनी ‘धनकर एंटरप्राइजेज’ की पहचान</strong><br>
पीएमएफएमई योजना के सहयोग से जितेन्द्र कुमार ने अपने उद्यम को आधुनिक स्वरूप देने के साथ-साथ ‘धनकर एंटरप्राइजेज’ ब्रांड की स्थानीय बाजार में पहचान बनाने में सफलता हासिल की है। आधुनिक मशीनरी, बेहतर पैकेजिंग और नियमित उत्पादन ने उनके व्यवसाय को नई दिशा दी है।जितेन्द्र कुमार का लक्ष्य आने वाले समय में अपने ब्रांड को जिले और राज्य स्तर पर स्थापित करना तथा फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में अपने व्यवसाय का और अधिक विस्तार करना है।</p>
<p><strong>आवेदक का संदेश</strong><br>
“पीएमएफएमई योजना ने मेरे छोटे व्यवसाय को नई दिशा और नई पहचान दी है। आधुनिक मशीनें, बैंक ऋण और 35 प्रतिशत सब्सिडी की सहायता से मैं अपने उद्योग का विस्तार कर पाया। आज मेरा व्यवसाय निरंतर बढ़ रहा है और मैं स्थानीय लोगों को रोजगार भी दे रहा हूं। मेरा संदेश है कि हर युवा सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़े।”</p>]]> </content:encoded>
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<title>केंद्र सरकार की 1,847 बड़ी परियोजनाओं पर ₹21.97 लाख करोड़ खर्च, 709 प्रोजेक्ट्स में 80% काम पूरा</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली देश में सड़क, रेलवे, बिजली, बंदरगाह और दूसरे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर सरकार का खर्च लगातार बढ़ रहा है. केंद्र की निगरानी में चल रही 1,847 बड़ी परियोजनाओं पर जून 2026 तक 21.97 लाख करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं. इन प्रोजेक्ट्स के लिए कुल 40.54 लाख करोड़ रुपये का बजट तय किया … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 19:31:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>केंद्र, सरकार, की, 1, 847, बड़ी, परियोजनाओं, पर, ₹21.97, लाख, करोड़, खर्च, 709, प्रोजेक्ट्स, में, 80, काम, पूरा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>देश में सड़क, रेलवे, बिजली, बंदरगाह और दूसरे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर सरकार का खर्च लगातार बढ़ रहा है. केंद्र की निगरानी में चल रही 1,847 बड़ी परियोजनाओं पर जून 2026 तक 21.97 लाख करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं. इन प्रोजेक्ट्स के लिए कुल 40.54 लाख करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है. यानी तय रकम का 54 फीसदी से ज्यादा हिस्सा खर्च हो चुका है। </p>
<p>सरकार के मुताबिक, कई परियोजनाएं अब पूरी होने के करीब हैं. करीब 709 प्रोजेक्ट्स में 80 फीसदी से ज्यादा काम पूरा हो चुका है. वहीं 337 परियोजनाओं में 80 फीसदी से ज्यादा वित्तीय खर्च किया जा चुका है. इन प्रोजेक्ट्स को देश की कनेक्टिविटी, आर्थिक विकास और रोजगार के लिए अहम माना जा रहा है। </p>
<p><strong>सबसे ज्यादा प्रोजेक्ट ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स से जुड़े</strong><br>
सरकार के आंकड़ों में ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर सबसे आगे है. इस क्षेत्र में 1,341 बड़ी परियोजनाएं चल रही हैं. इनकी कुल अनुमानित लागत 22.32 लाख करोड़ रुपये है. इसमें सड़क, रेलवे और दूसरे कनेक्टिविटी से जुड़े काम शामिल हैं। </p>
<p>इन परियोजनाओं का मकसद देश के अलग-अलग हिस्सों को बेहतर तरीके से जोड़ना है. सड़क और रेलवे नेटवर्क मजबूत होने से लोगों और सामान की आवाजाही आसान हो सकती है. इससे कारोबार को भी फायदा मिल सकता है। </p>
<p>बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का असर सिर्फ निर्माण तक सीमित नहीं रहता. इनके लिए बड़ी संख्या में लोगों और कंपनियों की जरूरत होती है. इससे सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर बनते हैं. बेहतर सड़क, रेल और बंदरगाह सुविधाएं लंबे समय में उद्योग और व्यापार की लागत कम करने में भी मदद कर सकती हैं। </p>
<p><strong>150 करोड़ से बड़े प्रोजेक्ट्स की ऑनलाइन निगरानी</strong><br>
सरकार इन बड़ी परियोजनाओं की प्रगति पर नजर रखने के लिए PAIMANA डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रही है. इसे Ministry of Statistics and Programme Implementation (MoSPI) ने तैयार किया है। </p>
<p>इस प्लेटफॉर्म के जरिए 150 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा लागत वाली केंद्र सरकार की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की निगरानी की जाती है. इससे सरकार को यह पता लगाने में मदद मिलती है कि किसी प्रोजेक्ट पर कितना काम हुआ है और कितना पैसा खर्च किया गया है। </p>
<p>सरकार ने 16 अप्रैल 2026 को एक नया Performance Monitoring Dashboard भी शुरू किया. इसका मकसद अलग-अलग इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के प्रदर्शन को एक ही जगह पर देखने की सुविधा देना है। </p>
<p>इस डैशबोर्ड में अब 165 अलग-अलग इंडिकेटर्स शामिल हैं. इसमें पहले के मुकाबले 54 नए इंडिकेटर्स  जोड़े गए हैं. इनके जरिए अलग-अलग सेक्टर की स्थिति को ज्यादा विस्तार से समझने की कोशिश की जा रही है </p>
<p><strong>बिजली से लेकर रेलवे और पोर्ट्स तक नजर</strong><br>
नए डैशबोर्ड में इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े छह प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया है. इनमें बिजली, सिविल एविएशन, टेलीकॉम, रेलवे, सड़क और पोर्ट्स, शिपिंग एवं जलमार्ग शामिल हैं। </p>
<p>इस सिस्टम की मदद से अधिकारी किसी सेक्टर की मौजूदा स्थिति को पहले के आंकड़ों से भी तुलना कर सकते हैं. इसमें साल-दर-साल और महीने-दर-महीने बदलाव देखे जा सकते हैं. इसके अलावा तय लक्ष्य के मुकाबले प्रदर्शन और कुछ क्षेत्रों में क्षमता के इस्तेमाल की जानकारी भी मिलती है। </p>
<p>सरकार का कहना है कि एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इन आंकड़ों को रखने से अलग-अलग इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के बीच तुलना करना आसान होगा. इससे नीतियां बनाने और जरूरी कदम उठाने में मदद मिल सकती है. केंद्र की बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर आधे से ज्यादा तय खर्च हो चुका है. कई प्रोजेक्ट अब पूरा होने के करीब हैं। </p>]]> </content:encoded>
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<title>बाइक में 1&#45;2 नहीं लगे थे 500 हॉर्न! पुलिस ने लिया एक्शन, Video हुआ वायरल</title>
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<description><![CDATA[ हरिद्वार हरिद्वार में चल रही कांवड़ यात्रा के बीच अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं. उत्तराखंड से जुड़े राज्यों के लाखों कांवड़िए गंगा जल लेने हरिद्वार पहुंच रहे हैं. कांवड़ मेले में श्रद्धालु दूसरों का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए अलग-अलग तरह के प्रयोग करते नजर आ रहे हैं. इसी दौरान 500 हॉर्न … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 19:31:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>बाइक, में, 1-2, नहीं, लगे, थे, 500, हॉर्न, पुलिस, ने, लिया, एक्शन, Video, हुआ, वायरल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>हरिद्वार</strong></p>
<p>हरिद्वार में चल रही कांवड़ यात्रा के बीच अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं. उत्तराखंड से जुड़े राज्यों के लाखों कांवड़िए गंगा जल लेने हरिद्वार पहुंच रहे हैं. कांवड़ मेले में श्रद्धालु दूसरों का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए अलग-अलग तरह के प्रयोग करते नजर आ रहे हैं. इसी दौरान 500 हॉर्न लगी एक बाइक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। </p>
<p>जानकारी के मुताबिक, यह बाइक फरीदाबाद के रहने वाले अमन की बताई जा रही है. बाइक को सामान्य तरीके से मॉडिफाई करने के बजाय इसमें करीब 500 हॉर्न लगाए गए थे. इतनी बड़ी संख्या में हॉर्न लगी बाइक जब सड़कों पर दिखाई दी तो लोगों का ध्यान उसकी ओर चला गया. इसी बाइक को हरिद्वार पुलिस ने शंकराचार्य चौक पर रोक लिया। </p>
<p>पुलिस ने जांच के बाद बाइक को मॉडिफाइड पाए जाने पर सीज कर दिया. कार्रवाई के बाद जब पुलिसकर्मी बाइक को कनखल थाने लेकर जा रहा था, तभी किसी व्यक्ति ने इसका वीडियो बना लिया. देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और 500 हॉर्न वाली बाइक चर्चा का विषय बन गई। </p>
<p><strong>शंकराचार्य चौक पर पुलिस ने रोकी बाइक</strong><br>
कांवड़ मेले के दौरान हरिद्वार की सड़कों पर बड़ी संख्या में वाहन और श्रद्धालु मौजूद हैं. ऐसे में नियमों के विपरीत मॉडिफाइड वाहनों को लेकर पुलिस लगातार निगरानी कर रही है. इसी दौरान शंकराचार्य चौक पर पुलिस की नजर अमन की इस बाइक पर पड़ी. बाइक में लगे सैकड़ों हॉर्न देखकर पुलिस ने उसे रोककर कार्रवाई की। </p>
<p>कनखल थाने के एसएसआई अनुज कुमार ने बताया कि बाइक को 7 अगस्त को शंकराचार्य चौक पर सीज किया गया था. उन्होंने कहा कि बाइक में 500 हॉर्न लगाए गए थे और उसे मॉडिफाई किया गया था. इसी वजह से वाहन का चालान किया गया और बाइक को सीज कर दिया गया। </p>
<p>पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के बाद बाइक को कनखल थाने ले जाया गया. इसी दौरान बाइक पर लगे सैकड़ों हॉर्न लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गए. किसी ने इसका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल होने लगा। </p>
<p><strong>कांवड़ मेले में अनोखा अंदाज पड़ा भारी</strong><br>
हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान इस तरह के अलग-अलग वाहन और सजावट अक्सर लोगों का ध्यान खींचते हैं. हालांकि, वाहन में नियमों के विपरीत बदलाव करना चालक के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है. 500 हॉर्न वाली इस बाइक के मामले में भी पुलिस ने मॉडिफिकेशन को आधार बनाकर कार्रवाई की है। </p>
<p>फिलहाल, बाइक पुलिस के कब्जे में है और उसे सीज किया जा चुका है. इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद लोग बाइक में लगाए गए हॉर्न की संख्या को लेकर हैरानी जता रहे हैं. पुलिस की कार्रवाई के बाद यह मामला कांवड़ मेले की चर्चित घटनाओं में शामिल हो गया है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>Google ला रहा बिना स्क्रीन वाला Fitbit Air, 7 दिन चलेगी बैटरी, जानें फीचर्स</title>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 18:33:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p>Google एक फिटनेस ट्रैकर लेकर आ रहा है, जिसका नाम Google Fitbit Air होगा. यह एक बिना स्क्रीन वाला डिवाइस होगा और इसे भारत में इस साल अक्टूबर में लॉन्च किया जाएगा. कंपनी ने गूगल पिक्सल 11 सीरीज की लॉन्चिंग के दौरान बताया है कि भारत में फिटनेस ट्रैकर लेकर आ रहा है l</p>
<p>भारत में बिना डिस्प्ले वाले फिटनेस ट्रैकर काफी पॉपुलर हो रहे हैं. विराट कोहली समेत कई एथलीट बिना डिस्प्ले वाले फिटनेस ट्रैकर को पहनते हैं, जिसका नाम Whoop है. ऐसे में गूगल इस रेस में पीछे नहीं रहना चाहता है l</p>
<p>दोबारा गूगल के अपकमिंग डिवाइस पर लौटते हैं. बताते हैं कि Fitbit Air  एक 12 ग्राम वजनी प्रोडक्ट होगा. कंपनी ने इसमें डिस्प्ले ना देने का फैसला किया है, साथ ही इसमें हार्ट रेट ट्रैकर दिया जाएगा l</p>
<p><strong>Fitbit Air के फीचर्स</strong><br>
Fitbit Air के फीचर्स की बात करें तो इसमें हार्ड रेट ट्रैकर, ब्लड ऑक्सीजन, वर्कआउट डिटेक्ट करने के लिए सेंसर दिए जाएंगे. इसके बाद Fitbit Air का डेटा सीधा गूगल हेल्थ ऐप पर देखा जा सकता है. अपने स्मार्टफोन को फिटनेस बैंड से कनेक्ट करना होगा l  </p>
<p><strong>Fitbit Air सिंगल चार्ज में 7 दिन चलेगा</strong><br>
बैटरी लाइफ को लेकर जानकारी दी है कि एक बार फुल चार्जिंग के बाद 7 दिन तक का बैटरी बैकअप मिलेगा. फिटनेस ट्रैकर के अंदर AI पर काम करने वाले हेल्थ इनसाइट भी दिए जाएंगे. हालांकि गूगल ने इवेंट के दौरान ये डिटेल्स में स्पेसिफिकेशन्स के बारे में नहीं बताया है l</p>
<p><strong>Fitbit Air की संभावित कीमत</strong><br>
गूगल ने Fitbit Air की कीमत का ऐलान नहीं किया है, लेकिन ग्लोबल मार्केट में यह डिवाइस करीब 99.99 अमेरिकी डॉलर (करीब 9500 रुपये) में सेल किया जाएगा. कंपनी ने अभी तक लॉन्च डेट का ऐलान नहीं किया है l </p>]]> </content:encoded>
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<title>AI Cyber Attack Alert: अगले 2 साल में सैटेलाइट सिस्टम पर मंडरा सकता है बड़ा खतरा, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली  आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जहां एक ओर नई तकनीकी क्रांति का प्रतीक बन चुका है, वहीं साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ इसके संभावित दुरुपयोग को लेकर गंभीर चिंता जता रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि AI आधारित साइबर हमलों को समय रहते नहीं रोका गया, तो आने वाले दो वर्षों में पृथ्वी की कक्षा … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 18:31:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली </strong><br>
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जहां एक ओर नई तकनीकी क्रांति का प्रतीक बन चुका है, वहीं साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ इसके संभावित दुरुपयोग को लेकर गंभीर चिंता जता रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि AI आधारित साइबर हमलों को समय रहते नहीं रोका गया, तो आने वाले दो वर्षों में पृथ्वी की कक्षा में मौजूद सैटेलाइट नेटवर्क गंभीर खतरे में पड़ सकते हैं।</p>
<p><strong>AI से कैसे बढ़ सकता है खतरा?</strong><br>
विशेषज्ञों के अनुसार आधुनिक AI सिस्टम बहुत कम समय में किसी भी सॉफ्टवेयर की कमजोरियों (Vulnerabilities) की पहचान कर सकते हैं। यही क्षमता अगर साइबर अपराधियों के हाथ लग जाए तो वे सैटेलाइट कंट्रोल सिस्टम में सेंध लगाने की कोशिश कर सकते हैं। इससे सैटेलाइट का नियंत्रण प्रभावित होने और उनके गलत दिशा में संचालित होने का खतरा बढ़ सकता है।</p>
<p><strong>सैटेलाइट टकराव से क्या होगा नुकसान?</strong><br>
अगर किसी साइबर हमले के कारण एक या अधिक सैटेलाइट अपनी निर्धारित कक्षा से भटक जाएं और आपस में टकरा जाएं, तो अंतरिक्ष में मलबे (Space Debris) की मात्रा तेजी से बढ़ सकती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसी स्थिति में अन्य सैटेलाइट भी प्रभावित हो सकते हैं, जिससे एक श्रृंखलाबद्ध दुर्घटना (Cascade Effect) की आशंका पैदा हो सकती है।</p>
<p><strong>किन सेवाओं पर पड़ सकता है असर?</strong><br>
आज दुनिया की कई महत्वपूर्ण सेवाएं सैटेलाइट नेटवर्क पर निर्भर हैं। इनमें शामिल हैं—</p>
<ul>
<li>GPS और नेविगेशन</li>
<li>मोबाइल और इंटरनेट संचार</li>
<li>बैंकिंग एवं डिजिटल भुगतान</li>
<li>मौसम पूर्वानुमान</li>
<li>रक्षा और सैन्य संचार</li>
<li>विमानन एवं समुद्री परिवहन</li>
</ul>
<p>यदि सैटेलाइट नेटवर्क प्रभावित होता है, तो इन सेवाओं में व्यापक व्यवधान आ सकता है।</p>
<p><strong>विशेषज्ञों ने क्या सलाह दी?</strong><br>
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सैटेलाइट सिस्टम की सुरक्षा को अब पहले से कहीं अधिक मजबूत बनाने की जरूरत है। उनका मानना है कि AI आधारित हमलों से बचाव के लिए उन्नत साइबर सुरक्षा, नियमित सॉफ्टवेयर अपडेट, लगातार निगरानी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग आवश्यक होगा। इससे भविष्य में संभावित बड़े साइबर संकट के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>67 साल की उम्र में ‘गॉसिप’ से कमाई! दावा&#45;चर्चा में महिला ने खरीदे 2 घर, अनोखी कहानी वायरल</title>
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<description><![CDATA[ बोगोटा सोचिए, जिस गॉसिप को लोग अक्सर सिर्फ पड़ोस की चुगली समझते हैं, वही किसी के लिए कमाई का जरिया बन जाए! दुनिया में पैसे कमाने के लिए लोग नौकरी, बिजनेस और तरह-तरह के काम करते हैं, लेकिन कोलंबिया की 67 साल की एक महिला ने ऐसा काम चुना, जिसे सुनकर आप भी हैरान रह … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 18:02:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>साल, की, उम्र, में, ‘गॉसिप’, से, कमाई, दावा-चर्चा, में, महिला, ने, खरीदे, घर, अनोखी, कहानी, वायरल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>बोगोटा</strong><br>
सोचिए, जिस गॉसिप को लोग अक्सर सिर्फ पड़ोस की चुगली समझते हैं, वही किसी के लिए कमाई का जरिया बन जाए! दुनिया में पैसे कमाने के लिए लोग नौकरी, बिजनेस और तरह-तरह के काम करते हैं, लेकिन कोलंबिया की 67 साल की एक महिला ने ऐसा काम चुना, जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे. महिला का दावा है कि वह लोगों की पर्सनल बातें और पड़ोस के सीक्रेट बातें चोरी-छिपे सुनती हैं और जरूरत पड़ने पर इन्हें पैसे के बदले दूसरों तक पहुंचाती हैं. हैरानी की बात तो यह है कि महिला के मुताबिक, इसी अनोखे काम से उन्होंने इतना पैसा कमाया कि दो घर तक खरीद लिए। </p>
<p>इस महिला का नाम मिरयम बताया गया है. वह खुद को ‘प्रोफेशनल गॉसिप’ यानी लोगों की बातें इकट्ठा करने वाली महिला बताती हैं. उनका कहना है कि उन्हें बचपन से ही आसपास के लोगों की बातें सुनने और जानने में काफी दिलचस्पी थी. वक्त के साथ यही दिलचस्पी उनकी पहचान बन गई और उन्होंने इसे कमाई के एक अनोखे तरीके में बदल दिया। </p>
<p><strong>घर के बाहर बैठकर सुनती हैं लोगों की बातें</strong><br>
मिरयम का तरीका भी काफी अलग है. रिपोर्ट के मुताबिक वह अक्सर अपने घर के बाहर बैठती हैं और आसपास के लोगों की बातचीत पर ध्यान देती हैं. उनके हाथ में एक नोटबुक भी रहती है, जिसमें वह जरूरी बातें लिखती जाती हैं. वह केवल बातें सुनने तक ही सीमित नहीं रहतीं. उनका दावा है कि वह नाम, तारीख और दूसरी जानकारियां भी नोट करती हैं. कुछ मामलों में उनके पास तस्वीरें भी होती हैं. उनका कहना है कि ऐसा करने से उन्हें अपनी बताई हुई बातों को याद रखने और उनके सही होने का दावा करने में मदद मिलती है. मिरयम के मुताबिक, पड़ोस में होने वाली छोटी-छोटी बातें भी लोगों के लिए काफी दिलचस्प होती हैं. इसलिए वह सामान्य गॉसिप के लिए भी पैसे लेती हैं। </p>
<p>5 हजार से शुरू होती है गॉसिप की कीमत<br>
रिपोर्ट के मुताबिक, मिरयम छोटी या सामान्य गॉसिप बताने के लिए 5,000 से 10,000 कोलंबियाई पेसो तक लेती हैं. अगर बात ज्यादा खास या चौंकाने वाली हो, तो वह ज्यादा पैसे मांगती हैं. मिरयम ने बताया कि एक बार उन्हें 7 लाख कोलंबियाई पेसो मिले थे. यह रकम एक व्यक्ति के अफेयर की बात किसी को न बताने के बदले दी गई थी. मिरयम का दावा है कि कई बार लोग खुद उनके पास आते हैं और उनसे कहते हैं कि किसी खास बात को दूसरों तक न पहुंचाया जाए. ऐसे मामलों में भी वह पैसे कमाने की बात कहती हैं। </p>
<p><strong>गॉसिप से खरीदें दो घर</strong><br>
सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात उनकी कमाई को लेकर है. मिरयम का दावा है कि इस अनोखे काम से हुई कमाई ने उन्हें दो घर खरीदने में मदद की. उन्होंने एक वीडियो इंटरव्यू के दौरान अपनी कमाई का हिस्सा भी दिखाया. उनका कहना है कि वह अपने दूसरे घर पर दोस्तों के साथ समय बिताती हैं. वहां बातचीत के दौरान उन्हें आसपास की नई-नई खबरें भी मिलती रहती हैं. यानी उनके लिए दोस्तों के साथ बैठना भी किसी तरह से जानकारी जुटाने का जरिया बन जाता है। </p>
<p><strong>खुद को बताती हैं ‘गॉसिप की क्वीन’</strong><br>
मिरयम को अपने इस काम पर काफी भरोसा है. वह खुद को पड़ोस की ‘गॉसिप क्वीन’ मानती हैं. उनका कहना है कि जहां लोग होंगे, वहां बातें भी होंगी और इसलिए गॉसिप का सिलसिला कभी खत्म नहीं होगा. उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके काम की नकल करने वाले दूसरे लोग भी अब इलाके में सामने आ गए हैं. यानी जिस काम को उन्होंने अपनी खास पहचान बनाया, उसे देखकर दूसरे लोगों ने भी कमाई का रास्ता अपनाने की कोशिश की। </p>
<p><strong>कहानी वायरल होने के बाद उठे सवाल</strong><br>
मिरयम की कहानी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं भी अलग-अलग हैं. कुछ लोगों को यह कमाई का तरीका बेहद मजेदार और अनोखा लग रहा है. वहीं कुछ लोग इसे लोगों की निजी जिंदगी में दखल देने वाला काम मान रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल यही है कि किसी व्यक्ति की निजी जानकारी को पैसे लेकर दूसरे लोगों तक पहुंचाना कितना सही है. खासकर तब, जब बात रिश्तों और परिवार से जुड़ी हो. हालांकि मिरयम का कहना है कि वह बिना सबूत के किसी बात को आगे नहीं बढ़ातीं। </p>
<p>यह पूरी कहानी एक वायरल इंटरव्यू और रिपोर्टों में मिरयम के दावों पर आधारित है. इससे यह साबित नहीं होता कि उनकी बताई हर जानकारी या दो घर खरीदने का दावा स्वतंत्र रूप से सही है. फिर भी उनकी कहानी ने यह जरूर दिखा दिया है कि सोशल मीडिया के दौर में लोगों की दिलचस्पी को कोई किस तरह एक अनोखे बिजनेस आइडिया में बदल सकता है. मिरयम की कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा यही है कि जिस चीज को आमतौर पर लोग सिर्फ पड़ोस की चुगली समझते हैं, उन्होंने उसी को अपने लिए कमाई का जरिया बना लिया। </p>]]> </content:encoded>
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<title>बांग्लादेश राष्ट्रपति चुनाव की उलटी गिनती शुरू, जानें कब होगा नामांकन और कब पड़ेगा वोट</title>
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<description><![CDATA[ ढाका. बांग्लादेश के निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को औपचारिक रूप से घोषणा की कि देश में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 20 अगस्त को कराया जाएगा। नामांकन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 13 अगस्त तय की गई है। यह चुनाव पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के अचानक इस्तीफे के बाद हो रहा है। निर्वाचन आयोग … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 18:02:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>बांग्लादेश, राष्ट्रपति, चुनाव, की, उलटी, गिनती, शुरू, जानें, कब, होगा, नामांकन, और, कब, पड़ेगा, वोट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>ढाका.</strong></p>
<p>बांग्लादेश के निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को औपचारिक रूप से घोषणा की कि देश में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 20 अगस्त को कराया जाएगा। नामांकन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 13 अगस्त तय की गई है। यह चुनाव पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के अचानक इस्तीफे के बाद हो रहा है।</p>
<p>निर्वाचन आयोग सचिवालय के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद ने गुरुवार को बताया कि मतदान 20 अगस्त को दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक जातीय संसद (राष्ट्रीय संसद) के सत्र कक्ष में होगा। संविधान के अनुसार राष्ट्रपति का चुनाव संसद के सदस्य करते हैं, जबकि चुनाव आयोग पूरी प्रक्रिया का संचालन करता है। अगर कोई सर्वसम्मत उम्मीदवार सामने आता है तो मतदान की जरूरत नहीं पड़ेगी।</p>
<p><strong>चुनाव का पूरा कार्यक्रम</strong><br>
अहमद ने बताया कि चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक नामांकन पत्र 13 अगस्त को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 4:00 बजे के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यालय में जमा किए जा सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) 16 अगस्त को पूर्वाह्न 10:00 बजे से शुरू होगी। उम्मीदवार 18 अगस्त को अपराह्न 4:00 बजे तक अपना नामांकन पत्र वापस ले सकते हैं। न्यूज एजेंसी बीएसएस के अनुसार, अख्तर अहमद ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा संसद के अध्यक्ष हाफिज उद्दीन अहमद से विस्तृत बातचीत के बाद की गई है। हाफिज उद्दीन अहमद संविधान के प्रावधानों के तहत 90 दिनों के लिए कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्य कर रहे हैं। संविधान के अनुसार इस 90 दिन की समय-सीमा के अंदर ही नए राष्ट्रपति का चुनाव पूरा होना जरूरी है। अहमद ने आगे कहा कि चुनाव के लिए मतदाता सूची पहले ही तैयार कर ली गई है और चुनाव से पहले बाकी सभी प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएंगी।</p>
<p><strong>24 जुलाई को मोहम्मद शहाबुद्दीन ने दिया था इस्तीफा</strong><br>
पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने 24 जुलाई को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। वे अप्रैल 2023 में पांच साल के कार्यकाल के लिए शपथ ले चुके थे। उनका कार्यकाल पूरा होने में अभी लगभग दो साल बाकी थे। 76 वर्षीय शहाबुद्दीन ने इस्तीफे का कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बताया। बता दें कि शहाबुद्दीन पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के लंबे समय से करीबी सहयोगी रहे हैं। वे 1971 के मुक्ति युद्ध के वयोवृद्ध और निचली न्यायपालिका के पूर्व न्यायाधीश थे। पिछली संसद ने उन्हें राष्ट्रपति चुना था। जुलाई-अगस्त 2024 में छात्रों के नेतृत्व में हुए हिंसक सड़क विरोध प्रदर्शनों के काफी समय बाद भी वे अपने संवैधानिक पद पर बने रहे थे। इन प्रदर्शनों ने शेख हसीना की अवामी लीग सरकार को गिरा दिया था। हसीना 5 अगस्त 2024 को भारत भाग गईं और तब से वहीं रह रही हैं। इस्तीफे के समय कुछ अटकलें भी लगाई गई थीं कि प्रधानमंत्री रहमान की सरकार नाममात्र के राष्ट्रपति पद से खुश नहीं थी। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि शहाबुद्दीन ने हसीना से फोन पर संपर्क किया था, जिससे सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के शीर्ष नेतृत्व में नाराजगी हुई। हालांकि पूर्व राष्ट्रपति ने इन रिपोर्टों को 'बेबुनियाद' करार दिया था।</p>
<p><strong>क्या है सदन की स्थिति</strong><br>
प्रधानमंत्री रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के पास 350 सदस्यों वाले सदन में दो-तिहाई बहुमत है। पार्टी ने अभी तक राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार तय नहीं किया है। चुनाव आयोग ने साफ कहा है कि कार्यक्रम की घोषणा संसद अध्यक्ष से परामर्श के बाद ही की गई है और पूरी प्रक्रिया संविधान के दायरे में पूरी की जाएगी।</p>]]> </content:encoded>
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<title>Inside Story: UPI पेमेंट बिल्कुल फ्री, फिर अरबों ट्रांजैक्शन का खर्च कौन उठाता है? जानिए पूरा खेल</title>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली भारत में UPI पेमेंट को लेकर एक बार फिर फीस लगाने की चर्चा तेज हो गई है. हालांकि, आम यूजर से कोई UPI चार्ज नहीं लिया जाएगा. सरकार ने स्पष्ट किया है कि आम UPI यूजर्स पर शुल्क लगाने का कोई फैसला नहीं हुआ है. संसद में हुए हालिया कानूनी बदलाव से भविष्य … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 18:02:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong></p>
<p>भारत में UPI पेमेंट को लेकर एक बार फिर फीस लगाने की चर्चा तेज हो गई है. हालांकि, आम यूजर से कोई UPI चार्ज नहीं लिया जाएगा. सरकार ने स्पष्ट किया है कि आम UPI यूजर्स पर शुल्क लगाने का कोई फैसला नहीं हुआ है. संसद में हुए हालिया कानूनी बदलाव से भविष्य में कुछ डिजिटल पेमेंट पर शुल्क या छूट तय करने का रास्ता जरूर खुला है, लेकिन इससे अपने आप UPI पर कोई फीस लागू नहीं होती। </p>
<p>सरकार ने साफ किया है कि आम यूजर्स के लिए UPI ट्रांजैक्शन फिलहाल मुफ्त रहेगा. यानी बैंक अकाउंट से किसी दोस्त या परिवार के सदस्य को पैसे भेजने या किसी दुकान पर UPI से भुगतान करने पर ग्राहक से अलग से शुल्क नहीं लिया जाएगा। </p>
<p>दरअसल, बहस का केंद्र Merchant Discount Rate यानी MDR है. यह वह शुल्क है, जो डिजिटल पेमेंट सिस्टम के इस्तेमाल पर आमतौर पर मर्चेंट से लिया जा सकता है. UPI के बैंक अकाउंट आधारित मर्चेंट ट्रांजैक्शन लंबे समय से जीरो-MDR मॉडल पर चल रहे हैं।</p>
<p><strong>संसद के बदलाव से क्यों बढ़ी चर्चा?</strong><br>
संसद से हुए कानूनी बदलाव ने सरकार को भविष्य में कुछ डिजिटल पेमेंट पर शुल्क या छूट से जुड़ा ढांचा तय करने की गुंजाइश दी है. हालांकि, यह अभी सिर्फ एक प्रावधान है. इसका मतलब यह नहीं है कि UPI पर तुरंत कोई नया शुल्क लागू हो गया है. असल सवाल यह है कि देश में हर दिन होने वाले अरबों UPI ट्रांजैक्शन के इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑपरेशन की लागत आखिर कौन उठाएगा। </p>
<p><strong>2016 में शुरू हुआ था UPI</strong><br>
यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी UPI की शुरुआत अप्रैल 2016 में नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने की थी. उस समय 21 बैंक इस सिस्टम से जुड़े थे और पहले महीने सिर्फ 373 ट्रांजैक्शन हुए थे. इसके बाद UPI ने तेजी से विस्तार किया. मई 2026 में UPI पर करीब 23.20 बिलियन यानी 2,320 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू लगभग ₹29.90 लाख करोड़ रही. FY2025-26 में UPI ने करीब 24,162 करोड़ ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए, जिनकी वैल्यू ₹314 लाख करोड़ से ज्यादा थी. सरकार के मुताबिक, देश के डिजिटल पेमेंट वॉल्यूम में UPI की हिस्सेदारी अब करीब 85% है। </p>
<p><strong>PhonePe और Google Pay क्या UPI हैं?</strong><br>
यहां एक अंतर समझना जरूरी है. PhonePe, Google Pay और Paytm खुद UPI नहीं हैं. ये ऐसे पेमेंट ऐप हैं, जिनके जरिए यूजर्स UPI नेटवर्क का इस्तेमाल करते हैं. UPI एक बेसिक डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर है, जो अलग-अलग बैंक खातों के बीच रियल टाइम में पैसे ट्रांसफर करने की सुविधा देता है. इसी वजह से अब छोटे पेमेंट के लिए बैंक अकाउंट नंबर और IFSC की जरूरत कम हो गई है. UPI ID, मोबाइल नंबर या QR कोड के जरिए भुगतान करना संभव है। </p>
<p><strong>छोटे कारोबारियों के लिए UPI क्यों अहम?</strong><br>
UPI ने ₹20, ₹50 और ₹100 जैसे छोटे भुगतान को भी डिजिटल बनाना आसान किया है. डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज के 2026 के आकलन के मुताबिक, 94% छोटे कारोबारियों ने UPI स्वीकार करने की बात कही. वहीं 72% व्यापारी डिजिटल पेमेंट से संतुष्ट थे और 57% ने कहा कि इससे उनकी बिक्री बढ़ी. इसी आकलन में 57% यूजर्स ने UPI को अपना पसंदीदा पेमेंट मोड बताया. 65% UPI यूजर्स ने रोजाना कई डिजिटल ट्रांजैक्शन करने की बात कही। </p>
<p><strong>मुफ्त UPI मॉडल की लागत कौन उठाता है?</strong><br>
जीरो-MDR मॉडल का मतलब यह है कि ज्यादातर बैंक अकाउंट आधारित UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR नहीं लिया जाता. सरकार ने इस मॉडल को बनाए रखने के लिए इंसेंटिव के जरिए समर्थन दिया है. डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज के मुताबिक, इसके लिए ₹8,276 करोड़ का बजटीय सपोर्ट दिया गया. अर्थशास्त्री अजीत रानाडे ने इसे ऐसी महत्वपूर्ण सब्सिडी बताया है, जिसने UPI को अंतिम यूजर के लिए मुफ्त बनाए रखने में मदद की है. RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा भी पहले यह सवाल उठा चुके हैं कि UPI के संचालन की लागत आखिर कोई न कोई चुका रहा है। </p>
<p><strong>बड़े कारोबारियों से MDR लेने की चर्चा</strong><br>
UPI की लागत को लेकर भविष्य में बड़े मर्चेंट से कुछ शुल्क लेने की चर्चा होती रही है. 2024 में NPCI के तत्कालीन MD और CEO दिलीप अस्बे ने कहा था कि बड़े मर्चेंट उचित चार्ज दे सकते हैं, जबकि छोटे कारोबारियों को इससे बचाया जाना चाहिए। </p>
<p>कुछ प्रस्तावित मॉडलों में ₹2,000 से अधिक के बड़े मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर 0.3% से 0.5% MDR की चर्चा हुई है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, ऐसे ट्रांजैक्शन कुल वॉल्यूम का करीब 4% हो सकते हैं, लेकिन वैल्यू के लिहाज से इनकी हिस्सेदारी करीब 67% है. दूसरी रिपोर्ट्स में 0.25% से 0.4% तक की संभावित दरों का जिक्र किया गया है. हालांकि, अभी न तो कोई अंतिम MDR दर तय हुई है और न ही कोई निश्चित थ्रेशोल्ड लागू हुआ है। </p>
<p><strong>क्या आम UPI यूजर पर पड़ेगा असर?</strong><br>
फिलहाल आम यूजर के लिए UPI इस्तेमाल करने का तरीका नहीं बदला है. दोस्त को ₹500 भेजना, परिवार के सदस्य को पैसे ट्रांसफर करना या किसी दुकान पर ₹200 का भुगतान करना अब भी बिना UPI चार्ज के किया जा सकता है. भविष्य में अगर कुछ बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR लागू किया जाता है, तो यह मुख्य रूप से मर्चेंट-साइड लागत होगी. मर्चेंट इस लागत को खुद वहन कर सकता है या अपने कारोबार की कीमतों में उसका कुछ हिस्सा शामिल कर सकता है. यह अभी तय नहीं है। </p>
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<title>Raksha Bandhan Special Train: घर जाने वालों के लिए खुशखबरी, रेलवे ने चलाई स्पेशल ट्रेन; जानें रूट और टाइमिंग</title>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 18:02:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Raksha, Bandhan, Special, Train:, घर, जाने, वालों, के, लिए, खुशखबरी, रेलवे, ने, चलाई, स्पेशल, ट्रेन, जानें, रूट, और, टाइमिंग</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
 गर्मी की छुट्टियों के बाद ट्रेनों में सावन माह में तीर्थ स्थलों पर जाने वाले यात्रियों की भीड़ है। ऐसे में ही रक्षा बंधन का पावन पर्व आ रहा है। एक तरफ बहनें, भाई को राखी बांधने आना चाहती हैं। दूसरी ओर भाई अपनी बहनों के घर जाने की योजना बना रहे हैं। परेशानी यह है कि दोनों को ट्रेन का कन्फर्म टिकट नहीं मिल रहा है। भाई-बहनों की इसी समस्या का समाधान करते हुए रेलवे ने रक्षा बंधन विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है।</p>
<p><strong>कई रूट पर विशेष ट्रेनें घोषित</strong><br>
इसी कड़ी में हजरत निजामुद्दीन से जबलपुर के बीच विशेष ट्रेन चलाने की घोषणा की गई है। अधिकारियों का कहना है कि प्रत्येक रूट पर भीड़ की समीक्षा की जा रही है। आवश्यकता के अनुरूप अन्य रूट पर भी विशेष ट्रेनें घोषित की जाएंगी।</p>
<p>जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन रक्षा बंधन विशेष (01701/01702) ट्रेन जबलपुर से 29 अगस्त को रात 8.20 बजे रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 2.25 बजे हजरत निजामुद्दीन पहुंचेगी। वापसी दिशा में 30 अगस्त को हजरत निजामुद्दीन से यह विशेष ट्रेन शाम पौने चार बजे चलेगी।</p>
<p>अगले दिन सुबह साढ़े नौ बजे यह जबलपुर पहुंचेगी। रास्ते में इसका ठहराव कटनी मुड़वारा, दमोह, सागर, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, ग्वालियर, धौलपुर, आगरा कैंट, मथुरा, कोसी कलां रेलवे स्टेशनों पर होगा।</p>]]> </content:encoded>
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<title>BMW X1 LWB की लॉन्च डेट फाइनल, 21 अगस्त को होगी एंट्री; कंपनी ने शुरू की बुकिंग</title>
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<description><![CDATA[ मुंबई  जर्मन कार कंपनी BMW भारतीय बाजार में अपनी नई BMW X1 लॉन्ग व्हीलबेस (LWB) को लॉन्च करने वाली है, लेकिन इससे पहले कंपनी ने इसकी बुकिंग शुरू कर दी है. जानकारी के अनुसार कंपनी इस कार को इस महीने के आखिर में 21 अगस्त को उतारने वाली है. कार कंपनी की इस एंट्री-लेवल SUV … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 17:32:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>BMW, LWB, की, लॉन्च, डेट, फाइनल, अगस्त, को, होगी, एंट्री, कंपनी, ने, शुरू, की, बुकिंग</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंबई </strong></p>
<p>जर्मन कार कंपनी BMW भारतीय बाजार में अपनी नई BMW X1 लॉन्ग व्हीलबेस (LWB) को लॉन्च करने वाली है, लेकिन इससे पहले कंपनी ने इसकी बुकिंग शुरू कर दी है. जानकारी के अनुसार कंपनी इस कार को इस महीने के आखिर में 21 अगस्त को उतारने वाली है. कार कंपनी की इस एंट्री-लेवल SUV का अब एक एक्सटेंडेड व्हीलबेस वर्जन भी लोगों के लिए उपलब्ध होगा. बता दें कि कंपनी ने इससे पहले ऑनलाइन इस SUV की झलक दिखाई थी। </p>
<p><strong>BMW X1 LWB में क्या है खास</strong><br>
नई BMW X1 लॉन्ग व्हीलबेस, कंपनी की इलेक्ट्रिक SUV 'BMW iX1 LWB' का पेट्रोल वर्जन होने वाला है. कंपनी ने इस बात की पुष्टि की है कि BMW X1 LWB को चेन्नई में BMW ग्रुप प्लांट में ही बनाया जाएगा. इसके अलावा, लॉन्च होने पर यह SUV देश में बिकने वाली BMW की सबसे सस्ती लॉन्ग-व्हीलबेस SUV होगी। </p>
<p>संभावना जताई जा रही है कि BMW X1 LWB का साइज़ BMW iX1 LWB जैसा ही होगा. बता दें कि BMW iX1 LWB की लंबाई 4,616 mm, चौड़ाई 1,845 mm और ऊंचाई 1,627 mm है, जबकि इसका व्हीलबेस 2,800 mm है। </p>
<p>इस SUV में 18-इंच के अलॉय व्हील और 500 लीटर से ज़्यादा का बूट स्पेस दिया जा सकता है. इसके बाहरी हिस्से में किडनी ग्रिल, एडेप्टिव LED हेडलैंप, LED डे-टाइम रनिंग लैंप, फ्लश डोर हैंडल, पैनोरमिक ग्लास रूफ, LED टेल लैंप, रियर स्पॉइलर और शार्क-फिन एंटीना जैसे फ़ीचर्स दिए जा सकते हैं। </p>
<p>कंपनी का कहना है कि नई BMW X1 LWB में BMW की ड्राइविंग खूबियों को बनाए रखते हुए ज़्यादा जगह, कम्फर्ट और टेक्नोलॉजी पर ज़ोर दिया गया है. इसके बड़े साइज़ की वजह से, इस मॉडल में पिछली सीट पर ज़्यादा स्पेस और ज़्यादा बड़ा केबिन मिलता है। </p>
<p><strong>BMW X1 LWB का अनुमानित इंजन</strong><br>
BMW की इस एंट्री-लेवल SUV में 2.0-लीटर का चार-सिलेंडर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन इस्तेमाल किया जा सकता है, जो लगभग 204 hp की पावर और 350 Nm का टॉर्क प्रदान करता है. इस इंजन को सात-स्पीड डुअल-क्लच ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ जोड़ा जाएगा. हालांकि कंपनी बाद में इसमें डीज़ल इंजन का ऑप्शन भी दे सकती है, लेकिन फिलहाल इसमें पेट्रोल पावरट्रेन होने की उम्मीद है। </p>
<p><strong>BMW X1 LWB के फीचर्स</strong><br>
नई BMW X1 LWB के संभावित फ़ीचर्स की बात करें तो इसमें 10.25-इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट डिस्प्ले और BMW ऑपरेटिंग सिस्टम 9 पर चलने वाला 10.7-इंच का कर्व्ड टचस्क्रीन शामिल है. इसके अलावा, इसमें वायरलेस Apple CarPlay और Android Auto कनेक्टिविटी, इंटीग्रेटेड नेविगेशन, वॉइस असिस्टेंट फ़ंक्शनैलिटी, कनेक्टेड ड्राइव सर्विसेज़ और OTA सॉफ़्टवेयर अपडेट्स जैसी सुविधाएं भी होंगी। </p>]]> </content:encoded>
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<title>VB&#45;G RAM G योजना के पहले महीने में मनरेगा से पिछड़ी, जुलाई में ग्रामीण रोजगार 50% घटा</title>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली नई ग्रामीण रोजगार योजना विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G RAM G) के तहत जुलाई 2026 में 7.67 करोड़ व्यक्ति-दिन रोजगार दर्ज किए गए. पिछले साल जुलाई में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGS) के तहत यह आंकड़ा 15.33 करोड़ था. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस तरह सालाना … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 17:31:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong></p>
<p>नई ग्रामीण रोजगार योजना विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G RAM G) के तहत जुलाई 2026 में 7.67 करोड़ व्यक्ति-दिन रोजगार दर्ज किए गए. पिछले साल जुलाई में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGS) के तहत यह आंकड़ा 15.33 करोड़ था. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस तरह सालाना आधार पर ग्रामीण रोजगार सृजन में करीब 49.94 फीसदी की गिरावट आई है। </p>
<p>यह आंकड़ा इसलिए अहम है क्योंकि 1 जुलाई 2026 से करीब दो दशक पुरानी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना की जगह विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण लागू की गई थी. सरकार ने नई योजना को ग्रामीण रोजगार व्यवस्था का अपग्रेडेड वर्जन बताया है और इसके तहत रोजगार की गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन करने का प्रावधान किया है। </p>
<p><strong>VB-G RAM G का पहला महीना</strong></p>
<p>विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण लागू होने के बाद जुलाई उसका पहला पूरा महीना था. इसलिए इस महीने के पर्सन-डे के आंकड़े योजना की शुरुआती रफ्तार का संकेत देते हैं. पर्सन-डे का मतलब एक व्यक्ति को एक दिन का रोजगार मिलना है. ग्रामीण रोजगार योजनाओं में रोजगार सृजन को मापने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है. जुलाई में 7.67 करोड़ पर्सन-डे दर्ज होना पिछले साल के मुकाबले रोजगार सृजन में बड़ी गिरावट को दिखाता है। </p>
<p><strong>संसद में सरकार ने क्या कहा था?</strong><br>
सरकार ने जुलाई के आंकड़ों पर संसद में योजना के शुरुआती प्रदर्शन को लेकर सकारात्मक तस्वीर पेश की थी. पिछले महीने एक लिखित जवाब में सरकार ने कहा था कि काम की मांग करने वाले 99.5 फीसदी से ज्यादा श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया. सरकार के मुताबिक, 22 जुलाई तक VB-G RAM G के तहत 5.2 करोड़ से ज्यादा पर्सन-डे बन चुके थे. ग्रामीण विकास मंत्रालय ने यह भी कहा था कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम की जगह नई योजना लागू करने के बावजूद इसके क्रियान्वयन पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ा। </p>
<p><strong>जुलाई अंत में रफ्तार पड़ी धीमी</strong><br>
हालांकि, जुलाई के अंतिम आंकड़े शुरुआती दावों से अलग तस्वीर पेश करते हैं. 22 जुलाई तक 5.2 करोड़ से ज्यादा पर्सन-डे बनने के बाद पूरे महीने का आंकड़ा 7.67 करोड़ पर पहुंचा. इससे संकेत मिलता है कि महीने के आखिरी हिस्से में रोजगार सृजन की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही. हालांकि, जुलाई में पर्सन-डे में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई, इस पर सरकार की ओर से अभी विस्तृत वजह सामने नहीं आई है। </p>
<p><strong>125 दिन रोजगार का है दावा</strong><br>
सरकार ने VB-G RAM G को MGNREGS के मुकाबले ज्यादा व्यापक और बेहतर ग्रामीण रोजगार योजना के तौर पर पेश किया है. नई व्यवस्था में रोजगार की गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन करने की बात कही गई है. इसके अलावा योजना के तहत ज्यादा मजदूरी, सस्टेनेबल रूरल इंफ्रास्टक्चर के निर्माण और ग्रामीण परिवारों की आजीविका को मजबूत करने पर जोर दिया गया है. सरकार का दावा है कि योजना का उद्देश्य सिर्फ रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आजीविका के अवसरों को मजबूत करना भी है। </p>
<p><strong>नई योजना के लिए ज्यादा बजट</strong><br>
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए VB-G RAM G के तहत ₹1.52 लाख करोड़ का सालाना प्रावधान रखा गया है. यह MGNREGS के लिए किए गए ₹86,000 करोड़ के बजटीय प्रावधान से काफी ज्यादा है. यानी सरकार ने नई योजना के लिए MGNREGS की तुलना में बड़ा वित्तीय आवंटन रखा है. इसके बावजूद जुलाई में रोजगार सृजन के पर्सन-डे में करीब 50 फीसदी की गिरावट ने योजना की शुरुआती रफ्तार को लेकर सवाल खड़े किए हैं। </p>
<p><strong>अब आगे के आंकड़ों पर नजर</strong><br>
जुलाई के आंकड़ों से फिलहाल यह साफ नहीं है कि पर्सन-डे में गिरावट नई योजना में बदलाव की वजह से हुई या ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की मांग और उपलब्धता की रफ्तार पहले से ही कमजोर थी. सरकार ने भी अभी इस गिरावट की विस्तृत वजह नहीं बताई है. आने वाले महीनों के आंकड़े इसलिए महत्वपूर्ण होंगे. इससे पता चलेगा कि जुलाई में दर्ज करीब 50 फीसदी की गिरावट सिर्फ पुरानी की जगह नई योजना पर शिफ्ट होने के चलते हुई या VB-G RAM G के तहत ग्रामीण रोजगार सृजन की रफ्तार पर इसका लंबा असर पड़ता है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>जंग की मार से टूटा ईरान, पेट भरने के लिए लोग बेचने को मजबूर हुए अपने बाल</title>
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<description><![CDATA[ तेहरान. अमेरिका संग जारी युद्ध के जल्द समाप्त होने के फिलहाल कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिख रहे हैं। इस अनिश्चितता ने ईरान की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह झकझोर दिया है। नकदी की भारी कमी और आसमान छूती महंगाई के कारण आम ईरानी लोग अब गुजारा करने के लिए बेहद असामान्य और हैरान करने वाले कदम … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 17:02:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>जंग, की, मार, से, टूटा, ईरान, पेट, भरने, के, लिए, लोग, बेचने, को, मजबूर, हुए, अपने, बाल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>तेहरान.</strong></p>
<p>अमेरिका संग जारी युद्ध के जल्द समाप्त होने के फिलहाल कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिख रहे हैं। इस अनिश्चितता ने ईरान की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह झकझोर दिया है। नकदी की भारी कमी और आसमान छूती महंगाई के कारण आम ईरानी लोग अब गुजारा करने के लिए बेहद असामान्य और हैरान करने वाले कदम उठा रहे हैं।</p>
<p>लोग अपने असली बालों से लेकर लैपटॉप, इस्तेमाल की हुई परफ्यूम की बोतलें और सेकंड-हैंड कपड़े तक बेचने या किराए पर देने को मजबूर हो गए हैं। ईरानी न्यूज एजेंसी आईएलएनए की रिपोर्ट के अनुसार, देश भर में परिवार आर्थिक संकट से निपटने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का सहारा ले रहे हैं। वे अपने निजी सामान को बेचने या अस्थायी रूप से किराए पर देने का रास्ता अपना रहे हैं। आईएलएनए की रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान में एक नई तरह की 'सर्वाइवल इकॉनमी' यानी अस्तित्व अर्थव्यवस्था तेजी से फल-फूल रही है। परिवार अब उन वस्तुओं को भी नकदी में बदलने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्हें सामान्य परिस्थितियों में बेकार या कम मूल्य वाली माना जाता था। असली बाल बेचे जा रहे हैं, इस्तेमाल की हुई परफ्यूम की बोतलें ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर सूचीबद्ध की जा रही हैं, जबकि सेकंड-हैंड कपड़े, काम के जूते और अन्य घरेलू सामान खरीदारों की तलाश में हैं।</p>
<p><strong>किराए पर दे रहे लैपटॉप</strong><br>
रिपोर्ट के मुताबिक, कई विक्रेता खरीदारों को आकर्षित करने के लिए कई कम कीमत वाली वस्तुओं को एक साथ बंडल करके बेच रहे हैं। इससे उन्हें थोड़ी-बहुत नकदी जुटाने में मदद मिल रही है। लैपटॉप का किराया भी अब आम बात हो गई है। ऑफिस के काम, ऑनलाइन कक्षाओं या अन्य अल्पकालिक जरूरतों के लिए लोग लैपटॉप किराए पर ले रहे हैं। इसके अलावा घर के अन्य सामान, जिनकी वास्तविक जरूरत पूरी होने के बाद रीसेल वैल्यू बहुत कम रह जाता है, वे भी अब बाजार में उपलब्ध हैं। बताया जा रहा है कि लोग अपनी परफ्यूम की बोतलों से लेकर रोजमर्रा के इस्तेमाल वाले छोटे-मोटे सामान तक बेचने को तैयार हैं।</p>
<p><strong>महंगाई की मार से कराह रहा ईरान</strong><br>
रिपोर्ट में बताया गया कि ईरान का आर्थिक दबाव अब आम नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ दिखाई देने लगा है। आईएलएनए ने देश के सांख्यिकीय केंद्र का हवाला देते हुए बताया कि जुलाई के अंत में समाप्त हुए ईरानी महीने में सालाना मुद्रास्फीति दर 66 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि साल-दर-साल महंगाई 87.9 प्रतिशत के खतरनाक स्तर पर पहुंच गई। खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि और घटती क्रय शक्ति ने परिवारों को मजबूर कर दिया है कि वे अपने रोजाना के खर्चों पर फिर से विचार करें। जरूरी खाद्य पदार्थ खरीदने से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं और दवाओं का खर्च उठाने तक, हर चीज अब चुनौती बन गई है। कई परिवार खर्च कम कर रहे हैं, गैर-जरूरी खरीदारी को टाल रहे हैं और घर खरीदने के बजाय किराए पर रहना ज्यादा व्यावहारिक विकल्प मान रहे हैं।</p>
<p><strong>अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर भी तनाव</strong><br>
इस आर्थिक संकट के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध समाप्त करने की चल रही कोशिशों को ईरान का 'आखिरी मौका' करार दिया है। हालांकि, तेहरान ने स्पष्ट रूप से इनकार किया है कि वाशिंगटन के साथ कोई सीधी बातचीत चल रही है। वहीं, विशेषज्ञों का मानना है कि अगर युद्ध जल्द समाप्त नहीं होता और आर्थिक राहत के ठोस उपाय नहीं किए जाते, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>‘मेरे अंडरआर्म्स सूंघते हैं…’, 7 साल छोटे पति की इस आदत से परेशान हुईं गौहर खान?</title>
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<description><![CDATA[ मुंबई  गौहर खान और जैद दरबार टीवी इंडस्ट्री के मोस्ट फेवरेट कपल हैं. उनकी जोड़ी को फैंस का बेशुमार प्यार मिलता है। हाल ही में दोनों नेहा धूपिया और अंगद बेदी के शो डबल डेट में गेस्ट बने. यहां कपल ने एक दूसरे की पोल खोली, शादी पर बात की।  गौहर ने कैमरे पर पति … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 17:01:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>‘मेरे, अंडरआर्म्स, सूंघते, हैं…’, साल, छोटे, पति, की, इस, आदत, से, परेशान, हुईं, गौहर, खान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंबई </strong><br>
गौहर खान और जैद दरबार टीवी इंडस्ट्री के मोस्ट फेवरेट कपल हैं. उनकी जोड़ी को फैंस का बेशुमार प्यार मिलता है। हाल ही में दोनों नेहा धूपिया और अंगद बेदी के शो डबल डेट में गेस्ट बने. यहां कपल ने एक दूसरे की पोल खोली, शादी पर बात की। <br>
गौहर ने कैमरे पर पति को एक्सपोज किया. उन्होंने बताया कैसे शादी के दिन फोटो सेशन चल रहा था. मौलाना आ चुके थे. निकाह होने वाला था, तभी जैद वॉशरूम के लिए भागे। गौहर यहीं नहीं रुकी. उन्होंने जैद की अजीबोगरीब आदत का भी खुलासा किया. एक्ट्रेस ने बताया कि जैद को उनके अंडरआर्म्स को सूंघने की आदत है। <br>
गौहर ने कहा- जैद को लगता है मेरे अंडरआर्म्स हर वक्त फ्रेश रहते हैं. वो महकते हैं. जैद मेरे अंडरआर्म्स छूते हैं, सूंघते हैं। </p>
<p>एक्ट्रेस ने हंसते हुए बताया कि जैद पहले मेरे अंडरआर्म्स सूंघते हैं फिर अपनी बहन से कहते हैं- देख कितनी अच्छी खुशबू आ रही है। गौहर ने बताया कि जैद की बहन ये सब बातें सुनकर हैरान हो जाती है. वो कहती हैं- तुम दोनों क्या बकवास कर रहे हो। </p>
<p>       बातचीत के दौरान कपल ने ऐज गैप को लेकर भी बात की. जब उनकी मुलाकात हुई थी जैद ने अपनी उम्र 24-25 साल बताई थी. जबकि वो 29 साल के थे। कपल का कहना है मीडिया में उनके ऐज गैप को लेकर गलत खबरें चलती हैं. जबकि उनके बीच बस 7 साल का फासला है। जैद पेशे से डांसर, कोरियोग्राफर और कंटेंट क्रिएटर हैं. कपल की शादी 2020 में हुई थी. उनके इस रिश्ते से दो बेटे हैं। <br>
 </p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>सावन शिवरात्रि पर बेटे के लिए चुनें महादेव से जुड़े ये 10 यूनिक नाम</title>
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<description><![CDATA[ सावन का महीना हिंदू धर्म में भगवान शिव के आधीन बताया गया है. ऐसे में पूरे महीने में लोग महादेव की भक्ति में डूब जाते हैं. मंदिरों में हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते हैं, शिवलिंग पर जलाभिषेक होता है और भक्त भोलेनाथ की आराधना में लीन नजर आते हैं. इस साल सावन शिवरात्रि 11 अगस्त, … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 16:34:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p>सावन का महीना हिंदू धर्म में भगवान शिव के आधीन बताया गया है. ऐसे में पूरे महीने में लोग महादेव की भक्ति में डूब जाते हैं. मंदिरों में हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते हैं, शिवलिंग पर जलाभिषेक होता है और भक्त भोलेनाथ की आराधना में लीन नजर आते हैं. इस साल सावन शिवरात्रि 11 अगस्त, मंगलवार को मनाई जा रही है. ये दिन भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक के लिए बेहद खास माना जाता है.</p>
<p>ऐसे में अगर आपके घर में नन्हे बेटे का आगमन हुआ है या आप अपने राजकुमार के लिए एक ऐसा नाम तलाश रहे हैं, जो यूनिक होने के साथ भगवान शिव से जुड़ा हो, तो बेटे का नामकरण करने के लिए सावन शिवरात्रि से बेहतर मौका क्या हो सकता है. माना जाता है कि नाम का व्यक्ति के जीवन पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है, इसलिए माता-पिता अपने बच्चे का नाम रखते समय उसके अर्थ और उससे जुड़ी भावनाओं का भी खास ध्यान रखते हैं.</p>
<p>आजकल माता-पिता अपने बच्चों को ऐसे नाम देना पसंद करते हैं जो सुनने में मॉडर्न हों, लेकिन उनकी जड़ें भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जुड़ी हों. भगवान शिव के कई ऐसे नाम हैं जो आज के दौर में भी बेहद खूबसूरत और यूनिक लगते हैं. अगर आप भी अपने बेटे के लिए महादेव से प्रेरित नाम ढूंढ रहे हैं, तो इन यूनिक नामों की लिस्ट आपकी तलाश खत्म कर सकती है.</p>
<p><strong>1. जतिन</strong>: इस लिस्ट में पहला नाम जतिन है. जतिन भगवान शिव का ही एक नाम माना जाता है. ये नाम आजकल की मॉडर्न लाइफस्टाइल के हिसाब से छोटा, सिंपल और सुनने में काफी अट्रैक्टिव भी लगता है. जतिन का मतलब तपस्वी और शुभ करने वाला बताया जाता है. अगर आप बेटे के लिए ऐसा नाम चाहते हैं जो शिव से जुड़ाव के साथ गंभीर भी रखता हो, तो जतिन अच्छा ऑप्शन हो सकता है.</p>
<p><strong>2. विभव:</strong> आप अपने बेटे को विभव नाम भी दे सकते हैं. विभव नाम सुनने में रॉयल और अट्रैक्टिव लगता है. इसका मतलब शक्तिशाली और वैभव से जुड़ा माना जाता है. ये नाम भगवान शिव की शक्ति और उनके विराट स्वरूप की याद दिलाता है.</p>
<p><strong>3. शिवां</strong>ग: अगर आप बेटे के नाम को सीधे तौर पर 'शिव' से जोड़ना चाहते हैं, तो शिवांग बेहद खूबसूरत ऑप्शन हो सकता है. शिवांग का मतलब 'शिव का अंग' बताया जाता है. नाम अपने आप में ही भगवान भोलेनाथ से गहरा जुड़ाव दर्शाता है और सुनने में भी काफी यूनिक लगता है.</p>
<p><strong>4. आरव:</strong> आरव आजकल के मॉडर्न माता-पिता द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है. इसे भगवान शिव से जुड़े नामों में भी शामिल किया जाता है. इसका अर्थ शांत और सुंदर भाव से जोड़ा जाता है. अगर आप बेटे के लिए छोटा, प्यारा और आसानी से बोला जाने वाला नाम चाहते हैं, तो आरव चुन सकते हैं.</p>
<p><strong>5. अनिकेत:</strong> अनिकेत भगवान शिव का एक नाम माना जाता है. इसका मतलब उस परम सत्ता से जुड़ा है जो किसी एक स्थान तक सीमित नहीं है. ये नाम सुनने में बेहद क्लासी और अलग लगता है. खास बात ये है कि इसमें धार्मिक जुड़ाव के साथ एक गहरा आध्यात्मिक मतलब भी छिपा है.</p>
<p><strong>6. रुद्र: </strong>महादेव को रुद्र नाम भी से भी जाना जाता है. ये नाम भगवान शिव के प्रचंड और शक्तिशाली रूप को दर्शाता है. छोटा होने के साथ-साथ रुद्र नाम सुनने में काफी दमदार भी लगता है. अगर आप उन माता-पिता में शामिल हैं, जो बेटे के लिए स्ट्रॉन्ग और ट्रेडिशनल नामों की तलाश कर रहे हैं तो ये आपके लिए अच्छा ऑप्शन हो सकता है.</p>
<p><strong>7. शंभू</strong>: शंभू भगवान शिव का एक बहुत ही सुंदर नाम है. इसका संबंध शिव के शुभ स्वरूप से माना जाता है. ये नाम बहुत आम नहीं है, इसलिए अगर आप बेटे के लिए ट्रेडिशनल लेकिन थोड़ा अलग नाम चाहते हैं, तो शंभू को अपनी लिस्ट में शामिल कर सकते हैं.</p>
<p><strong>8. नीलकं</strong>ठ: समुद्र मंथन के दौरान विष पीने के बाद भगवान शिव का कंठ नीला हो गया था, जिसके बाद उन्हें नीलकंठ कहा गया. ये नाम त्याग, शक्ति और धैर्य का प्रतीक माना जाता है. आपके बेटे के लिए ये एक बहुत ही अर्थपूर्ण और धार्मिक नाम हो सकता है.</p>
<p><strong>9. ईशा</strong>न: ईशान भगवान शिव से जुड़े नामों में शामिल है. ये नाम सुनने में बहुत ही मॉडर्न लगता है. अगर आप ऐसा नाम चाहते हैं जो स्कूल से लेकर प्रोफेशनल लाइफ तक हर जगह अच्छा लगे, तो ईशान एक खूबसूरत ऑप्शन है.</p>
<p><strong>10. शिवाय</strong>: शिवाय नाम सीधे भगवान शिव से जुड़ा हुआ है और आजकल मॉडर्न माता-पिता के बीच भी पसंद किया जा रहा है. ये नाम छोटा, अट्रैक्टिव और धार्मिक भाव लिए हुए है. </p>]]> </content:encoded>
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<title>अगस्त के दूसरे पखवाड़े में 6 बड़े ग्रह परिवर्तन, इन राशियों की चमकेगी किस्मत</title>
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<description><![CDATA[  वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अगस्त 2026 का महीना खगोलीय और ज्योतिषीय दोनों दृष्टियों से बेहद खास है.महीने के पहले हिस्से में कई बड़े नक्षत्र बदलावों के बाद, अब अगस्त के दूसरे पखवाड़े (उत्तरार्ध) में एक के बाद एक 6 बड़े ग्रहों की चाल में अहम परिवर्तन होने जा रहा है.इन बदलावों का सीधा असर … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 16:34:04 +0530</pubDate>
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<media:keywords>अगस्त, के, दूसरे, पखवाड़े, में, बड़े, ग्रह, परिवर्तन, इन, राशियों, की, चमकेगी, किस्मत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p> वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अगस्त 2026 का महीना खगोलीय और ज्योतिषीय दोनों दृष्टियों से बेहद खास है.महीने के पहले हिस्से में कई बड़े नक्षत्र बदलावों के बाद, अब अगस्त के दूसरे पखवाड़े (उत्तरार्ध) में एक के बाद एक 6 बड़े ग्रहों की चाल में अहम परिवर्तन होने जा रहा है.इन बदलावों का सीधा असर देश-दुनिया के साथ-साथ सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन पर पड़ेगा.</p>
<p>आइए जानते हैं अगस्त के दूसरे पखवाड़े में होने वाले उन 6 प्रमुख ग्रह गोचरों के बारे में, जो आपकी किस्मत और करियर की दिशा बदल सकते हैं:</p>
<p><strong>1. सूर्य का सिंह राशि में गोचर (17 अगस्त 2026)</strong><br>
ग्रहों के राजा सूर्य 17 अगस्त को अपनी स्वराशि सिंह में प्रवेश करेंगे.सूर्य के अपने घर में आने से मान-प्रतिष्ठा, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में जबरदस्त वृद्धि होगी.सिंह, तुला, वृश्चिक और मेष राशि के जातकों के लिए यह समय बेहद शुभ रहेगा, जिससे नौकरी-व्यापार में तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे.</p>
<p><strong>2. देवगुरु बृहस्पति का आश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश (19 अगस्त 2026)</strong><br>
देवगुरु बृहस्पति 19 अगस्त को नक्षत्र परिवर्तन करते हुए आश्लेषा नक्षत्र में गोचर करेंगे.गुरु का यह गोचर ज्ञान, शिक्षा, आर्थिक योजना और आध्यात्मिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है.विद्यार्थियों और शोध कार्य से जुड़े लोगों को इस दौरान बेहतरीन परिणाम हासिल होंगे.</p>
<p><strong>3. न्याय के देवता शनि का रेवती नक्षत्र में प्रवेश (20 अगस्त 2026)</strong><br>
कर्मफल दाता शनि 20 अगस्त को रेवती नक्षत्र में प्रवेश करेंगे.शनि की इस नक्षत्र चाल से जातकों के जीवन में अनुशासन, कर्मठता और लंबे समय से अटके हुए कार्यों में गति आएगी.इस दौरान करियर में थोड़ी मेहनत जरूर बढ़ेगी, लेकिन इसके परिणाम बेहद स्थिर और सकारात्मक होंगे.</p>
<p><strong>4. बुध का सिंह राशि में गोचर (22 अगस्त 2026)</strong><br>
बुद्धि, वाणी और व्यापार के कारक बुध 22 अगस्त को सिंह राशि में गोचर करेंगे.सूर्य की राशि में बुध के आने से बुधादित्य योग का निर्माण होगा, जिससे संवाद शैली (Communication Skills) बेहतर होगी, बिजनेस करने वाले लोगों को नई साझेदारियों से लाभ मिलेगा. तार्किक क्षमता मजबूत होगी.</p>
<p><strong>5. शुक्र का चित्रा नक्षत्र में प्रवेश (25 अगस्त 2026)</strong><br>
वैभव, प्रेम, कला और ऐश्वर्य के कारक शुक्र 25 अगस्त को चित्रा नक्षत्र में गोचर करेंगे.शुक्र के इस नक्षत्र परिवर्तन से मीडिया, फैशन, डिजाइन, कला और ग्लैमर की दुनिया से जुड़े लोगों को विशेष मान-सम्मान और आर्थिक लाभ मिलने के योग बनेंगे.वैवाहिक जीवन में मिठास बढ़ेगी. सुख-सुविधाओं में इजाफा होगा.</p>
<p><strong>6. चंद्र ग्रहण का प्रभाव (28 अगस्त 2026)</strong><br>
अगस्त के महीने के अंत में 28 अगस्त को चंद्र ग्रहण लगेगा.ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन और भावनाओं का कारक माना गया है.चंद्र ग्रहण के दौरान मानसिक स्थिति, भावनाओं और पारिवारिक जीवन को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है, ताकि किसी भी प्रकार के मानसिक तनाव से बचा जा सके.</p>]]> </content:encoded>
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<title>Karnataka Teacher Recruitment: सरकारी स्कूलों में 15,000 शिक्षकों की भर्ती, TET पास 18 अगस्त से करें आवेदन</title>
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<description><![CDATA[ बेंगलुरु. सरकारी स्कूल में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बेहद बड़ी और शानदार खबर आई है। कर्नाटक स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने सरकारी स्कूलों में 15,000 ग्रेजुएट प्राइमरी टीचर (6वीं से 8वीं कक्षा) के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती प्रक्रिया के … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 16:31:10 +0530</pubDate>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>बेंगलुरु.</strong></p>
<p>सरकारी स्कूल में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बेहद बड़ी और शानदार खबर आई है। कर्नाटक स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने सरकारी स्कूलों में 15,000 ग्रेजुएट प्राइमरी टीचर (6वीं से 8वीं कक्षा) के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया है।</p>
<p>इस भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित अभ्यर्थी कर्नाटक के विभिन्न जिलों के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में चयनित होकर अपने टीचिंग करियर की शुरुआत कर सकते हैं। पात्र एवं इच्छुक उम्मीदवार 18 अगस्त 2026 से विभाग की आधिकारिक वेबसाइट schooleducation.karnataka.gov.in पर जाकर ऑनलाइन मोड में आवेदन कर सकेंगे।</p>
<p><strong>वैकेंसी की डिटेल्स-</strong><br>
GPSTR – 8500 पद<br>
असिस्टेंट मास्टर (AM)- 4500 पद<br>
प्राइमरी स्कूल टीचर (PST)- 900 पद<br>
फिजिकल एजुकेशन टीचर (PET)- 600 पद<br>
कंप्यूटर साइंस टीचर (CST)- 500 पद</p>
<p><strong>महत्वपूर्ण तारीखें-</strong><br>
आवेदन शुरू होने की तिथि- 18 अगस्त 2026<br>
आवेदन की अंतिम तिथि- 7 सितंबर 2026<br>
आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि- 10 सितंबर 2026<br>
परीक्षा की तिथि- जल्द ही</p>
<p><strong>शैक्षणिक योग्यता और पात्रता शर्तें</strong><br>
शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से संबंधित विषय (जैसे भाषा, गणित, विज्ञान या सामाजिक अध्ययन) में ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए। इसके साथ ही D.El.Ed (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) या B.Ed (बैचलर ऑफ एजुकेशन) की डिग्री अनिवार्य है।<br>
<strong>शिक्षक पात्रता परीक्षा: </strong>आवेदकों का कर्नाटक टीईटी (TET) या सीटीईटी (CTET) पास अनिवार्य है।</p>
<p><strong>आयु सीमा: </strong>सामान्य वर्ग के आवेदकों के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष निर्धारित की गई है। राज्य सरकार के नियमानुसार आरक्षित श्रेणियों ओबीसी, एससी, एसटी के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में विशेष छूट दी जाएगी।</p>
<p><strong>चयन प्रक्रिया और परीक्षा का पैटर्न</strong><br>
15,000 पदों पर योग्य उम्मीदवारों के चयन के लिए पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।<br>
प्रतिस्पर्धी लिखित परीक्षा: उम्मीदवारों को बहुविकल्पीय (MCQ) प्रश्नों और विषयगत प्रश्नों वाली लिखित परीक्षा में शामिल होना होगा। इसमें सामान्य ज्ञान, शैक्षणिक मनोविज्ञान, भाषा और संबंधित विषय के प्रश्न पूछे जाएंगे।<br>
<strong>मेरिट लिस्ट: </strong>लिखित परीक्षा के अंक और शैक्षणिक योग्यता के वेटेज के आधार पर फाइनल मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी।<br>
डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV): मेरिट लिस्ट में शामिल अभ्यर्थियों के शैक्षणिक और आरक्षण संबंधी प्रमाणपत्रों की जांच के बाद अंतिम नियुक्ति पत्र दिया जाएगा।</p>
<p><strong>आवेदन कैसे करें?</strong><br>
अभ्यर्थी 18 अगस्त 2026 से schooleducation.karnataka.gov.in पोर्टल पर जाएं। होमपेज पर 'Graduate Primary Teacher Recruitment 2026' लिंक पर क्लिक करके नया रजिस्ट्रेशन करें। इसके बाद अपनी शैक्षणिक जानकारी दर्ज करें, आवश्यक डॉक्यूमेंट व फोटो अपलोड करें तथा श्रेणी के अनुसार निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान कर फॉर्म सबमिट करें।</p>]]> </content:encoded>
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<title>सहारा निवेशकों के ₹97,412 करोड़ अब भी अटके, 1.43 करोड़ लोगों को मिले सिर्फ ₹8,429 करोड़</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली सहारा इंडिया की निवेश योजनाओं में देशभर के करीब 1.43 करोड़ निवेशकों ने कुल ₹97,412 करोड़ जमा किए थे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद निवेशकों को पैसा लौटाने के लिए 18 जुलाई 2023 को सहारा रिफंड पोर्टल शुरू किया गया। लेकिन रिफंड की रफ्तार बेहद धीमी रही। मार्च 2026 तक 39.46 लाख … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 16:31:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>सहारा, निवेशकों, के, ₹97, 412, करोड़, अब, भी, अटके, 1.43, करोड़, लोगों, को, मिले, सिर्फ, ₹8, 429, करोड़</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
सहारा इंडिया की निवेश योजनाओं में देशभर के करीब 1.43 करोड़ निवेशकों ने कुल ₹97,412 करोड़ जमा किए थे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद निवेशकों को पैसा लौटाने के लिए 18 जुलाई 2023 को सहारा रिफंड पोर्टल शुरू किया गया। लेकिन रिफंड की रफ्तार बेहद धीमी रही। मार्च 2026 तक 39.46 लाख निवेशकों को महज ₹8,429 करोड़ ही वापस किए जा सके हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में निवेशक अब भी अपने पैसों की वापसी का इंतजार कर रहे हैं।</p>
<p><strong>क्या है पूरा मामला?</strong><br>
सहारा इंडिया की अलग-अलग निवेश योजनाओं में देश के करोड़ों लोगों की मेहनत की कमाई फंसी हुई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने निवेशकों को पैसा लौटाने के लिए विशेष रिफंड पोर्टल लॉन्च किया था। उम्मीद थी कि ऑनलाइन आवेदन और सत्यापन के जरिए जल्द से जल्द रकम वापस मिल सकेगी।</p>
<p>हालांकि, निवेशकों का आरोप है कि रिफंड प्रक्रिया बेहद धीमी है। बड़ी संख्या में आवेदन खारिज हो रहे हैं और दस्तावेजों के सत्यापन में भी लगातार समस्याएं सामने आ रही हैं। इसके अलावा, <strong>ऑनलाइन वेरिफिकेशन से जुड़ी व्यवस्था लंबे समय से प्रभावित बताई जा रही है।</strong></p>
<p><strong>रिफंड की सीमा बढ़ी, लेकिन भुगतान अब भी सीमित</strong><br>
सरकार ने रिफंड के लिए अधिकतम दावे की सीमा ₹50 हजार से बढ़ाकर ₹10 लाख कर दी है। इसके बावजूद निवेशकों को फिलहाल एक बार में अधिकतम ₹50 हजार तक का ही भुगतान मिल रहा है।</p>
<p>यानी किसी निवेशक की सहारा में ₹5 लाख, ₹50 लाख या उससे भी अधिक रकम फंसी हो, तो भी उसे फिलहाल एकमुश्त ₹50 हजार से ज्यादा नहीं मिल रहे हैं। इससे बड़ी रकम वाले निवेशकों की परेशानी बनी हुई है।</p>
<p><strong>दस्तावेजों के सत्यापन में सबसे बड़ी अड़चन</strong><br>
रिफंड प्रक्रिया में सबसे बड़ी समस्या दस्तावेजों के सत्यापन को लेकर सामने आ रही है। निवेशकों के रिकॉर्ड सहारा समूह के पास हैं और रिफंड के लिए जमा किए गए दावों का सत्यापन इन्हीं रिकॉर्ड से किया जाना है।</p>
<p>कई मामलों में रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने, दस्तावेजों का डेटा से मिलान नहीं होने या जानकारी में अंतर जैसे कारणों से आवेदन खारिज किए जा रहे हैं। कुछ स्थानों पर आवेदनों के रिजेक्शन की दर 90 प्रतिशत तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है।</p>
<p><strong>अक्टूबर 2025 से वेरिफिकेशन सिस्टम ठप?</strong><br>
निवेशक पोर्टल पर आवेदन करने के बाद उनके दस्तावेज सत्यापन के लिए सहारा के सिस्टम पर भेजे जाते हैं। लेकिन यह व्यवस्था अक्टूबर 2025 से बंद होने की बात सामने आई है।</p>
<p>बताया जा रहा है कि सिस्टम और सर्वर से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराने वाले वेंडरों को भुगतान नहीं मिलने के कारण वेरिफिकेशन का काम प्रभावित हुआ है। इसका सीधा असर निवेशकों के दावों की जांच और रिफंड प्रक्रिया पर पड़ा है।</p>
<p><strong>अब भी हजारों करोड़ रुपये फंसे</strong><br>
आंकड़ों के मुताबिक, देशभर के करीब 1.04 करोड़ निवेशकों की लगभग ₹89 हजार करोड़ की रकम अब भी वापस की जानी बाकी है। मार्च 2026 तक 39.46 लाख निवेशकों को ₹8,429 करोड़ का भुगतान ही हुआ है।</p>
<p>सहारा-सेबी रिफंड खाते में उपलब्ध रकम और वास्तविक दावों के बीच बड़ा अंतर भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे <strong>में करोड़ों निवेशकों की निगाहें अब इस बात पर हैं कि उन्हें उनकी पूरी जमा राशि कब और किस प्रक्रिया के तहत वापस मिलेगी।</strong></p>
<p><strong>सहारा इंडिया में लोगों का 97,412 करोड़ रुपया जमा था।</strong><br>
कहा गया कि संपत्ति लेकर लोगों को दिया जाएगा। लेकिन हकीकत में ऐसा होता नजर नहीं आ रहा।<br>
सिर्फ 8,429 करोड़ रुपए ही लौटाए गए। यानी कुल रकम का 10% हिस्सा भी नहीं।<br>
आगे लोगों को मिले, इसकी भी संभावना नहीं दिखती।<br>
 </p>]]> </content:encoded>
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<title>Delhi&#45;Mumbai Expressway: 1380 KM का देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे, गुरुग्राम से सूरत तक जुड़ेंगे ये प्रमुख शहर</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे भारत का सबसे लंबा या सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे है. दिल्ली से महाराष्ट्र के बीच यह छह राज्यों के बीच 1380 किलोमीटर लंबा रूट है, जो लिंक एक्सप्रेसवे मिलाकर 1450 किमी तक हो जाता है. ये 8 लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है, जिसे 12 लेन तक चौड़ा किया जा सकता है.दिल्ली, हरियाणा, … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 16:31:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Delhi-Mumbai, Expressway:, 1380, का, देश, का, सबसे, बड़ा, एक्सप्रेसवे, गुरुग्राम, से, सूरत, तक, जुड़ेंगे, ये, प्रमुख, शहर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे भारत का सबसे लंबा या सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे है. दिल्ली से महाराष्ट्र के बीच यह छह राज्यों के बीच 1380 किलोमीटर लंबा रूट है, जो लिंक एक्सप्रेसवे मिलाकर 1450 किमी तक हो जाता है. ये 8 लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है, जिसे 12 लेन तक चौड़ा किया जा सकता है.दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान के अलावा ये मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र को कनेक्ट करता है. पूरा कॉरिडोर चालू होने के बाद दिल्ली से मुंबई का सफर 24 घंटे की जगह 12 घंटे रह जाएगा.ये एशिया का पहला ऐसा एक्सप्रेसवे है, जिसमें वन्यजीवों की जंगलों, वाइल्डलाइफ सेंक्चुरी में आवाजाही को देखते हुए ओवरपास और मुकुंदरा हिल्स में सुरंग के साथ बनाया गया है। </p>
<p>दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का 80 फीसदी से ज्यादा हिस्सा (करीब 850 किलोमीटर) चालू हो चुका है. दिल्ली से गुजरात के वड़ोदरा गुजरात तक का एक्सप्रेसवे आवाजाही के लिए खुल चुका है. वड़ोदरा से मुंबई के बीच लगभग 450-500 किलोमीटर का काम पूरा किया जा रहा है। </p>
<p><strong>    दिल्ली और हरियाणा: 169 किमी: 100 फीसदी चालू<br>
    राजस्थान : 373 किमी: 98% पूरा, केवल टनल का थोड़ा काम<br>
    मध्य प्रदेश : 244 किमी : 100 फीसदी पूरा<br>
    गुजरात : 426 किमी : 85 फीसदी पूरा<br>
    महाराष्ट्र : 174 किमी : 60 फीसदी पूरा</strong></p>
<p><strong>दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का रूट</strong><br>
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (NHAI) देश के 20 बड़े शहरों और लिंक रूट को जोड़ दें तो 30 शहरों को कनेक्ट करके सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे का नेटवर्क तैयार करता है. दिल्ली के सराय काले खां, डीएनडी फ्लाईओवर से हरियाणा में गुरुग्राम, फरीदाबाद, बल्लभगढ़, नूंह मेवात,पलवल तक जाता है. राजस्थान में अलवर, बांदीकुई, दौसा, जयपुर (लिंक रूट), सवाई माधोपुर, कोटा और बूंदी को जोड़ता है। </p>
<p><strong>दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का एमपी का रूट</strong><br>
मध्य प्रदेश में मंदसौर, गरोठ,जावरा, रतलाम, झाबुआ को ये जोड़ता है. जबकि लिंक रूट से इंदौर, उज्जैन और भोपाल भी दायरे में आते हैं. गुजरात का दाहोद, गोधरा, वड़ोदरा, भरूच, सूरत, नवसारी, वलसाड, वापी इससे कनेक्ट होता है. महाराष्ट्र में पालघर,ठाणे, वसई, विरार, मुंबई  में जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट इसका आखिरी पड़ाव है. जेवर के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जोड़ने के लिए भी लिंक रूट तैयार हो रहा है। </p>
<p><strong>दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का अपडेट</strong><br>
हरियाणा के सोहना से राजस्थान के दौसा और लालसोट का 246 किमी का हिस्सा सबसे पहले शुरू हुआ था.इससे दिल्ली से जयपुर, रणथंभौर का सफर तेज रफ्तार वाला बन गया. फिर मध्य प्रदेश में झाबुआ, रतलाम और मंदसौर का 244 किमी का पूरा हिस्सा चालू किया गया था. राजस्थान और कोटा बाईपास को जोड़ते हुए राजस्थान करीब 98 फीसदी काम हो चुका है.कोटा बाईपास का 80 किमी का एरिया और बांदीकुई-जयपुर लिंक रूट का 67 किमी का हिस्सा खोल दिया गया है। </p>
<p><strong>दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का गुजरात का रूट</strong><br>
गुजरात में वड़ोदरा से भरूच का 86 किमी का गलियारा भी आवाजाही के खोला गया है.गोधरा से वड़ोदरा का 81 किमी के रूट को ट्रायल में ट्रैफिक के लिए खोला गया है. दिल्ली एनसीआर में इसे डीएनडी-फरीदाबाद-कुंडली मानेसर पलवल लिंक एक्सप्रेसवे से जोड़ा गया है. दिल्ली के सराय काले खां से DND फ्लाईवे से फरीदाबाद होते हुए KMP को जोड़ने वाला 59 किमी का हिस्सा भी चालू होने के अंतिम चरण में है। </p>
<p><strong>अभी गुजरात और मुंबई के लिंक पर काम</strong><br>
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के आखिरी हिस्से के तौर पर वड़ोदरा से आगे सूरत, नवसारी और वलसाड जैसे जिलों का 20 फीसदी तक काम बाकी है. महाराष्ट्र में विरार, पालघर से लेकर वसई से JNPT पोर्ट 170 किमी के करीब का एरिया है. पहाड़ी और तटीय इलाके में भूमि अधिग्रहण से जुड़ी जटिलताओं से यह 60 फीसदी ही पूरा हो सका है. मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच मुकुंदरा हिल्स टनल का भी आखिरी चरण में है। </p>
<p>
<strong>दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कब होगा</strong><br>
दिल्ली से मुंबई और JNPT पोर्ट तक 1350 किमी एक्सप्रेसवे के पूरा  होने का लक्ष्य 2027 के आखिरी के महीनों तक तय किया गया है. इससे बुलेट ट्रेन वाली रफ्तार से दिल्ली से मुंबई का सफर 12 से 14 घंटे में पूरा किया जा सकेगा. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के तहत है. भारतमाला परियोजना के फेज-1 में इसका निर्माण हो रहा है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण का साया, जानें भारत में सूतक लगेगा या नहीं</title>
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<description><![CDATA[ भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व इस साल 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा.  इस साल श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि पर एक दुर्लभ खगोलीय संयोग बन रहा है, क्योंकि इसी दिन साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भी लगने जा रहा है.  रक्षाबंधन जैसे शुभ त्योहार के दिन चंद्र ग्रहण होने के … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 15:34:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p>भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व इस साल 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा.  इस साल श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि पर एक दुर्लभ खगोलीय संयोग बन रहा है, क्योंकि इसी दिन साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भी लगने जा रहा है.  रक्षाबंधन जैसे शुभ त्योहार के दिन चंद्र ग्रहण होने के कारण देश भर में लोग इस बात को लेकर संशय में हैं कि क्या इससे राखी बांधने के नियमों या शुभ मुहूर्त पर कोई असर पड़ेगा? आइए, धर्म शास्त्रों और ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर समझते हैं कि इसका क्या प्रभाव होगा.</p>
<p><strong>चन्द्र ग्रहण का समय और आंशिक चरण की अवधि</strong><br>
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 28 अगस्त को लगने वाला यह चंद्र ग्रहण एक गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण (Deep Partial Lunar Eclipse) होगा.</p>
<p><strong>ग्रहण का समय:</strong> यह खगोलीय घटना सुबह 08:00 बजे से शुरू होकर सुबह 09 बजकर 43 मिनट तक अपने चरम पर रहेगी.</p>
<p><strong>कुल अवधि</strong>: ग्रहण की कुल प्रभाव अवधि लगभग 5 घंटे 39 मिनट तक रहेगी.</p>
<p><strong>दृश्यता</strong>: यह ग्रहण मुख्य रूप से पूरे यूरोप, अफ्रीका, और उत्तरी व दक्षिणी अमेरिका के हिस्सों में दिखाई देगा.  भारत में यह ग्रहण बिल्कुल दिखाई नहीं देगा.</p>
<p><strong>ग्रहण कहां-कहां दिखाई देगा?</strong><br>
यह खगोलीय घटना दुनिया के विभिन्न हिस्सों में स्पष्ट रूप से नजर आएगी.</p>
<p><strong>यूरोप और अफ्रीका: </strong>पूरे यूरोप और अफ्रीकी महाद्वीप के अधिकांश क्षेत्रों में इस चंद्र ग्रहण का पूरा नजारा देखा जा सकेगा.</p>
<p><strong>उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका: </strong>अमेरिका के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों में भी यह ग्रहण साफ तौर पर दिखाई देगा.</p>
<p>अन्य क्षेत्र: इसके अलावा पश्चिमी एशिया और अटलांटिक महासागर के कुछ हिस्सों में भी इसे देखा जा सकेगा.  अमेरिकी क्षेत्रों में चांद के निकलते ही इस पर धरती की छाया का अनूठा दृश्य देखने को मिलेगा.</p>
<p><strong>भारत में सूतक काल और धार्मिक प्रभाव</strong><br>
हिंदू धर्म शास्त्रों और वैदिक ज्योतिष के अनुसार, ग्रहण का सूतक काल और उसके धार्मिक नियम केवल उन्हीं क्षेत्रों में मान्य होते हैं, जहाँ ग्रहण प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देता है.</p>
<p><strong>सूतक का नियम:</strong> चूंकि 28 अगस्त का चंद्र ग्रहण भारत में कहीं भी दृश्यमान नहीं है, इसलिए भारत में इसका सूतक काल पूरी तरह से मान्य नहीं होगा.</p>
<p><strong>धार्मिक कार्य</strong>: सूतक न लगने के कारण मंदिरों के कपाट बंद करने या दैनिक पूजा-अर्चना पर रोक लगाने की कोई आवश्यकता नहीं है. श्रद्धालु बिना किसी संशय के अपनी नियमित पूजा, दान और मांगलिक कार्य सामान्य दिनों की तरह कर सकते हैं.</p>
<p><strong>रक्षाबंधन और राखी बांधने का मुहूर्त</strong><br>
ग्रहण और सूतक के प्रभाव न होने के कारण रक्षाबंधन के पर्व और राखी बांधने के समय पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा.बहनें बिना किसी हिचकिचाहट के सुबह के शुभ मुहूर्त में भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं.</p>
<p>रक्षाबंधन 2026 के लिए पंचांग के अनुसार भद्रा पहले ही समाप्त हो चुकी होगी, इसलिए 28 अगस्त की सुबह का समय राखी बांधने के लिए अत्यंत शुभ और दोषमुक्त है.</p>
<p><strong>विशेष ध्यान देने वाली बातें</strong><br>
<strong>खगोलीय महत्व</strong>: भले ही यह भारत में न दिखे, लेकिन अन्य देशों में चंद्रमा का लगभग 96% भाग पृथ्वी की छाया में ढका रहेगा, जिससे यह गहरा लाल या तांबे के रंग का दिखाई देगा, जिसे ब्लड मून की संज्ञा भी दी जाती है.</p>
<p><strong>मंत्र जाप: </strong>ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि यदि कोई चाहे, तो ग्रहण के समय (सुबह 08:00 से 09:43 बजे के बीच) घर में रहकर राहु-केतु के मंत्रों, महामृत्युंजय मंत्र या अपने इष्ट देव के मंत्रों का जाप कर सकता है, जो आध्यात्मिक दृष्टि से श्रेयस्कर माना जाता है.</p>]]> </content:encoded>
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<title>तालिबान ने 5 साल में बर्बाद किया लाखों लड़कियों का भविष्य! UNESCO की चेतावनी से दुनिया चिंतित</title>
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<description><![CDATA[ काबुल  अफगानिस्तान में तालिबानी शासन को लेकर लगातार सवाल उठते आए हैं, खासतौर पर यहां महिलाओं की आजादी और उनके अधिकारों की चर्चा सबसे ज्यादा होती है. अब संयुक्त राष्ट्र (UN) की संस्था यूनेस्को की तरफ से बताया गया है कि अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में लौटने के लगभग पांच साल बाद भी लगभग … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 15:31:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>तालिबान, ने, साल, में, बर्बाद, किया, लाखों, लड़कियों, का, भविष्य, UNESCO, की, चेतावनी, से, दुनिया, चिंतित</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>काबुल </strong></p>
<p>अफगानिस्तान में तालिबानी शासन को लेकर लगातार सवाल उठते आए हैं, खासतौर पर यहां महिलाओं की आजादी और उनके अधिकारों की चर्चा सबसे ज्यादा होती है. अब संयुक्त राष्ट्र (UN) की संस्था यूनेस्को की तरफ से बताया गया है कि अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में लौटने के लगभग पांच साल बाद भी लगभग 24 लाख लड़कियां हाई स्कूल की शिक्षा से महरूम हैं, अब यूनेस्को ने लड़कियों की पढ़ाई पर लगी पाबंदियों को तुरंत हटाने की अपील की है. इसमें कहा गया है कि ये ऐसा दुनिया का अकेला ऐसा देश है जहां <strong>लड़कियों और महिलाओं के माध्यमिक और उच्च शिक्षा हासिल करने पर प्रतिबंध लगा हुआ है। </strong></p>
<p><strong>यूनेस्को ने दी चेतावनी </strong><br>
यूएन की इस संस्था ने चेतावनी दी कि इतने लंबे समय तक शिक्षा से दूर रखना केवल पढ़ाई का अस्थायी रुकावट नहीं है, बल्कि यह पूरी एक पीढ़ी को उनके भविष्य और अवसरों से वंचित कर रहा है. इसे लेकर यूनेस्को की इमरजेंसी एजुकेशन प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर होदा जबेरियन ने कहा, "अफगानिस्तान में महिलाओं की उच्च शिक्षा पर पाबंदी है. किसी बच्चे की शिक्षा में 5 साल का गैप सिर्फ एक अस्थायी रुकावट नहीं है, ये लगभग हाई स्कूल का पूरा एक दौर खो देने जैसा है."  उन्होंने कहा कि यूनेस्को बिना किसी शर्त के लड़कियों की शिक्षा का अधिकार बहाल करने की मांग करता है. ये एक बुनियादी इंसानी हक है और इस पर कोई समझौता नहीं हो सकता। </p>
<p><strong>20 सालों की मेहनत पर फिरा पानी</strong><br>
साल 2001 में तालिबानी शासन खत्म होने के बाद अफगानिस्तान में महिलाओं के अधिकारों में सुधार की कोशिश शुरू हुई, लेकिन करीब 20 साल की मेहनत पर तब पानी फिर गया जब 15 अगस्त 2021 को अमेरिकी और नाटो (NATO) सेनाओं की वापसी के बाद तालिबान ने फिर से अफगानिस्तान पर अपना कब्जा कर लिया. इसके बाद से ही महिलाओं के स्कूल, कॉलेज, नौकरियों और सार्वजनिक जीवन में जाने पर<strong> तरह-तरह की पाबंदियां लगा दी गईं। </strong></p>
<p>दुनियाभर की संस्थाओं और देशों के विरोध के बावजूद तालिबान इस चीज पर कट्टर है. तालिबान सरकार इस फैसले को अपना अंदरूनी मामला बताती रही है. वहीं कई मुस्लिम देशों ने भी महिलाओं से उनके बुनियादी अधिकारी छीनने का विरोध किया है. तालिबान लड़कियों को शिक्षा से रोककर उनके करियर ऑप्शन पूरी तरह खत्म कर रहा है, जिससे वो कभी भविष्य में डॉक्टर, टीचर या फिर कोई अधिकारी बनने के लायक नहीं रहें। </p>]]> </content:encoded>
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<title>YouTube Monetization पर बड़ा बदलाव! अब कमाई के लिए 8,000 घंटे Watch Time या 2 करोड़ Shorts Views जरूरी</title>
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<description><![CDATA[ मुंबई  YouTube ने अपने YouTube Partner Program यानी YPP के नियमों में बड़ा बदलाव किया है. कंपनी के मुताबिक 2018 के बाद इतना बड़ा बदलाव किया जा रहा है. नए नियमों के तहत YouTube Partner Program में शामिल होने के लिए नए क्रिएटर्स को पहले के मुकाबले ज्यादा वॉच टाइम या Shorts व्यूज हासिल करने … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 15:04:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>YouTube, Monetization, पर, बड़ा, बदलाव, अब, कमाई, के, लिए, 8, 000, घंटे, Watch, Time, या, करोड़, Shorts, Views, जरूरी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंबई </strong><br>
YouTube ने अपने YouTube Partner Program यानी YPP के नियमों में बड़ा बदलाव किया है. कंपनी के मुताबिक 2018 के बाद इतना बड़ा बदलाव किया जा रहा है. नए नियमों के तहत YouTube Partner Program में शामिल होने के लिए नए क्रिएटर्स को पहले के मुकाबले ज्यादा वॉच टाइम या Shorts व्यूज हासिल करने होंगे. नए नियम 1 फरवरी 2027 से लागू होंगे। </p>
<p><strong>2027 से YPP में शामिल होना होगा मुश्किल</strong><br>
YouTube ने बताया कि 1 फरवरी 2027 से YouTube Partner Program में आवेदन करने वाले नए क्रिएटर्स को पिछले एक साल में कम से कम 8,000 क्वालिफाइड वॉच आवर्स हासिल करने होंगे. इसके अलावा Shorts के जरिए YPP में शामिल होने वाले क्रिएटर्स के लिए पिछले 90 दिनों में 2 करोड़ क्वालिफाइड Shorts व्यूज की शर्त रखी गई है। </p>
<p>ये मौजूदा नियमों की तुलना में बड़ा बदलाव है. फिलहाल YPP में शामिल होने के लिए क्रिएटर के पास 1,000 सब्सक्राइबर और पिछले 365 दिनों में 4,000 क्वालिफाइड वॉच आवर्स होने चाहिए. Shorts के मामले में 1,000 सब्सक्राइबर के साथ पिछले 90 दिनों में 1 करोड़ Shorts व्यूज की जरूरत होती है. हालांकि, YouTube ने साफ किया है कि फैन फंडिंग और शॉपिंग प्रोडक्ट्स के लिए एंट्री थ्रेशोल्ड में कोई बदलाव नहीं किया गया है। </p>
<p><strong>Shorts से कमाई के लिए भी बदले नियम</strong><br>
YouTube ने Shorts से होने वाली कमाई के नियमों में भी बदलाव किया है. नए नियमों के तहत Shorts से विज्ञापन और सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू शेयरिंग पाने के लिए क्रिएटर्स को पिछले 90 दिनों में कम से कम 1 करोड़ क्वालिफाइड Shorts व्यूज हासिल करने होंगे. ये नियम भी 1 फरवरी 2027 से लागू होगा. हालांकि, अगर किसी क्रिएटर के Shorts व्यूज इस लाइन तक नहीं पहुंचते हैं, तो इसका मतलब ये नहीं है कि वह YouTube Partner Program से बाहर हो जाएगा. ऐसे क्रिएटर्स YPP का हिस्सा बने रह सकते हैं और लंबे वीडियो यानी लॉन्ग-फॉर्म कंटेंट से मिलने वाले रेवन्यू के लिए एलिजिबल रहेंगे। </p>
<p><strong>YouTube ने क्यों बदले नियम?</strong><br>
कंपनी का कहना है कि ये बदलाव YouTube के तेजी से बढ़ते प्लेटफॉर्म को ध्यान में रखते हुए किए जा रहे हैं. YouTube के मुताबिक, प्लेटफॉर्म पर अब हर दिन 200 अरब से ज्यादा Shorts व्यूज आते हैं. इसके अलावा टीवी स्क्रीन पर हर दिन 100 करोड़ घंटे से ज्यादा YouTube कंटेंट देखा जाता है। </p>
<p>कंपनी का मानना है कि प्लेटफॉर्म के बढ़ते स्तर और क्रिएटर इकॉनमी में बदलाव के साथ Partner Program की शर्तों को भी अपडेट करना जरूरी है. YouTube ने ये भी कहा है कि 2027 में वह क्रिएटर्स को 2026 की तुलना में और ज्यादा पेमेंट करने की उम्मीद कर रहा है। </p>
<p><strong>YouTube Partner Program की मौजूदा शर्तें-</strong></p>
<p><strong>    1,000 सब्सक्राइबर<br>
    पिछले 365 दिनों में 4,000 क्वालिफाइड वॉच आवर्स</strong></p>
<p><strong>या</strong></p>
<p><strong>    1,000 सब्सक्राइबर<br>
    पिछले 90 दिनों में 1 करोड़ Shorts व्यूज</strong></p>
<p><strong>1 फरवरी 2027 से नई शर्तों के तहत-</strong></p>
<p><strong>पिछले एक साल में 8,000 क्वालिफाइड वॉच आवर्स</strong></p>
<p><strong>या</strong></p>
<p>पिछले 90 दिनों में 2 करोड़ क्वालिफाइड Shorts व्यूज<br>
हालांकि, ये साफ नहीं किया गया है कि नई शर्तों के साथ 1,000 सब्सक्राइबर की मौजूदा शर्त भी उसी रूप में जारी रहेगी या उसमें कोई अलग बदलाव होगा। </p>
<p><strong>Premium Lite प्लान भी हुआ उपलब्ध</strong><br>
YouTube ने Partner Program के नियमों में बदलाव के साथ Premium Lite प्लान को भी ज्यादा क्षेत्रों में उपलब्ध कराने की घोषणा की है. कंपनी के मुताबिक Premium Lite अब "सभी देशों" में उपलब्ध है. इस प्लान में यूजर्स को ज्यादातर कंटेंट पर कम विज्ञापन देखने को मिलेंगे. इसके अलावा यूजर्स वीडियो डाउनलोड करके ऑफलाइन देख सकेंगे और बैकग्राउंड प्लेबैक की सुविधा भी मिलेगी। </p>
<p><strong>2026 में YPP के 20 साल पूरे</strong><br>
YouTube ने 2006 में Partner Program शुरू किया था. इस हिसाब से 2026 में YouTube Partner Program को शुरू हुए 20 साल पूरे हो रहे हैं. इन वर्षों में कंपनी ने क्रिएटर्स के साथ रेवेन्यू शेयरिंग के नियमों में कई बदलाव किए हैं. अब 2018 के बाद पहली बार YPP की शर्तों में बड़ा बदलाव किया जा रहा है. नए नियम खास तौर पर उन क्रिएटर्स को प्रभावित करेंगे जो YouTube से विज्ञापन और सब्सक्रिप्शन के जरिए कमाई शुरू करना चाहते हैं. Shorts पर निर्भर नए क्रिएटर्स के लिए 2 करोड़ व्यूज का नया टारगेट पहले की तुलना में काफी ज्यादा है। </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>सीईओ अनुपमा आनंद ने झलप में पीएम सूर्य घर योजना और बिहान समूह की आजीविका गतिविधियों का किया निरीक्षण</title>
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<description><![CDATA[ महासमुंद  जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुपमा आनंद ने महासमुंद विकासखंड अंतर्गत ग्राम झलप का दौरा कर पीएम सूर्य घर योजना की प्रगति का निरीक्षण किया। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित आजीविका गतिविधियों और स्व-निर्मित उत्पादों का अवलोकन किया। सीईओ ने वात्सल्य महिला क्लस्टर … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 15:03:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>सीईओ, अनुपमा, आनंद, ने, झलप, में, पीएम, सूर्य, घर, योजना, और, बिहान, समूह, की, आजीविका, गतिविधियों, का, किया, निरीक्षण</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>महासमुंद </strong></p>
<p>जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुपमा आनंद ने महासमुंद विकासखंड अंतर्गत ग्राम झलप का दौरा कर पीएम सूर्य घर योजना की प्रगति का निरीक्षण किया। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित आजीविका गतिविधियों और स्व-निर्मित उत्पादों का अवलोकन किया।</p>
<p>सीईओ ने वात्सल्य महिला क्लस्टर संगठन, झलप के अंतर्गत वेंडर के रूप में कार्य कर रहीं सोलर दीदी काजल साहू के घर पहुंचकर पीएम सूर्य घर योजना के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। प्रशिक्षण प्राप्त कर काजल साहू ने अपने निवास पर 2 किलोवॉट का सोलर पैनल स्थापित किया है। सीईओ  अनुपमा आनंद ने उनके कार्य की सराहना करते हुए अधिक से अधिक लोगों को सौर ऊर्जा से जोड़ने तथा सोलर पैनल स्थापना के कार्य को विस्तार देने के लिए प्रोत्साहित किया।</p>
<p>भ्रमण के दौरान सीईओ ने बिहान के जय भवानी स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित दुकानों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे बाँस की हस्तकला सामग्री, अचार, बड़ी, पापड़, मसाले सहित विभिन्न स्व-निर्मित उत्पादों का अवलोकन किया। उन्होंने महिलाओं से संवाद कर उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने, बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और आजीविका गतिविधियों को और अधिक विस्तारित करने के संबंध में मार्गदर्शन दिया।  आनंद ने बिहान समूह की महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अपने उत्पादों का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करें और नए बाजारों से जुड़कर आय के साधनों को बढ़ाएं। इस अवसर पर जिले से एपीओ त्रिवेणी, डीपीएम शिवदे सिंह सहित क्लस्टर संगठन की पदाधिकारी बहनें एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>स्वतंत्रता दिवस पर पतंगबाजी को लेकर अलर्ट, Tata Power&#45;DDL ने बिजली तारों से दूर रहने की अपील</title>
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<description><![CDATA[ चंडीगढ़. स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिल्ली में पतंगबाजी की तैयारियों के बीच टाटा पावर-डीडीएल ने लोगों से बिजली के खंभों, तारों और अन्य विद्युत प्रतिष्ठानों से सुरक्षित दूरी बनाकर पतंग उड़ाने की अपील की है। कंपनी ने लोगों को धातु की परत वाले और चाइनीज मांझे का इस्तेमाल न करने की सलाह दी है। … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 15:02:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>चंडीगढ़.</strong></p>
<p>स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिल्ली में पतंगबाजी की तैयारियों के बीच टाटा पावर-डीडीएल ने लोगों से बिजली के खंभों, तारों और अन्य विद्युत प्रतिष्ठानों से सुरक्षित दूरी बनाकर पतंग उड़ाने की अपील की है। कंपनी ने लोगों को धातु की परत वाले और चाइनीज मांझे का इस्तेमाल न करने की सलाह दी है।</p>
<p>कंपनी के अनुसार, धातु की परत वाला मांझा बिजली का सुचालक होता है। इसके बिजली के तारों के संपर्क में आने से तार टूटने या कटने का खतरा रहता है। इससे बिजली का झटका लगने की आशंका भी बढ़ जाती है। हाई वोल्टेज तार टूटने की स्थिति में बड़े इलाके की बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। टाटा पावर-डीडीएल ने लोगों से पतंग उड़ाने के लिए धातु की परत वाले मांझे की जगह सूती धागे का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। कंपनी ने चाइनीज मांझे से भी पूरी तरह बचने की अपील की है। कंपनी के मुताबिक, धारदार मांझे से दोपहिया वाहन चालकों और पक्षियों के घायल होने का खतरा भी रहता है।</p>
<p>सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत कंपनी ने अपने प्रचार अभियान को भी तेज किया है। जेजे कॉलोनियों और पुनर्वास बस्तियों में मैगा रैलियां आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। कंपनी के सोशल इंपैक्ट ग्रुप (एसआईजी) ने करीब 1,000 आभा सदस्यों के नेटवर्क के जरिए स्थानीय समुदायों को बिजली सुरक्षा के प्रति जागरूक किया है। इसके अलावा, टाटा पावर-डीडीएल ने अपने विद्युत प्रतिष्ठानों और कुछ सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित पतंगबाजी से जुड़े संदेश वाले बैनर लगाए हैं। कंपनी ने एफएम रेडियो चैनलों के साथ साझेदारी कर विशेष सोशल मीडिया सीरीज भी शुरू की है। सुरक्षित पतंगबाजी को लेकर बिजली सुरक्षा संबंधी वीडियो संदेश भी जारी किए जा रहे हैं।</p>
<p>कंपनी दिल्ली के अपने परिचालन क्षेत्रों में आने वाले सरकारी और निजी स्कूलों में विशेष जागरूकता सत्र भी आयोजित कर रही है। इन सत्रों के जरिए बच्चों को पतंगबाजी के दौरान बिजली के तारों और मांझे से जुड़े संभावित खतरों की जानकारी दी जा रही है, ताकि वे जरूरी सावधानी बरतें। </p>]]> </content:encoded>
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<title>एक ही घर में 6 सास और 14 बहुएं! खाने में 3 बकरे भी पड़ते हैं कम, आंध्र के इस परिवार की अनोखी कहानी</title>
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<description><![CDATA[ अनंतपुर  आज के इस दौर में जब छोटे परिवारों का जमाना है. लोग दो कमरों के मकान में सिमटते जा रहे हैं. वहीं आंध्र प्रदेश से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो आपको हैरान भी करेगी और आपके दिल को सुकून भी देगी।  अनंतपुर जिले के कुर्लापल्ली गांव में रहने वाला नागप्पा परिवार आज … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 15:02:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>एक, ही, घर, में, सास, और, बहुएं, खाने, में, बकरे, भी, पड़ते, हैं, कम, आंध्र, के, इस, परिवार, की, अनोखी, कहानी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>अनंतपुर </strong><br>
आज के इस दौर में जब छोटे परिवारों का जमाना है. लोग दो कमरों के मकान में सिमटते जा रहे हैं. वहीं आंध्र प्रदेश से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो आपको हैरान भी करेगी और आपके दिल को सुकून भी देगी। </p>
<p>अनंतपुर जिले के कुर्लापल्ली गांव में रहने वाला नागप्पा परिवार आज भी संयुक्त परिवार की उस पुरानी भारतीय परंपरा को पूरी शान से जिंदा रखे हुए है. कहने को तो यह परिवार पास-पास बने चार अलग-अलग मकानों में रहता है, लेकिन असलियत में इनका दिल, इनकी रसोई और इनका पूरा जीवन एक ही धागे में पिरोया हुआ है। </p>
<p><strong>कैसे चलती है 83 लोगों की दिनचर्या?</strong><br>
इतने बड़े परिवार में व्यवस्था बनाए रखना किसी चुनौती से कम नहीं है. पीटीआई  मुताबिक, हनुमंतरायुडू ने बताया कि रोज सुबह परिवार के बड़े-बुजुर्ग चाय-कॉफी की चुस्की के साथ एक जगह बैठते हैं और पूरे दिन का खाका तैयार करते हैं. किसे खेत में जाना है, किसे घर के काम देखने हैं और आज खाने में क्या बनेगा. यह सब सुबह की इसी बैठक में तय हो जाता है. इसके बाद कुछ सदस्य खेतों की ओर निकल जाते हैं, तो कुछ घर की जिम्मेदारी संभालते हैं। </p>
<p><strong>चौथी पीढ़ी के कंधे पर 83 लोगों की जिम्मेदारी</strong><br>
नागप्पा के परपोते महेश इस परिवार की चौथी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं. महेश बताते हैं, "हमारे परदादा नागप्पा के समय से शुरू हुई यह परंपरा आज छह पीढ़ियों तक पहुंच चुकी है. अब बुजुर्गों ने बाहर के सारे काम और जिम्मेदारियां मेरे कंधों पर डाल दी हैं. इन 83 लोगों के लिए घर का राशन लाना हो, किसी की बीमारी का इलाज हो, बच्चों की स्कूल फीस और किताबों का इंतजाम हो या गाड़ियों का रखरखाव और बैंक का काम. यह सब मैं अकेला संभालता हूं. इतने बड़े कुनबे की जिम्मेदारी उठाना मेरे लिए गर्व की बात है. हमारे बीच उम्र में थोड़े-बहुत छोटे-बड़े का फर्क जरूर है, लेकिन सम्मान और प्यार में कोई कमी नहीं है। </p>
<p><strong>घर चार, लेकिन चूल्हा एक</strong><br>
इस परिवार की सबसे खूबसूरत परंपरा है इनकी साझी रसोई. भले ही लोग चार अलग-अलग घरों में रहते हों, लेकिन खाना पूरे 83 लोगों का एक साथ ही बनता है. बाजार से राशन और जरूरी सामान लाने की जिम्मेदारी बुजुर्गों की होती है, जबकि घर की बहुएं मिलकर पूरे परिवार के लिए प्यार से खाना पकाती हैं। </p>
<p><strong>खेती भी और बसों का कारोबार भी</strong><br>
बात अगर रोजी-रोटी की करें तो 120 एकड़ जमीन पर खेती इस परिवार का मुख्य सहारा है. खेतों में मूंगफली, टमाटर, बैंगन, तरबूज, पपीता और मिर्च जैसी फसलें लहलहाती हैं. खेती के साथ-साथ यह परिवार मिलकर 'श्री कृष्णा हनुमान ट्रेवल्स' की 5 बसें चलाता है. इनके पास 1000 भेड़ें, 70 भैंसें, 3 ट्रैक्टर, एक बोलेरो और एक आयशर ट्रक भी है. इतना ही नहीं, इनके खान-पान में आज भी शुद्ध देसी स्वाद बसता है। </p>
<p>खान-पान में आज भी मिट्टी और लकड़ी के चूल्हे का देसी स्वाद ही चलता है. रोज सुबह-शाम चूल्हे पर रागी संगटी (रागी का पारंपरिक भोजन) और ज्वार की रोटियां सेकी जाती हैं. परिवार के सदस्य हंसते हुए बताते हैं कि जब कोई त्योहार आता है और पूरा कुनबा इकट्ठा होता है, तो एक ही वक्त के खाने में कम से कम तीन बकरे और कई किलो चिकन पक जाता है। </p>
<p><strong>शाम होते ही खत्म हो जाते हैं मनमुटाव<br>
अब आप सोच रहे होंगे कि जहां 83 लोग एक साथ र</strong>हते हों, वहां कहासुनी या मतभेद तो होते ही होंगे. बुजुर्ग भी इस बात को स्वीकारते हैं कि राय अलग हो सकती है, लेकिन उनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि सूरज ढलने और दिन खत्म होने से पहले हर मनमुटाव को आपस में बैठकर सुलझा लिया जाता है. आपसी सम्मान, एक-दूसरे का सहारा बनने की सोच और पारिवारिक संस्कार ही वो डोर हैं, जिसने छह-छह पीढ़ियों को आज भी एक साथ बांधकर रखा है। </p>
<p><strong>"हम देवरानी-जेठानी नहीं, सगी बहनें और दोस्त हैं"</strong><br>
दूसरे गांवों और शहरों से इस घर में आई बहुएं भी बिना किसी शिकायत के एक साथ हंसते-खेलते रहती हैं. घर की दूसरी बहू अनुराधा बताती हैं, "हमारे घर में करीब 20 औरतें हैं. हम सब मिलकर एक ही रसोई में खाना बनाते हैं और एक साथ खाते हैं. अगर घर में किसी को शुगर या कोई दिक्कत है, तो उसके लिए अलग से रोटी या दलिया बना दिया जाता है, बाकी खाना सबके लिए एक जैसा बनता है. घर के बड़े हम सभी बहुओं को अपनी सगी बेटियों की तरह प्यार देते हैं. हम देवरानी-जेठानी की तरह नहीं, बल्कि सगी बहनों और पक्की सहेलियों की तरह रहती हैं. इस घर की बहू बनकर मुझे बेहद खुशी और गर्व होता है." बहुओं और बेटों का साफ कहना है, "रहने के लिए जरूरत पड़ी तो चार घर और बना लेंगे, लेकिन परिवार का बंटवारा जीते जी कभी नहीं होने देंगे। </p>]]> </content:encoded>
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<title>पॉकेट में रखा फोन बम की तरह फटा! इन खतरनाक संकेतों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज</title>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली स्मार्टफोन में ब्लास्ट होने की नई घटना सामने आई है, जहां एक शख्स का हाथ और प्राइवेट पार्ट झुलस चुके हैं. दरअसल, शख्स ने पैंट की जेब में स्मार्टफोन को रखा था, जो अधिकतर लोग करते हैं. इसके बाद अचानक से फोन में धमाका हुआ और रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मच गई।  यह … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 15:01:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong></p>
<p>स्मार्टफोन में ब्लास्ट होने की नई घटना सामने आई है, जहां एक शख्स का हाथ और प्राइवेट पार्ट झुलस चुके हैं. दरअसल, शख्स ने पैंट की जेब में स्मार्टफोन को रखा था, जो अधिकतर लोग करते हैं. इसके बाद अचानक से फोन में धमाका हुआ और रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मच गई। </p>
<p>यह मामला गाजियाबाद के रेलवे स्टेशन का है. जहां आम लोगों की तरह ही शख्स ने स्मार्टफोन को जेब में रखा था. तभी अचानक से उसका मोबाइल गर्म हुआ और जब तक वह कुछ समझ पाता स्मार्टफोन में ब्लास्ट हो गया। </p>
<p>यह हादसा ग्रेटर नोएडा के दनकौर के रहने वाले 26 साल के मोहम्मद माजिद के साथ हुआ है. गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर फोन फटते ही वहां पर अफरा तफरी मच गई. जिस स्मार्टफोन में ब्लास्ट हुआ है, उसको शख्स ने करीब एक महीने पहले ही खरीदा था. अब माजिद के परिवार ने स्मार्टफोन कंपनी पर सवाल उठाए हैं। </p>
<p><strong>स्मार्टफोन में ब्लास्ट क्यों होता है? </strong><br>
मॉडर्न स्मार्टफोन में लीथियन ऑयन बैटरी का इस्तेमाल किया है, जो अति ज्वलनशील होती है. ऐसे में अगर बैटरी पर दबाव पड़ता है या फिर वह लीक हो जाती है तो उसमें ब्लास्ट होने का खतरा बन जाता है। </p>
<p>पॉकेट में रखा स्मार्टफोन वेंटीलेशन से दूर हो जाता है. इसकी वजह से उसका तापमान बढ़ जाता है. साथ ही शरीर की गर्मी की वजह से मोबाइल का टेम्प्रेचर को और ज्यादा बढ़ा देता है. कई फोन में हैवी टास्क  चल रहे होते हैं, जिसकी वजह से टेम्प्रेचर बढ़ जाता है। </p>
<p>स्मार्टफोन अगर हाई टेम्प्रेचर का सामना करेगा तो Lithium-ion बैटरी में थर्मल रनवे शुरू कर सकता है. थर्मल रनवे, असल में वह प्रोसेस होता है, जिसमें बैटरी के अंदर हीट और गैस तेजी से बढ़ते हैं, जिसका रिजल्ट ब्लास्ट के रूप में सामने आता है। </p>
<p><strong>मोबाइल ब्लास्ट होने से कैसे बचाएं? <br>
स्मार्टफोन को ब्लास्ट होने से बचाने के ढेरों तरीके हैं, आइए सेफ्टी टिप्स के बारे में डिटेल्स में जानते हैं। </strong></p>
<p>स्मार्टफोन अगर पैंट की पॉकेट में रखा है और वह अचानक से गर्म होने लगता है. ऐसी कंडिशन में स्मार्टफोन को तुरंत जेब से बाहर निकालें और उसे किसी ठंडी सरफेस पर रख दें. सावधानी के रूप में उससे दूरी भी बना सकते हैं। </p>
<p><strong>स्मार्टफोन गर्म होने से बचाएं </strong><br>
फोन बहुत गर्म हो जाए तो उसका इस्तेमाल बंद कर दें. अगर गेम खेल रहे हैं या फिर वीडियो देख रहे हैं तो उस टास्क को बंद कर दें. स्मार्टफोन का टेम्प्रेचर कम होने का इंतजार करें। </p>
<p><strong>बैटरी फूलने पर तुरंत चेंज कराएं</strong><br>
अगर आपके स्मार्टफोन का बैक पैनल अचानक से फूल गया है तो समझ लें कि मोबाइल की बैटरी फूल गई है. ऐसे में ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर पर जाएं और जेनुअन बैटरी से रिप्लेस कराएं। </p>
<p><strong>तकिए के नीचे ना रखें स्मार्टफोन</strong><br>
स्मार्टफोन को चार्जिंग के दौरान तकिए के नीचे ना रखें. बहुत से लोग रात में सोने से पहले स्मार्टफोन को चार्जिंग पर लगा देते हैं, जिसके बाद मोबाइल को तकिये, कंबल आदि के नीचे दबा देते हैं. ऐसा करना खतरनाक साबित होगा. चार्जिंग के दौरान मोबाइल हीट जनरेट करता है. ऐसे में तकिए के नीचे दबा फोन ओवरहीट होकर फट सकता है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>मयूरी कांगो की कहानी: IIT छोड़ 90s में बनीं ‘नेशनल क्रश’, अब कॉरपोरेट दुनिया में बड़ा नाम</title>
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<description><![CDATA[ मुंबई   अक्सर लोग नौकरी छोड़कर फिल्मी दुनिया में नाम और शोहरत कमाने का सपना देखते हैं, लेकिन मयूरी कांगो की कहानी इससे बिल्कुल अलग है। महज 15 साल की उम्र में आईआईटी कानपुर की प्रवेश परीक्षा पास करने वाली मयूरी ने पढ़ाई छोड़कर अभिनय को चुना और 90 के दशक में अपनी मासूम छवि व … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 15:01:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>मयूरी, कांगो, की, कहानी:, IIT, छोड़, 90s, में, बनीं, ‘नेशनल, क्रश’, अब, कॉरपोरेट, दुनिया, में, बड़ा, नाम</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंबई </strong><br>
 अक्सर लोग नौकरी छोड़कर फिल्मी दुनिया में नाम और शोहरत कमाने का सपना देखते हैं, लेकिन मयूरी कांगो की कहानी इससे बिल्कुल अलग है। महज 15 साल की उम्र में आईआईटी कानपुर की प्रवेश परीक्षा पास करने वाली मयूरी ने पढ़ाई छोड़कर अभिनय को चुना और 90 के दशक में अपनी मासूम छवि व शानदार अभिनय से लाखों दिलों की धड़कन बन गईं। हालांकि, जब उनका करियर सफलता की ऊंचाइयों पर था, तब उन्होंने ग्लैमर की दुनिया को अलविदा कहकर एक नया रास्ता अपनाने का फैसला किया। उनकी यह यात्रा बताती है कि सफलता सिर्फ फिल्मों में नहीं, बल्कि जीवन में अपनी पसंद के रास्ते चुनने में भी होती है। आज, वह दुनिया की अग्रणी तकनीकी और विज्ञापन कंपनियों में शीर्ष नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं। मयूरी कांगो का जन्म 15 अगस्त 1982 को महाराष्ट्र के औरंगाबाद (अब छत्रपति संभाजीनगर) में हुआ था। उनके पिता भालचंद्र कांगो एक राजनेता थे और उनकी माता सुजाता कांगो एक प्रसिद्ध थिएटर कलाकार थीं। </p>
<p>एक सुशिक्षित और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध पारिवारिक पृष्ठभूमि ने मयूरी कांगो के बौद्धिक और कलात्मक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिक्षा के प्रति उनके गहरे रुझान का प्रमाण यह था कि उन्होंने अपनी किशोरावस्था में ही आईआईटी प्रवेश परीक्षा पास कर ली थी, हालांकि नियति ने उनके लिए एक अलग ही मार्ग निर्धारित किया था। जब वह अपनी मां के साथ मुंबई के एक शूट पर गई थीं तो प्रसिद्ध फिल्म निर्माता सईद अख्तर मिर्जा की नजर उन पर पड़ी। सईद अख्तर मिर्जा ने उन्हें बाबरी मस्जिद विध्वंस की पृष्ठभूमि पर आधारित अपनी फिल्म 'नसीम' (1995) में मुख्य भूमिका का प्रस्ताव दिया। शिक्षा और कला के बीच एक रणनीतिक निर्णय लेते हुए उन्होंने फिल्म को चुना और इस प्रकार उनके अभिनय करियर की शुरुआत हुई।</p>
<p>'नसीम' में उनके संवेदनशील और परिपक्व अभिनय ने फिल्म उद्योग के दिग्गजों का ध्यान आकर्षित किया। जाने-माने निर्देशक महेश भट्ट ने इस प्रदर्शन से प्रभावित होकर उन्हें अपनी रोमांटिक ड्रामा फिल्म 'पापा कहते हैं' (1996) में जुगल हंसराज के विपरीत कास्ट किया। इस फिल्म का संगीत विशेष रूप से अत्यधिक लोकप्रिय हुआ। जावेद अख्तर द्वारा लिखित और उदित नारायण द्वारा गाया गया गीत 'घर से निकलते ही' 90 के दशक के युवाओं के लिए एक लव एंथम बन गया।</p>
<p>इस सफलता के बाद उन्होंने कई प्रमुख फिल्मों में काम किया। 1997 की 'बेताबी' फ्लॉप हुई। 1999 में 'होगी प्यार की जीत' सेमी-हिट रही और साल 2000 में आई फिल्म 'बादल' हिट रही। एक्शन-थ्रिलर फिल्म 'बादल' में मयूरी कांगो ने 'सोनी' नाम की एक सहायक भूमिका निभाई थी। इस फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में बॉबी देओल और रानी मुखर्जी नजर आए थे।</p>
<p>लगभग 16 फिल्मों (जिनमें से आधी रिलीज भी नहीं हो सकीं) और कई टेलीविजन धारावाहिकों (जैसे 'डॉलर बहू' और 'कारिश्मा: द मिरेकल्स ऑफ डेस्टिनी') में काम करने के बाद मयूरी कांगो ने 28 दिसंबर, 2003 को एक एनआरआई व्यवसायी आदित्य ढिल्लों से शादी की और संयुक्त राज्य अमेरिका चली गईं। अमेरिका में उन्होंने सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू यॉर्क से मार्केटिंग और फाइनेंस में एमबीए की डिग्री हासिल की और 2007 में स्नातक की। यह कदम उनके पेशेवर पुनर्जागरण की नींव साबित हुआ।</p>
<p>अपनी व्यावसायिक कुशाग्रता से उन्होंने डिजिटल मार्केटिंग और विज्ञापन के क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी। 2007 में 360आई न्यूयॉर्क में एसोसिएट मीडिया मैनेजर के रूप में करियर शुरू किया। 2012 में 'जेनिथ' भारत के चीफ डिजिटल ऑफिसर बनीं। 2016 में 'पर्फोर्मिक्स' के मैनेजिंग डायरेक्टर और 2019 में गूगल इंडिया में इंडस्ट्री हेड- एजेंसी पार्टनरशिप बनीं।<br>
मौजूदा समय में वह सीईओ की भूमिका में भारत के ऑपरेशन्स के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर मीडिया, टेक और एआई समाधानों को आकार दे रही हैं।</p>]]> </content:encoded>
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<title>15 अगस्त पर घर में बनाएं तिरंगा ढोकला, बिना फूड कलर के आसान और स्वादिष्ट रेसिपी</title>
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<description><![CDATA[ 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस का दिन हर भारतीय के लिए बेहद खास और गर्व से भरा होता है. इस राष्ट्रीय पर्व के मौके पर घर में छुट्टी का माहौल रहता है और बच्चे भी कुछ नया व मजेदार खाने की फरमाइश करते हैं. अगर आप इस 15 अगस्त पर परिवार के लिए कुछ ऐसा … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:33:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>अगस्त, पर, घर, में, बनाएं, तिरंगा, ढोकला, बिना, फूड, कलर, के, आसान, और, स्वादिष्ट, रेसिपी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस का दिन हर भारतीय के लिए बेहद खास और गर्व से भरा होता है. इस राष्ट्रीय पर्व के मौके पर घर में छुट्टी का माहौल रहता है और बच्चे भी कुछ नया व मजेदार खाने की फरमाइश करते हैं. अगर आप इस 15 अगस्त पर परिवार के लिए कुछ ऐसा बनाना चाहते हैं जो दिखने में सुंदर, खाने में स्वादिष्ट और सेहत के लिए बेहद पौष्टिक हो तो तिरंगा ढोकला सबसे बेहतरीन विकल्प है.</p>
<p>मूंग दाल, बेसन, सूजी, पालक और गाजर/टमाटर से तैयार होने वाला यह ढोकला पूरी तरह से नेचुरल होता है. इसमें किसी भी तरह के आर्टिफिशियल फूड कलर का इस्तेमाल नहीं किया जाता. प्रोटीन और फाइबर से भरपूर यह ढोकला बच्चों को खूब भाता है. आइए जानते हैं इसे बनाने की आसान स्टेप-बाय-स्टेप रेसिपी.</p>
<p><strong>तीनों रंगों के ढोकला के लिए सामग्री:</strong><br>
केसरिया रंग (टॉप लेयर): 1/2 कप बेसन/सूजी + 2 चम्मच गाजर/टमाटर की प्यूरी + चुटकीभर हल्दी</p>
<p>सफेद रंग (मिडल लेयर): 1/2 कप सूजी + 1/3 कप ताजा दही + चुटकीभर नमक</p>
<p>हरा रंग (बॉटम लेयर): 1/2 कप धुली हरी मूंग दाल/सूजी + 1/2 कप पालक की प्यूरी + 1 हरी मिर्च (पिसी हुई)</p>
<p><strong>अन्य आवश्यक सामग्री:</strong><br>
ईनो या बेकिंग सोडा: 1.5 छोटा चम्मच (तीनों परतों के लिए आधा-आधा चम्मच)</p>
<p>तेल: 2 बड़े चम्मच</p>
<p>तड़के के लिए: 1 चम्मच राई, 2 हरी मिर्च (लंबी कटी), 8-10 करी पत्ते, 1 चम्मच तिल और 1 चम्मच चीनी (पानी में घुली हुई)</p>
<p><strong>बनाने की विधि:</strong><br>
तीनों बैटर तैयार करें:</p>
<p>हरा बैटर: मूंग दाल या सूजी में पालक प्यूरी, हरी मिर्च, दही और नमक मिलाकर गाढ़ा घोल बना लें.</p>
<p>सफेद बैटर: सूजी, दही, पानी और नमक मिलाकर मध्यम गाढ़ा घोल बनाएं.</p>
<p>केसरिया बैटर : बेसन/सूजी में गाजर/टमाटर प्यूरी, थोड़ी हल्दी, दही और नमक मिलाकर घोल तैयार करें.</p>
<p>पहली लेयर (हरा रंग) स्टीम करें:</p>
<p>ढोकला मोल्ड या एक गहरी थाली में थोड़ा-सा तेल लगाकर चिकना कर लें.</p>
<p>अब हरे बैटर में 1/2 छोटा चम्मच ईनो मिलाएं और तुरंत चिकनाई लगी थाली में फैला दें.</p>
<p>स्टीमर या कड़ाही (पानी और स्टैंड के साथ) में इस थाली को रखें और ढककर 4-5 मिनट के लिए स्टीम करें ताकि यह हल्का सेट हो जाए.</p>
<p>दूसरी लेयर (सफेद रंग) सेट करें:</p>
<p>अब सफेद बैटर में 1/2 छोटा चम्मच ईनो मिलाएं.</p>
<p>थाली को स्टीमर से बाहर निकालें (या स्टीमर में ही) हरे बैटर के ऊपर सफेद बैटर की परत सावधानी से फैला दें. इसे फिर से 4-5 मिनट के लिए स्टीम करें.</p>
<p>तीसरी लेयर (केसरिया रंग) सेट करें:</p>
<p>अब केसरिया बैटर में 1/2 छोटा चम्मच ईनो मिलाएं.</p>
<p>सफेद परत के ऊपर इस केसरिया बैटर को फैलाएं. अब ढक्कन बंद करके पूरे ढोकले को मध्यम आंच पर 10-12 मिनट के लिए अच्छी तरह स्टीम होने दें.</p>
<p>चेक करें और ठंडा करें: 12 मिनट बाद चाकू डालकर चेक करें. अगर चाकू साफ बाहर आता है तो ढोकला पक चुका है. इसे निकालकर 5 मिनट ठंडा होने दें. फिर चौकोर टुकड़ों में काट लें.</p>
<p>चटपटा तड़का लगाएं: एक छोटे पैन में 1 चम्मच तेल गरम करें. इसमें राई, करी पत्ते, सफेद तिल और हरी मिर्च डालें. जब राई चटकने लगे तो 3-4 चम्मच पानी और 1 चम्मच चीनी डालकर उबाल लें. इस खट्टे-मीठे तड़के को तैयार तिरंगे ढोकले के ऊपर चम्मच से बराबर फैलाएं.</p>
<p>आपका स्पंजी, रसीला और कुदरती रंगों से सजा तिरंगा ढोकला तैयार है. इसे हरी धनिया-पुदीने की चटनी के साथ परोसें.</p>]]> </content:encoded>
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<title>रक्षाबंधन पर घर में बनाएं स्पंजी रसगुल्ले, सिर्फ 2 सीटी में होंगे तैयार</title>
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<description><![CDATA[  बंगाली मिठाइयां पूरे भारत में मशहूर हैं. मिष्टी दोई से लेकर संदेश तक सभी का नाम सुनते ही लोगों के चेहरे पर हंसी और खुशी आ जाती है. इन्हीं में से एक रसगुल्ला भी है, जो शायद ही कोई ना खाता हो. रसगुल्ले का नाम सुनते ही मुंह में मिठास घुल जाती है. सफेद, मुलायम … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:33:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>रक्षाबंधन, पर, घर, में, बनाएं, स्पंजी, रसगुल्ले, सिर्फ, सीटी, में, होंगे, तैयार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p> बंगाली मिठाइयां पूरे भारत में मशहूर हैं. मिष्टी दोई से लेकर संदेश तक सभी का नाम सुनते ही लोगों के चेहरे पर हंसी और खुशी आ जाती है. इन्हीं में से एक रसगुल्ला भी है, जो शायद ही कोई ना खाता हो. रसगुल्ले का नाम सुनते ही मुंह में मिठास घुल जाती है. सफेद, मुलायम और चाशनी से भरे रसगुल्ले आखिर किसे पसंद नहीं होते. लेकिन जब इन्हें घर पर बनाने की बात आती है तो ज्यादातर लोग पीछे हट जाते हैं. डर रहता है कि कहीं रसगुल्ले सख्त न हो जाएं, टूट न जाएं या फिर बाजार जैसे स्पंजी न बनें.</p>
<p>अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो अब परेशान होने की जरूरत नहीं है. आज हम आपको रसगुल्ले बनाने का एक खास तरीका बताने वाले हैं, जिसके लिए न तो कोई खास मशीन चाहिए और न ही घंटों गैस के सामने खड़े रहने की जरूरत है. रसगुल्ले बनाने की इस ट्रिक में प्रेशर कुकर का इस्तेमाल किया जाता है. इससे घर पर ही नरम और रस से भरे रसगुल्ले तैयार किए जा सकते हैं. आइए जानते हैं वो आसान तरीका, जिसकी मदद से आप रक्षाबंधन पर झटपट सिर्फ 2 सिटी में रसगुल्ले बना पाएंगे.</p>
<p><strong>रसगुल्ले बनाने के लिए क्या-क्या चाहिए?</strong><br>
घर पर आसानी से रसगुल्ले बनाने के लिए आपको बहुत ही आसान इंग्रेडिएंट्स की जरूरत पड़ेगी.</p>
<p>    1 लीटर दूध<br>
    1 छोटा चम्मच मैदा<br>
    1 कप चीनी<br>
    3 कप पानी<br>
    आधे नींबू का रस<br>
    थोड़ा पानी, नींबू का रस मिलाने के लिए</p>
<p><strong>बनाने का तरीका:</strong><br>
1. सफेद-सफेद रसीले रसगुल्ले की असली जान उसका छेना होता है. अगर छेना सही बना तो रसगुल्ले भी मुलायम और स्पंजी बनने के चांस बढ़ जाते हैं.</p>
<p>2. सबसे पहले दूध को कड़ाही में डालकर गर्म करें. जब दूध में अच्छी तरह उबाल आ जाए तो गैस धीमी कर दें. अब आधे नींबू के रस को थोड़े पानी में मिलाकर धीरे-धीरे दूध में डालें. कुछ देर में दूध फट जाएगा और छेना अलग नजर आने लगेगा.</p>
<p>3. अब इसे मलमल के कपड़े या बारीक छलनी की मदद से छान लें. छेने से निकला थोड़ा सा पानी अलग रख लें, क्योंकि इसे बाद में चाशनी में इस्तेमाल करना है.</p>
<p>4. छेना छानने के बाद उसे 2-3 बार साफ पानी से धो लें. इससे नींबू का खट्टापन निकल जाएगा और रसगुल्ले का स्वाद भी खराब नहीं होगा.</p>
<p>5. अब कपड़े को अच्छी तरह दबाकर छेने से एक्स्ट्रा पानी निकाल दें. लेकिन इसे इतना भी न निचोड़ें कि छेना पूरी तरह सूख जाए.</p>
<p>6. अब छेने को एक बड़ी प्लेट में निकालें और हथेली से करीब 5 मिनट तक अच्छी तरह मसलें. इसे तब तक मसलना है जब तक छेना चिकना और एकसार न हो जाए.</p>
<p>7. अब इसमें एक छोटा चम्मच मैदा डालकर अच्छी तरह मिला लें. इसके बाद छेने की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर गोल कर लें. लोइयां बनाते वक्त ये ध्यान रखें कि उनपर कोई दरार नहीं होनी चाहिए. अगर बॉल में क्रैक रह गया तो पकते समय रसगुल्ला टूट सकता है.</p>
<p>8. अब एक प्रेशर कुकर लें और उसमें 1 कप चीनी और 3 कप पानी डालें. साथ में छेने का बचाकर रखा हुआ थोड़ा पानी भी मिला दें.</p>
<p>9. जब चाशनी में उबाल आने लगे तो एक-एक करके रसगुल्ले की बॉल्स इसमें डालें. इस समय कुकर को लॉक नहीं करना है. बस ढक्कन ऊपर से रखकर करीब 5 मिनट तक तेज आंच पर पकाएं.</p>
<p>10. इसके बाद कुकर का ढक्कन सही तरीके से बंद करें और तेज आंच पर सिर्फ 2 सीटी आने दें. दो सीटी के बाद गैस बंद कर दें और कुकर का प्रेशर अपने आप निकलने दें. प्रेशर पूरी तरह निकलने के बाद ही ढक्कन खोलें.</p>
<p>11. कुकर खोलने पर आपको रसगुल्ले किसी हलवाई की दुकान पर मिलने वाले रसगुल्लों जैसे बड़े और फूले हुए नजर आएंगे. चाशनी में अच्छी तरह पकने की वजह से ये नरम और स्पंजी हो जाते हैं.</p>
<p>12. इन्हें कुछ देर ठंडा होने दें और फिर फ्रिज में रख दें. ठंडे होने के बाद चाशनी में डूबे इन रसगुल्लों का स्वाद और भी बढ़िया लगेगा.</p>
<p><strong>रसगुल्ले बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान</strong><br>
    छेना बहुत ज्यादा सूखा नहीं होना चाहिए.<br>
    नींबू डालने के बाद छेने को अच्छी तरह पानी से धोएं.<br>
    छेने को तब तक मसलें जब तक वह बिल्कुल चिकना न हो जाए.<br>
    रसगुल्ले की बॉल्स बनाते समय उनमें दरार न रहने दें.<br>
    चाशनी में बॉल्स डालने से पहले उसमें अच्छी तरह उबाल आना चाहिए.<br>
    कुकर में रसगुल्ले पकाते समय पहले ढक्कन सिर्फ ऊपर से रखें, उसके बाद ही कुकर लॉक करके सीटी लगाएं.<br>
    प्रेशर को जबरदस्ती निकालने के बजाय अपने आप निकलने दें.</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>Instagram का 2010 से 2026 तक सफर, आखिर क्यों बार&#45;बार बदला लोगो और डिजाइन</title>
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<description><![CDATA[ इंस्टाग्राम की शुरुआत जिस मक़सद से हुई थी वो कमोबेश अब खत्म हो चुका है. शुरुआत में इंस्टा एक ऐसा प्लेटफॉर्म हुआ करता था जहां लोग ज़्यादातर फ़ोटोज़ के ज़रिए एक्सप्रेस करते थे. जमाना बदला और इंस्टा भी. टिक टॉक ने शॉर्ट वीडियो का क्रेज़ शुरु किया और इंस्टा ने स्नैपचैट और टिकटॉक के फीचर्स … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:33:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Instagram, का, 2010, से, 2026, तक, सफर, आखिर, क्यों, बार-बार, बदला, लोगो, और, डिजाइन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>इंस्टाग्राम की शुरुआत जिस मक़सद से हुई थी वो कमोबेश अब खत्म हो चुका है. शुरुआत में इंस्टा एक ऐसा प्लेटफॉर्म हुआ करता था जहां लोग ज़्यादातर फ़ोटोज़ के ज़रिए एक्सप्रेस करते थे. जमाना बदला और इंस्टा भी. टिक टॉक ने शॉर्ट वीडियो का क्रेज़ शुरु किया और इंस्टा ने स्नैपचैट और टिकटॉक के फीचर्स से इंस्पायर होता गया. धीरे धीरे फ़ोटोज़ गुम होते गए और अब हालत ये है कि इंस्टाग्राम पर ज़्यादातर शॉर्ट वीडियोज हैं. लोगों की स्क्रीन टाइम बढ़ती ही जा रही है. एक पुराने कैमरे से शुरू हुआ Instagram आज दुनिया के सबसे पहचान वाले सोशल मीडिया ब्रांड्स में है.</p>
<p>इस सफर में इसका लोगो भी कई बार बदला. कभी असली कैमरे जैसा दिखने वाला लोगो था, फिर रेट्रो कैमरा आया, 2016 में पूरा डिजाइन उलट गया और अब 2026 में इंस्टाग्राम ने करीब 10 साल बाद अपने लिखे हुए नाम यानी वर्डमार्क को बदल दिया है. आखिर हर बार इंस्टाग्राम ने अपना लोगो क्यों बदला और इन बदलावों के पीछे क्या सोच थी?</p>
<p>अगर आज किसी को बिना नाम लिखे सिर्फ इंस्टाग्राम का ऐप आइकॉन दिखा दिया जाए, तो शायद उसे पहचानने में एक सेकंड भी नहीं लगेगा. यही किसी भी बड़े ब्रांड की सबसे बड़ी ताकत होती है. लेकिन इस पहचान तक पहुंचने में इंस्टाग्राम का लोगो एक लंबा सफर तय कर चुका है. दिलचस्प बात यह है कि इंस्टाग्राम का लोगो शुरू से ऐसा बिल्कुल नहीं था जैसा आज हम देखते हैं.</p>
<p><strong>2010: शुरुआत एक असली कैमरे से हुई थी</strong><br>
इंस्टाग्राम अक्टूबर 2010 में लॉन्च हुआ था. उस समय इसका लोगो आज के साफ-सुथरे ऐप आइकॉन से बिल्कुल अलग था. यह एक पुराने इंस्टैंट कैमरे जैसा दिखता था, जिसमें कैमरे की बॉडी, लेंस, फ्लैश और बाकी छोटे-छोटे हिस्से तक दिखाई देते थे.</p>
<p><strong>साल 2010 से अब तक कितना बदला लोगो.</strong><br>
इस पहले लोगो को Instagram Co-founder Kevin Systrom ने बनाया था. डिजाइन में कैमरे को काफी असली दिखाने की कोशिश की गई थी. यह उस समय के ऐप डिजाइन के एक बड़े ट्रेंड का हिस्सा था, जिसे स्क्यूओमॉर्फिज्म कहा जाता था. आसान भाषा में समझें तो डिजिटल चीजों को असली दुनिया की चीज जैसा दिखाना.</p>
<p>लेकिन इस लोगो की एक दिक्कत भी थी. यह एक असली कैमरे से काफी मिलता-जुलता था. बताया जाता है कि इसी वजह से इंस्टाग्राम को आगे चलकर दूसरे डिजाइन की तरफ जाना पड़ा.</p>
<p><strong>2010:  रेट्रो कैमरा जैसा लोगो</strong><br>
इंस्टाग्राम ने जल्द ही डिजाइनर और फोटोग्राफर Cole Rise की मदद ली. राइज ने 1950 के दशक के Bell & Howell कैमरे से प्रेरणा लेकर एक नया आइकन तैयार किया. बेल एंड होवेल अमेरिका की एक पुरानी कैमरा कंपनी थी, जो 20वीं सदी में फिल्म और कैमरा इक्विपमेंट्स के लिए जानी जाती थी.</p>
<p>यह डिजाइन पहले वाले कैमरे से काफी आसान था, लेकिन इसमें पुराना कैमरा वाला एहसास बरकरार रखा गया. कैमरे का बड़ा लेंस, ऊपर व्यूफाइंडर और बीच में रंगीन रेनबो स्ट्राइप इसकी पहचान बन गए.</p>
<p>यहां एक बेहद दिलचस्प बात है. इंस्टाग्राम उस समय मोस्टली फोटो शेयर करने वाला ऐप था और उसके सबसे खास फीचर्स में फोटो फिल्टर शामिल थे. यानी लोग अपनी नई तस्वीरों को पुराने कैमरे और फिल्म जैसी फील देने के लिए इंस्टाग्राम इस्तेमाल कर रहे थे. इसलिए रेट्रो कैमरे वाला लोगो सिर्फ अच्छा दिखने वाला डिजाइन नहीं था. वह इंस्टाग्राम के उस समय के प्रोडक्ट से सीधे जुड़ा हुआ था.</p>
<p><strong>2011: वही कैमरा, लेकिन ज्यादा रियल</strong><br>
2011 में Instagram ने इस कैमरा आइकॉन को फिर से थोड़ा बदला. इस बार कैमरे में ज्यादा डिटेल जोड़ी गई. लेंस में चमक और गहराई बढ़ाई गई, ऊपर वाले हिस्से में लेदर जैसी टेक्सचर दिखाई देने लगी और रेनबो स्ट्राइप को भी ज्यादा साफ किया गया. यानी कैमरा अब पहले से ज्यादा असली लगने लगा था.</p>
<p><strong>Instagram का लोगो</strong><br>
यह लोगो 2016 तक इंस्टाग्राम की पहचान बना रहा. उस दौरान इंस्टाग्राम भी तेजी से बड़ा हो रहा था. इसलिए लाखों लोगों के लिए यह रेट्रो कैमरा सिर्फ एक ऐप आइकॉन नहीं रहा. वह इंस्टाग्राम की पहचान बन गया. और फिर 2016 में कंपनी ने फिर से लोगो बदला.</p>
<p><strong>2016: लोगो में हुआ सबसे बड़ा बदलाव</strong><br>
मई 2016 में इंस्टाग्राम ने अपना पुराना कैमरा आइॉन हटा दिया और उसकी जगह एक बेहद सिंपल कैमरा आइकॉन पेश किया. पीछे पर्पल, पिंक, ऑरेंज और यलो कलर का ग्रेडिएंट था और सामने सिर्फ व्हाइट लाइन से कैमरे का आकार बनाया गया था. आज यह डिजाइन इतना जाना-पहचाना है कि शायद नई पीढ़ी के लिए यही इंस्टाग्राम है. लेकिन 2016 में इसे लेकर लोगों के रिएक्शन काफी अलग थे.</p>
<p>कई लोगों को पुराना ब्राउन कैमरा पसंद था. नए लोगो को लेकर सोशल मीडिया पर मजाक बना और कई यूजर्स ने इसे इंस्टाग्राम की पहचान खत्म करने वाला बदलाव तक कहा. उस समय मीडिया में भी इस बदलाव को लेकर काफी चर्चा हुई थी. लेकिन इंस्टाग्राम ने यह बदलाव अचानक नहीं किया था.</p>
<p>कंपनी के तत्कालीन हेड ऑफ डिजाइन Ian Spalter और उनकी टीम ने इस पर लंबे समय तक काम किया था. टीम के सामने सबसे बड़ा सवाल था कि इंस्टाग्राम की पुरानी पहचान को बचाते हुए उसे फ्यूचर के लिए कैसे बदला जाए.</p>
<p>इसके लिए इंस्टाग्राम ने अपने कर्मचारियों से एक दिलचस्प काम करवाया. उनसे कहा गया कि वे पांच सेकंड में याद से इंस्टाग्राम का आइकॉ बनाएं. ज्यादातर लोगों ने तीन चीजें बनाईं, रेनबो, लेंस और व्यूफाइंडर.</p>
<p>इंस्टाग्राम की डिजाइन टीम ने इन्हीं तीन चीजों को नए डिजाइन की नींव बनाया. पुराने कैमरे की पूरी तस्वीर हट गई, लेकिन कैमरे का आइडिया, लेंस और रेनबो नए डिजाइन में रह गए. यानी इंस्टाग्राम ने अपनी पहचान को मिटाया नहीं. उसने उसे छोटा करके एक सिंपल निशान में बदल दिया.</p>
<p>यह बदलाव सिर्फ लोगो का नहीं था. 2016 में इंस्टाग्राम ने सिर्फ ऐप आइकन नहीं बदला था.  पूरे ऐप का लुक भी बदल दिया गया. अंदर का इंटरफेस ज्यादा साफ और ब्लैक-एंड-व्हाइट हो गया ताकि यूजर का ध्यान तस्वीरों और वीडियो पर रहे.</p>
<p>इंस्टाग्राम ने उस समय कहा था कि पिछले पांच साल में ऐप सिर्फ फोटो फिल्टर करने और शेयर करने की जगह नहीं रहा. लोग वीडियो शेयर कर रहे थे, नए टूल इस्तेमाल कर रहे थे और एक्सप्लोर के जरिए नए लोगों और कंटेंट से जुड़ रहे थे. इसलिए ब्रांड का लुक भी बदलती कम्युनिटी के साथ बदलना जरूरी था. यही वह दौर था जब इंस्टाग्राम ने अपने रेट्रो कैमरे को पीछे छोड़कर डिजिटल दुनिया के हिसाब से खुद को दोबारा डिजाइन किया.</p>
<p><strong>2022: इंस्टाग्राम ने कलर्स फिर से बदले, लेकिन पहचान नहीं</strong><br>
2022 में इंस्टाग्राम ने अपनी विजुअल पहचान को एक बार फिर अपडेट किया. इस बार बदलाव 2016 जितना बड़ा नहीं था. कंपनी ने अपने मशहूर ग्रेडिएंट को ज्यादा ब्राइट और लाइवली बनाया. साथ ही Instagram Sans नाम का नया फॉन्ट सिस्टम भी पेश किया गया और पूरी विजुअल पहचान को ज्यादा मॉडर्न बनाने की कोशिश की गई. यानी 2022 में इंस्टाग्राम ने यह नहीं कहा कि पुराना डिजाइन गलत था. उसने उसी पहचान को थोड़ा और मॉडर्न बनाने की कोशिश की.</p>
<p><strong>2026: 10 साल बाद बदला इंस्टाग्राम का वर्डमार्क</strong><br>
13 अगस्त 2026 को इंस्टाग्राम ने अपने लिखे हुए नाम यानी वर्डमार्क को करीब 10 साल बाद अपडेट किया है. यहां सबसे जरूरी बात यह है कि इंस्टाग्राम का मशहूर कैमरा ऐप आइकॉन नहीं बदला है. इस बार बदलाव लिखे हुए इंस्टाग्राम नाम में है. नया वर्डमार्क पुराने कर्सिव स्टाइल और प्रिंट अक्षरों के बीच का डिजाइन है. Instagram CEO Adam Mosseri के मुताबिक ऐप के ऊपर दिखने वाला वर्डमार्क 10 साल से नहीं बदला था, इसलिए इसे रिफ्रेश करने का समय आ गया था. कंपनी का फोकस इसे ज्यादा साफ और मॉडर्न बनाने पर है, जबकि पुराने इंस्टाग्राम की झलक भी इसमें रखी गई है. लेकिन इंटरनेट ने नए डिजाइन को तुरंत ऐक्सेप्ट नहीं किया. कुछ यूजर्स को यह नया डिजाइन पसंद आया, लेकिन कई लोगों का कहना है कि कुछ अक्षर साफ नहीं दिखते. सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने मजाक में इसे Instagram की जगह Instagzam तक पढ़ दिया. रेडिट पर भी नए वर्डमार्क को लेकर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली.</p>]]> </content:encoded>
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<title>Private Part के बाल शेव करने हैं? डॉक्टर ने बताया सही तरीका, इन गलतियों से रहें सावधान</title>
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<description><![CDATA[ इंटीमेट एरिया काफी सेंसेटिव होता है, ऐसे में वहां शेव करना भी थोड़ा मुश्किल हो सकता है। डॉक्टर ने सही तरीका बताया है। प्यूबिक हेयर शेव करना सबकी पर्सनल चॉइस होती है। कुछ महिलाएं इसे साफ-सुथरा महसूस करने के लिए करती हैं, तो कुछ बालों को वैसे ही रखना पसंद करती हैं। दोनों ही नॉर्मल … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:33:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Private, Part, के, बाल, शेव, करने, हैं, डॉक्टर, ने, बताया, सही, तरीका, इन, गलतियों, से, रहें, सावधान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>इंटीमेट एरिया काफी सेंसेटिव होता है, ऐसे में वहां शेव करना भी थोड़ा मुश्किल हो सकता है। डॉक्टर ने सही तरीका बताया है।</p>
<p>प्यूबिक हेयर शेव करना सबकी पर्सनल चॉइस होती है। कुछ महिलाएं इसे साफ-सुथरा महसूस करने के लिए करती हैं, तो कुछ बालों को वैसे ही रखना पसंद करती हैं। दोनों ही नॉर्मल हैं। अगर आप शेविंग करना पसंद करती हैं, तो सही तरीका जानना काफी जरूरी है।</p>
<p>इंटिमेट एरिया की त्वचा शरीर के दूसरे हिस्सों की तुलना में ज्यादा सेंसेटिव होती है। इसलिए जल्दबाजी में शेव करने, पुराने रेजर का इस्तेमाल करने या त्वचा पर ज्यादा दबाव डालने से परेशानी हो सकती है। डॉक्टर वैदेही मराठे के अनुसार, सही तैयारी और कुछ छोटी सावधानियां अपनाकर शेविंग के बाद होने वाली कई कॉमन प्रॉब्लम्स से बच सकते हैं।</p>
<p><strong>1. साफ और तेज रेजर का इस्तेमाल करें</strong><br>
सबसे पहले यह देखें कि रेजर साफ और अच्छी हालत में हो। बहुत पुराना रेजर बालों को ठीक से काटने के बजाय त्वचा पर ज्यादा फ्रिक्शन पैदा कर सकता है। रेजर किसी दूसरे व्यक्ति के साथ बिल्कुल शेयर ना करें। इसे साफ जगह पर रखें और जरूरत के अनुसार समय-समय पर बदलते रहें।</p>
<p><strong>2. शेविंग से पहले त्वचा को तैयार करें</strong><br>
ड्राई स्किन पर सीधे रेजर चलाने से जलन और छोटे कट लगने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए शेविंग से पहले कुछ देर गुनगुने पानी से उस हिस्से को नरम होने दें। अगर बाल ज्यादा लंबे हैं, तो पहले साफ कैंची से उन्हें थोड़ा छोटा कर लें। इससे रेजर चलाना आसान हो जाएगा और रेजर में बाल फंसने के चांसेस भी कम होंगे।</p>
<p><strong>3. शेविंग जेल का इस्तेमाल करें</strong><br>
शेविंग से पहले हल्का शेविंग जेल लगाएं जो त्वचा के लिए सुरक्षित और नरम हो। इससे रेजर त्वचा पर आसानी से चलेगा और फ्रिक्शन भी कम होगा। बहुत तेज खुशबू वाले या स्किन को इरिटेट करने वाले प्रोडक्ट्स से बचना बेहतर है।</p>
<p><strong>4. बालों की दिशा में शेव करें</strong><br>
रेजर चलाते समय बाल जिस दिशा में बढ़ रहे हैं, उसी दिशा में शेव करना बेहतर रहता है। बहुत नजदीक से बाल हटाने के लिए बार-बार उसी जगह रेजर चलाने से त्वचा में जलन और बालों के अंदर की ओर बढ़ने की परेशानी हो सकती है। इसलिए एक ही जगह पर बार-बार रेजर चलाने से बचें।</p>
<p><strong>5. रेजर पर ज्यादा दबाव ना डालें</strong><br>
प्यूबिक एरिया की त्वचा सेंसेसटिव होती है। इसलिए रेजर को बहुत जोर से दबाकर चलाने की जरूरत नहीं है। हल्के हाथ से और धीरे-धीरे शेव करें। अगर किसी जगह त्वचा खिंच रही हो या रेजर आसानी से नहीं चल रहा हो, तो वहां दोबारा शेव करने से पहले थोड़ा जेल लगाएं।</p>
<p><strong>6. शेविंग के बाद त्वचा को दें आराम</strong><br>
शेविंग के बाद उस हिस्से को साफ पानी से धोकर धीरे से सुखाएं। त्वचा को रगड़कर पोंछने से जलन बढ़ सकती है। इसके बाद जरूरत हो तो लाइट मॉइस्चराइजर लगा सकते हैं।</p>
<p>नोट: शेविंग के बाद हल्की रेडनेस कुछ समय के लिए हो सकती है, लेकिन अगर परेशानी बढ़ रही है तो इसे इग्नोर ना करें। खासकर अगर लगातार खुजली, जलन, सूजन, दर्द, रेजर बंप्स, इनग्रोन हेयर या इंफेक्शन जैसे लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। अगर त्वचा पर कट लग जाए तो उसे साफ रखें और ठीक होने तक उस जगह पर दोबारा शेविंग ना करें।</p>]]> </content:encoded>
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<title>CG में जल जीवन मिशन से बदली गांवों की तस्वीर, सोलर पंप से घर&#45;घर पहुंच रहा पेयजल</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर. जल जीवन मिशन के तहत कांकेर के अंदरूनी क्षेत्रों में सोलर पंपों से पेयजल की आपूर्ति हो रही है। जिन गांवों में पहले पीने के पानी के लिए जद्दोजहद कर लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, वहीं आज सोलर पंपों से स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल प्रत्येक घर में पहुंच रहा है। कुछ साल पहले … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:31:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>में, जल, जीवन, मिशन, से, बदली, गांवों, की, तस्वीर, सोलर, पंप, से, घर-घर, पहुंच, रहा, पेयजल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>जल जीवन मिशन के तहत कांकेर के अंदरूनी क्षेत्रों में सोलर पंपों से पेयजल की आपूर्ति हो रही है। जिन गांवों में पहले पीने के पानी के लिए जद्दोजहद कर लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, वहीं आज सोलर पंपों से स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल प्रत्येक घर में पहुंच रहा है।</p>
<p>कुछ साल पहले ग्रामीण महिलाओं को पानी भरने के लिए काफी दूर चलना पड़ता था, कुओं व हैण्डपंपों पर घंटों लाइन लगानी पड़ती थी, लेकिन आज स्थिति बेहतर हो गई है। कांकेर के कोयलीबेड़ा क्षेत्र के वनांचल ग्राम बिर्रेबेड़ा में जल जीवन मिशन के तहत 2 सोलर पेयजल पंपों की स्थापना छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) द्वारा की गई है। सोलर पंपों की स्थापना से ग्रामीणों को गंदे पानी की समस्याओं से मुक्ति मिली है। सोलर ड्यूल पंप की स्थापना से शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है।</p>
<p>क्रेडा के सहायक अभियंता ने बताया कि सोलर ड्यूल पंप की स्थापना के पहले गांववाले पेजयल के लिए नदी, नाला, कुंआ तथा हैण्डपंप पर निर्भर रहते थे, जिससे उन्हें बहुत समय, शारीरिक कष्ट एवं परेशानियों का सामना करना पड़ता था। पेयजल व्यवस्था में बहुत अधिक समय लगने से अन्य दैनिक कार्य प्रभावित होते थे, किन्तु अब ग्राम में सोलर ड्यूल पंप स्थापित हो जाने से सुगमता से सभी परिवारों को शुद्ध एवं साफ पेयजल मिल रहा है। उन्होंने बताया कि सोलर ड्यूल पंप ग्राम बिर्रेबेड़ा के ग्रामीणों के लिए बहुत लाभदायक व उपयोगी सिद्ध हो रहा है। पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ ग्राम पंचायत को किसी प्रकार के विद्युत देयक का वहन करना नहीं पड़ता है। ग्रामीणों ने बिर्रेबेड़ा में सौर ऊर्जा से सतत् पेयजल उपलब्ध कराने के लिए राज्य शासन और केंद्र सरकार के प्रति आभार प्रकट किया है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>अब PAK&#45;चीन की बढ़ेगी टेंशन! 2030 तक ज्यादातर नौसैनिक युद्धपोतों पर तैनात होगी BrahMos</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली भारतीय नौसेना अपने फ्रंटलाइन युद्धपोतों पर ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल लगाने की प्रक्रिया को तेज कर रही है. लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में बेड़े के बड़े हिस्से में इस मिसाइल को एकीकृत किया जाए. सूत्रों के अनुसार नौसेना 2030 तक प्रमुख युद्धपोतों पर ब्रह्मोस की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:31:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>अब, PAK-चीन, की, बढ़ेगी, टेंशन, 2030, तक, ज्यादातर, नौसैनिक, युद्धपोतों, पर, तैनात, होगी, BrahMos</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
भारतीय नौसेना अपने फ्रंटलाइन युद्धपोतों पर ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल लगाने की प्रक्रिया को तेज कर रही है. लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में बेड़े के बड़े हिस्से में इस मिसाइल को एकीकृत किया जाए. सूत्रों के अनुसार नौसेना 2030 तक प्रमुख युद्धपोतों पर ब्रह्मोस की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।  </p>
<p>पिछले एक साल में छह से ज्यादा ब्रह्मोस सक्षम युद्धपोत बेड़े में शामिल हुए हैं जिससे कुल संख्या लगभग 20 पहुंच गई है. सभी नए कमीशन होने वाली जहाजें ब्रह्मोस सिस्टम से लैस होती हैं. मौजूदा जहाजों पर भी काम चल रहा है. यह मिसाइल समुद्री हमले की क्षमता को मजबूत बनाने वाला प्रमुख हथियार बन चुका है। </p>
<p>ब्रह्मोस की प्रासंगिकता ऑपरेशन सिंदूर के दौरान और बढ़ गई जब यह भारतीय सशस्त्र बलों के प्रमुख स्ट्राइक सिस्टम में शामिल रहा. इस अभियान में मिसाइल ने अपनी सटीकता और प्रभावी रही. इसके बाद नौसेना ने इसे व्यापक स्तर पर अपनाने पर जोर दिया है। </p>
<p>ब्रह्मोस अब केवल परीक्षण या अभ्यास तक सीमित नहीं रह गया बल्कि वास्तविक संचालन में अपनी उपयोगिता दिखा चुका है. इसकी सुपरसोनिक गति और लंबी दूरी की मारक क्षमता दुश्मन के जहाजों या तटीय लक्ष्यों पर तेजी से हमला करने में मदद करती है। </p>
<p><strong>नए जहाजों में डिजाइन स्तर पर इंटीग्रेशन </strong><br>
नवीनतम पीढ़ी के भारतीय युद्धपोत ब्रह्मोस क्षमता को ध्यान में रखकर डिजाइन किए जा रहे हैं. नीलगिरी क्लास स्टील्थ फ्रिगेट्स जैसे आईएनएस उदयगिरी, आईएनएस हिमगिरी और आईएनएस महेंद्रगिरि में आठ वर्टिकली लॉन्च ब्रह्मोस मिसाइलें लगाई गई हैं. ये जहाजें स्वदेशी डिजाइन और निर्माण का हिस्सा हैं जिनमें उच्च स्तर की स्वदेशी सामग्री का उपयोग हुआ है। </p>
<p>विध्वंसक जहाजों में कुछ नए मॉडल 16 वर्टिकल लॉन्चर तक ले जा सकते हैं जबकि पुराने मॉडल में आठ की व्यवस्था है. इस तरह नौसेना अपने बेड़े की मारक क्षमता को लगातार बढ़ा रही है. फरवरी 2024 में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी ने नौसेना के युद्धपोतों के लिए 220 से ज्यादा ब्रह्मोस एक्सटेंडेड रेंज मिसाइलों की खरीद को मंजूरी दी थी।  </p>
<p>इसके बाद 2025 में अतिरिक्त फायर कंट्रोल सिस्टम और वर्टिकल लॉन्चर की मंजूरी मिली ताकि बेड़े में मिसाइल की मौजूदगी और बढ़ सके. ब्रह्मोस कार्यक्रम रेंज और प्लेटफॉर्म अनुकूलता के मामले में काफी विकसित हो चुका है. एक्सटेंडेड रेंज वेरिएंट ज्यादा स्टैंड-ऑफ क्षमता देते हैं. मिसाइल पहले से ही भूमि, समुद्र और हवा से लॉन्च होने वाले वर्जन हैं। </p>
<p>नौसेना का लंबा उद्देश्य पुराने जहाज पर एंटी-सरफेस मिसाइल सिस्टम को ब्रह्मोस से बदलना है. अगले चार वर्षों में ज्यादातर युद्धपोतों पर ब्रह्मोस एकीकरण का काम आगे बढ़ाया जा रहा है. 2030 तक प्रमुख सतह कॉम्बैटेंट्स पर ब्रह्मोस उपलब्ध होने की उम्मीद है जिससे भारत की लंबी दूरी की समुद्री स्ट्राइक क्षमता काफी मजबूत होगी. नौसेना एक साथ नए युद्धपोत जोड़ रही है. मौजूदा प्लेटफॉर्म को रेट्रोफिट कर रही है. इससे दशक के अंत तक ब्रह्मोस की पहुंच तेजी से बढ़ेगी। </p>
<p><strong>स्वदेशीकरण और भविष्य की दृष्टि</strong><br>
भारतीय नौसेना अपने बेड़े को तेजी से मजबूत कर रही है. नए युद्धपोतों की कमीशनिंग तेज गति से हो रही है. लक्ष्य 2047 तक शत-प्रतिशत स्वदेशी होना है. ब्रह्मोस भारत-रूस संयुक्त उद्यम का उत्पाद है लेकिन इसमें स्वदेशी सामग्री और तकनीक का हिस्सा लगातार बढ़ रहा है। </p>
<p>उत्पादन क्षमता बढ़ाने के प्रयास चल रहे हैं ताकि घरेलू जरूरत और निर्यात दोनों पूरे हो सकें. यह मिसाइल न केवल नौसेना बल्कि भारतीय थलसेना और भारतीय वायु सेना के प्लेटफॉर्म पर भी तैनात है. ब्रह्मोस के इंटीग्रेशन से भारतीय नौसेना हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी डेटरेंस क्षमता बढ़ाएगी। </p>
<p>सुपरसोनिक गति के कारण दुश्मन के लिए इसे रोकना मुश्किल होता है. सैचुरेशन स्ट्राइक यानी एक साथ कई मिसाइलें दागने की क्षमता दुश्मन की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दे सकती है. नए फ्रिगेट और विध्वंसक जहाजों के साथ मिलकर यह बेड़ा बहुआयामी खतरों का सामना करने में सक्षम बनेगा। </p>
<p>बेड़े के विस्तार के साथ मिसाइलों की संख्या, रखरखाव, प्रशिक्षण और लॉजिस्टिक्स की जरूरत भी बढ़ेगी. एक्सटेंडेड रेंज और भविष्य के हाइपरसोनिक वर्जन पर काम जारी है. नौसेना को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी प्लेटफॉर्म पर एकीकरण सुचारू रहे और ऑपरेशनल तैयारियां बनी रहें. कुल मिलाकर ब्रह्मोस नौसेना की समुद्री शक्ति का केंद्रबिंदु बनता जा रहा है। </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>Defence Deal: F&#45;35 और Su&#45;57 नहीं, इस घातक फाइटर जेट पर आई बड़ी खुशखबरी; चीन&#45;पाकिस्तान की बढ़ेगी टेंशन</title>
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<description><![CDATA[ बेंगलुरु   चीन और पाकिस्‍तान जैसे दुश्‍मन देशों की धड़कनों की पहरेदारी करने के लिए भारत ने कई ठोस कदम उठाए हैं. इसमें राफेल फाइटर जेट का बेड़ा तैयार करना प्रमुख रणनीति है. इस दिशा में बड़ी खुशखबरी सामने आई है. फ्रांस ने 114 राफेल फाइटर जेट डील पर भारत को डिटेल्‍ड प्रोपोजल सौंपा है. तकरीबन … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:31:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Defence, Deal:, F-35, और, Su-57, नहीं, इस, घातक, फाइटर, जेट, पर, आई, बड़ी, खुशखबरी, चीन-पाकिस्तान, की, बढ़ेगी, टेंशन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>बेंगलुरु </strong></p>
<p> चीन और पाकिस्‍तान जैसे दुश्‍मन देशों की धड़कनों की पहरेदारी करने के लिए भारत ने कई ठोस कदम उठाए हैं. इसमें राफेल फाइटर जेट का बेड़ा तैयार करना प्रमुख रणनीति है. इस दिशा में बड़ी खुशखबरी सामने आई है. फ्रांस ने 114 राफेल फाइटर जेट डील पर भारत को डिटेल्‍ड प्रोपोजल सौंपा है. तकरीबन 3.25 लाख करोड़ के इस रक्षा सौदे के तहत 94 राफेल लड़ाकू विमान का उत्‍पादन भारत में करने का प्रस्‍ताव है. डील के तहत 20 फाइटर जेट फ्लाई-बाई कंडीशन (यानी पूरी तरह से तैयार) में भारत को मिलेंगे. हालांकि, फाइटर जेट का ब्रेन कहा जाने वाला सोर्स कोड और इंटरफेस कंट्रोल डॉक्‍यूमेंट (ICD) साझा करने पर सहमति बनी है या नहीं, इसपर जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। </p>
<p>इंडियन एयरफोर्स की लड़ाकू क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए फ्रांस ने 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए भारत को लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव का विस्तृत तकनीकी और कमर्शियल डॉक्‍यूमेंट्स सौंपा है. रक्षा सूत्रों के अनुसार, फ्रांसीसी पक्ष ने भारत की ओर से जारी लेटर ऑफ रिक्वेस्ट (LoR) के जवाब में यह प्रस्ताव प्रस्तुत किया है. रक्षा मंत्रालय का अधिग्रहण विंग और भारतीय वायुसेना द्वारा विस्तार से समीक्षा की जा रही है. इस प्रस्ताव की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता बड़े पैमाने पर भारत में स्थानीय मैन्‍यूफैक्चरिंग और स्वदेशीकरण पर जोर है. प्रस्ताव के तहत 114 में से 94 राफेल विमानों का निर्माण भारत में ही किया जाएगा. इसके लिए फ्रांस की विमान निर्माता कंपनी डसॉल्ट एविएशन के साथ मिसाइल निर्माता MBDA, इंजन निर्माता सफ्रान और थेल्स जैसी प्रमुख कंपनियां भारतीय औद्योगिक साझेदारों के साथ मिलकर उत्पादन करेंगी। </p>
<p><strong>भारत के फोकस पर क्‍या</strong><br>
भारत इस प्रस्ताव का विशेष रूप से इस आधार पर मूल्यांकन कर रहा है कि राफेल विमानों में स्वदेशी हथियारों खासकर अस्त्र एयर-टू-एयर मिसाइल के विभिन्न संस्करणों के इंटीग्रेशन और स्वदेशी उपकरणों को कितनी प्राथमिकता दी गई है. रक्षा मंत्रालय चाहता है कि इस सौदे में अधिकतम स्वदेशी सामग्री शामिल हो, ताकि ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को भी गति मिल सके. सूत्रों के अनुसार, इस परियोजना से भारतीय उद्योग को करीब 1.6 लाख करोड़ रुपये के कारोबारी अवसर मिलने की संभावना है. टाटा समूह, लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) सहित कई भारतीय रक्षा एवं विनिर्माण कंपनियां इस कार्यक्रम का हिस्सा बन सकती हैं. इससे रक्षा उत्पादन, तकनीकी हस्तांतरण और रोजगार सृजन को भी बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। </p>
<p>भारत ने इसी वर्ष मई में 114 राफेल विमानों की गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट (जी-टू-जी) खरीद के लिए फ्रांस को औपचारिक एलओआर जारी किया था. भारतीय वायुसेना के घटते स्क्वाड्रन बल, पुराने रूसी मूल के मिग लड़ाकू विमानों की चरणबद्ध विदाई और स्वदेशी एलसीए मार्क-1A तथा LCA मार्क-2 कार्यक्रमों में देरी को देखते हुए यह खरीद अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है. वर्तमान में भारतीय वायुसेना और भारतीय नौसेना कुल 62 राफेल विमानों का ऑर्डर दे चुकी हैं. यदि 114 नए विमानों का सौदा अंतिम रूप लेता है तो देश में राफेल विमानों की संख्या बढ़कर 176 हो जाएगी. इसके अलावा भारतीय नौसेना भी समुद्री सुरक्षा आवश्यकताओं को देखते हुए 31 अतिरिक्त राफेल खरीदने की इच्छा जता चुकी है. ऐसा होने पर भारत के पास 200 से अधिक राफेल लड़ाकू विमान हो सकते हैं। </p>
<p><strong>2024 में डिटेल्‍ड स्‍टडी</strong><br>
उल्लेखनीय है कि रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में वर्ष 2024 में भारतीय वायुसेना की क्षमता बढ़ाने के लिए व्यापक अध्ययन किया गया था. इसके बाद रक्षा मंत्रालय ने इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए. करीब पांच महीने पहले रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने भारतीय वायुसेना के 114 राफेल विमानों की खरीद संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. अब फ्रांस के विस्तृत प्रस्ताव पर तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन के बाद इस बहुप्रतीक्षित रक्षा सौदे पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर रायगढ़ में निकला भव्य तिरंगा फ्लैग मार्च</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने बाइक राइडर्स को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर रायगढ़ में देशभक्ति और सामाजिक जागरूकता का संदेश देने के उद्देश्य से भव्य तिरंगा फ्लैग मार्च का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ राइडर एवं रायगढ़ राइडर द्वारा आयोजित इस फ्लैग मार्च में बड़ी संख्या में बाइक … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:19:56 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>स्वतंत्रता, दिवस, की, पूर्व, संध्या, पर, रायगढ़, में, निकला, भव्य, तिरंगा, फ्लैग, मार्च</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p><strong>वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने बाइक राइडर्स को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना</strong></p>
<p>स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर रायगढ़ में देशभक्ति और सामाजिक जागरूकता का संदेश देने के उद्देश्य से भव्य तिरंगा फ्लैग मार्च का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ राइडर एवं रायगढ़ राइडर द्वारा आयोजित इस फ्लैग मार्च में बड़ी संख्या में बाइक राइडर्स ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।</p>
<p>वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने बाइक राइडर्स को हरी झंडी दिखाकर फ्लैग मार्च के लिए रवाना किया। इस दौरान बाइक राइडर्स ने हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया।</p>
<p>वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने सभी राइडर्स को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि तिरंगा हमारे गौरव, एकता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है। ऐसे आयोजन युवाओं में देशभक्ति की भावना को मजबूत करने के साथ ही समाज में सकारात्मक संदेश देने का कार्य करते हैं। फ्लैग मार्च में शामिल राइडर्स ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ तिरंगे के सम्मान में मार्च किया। आयोजन के माध्यम से नागरिकों को राष्ट्रहित, सामाजिक जिम्मेदारी और एकजुटता का संदेश दिया गया।</p>]]> </content:encoded>
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<title>मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय करेंगे प्रदर्शनी का शुभारंभ</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर  जनसंपर्क विभाग द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में छायाचित्र प्रदर्शनी ‘आजादी का गौरव – विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प’ का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय 15 अगस्त पूर्वान्ह 11 बजे प्रदर्शनी का शुभारंभ करेंगे। प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:19:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>मुख्यमंत्री, विष्णु, देव, साय, करेंगे, प्रदर्शनी, का, शुभारंभ</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p> जनसंपर्क विभाग द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में छायाचित्र प्रदर्शनी ‘आजादी का गौरव – विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प’ का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय 15 अगस्त पूर्वान्ह 11 बजे प्रदर्शनी का शुभारंभ करेंगे।</p>
<p>प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के जीवन, संघर्ष और योगदान को छायाचित्रों के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही स्वतंत्रता आंदोलन में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका, विभिन्न आंदोलनों तथा जननायकों के योगदान को भी प्रदर्शित किया जाएगा।</p>
<p>प्रदर्शनी में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों एवं उपलब्धियों के साथ प्रदेश में हुए सकारात्मक बदलावों को भी छायाचित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। प्रदर्शनी का प्रमुख उद्देश्य नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम और प्रदेश की विकास यात्रा से परिचित कराना है।</p>
<p>विशेष रूप से युवाओं और स्कूली छात्र-छात्राओं को ध्यान में रखते हुए प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के इतिहास, संस्कृति एवं उपलब्धियों पर आधारित क्विज प्रतियोगिता सहित विभिन्न आकर्षण रखे गए हैं। </p>
<p>जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित यह प्रदर्शनी 15 से 21 अगस्त तक प्रतिदिन प्रातः 10.30 बजे से रात्रि 8 बजे तक आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी।</p>]]> </content:encoded>
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<title>कर्रेगुट्टा पर पहुंची बस्तर तिरंगा यात्रा, उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने फहराया तिरंगा</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर बस्तर तिरंगा यात्रा के तीसरे दिन उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा, वन मंत्री  केदार कश्यप, सांसद  महेश कश्यप एक बार फिर उसी जोश के साथ शुरुआत की। बीजापुर से निकल कर आवापल्ली, गलगम, उसूर, नम्बी, ताड़पाला होते हुए अपनी 600 किमी की यात्रा का समापन कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर झंडा फहराकर किया। मंत्री द्वय ने … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:19:49 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>कर्रेगुट्टा, पर, पहुंची, बस्तर, तिरंगा, यात्रा, उप, मुख्यमंत्री, विजय, शर्मा, ने, फहराया, तिरंगा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>बस्तर तिरंगा यात्रा के तीसरे दिन उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा, वन मंत्री  केदार कश्यप, सांसद  महेश कश्यप एक बार फिर उसी जोश के साथ शुरुआत की। बीजापुर से निकल कर आवापल्ली, गलगम, उसूर, नम्बी, ताड़पाला होते हुए अपनी 600 किमी की यात्रा का समापन कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर झंडा फहराकर किया। मंत्री द्वय ने 3 दिनों में नारायणपुर, कोंडागांव, सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर इन 5 जिलों में लगभग 600 किमी की  तिरंगा यात्रा बाइक से पूर्ण की।      </p>
<p>यात्रा के अंतिम दिन करेगुट्टा की पहाड़ी पर जवानों से मिलकर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा व केबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने शहीदों की याद में वृक्षारोपण किया उसके बाद स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या में ध्वजारोहण किया । आज वह सपना पूरा हुआ जो हमने देखा था। आज बस्तर की जनता जीत गई, यहां के लोग जीत गए, एर्राबोर की कट्टम ज्योति जीत गई शहीद जवानों का अदम्य पराक्रम जीत गया और नक्सली हार गए। बस्तर की धरती पर नक्सलवाद के सफाए का संकल्प साकार हो रहा है। यह उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर झंडा फहराकर यह बातें जवानों से कही।    </p>
<p> उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा की यह मेरे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन है मैं नक्सलियों के सबसे सुरक्षित गढ़ रहे स्थान में आप के सानिध्य में झंडा फहरा रहा हु।  लोग कहते है मंत्री जी सैनिकों का मनोबल बढ़ाने कैम्प जाते है। वास्तविकता यह है कि  मै तो आप से ऊर्जा प्राप्त करने आता हूं। उन्होंने कहा कि जवानों किं हिम्मत को सम्मानित करते हुए केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के 141 पुलिस जवानों को विशिष्ठ सेवा व सरहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया है।         <br>
     </p>
<p>बस्तर के लोगों के मन में भय पहले ही खत्म हो गया था बचा हुआ बस्तर तिरंगा यात्रा ने खत्म कर दिया है। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या में आज देश के कोने कोने में तिरंगा फहर रहा है। तिरंगे के साथ बाबा साहब द्वारा लिखा संविधान भी बस्तर के हर कोने में लागू हो रहा है। बस्तर में अभी बहुत से काम करने बचे हैं, बस्तर का विकास कर आ है पर यह होगा बस्तर की लय पर, बस्तर आगे बढ़े यही हमारी कामना है और प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर को सबसे समृद्ध स्थान बनाएंगे। </p>
<p>वन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा की हमने कभी सोचा नहीं था कि कभी हम ऐसे इस  कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर आ सकेंगे, पर आज पहाड़ी में बिना किसी डर के खड़े हैं, यह हमारा सौभाग्य है। बस्तर तिरंगा यात्रा जिस मार्ग से होकर गुजरी है उस मार्ग पर दिन में लोग आने से डरते थे आज प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विजन, केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के मार्गदर्शन से ही संभव हो पाया है।    </p>
<p>सांसद  महेश कश्यप ने कहा कि तिरंगे का संदेश लेकर सुकमा में 600 किमी की यात्रा करना अपने आप में ऐतिहासिक अवसर है। आजादी के 79 वर्ष बाद पहली बार इन क्षेत्रों में तिरंगा पूरे सम्मान और शान के साथ लहरा रहा है। तिरंगा शांति, बलिदान, हरियाली के साथ पराक्रम का भी संदेश देता है।</p>
<p>मंत्री द्वय एवं सांसद ने आवापल्ली, गलगम, उसूर, नम्बी, ताड़पाला, कर्रेगुट्टा पहाड़ी सभी जगह हुई घटनाओं में शहीदों की याद में पौधारोपण किया और शहीदों के शहादत की मिट्टी को संग्रहीत किया। शहीदों के परिजनों एवं ग्रामीणों से मुलाकात की। कर्रेगुट्टा के रास्ते में सभी बड़े से लेकर बच्चों ने सभी ने यात्रा का आत्मीय स्वागत किया, बच्चों ने भारत माता की जय, तिरंगे की जय के गगनचुंबी नारों से पूरा माहौल राष्ट्रभक्ति से ओत प्रोत कर दिया।<br>
इस अवसर पर चैतराम अटामी और पूर्व विधायक  महेश गागड़ा एवं बड़ी संख्या में युवा भी उपस्थित रहे</p>
<p><strong>देर रात मंत्री पहुंचे टेकलगुडे      </strong></p>
<p>यात्रा के दूसरे दिन देर शाम 9 बजे उप मुख्यमंत्री  शर्मा और वन मंत्री  कश्यप कभी घोर नक्सल पीड़ित इलाके माने जाने वाले टेकलगुडेम पहुंचे थे, जहां आश्चर्य यह था कि वहां कुख्यात नक्सलवादी रहे हिड़मा के ग्राम पूवर्ती से भी लोग उनका स्वागत करने पहुंचे थे। सभी का प्यार देखकर वे बहुत खुश हुए। सभी ने तिरंगा हाथ में लेकर बस्तर तिरंगा यात्रा का अभिवादन किया। इसी तरह भारी बारिश के बाद भी सिलगेर, ताड़मेटला, तर्रेम, जगरगुंडा के ग्रामीण देर शाम तक उनके स्वागत के लिए मार्ग में पहुंच रहे थे। इन सुदूर क्षेत्रों में उप मुख्यमंत्री, वन मंत्री एवं सांसद को देखने कर लोगों का उत्साह देखने को मिल रहा था, पूरी यात्रा सभी से मिलते हुए शुक्रवार रात में वापस बीजापुर पहुंचे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने स्वतंत्रता सेनानियों को किया नमन, तिरंगा यात्रा में विकसित और आत्मनिर्भर भारत बनाने का संकल्प</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर  उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने स्वतंत्रता सेनानियों को किया नमन, तिरंगा यात्रा में विकसित और आत्मनिर्भर भारत बनाने का संकल्प उप मुख्यमंत्री  अरुण साव के नेतृत्व में लोरमी क्षेत्र के कई गांवों में मोटर साइकिल से तिरंगा यात्रा निकाली। गांवों की सड़कों और चौक-चौराहों से गुजरती यात्रा में देशभक्ति का गजब का उत्साह दिखाई … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:19:46 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>उप, मुख्यमंत्री, अरुण, साव, ने, स्वतंत्रता, सेनानियों, को, किया, नमन, तिरंगा, यात्रा, में, विकसित, और, आत्मनिर्भर, भारत, बनाने, का, संकल्प</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर </strong></p>
<p><strong>उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने स्वतंत्रता सेनानियों को किया नमन, तिरंगा यात्रा में विकसित और आत्मनिर्भर भारत बनाने का संकल्प</strong></p>
<p>उप मुख्यमंत्री  अरुण साव के नेतृत्व में लोरमी क्षेत्र के कई गांवों में मोटर साइकिल से तिरंगा यात्रा निकाली। गांवों की सड़कों और चौक-चौराहों से गुजरती यात्रा में देशभक्ति का गजब का उत्साह दिखाई दिया। भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयघोष से गांव गूंज उठे।</p>
<p>उप मुख्यमंत्री  साव ने लोरमी के पुराना बस स्टैंड तहसील चौक झंझपुरी से अनेक गांव होते हुए दाऊकापा तक तिरंगा यात्रा निकाली, जो ग्राम डोंगरिया, उरईकछार, अखरार, सारिसताल, धनियाडोली, अमलडीही, गोड़खाम्ही और बोड़तराकला होते हुए आगे बढ़ी। गांवों की गलियों और ग्रामीण रास्तों पर लहराते तिरंगे ने देशभक्ति का संदेश दिया। ग्रामीणों ने उत्साह के साथ यात्रा का स्वागत किया।</p>
<p><strong>उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने स्वतंत्रता सेनानियों को किया नमन, तिरंगा यात्रा में विकसित और आत्मनिर्भर भारत बनाने का संकल्प</strong></p>
<p>यात्रा हरदी, खेकतरा और खैरवार होते हुए दाऊकापा पहुंची। जगह-जगह तिरंगे के प्रति सम्मान और देशप्रेम का भाव दिखाई दिया। तिरंगे की शान में बढ़ता हर कदम देश की एकता और अखंडता का संदेश दे रहा था।</p>
<p>दाऊकापा में तिरंगा यात्रा का समापन हुआ। इस दौरान देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में हर नागरिक की भागीदारी का संकल्प लिया।</p>
<p><strong>लोरमी में गूंजा विजयी विश्व तिरंगा प्यारा</strong></p>
<p>उप मुख्यमंत्री  साव के नेतृत्व में लोरमी में भी मातृभूमि के प्रेम से सराबोर तिरंगा यात्रा निकली। मानस मंच से शुरू हुई यात्रा नगर के मुंगेली चौक, हटरी चौक, नया बस स्टैंड, गुरुद्वारा चौक, पुराना बस स्टैंड से होकर गुजरी। इस दौरान भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयघोष से पूरा नगर गूंज उठा। नगरवासियों ने उत्साह के साथ यात्रा में सहभागिता की। हर ओर तिरंगे के प्रति सम्मान और देश के प्रति गर्व का भाव दिखाई दिया।</p>
<p><strong>वीर शहीदों के सपनों का भारत बनाने का लिया संकल्प</strong></p>
<p> साव ने कहा कि तिरंगा यात्रा वीर शहीदों को नमन करने और उनके बलिदान को याद करने का अवसर है। यह भारत माता के सम्मान और घर-घर देशभक्ति का संदेश पहुंचाने का संकल्प है। वीर शहीदों के सपनों को साकार करने की जिम्मेदारी हम सभी की है। आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में हर नागरिक को योगदान देना है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमें भी कदम से कदम मिलाकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी है। एक नागरिक एक कदम आगे बढ़ाएगा, तो देश 140 करोड़ कदम आगे बढ़ेगा।</p>
<p>तिरंगा यात्रा में लोरमी नगर पालिका के अध्यक्ष  सुजीत वर्मा, जनपद अध्यक्ष मती वर्षा सिंह, जिला पंचायत सदस्य सु रत्ना काटले, मती अनिता साहू,  धनीराम यादव और  ज्योतिनंदन दुबे सहित पार्षदगण, एल्डरमैन, स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए।</p>]]> </content:encoded>
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<title>सभी समाजों के बच्चों को आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे, तभी होगा छत्तीसगढ़ का समग्र विकास – वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक  ओ.पी. चौधरी ने आज रायगढ़ में सोनार समाज के नवनिर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने समाज के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सामुदायिक भवन सामाजिक गतिविधियों, बैठकों और विभिन्न आयोजनों के लिए उपयोगी साबित होगा। समाज के बच्चों को आगे बढ़ने और अपनी … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:19:43 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>सभी, समाजों, के, बच्चों, को, आगे, बढ़ने, के, अवसर, मिलेंगे, तभी, होगा, छत्तीसगढ़, का, समग्र, विकास, –, वित्त, मंत्री, ओ.पी., चौधरी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक  ओ.पी. चौधरी ने आज रायगढ़ में सोनार समाज के नवनिर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने समाज के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सामुदायिक भवन सामाजिक गतिविधियों, बैठकों और विभिन्न आयोजनों के लिए उपयोगी साबित होगा।</p>
<p><strong>समाज के बच्चों को आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा को निखारने के समान अवसर मिलेंगे</strong><br>
        <br>
वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि समाज की प्रगति का आधार उसकी नई पीढ़ी है। सभी समाज के बच्चों को आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा को निखारने के समान अवसर मिलेंगे, तभी समाज प्रगति करेगा। जब सभी समाज आगे बढ़ेंगे, तभी छत्तीसगढ़ और देश का समग्र विकास संभव होगा। उन्होंने कहा कि युवाओं और बच्चों को शिक्षा, कौशल विकास तथा बेहतर अवसर उपलब्ध कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।</p>
<p><strong>विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता</strong><br>
       <br>
चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।</p>
<p>       इस अवसर पर सोनार समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>देश&#45;विदेश के पर्यटक आ रहे हैं जनजातीय संग्रहालय, उद्देश्य हो रहा सार्थक</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा आम लोगों के लिए बना प्रेरणा और ज्ञान का केन्द्र नवा रायपुर के आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में अंग्रेजी हुकुमत के दौरान जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बने शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय संग्रहालय अपने उद्देश्यों में सार्थक कर रहा है। संग्रहालय को देखने देश-विदेश के … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:19:39 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>देश-विदेश, के, पर्यटक, आ, रहे, हैं, जनजातीय, संग्रहालय, उद्देश्य, हो, रहा, सार्थक</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p><strong>विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा आम लोगों के लिए बना प्रेरणा और ज्ञान का केन्द्र</strong></p>
<p>नवा रायपुर के आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में अंग्रेजी हुकुमत के दौरान जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बने शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय संग्रहालय अपने उद्देश्यों में सार्थक कर रहा है। संग्रहालय को देखने देश-विदेश के पर्यटक बड़ी संख्या में आ रहे हैं, वहीं संग्रहालय विद्यार्थियों-शोधार्थियों सहित आम लोगों के लिए प्रेरणा और ज्ञान का केन्द्र बन रहा है।<br>
       <br>
स्कूलों और कॉलेजों के छात्र-छात्राओं के साथ ही बड़ी संख्या में आमजन संग्रहालय को देखने पहुंच रहे हैं। उद्घाटन के बाद लगभग दस महीनों के अंतराल में ही 2.50 लाख से अधिक दर्शक ने संग्रहालय का अवलोकन कर चुके है। इसमें सर्वोच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश, अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी, विदेशी पर्यटक, शोधार्थी, स्कूल एवं कॉलेज के बच्चें सहित आम नागरिक शामिल है। <br>
          <br>
गौरतलब है कि आदिम जाति विकास विभाग के मार्गदर्शन में जनजातीय संस्कृति परंपराओं पर आधारित म्यूजियम तथा शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी म्यूजियम का निर्माण तेजी के साथ पूरा हुआ है। वहीं मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और विभागीय मंत्री  राम विचार द्वारा के सतत प्रयासों से यह लोगों के लिए समर्पित हुआ है। इस संग्रहालय को तेजी के साथ निर्माण में आदिम जाति विभाग के प्रमुख सचिव  बोरा का अहम योगदान है।<br>
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्योत्सव रजत जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा 01 नवम्बर 2025 को इस भव्य संग्रहालय को लोगों को समर्पित किया गया। आगन्तुकों के लिए शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह-जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय आकर्षण और उत्साह का केंद्र बना हुआ है।  <br>
        <br>
आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने बताया कि छत्तीसगढ़ में जनजातीय वर्गों के ऐतिहासिक गौरव गाथा, शौर्य और बलिदान का प्रतीक शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह-जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के हाथों उद्घाटन होना गौरव की बात है।  बोरा ने कहा कि काफी संख्या में लोग संग्रहालय देखने आ रहे हैं, इससे संग्रहालय बनाने का उद्देश्य सार्थक हो रहा है। विशेषकर छुट्टियों और त्यौहारों के दिनों में लोग बड़ी संख्या में संग्रहालय आते हैं। छुट्टी के दिनों में लगभग 4-5 हजार आगंतुक संग्रहालय देखने आ रहे है, वही आम दिनों में 1000-1200 आगंतुक संग्रहालय का अवलोकन कर रहे है। </p>
<p>विभाग द्वारा भी आगंतुकों के हिसाब से सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही है। दर्शकों को जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान संबंधी जानकारी के लिए गाइड की भी व्यवस्था की गई है। संग्रहालय  पूरी तरह से डिजिटली है। संग्रहालय के अंदर मॉनीटर पर दिये गए क्यू आर कोड स्कैन कर तथा माइक्रोफोन के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त करने की व्यवस्था भी की गई हैै। इसके साथ ही दिव्यांगों, महिलाओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए व्हीलचेयर व शिशुवती महिलाओं के लिए शिशु देख-रेख कक्ष बनायी गई है। इस संग्रहालय के शुरू होने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने लगा है। प्रमुख सचिव  बोरा ने कहा कि संग्रहालय का धरातल में आने से नई पीढ़ियों को अपने पुरखों की वीरता और साहस को याद दिलाता रहेगा। यह न सिर्फ जनजातीय वर्गों के लिए बल्कि सभी लोगों के लिए प्रेरणाप्रद है।<br>
         <br>
संग्रहालाध्यक्ष डॉ. अनिल वीरूलकर ने बताया कि संग्रहालय देखने आने वाले दर्शकों में काफी उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। संग्रहालय में छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों तथा विदेशोें से भी पर्यटक आ रहे हैं। हाल ही में विदेशी पर्यटकों का दल जनजातीय संग्रहालय देखने आये थे उन लोगों ने भी इस डिजिटल संग्रहालय की काफी प्रशंसा की। इसी तरह नवा रायपुर में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित डीजीपी कॉन्फ्रेंस के दौरान बड़ी संख्या में प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने भी संग्रहालय का भ्रमण कर काफी सराहना की है। इसके साथ ही सेना के भारत के सर्वोच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश  सूर्यकांत सहित न्यायधीशों का दल, प्रशासनिक प्रशिक्षु अधिकारी स्कूल, कॉलेज के छात्र-छात्राएँ व बड़ी संख्या आम नागरिक भी आ रहे हैं। संग्रहालय परिसर में पर्यटकों व आगंतुकों के हिसाब से शुद्ध पेयजल, पार्किंग, शौचालय तथा सूचना केंद्र की सुविधाएं प्रदान की जा रही है। संग्रहालय पूरी तरह सीसीटीवी से लैस है। इसके साथ ही प्राथमिक उपचार केंद्र भी स्थापित किए गए हैं। <br>
         <br>
भंडारा महाराष्ट्र से अपने परिवार सहित संग्रहालय देखने आयी मती रून्दा विश्वनाथ धु्रवे बताती है कि वे पड़ोसी गांव के लोगों से सुनकर यहां आयी है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर बने स्मारक संग्रहालय बेहद आकर्षक एवं जीवंत है। वे स्वयं जनजातीय समाज की है, उनका कहना है कि इस जीवंत दृश्य को देखकर ऐसा लग रहा है कि हम इसे देखते रहे। ऐसा लग रहा है कि यह वास्तविक में हो रहा है। इन दृश्यों को देखकर हमें अपने पुर्वजो पर गर्व हो रहा है। <br>
         <br>
रायपुर में यूपीएससी एवं प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही छात्राओं का दल भी आज संग्रहालय देखने पहुंचे थे। सु दिव्यांशी और सु कृपा मंडेचा ने कहा कि संग्रहालय में चित्रित दृश्य पहले हुई घटनाओं से हमे जोड़ती है वहीं हमें परीक्षा की दृष्टिकोण से भी काफी ज्ञानवर्धक सामग्री प्राप्त हो रही है। इन दोनों ने कहा कि छत्तीसगढ़ को राज्य के बाहर के लोग ज्यादातर माओवादी के नाम से जानते थे, वास्तव में आज जो संग्रहालय बनकर तैयार है उससे यह प्रेरणा बनती है कि यहां अनुकरणीय इतिहास विद्यमान है, ऐसे लोगों को भी संग्रहालय आकर देखने की जरूरत है। इसी तरह बालोद जिले के डौण्डीलोहरा के अपने परिवार सहित संग्रहालय देखने आए  पतिराम साहू का कहना है कि ऐसे दृश्य हम फिल्मों में ही देखते थे, लेकिन प्रत्यक्ष देखने से हमें अपने छत्तीसगढ़ क स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति गर्व हो रहा है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>छत्तीसगढ़ में किसानों की धान बेचने की चिंता दूर, घर की चौखट पर मिला समाधान</title>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:19:36 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>छत्तीसगढ़, में, किसानों, की, धान, बेचने, की, चिंता, दूर, घर, की, चौखट, पर, मिला, समाधान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>डिजिटल शासन की सबसे बड़ी सफलता तब मानी जाती है जब तकनीक आम नागरिक के लिए सुविधा बन जाए। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के महादेवपुर गांव में ऐसी ही एक संवेदनशील पहल देखने को मिली, जहां वृद्ध महिला किसान बोगी बाई को एग्रीस्टैक पंजीयन के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े।</p>
<p>प्रशासनिक टीम स्वयं उनके घर पहुंची और मौके पर ही पंजीयन की पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई। उम्र के इस पड़ाव पर खेती ही श्रीमती बोगी बाई की आजीविका का प्रमुख आधार है। उनके खेत में उगने वाला धान पूरे वर्ष की आर्थिक उम्मीद से जुड़ा है। जब उन्हें जानकारी मिली कि एग्रीस्टैक पंजीयन नहीं होने पर डिजिटल क्रॉप सर्वे, धान बिक्री और कृषि से जुड़ी विभिन्न सुविधाओं के लाभ में कठिनाई आ सकती है, तो स्वाभाविक रूप से चिंता बढ़ गई। डिजिटल प्रक्रिया की जानकारी और तकनीकी संसाधनों की कमी उनके लिए बड़ी बाधा थी।</p>
<p>महादेवपुर निवासी बोगी बाई के पास लगभग 6.87 हेक्टेयर कृषि भूमि है। प्रशासनिक टीम ने उनकी स्थिति को समझते हुए घर पहुंचकर आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया और एग्रीस्टैक पंजीयन की प्रक्रिया पूरी कर उन्हें डिजिटल कृषि व्यवस्था से जोड़ दिया। जिस प्रक्रिया को लेकर वे चिंतित थीं, उसके पूरा होने के बाद उनके चेहरे पर राहत और संतोष स्पष्ट दिखाई दिया। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में जिले में डोर-टू-डोर एग्रीस्टैक पंजीयन अभियान संचालित किया जा रहा है। विशेष रूप से रामानुजगंज अनुभाग में राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम गांव-गांव पहुंचकर किसानों का पंजीयन सुनिश्चित कर रही है। महादेवपुर गांव में 159 किसानों की पहचान की गई है, जिनमें से अधिकांश किसानों का पंजीयन पूरा किया जा चुका है। शेष 49 किसानों का पंजीयन भी शीघ्र पूर्ण करने की कार्रवाई जारी है।</p>
<p>एग्रीस्टैक के माध्यम से किसानों की भूमि, फसल और कृषि संबंधी जानकारी को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है, जिससे डिजिटल क्रॉप सर्वे, कृषि योजनाओं, अनुदान, बीमा और अन्य सुविधाओं की पहुंच अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और सुगम बन सके। इस कार्य की निगरानी अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार और राजस्व अधिकारियों द्वारा लगातार मैदानी स्तर पर की जा रही है। शिविरों के साथ-साथ घर-घर पहुंचकर पंजीयन कराने की व्यवस्था यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी किसान तकनीकी कारणों से सरकारी सुविधाओं से वंचित न रहे।</p>
<p>महादेवपुर की यह पहल केवल एक महिला किसान की सहायता भर नहीं है, बल्कि यह दर्शाती है कि सरकार की डिजिटल व्यवस्था को किसान की सुविधा के अनुरूप मानवीय और सहज बनाया जा रहा है। जहां मोबाइल, इंटरनेट और ऑनलाइन प्रक्रियाएं ग्रामीण बुजुर्गों के लिए कठिन हो सकती हैं, वहां प्रशासन स्वयं उनकी चौखट तक पहुंचकर समाधान उपलब्ध करा रहा है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>महतारी वंदन योजना: सिलाई मशीन बना आत्मनिर्भरता का साधन</title>
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<description><![CDATA[ मुंगेली मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की मंशानुरूप महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से महतारी वंदन योजना का संचालन किया जा रहा है। नियमित आर्थिक सहायता महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में नई ऊर्जा प्रदान कर रही है। जिले की अनेक महिलाएं इस राशि का उपयोग स्वरोजगार एवं परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:19:33 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>महतारी, वंदन, योजना:, सिलाई, मशीन, बना, आत्मनिर्भरता, का, साधन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंगेली</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की मंशानुरूप महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से महतारी वंदन योजना का संचालन किया जा रहा है। नियमित आर्थिक सहायता महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में नई ऊर्जा प्रदान कर रही है। जिले की अनेक महिलाएं इस राशि का उपयोग स्वरोजगार एवं परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में कर रही हैं। इसी कड़ी में पथरिया विकासखण्ड के ग्राम दौना की मती संतोषी डहरिया ने भी घर पर ही सिलाई का कार्य शुरू किया और आज अन्य दो महिलाओं को रोजगार प्रदान कर रही है। सिलाई मशीन उनकी आत्मनिर्भरता का साधन बन गया है। पति के निधन के बाद दो छोटे बच्चों की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आई, लेकिन उन्होंने परिस्थितियों के सामने हार मानने के बजाय अपने हुनर को अपनी ताकत बनाया और सिलाई कार्य को आजीविका का मजबूत सहारा बना लिया।</p>
<p>  संतोषी ने बताया कि महतारी वंदन योजना की राशि से वे सिलाई संबंधी आवश्यक सामग्री खरीदने में करती हैं, इससे आर्थिक मदद मिल जाती है। उन्हें पहले से ही सिलाई का कार्य आता था, जिससे उन्होंने घर में सिलाई मशीन से काम शुरू किया। घरेलू जिम्मेदारियों और बच्चों की देखभाल के साथ वे नियमित रूप से सिलाई का कार्य करती रहीं। शुरुआती दौर में आमदनी सीमित थी, लेकिन उनके भीतर आगे बढ़ने का विश्वास मजबूत था। लगातार मेहनत और बेहतर काम के कारण धीरे-धीरे उनके पास सिलाई के अधिक काम आने लगे। समय के साथ उन्होंने अपने घर के सामने ही छोटी सी सिलाई दुकान शुरू कर ली। आज यही काम उनके परिवार की आय का मजबूत आधार बन चुका है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>अम्बिकापुर में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन से किसानों को मिल रहा संबल</title>
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<description><![CDATA[ अम्बिकापुर. किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत कम करने तथा मोटे अनाजों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के अंतर्गत किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज एवं आवश्यक कृषि आदान उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके माध्यम से फसल उत्पादन बढ़ाने और … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:19:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>अम्बिकापुर, में, राष्ट्रीय, खाद्य, सुरक्षा, एवं, पोषण, मिशन, से, किसानों, को, मिल, रहा, संबल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>अम्बिकापुर.</strong></p>
<p>किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत कम करने तथा मोटे अनाजों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के अंतर्गत किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज एवं आवश्यक कृषि आदान उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके माध्यम से फसल उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।</p>
<p>छत्तीसगढ़ शासन की इस पहल से किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले बीज और कृषि आदानों का लाभ मिल रहा है, जिसका सकारात्मक असर खेतों में दिखाई दे रहा है। अम्बिकापुर विकासखंड के कृष्णापुर ग्राम के कृषक शुभम दुबे भी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन से लाभान्वित होकर मक्का की बेहतर फसल प्राप्त कर रहे हैं। कृषक शुभम दुबे ने बताया कि उन्होंने लगभग दो एकड़ भूमि में मक्का की खेती की है। कृषि विभाग की ओर से उन्हें मक्का का गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराया गया। उन्होंने बताया कि बीज की गुणवत्ता अच्छी होने के कारण पौधों का विकास बेहतर हुआ और खेत में फसल की स्थिति भी काफी अच्छी है।</p>
<p>शुभम दुबे ने बताया कि बीज के साथ खाद उपलब्ध कराए जाने से फसल को आवश्यक पोषण मिला, जिससे पौधों की बढ़वार और फसल की गुणवत्ता में सकारात्मक परिणाम देखने को मिला। इसके साथ ही उन्होंने खेत में खरपतवार नियंत्रण के लिए कृषि विभाग द्वारा सुझाई गई दवा का उपयोग किया। इससे खेत में घास-फूस का प्रभावी नियंत्रण हुआ और मक्का की फसल को अच्छी तरह विकसित होने का अवसर मिला। समय पर खरपतवार नियंत्रण होने से फसल की स्थिति बेहतर रही और मक्का की फसल समय पर तैयार होने की ओर अग्रसर है। कृषक शुभम दुबे ने बताया कि उनके खेत में मक्का की फसल अच्छी गुणवत्ता के साथ तैयार हो रही है और उत्पादन को लेकर वे काफी उत्साहित हैं। मक्का की फसल जल्दी तैयार होने से उन्हें बाजार में बेहतर समय पर उपज बेचने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि पहले वे अपने खेत में अन्य सब्जियों की खेती करते थे, लेकिन अपेक्षित उत्पादन और आय प्राप्त नहीं हो पाती थी। मक्का की खेती करने के बाद उन्हें उत्पादन के साथ-साथ आय में भी बेहतर परिणाम प्राप्त होने की उम्मीद है। इससे खेती के प्रति उनका भरोसा और उत्साह बढ़ा है।</p>
<p>उन्होंने कृषि विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए गुणवत्तापूर्ण बीज एवं खाद के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विभाग के सहयोग से उन्हें बेहतर फसल प्राप्त करने में मदद मिली है। उन्होंने बताया कि मक्का की खेती से उनकी आय में वृद्धि होगी  और परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में भी इसका योगदान मिलेगा। कृषक शुभम दुबे ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों को कृषि विभाग के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण बीज और आवश्यक कृषि आदान उपलब्ध कराए जाने से खेती को नई दिशा मिल रही है। उन्होंने कहा कि मक्का की खेती से उन्हें अच्छा उत्पादन और बेहतर आय प्राप्त होने की उम्मीद है। उन्होंने कृषि विभाग एवं छत्तीसगढ़ शासन को किसानों के हित में संचालित योजनाओं और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।</p>
<p>राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के माध्यम से किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक एवं तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर फसल उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। योजना के माध्यम से किसानों को पारंपरिक खेती के साथ बेहतर उत्पादन देने वाली फसलों को अपनाने में सहायता मिल रही है। शुभम दुबे की मक्का की फसल इसका उदाहरण है, जहां कृषि विभाग के सहयोग से गुणवत्तापूर्ण बीज, पोषण प्रबंधन और खरपतवार नियंत्रण के बेहतर समन्वय से फसल की स्थिति मजबूत हुई है। इससे न केवल उत्पादन बढ़ने की संभावना है, बल्कि किसान की आय में वृद्धि का मार्ग भी प्रशस्त हुआ।</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>अभिसरण से बदली सलकापारा आंगनबाड़ी केंद्र की तस्वीर, नौनिहालों को मिला सुरक्षित और सुविधायुक्त भवन</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी अभिसरण से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूती मिल रही है। सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत सलका स्थित सलकापारा आंगनबाड़ी केंद्र इसका उदाहरण है। कभी किराए के जर्जर और सीमित स्थान वाले भवन में संचालित यह केंद्र अब 11.69 लाख रुपए की लागत से … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:19:26 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी अभिसरण से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूती मिल रही है। सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत सलका स्थित सलकापारा आंगनबाड़ी केंद्र इसका उदाहरण है। कभी किराए के जर्जर और सीमित स्थान वाले भवन में संचालित यह केंद्र अब 11.69 लाख रुपए की लागत से निर्मित नवनिर्मित भवन में संचालित हो रहा है। इससे बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधायुक्त वातावरण मिलने के साथ आंगनबाड़ी केंद्र की सेवाओं का संचालन भी अधिक व्यवस्थित हुआ है।</p>
<p><strong>आईसीडीएस और विकसित भारत जी राम जी योजना का अभिसरण</strong></p>
<p>सलकापारा आंगनबाड़ी केंद्र के भवन निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृति दी गई थी। भवन निर्माण में एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) और विकसित भारत जी राम जी योजना के संसाधनों का अभिसरण किया गया। कुल 11.69 लाख रुपए की लागत में आईसीडीएस से 3.69 लाख रुपए तथा विकसित भारत जी राम जी योजना से 8 लाख रुपए का प्रावधान किया गया। भवन निर्माण के दौरान 494 मानव दिवस का रोजगार भी सृजित हुआ।</p>
<p><strong>जर्जर भवन से मिली स्थायी सुविधा</strong></p>
<p>नवनिर्मित भवन से पहले आंगनबाड़ी केंद्र किराए के जर्जर भवन में संचालित होता था। सीमित जगह और आवश्यक सुविधाओं के अभाव में बच्चों को बैठाने, प्री-स्कूल गतिविधियां संचालित करने तथा पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराने में कठिनाइयां आती थीं। नए भवन के निर्माण से इन समस्याओं का समाधान हुआ है और केंद्र के संचालन के लिए स्थायी आधारभूत सुविधा उपलब्ध हुई है।</p>
<p><strong>बच्चों की जरूरतों के अनुरूप सुविधाएं</strong></p>
<p>नए आंगनबाड़ी भवन में बड़ा हॉल, रसोई, स्टोर, शौचालय, बाथरूम और पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। पर्याप्त स्थान होने से बच्चों के लिए प्री-स्कूल शिक्षा, खेलकूद, पोषण एवं अन्य विकासात्मक गतिविधियां व्यवस्थित रूप से संचालित की जा रही हैं। रसोई और स्टोर की सुविधा से पोषण आहार के रख-रखाव एवं वितरण में भी सुविधा हुई है।</p>
<p>35 बच्चों को मिल रहा पोषण और प्रारंभिक शिक्षा का लाभ</p>
<p>वर्तमान में सलकापारा आंगनबाड़ी केंद्र से 35 बच्चे नियमित रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। उन्हें प्री-स्कूल शिक्षा के साथ पोषण आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। सुरक्षित और सुविधायुक्त वातावरण मिलने से बच्चों की केंद्र में उपस्थिति और गतिविधियों में सहभागिता को भी बढ़ावा मिला है।</p>
<p><strong>गर्भवती माताओं और किशोरियों को भी मिल रही सेवाएं</strong></p>
<p>आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से गर्भवती माताओं और किशोरी बालिकाओं को भी स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वर्तमान में 5 गर्भवती माताएं स्वास्थ्य जांच एवं पोषण परामर्श का लाभ ले रही हैं, जबकि 17 किशोरी बालिकाएं पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा से जुड़ी सेवाओं का लाभ उठा रही हैं। नए भवन से इन हितग्राहियों को भी बेहतर वातावरण और आवश्यक सुविधाएं मिल रही हैं।</p>
<p><strong>नए भवन से आसान हुआ आंगनबाड़ी का संचालन</strong></p>
<p>आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रजनी पैकरा ने बताया कि पहले कम जगह के कारण बच्चों को बैठाने और विभिन्न गतिविधियां कराने में परेशानी होती थी। नए भवन में पर्याप्त जगह और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने से अब बच्चों की गतिविधियां आसानी से संचालित हो रही हैं। बच्चे भी उत्साह के साथ केंद्र पहुंच रहे हैं।</p>
<p><strong>अभिसरण से बनी स्थायी परिसंपत्ति, मजबूत हुआ ग्रामीण विकास</strong></p>
<p>सलकापारा आंगनबाड़ी केंद्र का भवन योजनाओं के प्रभावी अभिसरण से तैयार हुई ऐसी स्थायी परिसंपत्ति है, जिसका लाभ ग्रामीण समुदाय को लंबे समय तक मिलेगा। इस पहल से एक ओर बच्चों को सुरक्षित वातावरण में पोषण और प्रारंभिक शिक्षा की सुविधा मिली है, वहीं गर्भवती माताओं और किशोरी बालिकाओं के लिए स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की पहुंच बेहतर हुई है। साथ ही भवन निर्माण से स्थानीय स्तर पर 494 मानव दिवस का रोजगार सृजित हुआ।</p>
<p>इस प्रकार सलकापारा का आंगनबाड़ी केंद्र केवल एक नए भवन की उपलब्धि नहीं, बल्कि बाल पोषण, प्रारंभिक शिक्षा, मातृ स्वास्थ्य, किशोरी स्वास्थ्य और ग्रामीण आधारभूत सुविधाओं को एक साथ मजबूत करने वाली अभिसरण आधारित पहल का उदाहरण बनकर उभरा है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>डिलीवरी ब्लड का था इस्तेमाल! 2000 साल पुराने पत्थरों पर बने चित्र आज भी क्यों हैं सुरक्षित?</title>
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<description><![CDATA[ बीजिंग  चीन में करीब 2,000 साल पुराने पत्थरों पर बने चित्र आज भी मौजूद हैं. हैरानी की बात ये है कि इन चित्रों ने तेज गर्मी, भारी बारिश, उमस और तूफानों का भी सामना किया, लेकिन फिर भी इनका रंग और आकृतियां लंबे समय तक बची रहीं. अब वैज्ञानिकों ने इन प्राचीन चित्रों की मजबूती … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:19:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>बीजिंग </strong><br>
चीन में करीब 2,000 साल पुराने पत्थरों पर बने चित्र आज भी मौजूद हैं. हैरानी की बात ये है कि इन चित्रों ने तेज गर्मी, भारी बारिश, उमस और तूफानों का भी सामना किया, लेकिन फिर भी इनका रंग और आकृतियां लंबे समय तक बची रहीं. अब वैज्ञानिकों ने इन प्राचीन चित्रों की मजबूती का एक बेहद चौंकाने वाला राज खोजा है। </p>
<p>साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, एक नई रिसर्च के अनुसार, इन चित्रों को बनाने वाले लोग पेंट में इंसानी खून का इस्तेमाल करते थे. इतना ही नहीं, रिसर्चर्स का मानना है कि इस खून का सोर्स हाल ही में बच्चे को जन्म देने वाली महिलाएं हो सकती थीं. यानी प्रसव के दौरान निकले खून का इस आर्ट में इस्तेमाल होता था। </p>
<p><strong>2,000 साल पुराने हैं ये चित्र</strong><br>
दक्षिणी चीन में वियतनाम की सीमा के पास करीब 260 किलोमीटर लंबे इलाके में जगह- जगह चट्टानों पर बने हजारों साल पुराने चित्र मौजूद हैं. इन्हें हुआशान रॉक आर्ट  के नाम से जाना जाता है. गुआंग्शी स्वायत्त क्षेत्र में मौजूद यह जगह इंसानों, जानवरों, नावों, हथियारों और म्यूजिक स्ट्रूमेंट की तस्वीरों के लिए मशहूर है। </p>
<p>इन चित्रों को बनाने का श्रेय प्राचीन लुओयूए  लोगों को दिया जाता है. माना जाता है कि ये लोग उस इलाके में रहते थे, जो आज चीन और वियतनाम के सीमावर्ती क्षेत्रों में आता है. इस ऐतिहासिक जगह को 2016 में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था। </p>
<p><strong>तेज गर्मी, बारिश और तूफानों के बाद भी नहीं मिटे</strong><br>
इन चित्रों की सबसे खास बात सिर्फ उनकी उम्र नहीं है. जिस इलाके में ये मौजूद हैं, वहां मौसम काफी मुश्किल है. यहां तेज गर्मी और उमस रहती है. भारी बारिश होती है और अक्सर तूफान भी आते हैं। </p>
<p>ऐसे मौसम में हजारों साल तक चट्टानों पर बने रंगों का टिके रहना वैज्ञानिकों के लिए लंबे समय से पहेली बना हुआ था. आखिर ऐसा क्या इस्तेमाल किया गया था, जिसकी वजह से ये पेंटिंग्स इतनी टिकाऊ बनी रहीं? अब वैज्ञानिकों को इसका एक हैरान करने वाला जवाब मिला है। </p>
<p><strong>पेंट में मिलाया गया था इंसानी खून!</strong><br>
जर्नल ऑफ आर्कियोलॉजिकल साइंस में  प्रकाशित एक नई स्टडी के मुताबिक, इन चित्रों को बनाने के लिए इस्तेमाल किए गए मिश्रण में चूना, लाल मिट्टी और जानवरों के साथ-साथ इंसानी खून भी मिलाया गया था. शोधकर्ताओं ने शानडोंग यूनिवर्सिटी और गुआंग्शी म्यूजियम ऑफ एंथ्रोपोलॉजी के साथ मिलकर इन चित्रों के पेंट के छोटे-छोटे टुकड़ों का अध्ययन किया। </p>
<p>जांच में सभी पेंट सैंपल में सीरम प्रोटीन मिले. ये खून का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं. इतना ही नहीं, वैज्ञानिकों को इंसानी खून से जुड़े ऐसे प्रोटीन भी मिले जो प्रसव और स्तनपान से संबंधित होते हैं। </p>
<p>यही वजह है कि वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया कि इस्तेमाल किया गया इंसानी खून हाल ही में बच्चे को जन्म देने वाली महिलाओं से लिया गया हो सकता है.रिसर्च का एक और दिलचस्प पहलू सामने आया है. वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस प्रक्रिया में बहुत ज्यादा खून की जरूरत नहीं थी.सिर्फ करीब 8 मिलीलीटर खून से एक वर्ग मीटर क्षेत्र को ढकने वाला पेंट तैयार किया जा सकता था। </p>
<p>वैज्ञानिकों का मानना है कि खून में मौजूद कुछ तत्व चूने के साथ मिलकर एक खास तरह का कैल्शियम कार्बोनेट बनाते थे. इससे पेंट चट्टान की सतह के साथ बेहद मजबूती से जुड़ जाता था. यानी यह पेंट सिर्फ चट्टान के ऊपर चिपका हुआ नहीं था, बल्कि एक तरह से चूना-पत्थर की सतह के साथ जुड़ गया था. रिसर्चर्स ने इसकी मजबूती को इतना असाधारण बताया कि पेंट का सैंपल निकालने के लिए उन्हें <strong>इलेक्ट्रिक ड्रिल तक का इस्तेमाल करना पड़ा। </strong></p>
<p>हालांकि, जहां चट्टान से कैल्शियम कार्बोनेट घिस चुका था, वहां पेंट अपेक्षाकृत आसानी से निकल गया. शोध में यह भी पता चला कि अलग-अलग जगहों पर पेंट का मिश्रण एक जैसा नहीं था.एक साइट से मिले पेंट में करीब 97 फीसदी खून इंसानी था, जबकि पास की दूसरी जगह के सैंपल में लगभग एक-तिहाई हिस्सा गाय के खून का मिला. इससे पता चलता है कि प्राचीन लोग पेंट तैयार करने के लिए इंसान और जानवरों के खून को अलग-अलग अनुपात में इस्तेमाल करते थे। </p>
<p><strong>डिलीवरी के बाद महिलाओं का खून क्यों?</strong><br>
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर इंसानी खून इस्तेमाल हुआ, तो वह कहां से आता था? रिसर्चर्स ने अनुमान लगाया है कि इसे बच्चे को जन्म देने के तुरंत बाद महिलाओं से हासिल किया जाता होगा.इसका संबंध उस समय के लुओयूए समाज की मान्यताओं से हो सकता है. वैज्ञानिकों का मानना है कि इस समाज में महिलाओं की प्रजनन क्षमता और मातृत्व को विशेष महत्व दिया जाता था। </p>
<p>रिसर्च पेपर में यह संभावना जताई गई है कि खून का इस्तेमाल उर्वरता, पवित्रता या पूर्वजों के सम्मान जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक विचारों से जुड़ा हो सकता है. हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि महिलाओं के प्रसव के बाद के खून का इस्तेमाल किए जाने की बात वैज्ञानिकों का अनुमान है, प्रत्यक्ष रूप से साबित तथ्य नहीं। </p>
<p><strong>पहले कुछ और माना जाता था</strong><br>
इस खोज से पहले वैज्ञानिकों के पास इन चित्रों की मजबूती को लेकर दूसरी थ्योरी थी. माना जाता था कि पेंट बनाने में ऐसे पौधों के रस का इस्तेमाल किया गया होगा, जिनमें ऑक्सैलिक एसिड की मात्रा ज्यादा होती है. लेकिन नए विश्लेषण में पेंट के अंदर पौधों से जुड़े ऐसे अवशेष नहीं मिले. इसके बजाय इंसानी और जानवरों के खून से जुड़े प्रोटीन मिले. इससे खून के इस्तेमाल वाली थ्योरी को मजबूती मिली है। </p>
<p><strong>इन चित्रों का मकसद सिर्फ सजावट नहीं था?</strong><br>
इन प्राचीन चित्रों को देखकर यह भी सवाल उठता है कि आखिर हजारों साल पहले लोगों ने इतनी मेहनत से इन्हें क्यों बनाया होगा? चित्रों में इंसानों के साथ-साथ नाव, हथियार और संगीत वाद्ययंत्र दिखाई देते हैं. इनमें कुछ ऐसे सामान भी नजर आते हैं जिनका इस्तेमाल धार्मिक या सामुदायिक समारोहों में किया जाता था। </p>
<p>रिसर्चर्स के मुताबिक, ये चित्र सिर्फ रोजमर्रा की जिंदगी दिखाने के लिए नहीं रहे होंगे. इनमें धार्मिक रस्मों, सामुदायिक पहचान और पूर्वजों के सम्मान का भी महत्व हो सकता है। </p>
<p>खास बात यह है कि इन चित्रों में किसी एक व्यक्ति पर ज्यादा जोर नहीं दिया गया. इसके बजाय कई आकृतियां साथ दिखाई देती हैं. इससे संकेत मिलता है कि उस समाज में व्यक्तिगत पहचान से ज्यादा पूरे समुदाय को महत्व दिया जाता था। </p>
<p><strong>क्या लुओयूए समाज मातृसत्तात्मक था?</strong><br>
ऐतिहासिक रिकॉर्ड में लुओयूए समाज को मातृसत्तात्मक बताया गया है. प्राचीन चीनी दस्तावेजों में उनके सामाजिक ढांचे और रिश्तों को लेकर अलग-अलग विवरण मिलते हैं. रिसर्चर्स के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम चीन और लिंगनान इलाके के कई स्थानीय समाजों में हान राजवंश के दौर तक महिलाओं की सामाजिक भूमिका काफी मजबूत थी। </p>
<p>ऐसे में अगर प्राचीन चित्रों को बनाने में प्रसव के बाद महिलाओं के खून का इस्तेमाल हुआ था, तो यह उस समाज में महिलाओं, मातृत्व और प्रजनन क्षमता के विशेष महत्व की ओर इशारा कर सकता है. हालांकि इस हिस्से को लेकर अभी और रिसर्च की जरूरत है। </p>
<p><strong>हजारों साल पुराना रहस्य, मिला हैरान करने वाला जवाब</strong><br>
हुआशान के ये चित्र सिर्फ प्राचीन कला के नमूने नहीं हैं. ये उस दौर के लोगों की जिंदगी, उनकी मान्यताओं और सामाजिक व्यवस्था की झलक भी देते हैं. सबसे दिलचस्प बात यह है कि 2,000 साल से ज्यादा पुराने इन चित्रों को बचाने में जिस चीज की भूमिका हो सकती है, वह आज के दौर में सुनकर ही हैरान कर देती है—इंसानी खून। </p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>सऊदी अरब के Aramco पर हूतियों का फिर ड्रोन हमला, मक्का समझौते के बाद पाकिस्तान&#45;तुर्की की परीक्षा</title>
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<description><![CDATA[ रियाद  सऊदी अरब ने जिस खतरे के डर से मक्का समझौता किया था, वो खतरा अब कहर बनकर टूट पड़ा है. आज से पक्के दोस्त का दिखा कर रहे पाकिस्तान-तुर्की की अग्नि परीक्षा शुरू हो गई है. सऊदी अरब में दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी ‘अरामको’ की रिफाइनरी पर एक बार फिर हूती विद्रोहियों … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:19:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रियाद<br>
 सऊदी अरब</strong> ने जिस खतरे के डर से मक्का समझौता किया था, वो खतरा अब कहर बनकर टूट पड़ा है. आज से पक्के दोस्त का दिखा कर रहे पाकिस्तान-तुर्की की अग्नि परीक्षा शुरू हो गई है. सऊदी अरब में दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी ‘अरामको’ की रिफाइनरी पर एक बार फिर हूती विद्रोहियों का कहर टूटा है. यमन के ईरान समर्थित हूती लड़ाकों ने दक्षिणी सऊदी अरब के जिजान इलाके में मौजूद अरामको रिफाइनरी पर दो-दो ड्रोन से सटीक हमला करने का दावा किया है. मक्का समझौते के बाद सऊदी पर ये पहला अटैक है, ऐसे में दुनिया की नजरें पाकिस्तान और तुर्की की तरफ मुड़ गई हैं। </p>
<p><strong>हूतियों के Aramco अटैक के बाद पाकिस्तान-तुर्की की अग्निपरीक्षा</strong><br>
यमन में बैठे ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने एक बार फिर सऊदी अरब के दक्षिणी हिस्से में मौजूद अरामको रिफाइनरी को अपना निशाना बनाया है. हूती विद्रोहियों का दावा है कि ये हमला लगातार तीसरी बार किया गया है और ये बिल्कुल सटीक निशाने पर लगा है. इस हमले के बाद पूरे मरुस्थल में सन्नाटा है और सऊदी अरब का तेल नेटवर्क एक बार फिर भारी दबाव में आ गया है। </p>
<p>इस हमले के बाद सऊदी के संकट मोचक बनने का दावा करने वाले पाकिस्तान और तुर्की जैसे देशों की असलियत सामने आने वाली है, वहीं ऐतिहासिक ‘मक्का समझौते’ की भी सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा होने जा रही है। </p>
<p><strong>क्यों हुआ हमला? हूती विद्रोहियों ने दी खुली धमकी</strong><br>
हूती विद्रोहियों की सैन्य विंग के हवाले से सबा एजेंसी ने रिपोर्ट किया है कि ये हमला कोई अचानक उठाया गया कदम नहीं है. हूतियों का आरोप है कि सऊदी अरब ने यमन के सादा और हज्जा प्रांतों में उनके एयरस्पेस का उल्लंघन किया और देश की संप्रभुता को चुनौती दी. हूती प्रवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि वो यमन की सीमाओं पर होने वाले किसी भी हमले का करारा जवाब देंगे. उन्होंने साफ कर दिया है कि अगर सऊदी अरब की तरफ से कोई भी आक्रामक कार्रवाई होती है तो उसका जवाब इसी तरह के मिसाइल और ड्रोन हमलों से दिया जाएगा। </p>
<p><strong>क्या टूट गया यमन का सालों पुराना सीजफायर?</strong><br>
इस हमले के साथ ही ये लगभग साफ हो गया है कि यमन में पिछले कुछ सालों से चला आ रहा सीजफायर अब पूरी तरह से खत्म हो चुका है. यमन के गृहयुद्ध में एक तरफ सऊदी समर्थित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार थी तो दूसरी तरफ ईरान समर्थित हूती विद्रोही। </p>
<p>दोनों पक्षों के बीच जारी सीजफायर पिछले महीने ही उस वक्त डगमगा गया था जब अमेरिका और ईरान के क्षेत्रीय सहयोगियों के बीच सीधी भिड़ंत बढ़ गई. हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकाबंदी का ऐलान कर दिया और लाल सागर में सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर हमले तेज कर दिए. जिजान रिफाइनरी पर हुआ ये नया हमला उसी कड़ी का हिस्सा है। </p>
<p><strong>होर्मुज जलडमरूमध्य से लेकर लाल सागर तक बिछा बारूद</strong><br>
एक तरफ हूती विद्रोही लाल सागर और सऊदी तेल ठिकानों को निशाना बना रहे हैं, तो दूसरी तरफ ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को ब्लॉक कर रखा है। </p>
<p>ये समुद्री रास्ता दुनिया के तेल व्यापार की रीढ़ की हड्डी माना जाता है. तेहरान और वाशिंगटन के बीच जारी तनाव ने इस रास्ते को दुनिया का सबसे खतरनाक मोड़ बना दिया है. ऐसे में अगर सऊदी अरब के तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार हमले होते रहे, तो पूरे यूरोप और एशिया में ईंधन का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। </p>
<p><strong>अब पता चलेगी पाकिस्तान और तुर्की की असलियत!</strong><br>
पाकिस्तान हमेशा से खुद को रियाद का सबसे बड़ा रणनीतिक और सैन्य रक्षक बताता आया है. जब भी सऊदी अरब की सुरक्षा पर बात आती है, इस्लामाबाद बड़े-बड़े दावे करता ह  लेकिन जब ईरान समर्थित हूती विद्रोही सीधी चुनौती दे रहे हैं, तब क्या पाकिस्तान अपनी सेना या रणनीतिक मदद सऊदी अरब के बचाव में भेजेगा? या फिर वो ईरान के डर से पीछे हट जाएगा? इस हमले ने पाकिस्तान की कागजी बयानबाजी और जमीनी हकीकत का अंतर साफ कर दिया है। </p>
<p>तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन खुद को मुस्लिम अमहियत का लीडर साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ते. तुर्की के ड्रोन और सैन्य तकनीक की दुनिया भर में चर्चा होती है. लेकिन सऊदी अरामको पर हुए इस हमले के बाद तुर्की क्या रुख अपनाता है, इस पर पूरी दुनिया की नजरें हैं. तुर्की का ईरान के साथ भी कारोबारी रिश्ता है और सऊदी अरब के साथ भी वह संबंध सुधारने की कोशिश कर रहा है. अब तुर्की को चुनना होगा कि वो सऊदी के साथ खड़ा होता है या खलीफा बनने का नाटक करता रहेगा है। </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>ईरान ने गिराए अमेरिका के 45 Reaper ड्रोन! 25% बेड़ा हुआ तबाह, हथियारों के स्टॉक पर बढ़ा संकट</title>
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<description><![CDATA[ वाशिंगटन ईरान के साथ चल रही जंग में अमेरिका को अपने MQ-9 रीपर ड्रोन का बड़ा नुकसान हुआ है. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, अब तक कम से कम 45 रीपर ड्रोन खो चुके हैं. यह युद्ध शुरू होने से पहले अमेरिका के कुल रीपर ड्रोन का करीब 25 फीसदी है. इन ड्रोन का इस्तेमाल निगरानी … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:19:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>वाशिंगटन</strong></p>
<p>ईरान के साथ चल रही जंग में अमेरिका को अपने MQ-9 रीपर ड्रोन का बड़ा नुकसान हुआ है. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, अब तक कम से कम 45 रीपर ड्रोन खो चुके हैं. यह युद्ध शुरू होने से पहले अमेरिका के कुल रीपर ड्रोन का करीब 25 फीसदी है. इन ड्रोन का इस्तेमाल निगरानी और हमले के लिए किया जाता है. एक रीपर ड्रोन की कीमत उसके सेंसर और हथियारों के हिसाब से 30 से 50 मिलियन डॉलर तक हो सकती है। </p>
<p>इन 45 ड्रोन के नुकसान की कीमत 1.3 अरब डॉलर से ज्यादा हो सकती है. हालांकि, सभी ड्रोन दुश्मन के हमले में नहीं गिरे. एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, कुछ ड्रोन का अपने ऑपरेटर से संपर्क टूट गया था, जिसके बाद वे क्रैश हो गए. अमेरिका को जंग में ड्रोन के साथ तकनीकी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा है। </p>
<p><strong>होर्मुज के पास ज्यादा इस्तेमाल हुए रीपर</strong><br>
अमेरिकी सेना ने ईरान युद्ध के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास रीपर ड्रोन का काफी इस्तेमाल किया. यह समुद्री रास्ता बहुत अहम है और ईरान-अमेरिका तनाव का एक बड़ा केंद्र बना हुआ है. रीपर ड्रोन लंबे समय तक आसमान में रहकर निगरानी कर सकता है और जरूरत पड़ने पर हमला भी कर सकता है। </p>
<p>इसकी रफ्तार कम होती है और यह कई बार कम ऊंचाई पर उड़ता है. इसी वजह से ईरान की सेना और यमन व इराक में उसके सहयोगी गुटों के लिए इन्हें निशाना बनाना आसान हो सकता है। </p>
<p><strong>अमेरिका के पास कितने रीपर ड्रोन थे?<br>
युद्ध शुरू होने से पहले अमेरिकी सेना के पा</strong>स करीब 185 रीपर ड्रोन थे. इनमें 165 एयर फोर्स और 20 मरीन कॉर्प्स के पास थे. मरीन कॉर्प्स ने कहा है कि उसके किसी रीपर ड्रोन का नुकसान नहीं हुआ है। </p>
<p>मई में एयर फोर्स के लेफ्टिनेंट जनरल डेविड टैबर ने अमेरिकी सीनेट को बताया था कि अमेरिका के पास करीब 135 रीपर ड्रोन बचे थे. उस समय उन्होंने ड्रोन के लगातार हो रहे नुकसान पर चिंता जताई थी। </p>
<p>अमेरिका अब पुराने रीपर ड्रोन को धीरे-धीरे हटाने की तैयारी कर रहा है. उनकी जगह कम कीमत वाले हथियारबंद ड्रोन लाने की योजना है. ये ड्रोन एक साथ कई ड्रोन के समूह में काम कर सकेंगे। </p>
<p><strong>मिसाइलों का स्टॉक भी घटा</strong></p>
<p>ईरान युद्ध में अमेरिका ने बड़ी संख्या में मिसाइलों का भी इस्तेमाल किया है. युद्ध के पहले महीने में अमेरिकी सेना ने 850 से ज्यादा टॉमहॉक क्रूज मिसाइल और 1,000 से ज्यादा पैट्रियट और THAAD मिसाइलें इस्तेमाल कीं। <br>
THAAD मिसाइलों का इस्तेमाल दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए किया जाता है. अमेरिका की मौजूदा क्षमता एक साल में ज्यादा से ज्यादा 96 THAAD इंटरसेप्टर बनाने की है. लेकिन अगले साल अमेरिका को 857 और अगले पांच साल में करीब 2,600 <strong>THAAD इंटरसेप्टर की जरूरत बताई गई है। </strong></p>
<p><strong>हथियारों का भंडार भरना बड़ी चुनौती</strong><br>
अमेरिकी सरकार ईरान युद्ध के खर्च और हथियारों की भरपाई के लिए कांग्रेस से 67 अरब डॉलर के अतिरिक्त बजट की मांग कर रही है. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के मुताबिक, सितंबर के अंत तक युद्ध पर करीब 37.5 अरब डॉलर खर्च हो सकते हैं। </p>
<p>ईरान युद्ध के साथ यूक्रेन को दिए गए अमेरिकी हथियारों ने भी अमेरिका के सैन्य भंडार पर दबाव बढ़ाया है. अब ड्रोन और मिसाइलों को फिर से तैयार करने की जरूरत है. लेकिन नए हथियार बनाने में समय लगेगा. ऐसे में अमेरिका के सामने युद्ध का खर्च संभालने और हथियारों का भंडार फिर भरने, दोनों की चुनौती है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>US के दो और राज्यों ने 15 अगस्त को घोषित किया ‘India Independence Day’, भारतवंशियों को सम्मान</title>
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<description><![CDATA[ न्यूयॉर्क. अमेरिका के न्यू जर्सी और न्यूयॉर्क राज्यों ने 15 अगस्त 2026 को &#039;भारत स्वतंत्रता दिवस&#039; घोषित किया है। दुनियाभर में उत्साह के साथ स्वतंत्रता दिवस समारोह होने शुरू हो गए हैं। इसी बीच इन दोनों राज्यों ने यह घोषणा की है। इसके साथ ही भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चले आ … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:19:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>के, दो, और, राज्यों, ने, अगस्त, को, घोषित, किया, ‘India, Independence, Day’, भारतवंशियों, को, सम्मान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>न्यूयॉर्क.</strong></p>
<p>अमेरिका के न्यू जर्सी और न्यूयॉर्क राज्यों ने 15 अगस्त 2026 को 'भारत स्वतंत्रता दिवस' घोषित किया है। दुनियाभर में उत्साह के साथ स्वतंत्रता दिवस समारोह होने शुरू हो गए हैं। इसी बीच इन दोनों राज्यों ने यह घोषणा की है। इसके साथ ही भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चले आ रहे दोस्ताना संबंधों को भी सम्मान दिया गया है।</p>
<p>न्यूयॉर्क में भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कई पोस्ट कर इन घोषणाओं की जानकारी साझा की। दूतावास ने न्यू जर्सी की गवर्नर मिकी शेरिल को धन्यवाद दिया। उन्होंने 15 अगस्त 2026 को न्यू जर्सी में 'भारत स्वतंत्रता दिवस' घोषित किया है। इस घोषणा में न्यू जर्सी में रह रहे भारतीय मूल के अमेरिकियों के अहम योगदान को भी मान्यता दी गई है। शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, शोध, तकनीक, कारोबार, सार्वजनिक सेवा और सामुदायिक नेतृत्व जैसे क्षेत्रों में इस समुदाय के योगदान का जिक्र किया गया है।</p>
<p><strong>घोषणा में क्या कहा गया?</strong><br>
घोषणा में भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चली आ रहे दोस्ताना संबंधों और बढ़ती साझेदारी को भी रेखांकित किया गया है। इसमें शिक्षा, कारोबार, तकनीक, स्वास्थ्य सेवा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्रों में दोनों देशों के बढ़ते संबंधों का जिक्र किया गया है। इसमें कहा गया कि भारत का स्वतंत्रता दिवस उन अनगिनत लोगों के साहस, दूरदृष्टि और बलिदान को सम्मान देता है, जिनके शांतिपूर्ण स्वतंत्रता आंदोलन ने दुनियाभर की पीढ़ियों को प्रेरित किया। इस आंदोलन ने न्याय, समानता और मानव गरिमा के सार्वभौमिक सिद्धांतों को भी मजबूत किया।</p>
<p><strong>भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने क्या कहा?</strong><br>
महावाणिज्य दूतावास ने एक्स पर एक अन्य पोस्ट में कहा कि न्यूयॉर्क भी भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मना रहा है। इस मौके पर भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत संबंधों को विशेष रूप से सम्मान दिया जा रहा है। दूतावास ने न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होकुल का भी आभार जताया। उन्होंने 15 अगस्त 2026 को पूरे न्यूयॉर्क राज्य में 'भारत स्वतंत्रता दिवस' घोषित किया है।  दूतावास ने कहा कि यह घोषणा भारत की आजादी की यात्रा और भारत-अमेरिका के साझा लोकतांत्रिक मूल्यों का जश्न मनाती है। इसमें न्यूयॉर्क में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के अहम योगदान को भी मान्यता दी गई है।</p>
<p>समुदाय ने राज्य के सांस्कृतिक, आर्थिक और नागरिक जीवन में अहम योगदान दिया है। घोषणा में बताया गया कि भारत की आजादी की राह अहिंसक विरोध, सच्चाई, आत्म-अनुशासन और नैतिक साहस जैसे मूल्यों के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता से बनी थी। इसमें यह भी कहा गया कि अमेरिका में हर साल भारत के स्वतंत्रता दिवस का आयोजन अब अलग-अलग संस्कृतियों के बीच सद्भाव की एक शानदार मिसाल बन चुका है। रंग-बिरंगे समारोहों में कई पीढ़ियों के लोग एक साथ शामिल होते हैं। वे भारत और अमेरिका की समृद्ध देशभक्ति की परंपराओं का गर्व के साथ सम्मान करते हैं। ये आयोजन दोनों लोकतांत्रिक देशों को जोड़ने वाले गहरे संबंधों का प्रतीक हैं।</p>
<p><strong>80वें स्वतंत्रता दिवस पर क्या रहेगा खास?</strong><br>
भारत अब अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारी कर रहा है। इस साल के समारोह में 'वंदे मातरम' के 150 साल पूरे होने को भी खास तौर पर याद किया जाएगा। इस ऐतिहासिक मौके पर 'युवा शक्ति' पर भी विशेष जोर रहेगा। इसमें छात्रों और युवा नागरिकों की उपलब्धियों और उनके योगदान को सम्मान दिया जाएगा। 80वें स्वतंत्रता दिवस के समारोहों में भारत की गहरी ऐतिहासिक परंपराओं के साथ देश की नई पीढ़ी और उसके भविष्य की ओर बढ़ते कदमों को भी प्रमुखता दी जाएगी।</p>]]> </content:encoded>
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<title>चीन की ‘अंडरवियर सिटी’! यहां इनरवियर से चलती है पूरी इकोनॉमी, जानें पूरी कहानी</title>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:19:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>चीन, की, ‘अंडरवियर, सिटी’, यहां, इनरवियर, से, चलती, है, पूरी, इकोनॉमी, जानें, पूरी, कहानी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>गुआराओ</strong><br>
एक फैक्ट्री में दर्जनों कर्मचारी अपने-अपने काम में जुटे हैं. कहीं सिलाई मशीन की लगातार आवाज सुनाई दे रही है तो कहीं तैयार ब्रा के ढेर लगे हैं. हर कर्मचारी को उत्पादन की एक छोटी-सी जिम्मेदारी मिली है. कोई कपड़ा काट रहा है, कोई सिलाई कर रहा है और कोई अगले चरण के लिए उसे आगे बढ़ा रहा है. देखने में यह किसी आम कपड़ा फैक्ट्री जैसा लगता है, लेकिन चीन के इस शहर की खासियत कुछ और है। </p>
<p>यह शहर है गुआराओ , जिसे चीन में 'अंडरवियर सिटी' कहा जाता है. यहां की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा ब्रा, बनियान और अंडरवियर बनाने के कारोबार पर टिका है. यहां हर साल करोड़ों की संख्या में इनरवियर तैयार किए जाते हैं और चीन के साथ-साथ दूसरे देशों में भी भेजे जाते हैं। </p>
<p><strong>हर दिन बनते हैं लाखों इनरवियर</strong><br>
गुआराओ की एक अंडरवियर फैक्ट्री में रोजाना करीब 30 से 40 हजार मोटी पैड वाली ब्रा और अंडरवियर तैयार होती हैं. फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारी उत्पादन लाइन पर एक ही काम को बार-बार करते हैं. एक कर्मचारी का काम पूरा होते ही कपड़ा अगले कर्मचारी के पास पहुंच जाता है और इसी तरह धीरे-धीरे तैयार होती है एक ब्रा या अंडरवियर। </p>
<p>गुआराओ में ऐसी सिर्फ एक-दो फैक्ट्रियां नहीं हैं. पूरे शहर में हजारों छोटी-बड़ी फैक्ट्रियां अंडरवियर बनाने के काम में लगी हैं. आंकड़ों के मुताबिक, शहर में हर साल करीब 35 करोड़ ब्रा और 43 करोड़ बनियान और अंडरवियर तैयार किए जाते हैं. यहां बनने वाले इनरवियर का बड़ा हिस्सा चीन के घरेलू बाजार में बिकता है, जबकि काफी सामान विदेशों में भी भेजा जाता है। </p>
<p>कहा जाता है कि शहर के औद्योगिक उत्पादन में अंडरवियर से जुड़े सामान की हिस्सेदारी करीब 80 फीसदी है. यानी इस शहर में कपड़े का कारोबार कहें या अंडरवियर की इंडस्ट्री, दोनों लगभग एक ही बात हो गई है। </p>
<p><strong>सड़क से फैक्ट्री तक… हर जगह अंडरवियर का कारोबार</strong><br>
गुआराओ में अंडरवियर सिर्फ फैक्ट्रियों तक सीमित नहीं है. शहर में जगह-जगह लिंजरी के विज्ञापन देखने को मिलते हैं. बड़े-बड़े होर्डिंग्स पर मॉडल्स को अलग-अलग तरह के अंडरवियर पहने दिखाया जाता है. इसी वजह से स्थानीय प्रशासन भी गुआराओ को 'अंडरवियर सिटी' यानी 'अंडरवियर का शहर' कहता है। </p>
<p>शहर के लिए यह उद्योग सिर्फ कपड़े बनाने का काम नहीं, बल्कि रोजगार और कमाई का सबसे बड़ा जरिया है. हजारों लोग सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से इसी कारोबार से जुड़े हैं। </p>
<p><strong>1982 में शुरू हुआ था अंडरवियर का कारोबार</strong><br>
गुआराओ में अंडरवियर बनाने का कारोबार बहुत पुराना नहीं है. इसकी शुरुआत करीब 1982 में हुई थी. पड़ोसी हांगकांग और ताइवान से आए निवेश ने यहां इस उद्योग को बढ़ने में मदद की। </p>
<p>शहर की लोकेशन और अपेक्षाकृत सस्ता मजदूर मिलने की वजह से यहां फैक्ट्रियां तेजी से बढ़ने लगीं. खासकर 1995 से 2005 के बीच अंडरवियर का कारोबार तेजी से फैला और गुआराओ एक बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर गया.लेकिन तेज औद्योगिक विकास के साथ शहर को प्रदूषण जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ा। </p>
<p><strong>सिर्फ अंडरवियर पर टिकी अर्थव्यवस्था, अब बढ़ी चिंता</strong><br>
गुआराओ की सबसे बड़ी ताकत ही अब उसकी सबसे बड़ी कमजोरी बनती दिख रही है. शहर का उद्योग मुख्य रूप से एक ही क्षेत्र पर निर्भर है. ऐसे में अगर अंडरवियर के कारोबार में मंदी आती है या दूसरे देशों से प्रतिस्पर्धा बढ़ती है, तो इसका सीधा असर पूरे शहर पर पड़ता है। </p>
<p>फैक्ट्री मालिकों का कहना है कि उत्पादन की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन ग्राहक ज्यादा कीमत चुकाने के लिए तैयार नहीं हैं. यानी खर्च बढ़ रहा है, लेकिन सामान की कीमत उसी हिसाब से बढ़ाना मुश्किल है. इसका असर छोटे और मध्यम स्तर की फैक्ट्रियों पर भी पड़ रहा है। </p>
<p><strong>थाईलैंड और वियतनाम से बढ़ी टक्कर</strong><br>
गुआराओ के सामने अब सिर्फ घरेलू बाजार की चुनौती नहीं है. थाईलैंड और वियतनाम जैसे देश भी अंडरवियर बनाने के क्षेत्र में चीन को टक्कर दे रहे हैं. इन देशों में कुछ मामलों में मैन्युफैक्चरिंग लागत और टैक्स कम होने के कारण कंपनियों के लिए वहां उत्पादन करना ज्यादा फायदेमंद पड़ सकता है. 2008 के बाद से मिड और लो-एंड अंडरवियर के कुछ ऑर्डर चीन से इन देशों की ओर जाने लगे. इसका असर गुआराओ के निर्यात पर भी पड़ा। </p>
<p>चीन की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ी, लेकिन गुआराओ जैसे कई छोटे औद्योगिक शहर अपनी पुरानी इंडस्ट्री से बाहर नहीं निकल पाए. अंडरवियर उद्योग पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता अब शहर के लोगों को परेशान कर रही है। </p>
<p>कई लोग बेहतर रोजगार और भविष्य की तलाश में आसपास के शहरों और दूसरे देशों की ओर जाने लगे हैं. कुछ फैक्ट्री मालिक कारोबार बंद करके शहर छोड़ चुके हैं.</p>
<p>गुआराओ की कहानी सिर्फ एक शहर की कहानी नहीं है. चीन में ऐसे कई शहर हैं जहां एक ही तरह के सामान का उत्पादन पूरे इलाके की अर्थव्यवस्था को चलाता है. किसी शहर में प्लास्टिक के खिलौने बनते हैं तो किसी में कपड़े या दूसरे सस्ते सामान। </p>
<p>ऐसे 'वन-इंडस्ट्री टाउन' ने चीन को दुनिया का बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में अहम भूमिका निभाई. लेकिन इन शहरों की मुश्किल यह है कि अगर सस्ता उत्पादन करने वाला कोई दूसरा देश बाजार में आ जाए, तो पूरी स्थानीय अर्थव्यवस्था दबाव में आ सकती है। </p>
<p>गुआराओ में आज भी सिलाई मशीनों की आवाज और अंडरवियर के ढेर दिखाई देते हैं. लेकिन इन करोड़ों ब्रा और अंडरवियर के पीछे अब एक सवाल भी खड़ा है. अगर पूरी अर्थव्यवस्था एक ही उद्योग पर टिकी हो, तो बदलते वक्त के साथ शहर खुद को कितना बदल पाएगा?</p>]]> </content:encoded>
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<title>चीन के पड़ोस में बदले समीकरण, भारत के लिए खुला बड़ा रणनीतिक मौका; ड्रैगन की बढ़ी टेंशन</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली पश्चिम एशिया में जिस तरह के हालात बन रहे हैं, उनसे दुनिया के तमाम देश सतर्क हो गए हैं. जिस तरह से संप्रभु देश पर अटैक किए जा रहे हैं, उनसे अन्‍य देशों में डर का भाव पैदा हो रहा है. इसका असर ग्‍लोबल लेवल पर स्‍पष्‍ट तौर पर देखा जा सकता है. … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:19:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>पश्चिम एशिया में जिस तरह के हालात बन रहे हैं, उनसे दुनिया के तमाम देश सतर्क हो गए हैं. जिस तरह से संप्रभु देश पर अटैक किए जा रहे हैं, उनसे अन्‍य देशों में डर का भाव पैदा हो रहा है. इसका असर ग्‍लोबल लेवल पर स्‍पष्‍ट तौर पर देखा जा सकता है. हथियार खरीदने या फिर उसे डेवलप करने पर इन्‍वेस्‍टमेंट काफी बढ़ चुका है. सालों से शांति और डिफेंसिव डिफेंस पॉलिसी (सुरक्षात्‍मक रक्षा नीति) पर चलने वाले देश भी अब अपने सिस्‍टम को दुरुस्‍त करने में जुट गए हैं. उनमें जापान का नाम सबसे टॉप पर है. दशकों से शांतिपूर्ण और डिफेंसिव अप्रोच वाली नीति पर चलने वाला जापान अब अपनी इस नीति से इतर चलता हुआ दिख रहा है. हाल में जापान की ओर से दो मिसाइलों का परीक्षण किया गया है. इनमें से एक मिसाइल की रेंज तो 1600 किलोमीटर बताई जा रही है. इससे इंडो-पैसिफिक रेंज में पावर बैलेंस की स्थिति बनने की संभावना प्रबल हो गई है. दूसरी तरफ, चीन के लिए यह खबर कतई अच्‍छी नहीं है, क्‍योंकि निकट भविष्‍य में उसकी मनमानियों पर रोक लग सकती है. सामरिक रूप से यह स्थिति भारत के लिए काफी अच्‍छी साबित हो सकती है, क्‍योंकि भारत और जापान के बीच ऐतिहासिक रूप से अच्‍छे संबंध हैं. भारत के बॉर्डर इलाके में चीन अपना नापाक मंसूबा समय-समय पर दिखाता रहा है, ऐसे में हिंद-प्रशांत में सैन्‍य रूप से मजबूत दोस्‍त के होने से तस्‍वीर बदल सकती है। </p>
<p>जापान ने अपनी रक्षा नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देते हुए लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइल सिस्‍टम्‍स के सफल परीक्षण किए हैं. ‘एशिया टाइम्‍स’ की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी टॉमहॉक (Tomahawk) क्रूज मिसाइल और स्वदेशी अपग्रेडेड टाइप-12 मिसाइल के परीक्षणों को केवल तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि जापान की सैन्य रणनीति में बड़े परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है. अब तक केवल रक्षात्मक सैन्य नीति अपनाने वाला जापान धीरे-धीरे ऐसी क्षमता विकसित कर रहा है, जिससे वह दुश्मन के ठिकानों पर जवाबी हमला भी कर सके. यह बदलाव हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनजर किया जा रहा है. जुलाई के अंतिम सप्ताह में जापान के रक्षा मंत्रालय ने दो महत्वपूर्ण टेस्‍ट किए. पहला परीक्षण जापान मैरीटाइम सेल्फ-डिफेंस फोर्स (JMSDF) ने अमेरिकी नेवी के सहयोग से प्रशांत महासागर में किया, जिसमें कोंगो क्‍लास के एजिस डिस्‍ट्रॉयर जेएस चोकाई (JS Chokai) से टॉमहॉक लैंड-अटैक क्रूज मिसाइल दागी गई. इसके साथ ही जापान सतह पर तैनात वॉरशिप से टॉमहॉक मिसाइल का <strong>प्रक्षेपण करने वाला तीसरा विदेशी देश बन गया। </strong></p>
<p><strong>900 किलोमीटर रेंज वाली मिसाइल</strong><br>
दूसरा परीक्षण गिफू एयर बेस पर किया गया, जहां जापान एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स (JASDF) ने F-2 लड़ाकू विमान से अपग्रेडेड टाइप-12 एयर-लॉन्च मिसाइल का फ्लाइट टेस्‍ट शुरू किया. इस नई मिसाइल की मारक क्षमता 900 किलोमीटर से अधिक बताई जा रही है, जबकि भविष्य में विकसित किए जा रहे वेरिएंट की रेंज 1,600 किलोमीटर तक हो सकती है. इन हथियारों को कम रडार पहचान वाली, नेटवर्क आधारित और लंबी दूरी तक सटीक हमला करने वाली प्रणाली के रूप में विकसित किया जा रहा है। </p>
<p><strong>अमेरिका से 400 टॉमहॉक की खरीद</strong><br>
जापान फिलहाल अमेरिका से 400 टॉमहॉक मिसाइलें खरीद रहा है. इन्हें अंतरिम व्यवस्था के रूप में शामिल किया जाएगा, जबकि वित्त वर्ष 2027 तक स्वदेशी लंबी दूरी की स्टैंडऑफ मिसाइलों को सेवा में शामिल करने की योजना है. आधिकारिक तौर पर टोक्यो अभी भी अपनी रक्षात्मक नीति को बरकरार रखने की बात कहता है, लेकिन नई क्षमताओं को देखते हुए कई रणनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि जापान अब केवल हमले को रोकने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर दुश्मन के सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई करने में भी सक्षम होना चाहता है। </p>
<p><strong>चीन की मनमानी पर लगाम</strong><br>
इस बदलाव का सबसे अधिक असर चीन के साथ रणनीतिक संतुलन पर पड़ सकता है. हाल के महीनों में जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी द्वारा परमाणु हथियारों पर चर्चा की संभावना जताने और प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची द्वारा ताइवान को जापान की संप्रभुता से जुड़ा सुरक्षा मुद्दा बताए जाने के बाद बीजिंग की चिंताएं और बढ़ गई हैं. विश्लेषकों का मानना है कि यदि जापान पहली बार हमला करने की क्षमता विकसित करता है, तो चीन भी अपनी परमाणु और सैन्य रणनीति में बदलाव कर सकता है, जिससे क्षेत्र में सामरिक अस्थिरता बढ़ने का खतरा रहेगा. हालांकि, केवल लंबी दूरी की मिसाइलें हासिल कर लेना पर्याप्त नहीं है. जापान के पास अभी स्वतंत्र ‘किल चेन’ यानी लक्ष्य की पहचान, निगरानी, हमला और नुकसान के आकलन की पूरी क्षमता नहीं है. इस पूरी प्रक्रिया के लिए वह अभी भी अमेरिकी खुफिया, निगरानी और टोही (ISR) सिस्‍टम पर काफी हद तक निर्भर है. यदि किसी संकट के दौरान अमेरिका और जापान के बीच समन्वय में कमी आती है या चीन कम्‍यूनिकेशन और मॉनिटरिंग मेकेनिज्‍म को बाधित करने में सफल होता है, तो जापान की नई मिसाइल क्षमता का प्रभाव सीमित हो सकता है। </p>
<p><strong>जापान की चुनौतियां</strong><br>
जापान के सामने एक अन्य बड़ी चुनौती हथियारों के प्रोडक्‍शन और स्‍टोरेज की है. रक्षा विश्लेषकों के अनुसार देश का रक्षा उद्योग अभी सीमित उत्पादन क्षमता वाला है और कई महत्वपूर्ण पुर्जों के लिए विदेशों पर निर्भर है. अमेरिका में टॉमहॉक मिसाइलों के उत्पादन में तेजी लाने में भी कई वर्ष लग सकते हैं. वैश्विक संघर्षों और बढ़ती मांग के कारण इन मिसाइलों की आपूर्ति में लगभग 47 महीने तक का समय लग सकता है. इसके अलावा जापान ने F-35 लड़ाकू विमान, आधुनिक F-15 और एजिस वॉरशिप जैसे महंगे प्लेटफॉर्म पर अधिक निवेश किया है, जबकि पर्याप्त संख्या में मिसाइलों और इंटरसेप्टर का भंडार अभी भी चुनौती बना हुआ है। </p>
<p><strong>युद्ध पर क्‍या कहता है जापान का संविधान</strong><br>
रणनीतिक स्तर पर भी कई प्रश्न बने हुए हैं. जापानी संविधान और वॉर डिफेंस पॉलिसी के तहत सैन्य बल का उपयोग केवल आत्मरक्षा के लिए किया जा सकता है. सरकार का तर्क है कि यदि किसी सशस्त्र हमले के जवाब में न्यूनतम आवश्यक बल का प्रयोग किया जाए तो दुश्मन के क्षेत्र में हमला भी संवैधानिक हो सकता है. लेकिन विपक्षी दलों और सत्तारूढ़ गठबंधन के सहयोगी कोमेतो का कहना है कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि जवाबी कार्रवाई केवल वास्तविक हमले के बाद होगी या दुश्मन की तैयारी को भी हमले का आधार माना जाएगा. उनका तर्क है कि अस्पष्ट नियम भविष्य में पूर्व-निवारक हमलों का रास्ता खोल सकते हैं और जापान को अमेरिकी नेतृत्व वाले सैन्य अभियानों में अधिक गहराई से शामिल कर सकते हैं। </p>]]> </content:encoded>
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<title>ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान आएंगे भारत, सितंबर में BRICS समिट में होंगे शामिल</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान सितंबर में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने के लिए नई दिल्ली आएंगे. न्यूज एजेंसी एएनआई ने ईरानी सूत्रों के हवाले से शुक्रवार, 14 अगस्त को यह रिपोर्ट छापी है. भारत 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और 18वें ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी करेगा. यह … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:18:42 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>ईरान, के, राष्ट्रपति, मसूद, पेजेश्कियान, आएंगे, भारत, सितंबर, में, BRICS, समिट, में, होंगे, शामिल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान सितंबर में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने के लिए नई दिल्ली आएंगे. न्यूज एजेंसी एएनआई ने ईरानी सूत्रों के हवाले से शुक्रवार, 14 अगस्त को यह रिपोर्ट छापी है. भारत 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और 18वें ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी करेगा. यह सम्मेलन भारत की राजधानी नई दिल्ली में होने वाला है. अमेरिका और ईरान के बीच 5 महीने से अधिक समय से जारी संघर्ष के बीच पेजेशकियन की भारत यात्रा काफी अहम मानी जा रही है। </p>
<p>इस सम्मेलन की मेजबानी भारत के तय किए गए विषय “मजबूती, नए प्रयोग, सहयोग और टिकाऊ विकास के लिए निर्माण” के तहत होगी. भारत ने 2026 की शुरुआत में ब्रिक्स की अध्यक्षता ब्राजील से संभाली थी। </p>
<p>बता दें अक्टूबर 2024 में पेजेशकियन ने रूस के कजान शहर में हुए ब्रिक्स सम्मेलन से अलग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी. इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और ईरान के बीच संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की थी। </p>
<p>ईरान 2024 में ब्रिक्स का पूर्ण सदस्य बना था. उसके साथ मिस्र, इथियोपिया और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भी फुल टाइम मेंबर बने थे. इसके बाद 2025 में इंडोनेशिया भी ब्रिक्स में शामिल हुआ. इसके साथ संगठन के पूर्ण सदस्यों की संख्या बढ़कर 11 हो गई। </p>
<p>ईरान 2024 में BRICS का पूर्ण सदस्य बना था. इसके बाद से तेहरान इस मंच के जरिए आर्थिक और राजनीतिक सहयोग बढ़ाने पर जोर देता रहा है. जून में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने भारत आए थे. उस दौरान उन्होंने कहा था कि भारत पश्चिम एशिया में तनाव कम करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है. उन्होंने कहा था कि ईरान भारत की किसी भी रचनात्मक भूमिका का स्वागत करेगा। </p>
<p>राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने अक्टूबर 2024 में रूस के कजान में हुए BRICS सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी. दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय रिश्तों और पश्चिम एशिया समेत क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की थी. प्रधानमंत्री मोदी ने उस दौरान चाबहार बंदरगाह और भारत-ईरान सहयोग के महत्व पर भी जोर दिया था। </p>
<p><strong>पश्चिम एशिया संकट के बीच अहम दौरा</strong><br>
भारत और ईरान के बीच हाल के महीनों में कूटनीतिक संपर्क बढ़ा है. जुलाई में पीएम मोदी और राष्ट्रपति पेजेश्कियान के बीच फोन पर बातचीत हुई थी, जिसमें पश्चिम एशिया के हालात और क्षेत्रीय शांति पर चर्चा हुई. मोदी ने बातचीत और कूटनीति के जरिए समाधान और होर्मुज स्ट्रेट में आवाजाही और व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की जरूरत बताई थी। </p>
<p><strong>जून में भारत आए थे ईरान के विदेश मंत्री</strong><br>
इससे पहले जून में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए भारत आए थे. बैठक के बाद नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अराघची ने दुनिया में शांति कायम करने में भारत की बढ़ती भूमिका की तारीफ की. उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में लगातार बिगड़ती स्थिति को शांत करने में भारत और बड़ी भूमिका निभा सकता है। </p>
<p>अराघची ने साफ कहा कि तेहरान यानी ईरान को हथियारों या युद्ध के रास्ते में कोई भविष्य नजर नहीं आता. उन्होंने कहा कि मौजूदा संकट का कोई सैन्य समाधान नहीं है. उनके मुताबिक, आगे बढ़ने का एकमात्र सही रास्ता बातचीत के जरिए समझौता करना है. ईरान की ओर से भारत की मध्यस्थता के लिए तैयार होने का संकेत देते हुए अराघची ने कहा, “भारत की किसी भी रचनात्मक भूमिका का हम स्वागत करेंगे। </p>
<p>अराघची ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मिलकर बातचीत की. इस दौरान उन्होंने कहा कि ईरान के साथ दोस्ताना संबंध रखने वाले देश व्यापार और कारोबारी सुरक्षा के लिए ईरान पर भरोसा कर सकते हैं. अराघची ने यह भी साफ किया था कि होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा करने की अपनी ऐतिहासिक जिम्मेदारी ईरान हमेशा निभाता रहेगा। </p>]]> </content:encoded>
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<title>चीन के टैरिफ बचाने के खेल में भारत का नाम! अमेरिका ने 40 से ज्यादा देशों पर लगाया गंभीर आरोप</title>
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<description><![CDATA[  नई दिल्‍ली अमेरिका ने टैरिफ को लेकर भारत पर फिर निशाना साध रहा है. अमेरिका ने भारत पर हैरान करने वाला एक आरोप लगाया है. उसका कहना है कि भारत &#039;गुप्त माल ढुलाई नेटवर्क&#039; का हिस्‍सा है और चीन को अमेरिका के भारी टैरिफ से बचने में मदद करता है. यह आरोप 40 अन्‍य देशों … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:18:38 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>चीन, के, टैरिफ, बचाने, के, खेल, में, भारत, का, नाम, अमेरिका, ने, से, ज्यादा, देशों, पर, लगाया, गंभीर, आरोप</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्‍ली</strong><br>
अमेरिका ने टैरिफ को लेकर भारत पर फिर निशाना साध रहा है. अमेरिका ने भारत पर हैरान करने वाला एक आरोप लगाया है. उसका कहना है कि भारत 'गुप्त माल ढुलाई नेटवर्क' का हिस्‍सा है और चीन को अमेरिका के भारी टैरिफ से बचने में मदद करता है. यह आरोप 40 अन्‍य देशों पर भी लगाया गया है। </p>
<p>सीधे शब्‍दों में कहे तो भारत समेत 40 देशों पर यह आरोप लगाया गया है कि ये अमेरिका को चीन का उत्‍पाद बेच रहे हैं और चीन को भारी टैरिफ से बचा रहे हैं. 'द ग्रेट ट्रांसशिपमेंट स्कैम' नामक एक रिपोर्ट में व्‍हाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने कहा कि अमेरिका इस तरह की खेपों का पता लगाने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए AI का उपयोग करेगा। </p>
<p>नवारो ने कहा कि 2018 के बाद यह प्रथा अधिक आम हो गई, जब ट्रंप प्रशासन ने चीन पर अनुचित व्यापार प्रथाओं के आरोप में धारा 301 के तहत टैरिफ लगाए थे. रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि अवैध रूप से माल की ढुलाई का सालाना वैल्यू 40 अरब अमेरिकी डॉलर से 303 अरब अमेरिकी डॉलर के बीच है। </p>
<p><strong>भारत, कनाड समेत यूरोपीय संघ का नाम </strong><br>
राष्ट्रपति के व्यापार और विनिर्माण सलाहकार पीटर नवारो ने कहा कि सालों से बड़े पैमाने पर माल ट्रांसफर घोटाले ने कम्युनिस्ट चीन को 40 से अधिक देशों के माध्यम से अपने निर्यात को वैध बनाने की अनुमति दी है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि चीन के तथाकथित 'शैडो ट्रांसशिपमेंट नेटवर्क' में शामिल देशों में अमेरिका के कुछ सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार देश शामिल हैं, जिनमें मैक्सिको और कनाडा से लेकर यूरोपीय संघ, भारत, जापान और दक्षिण कोरिया शामिल हैं। </p>
<p><strong>इन देशों से आयात में भी चीनी उत्‍पाद मिले </strong><br>
रिपोर्ट में नवारों ने कहा कि चीन ने मामूली प्रॉसेस‍िंग, रीलेबलिंग, रीपैकेजिंग, रीइनवॉइसिंग या रूटिंग चेंजेज के लिए इन तीसरे देशों का उपयोग करना शुरू कर दिया. देश तो बदला, लेकिन चीनी वस्‍तुओं का काफी हद तक मौजूदगी मिली। </p>
<p>उन्होंने कहा कि टैरिफ से बचने के लिए सामानों को दूसरे रास्ते से भेजकर, चीन और उसके राज्य समर्थित निर्माता और व्यापारिक फर्म सस्ते श्रम, कमजोर सीमा शुल्क जांच, उदार मुक्त क्षेत्रों या  अमेरिकी व्यापार पहुंच वाले स्थानों पर सामान पहुंचा सकते हैं। </p>
<p><strong>टैरिफ से कैसे बच रहा है चीन? </strong><br>
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की पुणे-गुजरात-चेन्‍नई उत्‍पादन पट्टी पंपों और कंप्रेसरों की मांग करती है, जिससे सिनसिनाटी, डेटन और कोलंबस में टेक्‍नोलॉजी सप्‍लाई चेन प्रभावित होती है. नवारो ने कहा कि पुणे से भारत में बिकने वाला चीनी पंप सिनसिनाटी, डेटन या कोलंबस में बनी हुई नहीं होती हैं. अमेरिका संदिग्ध माल ट्रांसफर की पहचान करने के लिए AI का उपयोग करने की भी योजना बना रहा है। </p>
<p>नवारो ने कहा कि अमेरिका तीसरे देशों के माध्यम से अमेरिकी बाजारों में पहुंचने वाले सामानों का पता लगाने में मदद करने के लिए एआई-सक्षम "डिटेक्टिव बॉर्डर" सिस्‍टम तैनात करेगा. इस सिस्‍टम से शिपमेंट डेटा, रूट‍िंग हिस्‍ट्री, प्रोडक्‍ट क्‍लारिफिकेशन, उत्‍पादन क्षमता और अन्‍य चीजों की जांच करने की उम्‍मीद है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>थलपति विजय को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, करूर पीड़ितों को सरकारी नौकरी का फैसला बरकरार</title>
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<description><![CDATA[ चेन्नई  सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडू के मुख्यमंत्री विजय थलापति को बड़ी राहत दी है. सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें तमिलनाडु सरकार के उस फैसले को रद्द कर दिया गया था जिसमें करुर भगदड़ में मारे गए 41 लोगों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने का … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:18:35 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>थलपति, विजय, को, सुप्रीम, कोर्ट, से, बड़ी, राहत, करूर, पीड़ितों, को, सरकारी, नौकरी, का, फैसला, बरकरार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>चेन्नई </strong></p>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडू के मुख्यमंत्री विजय थलापति को बड़ी राहत दी है. सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें तमिलनाडु सरकार के उस फैसले को रद्द कर दिया गया था जिसमें करुर भगदड़ में मारे गए 41 लोगों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने का प्रावधान था. जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने तमिलनाडु सरकार और अन्य की याचिका पर नोटिस जारी किया है. साथ ही हाईकोर्ट के आदेश को अंतरिम रूप से स्थगित कर दिया है। </p>
<p>सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने हाईकोर्ट के फैसले पर आपत्ति जताई. उन्होंने विजय सरकार के फैसले को चुनौती देने के आधार पर सवाल उठाया। </p>
<p>सिंघवी ने कहा, ‘अगर राज्य सरकार चाहती है कि भगदड़ पीड़ित लोगों के परिवारीजनों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी जाए, तो हाईकोर्ट को इसमें क्या आपत्ति हो सकती है?’</p>
<p><strong>उन्होंने दलील दी कि नौकरी से जुड़े मुद्दे पर जनहित याचिका (PIL) नहीं चलाई जा सकती। </strong><br>
वहीं बेंच ने भी सवाल किया कि राज्य सरकार को इस त्रासदी से प्रभावित परिवारों को नौकरी देने से क्यों रोका जाना चाहिए? क्या ऐसी कोई वजह है?</p>
<p>जस्टिस पारदीवाला ने कहा, “भगदड़ हुई, लोग मारे गए. अगर सरकार ने फैसला किया है कि उन्हें कुछ राहत दी जाए और पैसे से मुआवजा दिया जाए, तो आप कैसे कह सकते हैं कि नौकरी नहीं दी जानी चाहिए? मान लीजिए त्रासदी में परिवार का अकेला सदस्य मर गया, तो क्या सरकार को उसके बेटे या बेटी को नौकरी नहीं देनी चाहिए?”</p>
<p>हाईकोर्ट के द्वारा किए गए फैसले को वकील ने राजनीतिक हितों का टकराव बताया. वहीं राज्य की याचिका का विरोध कर रहे एक वकील ने दलील दी कि तमिलनाडु सरकार इस तरह सरकारी नौकरियां बांटने का विवेकाधिकार नहीं ले सकती। </p>
<p>उन्होंने दावा किया कि जिस राजनीतिक दल पर भगदड़ की जिम्मेदारी बताई जा रही है, वही दल अभी राज्य की सत्ता में है. इसलिए सरकार के फैसले में हितों का टकराव हो सकता है। </p>
<p>जब बेंच ने वकील से पूछा कि वह किस पार्टी की ओर से पेश हो रहे हैं, तो वकील ने बताया कि वह एक राजनीतिक दल की ओर से यहां सरकार के फैसले का विरोध कर रहे हैं। </p>
<p><strong>तब जस्टिस चंद्रन ने कहा, “यहां राजनीति मत लाइए.”</strong></p>
<p><strong>मद्रास हाईकोर्ट ने क्या कहा था?</strong><br>
सुप्रीम कोर्ट का यह हस्तक्षेप मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच के 27 जुलाई के फैसले के बाद आया है. हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार के उस सरकारी आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें करुर स्टांपीड के पीड़ित परिवारों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने का प्रावधान था। </p>
<p>हाईकोर्ट ने कहा था कि ये नियुक्तियां संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 के खिलाफ हैं. जस्टिस सीवी कार्तिकेयन और जस्टिस आर शक्तिवेल की डिवीजन बेंच ने यह भी बताया कि सरकारी विभागों में कई लोग पहले से अनुकंपा नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। </p>
<p>बेंच ने कहा था कि करुर पीड़ितों के परिवारों को नौकरी देते समय उन लोगों को नजरअंदाज करना उचित नहीं है जो पहले से इंतजार कर रहे हैं। </p>
<p><strong>करुर भगदड़ मामला क्या है और कितने लोगों की हुई थी मौत</strong><br>
जानकारी के मुताबिक करूर में भगदड़ 27 सितंबर 2025 को सीएम विजय थलापति की पार्टी टीवीके की रैली के दौरान हुई थी. इसमें 41 लोगों की मौत हो गई थी. इस त्रासदी के बाद जवाबदेही और भीड़ प्रबंधन की कमियों को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया था और विपक्ष सहित लोगों ने इसके लिए विजय थलापति को भी जिम्मेदार ठहराना शुरू कर दिया था. हालांकि यह भगदड़ हाल के वर्षों में तमिलनाडु में किसी राजनीतिक कार्यक्रम में हुई सबसे बड़ी दुर्घटनाओं में से एक थी। </p>]]> </content:encoded>
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<title>पैकेज्ड फूड में नमक&#45;चीनी की मात्रा बतानी होगी साफ&#45;साफ! SC ने FSSAI को लगाई फटकार</title>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली पैकेज्ड फूड में मौजूद नमक, चीनी और सैचुरेटेड फैट की जानकारी सामने से साफ-साफ देने के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI को कड़ी फटकार लगाई है. कोर्ट ने सवाल किया कि क्या सरकार अपने लोगों को स्वस्थ नहीं रखना चाहती. सुप्रीम कोर्ट … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:18:31 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong></p>
<p>पैकेज्ड फूड में मौजूद नमक, चीनी और सैचुरेटेड फैट की जानकारी सामने से साफ-साफ देने के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI को कड़ी फटकार लगाई है. कोर्ट ने सवाल किया कि क्या सरकार अपने लोगों को स्वस्थ नहीं रखना चाहती. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फ्रंट-ऑफ-पैक चेतावनी लेबल लोगों को खासकर बच्चों को जंक फूड के नुकसान के बारे में जागरूक करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। </p>
<p>जस्टिस जेबी पार्डीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने मामले की सुनवाई के दौरान FSSAI की ओर से हो रही देरी पर नाराजगी जताई. कोर्ट ने कहा कि पहले दिए गए निर्देशों के बावजूद लेबलिंग के मुद्दे पर पर्याप्त प्रगति नहीं हुई है. जस्टिस पार्डीवाला ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल से पूछा, "क्या आप कोर्ट को मजाक समझ रहे हैं?"</p>
<p><strong>कोर्ट ने यह भी कहा कि मामला जनहित से जुड़ा है और अगर सरकार खुद कदम नहीं उठाती तो अदालत को आदेश देना पड़ सकता है। </strong></p>
<p><strong>क्या है फ्रंट-ऑफ-पैक लेबलिंग?</strong><br>
फ्रंट-ऑफ-पैक वार्निंग लेबल का मकसद पैकेट के सामने ही यह बताना है कि किसी खाद्य उत्पाद में चीनी, नमक और सैचुरेटेड फैट की मात्रा कितनी है और वह स्वास्थ्य के लिहाज से कितनी चिंता वाली बात हो सकती है. सुप्रीम कोर्ट पहले भी इस तरह की व्यवस्था को दुनिया के कई देशों में अपनाई जाने वाली व्यवस्था बता चुका है। </p>
<p>मौजूदा व्यवस्था में पैकेज्ड फूड पर पोषण संबंधी जानकारी दी जाती है, लेकिन याचिकाकर्ता का कहना है कि महत्वपूर्ण जानकारी को पैकेट के सामने ज्यादा स्पष्ट तरीके से दिखाया जाना चाहिए, ताकि ग्राहक खरीदारी के समय तुरंत फैसला ले सके. FSSAI पहले भी पैकेट के सामने पोषण संबंधी जानकारी को प्रमुखता से दिखाने के प्रस्ताव पर काम कर चुका है। </p>
<p><strong>बढ़ते डायबिटीज और मोटापे के बीच अहम मामला</strong><br>
याचिका में कहा गया है कि ज्यादा चीनी, नमक और सैचुरेटेड फैट वाले खाद्य पदार्थ मोटापा, डायबिटीज और दिल से जुड़ी बीमारियों जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ा सकते हैं. इसी वजह से याचिकाकर्ता ने पैकेज्ड फूड पर स्पष्ट चेतावनी लगाने की मांग की है. सुप्रीम कोर्ट ने भी माना है कि इस तरह की जानकारी उपभोक्ताओं को ज्यादा जागरूक और बेहतर विकल्प चुनने में मदद कर सकती है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>लाल किले पर सबसे ज्यादा बार तिरंगा किस प्रधानमंत्री ने फहराया? जानें नेहरू, इंदिरा और मोदी का रिकॉर्ड</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली  स्वतंत्रता दिवस 2025 के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त को लगातार 12वीं बार दिल्ली के लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे। इसके साथ ही वे लगातार सबसे अधिक बार तिरंगा फहराने वाले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री के रूप में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम करेंगे। … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:18:28 +0530</pubDate>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली </strong><br>
स्वतंत्रता दिवस 2025 के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त को लगातार 12वीं बार दिल्ली के लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे। इसके साथ ही वे लगातार सबसे अधिक बार तिरंगा फहराने वाले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री के रूप में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम करेंगे।</p>
<p><strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रिकॉर्ड</strong><br>
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में पहली बार लाल किले से तिरंगा फहराया था। इसके बाद से उन्होंने हर स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराते हुए देश को संबोधित किया है। 15 अगस्त 2025 को उनका यह क्रम लगातार 12वें वर्ष में प्रवेश करेगा। इस उपलब्धि के साथ वे पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के 10 बार तिरंगा फहराने के रिकॉर्ड से आगे निकल चुके हैं।</p>
<p><strong>लाल किले पर सबसे ज्यादा बार तिरंगा फहराने का रिकॉर्ड किसके नाम?</strong><br>
लाल किले की प्राचीर से सबसे अधिक बार राष्ट्रीय ध्वज फहराने का रिकॉर्ड भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के नाम दर्ज है। उन्होंने वर्ष 1947 से 1964 तक कुल 17 बार स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराया। यह रिकॉर्ड आज भी कायम है और अब तक कोई प्रधानमंत्री इसे पार नहीं कर सका है।</p>
<p><strong>दूसरे स्थान पर इंदिरा गांधी</strong><br>
इस सूची में दूसरे स्थान पर भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी हैं। उन्होंने अपने दोनों कार्यकालों (1966-1977 और 1980-1984) के दौरान कुल 16 बार लाल किले से तिरंगा फहराया। वह अपने पिता जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड से केवल एक बार पीछे रहीं।</p>
<p><strong>लाल किले पर तिरंगा फहराने वाले प्रधानमंत्रियों की सूची</strong></p>
<ul>
<li>पंडित जवाहरलाल नेहरू – 17 बार</li>
<li>इंदिरा गांधी – 16 बार</li>
<li>नरेंद्र मोदी – 12 बार (15 अगस्त 2025 सहित)</li>
<li>डॉ. मनमोहन सिंह – 10 बार</li>
<li>अटल बिहारी वाजपेयी – 6 बार</li>
<li>राजीव गांधी – 5 बार</li>
<li>पी.वी. नरसिम्हा राव – 5 बार</li>
<li>लाल बहादुर शास्त्री – 2 बार</li>
<li>मोरारजी देसाई – 2 बार</li>
<li>चौधरी चरण सिंह – 1 बार</li>
<li>वी.पी. सिंह – 1 बार</li>
<li>एच.डी. देवेगौड़ा – 1 बार</li>
<li>आई.के. गुजराल – 1 बार</li>
</ul>
<p>गौरतलब है कि कुछ प्रधानमंत्रियों, जैसे गुलजारीलाल नंदा और चंद्रशेखर, को अपने अल्पकालिक कार्यकाल के कारण लाल किले से तिरंगा फहराने का अवसर नहीं मिल सका।</p>
<p><strong>लाल किले पर तिरंगा फहराने की परंपरा क्यों है खास?</strong><br>
स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से तिरंगा फहराना भारत की लोकतांत्रिक परंपरा और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक माना जाता है। 15 अगस्त 1947 को देश की आजादी के बाद पंडित जवाहरलाल नेहरू ने पहली बार लाल किले से राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। तब से हर वर्ष प्रधानमंत्री इसी ऐतिहासिक स्थल से तिरंगा फहराते हैं और राष्ट्र को संबोधित करते हुए सरकार की उपलब्धियों, भविष्य की योजनाओं तथा देश की दिशा पर अपने विचार रखते हैं।</p>
<p>यह परंपरा भारत की स्वतंत्रता, लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक मानी जाती है तथा हर वर्ष करोड़ों देशवासियों के लिए गर्व और प्रेरणा का अवसर बनती है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>15 अगस्त सिर्फ भारत के लिए नहीं, दुनिया के कई देशों के लिए भी है बेहद खास, जानिए इस तारीख का इतिहास</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली 15 अगस्त का नाम आते ही सबसे पहले भारत का स्वतंत्रता दिवस याद आता है। वर्ष 1947 में इसी दिन भारत ने लगभग दो सौ वर्षों की ब्रिटिश हुकूमत से आजादी हासिल की थी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि 15 अगस्त केवल भारत के लिए ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई अन्य … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:18:25 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>अगस्त, सिर्फ, भारत, के, लिए, नहीं, दुनिया, के, कई, देशों, के, लिए, भी, है, बेहद, खास, जानिए, इस, तारीख, का, इतिहास</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>15 अगस्त का नाम आते ही सबसे पहले भारत का स्वतंत्रता दिवस याद आता है। वर्ष 1947 में इसी दिन भारत ने लगभग दो सौ वर्षों की ब्रिटिश हुकूमत से आजादी हासिल की थी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि 15 अगस्त केवल भारत के लिए ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई अन्य देशों के लिए भी ऐतिहासिक महत्व रखता है? इस दिन कुछ देशों ने स्वतंत्रता प्राप्त की, जबकि कुछ देशों में राष्ट्रीय महत्व के विशेष दिवस मनाए जाते हैं।</p>
<p><strong>भारत</strong><br>
15 अगस्त 1947 को भारत ब्रिटिश शासन से स्वतंत्र हुआ। हर वर्ष इस दिन प्रधानमंत्री लाल किले से राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं और देश को संबोधित करते हैं। पूरे देश में सांस्कृतिक कार्यक्रम, परेड और देशभक्ति से जुड़े आयोजन किए जाते हैं।</p>
<p><strong>दक्षिण कोरिया</strong><br>
दक्षिण कोरिया में 15 अगस्त को नेशनल लिबरेशन डे (Gwangbokjeol) मनाया जाता है। वर्ष 1945 में इसी दिन जापानी शासन का अंत हुआ था और कोरिया को स्वतंत्रता मिली थी। यह वहां का प्रमुख राष्ट्रीय पर्व है।</p>
<p><strong>उत्तर कोरिया</strong><br>
उत्तर कोरिया भी 15 अगस्त को जापानी कब्जे से मुक्ति की याद में राष्ट्रीय अवकाश मनाता है। यह दिन वहां स्वतंत्रता और राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।</p>
<p><strong>कांगो गणराज्य</strong><br>
अफ्रीकी देश रिपब्लिक ऑफ कांगो (कांगो-ब्राज़ाविल) ने 15 अगस्त 1960 को फ्रांस से स्वतंत्रता प्राप्त की थी। इसलिए हर वर्ष इस दिन वहां स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है।</p>
<p><strong>लिकटेंस्टीन</strong><br>
यूरोप का छोटा देश लिकटेंस्टीन भी 15 अगस्त को अपना राष्ट्रीय दिवस मनाता है। इस अवसर पर सरकारी समारोह, सांस्कृतिक कार्यक्रम और आतिशबाजी का आयोजन किया जाता है।</p>
<p><strong>15 अगस्त का वैश्विक महत्व</strong><br>
इतिहास में 15 अगस्त कई महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी रहा है। इसी दिन भारत स्वतंत्र हुआ, कोरिया को जापानी शासन से मुक्ति मिली और कांगो गणराज्य ने आजादी हासिल की। यही कारण है कि यह तारीख दुनिया के कई देशों के इतिहास में विशेष स्थान रखती है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>आज 80वां स्वतंत्रता दिवस 2026: कुछ 10 रोचक बातें, जो हर भारतीय को जाननी चाहिए</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली  भारत आज 15 अगस्त 2026 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। 15 अगस्त 1947 को देश ब्रिटिश शासन से आजाद हुआ था, लेकिन इसके बाद भी कई रियासतों और विदेशी उपनिवेशों का भारत में विलय अलग-अलग समय पर हुआ। इस खास अवसर पर आइए जानते हैं स्वतंत्रता दिवस से जुड़ी 10 … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:18:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>आज, 80वां, स्वतंत्रता, दिवस, 2026:, कुछ, रोचक, बातें, जो, हर, भारतीय, को, जाननी, चाहिए</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली </strong><br>
भारत आज 15 अगस्त 2026 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। 15 अगस्त 1947 को देश ब्रिटिश शासन से आजाद हुआ था, लेकिन इसके बाद भी कई रियासतों और विदेशी उपनिवेशों का भारत में विलय अलग-अलग समय पर हुआ। इस खास अवसर पर आइए जानते हैं स्वतंत्रता दिवस से जुड़ी 10 दिलचस्प और ऐतिहासिक बातें, जिनके बारे में हर भारतीय को जानकारी होनी चाहिए।</p>
<p><strong><u>15 अगस्त क्यों चुना गया? जानिए स्वतंत्रता दिवस से जुड़े ऐतिहासिक तथ्य</u></strong></p>
<p><strong>1. 15 अगस्त की तारीख ही क्यों चुनी गई?</strong><br>
भारत के अंतिम वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन ने 15 अगस्त 1947 को सत्ता हस्तांतरण की तारीख तय की थी। इसके पीछे एक प्रमुख कारण यह था कि 15 अगस्त 1945 को द्वितीय विश्व युद्ध में जापान ने मित्र राष्ट्रों के सामने आत्मसमर्पण किया था। माउंटबेटन इस दिन को अपने लिए शुभ मानते थे।</p>
<p><strong>2. स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के ध्वजारोहण में क्या अंतर है?</strong><br>
15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस): प्रधानमंत्री लाल किले पर नीचे से ऊपर तिरंगा फहराते हैं, जिसे ध्वजारोहण (Flag Hoisting) कहा जाता है।<br>
26 जनवरी (गणतंत्र दिवस): राष्ट्रपति कर्तव्य पथ पर पहले से बंधे तिरंगे की गांठ खोलते हैं, जिसे ध्वज फहराना (Flag Unfurling) कहा जाता है।</p>
<p><strong>3. आजादी के समय भारत का कोई आधिकारिक राष्ट्रगान नहीं था</strong><br>
15 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ, लेकिन उस समय 'जन गण मन' आधिकारिक राष्ट्रगान नहीं था। इसे 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा ने भारत के राष्ट्रगान के रूप में अपनाया।</p>
<p><strong>4. आजादी के जश्न में महात्मा गांधी मौजूद नहीं थे</strong><br>
जब पूरा देश स्वतंत्रता का जश्न मना रहा था, तब महात्मा गांधी दिल्ली में नहीं बल्कि बंगाल के नोआखली में सांप्रदायिक हिंसा रोकने और शांति स्थापित करने के प्रयास में लगे हुए थे।</p>
<p><strong>5. 15 अगस्त को केवल भारत ही नहीं, कई अन्य देश भी मनाते हैं स्वतंत्रता दिवस</strong><br>
15 अगस्त को भारत के अलावा कई अन्य देशों का भी स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है, जिनमें प्रमुख हैं—<br>
दक्षिण कोरिया<br>
उत्तर कोरिया<br>
बहरीन<br>
कांगो गणराज्य<br>
लिकटेंस्टीन (राष्ट्रीय दिवस इसी तिथि पर मनाया जाता है)</p>
<p><strong>6. भारत और पाकिस्तान की आजादी लगभग एक ही समय हुई</strong><br>
भारत और पाकिस्तान दोनों का विभाजन अगस्त 1947 में हुआ। पाकिस्तान अपना स्वतंत्रता दिवस 14 अगस्त, जबकि भारत 15 अगस्त को मनाता है। सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया दोनों देशों में अलग-अलग समय पर पूरी हुई थी।</p>
<p><strong>7. तिरंगा बनाने के लिए भी हैं विशेष नियम</strong><br>
भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के निर्माण के लिए भारतीय ध्वज संहिता (Flag Code of India) और BIS मानकों का पालन किया जाता है। पहले केवल खादी से बने तिरंगे का प्रावधान था, जबकि वर्तमान नियमों के अनुसार निर्धारित मानकों के अनुरूप अन्य सामग्री का भी उपयोग किया जा सकता है।</p>
<p><strong>8. नेहरू का ऐतिहासिक भाषण 'Tryst with Destiny'</strong><br>
14 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने संसद में अपना ऐतिहासिक भाषण 'Tryst with Destiny' (नियति से वादा) दिया, जिसे विश्व के महानतम राजनीतिक भाषणों में गिना जाता है।</p>
<p><strong>9. क्या 1947 में 1 डॉलर बराबर 1 रुपया था?</strong><br>
यह एक लोकप्रिय मिथक है। वास्तविकता यह है कि उस समय भारतीय रुपया ब्रिटिश पाउंड से जुड़ा हुआ था। इसलिए 1 डॉलर = 1 रुपया वाली बात ऐतिहासिक रूप से सही नहीं मानी जाती।</p>
<p><strong>10. 15 अगस्त 1947 के बाद भी कई क्षेत्र भारत में शामिल हुए</strong><br>
आजादी के समय भारत में 565 देसी रियासतें थीं। सरदार वल्लभभाई पटेल और वी.पी. मेनन के प्रयासों से अधिकांश रियासतों का भारतीय संघ में विलय कराया गया, जबकि कुछ क्षेत्रों का एकीकरण बाद में हुआ।</p>
<p><strong>प्रमुख विलय इस प्रकार हुए—</strong><br>
<strong>हैदराबाद:</strong> सितंबर 1948 में ऑपरेशन पोलो के जरिए भारत में शामिल हुआ।<br>
<strong>जूनागढ़</strong>: फरवरी 1948 में जनमत संग्रह के बाद भारत में विलय हुआ।<br>
<strong>जम्मू-कश्मीर:</strong> 26 अक्टूबर 1947 को विलय पत्र पर हस्ताक्षर के बाद भारत का हिस्सा बना।<br>
<strong>मणिपुर: </strong>1949 में विलय समझौते के तहत भारत में शामिल हुआ।<br>
<strong>गोवा, दमन और दीव:</strong> दिसंबर 1961 में ऑपरेशन विजय के बाद भारत का हिस्सा बने।<br>
<strong>दादरा और नगर हवेली: </strong>1961 में भारत में विलय हुआ।<br>
<strong>पुडुचेरी, कराईकल, माहे और यनम: </strong>1954 में भारत को सौंपे गए और 1962 में कानूनी रूप से विलय पूरा हुआ।<br>
<strong>सिक्किम: </strong>1975 में संविधान संशोधन के बाद भारत का 22वां राज्य बना।</p>]]> </content:encoded>
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<title>बेंगलुरु में पार्किंग पर बड़ा एक्शन! फुटपाथ पर गाड़ी खड़ी की तो कटेगा भारी चालान, तुरंत होगी टोइंग</title>
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<description><![CDATA[ बेंगलुरु कर्नाटक सरकार ने शहर की अनियंत्रित ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने और पार्किंग प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से &#039;ग्रेटर बेंगलुरु गवर्नेंस एक्ट, 2024&#039; की धारा 314 के तहत &#039;बेंगलुरु बृहत् क्षेत्र (पार्किंग) नियम, 2026&#039; का ड्राफ्ट जारी किया है. शहरी विकास विभाग द्वारा प्रकाशित इस मसौदे पर आम जनता और प्रभावित पक्षों से … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:18:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>बेंगलुरु, में, पार्किंग, पर, बड़ा, एक्शन, फुटपाथ, पर, गाड़ी, खड़ी, की, तो, कटेगा, भारी, चालान, तुरंत, होगी, टोइंग</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>बेंगलुरु</strong><br>
कर्नाटक सरकार ने शहर की अनियंत्रित ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने और पार्किंग प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से 'ग्रेटर बेंगलुरु गवर्नेंस एक्ट, 2024' की धारा 314 के तहत 'बेंगलुरु बृहत् क्षेत्र (पार्किंग) नियम, 2026' का ड्राफ्ट जारी किया है. शहरी विकास विभाग द्वारा प्रकाशित इस मसौदे पर आम जनता और प्रभावित पक्षों से 30 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं। </p>
<p>नए नियमों के लागू होने के बाद बेंगलुरु की मुख्य सड़कों और व्यस्त चौराहों पर मनमर्जी से गाड़ियां खड़ी करना संभव नहीं होगा. बृहत् बेंगलुरु प्राधिकरण (GBA) द्वारा चिन्हित 'हाई-डेंसिटी कॉरिडोर' यानी अत्यधिक यातायात वाली मुख्य सड़कों के मुख्य कैरिजवे पर पार्किंग पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी. इसके अलावा, ट्रैफिक में बाधा रोकने के लिए सिग्नल वाले जंक्शनों से 100 मीटर और बिना सिग्नल वाले <strong>चौराहों से 25 मीटर के दायरे में किसी भी तरह का वाहन खड़ा करना मना होगा। </strong></p>
<p><strong>मेट्रो, रेलवे और बस स्टेशनों के आसपास 'नो-पार्किंग' का दायरा</strong></p>
<p>सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल बढ़ाने और पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मेट्रो स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों और बस टर्मिनलों के 150 मीटर के दायरे को शुरुआत में 'नो-पार्किंग जोन' घोषित किया जाएगा. भविष्य में पार्किंग की मांग और सप्लाई का आकलन करने के बाद इस सीमा को बढ़ाकर 500 मीटर तक किया जा सकता है. ऑटो-रिक्शा और टैक्सी सेवाओं के लिए केवल निर्धारित <strong>पिक-अप और ड्रॉप-ऑफ पॉइंट ही उपलब्ध होंगे, जहां 5 मिनट से अधिक गाड़ी खड़ी करने की अनुमति नहीं होगी। </strong></p>
<p><strong>फुटपाथ सुरक्षा और पार्किंग के लिए कड़े नियम</strong><br>
सड़कों के किनारे बने फुटपाथों पर गाड़ियों की पार्किंग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है ताकि पैदल यात्रियों की आवाजाही प्रभावित न हो. फुटपाथ पर केवल साइकिल पार्किंग की अनुमति तब दी जाएगी जब पैदल चलने के लिए कम से कम 2 मीटर की जगह साफ और अबाधित बचे. इसके अतिरिक्त, सड़कों पर चलने वाले सामान्य ट्रैफिक में बाधा न पड़े, इसके लिए ऑटो-रिक्शा स्टैंड भी केवल कम ट्रैफिक वाली स्थानीय गलियों में ही बनाए जाएंगे। </p>
<p>अगर आपके पास अपनी निजी संपत्ति में पार्किंग की जगह नहीं है और आप सड़क पर गाड़ी खड़ी करते हैं, तो अब आपको इसके लिए नगर निगम से वार्षिक रेजिडेंशियल पार्किंग परमिट लेना अनिवार्य होगा. यह परमिट केवल उन्हीं वाहनों को जारी किया जाएगा जिनके आवासीय भवन बिल्डिंग बाय-लॉज़ का उल्लंघन नहीं करते हैं. इस परमिट के लिए सरकार ने गाड़ियों के हिसाब से भारी सालाना फीस तय की है:</p>
<p><strong>    छोटी कारें (Hatchback): ₹15,000 प्रति वर्ष<br>
    सेडान कारें (Sedan): ₹20,000 प्रति वर्ष<br>
    एसयूवी (SUV): ₹25,000 प्रति वर्ष<br>
    नॉन-रेजिडेंशियल में श्रेणी अनुसार पार्किंग फीस</strong></p>
<p>सार्वजनिक पार्किंग स्थानों को उनके व्यावसायिक महत्व और गतिविधियों के आधार पर A, B और C जैसी तीन श्रेणियों में बांटा गया है. 'A' श्रेणी में ऑन-स्ट्रीट पार्किंग के लिए टू-व्हीलर से ₹40/घंटा और फोर-व्हीलर से ₹80/घंटा वसूले जाएंगे. 'B' श्रेणी की सड़कों पर यह दर क्रमशः ₹30 और ₹60 और 'C' श्रेणी की सड़कों पर ₹20 और ₹40 प्रति घंटा होगी. ऑन-स्ट्रीट पार्किंग का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए 2 घंटे से अधिक गाड़ी खड़ी करने पर शुल्क तेजी से बढ़ाया जाएगा. हालांकि, ऑफ-स्ट्रीट पार्किंग का इस्तेमाल करने पर शुल्क काफी कम रहेगा और रात के समय इसमें 50% की छूट भी मिलेगी।</p>
<p><strong>खाली जमीन के मालिकों को इंसेंटिव और छूट</strong></p>
<p>निजी और सार्वजनिक खाली जमीनों के मालिकों को अपनी जमीन पर पार्किंग सुविधा शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. यदि कोई मालिक अपनी खाली जमीन पर कम से कम 30 गाड़ियों की क्षमता वाली मल्टी-लेवल या मैकेनाइज्ड पार्किंग विकसित करता है, तो उसे 100% संपत्ति कर और सर्विस चार्ज से छूट मिलेगी. वहीं, कम से कम 15 गाड़ियों की क्षमता वाली सरफेस  पार्किंग विकसित करने पर 50% संपत्ति कर की छूट मिलेगी. इसके साथ ही इन प्लॉट मालिकों को अलग से ट्रेड लाइसेंस लेने की जरूरत भी नहीं होगी.</p>
<p>नए नियमों में पार्किंग ऑपरेटरों को लोक सेवक का दर्जा दिया गया है, जिससे वे नियम तोड़ने वाले वाहनों को टो (Tow) या क्लैंप (Clamp) कर सकेंगे. हालांकि, भ्रष्टाचार और विवाद रोकने के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि गाड़ी टो करने से पहले ऑपरेटर को वाहन के नंबर प्लेट के साथ स्पष्ट वीडियो रिकॉर्डिंग करनी होगी, जिसे कम से कम 3 महीने तक सुरक्षित रखना होगा. गलत पार्किंग करने पर कारों के लिए ₹500 और टू-व्हीलर के लिए ₹300 का जुर्माना तय किया गया है, जबकि फुटपाथ पर गाड़ियां खड़ी करने पर कारों के लिए ₹1,000 और टू-व्हीलर के लिए  ₹600 का भारी जुर्माना देना होगा। </p>]]> </content:encoded>
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<title>6000 करोड़ के ड्रग्स केस का आरोपी वीरेंद्र बैसोया UAE से भारत लाया गया, जानें ‘ड्रग सिंडिकेट’ की पूरी कहानी</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली  दुबई से भारत लाए गए ड्रग्स सिंडिकेट के कथित किंगपिन वीरेंद्र सिंह बैसोया की कहानी सिर्फ एक गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है. उसके तार उस बड़े ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे हैं, जिसकी जांच में करीब 6,000 करोड़ रुपए के ड्रग्स केस का जिक्र सामने आया है. NCB के दस्तावेजों के … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:18:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>6000, करोड़, के, ड्रग्स, केस, का, आरोपी, वीरेंद्र, बैसोया, UAE, से, भारत, लाया, गया, जानें, ‘ड्रग, सिंडिकेट’, की, पूरी, कहानी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
 दुबई से भारत लाए गए ड्रग्स सिंडिकेट के कथित किंगपिन वीरेंद्र सिंह बैसोया की कहानी सिर्फ एक गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है. उसके तार उस बड़े ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे हैं, जिसकी जांच में करीब 6,000 करोड़ रुपए के ड्रग्स केस का जिक्र सामने आया है. NCB के दस्तावेजों के मुताबिक, बैसोया पर मेफेड्रोन की बड़ी खेप को विदेश भेजने की साजिश में शामिल होने का आरोप है. उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था. अब भारत सरकार की पहल के बाद दुबई से डिपोर्ट कर उसे भारत लाया गया है. यानी जिस आरोपी को एजेंसियां लंबे समय से तलाश रही थीं, वह अब भारतीय जांच एजेंसियों की पहुंच में है। </p>
<p>बैसोया को एयर इंडिया की फ्लाइट नंबर 4310 से भारत लाया गया. दुबई में गिरफ्तारी के बाद उसे भारत डिपोर्ट किया गया. अधिकारियों के मुताबिक, बैसोया दिल्ली पुलिस के करीब 13,000 करोड़ रुपए के ड्रग्स मामले के मुख्य आरोपी बताए जाने वाले संदीप धुनिया का करीबी भी है. खास बात यह है कि धुनिया कथित तौर पर दुबई से पाकिस्तान भागने में कामयाब रहा था. ऐसे में बैसोया की वापसी को भारत की ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई में बड़ी कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है। </p>
<p><strong>970 किलो मेफेड्रोन से खुला ड्रग्स नेटवर्क का राज</strong><br>
NCB के दस्तावेजों के मुताबिक, जांच में सामने आया कि वीरेंद्र सिंह बैसोया का संबंध अवैध ड्रग्स तस्करी के एक बड़े नेटवर्क से था. आरोप है कि वह मेफेड्रोन की एक बड़ी खेप लंदन भेजने की साजिश में शामिल था. इस मामले में पुणे पुलिस ने 21 फरवरी 2024 को दिल्ली में कार्रवाई की थी. इस दौरान दिवेश चरंजीत भूतानी और संदीपकुमार राजपाल बैसोया को गिरफ्तार किया गया था. दोनों के कब्जे से करीब 970 किलो मेफेड्रोन बरामद किया गया था। </p>
<p><strong>लंदन भेजी जानी थी करोड़ों की ड्रग्स की खेप</strong><br>
जांच एजेंसियों के मुताबिक बरामद मेफेड्रोन की यह बड़ी खेप लंदन भेजी जानी थी. इसके लिए डेल्टा लॉजिस्टिक्स के जरिए कंसाइनमेंट भेजने की तैयारी की जा रही थी. पुलिस की जांच में दावा किया गया कि दिवेश चरंजीत भूतानी और संदीपकुमार राजपाल बैसोया, वीरेंद्र सिंह बैसोया के निर्देश पर काम कर रहे थे. इससे जांच एजेंसियों के सामने कथित नेटवर्क में बैसोया की भूमिका का एक अहम लिंक सामने आया। </p>
<p><strong>लॉजिस्टिक्स कंपनी तक पहुंची जांच</strong><br>
इस मामले में डेल्टा लॉजिस्टिक्स के मालिक संदीप हनुमानसिंह यादव और कंपनी के मैनेजर देवेंद्र रामफुल यादव को भी 21 फरवरी 2024 को गिरफ्तार किया गया था. जांच एजेंसियों के अनुसार, नेटवर्क कथित तौर पर मेफेड्रोन की बड़ी मात्रा को भारत से बाहर भेजने के लिए लॉजिस्टिक्स और कंसाइनमेंट व्यवस्था का इस्तेमाल कर रहा था. करीब 970 किलो मेफेड्रोन की बरामदगी ने इस कथित नेटवर्क के पैमाने को सामने ला दिया। </p>
<p><strong>रेड कॉर्नर नोटिस के बाद दुबई में पकड़ा गया</strong><br>
वीरेंद्र बैसोया के खिलाफ NCB ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था. इसके बाद दुबई में उसे गिरफ्तार किया गया. अब भारत सरकार की पहल पर उसे डिपोर्ट कर भारत लाया गया है. एयर इंडिया की फ्लाइट से उसकी वापसी के बाद जांच एजेंसियां उससे ड्रग्स नेटवर्क, कथित तस्करी और विदेश में मौजूद संपर्कों को लेकर पूछताछ कर सकती हैं. भारत के लिए यह इसलिए भी अहम है क्योंकि इस केस के तार अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क से जुड़े बताए गए हैं। </p>
<p><strong>संदीप धुनिया से क्या है कनेक्शन?</strong><br>
जांच के दौरान वीरेंद्र बैसोया का नाम संदीप धुनिया के साथ भी जुड़ता है. धुनिया को दिल्ली पुलिस के करीब 13,000 करोड़ रुपए के ड्रग्स मामले में मुख्य आरोपी बताया गया है. अधिकारियों के मुताबिक बैसोया उसके करीबी सहयोगियों में शामिल है. रिपोर्टों के अनुसार संदीप धुनिया दुबई से पाकिस्तान भागने में सफल रहा. ऐसे में बैसोया की भारत वापसी जांच एजेंसियों के लिए उसके नेटवर्क और विदेशों में मौजूद कथित संपर्कों को समझने का अहम मौका हो सकती है। </p>
<p><strong>बेटे ऋषभ के खिलाफ भी रेड कॉर्नर नोटिस</strong><br>
वीरेंद्र बैसोया का परिवार भी जांच एजेंसियों के रडार पर रहा है. जानकारी के मुताबिक, उसके बेटे ऋषभ के खिलाफ भी रेड कॉर्नर नोटिस जारी है. ऋषभ के फिलहाल विदेश में होने की बात बताई जा रही है. ऐसे में बैसोया की भारत वापसी के बाद एजेंसियों की जांच सिर्फ उसके कथित नेटवर्क तक सीमित नहीं रहने वाली. विदेश में मौजूद लोगों, ड्रग्स की सप्लाई चेन और कथित वित्तीय नेटवर्क की भी पड़ताल हो सकती है। </p>
<p><strong>भारत के लिए क्यों बड़ी कामयाबी?</strong><br>
ड्रग्स के इस मामले में सबसे बड़ा सवाल सिर्फ 970 किलो मेफेड्रोन की बरामदगी का नहीं है. असली सवाल यह है कि इतनी बड़ी खेप को भारत से बाहर भेजने के पीछे कथित नेटवर्क कितना बड़ा था और इसके तार किन देशों तक फैले थे. दुबई से बैसोया का भारत आना एजेंसियों को इस नेटवर्क की परतें खोलने का मौका देता है. हालांकि, बैसोया पर लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत में होना बाकी है. फिलहाल जांच एजेंसियों के लिए उसकी पूछताछ इस पूरे कथित ड्रग्स सिंडिकेट की कड़ियां जोड़ने में महत्वपूर्ण हो सकती है। </p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>‘कपड़े उतारो और पैसे कमाओ’! 10वीं पास युवक ने बनाया ऐप, फ्लैट में चल रहा था ऑनलाइन खेल</title>
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<description><![CDATA[ वडोदरा वडोदरा में पुलिस एक ऐसे फ्लैट तक पहुंची, जहां बाहर से सबकुछ बिल्कुल सामान्य दिख रहा था. लेकिन अंदर ऑनलाइन न्यूड वीडियो कॉल का धंधा चल रहा था. ग्राहक ऑनलाइन आते थे, पैसे रिचार्ज करते थे और फिर वीडियो कॉल पर युवतियां दिखाई देती थीं. जितनी देर कॉल, उतने ज्यादा कॉइन्स खर्च होते थे. … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:18:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>‘कपड़े, उतारो, और, पैसे, कमाओ’, 10वीं, पास, युवक, ने, बनाया, ऐप, फ्लैट, में, चल, रहा, था, ऑनलाइन, खेल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>वडोदरा</strong></p>
<p>वडोदरा में पुलिस एक ऐसे फ्लैट तक पहुंची, जहां बाहर से सबकुछ बिल्कुल सामान्य दिख रहा था. लेकिन अंदर ऑनलाइन न्यूड वीडियो कॉल का धंधा चल रहा था. ग्राहक ऑनलाइन आते थे, पैसे रिचार्ज करते थे और फिर वीडियो कॉल पर युवतियां दिखाई देती थीं. जितनी देर कॉल, उतने ज्यादा कॉइन्स खर्च होते थे. पुलिस ने इस मामले में मनीष पढियार नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया है। </p>
<p>पुलिस के मुताबिक, मनीष ने करीब 11 लाख रुपये में फ्लैट खरीदा था और वहीं से ये पूरा नेटवर्क चल रहा था. मामला वडोदरा के मांजलपुर इलाके के प्रकृति फ्लैट्स का है.  मांजलपुर पुलिस को सूचना मिली कि एक रिहायशी फ्लैट में कुछ युवतियों को रखकर ऑनलाइन आपत्तिजनक गतिविधियां कराई जा रही हैं। </p>
<p>पुलिस ने सूचना को गंभीरता से लिया और फ्लैट पर छापा मारा. जांच आगे बढ़ी तो ऑनलाइन वीडियो कॉलिंग का नेटवर्क सामने आया. आरोप है कि युवतियां एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों से जुड़ती थीं और उनकी मांग के मुताबिक आपत्तिजनक गतिविधियां करती थीं. इस मामले में पुलिस ने मनीष पढियार को गिरफ्तार कर लिया है। </p>
<p><strong>पहले ग्राहक पैसे डालता, फिर शुरू होती थी कॉल</strong><br>
पुलिस के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क में StripChat नाम के प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाता था. ग्राहक पहले अकाउंट में पैसे डालते थे. इसके बदले उन्हें कॉइन्स मिलते थे. फिर वीडियो कॉल शुरू होती. कॉल जितनी देर चलती, ग्राहक के अकाउंट से उतने ज्यादा कॉइन्स कटते जाते. यानी पूरा सिस्टम कुछ ऐसा था कि पहले रिचार्ज, फिर कॉइन्स और उसके बाद वीडियो कॉल। </p>
<p>पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस नेटवर्क में कितना पैसा आया और किस-किस खाते में ट्रांसफर हुआ. पुलिस के मुताबिक, इस रैकेट में होने वाली कमाई का 50-50 प्रतिशत हिस्सा बांटा जाता था. ग्राहकों से मिलने वाली रकम आरोपी के खाते में ट्रांसफर कराई जाती थी. इसके बाद आरोपी अपना हिस्सा रखता था और बाकी रकम युवतियों को दी जाती थी. पुलिस के मुताबिक, मनीष पहले कॉल सेंटर चलाता था. इसी दौरान उसके संपर्क में आई एक युवती भी कथित तौर पर इस काम से जुड़ी. अब पुलिस ये पता कर रही है कि इस नेटवर्क में कुल कितनी युवतियां और कितने दूसरे लोग शामिल थे। </p>
<p>पुलिस के मुताबिक, मनीष ने करीब 11 लाख रुपये का फ्लैट खरीदा था. यही फ्लैट इस पूरे मामले में सबसे अहम जगह बन गया. बाहर से ये एक सामान्य रिहायशी फ्लैट था. लेकिन पुलिस का आरोप है कि अंदर से इसका इस्तेमाल ऑनलाइन वीडियो कॉल के जरिए पैसे कमाने के लिए किया जा रहा था. अब पुलिस आरोपी के बैंक अकाउंट और मोबाइल फोन की जांच कर रही है. साथ ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। </p>
<p><strong>गाजियाबाद की युवती से भी पूछताछ</strong><br>
जांच के दौरान पुलिस को गाजियाबाद की रहने वाली एक युवती के बारे में भी जानकारी मिली है. पुलिस के मुताबिक, ये युवती एयर होस्टेस बनने की पढ़ाई कर रही है और कथित तौर पर इस नेटवर्क से जुड़ी थी. फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। </p>
<p>ACP विमल गामित के मुताबिक, पुलिस ये भी पता लगाएगी कि कहीं इस नेटवर्क के जरिए ग्राहकों को ब्लैकमेल तो नहीं किया गया? किसी के साथ धोखाधड़ी हुई या नहीं? फिलहाल पुलिस के सामने ब्लैकमेलिंग का कोई मामला नहीं आया है. लेकिन ऑनलाइन वीडियो कॉल और आपत्तिजनक कंटेंट से जुड़े मामलों में ब्लैकमेलिंग का खतरा रहता है, इसलिए पुलिस इस एंगल को भी जांच रही है. इस मामले में आरोपी मनीष के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। </p>
<p>अब पुलिस के सामने कई सवाल हैं. ये नेटवर्क कितने समय से चल रहा था?कितने ग्राहक इससे जुड़े थे? कितने लोगों को इसमें शामिल किया गया था?कुल कितने पैसे का लेनदेन हुआ? और क्या इस नेटवर्क का इस्तेमाल किसी को ठगने या ब्लैकमेल करने के लिए भी किया गया? इन सवालों के जवाब पुलिस की जांच के बाद सामने आएंगे। </p>]]> </content:encoded>
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<title>स्वतंत्रता दिवस पर एमपी पावर जनरेटिंग कंपनी के तीन विद्युत गृहों को मिलेगा उत्कृष्टता पुरस्कार</title>
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<description><![CDATA[ स्वतंत्रता दिवस पर एमपी पावर जनरेटिंग कंपनी के तीन विद्युत गृहों को मिलेगा उत्कृष्टता पुरस्कार सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी, श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह और मड़ीखेड़ा जल विद्युत गृह को मिलेगी शील्ड भोपाल मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) के तीन विद्युत गृहों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन, परिचालन दक्षता और तकनीकी क्षमता के लिए … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:18:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्रता दिवस पर एमपी पावर जनरेटिंग कंपनी के तीन विद्युत गृहों को मिलेगा उत्कृष्टता पुरस्कार</strong></p>
<p><strong>सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी, श्री सिंगाजी ताप विद्युत<br>
गृह और मड़ीखेड़ा जल विद्युत गृह को मिलेगी शील्ड</strong></p>
<p><strong>भोपाल</strong><br>
मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) के तीन विद्युत गृहों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन, परिचालन दक्षता और तकनीकी क्षमता के लिए विभिन्न श्रेणियों में प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को आयोजित होने वाले समारोह में सतपुड़ा ताप विद्युत गृह परिसर, सारनी को सर्वश्रेष्ठ पावर स्टेशन कॉम्प्लेक्स (Best Power Station Complex), श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह, खंडवा को वैयक्तिक सर्वश्रेष्ठ पावर स्टेशन (Best Individual Power Station) और मड़ीखेड़ा जल विद्युत गृह, शिवपुरी को सर्वश्रेष्ठ जल विद्युत गृह (Best Hydel Power Station) पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।</p>
<p><strong>सतपुड़ा ताप विद्युत गृह परिसर को 10 लाख रुपए का पुरस्कार</strong></p>
<p>सर्वश्रेष्ठ पावर स्टेशन कॉम्प्लेक्स श्रेणी में सतपुड़ा ताप विद्युत गृह परिसर, सारनी को 10 लाख रुपए की पुरस्कार राशि और स्थायी शील्ड प्रदान की जाएगी। यह सम्मान पूरे विद्युत गृह परिसर के समग्र उत्कृष्ट प्रदर्शन को रेखांकित करता है।</p>
<p><strong>श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह को 5 लाख रुपए</strong></p>
<p>वैयक्तिक सर्वश्रेष्ठ पावर स्टेशन श्रेणी में श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह, पावर स्टेशन हाउस-1, खंडवा को 5 लाख रुपए की पुरस्कार राशि एवं स्थायी शील्ड प्रदान की जाएगी।</p>
<p><strong>मड़ीखेड़ा जल विद्युत गृह को 3 लाख रुपए</strong></p>
<p>सर्वश्रेष्ठ जल विद्युत गृह श्रेणी में मड़ीखेड़ा जल विद्युत गृह, शिवपुरी को 3 लाख रुपए की पुरस्कार राशि एवं स्थायी शील्ड से सम्मानित किया जाएगा।</p>
<p>उत्कृष्ट प्रदर्शन को मिली संस्थागत पहचान-इन पुरस्कारों के माध्यम से मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के ताप एवं जल विद्युत गृहों की परिचालन विश्वसनीयता, तकनीकी दक्षता और उत्पादन क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन को संस्थागत मान्यता मिली है। यह उपलब्धि विद्युत गृहों में कार्यरत अभियंताओं, अधिकारियों एवं कार्मिकों की निरंतर मेहनत, तकनीकी दक्षता, टीमवर्क और समर्पण का परिणाम है।</p>
<p>इन पुरस्कारों की राशि संबंधित विद्युत गृहों में सामुदायिक मद (Community Items) पर व्यय की जाएगी।</p>
<p>स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एक साथ तीन विद्युत गृहों को प्राप्त यह सम्मान मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के लिए गौरव का विषय है। यह उपलब्धि कंपनी के विद्युत गृहों द्वारा विश्वसनीय, दक्ष और निरंतर विद्युत उत्पादन के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी रेखांकित करती है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>CM के भोपाल से बाहर रहने पर भी होगी जनसुनवाई, ACS मंडलोई ने CMO में अधिकारियों की ड्यूटी तय की</title>
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<description><![CDATA[  भोपाल  मुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्यमंत्री निवास में होने वाली बैठकों, कार्यक्रमों और आम लोगों से मुलाकात को लेकर नया रोस्टर जारी किया गया है। इसके तहत सप्ताह के अलग-अलग दिनों में सचिव, अपर सचिव और उप सचिव स्तर के अधिकारियों की ड्यूटी तय की गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई की … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:18:02 +0530</pubDate>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong> भोपाल </strong></p>
<p>मुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्यमंत्री निवास में होने वाली बैठकों, कार्यक्रमों और आम लोगों से मुलाकात को लेकर नया रोस्टर जारी किया गया है। इसके तहत सप्ताह के अलग-अलग दिनों में सचिव, अपर सचिव और उप सचिव स्तर के अधिकारियों की ड्यूटी तय की गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई की ओर से जारी आदेश के अनुसार, अधिकारी मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों और बैठकों में समन्वय की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके अलावा, मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में उनसे मिलने आने वाले लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं भी सुनेंगे। </p>
<p>नई व्यवस्था के तहत मंत्रालय और मुख्यमंत्री निवास (समत्व भवन) दोनों जगह अधिकारियों की तैनाती की गई है। अधिकारियों को अलग-अलग दिनों के हिसाब से जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि कामकाज प्रभावित न हो और लोगों को अपनी बात रखने के लिए इंतजार न करना पड़े। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि रोस्टर में शामिल कोई अधिकारी अनुपस्थित रहता है, तो संबंधित लिंक अधिकारी उसकी जिम्मेदारी संभालेगा। मुख्यमंत्री कार्यालय का मानना है कि इस व्यवस्था से बैठकों और कार्यक्रमों में बेहतर समन्वय स्थापित होगा। साथ ही, आम लोगों की समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया भी तेज होगी। </p>
<p><strong>मंत्रालय में इस तरह रहेगी अधिकारियों की ड्यूटी<br>
सोमवार: सचिव डॉ. सुदाम खाड़े और अपर सचिव अरविंद दुबे<br>
मंगलवार: सचिव डॉ. सुदाम खाड़े और अपर सचिव अरुण परमार<br>
बुधवार: सचिव  कौशलेंद्र विक्रम सिंह और उप सचिव सुधीर कोचर<br>
गुरुवार: सचिव डॉ. इलैया राजा टी. और उप सचिव आदित्य शर्मा<br>
शुक्रवार: सचिव कौशलेंद्र विक्रम सिंह और अपर सचिव अरुण परमार </strong></p>
<p>
<strong>समत्व भवन में इस तरह रहेगा रोस्टर<br>
सोमवार: सचिव कौशलेंद्र विक्रम सिंह और उप सचिव सुधीर कोचर<br>
मंगलवार: सचिव डॉ. इलैया राजा टी.और आदित्य शर्मा<br>
बुधवार:  सचिव डॉ. सुदाम खाड़े और अपर सचिव अरविंद दुबे<br>
गुरुवार: सचिव डॉ. सुदाम खाड़े और अपर सचिव अरविंद दुबे<br>
शुक्रवार: कुमार पुरुषोत्तम और  अपर सचिव अरुण परमार<br>
शनिवार: सचिव डॉ. इलैया राजा टी. और  उप सचिव आदित्य शर्मा<br>
रविवार: सचिव कौशलेंद्र विक्रम सिंह और उप सचिव सुधीर कोचर </strong></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>15 अगस्त 2026: मध्य प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस को खास बनाने के लिए करें ये 10 काम, बढ़ेगा देशभक्ति का जज्बा</title>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:17:57 +0530</pubDate>
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<media:keywords>अगस्त, 2026:, मध्य, प्रदेश, में, स्वतंत्रता, दिवस, को, खास, बनाने, के, लिए, करें, ये, काम, बढ़ेगा, देशभक्ति, का, जज्बा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong><br>
15 अगस्त केवल राष्ट्रीय अवकाश नहीं, बल्कि उन वीर सपूतों के बलिदान को याद करने का दिन है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। मध्य प्रदेश के शहरों से लेकर गांवों तक इस दिन तिरंगा यात्रा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रभात फेरी और ध्वजारोहण समारोह आयोजित किए जाते हैं। ऐसे में यदि आप भी इस स्वतंत्रता दिवस को यादगार बनाना चाहते हैं, तो ये 10 कार्य जरूर करें। इससे देशभक्ति की भावना मजबूत होगी और नई पीढ़ी को भी प्रेरणा मिलेगी।</p>
<p><strong>1. तिरंगा फहराएं और राष्ट्रगान का सम्मान करें</strong><br>
अपने घर, कार्यालय, विद्यालय या कॉलोनी में पूरे सम्मान के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराएं और राष्ट्रगान गाकर आजादी के अमर सेनानियों को श्रद्धांजलि दें।</p>
<p><strong>2. शहीद स्मारकों पर श्रद्धांजलि अर्पित करें</strong><br>
भोपाल के शौर्य स्मारक, जबलपुर, ग्वालियर, इंदौर और अन्य शहरों में स्थित शहीद स्मारकों पर जाकर वीर जवानों को नमन करें।</p>
<p><strong>3. बच्चों को स्वतंत्रता संग्राम की कहानियां सुनाएं</strong><br>
नई पीढ़ी को महात्मा गांधी, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे और मध्य प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान के बारे में बताएं।</p>
<p><strong>4. स्थानीय ध्वजारोहण समारोह में भाग लें</strong><br>
अपने क्षेत्र में आयोजित सरकारी, सामाजिक या शैक्षणिक संस्थानों के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में शामिल होकर राष्ट्रीय एकता का संदेश दें।</p>
<p><strong>5. 'हर घर तिरंगा' अभियान से जुड़ें</strong><br>
अपने घर, दुकान या कार्यालय पर तिरंगा लगाकर देशभक्ति का संदेश दें और आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें।</p>
<p><strong>6. स्वच्छता अभियान में सहयोग करें</strong><br>
अपने मोहल्ले, पार्क, स्कूल या सार्वजनिक स्थानों पर सफाई अभियान चलाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।</p>
<p><strong>7. जरूरतमंदों की मदद करें</strong><br>
गरीब बच्चों को किताबें, कपड़े या भोजन उपलब्ध कराएं। किसी जरूरतमंद परिवार की सहायता करना भी देश सेवा का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।</p>
<p><strong>8. भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता दें</strong><br>
स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी कर आत्मनिर्भर भारत की भावना को मजबूत करें।</p>
<p><strong>9. पौधारोपण करें</strong><br>
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एक पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।</p>
<p><strong>10. सोशल मीडिया पर सकारात्मक संदेश साझा करें</strong><br>
स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति से जुड़े प्रेरणादायक संदेश, तिरंगे के सम्मान और स्वतंत्रता सेनानियों की प्रेरक बातें साझा करें, ताकि अधिक से अधिक लोग राष्ट्रप्रेम की भावना से जुड़ सकें।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>भोपाल में बड़ी बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी! 144 संपत्तियों से हटेगा स्टे, 1000 दुकानें होंगी सील</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  आवासीय संपत्तियों में व्यावसायिक गतिविधियों और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद चल रहे अभियान में अब नोटिस देने के साथ उन संपत्तियों पर भी कार्रवाई की तैयारी है, जिन्हें हाई कोर्ट से स्टे या स्टेटस-को मिला हुआ है। निगम ने ऐसे … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:17:53 +0530</pubDate>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong><br>
 आवासीय संपत्तियों में व्यावसायिक गतिविधियों और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद चल रहे अभियान में अब नोटिस देने के साथ उन संपत्तियों पर भी कार्रवाई की तैयारी है, जिन्हें हाई कोर्ट से स्टे या स्टेटस-को मिला हुआ है।</p>
<p>निगम ने ऐसे 144 मामलों की सूची तैयार कर ली है। इन मामलों में न्यायालयीन आदेशों की समीक्षा कर स्टे हटवाने के लिए उच्च न्यायालय में आवेदन लगाए जाएंगे। इसके बाद 100 से ज्यादा संपत्तियों में तोड़फोड़ की जाएगी। साथ ही आवासीय संपत्तियों में कारोबार करने नोटिस देकर एक हजार से अधिक सीलिंग की कार्रवाई होगी।</p>
<p>लिहाजा, निगम की टीम रात तक नोटिस देने के काम में जुटी हुई है। अभियान के पांचवें दिन गुरुवार को शहर में 1135 नए नोटिस जारी किए गए। निगम द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर की जा रही इस कार्रवाई में अभी तक कुल 3316 नोटिस दिए जा चुके हैं। इसमें नरेला और हुजूर विधानसभा क्षेत्र सबसे आगे हैं।</p>
<p>बता दें कि निगम प्रशासन ने सड़क की चौड़ाई के आधार पर चार श्रेणियों में शहर की करीब 62,500 व्यावसायिक संपत्तियों को चिह्नित किया है।</p>
<p>सर्वे टीमें प्रमुख सड़कों को आधार बनाकर दोनों तरफ की संपत्तियों की जांच करेंगी। संबंधित वार्डों के संपत्ति कर रिकार्ड भी खंगाले जाएंगे, ताकि यह पता लगाया जा सके कि संपत्ति का पंजीकृत उपयोग और मौके पर हो रही गतिविधि एक जैसी है या नहीं।<br>
दो चरणों में शहरभर में 3316 नोटिस जारी</p>
<p>नगर निगम द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर की जा रही इस कार्रवाई में अभी तक 3316 नोटिस जारी कर किए जा चुके हैं। इसमें पांच अगस्त से पहले 1018 नोटिस जारी किए थे, जिसमें अरेरा कॉलोनी और रोहित नगर, बावड़िया कलां में सबसे अधिक 429 नोटिस जारी किए गए थे।</p>
<p><strong>वहीं, पांच अगस्त के बाद दूसरे चरण की कार्रवाई में 2298 नए नोटिस दिए जा चुके हैं।</strong></p>
<p><strong>औरा माल को निगम का नोटिस</strong><br>
गुलमोहर स्थित औरा माल के एलीवेशन में बदलाव किया जा रहा है, जिस पर निगम की भवन अनुज्ञा शाखा की टीम ने गुरुवार को निरीक्षण किया। निरीक्षण में औरा माल की इमारत में एलीवेशन में बदलाव पाए जाने पर नगर निगम ने धारा 302(1) के तहत नोटिस जारी किया है। संबंधित भवन स्वामी/निर्माणकर्ता से दस्तावेज और स्पष्टीकरण मांगा गया है।</p>
<p><strong>प्राथमिकता में नदी-तालाब क्षेत्र</strong><br>
निगम ने सभी जोन के अधिकारियों को न्यायालय में लंबित मामलों का रिकार्ड अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। जिन संपत्तियों को स्टे या स्टेटस-को मिला है, उनके आदेशों की प्रतियां लेकर समीक्षा की जाएगी।</p>
<p>जिन मामलों में कार्रवाई की गुंजाइश होगी, वहां स्टे हटाने के लिए हाई कोर्ट में आवेदन दायर किए जाएंगे। साथ ही नदी किनारे, तालाबों की परिधि, ग्रीन बेल्ट, बफर जोन और कैचमेंट एरिया में होने वाले अवैध निर्माण को प्राथमिकता से जांचा जाएगा।<br>
<strong>भोपाल नगर निगम: विधानसभा वार जारी नोटिस का विवरण</strong></p>
<div>
<div dir="ltr">
<table>
<thead>
<tr>
<td><strong>क्र.सं.</strong></td>
<td><strong>विधानसभा क्षेत्र</strong></td>
<td><strong>पहला चरण</strong></td>
<td><strong>दूसरा चरण</strong></td>
<td><strong>कुल नोटिस</strong></td>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>1</td>
<td>नरेला</td>
<td>99</td>
<td>746</td>
<td><strong>845</strong></td>
</tr>
<tr>
<td>2</td>
<td>हुजूर</td>
<td>315</td>
<td>452</td>
<td><strong>767</strong></td>
</tr>
<tr>
<td>3</td>
<td>मध्य विधानसभा</td>
<td>304</td>
<td>395</td>
<td><strong>699</strong></td>
</tr>
<tr>
<td>4</td>
<td>गोविंदपुरा</td>
<td>185</td>
<td>361</td>
<td><strong>546</strong></td>
</tr>
<tr>
<td>5</td>
<td>दक्षिण-पश्चिम</td>
<td>61</td>
<td>190</td>
<td><strong>251</strong></td>
</tr>
<tr>
<td>6</td>
<td>उत्तर विधानसभा</td>
<td>54</td>
<td>154</td>
<td><strong>208</strong></td>
</tr>
<tr>
<td><strong>योग</strong></td>
<td><strong>समग्र कुल</strong></td>
<td><strong>1,018</strong></td>
<td><strong>2,298</strong></td>
<td><strong>3,316</strong></td>
</tr>
</tbody>
</table>
</div>
</div>
<div>
<blockquote>
<p>अभियान के तहत नोटिस, सीलिंग और तोड़फोड़ की कार्रवाई लगातार जारी है। न्यायालय से स्टे वाले मामलों की भी समीक्षा की जा रही है। जहां आवश्यक होगा, स्टे हटाने के लिए न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किए जाएंगे। – भुवन गुप्ता, उपायुक्त, नगर निगम</p>
</blockquote>
</div>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>भोपाल मंडल में खत्म होंगे रेलवे के समपार फाटक, 2027 तक 11 क्रॉसिंग हटेंगी; 36 ROB चालू</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल ट्रेन के गुजरने पर फाटक बंद होने से लगने वाला जाम और लोगों का इंतजार अब कम होने वाला है। भोपाल मंडल में रेलवे 83 समपार फाटकों को चरणबद्ध तरीके से खत्म करने की तैयारी कर रहा है। इनकी जगह आरओबी और अंडरपास बनाए जा रहे हैं। 2026-27 में 11 फाटक हटाने का लक्ष्य … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:17:50 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>भोपाल, मंडल, में, खत्म, होंगे, रेलवे, के, समपार, फाटक, 2027, तक, क्रॉसिंग, हटेंगी, ROB, चालू</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong><br>
ट्रेन के गुजरने पर फाटक बंद होने से लगने वाला जाम और लोगों का इंतजार अब कम होने वाला है। भोपाल मंडल में रेलवे 83 समपार फाटकों को चरणबद्ध तरीके से खत्म करने की तैयारी कर रहा है।</p>
<p>इनकी जगह आरओबी और अंडरपास बनाए जा रहे हैं। 2026-27 में 11 फाटक हटाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को ट्रेन के गुजरने तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।</p>
<p>सड़क और रेल यातायात अलग होने से ट्रैक पार करने का जोखिम घटेगा, जाम से राहत मिलेगी और लोगों का सफर अधिक सुरक्षित व सुगम होगा।</p>
<p><strong>36 आरओबी चालू, 12 पर निर्माण जारी</strong><br>
भोपाल मंडल में 36 रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) चालू हो चुके हैं। वहीं 12 आरओबी पर काम चल रहा है, जबकि 31 आरओबी के निर्माण को स्वीकृति मिल चुकी है।</p>
<p>रेलवे का लक्ष्य आने वाले समय में सभी समपार फाटकों को खत्म करना है। इससे सड़क और रेल यातायात अलग-अलग हो जाएगा और फाटक बंद होने के कारण लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिलेगी।</p>
<p><strong>रोज सफर करने वालों का बचेगा समय</strong><br>
फाटक बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी नौकरी, स्कूल-कॉलेज, बाजार और अस्पताल जाने वाले लोगों को होती है। ट्रेन गुजरने तक इंतजार करने के कारण कई बार समय बर्बाद होता है और व्यस्त समय में वाहनों की लंबी कतार लग जाती है।</p>
<p>आरओबी या अंडरपास बनने के बाद वाहन बिना रुके गुजर सकेंगे, जिससे रोजाना आने-जाने वाले लोगों के समय की बचत होगी।</p>
<p><strong>एंबुलेंस से लेकर ग्रामीणों तक को फायदा</strong><br>
फाटक बंद होने पर एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं के वाहनों को भी इंतजार करना पड़ सकता है। आरओबी बनने के बाद ऐसे वाहनों को निर्बाध रास्ता मिलेगा।</p>
<p>ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी रेलवे ट्रैक पार करने की परेशानी से राहत मिलेगी। बच्चों, बुजुर्गों और पैदल राहगीरों के लिए आवागमन अधिक सुरक्षित होगा।</p>
<p><strong>250 रेलवे कर्मचारियों की जरूरत होगी कम</strong><br>
समपार फाटक खत्म होने के साथ यहां तैनात कर्मचारियों की जरूरत भी कम होगी। रेलवे के अनुसार करीब 250 कर्मचारियों की बचत होगी। इन कर्मचारियों का इस्तेमाल रेलवे के दूसरे महत्वपूर्ण कार्यों में किया जा सकेगा।</p>
<p><strong>सुरक्षा पर फोकस</strong><br>
आरओबी और अंडरपास बनने के बाद वाहन चालकों को सीधे रेलवे ट्रैक पार नहीं करना पड़ेगा, जिससे हादसों का जोखिम और जल्दबाजी में नियम तोड़ने की स्थिति कम होगी।</p>
<p><strong>ये है आंकड़ा</strong></p>
<p><strong>कुल समपार फाटक: 83</strong></p>
<p><strong>2026-27 में हटाए जाएंगे: 11</strong></p>
<p><strong>चालू आरओबी: 36</strong></p>
<p><strong>निर्माणाधीन आरओबी: 12</strong></p>
<p><strong>स्वीकृत आरओबी: 31</strong></p>
<p><strong>    समपार फाटकों को खत्म करने का उद्देश्य रेल और सड़क यातायात को अलग करना तथा यात्रियों और वाहन चालकों की सुरक्षा बढ़ाना है। – नवल अग्रवाल, पीआरओ, भोपाल मंडल</strong></p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Saif Ali Khan की 1370 एकड़ जमीन पर EOW की जांच तेज, भोपाल में बढ़ा कानूनी पेंच</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल भोपाल रियासत के नवाब हमीदुल्लाह खान की दूसरी पत्नी आफताब जहां बेगम (पाकिस्तानी नागरिक) द्वारा बेची गई संपत्तियों के मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने जांच तेज कर दी है। अभिनेता सैफ अली खान और उनका परिवार भी इसके घेरे में हैं। करीब 1370 एकड़ जमीन जांच के दायरे में है। सैफ अली … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:17:46 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Saif, Ali, Khan, की, 1370, एकड़, जमीन, पर, EOW, की, जांच, तेज, भोपाल, में, बढ़ा, कानूनी, पेंच</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>भोपाल रियासत के नवाब हमीदुल्लाह खान की दूसरी पत्नी आफताब जहां बेगम (पाकिस्तानी नागरिक) द्वारा बेची गई संपत्तियों के मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने जांच तेज कर दी है। अभिनेता सैफ अली खान और उनका परिवार भी इसके घेरे में हैं। करीब 1370 एकड़ जमीन जांच के दायरे में है। सैफ अली खान से मूल दस्तावेजों की मांग की गई है। इस बीच प्रधानमंत्री कार्यालय और ईओडब्ल्यू महानिदेशक को भेजी शिकायत पर संज्ञान लेते हुए ईओडब्ल्यू भोपाल ने समाजसेवी अमिताभ अग्निहोत्री को पूछताछ और साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए बुलाया। उन्होंने अपने अधिवक्ता प्रशांत पांडे के साथ डीएसपी ईओडब्ल्यू को लिखित साक्ष्य और दस्तावेज सौंपे।</p>
<p>भोपाल के कोहेफिजा, नयापुरा और हलालपुर इलाकों में नवाबी प्रापर्टी पर कानूनी पेंच फंसा हुआ है। जांच के लिए राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय तक मांग की जा चुकी है। इसके घेरे में पूरा नवाब परिवार आ चुका है। अभिनेता सैफ अली खान, सोहा अली खान, सबा अली खान, शर्मिला टैगोर के नाम भी इसमें शामिल हैं। शिकायती आवेदन में कहा गया है कि अभिनेता सैफ अली खान ने पूर्व में हाईकोर्ट में भोपाल में 1370 एकड़ जमीन को नवाब की संभावित व्यक्तिगत प्रॉपर्टी दर्शाया था। जांच कमेटी से इनके स्टेटस बताने की बात कही गई है।</p>
<p>दरअसल नवाब हमीदुल्ला खा की बड़ी बेटी पाकिस्तान चली गई थी। ऐसे में उनके नाम की जमीन जायदाद शत्रु संपत्ति घोषित हो गईं। इसी को लेकर विवाद चल रहा है।</p>
<p><strong>ये है मामला:</strong></p>
<p>31 मई 1994 को आफताब जहां बेगम ने बेहटा क्षेत्र की 30.55 एकड़ भूमि सहकारी गृहनिर्माण संस्था को मात्र 30.55 लाख रुपये में बेच दी। सौदे के समय केवल 1.55 लाख रुपये चेक से लिए गए, जबकि शेष 29 लाख रुपये चार किस्तों में लेने का अनुबंध किया गया था। वर्ष 1959 के राजस्व अभिलेखों के अनुसार आफताब जहां बेगम के नाम बेहटा में लगभग 655 एकड़ और बोरबन क्षेत्र में करीब 102 एकड़ भूमि दर्ज थी। आरोप लगाया है कि शत्रु संपत्ति अधिनियम लागू होने के बावजूद पाकिस्तान निवासी होने का तथ्य छिपाकर करोड़ों रुपए मूल्य की भूमि का सौदा किया गया।</p>
<p><strong>जांच के मुख्य बिंदु</strong><br>
शत्रु संपत्ति पर कार्रवाई का ब्योरा: कस्टोडियन विभाग मुंबई (2021) और भोपाल कलेक्टर (2022) द्वारा नवाब की संपत्तियों को 'शत्रु संपत्ति' दर्ज करने के निर्देशों पर पिछले चार वर्षों में हुई कार्रवाई की जांच हो।</p>
<p><strong>सैफ अली खान से मूल दस्तावेजों की मांग:</strong><br>
29 अप्रैल 1949 को बीपी मेनन द्वारा हस्ताक्षरित नक्शे, 30 अप्रैल 1949 के 'मर्जर एग्रीमेंट' और 1 जून 1949 से पूर्व बनी संपत्ति सूची की मूल कॉपियां पटौदी परिवार (सैफ अली खान व शर्मिला टैगोर) से मांगी जाएं।</p>
<p><strong>अतिरिक्त भूमि का रहस्य:</strong><br>
पूर्व भोपाल रियासत के 2,556 गांवों में नवाब परिवार की जमीनों की जांच की जाए। पूर्व प्रमुख सचिव की रिपोर्ट के अनुसार, मर्जर एग्रीमेंट में 1395 एकड़ भूमि दर्ज थी, तो 9 गांवों में 1984.13 एकड़ अतिरिक्त भूमि नवाब परिवार के नाम कैसे दर्ज हुई। इसकी खरीद-बिक्री की जांच हो।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Bhopal Drug Bust: अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़, 8.6 किलो ड्रग्स जब्त; 5 गिरफ्तार</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआइ) ने ऑपरेशन क्रिस्टल डैगर के तहत कार्रवाई कर एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट को ध्वस्त कर दिया है। इस कार्रवाई में डीआरआइ ने 4 नाइजीरियाई नागरिकों और एक भारतीय महिला सहित कुल पांच तस्करों को गिरफ्तार किया है। अभियान के दौरान 8.6 किलोग्राम से … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:17:43 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Bhopal, Drug, Bust:, अंतरराष्ट्रीय, ड्रग, सिंडिकेट, का, भंडाफोड़, 8.6, किलो, ड्रग्स, जब्त, गिरफ्तार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong><br>
 मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआइ) ने ऑपरेशन क्रिस्टल डैगर के तहत कार्रवाई कर एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट को ध्वस्त कर दिया है। इस कार्रवाई में डीआरआइ ने 4 नाइजीरियाई नागरिकों और एक भारतीय महिला सहित कुल पांच तस्करों को गिरफ्तार किया है। अभियान के दौरान 8.6 किलोग्राम से अधिक ड्रग्स जब्त की गई है।</p>
<p><strong>रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध महिला पकड़ी</strong><br>
जानकारी के अनुसार मुखबिर से मिली एक जानकारी के आधार पर डीआरआइ को पता चला था कि नई दिल्ली से बेंगलुरु जाने वाली ट्रेन से एक महिला तस्कर मादक पदार्थों की बड़ी खेप ले जा रही है। इस पर कार्रवाई करते हुए डीआरआइ अधिकारियों ने 11 अगस्त 2026 को भोपाल जंक्शन रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध महिला को पहचान कर रोक लिया। महिला के काले रंग के ट्राली बैग की तलाशी लेने पर उसमें एक गुप्त बॉक्स मिला।</p>
<p>इस कैविटी से भूरे रंग के टेप से सील किए गए छह प्लास्टिक पैकेट बरामद हुए। एनडीपीएस फील्ड-टेस्टिंग किट से जांच करने पर पैकेटों में मौजूद सफेद क्रिस्टलीय पदार्थ के मेथैमफेटामाइन होने की पुष्टि हुई। महिला के पास से कुल 6.325 किलोग्राम क्रिस्टलीय मेथैमफेटामाइन जब्त कर उसे एनडीपीएस अधिनियम में एफआइआर दर्ज कर गिरफ्तार किया गया।</p>
<p><strong>नाइजीरियाई सप्लायर गिरफ्तार</strong><br>
महिला से पूछताछ के आधार पर डीआरआइ और केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) की संयुक्त टीम ने ग्रेटर नोएडा में मुख्य सप्लायरों के ठिकाने पर छापेमारी की। अधिकारियों को देखते ही नाइजीरियाई तस्करों ने खिड़की से कूदकर भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया।</p>
<p>तलाशी में 2.242 किलोग्राम मेथैमफेटामाइन, 50 ग्राम कोकीन और 25 ग्राम गांजा बरामद हुआ। यहां से चार नाइजीरियाई नागरिकों को गिरफ्तार किया गया। डीआरआइ के अधिकारियों के अनुसार, इस त्वरित कार्रवाई से भारतीय लोगों का इस्तेमाल कर नेटवर्क चलाने वाले एक खतरनाक विदेशी सिंडिकेट इसमें शामिल हैं।</p>
<p><strong>एक साल में एमपी बना हॉट स्पॉट</strong><br>
पिछले एक साल में गांजा व अफीम की जगह मेथैमफेटामाइन और मेफेड्रोन जैसी महंगी और खतरनाक सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी व अवैध लैब निर्माण पर केंद्रीय एजेंसियों की सख्त है। इंटर-स्टेट व इंटरनेशनल सिंडिकेट भोपाल को ट्रांजिट रूट या गुप्त मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में इस्तेमाल कर रही है।इसी को लेकर पिछले 1 साल के दौरान (अगस्त 2025 से अगस्त 2026 तक) राजस्व खुफिया निदेशालय और केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने मध्य प्रदेश और भोपाल क्षेत्र में मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाइयां की हैं।</p>
<p>    16 अगस्त 2025 को सूरत और मुंबई पुलिस के सहयोग से ग्राम-जगदीशपुर (इस्लामनगर)अवैध मेफेड्रोन (एमडी) मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया।<br>
मौके से 541 किलोग्राम से अधिक प्रिकर्सर कैमिकल्स व लैब उपकरण जब्त किए गए।इसमें सात आरोपित गिरफ्तार किए गए।</p>
<p>    जनवरी 2026 को सेंट्रल ब्यूरो आफ नारकोटिक्स आगर-मालवा में नर्सरी और फार्महाउस की आड़ में चलाई जा रही एक हाई-टेक सिंथेटिक ड्रग बनाने वाली फैक्ट्री पर छापा मारा गया। करीब 600 किलोग्राम कच्चा रसायन जब्त किया गया। इस नेटवर्क के तार भोपाल और इंदौर के स्थानीय सप्लाई चेन से जुड़े हुए थे।</p>
<p>    11 माह पहले भी राजस्व खुफिया निदेशालय ने भोपाल कार्रवाई करते हुए भोपाल स्टेशन से युगांडा की महिला नाकिजीटो जोन उर्फ नाबायुंगा जारिया को गिरफ्तार किया था। उसके पास से 368.90 ग्राम मेथामफेटामाइन और 147.40 ग्राम कोकीन बरामद हुई।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>कस्तूरी कॉटन उत्पाद को करेंगे प्रोत्साहित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बड़वानी में उगाए जाने वाले उन्नत किस्म के कस्तूरी कॉटन को प्रोत्साहित किया जाएगा। धार जिले में विकसित हो रहे पीएम मित्र पार्क के चलते निमाड़ अंचल में कॉटन की मांग बढ़ी है। राज्य सरकार कृषक हित में कस्तूरी सहित सभी प्रकार के कपास के उत्पादन … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:17:40 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>कस्तूरी, कॉटन, उत्पाद, को, करेंगे, प्रोत्साहित, मुख्यमंत्री, डॉ., यादव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बड़वानी में उगाए जाने वाले उन्नत किस्म के कस्तूरी कॉटन को प्रोत्साहित किया जाएगा। धार जिले में विकसित हो रहे पीएम मित्र पार्क के चलते निमाड़ अंचल में कॉटन की मांग बढ़ी है। राज्य सरकार कृषक हित में कस्तूरी सहित सभी प्रकार के कपास के उत्पादन और प्रसंस्करण दोनों को बढ़ावा देगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रमुख घोषणाएं</p>
<p>    बड़वानी में नर्मदा नदी पर 25 करोड़ रुपए की लागत से नये घाट बनाए जाएंगे। नव निर्मित घाट सरदार सरोवर बांध बनने से जलमग्न हुए घाटों की कमी पूरी की जाएगी।</p>
<p>    भीमा नायक महाविद्यालय को विभिन्न परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन परीक्षा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इस वर्ष विद्यार्थियों के हित में यह निर्णय लिया गया है।</p>
<p>    पानसेमल में महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम की शुरुआत की जाएगी।</p>
<p>    बड़वानी के प्राचीन सेंधवा किले और राजवाड़े सहित अन्य पुरा धरोहरों के जीर्णोद्धार के लिए पुरातत्व विभाग को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।</p>
<p>    बड़वानी में 10 करोड़ रुपए की लागत से आदर्श अनाज मंडी विकसित की जाएगी।</p>
<p>    खेल के मैदान को स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के रूप में विकसित कर सर्वसुविधाओं से लैस किया जाएगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जनविश्वास अभियान के अंतर्गत को उन्होंने स्कूल में बच्चों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीज और डॉक्टरों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। बड़वानी के उद्यमियों से फूड प्रोसेसिंग, एनर्जी प्रोडक्शन, हेल्थ और एजुकेशन पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने यह वर्ष कृषक कल्याण को समर्पित किया है। विभिन्न आयोजनों में किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनकर समाधान किया जा रहा है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए दूध उत्पादन और पशुपालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसानों को बेहतर उपज के लिए उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही मछुआरा समुदाय के भाई-बहनों से संवाद कर उनकी परेशानियों को दूर किया जा रहा है। हमारी सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए पूरी तरह संकल्पित है।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने अपनी कृषि कैबिनेट बड़वानी जिले में आयोजित की थी। यह जिला भविष्य में अलग प्रकार से अपनी पहचान बनाएगा। यहां के युवा बहादुर, जाबांज, और कौशल में हीरे जैसे हैं। यहां के खिलाड़ी, मेधावी विद्यार्थियों सहित युवाओं की परेशानियों को सुना है और उनका हल निकालने का प्रयास किया जा रहा है। गांव के प्रधान और प्रतिष्ठित व्यक्तियों से भी चर्चा की है। स्व-सहायता समूह की बहनों और कृषि सखियों से संवाद कर उन्हें अपने और क्षेत्र के विकास के लिए प्रेरित किया है।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बड़वानी जिला कार्यालय में सीएम समाधान योजना में जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही और गलतियां सामने आईं, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। हमारा प्रयास है कि अधिकारी अच्छा काम करें। राज्य सरकार भर्ती और पदोन्नति में उनके साथ है।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेशभर में जिला स्तर पर विकास समितियों का गठन किया गया है। सरकार ने इसके माध्यम से जिला प्रशासन के साथ विकास का मॉडल तैयार करने का प्रयास किया है।</p>
<p>इस अवसर पर प्रभारी मंत्री  गौतम टेटवाल, विधायक  श्याम बर्डे, नगर पालिका अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष सहित अनेक जनप्रतिनिधि और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>रेलवे की 100 साल पुरानी विरासत खोज रहा PMO, इंदौर से मांगी ऐतिहासिक धरोहरों की सूची</title>
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<description><![CDATA[ इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर जिले की रेलवे विरासत अब प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ ) के रिकॉर्ड में दर्ज होने जा रही है। पीएमओ ने रेलवे से देशभर में 100 साल या उससे अधिक पुरानी रेलवे इमारतों, ट्रैक और अन्य ऐतिहासिक धरोहरों की जानकारी मांगी है। रतलाम मंडल से यह पत्र इंदौर पहुंचने के बाद रेलवे … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:17:37 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>रेलवे, की, 100, साल, पुरानी, विरासत, खोज, रहा, PMO, इंदौर, से, मांगी, ऐतिहासिक, धरोहरों, की, सूची</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इंदौर</strong></p>
<p>मध्य प्रदेश के इंदौर जिले की रेलवे विरासत अब प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ ) के रिकॉर्ड में दर्ज होने जा रही है। पीएमओ ने रेलवे से देशभर में 100 साल या उससे अधिक पुरानी रेलवे इमारतों, ट्रैक और अन्य ऐतिहासिक धरोहरों की जानकारी मांगी है। रतलाम मंडल से यह पत्र इंदौर पहुंचने के बाद रेलवे अधिकारियों ने ऐसी विरासतों की जानकारी जुटाना शुरू कर दी है।</p>
<p>इंदौर में अब 100 साल पुरानी रेलवे इमारतें गिनती की ही बची हैं। रेलवे को भेजे गए निर्देश के मुताबिक, केवल इमारत या ट्रैक का नाम बताना पर्याप्त नहीं होगा। इसकी पूरी वीडियोग्राफी भी करानी होगी। साथ ही आर्कियोलाजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआइ ) का प्रमाण पत्र भी देना होगा, जिससे यह प्रमाणित हो सके कि संबंधित इमारत या रेलवे ट्रैक 100 साल से अधिक पुराना है।</p>
<p><strong>बदलती गईं पुरानी इमारतें</strong><br>
रेलवे एक्सपर्ट नागेश नाम जोशी के अनुसार, इंदौर में पहले मीटर गेज रेलवे लाइन का दौर था। उस समय स्टेशन और रेलवे का पूरा सेटअप उसी हिसाब से तैयार किया गया था। समय के साथ मीटर गेज को ब्रॉडगेज में बदलने और रेलवे के आधुनिकीकरण के कारण पुरानी इमारतों और दूसरे ढांचों का अस्तित्व धीरे – धीरे खत्म होता गया। अब शहर में पुरानी रेलवे विरासत के नाम पर बेहद कम संरचनाएं बची हैं।</p>
<p><strong>जीआरपी थाना कभी था राजा का वीआइपी रूम</strong><br>
उन्होंने बताया की इंदौर रेलवे स्टेशन पर वर्तमान में जहां जीआरपी थाना संचालित हो रहा है, वह इमारत भी करीब 100 साल पुरानी बताई जाती है। इस इमारत का इतिहास काफी दिलचस्प है। जानकारों के मुताबिक पुराने समय में यहां तत्कालीन राजा का वीआइपी रूम हुआ करता था। राजा इसी स्थान पर बैठकर ट्रेन का इंतजार किया करते थे। अब इसी ऐतिहासिक इमारत में जीआरपी थाना संचालित हो रहा है।</p>
<p><strong>150 साल पुराना ट्रैक भी विरासत</strong><br>
जोशी के अनुसार, इंदौर में रेलवे की सबसे खास विरासत पातालपानी- कालाकुंड हेरिटेज ट्रैक है। यह मीटर गेज दौर की यादों को आज भी अपने साथ समेटे हुए है और इसकी उम्र करीब 150 साल बताई जाती है। पीएमओ के निर्देश के बाद अब इस ट्रैक और पुरानी इमारतों का दस्तावेजीकरण कर रेलवे इनकी ऐतिहासिक पहचान को आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज करने की तैयारी कर रहा है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>इंदौर से दार्जिलिंग&#45;सिक्किम जाना होगा आसान! बागडोगरा के लिए जल्द शुरू हो सकती है सीधी फ्लाइट</title>
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<description><![CDATA[ इंदौर  देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट से देश के एक और महत्वपूर्ण पर्यटन केंद्र के लिए सीधी हवाई कनेक्टिविटी शुरू होने की उम्मीद है। एयरलाइन ने इंदौर से बागडोगरा पश्चिम बंगाल के बीच उड़ान शुरू करने को लेकर एयरपोर्ट प्रबंधन से प्रारंभिक स्तर पर संपर्क किया है। सब कुछ तय रहा तो आगामी विंटर शेड्यूल में … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:17:33 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>इंदौर, से, दार्जिलिंग-सिक्किम, जाना, होगा, आसान, बागडोगरा, के, लिए, जल्द, शुरू, हो, सकती, है, सीधी, फ्लाइट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इंदौर</strong></p>
<p> देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट से देश के एक और महत्वपूर्ण पर्यटन केंद्र के लिए सीधी हवाई कनेक्टिविटी शुरू होने की उम्मीद है। एयरलाइन ने इंदौर से बागडोगरा पश्चिम बंगाल के बीच उड़ान शुरू करने को लेकर एयरपोर्ट प्रबंधन से प्रारंभिक स्तर पर संपर्क किया है। सब कुछ तय रहा तो आगामी विंटर शेड्यूल में इंदौर से बागडोगरा के लिए सीधी उड़ान शुरू हो सकती है।</p>
<p>हालांकि अभी एयरलाइन की ओर से उड़ान की अंतिम तारीख, समय और सप्ताह में कितने दिन संचालन होगा, इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार एयरलाइन की ओर से उड़ान संचालन को लेकर प्रारंभिक चर्चा की गई है। इसमें स्लॉट, उड़ान का समय और संचालन की संभावनाओं पर बातचीत चल रही है। एयरलाइन की ओर से अंतिम निर्णय और शेड्यूल जारी होने के बाद ही उड़ान को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।</p>
<p>
<strong>पर्यटन के साथ कारोबार को भी फायदा</strong><br>
ट्रैवल एजेंटों का कहना है कि बागडोगरा के लिए सीधी उड़ान शुरू होने पर मध्यप्रदेश के यात्रियों के लिए पूर्वोत्तर और हिमालयी पर्यटन क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी। खासकर दार्जिलिंग और सिक्किम जाने वाले यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिल सकता है। पर्यटन सीजन में इस रूट पर यात्रियों की मांग भी अच्छी रहने की उम्मीद है। कारोबार और पर्यटन से जुड़े लोगों के लिए भी यह कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इंदौर एयरपोर्ट से लगातार नए शहरों के लिए कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर है। ऐसे में बागडोगरा उड़ान शुरू होती है तो यह इंदौर से जुडऩे वाला एक और महत्वपूर्ण हवाई गंतव्य होगा।</p>
<p><strong>दार्जिलिंग-सिक्किम की राह होगी आसान</strong><br>
बागडोगरा एयरपोर्ट पश्चिम बंगाल में उत्तर बंगाल और आसपास के प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों के लिए बड़ा कनेक्टिविटी केंद्र है। यहां से दार्जिलिंग, सिक्किम, काल्पिोंग और उत्तर बंगाल के अन्य पर्यटन स्थलों तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। वर्तमान में इंदौर से इन क्षेत्रों की यात्रा करने वाले यात्रियों को कई बार दिल्ली, कोलकाता या अन्य शहरों से कनेक्टिंग फ्लाइट लेनी पड़ती है। सीधी उड़ान शुरू होने से यह सफर आसान और समय की बचत वाला हो सकता है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>महंगी क्रीम छोड़िए, देसी घी से बनाएं नेचुरल फेस क्रीम</title>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:17:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>महंगी, क्रीम, छोड़िए, देसी, घी, से, बनाएं, नेचुरल, फेस, क्रीम</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>आपने टीवी पर महंगी-महंगी क्रीम के विज्ञापन जरूर देखे होंगे, जिनमें दावा किया जाता है कि इन्हें इस्तेमाल करके चेहरे पर निखार आ जाएगा और रंग भी निखर जाएगा. विज्ञापनों में किए गए इन बड़े-बड़े दावों को देखकर लोग बिना सोचे-समझे महंगी फेस क्रीम खरीद लेते हैं. लेकिन हर बार महंगी क्रीम ही स्किन के लिए सही हो, ये जरूरी नहीं. कई बार इनमें मौजूद अलग-अलग केमिकल्स स्किन को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं. तो आखिर बिना महंगी क्रीम के चेहरे को मुलायम,</p>
<p><strong>मॉइश्चराइज्ड और ग्लोइंग कैसे रखा जाए?</strong><br>
इसका जवाब आपकी दादी-नानी के पुराने स्किनकेयर नुस्खे में छिपा है. आपकी दादी-नानी के समय में स्किनकेयर के लिए बहुत सारे प्रोडक्ट्स नहीं हुआ करते थे. वे लोग घर में मौजूद तेल, मलाई और देसी घी जैसी चीजों से ही त्वचा की देखभाल की जाती थी. देसी घी भी इन्हीं चीजों में शामिल है. इसे सही तरीके से इस्तेमाल करने पर खासतौर पर रूखी त्वचा को नमी देने में मदद मिल सकती है. आइए जानते हैं घर पर देसी घी की क्रीम कैसे तैयार करें और इसे लगाने का सही तरीका क्या है.</p>
<p><strong>  देसी घी से कैसे बनाएं फेस क्रीम?</strong><br>
इसके लिए आपको बहुत ज्यादा सारे इंग्रेडिएंट्स की जरूरत नहीं है. घर में मौजूद कुछ चीजों से ही आप नेचुरल क्रीम तैयार कर सकते हैं.</p>
<p>इसके लिए आपको करीब 2 चम्मच शुद्ध देसी घी लें. इसमें थोड़ा एलोवेरा जेल और गुलाब जल मिलाएं. अब चम्मच की मदद से मिश्रण को लगातार एक ही डायरेक्शन में फेंटते रहें. मिश्रण को तब तक मिलाएं जब तक इसका टेक्शचर हल्का, क्रीमी और मुलायम न हो जाए. मिश्रण तैयार करते समय अगर इसमें से एक्स्ट्रा पानी अलग हो रहा है तो उसे निकाल दें. जब घी क्रीम जैसा दिखने लगे तो इसे एक साफ और सूखे कंटेनर में रख सकते हैं.</p>
<p><strong>रूखी स्किन के लिए हो सकती है मददगार</strong><br>
अगर आपकी स्किन अक्सर खिंची-खिंची या रूखी महसूस होती है तो घर पर बनी घी की ये क्रीम एक ऑयल-बेस्ड मॉइस्चराइजर की तरह काम कर सकती है. घी स्किन पर एक लेयर बनाने में मदद करता है, जिससे नमी लॉक रहने में मदद मिल सकती है.</p>
<p>खासकर जिन लोगों की स्किन बहुत ज्यादा ड्राई होती है उन लोगों को इससे स्किन ज्यादा सॉफ्ट महसूस हो सकती है. हालांकि, हर किसी की स्किन अलग होती है, इसलिए इसे सभी के लिए एक जैसा असरदार मानना सही नहीं होगा.</p>
<p><strong>चेहरे पर नेचुरल निखार लाने में कर सकती है मदद</strong><br>
जब स्किन में नमी की कमी होती है तो चेहरा रूखा और बेजान नजर आने लगता है. मॉइस्चराइजिंग के बाद स्किन ज्यादा सॉफ्ट और हेल्दी दिख सकती है. इसी वजह से घी बेस्ड क्रीम लगाने के बाद चेहरे पर कुछ लोगों को नेचुरल ग्लो नजर आ सकता है. लेकिन इसे लगाने से दाग-धब्बे या झुर्रियां पूरी तरह खत्म हो जाएंगी, ऐसा दावा नहीं किया जा सकता है.</p>
<p><strong>रात में लगाना रहेगा बेहतर</strong><br>
अगर आप इसे ट्राई करना चाहते हैं तो रात में चेहरा साफ करने के बाद थोड़ी सी मात्रा लेकर हल्के हाथों से लगाएं. सुबह चेहरे को पानी या अपने माइल्ड फेस क्लींजर से साफ कर लें. शुरुआत में रोज लगाने के बजाय हफ्ते में कुछ बार इस्तेमाल करके देखें कि आपकी स्किन पर इसका कैसा असर हो रहा है.</p>
<p><strong>चेहरे पर लगाने से पहले ये गलती न करें</strong><br>
नेचुरल क्रीम होने का मतलब ये नहीं है कि वो हर स्किन पर सूट करेगी. घी कुछ लोगों की स्किन पर भारी या चिपचिपा महसूस हो सकता है और बहुत ऑयली या मुंहासे वाली स्किन पर ये हर किसी के लिए सही ऑप्शन नहीं हो सकता.</p>
<p>इसलिए पहली बार चेहरे पर लगाने से पहले हाथ या कान के पीछे थोड़ी मात्रा लगाकर पैच टेस्ट जरूर करें. अगर जलन, लालिमा, खुजली या किसी तरह की एलर्जी महसूस हो तो इसका इस्तेमाल बंद कर दें.</p>
<p>ध्यान रखें ये बात: देसी घी की क्रीम को एक आसान घरेलू मॉइस्चराइजिंग उपाय की तरह देखा जा सकता है, लेकिन इसे हर तरह की स्किन समस्या का इलाज नहीं माना जाना चाहिए. अगर चेहरे पर लगातार मुंहासे, जलन, एलर्जी या कोई अन्य समस्या है तो घरेलू नुस्खों के बजाय किसी स्किन एक्सपर्ट की सलाह लेना ज्यादा बेहतर है. अगर आपकी स्किन सिर्फ रूखी रहती है और आप एक आसान घरेलू मॉइस्चराइजर ट्राई करना चाहते हैं, तो थोड़ी मात्रा में देसी घी से बनी ये क्रीम आजमाई जा सकती है.</p>]]> </content:encoded>
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<title>Amazon Now पर बंपर ऑफर, पहले 5 ऑर्डर पर ₹100 डिस्काउंट और बाद में कैशबैक</title>
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<description><![CDATA[ घर बैठे जरूरत का सामान मंगाना आजकल काफी आसान हो गया है. फास्ट कॉमर्स ऐप्स की मदद से लोग कुछ ही मिनटों में ग्रॉसरी से लेकर घर का जरूरी सामान तक मंगा लेते हैं. लेकिन इन ऐप्स पर डिस्काउंट हमेशा नहीं मिलता. ऐसे में Amazon Now का नया ऑफर आपके काम का हो सकता है. … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:17:25 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Amazon, Now, पर, बंपर, ऑफर, पहले, ऑर्डर, पर, ₹100, डिस्काउंट, और, बाद, में, कैशबैक</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>घर बैठे जरूरत का सामान मंगाना आजकल काफी आसान हो गया है. फास्ट कॉमर्स ऐप्स की मदद से लोग कुछ ही मिनटों में ग्रॉसरी से लेकर घर का जरूरी सामान तक मंगा लेते हैं. लेकिन इन ऐप्स पर डिस्काउंट हमेशा नहीं मिलता. ऐसे में Amazon Now का नया ऑफर आपके काम का हो सकता है.</p>
<p>ऐमेजॉन नाउ पर इस समय कुछ ऐसे कैशबैक ऑफर्स मिल रहे हैं, जिनकी मदद से रोजमर्रा का सामान खरीदते समय पैसे बचाए जा सकते हैं. आइए जानते हैं इन ऑफर्स के बारे में.</p>
<p><strong>Amazon Now पर मिल रहा वेलकम ऑफर</strong><br>
अगर आप पहली बार ऐमेजॉन नाउ का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आपके लिए वेलकम ऑफर दिया जा रहा है. पहले 5 ऑर्डर्स पर ₹399 से ज्यादा की शॉपिंग करने पर ₹100 का डिस्काउंट मिल सकता है.</p>
<p>यानी अगर आप घर का जरूरी सामान Amazon Now से मंगा रहे हैं, तो इस ऑफर की मदद से सीधे ₹100 तक की बचत हो सकती है. हालांकि, यह ऑफर 31 अगस्त तक ही बताया गया है.</p>
<p><strong>5 ऑर्डर के बाद भी मिलेगा कैशबैक</strong><br>
अगर आपके 5 ऑर्डर पूरे हो जाते हैं, तो ऑफर खत्म नहीं होता. इसके बाद भी ऐमेजॉन नाउ पर अलग-अलग शॉपिंग अमाउंट के हिसाब से कैशबैक मिल रहा है.</p>
<p>₹499 से ज्यादा की शॉपिंग पर ₹50 का कैशबैक मिल सकता है. वहीं ₹899 से ज्यादा का सामान खरीदने पर ₹100 का कैशबैक दिया जा रहा है.</p>
<p>अगर आपका ऑर्डर ₹1,499 से ज्यादा का है, तो ₹200 तक का कैशबैक मिल सकता है. यह ऑफर Amazon Prime सब्सक्राइबर्स के लिए बताया गया है.</p>
<p><strong>डिलीवरी चार्ज भी नहीं लगेगा</strong><br>
ऐमेजॉन नाउ पर सिर्फ कैशबैक ही नहीं, बल्कि डिलीवरी चार्ज को लेकर भी फायदा मिल सकता है. ₹100 से ज्यादा के ऑर्डर पर डिलीवरी चार्ज नहीं लग रहा है. ऐसे में अगर आप घर का सामान ऑनलाइन मंगाते हैं, तो यह ऑफर आपकी कुल शॉपिंग कॉस्ट को कम कर सकता है.</p>
<p>फास्ट कॉमर्स में Blinkit, Zepto और Swiggy Instamart जैसे प्लेटफॉर्म पहले से मौजूद हैं. ऐसे में ऐमेजॉन नाउ भी डिस्काउंट और कैशबैक के जरिए ग्राहकों को अपनी तरफ खींचने की कोशिश कर रहा है.</p>
<p>अगर आप Amazon से रोजमर्रा का सामान मंगाते हैं, तो Amazon Now के इन ऑफर्स को एक बार जरूर चेक कर सकते हैं. हालांकि, ऑर्डर करने से पहले ऑफर की शर्तें और अपने अकाउंट पर मिल रहे बेनिफिट को जरूर देख लें.<br>
 </p>]]> </content:encoded>
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<title>बारिश में चाय के साथ बनाएं क्रिस्पी आलू&#45;मेथी बटाटा वड़ा, स्वाद होगा लाजवाब</title>
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<description><![CDATA[  खिड़की के बाहर रिमझिम बारिश हो रही हो, हाथ में कड़क अदरक वाली चाय के साथ कुछ क्रिस्पी मिल जाए तो दिल खुश हो जाता है. बारिश में ज्यादातर लोग पकौड़े खाना पसंद करते हैं लेकिन हर बार पकौड़े क्यों. इस बार कुछ नया ट्राई कीजिए और चाय के साथ गरमा-गरम आलू-मेथी बटाटा वड़ा बनाएं. … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:17:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>बारिश, में, चाय, के, साथ, बनाएं, क्रिस्पी, आलू-मेथी, बटाटा, वड़ा, स्वाद, होगा, लाजवाब</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p> खिड़की के बाहर रिमझिम बारिश हो रही हो, हाथ में कड़क अदरक वाली चाय के साथ कुछ क्रिस्पी मिल जाए तो दिल खुश हो जाता है. बारिश में ज्यादातर लोग पकौड़े खाना पसंद करते हैं लेकिन हर बार पकौड़े क्यों. इस बार कुछ नया ट्राई कीजिए और चाय के साथ गरमा-गरम आलू-मेथी बटाटा वड़ा बनाएं.</p>
<p>ताजी हरी मेथी अगर मिल जाए तो बहुत अच्छा है वरना आप कसूरी मेथी और उबले आलू को मिलाकर आलू-मेथी बटाटा वड़ा बना सकते हैं. जब इस वड़े में एक खास सीक्रेट भुना मसाला पड़ता है तो इसका स्वाद स्ट्रीट स्टाइल वड़ा पाव को भी पीछे छोड़ देता है. आइए जानते हैं इस आलू-मेथी बटाटा वड़ा बनाने का आसान तरीका.</p>
<p><strong>सामग्री:</strong><br>
बटाटा का मसाला बनाएं</p>
<p>साबुत धनिया: 1 बड़ा चम्मच</p>
<p>सौंफ: 1 छोटा चम्मच</p>
<p>साबुत जीरा: 1 छोटा चम्मच</p>
<p>अजवाइन: 1/2 छोटा चम्मच</p>
<p>सूखी लाल मिर्च: 2</p>
<p>विधि: एक फ्राइंग पैन में इन सभी साबुत मसालों को धीमी आंच पर 1-2 मिनट के लिए हल्का भून लें जब तक कि खुशबू न आने लगे. ठंडा होने पर इन्हें मिक्सी या ओखली में डालकर दरदरा पीस लें.</p>
<p>आलू-मेथी स्टफिंग के लिए सामग्री:<br>
उबले आलू: 4 (मैश किए हुए)</p>
<p>ताजी मेथी: 1 कप (बारीक कटी और धुली हुई)</p>
<p>तैयार सीक्रेट मसाला: 1 बड़ा चम्मच</p>
<p>राई/सरसों के दाने: 1/2 छोटा चम्मच</p>
<p>हींग: 1 चुटकी</p>
<p>करी पत्ते: 8-10</p>
<p>हरी मिर्च: 2 (बारीक कटी हुई)</p>
<p>अदरक-लहसुन का पेस्ट: 1 बड़ा चम्मच</p>
<p>हल्दी पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच</p>
<p>अमचूर पाउडर या नींबू का रस: 1 छोटा चम्मच</p>
<p>हरा धनिया: 2 बड़े चम्मच (बारीक कटा)</p>
<p>नमक: स्वादानुसार</p>
<p>बेसन के घोल के लिए:</p>
<p>बेसन: 1.5 कप</p>
<p>चावल का आटा: 2 बड़े चम्मच (वड़े को क्रिस्पी बनाने के लिए)</p>
<p>हल्दी: 1/4 छोटा चम्मच</p>
<p>लाल मिर्च पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच</p>
<p>बेकिंग सोडा: 1 चुटकी</p>
<p>गर्म तेल: 1 बड़ा चम्मच (बैटर में मिलाने के लिए)</p>
<p>नमक: स्वादानुसार</p>
<p>तेल: तलने के लिए</p>
<p><strong>बनाने की विधि:</strong><br>
एक पैन में 1 चम्मच तेल गरम करें. इसमें राई, हींग, करी पत्ते, हरी मिर्च और अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर 30 सेकंड भूनें.</p>
<p>अब इसमें बारीक कटी मेथी डालें और 2 मिनट तक पकाएं ताकि मेथी का पानी सूख जाए और कड़वाहट खत्म हो जाए.</p>
<p>इसके बाद हल्दी, स्वादानुसार नमक, अमचूर पाउडर और तैयार किया हुआ सीक्रेट मसाला मिलाएं.</p>
<p>अब मैश किए आलू और हरा धनिया डालकर सब कुछ अच्छे से मिलाएं. 2 मिनट भूनने के बाद गैस बंद कर दें और मिश्रण को ठंडा होने दें. ठंडा होने पर इसके गोल-गोल नींबू के आकार के बॉल्स बना लें.</p>
<p><strong>परफेक्ट बेसन का घोल बनाएं:</strong><br>
एक बाउल में बेसन, चावल का आटा, हल्दी, लाल मिर्च, चुटकीभर हींग और नमक मिलाएं.</p>
<p>थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए एक गाढ़ा और स्मूथ घोल बनाएं (घोल न ज्यादा पतला हो न बहुत ज्यादा गाढ़ा).</p>
<p>अब इसमें 1 चुटकी बेकिंग सोडा और 1 चम्मच कड़ाही का गर्म तेल डालकर अच्छे से फेंट लें. (गर्म तेल डालने से वड़े बाहर से एकदम कुरकुरे बनते हैं और तेल कम सोखते हैं).</p>
<p>कड़ाही में तेल अच्छे से गरम करें.<br>
अब आलू-मेथी के एक-एक बॉल को बेसन के घोल में अच्छे से डुबोएं और सावधानी से गरम तेल में छोड़ते जाएं.</p>
<p>गैस की आंच मध्यम रखें और वड़ों को पलट-पलटकर सुनहरा और क्रिस्पी होने तक फ्राई कर लें.</p>
<p>गरमा-गरम आलू-मेथी बटाटा वड़ा तैयार है! इसे तली हुई हरी मिर्च, सूखी लहसुन की लाल चटनी और शाम की कड़क चाय के साथ मजे से खाएं.</p>]]> </content:encoded>
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<title>15 अगस्त स्पेशल: घर पर बनाएं हेल्दी और स्वादिष्ट तिरंगा फरा</title>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:17:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>अगस्त, स्पेशल:, घर, पर, बनाएं, हेल्दी, और, स्वादिष्ट, तिरंगा, फरा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>15 अगस्त का जश्न तिरंगा फहराने और देशभक्ति के गीतों के बिना अधूरा लगता है. इस खास दिन पर छुट्टी होती है और ऐसे में परिवार को एक साथ समय बिताने का भी मौका मिल जाता है और इस खास दिन पर लोग अपने घरों में अच्छा खाना बनाते हैं. परिवार के साथ इस खास दिन को स्पेशल बनाते हैं, ऐसे में आप इस स्वतंत्रता दिवस कुछ नया और हेल्दी बनाना चाहते हैं, तो तिरंगा फरा एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है.</p>
<p>उत्तर भारत की यह पारंपरिक डिश चावल के आटे से बनाई जाती है और इसे तलने की बजाय भाप में पकाया जाता है. यही वजह है कि यह हल्की, पौष्टिक और कम तेल वाली होती है. तिरंगे के तीन रंगों से तैयार यह डिश न सिर्फ देखने में खूबसूरत लगती है, बल्कि इसका स्वाद भी सभी को पसंद आता है. आइए जानते हैं घर पर आसानी से तिरंगा फरा बनाने की रेसिपी.</p>
<p><strong>तिरंगा फरा बनाने के लिए सामग्री</strong><br>
    500 ग्राम चावल का आटा<br>
    स्वादानुसार नमक<br>
    आटा गूंथने के लिए पानी</p>
<p><strong>केसरिया भरावन के लिए</strong><br>
    ½ कप भीगी हुई चना दाल<br>
    1 कद्दूकस की हुई गाजर<br>
    ½ इंच अदरक<br>
    4–5 लहसुन की कलियां<br>
    2 हरी मिर्च<br>
    ½ छोटा चम्मच जीरा पाउडर<br>
    स्वादानुसार नमक</p>
<p><strong>हरे भरावन के लिए</strong><br>
    1 कप हरे मटर<br>
    4 चम्मच बारीक कटी धनिया पत्ती<br>
    ½ इंच अदरक<br>
    4–5 लहसुन की कलियां<br>
    2 हरी मिर्च<br>
    ½ छोटा चम्मच जीरा पाउडर<br>
    स्वादानुसार नमक</p>
<p><strong>ऐसे बनाएं तिरंगा फरा</strong></p>
<ul>
<li>सबसे पहले एक बर्तन में पानी उबालें. उसमें नमक डालकर चावल का आटा मिलाएं और गैस बंद कर दें.  </li>
<li>फिर 5 से 10 मिनट ढककर रखने के बाद हल्का गुनगुना होने पर इसे अच्छी तरह गूंथकर मुलायम आटा तैयार कर लें.</li>
<li>अब दोनों तरह की स्टफिंग अलग-अलग तैयार करें.  केसरिया भरावन के लिए भीगी चना दाल, गाजर, अदरक, लहसुन और हरी मिर्च को बिना पानी के दरदरा पीस लें.  इसमें नमक और जीरा पाउडर मिलाएं.</li>
<li>इसी तरह हरे भरावन के लिए मटर, धनिया, अदरक, लहसुन और हरी मिर्च पीसकर उसमें भी नमक और जीरा पाउडर मिला दें.</li>
<li>अब चावल के आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर उन्हें हल्का चपटा करें. कुछ में केसरिया भरावन और कुछ में हरा भरावन भरकर किनारों को अच्छी तरह बंद कर दें.  चाहें तो कुछ सादे फरे भी रखें, ताकि तिरंगे के तीनों रंग आसानी से तैयार हो जाएं.</li>
<li>एक बड़े भगोने में पानी उबालें और तैयार फरे उसमें डाल दें.  जब फरे पककर ऊपर तैरने लगें, तो समझिए वे तैयार हैं.  इन्हें छलनी से निकालकर ठंडा होने दें.</li>
</ul>
<p><strong>ऐसे करें सर्व</strong><br>
तैयार तिरंगा फरा को तिरंगे के क्रम में प्लेट में सजाएं और हरी चटनी या तीखी टमाटर की चटनी के साथ परोसें.  चाहें तो राई और करी पत्ते का हल्का तड़का लगाकर शैलो फ्राई भी कर सकते हैं, जिससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाएगा.  </p>
<p><strong>प्रो टिप:</strong><br>
फरा उबालते समय पानी में एक छोटा चम्मच तेल डाल दें.  इससे फरे आपस में नहीं चिपकेंगे और उनकी फिनिशिंग भी शानदार रहेगी.  यह हेल्दी, रंग-बिरंगा और स्वादिष्ट स्नैक स्वतंत्रता दिवस के जश्न को और भी खास बना देगा.</p>]]> </content:encoded>
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<title>प्रेग्नेंसी में Kiara Advani ने की ‘Toxic’ की शूटिंग, Yash बोले&#45; बॉडीगार्ड की तरह रखा ध्यान</title>
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<description><![CDATA[ मुंबई  साउथ सुपरस्टार यश की मचअवेटेड फिल्म टॉक्सिक का फैंस को बेसब्री से इंतजार है. गुरुवार को फिल्म के एल्बम लॉन्च इवेंट में यश ने फिल्म की सभी हसीनाओं की तारीफ की. उन्होंने हुमा कुरैशी को चैलेंजिंग, रुक्मिणी वसंत को लंबी रेस का घोड़ा, तारा सुतारिया को स्टनिंग और कियारा आडवाणी को डेडिकेटेड बताया. यश … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:17:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>प्रेग्नेंसी, में, Kiara, Advani, ने, की, ‘Toxic’, की, शूटिंग, Yash, बोले-, बॉडीगार्ड, की, तरह, रखा, ध्यान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंबई </strong><br>
साउथ सुपरस्टार यश की मचअवेटेड फिल्म टॉक्सिक का फैंस को बेसब्री से इंतजार है. गुरुवार को फिल्म के एल्बम लॉन्च इवेंट में यश ने फिल्म की सभी हसीनाओं की तारीफ की. उन्होंने हुमा कुरैशी को चैलेंजिंग, रुक्मिणी वसंत को लंबी रेस का घोड़ा, तारा सुतारिया को स्टनिंग और कियारा आडवाणी को डेडिकेटेड बताया. यश ने कियारा की इवेंट में जमकर तारीफ की। </p>
<p>यश के मुताबिक, जिस तरह कियारा ने प्रेग्नेंट होने के बावजूद काम के प्रति खुद को समर्पित रखा, वो काबिले तारीफ है. उन्होंने कहा कि कियारा ने फिल्म के लिए पूरी मेहनत और लगन से काम किया. यश ने कियारा का उनकी फिल्म से जुड़ने के लिए आभार जताया. ये भी कहा कि एक्ट्रेस की मेहनत ने इस फिल्म को खास बना दिया है।  </p>
<p><strong>कियारा के लिए क्या बोले यश?</strong><br>
इवेंट के दौरान यश से कियारा के साथ काम करने के एक्सपीरियंस के बारे में पूछा गया. जवाब में उन्होंने कहा- वो एक प्रोफेशनल एक्ट्रेस हैं. जब वो फिल्म से जुड़ीं तो मैं थोड़ा परेशान था. क्योंकि उनका रोल काफी डिमांडिंग था. फिल्म की शूटिंग काफी मुश्किल और मेहनत वाली थी. मैंने कियारा से पूछा- क्या उन्होंने इससे पहले रेन सीक्वेंस शूट किया है. जवाब में कियारा ने कहा कि नहीं. बावजूद इसके जिस तरह से कियारा ने काम को लेकर डेडिकेशन दिखाई, उसने मुझे हैरान किया. कियारा ने फिल्म के लिए खुद को पूरी तरह समर्पित कर दिया। </p>
<p>यश ने कियारा की प्रेग्नेंसी की जर्नी पर कहा- उन्होंने प्रेग्नेंट होने के बाद भी फिल्म को 100 प्रतिशत कमिटमेंट के साथ पूरा किया है. शूटिंग के दौरान मैं और डायरेक्टर गीतू मोहनदास कियारा को लेकर चिंतित रहते थे. मैंने और गीतू ने सेट पर बाउंसर्स और बॉडीगार्ड की तरह कियारा का ध्यान रखा है. थैंक्यू कियारा, ये मूवी स्पेशल है। </p>
<p>टॉक्सिक में कियारा का प्रॉमिसिंग रोल है. उनके यश के साथ इंटीमेट सीन्स भी हैं. इसे लेकर इंटरनेट पर जमकर बवाल मचा. कियारा को शादी, बच्चा होने के बाद ऐसे सीन्स करने को लेकर ट्रोल किया गया. लेकिन एक्ट्रेस ने ट्रोल्स की परवाह नहीं की और खुद को पॉजिटिव बनाए रखा. फिल्म टॉक्सिक की शूटिंग के दौरान वो प्रेग्नेंट थीं. दिसंबर 2025 में कियारा ने बताया था कि उन्होंने प्रेग्नेंसी के दौरान करीब 7 महीने तक काम किया था। </p>
<p>शुरुआत में सिर्फ डायरेक्टर गीतू मोहनदास और प्रोड्यूसर को उनकी प्रेग्नेंसी के बारे में जानकारी थी. कियारा के मुताबिक, इमोशनल और चैलेंजिंग सीन्स की शूटिंग के दौरान वो अपने होने वाले बच्चे से बात किया करती थीं. कियारा की प्रेग्नेंसी का असर फिल्म के शूटिंग शेड्यूल पर भी पड़ा. ये फिल्म सिनेमाघरों में 26 अगस्त को रिलीज हो रही है। </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>19 साल बाद शिवम पंडित बन लौटे इमरान हाशमी, ‘आवारापन 2’ को मिला शानदार रिस्पॉन्स</title>
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<description><![CDATA[ इमरान हाशमी की फिल्म &#039;आवारापन 2&#039; का लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. 19 साल बाद इमरान शिवम पंडित बनकर लौट आए हैं. 14 अगस्त को फिल्म बड़े पर्दे पर रिलीज हो चुकी है. फिल्म का फर्स्ट रिव्यू भी सामने आ चुका है. आइए जानते हैं कि फैन्स ने शिवम पंडित के कमबैक को … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:17:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>साल, बाद, शिवम, पंडित, बन, लौटे, इमरान, हाशमी, ‘आवारापन, 2’, को, मिला, शानदार, रिस्पॉन्स</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>इमरान हाशमी की फिल्म 'आवारापन 2' का लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. 19 साल बाद इमरान शिवम पंडित बनकर लौट आए हैं. 14 अगस्त को फिल्म बड़े पर्दे पर रिलीज हो चुकी है. फिल्म का फर्स्ट रिव्यू भी सामने आ चुका है. आइए जानते हैं कि फैन्स ने शिवम पंडित के कमबैक को कैसा रिसपॉन्स दिया.</p>
<p><strong>थिएटर में छाए इमरान</strong><br>
रिलीज से पहले ही 'आवारापन 2' ने दर्शकों के बीच जबरदस्त माहौल बना दिया था. शुक्रवार की सुबह फिल्म ने सिनेमाघरों में दस्तक दी. फैन्स बिना देरी किए फिल्म देखने थिएटर पहुंचे. अब जैसे-जैसे पहले शो शुरू हुए एक्स (X) पर आ रही शुरुआती प्रतिक्रियाएं ज्यादातर फिल्म की तारीफ कर रही हैं. खासकर इसके इमोशनल असर और हाशमी के लंबे इंतजार के बाद हुए कमबैक की.</p>
<p>एक यूजर ने लिखा कि भाई, शुरुआत के 20 मिनट ही इतने इंगेजिंग हैं कि आप इमोशनली शिवम पांडित के साथ कनेक्ट हो जाओगे. एक अन्य दर्शक म्यूजिक से खास प्रभावित हुआ और पोस्ट किया कि आवारापन में ओरिजिनल सॉन्ग… पैसा वसूल हैं.  फैन्स थिएटर में इमरान हामशी को देखकर क्रेजी हो गए.</p>
<p>इमरान के एक फैन ने लिखा- उनके लुक्स सच में कत्ल कर रहे हैं, उनका चार्म, उनका ऑरा, वो बेफिक्र क्यूटनेस… सब कुछ बस है. आखिरकार #आवारापन 2 को पहले दिन पहले शो में देखना अविश्वसनीय लग रहा है. कुछ सितारे आपको एंटरटेन करते हैं, लेकिन इमरान का चार्म अलग तरह से हिट करता है.</p>
<p>एक और दर्शक ने क्लोजिंग क्रेडिट्स के वक्त के इमोशनल एक्सपीरियंस को बयां किया. फैन ने लिखा- मूवी के अंत में क्रेडिट्स देख रहे हो… इतना इमोशनल लग रहा है कि सब कुछ महसूस कर रहे हो, और तभी अचानक एहसास होता है कि वो सॉन्ग वाकई मूवी का हिस्सा है. ओह माय गॉड.</p>
<p>इमरान हाशमी और दिशा पाटनी की फिल्म को सिर्फ दर्शकों का ही नहीं, बल्कि फिल्म क्रिटिक्स भी अच्छा रिव्यू दे रहे हैं. 14 अगस्त को इमरान की फिल्म के साथ थिएटर में सनी देओल की 'बंटवारा 1947' भी रिलीज हुई है. दोनों फिल्मों की टक्कर देखने वाली होगी.</p>]]> </content:encoded>
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<title>सेलेना गोमेज पर निवेशकों ने किया मुकदमा, 10 करोड़ रुपये के निवेश का मामला</title>
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<description><![CDATA[ हॉलीवुड सिंगर और एक्ट्रेस सेलेना गोमेज के मेंटल हेल्थ स्टार्टअप वंडरमाइंड ग्लोबल में निवेश करने वाले कुछ लोगों ने उनके खिलाफ मुकदमा दायर किया है। जानिए क्यों एक्ट्रेस पर लगे हैं गंभीर आरोप। निवेशकों ने लगाया ये आरोप निवेशकों का आरोप है कि सेलेना गोमेज ने कंपनी को आगे बढ़ाने के लिए जो जिम्मेदारियां ली … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:17:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>सेलेना, गोमेज, पर, निवेशकों, ने, किया, मुकदमा, करोड़, रुपये, के, निवेश, का, मामला</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>हॉलीवुड सिंगर और एक्ट्रेस सेलेना गोमेज के मेंटल हेल्थ स्टार्टअप वंडरमाइंड ग्लोबल में निवेश करने वाले कुछ लोगों ने उनके खिलाफ मुकदमा दायर किया है। जानिए क्यों एक्ट्रेस पर लगे हैं गंभीर आरोप।</p>
<p><strong>निवेशकों ने लगाया ये आरोप</strong><br>
निवेशकों का आरोप है कि सेलेना गोमेज ने कंपनी को आगे बढ़ाने के लिए जो जिम्मेदारियां ली थीं, उन्हें पूरा नहीं किया। रिपोर्ट के मुताबिक, निवेशकों ने कंपनी में करीब 12 लाख डॉलर (लगभग 10 करोड़ रुपये) लगाए थे। अब उन्होंने अपना पैसा वापस दिलाने के साथ-साथ कानूनी खर्च की भरपाई की भी मांग की है।</p>
<p><strong>कंपनी को प्रमोट करने की थी जिम्मेदारी</strong></p>
<ul>
<li>वंडरमाइंड ग्लोबल की शुरुआत साल 2021 में हुई थी।</li>
<li>इसका मकसद लोगों को अपनी मानसिक सेहत और ‘मेंटल फिटनेस’ बेहतर करने में मदद करना था।</li>
<li>मुकदमे में निवेशकों ने दावा किया है कि उन्हें बताया गया था कि सेलेना कंपनी के मार्केटिंग हेड के तौर पर इसके विकास में सक्रिय भूमिका निभाएंगी।</li>
<li>उनका कहना है कि कंपनी के लिए एक मोबाइल ऐप तैयार करने समेत कई काम किए जाने थे, लेकिन ये वादे पूरे नहीं हुए।</li>
<li>निवेशकों का आरोप है कि सेलेना ने कंपनी के लिए काम करने का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था, लेकिन बाद में अपनी जिम्मेदारियां पूरी नहीं कीं।</li>
</ul>
<p><strong>कंपनी की हालत को लेकर भी सवाल</strong></p>
<ul>
<li>मुकदमे में निवेशकों ने कंपनी के कामकाज पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।</li>
<li>उनका दावा है कि कंपनी अपनी कई बुनियादी जिम्मेदारियां भी ठीक से पूरी नहीं कर पा रही थी।</li>
<li>इनमें कर्मचारियों और वेंडर्स को समय पर भुगतान करना भी शामिल था।</li>
<li>निवेशकों का कहना है कि उन्हें कंपनी की खराब स्थिति के बारे में काफी बाद में पता चला।</li>
<li>उनका दावा है कि सितंबर 2025 में एक ऑनलाइन खबर सामने आने के बाद उन्हें कंपनी की परेशानियों की जानकारी मिली।</li>
</ul>
<p><strong>निवेशकों ने मांगा पैसा और कानूनी खर्च</strong><br>
निवेशकों ने अब अदालत से अपने लगाए हुए पैसे वापस दिलाने की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने मुकदमे से जुड़े कानूनी खर्च की भरपाई की भी मांग की है।</p>
<p>फिलहाल सेलेना गोमेज की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि सेलेना और वंडरमाइंड ग्लोबल इन आरोपों पर क्या जवाब देते हैं।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>नोलन की फिल्म की एक्ट्रेस ने 16 साल बाद अपनाई नई पहचान, ट्रांसजेंडर मैन बनने के बाद बदला लुक</title>
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<description><![CDATA[ मुंबई  क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म &#039;द ओडिसी&#039; का दुनियाभर में डंका बज रहा है. सिनेमैटिक एक्सपीरिंयस देती इस फिल्म में कनाडा के फेमस एक्टर एलियट पेज (Elliot Page) ने एक योद्धा सिनोन का किरदार निभाया है. लेकिन क्या आप जानते हैं तकरीबन 16 साल बाद नोलन और एलियट ने साथ में काम किया है. इससे … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:17:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>नोलन, की, फिल्म, की, एक्ट्रेस, ने, साल, बाद, अपनाई, नई, पहचान, ट्रांसजेंडर, मैन, बनने, के, बाद, बदला, लुक</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंबई </strong></p>
<p>क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म 'द ओडिसी' का दुनियाभर में डंका बज रहा है. सिनेमैटिक एक्सपीरिंयस देती इस फिल्म में कनाडा के फेमस एक्टर एलियट पेज (Elliot Page) ने एक योद्धा सिनोन का किरदार निभाया है. लेकिन क्या आप जानते हैं तकरीबन 16 साल बाद नोलन और एलियट ने साथ में काम किया है. इससे पहले उन्होंने 2010 में आई फिल्म इंसेप्शन (Inception) में काम किया था. लेकिन उस समय उनका जेंडर अलग था। </p>
<p>नोलन की इंसेप्शन एक कल्ट क्लासिक फिल्म थी. एलियट पेज ने उस फिल्म में ग्रैजुएट स्टूडेंट एरियाड्नी का रोल निभाया था. पर आपको जानकर हैरानी होगी. उस समय एलियट पेज का नाम एलेन पेज (Ellen Page) था और उनकी जेंडर आइडैंटिटी एक महिला की थी. लेकिन इन बीते 16 वर्षों में एलेन की जर्नी में बड़ा ट्रांसफॉर्मेशन हुआ और वो एलेन से एलियट बन गए। </p>
<p><strong>एलेन से एलियट बनने की जर्नी</strong></p>
<p>एलेन अब एक ट्रांसजेंडर मैन हैं और उनका नाम अब एलियट है. दरअसल कोरोना काल के दौरान 2020 में उन्होंने अपनी सेक्सुअलिटी को पब्लिक किया था. उन्होंने इस पर खुलकर बात की थी और बताया था कि अब वो एलियट बन चुके हैं और इसके लिए उन्होंने टॉप सर्जरी कराई है. टॉप सर्जरी के प्रोसीजर में ब्रेस्ट टिश्यू को हटा दिया जाता है ताकि वे मैस्कुलिन नजर आए. ये एक तरह से जेंडर अफर्मिंग सर्जरी होती है. उनकी सोशल मीडिया पर कई सारी बेयर चेस्ट फोटोज देखने को मिलती हैं. एलियट ने ओपेरा विनफ्रे के शो में भी सर्जरी का जिक्र किया था। </p>
<p>उन्होंने कहा था कि अब जब मैं नहाकर बाहर आता हूं. कमर पर सिर्फ टॉवेल बंधा होता है. मैं खुद को आईने में देखकर कहता हूं- हां, यही मैं हूं. अब मुझे खुद को देखकर घबराहट या बेचैनी महसूस नहीं होती. उन्होंने इमोशनल होते हुए कहा- मैं अपने सीने को छू सकता हूं. शायद पहली बार मैं अपने शरीर में सहज महसूस कर रहा हूं. ये खुशी के आंसू हैं। </p>
<p>ट्रांसजेंडर मैन बनने से पहले एलियट खुद को लेस्बियन भी बता चुके थे. 14 फरवरी 2014 को एलियट ने खुद की पहचान लेस्बियन के तौर पर की थी. एलियट के मुताबिक, कोविड के दौरान उन्होंने खुद को करीब से जाना. अपने जेंडर को डिस्कवर किया. ट्रांसजेंडर मैन होने की अपनी पहचान रिवील करने का फैसला उन्होंने ट्रांसजेंडर विरोधी कमेंट्स सुनने के बाद किया. एलियट LGBTQIA+ अधिकारों के समर्थक हैं और उनके राइट्स और मेंटल हेल्थ को लेकर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं। </p>
<p>एलियट ने अपने जेंडर ट्रांजिशन को लेकर हमेशा खुलकर बात की है. उनके मुताबिक, ट्रांजिशन के बाद उन्हें पहली बार खुद की बॉडी में कंफर्टेबल फील हुआ है. अपनी बायोग्राफी पेजबॉय में एलियट ने लाइफ, करियर और ट्रांजिशन के एक्सपीरियंस पर बात की है। </p>
<p><strong>कैसी है पर्सनल लाइफ?</strong><br>
पर्सनल फ्रंट पर एलियट तलाकशुदा हैं. उन्होंने ओलिविया थिर्ल्ब्य, केट मारा को डेट किया है फिर 2018 में एलियट ने डांसर-कोरियोग्राफर एमा पोर्टनर संग शादी का खुलासा किया. ये रिश्ता लंबा नहीं चला. 2021 में उनका तलाक हुआ. मगर आज भी दोनों अच्छे दोस्त हैं. 2025 में एलियट ने एक्ट्रेस Julia Shiplett संग रिश्ते में होने की बात कही। </p>
<p>एलियट बचपन से काम कर रहे हैं. उन्होंने 10 साल की उम्र में पहली बार एक्टिंग की. उनकी हिट मूवीज में जूनो, इंसेप्शन, एक्स मैन सीरीज, हार्ड कैंडी शामिल हैं। </p>]]> </content:encoded>
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<title>रोहित शर्मा के संन्यास पर अश्विन की बड़ी भविष्यवाणी, मुंबई इंडियंस में मिल सकता है बड़ा रोल</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली टीम इंडिया के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा का क्रिकेट करियर अब अपने आखिरी पड़ाव पर है. टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले चुके रोहित के ओडीआई करियर को लेकर भी अटकलों का बाजार गर्म है. इस बीच भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने रोहित को लेकर बड़ी भविष्यवाणी की है. … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:16:46 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>रोहित, शर्मा, के, संन्यास, पर, अश्विन, की, बड़ी, भविष्यवाणी, मुंबई, इंडियंस, में, मिल, सकता, है, बड़ा, रोल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा का क्रिकेट करियर अब अपने आखिरी पड़ाव पर है. टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले चुके रोहित के ओडीआई करियर को लेकर भी अटकलों का बाजार गर्म है. इस बीच भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने रोहित को लेकर बड़ी भविष्यवाणी की है. अश्विन के मुताबिक संन्यास लेते ही रोहित को मुंबई इंडियंस (MI) में कोई बड़ा रोल मिल सकता है. रोहित की कप्तानी में मुंबई इंडियंस ने पांच बार आईपीएल का खिताब जीता l  </p>
<p>आर. अश्विन का मानना है कि इतने सफल कप्तान और बेहतरीन क्रिकेटिंग दिमाग वाले खिलाड़ी को रिटायरमेंट के बाद फ्रेंचाइजी से दूर जाने देना बड़ी चूक हो सकती है. अपने यूट्यूब चैनल पर अश्विन ने रोहित और विराट कोहली के रिटायरमेंट के बाद कोचिंग में आने की संभावनाओं पर बात की. इस दौरान उन्होंने रोहित को लेकर मुंबई इंडियंस को खास सलाह दी l</p>
<p>आर. अश्विन ने कहा, 'अगर कल रोहित फैसला करते हैं कि अब मैं नहीं खेलूंगा तो मुंबई इंडियंस को तुरंत उन्हें अपने साथ जोड़ लेना चाहिए. पांच खिताब जीतने वाला कप्तान और भारत को वर्ल्ड कप जिताने वाला लीडर आपको आसानी से नहीं मिलेगा.' अश्विन के मुताबिक रोहित को जरूरी नहीं कि सीधे हेड कोच की जिम्मेदारी ही दी जाए. वह मेंटर या किसी दूसरी महत्वपूर्ण भूमिका में भी टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं l</p>
<p>आर. अश्विन ने माना कि हेड कोच की भूमिका काफी मेहनत और समय मांगती है. ऐसे में संभव है कि रोहित शर्मा अपना खेल करियर खत्म होने के तुरंत बाद इतनी बड़ी जिम्मेदारी नहीं लेना चाहें. उन्होंने राहुल द्रविड़ का उदाहरण देते हुए कहा कि रोहित एक-दो साल का ब्रेक लेकर क्रिकेट में दूसरी भूमिका के साथ वापसी कर सकते हैं. अश्विन का मानना है कि आने वाले समय में फ्रेंचाइजी क्रिकेट में सिर्फ हेड कोच की भूमिका तक विकल्प सीमित नहीं रहेंगे. मेंटर, डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट और हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर जैसे पदों पर भी पूर्व खिलाड़ियों की मांग बढ़ेगी l  </p>
<p><strong>अश्विन ने कोहली को लेकर क्या कहा?</strong><br>
रोहित शर्मा का मुंबई इंडियंस के साथ रिश्ता सिर्फ एक खिलाड़ी तक सीमित नहीं रहा है. उनकी कप्तानी में एमआई आईपीएल की सबसे सफल टीमों में शामिल हुई. यही वजह है कि अश्विन उनकी रणनीतिक समझ को फ्रेंचाइजी के लिए बड़ी संपत्ति मानते हैं. अश्विन ने कहा कि मुंबई इंडियंस जैसी फ्रेंचाइजी रोहित की सोच और क्रिकेट की समझ रखने वाले खिलाड़ी को आसानी से अपने हाथ से नहीं जाने देगी. अश्विन ने विराट कोहली के भविष्य पर भी अपनी राय रखी. हालांकि उन्हें नहीं लगता कि कोहली अपना खेल करियर खत्म करते ही कोचिंग में उतर जाएंगे l  </p>
<p>आर. अश्विन कहते हैं, 'मुझे नहीं लगता कि विराट तुरंत कोच बनने के लिए तैयार होंगे. दोनों ने बहुत मेहनत की है. शायद रोहित मुंबई इंडियंस में किसी भूमिका में आ सकते हैं. विराट को लेकर मैं निश्चित नहीं हूं. मेरी राय में विराट शायद कुछ समय के लिए ब्रेक लेना चाहेंगे.' अश्विन का मानना है कि लंबे इंटरनेशनल करियर और लगातार क्रिकेट खेलने के बाद दोनों दिग्गज कुछ समय मैदान से दूर रहना पसंद कर सकते हैं l </p>]]> </content:encoded>
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<title>BCCI में बड़े बदलाव की तैयारी, डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट बन सकते हैं वीवीएस लक्ष्मण</title>
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<description><![CDATA[ भारतीय क्रिकेट में एक बार फिर बड़े प्रशासनिक और क्रिकेटिंग बदलाव की चर्चा तेज हो गई है. पूर्व भारतीय बल्लेबाज और BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण को बोर्ड में एक बड़ी जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, लक्ष्मण को डायरेक्टर ऑफ … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:16:42 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>BCCI, में, बड़े, बदलाव, की, तैयारी, डायरेक्टर, ऑफ, क्रिकेट, बन, सकते, हैं, वीवीएस, लक्ष्मण</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>भारतीय क्रिकेट में एक बार फिर बड़े प्रशासनिक और क्रिकेटिंग बदलाव की चर्चा तेज हो गई है. पूर्व भारतीय बल्लेबाज और BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण को बोर्ड में एक बड़ी जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, लक्ष्मण को डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट बनाया जा सकता है.</p>
<p>अगर यह प्रस्ताव अमल में आता है तो लक्ष्मण की भूमिका सिर्फ CoE तक सीमित नहीं रहेगी. वह भारतीय क्रिकेट के अलग-अलग अहम हिस्सों के बीच समन्वय करने वाली बड़ी जिम्मेदारी संभाल सकते हैं.</p>
<p>हालांकि, अभी BCCI की तरफ से लक्ष्मण की नियुक्ति को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. साथ ही यह भी साफ नहीं है कि अगर यह पद बनाया जाता है तो इसकी सटीक जिम्मेदारियां क्या होंगी.</p>
<p><strong>सितंबर में क्यों हो सकता है बड़ा बदलाव?</strong><br>
BCCI के लिए सितंबर का समय काफी अहम माना जा रहा है. बोर्ड में कुछ महत्वपूर्ण पदों और व्यवस्थाओं को लेकर बदलाव की चर्चा चल रही है. इसी दौरान चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर के कार्यकाल को लेकर भी फैसला अहम होगा.</p>
<p>हालांकि, अगरकर के कार्यकाल को आगे बढ़ाने की संभावनाओं की खबरें पहले भी सामने आ चुकी हैं. अप्रैल 2026 की एक रिपोर्ट में BCCI द्वारा उन्हें 2027 वनडे वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए बनाए रखने की बात कही गई थी. ऐसे में सितंबर में सेलेक्शन कमेटी और टीम मैनेजमेंट से जुड़े फैसले भारतीय क्रिकेट के अगले दौर की दिशा तय कर सकते हैं.</p>
<p><strong>लक्ष्मण को क्यों मिल सकती है यह जिम्मेदारी?</strong><br>
वीवीएस लक्ष्मण लंबे समय से भारतीय क्रिकेट के सिस्टम का अहम हिस्सा रहे हैं. वह BCCI के CoE में खिलाड़ियों के डेवलपमेंट और हाई-परफॉर्मेंस प्रोग्राम से जुड़े हुए हैं.</p>
<p>CoE में उनकी भूमिका सिर्फ सीनियर खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है. वह भारतीय क्रिकेट के पूरे स‍िस्टम से जुड़े खिलाड़ियों के साथ काम करते हैं. इसमें यंग क्रिकेटरों से लेकर सीनियर टीम के खिलाड़ियों तक का विकास शामिल है.</p>
<p>गौतम गंभीर भी 2026 टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद लक्ष्मण के योगदान की तारीफ कर चुके हैं. उन्होंने CoE को भारतीय क्रिकेट की पाइपलाइन बताते हुए कहा था कि लक्ष्मण पर्दे के पीछे काफी अहम काम कर रहे हैं. यही अनुभव डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट जैसी व्यापक भूमिका के लिए लक्ष्मण को मजबूत उम्मीदवार बनाता है.</p>
<p><strong>डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट बनने पर क्या होगा लक्ष्मण का काम?</strong><br>
डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट का पद अगर BCCI के मौजूदा ढांचे में शामिल किया जाता है तो यह भारतीय क्रिकेट के लिए काफी प्रभावशाली भूमिका हो सकती है.</p>
<p>संभावित तौर पर लक्ष्मण को टीम इंडिया, चयनकर्ताओं, कोचिंग स्टाफ, CoE और खिलाड़ी विकास से जुड़े प्रोगाम के बीच बेहतर तालमेल बनाने की जिम्मेदारी मिल सकती है.</p>
<p>उनकी भूमिका में नए टैलेंट की पहचान, खिलाड़ियों के डेवलपमेंट, हाई-परफॉर्मेंस प्लानिंग और भारतीय क्रिकेट के आगे के रास्ते को मजबूत करना जैसे क्षेत्र शामिल हो सकते हैं.</p>
<p>यानी यह पद सिर्फ एक प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं होगा. इसका सीधा असर इस बात पर पड़ सकता है कि भारतीय क्रिकेट के यंग खिलाड़ियों को सीनियर टीम तक पहुंचाने और उनके विकास का सिस्टम किस तरह काम करता है.</p>
<p><strong>टीम इंडिया के साथ भी लक्ष्मण का पुराना कनेक्शन</strong><br>
लक्ष्मण के लिए यह भूमिका पूरी तरह नई दिशा नहीं होगी. वह पहले भी जरूरत पड़ने पर भारतीय टीम के साथ स्टैंड-इन कोच की भूमिका निभा चुके हैं.हाल ही में उन्होंने जिम्बाब्वे दौरे पर युवा भारतीय टीम की कमान बतौर अंतरिम कोच संभाली थी. भारत ने उनकी निगरानी में तीन मैचों की टी20 सीरीज 3-0 से अपने नाम की.</p>
<p>यह लक्ष्मण का पहला ऐसा कार्यकाल नहीं था. पिछले कुछ वर्षों में वह अलग-अलग मौकों पर भारतीय टीम के साथ कोचिंग की जिम्मेदारी निभाते रहे हैं. जिम्बाब्वे सीरीज के बाद लक्ष्मण ने खुद साफ किया था कि वह गौतम गंभीर और सीनियर सपोर्ट स्टाफ की गैरमौजूदगी में जिम्मेदारी निभा रहे थे और यह उनके CoE रोल का हिस्सा रहा है.</p>
<p><strong>2024 में कोच बनने से क्यों पीछे हटे थे लक्ष्मण?</strong><br>
दिलचस्प बात यह है कि 2024 में राहुल द्रविड़ के बाद भारतीय टीम के हेड कोच पद के लिए लक्ष्मण का नाम सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल था. हालांकि, उन्होंने उस जिम्मेदारी को स्वीकार करने के बजाय CoE के साथ बने रहने का फैसला किया.</p>
<p>लक्ष्मण उस समय से भारतीय क्रिकेट के खिलाड़ी विकास सिस्टम पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं. हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने खुद भी बताया है कि 2024 में द्रविड़ के बाद हेड कोच की भूमिका नहीं लेने के पीछे उनकी प्राथमिकताएं अलग थीं और उन्होंने CoE में काम जारी रखना चुना.</p>
<p>अब अगर उन्हें डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट की जिम्मेदारी मिलती है तो यह उनके मौजूदा काम का ही कहीं ज्यादा बड़ा और व्यापक रूप माना जा सकता है.</p>
<p><strong>CoE को लेकर भी लक्ष्मण ने रखा है अपना पक्ष</strong><br>
पिछले कुछ समय से भारतीय खिलाड़ियों की लगातार चोटों के बीच BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर भी सवाल उठे हैं. ऐसे में लक्ष्मण ने CoE की भूमिका को लेकर सफाई दी थी.</p>
<p>उन्होंने कहा था कि CoE को सिर्फ खिलाड़ियों के रिहैबिलिटेशन सेंटर के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. उनके मुताबिक, इसका काम इससे कहीं व्यापक है और खिलाड़ी विकास, फिटनेस तथा भारतीय क्रिकेट के पूरे सिस्टम के साथ इसका संबंध है.</p>
<p>डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट की जिम्मेदारी मिलने पर इसी अनुभव का इस्तेमाल भारतीय क्रिकेट के अलग-अलग विभागों को एक साथ जोड़ने में किया जा सकता है.</p>
<p><strong>लक्ष्मण की नई भूमिका कितनी बड़ी होगी?</strong><br>
अगर BCCI आखिरकार डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट का पद बनाकर लक्ष्मण को इसकी जिम्मेदारी देता है तो यह उनके करियर में एक बड़ा बदलाव होगा. फिलहाल वह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के जरिए भारतीय क्रिकेट की अगली पीढ़ी तैयार करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं. नई जिम्मेदारी मिलने पर उनका दायरा सीनियर टीम, सेलेक्शन कमेटी, कोचिंग स्टाफ और प्लेयर डेवलपमेंट प्रोग्राम तक फैल सकता है.</p>
<p>सबसे अहम बात यह होगी कि इस भूमिका का ढांचा BCCI किस तरह तैयार करता है. अभी नियुक्ति और जिम्मेदारियों पर अंतिम फैसला बाकी है. लेकिन लक्ष्मण के लंबे क्रिकेटिंग अनुभव, CoE में उनके काम और टीम इंडिया के साथ उनके लगातार जुड़ाव को देखते हुए डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट का संभावित रोल भारतीय क्रिकेट में उन्हें पहले से कहीं ज्यादा प्रभावशाली स्थिति में ला सकता है.</p>]]> </content:encoded>
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<title>श्रीलंका टेस्ट से पहले गिल का बड़ा संकेत, सिराज के साथ प्रसिद्ध कृष्णा संभालेंगे नई गेंद</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली भारत के कप्तान शुभमन गिल ने शनिवार से गॉल में श्रीलंका के खिलाफ शुरू हो रहे टेस्ट से पहले संकेत दिए हैं कि अनुभवी मोहम्मद सिराज के साथ प्रसिद्ध कृष्णा नई गेंद संभाल सकते हैं. हालांकि, उन्होंने कर्नाटक के तेज गेंदबाज प्रसिद्ध और युवा गुरनूर बरार में से किसी एक को चुनने को … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:16:39 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
भारत के कप्तान शुभमन गिल ने शनिवार से गॉल में श्रीलंका के खिलाफ शुरू हो रहे टेस्ट से पहले संकेत दिए हैं कि अनुभवी मोहम्मद सिराज के साथ प्रसिद्ध कृष्णा नई गेंद संभाल सकते हैं. हालांकि, उन्होंने कर्नाटक के तेज गेंदबाज प्रसिद्ध और युवा गुरनूर बरार में से किसी एक को चुनने को ‘मुश्किल फैसला’ बताया.</p>
<p>भारत इस मुकाबले में तीन बाएं हाथ के स्पिनर रवींद्र जडेजा, मानव सुथार और कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव के साथ उतर सकता है. तेज गेंदबाजी में सिराज की जगह लगभग तय है, जबकि बाकी तीन विकल्पों में प्रसिद्ध, गुरनूर और आकिब नबी शामिल हैं. नबी की दावेदारी फिलहाल कमजोर मानी जा रही है.</p>
<p>छह फुट पांच इंच लंबे गुरनूर की तुलना में प्रसिद्ध करीब एक इंच छोटे हैं, लेकिन उनके पास 7 टेस्ट का अनुभव और 25 विकेट हैं. गिल ने मैच की पूर्व संध्या पर कहा, 'गुरनूर पुरानी गेंद से शानदार गेंदबाजी करते हैं और अच्छी गति के साथ उछाल हासिल कर सकते हैं. लेकिन प्रसिद्ध भी हाल में अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं, जैसा कि हमने अभ्यास मैच में देखा. इसलिए यह मुश्किल फैसला है.'</p>
<p>जसप्रीत बुमराह के घुटने की चोट के कारण टीम से बाहर होने के बीच यह सीरीज प्रसिद्ध और गुरनूर जैसे गेंदबाजों के लिए खुद को साबित करने का बड़ा मौका है. गिल ने कहा, 'बुमराह यहां नहीं हैं, लेकिन यह किसी और के लिए आगे बढ़कर जिम्मेदारी संभालने का मौका है. आपको सिर्फ खेल की गति को समझना होता है.'</p>
<p><strong>पडिक्कल नंबर-3 पर, जुरेल को फिर मौका</strong><br>
बल्लेबाजी में साई सुदर्शन की गैरमौजूदगी में बाएं हाथ के देवदत्त पडिक्कल के नंबर-3 पर उतरने की उम्मीद है. वहीं, पिछले कुछ टेस्ट में खराब प्रदर्शन के बावजूद ध्रुव जुरेल को मध्यक्रम में एक और मौका मिलने की संभावना है.</p>
<p>युवा खिलाड़ियों पर भरोसा जताते हुए गिल ने कहा, 'खिलाड़ी अपने आप भी आगे बढ़ते हैं, हमें उन्हें समय देना होगा. कुछ खिलाड़ियों को थोड़ा वक्त चाहिए.'</p>
<p>साई सुदर्शन की फिटनेस को लेकर टीम प्रबंधन और बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के बीच कथित संवादहीनता की खबरों को भी गिल ने खारिज किया. उन्होंने कहा, 'उनसे लगातार बात होती रहती है. दुर्भाग्य से साई सुदर्शन उतना सुधार नहीं कर पाए, जितना हम चाहते थे. टेस्ट क्रिकेट में हम जोखिम नहीं ले सकते. लेकिन हमें अपने 15 खिलाड़ियों पर पूरा भरोसा है.'</p>
<p><strong>WTC फाइनल की दौड़ में वापसी पर नजर</strong><br>
टेस्ट कप्तानी संभालने के करीब एक साल बाद गिल ने कहा कि वह इस भूमिका में अब सहज महसूस करने लगे हैं. उनके मुताबिक, श्रीलंका सीरीज विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप की दौड़ में भारत को फिर पटरी पर लाने का मौका है.</p>
<p>उन्होंने कहा, 'अब मैं कप्तान की भूमिका में सहज हूं. हमारा लक्ष्य विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल की दौड़ में बने रहना है. इसके लिए हमें 6 या 7 टेस्ट जीतने होंगे. इसलिए हम यहां से शुरुआत करना चाहते हैं.'</p>
<p>श्रीलंका के खिलाफ पहला टेस्ट भारतीय क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक भी होगा. यह टेस्ट क्रिकेट में भारत का 600वां मुकाबला है. भारत ने 1932 में टेस्ट पदार्पण किया था. गिल ने कहा, '600वें टेस्ट में अपने देश की कप्तानी करना सम्मान की बात है और स्वतंत्रता दिवस पर ऐसा करना इसे और खास बना देता है.'</p>]]> </content:encoded>
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<title>डार्विन टेस्ट में भिड़े मिचेल स्टार्क और मेहदी हसन, अंपायर को करना पड़ा बीच&#45;बचाव</title>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:16:36 +0530</pubDate>
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<media:keywords>डार्विन, टेस्ट, में, भिड़े, मिचेल, स्टार्क, और, मेहदी, हसन, अंपायर, को, करना, पड़ा, बीच-बचाव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली </strong><br>
ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच डार्विन टेस्ट मैच के दूसरे दिन मैदान पर गरमागरमी भी देखने को मिली. ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क और बांग्लादेशी ऑलराउंडर मेहदी हसन मिराज आमने-सामने आ गए. दोनों के बीच कुछ देर तक तीखी बातचीत हुई, जिसके बाद अंपायर कुमार धर्मसेना को बीच-बचाव करना पड़ा.</p>
<p>यह घटना बांग्लादेश की पहली पारी के 103वें ओवर में हुई. मामला बल्लेबाज के पिच के डेंजर एरिया में चलने को लेकर शुरू हुआ. मिचेल स्टार्क इससे नाराज हो गए और उन्होंने मेहदी हसन मिराज को तुरंत वहां से हटने के लिए कहा. दोनों खिलाड़ियों के बीच हुई बातचीत स्टम्प माइक में भी रिकॉर्ड हो गई.</p>
<p>मिचेल स्टार्क ने उस ओवर में पांचवीं गेंद ऑफ स्टंप के बाहर बैक ऑफ लेंथ गेंद डाली. मिराज ने इसे शॉर्ट थर्ड मैन की दिशा में खेलकर एक रन पूरा किया. रन लेने के बाद मिराज पिच के उस हिस्से से गुजरते दिखाई दिए, जिसे गेंदबाजों और बल्लेबाजों के फुटमार्क से बचाने के लिए संरक्षित रखा जाता है. अपने फॉलो-थ्रू के दौरान यह देखकर स्टार्क नाराज हो गए. स्टार्क सीधे मिराज के पास पहुंचे और खरी-खोटी सुनाई. स्टार्क ने कहा, 'यह मेरा फॉलो-थ्रू है, तुम्हारा नहीं. विकेट से हटो.'<br>
यह भी पढ़ें: डार्व‍िन टेस्ट के दूसरे द‍िन भी बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेल‍िया को रगड़ा, तंजीद हसन-नजमुल शांतो का बल्ले से धमाका</p>
<p>मिचेल स्टार्क की बात का मिराज ने भी जवाब दिया, जिसके बाद कुछ पल के लिए माहौल गर्म हो गया. दोनों खिलाड़ी आमने-सामने बातचीत करते रहे. स्थिति ज्यादा बिगड़ती, उससे पहले ऑन-फील्ड अंपायर कुमार धर्मसेना वहां पहुंच गए. उन्होंने दोनों को अलग किया और मामला शांत कराया. इसके बाद मुकाबला आगे बढ़ा. मैच में पहले से ही ऑस्ट्रेलिया दबाव में था और बांग्लादेश लगातार अपनी स्थिति मजबूत कर रहा था. ऐसे में मैदान पर बढ़ता तनाव भी मेजबान टीम की निराशा को दिखा रहा था.</p>
<p>इससे पहले बांग्लादेश के गेंदबाजों ने पहले दिन शानदार प्रदर्शन किया था. ऑस्ट्रेलियाई टीम अपनी पहली पारी में महज 198 रनों पर सिमट गई थी. तेज गेंदबाज हसन महमूद ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे बड़ी मुसीबत साबित हुए. उन्होंने छह विकेट झटककर मेजबान बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी.</p>
<p>दूसरे दिन बांग्लादेश ने अपनी मजबूत शुरुआत का पूरा फायदा उठाया. तंजीद हसन तमीम ने शानदार 101 रन बनाए. तमीम ऑस्ट्रेलियाई धरती पर टेस्ट शतक लगाने वाले बांग्लादेश के पहले बल्लेबाज भी बने. कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने भी 84 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली. इन पारियों की बदौलत बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया पर बड़ी बढ़त हासिल कर ली.</p>
<p>दूसरे दिन स्टप्स तक बांग्लादेश ने छह विकेट पर 351 रन बना लिए और उसकी बढ़त 153 रनों की हो गई है. मेहदी हसन मिराज 32 और हसन महमूद 13 रन बनाकर नाबाद रहे. अब तीसरे दिन बांग्लादेश की कोशिश इस बढ़त को और बड़ा करने की होगी, जबकि ऑस्ट्रेलिया जल्द से जल्द बाकी चार विकेट निकालकर मैच में वापसी करना चाहेगा.</p>]]> </content:encoded>
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<title>मनप्रीत सिंह का आखिरी वर्ल्ड कप, 51 साल बाद भारत को चैंपियन बनाने का सपना</title>
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<description><![CDATA[  नई दिल्‍ली मेंस हॉकी विश्व कप 2026 की शुरुआत 15 अगस्त से हो रही है और यह 30 अगस्त 2026 तक संयुक्त रूप से वेवरे (बेल्जियम) और अम्स्टेलवीन (नीदरलैंड) में खेला जाएगा। पहले ही दिन भारतीय टीम का सामना वेल्‍स से होगा। हॉकी वर्ल्ड कप में शायद अपने आखिरी कैंपेन की तैयारी कर रहे अनुभवी … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:16:32 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>मनप्रीत, सिंह, का, आखिरी, वर्ल्ड, कप, साल, बाद, भारत, को, चैंपियन, बनाने, का, सपना</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्‍ली</strong><br>
मेंस हॉकी विश्व कप 2026 की शुरुआत 15 अगस्त से हो रही है और यह 30 अगस्त 2026 तक संयुक्त रूप से वेवरे (बेल्जियम) और अम्स्टेलवीन (नीदरलैंड) में खेला जाएगा। पहले ही दिन भारतीय टीम का सामना वेल्‍स से होगा।</p>
<p>हॉकी वर्ल्ड कप में शायद अपने आखिरी कैंपेन की तैयारी कर रहे अनुभवी भारतीय मिड-फील्डर मनप्रीत सिंह का कहना है कि वह इसे यादगार बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। वह भारत को 51 साल बाद पहली बार खिताब जिताने में अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं। दो बार ओलंपिक मेडल जीत चुके मनप्रीत अपना चौथा वर्ल्ड कप खेलेंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह टूर्नामेंट बहुत खास है क्योंकि भारत 1975 में मिली अपनी एकमात्र जीत के बाद एक और जीत हासिल करने की कोशिश कर रहा है। मनप्रीत ने JioStar पर कहा, "यह वर्ल्ड कप मेरे लिए बहुत मायने रखता है क्योंकि यह मेरा चौथा वर्ल्ड कप है। हमने लगातार ओलंपिक मेडल जीते हैं, लेकिन वर्ल्ड कप मेडल अभी भी हमारी झोली में नहीं आया है। हर खिलाड़ी का सपना होता है कि उसके पास दोनों मेडल हों।"<br>
उन्‍होंने कहा, "मेरे लिए यह मेरा आखिरी वर्ल्ड कप हो सकता है, इसलिए मैं इसी सोच के साथ इसमें हिस्सा ले रहा हूं। मैं वह हासिल करने के लिए पूरी तरह तैयार हूं जो हमने अब तक नहीं किया है। हमें इमोशनली बैलेंस्ड रहना होगा, अपनी भूमिकाओं पर टिके रहना होगा और डिसिप्लिन के साथ खेलना होगा। इसी से हमें जीतने का सबसे अच्छा मौका मिलेगा।"</p>
<p>उन्होंने कहा, "टीम के पास आगे तक जाने का अनुभव और टैलेंट है। हमने अच्छी तैयारी की है और हमारा भरोसा भी बहुत ज्‍यादा है। हमने ओलंपिक मेडल जीते हैं और अब वर्ल्ड कप में भी आगे तक जाने का समय आ गया है। मुझे पूरा भरोसा है कि हम वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचेंगे। टीम पूरे भरोसे के साथ खेल रही है और हर ट्रेनिंग सेशन में अपना 100 परसेंट दे रही है।"</p>
<p>मनप्रीत सिंह ने कहा, "कैंप में जबरदस्त जोश है और टीम का हर सदस्य कुछ खास करने के लिए पूरी तरह तैयार है। मुझे पूरा भरोसा है कि हम फाइनल में जगह बनाएंगे।" भारत को वेल्स, इंग्लैंड और पाकिस्तान के साथ पूल D में रखा गया है। वे शनिवार को वेल्स के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेंगे।</p>
<p>    पूल A: नीदरलैंड, अर्जेंटीना, न्यूजीलैंड, जापान।<br>
    पूल B: बेल्जियम, जर्मनी, फ्रांस, मलेशिया।<br>
    पूल C: ऑस्ट्रेलिया, स्पेन, आयरलैंड, दक्षिण अफ्रीका।<br>
    पूल D: भारत, इंग्लैंड, पाकिस्तान, वेल्स।</p>
<p>पूर्व कप्तान ने कहा कि भारत किसी भी विरोधी टीम को कमजोर नहीं समझ सकता। टूर्नामेंट से पहले टीम ने फिटनेस और डिफेंस, दोनों पर काम किया है। उन्होंने कहा, "मुझे इस टीम पर पूरा भरोसा है। हर कोई वर्ल्ड कप के लिए उत्साहित और तैयार है। हमने पिछले टूर्नामेंटों से सीखा है कि ऐसे टूर्नामेंट में किसी भी टीम को हल्के में नहीं लिया जा सकता।"</p>
<p>उन्‍होंने कहा, "हमारी टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा तालमेल है। कप्तान हरमनप्रीत सिंह, मनदीप सिंह और मेरे जैसे सीनियर खिलाड़ियों ने युवा खिलाड़ियों के साथ अपने अनुभव साझा किए हैं, जैसे कि क्या काम आया, क्या नहीं, और हर मैच में पूरी एकाग्रता के साथ कैसे खेलना है।"</p>
<p>मनप्रीत ने कहा, "हमारे कोच ने फिटनेस पर जोर दिया है क्योंकि हम जानते हैं कि फिट रहने से हमें सबसे अच्छे खिलाड़ियों के खिलाफ मुकाबला करने में मदद मिलती है। हमने अपने डिफ़ेंस पर भी कड़ी मेहनत की है। एक मज़बूत डिफ़ेंस हमें अटैक करने और गेम पर कंट्रोल करने का कॉन्फ़िडेंस देता है।" मनप्रीत ने यह भी कहा कि भारत पर अपने विरोधियों, जिसमें उनके सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान भी शामिल हैं, की प्रतिष्ठा का कोई असर नहीं पड़ेगा।</p>
<p>उन्होंने कहा, "हम किसके खिलाफ खेल रहे हैं, चाहे वह पाकिस्तान हो या कोई और टीम, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता; हम अपने गेम प्लान पर ही टिके रहते हैं। हम विरोधी टीम के नाम या प्रतिष्ठा के चक्कर में नहीं पड़ते। हॉकी एक टीम स्पोर्ट है। अगर कोई एक खिलाड़ी सब कुछ अकेले करने की कोशिश करता है, तो इससे टीम को नुकसान हो सकता है। हमें एक-दूसरे पर भरोसा करना चाहिए और एक यूनिट के तौर पर खेलना चाहिए।"</p>]]> </content:encoded>
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<title>UFC 330 में खिताब बचाने उतरेंगी मैकेंजी डर्न, रॉबर्टसन से होगी जोरदार टक्कर</title>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:16:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>UFC, 330, में, खिताब, बचाने, उतरेंगी, मैकेंजी, डर्न, रॉबर्टसन, से, होगी, जोरदार, टक्कर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप (यूएफसी) 330 में महिला स्ट्रावेट चैंपियन मैकेंजी डर्न रविवार को कनाडा की जिलियन ‘द सैवेज’ रॉबर्टसन के विरुद्ध अपने खिताब की रक्षा करने उतरेंगी। दोनों ही फाइटर्स जिउ जित्सु में पारंगत हैं और ऐसे में इस मुकाबले में जमीन पर पकड़ बनाने की जंग देखने को मिल सकती है। डर्न का कहना है कि वह अपना खिताब (बेल्ट) बचाने के लिए सबकुछ झोंक देंगी। इस फाइट का प्रसारण भारत में सुबह 6:30 बजे सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा।</p>
<p>डर्न के लिए चैंपियन बनने के बाद यह पहला खिताबी मुकाबला है। इसको लेकर उन्होंने दैनिक जागरण से विशेष बातचीत की। डर्न ने कहा कि चैंपियन बनने के बाद उन पर पहले जैसा दबाव नहीं है। अब बेल्ट मेरी है और कोई इसे मुझसे छीनने आ रहा है। इसलिए मैं इसे बचाने के लिए अपना सबकुछ दूंगी। रॉबर्टसन को यूएफसी की सबसे खतरनाक सबमिशन फाइटर्स में गिना जाता है। डर्न भी जिउ-जित्सु की विशेषज्ञ हैं और उन्होंने माना कि यह मुकाबला उनके लिए खास है। दोनों यह साबित करना चाहेंगी कि ग्राउंड गेम में कौन बेहतर है।</p>
<p><strong>रॉबर्टसन पर दबाव बनाना चाहेंगी डर्न</strong><br>
हालांकि डर्न मुकाबले को केवल जमीन पर लड़ने के बारे में नहीं सोच रही हैं। उन्होंने कहा कि उनकी स्ट्राइकिंग में काफी सुधार हुआ है और वह खड़े होकर भी रॉबर्टसन पर दबाव बनाना चाहेंगी। उनका लक्ष्य मुकाबले के हर हिस्से में बेहतर प्रदर्शन करना है। डर्न ने कहा, मैं उसे स्ट्राइकिंग में हराना चाहती हूं, फिर जरूरत पड़ने पर टेकडाउन लेकर जमीन पर मुकाबला करना चाहती हूं और अंत में सबमिशन हासिल करना चाहती हूं।</p>
<p>उन्होंने इस मुकाबले के लिए कुश्ती, जिउ-जित्सु और अपनी फिटनेस पर खास काम किया है। पांच राउंड तक चलने वाले मुकाबले के लिए उनकी कोशिश शुरुआती दौर से ही दबाव बनाए रखने की होगी।</p>
<p><strong>हार से डर्न को मिली है सीख</strong><br>
अपनी पिछली हार से मिली सीख पर डर्न ने कहा कि अब वह भावनाओं में बहकर जल्दबाजी नहीं करतीं। उन्होंने सीखा है कि मुकाबले में धैर्य रखना और सही समय पर हमला करना जरूरी है। रॉबर्टसन को लेकर डर्न ने कहा कि वह बेहद मजबूत और जुझारू फाइटर हैं। मुझे पता है कि वह आसानी से हार नहीं मानेंगी। यही वजह है कि यह मुकाबला काफी अच्छा होने वाला है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>अभिषेक पोरेल को कोर्ट से झटका, जमानत खारिज कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली बंगाल और दिल्ली कैपिटल्स के विकेटकीपर-बल्लेबाज अभिषेक पोरेल की मुश्किलें बढ़ गई हैं. चिनसुरा कोर्ट ने सोमवार को उन्हें जमानत देने से इनकार करते हुए 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. पोरेल को मोगरा पुलिस ने एक युवती की शिकायत पर गिरफ्तार किया है. शिकायत में शादी का वादा कर यौन … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:16:26 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>अभिषेक, पोरेल, को, कोर्ट, से, झटका, जमानत, खारिज, कर, दिन, की, न्यायिक, हिरासत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
बंगाल और दिल्ली कैपिटल्स के विकेटकीपर-बल्लेबाज अभिषेक पोरेल की मुश्किलें बढ़ गई हैं. चिनसुरा कोर्ट ने सोमवार को उन्हें जमानत देने से इनकार करते हुए 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. पोरेल को मोगरा पुलिस ने एक युवती की शिकायत पर गिरफ्तार किया है. शिकायत में शादी का वादा कर यौन संबंध बनाने और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए गए हैं.</p>
<p>23 साल के पोरेल को इससे पहले 11 अगस्त को अदालत में पेश किया गया था, जहां उन्हें तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया था. पुलिस हिरासत की अवधि पूरी होने के बाद सोमवार को उन्हें दोबारा अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत का आदेश आया.</p>
<p>मामला 23 जून से चल रही जांच से जुड़ा है. कर्नाटक में मेडिकल की पढ़ाई कर रही एक युवती ने उसी दिन मोगरा थाने में पोरेल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों करीब साढ़े तीन साल से रिश्ते में थे, शादी की योजना बना चुके थे और साथ में विदेश यात्रा भी कर चुके थे.</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, करीब 18 महीने पहले दोनों के बीच विवाद हुआ था और उस समय भी पुलिस तक मामला पहुंचा था, लेकिन तब एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी.</p>
<p>इसके बाद पुलिस ने पोरेल के चंदननगर स्थित घर पर कई बार दबिश दी, लेकिन वह नहीं मिले. शिकायतकर्ता ने बाद में कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया. हाई कोर्ट ने मोगरा पुलिस को पोरेल को तत्काल गिरफ्तार करने का निर्देश दिया. इसके बाद पुलिस ने उन्हें कोलकाता से गिरफ्तार किया और विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया.</p>
<p>पोरेल बंगाल के नियमित खिलाड़ी हैं और आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा रहे हैं. हालांकि, इस समय क्रिकेट से इतर यह कानूनी मामला उनके लिए बड़ी परेशानी बन गया है. अदालत ने अब उन्हें अगली सुनवाई तक न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया है.<br>
 </p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>Maruti Suzuki की नई Micro SUV मचाएगी तहलका! ₹6 लाख में लॉन्च की तैयारी, Punch&#45;Exter को देगी टक्कर</title>
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<description><![CDATA[ मुंबई  छोटे साइज की एसयूवी भारतीय मार्केट में बीते कुछ सालों से खूब खरीदी जा रही हैं। लगभग हर कंपनी ने माइक्रो और कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट में अपना प्रोडक्ट पेश किया है। टाटा पंच और ह्यून्दे एक्सटर इनमें से सबसे ज्यादा बिकने वाली कारें बनी हुई हैं। अब मारुति सुजुकी भी माइक्रो एसयूवी सेगमेंट में … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:16:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Maruti, Suzuki, की, नई, Micro, SUV, मचाएगी, तहलका, ₹6, लाख, में, लॉन्च, की, तैयारी, Punch-Exter, को, देगी, टक्कर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंबई </strong></p>
<p>छोटे साइज की एसयूवी भारतीय मार्केट में बीते कुछ सालों से खूब खरीदी जा रही हैं। लगभग हर कंपनी ने माइक्रो और कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट में अपना प्रोडक्ट पेश किया है। टाटा पंच और ह्यून्दे एक्सटर इनमें से सबसे ज्यादा बिकने वाली कारें बनी हुई हैं। अब मारुति सुजुकी भी माइक्रो एसयूवी सेगमेंट में अपनी नई कार लॉन्च करने वाली है। ये नई एंट्री लेवल मारुति एसयूवी होगी जिसकी कीमत करीब 6 लाख रुपये होगी। कुल मिलाकर आपके सामने अब मारुति सुजुकी बलेनो और फ्रॉन्क्स के बजट से भी सस्ती माइक्रो एसयूवी होगी जो निश्चित ही बिक्री में बड़ा इजाफा करेगी।</p>
<p><strong>कब तक हो सकती है लॉन्च</strong><br>
रिपोर्ट्स की मानें तो मारुति सुजुकी आने वाले करीब 2 साल में कंपनी इस एसयूवी को भारतीय मार्केट में लॉन्च करने वाली है। ये एंट्री लेवल विकल्प टाटा पंच और ह्यून्दे एक्सटर से मुकाबला करेगा। हालांकि अगर आप जल्द कोई माइक्रो या कॉम्पैक्ट एसयूवी खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो इस कार का इंतजार आपको लंबा पड़ सकता है। जानकारी के मुताबिक मारुति सुजुकी 2026 या इसके बाद कहीं बिल्कुल नई इस कार को लॉन्च करने वाली है, हालांकि इसके लॉन्च में कुछ जल्दी भी हो सकती है।</p>
<p><strong>कितना दमदार होगा इंजन</strong><br>
मारुति सुजुकी की नई माइक्रो एसयूवी फिलहाल डेवेलपमेंट की संभवतः पहली स्टेज में है, लेकिन कितनी दमदार होगी ये कयास लगाया जा सकता है। हमारा मानना है कि इसे बॉक्सी डिजाइन के साथ माइक्रो एसयूवी वाले तमाम पुर्जे दिए जाएंगे। अनुमान लगाया जा रहा है कि नई मारुति एसयूवी फ्रॉन्क्स और ग्रैंड विटारा जैसे लुक में आएगी। कंपनी इसके साथ 1.2-लीटर नेचुरली एस्पिरेटेड इंजन देगी, वहीं कार को 1.0-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन भी विकल्प में दिया जा सकता है। इसके साथ बड़ा इंफोटेनमेंट सिस्टम, 360 डिग्री कैमरा, 6 एयरबैग और डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर जैसे कई फीचर्स मिल सकते हैं।</p>]]> </content:encoded>
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<title>RSS को शाखा लगाने के लिए लेनी होगी सरकारी मंजूरी? कर्नाटक के नए बिल से गरमाई सियासत</title>
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<description><![CDATA[ बेंगलुरु   गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने बताया कि कर्नाटक कैबिनेट ने &#039;कर्नाटक सरकारी परिसरों और सार्वजनिक संपत्ति के उपयोग के नियमन विधेयक, 2026&#039; को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट बैठक के बाद एक बयान में प्रियांक खरगे ने कहा कि इस विधेयक का मकसद निजी व्यक्तियों, संगठनों, संघों और सोसायटियों द्वारा सरकारी परिसरों और सार्वजनिक … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:16:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>RSS, को, शाखा, लगाने, के, लिए, लेनी, होगी, सरकारी, मंजूरी, कर्नाटक, के, नए, बिल, से, गरमाई, सियासत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>बेंगलुरु </strong><br>
 गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने बताया कि कर्नाटक कैबिनेट ने 'कर्नाटक सरकारी परिसरों और सार्वजनिक संपत्ति के उपयोग के नियमन विधेयक, 2026' को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट बैठक के बाद एक बयान में प्रियांक खरगे ने कहा कि इस विधेयक का मकसद निजी व्यक्तियों, संगठनों, संघों और सोसायटियों द्वारा सरकारी परिसरों और सार्वजनिक संपत्ति के इस्तेमाल के लिए एक कानूनी ढांचा तैयार करना है। माना जा रहा है कि यह कानून सीधे तौर पर राष्ट्रीय स्वयं सेव संघ को प्रभावित करेगा। प्रियांक खरगे बीते कई दिनों से साफ बयान दे रहे थे कि कर्नाटक में संघ को बैन किया जाएगा।</p>
<p>प्रियांक खरगे ने कहा कि यह विधेयक सरकारी जमीनों, इमारतों, खेल के मैदानों, पार्कों, सड़कों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा, संरक्षण और जिम्मेदारी से इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए एक कानूनी ढांचा प्रदान करता है। साथ ही, यह इनके दुरुपयोग को रोकता है और जनहित व भलाई के लिए इनकी रक्षा करता है।</p>
<p><strong>नए कानून पर क्या बोले प्रियांक खरगे</strong><br>
प्रियांक खरगे ने आगे कहा कि इस कानून का मकसद जवाबदेही सुनिश्चित करना और सार्वजनिक संपत्तियों के अनधिकृत इस्तेमाल को रोकना है। इस अटकल पर कि यह विधेयक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को निशाना बनाने के लिए है प्रियांग खरगे ने कहा कि सरकार के मन में कोई खास संस्था नहीं है। मंत्री ने कहा कि हर कोई यह क्यों सोच रहा है कि यह किसी खास संस्था, संघ, संगठन, सोसाइटी, क्लब, यूनियन, सिंडिकेट या NGO पर रोक लगाने या उसे नियंत्रित करने के लिए है? मेरी समझ से बाहर है।</p>
<p><strong>मॉनसून सत्र में ही पेश हो सकता है विधेयक</strong><br>
कर्नाटक में मौजूदा मॉनसून सत्र में ही इस विधेयक को पेश किया जा सकता है। इसमें कहा गया है कि राज्य सरकार के अधीन इमारतों या परिसरों जैसे कि स्कूल, कॉलेज, खेल के मैदान, पार्क, सड़क या फिर जलाशयों के किनारे कोई भी सभा करने से पहले इजाजत लेनी होगी। राज्य के गृह मंत्रालय ने 18 अक्टूबर 2025 को ही यह आदेश जारी किया था। कानून बनने के बाद यह उसी आदेश की जगह ले लेगा।</p>
<p>पहले के आदेश के मुताबिक भी एक जगह पर 10 लोगों के इकट्ठा होने के लिए के लिए परमीशन लेना अिवार्य कर दिया गया था। हालांकि कर्नाटक हाई कोर्ट ने इस आदेश पर रोक लगा दी। इसके बाद सरकार ने पुराने आदेश को वापस लेने और उसकी जगह कानून लाने का फैसला किया है। इससे सरकार को सभाओं, जुलूस और सरकारी संपत्ति के इस्तेमाल पर नियंत्रण हासिल हो जाएगा। ऐसे में आरएसएस को भी अपनी शाखाएं लगाने या फिर किसी कार्यक्रम के आयोजन के लिए इजाजत लेनी होगी।</p>
<p>कर्नाटक के मंत्री संतोष लाड ने कहा कि किसी भी संगठन को टारगेट करने के लिए यह कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी संपत्तियों के रख-रखाव को ध्यान में रखते हुए यह कानून लगाया जा रहा है। कर्नाटक सरकार के इस कानून को लेकर बीजेपी ने अपना विरोध दर्ज करवाया है। ऐडवोकेट गिरीश ने कहा कि यह असंववैधानिक नियम है। यह संविधान का आर्टिकल 19 का उल्लंघन कर करता है।</p>
<p>इससे पहले कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पत्र लिखकर सरकारी स्कूलों कॉलेजों औऱ अन्य स्थानों पर आरएसएस की गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग कीथी। उन्होंने कहा था कि सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में आरएसएस अपनी शाखाएँ चला रहा है। वे बच्चों के मन में नकारात्मक विचार भरते हैं।</p>
<p><strong>क्या है कर्नाटक का नया कानून</strong><br>
अधिकारियों के अनुसार, विधेयक में कार्यक्रमों, बैठ इसमें सरकारी संपत्तियों के इस्तेमाल की अनुमति देने के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश और प्रक्रियाएं प्रस्तावित हैं। इसमें सार्वजनिक संपत्ति के दुरुपयोग या नुकसान की स्थिति में जुर्माने के प्रावधान भी शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ सालों में कई जगहों पर सरकारी मैदानों, पार्कों और सामुदायिक भवनों का इस्तेमाल बिना अनुमति के कार्यक्रमों, बैठकों और निजी कामों के लिए किया जा रहा था। इससे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंच रहा था और आम लोगों को दिक्कत हो रही थी। नए विधेयक में स्पष्ट प्रावधान होंगे कि कौन, कब और किस शर्त पर सरकारी परिसर का इस्तेमाल कर सकता है। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया, शुल्क और जिम्मेदारी तय की जाएगी। उल्लंघन करने पर जुर्माने और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान भी रखा गया है।</p>
<p>सरकार का तर्क है कि यह कानून किसी एक समुदाय या संगठन के खिलाफ नहीं है। इसका मकसद सिर्फ यह सुनिश्चित करना है कि टैक्सपेयर के पैसे से बनी संपत्तियों का इस्तेमाल पारदर्शी तरीके से और जनहित में हो।</p>
<p><strong>मोहन भागवत को प्रियांक खरगे ने लिखा था लेटर</strong><br>
2025 से ही खरगे RSS के सार्वजनिक संपत्ति और सरकारी परिसरों के इस्तेमाल का विरोध करते रहे हैं और संगठन से औपचारिक रूप से पंजीकरण कराने की मांग करते रहे हैं। जून 2026 में, खरगे ने RSS को एक खुला पत्र लिखकर उसके कानूनी दर्जे, वित्तीय पारदर्शिता और संवैधानिक जवाबदेही पर स्पष्टता मांगी थी, क्योंकि संगठन अपने अस्तित्व के 100 साल पूरे कर रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन भारत और विदेशों में 60,000 से ज्यादा शाखाओं और करोड़ों स्वयंसेवकों का दावा करता है। उसकी सार्वजनिक जीवन में अहम मौजूदगी है और इसलिए उसे पारदर्शिता, जवाबदेही और संवैधानिक अनुपालन के उच्चतम मानकों का पालन करना चाहिए।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, यूपी का आपराधिक मानहानि मामला रद्द; समन भी हुआ खारिज</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली कांग्रेस नेता राहुल गांधी को यूपी में दर्ज आपराधिक मानहानि के मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. अदालत ने शुक्रवार को इस मामले को रद्द कर दिया. इस निजी क्रिमिनल शिकायत में कांग्रेस सांसद पर वीडी सावरकर को बदनाम करके सांप्रदायिक अशांति फैलाने का आरोप लगाया गया था. दरअसल राहुल … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:16:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>राहुल, गांधी, को, सुप्रीम, कोर्ट, से, बड़ी, राहत, यूपी, का, आपराधिक, मानहानि, मामला, रद्द, समन, भी, हुआ, खारिज</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>कांग्रेस नेता राहुल गांधी को यूपी में दर्ज आपराधिक मानहानि के मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. अदालत ने शुक्रवार को इस मामले को रद्द कर दिया. इस निजी क्रिमिनल शिकायत में कांग्रेस सांसद पर वीडी सावरकर को बदनाम करके सांप्रदायिक अशांति फैलाने का आरोप लगाया गया था. दरअसल राहुल गांधी ने ट्रायल कोर्ट के उस समन आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें IPC की धारा 153-A (समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और 505 के तहत अपराधों के लिए ट्रायल का सामना करने को कहा गया था। </p>
<p><strong>सुप्रीम कोर्ट से राहुल गांधी को बड़ी राहत</strong><br>
 इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा कार्यवाही को रद्द करने से इनकार करने के बाद राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे. मामले पर शुक्रवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस दत्ता ने पूछा कि क्या राज्य सरकार ने केस चलाने की मंजूरी दी है. इस पर राज्य की तरफ से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज ने जवाब दिया कि नहीं कोई मंजूरी नहीं दी गई। </p>
<p><strong>समन जारी करने वाला आदेश रद्द करने की वजह </strong><br>
दरअसल सीआरपीसी की धारा 196 के तहत, IPC की धारा 153A के तहत किसी भी अपराध के संज्ञान के लिए  राज्य सरकार की मंजूरी जरूरी होती है. राहुल गांधी के वकील ने अदालत से अपील करते हुए कहा कि अगर राज्य सरकार की मंजूरी नहीं है तो समन जारी करने वाला आदेश रद्द किया जाए. उन्होंने कहा कि मामले को नए सिरे से विचार करने के लिए वापस मजिस्ट्रेट के पास भेजा जाए. केस चलाने को मंजूरी नहीं है तो वे इस मामले में जरूरी कदम उठाएंगे। </p>
<p><strong>'मंजूरी नहीं है तो मामला वहीं खत्म'</strong><br>
हालांकि, मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस दत्ता ने कहा कि मामले का संज्ञान लेने से पहले मंजूरी जरूरी है. अगर मंजूरी नहीं है तो मामला वहीं खत्म हो जाता है. इसके बाद बेंच ने मामला रद्द करने का आदेश दिया. अदालत ने कहा कि यूपी सरकार की तरफ से दाखिल हलफनामे में अपीलकर्ता-आरोपी पर केस चलाने के लिए मंजूरी का दिए जाने का कोई जिक्र नहीं है. इसीलिए मजिस्ट्रेट द्वारा पारित शिकायत और आदेश रद्द किए जाते हैं। </p>
<p><strong>'फिर ऐसा बर्ताव किया तो हम खुद संज्ञान लेंगे'</strong><br>
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने  पिछले साल छले साल मामले की कार्यवाही पर लगाते हुए राहुल गांधी की सावरकर पर की गईं टिप्पणियों पर मौखिक रूप से कड़ी नाराजगी जताई थी. अदालत ने पूछा था कि क्या आजादी की लड़ाई लड़ने वालों के साथ ऐसा ही बर्ताव किया जाना चाहिए. कोर्ट ने कहा था कि अगर राहुल गांधी ने भविष्य में ऐसी टिप्पणियां दोहराई तो उनके खिलाफ कोर्ट स्वत: संज्ञान लेकर अवमानना ​​की कार्रवाई शुरू करेगा। </p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>कांग्रेस के ‘मेलोनी’ मजाक पर बढ़ा विवाद, विदेश मंत्रालय ने दी नसीहत&#45; ‘बात सम्मान से रखी जानी चाहिए’</title>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली कांग्रेस की जॉर्जिया मेलोनी  पर टिप्पणी पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इटली के साथ हमारे मजबूत संबंध, इन्हें और मजबूत करना चाहते हैं, कोई भी बात आदर के साथ रखनी चाहिए.कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को केंद्र सरकार की विदेश नीति पर तंज कसा … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:16:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>कांग्रेस, के, ‘मेलोनी’, मजाक, पर, बढ़ा, विवाद, विदेश, मंत्रालय, ने, दी, नसीहत-, ‘बात, सम्मान, से, रखी, जानी, चाहिए’</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong></p>
<p>कांग्रेस की जॉर्जिया मेलोनी  पर टिप्पणी पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इटली के साथ हमारे मजबूत संबंध, इन्हें और मजबूत करना चाहते हैं, कोई भी बात आदर के साथ रखनी चाहिए.कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को केंद्र सरकार की विदेश नीति पर तंज कसा था। </p>
<p>इस दौरान कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने भी उनके साथ चुटकी ली थी. राहुल गांधी ने कहा था कि, 'पता नहीं कहां से इनके दिमाग में घुस गया कि गले पड़ना ही विदेश नीति है.' इस दौरान उन्होंने मंच पर संदीप दीक्षित के साथ मिलकर गले लगने का एक्ट भी किया था। </p>
<p>रचनात्मक कांग्रेस कन्वेंशन में बोलते हुए राहुल गांधी ने कई मुद्दे उठाए थे. इसी बीच उन्होंने विदेश नीति को लेकर कहा था कि, 'पता नहीं कहां से इनके दिमाग में घुस गया… अजीब चीजें घुस जाती हैं. इनके माइंड में घुस गया कि फॉरेन पॉलिसी इज दिस…' इस दौरान उन्होंने संदीप दीक्षित को सामने बुलाया था और फिर एक्ट करते हुए उन्हें जोर से गले लगा लिया था. इसके बाद उन्होंने कहा था कि, 'इनको लगता है कि गले लगना ही फॉरेन पॉलिसी है। </p>
<p><strong>संदीप दीक्षित ने कसा था तंज</strong><br>
इसी दौरान संदीप दीक्षित ने राहुल गांधी को रोककर कहा था, 'एक बात पूछ सकता हूं?' फिर उन्होंने तंज करते हुए कहा था, 'मेलोनी समझ कर तो नहीं पकड़ा था…' उनके इस सवाल पर हॉल में ठहाके गूंज उठे थे और राहुल गांधी ने हंसते हुए कहा था, 'नहीं-नहीं, मैं अभी तक वहां नहीं पहुंचा हूं.' राहुल गांधी और संदीप दीक्षित का यह एक्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। </p>
<p>
<strong>राहुल गांधी फेल स्टैंडअप कॉमेडियन: स्वराज</strong><br>
बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'राहुल गांधी ने जिस तरह की असभ्य, भद्दी और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, उससे वे विपक्ष के नेता कम और एक फेल स्टैंड-अप कॉमेडियन ज्यादा लग रहे थे। वे हल्की और छिछोरी बातें कर रहे थे।'</p>
<p><strong>पीएम मोदी 38 देशों में सुरक्षित किया भारत का भविष्य: स्वराज</strong><br>
बांसुरी स्वराज ने राहुल पर बरसते हुए कहा-'भारत को विपक्ष के ऐसे नेता की जरूरत नहीं है जो 56 साल की उम्र में बच्चों जैसी हरकतें करे। अगर नरेंद्र मोदी की कूटनीति की बात करें, तो वे ऐसे नेता हैं जिन्होंने एक-दो नहीं, बल्कि नौ 'फ्री ट्रेड एग्रीमेंट' (मुक्त व्यापार समझौते) किए हैं, जिससे 38 देशों में भारत का आर्थिक भविष्य सुरक्षित हुआ है। ऐसा लगता है कि राहुल गांधी के पास कोई सकारात्मक एजेंडा नहीं है। अब वे सिर्फ़ सोशल मीडिया मीम्स और रील्स के लिए बयान देते हैं।'</p>
<p><strong>राहुल गांधी 56 साल हो गए, पर बचपना नहीं गया: बांसुरी स्वराज</strong><br>
बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि गांधी की भाषा विपक्ष के नेता से अपेक्षित गरिमा के खिलाफ थी। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के खिलाफ राहुल गांधी ने जिस तरह की असभ्य, अश्लील और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है, वह विपक्ष के नेता जैसे संवैधानिक पद की गरिमा के पूरी तरह खिलाफ है।'</p>
<p>
अगर नरेंद्र मोदी की कूटनीति की बात करें, तो वे ऐसे नेता हैं जिन्होंने एक-दो नहीं, बल्कि नौ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं, जिससे 38 देशों में भारत का आर्थिक भविष्य सुरक्षित हुआ है।</p>
<p><strong>बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज</strong></p>
<p><strong>कुछ तो परिपक्व होइए, केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने सिखाया</strong></p>
<p>    राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने गांधी से परिपक्व होने को कहा और उन पर प्रधानमंत्री पर हमला करके भारत के लोगों का अपमान करने का आरोप लगाया।</p>
<p>    प्रह्लाद जोशी ने कहा, 'राहुल गांधी, आप कब बड़े होंगे? भारत को चलाने के लिए परिपक्व नेतृत्व की जरूरत होती है, न कि नौसिखिया ड्रामेबाजी की। लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार को 'जोकर और मसखरे' कहना साबित करता है कि आप अपनी समझ से बाहर की बातें कर रहे हैं।</p>
<p>
<strong>गिरिराज बोले-मानसिक रूप से परेशान व्यक्ति राहुल गांधी</strong><br>
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने हमले को और तेज़ करते हुए राहुल गांधी को "मानसिक रूप से परेशान" बताया। उन्होंने सोनिया गांधी को सलाह दी कि वे 'उनके लिए मदद का इंतजाम करें'।</p>
<p><strong>निशिकांत दुबे ने इंदिरा गांधी की तस्वीर कर दी शेयर</strong><br>
बीजेपी के झारखंड के गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे ने भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर क्यूबा यात्रा के दौरान इंदिरा गांधी का एक वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में इंदिरा गांधी से क्यूबा के राष्ट्रपति फिडेल कास्त्रो गले मिल रहे हैं।</p>
<p>
<strong>हंसना बेहद शर्मनाक, नई गिरावट: मजूमदार</strong><br>
केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने राहुल गांधी की टिप्पणियों को सार्वजनिक बातचीत के स्तर में एक नई गिरावट बताया। उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा, 'पीएम नरेंद्र मोदी जी और इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी पर भद्दे मजाक करना और कांग्रेस नेताओं का उस पर हंसना बेहद शर्मनाक है। यह सार्वजनिक बातचीत के स्तर में एक नई गिरावट है। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं।'</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>MP BJP में बड़े बदलाव की आहट! हेमंत खंडेलवाल की राष्ट्रीय अध्यक्ष से बंद कमरे में 30 मिनट चर्चा</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  mp bjp दतिया उपचुनाव में हार के बाद बीजेपी में मंथन की प्रक्रिया जारी है। मध्यप्रदेश में संगठन में कसावट लाने की कवायद तेज हो गई है। दतिया में हार के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल गुरुवार को पहली बार दिल्ली पहुंचे। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। इस दौरान दोनों … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:16:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>BJP, में, बड़े, बदलाव, की, आहट, हेमंत, खंडेलवाल, की, राष्ट्रीय, अध्यक्ष, से, बंद, कमरे, में, मिनट, चर्चा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong><br>
mp bjp दतिया उपचुनाव में हार के बाद बीजेपी में मंथन की प्रक्रिया जारी है। मध्यप्रदेश में संगठन में कसावट लाने की कवायद तेज हो गई है। दतिया में हार के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल गुरुवार को पहली बार दिल्ली पहुंचे। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में चर्चा हुई। माना जा रहा है कि इस मुलाकात में हेमंत खंडेलवाल ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को चुनाव की हार के पीछे के प्रमुख कारणों का फीडबैक दिया। प्रदेश संगठन में मजबूती के लिए बदलाव के संकेत हैं।</p>
<p>एमपी बीजेपी में दतिया में हार के बाद से जबर्दस्त उथलपुथल मची है। प्रदेश के स​भी वरिष्ठ भाजपा नेता, दिल्ली के शीर्ष नेताओं से मिल चुके हैं। दतिया में उपचुनाव में हार के बाद से मप्र के वरिष्ठ नेताओं की राष्ट्रीय नेतृत्व से मुलाकातों ने प्रदेश में सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है।</p>
<p>मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी इससे पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से भेंट कर चुके हैं। इतना ही नहीं, एमपी के पूर्व सीएम व केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह, विस अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा भी केंद्रीय नेतृत्व से मिल चुके हैं। वहीं प्रदेश के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के दतिया से टिकट कटने पर भी चर्चाएं बनी हैं।</p>
<p><strong>पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं की तमाम गतिविधियों से अवगत कराया</strong><br>
बीजेपी का प्रदेश संगठन दतिया की हार पर एक विस्तृत रिपोर्ट पहले ही दिल्ली भेज चुका है। अब स्वयं प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने दिल्ली जाकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से अकेले में मुलाकात की। दतिया विधानसभा उपचुनाव में पार्टी की हार पर बनी समिति की रिपोर्ट से उन्हें अवगत कराया। प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को हार की प्रमुख वजहें बताईं। टिकट वितरण से लेकर परिणाम आने तक की पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं की तमाम गतिविधियों से अवगत कराया।</p>
<p><strong>संगठन में मजबूती और कसावट के लिए बड़े बदलावों की चर्चा</strong><br>
वर्तमान माहौल में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मुलाकात बहुत अहम मानी जा रही है। माना जा रहा है कि दतिया के परिणाम ने प्रदेश और केंद्र के शीर्ष नेतृत्व को झकझोर दिया है। संगठन में मजबूती और कसावट के लिए बड़े बदलावों की चर्चा है। सीएम मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं की पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से अलग अलग मुलाकातों को भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। ​</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>राहु ने बदली चाल, अप्रैल 2027 तक इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत और बढ़ेगा धन</title>
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<description><![CDATA[ ज्योतिष शास्त्र में मायावी व रहस्यमयी ग्रह माने जाने वाले राहु ने 2 अगस्त को मंगल के स्वामित्व वाले धनिष्ठा नक्षत्र में प्रवेश कर लिया है. राहु इस नक्षत्र में अप्रैल 2027 तक संचरण करेंगे. धनिष्ठा नक्षत्र धन, समृद्धि, संगीत और प्रसिद्धि का प्रतीक माना जाता है. मंगल के नक्षत्र में राहु का यह लंबा … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:07:43 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>राहु, ने, बदली, चाल, अप्रैल, 2027, तक, इन, राशियों, की, चमकेगी, किस्मत, और, बढ़ेगा, धन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>ज्योतिष शास्त्र में मायावी व रहस्यमयी ग्रह माने जाने वाले राहु ने 2 अगस्त को मंगल के स्वामित्व वाले धनिष्ठा नक्षत्र में प्रवेश कर लिया है. राहु इस नक्षत्र में अप्रैल 2027 तक संचरण करेंगे. धनिष्ठा नक्षत्र धन, समृद्धि, संगीत और प्रसिद्धि का प्रतीक माना जाता है.</p>
<p>मंगल के नक्षत्र में राहु का यह लंबा प्रवास कई राशियों के जीवन में क्रांतिकारी और सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा. राहु का यह नक्षत्र परिवर्तन विशेष रूप से 3 भाग्यशाली राशियों के लिए बेहद शुभ और लाभदायक सिद्ध होने वाला है.</p>
<p><strong>मेष राशि (Aries)</strong><br>
मेष राशि का स्वामी मंगल है, और राहु का मंगल के ही नक्षत्र में गोचर आपके लिए अत्यंत फलदायी रहेगा. कार्यक्षेत्र में आपकी साहस और निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि होगी. अटकी हुई योजनाएं गति पकड़ेंगी और नया व्यवसाय शुरू करने के लिए यह समय उत्तम है. अप्रत्याशित रूप से धन लाभ के योग बनेंगे. लंबे समय से फंसा हुआ पैसा वापस मिल सकता है.</p>
<p><strong>मकर राशि (Capricorn)</strong><br>
धनिष्ठा नक्षत्र का संबंध मकर और कुंभ राशि से होता है. मकर राशि के जातकों के लिए यह गोचर तरक्की के नए द्वार खोलेगा. समाज और दफ्तर में आपका प्रभाव बढ़ेगा. पदोन्नति (Promotion) और नई जिम्मेदारियां मिलने के प्रबल योग हैं. प्रॉपर्टी, मकान या वाहन खरीदने की इच्छा पूरी हो सकती है. निवेश से बड़ा फायदा होगा.</p>
<p><strong>कुंभ राशि (Aquarius)</strong><br>
कुंभ राशि के जातकों के लिए अप्रैल 2027 तक का समय वित्तीय मामलों में बड़ा उछाल लाएगा. आय के एक से अधिक स्रोत (Multiple Income Sources) बनेंगे. विदेश से जुड़े व्यापार या विदेशी कंपनियों में काम करने वालों को भारी मुनाफा होगा. प्रभावशाली लोगों से संपर्क बनेंगे जो आपके करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे.</p>
<p><strong>शुभ प्रभाव बढ़ाने के उपाय</strong><br>
– शनिवार के दिन किसी गरीब या ज़रूरतमंद को सरसों के तेल या काले तिल का दान करें.</p>
<p>– राहु के शुभ परिणामों को दोगुना करने के लिए भगवान काल भैरव या शिव जी की आराधना करें.</p>
<p>– ऊं रां राहवे नमः का नियमित रूप से जाप करना लाभप्रद रहेगा.</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>कैलाश पर्वत के 10 रहस्य, जहां समय बदलने से लेकर शंभाला नगरी तक के दावे</title>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:07:40 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>कैलाश, पर्वत, के, रहस्य, जहां, समय, बदलने, से, लेकर, शंभाला, नगरी, तक, के, दावे</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>दुनिया में एक ऐसी भी जगह है, जिसके बारे में कहा जाता है कि वहां समय अपनी रफ्तार बदल लेता है? जहां पहुंचने वाले लोगों को अपने बाल और नाखून सामान्य से ज्यादा तेजी से बढ़ते हुए महसूस होते हैं.</p>
<p>क्या आप मानेंगे कि दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट, जिसकी ऊंचाई करीब 8,849 मीटर है, हजारों पर्वतारोही फतह कर चुके हैं. लेकिन एक ऐसा पर्वत भी है, जिसकी ऊंचाई एवरेस्ट से करीब 2,200 मीटर कम यानी लगभग 6,638 मीटर है. इसके बावजूद आज तक कोई भी व्यक्ति इसके शिखर पर चढ़ने में सफल नहीं हुआ. जिसने भी इसे फतह करने की कोशिश की, उसके सामने मुश्किलें खड़ी होती गईं. कोई मौसम की मार से वापस लौट आया तो किसी की यात्रा बीच रास्ते में ही रुक गई.</p>
<p>हिंदू धर्म में कैलाश पर्वत को भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है. बौद्ध धर्म में भी इसका विशेष महत्व है. जैन धर्म और तिब्बती बोन परंपरा में भी कैलाश को बेहद पवित्र माना गया है. लेकिन स्थानीय मान्यताओं में इसके साथ कई रहस्यमयी कहानियां भी जुड़ी हुई हैं. कोई इसे देवताओं का निवास कहता है, तो कोई इसके आसपास किसी गुप्त नगरी के होने की बात करता है. आज हम बात कर रहे हैं तिब्बत में स्थित रहस्यमयी कैलाश पर्वत की. एक ऐसा पर्वत, जो सिर्फ पत्थरों और बर्फ से नहीं बना, बल्कि जिसके साथ सदियों से अनगिनत रहस्य और धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं.</p>
<p><strong>कैलाश पर चढ़ना इतना मुश्किल क्यों?</strong><br>
कैलाश पर्वत का नाम सुनते ही आंखों के सामने बर्फ से ढका एक विशाल, लगभग पिरामिड जैसी आकृति वाला पर्वत दिखाई देता है. लेकिन कैलाश सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं है. इसकी भौगोलिक स्थिति और प्राकृतिक संरचना भी इसे बेहद खास बनाती है. आखिर कैलाश पर्वत पर चढ़ना इतना मुश्किल क्यों है?</p>
<p>एक वजह है इसकी बेहद कठिन भौगोलिक परिस्थितियां. यहां ऊंचाई बहुत ज्यादा है, मौसम तेजी से बदल सकता है, रास्ते कठिन हैं और बर्फीली परिस्थितियां पर्वतारोहण को बेहद जोखिम भरा बना देती हैं. लेकिन अब सवाल यह है कि जब इंसान एवरेस्ट जैसी दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर पहुंच चुका है, तो कैलाश के</p>
<p><strong>शिखर तक क्यों नहीं पहुंच पाया?</strong><br>
इसका जवाब सिर्फ धार्मिक आस्था में नहीं, बल्कि इतिहास में भी छिपा है. 20वीं सदी में कई विदेशी पर्वतारोहियों ने कैलाश पर चढ़ने में रुचि दिखाई. कुछ अभियानों में खराब मौसम और कठिन परिस्थितियों के कारण प्रयास रोकने पड़े. कैलाश से जुड़ी कई कहानियों में अचानक मौसम बिगड़ने, रास्ता भटकने और चढ़ाई के दौरान असामान्य अनुभव होने का जिक्र मिलता है. हालांकि इन घटनाओं में से कई के स्वतंत्र और वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं. यानी जो बातें कैलाश को और ज्यादा रहस्यमयी बनाती हैं, उनमें से कई स्थानीय मान्यताओं और पर्वतारोहियों की कथाओं पर आधारित हैं.</p>
<p><strong>क्या कैलाश पर इंसान तेजी से बूढ़ा हो जाता है?</strong><br>
कहा जाता है कि कैलाश क्षेत्र में जाने वाले कुछ लोगों ने महसूस किया कि उनके बाल और नाखून सामान्य से ज्यादा तेजी से बढ़ रहे हैं. इंटरनेट पर ऐसी कहानियां भी मिलती हैं, जिनमें कैलाश पर कुछ ही घंटों में इंसान के बूढ़े होने का दावा किया गया है. इसे कभी-कभी Rapid Aging यानी तेजी से उम्र बढ़ने की घटना कहा जाता है. लेकिन यहां एक जरूरी बात समझना बेहद जरूरी है.</p>
<p>आज तक ऐसा कोई विश्वसनीय वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है, जिससे यह साबित हो कि कैलाश पर्वत पर इंसान की उम्र सामान्य से कई गुना तेजी से बढ़ती है या वहां समय की गति बदल जाती है. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कम ऑक्सीजन, अत्यधिक ठंड, शारीरिक तनाव, डिहाइड्रेशन और बदलते वातावरण का शरीर पर असर जरूर पड़ सकता है. लेकिन इसे अचानक दशकों की उम्र बढ़ जाने का प्रमाण नहीं माना जा सकता है. फिर भी यही अप्रमाणित कहानियां कैलाश के रहस्य को और गहरा जरूर करती हैं.</p>
<p><strong>क्या कैलाश पर चढ़ने से पर्वतारोहियों ने खुद इनकार किया?</strong><br>
दुनिया के महान पर्वतारोहियों में से एक रेनहोल्ड मेसनर का नाम भी कैलाश से जोड़ा जाता है. उन्होंने एवरेस्ट पर बिना ऑक्सीजन के चढ़ाई की थी. लेकिन कैलाश के मामले में उनका रुख अलग था. कैलाश को लेकर उनके नाम से कई तरह के कथन इंटरनेट पर मौजूद हैं, लेकिन उनके सटीक शब्दों को लेकर अलग-अलग दावे मिलते हैं.</p>
<p>हालांकि, इतना जरूर है कि कैलाश को लेकर पर्वतारोहण और धार्मिक भावनाओं के बीच एक अलग तरह का संबंध रहा है. कैलाश को जीतने की जगह उसकी पवित्रता का सम्मान करना ज्यादा महत्वपूर्ण माना गया है.</p>
<p><strong>क्या कैलाश एक प्राकृतिक पर्वत नहीं है?</strong><br>
अब आते हैं कैलाश के सबसे बड़े रहस्यों में से एक पर. कैलाश को दूर से देखने पर इसकी आकृति बेहद अलग नजर आती है. कई लोगों को यह एक विशाल पिरामिड जैसा दिखाई देता है. इसी वजह से समय-समय पर यह दावा किया गया कि कैलाश कोई सामान्य प्राकृतिक पर्वत नहीं, बल्कि किसी प्राचीन सभ्यता द्वारा बनाया गया विशाल पिरामिड हो सकता है.</p>
<p>रूसी वैज्ञानिक और नेत्र विशेषज्ञ डॉ. अर्नेस्ट मुलदाशेव से भी इस तरह के दावे जोड़े जाते हैं. उन्होंने कैलाश को लेकर कई विवादास्पद परिकल्पनाएं प्रस्तुत की थीं. हालांकि, इन दावों को मुख्यधारा के भूवैज्ञानिक विज्ञान में प्रमाणित तथ्य नहीं माना जाता है. भूवैज्ञानिक दृष्टि से कैलाश एक प्राकृतिक पर्वतीय संरचना है. फिर भी इसकी असामान्य आकृति ने इसे रहस्य और कल्पना का विषय जरूर बना दिया है.</p>
<p><strong>क्या कैलाश के अंदर है शंभाला नगरी?</strong><br>
कैलाश से जुड़ी एक और रहस्यमयी कहानी है शंभाला की. तिब्बती बौद्ध परंपराओं में शंभाला का उल्लेख एक आध्यात्मिक और रहस्यमय भूमि के रूप में मिलता है. समय के साथ इससे जुड़ी कई कहानियां प्रचलित हुईं. कुछ कथाओं में इसे एक ऐसी गुप्त जगह बताया गया, जहां सिद्ध पुरुष रहते हैं. कुछ आधुनिक दावों में तो यहां तक कहा गया कि कैलाश पर्वत के अंदर कोई गुप्त नगरी या सुरंगों का जाल मौजूद है.</p>
<p>लेकिन कैलाश के अंदर ऐसी किसी स्वर्ण नगरी या गुप्त सभ्यता के मौजूद होने का कोई प्रमाण नहीं मिला है. यानी शंभाला की कहानी धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं में महत्वपूर्ण जरूर है, लेकिन इसे प्रमाणित भौगोलिक स्थान मानना वैज्ञानिक रूप से सही नहीं होगा.</p>
<p><strong>कैलाश पर ओम और स्वास्तिक का रहस्य</strong><br>
कैलाश से जुड़ी सबसे लोकप्रिय मान्यताओं में एक है, पहाड़ पर दिखाई देने वाली ओम जैसी आकृति. कई तस्वीरों में कैलाश की बर्फ और चट्टानों की बनावट ऐसी दिखाई देती है कि लोगों को उसमें ओम का स्वरूप नजर आता है.</p>
<p>शाम के समय पहाड़ की छाया को भी कुछ लोग स्वास्तिक जैसी आकृति से जोड़ते हैं. भक्तों के लिए यह भगवान शिव के प्रतीकों जैसा है. लेकिन प्राकृतिक पर्वतीय संरचनाओं में अलग-अलग आकृतियां दिखाई देना असामान्य नहीं है. प्रकाश, बर्फ, चट्टानों की संरचना और कैमरे के एंगल के कारण भी अलग-अलग आकृतियां नजर आ सकती हैं. इसलिए इसे वैज्ञानिक प्रमाण की जगह धार्मिक आस्था और प्राकृतिक संयोग के रूप में देखना ज्यादा उचित है.</p>
<p><strong>क्या कैलाश धरती का केंद्र है?</strong><br>
कैलाश से जुड़ा एक और दावा बेहद लोकप्रिय है. कहा जाता है कि कैलाश को Axis Mundi, यानी पृथ्वी की धुरी या ब्रह्मांड के केंद्र के रूप में देखा जाता है. लेकिन यहां भी एक फर्क समझना जरूरी है.</p>
<p>Axis Mundi कोई वैज्ञानिक भौगोलिक शब्द नहीं है जिसके आधार पर कैलाश को पृथ्वी का वास्तविक केंद्र घोषित किया गया हो. यह अलग-अलग संस्कृतियों में ब्रह्मांडीय या आध्यात्मिक केंद्र के प्रतीक के रूप में इस्तेमाल होने वाली अवधारणा है. कैलाश को कई धार्मिक परंपराओं में ब्रह्मांड के केंद्र जैसा आध्यात्मिक महत्व दिया गया है.</p>
<p>6666 किलोमीटर वाली उत्तर ध्रुव की दूरी और 13,332 किलोमीटर वाली दक्षिण ध्रुव की दूरी का दावा भी इंटरनेट पर खूब मिलता है, लेकिन इसे कैलाश की विशेष वैज्ञानिक स्थिति का प्रमाण नहीं माना जा सकता.</p>
<p><strong>क्या कैलाश की रक्षा करता है यति?</strong><br>
कैलाश से जुड़ी एक और रोमांचक कहानी है, यति या हिम मानव की. हिमालय और तिब्बत के कई इलाकों में यति की लोककथाएं सदियों से प्रचलित हैं. कैलाश क्षेत्र में भी बड़े पैरों के निशान और रहस्यमयी जीवों को देखे जाने की कहानियां सुनने को मिलती हैं. कुछ लोगों का मानना है कि यह कोई रहस्यमयी प्राणी है जो कैलाश की रक्षा करता है. लेकिन आज तक यति के अस्तित्व का कोई निर्णायक वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है. इसलिए यति को फिलहाल हिमालय की लोककथाओं और रहस्यमयी परंपराओं का हिस्सा ही माना जाता है.</p>
<p><strong>मानसरोवर और राक्षस ताल का रहस्य</strong><br>
अब बात करते हैं कैलाश के पास स्थित दो प्रसिद्ध झीलों की, मानसरोवर और राक्षस ताल. दोनों झीलें एक-दूसरे के बेहद करीब हैं, लेकिन धार्मिक मान्यताओं में इनके स्वरूप को बिल्कुल अलग बताया गया है. मानसरोवर को पवित्र और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. हिंदू धर्म में इसे भगवान शिव और माता पार्वती से जुड़ा हुआ माना जाता है.</p>
<p>दूसरी तरफ राक्षस ताल का संबंध रावण से जोड़ा जाता है. मान्यता है कि रावण ने यहां भगवान शिव की तपस्या की थी. मानसरोवर का पानी मीठा है, जबकि राक्षस ताल का पानी खारा है. इन दोनों झीलों के आकार और जलरसायन में अंतर के पीछे प्राकृतिक और भूगर्भीय कारण हैं. धार्मिक दृष्टि से हालांकि दोनों का महत्व बिल्कुल अलग है.</p>
<p><strong>कैलाश से आने वाली रहस्यमयी आवाजें</strong><br>
कई यात्री दावा करते हैं कि कैलाश क्षेत्र में कभी-कभी ऐसी आवाजें सुनाई देती हैं, जो डमरू या किसी गूंजती हुई ध्वनि जैसी लगती हैं. भक्त इसे भगवान शिव के डमरू की ध्वनि से जोड़ते हैं. वहीं वैज्ञानिक दृष्टि से पहाड़ों में हवा का दबाव, चट्टानों की संरचना, बर्फ का खिसकना और आसपास की घाटियों में ध्वनि का प्रतिध्वनित होना ऐसी आवाजों का कारण हो सकता है. यानी एक ही घटना को आस्था और विज्ञान अपने-अपने नजरिए से देखते हैं.</p>
<p><strong>क्या मिलारेपा कैलाश के शिखर पर पहुंचे थे?</strong><br>
कैलाश के इतिहास से जुड़ी सबसे प्रसिद्ध कहानियों में से एक तिब्बती बौद्ध योगी मिलारेपा की है. कहा जाता है कि 11वीं सदी में मिलारेपा ने कैलाश पर एक आध्यात्मिक मुकाबले में हिस्सा लिया था. कहानी के अनुसार, एक अन्य साधक के साथ उनकी प्रतियोगिता हुई कि कौन कैलाश के शिखर तक पहले पहुंचेगा.</p>
<p>कहा जाता है कि दूसरे साधक ने अपनी आध्यात्मिक शक्तियों का इस्तेमाल किया, जबकि मिलारेपा ध्यान में बैठे रहे और अंत में आध्यात्मिक शक्ति के जरिए शिखर तक पहुंच गए. यह कहानी ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित पर्वतारोहण रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि तिब्बती धार्मिक परंपरा का हिस्सा है. इस कथा का संदेश बेहद खूबसूरत है, कैलाश को शरीर से जीतना जरूरी नहीं, बल्कि मन और आत्मा से उसके सामने झुकना ही सबसे बड़ी उपलब्धि है.</p>
<p><strong>चार धर्मों के लिए पवित्र है कैलाश</strong><br>
कैलाश की सबसे खास बात यह है कि यह सिर्फ हिंदू धर्म के लिए ही पवित्र नहीं है. हिंदू धर्म में इसे भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है. बौद्ध धर्म में कैलाश को ब्रह्मांडीय महत्व प्राप्त है और इसे बुद्ध डेमचोक से जोड़ा जाता है. जैन धर्म में कैलाश क्षेत्र को अष्टापद से जोड़ा जाता है, जहां प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव के मोक्ष की मान्यता है. वहीं बौद्ध धर्म में भी कैलाश को अत्यंत पवित्र और शक्तिशाली स्थान माना जाता है. चार अलग-अलग धार्मिक परंपराएं और आस्था का एक बड़ा केंद्र है कैलाश. शायद यही इसकी सबसे बड़ी विशेषता है.</p>]]> </content:encoded>
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<title>सड़क पर दिखें ये 7 चीजें तो रहें सावधान, धार्मिक मान्यताओं में बताया अशुभ संकेत</title>
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<description><![CDATA[  सड़क पर चलते समय क्या आपने कभी ऐसी कोई चीज देखी है, जिसे देखकर आप एक पल के लिए रुक गए हों या मन में यह सवाल आया हो कि आखिर यह यहां क्यों पड़ी है? क्या वह चीज काले वस्त्र से जुड़ी थी, श्रृंगार की कोई वस्तु थी या फिर कुछ ऐसा था जिसे … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:07:36 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p> सड़क पर चलते समय क्या आपने कभी ऐसी कोई चीज देखी है, जिसे देखकर आप एक पल के लिए रुक गए हों या मन में यह सवाल आया हो कि आखिर यह यहां क्यों पड़ी है? क्या वह चीज काले वस्त्र से जुड़ी थी, श्रृंगार की कोई वस्तु थी या फिर कुछ ऐसा था जिसे देखकर आपको अजीब महसूस हुआ?</p>
<p>अगर आपके साथ भी ऐसा कभी हुआ है, तो आपका एक पल के लिए रुकना और उस चीज को देखकर सावधान होना स्वाभाविक है. हिंदू धर्म की कई मान्यताओं और पुराणों से जुड़ी कथाओं में रास्ते में दिखाई देने वाली कुछ वस्तुओं को शुभ-अशुभ संकेतों से जोड़कर देखा गया है. ऐसी ही कुछ चीजों का उल्लेख शकुन शास्त्र में भी बताया जाता है. मान्यता है कि सड़क पर पड़ी कुछ चीजों को अनदेखा करके आगे बढ़ जाना ही बेहतर होता है. आखिर कौन-सी हैं ये चीजें? आइए जानते हैं.</p>
<p>आज इंसान किसी भी घटना के पीछे वैज्ञानिक कारण तलाशता है. यह अच्छी बात है, लेकिन हमारी धार्मिक परंपराओं में भी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई सवालों के जवाब और सावधानियां बताई गई हैं. हालांकि इन मान्यताओं को धार्मिक विश्वास के रूप में ही समझना चाहिए, वैज्ञानिक तथ्य के रूप में नहीं.</p>
<p><strong>सड़क पर पड़ा मृत जीव</strong><br>
कई बार सड़क पर किसी जानवर की मृत्यु हो जाने के बाद उसका शव या उसके अवशेष पड़े दिखाई देते हैं. आमतौर पर ऐसा सड़क दुर्घटना या किसी अन्य कारण से होता है. धार्मिक मान्यताओं में ऐसे मृत जीवों के संपर्क से बचने की सलाह दी गई है. मान्यता है कि शव या उसके अवशेषों के आसपास नकारात्मकता का प्रभाव हो सकता है. इसी वजह से कहा जाता है कि यदि गलती से किसी मृत जीव के संपर्क में आ जाएं तो घर जाकर स्नान कर लेना चाहिए और स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए. हालांकि, व्यावहारिक रूप से भी मृत जानवरों से दूरी बनाना जरूरी है, क्योंकि उनसे संक्रमण का खतरा हो सकता है.</p>
<p><strong>सड़क पर पड़ा बालों का गुच्छा</strong><br>
दूसरी चीज है बाल. हिंदू धर्म में बालों को लेकर कई तरह की धार्मिक परंपराएं मौजूद हैं. जन्म, मृत्यु और कुछ विशेष संस्कारों के अवसर पर मुंडन की परंपरा भी देखने को मिलती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, बालों का संबंध व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक ऊर्जा से जोड़ा गया है. इसी वजह से सड़क या रास्ते में पड़े कटे हुए बालों को उठाने या छूने से बचने की सलाह दी जाती है. इसके पीछे धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं. वहीं व्यावहारिक रूप से भी सड़क पर पड़े किसी अनजान व्यक्ति के बालों या गंदगी को छूने से बचना स्वच्छता की दृष्टि से बेहतर है.</p>
<p><strong>पूजा या हवन में इस्तेमाल की गई सामग्री</strong><br>
तीसरी चीज है पूजा-पाठ, हवन या किसी धार्मिक अनुष्ठान में इस्तेमाल की गई सामग्री. कई बार पूजा के बाद बची हुई सामग्री को लोग सड़क, चौराहे या किसी सुनसान जगह पर रख देते हैं. इनमें फूल, राख, नींबू, नारियल, कपड़ा या अन्य पूजा सामग्री शामिल हो सकती है. धार्मिक मान्यताओं में ऐसी सामग्री को बिना वजह छूने या अपने साथ घर ले जाने से बचने की सलाह दी जाती है. खासकर यदि किसी वस्तु को जानबूझकर किसी चौराहे या विशेष स्थान पर रखा गया हो, तो उसे उठाने से बचना ही बेहतर माना जाता है.</p>
<p><strong>काले वस्त्र या श्रृंगार की चीजें</strong><br>
रास्ते में यदि आपको काले कपड़े, काजल, सिंदूर, चूड़ी या किसी अन्य श्रृंगार की वस्तु बिखरी हुई दिखाई दे, तो धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उसे उठाने से बचना चाहिए. कई परंपराओं में ऐसी वस्तुओं को विशेष पूजा, अनुष्ठान या टोटके से जोड़कर देखा जाता है. हालांकि, सड़क पर पड़ी हर वस्तु को किसी तांत्रिक क्रिया से जोड़ना सही नहीं है. यह जरूरी नहीं कि वहां रखी हर चीज के पीछे कोई धार्मिक या नकारात्मक उद्देश्य हो. फिर भी अनजान वस्तुओं को छूने के बजाय उनसे दूरी बनाए रखना समझदारी है.</p>
<p><strong>कांटों से भरा रास्ता</strong><br>
पांचवीं चीज है कांटों से भरा रास्ता. धार्मिक मान्यताओं में कांटों को जीवन में आने वाली परेशानियों और बाधाओं से जोड़कर देखा जाता है. इसलिए रास्ते में अगर बहुत ज्यादा कांटे बिखरे हुए हों तो वहां से गुजरने से बचने की सलाह दी जाती है. इसका एक सीधा व्यावहारिक कारण भी है. कांटों से पैरों में चोट लग सकती है और संक्रमण का खतरा भी हो सकता है. इसलिए, धार्मिक मान्यता हो या व्यावहारिक सावधानी, कांटों से भरे रास्ते से बचना ही बेहतर है.</p>
<p><strong>किसी दूसरे व्यक्ति के स्नान का पानी</strong><br>
छठी चीज है किसी व्यक्ति द्वारा स्नान करने के बाद रास्ते में बहा हुआ पानी. कुछ धार्मिक मान्यताओं में स्नान को शरीर और मन की शुद्धि से जोड़ा गया है. माना जाता है कि स्नान के बाद शरीर की अशुद्धियां जल के साथ दूर हो जाती हैं. इसी वजह से कुछ परंपराओं में दूसरे व्यक्ति के स्नान से निकले पानी को जानबूझकर छूने से बचने की बात कही गई है. हालांकि आधुनिक दृष्टि से भी सड़क पर जमा या बह रहे अनजान पानी से दूरी बनाना बेहतर है, क्योंकि उसमें गंदगी और कीटाणु हो सकते हैं.</p>
<p><strong>सड़क पर पड़ी गंदगी</strong><br>
सातवीं और सबसे महत्वपूर्ण चीज की. यह कोई विशेष वस्तु नहीं, बल्कि सड़क पर पड़ी गंदगी है. इसमें मल-मूत्र, कचरा, बालों के गुच्छे, सड़े हुए पदार्थ या अन्य गंदी चीजें शामिल हो सकती हैं. ऐसी चीजों को छूने या उनके ऊपर से नंगे पैर चलने से बचना चाहिए. धार्मिक मान्यताओं में इन्हें अशुद्धता से जोड़ा गया है, जबकि वैज्ञानिक दृष्टि से भी गंदगी के संपर्क में आने से संक्रमण और त्वचा संबंधी समस्याओं का खतरा हो सकता है. इसलिए यदि रास्ते में ऐसी कोई चीज दिखाई दे तो उससे दूरी बनाकर निकलें.</p>]]> </content:encoded>
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<title>Aaj Ka Rashifal 15 August 2026: इन राशियों पर बरसेगी किस्मत, जानें धन, करियर और प्रेम का हाल</title>
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<description><![CDATA[ मेष: नौकरी में नई जिम्मेदारी और व्यापार में नए ग्राहकों से लाभ के संकेत हैं। धन की स्थिति अच्छी रहेगी, हालांकि अचानक खर्च आ सकता है। प्रेम संबंधों में नजदीकी बढ़ेगी। सेहत सामान्य रहेगी। वृषभ: काम में जिम्मेदारियां बढ़ेंगी और धैर्य से काम लेने की जरूरत होगी। बड़ा निवेश सोच-समझकर करें। परिवार में सुख-शांति रहेगी … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:07:33 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Aaj, Rashifal, August, 2026:, इन, राशियों, पर, बरसेगी, किस्मत, जानें, धन, करियर, और, प्रेम, का, हाल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मेष:</strong> नौकरी में नई जिम्मेदारी और व्यापार में नए ग्राहकों से लाभ के संकेत हैं। धन की स्थिति अच्छी रहेगी, हालांकि अचानक खर्च आ सकता है। प्रेम संबंधों में नजदीकी बढ़ेगी। सेहत सामान्य रहेगी।</p>
<p><strong>वृषभ:</strong> काम में जिम्मेदारियां बढ़ेंगी और धैर्य से काम लेने की जरूरत होगी। बड़ा निवेश सोच-समझकर करें। परिवार में सुख-शांति रहेगी और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा।</p>
<p><strong>मिथुन:</strong> बातचीत और समझदारी से काम बनेंगे। नए संपर्कों से व्यापार में फायदा हो सकता है और आय के नए स्रोत बन सकते हैं। प्रेम जीवन में पुरानी गलतफहमी दूर होगी।</p>
<p><strong>कर्क:</strong> काम का दबाव बढ़ सकता है, लेकिन कोई रुका हुआ काम पूरा होने के योग हैं। पारिवारिक खर्च बढ़ सकते हैं। प्रेम जीवन में भावनात्मक उतार-चढ़ाव से बचें और सेहत का ध्यान रखें।</p>
<p><strong>सिंह:</strong> आज का दिन खास रह सकता है। आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी। नौकरी में सम्मान और व्यापार में लाभ के अवसर मिलेंगे। परिवार और प्रेम जीवन में भी सकारात्मकता रहेगी।</p>
<p><strong>कन्या:</strong> मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने के संकेत हैं। पुराने काम पूरे होंगे और व्यापार में लाभ मिल सकता है। आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, लेकिन फिजूलखर्ची से बचें।</p>
<p><strong>तुला:</strong> टीमवर्क से सफलता मिलेगी। व्यापार में नई डील या साझेदारी का प्रस्ताव आ सकता है। निवेश से पहले पूरी जानकारी लें। रिश्तों में भरोसा मजबूत होगा।</p>
<p><strong>वृश्चिक:</strong> कार्यक्षेत्र में चुनौतीपूर्ण काम मिल सकता है, लेकिन मेहनत से सफलता मिलेगी। खर्चों पर नियंत्रण रखें। प्रेम संबंधों में छोटी बातों को विवाद न बनने दें।</p>
<p><strong>धनु:</strong> भाग्य का साथ मिलेगा। नौकरी में आगे बढ़ने का मौका और व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं। धन संबंधी परेशानियां कम होंगी। विद्यार्थियों के लिए दिन अच्छा रहेगा।</p>
<p><strong>मकर:</strong> काम में धैर्य जरूरी है। कोई प्रोजेक्ट अपेक्षा से अधिक समय ले सकता है। बड़ा आर्थिक जोखिम लेने से बचें। स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त आराम और नींद लें।</p>
<p><strong>कुंभ:</strong> नई योजनाओं पर काम करने का अच्छा समय है। नौकरी में नई भूमिका मिल सकती है और व्यापार में नए ग्राहकों से फायदा होगा। प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी।</p>
<p><strong>मीन:</strong> भावनाओं के बजाय व्यावहारिक सोच से फैसले लें। मेहनत का परिणाम मिलेगा और वरिष्ठ व्यक्ति की सलाह उपयोगी हो सकती है। बड़े सौदों में जल्दबाजी से बचें।</p>]]> </content:encoded>
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<title>खैरागढ़&#45;छुईखदान&#45;गंडई जिले में “आदि अमितान” अभियान के तहत पी.एम. जनमन यूनिवर्सल हेल्थ स्क्रीनिंग अभियान</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में “आदि अमितान” अभियान के तहत पी.एम. जनमन यूनिवर्सल हेल्थ स्क्रीनिंग अभियान आदि अमितान छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति (बैगा समुदाय) के लिए चलाया जा रहा एक यूनिवर्सल हेल्थ स्क्रीनिंग (स्वास्थ्य परीक्षण) अभियान है। यह अभियान 15 जुलाई 2026 से 14 अगस्त 2026 तक संचालित किया … ]]></description>
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<pubDate>Fri, 14 Aug 2026 11:00:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, जिले, में, “आदि, अमितान”, अभियान, के, तहत, पी.एम., जनमन, यूनिवर्सल, हेल्थ, स्क्रीनिंग, अभियान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p><strong>खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में “आदि अमितान” अभियान के तहत पी.एम. जनमन यूनिवर्सल हेल्थ स्क्रीनिंग अभियान</strong></p>
<p>आदि अमितान छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति (बैगा समुदाय) के लिए चलाया जा रहा एक यूनिवर्सल हेल्थ स्क्रीनिंग (स्वास्थ्य परीक्षण) अभियान है। यह अभियान 15 जुलाई 2026 से 14 अगस्त 2026 तक संचालित किया जा रहा है, जिसके जरिए दूरस्थ ग्रामीण बस्तियों में घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच और उपचार की सेवाएं दी जा रही हैं। जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के विशेष पिछड़ी जनजाति (पी.व्ही.टी.जी.) बैगा समुदाय को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा समुदाय में बीमारी की रोकथाम एवं स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिले में “आदि अमितान” पी.एम. जनमन यूनिवर्सल हेल्थ स्क्रीनिंग अभियान का प्रभावी संचालन किया जा रहा है।<br>
छुईखदान विकासखंड में पी.व्ही.टी.जी. बैगा समुदाय तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विवेक बिसेन एवं अभियान के छुईखदान विकासखंड नोडल अधिकारी डॉ. मनीष बघेल के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा दूरस्थ बैगा बसाहटों में स्वास्थ्य जांच, उपचार, स्वास्थ्य शिक्षा एवं रोगों की रोकथाम से संबंधित गतिविधियां की जा रही हैं।</p>
<p><strong>’39 बैगा परिवारों को मच्छरदानियों का वितरण’</strong></p>
<p>इसी क्रम में 9 अगस्त 2026 को ग्राम पंचायत सरईपतेरा के छूईहा (बैगाटोला) स्थित बैगा बसाहट में निवासरत 39 बैगा परिवारों को मलेरिया से बचाव के लिए मच्छरदानियों का वितरण किया गया। मच्छरदानी वितरण का उद्देश्य बैगा समुदाय को मच्छरजनित रोगों, विशेष रूप से मलेरिया से सुरक्षित रखना तथा घर-घर मच्छरदानी के नियमित एवं सही उपयोग को बढ़ावा देना है।</p>
<p><strong>’मलेरिया से बचाव के लिए दी गई स्वास्थ्य शिक्षा’</strong></p>
<p>मच्छरदानी वितरण के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा ग्रामीणों को मलेरिया के लक्षण, संक्रमण के माध्यम, बचाव के उपाय तथा समय पर जांच एवं उपचार के महत्व के संबंध में जानकारी दी गई। ग्रामीणों को बताया गया कि रात में सोते समय नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करना, घर एवं आसपास पानी जमा नहीं होने देना तथा मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करना मलेरिया से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय हैं।</p>
<p>ग्रामीणों को यह भी समझाया गया कि बुखार, ठंड लगना, कंपकंपी, सिरदर्द, शरीर में दर्द अथवा कमजोरी जैसे लक्षण होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में मलेरिया की जांच कराएं। समय पर जांच एवं उपचार से मलेरिया की गंभीर जटिलताओं से बचाव किया जा सकता है।</p>
<p><strong>’पी.व्ही.टी.जी. समुदाय तक पहुंच रही स्वास्थ्य सेवाएं’</strong></p>
<p>“आदि अमितान” अभियान के माध्यम से जिले के दूरस्थ एवं विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को समुदाय के निकट पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा मलेरिया, टीबी, कुष्ठ, सिकल सेल, एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, नेत्र रोग तथा महिलाओं में स्तन एवं गर्भाशय ग्रीवा कैंसर सहित विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं की स्क्रीनिंग की जा रही है। आवश्यकता के अनुसार उपचार एवं उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफरल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है।<br>
मच्छरदानी वितरण जैसी गतिविधियों के माध्यम से केवल बीमारी के उपचार पर ही नहीं, बल्कि रोगों की रोकथाम एवं समुदाय की स्वास्थ्य सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इससे पी.व्ही.टी.जी. बैगा समुदाय में मलेरिया नियंत्रण तथा स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।</p>
<p><strong>’जनप्रतिनिधियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की रही सहभागिता’</strong></p>
<p>कार्यक्रम में डॉ. प्रकाश वर्मा, चिकित्सा अधिकारी;  अमीलाल, पर्यवेक्षक;  प्रवीण गायकवाड़, एल.टी.; मती कविता सोनवानी, ए.एन.एम. सहित स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कर्मचारी उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरंतर प्रयास</strong></p>
<p>डॉ. प्रकाश वर्मा ने बताया कि जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा “आदि अमितान” अभियान के माध्यम से पी.व्ही.टी.जी. बैगा समुदाय तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने के साथ-साथ मलेरिया एवं अन्य मच्छरजनित रोगों की रोकथाम पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मच्छरदानी का नियमित एवं सही उपयोग मलेरिया से बचाव का एक प्रभावी उपाय है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे रात में सोते समय नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करें तथा बुखार अथवा मलेरिया के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।<br>
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा पी.व्ही.टी.जी. बैगा समुदाय को सुलभ, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा बीमारी की रोकथाम एवं स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।</p>]]> </content:encoded>
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<title>मुंबई लोकल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी! रेलवे ने 238 नई AC ट्रेनों को दी मंजूरी</title>
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<description><![CDATA[ मुंबई  मुंबई की लाइफलाइन मानी जाने वाली लोकल ट्रेनों से सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. केंद्र सरकार ने मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क के लिए 238 नई एसी लोकल ट्रेनों को मंजूरी दी है. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इन ट्रेनों का निर्माण तेजी से किया जाएगा, ताकि यात्रियों … ]]></description>
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<pubDate>Fri, 14 Aug 2026 10:45:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>मुंबई, लोकल, यात्रियों, के, लिए, बड़ी, खुशखबरी, रेलवे, ने, 238, नई, ट्रेनों, को, दी, मंजूरी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंबई </strong></p>
<p>मुंबई की लाइफलाइन मानी जाने वाली लोकल ट्रेनों से सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. केंद्र सरकार ने मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क के लिए 238 नई एसी लोकल ट्रेनों को मंजूरी दी है. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इन ट्रेनों का निर्माण तेजी से किया जाएगा, ताकि यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस पहली नई एसी लोकल ट्रेन का लाभ वर्ष 2027 तक मिल सके। </p>
<p><strong>2027 तक पहली नई AC लोकल ट्रेन लाने की कोशिश</strong><br>
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मुंबई लोकल शहर की लाइफलाइन है और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए 238 नई एसी लोकल ट्रेनों को मंजूरी दी गई है. उन्होंने बताया कि पहले अपनाई जा रही प्रक्रिया के तहत इन ट्रेनों को शामिल करने में काफी समय लग रहा था और पूरा प्रोजेक्ट 2030 तक पूरा होने की आशंका थी, जिसे एक्सेप्ट करना सही नहीं था। </p>
<p>इसी देरी को दूर करने के लिए सरकार ने नई रणनीति अपनाई है. अब इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF), रेल कोच फैक्ट्री (RCF) और मॉडर्न कोच फैक्ट्री (MCF) मिलकर इन ट्रेनों का निर्माण करेंगी. रेल मंत्री के अनुसार, इस फैसले से काम में तेजी आएगी और यात्रियों को 2027 तक पहली नई एसी लोकल ट्रेन की सुविधा मिल सकेगी। </p>
<p><strong>यात्रियों को गर्मी से मिलेगी राहत, आरामदायक सफर का अनुभव</strong><br>
पश्चिम रेलवे के मुताबिक, 238 नई AC लोकल ट्रेनों के शामिल होने से मुंबई लोकल नेटवर्क में भीड़ कम करने में मदद मिलेगी और यात्रियों को खासकर गर्मी के मौसम में अधिक आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा. फिलहाल मुंबई में सीमित संख्या में ही एसी लोकल ट्रेनें संचालित हो रही हैं, जबकि उनकी मांग लगातार बढ़ती जा रही है. नई ट्रेनों के आने से एसी सेवाओं का विस्तार होगा और अधिक यात्रियों को इसका लाभ मिल सकेगा। </p>
<p><strong>किन-किन स्टेशनों से गुजरेगी लोकल AC ट्रेन</strong><br>
मुंबई लोकल ट्रेन नेटवर्क में कुल 150 से अधिक स्टेशन हैं, जो मुंबई और उसके आसपास के इलाकों को जोड़ते हैं. इस विशाल रेल नेटवर्क को मुख्य रूप से 3 प्रमुख कॉरिडोर में बांटा गया है, जिसके तहत – वेस्टर्न लाइन, सेंट्रल लाइन और हार्बर लाइन शामिल हैं। </p>
<p><strong>वेस्टर्न लाइन (Western Line)</strong></p>
<p><strong>इस लाइन की प्रमुख स्टेशन-</strong></p>
<p><strong>    चर्चगेट (Churchgate)<br>
    मुंबई सेंट्रल (Mumbai Central)<br>
    दादर (Dadar) <br>
    बांद्रा (Bandra)<br>
    अंधेरी (Andheri)<br>
    बोरिवली (Borivali)<br>
    भायंदर (Bhayanadar)<br>
    वसई रोड (Vasai Road)<br>
    विरार (Virar)<br>
    डहानू रोड (Dahanu Road)</strong></p>
<p><strong>सेंट्रल लाइन (Central Line)</strong></p>
<p><strong>यह लाइन छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) से शुरू होती है और आगे जाकर कल्याण जंक्शन पर 2 हिस्सों (कसारा और खोपोली) में बंट जाती है, इसके प्रमुख स्टेशन-</strong></p>
<p>    <strong>सीएसएमटी (CSMT)<br>
    बायकुला (Byculla)<br>
    दादर (Dadar)<br>
    कुर्ला (Kurla) <br>
    घाटकोपर (Ghatkopar)</strong></p>
<p><strong>हार्बर लाइन (Harbour Line)</strong></p>
<p><strong>यह लाइन नवी मुंबई को मुंबई शहर से जोड़ती है और CSMT से पनवेल तथा गोरेगांव यानि अंधेरी तक चलती है. इसके मुख्य स्टेशन हैं-</strong></p>
<p><strong>    सीएसएमटी (CSMT)<br>
    वडैला रोड (Wadala Road) <br>
    वाशी (Vashi) <br>
    नेरुल (Nerul)<br>
    बेलापुर (Belapur)<br>
    पनवेल (Panvel)</strong></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>काजू कतली पर चांदी की जगह एल्युमिनियम वर्क! हलवाई को हुई थी 3 साल की जेल, 31 साल बाद जीता केस</title>
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<description><![CDATA[ अहमदाबाद  काजू कतली पर चमचमाता वर्क देखकर शायद ही कोई सोचे कि इसकी वजह से किसी मिठाई दुकानदार को तीन साल की जेल की सजा हो सकती है। गुजरात में ऐसा ही एक मामला सामने आया। काजू कतली पर चांदी की जगह एल्युमिनियम फॉइल मिलने के बाद मिठाई दुकानदार के खिलाफ मामला दर्ज हुआ और … ]]></description>
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<pubDate>Fri, 14 Aug 2026 10:45:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>काजू, कतली, पर, चांदी, की, जगह, एल्युमिनियम, वर्क, हलवाई, को, हुई, थी, साल, की, जेल, साल, बाद, जीता, केस</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>अहमदाबाद </strong></p>
<p>काजू कतली पर चमचमाता वर्क देखकर शायद ही कोई सोचे कि इसकी वजह से किसी मिठाई दुकानदार को तीन साल की जेल की सजा हो सकती है। गुजरात में ऐसा ही एक मामला सामने आया। काजू कतली पर चांदी की जगह एल्युमिनियम फॉइल मिलने के बाद मिठाई दुकानदार के खिलाफ मामला दर्ज हुआ और निचली अदालत ने उसे तीन साल जेल की सजा सुना दी। करीब तीन दशक तक चले इस कानूनी विवाद में आखिरकार गुजरात हाई कोर्ट से दुकानदार को राहत मिली। दिलचस्प बात यह है कि दोनों लैब की जांच में एल्युमिनियम फॉइल मिलने के बावजूद दुकानदार केस जीत गया।</p>
<p><strong>1995 में शुरू हुआ था पूरा मामला</strong><br>
मामला 9 मार्च 1995 का है। फूड इंस्पेक्टर ने गुजरात के सूरत जिले के व्यारा में भानुभाई की मिठाई की दुकान से 96 रुपये की काजू कतली खरीदी। इसका सैंपल जांच के लिए भुज के पब्लिक एनालिस्ट के पास भेजा गया।</p>
<p>जांच में सामने आया कि काजू कतली पर चांदी के बजाय एल्युमिनियम का वर्क इस्तेमाल किया गया था। ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक इसके बाद दुकानदार और उसके पार्टनर्स के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ फूड अडल्टरेशन 1955 (Prevention of Food Adulteration Act) के तहत कार्रवाई शुरू हुई।</p>
<p>दुकानदार ने पहली लैब रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए दोबारा जांच की मांग की। इसके बाद सैंपल सेंट्रल फूड लेबोरेटरी गाजियाबाद भेजा गया। लेकिन यहां से भी दुकानदार को राहत नहीं मिली। दूसरी जांच में भी एल्युमिनियम फॉइल मिलने की पुष्टि हुई और सैंपल को मिलावटी बताया गया।</p>
<p><strong>निचली अदालत ने सुनाई 3 साल की जेल</strong><br>
मामला अदालत पहुंचा और लंबी सुनवाई के बाद 24 नवंबर 2006 को न्यायिक मजिस्ट्रेट ने भानुभाई और उनके पार्टनर्स को तीन साल की साधारण कैद की सजा सुनाई। साथ ही 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माना नहीं देने पर छह महीने की अतिरिक्त जेल का आदेश था। लेकिन भानुभाई ने हार नहीं मानी और फैसले को चुनौती देते रहे। आखिरकार मामला गुजरात हाई कोर्ट तक पहुंचा।</p>
<p><strong>फूड इंस्पेक्टर की एक गलती बनी अहम</strong><br>
गुजरात हाई कोर्ट में केस का रुख बदलने की सबसे बड़ी वजह सैंपल लेने का तरीका बना। फूड इंस्पेक्टर ने खुद माना था कि काजू कतली का सैंपल जिस कांच की बोतल में रखा गया था, उसे सैंपल लेने से पहले साफ नहीं किया गया था।</p>
<p>प्रिवेंशन ऑफ फूड अडल्टरेशन 1955 के Rule 14 के मुताबिक जांच के लिए खाने का सैंपल साफ और सूखी बोतल, जार या दूसरे उपयुक्त कंटेनर में लिया जाना जरूरी था। यानी सैंपल लेने की प्रक्रिया में ही जरूरी नियम का पालन नहीं हुआ था।</p>
<p><strong>एल्युमिनियम से नुकसान का सबूत भी नहीं मिला</strong><br>
मामले में दूसरा बड़ा सवाल था कि क्या काजू कतली पर मिला एल्युमिनियम फॉइल सेहत के लिए नुकसानदायक था? हाई कोर्ट ने पाया कि अदालत के सामने ऐसा कोई वैज्ञानिक या मेडिकल सबूत पेश नहीं किया गया, जिससे साबित हो कि इस मामले में मिला एल्युमिनियम फॉइल इंसानों की सेहत के लिए हानिकारक था या काजू कतली खाने लायक नहीं थी।</p>
<p>कोर्ट का कहना था कि सिर्फ एल्युमिनियम फॉइल मिलने भर से खाने की चीज को मिलावटी नहीं माना जा सकता, जब उसके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होने का सबूत रिकॉर्ड पर न हो।</p>
<p><strong>31 साल पुराने केस में मिली राहत</strong><br>
17 जून 2026 को जस्टिस हेमंत एम प्रच्छक की गुजरात हाई कोर्ट बेंच ने दुकानदार के पक्ष में फैसला बरकरार रखा। हाई कोर्ट ने माना कि आरोपी को कथित अपराध से जोड़ने के लिए पर्याप्त और भरोसेमंद सबूत नहीं हैं। अदालत ने अपीलीय अदालत के बरी करने के फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया और उसके खिलाफ दायर अपील खारिज कर दी। साल 1995 में 96 रुपये की काजू कतली से शुरू हुआ मामला करीब 31 साल बाद खत्म हुआ।</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>सागर में एयरपोर्ट का रास्ता साफ! केंद्र की हरी झंडी, जल्द दिल्ली&#45;मुंबई के लिए उड़ान भरेंगे यात्री</title>
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<description><![CDATA[ सागर  आखिरकार सागर की उम्मीदें आसमान में उड़ान भरती नजर आ रही हैं. पिछले कई सालों से सागर में एयरपोर्ट की स्थापना को लेकर मांग चल रही थी. लेकिन अब मध्य प्रदेश सरकार द्वारा केंद्र को भेजे गए प्रस्ताव के बाद एयरपोर्ट स्थापना की उम्मीद बढ़ गई है. भोपाल पहुंचे केंद्रीय नागरिक उड्यन मंत्री से … ]]></description>
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<pubDate>Fri, 14 Aug 2026 10:30:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>सागर, में, एयरपोर्ट, का, रास्ता, साफ, केंद्र, की, हरी, झंडी, जल्द, दिल्ली-मुंबई, के, लिए, उड़ान, भरेंगे, यात्री</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सागर</strong><br>
 आखिरकार सागर की उम्मीदें आसमान में उड़ान भरती नजर आ रही हैं. पिछले कई सालों से सागर में एयरपोर्ट की स्थापना को लेकर मांग चल रही थी. लेकिन अब मध्य प्रदेश सरकार द्वारा केंद्र को भेजे गए प्रस्ताव के बाद एयरपोर्ट स्थापना की उम्मीद बढ़ गई है. भोपाल पहुंचे केंद्रीय नागरिक उड्यन मंत्री से स्थानीय विधायक शैलेन्द्र जैन की मुलाकात के बाद तस्वीर साफ होती नजर आ रही है। </p>
<p>एयरपोर्ट को लेकर केंद्रीय मंत्री से हुई बातचीत में उन्होंने कहा, ''मध्य प्रदेश के 10 शहरों में एयरस्ट्रिप को एयरपोर्ट में विकसित करने की सूची में सागर का नाम है और सिंगरौली के बाद सागर में काम शुरू किया जाएगा. हालांकि सागर में नए सिरे से एयरपोर्ट बनेगा. क्योंकि मौजूदा एयरस्ट्रिप ढाना में जगह की कमी के कारण नई जगह की तलाश की जा रही है. यहां पर रनवे की लंबाई के लिए जरूरी जगह में भारी मात्रा में निजी भूमि का अधिग्रहरण करना होगा, इसलिए नई जगह की तलाश की जा रही है। </p>
<p>
<strong>क्या कहना है विधायक शैलेन्द्र जैन का</strong><br>
सागर विधायक शैलेन्द्र जैन ने चर्चा में बताया कि, '' पिछले दिनों भोपाल में केंद्रीय नागरिक उड्यन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू पहुंचे थे. जहां मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ मेरी भी चर्चा केंद्रीय मंत्री से हुई थी. मध्य प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने को लेकर हुई चर्चा में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश के जिन शहरों में एयरपोर्ट बनाने की योजना है, उस सूची में सागर का नाम है. सागर के अलावा सिंगरौली, नीमच, छिंदवाड़ा, मंडला, खंडवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया और शहडोल के नाम शामिल हैं. केंद्रीय मंत्री ने ये भी बताया कि, सबसे पहले सिंगरौली में एयरपोर्ट निर्माण पर काम किया जा रहा है. सिंगरौली के बाद सागर में एयरपोर्ट विस्तार पर पर काम होगा। </p>
<p><strong>ढाना एयरस्ट्रिप की जगह नई जगह की तलाश</strong><br>
विधायक शैलेन्द्र जैन ने कहा, '' सागर में एयरपोर्ट के निर्माण को नई जगह की तलाश शुरू हो गई है. पहले ढाना एयरस्ट्रिप को ही एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने सर्वे किया गया था. लेकिन एयरपोर्ट के रनवे के लिए जरूरी भूमि ढाना एयरस्ट्रिप के पास मौजूद नहीं है. वहां, पर ज्यादातर निजी भूमि है और उसका अधिग्रहण करने में एयरपोर्ट की लागत बढ़ जाएगी और बड़े पैमाने पर मुआवजा देना होगा. इस मामले में मध्य प्रदेश सरकार के विमानन विभाग के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला से भी विधायक शैलेन्द्र जैन ने मुलाकात की और एयरपोर्ट स्थापना की प्रगति पर चर्चा की, तो उन्होंने बताया कि जिला कलेक्टर को जमीन की तलाश के लिए पत्र लिखा है, जैसे ही जमीन मिलेगी, आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। </p>
<p><strong>पर्यटन और व्यापार में लगेगे पंख</strong><br>
विधायक शैलेन्द्र जैन ने आगे कहा, ''सागर में एयरपोर्ट शुरू होने से बुंदेलखंड में खजुराहो का बाद दूसरा एयरपोर्ट शुरू हो जाएगा. सागर में एयरपोर्ट बनने से व्यापार, उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, चिकित्सा और आईटी प्रोफेशनल्स के लिए काफी मददगार होगा. कोशिश ये की जाएगी कि मध्य प्रदेश के बीचों बीच सागर से देश के चारों महानगरों से एयर कनेक्टिविटी हो जाए। </p>]]> </content:encoded>
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<title>आकाशदीप&#45;मुकेश कुमार की DSP की नौकरी पर संकट! बिहार सरकार ने रख दी बड़ी शर्त</title>
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<description><![CDATA[ पटना  भारतीय क्रिकेट में बिहार का नाम रौशन करने वाले तेज गेंदबाज आकाशदीप और मुकेश कुमार को हाल ही में डीएसपी (पुलिस उपअधीक्षक) बनाया गया था. मगर अब पता लगा है कि बिहार सरकार ने दोनों क्रिकेटर्स समेत उन सभी खिलाड़ियों के सामने बड़ी शर्त रखी है, जिन्हें हाल ही में किसी तरह के सरकारी … ]]></description>
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<pubDate>Fri, 14 Aug 2026 10:15:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>आकाशदीप-मुकेश, कुमार, की, DSP, की, नौकरी, पर, संकट, बिहार, सरकार, ने, रख, दी, बड़ी, शर्त</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पटना </strong><br>
भारतीय क्रिकेट में बिहार का नाम रौशन करने वाले तेज गेंदबाज आकाशदीप और मुकेश कुमार को हाल ही में डीएसपी (पुलिस उपअधीक्षक) बनाया गया था. मगर अब पता लगा है कि बिहार सरकार ने दोनों क्रिकेटर्स समेत उन सभी खिलाड़ियों के सामने बड़ी शर्त रखी है, जिन्हें हाल ही में किसी तरह के सरकारी पद से नवाजा गया था. अगर नौकरी बरकरार रखनी है तो शर्त हर हाल में मानना होगा। </p>
<p><strong>पांच साल का बॉन्ड भरना होगा</strong><br>
दरअसल, हाल ही में बिहार के गृह विभाग ने एक अधिसूचना जारी की थी. इसके मुताबिक आकाशदीप और मुकेश कुमार को पांच साल का बॉन्ड भरना होगा. इस बॉन्ड के तहत दोनों को अगले पांच साल तक ‘सक्रिय क्रिकेट खिलाड़ी’ के तौर पर क्रिकेट टूर्नामेंट्स में हिस्सा लेते रहना होगा। </p>
<p><strong>अगर शर्त नहीं मानी तो नौकरी गई</strong><br>
दूसरे शब्दों में कहें तो सरकारी सेवा में रहते हुए दोनों क्रिकेटर्स को क्रिकेट से अपना जुड़ाव बनाए रखना होगा. अगर वे बॉन्ड में तय शर्तों का पालन नहीं करते हैं या बतौर एक्टिव प्लेयर क्रिकेट प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना बंद कर देते हैं तो उनकी डीएसपी की नौकरी भी जा सकती है। </p>
<p><strong>सीएम ने दिया था नियुक्ति पत्र</strong><br>
सासाराम के रहने वाले आकाशदीप और गोपालगंज के मुकेश कुमार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बीते महीने कई अन्य प्लेयर्स के साथ एक सार्वजनिक कार्यक्रम में नियुक्त पत्र सौंपा था. बिहार सरकार ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की नीति के तहत दोनों खिलाड़ियों को ये पद दिया था। </p>
<p><strong>दोनों फिलहाल इंजर्ड होकर टीम से बाहर</strong><br>
आकाशदीप और मुकेश कुमार दोनों इंजरी के चलते टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं. 15 अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ शुरू होने जा रही दो मैच की टेस्ट सीरीज में ये तेज गेंदबाज भारतीय टीम का हिस्सा नहीं हैं. आकाशदीप ने साल 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ रांची टेस्ट से इंटरनेशनल डेब्यू किया था और भारत के लिए आखिरी मैच 2025 में ओवल के मैदान पर खेला था जबकि मुकेश कुमार ने 2023 के वेस्टइंडीज दौरे पर तीनों फॉर्मेट में डेब्यू कर लिया था. जिम्बाब्वे के खिलाफ 2024 में उन्होंने अपना आखिरी इंटरनेशल मैच खेला। </p>]]> </content:encoded>
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<title>Rafale के डर से PAK ने जमीन पर उतार दी थी पूरी F&#45;16 फ्लीट! पूर्व PAF अफसर का बड़ा खुलासा</title>
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<pubDate>Fri, 14 Aug 2026 09:45:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Rafale, के, डर, से, PAK, ने, जमीन, पर, उतार, दी, थी, पूरी, F-16, फ्लीट, पूर्व, PAF, अफसर, का, बड़ा, खुलासा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong><br>
मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हवाई युद्ध की तस्वीर अब और साफ हो रही है. हाल ही में पाकिस्तान एयर फोर्स के रिटायर्ड एयर कमोडोर खालिद चिश्ती ने एक अहम बात स्वीकार की है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने अपने पूरे F-16 फ्लीट को उस दौरान जमीन पर ही रखा. यह सावधानी नहीं बल्कि डर की वजह से था. कारण था भारत के राफेल जेट्स पर लगे मेटियोर मिसाइल्स की लंबी रेंज और बेहतर क्षमता।  </p>
<p>F-16 पर लगे AMRAAM मिसाइल की रेंज करीब 70 से 100 किलोमीटर तक बताई जाती है जबकि राफेल के मेटियोर की रेंज 120 से 200 किलोमीटर तक पहुंच सकती है. यह अंतर इतना बड़ा था कि पाकिस्तानी पायलटों को लगता था कि वे लड़ाई शुरू होने से पहले ही निशाना बन सकते हैं। </p>
<p>इससे साफ होता है कि आधुनिक हवाई युद्ध अब सिर्फ पायलट की कुशलता या विमान की चपलता पर निर्भर नहीं रह गया है. अब रेंज, फर्स्ट-शॉट एडवांटेज और मिसाइल की नो एस्केप जोन जैसी तकनीकी बातें फैसला करती हैं. खालिद चिश्ती जैसे अनुभवी अधिकारी का यह बयान पाकिस्तान का डर बताता है। </p>
<p><strong>मेटियोर बनाम AMRAAM: रेंज का अंतर क्यों था?</strong><br>
मेटियोर मिसाइल यूरोपीय कंपनी एमबीडीए ने बनाई है. इसकी सबसे बड़ी खासियत रैमजेट इंजन है. सामान्य मिसाइलें ठोस ईंधन वाले रॉकेट मोटर से चलती हैं जो लॉन्च के कुछ सेकंड बाद जलकर खत्म हो जाता है. उसके बाद मिसाइल अपनी रफ्तार पर निर्भर रहती है. धीरे-धीरे ऊर्जा खोती जाती है. मेटियोर में रैमजेट इंजन पूरे उड़ान भर थ्रस्ट बनाए रखता है. इससे यह लंबी दूरी तक ऊंची स्पीड और ऊर्जा बनाए रखती है। </p>
<p>इसका नतीजा नो एस्केप जोन में दिखता है. नो एस्केप जोन वह इलाका है जहां लक्ष्य विमान मिसाइल से बच नहीं सकता चाहे वह कितना भी मुड़कर या भागने की कोशिश करे. मेटियोर का यह जोन 60 किलोमीटर से ज्यादा बताया जाता है जो AMRAAM के मुकाबले करीब तीन गुना बड़ा है। </p>
<p>राफेल पायलट दुश्मन को लॉक करके फायर कर सकता था. खुद AMRAAM की रेंज से बाहर सुरक्षित रह सकता था. पाकिस्तान के F-16 पायलट अगर आगे बढ़ते तो वे पहले ही निशाने पर आ जाते बिना जवाब देने का मौका पाए। </p>
<p>भारत ने इस तकनीकी बढ़त को और मजबूत बनाया. एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम की कवरेज और लंबी दूरी वाले स्टैंड-ऑफ हथियारों ने पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र को लगभग बंद कर दिया. एस-400 ने लंबी दूरी से पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट और यहां तक कि कुछ हाई वैल्यू टारगेट को भी निशाना बनाया. पाकिस्तानी विमानों को अपने ठिकानों के पास या पश्चिमी इलाकों की तरफ पीछे हटना पड़ा. इस माहौल में F-16 को उड़ान भरने का जोखिम बहुत ज्यादा था। </p>
<p><strong>ऑपरेशन सिंदूर और जमीनी नुकसान</strong><br>
ऑपरेशन सिंदूर अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू हुआ था. भारत ने आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए. इसके बाद हवाई और मिसाइल हमलों का सिलसिला चला. भारतीय वायुसेना ने राफेल, सु-30 एमकेआई और अन्य प्लेटफॉर्म से स्टैंड-ऑफ वेपन्स का इस्तेमाल किया। </p>
<p>पाकिस्तान के कई एयरबेस पर नुकसान हुआ. जैकोबाबाद जैसे ठिकानों पर F-16 हैंगर क्षतिग्रस्त हुए. कुछ विमान जमीन पर ही प्रभावित हुए. रडार और कमांड सिस्टम भी निशाने पर आए. खालिद चिश्ती के अनुसार F-16 की मिसाइल रेंज की कमी के कारण उन्हें फ्रंटलाइन पर नहीं भेजा जा सका। </p>
<p>कुछ रिपोर्टों में बताया गया कि JF-17 और J-10सी जैसे प्लेटफॉर्म पर चीनी मिसाइलें थीं लेकिन F-16 जो पाकिस्तान की मुख्य शक्ति माना जाता था वह किनारे पर रह गया. यह घटना दिखाती है कि पुरानी पीढ़ी के विमान और मिसाइल नई तकनीक के सामने कैसे पीछे छूट जाते हैं। </p>
<p><strong>क्या जे-10सीई और पीएल-15 गैप को तेजी से भर सकते हैं</strong><br>
पाकिस्तान ने चीन से जे-10सीई फाइटर जेट और पीएल-15 मिसाइल हासिल की हैं. पीएल-15 की घरेलू चीनी वर्जन की रेंज 200 किलोमीटर या उससे ज्यादा बताई जाती है जबकि एक्सपोर्ट वर्जन पीएल-15ई की रेंज करीब 145 किलोमीटर मानी जाती है. इसे मेटियोर के करीब या बराबर बताया जाता है. ड्यूल-पल्स सॉलिड रॉकेट मोटर से यह लंबी दूरी तय कर सकती है। </p>
<p>लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि सिर्फ अधिकतम रेंज काफी नहीं है. मेटियोर का रैमजेट सिस्टम नो एस्केप जोन में बेहतर प्रदर्शन देता है. पीएल-15 ऊर्जा खो सकती है जबकि मेटियोर अंत तक मजबूत रहती है. इसके अलावा भारत के पास S-400 मिसाइल सिस्टम, बेहतर सेंसर फ्यूजन, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सुइट और नेटवर्क सेंट्रिक क्षमता है. राफेल का आरबीई2 एईएसए रडार और स्पेक्ट्रा सिस्टम कंडिशनल अवेयरनेस बढ़ाते हैं। </p>
<p>पाकिस्तान जे-10सीई और पीएल-15 के साथ गैप कम करने की कोशिश कर रहा है. लेकिन मात्रा, इंटीग्रेशन, ट्रेनिंग और सपोर्ट सिस्टम में भारत अभी आगे है. भारत अस्त्र मार्क-2 जैसी स्वदेशी मिसाइलों पर भी काम कर रहा है. मेटियोर स्टॉक बढ़ा रहा है. भविष्य में अगर पाकिस्तान को बेहतर वर्जन या ज्यादा संख्या मिलती है तो संतुलन बदल सकता है लेकिन रेंज और फर्स्ट-शॉट एडवांटेज भारत के पक्ष में है। </p>
<p><strong>हवाई युद्ध का नया सिद्धांत: रेंज अब राजा है</strong><br>
यह घटना आधुनिक हवाई युद्ध के सिद्धांत को दोहराती है. पहले डॉगफाइट और पायलट स्किल पर जोर था. अब बीवीआर यानी बियॉन्ड विजुअल रेंज मुकाबला मुख्य है. जो पहले फायर करे और सुरक्षित रहे वही जीते. मेटियोर जैसी मिसाइलें इसी सिद्धांत पर बनी हैं. एस-400 जैसी ग्राउंड बेस्ड सिस्टम हवाई क्षेत्र को नियंत्रित करती हैं। </p>
<p>कुल मिलाकर खालिद चिश्ती का बयान सिर्फ एक स्वीकारोक्ति नहीं है. यह बताता है कि तकनीक कैसे रणनीति को आकार देती है. ऑपरेशन सिंदूर में मिसाइल रेंज का अंतर निर्णायक साबित हुआ. भविष्य में जे-10सीई और पीएल-15 इस अंतर को कम कर सकते हैं लेकिन पूरी तरह बंद करने में समय और संसाधन दोनों लगेंगे. फिलहाल भारत की हवाई बढ़त मजबूत बनी हुई है। </p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>EPFO का बड़ा बदलाव! नौकरी जाते ही निकाल सकेंगे PF का 75%, घर रिपेयर के लिए भी मिलेगा पैसा</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली अगर आप नौकरी करते हैं और हर महीने आपकी सैलरी से पीएफ कटता है, तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है। ईपीएफओ ने पीएफ से पैसा निकालने के नियमों में बदलाव करते हुए कर्मचारियों के लिए निकासी को आसान किया है। अब जरूरत पड़ने पर कर्मचारी अपने पीएफ खाते में जमा … ]]></description>
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<pubDate>Fri, 14 Aug 2026 09:45:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>EPFO, का, बड़ा, बदलाव, नौकरी, जाते, ही, निकाल, सकेंगे, का, 75, घर, रिपेयर, के, लिए, भी, मिलेगा, पैसा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>अगर आप नौकरी करते हैं और हर महीने आपकी सैलरी से पीएफ कटता है, तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है। ईपीएफओ ने पीएफ से पैसा निकालने के नियमों में बदलाव करते हुए कर्मचारियों के लिए निकासी को आसान किया है। अब जरूरत पड़ने पर कर्मचारी अपने पीएफ खाते में जमा रकम का एक बड़ा हिस्सा निकाल सकते हैं। खासकर नौकरी छूटने, बीमारी, पढ़ाई, घर और दूसरी जरूरी जरूरतों के लिए पीएफ का पैसा पहले के मुकाबले आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।</p>
<p>केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने लोकसभा में ईपीएफ निकासी के नए नियमों की जानकारी दी। सरकार के मुताबिक कर्मचारियों को आंशिक निकासी और एडवांस के नियमों को आसान और ज्यादा लचीला बनाया गया है।</p>
<p><strong>नौकरी चली गई तो पीएफ का 75% निकाल सकेंगे</strong><br>
सबसे बड़ी राहत उन कर्मचारियों के लिए है, जिनकी नौकरी चली जाती है। बेरोजगारी की स्थिति में कर्मचारी अपने पीएफ बैलेंस का 75 फीसदी तक तुरंत निकाल सकते हैं। यानी नौकरी जाने के बाद पैसों की जरूरत पड़ने पर कर्मचारी अपने पीएफ का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस बदलाव का मकसद बेरोजगार कर्मचारियों को आर्थिक मदद देना है, ताकि नई नौकरी मिलने तक उन्हें पैसों की परेशानी का सामना न करना पड़े।</p>
<p><strong>साल में दो बार निकाल सकेंगे 75% तक रकम</strong><br>
ईपीएफओ के नए नियमों के तहत कुछ खास परिस्थितियों में कर्मचारी अपने पीएफ खाते में जमा रकम का 75 फीसदी तक साल में दो बार निकाल सकते हैं। इसके लिए तीन केटेगरी बनाई गई हैं। इसमें जरूरी खर्च, घर से जुड़ी जरूरत और खास परिस्थितियां शामिल है। यानी मेडिकल इमरजेंसी, एजुकेशन, घर और पैसे से जुड़ी बड़ी जरूरतों के लिए आर्थिक सहारा बन सकता है।</p>
<p><strong>बीमारी के लिए निकासी की कोई लिमिट नहीं</strong><br>
ईपीएफ से एडवांस निकालने के नियमों में बीमारी को भी शामिल किया गया है। बीमारी के मामले में एडवांस निकालने की संख्या पर कोई लिमिट नहीं रखी गई है। इससे कर्मचारी और उनके परिवार को मेडिकल खर्च के समय पीएफ की रकम का इस्तेमाल करने में मदद मिल सकती है।</p>
<p><strong>पढ़ाई और शादी के लिए भी पीएफ का पैसा</strong><br>
नए नियमों के तहत कर्मचारी अपनी पीएफ सदस्यता के दौरान एजुकेशन के लिए अधिकतम 10 बार और शादी के लिए अधिकतम 5 बार पीएफ एडवांस ले सकते हैं। वहीं, घर से जुड़ी जरूरतों के लिए पीएफ एडवांस अधिकतम 5 बार लिया जा सकता है। इन आंशिक निकासी के लिए कम से कम 12 महीने की पीएफ सदस्यता जरूरी होगी।</p>
<p><strong>7 साल की जगह 12 महीने की सदस्यता</strong><br>
कर्मचारियों के लिए एक और बड़ा बदलाव न्यूनतम सर्विस पीरियड को लेकर है। कई तरह के पीएफ एडवांस निकासी के लिए पहले लंबे सर्विस पीरियड की जरूरत होती थी। अब कुछ मामलों में यह पीरियड घटाकर 12 महीने कर दिया गया है। इसका फायदा खासतौर पर उन युवा कर्मचारियों को मिल सकता है, जिन्हें नौकरी शुरू करने के कुछ समय बाद ही किसी जरूरी खर्च के लिए पैसों की जरूरत पड़ जाती है।</p>
<p><strong>EPS का पैसा निकालने के नियम अलग</strong><br>
सरकार ने यह भी साफ किया है कि समय से पहले अंतिम ईपीएफ सेटलमेंट के लिए 12 महीने का वेटिंग पीरियड और कर्मचारी पेंशन योजना यानी EPS के निकासी फायदे के लिए 36 महीने का वेटिंग पीरियड लागू है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक तथ्य, जानें इससे जुड़े अहम और अनसुने पहलू</title>
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<description><![CDATA[ राष्ट्रगीत -वंदे मातरम् : ऐतिहासिक तथ्य भोपाल आज देश वंदे मातरम् की 150वी जयंती मना रहा है। भारत के संविधान में &#039;वंदे मातरम्&#039; गीत को स्वतंत्रता संग्राम में उसके योगदान को देखते हुए राष्ट्रगान &#039;जन गण मन&#039; के बराबर सम्मान देते हुए &#039;राष्ट्रगीत का दर्जा दिया गया है। युवा पीढ़ी को वंदे मातरम् गीत के … ]]></description>
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<pubDate>Fri, 14 Aug 2026 09:30:43 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>राष्ट्रगीत, ‘वंदे, मातरम्’, के, ऐतिहासिक, तथ्य, जानें, इससे, जुड़े, अहम, और, अनसुने, पहलू</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>राष्ट्रगीत -वंदे मातरम् : ऐतिहासिक तथ्य</strong></p>
<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>आज देश वंदे मातरम् की 150वी जयंती मना रहा है। भारत के संविधान में 'वंदे मातरम्' गीत को स्वतंत्रता संग्राम में उसके योगदान को देखते हुए राष्ट्रगान 'जन गण मन' के बराबर सम्मान देते हुए 'राष्ट्रगीत का दर्जा दिया गया है। युवा पीढ़ी को वंदे मातरम् गीत के बारे में कुछ ऐतिहासिक तथ्य जानना जरूरी है। प्रस्तुत है मध्यप्रदेश संदेश के जुलाई अंक 2005 को प्रकाशित स्वर्गीय श्री रविन्द्र पंण्ड्या के लेख के अंश।</p>
<p>इस राष्ट्रगीत की रचना स्व. बंकिम चंद्र चटर्जी ने सात नवंबर 1876 को गंगा के किनारे बंगाल के ग्राम कांतलपाडा में की थी। मातृभूमि की वंदना प्रस्तुत करने वाली राष्ट्र गौरव की अमर रचना 'वंदे मातरम्' को उन्होंने अपनी ऐतिहासिक औपन्यासिक कृति 'आनंद मठ' में शामिल किया था। 'आनंद मठ' का प्रकाशन 'बंग दर्शन' पत्रिका में वर्ष 1880 से 1882 के बीच हुआ। पुस्तक के रूप में आनंदमठ का प्रकाशन वर्ष 1882 में हुआ।</p>
<p>स्वतंत्रता संग्राम के दौरान 'वंदे मातरम्' सभी भारतवासियों का प्रिय गीत बन गया था तथा इससे राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा लेकर देश को स्वतंत्र करने के लिए राष्ट्रभक्त सपूतों ने कई आंदोलन और अभियान छेड़े। वस्तुतः 'वंदे मातरम्' मातृ भूमि की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष का प्रतीक गीत बन गया था। महान शास्त्रीय संगीतकार पंडित विष्णु दिगंबर पलुस्कर ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान 'वंदे मातरम्' को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। इसकी शुरूआत उन्होंने लाहौर से की और इसे देश में अनेक स्थानों पर गाया। 'वंदे मातरम्' की उनकी ओजपूर्ण प्रस्तुति सुनकर लोग रोमांच और देशभक्ति की भावना और राष्ट्र अभिमान से भर जाते थे। वर्ष 1896 के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में 'वंदे मातरम्' का गायन स्व. रवीन्द्रनाथ टैगोर ने स्वयं किया। यह पहला राजनैतिक अवसर था जब 'वंदे मातरम्' सामूहिक रूप से गाया गया। इस गीत का संगीत भी स्व. टैगोर ने दिया था।</p>
<p>वर्ष 1901 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने दक्षण राजन सेन के संगीत संयोजन में 'वंदे मातरम्' के गायन का अभ्यास किया। रवीन्द्रनाथ टैगोर की भतीजी सरला देवी चौधरानी ने 1905 में 'वंदे मातरम्' पर अंग्रेज सरकार के प्रतिबंध के बावजूद कांग्रेस अधिवेशन में इसे गाया।</p>
<p>वर्ष 1905 में स्वतंत्रता आंदोलन ने संगठित स्वरूप ले लिया था। इसी वर्ष देश की राजनीति ने नया मोड़ लिया। स्वदेशी आंदोलन की घोषणा सात अगस्त 1905 को कलकत्ता में हुई। अंग्रेजों ने 16 अक्टूबर1905 का बंगाल का विभाजन किया। इसके साथ ही पहले बंगाल और फिर पूरे भारत में 'वंदे मातरम्' का घोष देश में गली-गली, मोहल्ले मोहल्ले और स्कूलों में भी होने लगा। 'वंदे मातरम्' आंदोलन के कारण ही इसी वर्ष राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार को नागपुर में स्कूल से निकाल दिया गया।</p>
<p>इसके बाद 1915 से प्रत्येक कांग्रेस अधिवेशन 'वंदे मातरम्' राष्ट्रगीत के गायन से शुरू करने की परंपरा बन गई जो अब भी चल रही है। श्री सुभाष चंद्र बोस ने इसे अपनी इंडियन नेशनल आर्मी का गीत बना दिया था तथा सिंगापुर रेडियो स्टेशन से इसका नियमित प्रसारण किया जाता था। 14 अप्रैल 1906 को 'वंदे मातरम्' के कारण कोलकात्ता में एक जुलूस पर लाठी चार्ज किया गया था जिसमें महर्षि अरविंद भी घायल हुए थे। महर्षि अरविंद ने ही 'वंदे मातरम्' का अंग्रेजी भाषा में अनुवाद भी किया।</p>
<p>महर्षि अरविंद ने 'महायोगी' में लिखा है- 'वंदे मातरम्' राष्ट्रीयता की अभिव्यक्ति है। यह तेजी से पूरे भारत में लोकप्रिय हो रहा है। इसी वजह से यह राष्ट्रगीत के रूप में लाखों लोगों द्वारा गाया जाता है। द केम्ब्रिज हिस्ट्री ऑफ इंडिया में कहा गया है कि 'वंदेमातरम्' स्वदेशी अभियान की महान भेंट है। 'ए बुक ऑफ इंडिया' में श्री बी.एन. पाण्डे ने लिखा है कि श्री बंकिम चन्द्र चटर्जी की इस काव्य रचना ने शीघ्र ही पूरे भारत के राष्ट्रवादी आंदोलन में अपनी जगह बना ली।</p>
<p>कांग्रेस ने वर्ग 1937 में 'वंदे मातरम्' के पुनरीक्षण के लिए मौलाना अब्दुल कलाम आजाद, सुभाष चन्द बोस, पंडित जवाहरलाल नेहरू, तथा आचार्य नरेन्द्र देव की एक उप समिति गठित की थी। इस समिति को कविवर रवीन्द्र नाथ टैगोर से भी मार्गदर्शन लेना था। अंततः कांग्रेस कार्यसमिति ने उसी वर्ष 'वंदे मातरम्' के कांग्रेस अधिवेशन में गायन को संशोधित किया और इस राष्ट्रगीत के प्रथम दो छंद ही गाये जाने का निर्णय लिया गया। इसके बाद वर्ष 1938 के हरिपुर कांग्रेस अधिवेशन में पहली बार 'वंदे मातरम्' के पहले दो छंद ही गाए गए।</p>
<p>देश के स्वतंत्रता आंदोलन से जन-जन को जोड़ने में 'वंदे मातरम्' की विशेष भूमिका थी। लोगों में देशप्रेम और आजादी पाने की अभिलाषा बढ़ाने वाली इस रचना का ही प्रभाव था जब भारत के कोने-कोने से अंग्रेजों को वापिस अपने देश जाने के लिए आवाजें तेज होती गई। इस गीत ने नागरिकों के स्वाभिमान को जगाकर संगठित रूप से राष्ट्र के सम्मान को कायम रखने के लिए जुनून पैदा किया।</p>
<p>भारतीय गणतंत्र की स्थापना के लिए 26 जनवरी, 1950 की तिथि निर्धारित की गयी थी। राष्ट्रपति के निर्वाचन के पहले राष्ट्रगान का चयन होना था। 'वंदे मातरम्' के संबंध में यह आपत्ति उठाई गई थी कि 'जन-गण-मन' के मुकाबले वह बैंड संगीत के लिए उपयुक्त नहीं था।</p>
<p>राष्ट्रगान की धुन के संबंध में यह महसूस किया गया है कि उसमें शब्दों से ज्यादा धुन का महत्व होता है, और इस धुन को न केवल भारतीय संगीत की खूबी का प्रतिनिधित्व करना चाहिए बल्कि कुछ हद तक पश्चिमी संगीत के लिए भी सुविधाजनक होना चाहिए जिससे उसे आर्केस्ट्रा तथा बैंड पर विदेशों में भी आसानी से प्रस्तुत किया जा सके। पुराना अनुभव बताता है कि 'जन गण मन' की धुन ने विदेशों में ज्यादा प्रशंसा पायी है तथा उसे पसंद किया गया है। 'वंदे मातरम्' उसके प्रति महान आकर्षण तथा उसको ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बावजूद विदेशों में आर्केस्ट्रा पर बजाने में ज्यादा सुविधाजनक नहीं है। इस कारण 'वंदे मातरम्' भारत का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रगीत रहेगा तथा राष्ट्रगान की धुन जन-गण-मन की रहेगी और 'जन-गण-मन' के शब्दों में आवश्यकतानुसार संशोधन किया जाएगा।</p>
<p><strong>डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा की अध्यक्षता करते हुए यह बयान दिया जो इस विषय पर अंतिम निर्णय माना जाता है :-</strong></p>
<p>'जन-गण-मन' गीत तथा उसका संगीत भारत का राष्ट्रगान है। भारत की स्वतंत्रता के संग्राम में ऐतिहासिक योगदान देने वाले गीत 'वंदे मातरम्' को 'जन-गण-मन' के बराबर सम्मान रहेगा और उसे बराबरी का दर्जा प्राप्त रहेगा।</p>
<p><strong>शासकीय कार्यालयों में राष्ट्रगीत</strong></p>
<p>संसद तथा विधानसभा में 'वंदे मातरम्' का गायन किया जाता है। इसे चरणबद्ध रूप से लागू किया जाय। कार्यालयों में 'वंदे मातरम्' के पहले दो छंद ही गाये जायेंगे। इसकी शुरूआत पहले मंत्रालय तथा जिलाध्यक्ष कार्यालयों से हो गई है। 'वंदे मातरम्' के गरिमापूर्ण गायन को सुनिश्चित करने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जायेंगे।</p>
<p>शासकीय कार्यालयों में 'वंदेमातरम्' के गायन का उद्देश्य शासकीय कर्मियों में राष्ट्रभक्ति तथा राष्ट्र सेवा की भावना जगाना है। इससे अनुशासन भी आएगा और शासकीय कर्मियों को समय पर कार्यालय पहुँचने की प्रेरणा भी मिलेगी।</p>
<p><strong>वन्दे मातरम्</strong></p>
<p><strong>सुजलां सुफलां मलयज शीतलाम्</strong></p>
<p><strong>शस्यश्यामलां मातरम्।</strong></p>
<p><strong>शुभ्र ज्योत्स्ना पुलकित यामिनीम्</strong></p>
<p><strong>फुल्ल कुसुमित दुमदल शोभिनीम्</strong></p>
<p><strong>सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीम्</strong></p>
<p><strong>सुखदां वरदां मातरम्</strong></p>
<p><strong>वन्दे मातरम्</strong></p>
<p><strong>बंकिम चंद्र चटर्जी</strong></p>
<p><strong>(1838-1894)</strong></p>
<p><strong>(साभार मध्यप्रदेश संदेश जुलाई 2026)</strong></p>]]> </content:encoded>
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<title>Vande Mataram के संगीत का रोचक इतिहास, जानें कैसे बनी देशभक्ति की अमर धुन</title>
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<description><![CDATA[ वंदे मातरम् के संगीत का इतिहास भोपाल  आज देश जब वंदेमातरम् की 150वी जयंती मना रहा है, युवा पीढ़ी को वंदेमातरम् के संगीत में जानकारी होना चाहिए। राष्ट्रगीत &#039;वंदे मातरम्&#039; के संगीत का दिलचस्प इतिहास है। &#039;वंदे मातरम्&#039; को संगीतबद्ध करना संगीतकारों के लिए गर्व की बात तो थी ही, लेकिन यह राष्ट्र धर्म का … ]]></description>
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<pubDate>Fri, 14 Aug 2026 09:30:39 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>वंदे मातरम् के संगीत का इतिहास</strong></p>
<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>आज देश जब वंदेमातरम् की 150वी जयंती मना रहा है, युवा पीढ़ी को वंदेमातरम् के संगीत में जानकारी होना चाहिए। राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के संगीत का दिलचस्प इतिहास है। 'वंदे मातरम्' को संगीतबद्ध करना संगीतकारों के लिए गर्व की बात तो थी ही, लेकिन यह राष्ट्र धर्म का एक अत्यंत चुनौतिपूर्ण कार्य भी था। संस्कृतनिष्ठ शब्दों की लयकारी करना और उसे सामूहिक गान के लिए उपयुक्त बनाना विलक्षण सांगीतिक प्रतिभा के सामर्थ्य की ही बात थी। इस गीत को भारतीय शास्त्रीय संगीत के मनीषियों ने अपनी प्रतिभा के पुष्प अर्पित किये हैं।</p>
<p>'वंदे मातरम्' की पहली धुन रवीन्द्रनाथ टैगोर ने बनाई और राष्ट्रीय कांग्रेस के बारहवें अधिवेशन में स्वयं प्रस्तुत की। 1904 ईसवी में रवीन्द्रनाथ टैगोर की आवाज में 'वंदे मातरम्' का पहला ग्रामोफोन रेकार्ड बाजार में आया। इस बीच स्वतंत्रता संग्राम का आंदोलन तेज हो गया था। फ्रांस की रिकॉर्ड कंपनी 'पाथे' ने इसे प्रकाशित किया। यह एक पैंटोग्राफ जैसा रिकॉर्ड था। 1901 ईसवी में दक्षिणराजन सेन ने स्वयं का संगीतबद्ध 'वंदे मातरम्' गाया। इसको संगीतबद्ध करने में सबसे प्रमुख नाम पं. विष्णु दिगम्बर पलुस्कर का है जिन्होंने लाहौर से इसकी सार्वजनिक प्रस्तुति शुरू की और देश भक्तों के बीच विभिन्न स्थानों पर गाते रहे। उनके संगीतबद्ध किये हुए 'वंदे मातरम्' की विशेषता यह थी कि उन्होंने इसकी मूल प्रेरणा और शब्दों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए संगीत दिया।</p>
<p>एक अन्य संगीतकार दिलीप कुमार राय ने 'वंदे मातरम्' की नई संगीत रचना तैयार की और उसे महात्मा गांधी की उपस्थिति में 29 अगस्त 1927 को प्रस्तुत किया। गांधी जी ने उनकी भूरी-भूरी प्रशंसा की। उनके दो रिकॉर्ड उपलब्ध हैं। उन्होंने अपनी आवाज में जो 'वंदे मातरम्' गाया वह असम की लोक गीत शैली में है। दूसरा रिकॉर्ड कर्नाटक संगीतकार स्वर्गीय एम.एस. सुब्बलक्ष्मी के साथ गाया था। यह संगीत रचना राग बिलावल और राग बागेश्री का समन्वय है। 'वंदे मातरम्' के संगीत से जुड़ा एक अन्य नाम मास्टर कृष्णराव का है। उन्होंने अकेले ही इसकी प्रस्तुतियाँ देना शुरू की थीं और इसको राष्ट्रगीत का दर्जा दिलाने के लिए प्रयत्नशील रहे। पूना में जन्में मास्टर कृष्णराव एक गायक अभिनेता थे। उन्होंने राग झिंझौटी में 'वंदे मातरम्' तैयार किया जो सार्वजनिक गायन के लिए उपयोगी था। पण्डित पलुस्कर ने'वंदे मातरम्' को राग काफी में प्रस्तुत किया। इसी राग में निबद्ध पं. ओंकारनाथ ठाकुर का गाया 'वंदे मातरम्' खूब सराहा गया। उन्होंने संपूर्ण गीत गाया। बाद में जब 1947 में सरदार वल्लभ भाई पटेल ने स्वतंत्रता दिवस की सुबह आकाशवाणी पर 'वंदे मातरम्' गाने के लिए आमंत्रित किया तो ओंकारनाथ ठाकुर ने सावधान की मुद्रा में पूरा 'वंदे मातरम्' गाया। 1935 से 1952 ईसवी के बीच कई विख्यात संगीतकारों ने 'वंदे मातरम्' को संगीत दिया। उनमें से प्रमुख मराठी रंगमंच के अभिनेता केशव राव भोले, विष्णुपंत फगणीस, वी.डी. अभ्यंकर, मास्टर कृष्णराव और दिलीप कुमार राय प्रमुख हैं। विष्णुपंत फगणीस ने 'वंदे मातरम्' को राग सारंग में प्रस्तुत किया। उस सभा में गोविंद वल्लभ पंत, डॉ. पट्टाभि सीतारमैया, दादा धर्माधिकारी भी उपस्थित थे। इसके बाद मोगूबाई कुर्डीकर ने राग मिश्र खंबावती में इसे गाया। बाद के समय में तिमिरबरन भट्टाचार्य ने राग दुर्गा में 'वंदे मातरम्' की संगीत रचना की जो ब्रिटिश बैंड पर भी बजाया गया। राग दुर्गा की धुन मार्च पास्ट में बजने वाले गीत की तरह है। राग दुर्गा की धुन को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने सिंगापुर रेडियो से प्रसारित करवाया जब उन्होंने आजाद हिन्द फौज की स्थापना की थी। 'वंदे मातरम्' की एक लोकप्रिय धुन हेमन्त कुमार ने बनाई। इसके संगीत से जुड़े प्रसंगों को मास्टर कृष्ण राव ने विभिन्न अवसरों पर स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े नेताओं के समक्ष रखा। वे एक नई लोकप्रिय धुन एआर रहमान से बनाई है। उन्होंने 17 जनवरी 1950 को एक पत्रकार वार्ता में 'वंदे मातरम्' की तीन संगीत रचनाएँ भी प्रस्तुत की थी। हमारे समय के संगीतकार भी 'वन्दे मातरम्' की नयी-नयी धुनें बना रहे हैं।</p>
<p>देश के स्वतंत्रता आंदोलन से जन-जन को जोड़ने में 'वंदे मातरम्' की विशेष भूमिका थी। लोगों में देशप्रेम और आजादी पाने की अभिलाषा बढ़ाने वाली इस रचना का ही प्रभाव था जब भारत के कोने-कोने से अंग्रेजों को वापिस अपने देश जाने के लिए आवाजें तेज होती गई। इस गीत ने नागरिकों के स्वाभिमान को जगाकर संगठित रूप से राष्ट्र के सम्मान को कायम रखने के लिए जुनून पैदा किया।</p>
<p>भारतीय गणतंत्र की स्थापना के लिए 26 जनवरी, 1950 की तिथि निर्धारित की गयी थी। राष्ट्रपति के निर्वाचन के पहले राष्ट्रगान का चयन होना था। 'वंदे मातरम्' के संबंध में यह आपत्ति उठाई गई थी कि 'जन-गण-मन' के मुकाबले वह बैंड संगीत के लिए उपयुक्त नहीं था।</p>
<p>राष्ट्रगान की धुन के संबंध में यह महसूस किया गया है कि उसमें शब्दों से ज्यादा धुन का महत्व होता है, और इस धुन को न केवल भारतीय संगीत की खूबी का प्रतिनिधित्व करना चाहिए बल्कि कुछ हद तक पश्चिमी संगीत के लिए भी सुविधाजनक होना चाहिए जिससे उसे आर्केस्ट्रा तथा बैंड पर विदेशों में भी आसानी से प्रस्तुत किया जा सके। पुराना अनुभव बताता है कि 'जन गण मन' की धुन ने विदेशों में ज्यादा प्रशंसा पायी है तथा उसे पसंद किया गया है। 'वंदे मातरम्' उसके प्रति महान आकर्षण तथा उसको ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बावजूद विदेशों में आर्केस्ट्रा पर बजाने में ज्यादा सुविधाजनक नहीं है। इस कारण 'वंदे मातरम्' भारत का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रगीत रहेगा तथा राष्ट्रगान की धुन जन-गण-मन की रहेगी और 'जन-गण-मन' के शब्दों में आवश्यकतानुसार संशोधन किया जाएगा।</p>
<p><strong>डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा की अध्यक्षता करते हुए यह बयान दिया जो इस विषय पर अंतिम निर्णय माना जाता है :-</strong></p>
<p><strong>'जन-गण-मन' गीत तथा उसका संगीत भारत का राष्ट्रगान है</strong>। भारत की स्वतंत्रता के संग्राम में ऐतिहासिक योगदान देने वाले गीत 'वंदे मातरम्' को 'जन-गण-मन' के बराबर सम्मान रहेगा और उसे बराबरी का दर्जा प्राप्त रहेगा।</p>
<p><strong>शासकीय कार्यालयों में राष्ट्रगीत</strong></p>
<p>संसद तथा विधानसभा में 'वंदे मातरम्' का गायन किया जाता है। इसे चरणबद्ध रूप से लागू किया जाय। कार्यालयों में 'वंदे मातरम्' के पहले दो छंद ही गाये जायेंगे। इसकी शुरूआत पहले मंत्रालय तथा जिलाध्यक्ष कार्यालयों से हो गई है। 'वंदे मातरम्' के गरिमापूर्ण गायन को सुनिश्चित करने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जायेंगे।</p>
<p>शासकीय कार्यालयों में 'वंदेमातरम्' के गायन का उद्देश्य शासकीय कर्मियों में राष्ट्रभक्ति तथा राष्ट्र सेवा की भावना जगाना है। इससे अनुशासन भी आएगा और शासकीय कर्मियों को समय पर कार्यालय पहुँचने की प्रेरणा भी मिलेगी।</p>
<p><strong>(साभार मध्यप्रदेश संदेश जुलाई 2026)</strong></p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>17 लाख जमा, 24 साल बाद भी सीवेज लाइन गायब! भोपाल नगर निगम पर NGT सख्त</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  बागमुगलिया की प्रियदर्शिनी कालोनी सहित आसपास की कालोनियों में सीवेज की समस्या को लेकर दायर मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने भोपाल नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। 1999-2000 में बाहरी विकास और सीवेज कनेक्टिविटी के लिए नगर निगम में जमा कराई गई राशि के बावजूद वर्षों तक सीवेज लाइन … ]]></description>
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<pubDate>Fri, 14 Aug 2026 09:30:35 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>लाख, जमा, साल, बाद, भी, सीवेज, लाइन, गायब, भोपाल, नगर, निगम, पर, NGT, सख्त</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong><br>
 बागमुगलिया की प्रियदर्शिनी कालोनी सहित आसपास की कालोनियों में सीवेज की समस्या को लेकर दायर मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने भोपाल नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।</p>
<p>1999-2000 में बाहरी विकास और सीवेज कनेक्टिविटी के लिए नगर निगम में जमा कराई गई राशि के बावजूद वर्षों तक सीवेज लाइन नहीं बिछाने के मामले में एनजीटी ने अब जांच के निर्देश दिए हैं।</p>
<p><strong>साथ ही नगर निगम को जमा राशि को 6 प्रतिशत ब्याज सहित अमृत योजना-2.0 के फंड में जमा कराने को कहा है।</strong></p>
<p><strong>विकास शुल्क जमा, समस्या जस की तस</strong><br>
वार्ड-53 से वर्तमान पार्षद प्रताप वारे ने एनजीटी में याचिका दर्ज कर आरोप लगाया था कि वार्ड-53, बागमुगलिया की बहुमंजिला इमारतों और कॉलोनियों से सीवेज का उचित निस्तारण नहीं हो रहा है। कई जगह बिना उपचारित सीवेज खाली प्लाटों में फैल रहा है, जिससे दुर्गंध, गंदगी, मच्छरों और बीमारियों का खतरा बना हुआ है।</p>
<p>एनजीटी ने पाया कि परियोजना से जुड़े पक्ष ने नगर निगम को 98,600 रुपये बाहरी विकास शुल्क, 15.56 लाख रुपये बाहरी विकास अनुमति शुल्क और 1.04 लाख रुपये की राशि सुपरविजन शुल्क के रूप में जमा की थी। इसके बावजूद सीवेज कनेक्टिविटी का काम नहीं हुआ।</p>
<p><strong>एनजीटी ने लगाया 6 प्रतिशत ब्याज लगाया</strong><br>
ट्रिब्यूनल ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के सचिव और कलेक्टर को जांच कर यह पता लगाने के निर्देश दिए हैं कि वर्ष 1999-2000 में जमा राशि का उपयोग क्यों नहीं हुआ और उसके दुरुपयोग की स्थिति कैसे बनी। राशि को छह प्रतिशत ब्याज सहित वापस लेकर अमृत योजना-2.0 के फंड में जमा कराने के निर्देश देते हुए मामले का निपटारा कर दिया।</p>
<p><strong>संयुक्त समिति को बंद मिले से एसटीपी</strong><br>
एनजीटी के निर्देश पर गठित संयुक्त समिति ने क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान द प्रास्पेरा में 200 फ्लैट वाले परिसर का एसटीपी बंद मिला और बिना उपचारित सीवेज बाहर खाली प्लाट में जमा हो रहा था। पामक्रेस्ट में एसटीपी बंद था और उसका ओवरफ्लो सड़क किनारे खाली जमीन पर जा रहा था।</p>
<p>प्रियदर्शिनी कालोनी में भी सीवेज नेटवर्क को सेप्टिक टैंक से कनेक्ट नहीं पाया गया और सीवेज खाली प्लाटों में जमा था। पिंक सिटी में भी सेप्टिक टैंक खराब हालत में मिला और सीवेज खाली प्लाटों में जमा पाया गया।</p>
<p>इस पर अधिकरण ने नगर निगम को संबंधित कालोनियों को मुख्य सीवेज लाइन से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। जहां सीवेज लाइन उपलब्ध नहीं है, वहां टैंकर या सक्शन सिस्टम से सेप्टिक टैंक खाली कर सीवेज का उचित उपचार कराने को कहा है।</p>
<p>तीन महीने में सीवेज कनेक्शन नहीं किया गया तो राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा तय पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति नगर निगम को भरनी होगी।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में 34 हजार से ज्यादा घरों को स्थाई रोशनी की सौगात : ऊर्जा मंत्री तोमर</title>
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<description><![CDATA[ धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में 34 हजार से ज्यादा घरों को स्थाई रोशनी की सौगात : ऊर्जा मंत्री तोमर दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में नदी, पहाड़ों के समीप 5, 7 घर होने पर भी पहुंचाई बिजली भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि 34 हजार 163 दूरस्थ घरों, मजरे, टोले में … ]]></description>
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<pubDate>Fri, 14 Aug 2026 09:30:31 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>धरती, आबा, जनजातीय, ग्राम, उत्कर्ष, अभियान, में, हजार, से, ज्यादा, घरों, को, स्थाई, रोशनी, की, सौगात, ऊर्जा, मंत्री, तोमर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में 34 हजार से ज्यादा घरों को स्थाई रोशनी की सौगात : ऊर्जा मंत्री तोमर</strong></p>
<p><strong>दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में नदी, पहाड़ों के समीप 5, 7 घर होने पर भी पहुंचाई बिजली</strong></p>
<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि 34 हजार 163 दूरस्थ घरों, मजरे, टोले में रहने वालों को स्थाई रोशनी की सौगात दे दी गई है। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्र के 19,630, पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रांन्तर्गत 980 और मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के क्षेत्र में 4732 घरों को रोशन किया गया है।</p>
<p>मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्य़ुत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह ने बताया कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DA  JUGA)  में मालवा निमाड़ के जनजातीय़ क्षेत्रों में अत्यंत दूरस्थ 5, 7 घरों,  मजरों में रहने वाले परिवारों को भी स्थाई बिजली व्यवस्था से जोड़ने के लिए महा अभियान संचालित किया गया है।</p>
<p>इंदौर जिले के महू बिजली संभाग क्षेत्र के दूरस्थ क्षेत्रों, नदियों के समीप व पहाड़ी क्षेत्र में 85 घरों, मजरे, टोलों को रोशन किय़ा गया है। इसी तरह धार में 1785, झाबुआ में 2159, आलीराजपुर में 2215, खंडवा में 1501, खरगोन में 3529, बड़वानी में 5781, बुरहानपुर में 705 घरों के लिए बिजली संबंधी कार्य पूर्ण कर लाभान्वित किया जा चुका है। इसी तरह उज्जैन जिले के 52, शाजापुर के 10, रतलाम जिले के बाजना, रावटी, सैलाना क्षेत्र के दूरस्थ मजरे, फलिए  के 1151, देवास जिले के दूरस्थ मजरे, टोले के 1230 घरों में बिजली का माकूल प्रबंध किया गया है। अब तक मालवा निमाड़ के 20 हजार परिवारों को बिजली का स्थाई कनेक्शन दिया गया है। इस योजना के लिए 1300 किमी 11 केवी लाइन, दो हजार से ज्यादा ट्रांसफार्मर, 2423 किमी निम्नदाब लाइन की मंजूरी दी गई थी। इसमें से करीब दो तिहाई कार्य पूर्ण कर लिया गया है। मप्रपक्षेविविकं इंदौर के प्रबंध निदेशक सिंह ने बताया कि भारत शासन की गाइड लाइन के अनुसार इंदौर और उज्जैन के मुख्य अभियंताओं की मानिटरिंग में दूरस्थ क्षेत्रों में बसे जनजातीय परिवारों का विधिवत सर्वे कराया गया था। इसके बाद एक-एक जनजातीय परिवार के बसाहट तक पहुंचकर कार्य किए गए हैं। शेष कार्य आगामी तीन माह में पूरा करने का लक्ष्य है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>पचमढ़ी नहीं, अब तामिया भी बनेगा फेवरेट! पहाड़, बारिश और रोमांच के बीच ऐसे प्लान करें परफेक्ट वीकेंड</title>
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<description><![CDATA[ छिन्दवाड़ा   मानसून की फुहार के बीच लॉन्ग वीकेंड प्लान कर रहे हैं तो तामिया एक बेहतरीन ऑपशन हो सकता है. हरियाली, मनमोहन वैली व्यू और सावन की फुहार का जबर्दस्त कॉम्बो आपको यहां देखने मिलेगा. इतना ही नहीं, अगर आप क्वालिटी टाइम स्पेंड करना चाहते हों या फिर फैमिली के साथ कुछ समय बिताना चाहते … ]]></description>
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<pubDate>Fri, 14 Aug 2026 09:30:26 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>पचमढ़ी, नहीं, अब, तामिया, भी, बनेगा, फेवरेट, पहाड़, बारिश, और, रोमांच, के, बीच, ऐसे, प्लान, करें, परफेक्ट, वीकेंड</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>छिन्दवाड़ा </strong><br>
 मानसून की फुहार के बीच लॉन्ग वीकेंड प्लान कर रहे हैं तो तामिया एक बेहतरीन ऑपशन हो सकता है. हरियाली, मनमोहन वैली व्यू और सावन की फुहार का जबर्दस्त कॉम्बो आपको यहां देखने मिलेगा. इतना ही नहीं, अगर आप क्वालिटी टाइम स्पेंड करना चाहते हों या फिर फैमिली के साथ कुछ समय बिताना चाहते हों, तो भी ये जगह आपको बेहद पसंद आएगी. खूबसूरत पहाड़ों में समय बिताने के साथ आप यहां के देसी फूड का मजा भी ले सकते हैं. इस आर्टिकल में जानें मध्य प्रदेश की इस ऑफबीट ट्रैवल डेस्टीनेशन के बारे में, जहां एक ट्रैवल फेस्ट भी आयोजित हो रहा है। </p>
<p><strong>पचमढ़ी की तरह तामिया भी ट्रैवल लिस्ट में हो रहा शामिल</strong><br>
जिस तरह नर्मदापुरम का पचमढ़ी हिल स्टेशन लोगों के बीच लोकप्रिय है, ठीक उसी प्रकार अब तामिया भी लोगों की ट्रैवल लिस्ट में शामिल हो रहा है. सबसे खास बात ये है कि मानसून में यहां एक फेस्टिवल भी आयोजित किया जा रहा है. जहां आप देसी खाने के साथ <strong>गांव के आदिवासियों के हाथों के बना आर्ट वर्क भी देख सकते हैं और खरीद सकते हैं. अगले तीन दिनों तक तामिया में पहाड़ों के बीच सावन महोत्सव लग रहा है. पहली बार तामिया में होने वाले सावन महोत्सव में टूरिस्ट के लिए क्या रहेगा खास देखिए इस रिपोर्ट में। </strong></p>
<p><strong>तीन दिनों तक पहाड़ों के बीच छुट्टी मनाने का मौका</strong><br>
जिला पंचायत सीईओ अग्रिम कुमार ने बताया, '' जिला तामिया सावन महोत्सव में पर्यटकों के लिए सावन के झूले, आदिवासी आर्ट, हस्तशिल्प, हथकरघा की वस्तुओं की बिक्री, नेचर फोटोग्राफी प्रतियोगिता सहित एक्टिविटी होंगी. 21 अगस्त से 23 अगस्त तक होने सावन महोत्सव के लिए तामिया को विशेष तौर पर सजाया जाएगा और सभी ट्रेकिंग पाइंट पर सुरक्षा व स्वच्छता के लिए खास तैयारी होगी. सावन महोत्सव में देश के महानगरों से टूर ऑपरेटर भी शामिल हो रहे हैं, जो तामिया और आसपास के होम स्टे की खूबसूरती भी देखेंगे. तामिया सावन महोत्सव में स्थानीय नृत्य, लोककला और लोक संगीत को शामिल किया जा रहा है। </p>
<p><strong>सावन की फुहारों के बीच होगी एडवेंचर एक्टिविटी</strong><br>
जिला पुरातत्व पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के नोडल अधिकारी बलराम राजपूत ने बताया, '' 21 से 23 अगस्त तक होने वाले तीन दिनों के इस इवेंट में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के सहयोग से सावन महोत्सव तामिया में पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाऊस के पास होगा. यहां पर्यटकों के खान-पान के लिए अनेक स्टाल लगाए जाएंगे. सावन में झूलों का महत्व होता है, यहां आने वाले पर्यटक झूलों का आनंद उठा सकेंगे. पर्यटकों को वल्चर पांइट, चीड़ पांइट, छोटा महादेव, ग्वालगढ़ पहाड़ी, तुलतुला पहाड़ की ट्रेकिंग गाइड द्वारा करवाई जाएगी. टूरिस्टों को तामिया के आसपास बने पर्यटन गांवों के होम स्टे तक पहुंचाने के लिए व्यवस्था रहेगी। </p>
<p><strong>प्लास्टिक फ्री जोन घोषित</strong><br>
जिला पंचायत सीईओ अग्रिम कुमार ने बताया, '' महोत्सव परिसर को प्लास्टिक फ्री जोन घोषित किया गया है. इस इलाके को जीरो वेस्ट बनाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं. महोत्सव के दौरान अलग-अलग इलाकों में स्वच्छता के लिए डस्टबिन रखे जाएंगे. इसके साथ ही लोगों से अपील भी की जाएगी की कचरे को इधर-उधर पर्यटन स्थल पर ना फैलाएं. सावन महोत्सव क्षेत्र में जो कचरा फैलाएगा उसके खिलाफ फाइन भी वसूला जाएगा। </p>
<p><strong>नागपुर पिपरिया और छिंदवाड़ा के रास्ते पहुंच सकते हैं तामिया</strong><br>
पहाड़ों के बीच सावन मेले का लुत्फ उठाने के लिए अगर टूरिस्ट को तामिया आना है तो इसके लिए सबसे नजदीक रेलवे स्टेशन छिंदवाड़ा है. इसके अलावा नर्मदापुरम के पिपरिया रेलवे स्टेशन से भी यहां आया जा सकता है. यहां पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट महाराष्ट्र का नागपुर है. हालांकि, भोपाल से सड़क के रास्ते भी यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है. तामिया के साथ यहां घूमने के लिए सबसे प्रमुख पातालकोट और नजदीक में ही पहाड़ों की रानी पचमढ़ी हिल स्टेशन भी है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>Aaj Ka Rashifal 14 August 2026: 12 राशियों का कैसा रहेगा दिन? जानें धन, करियर, प्रेम और सेहत का हाल</title>
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<description><![CDATA[ मेष राशि- आपको अपने करियर और नौकरी के अवसरों पर ध्यान देने की जरूरत है। जल्द ही आपको कोई दिलचस्प प्रोजेक्ट मिल सकता है। आपकी वित्तीय स्थिति में सुधार होगा। अपने पार्टनर के साथ कुछ समय बिताना बेहतर होगा। वृषभ राशि- आज रिश्ते को बेहतर बनाने के लिए प्रतियोगिताओं में भाग लें। निराशा और चिंता … ]]></description>
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<pubDate>Fri, 14 Aug 2026 00:45:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Aaj, Rashifal, August, 2026:, राशियों, का, कैसा, रहेगा, दिन, जानें, धन, करियर, प्रेम, और, सेहत, का, हाल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<div>
<p><strong>मेष राशि-</strong> आपको अपने करियर और नौकरी के अवसरों पर ध्यान देने की जरूरत है। जल्द ही आपको कोई दिलचस्प प्रोजेक्ट मिल सकता है। आपकी वित्तीय स्थिति में सुधार होगा। अपने पार्टनर के साथ कुछ समय बिताना बेहतर होगा।</p>
</div>
<p><strong>वृषभ राशि- </strong>आज रिश्ते को बेहतर बनाने के लिए प्रतियोगिताओं में भाग लें। निराशा और चिंता पैदा होने वाली है, लेकिन धैर्य रखने की कोशिश करें। छोटी बचत से शुरुआत करें और देखें कि आपका प्रदर्शन कैसा रहता है।</p>
<p><strong>मिथुन राशि- </strong>आपको जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल हो सकती हैं। आपको अपने परिवार और दोस्तों से भी समर्थन मिलेगा, जो आपको अच्छे भविष्य के बारे में सकारात्मक सोचने में मदद करेगा। आज आप महत्वपूर्ण अवसर न चूकें।</p>
<p><strong>कर्क राशि-</strong> जल्द ही आप आगे की यात्रा के लिए अपने जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव करने में सक्षम होंगे। स्थिति में सुधार के लिए आपको कुछ वित्तीय विचारों के साथ प्रयोग करने की आवश्यकता है।</p>
<p><strong>सिंह राशि-</strong> स्थिर भविष्य के बारे में सोचना आपके लिए फायदेमंद होगा। आपको आय के अन्य स्रोतों के बारे में भी सोचना चाहिए। अपने पार्टनर को बेहतर तरीके से जानने पर काम करें।</p>
<p><strong>कन्या राशि- </strong>अपने पार्टनर के साथ उन मुद्दों पर बात करें, जो आपके रिश्ते में समस्याएं पैदा कर रहे हैं। आप किसी रिस्की इनवेस्टमेंट की ओर बढ़ सकते हैं, जो आपकी वित्तीय स्थिति को असंतुलित कर सकता है।</p>
<p><strong>तुला राशि- </strong>आपकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है। आपके काम में असंतुलन पैदा हो सकता है। आपके करियर और आय के स्तर में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। अगर आप शादी के बारे में सोच रहे हैं तो इसे फिलहाल टाल देना ही बेहतर है।</p>
<p><strong>वृश्चिक राशि- </strong>अभी आपको केवल एक ही काम पर ध्यान देने की जरूरत है और वह है आपका करियर और लोगों के साथ व्यवहार बनाना। दिन हलचल भरा हो सकता है। लव लाइफ में कुछ गलतफहमियों का सामना भी करना पड़ सकता है।</p>
<p><strong>धनु राशि- </strong>आप अभी एक पार्टनर के रूप में बड़ी जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार नहीं हैं। बल्कि बेहतर रहेगा कि अब आप एक दूसरे संग क्वालिटी टाइम स्पेन्ड करें। आपको अपनी आर्थिक स्थिति पर ध्यान देने की आवश्यकता है।</p>
<p><strong>मकर राशि-</strong> आपको अपने बारे में और अपनी प्राथमिकताओं के बारे में बहुत कुछ सीखने में मदद मिलेगी। आध्यात्मिक बनने का प्रयास करें ताकि आप खुश और संतुष्ट रह सकें। आपको लोगों से मदद और समर्थन मिलेगा।</p>
<p><strong>कुंभ राशि-</strong> अपने परिवार या रिश्तेदारों से सलाह लें, जो खराब वक्त में आपका साथ दें। आपके प्रेम संबंध मधुर बने रहेंगे। सकारात्मक बदलाव भी देखने को मिलेंगे। आप दोनों के बीच विश्वास और अंडर्स्टैंडिंग होनी चाहिए।</p>
<p><strong>मीन राशि- </strong>आज बचत करने की कोशिश करें क्योंकि यह आपके वर्तमान आय के स्तर को बनाए रखने में मदद करेगा। अगर आप अपने रिश्ते को लेकर बहुत गंभीर हैं तो शादी के बारे में सोचने का यह समय शुभ है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>तिपहिया स्कूटी से बढ़ेगी दिव्यांगजनों की आत्मनिर्भरता :  अरुण साव</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर उप मुख्यमंत्री ने 11 दिव्यांगजनों को तिपहिया स्कूटी, सर्प मित्रों को दिए सुरक्षा किट उप मुख्यमंत्री तथा स्थानीय विधायक  अरुण साव ने आज लोरमी के मानस मंच में 11 दिव्यांगजनों को तिपहिया स्कूटी वितरित की। उन्होंने कहा कि स्कूटी से इनका आवागमन आसान होगा और वे जरूरी कार्यों के लिए दूसरों पर निर्भर हुए … ]]></description>
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<pubDate>Fri, 14 Aug 2026 00:00:34 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>तिपहिया, स्कूटी, से, बढ़ेगी, दिव्यांगजनों, की, आत्मनिर्भरता, अरुण, साव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p><strong>उप मुख्यमंत्री ने 11 दिव्यांगजनों को तिपहिया स्कूटी, सर्प मित्रों को दिए सुरक्षा किट</strong></p>
<p>उप मुख्यमंत्री तथा स्थानीय विधायक  अरुण साव ने आज लोरमी के मानस मंच में 11 दिव्यांगजनों को तिपहिया स्कूटी वितरित की। उन्होंने कहा कि स्कूटी से इनका आवागमन आसान होगा और वे जरूरी कार्यों के लिए दूसरों पर निर्भर हुए बिना आगे बढ़ सकेंगे।</p>
<p>उप मुख्यमंत्री ने 11 दिव्यांगजनों को तिपहिया स्कूटी, सर्प मित्रों को दिए सुरक्षा किट</p>
<p> साव ने कहा कि दिव्यांगजनों को बेहतर सुविधाएं देकर सम्मान के साथ आत्मनिर्भर जीवन के अवसर देना साय सरकार की प्राथमिकता है। तिपहिया </p>
<p><strong>सर्प मित्रों को दिए सुरक्षा किट</strong></p>
<p>उप मुख्यमंत्री  साव ने सर्प मित्र  सुरेश यादव और  प्रदीप निषाद को सर्प रेस्क्यू के लिए सुरक्षा किट प्रदान की। उन्होंने कहा कि इससे सर्प मित्र सुरक्षित तरीके से अपना सेवा कार्य कर सकेंगे।</p>
<p>कार्यक्रम में लोरमी नगर पालिका के अध्यक्ष  सुजीत वर्मा, जनपद अध्यक्ष मती वर्षा सिंह, जिला पंचायत सदस्य मती रत्ना काटले,  कोमलगिरी गोस्वामी,  राजेंद्र साहू, डॉ. अशोक जायसवाल,  दीनानाथ केशरवानी और मती अंजना दास सहित पार्षदगण, एल्डरमैन एवं नगरवासी मौजूद थे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ पर राज्य स्तरीय आयोजन 14 अगस्त को</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर  भारत विभाजन की विभीषिका में असंख्य परिवारों द्वारा झेली गई पीड़ा, विस्थापन और संघर्ष को स्मरण करने तथा नई पीढ़ी को इतिहास के इस महत्वपूर्ण अध्याय से परिचित कराने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। … ]]></description>
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<pubDate>Fri, 14 Aug 2026 00:00:30 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>विभाजन, विभीषिका, स्मृति, दिवस’, पर, राज्य, स्तरीय, आयोजन, अगस्त, को</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर </strong></p>
<p>भारत विभाजन की विभीषिका में असंख्य परिवारों द्वारा झेली गई पीड़ा, विस्थापन और संघर्ष को स्मरण करने तथा नई पीढ़ी को इतिहास के इस महत्वपूर्ण अध्याय से परिचित कराने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। राजधानी रायपुर के मुक्ताकाशी मंच, संचालनालय पुरातत्व परिसर, लोकभवन के पास, सिविल लाइन्स में दोपहर 12:30 बजे आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय होंगे।</p>
<p>समारोह की अध्यक्षता संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल करेंगे। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। प्रख्यात फिल्मकार एवं अभिनेता डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी समारोह के मुख्य वक्ता होंगे।</p>
<p><strong>विभाजन की पीड़ा और मानवीय संघर्ष पर होगा विमर्श</strong></p>
<p>‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के राज्य स्तरीय आयोजन में वर्ष 1947 के भारत विभाजन के दौरान लाखों लोगों द्वारा झेले गए विस्थापन, पीड़ा और संघर्ष की स्मृतियों को साझा किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य विभाजन की त्रासदी को केवल इतिहास की एक घटना के रूप में नहीं, बल्कि उससे प्रभावित परिवारों के संघर्ष, साहस और नए सिरे से जीवन खड़ा करने की अदम्य जिजीविषा के रूप में भी नई पीढ़ी के सामने प्रस्तुत करना है।</p>
<p>इस अवसर पर विभाजन की विभीषिका और उस दौर की परिस्थितियों पर केंद्रित विशेष प्रदर्शनी एवं स्मृति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विभाजन से प्रभावित सिंधी, पंजाबी और बंगाली समाज के प्रतिनिधि वक्ता अपने परिवारों एवं समाज से जुड़ी स्मृतियों और अनुभवों को साझा करेंगे। कार्यक्रम में स्कूल एवं कॉलेज के विद्यार्थी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहेंगे, जिससे वे इतिहास के इस अध्याय और विभाजन की मानवीय पीड़ा को निकटता से समझ सकें।</p>
<p>समारोह के मुख्य वक्ता डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी भारतीय इतिहास, संस्कृति और साहित्य को सिनेमा तथा टेलीविजन के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए विख्यात हैं। लोकप्रिय धारावाहिक ‘चाणक्य’ से देशभर में विशिष्ट पहचान बनाने वाले डॉ. द्विवेदी ने भारत विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित चर्चित फिल्म ‘पिंजर’ का निर्देशन भी किया है। वे समारोह में विभाजन की ऐतिहासिक-सामाजिक पृष्ठभूमि, उसकी मानवीय त्रासदी और उससे जुड़ी स्मृतियों पर अपने विचार रखेंगे।</p>
<p>कार्यक्रम में पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति  सच्चिदानंद शुक्ल भी अपने विचार व्यक्त करेंगे। आयोजन में प्रबुद्ध नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, साहित्यकारों, शिक्षाविदों, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों तथा मीडिया प्रतिनिधियों की उपस्थिति रहेगी।</p>
<p><strong>इन विशिष्ट अतिथियों की रहेगी गरिमामयी उपस्थिति</strong></p>
<p>समारोह में पूज्य शदाणी दरबार तीर्थ के पीठाधीश्वर पूज्य डॉ. युधिष्ठिर लाल महाराज, रायपुर सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद मती लक्ष्मी वर्मा, विधायक  राजेश मूणत,  सुनील सोनी,  मोतीलाल साहू,  पुरंदर मिश्रा एवं  अनुज शर्मा, रायपुर नगर निगम की महापौर मती मीनल चौबे, रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष  नवीन कुमार अग्रवाल तथा छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग के पूर्व अध्यक्ष  यशवंत जैन सहित संस्कृति परिषद के सदस्य, शिक्षाविद् एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।</p>
<p>संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह राज्य स्तरीय समारोह विभाजन की त्रासदी में अपना सर्वस्व गंवाने वाले और विस्थापन की कठिन परिस्थितियों का सामना करने वाले लाखों लोगों की स्मृतियों को नमन करने के साथ ही समाज में एकता, सद्भाव और मानवीय संवेदनाओं के मूल्यों को सुदृढ़ करने का अवसर होगा।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>इंटर्न्स की समस्याओं पर चिकित्सा शिक्षा विभाग की बैठक, स्टाइपेंड बढ़ाने की माँग पर विचार का आश्वासन</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर आयुक्त चिकित्सा शिक्षा  रितेश अग्रवाल की अध्यक्षता में आईएमए प्रतिनिधियों और विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न्स के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य इंटर्न्स की समस्याओं पर चर्चा कर उनका समाधान निकालना था। स्टाइपेंड बढ़ाने की माँग           बैठक के दौरान इंटर्न्स ने अपनी प्रमुख … ]]></description>
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<pubDate>Fri, 14 Aug 2026 00:00:26 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>इंटर्न्स, की, समस्याओं, पर, चिकित्सा, शिक्षा, विभाग, की, बैठक, स्टाइपेंड, बढ़ाने, की, माँग, पर, विचार, का, आश्वासन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>आयुक्त चिकित्सा शिक्षा  रितेश अग्रवाल की अध्यक्षता में आईएमए प्रतिनिधियों और विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न्स के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य इंटर्न्स की समस्याओं पर चर्चा कर उनका समाधान निकालना था।</p>
<p><strong>स्टाइपेंड बढ़ाने की माँग</strong><br>
         <br>
बैठक के दौरान इंटर्न्स ने अपनी प्रमुख माँग रखते हुए स्टाइपेंड बढ़ाने की बात कही। इस पर विभाग की ओर से आश्वासन दिया गया कि छात्र हित में सरकार द्वारा हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं और इंटर्न्स की स्टाइपेंड संबंधी माँग पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।</p>
<p><strong>हॉस्टल निर्माण को मंजूरी</strong><br>
         <br>
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि चालू वित्तीय वर्ष के बजट में प्रायः सभी मेडिकल कॉलेजों में छात्र-छात्राओं के लिए हॉस्टल स्वीकृत किए गए हैं, जो छात्रों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है।</p>
<p><strong>स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित न करने की अपील<br>
      </strong><br>
बैठक के अंत में सभी उपस्थित सदस्यों से अपील की गई कि स्वास्थ्य सेवाएँ सीधे तौर पर जनहित से जुड़ी होती हैं, इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी परिस्थिति में सेवाएँ प्रभावित न हों।<br>
         <br>
बैठक में IMA-MSN Chhattisgarh  के संयोजक  शाहदिल ख़ुसरू ने कहा कि आज की यह बैठक समस्या के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक पहल साबित हुई है। दोनों पक्षों ने सकारात्मक वातावरण में चर्चा को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की और बैठक का समापन भी सकारात्मक माहौल में हुआ। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि प्रशासन और इंटर्न्स, दोनों की ओर से इसी प्रकार संवाद और सहयोग की भावना बनी रहेगी तथा इस समस्या का जल्द ही संतोषजनक समाधान निकलेगा।<br>
          <br>
बैठक में पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर (PT. JNM Raipur), छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान, बिलासपुर (CIMS Bilaspur), शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, राजनांदगांव (GMC Rajnandgaon), शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, कांकेर (GMC Kanker) एवं शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, अंबिकापुर (GMC Ambikapur) के इंटर्न्स उपस्थित रहे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>दुर्ग में महिला आयोग की जनसुनवाई : 27 प्रकरणों की सुनवाई, त्वरित कार्रवाई और विधिक सहायता पर जोर</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर 27 प्रकरणों की सुनवाई, त्वरित कार्रवाई और विधिक सहायता पर जोर छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू की अध्यक्षता में दुर्ग जिले में आयोजित पहली जनसुनवाई में महिला उत्पीड़न से जुड़े 27 प्रकरणों की सुनवाई की गई। आयोग ने पारिवारिक विवाद, भरण-पोषण, दहेज प्रताड़ना, वैवाहिक एवं संपत्ति संबंधी मामलों में पक्षों … ]]></description>
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<pubDate>Fri, 14 Aug 2026 00:00:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>दुर्ग, में, महिला, आयोग, की, जनसुनवाई, प्रकरणों, की, सुनवाई, त्वरित, कार्रवाई, और, विधिक, सहायता, पर, जोर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p><strong>27 प्रकरणों की सुनवाई, त्वरित कार्रवाई और विधिक सहायता पर जोर</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू की अध्यक्षता में दुर्ग जिले में आयोजित पहली जनसुनवाई में महिला उत्पीड़न से जुड़े 27 प्रकरणों की सुनवाई की गई। आयोग ने पारिवारिक विवाद, भरण-पोषण, दहेज प्रताड़ना, वैवाहिक एवं संपत्ति संबंधी मामलों में पक्षों को सुनकर आवश्यक समझाइश, विधिक सहायता और संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। सुनवाई के दौरान 3 प्रकरण नस्तीबद्ध किए गए।</p>
<p>जनसुनवाई में आयोग की सदस्य श्रीमती ओजस्वी मंडावी, सुश्री दीपिका शोरी तथा सरला कोसरिया भी उपस्थित रहीं। यह आयोग की प्रदेश स्तर पर तीसरी जनसुनवाई थी।</p>
<p>आयोग ने एक दहेज प्रताड़ना प्रकरण में मामला प्रथम दृष्टया उचित पाए जाने पर महिला थाना प्रभारी को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। भरण-पोषण से जुड़े एक मामले में दोनों पक्षों की सहमति से बच्चे से मिलने की व्यवस्था तय कराई गई तथा महिला को न्यायालय में भरण-पोषण का दावा प्रस्तुत करने और आवश्यक विधिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।</p>
<p>कुछ प्रकरणों में महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों को ध्यान में रखते हुए आयोग ने सखी सेंटर, निःशुल्क विधिक सहायता, तथा आवश्यक होने पर संबंधित थानों में अपराध दर्ज कराने के विकल्पों की जानकारी दी। न्यायालय में विचाराधीन मामलों में आयोग ने विधिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए प्रकरणों को नस्तीबद्ध किया।</p>
<p>जनसुनवाई के बाद आयोग अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने कलेक्टर अभिजीत सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल से भेंट कर महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई, महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों के संरक्षण को लेकर चर्चा की। आयोग ने संबंधित विभागों के समन्वय से मामलों के प्रभावी निराकरण पर विशेष जोर दिया।</p>]]> </content:encoded>
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<title>स्वतंत्रता दिवस पर रणजीता स्टेडियम के समीप सजी देशभक्ति और इतिहास की झांकी</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर स्वतंत्रता दिवस पर रणजीता स्टेडियम के समीप सजी देशभक्ति और इतिहास की झांकी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जशपुर जिलेवासियों में देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जनसंपर्क विभाग द्वारा रणजीता स्टेडियम के समीप तीन दिवसीय विशेष छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा … ]]></description>
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<pubDate>Fri, 14 Aug 2026 00:00:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>स्वतंत्रता, दिवस, पर, रणजीता, स्टेडियम, के, समीप, सजी, देशभक्ति, और, इतिहास, की, झांकी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p><strong>स्वतंत्रता दिवस पर रणजीता स्टेडियम के समीप सजी देशभक्ति और इतिहास की झांकी</strong></p>
<p>स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जशपुर जिलेवासियों में देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जनसंपर्क विभाग द्वारा रणजीता स्टेडियम के समीप तीन दिवसीय विशेष छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। 13 से 15 अगस्त तक आयोजित इस प्रदर्शनी में ‘हर घर तिरंगा’, ‘राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम्’ और ‘भारत विभाजन की विभीषिका-स्मरण दिवस’ की थीम पर आधारित छायाचित्रों के माध्यम से देश के इतिहास, स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय एकता से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को प्रदर्शित किया गया है। नगर पालिका अध्यक्ष  अरविंद भगत ने प्रदर्शनी का शुभारंभ किया।  </p>
<p>नगर पालिका अध्यक्ष  भगत ने कहा कि प्रदर्शनी स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास, महान स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और राष्ट्रीय एकता के महत्व को समझने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को देश के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन के संघर्षों से परिचित कराने के साथ देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव और सामाजिक सद्भाव की भावना को मजबूत करने में ऐसी प्रदर्शनियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।<br>
प्रदर्शनी में भारत की स्वतंत्रता यात्रा, राष्ट्रीय ध्वज की महत्ता, राष्ट्रभक्ति की भावना और देश के गौरवशाली इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को छायाचित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। साथ ही वर्ष 1947 में भारत विभाजन के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों, विस्थापन, संघर्ष और लोगों की पीड़ा से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों को भी प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया है। प्रदर्शनी का उद्देश्य विद्यार्थियों, युवाओं और आम नागरिकों को इतिहास के इस महत्वपूर्ण अध्याय से परिचित कराते हुए राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे के प्रति जागरूक करना है।</p>
<p><strong>हर घर तिरंगा से राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान का संदेश</strong></p>
<p>‘हर घर तिरंगा’ थीम के माध्यम से नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ तिरंगे की गरिमा, राष्ट्र के प्रति गौरव और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया जा रहा है। प्रदर्शनी में राष्ट्रीय ध्वज की यात्रा और देश की एकता एवं अखंडता में उसके महत्व को भी रेखांकित किया गया है।</p>
<p><strong>वंदे मातरम् ने जगाई राष्ट्रप्रेम की भावना</strong></p>
<p>वंदे मातरम्’ थीम के अंतर्गत राष्ट्रीय गीत के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान को प्रदर्शित किया गया है। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित ‘वंदे मातरम्’ ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशवासियों में मातृभूमि के प्रति प्रेम, त्याग और समर्पण की भावना को प्रबल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रदर्शनी में इससे जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों और स्वतंत्रता सेनानियों एवं क्रांतिकारियों में जागृत राष्ट्रप्रेम को छायाचित्रों के माध्यम से दर्शाया गया है।</p>
<p><strong>’विभाजन की त्रासदी से शांति और सद्भाव का संदेश’</strong></p>
<p>‘भारत विभाजन की विभीषिका-स्मरण दिवस’ के अंतर्गत वर्ष 1947 के विभाजन से जुड़ी घटनाओं को प्रदर्शित किया गया है। छायाचित्रों के माध्यम से विभाजन के दौरान लोगों के विस्थापन, संघर्ष, पीड़ा और कठिन परिस्थितियों की मार्मिक झलक प्रस्तुत की गई है। इसका उद्देश्य विभाजन की त्रासदी को स्मरण करते हुए वर्तमान पीढ़ी को शांति, आपसी भाईचारे, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता का महत्व समझाना है।</p>
<p><strong>’छात्राओं ने जानी स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा’</strong></p>
<p>महारानी लक्ष्मीबाई शासकीय उच्चतर माध्यमिक आदर्श कन्या शाला की छात्राओं ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। छात्राओं ने कहा कि प्रदर्शनी स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने वाले महानायकों के योगदान से परिचित कराने के साथ उनसे प्रेरणा लेने का अवसर प्रदान करती है। विभाजन की विभीषिका से जुड़े छायाचित्रों के माध्यम से उन्हें वर्ष 1947 के दौरान लोगों द्वारा झेली गई पीड़ा, विस्थापन और त्रासदी की महत्वपूर्ण जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी इतिहास से सीख लेते हुए वर्तमान में आपसी सद्भाव, भाईचारे और सामाजिक एकता के साथ आगे बढ़ने का संदेश देती है। छात्राओं ने प्रदर्शनी को ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी और देशभक्ति की भावना जागृत करने वाला बताया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण जनसंपर्क विभाग के अधिकारी कर्मचारी सहित स्कूली छात्र छात्राओं एवं नागरिक उपस्थित रहे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>उज्जैन में संकरी सड़क अब बनेगी 30 मीटर चौड़ी फोरलेन, सिंहस्थ&#45;2028 से पहले पूरा होगा काम</title>
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<description><![CDATA[ उज्जैन  मध्य प्रदेश में सिंहस्थ-2028 से पहले कई विकासकार्य प्रगति पर है। उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ के लिए जिले में युद्धस्तर पर सड़क और हाईवे निर्माण का कार्य चल रहा है। इसी कड़ी में पीपलीनाका से ओखलेश्वर तक की संकरी सड़क को निकट भविष्य में सुव्यवस्थित फोरलेन (Four-lane Road Construction) के रूप में तैयार … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 23:45:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>उज्जैन, में, संकरी, सड़क, अब, बनेगी, मीटर, चौड़ी, फोरलेन, सिंहस्थ-2028, से, पहले, पूरा, होगा, काम</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>उज्जैन </strong><br>
मध्य प्रदेश में सिंहस्थ-2028 से पहले कई विकासकार्य प्रगति पर है। उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ के लिए जिले में युद्धस्तर पर सड़क और हाईवे निर्माण का कार्य चल रहा है। इसी कड़ी में पीपलीनाका से ओखलेश्वर तक की संकरी सड़क को निकट भविष्य में सुव्यवस्थित फोरलेन (Four-lane Road Construction) के रूप में तैयार करने की योजना पर काम चल रहा है। सिंहस्थ अंतर्गत उज्जैन विकास प्राधिकरण वर्तमान की 3.5 मीटर चौड़ी सडक को 30 मीटर चौड़े फोरलेन के रूप में विकसित कर रहा है। यहां आवाजाही के लिए चौड़े रास्तों के साथ ही सेंटर डिवाइडर, फुटपाथ, आकर्षक स्ट्रीट लाइट आदि सुविधाएं मिलेगी।</p>
<p><strong>मार्च 2027 तक काम पूरा होने की संभावना</strong><br>
सिंहस्थ-28 की तैयारियों को लेकर उज्जैन विकास प्राधिकरण पीपलीनाका से ओखलेश्वर तक महत्वपूर्ण मार्ग का चौड़ीकरण व सीसी सडक निर्माण कर रहा है। पूर्व मै मार्ग सिर्फ 3.50 मीटर चौड़ा होने से इसकी यातायात क्षमता काफी कम थी। सिंहस्थ के दौरान संभावित अत्यधिक यातायात दबाव को देखते हुए अब इसे लगभग 30 मीटर चौड़े सुव्यवस्थित और आधुनिक मार्ग के रूप में विकसित किया जा रहा है। अभी गढ़कालिका से भैरवगढ़ ब्रिज तक सडक़ की खुदाई के साथ मुरम, सीआरएम व नाली निर्माण कार्य प्रगतिरत है। निर्माण कार्य को चरणबद्ध रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है। संपूर्ण मार्ग का निर्माण मार्च 2027 तक पूर्ण किए जाने की संभावना है।</p>
<p><strong>सिंहस्थ 2028 में श्रद्धालुओं को चलने को मिलेगा 4 मीटर चौड़ा फुटपाथ</strong><br>
सिंहस्थ के साथ ही आम दिनों श्रद्धालुओं व राहगिरों की सुविधा, सुगम यातायात और बेहतर भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए इस मार्ग का विकास किया जा रहा है। मार्ग की लंबाई 1900 मीटर है। इसके दोनो और लगभग 10-10 मीटर चौड़ा कैरिज-वे (वाहनों की आवाजाही के लिए). 1-1 मीटर चौड़ी नाली व 4-4 मीटर चौड़ा फुटपाथ विकसित किया जाएगा। मार्ग के मध्य में 1.50 मीटर चौड़ा डिवाइडर बनाया जाएगा। इसमें आकर्षक स्ट्रीट लाइटिंग की व्यवस्था रहेगी।</p>
<p><strong>भीड़ प्रबंधन में मदद मिलेगी</strong><br>
यह मार्ग पीपलीनाका दक्षेत्र से भैरवगढ़ मंदिर क्षेत्र को सीधे जोड़ता है। सिंहस्थ के दौरान इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं व वाहनों का आवागमन होता है। मार्ग चौड़ीकरण से यातायात का बेहतर वितरण हो सकेगा व शहर के अन्य प्रमुख मार्गों पर पड़ने वाले अतिरिक्त यातायात दबाव को कम करने में सहायता मिलेगी। इससे मार्ग सिंहस्थ के दौरान एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक यातायात कॉरिडोर के रूप में उपयोगी होगा। श्रद्धालुओं को सुरक्षित सुगम एवं व्यवस्थित आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराएगा।</p>]]> </content:encoded>
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<title>सातों दिन 24 घंटे खुल सकेंगे व्यापारिक प्रतिष्ठान, कैट ने कार्यस्थल सशक्तिकरण संहिता का किया स्वागत</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल। मध्यप्रदेश में व्यापारिक प्रतिष्ठानों के संचालन और रोजगार के अवसरों को लेकर जारी मध्यप्रदेश कार्यस्थल सशक्तिकरण संहिता 2026 को कैट मध्यप्रदेश ने व्यापारियों एवं कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है। कैट के अनुसार राज्यपाल मंगुभाई पटेल द्वारा संहिता को मंजूरी दिए जाने और श्रम विभाग की ओर से गजट नोटिफिकेशन जारी होने से … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 23:45:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p data-start="3973" data-end="4374"><strong data-start="3973" data-end="3983">भोपाल।</strong> मध्यप्रदेश में व्यापारिक प्रतिष्ठानों के संचालन और रोजगार के अवसरों को लेकर जारी <strong data-start="4065" data-end="4111">मध्यप्रदेश कार्यस्थल सशक्तिकरण संहिता 2026</strong> को कैट मध्यप्रदेश ने व्यापारियों एवं कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है। कैट के अनुसार राज्यपाल <strong data-start="4216" data-end="4232">मंगुभाई पटेल</strong> द्वारा संहिता को मंजूरी दिए जाने और श्रम विभाग की ओर से गजट नोटिफिकेशन जारी होने से व्यापारिक प्रतिष्ठानों को संचालन में अधिक लचीलापन मिलेगा।</p>
<h2 data-section-id="1tlrgn4" data-start="4376" data-end="4417"><span role="text"><strong data-start="4379" data-end="4417">24 घंटे प्रतिष्ठान खोलने का विकल्प</strong></span></h2>
<p data-start="4419" data-end="4618">कैट मध्यप्रदेश के अध्यक्ष <strong data-start="4445" data-end="4462">भूपेन्द्र जैन</strong> एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी <strong data-start="4489" data-end="4508">धर्मेंद्र शर्मा</strong> ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत व्यवसायिक प्रतिष्ठान अब <strong data-start="4562" data-end="4596">सातों दिन 24 घंटे तक खुले रखने</strong> का विकल्प चुन सकेंगे।</p>
<p data-start="4620" data-end="4797">उनके अनुसार व्यापारी अपनी आवश्यकता के अनुसार अलग-अलग शिफ्ट की व्यवस्था कर सकते हैं। इससे कारोबार के संचालन के घंटे बढ़ेंगे और व्यापारिक गतिविधियों का विस्तार होने की संभावना है।</p>
<h2 data-section-id="8451wl" data-start="4799" data-end="4849"><span role="text"><strong data-start="4802" data-end="4849">व्यापार बढ़ेगा तो रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे</strong></span></h2>
<p data-start="4851" data-end="5167">कैट पदाधिकारियों ने कहा कि अधिक समय तक प्रतिष्ठान खुलने से कारोबार का टर्नओवर बढ़ सकता है और अतिरिक्त कर्मचारियों की जरूरत पैदा हो सकती है। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रतिष्ठान में वर्तमान में 10 कर्मचारी काम कर रहे हैं, वहां अतिरिक्त शिफ्ट शुरू होने पर <strong data-start="5115" data-end="5149">3 से 4 अतिरिक्त रोजगार के अवसर</strong> पैदा हो सकते हैं।</p>
<p data-start="5169" data-end="5262">इससे व्यापारिक गतिविधियों के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होने की उम्मीद है।</p>
<h2 data-section-id="1taxb0" data-start="5264" data-end="5321"><span role="text"><strong data-start="5267" data-end="5321">कर्मचारियों के लिए 48 घंटे की साप्ताहिक कार्य सीमा</strong></span></h2>
<p data-start="5323" data-end="5477">कैट ने कहा कि नई व्यवस्था में कर्मचारियों के हितों का भी ध्यान रखा गया है। कर्मचारियों से एक सप्ताह में <strong data-start="5427" data-end="5477">48 घंटे से अधिक नियमित कार्य नहीं कराया जाएगा।</strong></p>
<p data-start="5479" data-end="5636">यदि किसी कर्मचारी से निर्धारित समय से अतिरिक्त काम कराया जाना है तो उसकी सहमति आवश्यक होगी तथा अतिरिक्त कार्य के लिए नियमानुसार <strong data-start="5607" data-end="5625">ओवरटाइम भुगतान</strong> करना होगा।</p>
<h2 data-section-id="145u9ln" data-start="5638" data-end="5686"><span role="text"><strong data-start="5641" data-end="5686">ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से कारोबारियों को राहत</strong></span></h2>
<p data-start="5688" data-end="5888">कैट पदाधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था में व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए <strong data-start="5761" data-end="5790">एक बार ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन</strong> की प्रक्रिया को पर्याप्त बनाया गया है। इससे बार-बार कागजी औपचारिकताओं से राहत मिलने की उम्मीद है।</p>
<p data-start="5890" data-end="6087">महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए भी कार्यस्थल पर विशेष प्रावधान किए गए हैं। कैट का कहना है कि इससे व्यापारिक प्रतिष्ठानों में महिलाओं के लिए सुरक्षित और बेहतर कार्य वातावरण बनाने में मदद मिलेगी।</p>
<h2 data-section-id="s2lbva" data-start="6089" data-end="6153"><span role="text"><strong data-start="6092" data-end="6153">कैट ने बताया व्यापार और रोजगार दोनों के लिए सकारात्मक कदम</strong></span></h2>
<p data-start="6155" data-end="6432">कैट प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र जैन एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि कार्यस्थल सशक्तिकरण संहिता से व्यापारियों को अपने कारोबार की आवश्यकता के अनुसार काम के घंटे और शिफ्ट तय करने की सुविधा मिलेगी। साथ ही कर्मचारियों के अधिकारों और सुरक्षा का भी ध्यान रखा गया है।</p>
<p data-start="6434" data-end="6674">उन्होंने कहा कि <strong data-start="6450" data-end="6506">व्यापार का विस्तार, रोजगार सृजन और कारोबार में आसानी</strong> एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। नई व्यवस्था से यदि अधिक प्रतिष्ठान विस्तारित समय में काम करते हैं तो इसका सकारात्मक असर व्यापार, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ सकता है।</p>
<h3 data-section-id="1k01m13" data-start="6676" data-end="6723"><span role="text"><strong data-start="6680" data-end="6723">कैट की दो प्रमुख पहलें एक साथ चर्चा में</strong></span></h3>
<p data-start="6725" data-end="7153" data-is-last-node="" data-is-only-node="">भारतीय व्यापार महोत्सव के जरिए घरेलू उत्पादों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने और मध्यप्रदेश कार्यस्थल सशक्तिकरण संहिता के जरिए व्यापारिक प्रतिष्ठानों को संचालन में अधिक लचीलापन मिलने को कैट ने व्यापार जगत के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम बताया है। संगठन का कहना है कि <strong data-start="7001" data-end="7080">स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार और स्थानीय व्यापार को आसान कारोबारी माहौल</strong> मिलने से मध्यप्रदेश के व्यापार एवं रोजगार क्षेत्र को नई गति मिल सकती है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>राजा भोज नेशनल सेलिंग चैम्पियनशिप में मध्यप्रदेश का शानदार प्रदर्शन</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  भोपाल के अपर लेक स्थित बोट क्लब पर चल रही तृतीय राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल सेलिंग चैम्पियनशिप-2026 में मध्यप्रदेश के सेलर्स लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। 13 अगस्त को जारी परिणामों में आईएलसीए-4, आईक्यू फॉइल, ट्वेंटिनाइनर, टेक्नो और ऑप्टिमिस्ट सहित कई वर्गों में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने शीर्ष स्थान हासिल किए। प्रतियोगिता में … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 23:30:40 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>राजा, भोज, नेशनल, सेलिंग, चैम्पियनशिप, में, मध्यप्रदेश, का, शानदार, प्रदर्शन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>भोपाल के अपर लेक स्थित बोट क्लब पर चल रही तृतीय राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल सेलिंग चैम्पियनशिप-2026 में मध्यप्रदेश के सेलर्स लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। 13 अगस्त को जारी परिणामों में आईएलसीए-4, आईक्यू फॉइल, ट्वेंटिनाइनर, टेक्नो और ऑप्टिमिस्ट सहित कई वर्गों में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने शीर्ष स्थान हासिल किए। प्रतियोगिता में देशभर के सेलर्स अपनी तकनीक, संतुलन, गति और रणनीतिक कौशल का प्रदर्शन कर रहे हैं।</p>
<p><strong>आईएलसीए-4 में वासु-माही ने लहरों पर जमाया कब्जा</strong></p>
<p>आईएलसीए-4 वर्ग प्रतियोगिता के प्रमुख आकर्षणों में रहा। आईएलसीए-4 बॉयज में एनएसएस भोपाल के वासु चंद्रवंशी ने पहला स्थान हासिल किया। उनके साथ एनएसएस भोपाल के शुभम यादव दूसरे, अंकित सिंह सिसोदिया तीसरे और घनश्याम यादव चौथे स्थान पर रहे। इस वर्ग के शीर्ष चार में मध्यप्रदेश के तीन सेलर्स ने जगह बनाई।</p>
<p>वहीं आईएलसीए-4 गर्ल्स में एनएसएस भोपाल की माही वर्मा ने शीर्ष स्थान हासिल किया। तुलसी पटले तीसरे, आस्था पांडे चौथे और मंका शर्मा पांचवें स्थान पर रहीं। इस वर्ग के शीर्ष पांच में मध्यप्रदेश की चार खिलाड़ियों ने जगह बनाकर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।</p>
<p><strong>आईक्यू फॉइल में आर्यन और प्रार्थना की बादशाहत</strong></p>
<p>आईक्यू फॉइल बॉयज वर्ग में एनएसएस भोपाल के आर्यन पाटीदार ने सभी चार रेस में पहला स्थान हासिल करते हुए 4 नेट अंकों के साथ बाजी मारी।</p>
<p>आईक्यू फॉइल गर्ल्स में एनएसएस भोपाल की प्रार्थना भोई ने भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने चारों रेस में पहला स्थान हासिल कर 4 नेट अंकों के साथ वर्ग में शीर्ष स्थान प्राप्त किया।</p>
<p><strong>ट्वेंटिनाइनर में शोवण्य-हृदय की जोड़ी पहले नंबर पर</strong></p>
<p>ट्वेंटिनाइनर वर्ग में एनवायएससी की शोवण्य जोधा और हृदय जोशी की जोड़ी ने चारों रेस में पहला स्थान हासिल किया। एनएसएस के रुद्रेश सिंह पटेल और मयंक राजपूत ने दूसरा स्थान प्राप्त किया।</p>
<p>ट्वेंटिनाइनर गर्ल्स वर्ग में एनएसएस भोपाल की शगुन झा और अपर्णा चौधरी की जोड़ी ने भी चारों रेस में पहला स्थान हासिल कर शीर्ष स्थान पर कब्जा जमाया।</p>
<p><strong> टेक्नो में भी मध्यप्रदेश के सेलर्स का दबदबा</strong></p>
<p>टेक्नो बॉयज यू-15 में एनएसएस भोपाल के अंकित विश्वकर्मा पहले और एमपीवायए के अयान खान दूसरे स्थान पर रहे। बॉयज यू-17 में एनएसएस भोपाल के सोहम योगेश राजपूत ने पहला, ईएमईएससी भोपाल के आरान मलिक ने दूसरा और एनएसएस भोपाल के स्वस्तिक गौतम ने तीसरा स्थान हासिल किया।</p>
<p>गर्ल्स यू-15 में एनएसएस भोपाल की अनन्या अवधिया पहले और विपासा सिंह दूसरे स्थान पर रहीं। गर्ल्स यू-17 में वायएएम की प्रियंशी एम. पाटिल ने पहला और एनएसएस भोपाल की तेजस्वी प्रजापति ने दूसरा स्थान हासिल किया।</p>
<p><strong>ऑप्टिमिस्ट में भी खिलाड़ियों ने दिखाया दम</strong></p>
<p>ऑप्टिमिस्ट मेन वर्ग में एसएससी की शृंगारी रॉय ने पहला स्थान हासिल किया। बॉयज वर्ग में टीएसए के कोंडा सामन्यु दूसरे, एनएसएस भोपाल के जाग्रव कुमार तीसरे और लिखित अहिरवार चौथे स्थान पर रहे। एनएसएस भोपाल की ध्रुवी टोंडन गर्ल्स वर्ग में सातवें स्थान पर रहीं।</p>
<p><strong>मंत्री  सारंग ने खिलाड़ियों को दी बधाई</strong></p>
<p>खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने वासु चंद्रवंशी, माही वर्मा सहित प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मध्यप्रदेश के सभी सेलर्स को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर लगातार मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ा रहे हैं।</p>
<p><strong>16 अगस्त को मुख्यमंत्री करेंगे समापन</strong></p>
<p>10 से 16 अगस्त तक अपर लेक स्थित बोट क्लब के वाटर स्पोर्ट्स सेंटर में आयोजित हो रही इस राष्ट्रीय रैंकिंग प्रतियोगिता का समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह 16 अगस्त को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में होगा। विभिन्न वर्गों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान किए जाएंगे।</p>
<p>भोपाल में लगातार राष्ट्रीय स्तर की वाटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं के आयोजन से शहर की पहचान देश के प्रमुख वाटर स्पोर्ट्स केंद्र के रूप में मजबूत हो रही है। मध्यप्रदेश में सेलिंग सहित विभिन्न वाटर स्पोर्ट्स को आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर अधोसंरचना और राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मंच उपलब्ध कराने पर लगातार काम किया जा रहा है।</p>
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<title>प्रदेश के कॉलेजों में परंपरागत पढ़ाई के साथ अब विद्यार्थियों को मिलेगी रोजगारोन्मुखी शिक्षा</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  प्रदेश के महाविद्यालयों में परंपरागत विषयों की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को अब रोजगार की बदलती जरूरतों के अनुरूप शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा उच्च शिक्षा को उद्योग, अनुसंधान, तकनीक और रोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। विभाग ने देश के … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 23:30:36 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>प्रदेश, के, कॉलेजों, में, परंपरागत, पढ़ाई, के, साथ, अब, विद्यार्थियों, को, मिलेगी, रोजगारोन्मुखी, शिक्षा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>प्रदेश के महाविद्यालयों में परंपरागत विषयों की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को अब रोजगार की बदलती जरूरतों के अनुरूप शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा उच्च शिक्षा को उद्योग, अनुसंधान, तकनीक और रोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। विभाग ने देश के 30 राष्ट्रीय संस्थानों के साथ एमओयू किया है।</p>
<p>इसके माध्यम से महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को उनके पारंपरिक पाठ्यक्रमों के साथ रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को वर्तमान औद्योगिक एवं तकनीकी जरूरतों के अनुरूप आवश्यक ज्ञान, कौशल और व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है।</p>
<p>इस पहल के तहत विद्यार्थियों के लिए ऐसे पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित किए जाएंगे, जिनसे उनकी रोजगार क्षमता में वृद्धि हो सके। साथ ही उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए विद्यार्थियों को रोजगार के नए अवसरों से जोड़ा जा सके। इसके साथ ही भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप रोडमैप भी तैयार किया जाएगा। इससे महाविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के साथ विद्यार्थियों को अनुसंधान, तकनीक और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे।</p>
<p>विभाग की इस पहल से प्रदेश के विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ आधुनिक कौशल और व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त होगा, जिससे वे उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद रोजगार और करियर की बेहतर संभावनाओं के लिए तैयार हो सकेंगे।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि यह एमओयू 4 अगस्त को राज्यपाल  मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार की उपस्थिति में किया जा चुका है।</p>
<p><strong>देश के इन राष्ट्रीय संस्थानों के साथ विभाग ने किया एमओयू</strong></p>
<p>उच्च शिक्षा विभाग ने देश के जिन 30 राष्ट्रीय संस्थानों के साथ एमओयू किया है, उसमें आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी रुड़की, आईआईटी दिल्ली, आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी मद्रास, आईआईटी गुवाहटी, आईआईटी वाराणसी, आईआईएम इंदौर, आईएमडी दिल्ली, आईसीएआई दिल्ली, वाधवानी फाउंडेशन दिल्ली, आईसीएफआरई जबलपुर, सीएसआईआर-एएमपीआरआई भोपाल, एनआईटीटीटीआर भोपाल, मध्यप्रदेश पुलिस, श्रम विभाग मध्यप्रदेश,अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान (एआईजीजीपीए) एनएफएसयू भोपाल, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (एमपीसीएसटी) भोपाल, आईआईएफएम भोपाल, आरआईई भोपाल, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय भोपाल, उद्यानिकी विभाग, जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, कोलकाता, एबीवी-आईआईआईटीएम ग्वालियर, आईसीएआर-आईआईएसएस भोपाल, आईसीएआर-सेंट्रल इंटीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग भोपाल, आरआरसीएटी इंदौर, यूजीसी-डीएई सीएसआर इंदौर,आईआईटी पटना शामिल है।</p>
<p><strong>विद्यार्थियों को यह होगा फायदा</strong></p>
<p>देश के 30 विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों के साथ एमओयू होने से विद्यार्थियों को शिक्षा, अनुसंधान, तकनीक, कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में व्यापक अवसर मिलेंगे। इस साझेदारी के माध्यम से विद्यार्थियों को जलवायु साक्षरता एवं मौसम विज्ञान आधारित अनुसंधान, वन, जैव विविधता एवं जलवायु परिवर्तन अनुसंधान तथा कृषि एवं मृदा विज्ञान अनुसंधान से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही वैज्ञानिक अनुसंधान एवं उन्नत प्रौद्योगिकी के माध्यम से नवाचार, कृषि नवाचार एवं तकनीक आधारित उच्च शिक्षा, पर्यावरणीय नेतृत्व एवं सतत विकास के लिए ज्ञान साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा। फोरेंसिक विज्ञान एवं साइबर सुरक्षा जैसे उभरते क्षेत्रों में विद्यार्थियों की समझ और दक्षता विकसित की जाएगी। सुरक्षित, जागरूक एवं उत्तरदायी नागरिक निर्माण में भी मदद मिलेगी। रोजगारोन्मुखी शिक्षा एवं कौशल विकास, श्रमिक अधिकारों के प्रति जागरूकता, तकनीकी दक्षता, नवाचारी शिक्षण तथा संकाय क्षमता निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा। शिक्षक शिक्षा और शैक्षणिक गुणवत्ता संवर्धन के क्षेत्र में भी संस्थागत सहयोग विकसित होगा।</p>
<p>विभाग की इस पहल से विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीक, अनुसंधान और उद्योग की आवश्यकताओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी रोजगार क्षमता और भविष्य की प्रतिस्पर्धात्मक दक्षता मजबूत होगी।</p>
<p><strong>शिक्षा और कौशल विकास के लिए बेहतर रोडमैप तैयार किया जाएगा</strong></p>
<p>अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा विभाग  अनुपम राजन ने बताया कि शिक्षा के वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए कॉलेजों में परंपरागत विषयों की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा मिले, इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विशेष पहल की गई है। देश के 30 राष्ट्रीय संस्थानों के साथ विभाग ने एमओयू किया है। इन संस्थानों के माध्यम से युवाओं के लिए शिक्षा और कौशल विकास के लिए बेहतर रोडमैप तैयार किया जाएगा।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>हर्षोल्लास व धूमधाम के साथ मनाया जायेगा स्वतंत्रता दिवस</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  भारतीय स्‍वतंत्रता दिवस हर्षोल्‍लास एवं धूमधाम के साथ मनाया जायेगा। प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्‍वतंत्रता दिवस का मुख्‍य समारोह मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्‍य आतिथ्‍य में 15 अगस्‍त को लाल परेड ग्राउंड में आयोजित होगा। गुरूवार को अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक  चंचल शेखर की मौजूदगी में स्वतंत्रता दिवस समारोह की फुल ड्रेस परेड … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 23:30:32 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>हर्षोल्लास, व, धूमधाम, के, साथ, मनाया, जायेगा, स्वतंत्रता, दिवस</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>भारतीय स्‍वतंत्रता दिवस हर्षोल्‍लास एवं धूमधाम के साथ मनाया जायेगा। प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्‍वतंत्रता दिवस का मुख्‍य समारोह मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्‍य आतिथ्‍य में 15 अगस्‍त को लाल परेड ग्राउंड में आयोजित होगा। गुरूवार को अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक  चंचल शेखर की मौजूदगी में स्वतंत्रता दिवस समारोह की फुल ड्रेस परेड एवं फाइनल रिहर्सल लाल परेड ग्राउंड में हुई।</p>
<p><strong>वरिष्‍ठ अधिकारियों ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा</strong></p>
<p>अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक  चंचल शेखर, अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक  सोलोमन यश कुमार मिंज, संभाग आयुक्‍त भोपाल  कर्मवीर शर्मा, पुलिस आयुक्‍त  संजय कुमार, पुलिस महानिरीक्षक  हरिनारायण चारी, पुलिस महानिरीक्षक  इरशाद वली, उप पुलिस महानिरीक्षक  ओमप्रकाश त्रिपाठी, उप पुलिस महानिरीक्षक  शैलेन्‍द्र सिंह चौहान, सेनानी 7वीं वाहिनी  हितेश चौधरी सहित अन्य अधिकारियों ने स्वतंत्रता दिवस समारोह की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।</p>
<p>फुल ड्रेस परेड के फाइनल अभ्यास के दौरान 7वीं बटालियन के प्रधान आरक्षक  राजमणि सिंह बघेल ने प्र‍तीक स्‍वरूप मुख्य अतिथि की भूमिका निभाई और ध्वजारोहण, राष्‍ट्रीय धुन एवं परेड द्वारा सलामी के बाद परेड का निरीक्षण कर संदेश का वाचन किया। उसके बाद परेड का विसर्जन कर कार्यक्रम सम्‍पन्‍न हुआ।</p>
<p><strong>अभ्‍यास परेड में पुलिस बैण्‍ड सहित कुल 22 टुकड़ियों ने भाग लिया</strong></p>
<p>फाइनल अभ्यास परेड का नेतृत्‍व भारतीय पु‍लिस सेवा के एस.डी.ओ.पी. सीहोरा जबलपुर  आदित्‍य सिंघारिया ने किया। सहायक परेड कमांडर की भूमिका राज्‍य पुलिस सेवा के नगर पुलिस अधीक्षक सिंगरौली  हेमन्‍त कुमार ने निभाई। संयुक्‍त अभ्‍यास परेड में पुलिस बैण्‍ड सहित कुल 22 टुकड़ियों ने भाग लिया। इनमें महाराष्‍ट्र पुलिस बल, केन्‍द्रीय रिर्जव पुलिस बल, भारत तिब्‍बत सीमा पुलिस बल, सशस्‍त्र सीमा बल, सीमा सुरक्षा बल, केन्‍द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, हॉकफोर्स, एसटीएफ, महिला (विशेष सशस्‍त्र बल, जिला बल एवं रेल पुलिस बल), विशेष सशस्‍त्र बल (दक्षिणी जोन), विशेष सशस्‍त्र बल (दक्षिणी जोन), विशेष सशस्‍त्र बल (उत्‍तरी जोन), जिला पुलिस बल, जेल विभाग, शासकीय रेल पुलिस, नगर सेना (होमगार्ड), एन.सी.सी. सीनियर डिविजन/एयर विंग/नेवल विंग(बॉयज), एन.सी.सी.सीनियर विंग/एयर विंग/नेवल विंग(गर्ल्‍स), गाइड गर्ल्‍स, स्‍काउट्स बॉयज, शौर्य दल, पुलिस बैंड तथा अश्‍वारोही दल शामिल है।</p>
<p><strong>मुख्य अतिथि से पदक अलंकरण प्राप्त करने का अभ्यास</strong></p>
<p>प्रतीक स्‍वरूप संदेश वाचन के बाद राष्ट्रपति पदक प्राप्त 47 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी मुख्य अतिथि से पदक अलंकरण प्राप्त करने का अभ्यास किया। अंत में परेड कमाण्डर और परेड में शामिल सभी दलों के प्लाटून कमाण्डरों ने मुख्य अतिथि को अपना परिचय देने का अभ्यास भी किया।</p>
<p>स्‍वतंत्रता दिवस समारोह का गरिमामय एवं प्रभावी संचालन जाने-माने उद्घोषक  विनय उपाध्याय तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सु प्रतिमा मैथ्‍यू द्वारा किया गया।</p>
<p>अभ्यास के दौरान स्टेडियम में नागरिकों के आने-जाने व सुरक्षा व्यवस्था सहित स्टेडियम के यातायात, पार्किंग एवं अन्य सभी व्यवस्थाओं की भी बारीकी से जांच की गई। इस अवसर पर पु‍लिस मुख्‍यालय के वरिष्‍ठ अधिकारियों सहित जिला प्रशासन व भोपाल पुलिस के वरिष्‍ठ अधिकारी मौजूद थे।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>शिल्पियों की कला को सम्मान, हुनर को मिला हौसला</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य स्तरीय विश्वकर्मा पुरस्कार के तहत उत्कृष्ट शिल्प के लिए चयनित शिल्पियों को सम्मानित किया है। विगत दिनों शिल्पियों को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ये सम्मान उन शिल्पकारों के हुनर को प्रोत्साहित करने का माध्यम हैं, जो अपनी कला के जरिए मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 23:30:28 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>शिल्पियों, की, कला, को, सम्मान, हुनर, को, मिला, हौसला</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य स्तरीय विश्वकर्मा पुरस्कार के तहत उत्कृष्ट शिल्प के लिए चयनित शिल्पियों को सम्मानित किया है। विगत दिनों शिल्पियों को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ये सम्मान उन शिल्पकारों के हुनर को प्रोत्साहित करने का माध्यम हैं, जो अपनी कला के जरिए मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि पारंपरिक शिल्प केवल उत्पाद नहीं हैं, बल्कि पीढ़ियों से हस्तांतरित ज्ञान, कौशल और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक हैं। ऐसे में शिल्पियों को सम्मान और प्रोत्साहन देना उनकी कला को संरक्षित करने के साथ नई पीढ़ी को इससे जोड़ने का भी माध्यम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि बुनकरों और शिल्पकारों को ग्लोबल मार्केट से जोड़ा जा रहा है।</p>
<p>मध्यप्रदेश की समृद्ध हस्तशिल्प एवं हथकरघा परंपरा को सहेजने और इससे जुड़े शिल्पियों के हुनर को नई पहचान देने के लिए राज्य सरकार सम्मान, प्रोत्साहन और बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है। शिल्पियों के लिए पुरस्कार और प्रोत्साहन के साथ उनके पारंपरिक उत्पादों को व्यापक बाजार से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।</p>
<p><strong>इन शिल्पियों का हुआ सम्मान</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2022-23 के पुरस्कारों में गोदना (ब्लॉक) सौंसर साड़ी के लिए श्री रोहित रूसिया को प्रथम पुरस्कार के रूप में एक लाख रुपये, भगवान महाकाल की बाटिक कलाकृति के लिए श्री मो. रफीक छीपा को द्वितीय पुरस्कार के रूप में 50 हजार रुपये तथा पत्थर शिल्प में ‘गौतम बुद्ध’ कृति के लिए श्री सतीश विश्वकर्मा को तृतीय पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपये प्रदान किए। श्रीमती दीपा अहिरवार, श्री तानसिंह और श्री हरीश धवन को प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में 15-15 हजार रुपये प्रदान किए गये। इस अवसर पर कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री दिलीप जायसवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे</p>
<p><strong>डिजिटल कॉमर्स से वैश्विक बाजार तक पहुंच</strong></p>
<p>शिल्पियों को आधुनिक बाजार और डिजिटल कॉमर्स से जोड़ने के लिए ‘ODOP मार्ट’ और ‘द मृगनयनी’ वेब पोर्टल जैसी पहल की गई है। इन डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्देश्य प्रदेश के शिल्पियों और उनके उत्पादों को ऑनलाइन बाजार उपलब्ध कराना तथा उन्हें व्यापक उपभोक्ता वर्ग तक पहुंचाना है।</p>
<p>डिजिटल माध्यम उस शिल्पकार के लिए नई संभावनाओं का द्वार खोल सकता है, जिसकी कला उत्कृष्ट होने के बावजूद बाजार तक पहुंच सीमित रहती है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए पारंपरिक हस्तशिल्प और हाथकरघा उत्पादों को प्रदेश और देश के साथ वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के अवसर बढ़ेंगे।</p>
<p><strong>हुनर के संरक्षण के साथ आत्मनिर्भरता पर जोर</strong></p>
<p>शिल्पियों के हुनर को सम्मान और बाजार उपलब्ध कराने की पहल का उद्देश्य केवल पारंपरिक कलाओं का संरक्षण करना नहीं, बल्कि शिल्पकारों की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करना भी है। बेहतर बाजार, डिजिटल पहुंच और प्रोत्साहन से शिल्पकार अपने कौशल को आजीविका के अधिक सशक्त माध्यम में बदल सकेंगे।</p>
<p><strong>हर जिले के हुनर को मिल रहा मंच</strong></p>
<p>एक जिला-एक उत्पाद (ODOP) के माध्यम से मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों के विशिष्ट उत्पादों और स्थानीय हुनर को पहचान और बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदेश के विभिन्न जिलों के उत्पादों को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित कर स्थानीय शिल्पकारों और उत्पादकों को नए बाजारों से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।</p>
<p>स्थानीय शिल्प को ई-कॉमर्स से जोड़ने से शिल्पकारों की आजीविका को मजबूत करने और उनके उत्पादों की मांग बढ़ाने के अवसर भी बढ़ेंगे। इससे पारंपरिक कला को संरक्षण मिलने के साथ ग्रामीण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।</p>
<p>मध्यप्रदेश की हस्तशिल्प और हाथकरघा परंपरा में छिपी विविधता और रचनात्मकता को नई पहचान देने के साथ इन कलाओं को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की दिशा में यह प्रयास महत्वपूर्ण हैं। शिल्पियों के हुनर को सम्मान, हौसला और बाजार देकर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाई देने का प्रयास किया जा रहा है।</p>
<p>कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री दिलीप जायसवाल के निर्देशन में आयोजित राज्य स्तरीय विश्वकर्मा पुरस्कार समारोह में मध्यप्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष श्री पंकज जोशी एवं उपाध्यक्ष श्री राकेश जादौन, अपर मुख्य सचिव श्री के.सी. गुप्ता, प्रबंध संचालक/आयुक्त हस्तशिल्प एवं हाथकरघा श्री मदन विभीषण नागर गोजे तथा आयुक्त रेशम श्री मोहित बुन्दस भी उपस्थिति रहे। आयोजन में नोडल अधिकारी श्री उमेश श्रीवास्तव, सहायक संचालक सुश्री रूपाली सक्सेना तथा प्रबंधक हस्तशिल्प श्री यश श्रवण, श्री ईशम मौर्य, सुश्री रंजना निनावे, श्री योगेंद्र जोनवार और श्री कुंदनलाल नागर सहित विभागीय अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संत रविदास हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम द्वारा आयोजित इस आयोजन को सफल बनाने में श्री गोविंददास आगरे, श्री मदन जोशी, श्री शिवेंद्र सिंह और डिजाइनर सुश्री अंकिता चंद्रवंशी गुप्ता का विशेष योगदान रहा।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>मध्यप्रदेश पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता ने बचाई जिंदगियां</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट की घड़ी में नागरिकों की जान बचाने और उन्हें सुरक्षित सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी सदैव तत्पर है। छतरपुर और सीधी जिलों में पुलिस की त्वरित, साहसिक एवं मानवीय कार्रवाई ने दो अलग-अलग घटनाओं में नागरिकों की जान बचाकर पुलिस के … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 23:30:24 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>मध्यप्रदेश, पुलिस, की, संवेदनशीलता, और, तत्परता, ने, बचाई, जिंदगियां</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>मध्यप्रदेश पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट की घड़ी में नागरिकों की जान बचाने और उन्हें सुरक्षित सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी सदैव तत्पर है। छतरपुर और सीधी जिलों में पुलिस की त्वरित, साहसिक एवं मानवीय कार्रवाई ने दो अलग-अलग घटनाओं में नागरिकों की जान बचाकर पुलिस के संवेदनशील मानवीय चेहरे को सामने रखा।</p>
<p><strong>सीधी में आरक्षक ने दरवाजा तोड़कर बचाई 60 वर्षीय व्यक्ति की जान</strong></p>
<p>सीधी जिले के ग्राम कोनिया में एक व्यक्ति द्वारा घर के अंदर फांसी लगाने का प्रयास किए जाने की सूचना डायल-112 ड्यूटी में तैनात आरक्षक  रविंद्र सिंह को मिली। सूचना मिलते ही वे तत्काल मौके पर पहुंचे। कई बार आवाज देने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर आरक्षक ने बिना समय गंवाए दरवाजा तोड़कर घर में प्रवेश किया और 60 वर्षीय रामकरण साकेत को फांसी लगाने के प्रयास से सुरक्षित नीचे उतारकर उनकी जान बचाई।</p>
<p>घटना के बाद चौकी खड्डी में चौकी प्रभारी सउनि नीरज कुमार द्वारा उनकी काउंसलिंग की गई। बातचीत में पति-पत्नी के आपसी विवाद के कारण व्यक्ति द्वारा यह कदम उठाने की बात सामने आई। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर विवाद का समाधान कराया।</p>
<p>आरक्षक  रविंद्र सिंह की त्वरित निर्णय क्षमता, साहस, कर्तव्यनिष्ठा एवं मानवीय संवेदनशीलता की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक सीधी  संतोष कोरी ने उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की है।</p>
<p><strong>छतरपुर में पलटे ई-रिक्शा से यात्रियों का किया सुरक्षित रेस्क्यू</strong></p>
<p>छतरपुर जिले के थाना किशनगढ़ क्षेत्र अंतर्गत जटाशंकर रोड पर रात्रि में यात्रियों से भरा ई-रिक्शा अचानक पलट गया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी किशनगढ़ उप निरीक्षक कमलजीत सिंह मावई एवं कूपी चौकी प्रभारी सहायक उप निरीक्षक जगदीश शिवहरे पुलिस टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे।</p>
<p>स्थिति बेहद संवेदनशील थी। दुर्घटनाग्रस्त ई-रिक्शा के नीचे एक बच्चा गहराई में दबा हुआ था, जबकि अन्य यात्री भी वाहन में फंसे हुए थे। पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए साहस, सूझबूझ और तत्परता से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। सबसे पहले बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला गया, इसके बाद ई-रिक्शा में फंसे सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। पुलिस ने यात्रियों के लिए जटाशंकर धाम तक सुरक्षित पहुंचने की भी व्यवस्था की। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की स्थानीय नागरिकों एवं यात्रियों ने सराहना की।</p>
<p><strong>मध्यप्रदेश पुलिस — कानून की रक्षा के साथ मानव जीवन की सुरक्षा और सहायता के लिए सदैव तत्पर।</strong></p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>भारतीय व्यापार महोत्सव घरेलू उत्पादों को देगा ग्लोबल पहचान, भोपाल में भी आयोजन की तैयारी</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल। स्वदेशी उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने के उद्देश्य से नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित चार दिवसीय भारतीय व्यापार महोत्सव को लेकर कैट ने मध्यप्रदेश के व्यापारियों के लिए इसे महत्वपूर्ण अवसर बताया है। महोत्सव में मध्यप्रदेश से करीब साढ़े छह सौ व्यापारिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कैट के … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 23:30:20 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>भारतीय, व्यापार, महोत्सव, घरेलू, उत्पादों, को, देगा, ग्लोबल, पहचान, भोपाल, में, भी, आयोजन, की, तैयारी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="" data-start="279" data-end="810"><strong data-start="279" data-end="289">भोपाल।</strong> स्वदेशी उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने के उद्देश्य से नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित चार दिवसीय <strong data-start="421" data-end="447">भारतीय व्यापार महोत्सव</strong> को लेकर कैट ने मध्यप्रदेश के व्यापारियों के लिए इसे महत्वपूर्ण अवसर बताया है। महोत्सव में मध्यप्रदेश से करीब <strong data-start="557" data-end="595">साढ़े छह सौ व्यापारिक प्रतिनिधियों</strong> ने भाग लिया। कैट के राष्ट्रीय महामंत्री एवं चांदनी चौक सांसद <strong data-start="657" data-end="676">प्रवीन खंडेलवाल</strong> ने कहा कि यह आयोजन केवल कारोबार बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय उत्पादों को देश और दुनिया के बाजार में पहचान दिलाने का अभियान है।</p>
<h2 data-section-id="itex2" data-start="812" data-end="876"><span role="text"><strong data-start="815" data-end="876">‘वोकल फॉर लोकल’ से ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ की ओर बढ़ेगा कारोबार</strong></span></h2>
<p data-start="878" data-end="1197">कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने मध्यप्रदेश के व्यापारिक प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भावना के अनुरूप <strong data-start="1033" data-end="1069">‘वोकल फॉर लोकल, लोकल फॉर ग्लोबल’</strong> की अवधारणा को मूर्त रूप देने के लिए कैट और <strong data-start="1113" data-end="1156">इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन (ITPO)</strong> ने भारतीय व्यापार महोत्सव का आयोजन किया।</p>
<p data-start="1199" data-end="1484">उन्होंने कहा कि महोत्सव भारतीय उत्पादों, कारोबारियों और उद्यमियों को एक ऐसा मंच उपलब्ध कराता है, जहां वे अपने उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचा सकते हैं। इसका उद्देश्य देश में निर्मित और तैयार किए जाने वाले उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर से आगे अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी पहचान दिलाना है।</p>
<p data-start="1199" data-end="1484"><img decoding="async" class="alignnone  wp-image-264998" src="https://firstkhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/c-300x169.jpg" alt="" width="1054" height="594" srcset="https://firstkhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/c-300x169.jpg 300w, https://firstkhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/c-390x220.jpg 390w, https://firstkhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/c.jpg 576w" sizes="(max-width: 1054px) 100vw, 1054px"></p>
<h2 data-section-id="16g39xi" data-start="1486" data-end="1542"><span role="text"><strong data-start="1489" data-end="1542">रूस, अफ्रीका और अन्य देशों में भी आयोजन की तैयारी</strong></span></h2>
<p data-start="1544" data-end="1800">खंडेलवाल ने कहा कि आने वाले समय में कैट और ITPO मिलकर देश के प्रमुख शहरों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारतीय व्यापार महोत्सव आयोजित करेंगे। इसके लिए <strong data-start="1701" data-end="1737">रूस, अफ्रीका तथा उन विकसित देशों</strong> में आयोजन की योजना है, जिनके साथ भारत ने फ्री ट्रेड डील की है।</p>
<p data-start="1802" data-end="1988">उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से भारतीय व्यापारियों को नए बाजारों तक पहुंचने, विदेशी खरीदारों से संपर्क बनाने और घरेलू उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के अवसर मिलेंगे।</p>
<h2 data-section-id="ykgx1" data-start="1990" data-end="2037"><span role="text"><strong data-start="1993" data-end="2037">भोपाल में भी होगा भारतीय व्यापार महोत्सव</strong></span></h2>
<p data-start="2039" data-end="2276">कैट मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष <strong data-start="2072" data-end="2089">भूपेन्द्र जैन</strong> ने कहा कि आने वाले समय में राजधानी <strong data-start="2125" data-end="2220">भोपाल में भी कैट और ITPO के संयुक्त तत्वावधान में भारतीय व्यापार महोत्सव आयोजित किया जाएगा।</strong> इसकी तारीख तय करने के लिए विस्तृत बैठक आयोजित की जाएगी।</p>
<p data-start="2278" data-end="2530">उन्होंने प्रदेश पदाधिकारियों से कहा कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए जिम्मेदारी लेकर सक्रियता से काम करने वाले लोगों को कैट से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि भारतीय व्यापार और उद्यमिता को मजबूती देने के इस अभियान को प्रदेश के हर जिले तक पहुंचाने की जरूरत है।</p>
<h2 data-section-id="w0z1n0" data-start="2532" data-end="2571"><span role="text"><strong data-start="2535" data-end="2571">प्रदेश पदाधिकारियों ने रखे सुझाव</strong></span></h2>
<p class="" data-start="2573" data-end="2859">कैट की प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में संयुक्त अध्यक्ष <strong data-start="2628" data-end="2644">गोविंद असाटी</strong>, प्रदेश मीडिया प्रभारी <strong data-start="2668" data-end="2687">धर्मेंद्र शर्मा</strong>, प्रदेश कार्यालय प्रभारी <strong data-start="2713" data-end="2734">भारत भूषण अग्रवाल</strong>, संगठन महामंत्री <strong data-start="2752" data-end="2771">राजकुमार गुप्ता</strong>, महामंत्री <strong data-start="2783" data-end="2817">जितेंद्र पचौरी एवं उमेश तिवारी</strong> सहित अन्य पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे।</p>
<p class="" data-start="2861" data-end="3095">महिला विंग की राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष <strong data-start="2896" data-end="2910">रीना गांधी</strong>, भोपाल की <strong data-start="2921" data-end="2941">मंजरी श्रीवास्तव</strong>, जबलपुर की <strong data-start="2953" data-end="2986">सीमा सिंह चौहान एवं कविता जैन</strong> ने भी बैठक को संबोधित किया। प्रतिनिधियों ने व्यापार एवं संगठन से जुड़े विभिन्न विषयों पर सुझाव प्रस्तुत किए।</p>
<h2 data-section-id="1fz3f6s" data-start="3097" data-end="3133"><span role="text"><strong data-start="3100" data-end="3133">नई जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं</strong></span></h2>
<p data-start="3135" data-end="3472">बैठक में संगठन को विस्तार देने के लिए कई पदाधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं। <strong data-start="3220" data-end="3260">पवन जैन शिवपुरी एवं संदेश जैन जबलपुर</strong> को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, <strong data-start="3282" data-end="3304">चंद्रप्रकाश शिवहरे</strong> को प्रदेश उपाध्यक्ष, <strong data-start="3326" data-end="3339">राजा भैया</strong> को जबलपुर संभाग का महामंत्री, <strong data-start="3370" data-end="3383">दीपक सेठी</strong> को प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी तथा <strong data-start="3416" data-end="3432">प्रशांत गोयल</strong> को सोशल मीडिया प्रभारी मनोनीत किया गया।</p>
<p data-start="3474" data-end="3688">बैठक के मंच पर कैट के नेशनल चेयरमैन <strong data-start="3510" data-end="3529">बृजमोहन अग्रवाल</strong>, सीनियर वाइस चेयरमैन <strong data-start="3551" data-end="3567">सत्यभूषण जैन</strong>, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष <strong data-start="3589" data-end="3604">रमेश गुप्ता</strong> तथा महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष <strong data-start="3641" data-end="3657">संगीता पाटिल</strong> सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे।</p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>स्वतंत्रता दिवस पर छत्तीसगढ़ पुलिस का बढ़ेगा गौरव, 11 पुलिसकर्मियों को राष्ट्रपति पदक</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर  स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को राजधानी रायपुर के मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राज्य पुलिस के 11 उत्कृष्ट अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पदक (विशिष्ट एवं सराहनीय सेवा पदक) प्रदान कर अलंकृत करेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बीते 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के मौके पर इन पुलिस अधिकारियों को … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 23:00:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>स्वतंत्रता, दिवस, पर, छत्तीसगढ़, पुलिस, का, बढ़ेगा, गौरव, पुलिसकर्मियों, को, राष्ट्रपति, पदक</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p> स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को राजधानी रायपुर के मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राज्य पुलिस के 11 उत्कृष्ट अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पदक (विशिष्ट एवं सराहनीय सेवा पदक) प्रदान कर अलंकृत करेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बीते 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के मौके पर इन पुलिस अधिकारियों को पदकों से विभूषित करने की घोषणा की थी।</p>
<p><strong>विशिष्ट सेवा पदक</strong></p>
<p>धमतरी रक्षित केंद्र के सहायक उप निरीक्षक रामावतार सिंह राजपूत को उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पदक प्रदान किया जाएगा।<br>
सराहनीय सेवा पदक</p>
<p><strong>सराहनीय सेवाओं के लिए निम्नलिखित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा:</strong></p>
<ul>
<li>    रामगोपाल गर्ग (पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज)</li>
<li>    शशिमोहन सिंह (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जिला रायगढ़)</li>
<li>    श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा (पुलिस अधीक्षक, रायपुर ग्रामीण)</li>
<li>    राजश्री मिश्रा (पुलिस अधीक्षक, एटीएस रायपुर)</li>
<li>    निवेदिता पाल (सेनानी, 6वीं वाहिनी छसबल, रायगढ़)</li>
<li>    मनीषा ठाकुर रावटे (सेनानी, 20 वीं वाहिनी छसबल, महासमुंद)</li>
<li>    तारकेश्वर पटेल (अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त(मध्य(, रायपुर नगरीय)</li>
<li>    उनैजा खातून अंसारी (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक,विशेष शाखा पीएचक्यू)</li>
<li>    जयलाल मरकाम (सहायक सेनानी,प्रथम वाहिनी छसबल, भिलाई)</li>
<li>    हजारी लाल साहू (प्लाटून कमांडर, 20वीं वाहिनी छसबल, महासमुंद)</li>
<li> </li>
</ul>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में सूरजपुर जिले में निकलीं भव्य तिरंगा यात्राएं</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में सूरजपुर जिले में निकलीं भव्य तिरंगा यात्राएं स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हर घर तिरंगा अभियान के तहत सूरजपुर जिले के भैयाथान, भटगांव और लटोरी में भव्य तिरंगा यात्राओं का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री एवं भटगांव विधायक  लक्ष्मी राजवाड़े ने तीनों … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 23:00:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>मंत्री, लक्ष्मी, राजवाड़े, के, नेतृत्व, में, सूरजपुर, जिले, में, निकलीं, भव्य, तिरंगा, यात्राएं</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p><strong>मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में सूरजपुर जिले में निकलीं भव्य तिरंगा यात्राएं</strong></p>
<p>स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हर घर तिरंगा अभियान के तहत सूरजपुर जिले के भैयाथान, भटगांव और लटोरी में भव्य तिरंगा यात्राओं का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री एवं भटगांव विधायक  लक्ष्मी राजवाड़े ने तीनों स्थानों पर पहुंचकर तिरंगा यात्राओं का नेतृत्व किया।</p>
<p><strong>मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में सूरजपुर जिले में निकलीं भव्य तिरंगा यात्राएं</strong></p>
<p>भैयाथान के केंवरा चौक से निकली तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं, युवा और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लिए विद्यार्थियों ने देशभक्ति के नारों के साथ पूरे क्षेत्र को राष्ट्रप्रेम के रंग में रंग दिया।</p>
<p><strong>मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में सूरजपुर जिले में निकलीं भव्य तिरंगा यात्राएं</strong></p>
<p>इसके बाद भटगांव के त्रिपाठी चौक में आयोजित तिरंगा यात्रा में भी विद्यार्थियों, शिक्षकों और नागरिकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।</p>
<p>लटोरी के हाई स्कूल ग्राउंड से निकली तीसरी तिरंगा यात्रा में विभिन्न विद्यालयों के सैकड़ों विद्यार्थियों ने भाग लिया। युवाओं की बड़ी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष ऊर्जा प्रदान की और राष्ट्रभक्ति का संदेश जन-जन तक पहुंचाया।</p>
<p><strong>मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में सूरजपुर जिले में निकलीं भव्य तिरंगा यात्राएं</strong></p>
<p>इस अवसर पर मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि तिरंगा हमारी राष्ट्रीय आन, बान और शान का प्रतीक है। जिस उत्साह के साथ विद्यार्थियों और युवाओं ने तिरंगा यात्रा में भाग लिया है, वह देश के उज्ज्वल और सुरक्षित भविष्य का प्रतीक है। ऐसी यात्राएं राष्ट्रभक्ति, एकता और स्वाभिमान की भावना को मजबूत करती हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि देश के स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को स्मरण करने का भी अवसर है। युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना इन आयोजनों का प्रमुख उद्देश्य है।</p>
<p>कार्यक्रमों में विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। तिरंगा यात्राओं के माध्यम से सूरजपुर जिले में स्वतंत्रता दिवस को लेकर उत्साह, राष्ट्रीय एकता और जनभागीदारी का विशेष वातावरण देखने को मिला।</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>करीब 200 फीट लंबे तिरंगे के साथ उमड़ा जनसैलाब, वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी हुए शामिल</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर करीब 200 फीट लंबे तिरंगे के साथ उमड़ा जनसैलाब, वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी हुए शामिल ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत आज रायगढ़ जिला मुख्यालय में रिमझिम बारिश के बीच भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक  ओ.पी. चौधरी यात्रा में शामिल हुए। करीब 200 फीट लंबे विशाल तिरंगे के साथ … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 23:00:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>करीब, 200, फीट, लंबे, तिरंगे, के, साथ, उमड़ा, जनसैलाब, वित्त, मंत्री, ओ.पी., चौधरी, हुए, शामिल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p><strong>करीब 200 फीट लंबे तिरंगे के साथ उमड़ा जनसैलाब, वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी हुए शामिल</strong></p>
<p>‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत आज रायगढ़ जिला मुख्यालय में रिमझिम बारिश के बीच भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक  ओ.पी. चौधरी यात्रा में शामिल हुए। करीब 200 फीट लंबे विशाल तिरंगे के साथ निकली यात्रा में शहर के विभिन्न वर्गों के नागरिकों, युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों तथा स्कूली एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। बारिश की फुहारों के बीच ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के गगनभेदी जयघोष से पूरा शहर राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगा नजर आया।</p>
<p><strong>करीब 200 फीट लंबे तिरंगे के साथ उमड़ा जनसैलाब, वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी हुए शामिल</strong></p>
<p>तिरंगा यात्रा नटवर स्कूल से प्रारंभ होकर बेटी बचाओ चौक, सुभाष चौक और अग्रसेन चौक होते हुए सिदूर पार्क (इतवारी बाजार) पहुंची, जहां मंचीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। मार्ग में शहरवासियों ने जगह-जगह यात्रा का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। ओवरब्रिज से पुष्पवर्षा कर तिरंगा यात्रा का अभिनंदन किया गया। यात्रा में शामिल नागरिकों के लिए जूस वितरण की व्यवस्था भी की गई।</p>
<p><strong>करीब 200 फीट लंबे तिरंगे के साथ उमड़ा जनसैलाब, वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी हुए शामिल</strong></p>
<p><strong>*राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगा रायगढ़*</strong></p>
<p>तिरंगा यात्रा में समाज के सभी वर्गों की व्यापक भागीदारी देखने को मिली। हाथों में तिरंगा और देशभक्ति संदेशों वाली तख्तियां लिए स्कूली विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बना। विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ महतारी, भारत माता, रवींद्रनाथ टैगोर, झांसी की रानी और भगत सिंह सहित राष्ट्रनायकों के स्वरूप धारण कर यात्रा को आकर्षक और संदेशपरक बनाया।</p>
<p><strong>करीब 200 फीट लंबे तिरंगे के साथ उमड़ा जनसैलाब, वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी हुए शामिल</strong></p>
<p>बाजे-गाजे और देशभक्ति गीतों के बीच नागरिक कदम से कदम मिलाकर चलते रहे। ‘सुनो गौर से दुनिया वालों’ और ‘ये देश है वीर जवानों का’ जैसे गीतों पर युवाओं एवं नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। रिमझिम बारिश भी लोगों के उत्साह को कम नहीं कर सकी। तिरंगे की छांव में उमड़ा जनसैलाब रायगढ़ में राष्ट्रप्रेम, एकता और जनभागीदारी का जीवंत संदेश देता नजर आया।</p>
<p><strong>*वीर शहीदों और राष्ट्रनायकों को किया नमन*</strong></p>
<p>सिदूर पार्क में आयोजित मंचीय कार्यक्रम में वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने देश की स्वतंत्रता और राष्ट्र की सुरक्षा में योगदान देने वाले वीर शहीदों एवं स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया। उन्होंने परिसर में स्थापित स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने जनसंपर्क विभाग द्वारा ‘हर घर तिरंगा’ एवं ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के अवसर पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा ‘हर घर तिरंगा’ सेल्फी बूथ पर फोटो भी खिंचाई।</p>
<p><strong>करीब 200 फीट लंबे तिरंगे के साथ उमड़ा जनसैलाब, वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी हुए शामिल</strong></p>
<p><strong>*भारत तेजी से आगे बढ़ रहा, युवाओं की जिम्मेदारी भी बढ़ी : वित्त मंत्री*</strong></p>
<p>वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और विश्व में देश का सम्मान लगातार बढ़ा है। बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत की भूमिका पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुई है, लेकिन इसके साथ नई चुनौतियां भी सामने आई हैं। ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक और विशेषकर युवाओं की जिम्मेदारी और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।</p>
<p>उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे स्वयं को तेजी से मजबूत बनाएं और राष्ट्र निर्माण में अपनी ऊर्जा, क्षमता और प्रतिभा का उपयोग करें। देश की एकता, अखंडता, संप्रभुता और सुरक्षा के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर ऐसा सशक्त भारत बनाएं, जिसे दुनिया की कोई ताकत कमजोर न कर सके।</p>
<p> चौधरी ने कहा कि तिरंगा उन वीर जवानों और शहीदों के बलिदान की याद दिलाता है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। राष्ट्रध्वज केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि देश की एकता, गौरव और संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने नागरिकों और युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए देश की प्रगति में योगदान देने का आह्वान किया।</p>
<p><strong>*सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां*</strong></p>
<p>मंचीय कार्यक्रम में स्कूली एवं महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं ने कथक सहित विभिन्न सांस्कृतिक एवं देशभक्ति आधारित प्रस्तुतियां दीं। प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, राष्ट्रप्रेम और ‘विविधता में एकता’ का संदेश दिया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और देशभक्ति गीतों से पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति के उत्साह से सराबोर रहा।</p>
<p>वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने कथक सहित अन्य प्रस्तुतियों में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को प्रोत्साहन स्वरूप 5-5 हजार रुपये देने की घोषणा की।</p>
<p><strong>*‘हर घर तिरंगा’ अभियान से जुड़ रहा पूरा जिला*</strong></p>
<p>जिले में 9 से 17 अगस्त 2026 तक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान चलाया जा रहा है। इस वर्ष अभियान ‘हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता, वंदे मातरम्’ की थीम पर आधारित है। अभियान के माध्यम से नागरिकों को अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने तथा राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक एवं व्यक्तिगत गायन के लिए प्रेरित किया जा रहा है।</p>
<p>अभियान का उद्देश्य नागरिकों में देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देने के साथ राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान, गौरव और अपनत्व की भावना को मजबूत करना है। जिले में नागरिकों को तिरंगा उपलब्ध कराने के साथ विभिन्न देशभक्ति एवं जनजागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार एवं राज्य शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तिरंगा वितरण, जनभागीदारी और विभिन्न गतिविधियों के आयोजन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।</p>
<p>इस अवसर पर महापौर  जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष मती शिखा रविन्द्र गबेल, खरसिया नगर पालिका अध्यक्ष  कमल गर्ग, सभापति  डिग्रीलाल साहू सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि जिला स्तरीय अधिकारी कर्मचारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे उपस्थित रहे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>पुतिन का बड़ा कदम! जापान के दावे वाले कुरील द्वीप पहुंचे, बढ़ा रूस&#45;जापान तनाव</title>
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<description><![CDATA[ मॉस्को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अचानक जापान के दावे वाले एक ऐसे आईलैंड पर पहुंच गए हैं, जिसे लेकर दोनों देशों के बीच दशकों से विवाद चला आ रहा है. रूसी मीडिया के मुताबिक, पुतिन कुरील द्वीप समूह के इतुरुप यानी एतोरोफु आईलैंड पहुंचे. यह इलाका जापान के होक्काइडो द्वीप के उत्तर में स्थित … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 22:45:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मॉस्को</strong></p>
<p>रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अचानक जापान के दावे वाले एक ऐसे आईलैंड पर पहुंच गए हैं, जिसे लेकर दोनों देशों के बीच दशकों से विवाद चला आ रहा है. रूसी मीडिया के मुताबिक, पुतिन कुरील द्वीप समूह के इतुरुप यानी एतोरोफु आईलैंड पहुंचे. यह इलाका जापान के होक्काइडो द्वीप के उत्तर में स्थित है और रूस के कब्जे में है, लेकिन जापान इसे अपना उत्तरी क्षेत्र मानता है। </p>
<p>राष्ट्रपति पुतिन का यह दौरा इसलिए भी अहम है क्योंकि रूस और जापान ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अब तक औपचारिक शांति संधि नहीं की है और इस विवाद को इसकी बड़ी वजह माना जाता है। </p>
<p>राष्ट्रपति पुतिन ने इतुरुप में यास्नी फिश प्रोसेसिंग प्लांट का दौरा किया. रूसी सरकारी समाचार एजेंसी TASS के मुताबिक, यह कुरील द्वीप समूह की पुतिन की पहली व्यक्तिगत यात्रा है. उन्होंने स्थानीय अधिकारियों से मुलाकात की और मछली उत्पादन से जुड़ी गतिविधियों को देखा. एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्थानीय मौसम की तारीफ करते हुए इसे रिसॉर्ट जैसा बताया. इस दौरान उन्होंने स्थानीय मछलियों और कैवियार का भी जायजा लिया। </p>
<p><strong>जापान ने जताया कड़ा विरोध<br>
पुतिन के इतुरुप पहुंचने पर जापान ने तुरंत वि</strong>रोध दर्ज कराया. जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने कहा कि एतोरोफु समेत उत्तरी क्षेत्र ऐतिहासिक और अंतरराष्ट्रीय कानून के आधार पर जापान का अभिन्न हिस्सा हैं. उन्होंने रूस के राष्ट्रपति की यात्रा को लेकर जापान की ओर से कड़ा विरोध दर्ज कराया. यह दौरा दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद क्षेत्रीय विवाद को और तूल दे सकता है। </p>
<p><strong>उत्तर कोरिया की मिसाइल के बाद पुतिन का दौरा</strong><br>
पुतिन का इतुरुप दौरा ऐसे समय हुआ है जब रूस के सुदूर पूर्व में बड़े नौसैनिक सैन्य अभ्यास चल रहे हैं. इसके एक दिन पहले रूस के सहयोगी उत्तर कोरिया ने कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्वी समुद्री इलाके की ओर बैलिस्टिक मिसाइल दागी थी. यह परीक्षण दक्षिण कोरिया और अमेरिका के प्रस्तावित संयुक्त सैन्य अभ्यास से कुछ दिन पहले हुआ है, जिसका प्योंगयांग लगातार विरोध करता रहा है। </p>
<p>रूस, उत्तर कोरिया और चीन के बीच बढ़ती रणनीतिक नजदीकी और जापान के साथ क्षेत्रीय विवादों के बीच पुतिन का जापान के दावे वाले आईलैंड का दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सैन्य तनाव पहले ही बढ़ा हुआ है. हालांकि इस दौरे को सीधे किसी नए सैन्य टकराव की शुरुआत मानना जल्दबाजी होगी, लेकिन इससे रूस-जापान के पुराने क्षेत्रीय विवाद और इलाके की सुरक्षा चिंताओं पर बहस जरूर तेज हो गई है। </p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>इटारसी आउटर पर 50 मिनट खड़ी रही पातालकोट एक्सप्रेस, ट्रेन में घुसे चोरों ने यात्रियों को लूटा</title>
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<description><![CDATA[ इटारसी  बुधवार-गुरुवार दरम्यानी रात रेलवे स्टेशन आउटर पर करीब पचास मिनट खड़ी रही पातालकोट एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में घुसे यात्रियों पर चोरों ने हाथ साफ कर दिया। ट्रेन के अलग-अलग स्लीपर कोच में सफर कर रहे पांच यात्रियों के मोबाइल, नकदी, जेवर और अन्य कीमती सामान चोरों ने गायब कर दिया। चोरी गए सामान … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 22:30:39 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>इटारसी, आउटर, पर, मिनट, खड़ी, रही, पातालकोट, एक्सप्रेस, ट्रेन, में, घुसे, चोरों, ने, यात्रियों, को, लूटा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इटारसी</strong></p>
<p> बुधवार-गुरुवार दरम्यानी रात रेलवे स्टेशन आउटर पर करीब पचास मिनट खड़ी रही पातालकोट एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में घुसे यात्रियों पर चोरों ने हाथ साफ कर दिया। ट्रेन के अलग-अलग स्लीपर कोच में सफर कर रहे पांच यात्रियों के मोबाइल, नकदी, जेवर और अन्य कीमती सामान चोरों ने गायब कर दिया।</p>
<p>चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये बताई जा रही है। घटना के बाद यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।<br>
<strong>रात करीब दो बजे चोर अलग-अलग स्लीपर कोच में घुसे</strong></p>
<p>जानकारी के अनुसार फिरोजपुर कैंट से सिवनी जाने वाली पातालकोट एक्सप्रेस बीती रात इटारसी-भोपाल आउटर पर करीब 50 मिनट तक रुकी रही। इसी दौरान रात करीब दो बजे चोर अलग-अलग स्लीपर कोच में घुसे और सो रहे यात्रियों के सामान को निशाना बनाया।</p>
<p><strong>स्टेशन पहुंचने पर यात्रियों को चोरी की जानकारी हुई</strong></p>
<p>चोरों ने विशेष रूप से महिला यात्रियों के पर्स चोरी किए, जिनमें मोबाइल, नकदी, जेवर और अन्य सामान रखा हुआ था। ट्रेन के रेलवे स्टेशन पहुंचने पर यात्रियों को चोरी की जानकारी हुई। यात्रियों ने तत्काल जीआरपी पुलिस को घटना की सूचना दी।</p>
<p>इसके बाद जीआरपी के जवान ट्रेन में सवार होकर यात्रियों से जानकारी लेने पहुंचे और उन्हें छिंदवाड़ा पहुंचकर थाने में शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा गया।</p>
<p><strong>शिकायत के आधार पर चोरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया</strong></p>
<p>पीड़ित यात्रियों में चौरई निवासी रीना साहू, ग्वालियर की सरोज जैन और भोपाल की रूपा, यात्री अजय कुमार सहित अन्य यात्री शामिल हैं। यात्रियों ने आमला और छिंदवाड़ा पहुंचकर जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर चोरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।<br>
 </p>
<p><strong>इटारसी जीआरपी पुलिस मामले की जांच में जुट गई है</strong></p>
<p>घटनास्थल इटारसी आउटर होने के कारण अब इटारसी जीआरपी पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। थाना प्रभारी संजय चौकसे के नेतृत्व में पुलिस ने चार टीमें गठित कर संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस इटारसी आउटर और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि चोरों की पहचान की जा सके।</p>
<p>पुलिस यात्रियों से पूछताछ के साथ ही ट्रेन रुकने के दौरान आउटर क्षेत्र में मौजूद संदिग्ध लोगों की जानकारी भी जुटा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही चोरों का सुराग लग जाएगा।</p>]]> </content:encoded>
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<title>बड़े तालाब में तिरंगा नौका यात्रा निकालकर प्रदेश ने रचा नया कीर्तिमान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में दुनिया का सबसे युवा देश भारत अपने सामर्थ्य से विकास पथ पर आगे बढ़ रहा है। बोट क्लब भोपाल पर आयोजित विशाल नौका तिरंगा यात्रा राष्ट्रभक्ति और एकता को और अधिक सुदृढ़ करते हुए युवाओं को नई ऊर्जा दे … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 22:30:35 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>बड़े, तालाब, में, तिरंगा, नौका, यात्रा, निकालकर, प्रदेश, ने, रचा, नया, कीर्तिमान, मुख्यमंत्री, डॉ., यादव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में दुनिया का सबसे युवा देश भारत अपने सामर्थ्य से विकास पथ पर आगे बढ़ रहा है। बोट क्लब भोपाल पर आयोजित विशाल नौका तिरंगा यात्रा राष्ट्रभक्ति और एकता को और अधिक सुदृढ़ करते हुए युवाओं को नई ऊर्जा दे रही है। जल की लहरों पर तिरंगा यात्रा का यह दृश्य अद्भुत और रोमांचकारी अहसास करा रहा है। प्रदेश ने जल में तिरंगा यात्रा निकालकर देशभक्ति की भावना को नया आयाम दिया है। यह गौरवपूर्ण दृश्य पूरी दुनिया देख रही है कि जल में तिरंगा यात्रा निकालकर मध्यप्रदेश एक नया कीर्तिमान रच रहा है। “तिरंगा यात्रा” में जनमानस का उत्साह अभिनंदनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "हर घर तिरंगा" अभियान के अंतर्गत आज भोपाल के बोट क्लब में आयोजित "विशाल नौका तिरंगा यात्रा" में सहभागिता की तथा केनो सलालम शो देखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में राष्ट्रभक्ति का संदेश देते हुए खिलाड़ियों और उपस्थित नागरिकों का उत्साहवर्धन किया।</p>
<p><strong>वॉटर स्पोर्ट्स खिलाड़ियों ने तिरंगे के साथ किया कौशल का प्रदर्शन</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तिरंगा थाम कर तिरंगा नौका यात्रा का नेतृत्व किया। देशभक्ति गीतों के बीच उन्होंने तिरंगे के रंगों के गुब्बारे आसमान में छोड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बोट क्लब पर उपस्थित खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने बड़े तालाब की लहरों पर अठखेलियां करती बत्तखों और मछलियों को दाना भी खिलाया। इस अवसर पर कयाकिंग-केनोइंग के माध्यम से वॉटर स्पोर्ट्स खिलाड़ियों ने तिरंगे के साथ अपने कौशल का प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रभक्ति की भावना को अभिव्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेल विभाग द्वारा परिकल्पित यह अनूठी पहल अद्वितीय है। इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर, महापौर भोपाल मती मालती राय, विधायक  भगवानदास सबनानी,  रविंद्र यती विशेष रूप से उपस्थित थे।</p>
<p><strong>जल, थल, नभ हर जगह तिरंगा लहराए</strong></p>
<p>खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूरा देश तिरंगामय हो रहा है। उन्होंने आजादी की लड़ाई के शहीदों को नमन करते हुए कहा कि स्वतंत्रता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए देश के वीर सैनिकों ने अपने प्राणों की आहूति दी। हमारा लक्ष्य है कि “जल, थल और नभ में हर जगह तिरंगा शान से लहराए। ”भारत माता का वैभव परम तक पहुंचे और देश का प्रत्येक नागरिक देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत हो, इसी उद्देश्य से यह भव्य यात्रा आयोजित की गई है।</p>
<p><strong>बड़ा तालाब बना देश भक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावनाओं के प्रकटीकरण का साक्षी</strong></p>
<p>हर घर तिरंगा अभियान अंतर्गत भोपाल की बड़ी झील के प्राकृतिक सौंदर्य के बीच निकली तिरंगा नौका यात्रा विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिसमें कई नावें तिरंगे के साथ शामिल हुईं और बड़ी संख्या में देशभक्त नागरिक तिरंगा यात्रा का हिस्सा बने। भोपाल का बड़ा तालाब देश भक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावनाओं के प्रकटीकरण का साक्षी बना। बड़ी संख्या में नावों और तिरंगे के विशेष फॉर्मेशन से जल सतह पर विशाल तिरंगा बनाया गया। तिरंगा नौका यात्रा में युवा खिलाड़ी, सामाजिक संगठनों के सदस्य एवं बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थी शामिल हुए।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>मिलावटी पनीर पर धार प्रशासन का बड़ा प्रहार, 52 किलो एनालॉग पनीर जब्त</title>
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<description><![CDATA[ धार  जिले में मिलावटी दूध, घी और दुग्ध उत्पादों के साथ प्रतिबंधित एनालॉग पनीर के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने विभिन्न स्थानों पर जांच के दौरान 52 किलोग्राम एनालॉग पनीर जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत 15 हजार 340 रुपये है। इसके साथ ही दूध, घी, पनीर … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 22:30:31 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>मिलावटी, पनीर, पर, धार, प्रशासन, का, बड़ा, प्रहार, किलो, एनालॉग, पनीर, जब्त</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>धार</strong></p>
<p> जिले में मिलावटी दूध, घी और दुग्ध उत्पादों के साथ प्रतिबंधित एनालॉग पनीर के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने विभिन्न स्थानों पर जांच के दौरान 52 किलोग्राम एनालॉग पनीर जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत 15 हजार 340 रुपये है। इसके साथ ही दूध, घी, पनीर और मिठाइयों के कुल 15 नमूने जांच के लिए लिए गए हैं। सभी नमूने राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजे गए हैं।<br>
सचिन लोगरिया के नेतृत्व में विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी</p>
<p>शासन द्वारा प्रतिबंधित एनालॉग पनीर के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा सचिन लोगरिया के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों रामगोपाल मऊटा और सुभाष खेड़कर की टीम ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विभिन्न प्रतिष्ठानों की जांच की।</p>
<p><strong>मनावर में 15 किलो पनीर जब्त</strong></p>
<p>मनावर स्थित डेयरी से पनीर का नमूना लिया गया। यहां पनीर में एनालॉग पनीर होने की आशंका पर करीब 15 किलोग्राम पनीर जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 5 हजार 400 रुपये बताई गई है। ग्राम देवगढ़ से दूध और घी के नमूने भी लिए गए।<br>
कुक्षी में बस से आया 30 किलो पनीर पकड़ा</p>
<p>कुक्षी बस स्टैंड पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने गुजरात से बस के माध्यम से आए संतुष्टि लो फैट पनीर के करीब 30 किलोग्राम माल को जब्त किया। इसकी अनुमानित कीमत 8 हजार 400 रुपये है। विभाग ने लो फैट पनीर के दो नमूने भी जांच के लिए लिए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह पनीर कुक्षी के सुसारी स्थित डेयरी के संचालक द्वारा विभिन्न होटल और रेस्टोरेंट में बेचने के लिए मंगाया गया था। विभाग अब इसकी गुणवत्ता और उत्पाद की प्रकृति की जांच कर रहा है।<br>
धूलसर में 7 किलो पनीर जब्त</p>
<p>ग्राम धूलसर स्थित कावेरी दूध डेयरी के संचालक द्वारा पनीर की आपूर्ति किए जाने की जानकारी पर टीम ने पनीर का नमूना लिया। एनालॉग पनीर होने की आशंका में करीब 7 किलोग्राम पनीर जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 1 हजार 540 रुपये है। डेयरी और किराना दुकानों से भी नमूने लिए गए।</p>
<p><strong>15 नमूनों की होगी भोपाल लैब में जांच</strong></p>
<p>पूरी कार्रवाई में दूध के 3, घी के 4, पनीर के 5 और मिठाई के 3 नमूने, कुल 15 नमूने लिए गए हैं। इन्हें जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत संबंधित प्रतिष्ठानों और जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।</p>]]> </content:encoded>
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<title>एमपी बोर्ड परीक्षाओं का टाइम टेबल जारी, 17 फरवरी से शुरू होगी 12वीं की परीक्षा</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने वर्ष 2027 की हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी मुख्य परीक्षाओं की समय-सारिणी जारी कर दी है। मंडल की ओर से गुरुवार को जारी समय-सारिणी कार्यक्रम के अनुसार 10वीं की मुख्य परीक्षा 24 फरवरी से शुरू होकर 18 मार्च 2027 तक चलेगी। वहीं कक्षा 12वीं की परीक्षा 17 फरवरी से 19 … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 22:30:27 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>एमपी, बोर्ड, परीक्षाओं, का, टाइम, टेबल, जारी, फरवरी, से, शुरू, होगी, 12वीं, की, परीक्षा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p> माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने वर्ष 2027 की हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी मुख्य परीक्षाओं की समय-सारिणी जारी कर दी है। मंडल की ओर से गुरुवार को जारी समय-सारिणी कार्यक्रम के अनुसार 10वीं की मुख्य परीक्षा 24 फरवरी से शुरू होकर 18 मार्च 2027 तक चलेगी। वहीं कक्षा 12वीं की परीक्षा 17 फरवरी से 19 मार्च 2027 तक आयोजित होगी। दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं सुबह नौ से दोपहर 12 बजे तक होंगी।</p>
<p>वहीं इस बार मुख्य के साथ द्वितीय परीक्षा का कार्यक्रम भी जारी किया गया है। मंडल ने 10वीं और 12वीं की द्वितीय परीक्षा का कार्यक्रम भी जारी किया है। प्रायोगिक परीक्षाएं भी तय अवधि में नियमित और स्वाध्यायी परीक्षार्थियों के लिए आवंटित परीक्षा केंद्रों पर निर्धारित अवधि में आयोजित की जाएंगी। 10वीं की प्रायोगिक परीक्षाएं 11 से 30 जून 2027 के बीच और 12वीं की प्रायोगिक परीक्षाएं 1 फरवरी से 19 मार्च 2027 के बीच कराई जाएंगी। मंडल ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर प्रायोगिक परीक्षाएं अवकाश के दिनों में भी आयोजित की जा सकती हैं। प्रायोगिक परीक्षाएं उनके विद्यालय में एक फरवरी से 19 मार्च के बीच संचालित की जाएंगी।</p>
<p><strong>12वीं की परीक्षा 17 फरवरी से होगी शुरू</strong></p>
<p>12वीं की मुख्य परीक्षा 17 फरवरी से शुरू होगी। पहले दिन बायोटेक्नोलॉजी, गायन-वादन और तबला-पखावज की परीक्षा होगी। 18 फरवरी को उर्दू व मराठी, 20 फरवरी को संस्कृत और 22 फरवरी को एनएसक्यूएफ, शारीरिक शिक्षा व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के पेपर होंगे।</p>
<p>हिंदी की परीक्षा 23 फरवरी, अंग्रेजी 26 फरवरी, इंफॉर्मेटिक्स प्रैक्टिसेस 1 मार्च, समाजशास्त्र 3 मार्च, भौतिक शास्त्र/अर्थशास्त्र सहित अन्य विषय 4 मार्च, जीव विज्ञान 8 मार्च, राजनीति शास्त्र 11 मार्च, रसायन शास्त्र/इतिहास/व्यवसाय अध्ययन सहित अन्य विषय 13 मार्च और गणित 16 मार्च को होगा। अंतिम चरण में 17 और 19 मार्च को विभिन्न व्यावसायिक व वैकल्पिक विषयों की परीक्षाएं होंगी।</p>
<p><strong>10वीं की परीक्षा 24 फरवरी से होगी शुरू</strong></p>
<p>10वीं की मुख्य परीक्षा की शुरुआत 24 फरवरी को भाषा विषयों, चित्रकला, गायन-वादन, तबला-पखावज और कंप्यूटर के पेपर से होगी। 25 फरवरी को एनएसक्यूएफ के सभी विषय और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की परीक्षा होगी। इसके बाद 27 फरवरी को उर्दू, 2 मार्च को हिंदी, 5 मार्च को गणित, 9 मार्च को अंग्रेजी, 12 मार्च को संस्कृत, 15 मार्च को विज्ञान और 18 मार्च को सामाजिक विज्ञान का पेपर होगा।</p>
<p><strong>10वीं व 12वीं की द्वितीय परीक्षा 11 जून से होंगी शुरू</strong></p>
<p>12वीं की द्वितीय परीक्षा 11 जून से 30 जून 2027 तक चलेगी। इसमें 11 जून को इंफॉर्मेटिक्स प्रैक्टिसेस, 15 जून को समाजशास्त्र, 16 जून को रसायन शास्त्र, इतिहास, व्यवसाय अध्ययन समेत अन्य विषय और 19 जून को अंग्रेजी की परीक्षा होगी।</p>
<p>वहीं 10वीं की द्वितीय परीक्षा 15 जून से शुरू होकर 30 जून 2027 तक चलेगी। इसमें 15 जून को अंग्रेजी, 18 जून को गणित, 19 जून को उर्दू, 21 जून को भाषा एवं अन्य विषय, 23 जून को एनएसक्यूएफ व एआई, 24 जून को संस्कृत, 26 जून को विज्ञान, 28 जून को हिंदी और 30 जून को सामाजिक विज्ञान की परीक्षा होगी।</p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>वर्ष 2029&#45;30 तक के कृषि और ग्रीन बजट की तैयारी शुरू</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मध्यप्रदेश में बजट निर्माण को अधिक परिणामोन्मुख, पारदर्शी और डिजिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। वित्तीय वर्ष 2027-28 के बजट के साथ वर्ष 2028-29 और 2029-30 के लिए रोलिंग बजट, जेंडर बजट एवं कृषि बजट की तैयारी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही ग्रीन बजट के निर्माण … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 22:30:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>वर्ष, 2029-30, तक, के, कृषि, और, ग्रीन, बजट, की, तैयारी, शुरू</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>भोपाल </p>
<p>मध्यप्रदेश में बजट निर्माण को अधिक परिणामोन्मुख, पारदर्शी और डिजिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। वित्तीय वर्ष 2027-28 के बजट के साथ वर्ष 2028-29 और 2029-30 के लिए रोलिंग बजट, जेंडर बजट एवं कृषि बजट की तैयारी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही ग्रीन बजट के निर्माण में सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) और बहुआयामी गरीबी उन्मूलन संकेतकों को आधार बनाया जाएगा। बजट से संबंधित प्रक्रियाओं को और अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल सिग्नेचर को अनिवार्य किया गया है।</p>
<p>इस संबंध में वित्तीय अधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों के लिए गुरुवार को प्रशासन अकादमी में कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की थीम “एक पहल—आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के विकास की ओर” रखी गई। कार्यशाला में वर्ष 2027-28 के बजट के साथ आगामी दो वित्तीय वर्षों के रोलिंग बजट की तैयारी, कृषि एवं जेंडर बजट तथा ग्रीन बजट के निर्माण की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई।</p>
<p>कार्यशाला में सचिव वित्त श्री लोकेश कुमार जाटव, आयुक्त कोष एवं लेखा श्री अमनवीर सिंह बैंस, संचालक वित्त श्रीमती हर्षिका सिंह, संचालक कोष एवं लेखा श्री राजीव सक्सेना, उप सचिव वित्त श्री आशीष नंदनवार एवं अपर संचालक कोष एवं लेखा श्री संतोष चोखंदे ने बजट निर्माण की प्रक्रिया, दिशा-निर्देशों और डिजिटल प्रणाली के उपयोग की जानकारी दी।</p>
<p><strong>भारत सरकार के बजट की भावना के अनुरूप होगा 2027-28 का बजट</strong></p>
<p>कार्यशाला में संचालक वित्त श्रीमती हर्षिका सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2027-28 का बजट भारत सरकार के बजट की भावना के अनुरूप तैयार किया जाएगा। कार्यशाला में बताया गया कि बजट निर्माण में विभागीय योजनाओं की उपयोगिता और परिणामों का आकलन करते हुए संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। अप्रासंगिक हो चुकी योजनाओं को समाप्त करने की प्रक्रिया भी जारी है, जिससे बजट में आवश्यक एवं परिणाम देने वाली योजनाओं को प्राथमिकता मिल सके।</p>
<p><strong>पांच अंकों के नवीन शीर्षों से आसान होगा बजट प्रबंधन</strong></p>
<p>उप सचिव वित्त श्री आशीष नंदनवार ने जानकारी देते हुए बताया कि बजट प्रक्रिया को अधिक सरल और प्रभावी बनाने के लिए विस्तृत शीर्षों एवं पूर्व प्रचलित शीर्षों का संविलियन कर MIS पर क्रियान्वित किए जा सकने वाले पांच अंकों के नवीन शीर्ष निर्मित किए गए हैं। बजट प्रविष्टि में अब निर्धारित नवीन शीर्षों का ही उपयोग किया जाएगा। इस दौरान बजट एंट्री मैनेजमेंट सिस्टम के उपयोग की प्रक्रिया और इससे जुड़ी सावधानियों के बारे में भी अधिकारियों को विस्तार से जानकारी दी गई।</p>
<p><strong>ग्रीन बजट में सतत विकास लक्ष्यों को बनाया जाएगा आधार</strong></p>
<p>ग्रीन बजट तैयार करते समय सतत विकास लक्ष्यों को ध्यान में रखा जाएगा। कार्यशाला में बताया गया कि ग्रीन बजट निर्माण की प्रक्रिया को प्राप्त दिशा-निर्देशों एवं संबंधित विभागीय गतिविधियों से जोड़ा जाना चाहिए, ताकि पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों के सतत उपयोग और विकास के बीच बेहतर संतुलन स्थापित किया जा सके।</p>
<p><strong>बहुआयामी गरीबी उन्मूलन संकेतकों पर भी रहेगा फोकस</strong></p>
<p>बजट निर्माण में बहुआयामी गरीबी उन्मूलन संकेतकों को भी ध्यान में रखने पर चर्चा हुई। अधिकारियों को बताया गया कि बजट तैयार करते समय विभिन्न सामाजिक एवं आर्थिक संकेतकों के आधार पर उपयुक्त बजट निर्माण उपकरणों का उपयोग किया जाए, जिससे योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से लक्षित वर्गों तक पहुंच सके।</p>
<p>कार्यशाला में अधिकारियों को आगामी वर्षों के बजट निर्माण की समयबद्ध प्रक्रिया, डिजिटल प्रणाली, नवीन बजट शीर्षों, रोलिंग बजट तथा कृषि, जेंडर एवं ग्रीन बजट की अवधारणा से अवगत कराया गया। इससे प्रदेश की बजट प्रक्रिया को अधिक डिजिटल, पारदर्शी, परिणामोन्मुख और दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों से जुड़ा बनाने में मदद मिलेगी।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>मुख्यमंत्री डॉ. यादव 14 अगस्त को बड़वानी में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान में होंगे शामिल</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार 14 अगस्त को बड़वानी में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री बड़वानी कलेक्टरेट सभागृह में आयोजित जिला स्तरीय समाधान कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आम जनता की विभिन्न शिकायतों और आवेदनों के निराकरण की गहन समीक्षा करेंगे। इस संपूर्ण कार्यवाही का संचालन सीएम हेल्पलाइन पोर्टल के माध्यम … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 22:30:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>मुख्यमंत्री, डॉ., यादव, अगस्त, को, बड़वानी, में, मुख्यमंत्री, जन, विश्वास, अभियान, में, होंगे, शामिल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार 14 अगस्त को बड़वानी में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री बड़वानी कलेक्टरेट सभागृह में आयोजित जिला स्तरीय समाधान कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आम जनता की विभिन्न शिकायतों और आवेदनों के निराकरण की गहन समीक्षा करेंगे। इस संपूर्ण कार्यवाही का संचालन सीएम हेल्पलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता आम जनता की समस्याओं का शत-प्रतिशत समाधान करना, शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, निरंतर मॉनिटरिंग और लोक सेवाओं को निर्धारित समय-सीमा में प्रदान करना है।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बोरलाय का निरीक्षण करेंगे। यहाँ वे जिले के पहले मैथ्स पार्क, आईसीटी लैब, अटल टिंकरिंग लैब और स्मार्ट क्लास का अवलोकन कर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। साथ ही, जिला कलेक्टर कार्यालय परिसर में उद्यमियों, प्रगतिशील कृषको एवं जिले के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों से संवाद भी करेंगे।</p>
<p><strong>प्रगतिशील कृषको से करेंगे मुख्यमंत्री चर्चा</strong></p>
<p>संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव जिले में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य पालन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगतिशील कृषकों से चर्चा करेंगे। साथ ही जिले में एचडीपीएस तकनीक से लगाये गये कपास की खेती, कस्टम हायरिंग सेंटर, एफपीओ, शासन की विभिन्न योजना से ऋण लेकर खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने वाले हितग्राही, दुग्ध उत्पादन, निमाड़ी गायो के संरक्षण, मछली बीज एवं मछली पालन पर किसानों से संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसान संगठनों के पदाधिकारियों से भी ई-टोकन व्यवस्था सहित अन्य विषयों पर भी चर्चा करेंगे।</p>
<p><strong>उद्यमियों से भी होगा संवाद</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव संवाद कार्यक्रम में जिले में खाद्य प्रसंस्करण एवं एग्रो इण्डस्ट्रीज, कपास एवं जिनिंग उद्योग, रिन्यूएबल उर्जा, वेस्ट मैनेजमेंट, इको फ्रेण्डली उत्पाद, विनिर्माण एवं नवाचार, स्टार्ट-अप के क्षेत्र में कार्य करने वाले सफल उद्यमियों से उनके कार्यक्षेत्र के संबंध में विस्तार से संवाद करेंगे।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>पुलिस सैलरी पैकेज योजना कठिन समय में पुलिस परिवारों का सशक्त सहारा</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस अपने कर्तव्य के दौरान दिवंगत हुए पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के परिवारों के प्रति संवेदनशीलता एवं मानवीय दायित्व का निरंतर निर्वहन कर रही है। इसी क्रम में राजगढ़ जिले में ड्यूटी के दौरान दिवंगत प्रधान आरक्षक के आश्रित परिवार को पुलिस सैलरी पैकेज के अंतर्गत 1 करोड़ 23 लाख रुपए की आर्थिक … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 22:30:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>पुलिस, सैलरी, पैकेज, योजना, कठिन, समय, में, पुलिस, परिवारों, का, सशक्त, सहारा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>भोपाल </p>
<p>मध्यप्रदेश पुलिस अपने कर्तव्य के दौरान दिवंगत हुए पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के परिवारों के प्रति संवेदनशीलता एवं मानवीय दायित्व का निरंतर निर्वहन कर रही है। इसी क्रम में राजगढ़ जिले में ड्यूटी के दौरान दिवंगत प्रधान आरक्षक के आश्रित परिवार को पुलिस सैलरी पैकेज के अंतर्गत 1 करोड़ 23 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। साथ ही उनके पुत्र को बाल आरक्षक के पद पर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान कर परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।</p>
<p>थाना ब्यावरा सिटी में पदस्थ प्रधान आरक्षक  सर्जन भील की 06 नवंबर 2025 को ड्यूटी के दौरान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। उनके परिवार को पुलिस सैलरी पैकेज योजना के अंतर्गत भारतीय स्टेट बैंक, फूलखेड़ी शाखा, राजगढ़ के माध्यम से बीमा सहायता राशि प्रदान की गई।</p>
<p>पुलिस अधीक्षक राजगढ़  अमित तोलानी द्वारा दिवंगत प्रधान आरक्षक के आश्रित पिता  रामदयाल भील एवं पत्नी मती वर्षा भील को 1 करोड़ 23 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया। साथ ही दिवंगत प्रधान आरक्षक के पुत्र  शरद भील को बाल आरक्षक के पद पर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की गई है।</p>
<p>इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने परिवारजनों से आत्मीयता से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव सहयोग एवं सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।</p>
<p>मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा सभी पुलिस कर्मियों को पुलिस वेतन पैकेज खाता के जरिए अनेक वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें एक करोड़ रुपये का आकस्मिक मृत्यु बीमा, होम लोन पर विशेष ब्याज दरें, मुफ्त डेबिट कार्ड, बीमा तथा परिवार के लिए अतिरिक्त आर्थिक सुरक्षा कवच शामिल हैं।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>तिरंगा सिर्फ एक कपड़ा नहीं, हमारी संप्रभुता का प्रतीक, शहीदों के बलिदान को रखें अमर&#45;राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा</title>
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<description><![CDATA[ ​रायपुर तिरंगा सिर्फ एक कपड़ा नहीं, हमारी संप्रभुता का प्रतीक, शहीदों के बलिदान को रखें अमर-राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा तिरंगा हमें देशहित, राष्ट्रसेवा और एकजुट होकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। हजारों लोगों का एक साथ तिरंगा लेकर निकलना, राष्ट्रभक्ति का शानदार उदाहरण है। उन्होंने सफल आयोजन के लिए आयोजकों और सभी प्रतिभागियों … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 22:00:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>तिरंगा, सिर्फ, एक, कपड़ा, नहीं, हमारी, संप्रभुता, का, प्रतीक, शहीदों, के, बलिदान, को, रखें, अमर-राजस्व, मंत्री, टंक, राम, वर्मा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>​रायपुर</p>
<p><strong>तिरंगा सिर्फ एक कपड़ा नहीं, हमारी संप्रभुता का प्रतीक, शहीदों के बलिदान को रखें अमर-राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा</strong></p>
<p>तिरंगा हमें देशहित, राष्ट्रसेवा और एकजुट होकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। हजारों लोगों का एक साथ तिरंगा लेकर निकलना, राष्ट्रभक्ति का शानदार उदाहरण है। उन्होंने सफल आयोजन के लिए आयोजकों और सभी प्रतिभागियों को राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने बधाई दी। उन्होंने कहा कि देशभक्ति के अद्वितीय जज्बे और उमंग के साथ गुरुवार को जिला मुख्यालय बलौदाबाजार में एक विशाल एवं भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति में गार्डन चौक स्थित अटल परिसर से हरी झंडी दिखाकर इस ऐतिहासिक यात्रा का शुभारंभ किया।</p>
<p><strong>*​देशभक्ति के रंग में रंगा पूरा जिला मुख्यालय*</strong><br>
        ​<br>
यात्रा की शुरुआत भारत माता की जय और वंदे मातरम के गगनभेदी नारों तथा देशभक्ति गीतों के साथ हुई। हाथों में सम्मानपूर्वक राष्ट्रीय ध्वज थामे जनसैलाब इस यात्रा में जुड़ता चला गया। गार्डन चौक से शुरू होकर यह तिरंगा यात्रा नया बस स्टैंड होते हुए आंबेडकर चौक पहुंचकर भव्य रूप से संपन्न हुई। पूरे यात्रा मार्ग में भारत मां के प्रति अटूट प्रेम और उत्साह का <strong>वातावरण बना रहा।</strong></p>
<p><strong>*भारत की आन, बान, शान और हर नागरिक के स्वाभिमान का प्रतीक* </strong><br>
​        ​<br>
यात्रा के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित जनसमूह को राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने संबोधित किया कि तिरंगा सिर्फ तीन रंगों से बना कपड़ा नहीं है, बल्कि यह भारत की आन, बान, शान और हर नागरिक के स्वाभिमान का प्रतीक है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के आह्वान पर आज पूरा देश देशभक्ति के एक ही सूत्र में बंधकर तिरंगा यात्रा निकाल रहा है। यह जनसैलाब दर्शाता है कि हमारे दिलों में राष्ट्र के प्रति कितना अगाध सम्मान है। हमें अपने वीर शहीदों के बलिदानों को सदैव स्मरण रखते हुए देश की प्रगति और अखंडता में अपना सक्रिय योगदान देना चाहिए।  </p>
<p>मंत्री  वर्मा ​ने आम जनता से इस राष्ट्रीय अभियान से जुड़कर समाज में एकता, शांति और भाईचारे का संदेश प्रसारित करने का आह्वान किया। ​इस तिरंगा यात्रा में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा, डॉ. सनम जांगड़े, प्रमोद शर्मा तथा जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल,जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव,स्काउट गाइड के राज्य उपाध्यक्ष विजय केशरवानी, कलेक्टर,डीएफओ, सीईओ जिला पंचायत सहित भारी संख्या में नागरिक, समाजसेवी और स्कूली छात्र-छात्राएं हाथ में तिरंगा लिए देशभक्ति के इस महापर्व के साक्षी बने।</p>]]> </content:encoded>
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<title>बासमती और गेहूं के स्वाद से दुनिया में बन रही है रायसेन की पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि रायसेन के किसानों की मेहनत &#039;ग्लोबल मार्केट&#039; में धूम मचा रही है। यहां के बासमती चावल की डिमांड आज दुनिया के 47 देशों में है। पिछले वर्ष लगभग 1800 करोड़ रुपये का बासमती निर्यात हुआ है। दुनिया रायसेन को सांची, भीमबेटका और भोजपुर से ही नहीं … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 21:30:30 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>बासमती, और, गेहूं, के, स्वाद, से, दुनिया, में, बन, रही, है, रायसेन, की, पहचान, मुख्यमंत्री, डॉ., यादव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि रायसेन के किसानों की मेहनत 'ग्लोबल मार्केट' में धूम मचा रही है। यहां के बासमती चावल की डिमांड आज दुनिया के 47 देशों में है। पिछले वर्ष लगभग 1800 करोड़ रुपये का बासमती निर्यात हुआ है। दुनिया रायसेन को सांची, भीमबेटका और भोजपुर से ही नहीं बल्कि बासमती और गेहूं के स्वाद से भी जानने लगी है। यह भी प्रसन्नता विषय है कि रायसेन के किसान पारंपरिक फसलों से हटकर अब बड़े पैमाने पर फलों और सब्जियों की खेती भी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रायसेन में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। पूर्व मंत्री श्री सुरेन्द्र पटवा तथा अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई भी उपस्थित थे।</p>
<p><strong>किसानों के खेत हमारे लिए देवस्थल और उनका दाना-दाना प्रसाद के समान है</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले समय में केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना का लाभ रायसेन को मिलने जा रहा है, जिससे सिंचाई क्षमता में अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी होगी। किसानों के खेत हमारे लिए देवस्थल और उनका दाना-दाना हमारे लिए प्रसाद के समान है। बीज से लेकर बाजार तक सरकार किसानों के साथ है। किसानों को बिना किसी ब्याज के जीरो प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिलता रहेगा। ऋण चुकाने के लिए पूरे एक साल का समय मिलेगा। सहकारी खातों की पुरानी गड़बड़ियां दूर कर हजारों किसानों को ऋण और योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है। मूंग और उड़द का उपार्जन जारी है। एमएसपी और बोनस के साथ रिकॉर्ड 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं किसानों से खरीदा गया है।</p>
<p><strong>किसानों को प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग से जोड़ा जा रहा है</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग से जोड़ा जा रहा है। हम फूड पार्क, कोल्ड चेन एवं कृषि प्रसंस्करण अवसंरचना के विस्तार से कृषि उत्पादों की वैल्यू चेन मजबूत कर रहे हैं। तकनीक, नवाचार से उत्पादन और किसान आमदनी बढ़ाने के प्रयास जारी है। दुग्ध उत्पादन को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। हर जिले में एक आधुनिक 'मत्स्य हैचरी' विकसित की जाएगी।</p>
<p><strong>विकसित हो रही सड़क परियोजनाओं का लाभ, रायसेन जिले को मिलेगा</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से अपील की है कि खेती की जमीन को किसी को न बेचें। उन्होंने कहा कि भोपाल के आस-पास विकसित हो रही सड़क परियोजनाओं का लाभ, रायसेन जिले को मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बलराम कृषि महोत्सव में संचालित गतिविधियों का हर संभव लाभ उठाने का कृषकों से आहवान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरियाली तीज, स्वतंत्रता दिवस, रक्षाबंधन और जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं भी दीं। रायसेन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यमंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, पूर्वमंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>युवा, डॉक्टर&#45;इंजीनियर बनने के साथ ही राजनीति में आकर लोकतंत्र को सशक्त बनाएं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव</title>
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<description><![CDATA[ युवा, डॉक्टर-इंजीनियर बनने के साथ ही राजनीति में आकर लोकतंत्र को सशक्त बनाएं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव देश के युवाओं को लोकतंत्र, संसदीय परम्परा और नीति निर्माण से जोड़ने की पहल अनुकरणीय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संसद यूथ पार्लियामेंट : 2026 को किया संबोधित 12 राज्यों और 58 नगरों के युवा हुए शामिल विधानसभा भवन स्थित … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 21:30:25 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>युवा, डॉक्टर-इंजीनियर, बनने, के, साथ, ही, राजनीति, में, आकर, लोकतंत्र, को, सशक्त, बनाएं:, मुख्यमंत्री, डॉ., यादव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>युवा, डॉक्टर-इंजीनियर बनने के साथ ही राजनीति में आकर लोकतंत्र को सशक्त बनाएं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव</strong></p>
<p><strong>देश के युवाओं को लोकतंत्र, संसदीय परम्परा और नीति निर्माण से जोड़ने की पहल अनुकरणीय<br>
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संसद यूथ पार्लियामेंट : 2026 को किया संबोधित<br>
12 राज्यों और 58 नगरों के युवा हुए शामिल<br>
विधानसभा भवन स्थित विधान परिषद में हुआ कार्यक्रम</strong></p>
<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि देश के युवाओं को राजनीति में आकर अपनी सक्रिय भागीदारी करनी होगी। युवा, डॉक्टर-इंजीनियर बनने के साथ ही राजनीति में आकर लोकतंत्र को सशक्त बनाएं। देश की आजादी के लिए अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने प्राणों की आहुति दी। नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने आईसीएस की परीक्षा पास करने के बाद नौकरी ठुकराकर अंग्रेजों को करारा जवाब दिया था। वे देश को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराने के लिए स्वाधीनता के आंदोलन में कूद पड़े। देश के युवाओं को लोकतंत्र, संसदीय परम्परा और नीति निर्माण से जोड़ने की यह पहल अनुकरणीय है। देश का युवा भारत के भविष्य के लिए मंथन करने बैठा है। यह एक सुखद अनुभूति है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को विधानसभा भवन स्थित विधान परिषद में आयोजित 'संसद यूथ पार्लियामेंट 2026' के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर तथा दिलीप बिल्डकॉन के सीएमडी दिलीप सूर्यवंशी ने “संसद यूथ पार्लियामेंट 2026” का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम में देशभर से युवा प्रतिभागी संसदीय कार्यप्रणाली, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर संसदीय शैली में विचार-विमर्श करेंगे। यह कार्यक्रम साकार दृष्टि सोशल फाउंडेशन और कैलिडोहोप नागपुर द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम के आरंभ में अतिथिगण का अंगवस्त्रम और प्रतीक चिन्ह भेंटकर अभिवादन किया गया।</p>
<p><strong>मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता के लिए व्यापक स्तर पर सुझाव लिए गए</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत अनेकता में एकता, सबका साथ सबका विकास सबके विश्वास और सबके प्रयास एवं जियो और जीने दो के भाव से आगे बढ़ रहा है। यह केवल शब्दों से नहीं हो सकता है। इसे धरातल पर उतारने के लिए संकल्प शक्ति की आवश्यकता है। हमारे लिए रामचंद्र और रहीम के लिए अधिकार समान है। मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के लिए व्यापक स्तर पर सुझाव लिए। सभी जिलों और सभी धर्मों के लोगों ने इस पर अपने बहुमूल्य सुझाव दिए। यूसीसी के सर्वे में 76 प्रतिशत मुस्लिम बहनों ने समान नागरिक संहिता का समर्थन किया। मध्यप्रदेश देश के बड़े राज्यों में अग्रणी है, जिसने यूसीसी लागू करने के लिए विधेयक पारित किया है।</p>
<p><strong>सनातन संस्कृति में मातृसत्ता को सर्वोपरि रखा गया है</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का दिल है और भारत दुनिया का सबसे युवा देश है। 'संसद यूथ पार्लियामेंट 2026' के आयोजन में 12 राज्य और 58 नगरों के युवाओं ने हिस्सा लिया है। सदन कल्याणकारी नीतियों का निर्माण करने वाला पवित्र स्थान है। इस युवा संसद में बेटियों की सक्रिय भागीदारी महिला सशक्तिकरण का प्रभावी उदाहरण है। सनातन संस्कृति में मातृसत्ता को सर्वोपरि रखा गया है। हमारी संस्कृति में वसुधैब कुटुम्बकम का भाव समाहित है। दुनिया हमारे लिए एक परिवार की तरह है। मां परिवार का आधार होती हैं, माता के बिना भगवान भी अधूरे हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी न्यायपालिका के निर्णयों का अक्षरश: सम्मान करते हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद अयोध्या में भव्य मंदिर बन पाया है।</p>
<p><strong>युवा संसद का आयोजन लघु भारत की तरह है</strong></p>
<p><strong>विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि म</strong>ध्यप्रदेश भारत का हृदय प्रदेश होने के साथ सभी विधाओं और संपन्नताओं से समृद्ध है। मध्यप्रदेश देश को नेतृत्व देने के लिए संस्कारधानी के रूप में भी जाना जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश को आगे बढ़ाने में प्राण-प्रण से जुटे हैं। आज विधान परिषद में युवा संसद का आयोजन लघु भारत की तरह है। युवा अवस्था में व्यक्ति स्वयं के विकास और भारत के भविष्य का निर्धारण करने में अपनी भूमिका का निर्वहन कर सकता है। आदिगुरु शंकराचार्य ने युवा अवस्था में देश को एकसूत्र में पिरोने के लिए यात्रा की और सनातन मठों की स्थापना की। आजादी के लिए पहली क्रांति 1857 में हुई, जिसका नेतृत्व भी युवाओं ने किया था। चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, अशफाक उल्लाह खां, पं. रामप्रसाद बिस्मिल जैसे अनेक क्रांतिकारियों ने युवा अवस्था में ही भारत को आजादी दिलवाने के लिए सघर्ष किया। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जेसे चिंतक भी समान नागरिक संहिता के समर्थक थे। इसी क्रम में डॉ. मुखर्जी ने जम्मू-कश्मीर में धारा 370 का विरोध किया और एक देश, एक प्रधान और एक विधान की पैरवी की। आज हम समान नागरिक संहिता की ओर बढ़े हैं। जहां सभी नागरिकों को समान रूप से अधिकार मिलेंगे। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में युवा पीढ़ी को स्वच्छता आंदोलन और विकसित भारत के संकल्प के जोड़ा गया है। विकसित भारत में युवाओं की भूमिका का सदैव स्मरण रखा जाएगा।</p>
<p><strong>प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं</strong></p>
<p>दिलीप बिल्डकॉन के सीएमडी दिलीप सूर्यवंशी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। मध्यप्रदेश में भारी उद्योगों के साथ-साथ छोटी औद्योगिक ईकाइयों को भी अच्छा निवेश मिल रहा है। इन प्रयासों से रोजगार के अवसर भी बड़े पैमाने पर सृजित होंगे। सूर्यवंशी ने संसद यूथ पार्लियामेंट 2.0 के माध्यम से युवाओं द्वारा की गई पहल की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं को सेवा और समर्पण के भाव से देश और समाज के लिए कार्य करना होगा।</p>
<p><strong>मुख्यमंत्री डॉ. यादव की नीतियों की युवाओं ने की सराहना</strong></p>
<p>युवा सांसद की भूमिका में आरब सिंह शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव चाहते हैं कि हमारे युवा नौकरी पाने वाले नहीं, रोजगार प्रदाता बनें। मध्यप्रदेश सरकार ने खेल एवं युवाओं के कल्याण के लिए विशेष रूप से प्रयास कर रही है। प्रदेश में 274 सांदीपनि विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं, अभी 200 सांदीपनि विद्यालय और बनाए जाने हैं। विकसित भारत और विकसित मध्यप्रदेश के लिए शिक्षित युवाओं का होना जरूरी है। कार्यक्रम में पूर्व राज्यसभा सदस्य पद्मडॉ. विकास महात्मे और विधानसभा के सचिव अरविंद शर्मा का सम्मान किया गया। उद्घाटन समारोह में आयोजक विश्वजीत चोपड़े, सुदेवयानी चोपड़े, सुवैशाली खोबड़े सहित अनेक युवा सदस्य उपस्थित थे।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>कलश यात्रा जल संरक्षण और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का भी संदेश देती है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सनातन परंपरा का मूल भाव सबको साथ लेकर चलना है। कलश यात्रा जैसे धार्मिक आयोजन समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करते हैं। भारतीय संस्कृति में जल को जीवन और देवत्व का प्रतीक माना गया है। कलश यात्रा हमें जल संरक्षण और प्रकृति के प्रति … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 21:30:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>कलश, यात्रा, जल, संरक्षण, और, प्रकृति, के, प्रति, अपनी, जिम्मेदारी, का, भी, संदेश, देती, है, मुख्यमंत्री, डॉ., यादव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सनातन परंपरा का मूल भाव सबको साथ लेकर चलना है। कलश यात्रा जैसे धार्मिक आयोजन समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करते हैं। भारतीय संस्कृति में जल को जीवन और देवत्व का प्रतीक माना गया है। कलश यात्रा हमें जल संरक्षण और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का संदेश देती है। आगर मालवा की पहचान आस्था, संस्कृति और परंपराओं से रही है। यहां के निवासियों ने सदैव धार्मिक आयोजनों को सामाजिक एकता का माध्यम बनाया है। आज आयोजित भव्य कलश यात्रा हमारी श्रद्धा और मंगल का प्रतीक है। ऐसी यात्राएं समाज को अपनी जड़ों और संस्कारों से जोड़ने का काम करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगर मालवा में आयोजित भव्य कलश यात्रा को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे।</p>
<p><strong>राज्य सरकार आगर मालवा के विकास, सुविधाओं के विस्तार और जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध है</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कलश यात्रा में मातृशक्ति की सहभागिता हमारी परंपरा की सुंदर तस्वीर प्रस्तुत करती है। हमारी सरकार महिला सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा और स्वावलंबन के लिए निरंतर काम कर रही है। आने वाली पीढ़ी अपनी संस्कृति और पंरपराओं को जाने, यह सभी का दायित्व है। धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन बच्चों और युवाओं में संस्कारों की मजबूत नींव रखते हैं। मध्यप्रदेश में विकास की नई ऊंचाइयों के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाया जा रहा है। सड़क, पानी, बिजली सहित कृषक कल्याण, रोजगार के अवसर सृजित करने और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए राज्य में विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। आस्था, पर्यटन और संस्कृति को जोड़कर प्रदेश में नई संभावनाओं का निर्माण हो रहा है। राज्य सरकार आगर मालवा के विकास, सुविधाओं के विस्तार और जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। सिंहस्थ : 2028 में राजस्थान से आने श्रद्धालुओं की अगवानी आगर जिला करेगा। इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारी जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलश यात्रा के अवसर पर स्वच्छता, सेवा, सद्भाव और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लने का आहवान किया।</p>
<p>कार्यक्रम में विधायक  मधु गहलोत ने कहा कि 4 माह बाद निर्धन कन्याओं का आगर में निशुल्क सामुहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया जायेगा। </p>]]> </content:encoded>
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<title>विशेषज्ञों की भर्ती प्रक्रिया प्राथमिकता से करें पूर्ण : उप मुख्यमंत्री  शुक्ल</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की समीक्षा की। उन्होंने विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया को प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुषेण योजना के विस्तार का प्रस्ताव शीघ्र अग्रेषित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना के विस्तार … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 21:30:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>विशेषज्ञों, की, भर्ती, प्रक्रिया, प्राथमिकता, से, करें, पूर्ण, उप, मुख्यमंत्री, शुक्ल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की समीक्षा की। उन्होंने विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया को प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुषेण योजना के विस्तार का प्रस्ताव शीघ्र अग्रेषित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना के विस्तार से प्रदेश के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सकों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी तथा नागरिकों को उनके निकट बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।</p>
<p>उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रभावी क्रियान्विति, मानव संसाधन की उपलब्धता तथा स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने से संबंधित विभिन्न विषयों पर भी अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए आवश्यक मानव संसाधन की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है। बैठक में संचालक, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  मनोज पुष्प सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>IG गर्ग समेत 12 पुलिस अफसरों को मिलेगा राष्ट्रपति मेडल, CM साय देंगे विशिष्ट और सराहनीय सेवा पदक</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ पुलिस के 12 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विशिष्ट सेवा पदक एवं सराहनीय सेवा पदक से विभूषित करने की घोषणा की थी। उक्त राष्ट्रपति पदक 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रायपुर में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. विष्णुदेव साय … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 21:00:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>गर्ग, समेत, पुलिस, अफसरों, को, मिलेगा, राष्ट्रपति, मेडल, साय, देंगे, विशिष्ट, और, सराहनीय, सेवा, पदक</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ पुलिस के 12 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विशिष्ट सेवा पदक एवं सराहनीय सेवा पदक से विभूषित करने की घोषणा की थी।</p>
<p>उक्त राष्ट्रपति पदक 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रायपुर में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. विष्णुदेव साय अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रदान करेंगे।</p>
<p><strong>इन अधिकारियों को मिलेगा पदक</strong><br>
विशिष्ट सेवाओं के लिए रामावतार सिंह राजपूत सहायक उप निरीक्षक, रक्षित केंद्र जिला धमतरी को राष्ट्रपति पदक दिया जाएगा। सराहनीय सेवाओं के लिए पदक रामगोपाल गर्ग पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज, शशिमोहन सिंह वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जिला रायगढ़, श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण, राजश्री मिश्रा पुलिस अधीक्षक एटीएस, विशा पुलिस मुख्यालय रायपुर, निवेदिता पाल सेनानी 6वीं वाहिनी छसबले रायगढ़, मनीषा ठाकुर रावटे सेनानी 20वीं वाहिनी छसबल महासमुंद, तारकेश्वर पटेल अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जिला पुलिस मध्य पुलिस आयुक्त रायपुर नगरीय, उनैजा खातून अंसारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विआशा पुलिस मुख्यालय रायपुर, जयलाल मरकाम सहायक सेनानी प्रथम वाहिनी छसबल भिलाई, हजारी लाल साहू, प्लाटून कमांडर, 20वीं वाहिनी छसबल महासमुंद को प्रदान किया जाएगा।</p>]]> </content:encoded>
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<title>तंबाकू पर शिकंजा कसने की तैयारी, कोटपा के कड़े अमल से बनेगा तंबाकू मुक्त छत्तीसगढ़</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर  तंबाकू के सेवन पर रोक और इसके दुष्प्रभावों से लोगों को बचाने के लिए छत्तीसगढ़ में अब कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ जनभागीदारी और बहुक्षेत्रीय समन्वय पर जोर दिया जा रहा है। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) के तहत गुरुवार को स्वास्थ्य भवन, नवा रायपुर में ‘सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003’ … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 21:00:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>तंबाकू, पर, शिकंजा, कसने, की, तैयारी, कोटपा, के, कड़े, अमल, से, बनेगा, तंबाकू, मुक्त, छत्तीसगढ़</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p> तंबाकू के सेवन पर रोक और इसके दुष्प्रभावों से लोगों को बचाने के लिए छत्तीसगढ़ में अब कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ जनभागीदारी और बहुक्षेत्रीय समन्वय पर जोर दिया जा रहा है। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) के तहत गुरुवार को स्वास्थ्य भवन, नवा रायपुर में ‘सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003’ (कोटपा) के कड़े क्रियान्वयन को लेकर एक दिवसीय उन्मुखीकरण सह प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की अध्यक्षता अपर संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं श्री इंद्रजीत बर्मन ने की।</p>
<p>कार्यशाला में मुंबई से पहुंचीं वाइटल स्ट्रैटजीज की मुख्य वक्ता डॉ. चंद्रावली मदान ने तंबाकू सेवन से होने वाले स्वास्थ्य नुकसान और लोगों को सिगरेट व अन्य तंबाकू उत्पादों से दूर रखने के उपायों पर जानकारी दी। वहीं वाइटल स्ट्रैटजीज की डॉ. हंसा कंडू ने राज्य में तंबाकू नियंत्रण कानून को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न विभागों और संस्थाओं की बहुक्षेत्रीय सहभागिता की आवश्यकता पर विचार साझा किए। प्रशिक्षण के दौरान विशेष रूप से नाबालिगों तक तंबाकू उत्पादों की पहुंच और उपलब्धता कम करने के उपायों पर चर्चा की गई, ताकि कम उम्र में तंबाकू सेवन की शुरुआत को रोका जा सके।</p>
<p>कार्यशाला में तंबाकू मुक्त समुदाय, तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान और तंबाकू मुक्त गांव की दिशा में किए जाने वाले प्रयासों के साथ जिला स्तर पर एमआईएस की प्रगति और उसके अपडेट की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को कोटपा के प्रावधानों के प्रभावी पालन और मैदानी स्तर पर निगरानी को मजबूत करने से संबंधित आवश्यक जानकारी दी गई। अपर संचालक श्री इंद्रजीत बर्मन ने राज्य में तंबाकू के उपयोग को कम करने के लिए जागरूकता गतिविधियों के साथ वैधानिक प्रावधानों को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया।</p>
<p>प्रशिक्षण में जिला स्तर से आए जिला नोडल अधिकारी (एनटीसीपी), जिला सलाहकार (एनटीसीपी), सामाजिक कार्यकर्ता, दंत शल्य चिकित्सक एवं दंत चिकित्सक, खाद्य एवं औषधि विभाग के प्रतिनिधि तथा जिला एनजीओ सहयोगियों ने भाग लिया। कार्यशाला का उद्देश्य तंबाकू के हानिकारक प्रभावों के प्रति व्यापक जन-जागरूकता बढ़ाने के साथ तंबाकू उत्पादों की उपलब्धता, आपूर्ति और उपयोग को कम करने के लिए मैदानी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई की क्षमता विकसित करना रहा। स्वास्थ्य विभाग का जोर कानून के सख्त पालन, विभागीय समन्वय और जनभागीदारी के माध्यम से राज्य में तंबाकू मुक्त वातावरण तैयार करने पर है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>फुकेत&#45;दिल्ली फ्लाइट मामले के बाद बड़ा फैसला, Air India और AI Express सभी पायलटों का कराएगी साइकोएक्टिव सब्सटेंस टेस्ट</title>
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<description><![CDATA[ मुंबई  फुकेत-दिल्ली एयर इंडिया फ्लाइट में टर्बुलेंस की घटना के बाद पायलट के नशे में होने की बात सामने आने से काफी किरकिरी हो रही है. इस बीच विमानन कंपनी आगे ऐसी घटना न हो, इसके लिए सख्त फैसला लिया है. सूत्रों के अनुसार, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस अपने सभी पायलटों का साइकोएक्टिव … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 20:45:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>फुकेत-दिल्ली, फ्लाइट, मामले, के, बाद, बड़ा, फैसला, Air, India, और, Express, सभी, पायलटों, का, कराएगी, साइकोएक्टिव, सब्सटेंस, टेस्ट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंबई </strong></p>
<p>फुकेत-दिल्ली एयर इंडिया फ्लाइट में टर्बुलेंस की घटना के बाद पायलट के नशे में होने की बात सामने आने से काफी किरकिरी हो रही है. इस बीच विमानन कंपनी आगे ऐसी घटना न हो, इसके लिए सख्त फैसला लिया है. सूत्रों के अनुसार, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस अपने सभी पायलटों का साइकोएक्टिव सब्सटेंस टेस्ट करेंगी. टाटा समूह के स्वामित्व वाली दोनों एयरलाइनों में कुल मिलाकर 5,000 से अधिक पायलट हैं. ऐसे में अब कंपनी के सभी पायलटों की यह जांच होगी. फुकेत-दिल्ली फ्लाइट में हुई टर्बुलेंस की घटना के बाद अब सभी पायलटों की यह जांच कराई जाएगी। </p>
<p><strong>मालूम हो कि </strong></p>
<p><strong>पायलटों को भेजे इंटरनल मेल में दी गई टेस्ट की जानकारी</strong></p>
<p>पायलटों को भेजे गए एक इंटरनल मेल में दोनों एयरलाइन कंपनियों ने कहा कि किसी भी ऐसे पदार्थ या दवाओं की पूर्ण जांच करने का निर्णय लिया गया है, जिनकी मौजूदा नियमों के तहत अनुमति नहीं है. सूत्रों ने बताया कि यह परीक्षण अनिवार्य है और गुरुवार से शुरू होगा। </p>
<p>परीक्षण गुरुग्राम अकादमी में प्रशिक्षण के साथ-साथ, उड़ान ब्रीफिंग केंद्रों, एयरलाइंस के कार्यालयों या संबंधित अड्डों द्वारा प्रदान किए गए स्थानों पर उड़ान के बाद आयोजित किया जाएगा। </p>
<p>सूत्रों ने कहा कि यह पहल सुरक्षा के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करने के साथ-साथ यात्रियों, हितधारकों और बड़े पैमाने पर समुदाय को आश्वासन प्रदान करने के लिए सक्रिय रूप से की जा रही है। </p>
<p>4 अगस्त को, एयरबस A320 विमान के साथ संचालित फुकेत-दिल्ली उड़ान AI2379, मध्य हवा में अशांति के बीच अचानक 300 फीट की ऊंचाई खो गई, जिससे कम से कम 24 लोग घायल हो गए. विमान में 137 यात्रियों और 8 क्रू सदस्यों सहित 145 लोग सवार थे। </p>
<p>उड़ान के पायलट-इन-कमांड ने पुष्टिकरण स्क्रीनिंग परीक्षण में एक साइकोएक्टिव पदार्थ के लिए सकारात्मक परीक्षण किया. सूत्रों ने कहा कि पायलट को मारिजुआना, एक साइकोएक्टिव दवा के लिए सकारात्मक परीक्षण किया गया है।</p>
<p><strong>ट्रेनिंग के दौरान भी होगी पायलट्स की जांच</strong><br>
दोनों एयरलाइंस ने पायलटों को भेजे एक इंटरनल मैसेज में कहा कि मौजूदा नियमों के तहत प्रतिबंधित सभी पदार्थों और दवाओं की पूरी जांच कराने का फैसला लिया गया है।</p>
<p>यह जांच गुरुग्राम एकेडमी में ट्रेनिंग के साथ-साथ की जाएगी। इसके अलावा फ्लाइट के बाद फ्लाइट ब्रीफिंग सेंटर, एयरलाइंस के ऑफिस या संबंधित बेस से तय जगहों पर भी टेस्ट होंगे।</p>
<p>एयरलाइंस के मुताबिक, यह पहल सुरक्षा के सबसे ऊंचे मानकों को बनाए रखने के लिए पहले से की जा रही है। इसका मकसद यात्रियों को एयरलाइन्स पर वापस भरोसा दिलाना भी है।</p>
<p><strong>फुकेट-दिल्ली फ्लाइट में 24 लोग घायल हुए थे</strong><br>
4 अगस्त को फुकेट-दिल्ली फ्लाइट हवा में हलचल के बाद अचानक 300 फीट नीचे आ गया था। इस घटना में 24 लोग घायल हुए थे। प्लेन में 145 लोग सवार थे। इनमें 137 यात्री और 8 क्रू मेंबर शामिल थे।</p>
<p>फ्लाइट के कैप्टन की कन्फर्मेटरी स्क्रीनिंग साइकोएक्टिव ड्रग के लिए पॉजिटिव आई थी। पायलट के शरीर में साइकोएक्टिव ड्रग गांजा मिला था।</p>
<p> </p>
<p>पिछले मंगलवार को एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ़्लाइट उड़ाने वाले पायलट-इन-कमांड (PIC) का कन्फर्मेटरी डोप टेस्ट भी पॉज़िटिव आया है। यह नतीजा तब आया जब पायलट के पहुंचने पर किए गए पहले स्क्रीनिंग टेस्ट की रिपोर्ट "नॉन-नेगेटिव" आई और फिर प्रक्रिया के अनुसार अधिकारियों ने कन्फर्मेटरी टेस्ट किया, जिसकी रिपोर्ट मंगलवार को आई। TOI के हवाले से सूत्रों ने बताया कि 'पायलट का मारिजुआना (जिसे आम तौर पर 'वीड' कहा जाता है) टेस्ट पॉजिटिव आया है'। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ सिविल एविएशन (DGCA) अब डोप टेस्ट के नियमों को और सख़्त बनाने पर काम कर रहा है ताकि इसे एक असरदार रोक के तौर पर इस्तेमाल किया जा सके।</p>
<p>यह रिपोर्ट तब आई है जब भारत के एविएशन सेक्रेटरी समीर सिन्हा ने एयर इंडिया के निवर्तमान CEO कैंपबेल विल्सन को एक मीटिंग के लिए बुलाया था, जिसमें DGCA और AAIB के अधिकारी भी मौजूद थे। अधिकारियों ने टाटा ग्रुप की एयरलाइन से कहा कि वे हर तरह से ऑपरेशन की सुरक्षा सुनिश्चित करें और पूछा कि एयरलाइन इसके लिए क्या कदम उठा रही है। इससे पहले रविवार को, एविएशन मिनिस्ट्री ने बताया कि एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ़्लाइट के पायलटों का – जिनकी फ़्लाइट क्रूज़ के दौरान अचानक लगभग 300 फ़ीट नीचे आ गई थी – मंज़िल पर पहुँचने पर साइकोएक्टिव सब्सटेंस (डोप) स्क्रीनिंग टेस्ट किया गया। कैप्टन की स्क्रीनिंग टेस्ट रिपोर्ट "नेगेटिव नहीं" थी और फिर उसे कन्फर्मेटरी टेस्ट के लिए भेजा गया।</p>
<p>TOI के अनुसार, DGCA के नियमों में कहा गया है कि अगर (साइकोएक्टिव पदार्थों के लिए) स्क्रीनिंग टेस्ट का नतीजा 'नॉन-नेगेटिव' आता है, तो कन्फर्मेशन रिपोर्ट मिलने तक कर्मचारी को तुरंत सुरक्षा से जुड़े काम से हटा दिया जाएगा। अगर पहली बार कन्फर्मेशन टेस्ट पॉजिटिव आता है, तो संबंधित कर्मचारी को नशा-मुक्ति के लिए भेजा जाएगा। नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने मंगलवार को कहा कि सरकार एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली उड़ान की घटना पर बारीकी से नज़र रख रही है और आगे की कार्रवाई पर फ़ैसला लेने से पहले एयरक्राफ़्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की रिपोर्ट का इंतज़ार करेगी।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>पूर्व छात्रों का अपनी संस्था से जुड़ाव नई पीढ़ी के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी: उप मुख्यमंत्री शुक्ल</title>
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<description><![CDATA[ पूर्व छात्रों का अपनी संस्था से जुड़ाव नई पीढ़ी के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी: उप मुख्यमंत्री शुक्ल पूर्व छात्रों के सहयोग से निर्मित आधुनिक फुटसल स्पोर्ट्स एरीना का किया लोकार्पण गांधी मेडिकल कॉलेज के 71वें स्थापना दिवस समारोह में हुए शामिल भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल के 71वें स्थापना दिवस समारोह … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 20:30:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पूर्व छात्रों का अपनी संस्था से जुड़ाव नई पीढ़ी के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी: उप मुख्यमंत्री शुक्ल</strong></p>
<p><strong>पूर्व छात्रों के सहयोग से निर्मित आधुनिक फुटसल स्पोर्ट्स एरीना का किया लोकार्पण<br>
गांधी मेडिकल कॉलेज के 71वें स्थापना दिवस समारोह में हुए शामिल</strong></p>
<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल के 71वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए। उन्होंने गांधी मेडिकल कॉलेज में पूर्व छात्रों के सहयोग से निर्मित आधुनिक फुटसल स्पोर्ट्स एरीना का लोकार्पण किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य अधोसंरचना का सतत विस्तार किया जा रहा है। एमबीबीएस, पीजी और विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा की सीटों में निरंतर वृद्धि की जा रही है। प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक—तीनों स्तरों की स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त किया जा रहा है और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेशवासियों को अत्याधुनिक और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदेश के भीतर ही उपलब्ध हों। किसी भी नागरिक को बेहतर उपचार के लिए प्रदेश से बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े, इसके लिए स्वास्थ्य अधोसंरचना और सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है।</p>
<p>उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि वर्तमान समय में बीमारियों का बोझ बढ़ रहा है। इसलिए केवल बीमारी के उपचार तक सीमित रहने के बजाय प्रिवेंटिव हेल्थ केयर और बीमारी की रोकथाम पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्वस्थ जीवनशैली, स्वच्छता, पोषण और जागरूकता के माध्यम से बीमारी के मूल कारणों को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल जीवन मिशन, प्राकृतिक खेती और अन्य आधारभूत सेवाओं को सशक्त करने जैसे प्रयासों से बीमारी के मूल कारणों को नियंत्रित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य हो रहा है।</p>
<p><strong>समाज और जागरूक नागरिकों की भूमिका महत्वपूर्ण</strong></p>
<p>उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सरकार के प्रयासों को और प्रभावी बनाने में सामाजिक संगठनों, संस्थाओं और जागरूक नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। दूरस्थ क्षेत्रों तक उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने में जनमानस में सेवा भाव और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना अहम है। उन्होंने गांधी मेडिकल कॉलेज एलुमनाई एसोसिएशन के संस्था के प्रति निरंतर लगाव और सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि पूर्व छात्रों का अपनी संस्था से जुड़ाव नई पीढ़ी के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी है।</p>
<p><strong>अंगदान नया जीवन देने का माध्यम, पूरा समाज होता है लाभान्वित</strong></p>
<p>उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विश्व अंगदान दिवस के अवसर पर सभी नागरिकों से अंगदान का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अंगदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन देने का माध्यम है और इससे पूरे समाज को लाभ मिलता है। उन्होंने अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा इस मानवीय अभियान को जनआंदोलन बनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि अंगदान करने वाले परिवारों के योगदान का सम्मान समाज के लिए प्रेरणादायी है। इसी को ध्यान में रखते हुए डोनर्स को गार्ड ऑफ़ ऑनर और परिजन को स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस के अवसरों पर सम्मानित करने की पहल सरकार द्वारा की गयी है।</p>
<p>उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्थापना दिवस के अवसर पर संस्था के वर्तमान एवं पूर्व विद्यार्थियों, शिक्षकों, चिकित्सकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने गांधी मेडिकल कॉलेज के निरंतर प्रगति और उत्कृष्ट चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के नए आयाम स्थापित करने की कामना की। उन्होंने जीएमसी भोपाल में मल्टीडिसिप्लिनरी ट्यूमर बोर्ड का शुभारंभ किया। साथ ही स्वच्छता जागरूकता प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया और उनके प्रयासों की सराहना की।</p>
<p><strong>स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में चिकित्सकों की महत्वपूर्ण भूमिका : राज्य मंत्री पटेल</strong></p>
<p>लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री पटेल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए सरकार के पास संसाधनों की कमी नहीं है। स्वास्थ्य सेवाओं को तेज गति से सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में चिकित्सकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि गांधी मेडिकल कॉलेज जैसे संस्थान प्रदेश को उत्कृष्ट चिकित्सक और विशेषज्ञ प्रदान कर रहे हैं। चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के साथ मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी चिकित्सकों की है। उन्होंने चिकित्सकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और स्वास्थ्यकर्मियों से सेवा भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।</p>
<p><strong>कैंसर उपचार के लिए मल्टी डिसिप्लिनरी ट्यूमर बोर्ड का नवाचार</strong></p>
<p>गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. कविता सिंह ने बताया कि जीएमसी द्वारा कैंसर मल्टी डिसिप्लिनरी ट्यूमर बोर्ड का नवाचार किया गया है। इसके अंतर्गत कैंसर उपचार से जुड़े विभिन्न विभागों की विशेषज्ञ टीम एक साथ बैठकर मरीज के प्रकरण पर विचार करेगी और उपचार की उपयुक्त रणनीति तय करेगी। उन्होंने कहा कि इससे विभिन्न विशेषज्ञों के मतों में संभावित अंतर का निराकरण होगा और मरीज के लिए समन्वित उपचार सुनिश्चित किया जा सकेगा। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आवश्यक मल्टी डिसिप्लिनरी सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया को भी प्राथमिकता से किया जाएगा। इससे मरीजों को अलग-अलग विभागों में भटकने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें शीघ्र एवं उचित उपचार उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।</p>
<p><strong>एलुमनाई एसोसिएशन ने कॉलेज को समर्पित किया आधुनिक फुटसल एरीना</strong></p>
<p>गांधी मेडिकल कॉलेज एलुमनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. गुरुदत्त तिवारी ने बताया कि स्थापना दिवस के अवसर पर एलुमनाई एसोसिएशन द्वारा लगभग 9,000 वर्गफुट क्षेत्र में निर्मित आधुनिक फुटसल स्पोर्ट्स एरीना गांधी मेडिकल कॉलेज को समर्पित किया गया है। इसकी अनुमानित लागत लगभग 35 लाख रुपये है। उन्होंने कहा कि यह खेल परिसर विद्यार्थियों में फिटनेस, टीमवर्क, अनुशासन और तनावमुक्त जीवनशैली को बढ़ावा देने में उपयोगी होगा। एलुमनाई एसोसिएशन ने संस्था को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए लगभग 1 करोड़ रुपये का स्थायी कॉर्पस फंड (एफडी) भी तैयार किया है, जिससे भविष्य में कॉलेज और छात्र हित के विकास कार्य निरंतर किए जा सकेंगे।</p>
<p>कार्यक्रम में डीन जीएमसी डॉ. कविता सिंह, अधीक्षक हमीदिया अस्पताल डॉ. सुनीत टंडन, जीएमसी एलुमनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. गुरुदत्त तिवारी, सचिव डॉ. अजय मेहता, डॉ. ललित श्रीवास्तव सहित वरिष्ठ चिकित्सक, पूर्व छात्र, शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>हर घर तिरंगा अभियान के तहत बिजुरी में निकली भव्य तिरंगा यात्रा</title>
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<description><![CDATA[ अनूपपुर   हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत नगरपालिका परिषद बिजुरी द्वारा राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान एवं राष्ट्रभक्ति की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  दिलीप जायसवाल की सहभागिता में आयोजित लगभग एक किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा में 5 हजार … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 20:30:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>अनूपपुर </strong></p>
<p> हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत नगरपालिका परिषद बिजुरी द्वारा राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान एवं राष्ट्रभक्ति की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  दिलीप जायसवाल की सहभागिता में आयोजित लगभग एक किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा में 5 हजार से अधिक नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।</p>
<p>तिरंगा यात्रा में विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों, महिलाओं, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं नगरवासियों ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर सहभागिता की। यात्रा के दौरान भारत माता की जय, वंदे मातरम् सहित देशभक्ति के नारों से पूरा नगर गूंज उठा। तिरंगा यात्रा के माध्यम से नागरिकों में राष्ट्रीय एकता, अखंडता एवं राष्ट्र के प्रति गौरव की भावना का संदेश दिया गया।</p>
<p>राज्य मंत्री  दिलीप जायसवाल ने तिरंगा यात्रा में सहभागिता कर नागरिकों एवं विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने हर घर तिरंगा अभियान के उद्देश्य के अनुरूप नागरिकों से राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना बनाए रखने तथा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों में तिरंगा फहराने का आह्वान किया।</p>
<p>इस अवसर पर नगर पालिका बिजुरी की अध्यक्ष मती सहबिन पनिका, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कोतमा  टी.आर. नाग, नायब तहसीलदार  लतेंद्र कुमार, नगर निरीक्षक बिजुरी  विकास सिंह सहित राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। मुख्य नगर पालिका अधिकारी  पवन कुमार साहू सहित नगरपालिका परिषद बिजुरी का अमला भी आयोजन में सक्रिय रूप से शामिल रहा।</p>]]> </content:encoded>
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<title>गणेश चतुर्थी पर होगा भारत&#45;अफगानिस्तान T20? ACB ने BCCI से की खास तारीख की मांग</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली भारत और अफगानिस्तान के बीच सितंबर में होने वाली तीन मैचों की T20 इंटरनेशनल सीरीज के कार्यक्रम में बदलाव हो सकता है. अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने सीरीज के एक मुकाबले को 14 सितंबर, गणेश चतुर्थी के दिन कराने की इच्छा जताई है और इस सिलसिले में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 20:15:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>गणेश, चतुर्थी, पर, होगा, भारत-अफगानिस्तान, T20, ACB, ने, BCCI, से, की, खास, तारीख, की, मांग</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
भारत और अफगानिस्तान के बीच सितंबर में होने वाली तीन मैचों की T20 इंटरनेशनल सीरीज के कार्यक्रम में बदलाव हो सकता है. अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने सीरीज के एक मुकाबले को 14 सितंबर, गणेश चतुर्थी के दिन कराने की इच्छा जताई है और इस सिलसिले में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से संपर्क किया है l</p>
<p>फिलहाल दोनों बोर्ड तीन मैचों की सीरीज के लिए 13, 15 और 17 सितंबर की तारीखों पर सहमत हैं. तीनों मुकाबले दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जाने हैं. लेकिन सूत्रों के मुताबिक, ACB चाहता है कि इनमें से एक मैच 14 सितंबर को कराया जाए l</p>
<p><strong>गणेश चतुर्थी ने बदला ACB का प्लान</strong><br>
मौजूदा कार्यक्रम के मुताबिक 13 सितंबर रविवार, 15 सितंबर मंगलवार और 17 सितंबर गुरुवार को मुकाबले होने हैं. ACB की कोशिश है कि 13 या 15 सितंबर में से किसी एक मैच को हटाकर उसकी जगह 14 सितंबर, सोमवार को मुकाबला कराया जाए l</p>
<p>आमतौर पर सोमवार को मैच कराने से दर्शकों की संख्या कम रहने की आशंका होती है. लेकिन इस बार गणेश चतुर्थी के कारण मिलने वाली छुट्टी और त्योहार के माहौल को देखते हुए ACB को उम्मीद है कि सोमवार का मुकाबला भी दर्शकों को आकर्षित कर सकता है l</p>
<p>अगर BCCI इस प्रस्ताव पर सहमत होता है तो सीरीज का कार्यक्रम बदल जाएगा और भारत-अफगानिस्तान मुकाबले को गणेश चतुर्थी के दिन एक खास सांस्कृतिक रंग भी मिल सकता है l</p>
<p><strong>टीवी प्रसारण पर भी बातचीत तेज</strong><br>
सीरीज के प्रसारण अधिकारों को लेकर भी बातचीत चल रही है. ACB ने टीवी प्रसारण के लिए प्रमुख ब्रॉडकास्टर्स से चर्चा शुरू कर दी है. सूत्रों के मुताबिक Sony Sports और Star Sports के साथ बातचीत जारी है l</p>
<p>वहीं, तीनों T20 मुकाबलों की डिजिटल स्ट्रीमिंग FanCode पर होने की उम्मीद है. टीवी प्रसारण को लेकर अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हुई है l</p>
<p>इस सीरीज के मीडिया अधिकार और मैदान पर ब्रांडिंग का जिम्मा ITW Universe के पास है.</p>
<p><strong>अफगानिस्तान की 'होम सीरीज', लेकिन भारत में होंगे मुकाबले</strong><br>
दिलचस्प बात यह है कि ये तीनों मुकाबले ICC के Future Tours Programme (FTP) के तहत अफगानिस्तान की घरेलू सीरीज माने जाएंगे, लेकिन मैच भारत में ही खेले जाएंगे l</p>
<p>अफगानिस्तान पिछले कुछ वर्षों में अपने घरेलू अंतरराष्ट्रीय मुकाबले भारत में आयोजित करता रहा है. हालांकि, यह पहली बार होगा जब अफगानिस्तान भारत के खिलाफ अपनी 'होम' सीरीज भारत में खेलेगा l</p>
<p>तीनों मुकाबले आगामी एशियन गेम्स की तैयारियों के लिहाज से भी दोनों टीमों के लिए महत्वपूर्ण होंगे.</p>
<p><strong>बांग्लादेश दौरे पर भी लगभग विराम</strong><br>
भारत और अफगानिस्तान के बीच सितंबर में T20 सीरीज की पुष्टि के बाद भारत के बांग्लादेश दौरे पर भी लगभग विराम लग गया है. इसका मतलब है कि भारत का बांग्लादेश दौरा अब नहीं होने की स्थिति में है l</p>
<p>बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने पहले भारत के खिलाफ 1 से 6 सितंबर तक तीन वनडे और 9 से 13 सितंबर तक तीन T20 कराने का कार्यक्रम घोषित किया था. हालांकि, दोनों देशों के बीच मौजूदा संबंधों को देखते हुए इस दौरे के लिए सरकार की मंजूरी जरूरी थी l</p>
<p>बांग्लादेश के खेल मंत्री अमिनुल हक ने इससे पहले कहा था कि सरकार दोनों पक्षों के बीच बने गतिरोध को दूर करने की कोशिश कर रही है और उसे जल्द समाधान की उम्मीद है l</p>
<p>लेकिन अब सितंबर में भारत-अफगानिस्तान T20 सीरीज का कार्यक्रम तय हो जाने के बाद भारत के बांग्लादेश दौरे की संभावना बेहद कम नजर आ रही है l</p>
<p>यानी सितंबर में भारतीय टीम का अगला बड़ा T20 पड़ाव बांग्लादेश नहीं, बल्कि दिल्ली में अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज हो सकता है और अगर ACB की बात मान ली गई तो इस सीरीज का एक मुकाबला गणेश चतुर्थी के दिन भी खेला जाएगा l</p>]]> </content:encoded>
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<title>तिरंगा यात्रा के दूसरे दिवस माँ दंतेश्वरी की पूजा&#45;अर्चना कर उप मुख्यमंत्री एवं वन मंत्री ने किया यात्रा का शुभारंभ</title>
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<description><![CDATA[ तिरंगा यात्रा के दूसरे दिवस माँ दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर उप मुख्यमंत्री एवं वन मंत्री ने किया यात्रा का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा—बस्तर की जनता, समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों के सहयोग से नक्सलवाद का हुआ खात्मा रायपुर,   तिरंगा यात्रा के दूसरे दिवस उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं वन मंत्री केदार कश्यप … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 20:00:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>तिरंगा, यात्रा, के, दूसरे, दिवस, माँ, दंतेश्वरी, की, पूजा-अर्चना, कर, उप, मुख्यमंत्री, एवं, वन, मंत्री, ने, किया, यात्रा, का, शुभारंभ</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>तिरंगा यात्रा के दूसरे दिवस माँ दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर उप मुख्यमंत्री एवं वन मंत्री ने किया यात्रा का शुभारंभ</strong></p>
<p><strong>उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा—बस्तर की जनता, समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों के सहयोग से नक्सलवाद का हुआ खात्मा</strong></p>
<p><strong>रायपुर, </strong><br>
 तिरंगा यात्रा के दूसरे दिवस उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं वन मंत्री केदार कश्यप ने माँ दंतेश्वरी मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात दंतेवाड़ा बस स्टैंड में आयोजित तिरंगा यात्रा कार्यक्रम को संबोधित किया।</p>
<p><strong>जिले के 211 वीर बलिदानी जवानों को उप मुख्यमंत्री ने किया नमन</strong></p>
<p>        उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि दंतेवाड़ा जिले के 211 सर्वोच्च बलिदानी वीर जवानों को नमन करते हुए कहा कि बस्तर की जनता, समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों के अमूल्य सहयोग से आज नक्सलवाद का खात्मा संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा उन क्षेत्रों से गुजर रही है, जहां कभी नक्सल आतंक के कारण पहुंचना भी मुश्किल था। आज उन्हीं क्षेत्रों में पूरे गौरव और उत्साह के साथ तिरंगा लहराया जा रहा है।</p>
<p><strong>वन मंत्री केदार कश्यप ने की हर घर तिरंगा लगाने की अपील</strong></p>
<p>         वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। उन्होंने तिरंगा यात्रा को सफल बनाने के लिए आमजनों से अपने घरों में तिरंगा लगाने तथा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ हर घर तिरंगा अभियान में सहभागिता निभाने की अपील की।</p>
<p><strong>सांसद महेश कश्यप ने बताया ऐतिहासिक गर्व का क्षण</strong></p>
<p>         बस्तर सांसद महेश कश्यप ने तिरंगा यात्रा को ऐतिहासिक गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि यह यात्रा उन क्षेत्रों से गुजर रही है, जहां कभी वीर जवानों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था और नक्सल आतंक के चलते जहां किसी का पहुंचना संभव नहीं था। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सफल मार्गदर्शन में नक्सलवाद का खात्मा हुआ है और इन क्षेत्रों में विकास तथा राष्ट्रभक्ति का नया वातावरण बना है।</p>
<p>     इस दौरान विधायक चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती ओजस्वी मंडावी, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता भास्कर, सहित जनप्रतिनिधि  बस्तर आईजी बद्रीनाथ मीणा, डीआईजी कमलोचन कश्यप, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव, पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन सिंह, डीएफओ रामकृष्ण रंगनाथ वाय एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>ED की भंसाली और नाहटा ग्रुप पर बड़ी कार्रवाई, कई प्रतिष्ठानों पर दबिश; दस्तावेज खंगाले</title>
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<description><![CDATA[ राजनांदगांव. प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने राजनांदगांव में बड़े कारोबारियों के घर और ठिकानों पर छापेमारी की है। सुबह 6 बजे वरिष्ठ अधिकारि​यों की टीम ने दबिश कार्रवाई शुरू की। बताया जाता है कि ED की टीम ने DMF घोटाले से जुड़े मामले में नाहटा और भंसाली ग्रुप से जुड़े प्रतिष्ठान के ठिकानें पर रेड … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 20:00:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>की, भंसाली, और, नाहटा, ग्रुप, पर, बड़ी, कार्रवाई, कई, प्रतिष्ठानों, पर, दबिश, दस्तावेज, खंगाले</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>राजनांदगांव.</strong></p>
<p>प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने राजनांदगांव में बड़े कारोबारियों के घर और ठिकानों पर छापेमारी की है। सुबह 6 बजे वरिष्ठ अधिकारि​यों की टीम ने दबिश कार्रवाई शुरू की। बताया जाता है कि ED की टीम ने DMF घोटाले से जुड़े मामले में नाहटा और भंसाली ग्रुप से जुड़े प्रतिष्ठान के ठिकानें पर रेड मारी है।</p>
<p>शहर के सत्यम विहार कॉलोनी में यश और रोमिल नाहटा के घर और कार्यालय में जांच चल रही है। इधर कामठी लाइन में कारोबारी मनीष भंसाली के घर ईडी की टीम दस्तावेजों की जांच कर रही है।</p>
<p><strong>भोपाल और रायपुर से पहुंची अधिकारियों की टीम</strong><br>
मिली जानकारी के अनुसार, ईडी की टीम सुबह रायपुर और भोपाल से पहुंची प्रवर्तन निदेशालय की टीम राजनांदगांव पहुंची और सत्यम विहार कॉलोनी स्थित नाहटा के ठिकाने पर और कामठी लाइन में ललित भंसाली के ठिकाने पर रेड मारी है। ईडी की टीम अभी भी दस्तावेजों की जांच कर रही है। बता दें कि ललित भंसाली सरकारी टेंट हाउस का काम संभालते हैं।</p>
<p><strong>संदिग्ध दस्तावेजों की चल रही जांच</strong><br>
ईडी की टीम DMF घोटाले से जुड़े वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रहे है। सबसे खास बात यह है कि इन दोनों ही ठिकानों पर अक्टूबर 2025 में भी ED की टीम कार्रवाई कर चुकी है। वहीं एक बार फिर छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया है। ईडी के वरिष्ठ अधिकारी वित्तीय लेनदेन, आयकर रिटर्न और तमाम संदिग्ध दस्तावेजों के पुराने रिकार्ड खंगाल रहे हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रखने के लिए संबंधित परिसरों के बाहर स्थानीय पुलिस बल तैनात किया गया है।</p>
<p><strong>व्यावसायिक गलियारों में मचा हड़कंप</strong><br>
तड़के हुई इस अचानक छापेमारी के बाद से ही राजनांदगांव के व्यावसायिक और राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई है। अब तक यह नहीं पता चला है कि यह कार्रवाई किस विशिष्ट मामले या वित्तीय अनियमितता के सिलसिले में की जा रही है। पूरी जांच प्रक्रिया संपन्न होने और अधिकारियों के आधिकारिक बयान सामने आने के बाद ही इस पूरे मामले का वास्तविक खुलासा हो सकेगा।</p>]]> </content:encoded>
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<title>AI ने लिखा कंटेंट अब पकड़ा जाएगा! Anthropic का नया Invisible Watermark ऐसे करेगा टेक्स्ट की पहचान</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल रोज के काम में मदद के लिए करते हैं और इससे हमारा काम आसान हो जाता है. लेकिन यही AI अगर गलत हाथों में चला जाए तो बहुत बड़ी दिक्कत हो सकती है. लोग इसका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं. इसी को ध्या में रखते हुए कुछ नियम … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 19:45:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>ने, लिखा, कंटेंट, अब, पकड़ा, जाएगा, Anthropic, का, नया, Invisible, Watermark, ऐसे, करेगा, टेक्स्ट, की, पहचान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल रोज के काम में मदद के लिए करते हैं और इससे हमारा काम आसान हो जाता है. लेकिन यही AI अगर गलत हाथों में चला जाए तो बहुत बड़ी दिक्कत हो सकती है. लोग इसका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं. इसी को ध्या में रखते हुए कुछ नियम भी बनाए गए हैं। जैसे AI से बनाई गई इमेज पर वॉटरमार्क लगाया जाता है, ताकि पता चल सके कि फोटो असली है या नकली। </p>
<p>लेकिन ऐसा फीचर टेक्स्ट के लिए नहीं बनाया गया था, जिससे लोगों को पता चल सके कि कोई टेक्स्ट AI से बनाया गया है. अब Anthropic एक नया फीचर लेकर आया है. आइए जानते हैं कि कॉपी-पेस्ट करने के बाद भी AI का टेक्स्ट कैसे पकड़ा जा सकता है। </p>
<p>एंथ्रोपिक के सपोर्ट पेज पर अनाउंस किया गया है कि Claude के सभी AI मॉडल अब एआईI से बनाए गए टेक्स्ट कंटेंट में इनविजिबल वॉटरमार्क जोड़ सकते हैं. खास बात यह है कि कॉपी-पेस्ट करने के बाद भी यह वॉटरमार्क टेक्स्ट के अंदर छिपा रह सकता है। </p>
<p>पूरी दुनिया में AI से लिखे कंटेंट इंटरनेट पर छाए हुए हैं. किस कंटेंट को AI ने लिखा और कौन इंसानी हाथों के लिखे गए हैं, इसमें फर्क करना लगभग नामुमकिन हो चला है. लेकिन अब इसका एक जबरदस्त काट निकलने जा रहा है. दरअसल, जेनरेटिव AI क्लाउड को बनाने वाली कंपनी एंथ्रोपिक ने एक बड़ा फैसला लिया है. उसने क्लाउड से बनाए जाने वाले कंटेंट पर अदृश्य निशान लगाने की तैयारी की है. ये निशान इंसानों को नहीं दिखेंगे और न ही इससे किसी भी कंटेंट का अर्थ, उसकी क्वालिटी या पढ़ने के तरीके में ही बदलाव होगा। </p>
<p>इसे कंपनी केवल कंटेंट तक ही सीमित नहीं रखेगी. क्लाउड से तैयार किए गए डॉक्युमेंट्स और इमेज में भी डिजिटल प्रिंट जोड़े जाएंगे, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वो कहां से लिए गए हैं? उसे किस तरह तैयार किया गया है? क्या उसमें कुछ बदलाव किया गया है, या बाद में उसके साथ कोई छेड़छाड़ हुई है?</p>
<p>एंथ्रोपिक ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है जब यूरोपीय संघ के नए नियमों के तहत AI से तैयार कंटेंट की पहचान और उसके बारे में पारदर्शिता को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है. यूरोपीय आयोग की AI Act की धारा 50 से जुड़े पारदर्शिता संबंधी नियम इसी महीने लागू हुए हैं। </p>
<p>तो सवाल ये है कि जब आपने क्लाउड से कोई सवाल पूछा तो वह अपने जवाबों में क्या ऐसा छिपाएगा जिसे इंसानी आंख नहीं देख सकेगा लेकिन मशीन पहचान सकेगी? यह व्यवस्था कैसे काम करेगी? और क्या इससे वाकई में AI और इंसान की लिखी सामग्री में फर्क करना संभव हो जाएगा?</p>
<p>दरअसल एंथ्रोपिक इसे वाटरमार्क करेगा, ये ठीक उसी तरह होगा जैसे आपने किसी इमेज या ऑनलाइन कंटेंट पर या अपने मोबाइल के कैमरे से तस्वीरें लेते समय कभी खुद ही इस्तेमाल किया होगा। </p>
<p>लेकिन क्लाउड का वॉटरमार्क अलग तरह का होगा क्योंकि यह कोई दिखाई देने वाला लोगो, शब्द या चेतावनी नहीं होगा। </p>
<p>एंथ्रोपिक के मुताबिक ये मार्क कंटेंट के भीतर इस तरह बुना जाएगा कि इंसान उसे सामान्य तौर पर देख या पढ़ नहीं सकेगा। </p>
<p>यानी क्लाउड से जब आपको पूछे गए सवाल का जवाब मिलेगा तब किसी वाक्य के बीच कोई खास चिह्न नजर नहीं आएगा लेकिन मशीन के लिए उस पाठ में मौजूद संकेत को पहचानना संभव होगा। </p>
<p><strong>कैसे छिपेगा वाटरमार्क, किसका फायदा?</strong><br>
एंथ्रोपिक के मुताबिक इसे टेक्स्ट वॉटरमार्क मॉडल के स्तर पर लगाया जाएगा. यानी क्लाउड परिवार के मॉडल से तैयार होने वाले किसी भी कंटेंट में इसे शामिल किया जाएगा। </p>
<p>इसका एक बड़ा फायदा यह है कि अगर उपयोगकर्ता क्लाउड का जवाब कॉपी करके किसी दूसरे डॉक्युमेंट, वेबसाइट या प्लेटफॉर्म पर चिपका दिया तो ये संकेत उस चिपकाए गए कंटेंट के साथ आगे भी जा सकता है. जिसे इंसानी आंख नहीं बल्कि मशीन पकड़ लेगी। </p>
<p><strong>क्या वाटरमार्क से बचने का कोई तरीका है?</strong><br>
एंथ्रोपिक का कहना है कि यह वॉटरमार्क उस कंटेंट को एडिट करने के बाद भी बना रह सकता है लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि वह हर स्थिति में बना ही रहेगा। </p>
<p>यानी अगर किसी व्यक्ति ने AI से कंटेंट तैयार करवाने के बाद उसे रीराइट कर दिया या किसी दूसरे AI मॉडल से उसे फिर से लिखवाया, तो वाटरमार्क कमजोर पड़ सकता है या पूरी तरह से खत्म भी हो सकता है। </p>
<p>बता दें कि वाटरमार्क की तकनीक के लिए एंथ्रोपिक C2PA जैसे मानकों का इस्तेमाल कर रहा है. इसमें डिजिटल सिग्नेचर से जुड़े प्रमाणों के जरिए यह जांचने की व्यवस्था होती है कि जानकारी में बाद में छेड़छाड़ हुई है या नहीं। </p>
<p><strong>EU AI Act की इसमें क्या भूमिका है?</strong><br>
इस पूरे बदलाव का यही सबसे बड़ा कारण है. दरअसल, यूरोपीय संघ ने AI से तैयार कंटेंट को लेकर पारदर्शिता के नियम बनाए हैं. यूरोपीय आयोग के AI Act के मुताबिक AI से तैयार कंटेंट की पहचान और उसे चिह्नित करने से जुड़े दायित्व शामिल हैं। </p>
<p>यूरोपीय आयोग का ट्रांसपेरेंसी कोड इन कानूनी दायित्वों को पूरा करने में AI कंपनियों और दूसरे संबंधित पक्षों की मदद करने के लिए बनाया गया है. आयोग के मुताबिक इन पारदर्शिता संबंधी जिम्मेदारियों का उद्देश्य धोखे और हेरफेर के जोखिम को कम करना तथा सूचना व्यवस्था में भरोसा बनाए रखना है। </p>
<p>यानी मुद्दा सिर्फ ये नहीं है कि कोई व्यक्ति कंटेंट लिखने के लिए AI का इस्तेमाल कर रहा है. बल्कि सवाल ये है कि AI जब इंसान की तरह कंटेंट तैयार कर रहा है, तस्वीरें बना रहा है, तो इंटरनेट पर उसे देखने पढ़ने वाला शख्स इसे कैसे समझे कि उसके सामने असली कंटेंट है या AI से लिखा हुआ। </p>
<p><strong>यूरोपीय संघ इसी समस्या से निपटने के लिए AI कंटेंट की पहचान को ज्यादा व्यवस्थित बनाना चाहता है। </strong></p>
<p><strong>तो क्या AI से लिखा हर कंटेंट पकड़ा जाएगा?<br>
वॉटरमार्किंग को AI कंटेंट की पहचान करने का अचूक तरीका समझना गलत होगा। </strong></p>
<p>मान लीजिए क्लाउड ने हजार शब्दों की एक स्टोरी लिखी. उसमें ऐसे अदृश्य संकेत मौजूद है जिससे उस कंटेंट की पहचान हो सकती है कि उसे किसने लिखा है. अब कोई व्यक्ति उस स्टोरी को लेकर दूसरे AI मॉडल से कहता है कि इसे पूरी तरह नए शब्दों में लिखो। </p>
<p>नए कंटेंट में पहले वाले वाटरमार्क का कितना हिस्सा बचता है, यह सबसे अहम बात है। </p>
<p>इसी तरह जब किसी वाक्य को रीराइट किया जाता है या फिर पूरे पैराग्राफ को दोबारा लिखा जाता है और सेंटेंस फॉर्मेशन यानी वाक्य की संरचना पूरी तरह बदल दी जाती है तो उस मामले में भी वाटरमार्क का कितना हिस्सा बचा रहता है यह स्पष्ट नहीं है। </p>
<p>इस स्थिति में AI से बने कंटेंट और पब्लिश किए गए कंटेंट के बीच अंतर पैदा हो सकता है तो उसे पूरी तरह से AI से लिखा गया कंटेंट नहीं माना जा सकता। </p>
<p><strong>AI से AI वॉटरमार्क हटाना कितना आसान है?</strong><br>
खास कर जब टेक्स्ट कंटेंट की बात आती है तब वाटरमार्क को बनाए रखना और भी बड़ी चुनौती है। </p>
<p>मसलन, इंटरनेट पर लंबे समय से यह दावा किया जाता रहा है कि AI लेखक बहुत ज्यादा em dash (—) का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन कोई इंसान भी em dash (—) का इस्तेमाल कर सकता है। </p>
<p>इसलिए किसी एक राइटिंग शैली को AI होने का प्रमाण मानना सही नहीं है.<br>
तस्वीरों में भी यही समस्या है। </p>
<p>AI से बनाई गई तस्वीरों में डिजिटल पहचान के अलग-अलग तरीके पहले से इस्तेमाल किए जा रहे हैं। </p>
<p>कुछ सिस्टम तस्वीर के पिक्सल में बहुत कम बदलाव करती हैं. कुछ फाइल के भीतर डिजिटल जानकारी रखती हैं। </p>
<p>लेकिन हर तरीका पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। </p>
<p>अगर कोई तस्वीर का स्क्रीनशॉट ले लेता है, तो मूल फाइल की कुछ जानकारी गायब हो सकती है। </p>
<p>इसी तरह तस्वीर को काटना, दोबारा सेव करना या दूसरे तरीके से एडिट करना भी वाटरमार्क को प्रभावित कर सकता है। </p>
<p>C2PA इसका एक समाधान देता है, जिसमें कंटेंट को पहली बार जेनरेट किए जाने के बाद से उसके सभी बदलावों का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाता है। </p>
<p><strong>वाटरमार्क से क्या फायदा हो सकता है?</strong><br>
AI से बनाए गए कंटेंट की मात्रा तेजी से बढ़ रही है. इससे तीन बड़ी समस्याएं पैदा हो रही हैं। </p>
<p>पहली, किसी व्यक्ति की पहचान या बयान को गलत तरीके से पेश किया जा सकता है। </p>
<p>दूसरी, नकली तस्वीर, आवाज या वीडियो को वास्तविक बताकर लोगों को धोखा दिया जा सकता है। </p>
<p>तीसरी, इंटरनेट पर इतने अधिक AI कंटेंट पहुंच सकते हैं कि उपयोगकर्ता के लिए वास्तविक और AI जेनरेटेड कंटेंट के बीच अंतर करना बहुत कठिन हो जाए। </p>
<p>ऐसे माहौल में कंटेंट के साथ उसके जेनरेट किए जाने की जानकारी जोड़ना एक तरह से डिजिटल पहचान पत्र तैयार करने जैसा है। </p>
<p><strong>पर क्या इससे इंसानी लेखन की पहचान भी हो जाएगी?</strong><br>
नहीं, इंटरनेट पर मौजूद हर लेख को देखकर कोई मशीन निश्चित रूप से ये नहीं कह सकेगी कि इसे इंसान ने लिखा है। </p>
<p>AI कंटेंट की पहचान करना और इंसानी लेखन को प्रमाणित करना एक ही चीज नहीं है.</p>
<p>अगर किसी कंटेंट में क्लाउड का वाटरमार्क नहीं मिला तो ये पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता कि उसे इंसान ने ही लिखा है। </p>
<p>हो सकता है कि उसे किसी दूसरे AI मॉडल ने लिखा हो। </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>खरगे के मंच के ‘शुद्धिकरण’ पर भड़के जेपी नड्डा, बोले&#45; ‘दुखदायी है, हम इसकी जांच करेंगे’; सदन में हंगामा</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली उत्तराखंड के हल्द्वानी के रामलीला मैदान में आठ अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद हुए ‘शुद्धिकरण&#039; अनुष्ठान का मुद्दा संसद में उठा. राज्यसभा में बोलते हुए कांग्रेस चीफ खरगे ने ये मुद्दा उठाया. इस पर बीजेपी सांसद जेपी नड्डा ने जवाब दिया. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 19:15:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>खरगे, के, मंच, के, ‘शुद्धिकरण’, पर, भड़के, जेपी, नड्डा, बोले-, ‘दुखदायी, है, हम, इसकी, जांच, करेंगे’, सदन, में, हंगामा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>उत्तराखंड के हल्द्वानी के रामलीला मैदान में आठ अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद हुए ‘शुद्धिकरण' अनुष्ठान का मुद्दा संसद में उठा. राज्यसभा में बोलते हुए कांग्रेस चीफ खरगे ने ये मुद्दा उठाया. इस पर बीजेपी सांसद जेपी नड्डा ने जवाब दिया. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि जो कुछ भी हुआ वह दुखद है. ऐसी घटना आपके लिए ही नहीं बल्कि समूचे राष्ट्र के लिए दुखद है. हम इसकी जांच करेंगे. जेपी नड्डा ने कहा यह हम सभी के लिए ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए दुखदायी है. भाजपा ऐसी चीजों को स्वीकार नहीं करती। </p>
<p>जब मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि आप लोग ऐसा करते हैं. इस पर जेपी नड्डा ने आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि ऐसे आरोप लगाना ठीक नहीं है. जेपी नड्डा ने कहा कि हम तो कह रहे हैं कि जांच की जाएगी. उन्होंने कहा कि हम ऐसी घटना से दुखी हैं और खरगे जी की भावनाओं का भी सम्मान करते हैं। </p>
<p>इस घटना को लेकर राज्यसभा चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन ने भी दुख जताया. उन्होंने कहा कि हम सभी लोग इस पर दुख जताते हैं. मैं सरकार से भी कहूंगा कि इस घटना को अंजाम देने वालों को पकड़ें और उन्हें सजा दिलाएं।</p>
<p><strong>खरगे ने सदन में क्या कहा?</strong><br>
राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे अपनी बारी आने पर बोलने खड़े हुए तो उन्होंने हल्द्वानी में हुई एक घटना का जिक्र किया. उन्होंने सदन में बोलते हुए कहा, "बड़े दुख के साथ कहना पड़ता है, मैं हल्द्वानी में रामलीला मैदान में भाषण किया. लाखों लोग वाहां पर मौजूद थे. इस दौरान, मैंने किसी समाज और धर्म का नाम नहीं लिया. मैं वहां पर लोगों की समस्याओं को बताया. लेकिन मेरी स्पीच होने के बाद वहां पर बीजेपी के लोग मिलकर हवन करके, उस स्टेज का शुद्धीकरण करने का काम किया. क्या यही लोकतंत्र है। </p>
<p>
<strong>नड्डा बोले- भत्सर्ना करता हूं.</strong><br>
कांग्रेस अध्यक्ष के बोलने के बाद, बीजेपी सांसद जेपी नड्डा बोलने के लिए खड़े हुए और उन्होंने इस घटना पर खेद जताया. उन्होंने मल्लिकार्जुन खरगे के बयान  पर जवाब देते हुए कहा, "खरगे जी ने जो कहा है, यह सच में बहुत दुखदायी विषय है. यह सिर्फ कांग्रेस के लिए नहीं, बल्कि यह हम सबके लिए दुखदायी है. खरगे जी ने कहा कि बीजेपी के लोग थे लेकिन मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि इसमें बीजेपी के लोग शामिल नहीं थे। </p>
<p>उन्होंने आगे कहा कि अगर आपने यह कहा है, तो हम इसकी तहकीकात करेंगे. मैं इसकी भत्सर्ना करता हूं और राष्ट्रीय अध्यक्ष जी गहराई से देखेंगे. आपकी भावनाओं को जो ठेस पहुंची है, वो सच में खेद का विषय है। </p>
<p><strong>क्या है पूरा मामला?</strong><br>
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुई 'विजय शंखनाद रैली' के बाद मैदान में शुद्धिकरण यज्ञ कराया गया था. रिपोर्ट के मुताबिक, श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास के अध्यक्ष गिरीश पांडे और पंडित मोहन शास्त्री ने कहा कि रैली के बाद रामलीला मैदान में शुद्धिकरण हवन किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि रैली के दौरान धार्मिक नारों और टिप्पणियों से मैदान की पवित्रता प्रभावित हुई है। </p>
<p>संगठन के सदस्यों ने खरगे को सनातन और हिंदू संगठनों का विरोधी बताते हुए कहा कि जिस मैदान में रामलीला का मंचन होता है. वहां ऐसे शख्स के आने के बाद मैदान का शुद्धिकरण किया जाना जरूरी था. संगठन ने खरगे के पिछले कथित सनातन विरोधी बयानों को भी इसका आधार बताया। </p>
<p>कांग्रेस की 'विजय शंखनाद रैली' में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे शामिल हुए थे. रैली के बाद उनके जाने के बाद हुए इस यज्ञ को लेकर अब सियासी गलियारों में बयानबाजी शुरू हो गई है। </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>भिलाई का सिविक सेंटर समेत प्रमुख स्थल होंगे अतिक्रमण मुक्त, एएसपी ने किया निरीक्षण</title>
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<description><![CDATA[ भिलाई नगर. भिलाई के हृदय स्थल सिविक सेंटर की अतिक्रमण मुक्त सुव्यवस्थित एवं सुगम यातायात वाला क्षेत्र बनाने की दिशा में पुलिस प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कौशलेंद्र देव पटेल और यातायात डीएसपी विशाल सोम ने पुलिस टीम के साथ सिविक सेंटर का भ्रमण कर मौके की स्थिति का जायजा … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 19:00:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भिलाई नगर.</strong></p>
<p>भिलाई के हृदय स्थल सिविक सेंटर की अतिक्रमण मुक्त सुव्यवस्थित एवं सुगम यातायात वाला क्षेत्र बनाने की दिशा में पुलिस प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कौशलेंद्र देव पटेल और यातायात डीएसपी विशाल सोम ने पुलिस टीम के साथ सिविक सेंटर का भ्रमण कर मौके की स्थिति का जायजा लिया।</p>
<p>इस दौरान व्यापारियों एवं आम नागरिकों के साथ यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाने के संबंध में चर्चा की तथा विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी। भिलाई इस्पात संयंत्र एवं नगर निगम की टीम के साथ सामंजस्य बिठाकर व्यवस्थित पार्किंग के लिए प्रमुख बदलाव होंगे। इस बदलाव में सड़क के किनारे निर्धारित स्थानों पर कार एवं बाइक पार्किंग के लिए अलग-अलग बोर्ड लगाए जाएंगे। वाहनों को केवल सफेद पट्टी के अंदर ही पार्क करने की अनुमति होगी। सफेद पट्टी के बाहर वाहन खड़ा करने पर नियमानुसार कार्रवाई एवं चालानी कार्रवाई की जाएगी।<br>
सभी दुकानदार अपनी तथा अपने कर्मचारियों की गाड़ियां दुकान के सामने सड़क पर पार्क न करते हुए निर्धारित पार्किंग स्थल पर खड़ी करेंगे। वहीं अवैध झाड़ियों एवं अनावश्यक पेड़-पौधों की कटाई-छंटाई कर संबंधित स्थानों पर व्हाइट पट्टी की मार्किंग की जाएगी, ताकि वाहनों को निर्धारित स्थान के भीतर सुव्यवस्थित तरीके से पार्क किया जा सके।<br>
प्रत्येक दुकानदार आपसी सहमति से पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के लिए गार्ड की नियुक्ति करेंगे। गार्ड आम जनता से वाहनों को निर्धारित स्थान पर सही तरीके से पार्क करने की अपील करेंगे। सिविक सेंटर क्षेत्र में संचालित अवैध दुकानों एवं अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। ऐसे सभी उपयुक्त स्थान, जिन्हें पार्किंग के रूप में विकसित किया जा सकता है, उन्हें चिन्हित कर पार्किंग क्षेत्र के रूप में विकसित / घोषित किया जाएगा।</p>]]> </content:encoded>
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<title>RG Kar Case: तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक निर्मल घोष गिरफ्तार, केस में बढ़ी हलचल</title>
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<description><![CDATA[ कोलकाता  आरजी कर रेप और मर्डर केस में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व विधायक निर्मल घोष को गिरफ्तार किया गया है. 9 अगस्त को आरजी कर केस की दूसरी बरसी पर मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी ने पुलिस को निर्देश दिया था कि वे पीड़िता के शव के अंतिम संस्कार के मामले में नया केस दर्ज करें … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 18:45:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Kar, Case:, तृणमूल, कांग्रेस, के, पूर्व, विधायक, निर्मल, घोष, गिरफ्तार, केस, में, बढ़ी, हलचल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>कोलकाता </strong></p>
<p>आरजी कर रेप और मर्डर केस में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व विधायक निर्मल घोष को गिरफ्तार किया गया है. 9 अगस्त को आरजी कर केस की दूसरी बरसी पर मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी ने पुलिस को निर्देश दिया था कि वे पीड़िता के शव के अंतिम संस्कार के मामले में नया केस दर्ज करें और फिर से जांच करें. पीड़िता का अंतिम संस्कार निर्मल घोष की मौजूदगी में पानीहाटी में जल्दबाजी में किया गया था। 9 अगस्त, 2024 की रात को आरजी कर अस्पताल में प्रशिक्षु डॉक्टर की रेप के बाद हत्या कर दी गई थी, इससे राज्य के साथ-साथ पूरे देश में आक्रोश फैल गया था. आरोप हैं कि सबूतों को नष्ट किया गया और घटना के तुरंत बाद मामले को दबाने की कोशिश की गई। </p>
<p><strong>अंत‍िम संस्‍कार को लेकर गई तरह के सवाल</strong><br>
मुख्‍यमंत्री ने कहा था क‍ि अंत‍िम संस्कार की फीस माफ किया जाना और दस्‍तावेजों पर परिवार के सदस्यों के हस्ताक्षर न होने से कई सवाल हैं. उन्होंने कहा था कि न‍िर्मल घोष, काउंसलर सोमनाथ डे और परिवार के पड़ोसी संजीव मुखर्जी की भूमिका की जांच जरूरी है. मुख्‍यमंत्री ने बैरकपुर पुलिस कमिश्नर को इस पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। </p>
<p><strong>सुवेंदु अधिकारी ने अगस्त 2024 पोस्‍ट क‍िया था वीड‍ियो </strong><br>
अगस्त 2024 में तत्कालीन विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने एक वीड‍ियो पोस्ट किया था, जिसमें पूर्व टीएमसी विधायक निर्मल घोष लोगों को पीड़िता का शव श्मशान के अंदर ले जाने का निर्देश देते हुए दिखाई दे रहे हैं। </p>
<p>आरजी कर केस की दूसरी बरसी पर 9 अगस्त को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस को निर्देश दिया था कि वे पीड़िता के शव के अंतिम संस्कार के मामले में नया केस दर्ज करें और फिर से जांच करें. बता दें कि पीड़िता का अंतिम संस्कार निर्मल घोष की मौजूदगी में पानीहाटी में जल्दबाजी में किया गया था। </p>
<p>9 अगस्त 2024 की रात को आरजी कर अस्पताल में प्रशिक्षु डॉक्टर की रेप के बाद हत्या कर दी गई थी. इसे लेकर बंगाल के अलावा पूरे देश में आक्रोश फैल गया था. आरोप हैं कि सबूतों को नष्ट किया गया और घटना के तुरंत बाद मामले को दबाने की कोशिश की गई थी। </p>
<p><strong>सीबीआई से अलग केस</strong><br>
निर्मल घोष के अलावा पानीहाटी नगरपालिका के काउंसलर सोमनाथ डे और पीड़िता के परिवार के पड़ोसी संजीव मुखर्जी को भी इस मामले में नामजद किया गया है. पुलिस अधिकारी के मुताबिक यह नया केस सीबीआई की उस जांच से अलग है जो रेप और मर्डर के मूल मामले में चल रही है. बता दें कि सीबीआई कोलकाता पुलिस से ये जांच अपने हाथ में ले चुकी है, जबकि अंतिम संस्कार से जुड़ा ये नया मामला सीधे पुलिस की जांच के दायरे में है। </p>
<p>पश्चिम बंगाल के मुख्‍यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा था क‍ि अंत‍िम संस्कार की फीस माफ किया जाना और दस्‍तावेजों पर परिवार के सदस्यों के हस्ताक्षर न होने से कई सवाल हैं. उन्होंने कहा था कि न‍िर्मल घोष, काउंसलर सोमनाथ डे और परिवार के पड़ोसी संजीव मुखर्जी की भूमिका की जांच जरूरी है. मुख्‍यमंत्री ने बैरकपुर पुलिस कमिश्नर को इस पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। </p>
<p><strong>अब उस रात की हर कड़ी खंगालेगी CBI</strong><br>
मीडिया में छपी खबर के मुताबिक, सीबीआई की नई विशेष जांच टीम ने 8 अगस्त 2024 की रात आरजी कर अस्पताल की इमारत में मौजूद डॉक्टरों और कर्मचारियों से दोबारा पूछताछ शुरू की है. इसी इमारत के सेमिनार रूम में जूनियर महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की गई थी. नई टीम का फोकस यह पता लगाने पर है कि घटना के समय कौन-कौन लोग अस्पताल की इमारत में थे. किसकी क्या ड्यूटी थी? किसने क्या देखा? किसे कब जानकारी मिली? शुरुआती जांच में इन सवालों पर कितना काम हुआ था, इसे भी दोबारा परखा जा रहा है. पीड़िता के परिवार ने पहले ही आरोप लगाया था कि शुरुआती जांच में उस समय इमारत या संबंधित मंजिल पर मौजूद <strong>लोगों से पर्याप्त पूछताछ नहीं हुई. अब इसी बिंदु को जांच में अहम माना जा रहा है। </strong></p>
<p><strong>हाई कोर्ट के आदेश के बाद जांच ने पकड़ी रफ्तार</strong><br>
कलकत्ता हाई कोर्ट की खंडपीठ ने नई जांच टीम की प्रगति पर नाराजगी जताई थी. अदालत ने सीबीआई को सलाह दी थी कि वह पिछली जांच से प्रभावित हुए बिना मामले को नए सिरे से देखे. इसके बाद जांच एजेंसी की गतिविधियां तेज हुई हैं. नई टीम पुराने निष्कर्षों को अंतिम आधार मानने के बजाय घटनाक्रम को फिर से जोड़ने की कोशिश कर रही है. इसका मतलब है कि पहले दर्ज किए गए बयान, ड्यूटी से जुड़े रिकॉर्ड और उस रात की गतिविधियों को नए नजरिए से देखा जा सकता है. मामले में अब अस्पताल के भीतर मौजूद लोगों की भूमिका और उनकी जानकारी पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है. पूछताछ का यह दौर जांच की दिशा को और स्पष्ट कर सकता है। </p>
<p><strong>महिला कर्मचारी का फोन क्यों हुआ जब्त?</strong><br>
जांच में सबसे ज्यादा ध्यान जिस नए कदम पर है, वह एक महिला कर्मचारी का मोबाइल फोन जब्त किया जाना है. सूत्रों के अनुसार, 9 अगस्त की सुबह सेमिनार रूम में पीड़िता का शव मिलने के बाद सबसे पहले इसी कर्मचारी ने उसके परिवार से संपर्क किया था. परिवार की ओर से आरोप लगाया गया था कि अलग-अलग समय पर फोन पर दी गई जानकारी में विरोधाभास था. इसी वजह से जांचकर्ताओं ने मोबाइल फोन को अपने कब्जे में लिया है. अब फोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. जांचकर्ता कॉल रिकॉर्ड और दूसरे डिजिटल डेटा की पड़ताल कर रहे हैं. इससे यह पता लगाने की कोशिश होगी कि घटना के बाद किससे संपर्क हुआ, कब हुआ और बातचीत का घटनाक्रम क्या था। </p>
<p><strong>डिजिटल रिकॉर्ड खोल सकते हैं जांच का नया राज</strong><br>
मोबाइल फोन की जांच सिर्फ कॉल हिस्ट्री तक सीमित नहीं रह सकती. जांचकर्ता उपलब्ध डिजिटल डेटा से घटनाक्रम की टाइमलाइन तैयार करने की कोशिश कर सकते हैं. कौन-सा संपर्क किस समय हुआ, इसकी जानकारी घटनाओं को जोड़ने में मदद कर सकती है. सबसे अहम बात यह है कि नई टीम अब उस रात मौजूद लोगों से दोबारा पूछताछ कर रही है. इससे पहले दिए गए बयानों और नए जवाबों के बीच अंतर भी सामने आ सकता है. आरजी कर केस में जांच का यह नया चरण इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अदालत ने जांच को पुराने नजरिए से आगे बढ़ाने के बजाय नए सिरे से देखने की बात कही है. ऐसे में आने वाले दिनों में पूछताछ और डिजिटल फोरेंसिक जांच से कई नए तथ्य सामने आने की उम्मीद है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>15 अगस्त से पहले आतंकी साजिश का अलर्ट! दिल्ली&#45;NCR से कश्मीर तक हाई अलर्ट, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क</title>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली पूरा देश 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारी कर रहा है, लेकिन इससे पहले सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकी खतरे को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है. खुफिया एजेंसियों के मुताबिक आने वाले 2 से 3 दिन बेहद संवेदनशील हो सकते हैं और आतंकी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की कोशिश कर सकते … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 18:45:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong></p>
<p>पूरा देश 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारी कर रहा है, लेकिन इससे पहले सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकी खतरे को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है. खुफिया एजेंसियों के मुताबिक आने वाले 2 से 3 दिन बेहद संवेदनशील हो सकते हैं और आतंकी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की कोशिश कर सकते हैं. मल्टीपल टेरर अलर्ट जारी होने के बाद कश्मीर से लेकर दिल्ली तक सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट मोड में हैं.  खुफिया इनपुट की कॉपी में दिल्ली-NCR को लेकर खास तौर पर गंभीर आशंकाएं जताई गई हैं। </p>
<p><strong>IED पहुंचाने की साजिश</strong><br>
11 अगस्त 2026 को मिले एक खुफिया इनपुट के मुताबिक पाकिस्तान स्थित ISI और प्रो-खालिस्तानी तत्वों से जुड़े नेटवर्क की ओर से दिल्ली-NCR में IED यानी विस्फोटक पहुंचाने की कोशिश की जा सकती है. इनपुट में आशंका जताई गई है कि पाकिस्तान आधारित नेटवर्क अपने स्थानीय संपर्कों के जरिए विस्फोटक दिल्ली-NCR में मौजूद अज्ञात साथियों तक पहुंचा सकता है। </p>
<p>खुफिया जानकारी के मुताबिक यह IED अगले 2 से 3 दिनों के अंदर स्थानीय संपर्कों तक पहुंचाए जाने की कोशिश हो सकती है. इस इनपुट को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली-NCR में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। </p>
<p><strong>एक नाम का आतंकी खतरा</strong><br>
खुफिया एजेंसियों के इनपुट में पाकिस्तान में मौजूद फरहतुल्लाह गौरी का नाम भी सामने आया है, जिसे भारत का मोस्ट वांटेड आतंकवादी बताया जाता है. गौरी पर गुजरात के अक्षरधाम मंदिर पर 2002 में हुए आतंकी हमले से जुड़े होने के आरोप हैं और सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रखती रही हैं। </p>
<p>इनपुट के मुताबिक वह सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए भारतीय मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने की कोशिश कर रहा है. जून 2026 में 'स्टूडेंट ऑफ हिंद' नाम के सिग्नल ग्रुप पर कथित तौर पर एक मैसेज भेजकर युवाओं को 'आर्मी ऑफ महदी' में शामिल होने के लिए उकसाने की बात भी सामने आई थी। </p>
<p><strong>रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर की रेकी</strong><br>
सुरक्षा एजेंसियों को इससे पहले पाकिस्तान-ISI नेटवर्क की ओर से दिल्ली में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर की रेकी कराए जाने का इनपुट भी मिला था. खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि भारत में मौजूद स्थानीय संपर्कों की मदद से संवेदनशील जगहों और अहम इंफ्रास्ट्रक्चर की जानकारी जुटाई जा सकती है। </p>
<p>मई 2026 में NIA कंट्रोल रूम को मिले एक व्हाट्सऐप मैसेज में ISI पर भारत में छह बड़े धमाकों की कथित साजिश रचने का आरोप लगाया गया था. इसी दौरान तलहा सईद से जुड़े आठ मुजाहिदीन के भारत में घुसने की जानकारी का दावा भी एक खुफिया इनपुट में किया गया था। </p>
<p><strong>गैंगस्टर नेटवर्क का इस्तेमाल!</strong><br>
मई में सामने आए एक अन्य इनपुट में सुरक्षा एजेंसियों को आशंका थी कि ISI से जुड़े तत्व भारत में अपने मकसद को पूरा करने के लिए गैंगस्टर नेटवर्क का इस्तेमाल कर सकते हैं. इनपुट में दिल्ली की अहम इमारतों को निशाना बनाने की संभावित साजिश का भी जिक्र किया गया था। </p>
<p>इससे पहले अप्रैल 2026 में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मौजूद आतंकियों की ओर से दिल्ली, जम्मू और राजस्थान को निशाना बनाए जाने की आशंका जताई गई थी. संसद भवन और कनॉट प्लेस जैसे संवेदनशील इलाकों को लेकर भी सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिले थे, जिसके बाद निगरानी बढ़ाई गई थी। </p>
<p><strong>ऑनलाइन गतिविधियों पर भी नजर<br>
सुरक्षा एजेंसियों ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े ऑनलाइन ने</strong>टवर्क की गतिविधियों को भी डिकोड करने का दावा किया है. फरवरी 2026 में इस्लामाबाद की एक मस्जिद पर हुए हमले के बाद बदले की कार्रवाई के नाम पर लश्कर-ए-तैयबा और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर आधारित आतंकियों की ओर से दिल्ली में IED धमाकों की कथित साजिश का इनपुट सामने आया था। </p>
<p>जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े 'इस्लाह-ए-उम्मत' नाम के सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने और अहम जगहों को निशाना बनाने के लिए उकसाने की जानकारी भी एजेंसियों को मिली थी. इन सभी पुराने और ताजा इनपुट को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां 15 अगस्त से पहले किसी भी संभावित आतंकी साजिश को नाकाम करने में जुटी हैं। </p>
<p><strong>लाल किले पर अभेद सुरक्षा</strong><br>
आतंकी अलर्ट के बीच दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं. लाल किले के चप्पे-चप्पे पर दिल्ली पुलिस के साथ पैरामिलिट्री फोर्स, NSG की हिट टीमें और प्रशिक्षित स्नाइपर्स तैनात रहेंगे. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए NDRF की टीमें भी तैयार रहेंगी और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाएगी. लाल किले और उसके आसपास करीब 5 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जा रही है, ताकि समारोह के दौरान किसी भी खतरे से तुरंत निपटा जा <strong>सके। </strong></p>
<p><strong>2000 से ज्यादा CCTV कैमरों से निगरानी</strong><br>
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लाल किले और आसपास के इलाकों में 2000 से ज्यादा CCTV कैमरों से निगरानी की जा रही है. इन कैमरों के साथ FRS और ANPR कैमरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. इन तकनीकों की मदद से संदिग्ध लोगों और वाहनों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ भीड़ के मूवमेंट को भी मॉनिटर किया जाएगा. मल्टीपल टेरर अलर्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियां दिल्ली के अलावा जम्मू-कश्मीर और दूसरे संवेदनशील इलाकों में भी लगातार इनपुट की समीक्षा कर रही हैं। </p>
<p><strong>अगले 2-3 दिन क्यों हैं बेहद अहम?</strong><br>
खुफिया एजेंसियों के ताजा अलर्ट में आने वाले 2 से 3 दिनों को खास तौर पर संवेदनशील बताया गया है. आशंका है कि आतंकी संगठन स्वतंत्रता दिवस के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने या किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की कोशिश कर सकते हैं. हालांकि किसी भी संभावित हमले को लेकर एजेंसियां लगातार इनपुट की जांच और पुष्टि कर रही हैं तथा सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया है। </p>
<p>15 अगस्त के मद्देनजर दिल्ली-NCR से लेकर कश्मीर तक सुरक्षा व्यवस्था को इसलिए पहले के मुकाबले और ज्यादा कड़ा किया गया है, ताकि आतंकियों की किसी भी साजिश को समय रहते नाकाम किया जा सके। </p>]]> </content:encoded>
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<title>कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री दिलीप जायसवाल ने दी स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं</title>
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<description><![CDATA[ कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री दिलीप जायसवाल ने दी स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं अनूपपुर   मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों एवं अनूपपुर जिलेवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमारे लिए गौरव और आत्ममंथन का पर्व है। यह … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 18:30:22 +0530</pubDate>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री दिलीप जायसवाल ने दी स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं</strong></p>
<p><strong>अनूपपुर </strong><br>
 मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों एवं अनूपपुर जिलेवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमारे लिए गौरव और आत्ममंथन का पर्व है। यह अवसर हमें स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने वाले वीरों के योगदान को स्मरण करते हुए देश की प्रगति में अपनी भूमिका निभाने की प्रेरणा देता है।</p>
<p>जायसवाल ने नागरिकों से स्वतंत्रता दिवस को उत्साह और गरिमा के साथ मनाने तथा राष्ट्र की एकता एवं अखंडता को मजबूत करने के लिए मिल-जुलकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता महत्वपूर्ण है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>लौकी अरहर दाल की आसान रेसिपी, स्वाद ऐसा कि बार&#45;बार बनाएंगे</title>
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<description><![CDATA[ भारत में दोपहर के समय ज्यादातर घरों में दाल-चावल बनाया जाता है और लोग इसे बड़े चाव से खाते भी हैं. मगर चावल के साथ रोज-रोज सिंपल दाल खाकर मन भर जाता है और ऐसे में कुछ नया और टेस्टी खाने का मन करता है. मगर सुबह नाश्ता बनाने के बाद लंच में कुछ आसान … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 18:30:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>लौकी, अरहर, दाल, की, आसान, रेसिपी, स्वाद, ऐसा, कि, बार-बार, बनाएंगे</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>भारत में दोपहर के समय ज्यादातर घरों में दाल-चावल बनाया जाता है और लोग इसे बड़े चाव से खाते भी हैं. मगर चावल के साथ रोज-रोज सिंपल दाल खाकर मन भर जाता है और ऐसे में कुछ नया और टेस्टी खाने का मन करता है. मगर सुबह नाश्ता बनाने के बाद लंच में कुछ आसान और झटपट बनने वाली डिश की लोग तलाश में रहते हैं, ऐसे में आज हम आपको एक ऐसी आसान और लाजवाब डिश के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे एक बार खाने के बाद आप उसे बार-बार बनाकर खाएंगे l</p>
<p>लौकी अरहर दाल बनाने में काफी सिंपल होती है और उतनी ही टेस्टी भी होती है. लौकी अरहर दाल को आप जब मन हो तब बना सकते हैं और इसके लिए आपको ज्यादा चीजों की भी जरूरत नहीं होती है, रसोई के आम मसालों से ही आप इसे बना सकते हैं l</p>
<p>लौकी अरहर दाल स्वाद और सेहत से भरपूर आसान डिश है, जिसे आप झटपट बनाकर दोपहर में चावल और रोटी के साथ मजे से खा सकते हैं. आइए आपको इसे स्टेप बॉय स्टेप बनाने का तरीका बताते हैं l</p>
<p><strong>लौकी अरहर दाल के लिए सामग्री</strong><br>
    1 कप अरहर (तूर) दाल<br>
    250 ग्राम लौकी (छिली और छोटे टुकड़ों में कटी)<br>
    1 प्याज (बारीक कटा)<br>
    1 टमाटर (बारीक कटा)<br>
    2 हरी मिर्च (चीरी हुई)<br>
    1 छोटा चम्मच अदरक-लहसुन पेस्ट<br>
    ½ छोटा चम्मच हल्दी<br>
    1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर<br>
    1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर<br>
    नमक स्वादानुसार<br>
    2 बड़े चम्मच घी या तेल</p>
<p><strong>तड़के के लिए</strong><br>
    1 छोटा चम्मच जीरा<br>
    2-3 लहसुन की कलियां (कटी हुई)<br>
    1 सूखी लाल मिर्च<br>
    चुटकीभर हींग<br>
    थोड़ा हरा धनिया</p>
<p><strong>इस तरीके से बनाएं लौकी अरहर दाल</strong><br>
    अरहर दाल को धोकर 20 से 30 मिनट के लिए भिगो दें. उसके बाद कुकर में दाल, लौकी, हल्दी, नमक और लगभग 3 कप पानी डालकर 3 से 4 सीटी आने तक पकाएं.<br>
    तड़के के लिए एक पैन में घी या तेल गर्म करें. जीरा, हींग, लहसुन और सूखी लाल मिर्च डालकर सुनहरा होने तक भूनें.<br>
    अब प्याज डालकर हल्का गोल्डन करें. फिर अदरक-लहसुन पेस्ट, हरी मिर्च और टमाटर डालकर अच्छी तरह पकाएं.<br>
    लाल मिर्च और धनिया पाउडर मिलाकर एक मिनट भूनें. तैयार मसाले में उबली हुई दाल और लौकी डालें.<br>
    जरूरत हो तो थोड़ा पानी मिलाकर पांच से सात मिनट स्लो फ्लेम पर उबालें. आखिर में ऊपर से हरा धनिया डालकर गर्मागर्म सर्व करें.</p>
<p><strong>स्वाद बढ़ाने के टिप्स</strong><br>
    देसी घी का तड़का दाल का स्वाद कई गुना बढ़ा देता है.<br>
    चाहें तो आखिर में आधा छोटा चम्मच गरम मसाला डाल सकते हैं.<br>
    नींबू का रस डालकर परोसने से स्वाद और भी ताजा लगता है.</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>श्यामगिरी में शहीद पूर्व विधायक स्व. भीमा मंडावी को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने दी श्रद्धांजलि</title>
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<description><![CDATA[ श्यामगिरी में शहीद पूर्व विधायक स्व. भीमा मंडावी को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने दी श्रद्धांजलि बस्तर की जनता की जीत हुई, नक्सलावाद हार गया – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा  रायपुर,  उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप आज दंतेवाड़ा के श्यामगिरी पहुंचे। जहां उन्होंने श्यामगिरी में हुई … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 18:00:25 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>श्यामगिरी, में, शहीद, पूर्व, विधायक, स्व., भीमा, मंडावी, को, उप, मुख्यमंत्री, विजय, शर्मा, और, वन, मंत्री, केदार, कश्यप, ने, दी, श्रद्धांजलि</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>श्यामगिरी में शहीद पूर्व विधायक स्व. भीमा मंडावी को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने दी श्रद्धांजलि</strong></p>
<p><strong>बस्तर की जनता की जीत हुई, नक्सलावाद हार गया – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा</strong></p>
<p><strong> रायपुर,</strong><br>
 उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप आज दंतेवाड़ा के श्यामगिरी पहुंचे। जहां उन्होंने श्यामगिरी में हुई 2019 वे घटना स्थल पर पहुंच कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। स्थानीय लोगों, चश्मदीदों और स्व.भीमा मंडावी के सहयोगियों ने घटना की विभीषिका को बयां किया।</p>
<p>        उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने अरनपुर और श्यामगिरी में हुई घटनाओं के 13 शहीदों की याद में पौधरोपण किया। उन्होंने स्थानीय लोगों से आत्मीयता से मुलाकात की। मंत्री द्वय ने शहीद परिवारों से मुलाकात कर उनसे चर्चा कर प्राप्त हो रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। इस संवेदनशील पल में सभी की आंखें नम हो गयीं जब उन्होंने अपने साथी रहे और तत्कालीन दंतेवाड़ा विधायक स्व. भीमा मंडावी की पत्नी श्रीमती ओजस्वी मंडावी से मुलाकात की। सभी ने शहीदों की याद में मौन रखकर उन्हें याद किया गया।</p>
<p>       इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि हम लोगों में से सभी ने नक्सल हिंसा में किसी ना किसी को खोया, किसी ने अपना मित्र, किसी ने भाई, पिता, रिश्तेदार, जानने वाले और किसी ने स्वजन को खोया है। उन्होंने बताया कि जब केन्जा नक्सली मनवा माटा अभियान के तहत नक्सल पीड़ित राष्ट्रपति भवन पहुंचे थे तो एक छोटी सी बालिका ने बताया था कि कैसे उसने नक्सल हिंसा में अपने दोनों आंखों को खो दिया था।</p>
<p>    उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप आज ने कहा कि तिरंगा फहराने के लिए हमने बड़ा संघर्ष किया है। कई लोगों की शहादत के बाद आज हम शान से तिरंगा लहरा पा रहे हैं। पहले तिरंगा फहराने पर नक्सलियों द्वारा डराया जाता था, अब कोई भी हमें तिरंगा फहराने से रोकने वाला नहीं है। मतलब अब भारत का संविधान हर कोने में लागू होगा बिना किसी डर के। उन्होंने सभी से अपने घर के तिरंगा लगाने और अपने पड़ोसियों को भी प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर आप तिरंगा यात्रा में शामिल नहीं हो पा रहे हैं तो सोशल मीडिया पर तिरंगा जरूर लगाएं और सभी को लगाने को कहें। उन्होंने कहा कि बस्तर की जनता जीत गयी और नक्सलवाद हार गया है। बस्तर की जनता के संकल्प ने नक्सलावाद को जड़ से मिटाने का कार्य किया है।</p>
<p>       ग्रामीणों की मांग पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नकुलनार से बचेली मार्ग का नामकरण शहीद भीमा मंडावी के नाम पर करने की अनुसंशा करने की बात कही इसके लिए सभी प्रक्रियाएं पूर्ण करने कलेक्टर को निर्देशित किया। </p>
<p>     इस अवसर पर सभी ने एक पेड़ शहीदों के नाम के तहत पौधारोपण किया और घटना स्थल से मिट्टी लेकर संग्रहित किया। इस दौरान सांसद महेश कश्यप, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुडामी, आईजी बस्तर बद्री नारायण मीणा, कलेक्टर, एसपी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>समूह की महिलाओं से की चर्चा</strong></p>
<p>      उप मुख्यमंत्री ने वहां आई बिहान समूह की महिलाओं से चर्चा की और उन्हें लघु वनोपज प्रसंस्करण का प्रशिक्षण लेकर कार्य करने को कहा। उन्होंने बताया कि अब छत्तीसकला ब्रांड के अंतर्गत अब शासन द्वारा सहायता बिहान उत्पादों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है जिसका अवश्य लाभ लें।</p>
<p><strong>राष्ट्रपति भवन से लौटे बस्तर पंडुम विजेताओं से की मुलाकात</strong></p>
<p>        मंत्री द्वय ने राष्ट्रपति भवन में जाकर आई बस्तर पंडुम विजेता अरनपुर की मांदरी दल से मुलाकात कर उनसे बातें की। उन्होंने मजाकिया अंदाज में महिलाओं से कहा कि पहले आप दिल्ली में राष्ट्रपति के पास गईं थीं अब राष्ट्रपति भी आपके घर आएंगी चाय पीने। जिसपर सभी ने कहा कि हम भी चाहते हैं कि वो बस्तर आएं हम भी उनको अपने हांथों से खाना खिलाएंगे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>छत्तीसगढ़ के स्टील का प्रदेश में ही हो अधिकतम मूल्य संवर्धन: डाउनस्ट्रीम और स्पेशियलिटी उत्पादों के निर्माण पर दें जोर – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय</title>
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<description><![CDATA[ छत्तीसगढ़ के स्टील का प्रदेश में ही हो अधिकतम मूल्य संवर्धन: डाउनस्ट्रीम और स्पेशियलिटी उत्पादों के निर्माण पर दें जोर – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ग्रीन स्टील पर छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री डायलॉग में ₹13,840 करोड़ के निवेश प्रस्ताव निवेश परियोजनाओं से प्रदेश में 10,921 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर होंगे सृजित रायपुर   छत्तीसगढ़ शासन द्वारा … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 18:00:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>छत्तीसगढ़, के, स्टील, का, प्रदेश, में, ही, हो, अधिकतम, मूल्य, संवर्धन:, डाउनस्ट्रीम, और, स्पेशियलिटी, उत्पादों, के, निर्माण, पर, दें, जोर, –, मुख्यमंत्री, विष्णु, देव, साय</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>छत्तीसगढ़ के स्टील का प्रदेश में ही हो अधिकतम मूल्य संवर्धन: डाउनस्ट्रीम और स्पेशियलिटी उत्पादों के निर्माण पर दें जोर – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय</strong></p>
<p><strong>ग्रीन स्टील पर छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री डायलॉग में ₹13,840 करोड़ के निवेश प्रस्ताव</strong></p>
<p><strong>निवेश परियोजनाओं से प्रदेश में 10,921 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर होंगे सृजित</strong></p>
<p><strong>रायपुर </strong><br>
 छत्तीसगढ़ शासन द्वारा भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के सहयोग से आयोजित ‘छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री डायलॉग ऑन ग्रीन स्टील’ में ₹13,840 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन परियोजनाओं से प्रदेश में 10,921 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।</p>
<p>मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्टील और खनन छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान की मजबूत नींव हैं और आगे भी हमारी ताकत बने रहेंगे। अब समय इस मजबूत नींव पर औद्योगिक विकास की नई इमारत खड़ी करने का है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल स्टील उत्पादन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि छत्तीसगढ़ में उत्पादित स्टील का अधिकतम मूल्य संवर्धन भी प्रदेश के भीतर ही होना चाहिए।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का स्टील प्राथमिक रूप में प्रदेश से बाहर जाने के बजाय यहीं ऑटो कम्पोनेंट्स, इंजीनियरिंग उत्पाद, रेलवे, रक्षा और सौर ऊर्जा उपकरणों जैसे डाउनस्ट्रीम एवं स्पेशियलिटी उत्पादों में परिवर्तित हो। जब मूल्य संवर्धन छत्तीसगढ़ में होगा, तो रोजगार भी छत्तीसगढ़ में ही सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में निवेश करने वाले प्रत्येक निवेशक के साथ पूरी प्रतिबद्धता से खड़ी है।</p>
<p>मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शून्य कार्बन उत्सर्जन के वैश्विक लक्ष्यों के अनुरूप दुनिया तेजी से ग्रीन स्टील की ओर बढ़ रही है और छत्तीसगढ़ देश के उन अग्रणी राज्यों में है, जिन्होंने इस बदलाव को समय रहते अपनाया है। प्रदेश में 26 हजार मेगावाट से अधिक विद्युत उपलब्धता तथा प्रतिस्पर्धी औद्योगिक विद्युत दरें ऊर्जा-आधारित डाउनस्ट्रीम मैन्युफैक्चरिंग के लिए छत्तीसगढ़ को विशेष रूप से अनुकूल बनाती हैं।</p>
<p><strong>18 महीनों में लगभग ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 ने निवेश के नए द्वार खोले हैं। पिछले 18 महीनों में प्रदेश को लगभग ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें स्टील और खनन जैसे पारंपरिक क्षेत्रों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, फार्मास्यूटिकल, टेक्सटाइल और एग्रो-प्रोसेसिंग जैसे भविष्य के क्षेत्रों में भी बड़े निवेश प्रस्ताव शामिल हैं।</p>
<p>प्रदेश में निवेशकों का विश्वास बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने कारोबारी प्रक्रियाओं में व्यापक सुधार किए हैं। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जिसने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट’ लागू किया है। इसके तहत कम जोखिम वाले उद्यमों के लिए स्व-प्रमाणीकरण, जोखिम आधारित नियामकीय व्यवस्था तथा निर्धारित समय-सीमा में आवेदन का निराकरण नहीं होने पर डीम्ड अप्रूवल जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं। इन सुधारों से प्रदेश के लगभग 15 लाख एमएसएमई को लाभ मिलने की उम्मीद है।</p>
<p>CRISIL-NITI Aayog Investment Friendliness Index 2026 में छत्तीसगढ़ ने प्रमुख राज्यों के बीच ‘रेगुलेटरी ईज’ और ‘इंस्टीट्यूशनल एनवायरनमेंट’ में प्रथम स्थान तथा ‘एनवायरनमेंटल रेजिलिएंस’ में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। हाल ही में नई दिल्ली में गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस के दसवें स्थापना दिवस समारोह में छत्तीसगढ़ को ‘GeM Sustainable Procurement Award’ से भी सम्मानित <strong>किया गया है।</strong></p>
<p><strong>औद्योगिक विकास का विस्तार अब नए क्षेत्रों तक</strong></p>
<p>राज्य सरकार औद्योगिक विकास को रायपुर-भिलाई के परंपरागत औद्योगिक क्षेत्र से आगे प्रदेश के अन्य जिलों तक विस्तार दे रही है। राजनांदगांव, धमतरी, जांजगीर-चांपा और बस्तर जिलों में चार नए औद्योगिक पार्क स्वीकृत किए गए हैं।</p>
<p>भारत सरकार ने राजनांदगांव में लगभग 306 एकड़ क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC 2.0) को भी स्वीकृति प्रदान की है। इससे बड़े पैमाने पर निवेश और लगभग 9 हजार रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक व्हीकल और स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की कंपनियों ने इस क्लस्टर में रुचि दिखाई है।</p>
<p>मुख्यमंत्री साय ने निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा,  "हमारी नीति स्पष्ट है, प्रक्रियाएं पारदर्शी हैं और अनुमतियां तय समय-सीमा में मिल रही हैं। यहां रेड टेप के लिए कोई जगह नहीं है। हम साथ मिलकर काम करेंगे और साथ मिलकर सफलता की नई कहानी लिखेंगे।”</p>
<p>उन्होंने कहा कि ग्रीन स्टील और डाउनस्ट्रीम मैन्युफैक्चरिंग के माध्यम से छत्तीसगढ़ अब अपनी खनिज संपदा को प्रदेश के भीतर ही अधिक मूल्य, अधिक निवेश और अधिक रोजगार में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>CG में बैंक अधिकारियों&#45;कर्मचारियों का प्रदर्शन, ‘5 दिवसीय बैंक सप्ताह’ लागू करने की मांग</title>
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<description><![CDATA[ भिलाई नगर. बैंकों में सप्ताह में 5 दिवसीय कार्य दिवस तत्काल लागू करने की लंबित मांग को लेकर युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के आह्वान पर विरोध प्रदर्शन किया गया। भिलाई- दुर्ग क्षेत्र में भी बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद की। यह प्रदर्शन कार्यालय समय समाप्त होने के पश्चात किया … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 18:00:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>में, बैंक, अधिकारियों-कर्मचारियों, का, प्रदर्शन, ‘5, दिवसीय, बैंक, सप्ताह’, लागू, करने, की, मांग</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भिलाई नगर.</strong></p>
<p>बैंकों में सप्ताह में 5 दिवसीय कार्य दिवस तत्काल लागू करने की लंबित मांग को लेकर युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के आह्वान पर विरोध प्रदर्शन किया गया। भिलाई- दुर्ग क्षेत्र में भी बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद की।</p>
<p>यह प्रदर्शन कार्यालय समय समाप्त होने के पश्चात किया गया, जिसमें भिलाई और दुर्ग स्थित सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की बैंक शाखाओं के लगभग 150 अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि बैंक कर्मचारियों के लिए 5 दिवसीय कार्य सप्ताह को बिना किसी और देरी के तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार, आरबीआई और अन्य प्रमुख वित्तीय व कॉर्पोरेट संस्थानों में 5 दिवसीय कार्यप्रणाली पहले से लागू है। बैंक कर्मचारियों पर बढ़ते कार्य दबाव को देखते हुए मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के लिए यह अति आवश्यक है।</p>
<p>इस राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन में यूएफबीयू से संबद्ध सभी घटक यूनियनों एआईबीईए. एआईबीओसी एनसीबीई, एआईबीओए बीईएफआई, आईएनबीओसी, आईएनबीईएफ ने एक मंच पर आकर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने हाथों में बैनर एवं तख्तियां लेकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। संयोजक एवं यूनियन प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार एवं भारतीय बैंक संघ द्वारा 5 दिवसीय बैंकिंग की मांग को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में वहीं आंदोलन को और तेज किया जाएगा। महिला कर्मचारियों की भी उत्साहपूर्ण भागीदारी रही।</p>]]> </content:encoded>
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<title>गरुड़ पुराण में गर्भवती महिला और बच्चों के अंतिम संस्कार को लेकर क्या नियम हैं?</title>
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<description><![CDATA[ हम सभी जानते हैं कि सामान्य हिंदू परंपरा में किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसका अंतिम संस्कार किया जाता है. चाहे वह स्त्री हो या पुरुष, मृत शरीर को अग्नि के सुपुर्द करने की परंपरा रही है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि गर्भवती महिला और छोटे बच्चों की मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 17:45:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>गरुड़, पुराण, में, गर्भवती, महिला, और, बच्चों, के, अंतिम, संस्कार, को, लेकर, क्या, नियम, हैं</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>हम सभी जानते हैं कि सामान्य हिंदू परंपरा में किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसका अंतिम संस्कार किया जाता है. चाहे वह स्त्री हो या पुरुष, मृत शरीर को अग्नि के सुपुर्द करने की परंपरा रही है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि गर्भवती महिला और छोटे बच्चों की मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार की विधि सामान्य से अलग मानी जाती है?</p>
<p>गरुड़ पुराण में मृत्यु और उसके बाद किए जाने वाले संस्कारों को लेकर कई तरह के नियम और मान्यताएं बताई गई हैं. इन्हीं में गर्भवती महिला और कम उम्र में मृत्यु को प्राप्त होने वाले बच्चों के अंतिम संस्कार का भी उल्लेख मिलता है l</p>
<p>जब कोई महिला गर्भवती होती है, तो उसके गर्भ में एक शिशु पल रहा होता है. ऐसे में अगर गर्भवती महिला की मृत्यु हो जाए तो धार्मिक परंपराओं के अनुसार सबसे पहले गर्भ में पल रहे बच्चे को बाहर निकालने की बात कही गई है. अगर बच्चा जीवित हो, तो उसका पालन-पोषण सामान्य बच्चे की तरह किया जाना चाहिए. लेकिन अगर गर्भ में पल रहे बच्चे की भी मृत्यु हो चुकी हो, तो उसके अंतिम संस्कार को लेकर अलग धार्मिक नियम बताए गए हैं l</p>
<p><strong>गर्भवती महिला के अंतिम संस्कार को लेकर क्या मान्यता है?</strong><br>
गरुड़ पुराण के अनुसार, गर्भवती महिला की मृत्यु होने पर उसके अंतिम संस्कार से पहले गर्भस्थ शिशु को बाहर निकालने की बात कही गई है. इसके बाद महिला के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाती है. धार्मिक परंपराओं में मृत्यु के बाद दान-पुण्य को भी महत्वपूर्ण माना गया है. इसलिए मृतक की स्थिति के अनुसार दान आदि करने की परंपरा का उल्लेख मिलता है l</p>
<p>वहीं, यदि किसी गर्भवती महिला के पति की मृत्यु हो जाए, तो ऐसी स्थिति में महिला को धैर्य और संयम के साथ अपने बच्चे का पालन-पोषण करना चाहिए. पुराने समय की सामाजिक परंपराओं में पति की मृत्यु के बाद महिला के जीवन को लेकर कई नियम और मान्यताएं थीं. हालांकि, सती प्रथा जैसी प्रथाएं आज कानूनन समाप्त हो चुकी हैं और इन्हें वर्तमान समय की धार्मिक या सामाजिक व्यवस्था का हिस्सा नहीं माना जा सकता l</p>
<p><strong>छोटे बच्चों की मृत्यु पर क्या होती है अंतिम क्रिया?</strong><br>
गरुड़ पुराण और हिंदू धार्मिक परंपराओं में कम उम्र में मृत्यु को प्राप्त होने वाले बच्चों के अंतिम संस्कार को लेकर भी अलग-अलग नियमों का उल्लेख मिलता है. मान्यता है कि बहुत छोटे या नवजात बच्चे की मृत्यु होने पर सामान्य वयस्कों की तरह उसका दाह संस्कार नहीं किया जाता, बल्कि कुछ परंपराओं में उसे दफनाने की बात कही गई है l</p>
<p>ऐसे बच्चे के शरीर को श्वेत वस्त्र में लपेटकर उचित स्थान पर दफनाने की परंपरा का उल्लेख मिलता है. कुछ धार्मिक मान्यताओं में अंतिम समय में तुलसी दल रखने और अन्य धार्मिक वस्तुओं के प्रयोग की बात भी कही गई है l</p>
<p>इसके पीछे धार्मिक मान्यता यह है कि बहुत कम उम्र का बच्चा जीवन के कर्मों और पाप-पुण्य की उस अवस्था में नहीं पहुंचा होता, जिस तरह एक वयस्क व्यक्ति पहुंचता है. इसलिए उसके लिए अलग संस्कार बताए गए हैं l</p>
<p><strong>उम्र बढ़ने के साथ बदल जाती है अंतिम संस्कार की विधि</strong><br>
धार्मिक ग्रंथों में बच्चों की उम्र के अनुसार अंतिम संस्कार और मृत्यु के बाद किए जाने वाले कर्मों में अंतर बताया गया है. बहुत कम उम्र के बच्चों के लिए जहां दफनाने की परंपरा बताई गई है. वहीं कुछ अधिक उम्र के बच्चों के लिए अलग संस्कारों का उल्लेख मिलता है. अलग-अलग परंपराओं और क्षेत्रों में इन नियमों में अंतर भी देखने को मिलता है l</p>
<p>कुछ धार्मिक मान्यताओं में छोटे बच्चों की मृत्यु के बाद विशेष दान-पुण्य करने की बात कही गई है. कहीं दूध का दान, कहीं जल से भरे घड़े का दान और कहीं खीर या भोजन कराने जैसी परंपराओं का उल्लेख मिलता है l</p>
<p><strong>बच्चों की मृत्यु के बाद क्या करना चाहिए?</strong><br>
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कम उम्र में मृत्यु को प्राप्त होने वाले बच्चों के लिए उनकी उम्र के आधार पर अलग-अलग कर्मकांड बताए गए हैं. कुछ परंपराओं में ब्राह्मणों या बालकों को भोजन कराने और दान-पुण्य करने की बात कही गई है. वहीं, कुछ आयु वर्ग के बच्चों के लिए मृत्यु के बाद किए जाने वाले संस्कारों में एकादश और द्वादश कर्मों को लेकर भी अलग नियम बताए गए हैं l</p>
<p>हालांकि, इन संस्कारों की विधि ग्रंथ, संप्रदाय, क्षेत्र और परिवार की परंपरा के अनुसार अलग हो सकती है. इसलिए किसी वास्तविक परिस्थिति में स्थानीय पुरोहित या संबंधित धार्मिक परंपरा के जानकार से सलाह लेना उचित माना जाता है l</p>]]> </content:encoded>
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<title>हरियाली तीज पर चेहरे पर चाहिए नेचुरल ग्लो, अपनाएं ये आसान घरेलू नुस्खे</title>
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<description><![CDATA[  करवाचौथ की तरह हरियाली तीज भी बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है, राजस्थान, उत्तर प्रदेश से लेकर कई शहरों में महिलाएं इस पर्व को मनाती हैं. हरियाली तीज का हिंदू धर्म में बहुत खास महत्व बताया गया है, और यह सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन मनाया जाता है. हर … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 17:30:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>हरियाली, तीज, पर, चेहरे, पर, चाहिए, नेचुरल, ग्लो, अपनाएं, ये, आसान, घरेलू, नुस्खे</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p> करवाचौथ की तरह हरियाली तीज भी बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है, राजस्थान, उत्तर प्रदेश से लेकर कई शहरों में महिलाएं इस पर्व को मनाती हैं. हरियाली तीज का हिंदू धर्म में बहुत खास महत्व बताया गया है, और यह सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन मनाया जाता है. हर महिला इस दिन सबसे सुंदर दिखना चाहते हैं और इसके लिए हफ्ते भर से पार्लर के चक्कर लगाने लगती हैं.</p>
<p>इस दिन सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिए व्रत करती हैं और कुवांरी लड़कियां भी अच्छे पति के लिए इस व्रत को रखती हैं. इस दिन हरे रंग के कपड़े पहनती हैं और सोलह शृंगार भी करती हैं. इस साल हरियाली तीज का त्योहार 15 अगस्त, शनिवार को पड़ रहा है. अब बस कुछ ही दिन बाकी रह गए हैं. इस दिन अगर आपको भी अपने चेहरे पर नेचुरल चमक चाहिए तो टेंशन लेने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि घर में मौजूद कुछ देसी चीजों से ही आप अपने चेहरे पर गुलाबी निखार ला सकती हैं.</p>
<p>इन कुछ दिनों में ही आप अपने फेस को ग्लोइंग बना सकते हैं और इसके लिए आपको घर से बाहर भी नहीं जाना पड़ेगा. आइए आपको इन देसी तरीकों के बारे में बताते हैं, जो आपके बहुत काम आएंगे.</p>
<p><strong> शहद वाला टोनर  </strong><br>
चेहरे पर अधिकतर लोग नींबू का रस लगाते हैं, जबकि ऐसा करने से जलन और सन-सेंसिटिविटी बढ़ सकती है. इसकी बजाय गुलाब जल में थोड़ा शहद मिलाकर हल्का हाइड्रेटिंग फेस मिस्ट इस्तेमाल कर सकती हैं. जिन लोगों की स्किन सेंसिटिव होती है, उन्हें इसे लगाने से पहले एक बार पैच टेस्ट जरूर कर लेना चाहिए.</p>
<p><strong>नारियल तेल से मॉइस्चराइजिंग</strong><br>
जिन महिलाओं की स्किन ड्राई होती है, वो  नारियल तेल की कुछ बूंदों से हल्की मसाज की जा सकती है. इससे उनकी स्किन का रूखापन काफी हद तक कम होता है और त्वचा मुलायम लगती है. अगर आपकी स्किन ऑयली या एक्ने-प्रोन है, तो चेहरे पर नारियल तेल लगाने से बचना बेहतर है.</p>
<p><strong>हल्दी और दूध का फेस मास्क</strong><br>
हल्दी वाला दूध जैसे हमारी बॉडी के लिए अच्छा होता है, उसी तरह से हल्दी-दूध से बना फेस मास्क भी हमारी स्किन के लिए काफी गुणकारी माना जाता है. इसका सबसे कारण यह है कि हल्दी में मौजूद करक्यूमिन और दूध की मॉइस्चराइजिंग गुण त्वचा को निखरा हुआ लुक देने में मदद कर सकती है. 1 चम्मच दूध में चुटकीभर हल्दी मिलाकर चेहरे पर लगाएं और 10 से 15 मिनट बाद धो लें.</p>
<p><strong> ओटमील स्क्रब</strong><br>
ओटमील को आप स्क्रब की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं, इसे स्किन को हल्के हाथों से एक्सफोलिएट करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. बारीक ओटमील में थोड़ा दही या पानी मिलाकर चेहरे पर बिना रगड़े हल्के हाथों से लगाएं और कुछ देर बाद साफ पानी से अपना चेहरा धो लें.</p>
<p><strong>रोजाना 4 लीटर पानी पिएं</strong><br>
त्योहार की तैयारियों के बीच पानी पीना बिल्कुल भी न भूलें, क्योंकि पर्याप्त फ्लूइड लेने से शरीर हाइड्रेटेड रहता है और त्वचा भी फ्रेश नजर आ सकती है. साथ में फल और पानी से भरपूर सब्जियां डाइट में शामिल करें, मॉनसून में हरी पत्तेदार सब्जियों को खाने से बचें.</p>]]> </content:encoded>
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<title>कंगना रनौत की फिल्म से शुरू हुआ था साई पल्लवी का करियर, आज बनीं सीता</title>
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<description><![CDATA[ साई पल्लवी साउथ सिनेमा की मशहूर एक्ट्रेस हैं. साई नितेश तिवारी की भव्य फिल्म &#039;रामायण&#039; में माता सीता के किरदार नजर आने वाली हैं. एक्ट्रेस ने अपने करियर की शुरुआत बतौर जूनियर आर्टिस्ट की थी. आपको जानकर हैरानी होगी कि साई का करियर डेब्यू कंगना रनौत की फिल्म से हुआ था. आइए इस पर थोड़ा … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 17:30:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>कंगना, रनौत, की, फिल्म, से, शुरू, हुआ, था, साई, पल्लवी, का, करियर, आज, बनीं, सीता</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>साई पल्लवी साउथ सिनेमा की मशहूर एक्ट्रेस हैं. साई नितेश तिवारी की भव्य फिल्म 'रामायण' में माता सीता के किरदार नजर आने वाली हैं. एक्ट्रेस ने अपने करियर की शुरुआत बतौर जूनियर आर्टिस्ट की थी. आपको जानकर हैरानी होगी कि साई का करियर डेब्यू कंगना रनौत की फिल्म से हुआ था. आइए इस पर थोड़ा डिटेल में बात करते हैं l</p>
<p><strong>जूनियर आर्टिस्ट थीं साई पल्लवी</strong><br>
बॉलीवुड क्वीन कंगना रनौत ने 2008 में फिल्म 'धाम धूम' से तमिल सिनेमा में कदम रखा था. कंगना की इस फिल्म में साई पल्लवी बतौर जूनियर आर्टिस्ट नजर आईं. ये उनकी पहली फिल्म थी. साई पल्लवी ने एक पुराने इंटरव्यू में खुद बताया था कि उनकी पहली फिल्म 'प्रेमम' नहीं, बल्कि जयराम रवि और कंगना रनौत स्टारर 'धाम धूम' थी. 2008 की तमिल एक्शन थ्रिलर में साई पल्लवी ने कंगना रनौत के किरदार 'शेनबा' की दोस्त का एक छोटा सा रोल किया था. तब वो छठी क्लास में पढ़ती थीं और कुछ जान-पहचान की मदद से उन्हें यह मौका मिला था. फिल्म में उन्हें कंगना के पीछे खड़े हुए देखा जा सकता है, जो आज एक बड़ी स्टार बन चुकी हैं l</p>
<p><strong>साउथ क्वीन तक का सफर</strong><br>
'धाम धूम' के बाद साई पल्लवी का असली फिल्मी सफर 2015 में अल्फांस पुथरेन की मलयालम रोमांटिक फिल्म 'प्रेमम' से शुरू हुआ. इस फिल्म में 'मलार' के किरदार ने उन्हें रातोरात साउथ की सुपरस्टार बना दिया और उन्हें सर्वश्रेष्ठ महिला डेब्यू का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला. अपनी क्यूट स्माइल, नैचुरल ब्यूटी और शानदार एक्टिंग के दम पर साई पल्लवी ने मलयालम, तेलुगु और तमिल सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई. उन्होंने 'फिदा', 'काली', 'श्याम सिंघा रॉय', 'गर्गी', 'अमरन' और 'थंडेल' जैसी कई हिट फिल्में दीं l</p>
<p><strong>बनीं 'रामायण' की सीता</strong><br>
आज साई पल्लवी भारतीय सिनेमा की टॉप एक्ट्रेस में गिनी जाती हैं, जिनकी फीस 3 करोड़ रुपये और नेटवर्थ 47 करोड़ रुपये बताई जाती है. वो नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही मोस्टअवेटेड फिल्म 'रामायण' में माता सीता का किरदार निभा रही हैं, जिसमें रणबीर कपूर भगवान राम, यश रावण और सनी देओल हनुमान के रोल में हैं. एक जूनियर आर्टिस्ट से लेकर भारत की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक में सीता बनने तक का साई पल्लवी का सफर वाकई प्रेरणादायक है l</p>]]> </content:encoded>
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<title>नेशनल हाईवे&#45;45 पर छतौना के पास मरम्मत कार्य जारी, मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह चालू</title>
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<description><![CDATA[ नेशनल हाईवे-45 पर छतौना के पास मरम्मत कार्य जारी, मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह चालू परियोजना का कार्य 58 प्रतिशत भौतिक प्रगति हासिल की जा चुकी है रायपुर छत्तीसगढ़ के गौरेला-बिलासपुर नेशनल हाईवे -45  पर यातायात पूरी तरह चालू है और जहां अतिवृष्टि के कारण सड़क सतह को नुकसान पहुंचा था, वहां मरम्मत का काम … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 17:00:20 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>नेशनल, हाईवे-45, पर, छतौना, के, पास, मरम्मत, कार्य, जारी, मार्ग, पर, आवाजाही, पूरी, तरह, चालू</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नेशनल हाईवे-45 पर छतौना के पास मरम्मत कार्य जारी, मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह चालू</strong></p>
<p><strong>परियोजना का कार्य 58 प्रतिशत भौतिक प्रगति हासिल की जा चुकी है</strong></p>
<p><strong>रायपुर</strong><br>
छत्तीसगढ़ के गौरेला-बिलासपुर नेशनल हाईवे -45  पर यातायात पूरी तरह चालू है और जहां अतिवृष्टि के कारण सड़क सतह को नुकसान पहुंचा था, वहां मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर जारी है। परियोजना का कार्य तेजी से प्रगति पर है और अब तक 58 प्रतिशत भौतिक प्रगति हासिल की जा चुकी है</p>
<p><strong>अतिवृष्टि और भारी वाहनों के दबाव से प्रभावित हुई सड़क सतह</strong></p>
<p>         लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, केंवची-रतनपुर मार्ग (रा.रा. क्र.-45) के किमी 290.000 स्थित ग्राम छतौना के पास, जहां टोल प्लाजा का निर्माण प्रस्तावित है, वर्तमान में GSB (ग्रेन्युलर सब-बेस) लेयर का कार्य पूरा हुआ है। बीते दिनों हुई भारी बारिश (अतिवृष्टि) और अत्यधिक संख्या में भारी वाहनों के आवागमन के कारण इस विशेष हिस्से की सड़क सतह को क्षति पहुंची थी।</p>
<p><strong>विभाग लगातार मुस्तैद</strong></p>
<p>       विभाग ने जानकारी दी कि क्षति की सूचना मिलते ही EPC अनुबंधक (मेसर्स शांति इंजीकॉन प्रायवेट लिमिटेड) द्वारा सुधार कार्य तत्काल शुरू कर दिया गया है, जो लगातार जारी है। सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए विभागीय अधिकारी मौके पर निगरानी रख रहे हैं और यातायात को सुचारू रूप से संचालित कराया जा रहा है।</p>
<p><strong>286 करोड़ की लागत से 58 प्रतिशत काम पूरा</strong></p>
<p>        उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा रा.रा. क्र.-45 के 42.598 किमी (किमी 278.750 से 321.348) लंबे मार्ग के 2-लेन चौड़ीकरण व उन्नयन (मय पेव्ड शोल्डर, पैकेज-2) के लिए 286.00 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति 31 मार्च 2022 को दी गई थी। नियम अनुसार निविदा प्रक्रिया के बाद 15 जुलाई 2024 को कार्यादेश जारी किया गया था। DBM (डामरीकरण) 25.770 किमी, HP कल्वर्ट 98 नग, RCC बॉक्स कल्वर्ट 14 नग, माइनर ब्रिज 07 नग, RCC नाली 4.890 किमी, रिटेनिंग वॉल व टो-वॉल कुल 4.467 किमी कार्य पूर्ण हो चुका है।</p>
<p>       <strong>लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने आम जनता और वाहन चालकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, मार्ग पर आवागमन जारी है और शेष कार्य भी शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।</strong></p>]]> </content:encoded>
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<title>CG Weather: छत्तीसगढ़ में 3 दिन अतिभारी बारिश का अलर्ट, गरज&#45;चमक और वज्रपात की चेतावनी</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर. छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने के संकेत हैं। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। वहीं उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में अगले तीन दिनों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। गरज-चमक … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 17:00:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Weather:, छत्तीसगढ़, में, दिन, अतिभारी, बारिश, का, अलर्ट, गरज-चमक, और, वज्रपात, की, चेतावनी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने के संकेत हैं। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। वहीं उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में अगले तीन दिनों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।</p>
<p>गरज-चमक के साथ वज्रपात को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि उत्तर छत्तीसगढ़ में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने बताया है कि अगले चार दिनों तक क्षेत्र में मानसून के सक्रिय रहने की संभावना है।</p>
<p><strong>बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र</strong><br>
मौसम में इस बदलाव की प्रमुख वजह उत्तर बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास बना निम्न दबाव क्षेत्र है। मौसम विभाग के अनुसार यह सिस्टम 12 अगस्त को दोपहर 2:30 बजे तक उसी क्षेत्र में बना हुआ था। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है। अगले 12 घंटों के दौरान इसके और स्पष्ट रूप से चिन्हित निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने की संभावना है। इसके बाद इसके अवदाब में बदलने तथा अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए पश्चिम बंगाल और उससे सटे बांग्लादेश तटों की ओर जाने की संभावना जताई गई है।</p>
<p><strong>उत्तर छत्तीसगढ़ में ज्यादा असर</strong><br>
मौसम विभाग के अनुसार इस सिस्टम के प्रभाव से उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में अगले तीन दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं अगले चार दिनों तक इन क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश के दौर जारी रहने की संभावना है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में कल हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात होने की भी संभावना है।</p>
<p><strong>इन इलाकों में हुई सबसे ज्यादा बारिश</strong><br>
पिछले 24 घंटों के दौरान ओड़गी, वाड्रफनगर और डौरा कोचली में 7-7 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। रघुनाथनगर, चलगली और कुसमी में 5-5 सेंटीमीटर बारिश हुई। इसके अलावा तमनार और चांदो में 4-4 सेंटीमीटर, जबकि अजगरबहार, मोहला और शंकरगढ़ में 3-3 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। साल्हेवारा, बिहारपुर, रतनपुर, सामरी, खरसिया, कोरबा, जनकपुर भरतपुर, मैनपाट, दरी और घरघोड़ा में 2-2 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। छाल, कोटाडोल, बलरामपुर, खड़गांव, रायगढ़, मरवाही, राजपुर, धमधा, छुरिया, मनोरा, डौंडीलोहारा और डोंगरगढ़ में 1-1 सेंटीमीटर बारिश हुई।</p>
<p><strong>रायपुर में कैसा रहेगा मौसम?</strong><br>
राजधानी रायपुर में 13 अगस्त को आसमान सामान्यतः मेघमय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक शहर में एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।</p>
<p><strong>रायपुर और दुर्ग में 33.2 डिग्री तापमान</strong><br>
12 अगस्त को रायपुर और दुर्ग में प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस पेण्ड्रा रोड में रिकॉर्ड हुआ। रायपुर में अधिकतम तापमान सामान्य से 2.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक रहा।</p>
<p><strong>अगले चार दिन सक्रिय रहेगा मानसून</strong><br>
मौसम विभाग ने कहा है कि उत्तर बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और इसके संभावित रूप से मजबूत होने के प्रभाव से अगले चार दिनों तक क्षेत्र में मानसून सक्रिय रह सकता है। उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में अगले तीन दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश और अगले चार दिनों तक मध्यम से भारी बारिश के दौर की संभावना है।</p>
<p><strong>मौसम विभाग की सलाह</strong><br>
भारी बारिश और वज्रपात की संभावना वाले क्षेत्रों में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी जाती है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>‘12 बिल पास, सिर्फ एक पर चर्चा’, रिजिजू ने बताया संसद के हंगामेदार मॉनसून सत्र का पूरा हाल</title>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली संसद का मॉनसून सत्र इस बार भी बेहद हंगामेदार रहा. लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कई बार विपक्ष और सत्ता पक्ष के हंगामे की वजह से स्थगित करनी पड़ी. गुरुवार को भी सदन में ऐसा ही नजारा देखा गया. आखिरकार लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।  मॉनसून … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 16:45:08 +0530</pubDate>
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<media:keywords>‘12, बिल, पास, सिर्फ, एक, पर, चर्चा’, रिजिजू, ने, बताया, संसद, के, हंगामेदार, मॉनसून, सत्र, का, पूरा, हाल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong></p>
<p>संसद का मॉनसून सत्र इस बार भी बेहद हंगामेदार रहा. लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कई बार विपक्ष और सत्ता पक्ष के हंगामे की वजह से स्थगित करनी पड़ी. गुरुवार को भी सदन में ऐसा ही नजारा देखा गया. आखिरकार लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। </p>
<p>मॉनसून सत्र समाप्त होने के बाद संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि इस बार संसद के मॉनसून सत्र में 12 बिल पास हुए और सिर्फ एक विधेयक पर ही चर्चा हुई। </p>
<p>किरन रिजिजू ने बताया कि लोकसभा में सिर्फ 19 फीसदी काम हुआ. लोकसभा में सिर्फ एक दिन ही चर्चा हो पाई, नए सासंदों को अच्छी चर्चा का मौका नहीं मिला. विपक्ष ने सदन में चर्चा नहीं होने दी और चर्चा से भागने के लिए बहाने बनाए. विपक्षी सांसद सिर्फ नारेबाजी के लिए संसद आए, जो संसदीय लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। </p>
<p><strong>लोकसभा में 19 फीसदी तो राज्यसभा में 39 फीसदी काम</strong><br>
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू कहा कि मॉनसून सत्र आज खत्म हो गया, हम इसे दो नज़रिए से देखते हैं. कामकाज के लिहाज़ से यह बहुत सफल सत्र रहा. हमने कुल 12 बिल पास किए. हालांकि, बहस और चर्चा के नज़रिए से यह उतना सफल नहीं रहा। </p>
<p>उन्होंने कहा कि लोकसभा में हमें कुल तय समय के मुकाबले सिर्फ़ 19 फीसदी काम करने का मौका मिला. राज्यसभा में  39 फीसदी काम हुआ, जहां विपक्षी पार्टियों ने हंगामा किया और वॉकआउट किया, वहीं ज़्यादातर NDA पार्टियों और कुछ विपक्षी पार्टियों के सांसदों ने बहस और चर्चा में हिस्सा लिया। </p>
<p>किरन रिजिजू कहते हैं संसद में सिर्फ एक बिल पर ही चर्चा हो सकी, जो परीक्षाओं में पेपर लीक और अनुचित साधनों के मुद्दे से जुड़ा था, उस पर लोकसभा में पूरी चर्चा हुई. इस सत्र के दौरान एंटी पेपर लीक बिल पास किया गया. इस कानून पर लोकसभा और राज्यसभा दोनों में चर्चा हुई। </p>
<p><strong>संसद में कितने घंटे काम होना चाहिए</strong><br>
मॉनसून सत्र 20 जुलाई शुरू हुआ, जिसके बाद से लेकर सिर्फ 19 घंटे काम हुए. लोकसभा में कम से 108 घंटे का काम काज होना चाहिए था, लेकिन सिर्फ 19 घंटे. अगर एवरेज निकालेंगे तो रोजाना लोकसभा सिर्फ 60 मिनट ही चली है. इस दौरान 12 बिल पास किए गए, जिसमें एक बिल चर्चा के बाद पास हुई लेकिन 11 बिल ऐसे थे, जिस पर ना तो चर्चा हुई ना कोई बहस हुई. बस हंगामे के बीच पेश किया गया और ध्वनीमत से पास कर दिया गया। </p>
<p><strong>स्पीकर का इस बार नहीं हो सका संबोधन </strong><br>
सूत्रो के हवाले से खबर है कि लोकसभा में आज के हंगामे चलते स्पीकर ओम बिरला ने अपना पारंपरिक संबोधन नहीं दिया, क्योंकि सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही नारेबाज़ी शुरू हो गई थी. ऐसे में स्पीकर के संबोधन के लिए सदन में माहौल नहीं था। </p>
<p>गुरुवार को लोकसभा में जब 11:00 बजे से पहले गृह मंत्री अमित शाह संसद पहुंच गए थे. अमित शाह के पहुंचते ही विपक्ष के लोग माफी मांगो माफी मांगो, लाठी किसने चलाया नारा लगाते हुए शोर करने लगे, इसके बाद सत्ता पक्ष की तरफ से भी सांसदों ने हल्ला  शुरू किया तो गृह मंत्री अमित शाह ने सबको इशारा करके बैठने कहा। </p>
<p>अमित शाह के इशारा मिलने के बाद सत्तापक्ष के तमाम एनडीए सांसदों शांत होकर  बैठ गए. अमित शाह मुस्कुरा रहे थे और सामने कांग्रेस समेत विपक्ष के लोग नारा लगा रहे थे, माफी मांगो माफी मांगो इसके बाद प्रधानमंत्री आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आते ही वंदे मातरम का गान हुआ और लोकसभा की कार्यवाही को अनिश्चित काल के स्थगित कर दी गई। </p>]]> </content:encoded>
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<title>Claude के AI टेक्स्ट में छिपेगा वॉटरमार्क, कॉपी&#45;पेस्ट के बाद भी पकड़ा जाएगा कंटेंट</title>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 16:30:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Claude, के, टेक्स्ट, में, छिपेगा, वॉटरमार्क, कॉपी-पेस्ट, के, बाद, भी, पकड़ा, जाएगा, कंटेंट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल रोज के काम में मदद के लिए करते हैं और इससे हमारा काम आसान हो जाता है. लेकिन यही AI अगर गलत हाथों में चला जाए तो बहुत बड़ी दिक्कत हो सकती है. लोग इसका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं. इसी को ध्या में रखते हुए कुछ नियम भी बनाए गए हैं.<br>
जैसे AI से बनाई गई इमेज पर वॉटरमार्क लगाया जाता है, ताकि पता चल सके कि फोटो असली है या नकली l  </p>
<p>लेकिन ऐसा फीचर टेक्स्ट के लिए नहीं बनाया गया था, जिससे लोगों को पता चल सके कि कोई टेक्स्ट AI से बनाया गया है. अब Anthropic एक नया फीचर लेकर आया है. आइए जानते हैं कि कॉपी-पेस्ट करने के बाद भी AI का टेक्स्ट कैसे पकड़ा जा सकता है l  </p>
<p>एंथ्रोपिक के सपोर्ट पेज पर अनाउंस किया गया है कि Claude के सभी AI मॉडल अब एआईI से बनाए गए टेक्स्ट कंटेंट में इनविजिबल वॉटरमार्क जोड़ सकते हैं. खास बात यह है कि कॉपी-पेस्ट करने के बाद भी यह वॉटरमार्क टेक्स्ट के अंदर छिपा रह सकता है l</p>
<p><strong>जानिए कैसे छुपा रहता है वॉटरमार्क!</strong><br>
जब आप क्लॉड से कोई टेक्स्ट लिखवाते हैं, तो अब उसके कंटेंट के अंदर वॉटरमार्क जुड़ सकता है. यह आपको दिखाई नहीं देगा, लेकिन मशीन इसे पढ़कर बता सकती है कि टेक्स्ट AI से बनाया गया है या नहीं. कॉपी-पेस्ट करने के बावजूद यह वॉटरमार्क टेक्स्ट के साथ जुड़ा रह सकता है और AI से बने कंटेंट की पोल खोल सकता है l  </p>
<p><strong>जानिए क्यों बनाया Anthropic ने यह फीचर</strong><br>
एंथ्रोपिक को यह फीचर लाने के लिए यूरोपियन यूनियन के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक्ट (EU AI Act) से नियमों का पालन करना पड़ा. इसके तहत जनरेटिव AI कंटेंट के आउटपुट को पहचानने के लिए नियम बनाए गए हैं. इसी वजह से एंथ्रोपिक ने 2 अगस्त 2026 को इस नए फीचर को क्लॉड के सभी मॉडल्स पर लागू कर दिया, ताकि EU AI Act के हिसाब से चला जा सके l  </p>
<p>इस फीचर को सिर्फ यूरोप तक रखने के बजाय इसे ग्लोबली लॉन्च किया गया, ताकि जनरेटिव AI के आउटपुट का सही इस्तेमाल हो सके और यह आसानी से पता लगाया जा सके कि कंटेंट AI से बनाया गया है या नहीं l  </p>
<p><strong>इनविजिबल टेक्स्ट वॉटरमार्किंग क्यों जरूरी है?</strong><br>
इनविजिबल टेक्स्ट वॉटरमार्किंग इस समय बहुत जरूरी हो सकती है, क्योंकि ऑटोमेशन आज के समय में बहुत आम हो चुका है. कई जगह बॉट्स आपसे इंसानों की तरह बात करते हैं. ऐसे में आने वाले समय में यह पता लगाना मुश्किल हो सकता है कि सामने AI बात कर रहा है या इंसान. इसी वजह से इस फीचर की मदद से जनरेटिव AI से बने कंटेंट का पता लगाना आसान हो सकता है l</p>]]> </content:encoded>
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<title>सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’ का पहला रिव्यू, फिल्म को बताया बेहद संवेदनशील</title>
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<description><![CDATA[ 14 अगस्त को सनी देओल की मचअवेटेड फिल्म &#039;बंटवारा 1947&#039; रिलीज हो रही है. फैंस के बीच फिल्म का बज है. इसमें सालों बाद प्रीति जिंटा संग उनकी जोड़ी बनी है. आमिर खान के प्रोडक्शन में बनी ये फिल्म भारत-पाकिस्तान के बीच हुए 1947 के बंटवारे की पृष्ठभूमि पर बनी है. फिल्म कैसी बनी है, … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 16:30:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>सनी, देओल, की, ‘बंटवारा, 1947’, का, पहला, रिव्यू, फिल्म, को, बताया, बेहद, संवेदनशील</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>14 अगस्त को सनी देओल की मचअवेटेड फिल्म 'बंटवारा 1947' रिलीज हो रही है. फैंस के बीच फिल्म का बज है. इसमें सालों बाद प्रीति जिंटा संग उनकी जोड़ी बनी है. आमिर खान के प्रोडक्शन में बनी ये फिल्म भारत-पाकिस्तान के बीच हुए 1947 के बंटवारे की पृष्ठभूमि पर बनी है. फिल्म कैसी बनी है, इसका पहला रिव्यू सामने आ गया है l</p>
<p><strong>कैसी है सनी की फिल्म?</strong><br>
रिलीज से एक दिन पहले फिल्ममेकर रमेश तौरानी ने फिल्म देखकर अपना रिव्यू सोशल मीडिया पर शेयर किया है. उन्होंने फिल्म की कहानी की जमकर तारीफ की. रमेश ने जनता से अपील करते हुए कहा कि इसका फर्स्ट डे, फर्स्ट शो जरूर देखना चाहिए. रमेश तौरानी ने इंस्टाग्राम पर आमिर खान और अली फजल के साथ सिनेमाहॉल से अपनी तस्वीर शेयर की है. फिल्म का रिव्यू करते हुए उन्होंने लिखा- बंटवारा 1947 बेहद संवेदनशील, भावुक और इंसानियत को दिखाने वाली फिल्म है l</p>
<p>''ये फिल्म रिलीज के पहले ही दिन देखी जानी चाहिए. ये मूवी इतिहास के सबसे मुश्किल दौर में इंसान के हौसले और एक-दूसरे के प्रति हमदर्दी और संवेदना की अहमियत को दर्शाती है. सनी देओल ने धांसू काम किया है. उनकी परफॉर्मेंस गहरा असर छोड़ती है. प्रीति जिंटा को बड़े पर्दे पर दोबारा देखना खुशी की बात है. वो जो भी करती हैं बेस्ट करती हैं l</p>
<p>शबाना आजमी, अली फजल और करण देओल ने भी अपने किरदारों में अच्छा काम किया है. सबने अपने रोल की गहराई, इमोशंस और सच्चाई दिखाई है. वहीं फिल्म में खलनायक बने अभिमन्यु सिंह शानदार लगे हैं. उनका किरदार प्रभावशाली होने के साथ खौफ भी पैदा करता है. रमेश तौरानी ने डायरेक्टर राजकुमार संतोषी के काम को सराहा है l</p>
<p>उनके मुताबिक, राजकुमार ने एक बार फिर ऐसी कहानी दिखाई है जो दर्शकों के दिल को छूती है. उनकी फिल्मों में दिखने वाली इंसानियत, इमोशंस और दिल को छू लेने वाले एंगल शानदार होते हैं. इसमें उन्हें महारथ हासिल है. रमेश तौरानी ने फिल्म के प्रोड्यूसर्स अपूर्वा पुरोहित और आमिर खान प्रोडक्शंस को भी बधाई दी. अंत में फिल्ममेकर ने बंटवारा 1947 को पावरफुल मैसेज के साथ बनाई गई खूबसूरत फिल्म कहा l</p>
<p><strong>मुस्लिम रोल में दिखेंगे सनी देओल</strong><br>
राजकुमार संतोषी के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में सनी देओल एक मुस्लिम व्यक्ति का किरदार निभा रहे हैं. जो भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के दौरान परिवार के साथ लाहौर रहने चला जाता है. इसकी भिड़ंत बॉक्स ऑफिस पर इमरान हाशमी की आवारापन 2 से होगी. इमरान की आवारापन 2 एडवांस बुकिंग में सनी की मूवी से आगे चल रही है l</p>]]> </content:encoded>
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<title>CG में स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां अंतिम दौर में, सुरक्षा से लेकर व्यवस्थाओं तक जोर</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर. स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर राजधानी रायपुर में तैयारियां अंतिम दौर में पहुंच गई हैं। 15 अगस्त को पुलिस परेड ग्राउंड में होने वाले मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और तिरंगा फहराएंगे। समारोह से पहले आज पुलिस परेड ग्राउंड में फुल ड्रेस रिहर्सल आयोजित की जा … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 16:00:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर राजधानी रायपुर में तैयारियां अंतिम दौर में पहुंच गई हैं। 15 अगस्त को पुलिस परेड ग्राउंड में होने वाले मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और तिरंगा फहराएंगे।</p>
<p>समारोह से पहले आज पुलिस परेड ग्राउंड में फुल ड्रेस रिहर्सल आयोजित की जा रही है। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था से लेकर परेड और अन्य तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।</p>
<p><strong>17 टोलियां परेड में होंगी शामिल</strong><br>
इस बार स्वतंत्रता दिवस की परेड में कुल 17 टोलियां शामिल होंगी। इनमें BSF, CRPF, ITBP, CISF और SSB की टुकड़ियां सलामी देंगी। खास बात यह है कि इस बार बिहार पुलिस की टोली भी परेड का हिस्सा बनेगी। इसके अलावा छत्तीसगढ़ पुलिस की पुरुष और महिला टुकड़ियों के साथ जेल पुलिस की टुकड़ी भी कदमताल करेगी। परेड में नगर सेना और NCC की टुकड़ियां भी शामिल रहेंगी। सभी टुकड़ियां फुल ड्रेस रिहर्सल के दौरान निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक परेड का अभ्यास कर रही हैं।</p>
<p><strong>घुड़सवार दल और डॉग स्क्वायड रहेंगे आकर्षण</strong><br>
स्वतंत्रता दिवस समारोह में घुड़सवार दल और डॉग स्क्वायड विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। डॉग स्क्वायड की टीम अपने विशेष कौशल का प्रदर्शन करेगी। वहीं घुड़सवार दल की प्रस्तुति भी समारोह में मौजूद लोगों के लिए खास आकर्षण होगी।</p>
<p><strong>IPS विमल कुमार पाठक संभालेंगे परेड की कमान</strong><br>
स्वतंत्रता दिवस परेड की कमान IPS विमल कुमार पाठक संभालेंगे। वहीं निशांत कुमार कुर्रे परेड कमांडर-2IC की जिम्मेदारी निभाएंगे। फुल ड्रेस रिहर्सल के दौरान सभी टुकड़ियां परेड की बारीकियों और निर्धारित क्रम का अभ्यास कर रही हैं। पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के साथ समारोह स्थल की अन्य तैयारियों को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। उद्देश्य है कि 15 अगस्त का मुख्य समारोह भव्य, व्यवस्थित और अनुशासित तरीके से संपन्न हो।</p>]]> </content:encoded>
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<title>MP में अब 24 घंटे खुलेंगी दुकानें, होटल और मॉल! कर्मचारियों के लिए भी तय हुई 48 घंटे की सीमा</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल   मध्यप्रदेश में होटल, मॉल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यवसायिक संस्थान अब दिन ही नहीं, बल्कि पूरी रात भी खुले रह सकेंगे. मध्यप्रदेश विधानसभा के बाद अब राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मध्यप्रदेश कार्यस्थल सशक्तिकरण संहिता 2026 को अपनी मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही यह अधिनियम अब प्रदेश भर में लागू हो गया है. प्रदेश … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 15:30:38 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong><br>
 मध्यप्रदेश में होटल, मॉल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यवसायिक संस्थान अब दिन ही नहीं, बल्कि पूरी रात भी खुले रह सकेंगे. मध्यप्रदेश विधानसभा के बाद अब राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मध्यप्रदेश कार्यस्थल सशक्तिकरण संहिता 2026 को अपनी मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही यह अधिनियम अब प्रदेश भर में लागू हो गया है. प्रदेश में होटल, मॉल आदि प्रतिष्ठिान 24 घंटे और सभी 7 दिन खुल सकेंगे. इससे लोग रात में भी जाकर खरीदारी कर सकेंगे. इसके साथ ही लोगों को भी रात में काम के अवसर मिलेंगे. संस्थानों को अलग-अलग शिफ्ट में कर्मचारियों को रखना होगा. हालांकि, शराब की दुकानों की समय सीमा का निर्णय स्थानीय प्रशासन लेगा। </p>
<p><strong>कराना होगा सिर्फ एक बार रजिस्ट्रेशन</strong><br>
राज्य सरकार ने नए अधिनियम में संस्थानों के लिए अपने प्रतिष्ठिान के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी आसान कर दी है. अब संस्थान को इसकी नियमानुसार विभाग को सूचना देनी होगी. इसके बाद उनका रजिस्ट्रेशन कर उन्हें इसका सर्टिफिकेट दे दिया जाएगा. रजिस्ट्रेशन बार-बार रिन्यु नहीं कराना होगा. संस्थान बंद होने पर लिखित में इसकी सूचना देनी होगी, इसके बाद रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया जाएगा। </p>
<p><strong>हफ्ते में 48 घंटे से ज्यादा काम नहीं</strong><br>
नई व्यवस्था में कर्मचारी के काम के घंटे तय रहेंगे। एक सप्ताह में कर्मचारी से अधिकतम 48 घंटे काम कराया जा सकेगा। अतिरिक्त काम के लिए कर्मचारी की सहमति जरूरी होगी और ओवरटाइम का भुगतान भी तय नियमों के मुताबिक करना होगा।</p>
<p>इससे लोगों को रात में भी खरीदारी या होटल-रेस्टोरेंट की सुविधा मिल सकेगी। खासतौर पर बड़े मॉल, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य प्रतिष्ठानों को 24 घंटे कारोबार करने का मौका मिलेगा।</p>
<p><strong>दुकान का एक बार ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन</strong><br>
अब दुकान या प्रतिष्ठान का बार-बार रजिस्ट्रेशन और रिन्यूअल कराने की जरूरत नहीं होगी। एक बार ऑनलाइन पंजीयन कराने के बाद प्रमाण-पत्र और एक यूनिक पहचान नंबर मिलेगा। बाद में दुकान या प्रतिष्ठान की जानकारी में कोई बदलाव होता है तो उसे ऑनलाइन अपडेट करना होगा।</p>
<p><strong>कर्मचारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी मालिक की</strong><br>
नई संहिता में कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी जोर दिया गया है। प्रतिष्ठान मालिकों को काम की जगह पर साफ-सफाई, सुरक्षा उपकरण, आग से बचाव और आपात स्थिति से निपटने की व्यवस्था करनी होगी। किसी हादसे या खतरे की स्थिति में अधिकारी जांच कर कार्रवाई कर सकेंगे।</p>
<p><strong>महिला कर्मचारियों के लिए भी सुरक्षित माहौल और काम से जुड़े सुरक्षा प्रावधान किए गए हैं।</strong></p>
<p><strong>असंगठित कामगारों को भी योजनाओं का फायदा</strong><br>
रिक्शा चालक, घरेलू कामगार, निर्माण श्रमिक और दूसरे असंगठित क्षेत्र के कामगारों को सामाजिक सुरक्षा और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया गया है। इनके लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, परिवहन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।</p>
<p><strong>शिकायतों और जांच की व्यवस्था होगी आसान</strong><br>
श्रमिकों की शिकायतों के निपटारे के लिए प्रशासनिक व्यवस्था और समितियां बनाई जाएंगी। श्रम विभाग के अधिकारी जरूरत पड़ने पर प्रतिष्ठानों की जांच कर सकेंगे और जरूरी दस्तावेज मांग सकेंगे। नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई भी की जा सकेगी।</p>
<p><strong>काम के घंटे लेबर लॉ के हिसाब से ही</strong><br>
भले ही मॉल, दुकान और अन्य संस्थानों को 24 घंटे खोलने का नियम बना दिया गया हो, लेकिन संचालकों को कर्मचारियों को रखने और उसने कार्य कराने के लिए श्रम विभाग के न्यूनतम कार्य के घंटों के नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा. किसी भी कर्मचारी से हर दिन के निर्धारित और साप्ताहिक 48 घंटों से अधिक काम कराने की अनुमति नहीं होगी. रात्रि के समय महिलाओं को भी काम की अनुमति होगी, लेकिन इसके लिए नियोक्ता को सुरक्षा, परिवहन और बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था करनी होगी. अतिरिक्त काम कराने के लिए संस्थान को ओवरटाइम वेतन कर्मचारी को देना होगा। </p>
<p><strong>दवाब बनाने नहीं रख सकेंगे कर्मचारी के डॉक्युमेंट</strong><br>
नए नियमों में कर्मचारियों के मूल डॉक्युमेंट और कोई अन्य सामान संस्थान द्वारा रखे जाने पर रोक लगा दी है. दरअसल, कई बार शिकायतें सामने आती हैं कि नियोक्ता द्वारा कर्मचारी के मूल दस्तावेज या कोई दूसरा सामान रख लिया जाता है, ताकि कर्मचारी काम छोड़कर न जा सके. नई संहिता में कर्मचारियों की सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में भी प्रावधान किया गया है. प्रतिष्ठान को कार्यस्थल पर साफ-सफाई, सुरक्षा उपकरण और आपात स्थिति से बचाव के लिए पर्याप्त व्यवस्था करनी होगी। </p>
<p><strong>शिकायतों के लिए बनाई जाएंगी समितियां</strong><br>
कर्मचारियों की समस्याओं को निपटाने के लिए समितियां बनाई जाएंगी. कर्मचारी संबंधित समितियों और इसके बाद प्रशासनिक अधिकारी को अपनी शिकायत दर्ज करा सकें. श्रम विभाग को अधिकार होंगे कि वे जरूरत पड़ने पर संबंधित प्रतिष्ठिान की जांच कर सकेंगे और दस्तावेज मांगकर उसकी जांच कर सकेंगे. यदि जांच के दौरान किसी तरह के नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी। </p>]]> </content:encoded>
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<title>MP Weather: अगले 4 दिन और बिगड़ेगा मौसम, खरगोन में 9.5 इंच बारिश; कई जिलों में अलर्ट</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  . मध्य प्रदेश में इन दिनों मानसून पूरी तरह से एक्टिव है. प्रदेश के कई जिलों में पिछले चार दिनों से लगातार तेज बारिश हो रही है और इसके चलते आने वाले दिनों में भी बारिश से राहत मिलने की संभावना कम ही लग रही है. बंगाल की खाड़ी में मौसम का नया सिस्टम … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 15:30:34 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong><br>
.<br>
मध्य प्रदेश में इन दिनों मानसून पूरी तरह से एक्टिव है. प्रदेश के कई जिलों में पिछले चार दिनों से लगातार तेज बारिश हो रही है और इसके चलते आने वाले दिनों में भी बारिश से राहत मिलने की संभावना कम ही लग रही है. बंगाल की खाड़ी में मौसम का नया सिस्टम एक्टिव हुआ है, जिसके असर से आसपास एक नया लो-प्रेशर एरिया बनने की संभावना है. इसके कारण प्रदेश में अगले चार दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। </p>
<p>बारिश का असर सिर्फ मध्य प्रदेश तक नहीं है बल्कि प्रदेश के आसपास बने हवा के दबाव और मौसम में बदलाव के कारण पश्चिमी यूपी के कई इलाकों में भी तेज बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने आज मध्य प्रदेश के 48 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. कुछ जिलों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई है। </p>
<p><strong>पूर्वी मध्य प्रदेश में बढ़ेगा बारिश का असर</strong><br>
अब तक प्रदेश के पश्चिमी हिस्से को जमकर हुई बारिश के बाद मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम पूर्वी एमपी की ओर बढ़ रहा है. शुक्रवार से जबलपुर, रीवा और शहडोल के कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है. इन इलाकों में अगले तीन दिनों तक बारिश का असर बना रह सकता है. मौसम विभाग ने जबलपुर, रीवा और शहडोल के जिलों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है. वहीं, शिवपुरी और श्योपुर में भी गुरुवार को मौसम का असर देखने को मिल सकता है. इन जिलों में तेज बारिश हो सकती है। </p>
<p>आईएमडी के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बनने वाला नया लो-प्रेशर सिस्टम मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियों को और बढ़ा सकता है. ऐसे में लोगों को जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है। </p>
<p><strong>भीकनगांव : अपरवेदा डैम लबालब, 3 गेट खोले</strong><br>
लगातार बारिश के चलते वेदा नदी में पानी की आवक बढ़ने से अपरवेदा बांध का जलस्तरबढ़ गया। बुधवार को जलस्तर 315.80 मीटर तक पहुंचने पर एनवीडीए ने पानी की निकासी शुरू की। सुबह 5 बजे 3 गेट खोले गए। पानी छोड़ने के बाद बांध के निचले क्षेत्र में बसे गांवों को अलर्ट कर ग्रामीणों को तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की हिदायत दी गई।</p>
<p><strong>आज इन जिलों में बारिश का अलर्ट</strong><br>
मध्य प्रदेश मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के लिए भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, राजगढ़, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी समेत प्रदेश के कई स्थानों पर बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। जबकि, शिवपुरी और श्योपुर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। खासकर दोनों जिलों के लिए विभाग की ओर से घरों में रहने की ही अपील की गई है।</p>
<p><strong>MP के इन जिलों में भारी बारिश की संभावना</strong><br>
मौसम विभाग के अनुसार, एमपी के मुरैना, श्योपुर, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, उमरिया, सिवनी, मंडला, डिंडौरी, बालाघाट, अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली और मऊगंज में तेज बारिश हो सकती है. इन जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। </p>
<p>वहीं, प्रदेश के कुछ अन्य जिलों में बारिश का असर कम रहेगा. बड़वानी, इंदौर, देवास, खरगोन, बुरहानपुर, बैतूल और हरदा में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने के आसार हैं। इन इलाकों में दिनभर आसमान में बादल छाए रह सकते हैं. इसके साथ ही बीच-बीच में तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>लंच&#45;डिनर में लाएं स्वाद का ट्विस्ट, घर पर बनाएं लाजवाब अवधी तहरी</title>
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<description><![CDATA[  रोज-रोज लंच या डिनर में वही दाल, सब्जी और चावल खाकर अगर आप भी बोर हो गए हैं, तो इस बार कुछ अलग ट्राई करें. उत्तर प्रदेश में चावलों की तहरी लोग बड़े चाव से खाते हैं, लेकिन कुछ लोग पीले चावलों को तहरी समझ लेते हैं. ऐसे में आज हम आपको इस आर्टिकल में … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 15:30:28 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p> रोज-रोज लंच या डिनर में वही दाल, सब्जी और चावल खाकर अगर आप भी बोर हो गए हैं, तो इस बार कुछ अलग ट्राई करें. उत्तर प्रदेश में चावलों की तहरी लोग बड़े चाव से खाते हैं, लेकिन कुछ लोग पीले चावलों को तहरी समझ लेते हैं. ऐसे में आज हम आपको इस आर्टिकल में अवधी स्टाइल तहरी की रेसिपी बताएंगे, जो खाने में स्वादिष्ट होने के साथ-साथ बनाने में भी बहुत आसान होती है. चावल, मौसमी सब्जियों और खुशबूदार मसालों से तैयार होने वाली यह तहरी पेट भी भरती है और खाने में बेहद मजेदार भी लगती है.</p>
<p>अवधी अंदाज की तहरी का असली स्वाद इसमें पड़ने वाले साबुत मसालों से ही आता है और इसकी खुशबू तो आपकी भूख को ही बढ़ा देगी. इसमें आलू, मटर, गाजर जैसी सब्जियां डाली जा सकती हैं, इसे आप लंच बॉक्स में भी रख सकते हैं या फिर घर पर दही और अचार के साथ गरमा-गरम परोस सकते हैं. आइए जानते हैं अवधी तहरी बनाने की आसान रेसिपी.</p>
<p><strong>अवधी तहरी बनाने के लिए सामग्री</strong><br>
    1 कप बासमती चावल<br>
    1 मध्यम आकार का आलू<br>
    1 गाजर<br>
    ½ कप हरी मटर<br>
    1 प्याज<br>
    1 टमाटर<br>
    2 हरी मिर्च<br>
    1 छोटा चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट<br>
    ½ छोटा चम्मच जीरा<br>
    1 तेजपत्ता<br>
    2 लौंग<br>
    1 छोटी दालचीनी<br>
    2 इलायची<br>
    ½ छोटा चम्मच हल्दी<br>
    ½ छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर<br>
    1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर<br>
    ½ छोटा चम्मच गरम मसाला<br>
    स्वादानुसार नमक<br>
    2 बड़े चम्मच तेल या घी<br>
    करीब 2 कप पानी<br>
    थोड़ा हरा धनिया</p>
<p><strong>कैसे बनाएं अवधी तहरी?</strong></p>
<ul>
<li>सबसे पहले बासमती चावल को दो से तीन बार पानी से अच्छी तरह धो लें. अब चावल को करीब 15 से 20 मिनट के लिए भिगोकर रख दें.</li>
<li>इस बीच आलू और गाजर को छोटे टुकड़ों में काट लें और बाकी सब्जियां भी तैयार कर लें.</li>
<li>अब कुकर या भारी तले की कड़ाही में तेल या घी गर्म करें. इसमें जीरा, तेजपत्ता, लौंग, दालचीनी और इलायची डालकर कुछ सेकंड भूनें.</li>
<li>जब साबुत मसालों से खुशबू आने लगे तो इसमें बारीक कटा प्याज डालें और हल्का सुनहरा होने तक भून लें.</li>
<li>इसके बाद अदरक-लहसुन का पेस्ट और हरी मिर्च डालकर कुछ देर भूनें. अब कटे हुए आलू, गाजर और हरी मटर डालें.</li>
<li>सब्जी को हल्का भूनने के बाद ही हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और नमक डालकर सब्जियों को मसाले के साथ 2 से 3 मिनट तक पकाएं.</li>
<li>अब भीगे हुए चावल का पानी निकालकर उन्हें कुकर में डालें. चावल को सब्जियों और मसालों के साथ हल्के हाथ से मिलाएं. करीब 2 कप पानी डालकर कुकर का ढक्कन बंद कर दें.</li>
<li>दो सीटी आने तक तहरी को पकाएं और फिर गैस बंद कर दें. कुकर का प्रेशर अपने आप निकलने दें. अगर आप इसे कड़ाही में बना रहे हैं, तो ढककर धीमी आंच पर चावल के पूरी तरह पकने तक पकाएं.</li>
<li>कुकर खोलने के बाद तहरी में गरम मसाला और बारीक कटा हरा धनिया डालें. चावल को चम्मच से जोर से चलाने के बजाय हल्के हाथ से मिलाएं, ताकि चावल टूटें नहीं.</li>
</ul>
<p><strong>दही और अचार के साथ करें सर्व</strong><br>
गरमा-गरम अवधी तहरी को एक प्लेट में निकालें और उसके साथ में ठंडे दही, बूंदी के रायते, हरी चटनी या आम के अचार के साथ परोस सकते हैं. सब्जियों और मसालों से तैयार यह तहरी अकेले भी एक पूरी और स्वादिष्ट मील का काम करती है. इसके साथ में भरवां लाल मिर्च भी खा सकते हैं, उससे तहरी का स्वाद दोगुना हो जाता है.</p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>सावन व्रत में बनाएं हेल्दी कुट्टू थेपला, कम तेल में झटपट तैयार होगी स्वादिष्ट रेसिपी</title>
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<description><![CDATA[ सावन का पवित्र महीना चल रहा है और इस दौरान लाखों श्रद्धालु भगवान शिव की कृपा पाने के लिए सावन सोमवार का व्रत रखते हैं. व्रत के दिनों में अक्सर लोग फलाहार के नाम पर कुट्टू की पूड़ी, पकौड़े या आलू फ्राई जैसी तली-भुनी चीजें खाते हैं, जिससे पेट भारी होने लगता है और एसिडिटी … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 15:30:24 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p>सावन का पवित्र महीना चल रहा है और इस दौरान लाखों श्रद्धालु भगवान शिव की कृपा पाने के लिए सावन सोमवार का व्रत रखते हैं. व्रत के दिनों में अक्सर लोग फलाहार के नाम पर कुट्टू की पूड़ी, पकौड़े या आलू फ्राई जैसी तली-भुनी चीजें खाते हैं, जिससे पेट भारी होने लगता है और एसिडिटी की समस्या हो सकती है. अगर आप इस सावन व्रत में कुछ हल्का, हेल्दी, कम तेल वाला और स्वादिष्ट खाना चाहते हैं तो कुट्टू का थेपला आपके लिए परफेक्ट ऑप्शन है.</p>
<p>उबले आलू, हरी मिर्च, सेंधा नमक और हरे धनिए से तैयार यह थेपला खाने में बेहद नरम होता है और इसे बेलना भी बेहद आसान है. व्रत वाले रसेदार आलू की सब्जी और फेंटे हुए ठंडे दही के साथ यह थेपला इतना लाजवाब लगता है कि आपका पेट भी भर जाएगा और दिनभर एनर्जी भी बनी रहेगी. आइए जानते हैं इसे बनाने की आसान रेसिपी.</p>
<p><strong>कुट्टू का थेपला बनाने की सामग्री:</strong><br>
कुट्टू का आटा: 1 कप</p>
<p>सिंघाड़े का आटा: आधा कप (ऑप्शनल – बाइंडिंग के लिए)</p>
<p>उबला और कद्दूकस किया आलू: 1/2 कप (बाइंडिंग और सॉफ्टनेस के लिए)</p>
<p>हरी मिर्च: 2 (बारीक कटी हुई)</p>
<p>अदरक: 1/2 छोटा चम्मच (कद्दूकस किया हुआ)</p>
<p>हरा धनिया: 2 बड़े चम्मच (बारीक कटा हुआ)</p>
<p>सेंधा नमक (व्रत वाला नमक): स्वादानुसार</p>
<p>काली मिर्च पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच</p>
<p>जीरा: 1/2 छोटा चम्मच</p>
<p>घी/मूंगफली का तेल: सेकने के लिए</p>
<p>गुनगुना पानी: आवश्यकतानुसार</p>
<p><strong>थेपला बनाने की विधि:</strong><br>
एक परात में कुट्टू का आटा, कद्दूकस किया उबला आलू, हरी मिर्च, अदरक, हरा धनिया, सेंधा नमक, काली मिर्च और जीरा डालें. आप इस दौरान चाहें तो बाइंडिंग के लिए थोड़ा सा सिंधाड़े का आटा मिला सकते हैं और आलू स्किप कर सकते हैं.</p>
<p>बिना पानी डाले पहले आलू और आटे को अच्छे से मिलाएं. इसके बाद जरूरत के अनुसार 1-2 चम्मच गुनगुना पानी छिड़कते हुए नरम आटा गूंध लें. (इसे रखकर नहीं छोड़ना है, तुरंत थेपला बनाना शुरू करें).</p>
<p>आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं. सूखा कुट्टू का आटा (या बटर पेपर/प्लास्टिक शीट) लगाकर बेलन की मदद से हल्के हाथों से पतला थेपला बेल लें.</p>
<p>तवे को मध्यम गरम करें और उस पर थेपला डालें. दोनों तरफ से हल्का सेकने के बाद थोड़ा-सा देसी घी या मूंगफली का तेल लगाकर सुनहरा और क्रिस्पी होने तक सेक लें.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>नाश्ते में बनाएं मसालेदार सूजी के फरे, आलू की स्टफिंग और तड़के से बढ़ेगा स्वाद</title>
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<description><![CDATA[  रोज-रोज पोहा, उपमा या पराठा खाकर अगर मन ऊब गया है और आप नाश्ते में कुछ ऐसा बनाना चाहते हैं जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पेट भी भर दे, तो सूजी के मसालेदार फरे एक बार जरूर ट्राई करें. सूजी से तैयार होने वाले ये फरे बाहर से हल्के मसालेदार और अंदर से आलू की … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 15:30:20 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>नाश्ते, में, बनाएं, मसालेदार, सूजी, के, फरे, आलू, की, स्टफिंग, और, तड़के, से, बढ़ेगा, स्वाद</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p> रोज-रोज पोहा, उपमा या पराठा खाकर अगर मन ऊब गया है और आप नाश्ते में कुछ ऐसा बनाना चाहते हैं जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पेट भी भर दे, तो सूजी के मसालेदार फरे एक बार जरूर ट्राई करें. सूजी से तैयार होने वाले ये फरे बाहर से हल्के मसालेदार और अंदर से आलू की चटपटी स्टफिंग से भरपूर होते हैं. खास बात यह है कि इन्हें डीप फ्राई करने की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि पहले भाप में पकाया जाता है और फिर हल्के से तड़का देकर तैयार किया जाता है.</p>
<p>सूजी के मसालेदार फरे 4 लोगों के लिए महज 40 मिनट में बनकर तैयार हो जाएंगे और इसे बनाने के लिए आपको ज्यादा मेहनत भी नहीं करनी पड़ेगी.तो चलिए जानते हैं दो कप सूजी से मसालेदार फरे बनाने की आसान रेसिपी.</p>
<p>सूजी के मसालेदार फरे के लिए सामग्री</p>
<p><strong>फरे के लिए</strong><br>
    सूजी – 2 कप<br>
    पानी – 2½ कप<br>
    नमक – 1 छोटा चम्मच<br>
    तेल – 1 बड़ा चम्मच<br>
    स्टफिंग के लिए<br>
    उबले आलू – 3<br>
    हरी मिर्च – 2, बारीक कटी हुई<br>
    अदरक – 1 छोटा चम्मच, कद्दूकस किया हुआ<br>
    हरा धनिया – 2 बड़े चम्मच<br>
    लाल मिर्च पाउडर – ½ छोटा चम्मच<br>
    अमचूर पाउडर – 1 छोटा चम्मच<br>
    भुना जीरा पाउडर – 1 छोटा चम्मच<br>
    नमक – स्वादानुसार</p>
<p><strong>तड़के के लिए</strong><br>
    तेल – 1 बड़ा चम्मच<br>
    राई – ½ छोटा चम्मच<br>
    जीरा – ½ छोटा चम्मच<br>
    सफेद तिल – 1 छोटा चम्मच<br>
    करी पत्ता – 8-10<br>
    हरा धनिया – गार्निश करने के लिए</p>
<p><strong>सूजी के फरे बनाने की विधि</strong><br>
सूजी का मिश्रण तैयार करें: एक पैन में पानी डालें. इसमें नमक और एक बड़ा चम्मच तेल डालकर पानी को अच्छी तरह उबाल लें. पानी में उबाल आने पर इसमें सूजी डालें और लगातार चलाते रहें, ताकि गुठलियां न बनें.</p>
<p>इस ट्रिक से बनेगा सॉफ्ट आटा: जब सूजी पानी को अच्छी तरह सोखकर गाढ़ी होने लगे, तो गैस बंद कर दें. पैन को ढककर करीब 5 मिनट के लिए छोड़ दें. इससे सूजी अच्छी तरह फूल जाएगी और आटा नरम बनेगा. हल्का ठंडा होने पर हाथों की मदद से इसे अच्छी तरह गूंध लें.</p>
<p>आलू की स्टफिंग बनाएं: एक बर्तन में उबले हुए आलू लें और उन्हें अच्छी तरह मैश कर लें. इसमें हरी मिर्च, अदरक, हरा धनिया, लाल मिर्च पाउडर, अमचूर, भुना जीरा पाउडर और नमक डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें.</p>
<p>फरे तैयार करें: सूजी के आटे की छोटी-छोटी लोइयां तोड़ें. एक लोई को हल्का बेलकर छोटी पूरी का आकार दें. इसके बीच में आलू की स्टफिंग रखें और इसे गुझिया की तरह मोड़कर किनारों को अच्छी तरह बंद कर दें. इसी तरह सारे फरे तैयार कर लें.</p>
<p>भाप में पकाएं: तैयार फरों को स्टीमर में रखें और करीब 15 से 20 मिनट तक भाप में पकाएं. पकने के बाद इन्हें थोड़ा ठंडा होने दें और फिर मनचाहे शेप में काट लें.</p>
<p>लगाएं स्वादिष्ट तड़का: एक पैन में तेल गर्म करें. इसमें राई, जीरा, सफेद तिल और करी पत्ता डालकर चटकने दें. अब कटे हुए फरे डालें और तीन से चार मिनट तक हल्का सुनहरा होने तक भून लें. ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया डालें. गरमा-गरम मसालेदार सूजी के फरे तैयार हैं.</p>
<p><strong>स्वाद बढ़ाने के लिए अपनाएं ये टिप्स</strong><br>
    फरे को सॉफ्ट बनाने के लिए सूजी डालने के बाद मिक्सर को लगातार चलाएं और गैस बंद करने के बाद 5 मिनट ढककर जरूर रखें.<br>
    स्टफिंग में थोड़ा-सा कद्दूकस किया हुआ पनीर मिलाने से स्वाद और बढ़ जाएगा.<br>
    तड़के में सफेद तिल डालना न भूलें, इससे फरे में हल्का क्रंच और खास स्वाद आता है.<br>
    आलू की जगह चाहें तो मूंग दाल की मसालेदार स्टफिंग भी इस्तेमाल कर सकते हैं.<br>
    फरे को बहुत ज्यादा देर तक तड़के में न भूनें, वरना वे सख्त हो सकते हैं.</p>
<p><strong>किसके साथ परोसें?</strong><br>
मसालेदार सूजी के फरे को गरमा-गरम हरी चटनी, टमाटर की चटनी या ठंडे दही के साथ परोसें. शाम की चाय के साथ यह एक स्वादिष्ट और हल्का स्नैक बन सकता है.</p>
<p><strong>इस ट्रिक से बनेंगे एकदम सॉफ्ट</strong><br>
इस रेसिपी की सबसे खास बात है इसका सॉफ्ट टेक्सचर. कई बार सूजी के आटे से बने फरे सख्त हो जाते हैं, लेकिन अगर सूजी को उबलते पानी में डालकर अच्छी तरह पकाया जाए और मिक्सर को कुछ मिनट ढककर रखा जाए, तो आटा नरम रहता है. इसी छोटी-सी ट्रिक से आपके फरे मुलायम और टेस्टी बनेंगे.</p>]]> </content:encoded>
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<title>घर पर जमाएं बाजार जैसा गाढ़ा दही, दूध में मिलाएं ये एक चीज</title>
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<description><![CDATA[  गर्मियों में ठंडी-ठंडी दही खाने का मजा ही अलग होता है. ऐसे में दोपहर के खाने से लेकर डिनर के वक्त तक लोग बड़े चाव से दही खाते हैं. हालांकि, हर बार बाजार से दही खीरदना या ला पाना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में अक्सर लोग घर में दही जमाते हैं. घर में दही … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 15:30:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>घर, पर, जमाएं, बाजार, जैसा, गाढ़ा, दही, दूध, में, मिलाएं, ये, एक, चीज</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p> गर्मियों में ठंडी-ठंडी दही खाने का मजा ही अलग होता है. ऐसे में दोपहर के खाने से लेकर डिनर के वक्त तक लोग बड़े चाव से दही खाते हैं. हालांकि, हर बार बाजार से दही खीरदना या ला पाना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में अक्सर लोग घर में दही जमाते हैं. घर में दही जम तो जाता है, लेकिन लोग अक्सर शिकायत करते हैं कि उनकी दही उस तरह गाढ़ा नहीं जमता है, जैसा बाजार में मिलती है. लोग कहते हैं कि उनकी दही जम तो जाता है, मगर इतनी पतली होता है कि कटोरी पलटते ही फैल जाए या उसमें ऊपर से पानी नजर आने लगता है. ऐसे में अगर आप बाजार जैसा गाढ़ा और मलाईदार दही घर पर जमाना चाहते हैं, तो दूध में एक छोटी-सी चीज मिलाकर देख सकते हैं.</p>
<p>इसके लिए आपको किसी खास मशीन या महंगे सामान की जरूरत नहीं है. आज हम आपको कुछ ट्रिक्स और टिप्स बताने वाले हैं, जिन्हें ध्यान रखकर आप गाढ़ा और मलाईदार जमा सकते हैं. इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखेंगे तो दही अच्छी तरह सेट हो सकता है और उसका टेक्सचर भी काफी क्रीमी रहेगा. इन टिप्स का ध्यान रखकर आप इतना गाढ़ा दही जमा पाएंगे कि कटोरी पलटने पर भी वो गिरेगा नहीं.</p>
<p><strong>गाढ़ा दही के लिए सबसे पहले दूध पर दें ध्यान</strong><br>
दही का गाढ़ापन काफी हद तक दूध पर ही निर्भर करता है. इसलिए इसके लिए फुल-फैट दूध लेना अच्छा रहता है. दूध को अच्छी तरह उबालें और फिर कुछ मिनट धीमी आंच पर पकने दें. ऐसा करने से दूध थोड़ा गाढ़ा हो जाता है और दही अच्छी जमती है.</p>
<p>दूध को पकाते समय उसे बीच-बीच में चलाते रहें, ताकि वो बर्तन के तले में चिपके नहीं. गैस बंद करने के बाद दूध को थोड़ा ठंडा होने दें. इसके बाद तुरंत दूध में दही जमाने के लिए जामन नहीं डालना है. अगर आप यहां जरा भी जल्दबाजी दिखाएंगे, तो दही गाढ़ा और मलाईदार नहीं जमेगा. क्योंकि बहुत गर्म दूध में जामन डालने से दही सही तरह से नहीं जम सकता.</p>
<p><strong>जामन के साथ मिलाएं मिल्क पाउडर</strong><br>
अब हम दही जमाने की वो खास ट्रिक बताएंगे, जिससे वो बिल्कुल बाजार जैसा गाढ़ा बनेगा. जब दूध हल्का गर्म रह जाए, तब इसमें मिल्क पाउडर मिलाएं. करीब 1 लीटर दूध के लिए 2 से 3 बड़े चम्मच मिल्क पाउडर लिया जा सकता है.</p>
<p>मिल्क पाउडर को सीधे दूध में डालने के बजाय पहले थोड़े से दूध में उसे अच्छी तरह घोल लें. इसके बाद इसे बाकी दूध में मिलाएं और अच्छी तरह फेंट लें. मिलाते वक्त इस बात का ध्यान रखें कि इसमें कोई गांठ न रह जाए. मिल्क पाउडर दूध में गाढ़ापन बढ़ाने में मदद करता है, जिससे दही का टेक्शचर ज्यादा गाढ़ा और क्रीमी हो सकता है. हालांकि बहुत ज्यादा मिल्क पाउडर डालने से स्वाद और टेक्सचर बिगड़ सकता है, इसलिए इसकी मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है.</p>
<p><strong>जामन डालने का ये सही समय याद रखें</strong><br>
दूध में मिल्क पाउडर मिलाने के बाद उसे इतना ठंडा होने दें कि वो हल्का गुनगुना रह जाए. अब इसमें 1 से 2 चम्मच ताजा दही जामन के तौर पर डालें.</p>
<p>जामन को पूरे दूध में अच्छी तरह मिला दें. इसके बाद बर्तन को ढककर किसी ऐसी जगह रख दें जहां तापमान बहुत ठंडा न हो. दही जमने के दौरान बर्तन को बार-बार हिलाएं नहीं और न ही बीच-बीच में ढक्कन खोलकर देखते रहें.</p>
<p><strong>6 से 10 घंटे में हो सकती है दही सेट</strong><br>
मौसम और कमरे के टेंपरेचर के हिसाब से दही जमने में करीब 6 से 10 घंटे लग सकते हैं. गर्म मौसम में ये जल्दी जम सकती है, जबकि ठंड के दिनों में थोड़ा ज्यादा समय लग सकता है. जब दही अच्छी तरह जम जाए तो उसे ज्यादा देर रूम टेंपरेचर पर न छोड़ें. तुरंत फ्रिज में रख दें. ठंडा होने के बाद दही और ज्यादा सेट महसूस होगा.</p>
<p><strong>दही जमाते वक्त बिल्कुल न करें ये गलतियां</strong><br>
1. बहुत ठंडे दूध में जामन डालने से दही जमने में परेशानी हो सकती है, वहीं बहुत गर्म दूध जामन में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया पर असर कर सकता है. इसलिए दूध का हल्का गुनगुना होना सबसे जरूरी है.</p>
<p>2. दही जमाने के लिए हमेशा साफ बर्तन और ताजा जामन इस्तेमाल करें. बहुत खट्टा या पुराने दही को जामन बनाने से नई दही भी खट्टा हो सकता है. दही जमने के बाद उसे बार-बार हिलाने से भी उसका सेट टेक्सचर खराब हो सकता है.</p>
<p>अगर आप इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखेंगे, तो घर पर ही ऐसी दही जमा सकते हैं जो देखने में गाढ़ा, खाने में मलाईदार और रायता, कढ़ी या लस्सी बनाने के लिए बिल्कुल बढ़िया रहेगा.</p>]]> </content:encoded>
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<title>सुशांत को आज भी सपनों में महसूस करती हैं बहन श्वेता, बोलीं&#45; भाई ने मुझे गले लगाया</title>
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<description><![CDATA[ बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत को 6 साल हो चुके हैं. उनकी मौत क्यों हुई आज भी फैंस को इसका जवाब नहीं मिला. सुशांत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति अपने भाई को आज भी याद करती हैं. इंस्टा पर सुशांत की फोटोज शेयर करती हैं. वो चाहती हैं उनका भाई लोगों के बीच … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 15:30:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>सुशांत, को, आज, भी, सपनों, में, महसूस, करती, हैं, बहन, श्वेता, बोलीं-, भाई, ने, मुझे, गले, लगाया</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत को 6 साल हो चुके हैं. उनकी मौत क्यों हुई आज भी फैंस को इसका जवाब नहीं मिला. सुशांत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति अपने भाई को आज भी याद करती हैं. इंस्टा पर सुशांत की फोटोज शेयर करती हैं. वो चाहती हैं उनका भाई लोगों के बीच जिंदा रहे. भले ही सुशांत आज दुनिया में नहीं हैं. लेकिन वो अपने भाई की मौजूदगी को फील करती हैं.</p>
<p><strong>भाई को फील किया- श्वेता</strong><br>
एक पॉडकास्ट में श्वेता ने बताया कि सपनों में वो सुशांत को देखती हैं. उनके होने के एहसास को फील करती हैं. अपने भाई से घंटों बात करती हैं. सुशांत को उन्होंने गले से लगाया है. ये सब बोलते हुए वो इमोशनल भी हो जाती हैं. Supertalks By Themovingship संग बात करते हुए श्वेता ने कहा- हां मैंने सुशांत के जाने के बाद उसे अपने ड्रीम स्टेट और मेडिटेशन में फील किया है. भाई के जाने के बाद मेरी उनसे बात हुई है.</p>
<p>''जब मैं पटना गई थी. भाई की अस्थियां विसर्जन के लिए, जिस रूम में मैं लेटी थी वहां भाई की अस्थियां रखी थीं. उस दिन वो रात में आया था मुझसे बात करने के लिए. उसने आकर मुझसे घंटों बात की. मुझे गले से लगाया. मेरे मन में बहुत सारे सवाल थे. मैंने उससे जो पूछा, उसने मुझे बताया. लास्ट में उसने मुझे हग किया. मुझे गाल पर kiss किया. उसकी स्मैल और सांस को मैंने महसूस किया. उस चीज ने मुझे समापन का एहसास कराया.''</p>
<p>श्वेता ने बताया सुशांत की मौत का दर्द उन्हें कई बार फील हुआ है. श्वेता ने उस पल को बयां किया जब उन्हें भाई की मौत की खबर मिली थी. वो कहती हैं- मैं तब कैलिफोर्निया में थी. तब वहां रात थी, मैं अपने बेड पर थी. जैसे ही मैंने सुना कि सुशांत अब नहीं रहा, मेरा शरीर सुन्न हो गया था. क्योंकि मैं आध्यात्मिक थी, इसलिए मुझे लगा किसी ने मेरे ऊपर साधना की कवरिंग डाल दी. मैं शांत थी. लेकिन ये लंबा नहीं रहा. मैं जोर से रोने लगी. भाई की बॉडी जलाई जा रही थी. मैं कोविड की वजह से इंडिया नहीं आ सकी थी. मैं भाई को अपना आखिरी गुडबाय तक नहीं बोल पाई थी. मैं चिल्ला चिल्लाकर रो रही थी. तब मन में भाई की खूबसूरत यादें आ रही थीं.</p>
<p><strong>धोनी ने नहीं किया कॉन्टैक्ट- श्वेता</strong><br>
सुशांत ने महेंद्र सिंह धोनी की बायोपिक मूवी एमएस धोनी- द अनटोल्ड स्टोरी में काम किया था. इस फिल्म ने सुशांत के करियर को चार चांद लगाए थे. सुशांत की मौत इंडस्ट्री के लिए बड़ा झटका थी. लेकिन एक्टर की मौत के बाद धोनी ने उनके परिवार के कोई संपर्क नहीं किया था. श्वेता ने कहा कि धोनी ने भाई की मौत के बाद उनसे कोई कॉन्टैक्ट नहीं किया था. कंगना रनौत और बाकी कुछ सेलेब्स ने जरूर संपर्क किया था.</p>]]> </content:encoded>
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<title>श्रीलंका दौरे पर गिल की अग्निपरीक्षा, पनेसर के सवाल का देंगे जवाब?</title>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली करोड़ों फैंस को जिस रियल क्रिकेट का बेसब्री से इंतजार था, वह 15 अगस्त से मेजबान श्रीलंका के खिलाफ शुरू होने जा रही है. टेस्ट टीम इंडिया (Team India), हेड कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) और कप्तान शुभमन गिल (Shubman Gill) का भी है. दांव पर WTC Final के रूप में वो मंजिल … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 15:15:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>श्रीलंका, दौरे, पर, गिल, की, अग्निपरीक्षा, पनेसर, के, सवाल, का, देंगे, जवाब</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong><br>
करोड़ों फैंस को जिस रियल क्रिकेट का बेसब्री से इंतजार था, वह 15 अगस्त से मेजबान श्रीलंका के खिलाफ शुरू होने जा रही है. टेस्ट टीम इंडिया (Team India), हेड कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) और कप्तान शुभमन गिल (Shubman Gill) का भी है. दांव पर WTC Final के रूप में वो मंजिल भी है, जिस पर टीम इंडिया सहित कइयों का भविष्य भी दांव पर है. इस कड़ी में बात कप्तान शुभमन गिल की करते हैं, जिन पर तमाम पंडितों की नजरें लगी हैं. कई बातें उनका पीछा कर रही हैं. पंडित यह देखने के लिए बेताब हैं कि वह अपने पहले श्रीलंका दौरे में कप्तान शुभमन गिल कैसा प्रदर्शन करते हैं. वहीं, आलोचकों के मन में वह बात अभी भी गूंज रही है, जो मोंटी पनसेर ने पिछले साल इंग्लैंड दौरे में कही थी.</p>
<p><strong>पिछले साल गिल ने किया था 'बड़ा धमाका'</strong><br>
पिछले साल टीम इंडिया ने जब इंग्लैंड का दौरा किया, तो कप्तान बनकर सवालों के घेरे में आए शुभमन गिल ने धमाकेदार अंदाज में जवाब दिया. पांच मैचों की सीरीज अगर 2-2 से ड्रा छूटी, तो इसकी एक बड़ी वजह गिल का प्रदर्शन रहा. शुभमन ने दौरे में 10 पारियों में 4 शतक और 75.40 के औसत से 754 रन बनाकर दुनिया को अभिभूत कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद भारतीय मूल के पूर्व लेफ्टी इंग्लिश स्पिनर मोंटी पनेसर ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया था.</p>
<p><strong>मोंटी पनेसर ने खड़ा किया बड़ा सवाल?</strong><br>
गिल के बल्ले ने सबसे ज्यादा तूफान एजबस्टन में मचाया. पहली पारी में 269 रन, तो दूसरी पारी में सिर्फ 162 गेंदों पर 430 रन. पूरा क्रिकेट जगत दांत तले उंगली दबाए हुए था. तमाम आलोचक खोली में चले गए थे, लेकिन मोंटी  पनेसर बोले कि गिल ने यह सब बैटिंग पिच पर किया. पनेसर ने बाद में इंटरव्यू में राय रखते हुए कहा, 'एजबस्टन में पिच खासी पाटा थी और इंग्लिश बॉलरों को विकेट लेने के लिए संघर्ष करना पड़ा.'</p>
<p><strong>पनेसर का जवाब दे पाएंगे गिल?</strong><br>
अब गिल के सामने चैलेंज थोड़ा बड़ा हो चला है. पनेसर का आरोप अभी तक पीछा ही नहीं कर रहा, बल्कि चैलेंज बड़ा इस लिहाज से हो चला है कि श्रीलंका की पिचें न केवल स्पिनफ्रेंडली होने जा रही हैं, बल्कि 'स्थायी चरित्र' के अनुसार इसमें खासा धीमापन होगा, जो बल्लेबाज के धैर्य की अच्छी खासी परीक्षा लेगा. वहीं, यह गिल का यह श्रीलंका का पहला दौरा है. साथ ही वह कप्तान हैं. जाहिर है कि गिल कई तरह के दबाव अपने साथ लेकर चल रहे हैं.<br>
    <br>
<strong>गिल की खास तैयारी, बरसेंगे रन?</strong><br>
वैसे गिल जानते हैं कि वह किन 'पहलुओं' से घिरे हैं. और इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए भारतीय कप्तान ने श्रीलंका दौरे के लिए रवाना होने से पहले खास तैयारी की थी. इस तैयारी के तहत गिल ने टर्निंग ट्रैक पर कई दिन श्रींकाई स्पिनरों को ध्यान में रखते हुए लेफ्ट-आर्म स्पिनरों के खिलाफ घंटों अभ्यास किया. गिल जानते हैं कि श्रीलंका ने उन  सहित टीम इंडिया को घेरने के लिए कैसे विकेट बनाए हैं. और किस तरह का चैलेंज उन्हें मिलने जा रहा है. गिल समझते हैं कि अगर इस दौरे में उनसे रन नहीं निकले, तो आलोचक उनके पीछे हाथ धोकर पीछे पड़ जाएंगे. बहरहाल, अब देखने की बात यह होगी गिल की तैयारी का रंग कितना गहरा होता है. सभी की नजरें लगी हैं.</p>]]> </content:encoded>
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<title>हसन महमूद के कहर से ऑस्ट्रेलिया ढेर, बांग्लादेश ने पहली बार 200 से कम पर रोका</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच डार्विन में गुरुवार (13 अगस्त) को शुरू हुए पहले टेस्ट के शुरुआती दिन ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसकी शायद ही किसी ने कल्पना की होगी. बांग्लादेशी तेज गेंदबाजों के सामने ऑस्ट्रेलिया की मजबूत मानी जाने वाली बल्लेबाजी बुरी तरह लड़खड़ा गई और पूरी टीम सिर्फ 198 रन … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 15:15:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच डार्विन में गुरुवार (13 अगस्त) को शुरू हुए पहले टेस्ट के शुरुआती दिन ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसकी शायद ही किसी ने कल्पना की होगी. बांग्लादेशी तेज गेंदबाजों के सामने ऑस्ट्रेलिया की मजबूत मानी जाने वाली बल्लेबाजी बुरी तरह लड़खड़ा गई और पूरी टीम सिर्फ 198 रन पर ऑलआउट हो गई.</p>
<p>मारारा क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जा रहे मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने करीब छह महीने बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी की, लेकिन वापसी बेहद खराब रही. बांग्लादेश ने एक्सप्रेस पेसर नाहिद राणा के बिना ही ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी. हसन महमूद ने शानदार गेंदबाजी करते हुए छह विकेट झटके और ऑस्ट्रेलिया को दो सेशन से कुछ ज्यादा समय में ही समेट दिया.</p>
<p><strong>पहली बार 200 से पहले ऑलआउट हुआ ऑस्ट्रेलिया</strong><br>
इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के नाम बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में एक शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज हो गया. बांग्लादेश ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट पारी में 200 रन से कम के स्कोर पर ऑलआउट किया है.</p>
<p>इससे पहले बांग्लादेश के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया का सबसे कम टेस्ट स्कोर 217 रन था. यह स्कोर 2017 में मीरपुर टेस्ट में बना था. उस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को 20 रन से हार मिली थी. शाकिब अल हसन ने मैच में दो बार पांच-पांच विकेट लेने के अलावा 84 रन की पारी भी खेली थी.  लेकिन डार्विन में बांग्लादेशी गेंदबाजों ने उससे भी आगे निकलते हुए ऑस्ट्रेलिया को महज 198 रन पर रोक दिया.</p>
<p><strong>45 रन पर नहीं गिरा था एक भी विकेट, फिर मच गया हाहाकार</strong><br>
ऑस्ट्रेलिया ने पारी की शुरुआत अच्छी की थी. एक समय टीम का स्कोर बिना किसी नुकसान के 45 रन था. लेकिन इसके बाद विकेट गिरने का ऐसा सिलसिला शुरू हुआ कि पूरी पारी ही बिखर गई.</p>
<p>हसन महमूद ने अपने लंबे शुरुआती स्पेल में जेक वेदराल्ड को आउट करके ऑस्ट्रेलिया को पहला झटका दिया. इसके अगले ही ओवर में उन्होंने ट्रेविस हेड को भी पवेलियन भेज दिया. स्टीव स्मिथ को भी शुरुआती दौर में जीवनदान मिला. जब वह सिर्फ दो रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे, तब उनका कैच छोड़ दिया गया. लेकिन इस राहत के बावजूद ऑस्ट्रेलिया के दूसरे बल्लेबाज बांग्लादेशी गेंदबाजों का सामना नहीं कर सके.</p>
<p>मार्नस लाबुशेन का खराब दौर जारी रहा और वह इबादत हुसैन की गेंद पर सिंगल डिजिट स्कोर में आउट हो गए. इसके बाद कैमरन ग्रीन भी कुछ खास नहीं कर सके और तस्किन अहमद का शिकार बने.</p>
<p>देखते ही देखते ऑस्ट्रेलिया 45/0 से 74/4 पर पहुंच गया. स्मिथ एक छोर पर टिके रहे, बाकी बल्लेबाज आते-जाते रहे ऑस्ट्रेलिया की पारी को संभालने की जिम्मेदारी स्टीव स्मिथ ने उठाई. एलेक्स कैरी ने शुरुआत में कुछ अच्छे शॉट लगाए, लेकिन वह अपनी पारी को बड़ी पारी में नहीं बदल सके और हुसैन की गेंद पर बोल्ड हो गए.</p>
<p>स्मिथ एक छोर पर टिके रहे, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे. ब्यू वेबस्टर भी तस्कीन अहमद की गेंद पर बोल्ड हो गए. इसके बाद हसन महमूद ने ऑस्ट्रेलिया के निचले क्रम और टेलेंडर्स को समेटने का काम पूरा किया. उन्होंने इसी दौरान स्टीव स्मिथ का भी विकेट हासिल कर ऑस्ट्रेलियाई पारी का अंत कर दिया. स्मिथ ऑस्ट्रेलिया की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे. उन्होंने 109 गेंदों पर 71 रन बनाए, जिसमें सात चौके और एक छक्का शामिल था. उनके अलावा कोई भी बल्लेबाज अर्धशतक तक नहीं पहुंच सका.</p>
<p><strong>हसन महमूद ने रचा इतिहास</strong><br>
बांग्लादेश की इस शानदार गेंदबाजी के सबसे बड़े हीरो हसन महमूद रहे. युवा तेज गेंदबाज ने 53 रन देकर छह विकेट हासिल किए. इस प्रदर्शन के साथ महमूद ने इतिहास भी रच दिया. वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में एक पारी में 6 व‍िकेट लेने वाले बांग्लादेश के पहले गेंदबाज बन गए हैं, चाहे मुकाबला बांग्लादेश में हुआ हो या ऑस्ट्रेलिया में.</p>
<p>ऑस्ट्रेलिया-बांग्लादेश टेस्ट इतिहास में 6/53 के उनके आंकड़े तीसरे सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन भी हैं. नाहिद राणा की गैरमौजूदगी के बावजूद बांग्लादेश के पेस अटैक ने ऑस्ट्रेलिया को जिस तरह परेशान किया, उसने टीम की गेंदबाजी की गहराई को भी दिखा दिया.</p>
<p><strong>डार्विन में भी खास क्लब में शामिल हुए महमूद</strong><br>
हसन महमूद के छह विकेट का प्रदर्शन डार्विन के इस मैदान के लिए भी खास रहा. वह इस वेन्यू पर टेस्ट पारी में पांच या उससे ज्यादा विकेट लेने वाले सिर्फ चौथे तेज गेंदबाज बन गए. इस मैदान पर सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी का रिकॉर्ड माइकल कास्प्रोविच के नाम है. उन्होंने जुलाई 2004 में श्रीलंका के खिलाफ 39 रन देकर सात विकेट लिए थे.उसी टेस्ट में श्रीलंका के चामिंडा वास ने भी पांच विकेट हासिल किए थे. उनके अलावा ग्लेन मैक्ग्रा ने भी डार्विन में टेस्ट पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा किया है. अब इस खास सूची में हसन महमूद का नाम भी जुड़ गया है.</p>
<p><strong>ऑस्ट्रेलिया के सामने अब बड़ी चुनौती</strong><br>
ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी सिर्फ 198 रन पर खत्म होने के बाद बांग्लादेश ने मुकाबले में शानदार स्थिति बना ली है. छह महीने बाद टेस्ट क्रिकेट में उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम से जिस तरह की बल्लेबाजी की उम्मीद थी, उसके बिल्कुल उलट टीम का शीर्ष क्रम बांग्लादेशी पेसरों के सामने बेबस नजर आया. स्टीव स्मिथ ने जरूर 71 रन बनाकर संघर्ष किया, लेकिन अकेले उनकी पारी ऑस्ट्रेलिया को बड़े स्कोर तक नहीं ले जा सकी.</p>
<p>बांग्लादेश के लिए यह प्रदर्शन इसलिए भी खास है क्योंकि टीम ने नाहिद राणा जैसे तेज गेंदबाज की गैरमौजूदगी में ऑस्ट्रेलिया को उसके अपने घर में 200 रन से पहले समेट दिया. टेस्ट की शुरुआत में ही बांग्लादेश ने बता दिया है कि वह इस सीरीज में सिर्फ मुकाबला खेलने नहीं, बल्कि इतिहास बनाने के इरादे से उतरा है.</p>]]> </content:encoded>
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<title>CM साय आज ग्रीन स्टील एंड माइनिंग समिट में होंगे शामिल, उद्योग और निवेश पर रहेगा फोकस</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री नवा रायपुर स्थित एक निजी रिज़ॉर्ट पहुंचेंगे, जहां वे ग्रीन स्टील एंड माइनिंग समिट 2026 में शामिल होंगे। इसके बाद दोपहर में मंत्रालय पहुंचकर उद्योग विभाग की बैठक में शामिल होंगे। बैठक के बाद मुख्यमंत्री शाम 5:55 … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 15:00:26 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री नवा रायपुर स्थित एक निजी रिज़ॉर्ट पहुंचेंगे, जहां वे ग्रीन स्टील एंड माइनिंग समिट 2026 में शामिल होंगे।</p>
<p>इसके बाद दोपहर में मंत्रालय पहुंचकर उद्योग विभाग की बैठक में शामिल होंगे। बैठक के बाद मुख्यमंत्री शाम 5:55 बजे मुख्यमंत्री निवास लौटेंगे।</p>
<p><strong>छत्तीसगढ़ हॉकी लीग को लेकर तैयारियां तेज</strong><br>
छत्तीसगढ़ में पहली बार होने वाली छत्तीसगढ़ हॉकी लीग (CHL) 16 सितंबर से शुरू होगी। हॉकी इंडिया ने कुछ शर्तों के साथ टूर्नामेंट को मंजूरी दी है। खेल विभाग को 31 अगस्त तक लीग का शेड्यूल, 6 टीमों की सूची और खिलाड़ियों की जानकारी हॉकी इंडिया को भेजनी होगी। लीग की तारीख राष्ट्रीय चैंपियनशिप, खेलो इंडिया या FIH इवेंट से नहीं टकरानी चाहिए।</p>
<p><strong>20 अगस्त के बाद खिलाड़ी चयन</strong><br>
खेल विभाग ने खिलाड़ियों का रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है। 20 अगस्त के बाद 6 टीमों के लिए खिलाड़ी चयन और ऑक्शन की प्रक्रिया शुरू होगी। टूर्नामेंट के आयोजन की पूरी जिम्मेदारी एक इवेंट मैनेजमेंट एजेंसी को सौंपने की तैयारी है। एजेंसी का फैसला इसी सप्ताह होने की संभावना है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक संपन्न</title>
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<description><![CDATA[ मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक संपन्न दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में बैंकिग सेवायें पहुंचायें किसानों को केसीसी पर शीघ्रता से लोन दिलायें रायपुर मंत्रालय (महानदी भवन) में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की 102वीं एवं 103वीं संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस बैठक … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 15:00:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>मुख्य, सचिव, विकासशील, की, अध्यक्षता, में, राज्य, स्तरीय, बैंकर्स, समिति, की, बैठक, संपन्न</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक संपन्न</strong></p>
<p><strong>दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में बैंकिग सेवायें पहुंचायें</strong></p>
<p><strong>किसानों को केसीसी पर शीघ्रता से लोन दिलायें</strong></p>
<p><strong>रायपुर</strong><br>
मंत्रालय (महानदी भवन) में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की 102वीं एवं 103वीं संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मार्च 2026 और जून 2026 की तिमाहियों के दौरान राज्य में बैंकिंग सेवाओं, ऋण वितरण, वित्तीय समावेशन तथा केंद्र व राज्य शासन की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों को ग्रामीण तथा दूरस्थ क्षेत्रों में बैंकिंग नेटवर्क के विस्तार और सरकारी हितग्राही योजनाओं में वित्तीय सहायता शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।</p>
<p>
<strong>जनकल्याणकारी योजनाओं को दें प्राथमिकता</strong></p>
<p>        मुख्य सचिव ने पीएम सूर्यघर योजना, पीएम स्वनिधि योजना, पीएम आवास योजना और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत प्राप्त ऋण आवेदनों का बिना किसी बाधा के त्वरित निपटारा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैंकर्स से कहा कि ऋण प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग और समीक्षा की जाए।</p>
<p><strong>किसानों को त्वरित केसीसी लोन</strong></p>
<p>     किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से शीघ्रता से लोन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही पशुपालन और मत्स्य पालन क्षेत्रों के लिए भी केसीसी वितरण की समीक्षा की गई। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना किसानों को खेती, पशुपालन और मछली पालन के लिए बेहद कम ब्याज (मात्र 4%) पर आसान लोन देती है। बिना किसी गारंटी के मिलने वाले इस लोन की सीमा को बढ़ाकर अब 2 लाख कर दिया गया है, जबकि कुल ऋण सीमा को 5 लाख तक किया गया है। </p>
<p><strong>बस्तर और सरगुजा संभाग पर विशेष ध्यान</strong></p>
<p>      राज्य के बस्तर और सरगुजा संभागों में बैंकिंग सेवाओं की सीमित पहुंच को देखते हुए, वहां नई बैंक शाखाएं खोलने और स्थानीय स्तर पर ऋण उपलब्धता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। वित्तीय सेवा विभाग के मानकों के अनुसार, बिना बैंकिंग सुविधा वाले गांवों में 5 किलोमीटर के दायरे के भीतर बैंकिंग सेवाएं (शाखाएं या बीसी एजेंट) उपलब्ध कराने पर बल दिया गया।</p>
<p><strong>वार्षिक ऋण योजना एवं सामाजिक सुरक्षा</strong></p>
<p>        वित्त वर्ष 2025-26 के लिए वार्षिक ऋण योजना के तहत बैंकों के प्रदर्शन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन, ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थानों (RSETI) की गतिविधियों, जिला परामर्शदात्री समिति की बैठकों और वित्तीय साक्षरता सलाहकारों की नियुक्ति से जुड़े विषयों की समीक्षा की गई।</p>
<p>        इस बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), नाबार्ड (NABARD) के प्रतिनिधियों सहित राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के सदस्य बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी एवं राज्य शासन के विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>बस्तर दशहरा की पहली रस्म ‘पाट जात्रा’ संपन्न, शुरू हुआ ऐतिहासिक पर्व का आगाज</title>
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<description><![CDATA[ बस्तर. छत्तीसगढ़ के बस्तर में विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व की शुरुआत हो गई है। हरेली अमावस्या के मौके पर बुधवार 12 अगस्त को जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर परिसर में बस्तर दशहरा की पहली और महत्वपूर्ण रस्म पाट जात्रा विधि-विधान के साथ पूरी की गई। इसी के साथ करीब 75 दिनों तक चलने वाले … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 15:00:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>बस्तर, दशहरा, की, पहली, रस्म, ‘पाट, जात्रा’, संपन्न, शुरू, हुआ, ऐतिहासिक, पर्व, का, आगाज</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>बस्तर.</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ के बस्तर में विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व की शुरुआत हो गई है। हरेली अमावस्या के मौके पर बुधवार 12 अगस्त को जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर परिसर में बस्तर दशहरा की पहली और महत्वपूर्ण रस्म पाट जात्रा विधि-विधान के साथ पूरी की गई।</p>
<p>इसी के साथ करीब 75 दिनों तक चलने वाले इस अनोखे पर्व की औपचारिक शुरुआत हो गई है। पाट जात्रा के दौरान मंदिर परिसर में पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और बस्तर की सदियों पुरानी संस्कृति और परंपरा की झलक देखने को मिली। अब आने वाले दिनों में बस्तर दशहरा की अन्य महत्वपूर्ण रस्में भी क्रमवार पूरी की जाएंगी।</p>
<p><strong>600 साल पुरानी परंपरा आज भी कायम</strong><br>
बस्तर दशहरा को देश के सबसे लंबे समय तक चलने वाले दशहरा पर्वों में गिना जाता है। करीब 600 साल पुरानी यह परंपरा आज भी अपनी मूल संस्कृति और रीति-रिवाजों के साथ निभाई जा रही है। इस पर्व की सबसे खास बात यह है कि यहां दशहरा सिर्फ एक दिन का उत्सव नहीं होता, बल्कि करीब 75 दिनों तक अलग-अलग पारंपरिक रस्मों के साथ चलता है। इस दौरान 12 से ज्यादा प्रमुख रस्में निभाई जाती हैं, जो बस्तर की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान से जुड़ी हुई हैं।</p>
<p><strong>पाट जात्रा के बाद शुरू होगा रस्मों का सिलसिला</strong><br>
पाट जात्रा पूरी होने के साथ ही अब बस्तर दशहरा पर्व की आगे की रस्मों का सिलसिला शुरू होगा। आने वाले दिनों में अलग-अलग पारंपरिक अनुष्ठान पूरे किए जाएंगे। हर रस्म का अपना अलग महत्व है और इनके जरिए बस्तर की सदियों पुरानी परंपराएं आज भी नई पीढ़ी तक पहुंच रही हैं। यही वजह है कि बस्तर दशहरा देश के दूसरे दशहरा आयोजनों से काफी अलग माना जाता है।</p>
<p><strong>देश-विदेश से पहुंचते हैं पर्यटक</strong><br>
बस्तर दशहरा की अनूठी परंपराओं को देखने के लिए हर साल देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग बस्तर पहुंचते हैं। विदेशी पर्यटक भी इस पर्व की पारंपरिक रस्मों और यहां की संस्कृति को करीब से देखने में रुचि रखते हैं। पर्व के दौरान होने वाले पारंपरिक आयोजन बस्तर की जनजातीय संस्कृति, आस्था और लोक परंपराओं की अलग तस्वीर पेश करते हैं। यही वजह है कि बस्तर दशहरा को देखने के लिए लोगों में खास उत्साह रहता है।</p>
<p><strong>आयोजन के लिए बनाई जाती है विशेष समिति</strong><br>
करीब 75 दिनों तक चलने वाले इस बड़े आयोजन को व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने के लिए प्रशासन की ओर से विशेष समिति का गठन किया जाता है। यह समिति पर्व की अलग-अलग रस्मों और आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं को संभालती है। प्रशासन की कोशिश रहती है कि सदियों पुरानी परंपराओं को उसी मूल स्वरूप में आगे बढ़ाया जाए और आयोजन के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किसी तरह की परेशानी न हो।</p>
<p><strong>विश्व धरोहर में शामिल कराने की तैयारी</strong><br>
बस्तर दशहरा को अब विश्व धरोहर की सूची में शामिल कराने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा के मुताबिक, करीब 75 दिनों तक चलने वाले इस विश्व प्रसिद्ध पर्व को वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल कराने के लिए पर्यटन बोर्ड की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर बस्तर दशहरा को विश्व धरोहर का दर्जा मिलता है, तो यह बस्तर के साथ-साथ छत्तीसगढ़ और पूरे देश के लिए गौरव की बात होगी।</p>
<p><strong>आस्था और संस्कृति का अनोखा संगम</strong><br>
बस्तर दशहरा सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह बस्तर की संस्कृति, आस्था और सदियों पुरानी परंपराओं का जीवंत स्वरूप भी है। इसकी अलग-अलग रस्मों में स्थानीय परंपराओं और जनजीवन की झलक देखने को मिलती है। पाट जात्रा के साथ शुरू हुआ यह 75 दिवसीय पर्व अब अगले कई सप्ताह तक अलग-अलग पारंपरिक रस्मों के साथ आगे बढ़ेगा। बस्तर की अनूठी सांस्कृतिक पहचान को देश-दुनिया तक पहुंचाने वाला यह पर्व एक बार फिर लोगों के आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>महाराष्ट्र में मराठी को लेकर बड़ा फैसला? ड्राइविंग लाइसेंस नियम से उत्तर भारतीयों की बढ़ी चिंता</title>
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<description><![CDATA[ मुंबई महाराष्ट्र सरकार ने यात्रियों के साथ बेहतर संवाद और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुचारू बनाने के उद्देश्य से राज्य भर में सभी व्यावसायिक वाहन चालकों को मराठी भाषा का व्यावहारिक ज्ञान होना अनिवार्य कर दिया है। राज्य की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने कमर्शियल पैसेंजर गाड़ी चलाने वाले ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा की जो … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 14:45:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>महाराष्ट्र, में, मराठी, को, लेकर, बड़ा, फैसला, ड्राइविंग, लाइसेंस, नियम, से, उत्तर, भारतीयों, की, बढ़ी, चिंता</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंबई</strong></p>
<p>महाराष्ट्र सरकार ने यात्रियों के साथ बेहतर संवाद और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुचारू बनाने के उद्देश्य से राज्य भर में सभी व्यावसायिक वाहन चालकों को मराठी भाषा का व्यावहारिक ज्ञान होना अनिवार्य कर दिया है। राज्य की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने कमर्शियल पैसेंजर गाड़ी चलाने वाले ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा की जो शर्त रखी है, वह ऐप-बेस्ड कैब ड्राइवरों पर भी लागू होगी। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बुधवार (12 अगस्त) को यह साफ किया कि ओला, उबर और रैपिडो जैसी कैब एग्रीगेटर कंपनियों के ज़रिए गाड़ी चलाने वाले ड्राइवरों को राज्य के भाषा नियमों से कोई छूट नहीं मिलेगी।</p>
<p><strong>मराठी नहीं जानने वाले ऑटो, कैब ड्राइवर्स के लाइसेंस 18 अगस्त से 3 महीने तक के लिए सस्पेंड हो जाएंगे। वहीं, अगर ऐसा बार-बार होता है तो उनके लाइसेंस कैंसिल हो सकते हैं।</strong></p>
<p>यानी 'महाराष्ट्र मोटर वाहन (संशोधन) नियम, 2026' के तहत ऑटो-रिक्शा, पारंपरिक टैक्सी और ओला-उबर जैसे ऐप-आधारित एग्रीगेटर ड्राइवरों को अब स्थानीय भाषा (मराठी) में व्यावहारिक बातचीत की क्षमता साबित करनी होगी। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने घोषणा की है कि 1989 के नियमों में किए गए इस संशोधन का पालन न करने पर कड़ी सजा का प्रावधान है। राज्य सरकार के इस फैसले से वैसे उत्तर भारतीयों के रोजी-रोटी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं, जो लंबे समय से वहां कैब सर्विस मुहैया करा रहा थे।</p>
<p><strong>परमिट स्थायी रूप से रद्द करने के अधिकार</strong><br>
नए नियम के तहत प्रादेशिक परिवहन कार्यालयों को पहली बार नियम का उल्लंघन करने पर ड्राइवरों के लाइसेंस को तीन महीने तक निलंबित करने और बार-बार उल्लंघन करने पर परमिट स्थायी रूप से रद्द करने के अधिकार दिए गए हैं। यह नियम चालकों के साथ-साथ परमिट धारकों और नए परमिट आवेदन/नवीनीकरण कराने वालों पर भी समान रूप से लागू होगा। मुंबई और पुणे जैसे प्रमुख शहरों में इस नियम को सख्ती से लागू किया जा रहा है, जिससे चालकों के सामने जल्द से जल्द मराठी सीखने या फिर आजीविका गंवाने का दबाव बन गया है।</p>
<p><strong>ऐप बेस्ड कैब ड्राइवरों पर भी नियम लागू</strong><br>
'द इंडियन एक्सप्रेस' के अनुसार, पब्लिक सर्विस गाड़ियां चलाने के लिए मंज़ूरी से जुड़े संशोधित नियम 4(4), परमिट से जुड़े नियम 78 और परमिट रिन्यूअल से जुड़े नियम 85 में अब जरूरी शर्तों में मराठी भाषा की जानकारी होना भी शामिल है। यह शर्त इलेक्ट्रॉनिक मीटर वाली गाड़ियां चलाने वाले ऐप-बेस्ड मोटर कैब ड्राइवरों पर भी लागू होती है। प्रावधान 22(3A) के तहत, जो ड्राइवर मराठी नहीं बोल पाएंगे, उनके ख़िलाफ नियमों का पालन न करने पर कार्रवाई हो सकती है।</p>
<p><strong>ड्राइवरों के लिए मराठी की ट्रेनिंग</strong><br>
इस बीच, महाराष्ट्र परिवहन विभाग ने कोंकण मराठी साहित्य परिषद और मुंबई मराठी साहित्य संघ जैसे साहित्यिक संगठनों के सहयोग से यात्री वाहन ड्राइवरों के लिए मराठी ट्रेनिंग प्रोग्राम भी शुरू किया है। 105 दिन का यह प्रोग्राम रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस और भाषा ट्रेनिंग सेंटरों के ज़रिए चलाया जा रहा है, जिसका मकसद ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों को मराठी में कामकाजी दक्षता हासिल करने में मदद करना है। विभाग के अनुसार, 1.10 लाख से ज़्यादा गैर-मराठी भाषी यात्री वाहन ड्राइवरों ने चार घंटे का ट्रेनिंग प्रोग्राम पूरा कर लिया है। ड्राइवरों को 17 अगस्त को ठाणे में एक कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से सर्टिफिकेट मिलने हैं। उम्मीद है कि ट्रेनिंग की यह पहल ड्राइवरों को परिवहन विभाग द्वारा तय 15 अगस्त की समय सीमा से पहले भाषा संबंधी शर्त को पूरा करने में मदद करेगी।</p>]]> </content:encoded>
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<title>15 अगस्त से बुध का नक्षत्र परिवर्तन, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत</title>
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<description><![CDATA[  वैदिक ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को बुद्धि, विवेक, वाणी, व्यापार और संवाद का प्रमुख कारक माना गया है. ग्रह समय-समय पर अपनी राशि और नक्षत्र में बदलाव करके सभी 12 राशियों के जीवन को गहराई से प्रभावित करते हैं. इसी क्रम में, 15 अगस्त 2026 की रात 10:49 बजे ग्रहों के राजकुमार बुध अपनी … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 14:45:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>अगस्त, से, बुध, का, नक्षत्र, परिवर्तन, इन, राशियों, की, चमकेगी, किस्मत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p> वैदिक ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को बुद्धि, विवेक, वाणी, व्यापार और संवाद का प्रमुख कारक माना गया है. ग्रह समय-समय पर अपनी राशि और नक्षत्र में बदलाव करके सभी 12 राशियों के जीवन को गहराई से प्रभावित करते हैं. इसी क्रम में, 15 अगस्त 2026 की रात 10:49 बजे ग्रहों के राजकुमार बुध अपनी चाल बदलते हुए आश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं.</p>
<p>विशेष बात यह है कि आश्लेषा नक्षत्र के स्वामी स्वयं बुध देव ही हैं.  जब कोई ग्रह अपने ही नक्षत्र में गोचर करता है, तो उसका प्रभाव कई गुना अधिक शक्तिशाली और सकारात्मक हो जाता है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, बुध के इस नक्षत्र परिवर्तन से गुप्त शत्रुओं पर विजय मिलेगी, धन संबंधी परेशानियों से राहत मिलेगी. करियर के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित होंगे. आइए जानते हैं कि 15 अगस्त से शुरू होने वाला यह गोचर किन 4 भाग्यशाली राशियों के लिए बेहद शानदार रहने वाला है:</p>
<p><strong>इन 4 राशियों को मिलेगा बंपर लाभ</strong><br>
<strong>1. मेष राशि (Aries):</strong><br>
बुध का यह नक्षत्र परिवर्तन मेष राशि वालों के लिए आर्थिक मोर्चे पर अत्यंत शुभ साबित होगा. आय के नए स्रोत खुलेंगे . लंबे समय से रुके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है. करियर में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, जिससे कार्यस्थल पर आपका प्रभाव बढ़ेगा. व्यापार में नए अनुबंध (Deals) मिलने से मुनाफा दोगुना हो सकता है.</p>
<p><strong>2. मिथुन राशि (Gemini):</strong><br>
मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय वाणी और संवाद के दम पर बड़ी सफलता दिलाने वाला रहेगा.  आपके द्वारा ली गई व्यावसायिक निर्णय सही साबित होंगे. यदि आप मीडिया, लेखन, मार्केटिंग या बैंकिंग सेक्टर से जुड़े हैं, तो आपको विशेष पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है.  पारिवारिक जीवन में खुशहाली बनी रहेगी.</p>
<p><strong>3. कन्या राशि (Virgo):</strong><br>
कन्या राशि के स्वामी स्वयं बुध हैं, इसलिए यह गोचर आपके लिए विशेष रूप से फलदायी रहेगा. आपकी निर्णय लेने की क्षमता में सुधार होगा. प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है. नौकरीपेशा लोगों के लिए ट्रांसफर या प्रमोशन के अनुकूल योग बन रहे हैं.</p>
<p><strong>4. कुंभ राशि (Aquarius):</strong><br>
कुंभ राशि वालों के लिए यह गोचर जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आ रहा है. आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी. आप हर चुनौती का डटकर मुकाबला करेंगे. आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ परिवार के साथ किसी धार्मिक या मांगलिक यात्रा पर जाने के योग हैं. स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिलेगा.</p>]]> </content:encoded>
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<title>सिंह राशि में चंद्र&#45;केतु की युति, अगले ढाई दिन इन 4 राशियों को रहना होगा सावधान</title>
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<description><![CDATA[ ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन, भावना और माता का कारक माना गया है, जबकि केतु एक छाया और रहस्यमयी ग्रह है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 13 अगस्त यानी आज सुबह 6 बजकर 7 मिनट पर चंद्रमा कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश कर चुके हैं. सिंह राशि में मायावी ग्रह केतु पहले … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 14:45:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>सिंह, राशि, में, चंद्र-केतु, की, युति, अगले, ढाई, दिन, इन, राशियों, को, रहना, होगा, सावधान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन, भावना और माता का कारक माना गया है, जबकि केतु एक छाया और रहस्यमयी ग्रह है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 13 अगस्त यानी आज सुबह 6 बजकर 7 मिनट पर चंद्रमा कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश कर चुके हैं. सिंह राशि में मायावी ग्रह केतु पहले से ही विराजमान हैं, जिसके कारण सिंह राशि में चंद्र-केतु की युति से अति-संवेदनशील ग्रहण योग का निर्माण हो रहा है.</p>
<p>ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जब भी चंद्रमा का संबंध केतु से होता है, तो व्यक्ति का मन अशांत रहता है, अनिर्णय की स्थिति बनती है और मानसिक भ्रम बढ़ता है. चंद्रमा लगभग ढाई दिन में राशि परिवर्तन करते हैं, इसलिए अगले ढाई दिनों तक इस युति का प्रभाव विशेष रूप से देखने को मिलेगा. आइए जानते हैं किन राशियों को इस दौरान बेहद सावधान रहने की आवश्यकता है.</p>
<p><strong>कर्क राशि (Cancer)</strong><br>
चंद्रमा आपकी राशि के स्वामी हैं. द्वितीय (धन व वाणी) भाव में केतु के साथ चंद्रमा की युति आपके लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है. अपनी वाणी पर कड़ा नियंत्रण रखें. पारिवारिक सदस्यों के साथ वैचारिक मतभेद हो सकते हैं. धन हानि के योग हैं. अनचाहे खर्चे बजट बिगाड़ सकते हैं, इसलिए किसी को भी उधार देने से बचें.</p>
<p><strong>सिंह राशि (Leo)</strong><br>
यह युति आपकी ही राशि के प्रथम (लग्न) भाव में बन रही है, जिससे सीधा प्रभाव आपके मन और स्वास्थ्य पर पड़ेगा. अकारण तनाव, घबराहट और चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है. जल्दबाजी में कोई भी बड़ा व्यावसायिक या व्यक्तिगत फैसला न लें. सिरदर्द, अनिद्रा या मानसिक बेचैनी की समस्या हो सकती है.</p>
<p><strong>वृश्चिक राशि (Scorpio)</strong><br>
आपकी राशि के दशम (कर्म) भाव में यह ग्रहण योग बन रहा है, जो आपके कार्यक्षेत्र को प्रभावित करेगा. ऑफिस में सहकर्मियों या उच्च अधिकारियों के साथ बहस से बचें. आपके काम का श्रेय कोई और लेने की कोशिश कर सकता है. नौकरी बदलने का विचार फिलहाल टाल दें और अपने काम में पारदर्शिता बनाए रखें.</p>
<p><strong>मकर राशि (Capricorn)</strong><br>
आपकी राशि के अष्टम (गूढ़ व संकट) भाव में चंद्र-केतु का संयोजन हो रहा है, जो अचानक समस्याओं का संकेत देता है. वाहन चलाते समय या यात्रा करते समय विशेष सतर्कता बरतें. किसी भी तरह के जोखिम भरे निवेश से दूर रहें. पेट या पाचन से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं.</p>
<p><strong>चंद्र-केतु दोष से बचाव के आसान उपाय</strong><br>
भगवान शिव की उपासना: शिवलिंग पर कच्चा दूध व जल अर्पित करें और ऊं नमः शिवाय मंत्र का जाप करें.</p>
<p>चंद्र देव के मंत्र: मानसिक शांति के लिए ऊं सों सोमाय नमः का जाप करना लाभदायक रहेगा.</p>
<p><strong>दान कार्य: गरीबों को सफेद वस्तुएं दान करें.</strong></p>]]> </content:encoded>
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<title>हरभजन की खास रणनीति, वैभव को रोकने के लिए हर गेंद पर करो हमला</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने इसका जवाब अपने अंदाज में दिया है. उनका मानना है कि वैभव के खिलाफ बचाव की रणनीति काम नहीं करेगी. उसे रोकने का सबसे अच्छा तरीका है- उस पर हमला करो और हर गेंद पर विकेट लेने की कोशिश करो. ‘मैं वैभव के … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 14:15:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>हरभजन, की, खास, रणनीति, वैभव, को, रोकने, के, लिए, हर, गेंद, पर, करो, हमला</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने इसका जवाब अपने अंदाज में दिया है. उनका मानना है कि वैभव के खिलाफ बचाव की रणनीति काम नहीं करेगी. उसे रोकने का सबसे अच्छा तरीका है- उस पर हमला करो और हर गेंद पर विकेट लेने की कोशिश करो.</p>
<p><strong>‘मैं वैभव के हिसाब से फील्ड नहीं लगाऊंगा’</strong><br>
हरभजन सिंह पीटीआई से एक इंटरव्यू में कहा कि अगर वह वैभव को गेंदबाजी कर रहे होते तो उनकी बल्लेबाजी को देखकर अपनी फील्ड नहीं सजाते. वह अपनी गेंदबाजी के हिसाब से फील्ड सेट करते और लगातार विकेट लेने की कोशिश करते.</p>
<p>उन्होंने कहा, 'मैं उसके खेलने के तरीके के हिसाब से फील्ड सेट नहीं करूंगा, बल्कि अपनी गेंदबाजी के हिसाब से फील्ड सजाऊंगा. मैं उसे आउट करने की कोशिश से पीछे नहीं हटूंगा.'</p>
<p>भज्जी के मुताबिक, वैभव जैसे बल्लेबाज के सामने गेंदबाज अगर सिर्फ रन बचाने की कोशिश करेगा तो वह खुद दबाव में आ जाएगा. इसलिए उसके खिलाफ आक्रामक रवैया ही सबसे बेहतर विकल्प है.</p>
<p>उन्होंने कहा, 'अगर मैं बचने के लिए गेंदबाजी करूंगा, तो ऐसा नहीं कर पाऊंगा. उसके खिलाफ टिके रहने का एकमात्र तरीका है कि उस पर आक्रमण किया जाए. आप उस पर हमला करें और उसका विकेट लेने की कोशिश करें.'</p>
<p><strong>'… लेकिन अगली गेंद पर फिर हमला करो’</strong><br>
हरभजन जानते हैं कि वैभव के खिलाफ आक्रामक गेंदबाजी का मतलब यह भी हो सकता है कि गेंदबाज को नुकसान उठाना पड़े. युवा बल्लेबाज एक खराब गेंद को भी स्टैंड्स में भेजने की क्षमता रखता है. लेकिन भज्जी के मुताबिक इससे गेंदबाज की रणनीति नहीं बदलनी चाहिए.</p>
<p>उन्होंने कहा, 'आपको सफलता मिल सकती है, नहीं भी मिल सकती. यह सिर्फ समय की बात है.आपको हमेशा सफलता नहीं मिलती. कभी-कभी वह आपको बुरी तरह पीट भी सकता है. वह छक्के भी लगा सकता है. लेकिन यह खेल का हिस्सा है.'<br>
 </p>
<p>यानी वैभव अगर एक गेंद पर छक्का लगा भी दे, तो गेंदबाज को अगली गेंद पर अपनी योजना से पीछे नहीं हटना चाहिए. हरभजन के लिए असली चुनौती यही है कि बल्लेबाज की ताकत से घबराए बिना उसे आउट करने का प्रयास जारी रखा जाए.</p>
<p>भज्जी ने माना, 'आपको स्वीकार करना होगा कि वह अच्छा खिलाड़ी है. फिर भी, अगली गेंद के बारे में यही सोचना चाहिए कि उसे आउट कैसे करना है.'</p>
<p><strong>ऐसा खिलाड़ी मैंने पहले नहीं देखा</strong><br>
हरभजन सिंह ने सिर्फ वैभव की बल्लेबाजी की तारीफ नहीं की, बल्कि उनकी कम उम्र में हासिल की गई उपलब्धियों को भी असाधारण बताया. उनका मानना है कि 14-15 साल की उम्र में दुनिया के शीर्ष स्तर पर इस तरह का प्रभाव डालना बेहद दुर्लभ है.</p>
<p>उन्होंने कहा, 'वैभव सूर्यवंशी अद्भुत हैं. वह एक अनोखे खिलाड़ी हैं. मुझे लगता है कि मैंने इससे पहले ऐसा खिलाड़ी नहीं देखा, जो 14-15 साल की उम्र में दुनिया पर अपना दबदबा बना सके.'</p>
<p>वैभव की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह बड़े नामों से प्रभावित नजर नहीं आते. दुनिया के शीर्ष गेंदबाजों के सामने भी उनका रवैया आक्रामक रहता है. हरभजन ने इसी बात को रेखांकित करते हुए कहा कि वैभव के सामने गेंदबाजी करते समय बड़े गेंदबाज भी यह सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि आखिर गेंद कहां डाली जाए.</p>
<p><strong>‘दुनिया के टॉप गेंदबाज सोच रहे हैं कि गेंद कहां डालें’</strong><br>
हरभजन के मुताबिक, किसी 15 साल के बल्लेबाज के लिए इससे बड़ी उपलब्धि क्या होगी कि दुनिया के शीर्ष गेंदबाज उसके सामने गेंद डालने से पहले रणनीति बनाने को मजबूर हों.</p>
<p>उन्होंने कहा, 'जब दुनिया के शीर्ष गेंदबाज उन्हें गेंदबाजी कर रहे होते हैं, तब वे वास्तव में सोच रहे होते हैं कि गेंद कहां डालें. यह अपने आप में बहुत बड़ी बात है.'</p>
<p>यही वजह है कि हरभजन वैभव को सिर्फ उनकी उम्र के नजरिए से देखने के खिलाफ हैं. उनके मुताबिक, उम्र भले ही 15 साल हो, लेकिन मैदान पर उनकी क्षमता को उसी स्तर पर आंकना चाहिए जो वह प्रदर्शन से साबित कर रहे हैं.</p>
<p>हरभजन ने कहा, 'वैभव सूर्यवंशी यह संदेश देते हैं कि 15 साल का बच्चा भी ऐसा कर सकता है. उसे बच्चा मत समझिए. एक बच्चा वह कर सकता है, जो बड़े नहीं कर पाते.'</p>
<p><strong>उम्र छोटी, चुनौती बड़ी</strong><br>
वैभव सूर्यवंशी की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि क्रिकेट की दुनिया में जिस उम्र में खिलाड़ी बुनियादी स्तर पर खुद को तैयार कर रहे होते हैं, उसी उम्र में वैभव बड़े मंच पर अपनी पहचान बना चुके हैं. उनकी बल्लेबाजी का अंदाज गेंदबाजों को शुरुआत से ही दबाव में डाल देता है.</p>
<p>हरभजन सिंह की बात का सार भी यही है- वैभव को बच्चा समझकर गेंदबाजी मत करो. उसे एक खतरनाक बल्लेबाज मानो, उस पर हमला करो और हर अगली गेंद पर उसका विकेट लेने की कोशिश करो. क्योंकि अगर गेंदबाज सिर्फ वैभव से बचने की कोशिश करेगा, तो शायद वही उसके खिलाफ सबसे बड़ी गलती होगी.'<br>
 </p>]]> </content:encoded>
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<title>महिलाओं को बड़ा तोहफा! इस राज्य में जल्द फ्री होगी बस यात्रा, BJP सरकार ने की बड़ी तैयारी</title>
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<description><![CDATA[ देहरादून उत्तराखंड की महिलाओं को स्वतंत्रता दिवस पर बड़ा तोहफा मिल सकता है। पुष्कर सिंह धामी सरकार उत्तराखंड रोडवेज की साधारण बसों में महिलाओं को फ्री सफर की सुविधा देने का ऐलान कर सकती है। रोडवेज प्रबंधन ने इस संबंध में सरकार को प्रस्ताव भेजा है। उत्तराखंड रोडवेज की लगभग 900 बसें रोजाना सड़कों पर … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 13:45:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>महिलाओं, को, बड़ा, तोहफा, इस, राज्य, में, जल्द, फ्री, होगी, बस, यात्रा, BJP, सरकार, ने, की, बड़ी, तैयारी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>देहरादून</strong></p>
<p>उत्तराखंड की महिलाओं को स्वतंत्रता दिवस पर बड़ा तोहफा मिल सकता है। पुष्कर सिंह धामी सरकार उत्तराखंड रोडवेज की साधारण बसों में महिलाओं को फ्री सफर की सुविधा देने का ऐलान कर सकती है। रोडवेज प्रबंधन ने इस संबंध में सरकार को प्रस्ताव भेजा है।</p>
<p>उत्तराखंड रोडवेज की लगभग 900 बसें रोजाना सड़कों पर दौड़ती हैं। इनमें औसतन सवा लाख यात्री प्रतिदिन सफर करते हैं। दैनिक यात्रियों में करीब 50 हजार छात्राएं और महिलाएं होती हैं। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद सभी आयु वर्ग की महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की मांग कर रही है। परिषद ने इसे लेकर हाल में सीएम से मुलाकात की थी। इसके चलते शासन की ओर से सुझाव मांगने पर रोडवेज प्रबंधन ने बुधवार को प्रस्ताव सौंप दिया।</p>
<p><strong>वित्तीय स्थिति सुधरने की उम्मीद</strong><br>
रोडवेज का मानना है कि इस कदम से न केवल महिला सशक्तीकरण को मजबूती मिलेगी, बल्कि घाटे से जूझ रहे रोडवेज की वित्तीय स्थिति भी सुधरेगी। उधर, यूपी की बसों में जल्द ही महिलाओं को मुफ्त सफर की सुविधा देने की तैयारी है। इससे आय के मामले में उत्तराखंड को यूपी रोडवेज से चुनौती मिलती।</p>
<p><strong>इन राज्यों में भी मुफ्त सफर की सुविधा</strong><br>
कर्नाटक में महिलाओं को मुफ्त सफर के लिए शक्ति योजना, तेलंगाना में स्त्री शक्ति योजना, केरल में प्रियदर्शनी और आंध्र प्रदेश में स्त्री शक्ति योजना चलाई जा रही है। इसके अलावा पंजाब, पश्चिम बंगाल, जम्मू कश्मीर व दिल्ली में भी महिलाओं को मुफ्त सफर की सुविधा दी जाती है। उत्तर प्रदेश सरकार स्वतंत्रता दिवस से 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को मुफ्त बस सफर की सुविधा देने जा रही है।</p>
<p><strong>रोडवेज की 'आमदनी अठन्नी- खर्चा रुपया’</strong><br>
वर्तमान में उत्तराखंड रोडवेज भारी वित्तीय संकट से गुजर रहा है। रोडवेज पर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की देनदारियां हैं। रोडवेज की दैनिक आय लगभग 1.5 करोड़ रुपये है, जबकि दैनिक खर्च 2.20 करोड़ रुपये से भी अधिक है। कर्मचारियों को समय पर वेतन भी नहीं मिल पा रहा है।</p>
<p>उत्तराखंड रोडवेज के महाप्रबंधक (संचालन) क्रांति सिंह ने कहा कि रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने सरकार को महिलाओं को मुफ्त यात्रा सुविधा देने का सुझाव दिया था। स्वतंत्रता दिवस पर घोषणा के लिए सुझाव मांगे जाने पर हमने इस संबंध में सरकार को प्रस्ताव भेजा है। यह व्यवस्था लागू होने से रोडवेज को लाभ ही होगा, क्योंकि ज्यादातर महिलाएं अकेले सफर नहीं करतीं, उनके साथ परिवार के अन्य सदस्य भी यात्रा करते हैं, जिससे हमारी बसों में यात्री संख्या बढ़ेगी।</p>]]> </content:encoded>
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<title>एशियन गेम्स में India vs Pakistan मैच पर सस्पेंस बरकरार, सिर्फ इस शर्त पर होगी महामुकाबले की भिड़ंत</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली India vs Pakistan क्रिकेट मैच आपको एशियन गेम्स में शुरुआत में ना देखने को मिले। जापान के नागोया में होने वाले एशियन गेम्स के लिए शेड्यूल ही कुछ इस तरह का बनाया जा रहा है कि चिर-प्रतिद्वंदी टीम भारत और पाकिस्तान का आमना-सामना शुरुआती मैचों में ना हो। अगर भिड़ें भी तो सीधे … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 13:15:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>India vs Pakistan क्रिकेट मैच आपको एशियन गेम्स में शुरुआत में ना देखने को मिले। जापान के नागोया में होने वाले एशियन गेम्स के लिए शेड्यूल ही कुछ इस तरह का बनाया जा रहा है कि चिर-प्रतिद्वंदी टीम भारत और पाकिस्तान का आमना-सामना शुरुआती मैचों में ना हो। अगर भिड़ें भी तो सीधे मेडल मैच में एकदूसरे से टक्कर हो। आमतौर पर एशियन टूर्नामेंट में लीग फेज में ही भारत और पाकिस्तान की भिड़ंत देखने को मिलती है, लेकिन शायद इस बार ऐसा होने की उम्मीद नहीं है।</p>
<p>दरअसल, एशियन गेम्स मेंस क्रिकेट कॉम्पिटिशन में भारत और पाकिस्तान टॉप 2 सीडेड टीमें हैं। क्रिकबज की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस बात की पूरी संभावना है कि दोनों की भिड़ंत ही इस टूर्नामेंट में न हो। अगर वे आखिरकार एक-दूसरे से भिड़ते भी हैं तो यह फिर गोल्ड मेडल या ब्रॉन्ज मेडल के लिए लड़ाई होगी। पुरुष ही नहीं, बल्कि महिलाओं के इवेंट में भी इसी पैटर्न की उम्मीद की जा रही है।</p>
<p><strong>19 सितंबर से आयोजित होंगे एशियन गेम्स</strong><br>
एशियन गेम्स 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होंगे, जिसमें क्रिकेट 17 सितंबर से 3 अक्टूबर तक खेला जाएगा। इसकी शुरुआत महिलाओं के मैचों (फाइनल 22 सितंबर को) से होगी, जिसके बाद पुरुषों के मैच होंगे। पुरुषों के मुकाबले में 10 टीमें और महिलाओं के इवेंट में 8 टीमें हैं। मेंस और वुमेंस टीमों के साथ संयोग कुछ ऐसा हो रहा है कि दोनों ही कंप्टीशन में हो सकता है कि भारत और पाकिस्तान का आमना-सामना ना हो, अगर होगा भी तो फिर मेडल मैच ही वह हो सकता है।</p>
<p>आपकी जानकारी के लिए बता दें, भारत की पुरुष टीम को पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका के साथ सीधे क्वार्टर फाइनल में जगह मिली है, क्योंकि ये सभी टीमें टॉप सीडेड हैं। वहीं, अफगानिस्तान समेत बाकी छह टीमों को ग्रुप स्टेज से गुजरना होगा। भारत क्वार्टर फाइनल 2 में खेलेगा और पाकिस्तान क्वार्टर फाइनल 1 में है। ऐसे में लीग फेज तो भारत और पाकिस्तान खेलेंगे नहीं और क्वार्टर फाइनल में भी दोनों का आमना-सामना नहीं होगा। हालांकि, दोनों देश 28 सितंबर को मैच खेलेंगे। भारत और पाकिस्तान की विरोधी टीमें ग्रुप स्टेज से क्वालीफाई करने के बाद तय होंगी।</p>
<p><strong>भारत और पाकिस्तान की लड़ाई संभव नहीं</strong><br>
यहां तक कि सेमीफाइनल मैच में भारत और पाकिस्तान के भिड़ने की उम्मीद नहीं है, क्योंकि एक सेमीफाइनल क्वार्टर फाइनल 2 और क्वार्टर फाइनल 3 की विजेता टीमों के बीच आयोजित होगा और एक अन्य सेमीफाइनल क्वार्टर फाइनल 1 और क्वार्टर फाइनल 4 की विजेता के बीच होगा। Q2 में इंडिया है और Q1 में पाकिस्तान है। ऐसे में दोनों की भिड़ंत यहां भी नहीं होगी, लेकिन दोनों के मैच सेम डे पर खेले जाएंगे।</p>
<p>इसका मतलब है कि पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी टीमें सिर्फ गोल्ड मेडल मैच या फिर सेमीफाइनल हारने पर ब्रॉन्ज मेडल के लिए तीसरे स्थान के प्लेऑफ में ही भिड़ सकती हैं। वो दोनों मैच भी 3 अक्टूबर को होने हैं। अगर सेमीफाइनल में कोई एक टीम हार जाती है तो फिर दोनों का आमना-सामना ही इस टूर्नामेंट में नहीं होगा। अफगानिस्तान के अलावा, नेपाल, हांगकांग, चीन, जापान, मलेशिया और ओमान ग्रुप स्टेज के मैचों में भिड़ेंगे।</p>
<p><strong>वुमेंस कंप्टीशन में भी यही है ड्रॉ</strong><br>
एशियन गेम्स के वुमेंस क्रिकेट कंप्टीशन में भी ऐसा ही कुछ होने की उम्मीद है। भारतीय महिला टीम टॉप सीड है, जबकि पाकिस्तान की टीम श्रीलंका और बांग्लादेश के बाद चौथे नंबर 4 पर है। इस टूर्नामेंट का ड्रॉ कुछ ऐसा है कि इंडिया और पाकिस्तान की भिड़ंत फाइनल यानी गोल्ड मेडल मैच या फिर ब्रॉन्ज मेडल मैच में होगी, क्योंकि क्वार्टरफाइनल में भारत को जापान से भिड़ना है और सेमीफाइनल में इंडिया का सामना बांग्लादेश या हांगकांग या चीन से होगा, जबकि पाकिस्तान अपने क्वार्टरफाइनल मुकाबले में थाईलैंड से भिड़ेगा और सेमीफाइनल में उन्हें श्रीलंका या मलेशिया से भिड़ना होगा। दोनों टीमें फिर फाइनल में भिड़ सकती हैं या फिर दोनों सेमीफाइनल हारती हैं तो तीसरे नंबर के मैच के लिए भिड़ेंगी अगर कोई एक टीम सेमीफाइनल हारी तो फिर दोनों की भिड़ंत ही नहीं होगी। 22 सितंबर को मेडल मैच वुमेंस कंप्टीशन में होंगे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>Gold Rate: सोने की कीमतों में फिर तेजी, ₹1.54 लाख के पार पहुंचा गोल्ड</title>
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<description><![CDATA[ मुंबई  आज 13  अगस्त को सोने के भाव में तेजी रही। सर्राफा बाजार में सोना 96 रुपये महंगा हुआ है। सोने का भाव 1,54,850 रुपये पर है। ये 24 कैरेट 10 ग्राम गोल्ड का रेट है। कल मंगलवार को सोने का दाम 85 रुपये महंगा होकर 1.53 लाख रुपये पर बंद हआ था। बुलियन मार्केट … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 13:15:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Gold, Rate:, सोने, की, कीमतों, में, फिर, तेजी, ₹1.54, लाख, के, पार, पहुंचा, गोल्ड</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>मुंबई <br>
आज 13  अगस्त को सोने के भाव में तेजी रही। सर्राफा बाजार में सोना 96 रुपये महंगा हुआ है। सोने का भाव 1,54,850 रुपये पर है। ये 24 कैरेट 10 ग्राम गोल्ड का रेट है। कल मंगलवार को सोने का दाम 85 रुपये महंगा होकर 1.53 लाख रुपये पर बंद हआ था। बुलियन मार्केट में 22 कैरेट गोल्ड का रेट 1,41,840 रुपये पर है। अगर आप आज गोल्ड ज्वैलरी खरीदने या निवेश करने का प्लान कर रहे हैं तो आज 12 अगस्त का गोल्ड रेट जान लें।</p>
<p><strong>दिल्ली में आज का सोने का रेट</strong><br>
देश की राजधानी दिल्ली में सोने का भाव 1,54,850 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। 22 कैरेट सोने का भाव 1,41,840 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा।</p>
<p><strong>बिहार में आज का गोल्ड रेट</strong><br>
बिहार की राजधानी पटना में 24 कैरेट गोल्ड 1,54,930 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। यहां दाम 104 रुपये चढ़ा है। पटना में 22 कैरेट सोने का भाव आज 1,41,910 रुपये रहा।</p>
<p><strong>मुंबई में आज का गोल्ड रेट</strong><br>
मुंबई में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,55,150 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। यहां सोना 111 रुपये महंगा हुआ है। 22 कैरेट सोने का भाव मुंबई में 1,42,120 रुपये पर है।</p>
<p><strong>यूपी में आज का गोल्ड रेट</strong><br>
यूपी के लखनऊ में सोने का भाव 1,54,930 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। यहां सोने का दाम 104 रुपये बढ़ा है। 22 कैरेट सोने का भाव 1,41,910 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा।</p>
<p><strong>सोने की कीमतों में क्यों आई तेजी?</strong><br>
सोने की कीमतों में तेजी की सबसे बड़ी वजह चीन के केंद्रीय बैंक की लगातार खरीदारी है। पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना पिछले 20 महीनों से लगातार सोना खरीद रहा है। इससे बाजार में सोने की मांग मजबूत वैश्विक अनिश्चितता है। मध्य-पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव और दुनिया की आर्थिक स्थिति को लेकर निवेशकों की चिंता के कारण लोग सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की ओर रुख कर रहे हैं। जब भी वैश्विक जोखिम बढ़ता है, सोने की मांग बढ़ जाती है और इसकी कीमतों में तेजी आती है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता है। निवेशक फेड के अगले फैसले पर नजर बनाए हुए हैं। इसके अलावा, कीमतों में हल्की गिरावट आने पर बड़े संस्थागत निवेशकों ने भी सोने में खरीदारी बढ़ाई है, जिससे सोने की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।</p>]]> </content:encoded>
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<title>नामुमकिन हुआ मुमकिन, ‘लाइलाज’ समझी जा रही बीमारी का एम्स रायपुर में सफल उपचार</title>
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<description><![CDATA[  नामुमकिन हुआ मुमकिन, ‘लाइलाज’ समझी जा रही बीमारी का एम्स रायपुर में सफल उपचार   बाल आयोग की पहल और दंतेवाड़ा जिला प्रशासन के सहयोग से वनवासी बचपन को मिली नई उम्मीद, स्वास्थ्य में 80 प्रतिशत सुधार   लंबी प्रक्रिया के बाद मिला बड़ा सुकून जनजाति बेटी के साथ हुआ न्याय  रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 13:00:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>नामुमकिन, हुआ, मुमकिन, ‘लाइलाज’, समझी, जा, रही, बीमारी, का, एम्स, रायपुर, में, सफल, उपचार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नामुमकिन हुआ मुमकिन, ‘लाइलाज’ समझी जा रही बीमारी का एम्स रायपुर में सफल उपचार </strong></p>
<p><strong> बाल आयोग की पहल और दंतेवाड़ा जिला प्रशासन के सहयोग से वनवासी बचपन को मिली नई उम्मीद, स्वास्थ्य में 80 प्रतिशत सुधार </strong></p>
<p><strong> लंबी प्रक्रिया के बाद मिला बड़ा सुकून जनजाति बेटी के साथ हुआ न्याय </strong></p>
<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा की संवेदनशील पहल और निरंतर प्रयासों से गंभीर बीमारी से जूझ रही एक बालिका के जीवन में नई उम्मीद जगी है। जिस बालिका का शरीर धीरे-धीरे पत्थर जैसा होता जा रहा था और जिसकी स्थिति बेहद गंभीर थी, उसके स्वास्थ्य में एम्स रायपुर में उपचार के बाद अब लगभग 80 प्रतिशत तक सुधार हुआ है।</p>
<p>बालिका की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी मिलने के बाद अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उसके बेहतर उपचार के लिए आवश्यक पहल की। उन्होंने दंतेवाड़ा कलेक्टर से चर्चा कर बालिका के उपचार, देखभाल और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का आग्रह किया।</p>
<p>अध्यक्ष डॉ. शर्मा की पहल पर दंतेवाड़ा कलेक्टर द्वारा बालिका की देखभाल एवं आवश्यक समन्वय के लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई। जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता के साथ इस जिम्मेदारी का निर्वहन किया और बालिका को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक सहयोग एवं समन्वय सुनिश्चित किया।</p>
<p>इसके पश्चात बालिका को बेहतर एवं विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एम्स रायपुर में उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बालिका की गंभीर स्थिति को देखते हुए लगातार उपचार, जांच एवं आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल की।</p>
<p>एम्स रायपुर में त्वचा रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सत्यकी गांगुली तथा डॉ. नम्रता छाबड़ा सहित बहुविषयक चिकित्सा टीम ने बालिका की स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन किया तथा उसकी आवश्यकता के अनुरूप चरणबद्ध उपचार योजना तैयार की। उपचार के दौरान त्वचा संबंधी समस्याओं के साथ-साथ बालिका के समग्र स्वास्थ्य, पोषण, संक्रमण की रोकथाम तथा अन्य संबंधित चिकित्सकीय पहलुओं पर भी निरंतर ध्यान दिया गया।</p>
<p> एम्स के चिकित्सकों के अथक प्रयास, दंतेवाड़ा जिला प्रशासन के सहयोग तथा अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा की सतत पहल और निगरानी के परिणामस्वरूप बालिका के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सकारात्मक बदलाव आया है। वर्तमान में उसके स्वास्थ्य में लगभग 80 प्रतिशत सुधार हो चुका है, जो उसके परिजनों और उपचार से जुड़े सभी लोगों के लिए बेहद उत्साहजनक है। </p>
<p>अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा लगातार बालिका के स्वास्थ्य की प्रगति की जानकारी लेती रहीं और संबंधित चिकित्सकों एवं अधिकारियों से समन्वय बनाए रखा। उनका उद्देश्य रहा कि गंभीर बीमारी से जूझ रही इस बालिका को समय पर बेहतर उपचार, पोषण और आवश्यक देखभाल मिल सके तथा वह स्वस्थ होकर सामान्य जीवन की ओर लौट सके।</p>
<p><strong>अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा—</strong></p>
<p>“हर बच्चे को बेहतर स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार है। इस बालिका के उपचार में एम्स के चिकित्सकों ने जिस समर्पण और अथक प्रयास के साथ कार्य किया है, वह अत्यंत सराहनीय है। दंतेवाड़ा कलेक्टर एवं जिला प्रशासन द्वारा भी बालिका की देखभाल के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर संवेदनशीलता के साथ सहयोग किया गया। बालिका के स्वास्थ्य में 80 प्रतिशत सुधार हम सभी के लिए बेहद संतोषजनक और उत्साहजनक है। हमारा प्रयास है कि वह पूरी तरह स्वस्थ होकर सामान्य जीवन की ओर लौटे और उसके चेहरे की मुस्कान हमेशा बनी रहे।”</p>
<p>बालिका के स्वास्थ्य में आए इस सकारात्मक बदलाव से उसके परिजनों एवं उसकी देखभाल कर रहे लोगों में खुशी का माहौल है। इस पूरे उपचार एवं देखभाल की प्रक्रिया में सहयोग देने वाले एम्स रायपुर के चिकित्सकों एवं बहुविषयक चिकित्सा टीम, अस्पताल प्रशासन, दंतेवाड़ा जिला प्रशासन तथा बालिका के उपचार के लिए निरंतर पहल करने वाली अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के प्रयासों को सराहा जा रहा है।</p>
<p>गंभीर बीमारी से जूझ रही इस बालिका के स्वास्थ्य में आया यह सुधार न केवल उसके परिवार के लिए राहत और खुशी का विषय है, बल्कि यह इस बात की भी मिसाल है कि संवेदनशील पहल, समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा, प्रशासनिक सहयोग और निरंतर प्रयासों से मुश्किल परिस्थितियों में भी उम्मीद की नई राह बनाई जा सकती है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कर सुगम यातायात करें सुनिश्चित : मंत्री सिंह</title>
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<description><![CDATA[ क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कर सुगम यातायात करें सुनिश्चित : मंत्री सिंह लोक निर्माण मंत्री ने भोपाल की सड़कों की स्थिति की समीक्षा कर दिए सुधार के निर्देश मुख्य अभियंता ब्रिज एवं मुख्य अभियंता भोपाल सड़कों का करें गहन निरीक्षण  क्विक सेट सीमेंट और पेवर ब्लॉक से तत्काल भरे जाएंगे गड्ढे भोपाल लोक निर्माण … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 12:45:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>क्षतिग्रस्त, सड़कों, की, तत्काल, मरम्मत, कर, सुगम, यातायात, करें, सुनिश्चित, मंत्री, सिंह</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कर सुगम यातायात करें सुनिश्चित : मंत्री सिंह</strong></p>
<p><strong>लोक निर्माण मंत्री ने भोपाल की सड़कों की स्थिति की समीक्षा कर दिए सुधार के निर्देश<br>
मुख्य अभियंता ब्रिज एवं मुख्य अभियंता भोपाल सड़कों का करें गहन निरीक्षण<br>
 क्विक सेट सीमेंट और पेवर ब्लॉक से तत्काल भरे जाएंगे गड्ढे</strong></p>
<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने वर्षाकाल के कारण भोपाल में विभाग की क्षतिग्रस्त सड़कों और विभिन्न स्थानों पर हुए गड्ढों को गंभीरता से लेते हुए उनकी तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण नागरिकों को आवागमन में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। सड़कों को सुरक्षित और सुगम बनाए रखना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।</p>
<p>मंत्री सिंह ने भोपाल की सड़कों की स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्य अभियंता ब्रिज एवं मुख्य अभियंता भोपाल को निर्देशित किया कि वे आज ही शहर की प्रमुख सड़कों, पुलों और यातायात की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों का गहन निरीक्षण करें। निरीक्षण के दौरान क्षतिग्रस्त हिस्सों और गड्ढों को चिह्नित कर तत्काल सुधार कार्य प्रारंभ कराया जाए।</p>
<p>मंत्री सिंह ने कहा कि वर्षा के कारण जहां डामरीकरण अथवा स्थायी मरम्मत तत्काल संभव नहीं है, वहां क्विक सेट सीमेंट, पेवर ब्लॉक अथवा अन्य उपयुक्त तकनीक का उपयोग कर गड्ढों को तुरंत भरा जाए। सुधार कार्य इस प्रकार किया जाए कि नागरिकों को शीघ्र राहत मिले और वाहनों का सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़कों के सुधार कार्य में किसी प्रकार की देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। क्षतिग्रस्त सड़कों की नियमित निगरानी की जाए और बारिश के दौरान पुनः गड्ढे होने पर त्वरित कार्रवाई के लिए मैदानी अमले को सतर्क रखा जाए। प्रमुख मार्गों के साथ ही आंतरिक और संपर्क सड़कों की स्थिति पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।</p>
<p>मंत्री सिंह ने कहा कि सड़क मरम्मत केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। प्रत्येक सुधार कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए और संबंधित अधिकारी स्वयं मौके पर उपस्थित रहकर कार्य की निगरानी करें अन्यथा होगी कड़ी कार्यवाही। उन्होंने निरीक्षण और सुधार कार्यों की प्रगति से उन्हें अवगत कराने के भी निर्देश दिए।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>एलएनसीटी ग्रुप ने निकाली भव्य ‘वंदे भारत तिरंगा यात्रा’, 7,000 से अधिक विद्यार्थियों ने देशभक्ति के रंगों से भोपाल को सराबोर किया</title>
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<description><![CDATA[ एलएनसीटी ग्रुप ने निकाली भव्य &#039;वंदे भारत तिरंगा यात्रा&#039;, 7,000 से अधिक विद्यार्थियों ने देशभक्ति के रंगों से भोपाल को सराबोर किया भोपाल 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर के उपलक्ष्य में, शहर के अग्रणी शैक्षणिक संस्थान एलएनसीटी ग्रुप ऑफ कॉलेजेस (LNCT Group), भोपाल द्वारा एक विशाल एवं भव्य &#039;वंदे भारत तिरंगा यात्रा&#039; का सफल … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 12:45:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>एलएनसीटी, ग्रुप, ने, निकाली, भव्य, ‘वंदे, भारत, तिरंगा, यात्रा’, 7, 000, से, अधिक, विद्यार्थियों, ने, देशभक्ति, के, रंगों, से, भोपाल, को, सराबोर, किया</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>एलएनसीटी ग्रुप ने निकाली भव्य 'वंदे भारत तिरंगा यात्रा', 7,000 से अधिक विद्यार्थियों ने देशभक्ति के रंगों से भोपाल को सराबोर किया</strong></p>
<p><strong>भोपाल</strong><br>
80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर के उपलक्ष्य में, शहर के अग्रणी शैक्षणिक संस्थान एलएनसीटी ग्रुप ऑफ कॉलेजेस (LNCT Group), भोपाल द्वारा एक विशाल एवं भव्य 'वंदे भारत तिरंगा यात्रा' का सफल आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक यात्रा में संस्थान के लगभग 7,000 से अधिक छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने राष्ट्रभक्ति के अद्वितीय उत्साह के साथ भाग लिया।<br>
यह भव्य रैली भोपाल के ऐतिहासिक टी.टी. नगर स्टेडियम से प्रातः अत्यंत हर्षोल्लास एवं देशभक्ति के जयघोष के साथ प्रारंभ हुई। हाथों में लहराता राष्ट्रध्वज तिरंगा, सिर पर देशभक्ति की भावना और 'भारत माता की जय' व 'वंदे मातरम' के गगनभेदी नारों के साथ विद्यार्थियों का जनसैलाब शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरता हुआ एम.वी.एम. <br>
<strong> (MVM) कॉलेज ग्राउंड पहुँचा, जहाँ इस विशाल यात्रा का गरिमामय समापन हुआ।</strong></p>
<p><strong>यात्रा की मुख्य विशेषताएँ एवं आकर्षण:</strong><br>
 * 7,000 विद्यार्थियों की अनुशासित भागीदारी: यात्रा के दौरान पूरा मार्ग तिरंगे के रंगों से पटा हुआ दिखाई दिया। हाथों में विशाल तिरंगा थामे विद्यार्थियों के अनुशासन और उत्साह ने शहरवासियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।<br>
 * सांस्कृतिक एवं देशभक्ति की झलक: रैली के मार्ग में जगह-जगह विद्यार्थियों ने देशभक्ति के गीतों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से राष्ट्र के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की।<br>
 * एम.वी.एम. ग्राउंड पर समापन: यात्रा के एम.वी.एम. ग्राउंड पहुँचने पर एक विशेष सभा का आयोजन किया गया, जहाँ सभी उपस्थित जनसमूह ने राष्ट्रगान गाया और देश की एकता व अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया।</p>
<p>इस अवसर पर एलएनसीटी ग्रुप के चेयरमैन जय नारायण चौकसे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी में देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता का प्रसार करना है। युवाओं का यह अभूतपूर्व उत्साह यह दर्शाता है कि हमारे देश का भविष्य सुरक्षित और सशक्त हाथों में है।<br>
कार्यक्रम के अंत में एलएनसीटी ग्रुप ने इस तिरंगा यात्रा को सुरक्षित एवं सफल बनाने के लिए स्थानीय प्रशासन, पुलिस विभाग और भोपाल की जनता का सहदय आभार व्यक्त किया।<br>
इस अवसर पर एलएनसीटी ग्रुप के सचिव डॉ अनुपम चौकसे ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा:<br>
"युवा किसी भी राष्ट्र की रीढ़ होते हैं। 'वंदे भारत तिरंगा यात्रा' का मुख्य उद्देश्य केवल स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाना नहीं, बल्कि हमारी नई पीढ़ी में राष्ट्रीय चेतना, नागरिक कर्तव्यों और देश के स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों के प्रति कृतज्ञता की भावना को जागृत करना है। आज भोपाल की सड़कों पर 7,000 से अधिक युवाओं का यह अभूतपूर्व उत्साह यह सिद्ध करता है कि हमारे देश का भविष्य अत्यंत सुरक्षित, ऊर्जावान और सशक्त हाथों में है।"</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Toyota Hyryder का नया एडिशन लॉन्च, 27KM का माइलेज और खुद होती है चार्ज; जानें कीमत&#45;फीचर्स</title>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली टोयोटा ने अपनी मिडसाइज एसयूवी अर्बन क्रूजर हायराइडर (Toyota Urban Cruiser Hyryder) का नया वेरिएंट लॉन्च किया है. कंपनी ने कार का एरो ब्लैक एडिशन लॉन्च किया है, जो लिमिटेड एडिशन स्टाइलिंग पैकेज है. ये स्टाइलिंग पैकेज मिडनाइट ब्लैक जी और वी वेरिएंट पर बेस्ड होगा।  एरो ब्लैक एडिशन पैकेज नियो ड्राइव और … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 12:00:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Toyota, Hyryder, का, नया, एडिशन, लॉन्च, 27KM, का, माइलेज, और, खुद, होती, है, चार्ज, जानें, कीमत-फीचर्स</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong></p>
<p>टोयोटा ने अपनी मिडसाइज एसयूवी अर्बन क्रूजर हायराइडर (Toyota Urban Cruiser Hyryder) का नया वेरिएंट लॉन्च किया है. कंपनी ने कार का एरो ब्लैक एडिशन लॉन्च किया है, जो लिमिटेड एडिशन स्टाइलिंग पैकेज है. ये स्टाइलिंग पैकेज मिडनाइट ब्लैक जी और वी वेरिएंट पर बेस्ड होगा। </p>
<p>एरो ब्लैक एडिशन पैकेज नियो ड्राइव और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड पावरट्रेन में मिलेगा. इस पैकेज के लिए आपको एक्स्ट्रा पैसे भी खर्च करने होंगे. एरो ब्लैक एडिशन पैकेज की कीमत 31,999 रुपये है. इस पैकेज में कई एक्सटीरियर एन्हांसमेंट्स देखने को मिलेंगे। </p>
<p><strong>क्या होगा इस पैकेज में खास?</strong><br>
हायराइडर के इस पैकेज में ब्लैक थीम्ड एक्सटीरियर एलिमेंट्स मिलेंगे. इसमें फ्रंट ग्रिल अपर गारनिश, फ्रंट स्पॉयलर, हेडलैम्प्स पर ब्लैक गारनिश, टेलगेट गारनिश और रियर स्पॉयल मिलता है. इसके साथ ही एसयूवी पर एरो ब्लैक का एक्सक्लूसिव लिमिटेड एडिशन बैज मिलेगा। </p>
<p>ये स्टाइलिंग पैकेज सीमित समय के लिए होगा. अगर स्टॉक खत्म हो जाता है, तो आपको ये पैकेज नहीं मिलेगा. हालांकि, इसकी जगह आप टोयोटा का डीलर लेवल ऑल ब्लैक पैकेज खरीद सकते हैं. इस कार की कीमत 11.31 लाख रुपये एक्स शोरूम से शुरू होती है. जबकि कार के हाइब्रिड वर्जन की कीमत 17.18 लाख रुपये एक्स शोरूम से शुरू होती है। </p>
<p><strong>इंजन, माइलेज और फीचर्स</strong><br>
ये कार दो पावरट्रेन- सेल्फ चार्जिंग हाइब्रिड और नियो ड्राइव में आती है. कार के स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वर्जन का क्लेम्ड माइलेज 27.97 किलोमीटर प्रति लीटर का है. वहीं नियो ड्राइव में 1.5 लीटर का के-सीरीज का पेट्रोल इंजन मिलता है, जो मैन्युअल और ऑटोमेटिक दोनों ही वेरिएंट्स में आता है। </p>
<p>हायराइडर में ट्विन एलईडी डीआरएल्स, क्रिस्टल ग्रिल, 17 इंच के एलॉय वील्स, वेंटिलेटेड लेदर सीट्स, पैनोरोमिक सनरूफ, 9 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, वायरलेस ऐपल कार प्ले और एंड्रॉयड ऑटो, वायरलेस चार्जिंग और 360 डिग्री कैमरा मिलता है. ये कार 2022 में लॉन्च हुई थी, तब से अब तक इसकी 2 लाख से ज्यादा यूनिट्स बिक चुकी हैं। </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>आजादी की धुन’ स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को स्मरण करने का सुनहरा अवसर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय</title>
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<description><![CDATA[ आजादी की धुन’ स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को स्मरण करने का सुनहरा अवसर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय &#039;आजादी की धुन&#039; में इतिहास का गौरव, वर्तमान का कर्तव्य और भविष्य का संकल्प : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री साय संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित ‘आजादी की धुन’ समारोह में हुए शामिल 100 युवा कलाकारों की एक … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 11:45:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>आजादी, की, धुन’, स्वतंत्रता, सेनानियों, के, त्याग, और, बलिदान, को, स्मरण, करने, का, सुनहरा, अवसर, मुख्यमंत्री, विष्णु, देव, साय</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आजादी की धुन’ स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को स्मरण करने का सुनहरा अवसर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय</strong></p>
<p><strong>'आजादी की धुन' में इतिहास का गौरव, वर्तमान का कर्तव्य और भविष्य का संकल्प : मुख्यमंत्री साय</strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री साय संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित ‘आजादी की धुन’ समारोह में हुए शामिल</strong></p>
<p><strong>100 युवा कलाकारों की एक साथ लाइव बैंड प्रस्तुति बनी आकर्षण का केंद्र, देशभक्ति के गीतों ने बांधा समां</strong></p>
<p><strong>रायपुर </strong><br>
 राजधानी रायपुर की शाम आज देशभक्ति के सुरों से गूंज उठी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित ‘आजादी की धुन’ समारोह में प्रदेश के अलग-अलग अंचलों से आए 100 युवा कलाकारों ने विभिन्न वाद्ययंत्रों के साथ एक साथ लाइव बैंड प्रस्तुति देकर देशभक्ति का अनुपम वातावरण निर्मित किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय समारोह में शामिल हुए और युवा कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। स्वतंत्रता दिवस से पूर्व आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में देशभक्ति के गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रप्रेम के भाव से सराबोर कर दिया।</p>
<p>मुख्यमंत्री साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘आजादी की धुन’ देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या एवं बलिदान को स्मरण करने का सुनहरा अवसर है। 'आजादी की धुन’ हमें इतिहास के गौरव का स्मरण, वर्तमान के कर्तव्यों का बोध और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संकल्प दिलाती है। छत्तीसगढ़ में पहली बार 100 युवा कलाकारों द्वारा एक साथ अलग-अलग वाद्ययंत्रों पर देशभक्ति की धुनों की प्रस्तुति अपने आप में अनूठा प्रयास है। उन्होंने इस अभिनव आयोजन के लिए संस्कृति विभाग और सभी कलाकारों को बधाई दी।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि संगीत में भावनाओं को जागृत करने और लोगों को एक सूत्र में जोड़ने की अद्भुत शक्ति होती है। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में भी गीतों, कविताओं और नारों ने देशवासियों के भीतर स्वाधीनता की चेतना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। देशभक्ति के गीतों ने कठिन से कठिन परिस्थितियों में हमारे क्रांतिकारियों और सेनानियों का मनोबल बढ़ाया तथा करोड़ों भारतीयों को स्वतंत्रता के लक्ष्य के लिए एकजुट किया। आज भी जब देशभक्ति की धुनें सुनाई देती हैं, तो मन में राष्ट्र के प्रति गर्व और समर्पण का भाव स्वतः जागृत हो उठता है।</p>
<p>मुख्यमंत्री साय ने स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानियों का स्मरण करते हुए कहा कि देश की स्वतंत्रता हमें असंख्य बलिदानों के बाद प्राप्त हुई है। अनेक क्रांतिकारियों ने मातृभूमि के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए, हजारों सेनानियों ने कारावास की कठोर यातनाएं सहीं और लाखों देशवासियों ने अपना सर्वस्व राष्ट्र को समर्पित कर दिया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल, वीर सावरकर, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित असंख्य राष्ट्रनायकों और स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष ने स्वतंत्र भारत की नींव रखी। आज हम स्वतंत्र वातावरण में अपने सपनों को साकार कर पा रहे हैं, तो इसके पीछे हमारे पूर्वजों की तपस्या, संघर्ष और बलिदान है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता हमारे लिए केवल अधिकारों का उत्सव नहीं है, बल्कि राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों और दायित्वों को निभाने का संकल्प भी है। हमें यह सदैव स्मरण रखना चाहिए कि करोड़ों देशवासियों के संघर्ष से प्राप्त इस बहुमूल्य आजादी की रक्षा करना, लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत बनाना और राष्ट्र को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे ले जाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।</p>
<p>मुख्यमंत्री साय ने स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के गौरवशाली योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की धरती ने भी अनेक वीर सपूतों को जन्म दिया, जिन्होंने अन्याय और अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष किया। अमर शहीद वीर नारायण सिंह ने गरीबों और जरूरतमंदों के अधिकारों के लिए ब्रिटिश शासन को चुनौती दी और मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। बस्तर के जननायक वीर गुण्डाधुर ने भूमकाल आंदोलन का नेतृत्व कर अंग्रेजी शासन के विरुद्ध आदिवासी समाज की आवाज बुलंद की। ऐसे महान सेनानियों का शौर्य और बलिदान छत्तीसगढ़ की गौरवशाली विरासत है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आजादी की धुन’ जैसे आयोजन विशेष रूप से युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता के संघर्ष और उसके मूल्यों से जोड़ते हैं। नई पीढ़ी को यह जानना आवश्यक है कि जिस स्वतंत्र भारत में वे आज अपने सपनों को उड़ान दे रहे हैं, उसके पीछे कितने ही ज्ञात-अज्ञात सेनानियों का संघर्ष और त्याग है। स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने वर्ष 2047 में स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प देश के सामने रखा है। यह संकल्प केवल सरकार का नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का सामूहिक संकल्प है। इसे साकार करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं को अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और सामर्थ्य के साथ आगे आना होगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी ‘विकसित भारत’ के निर्माण में ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि विकास की रोशनी प्रदेश के प्रत्येक गांव, प्रत्येक परिवार और प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे तथा छत्तीसगढ़ अपनी सामर्थ्य और संभावनाओं के अनुरूप देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।</p>
<p>मुख्यमंत्री साय ने समारोह में शामिल कलाकारों एवं युवाओं को हरेली पर्व की शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम बधाई दी। उन्होंने कहा कि आजादी का यह उत्सव हमें अपने गौरवशाली अतीत का स्मरण कराने के साथ ही उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है।</p>
<p>इस अवसर पर छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुमोना सेन, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला, स्काउट-गाइड के चेयरमैन इंद्रजीत सिंह खालसा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, कलाकार और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>खजराना गणेश मंदिर तक बनेगा सीधा रास्ता, ₹10 करोड़ से बनेगी 60 फीट चौड़ी लिंक रोड</title>
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<description><![CDATA[ इंदौर  इंदौर में कनाड़िया से खजराना गणेश मंदिर के बीच बनने वाली लिंक रोड का इंतजार अब खत्म होने गया है। मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना मद से क्षेत्रीय विधायक ने 10 करोड़ रुपए सड़क बनाने के लिए दे दिए हैं, जिसके बाद एमआइसी में प्रस्ताव रखा जाने वाला है। इसमें पहले किए गए टेंडर को … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 11:15:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>खजराना, गणेश, मंदिर, तक, बनेगा, सीधा, रास्ता, ₹10, करोड़, से, बनेगी, फीट, चौड़ी, लिंक, रोड</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इंदौर</strong></p>
<p> इंदौर में कनाड़िया से खजराना गणेश मंदिर के बीच बनने वाली लिंक रोड का इंतजार अब खत्म होने गया है। मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना मद से क्षेत्रीय विधायक ने 10 करोड़ रुपए सड़क बनाने के लिए दे दिए हैं, जिसके बाद एमआइसी में प्रस्ताव रखा जाने वाला है। इसमें पहले किए गए टेंडर को निरस्त कर नया टेंडर बुलाने को मंजूरी दी जाएगी। करीब 1.5 किमी लंबी और 60 फीट चौड़ी सड़क बनाई जाएगी, जिसकी योजना पांच साल पहले बनी थी। इसके बनने से कनाड़िया से खजराना गणेश मंदिर के बीच एक नया रोड तैयार हो जाएगा, जिससे रिंग रोड का लोड भी कम होगा।</p>
<p>कनाड़िया रोड पर प्रेम बंधन गार्डन के सामने से गोयल नगर होते हुए खजराना गणेश मंदिर पार्किंग तक लिंक रोड निर्माण की ह्रश्वलानिंग निगम योजना शाखा ने साल 2022 की थी। 18 मीटर यानी 60 फीट चौड़ी और लगभग 1350 मीटर यानी 1.5 किलो मीटर लंबी सड़क बनाने की ह्रश्वलानिंग पर काम शुरू किया गया। रोड निर्माण के लिए टेंडर जारी करने के साथ मंजूर कर दिए गए।</p>
<p><strong>हाईकोर्ट पहुंच चुका मामला</strong><br>
2023 में रोड की खुदाई कर समतल करने का काम शुरू कर दिया गया था। साथ ही बाधित पेड़ों की शिफ्टिंग भी हो गई थी। रोड निर्माण का काम चल ही रहा था कि जमीन को लेकर विवाद खड़ा हो गया। एक व्यक्ति ने सड़क निर्माण में उसकी निजी जमीन लेने का आरोप लगाया और मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। हाईकोर्ट से स्टे होने के कारण रोड निर्माण कार्य रुक गया। ऐसे में रोड को बनाने के प्रयास निगम लगातार करता रहा और अब जाकर सफलता मिली है। निगम अफसरों के अनुसार जिस व्यक्ति ने अपनी जमीन को लेकर विवाद खड़ा किया था, उसने सड़क बनाने की सहमति दे दी है। इसके लिए निगम को रोड का अलाइनमेंट थोड़ा चेंज करना पड़ा है।</p>
<p><strong>दूरी होगी कम और बचेगा समय</strong><br>
वर्तमान में कनाड़िया एवं पूर्वी क्षेत्र के लोगों को खजराना गणेश मंदिर में दर्शन करने जाने के लिए पहले बंगाली चौराहा और फिर खजराना चौराहा होते हुए पहुंचना पड़ता है। कनाडिय़ा रोड पर प्रेम बंधन गार्डन शासकीय भूमि के रास्ते गोयल नगर होते हुए खजराना गणेश मंदिर तक लिंक रोड बनने से लोगों को काफी फायदा होगा, कनाडिय़ा एवं अन्य क्षेत्र के लोग सीधे ही खजराना गणेश मंदिर की पार्किंग तक कम समय और कम दूरी में पहुंच जाएंगे।</p>
<p><strong>नया एसओआर आने से बढ़ी लागत</strong><br>
इधर, जमीन को लेकर विवाद खत्म होने के चलते पिछले पांच साल से अटके इस लिंक रोड बनाने का जहां रास्ता साफ हो गया है, वहीं क्षेत्रीय विधायक महेंद्र हार्डिया ने सड़क बनाने के लिए निगम को मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना मद से 10 करोड़ रुपए दिए हंै। निगम को दिए जा रहे 10 करोड़ रुपए से रोड बनाने की स्वीकृति लेने और रोड निर्माण को लेकर पहले किए गए टेंडर को खत्म कर नया बुलाने को लेकर निगम योजना शाखा की तरफ प्रस्ताव कल होने वाली एमआइसी की बैठक में रखा जाएगा। अफसरों का कहना है कि नया एसओआर (शेड्यूल ऑफ रेट) आने से रोड निर्माण की लागत बढ़ गई है। पहले सड़क करीब 9 करोड़ रुपए में बन रही थी, लेकिन अब करीब 12 करोड़ रुपए में बनेगी। बाकी के 2 करोड़ रुपए राज्य शासन से मांगे जाएंगे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>भोपाल से रीवा&#45;कोलकाता&#45;पटना फ्लाइट को शानदार रिस्पॉन्स, 65% ऑक्यूपेंसी; दशहरा तक बुकिंग फुल</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल राजधानी भोपाल में स्थित राजाभोज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से एलायंस एयर लाइंस हवाई सेवी की रीवा, कोलकाता, पटना फ्लाइट को बेहतर रिस्पांस मिल रहा है। यानी राजधानी भोपाल से डायरेक्ट कनेक्टिविटी के साथ उड़ान भरने वाली इन फ्लाइट्स को 65 प्रतिशत तक आक्यूपेंसी मिल रही है। अगले महीने से शुरू हो रहे त्योहारी सीजन के … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 11:15:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>भोपाल, से, रीवा-कोलकाता-पटना, फ्लाइट, को, शानदार, रिस्पॉन्स, 65, ऑक्यूपेंसी, दशहरा, तक, बुकिंग, फुल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>राजधानी भोपाल में स्थित राजाभोज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से एलायंस एयर लाइंस हवाई सेवी की रीवा, कोलकाता, पटना फ्लाइट को बेहतर रिस्पांस मिल रहा है। यानी राजधानी भोपाल से डायरेक्ट कनेक्टिविटी के साथ उड़ान भरने वाली इन फ्लाइट्स को 65 प्रतिशत तक आक्यूपेंसी मिल रही है। अगले महीने से शुरू हो रहे त्योहारी सीजन के बाद दिवाली दशहरा तक इन फ्लाइट्स में सीट बुकिंग की इंक्वायरी प्राप्त हो रही हैं।</p>
<p>राजधानी भोपाल से नवरात्रि के दिनों में कोलकाता जाने वाले यात्रियों को इस फ्लाइट का लंबे समय से इंतजार रहा है। एलायंस एयर द्वारा संचालित फ्लाइट सप्ताह में तीन दिन सेवाएं देंगी। एलायंस एयर की ये सीधी फ्लाइट भोपाल से हर रविवार, सोमवार और बुधवार को संचालित की जाएगी।</p>
<p>
<strong>भोपाल से कोलकाता सप्ताह में 6 दिन फ्लाइट</strong><br>
इस संबंध में भोपाल एयरपोर्ट के निदेशक आलोक त्रिपाठी का कहना है कि, इस रूट पर 72 सीटर एटीआर-72 विमान का उपयोग किया जा रहा है, जिसकी क्षमता 70 यात्रियों को ले जाने की है। पटना के लिए शुरू हुई इस नई उड़ान ने भोपाल से कोलकाता के सफर को भी आसान बना दिया है। ऐसे में अब यात्रियों को भोपाल से कोलकाता और वापसी के लिए सप्ताह में छह दिन (शुक्रवार को छोड़कर) कनेुक्टिंग फ्लाइट की सुविधा मिलेगी।</p>
<p><strong>ये रहेगा फ्लाइट का शेड्यूल</strong><br>
-रविवार, सोमवार और बुधवार: इन तीन दिनों में फ्लाइट का रूट भोपाल-पटना-कोलकाता और वापसी में कोलकाता-पटनाभोपाल रहेगा।<br>
-मंगलवार, गुरुवार और शनिवार: विमान सेवा भोपालरीवा- कोलकाता और वापसी में कोलकाता-रीवा-भोपाल रूट पर संचालित की जाएगी।</p>
<p><strong>कोलकाता के लिए 6 दिन कनेक्टिंग फ्लाइट</strong><br>
पटना के लिए शुरू हुई इस नई उड़ान ने भोपाल से कोलकाता के सफर को भी आसान बना दिया है। अब यात्रियों को भोपाल से कोलकाता और वहां से वापसी के लिए सप्ताह में छह दिन (केवल शुक्रवार को छोड़कर) कनेक्टिंग फ्लाइट की सुविधा मिल सकेगी।</p>]]> </content:encoded>
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<title>अब कमेंट्री बॉक्स में दिखेंगे अजिंक्य रहाणे! जानें एक मैच की कितनी होगी फीस, टॉप&#45;5 कमेंटेटर्स कौन</title>
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<description><![CDATA[ मुंबई  भारत के पूर्व बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे श्रीलंका में होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के दौरान कमेंट्री में अपना डेब्यू करने जा रहे हैं. वह 15 अगस्त से गाले में शुरू होने वाली सीरीज के लिए सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के कमेंट्री पैनल में शामिल होंगे. रहाणे अब माइक्रोफोन के पीछे एक नई भूमिका … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 11:00:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>अब, कमेंट्री, बॉक्स, में, दिखेंगे, अजिंक्य, रहाणे, जानें, एक, मैच, की, कितनी, होगी, फीस, टॉप-5, कमेंटेटर्स, कौन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंबई </strong></p>
<p>भारत के पूर्व बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे श्रीलंका में होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के दौरान कमेंट्री में अपना डेब्यू करने जा रहे हैं. वह 15 अगस्त से गाले में शुरू होने वाली सीरीज के लिए सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के कमेंट्री पैनल में शामिल होंगे. रहाणे अब माइक्रोफोन के पीछे एक नई भूमिका निभाएंगे और इंटरनेशनल रेड-बॉल क्रिकेट के अपने अनुभव को ब्रॉडकास्ट में लाएंगे। </p>
<p>37 वर्षीय रहाणे ने भारत के लिए 85 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उन्होंने 38.46 की औसत से 5,077 रन बनाए. इसमें 12 शतक और 26 अर्धशतक शामिल हैं. उन्होंने 2020-21 में ऑस्ट्रेलिया में भारत को टेस्ट सीरीज में यादगार जीत दिलाई और मिडिल-ऑर्डर बल्लेबाज के तौर पर कई यादगार विदेशी जीतों का हिस्सा भी रहे। </p>
<p><strong>'टेस्ट कमेंट्री में डेब्यू करने को लेकर उत्साहित'</strong><br>
रहाणे ने एक प्रेस रिलीज में कहा, 'मैं सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क और सोनी लिव पर भारत के श्रीलंका दौरे के लिए टेस्ट कमेंट्री में अपना डेब्यू करने को लेकर उत्साहित हूं. टेस्ट क्रिकेट हमारे खेल का सबसे बड़ा फॉर्मेट है और इतने सालों तक इस फॉर्मेट में भारत का प्रतिनिधित्व करने के बाद, अब खेल को एक अलग नजरिए से देखना मेरे लिए सम्मान की बात है। </p>
<p><strong>फैंस को खेल की बारीकियां समझाएंगे रहाणे<br>
उन्होंने कहा कि, 'मैं अपने अनुभव शेयर करने, खेल की बारीकि</strong>यों को समझाने और फैंस को उन फैसलों, रणनीतियों और पलों के बारे में जानकारी देने के लिए उत्सुक हूं जो टेस्ट मैच का रुख बदल सकते हैं.' रहाणे ने आगे कहा कि, 'मुझे उम्मीद है कि मैं फैंस के लिए ब्रॉडकास्ट के अनुभव को और बेहतर बना पाऊंगा और उन्हें मैदान पर होने वाली चीजों की गहरी समझ दे पाऊंगा। </p>
<p><strong>अजिंक्य रहाणे को कितनी मिलेगी कमेंट्री फीस?</strong><br>
दरअसल, अजिंक्य रहाणे की कमेंट्री फीस को लेकर कोई ऑफिशियल जानकारी सामने नहीं आई है, इसलिए उनकी कमाई का सटीक आंकड़ा बताना संभव नहीं है. हालांकि, क्रिकेट ब्रॉडकास्टिंग इंडस्ट्री में प्रचलित रिपोर्ट्स के अनुसार जूनियर कमेंटेटर्स को आमतौर पर 35 हजार से 40 हजार रुपये प्रतिदिन, मिड-लेवल कमेंटेटर्स को 1 से 3 लाख रुपये प्रतिदिन और बड़े नामों को 6 से 10 लाख रुपये या उससे अधिक प्रति मैच/दिन तक मिल सकता है। </p>
<p>रहाणे की स्थिति थोड़ी अलग है, क्योंकि वह कमेंट्री की दुनिया में नए हैं, लेकिन भारतीय क्रिकेट का बड़ा नाम रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबा अनुभव रखते हैं. ऐसे में उनकी फीस नए कमेंटेटर्स की तुलना में अधिक हो सकती है, लेकिन पहली कमेंट्री असाइनमेंट होने के कारण उन्हें टॉप-टियर ब्रॉडकास्टर्स वाली फीस मिल रही हो, यह मान लेना भी सही नहीं होगा. इंडस्ट्री ट्रेंड को देखते हुए माना जा सकता है कि वह मिड-लेवल और सीनियर कमेंटेटर रेंज के बीच कहीं हो सकते हैं, हालांकि यह केवल अनुमान है, कोई आधिकारिक जानकारी नहीं। </p>
<p><strong>आकाश चोपड़ा ने बताया कमेंटेटर की कैसे होती है कमाई?</strong><br>
भारत के पूर्व क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने  एंटरप्रेन्योर और इन्फ्लुएंसर राज शमानी के साथ बातचीत में स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग की कमाई के बारे में कुछ खास बातें बताईं. जब उनसे कमेंटेटर की सालाना कमाई के बारे में पूछा गया, तो चोपड़ा ने बताया कि पेमेंट का तरीका आम तौर पर अनुभव, प्रतिष्ठा और कितने दिनों तक मैच कवर किए गए, इस पर निर्भर करता है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि जूनियर या नए कमेंटेटर आम तौर पर हर दिन 35,000 से 40,000 रुपये कमाते हैं और अक्सर साल में लगभग 100 दिन काम करते हैं, हालांकि कॉम्पिटिशन और शेड्यूल की वजह से उस संख्या तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है. इसका मतलब है कि महीने में लगभग 2-2.5 लाख रुपये की कमाई. चोपड़ा ने यह भी कहा कि जब वे बड़े ब्रॉडकास्टिंग ब्रांड के साथ जुड़ते हैं तो यह कमाई और बढ़ सकती है। </p>
<p>चोपड़ा ने कमाई में बड़े अंतर की ओर इशारा करते हुए कहा कि, टॉप कमेंटेटर के लिए, पेमेंट हर दिन 10 लाख रुपये तक जा सकता है. जब राज शमानी ने सालाना कमाई का हिसाब लगाया, तो उन्होंने बताया कि टॉप लेवल पर काम करने वाला कमेंटेटर, जो साल में लगभग 100 दिन काम करता है, 10-12 करोड़ रुपये कमा सकता है। </p>
<p>यह कमाई टूर्नामेंट पर निर्भर करती है और ICC के टूर्नामेंट स्पोर्ट्स मीडिया में सबसे ज़्यादा कमाई वाले होते हैं. आकाश चोपड़ा, जो कई ब्रॉडकास्टर्स के साथ काम करते हैं, ने बताया कि कमेंट्री अब एक गंभीर और कॉम्पिटिटिव प्रोफेशन बन गया है. लाखों फैंस को खेल की बारीकियां समझाने की वजह से, कमेंटेटर भी खिलाड़ियों की तरह ही पहचाने जाने लगे हैं और इससे मिलने वाला फाइनेंशियल रिवॉर्ड वाकई बहुत ज़्यादा हो सकता है। </p>
<p><strong>भारत के टॉप-5 कमेंटेटर</strong><br>
भारत में क्रिकेट कमेंट्री की बात हो तो हर्षा भोगले, रवि शास्त्री, सुनील गावस्कर, आकाश चोपड़ा और वीरेंद्र सहवाग सबसे चर्चित नामों में गिने जाते हैं. हर्षा भोगले अपनी शानदार भाषा और मैच की गहरी समझ के लिए मशहूर हैं, जबकि रवि शास्त्री अपनी दमदार आवाज और यादगार कमेंट्री स्टाइल के लिए पहचाने जाते हैं. सुनील गावस्कर तकनीकी विश्लेषण में माहिर माने जाते हैं, वहीं आकाश चोपड़ा हिंदी कमेंट्री में आंकड़ों और रणनीतिक विश्लेषण के लिए लोकप्रिय हैं. वीरेंद्र सहवाग अपने बेबाक अंदाज, हास्य और दिलचस्प टिप्पणियों के लिए जाने जाते हैं। </p>]]> </content:encoded>
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<title>8th Pay Commission: ₹45 हजार से कम पेंशन नहीं! 4 बार बढ़ा DA, अब आयोग के सामने बड़ी चुनौती</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली 8वें वेतन आयोग के 9 महीने का समय बीत चुका है। अब आयोग के पास सिर्फ 9 महीने का ही समय बचा है। इस दौरान उसे अपनी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को देना है। इस बची भारत पेंशनर्स समाज ने बड़ी मांग कर दी है। आयोग से इस यूनियन ने महंगाई भत्ता, फिटमेंट … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 10:45:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>8th, Pay, Commission:, ₹45, हजार, से, कम, पेंशन, नहीं, बार, बढ़ा, DA, अब, आयोग, के, सामने, बड़ी, चुनौती</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>8वें वेतन आयोग के 9 महीने का समय बीत चुका है। अब आयोग के पास सिर्फ 9 महीने का ही समय बचा है। इस दौरान उसे अपनी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को देना है। इस बची भारत पेंशनर्स समाज ने बड़ी मांग कर दी है। आयोग से इस यूनियन ने महंगाई भत्ता, फिटमेंट फैक्टर्स से लेकर 45000 रुपये कम से कम पेंशन रखने की डिमांड की है। संगठन का कहना है कि बढ़ते खर्च को देखते हुए पेंशनर्स के लिए कम-कम पेंशन की व्यवस्था की जाए। जिससे कर्मचारी रिटायरमेंट के दौरान अच्छा जीवन व्यतीत कर सके।</p>
<p>मिंट की रिपोर्ट के अनुसार 7 अगस्त को इस संगठन ने दिल्ली में आयोग के सामने अपनी डिमांड को रखा है।</p>
<p><strong>4 बार बढ़े महंगाई भत्ता (8th pay commission da updates)</strong><br>
मौजूदा समय में केद्रीय कर्मचारियों को साल भर में दो बार महंगाई भत्ता और DR मिलता है। भारत पेंशनर्स समाज ने कहा है कि हर तीन महीने में डीए में इजाफा किया जाए। सगंठन का कहना है कि बढ़ती महंगाई की वजह से पेंशनर्स पर काफी दबाव होता है। ऐसे में 6 महीने का समय काफी अधिक हो जाता है।</p>
<p><strong>25% डीए पर मर्जर</strong><br>
भारत पेंशनर्स समाज की तरफ से मांग की गई है कि 25 प्रतिशत डीए होने पर उसका मर्जर बेसिक पे से कर दिया जाए। जिससे कर्मचारियों को महंगाई के अनुसार बेसिक पे मिलता रहे। मौजूदा समय में ऐसी कोई भी व्यवस्था नहीं है। इस समय केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 60 प्रतिशत है।</p>
<p><strong>फिटमेंट फैक्टर 3.83 करने की मांग (8th Pay Commission fitment factors)</strong><br>
बीपीएस ने सिर्फ पेंशन को 45000 रुपये करने की मांग नहीं की है। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों के लिए फिटमेंट फैक्टर 3.83 करने की मांग की है। अगर ऐसा हुआ तो मिनिमम बेसिक सैलरी 1800 रुपये से बढ़कर 69000 रुपये हो जाएगा।</p>
<p><strong>फैमिली यूनिट बढ़ाने की मांग (8th Pay Commission family unit)</strong><br>
इस संगठन ने फैमिली यूनिट को भी बढ़ाने की मांग की है। मौजूदा समय में फैमिली यूनिट 3 है। इस बढ़ाकर 5.2 करने की मांग की गई है। संगठनों का कहना है कि माता-पिता को भी फैमिली यूनिट में जोड़ा जाए।</p>
<p>8वें पेंशन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 में हुआ था। इस पे कमीशन के पास 18 महीने का समय है। बता दें, आयोग की रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार की तरफ से केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए वेतन और पेंशन पर फैसला किया जाएगा। इस आयोग का गठन 10 साल के बाद किया जाता है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>‘कांवड़ियों को आतंकवादी कहा तो 10 बार सोच लेना’, मौलाना रशीदी पर भड़के टी. राजा सिंह</title>
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<description><![CDATA[ छतरपुर  तेलंगाना के विधायक टी राजा ने बागेश्वर धाम में कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री से आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी को अनपढ़ बताया। उन्होंने कहा- कांवड़ियों पर टिप्पणी करने से पहले उन्हें 10 बार सोचना। मौलाना साजिद रशीदी ने हाल ही में कांवड़ियों पर सवाल उठाया था। … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 10:15:32 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>‘कांवड़ियों, को, आतंकवादी, कहा, तो, बार, सोच, लेना’, मौलाना, रशीदी, पर, भड़के, टी., राजा, सिंह</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>छतरपुर </strong></p>
<p>तेलंगाना के विधायक टी राजा ने बागेश्वर धाम में कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री से आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी को अनपढ़ बताया। उन्होंने कहा- कांवड़ियों पर टिप्पणी करने से पहले उन्हें 10 बार सोचना।</p>
<p>मौलाना साजिद रशीदी ने हाल ही में कांवड़ियों पर सवाल उठाया था। उन्होंने उनकी तुलना नशेड़ियों, भंगेड़ियों और आतंकवादियों से की थी। टी राजा ने इसी बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा- मदरसों से आतंकवादी बनने वालों को ज्ञान दें। लाल किले पर बम फोड़ने वाले डॉक्टरों को ज्ञान दें।</p>
<p><strong>लाल टोपी पहनकर रामभक्तों पर गोली चलाई गई थी</strong><br>
टी राजा ने कहा, तुमने क्या शब्दों का उपयोग किया है? क्या हमारे कांवड़ी गंजेड़ी हैं, शराब पीते हैं, गांजा पीते हैं, क्या आतंकवादी हैं? बसों पर हमला करते हैं?। इस तरह की भद्दी टिप्पणी करने की क्या आवश्यकता थी?</p>
<p>टी राजा ने कहा कि अगर राजनीति ही करनी है तो उन लोगों की पार्टी में चले जाएं, जिन्होंने लाल टोपी पहनकर रामभक्तों पर गोली चलाई थी। उत्तर प्रदेश सरकार को ऐसे लोगों पर बुलडोजर की कार्रवाई करनी चाहिए।</p>
<p><strong>रशीदी ने कांवड़ियों की तुलना 'आतंकवादियों' से की थी</strong><br>
दरअसल, 6 अगस्त को मौलाना साजिद रशीदी ने एक बयान में कांवड़ यात्रा में शामिल कुछ लोगों की तुलना 'आतंकवादियों' और 'नशेड़ियों' से की थी। उन्होंने दावा किया था कि सड़कों पर हुड़दंग, तोड़फोड़ और पुलिस पर हमला करने वाले लोग शिवभक्त नहीं, बल्कि दहशतगर्द हैं।</p>
<p>रशीदी के बयान के बाद हिंदू संगठनों और सनातन प्रेमियों में भारी आक्रोश फैल गया। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के सिविल लाइंस थाने में हिंदू संघर्ष समिति की शिकायत पर उनके खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने का मुकदमा दर्ज किया गया है।</p>
<p><strong>अखिलेश यादव को 'नालायक बेटा' बताया</strong><br>
टी राजा ने मौलाना रशीदी के बयान पर समाजवादी पार्टी की चुप्पी को लेकर निशाना साधा। उन्होंने समाजवादी पार्टी के इतिहास का जिक्र करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का नाम लिया। अखिलेश यादव को 'नालायक बेटा' और 'अखिलेश मुल्ला' कहा। सपा पहले भी हिंदू विरोधी थी और आज भी है।</p>
<p>टी राजा ने कहा कि इन लोगों का न तो सनातन से कोई लेना-देना है और न ही सनातन पर उंगली उठाने वालों के खिलाफ ये टिप्पणी करते हैं। इनका सिर्फ एक ही उद्देश्य है, जो सनातन के खिलाफ बात करें, उसको पीछे के डोर से सपोर्ट करो, उसको हवा दो और उत्तर प्रदेश का माहौल खराब करो। यही इस पार्टी का उद्देश्य है। हिंदू विरोधी हैं सब लोग।</p>]]> </content:encoded>
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<title>Sickle Cell Disease: देश के 59% मरीज ओडिशा और MP में मिले, 7.27 करोड़ लोगों की हुई जांच</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन (NSCAEM) के तहत मध्य प्रदेश ने देशभर में जांच के मामले में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्यसभा में स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में अब तक 1,33,69,993 (1.33 करोड़ से अधिक) लोगों की सिकल सेल जांच की जा चुकी है। देशभर … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 10:15:28 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Sickle, Cell, Disease:, देश, के, 59, मरीज, ओडिशा, और, में, मिले, 7.27, करोड़, लोगों, की, हुई, जांच</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन (NSCAEM) के तहत मध्य प्रदेश ने देशभर में जांच के मामले में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्यसभा में स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में अब तक 1,33,69,993 (1.33 करोड़ से अधिक) लोगों की सिकल सेल जांच की जा चुकी है।</p>
<p><strong>देशभर में सिकल सेल के जितने मरीज चिह्नित किए गए हैं, उनका 59.28% (लगभग 60 फीसदी) हिस्सा अकेले ओडिशा और मध्य प्रदेश में है।</strong></p>
<p>जांच में एमपी में 40,741 लोग सिकल सेल बीमारी से पीड़ित पाए गए हैं, जबकि 2,45,024 व्यक्ति 'वाहक' (कैरियर) के रूप में चिह्नित हुए हैं। मध्य प्रदेश सरकार जनजातीय बहुल इलाकों में आयुष्मान आरोग्य मंदिर से लेकर जिला अस्पतालों के माध्यम से इन मरीजों की डिजिटल ट्रैकिंग और मुफ्त इलाज (हाइड्रोक्सीयूरिया और फॉलिक एसिड वितरण) करा रही है।</p>
<p><strong>देशभर में 7.27 करोड़ लोगों की जांचें हुईं</strong><br>
मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 17 प्रमुख जनजातीय बहुल राज्यों में अब तक 7.27 करोड़ (7,27,10,014) से ज्यादा लोगों की सिकल सेल जांच की जा चुकी है। इस जांच अभियान में 20,47,145 लोग सिकल सेल के 'वाहक' (कैरियर) पाए गए हैं, जबकि 2,49,167 लोग इस बीमारी से 'पीड़ित' पाए गए हैं। इस मिशन की निगरानी राष्ट्रीय सिकल सेल पोर्टल से की जा रही है।</p>
<p><strong>सबसे ज्यादा मरीज ओडिशा में, एमपी दूसरे नंबर पर</strong><br>
सिकल सेल से ग्रसित मरीजों की सबसे अधिक संख्या ओडिशा में है, जहां 1,06,969 मरीज चिह्नित हुए हैं। इसके बाद मध्य प्रदेश में 40,741 मरीज, गुजरात में 30,548 मरीज और महाराष्ट्र में 30,017 मरीज पाए गए हैं। वहीं, जांच के मामले में छत्तीसगढ़ सबसे आगे रहा, जहां रिकॉर्ड 1.78 करोड़ से ज्यादा लोगों का टेस्ट किया गया, जिसमें 28,384 लोग ग्रसित पाए गए हैं।</p>
<p><strong>छोटे अस्पतालों में भी फ्री जांच की सुविधा</strong><br>
सरकार आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAM), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और जिला अस्पतालों के स्तर तक 0-40 वर्ष के आयु वर्ग के लोगों की मुफ्त जांच कर रही है। मरीजों को राहत देने के लिए आवश्यक दवा 'हाइड्रोक्सीयूरिया' को राष्ट्रीय आवश्यक औषधि सूची में शामिल कर निचले स्तर के स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाया गया है।</p>
<p><strong>जानिए वाहक क्या होता है?</strong><br>
वाहक वह व्यक्ति होता है जिसे अपने माता-पिता में से किसी एक से सिकल सेल का दोषपूर्ण जीन (Gene) विरासत में मिलता है, जबकि दूसरे माता-पिता से सामान्य जीन मिलता है। ऐसे व्यक्तियों में बीमारी के लक्षण दिखाई नहीं देते और वे एक सामान्य, स्वस्थ जीवन जीते हैं। उन्हें किसी विशेष इलाज की आवश्यकता नहीं होती। हालांकि वे खुद बीमार नहीं होते, लेकिन वे इस दोषपूर्ण जीन को अपनी आने वाली पीढ़ी (बच्चों) में ट्रांसफर कर सकते हैं। इसीलिए इन्हें 'वाहक' कहा जाता है।</p>
<p><strong>सिकल का मरीज भी समझिए</strong><br>
मरीज वह व्यक्ति होता है जिसे अपने माता-पिता दोनों से सिकल सेल का दोषपूर्ण जीन मिलता है। इस स्थिति में व्यक्ति के शरीर में सामान्य लाल रक्त कोशिकाएं (RBCs) नहीं बनतीं, बल्कि वे हंसिए (सिकल) के आकार की चिपचिपी और कड़क हो जाती हैं। इससे शरीर में खून और ऑक्सीजन का बहाव ठीक से नहीं हो पाता, जिससे गंभीर दर्द , एनीमिया (खून की कमी) और अंगों को नुकसान पहुंच सकता है।</p>
<p><strong>इन्हें नियमित चिकित्सा देखभाल, दवाओं (जैसे हाइड्रोक्सीयूरिया और फॉलिक एसिड) और निरंतर फॉलो-अप की आवश्यकता होती है।</strong></p>
<p><strong>किट के जरिए कुछ मिनटों में बीमारी की पहचान</strong><br>
आंगनबाड़ी, आशा केंद्र, उपकेंद्र, सीएसपी और पीएचसी समेत अस्पताल में सॉल्युबिलिटी (घुलनशीलता) टेस्ट की सुविधा है। इसमें एक किट की मदद से महज कुछ मिनटों में ही बीमारी की पहचान हो जाती है। बीमारी चिह्नित होने के बाद पैटर्न के लिए हीमोग्लोबिन इलेक्ट्रोफोरेसिस जांच कराई जाती है। साल 1984 में पहली बार आईसीएमआर ने एमपी के नर्मदा किनारे के जिलों को सिकलसेल एनीमिया प्रभावित रेड जोन बताया था।</p>]]> </content:encoded>
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<title>रक्षाबंधन से पहले CM मोहन यादव की बड़ी सौगात, 22 लाख महिलाओं के खातों में पहुंचे ₹99 करोड़</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  मंत्रालय से सिंगल क्लिक के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की पेंशन राशि तथा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना अंतर्गत गैस सिलेंडर रिफिल के 311 करोड़ रुपये पात्र बहनों के खातों में अंतरित की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलों में मौजूद हितग्राहियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित करते हुए … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 10:15:24 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>रक्षाबंधन, से, पहले, मोहन, यादव, की, बड़ी, सौगात, लाख, महिलाओं, के, खातों, में, पहुंचे, ₹99, करोड़</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong><br>
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  मंत्रालय से सिंगल क्लिक के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की पेंशन राशि तथा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना अंतर्गत गैस सिलेंडर रिफिल के 311 करोड़ रुपये पात्र बहनों के खातों में अंतरित की।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलों में मौजूद हितग्राहियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित करते हुए कहा कि समाज के हर वर्ग के विकास और कल्याण के लिए हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। हम चाहते हैं कि सबके घरों में खुशहाली आए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता समर्पण भाव से सबकी सेवा है और अंत्योदय ही अंतिम लक्ष्य है।</p>
<p><strong>35 लाख से अधिक बुजुर्गों और दिव्यांगों के खातों में पहुंचे 211 करोड़ रुपये</strong><br>
मुख्यमंत्री ने विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत प्रदेश के 35 लाख 25 हजार से अधिक पात्र हितग्राहियों के बैंक खातों में 211 करोड़ 53 लाख रुपये अंतरित किए। यह राशि जुलाई 2026 की पेंशन के रूप में संबंधित हितग्राहियों के खातों में अंतरित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के लिए नागरिकों के सम्मान और सबकी खुशी से बढ़कर दूसरा कोई त्यौहार नहीं है, इसीलिए हमने आने वाले त्योहारों पर सबसे पहले बुजुर्गों को पेंशन राशि अंतरित करने का फैसला लिया।<br>
22 लाख बहनों को रक्षाबंधन का तोहफा: 99 करोड़ सब्सिडी खातों में ट्रांसफर</p>
<p>मुख्यमंत्री ने प्रदेश की 22 लाख 20 हजार से अधिक बहनों के खातों में अप्रैल और मई 2026 की गैस सिलेंडर रिफिल की राशि भी सिंगल क्लिक से अंतरित की। बहनों के खातों में करीब 99 करोड़ रुपये की दो माह की सब्सिडी पहुंचाई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सावन तो बहनों का ही माह होता है। बहनें खुश न हों, तो घर में रौनक नहीं होती, इसीलिए हमने अभी से ही उन्हें रक्षाबंधन का उपहार देना शुरू कर दिया है।</p>
<p><strong>हर घर तिरंगा अभियान का आह्वान, मंत्रियों ने भी किया संबोधित</strong><br>
मुख्यमंत्री ने हर घर तिरंगा अभियान के तहत प्रदेश के सभी नागरिकों से अपने-अपने घरों पर तिरंगा लगाने का आह्वान किया। कार्यक्रम को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने भी संबोधित किया।</p>]]> </content:encoded>
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<title>इंदौर में लाड़ली बहना योजना का बदला आंकड़ा, राशि ₹1000 से बढ़कर ₹1500 हुई; लाभार्थी 4.57 लाख से घटकर 4.38 लाख</title>
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<description><![CDATA[ इंदौर  मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में सरकार ने महिलाओं को मिलने वाली मासिक सहायता राशि 1000 से बढ़ाकर 1500 रुपए कर दी, लेकिन एमपी के इंदौर शहर में लाभार्थी महिलाओं की संख्या लगातार घट रही है। जिले में 4 लाख 57 हजार 742 महिलाएं लाभार्थी थीं, अब घटकर 4 लाख 38 हजार 88 रह गई … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 10:15:20 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>इंदौर, में, लाड़ली, बहना, योजना, का, बदला, आंकड़ा, राशि, ₹1000, से, बढ़कर, ₹1500, हुई, लाभार्थी, 4.57, लाख, से, घटकर, 4.38, लाख</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इंदौर </strong></p>
<p>मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में सरकार ने महिलाओं को मिलने वाली मासिक सहायता राशि 1000 से बढ़ाकर 1500 रुपए कर दी, लेकिन एमपी के इंदौर शहर में लाभार्थी महिलाओं की संख्या लगातार घट रही है। जिले में 4 लाख 57 हजार 742 महिलाएं लाभार्थी थीं, अब घटकर 4 लाख 38 हजार 88 रह गई है। यानी करीब साढ़े तीन साल में 19654 महिलाएं योजना से से बाहर हो चुकी हैं।</p>
<p>इस दौरान एक ओर प्रति महिला मिलने वाली राशि में 50 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई, वहीं लाभार्थियों का दायरा करीब 20 हजार कम हो गया। इसका बड़ा कारण 60 वर्ष उम्र पूरी होना है। इसके अलावा समग्र आइडी, आधार संबंधी दिक्कत, मृत्यु और स्वयं योजना छोड़ने जैसे कारणों से नाम हटना है।</p>
<p><strong>आर्थिक मजबूती देना है योजना का उद्देश्य</strong><br>
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिन्हा के अनुसार जिन महिलाओं की पात्रता समाप्त हुई है, उनके <strong>नाम नियमों के अनुसार सूची से हटाए गए है।</strong></p>
<p><strong>60 साल उम्र होना सबसे बड़ा कारण</strong><br>
इंदौर में योजना से बाहर हुई 19,654 महिलाओं में बड़ा हिस्सा उन महिलाओं का है, जिन्होंने 60 वर्ष की आयु पूरी कर ली। पिछले साढ़े तीन साल में 14,151 महिलाएं इसी वजह से योजना से बाहर हुईं। आंकड़े बताते हैं कि उम्र पूरी होने के कारण योजना से बाहर होने वाली महिलाओं की संख्या हर साल बढ़ रही है। 2024 में जहां 4,040 महिलाएं इस कारण बाहर हुई, वहीं 2026 में यह 5,150 हो गई।</p>
<p><strong>60 वर्ष बाद बाहर महिलाएं</strong></p>
<p><strong>2024: 4,040 महिलाएं<br>
2025: 4,961 महिलाएं<br>
2026: 5,150 महिलाएं<br>
कुल: 14,151 महिलाएं</strong></p>
<p><strong>लाड़ली में पंजीयन बंद, अन्य योजनाओं में चालू</strong><br>
वृद्धावस्था पेंशन, कल्याणी पेंशन व पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं में पात्र नए हितग्राहियों को जोड़ने की प्रक्रिया चलती रहती है। इसके विपरीत लाड़ली बहना योजना में नए पंजीयन फिलहाल बंद हैं। ऐसे में मौजूदा सूची में से पात्रता समाप्त होने वाले हितग्राहियों के नाम हटने से लाभार्थियों की संख्या स्वाभाविक रूप से कम हो रही है।</p>
<p><strong>इन कारणों से भी घटे लाभार्थी<br>
60 वर्ष की उम्र पूरी: 14,151 महिलाएं<br>
समग्र आइडी हटने: 2,406 महिलाएं<br>
स्वयं योजना छोड़ी:973 महिलाएं<br>
आधार-समग्र मिलान नहीं: 903 महिलाएं<br>
मृत्यु: 763 महिलाएं<br>
आधार की वजह से: 452 महिलाएं<br>
कुल: 19,654 महिलाएं</strong></p>
<p><strong>2023 में शुरू हुई थी योजना</strong><br>
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 5 मार्च 2023 से आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई थी। नई पात्र महिलाओं के लिए योजना में शामिल होने का रास्ता फिलहाल बंद है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>लखनवास में शिक्षा सुविधाओं को मिली नई गति</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास राज्यमंत्री  नारायण सिंह पंवार ने पीएम  शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, लखनवास में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए लगभग 1 करोड़ 91 लाख रूपये की लागत से निर्मित होने वाले 7 अतिरिक्त कक्षों एवं अन्य निर्माण कार्यों का … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 10:15:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>लखनवास, में, शिक्षा, सुविधाओं, को, मिली, नई, गति</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास राज्यमंत्री  नारायण सिंह पंवार ने पीएम  शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, लखनवास में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए लगभग 1 करोड़ 91 लाख रूपये की लागत से निर्मित होने वाले 7 अतिरिक्त कक्षों एवं अन्य निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने लगभग 200 विद्यार्थियों को निःशुल्क साइकिलों का वितरण भी किया।</p>
<p>राज्यमंत्री  पंवार ने कहा कि प्रदेश सरकार बच्चों के सर्वांगीण विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी आधुनिक शैक्षणिक संसाधन और बेहतर वातावरण उपलब्ध हो, ताकि उन्हें शिक्षा के लिए बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता न पड़े।</p>
<p><strong>लखनवास के परीक्षा परिणाम में सुधार सराहनीय</strong></p>
<p>राज्यमंत्री  पंवार ने कहा कि लखनवास विद्यालय के परीक्षा परिणामों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जो अत्यंत संतोषजनक और सराहनीय है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि अच्छे परिणाम पर रुकना नहीं है, बल्कि इसे और बेहतर बनाते हुए उत्कृष्टता के नए मापदंड स्थापित करने हैं। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि विद्यालय में ऐसा वातावरण तैयार किया जाए कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के जिन बच्चों के माता-पिता उन्हें भोपाल या इंदौर जैसे बड़े शहरों में पढ़ने के लिए नहीं भेज सकते, उन्हें लखनवास में ही भोपाल और इंदौर जैसा गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण मिल सके। इसके लिए शिक्षकों, अभिभावकों और समाज को मिलकर प्रयास करना होगा।</p>
<p><strong>लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत करें विद्यार्थी</strong></p>
<p>राज्यमंत्री  पंवार ने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए लक्ष्य, संकल्प और निरंतर मेहनत बेहद जरूरी है। प्रत्येक विद्यार्थी को अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने के लिए पूरी निष्ठा और लगन से प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को एकलव्य के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। एकलव्य ने अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जिस प्रकार दृढ़ संकल्प, समर्पण और अनुशासन के साथ साधना की, वह आज भी युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें और मेहनत के बल पर देश के शीर्ष नेतृत्व एवं विभिन्न क्षेत्रों में अपना स्थान बनाएं।</p>
<p><strong>नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति से विद्यार्थियों को मिल रहे व्यापक अवसर</strong></p>
<p>राज्यमंत्री  पंवार ने नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति विद्यार्थियों की प्रतिभा, रुचि और क्षमता के अनुरूप शिक्षा को बढ़ावा देने वाली नीति है। इसका उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित रहना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में कौशल, रचनात्मकता, नवाचार, <strong>तार्किक क्षमता और आत्मविश्वास का विकास करना है।</strong></p>
<p><strong>राज्य सरकार शिक्षा को दे रही प्राथमिकता</strong></p>
<p>राज्यमंत्री  पंवार ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नए आयाम स्थापित कर रही है। पीएम  विद्यालयों के माध्यम से आधुनिक अधोसंरचना, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि शहर और गांव के विद्यार्थियों के बीच सुविधाओं और अवसरों का अंतर कम हो तथा ग्रामीण अंचल के बच्चे भी बड़े शहरों के विद्यार्थियों की तरह आधुनिक संसाधनों के साथ आगे बढ़ सकें। राज्यमंत्री  पंवार ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर रहने, अनुशासन का पालन करने, नियमित अध्ययन करने तथा माता-पिता और शिक्षकों का सम्मान करने के लिए प्रेरित किया।</p>]]> </content:encoded>
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<title>महाकाल परिसर में फिर आकार लेगा 11वीं सदी का शिव मंदिर, राजा भोज की वास्तुकला से तैयार हुआ नक्शा</title>
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<description><![CDATA[ उज्जैन   उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर में 11वीं सदी में बने शिव मंदिर के ढह जाने के बाद उसी शैली, ऊंचाई में पुनर्निर्माण के लिए परमार वंश के राजा भोज द्वारा लिखा वास्तुकला का ग्रंथ &#039;समरांगणसूत्रधार&#039; काम आया है। यह मंदिर परमार कला की भूमिज शैली में बना था। 2020 में हुई खोदाई में दिखा … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 10:15:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>महाकाल, परिसर, में, फिर, आकार, लेगा, 11वीं, सदी, का, शिव, मंदिर, राजा, भोज, की, वास्तुकला, से, तैयार, हुआ, नक्शा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>उज्जैन </strong><br>
 उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर में 11वीं सदी में बने शिव मंदिर के ढह जाने के बाद उसी शैली, ऊंचाई में पुनर्निर्माण के लिए परमार वंश के राजा भोज द्वारा लिखा वास्तुकला का ग्रंथ 'समरांगणसूत्रधार' काम आया है। यह मंदिर परमार कला की भूमिज शैली में बना था।</p>
<p><strong>2020 में हुई खोदाई में दिखा था शिव मंदिर</strong><br>
वर्ष 2020 में महाकाल मंदिर परिसर में विस्तार कार्य के दौरान खोदाई में यह शिव मंदिर दिखा था। इसके बाद मध्य प्रदेश पुरातत्व विभाग ने 2021 से यहां अपने संरक्षण में खोदाई कराई। फिर उसी स्थान पर उसी शैली, लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई का मंदिर बनाया जा रहा है। यह पुरातत्व विभाग की नीति भी है कि मंदिरों को उसी स्वरूप में बनाया जाए।</p>
<p><strong>वेदिबंध के आधार पर ऊंचाई का आकलन</strong><br>
चुनौती यही थी कि कैसे पता चले कि मंदिर कितना ऊंचा या लंबा-चौड़ा था। इस पर समरांगणसूत्रधार में उल्लेखित वास्तु का वह फॉर्मूला काम आया, जिसमें बताया गया है भुजाओं के आधार पर ऊंचाई व अन्य संरचना का आकलन किया जा सकता है। मंदिर की वेदिबंध (नींव के ऊपर बना हुआ निचला वास्तु-भाग) के आधार पर ऊंचाई का आकलन 37 फीट किया गया। जिसका निर्माण कार्य चल रहा है।</p>
<p><strong>राजस्थान के पत्थरों से हो रहा निर्माण</strong><br>
निर्माण एक वर्ष में पूरा होने की आशा है। मंदिर के अवशेष से पता चला इसे बेसाल्ट चट्टानों से बनाया गया था। इसलिए राजस्थान से ये चट्टानें मंगवाकर लगाई जा रही हैं। अभी वेदिबंध तक का काम हो गया है, अब जंघा और शिखर का काम होना है। राजस्थान के कारीगरों की टीम इसे बना रही है।</p>
<p><strong>20 फीट गहराई में मिले थे अवशेष</strong><br>
पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जमीन से करीब 20 फीट की गहराई पर प्राचीन मंदिर के अवशेष मिले थे। इसमें मंदिर का आधार भाग, गर्भगृह के अवशेष, नंदी, गणेश, मां चामुंडा, शार्दूल सहित कई महत्वपूर्ण प्रतिमाएं और स्थापत्य खंड मिले थे, पर शिवलिंग नहीं था। साथ ही भारवाही कीचक, कपोतिका, कुंभ भाग, स्तंभ, आमलक आदि स्थापत्य अवशेष भी मिले थे।</p>
<p><strong>वास्तुपुरुष मंडल पर आधारित है मंदिर की योजना</strong><br>
मंदिर की वास्तु योजना वास्तुपुरुष मंडल पर आधारित बताई गई है। पुनर्निर्माण में पुराने पत्थरों या खंडों का उपयोग, आवश्यकता के अनुसार तांबा या स्टेनलेस स्टील क्लैंप और चूना आदि का उपयोग किया जाएगा। अभी वेदिबंध तक निर्माण कार्य हुआ है। एक वर्ष में मंदिर तैयार हो जाएगा। निर्माण के बाद इसे मंदिर ट्रस्ट को सौंप दिया जाएगा।</p>
<p><strong>समरांगणसूत्रधार में है लेआउट का पैमाना</strong><br>
मप्र पुरातत्व विभाग के पुरातत्वविद् डा. रमेश यादव बताते हैं कि समरांगणसूत्रधार वास्तु का एक ग्रंथ है, जिसमें सूत्र दिए गए हैं। उसमें पैमाना दिया गया है। यदि ले आउट पता चल जाता है तो उसके अनुसार अन्य भाग की लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई पता की जा सकती है। इसमें पैमाना दिया गया है कि कुंभ भाग कितना होने पर शिखर और जंघा का भाग कितना होगा। हमें वेदिबंध का हिस्सा मिला था। इसी आधार पर ऊंचाई का आकलन 37 फीट किया गया है।</p>
<p>    महाकाल मंदिर परिसर में शिव मंदिर का निर्माण उसके पुराने स्वरूप में किया जा रहा है। इसमें नीचे की हिस्से का काम हो गया है। मंदिर के निर्माण के पहले उसकी शैली, आकार आदि पर गहराई से शोध किया गया है, ताकि उसे वही पुराना स्वरूप दिया जा सके।<strong> –    मदन कुमार नागरगोजे, आयुक्त, पुरातत्व संचालनालय एवं अभिलेखागार</strong></p>
<p>    राजाभोज संस्कृत के विद्वान थे। उन्होंने 80 से अधिक ग्रंथ लिखे थे, जिनमें ज्योतिष, वास्तु, यंत्र निर्माण, व्याकरण आदि के ग्रंथ हैं। समरांगणसूत्रधार में 83 अध्यायों में सात हजार से अधिक श्लोक हैं। इनमें नगर नियोजन, शिल्पशास्त्र, मंदिर निर्माण, प्रासाद निर्माण आदि के बारे में बताया गया है।<strong>–     – डॉ. नीलेश व्यास, रोज भोज के ग्रंथों पर शोध करने वाले</strong></p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>भारत में रोजगार की आई बाढ़! फ्रीडम के साथ मिल रहा पैसा, युवाओं के लिए खुल रहे नए मौके</title>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली आज कंपटिशन के दौर में डॉक्टर इंजीनियर या टीचर का कर‍ियर अपनाना मुश्क‍िल हो गया है.वहीं सरकारी नौकरियां, जो निश्च‍ितता देती हैं वहां पेपर लीक से  लेकर कोच‍िंग इंडस्ट्री के लंबे खर्चे तक तमाम अन‍िश्च‍ितताएं हैं. अब बचता है जॉब… तो इंड‍िया में जॉब पाना तो आसान हो गया है. आपको कोई भी … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 09:45:13 +0530</pubDate>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong></p>
<p>आज कंपटिशन के दौर में डॉक्टर इंजीनियर या टीचर का कर‍ियर अपनाना मुश्क‍िल हो गया है.वहीं सरकारी नौकरियां, जो निश्च‍ितता देती हैं वहां पेपर लीक से  लेकर कोच‍िंग इंडस्ट्री के लंबे खर्चे तक तमाम अन‍िश्च‍ितताएं हैं. अब बचता है जॉब… तो इंड‍िया में जॉब पाना तो आसान हो गया है. आपको कोई भी बेसिक काम जैसे ड्राइव‍िंग, कुकिंग या घरेलू काम आते हैं तो आप तुरंत किसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जॉब पा सकते हैं. लेकिन ये करियर या नौकरी तो नहीं कहलाएगी. एक तरह से देखा जाए तो ये अमेरिकी ट्रेंड है जहां लोग ग‍िग वर्क करके अपने खर्चे न‍िकाल लेते हैं. लेकिन भारत में इस पर  लोगों की लाइफ डिपेंड होती जा रही है। </p>
<p>मार्केट में घटते जॉब, ले-ऑफ के खतरे, एआई का मार्केट, महंगाई और परिवार की जिम्मेदारी ने लोगों को ग‍िग वर्क के लिए मजबूर कर दिया है. लोग अब केवल नौकरी तक खुद को सीमित नहीं रख रहे हैं. नौकरी करने के साथ ही वह अब अमेरिका के वर्क कल्चर यानी गिग वर्कर के ट्रेंड को फॉलो कर रहे हैं. वह खाली समय का भी यूज कर रहे हैं। </p>
<p>2026 के एक Indeed सर्वे में 68% भारतीय कर्मचारियों ने कहा कि उनकी मौजूदा आय आराम से जीवनयापन के लिए पर्याप्त नहीं है, जो साइड इनकम की बढ़ती जरूरत को समझने में मदद करता है. लेकिन केवल सैलरी ही इस काम को करने का अहम कारण नहीं माना बल्कि गिग वर्क को फ्रीडम के साथ काम करने का मौका देता है. ऐसे में भारत का बदलता वर्क कल्चर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है क्या कर्मचारी अब एक नौकरी के बजाय कमाई के कई रास्तों को अपना भविष्य मानने लगे हैं? भारत में गिग इकोनॉमी के बढ़ने का अंदाजा सरकारी आंकड़ों से भी लगाया जा सकता है. नीति आयोग के अनुमान के मुताबिक 2020-21 में देश में करीब 77 लाख यानी 7.7 मिलियन गिग वर्कर्स थे. यह संख्या 2029-30 तक बढ़कर 2.35 करोड़ यानी 23.5 मिलियन होने का अनुमान है। </p>
<p><strong>अमेरिका में कैसा है गिग वर्कर का काम? </strong><br>
अमेरिका में गिग और वैकल्पिक काम का दायरा केवल डिलीवरी या कैब चलाने तक सीमित नहीं है. इसमें स्वतंत्र कॉन्ट्रैक्टर, फ्रीलांसर, ऑन-कॉल वर्कर, टेंपरेरी वर्क और ऐप के जरिए मिलने वाला काम भी शामिल होते हैं. अमेरिकी ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स (BLS) के जुलाई 2023 के आंकड़े बताते हैं कि अमेरिका में 7.4% कामगार अपने मुख्य या एकमात्र काम में स्वतंत्र कांट्रेक्टर थे. वहीं 4.3% कामगार contingent jobs में थे, यानी ऐसी नौकरियां जिनके लंबे समय तक चलने की उम्मीद नहीं होती। </p>
<p>अमेरिका में इस तरह के काम को लेकर सबसे बड़ा मुद्दा फ्लेक्सिबिलिटी बनाम नौकरी की सुरक्षा है. स्वतंत्र कॉन्ट्रैक्टर को काम करने की ज्यादा आजादी मिल सकती है, लेकिन कर्मचारी के तौर पर मिलने वाले कुछ लाभ और सुरक्षा उन्हें नहीं मिलते. अमेरिका में केवल गिग वर्कर केवल ऐप के जरिए कैब चलाने या सामान पहुंचाने तक ही नहीं है. इसमें फ्रीलांसर, स्वतंत्र सलाहकार (Consultant) और दूसरे काम भी शामिल होते हैं. BLS के अनुसार, आर्ट्स, डिजाइन,  मनोरंजन, खेल और मीडिया से जुड़े कामों में हिस्सेदारी सबसे अधिक है। </p>
<p><strong>भारत में क्यों बढ़ रहा है इसका ट्रेंड?</strong><br>
भारत में इसके बढ़ने की कई सारी वजहें हैं. स्मार्टफोन और इंटरनेट की आसान उपलब्धता, ऑनलाइन पेमेंट, ई-कॉमर्स, फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स ने ऐसे कामों के अवसर बढ़ाए हैं. डिलीवरी पार्टनर, कैब ड्राइवर, फ्रीलांसर, घरेलू सेवाएं देने वाले कर्मचारी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े दूसरे कामगार अब इस नए वर्क कल्चर का हिस्सा बन रहे हैं. नीति आयोग के मुताबिक भारत में गिग वर्क का बड़ा हिस्सा मध्यम कौशल वाले कामों में है. 2020-21 में करीब 47% गिग वर्क मीडियम-स्किल्ड, 22% हाई-स्किल्ड और 31% लो-स्किल्ड कामों में था. भारत में गिग वर्कर्स को लेकर सरकार ने कानूनी स्तर पर भी कदम उठाए हैं.सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 में पहली बार गिग वर्कर और प्लेटफॉर्म वर्कर की परिभाषा और उनके लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का प्रावधान किया गया है। </p>
<p><strong>क्या भारत अमेरिका के रास्ते पर चल रहा है?</strong><br>
काफी हद तक वर्क कल्चर में समानता जरूर दिखाई दे रही है, लेकिन दोनों देशों की परिस्थितियां अलग हैं. अमेरिका में गिग वर्क का बड़ा हिस्सा स्वतंत्र कॉन्ट्रैक्ट और फ्रीलांस मॉडल से जुड़ा है, जबकि भारत में ऐप आधारित डिलीवरी, कैब और क्विक-कॉमर्स जैसे काम तेजी से दिखाई दे रहे हैं. भारत में गिग इकोनॉमी के सामने सबसे बड़ा सवाल सिर्फ रोजगार बढ़ने का नहीं है बल्कि कमाई की स्थिरता, सामाजिक सुरक्षा, दुर्घटना बीमा और काम की बेहतर परिस्थितियों का भी है. इसलिए आने वाले सालों में भारत में गिग वर्क का विस्तार कितना बड़ा होगा, यह सिर्फ ऐप और कंपनियों की संख्या पर निर्भर नहीं करेगा. सरकार की नीतियां, प्लेटफॉर्म कंपनियों की जिम्मेदारी और कामगारों को मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा भी इस नए वर्क कल्चर की दिशा तय करेगी। </p>]]> </content:encoded>
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<title>PM E&#45;DRIVE Scheme: सरकार का बड़ा तोहफा! मार्च 2028 तक बढ़ी योजना, इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने पर मिलेगी छूट</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली भारत सरकार ने इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को बढ़ावा देने के लिए PM E-DRIVE Scheme की अवधि बढ़ा दी है. अब इस योजना का फायदा 31 मार्च 2028 तक लिया जा सकता है. भारत सरकार के इस फैसले से देश में Electric Vehicle यानी EV की बिक्री बढ़ाने के साथ-साथ घरेलू EV मैन्युफैक्चरिंग को … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 09:45:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>भारत सरकार ने इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को बढ़ावा देने के लिए PM E-DRIVE Scheme की अवधि बढ़ा दी है. अब इस योजना का फायदा 31 मार्च 2028 तक लिया जा सकता है. भारत सरकार के इस फैसले से देश में Electric Vehicle यानी EV की बिक्री बढ़ाने के साथ-साथ घरेलू EV मैन्युफैक्चरिंग को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने वाले कस्टमर्स को योजना के तहत मिलने वाला इंसेंटिव भी जारी रहेगा। </p>
<p><strong>31 मार्च 2028 तक जारी रहेगी PM E-DRIVE Scheme</strong><br>
भारी उद्योग मंत्रालय ने 10 अगस्त 2026 को जारी नोटिफिकेशन में PM E-DRIVE Scheme की अवधि बढ़ाने की जानकारी दी. अब योजना 31 मार्च 2028 तक लागू रहेगी. इस योजना के लिए कुल 11,900 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है. आपको बता दें कि PM E-DRIVE का मुख्य उद्देश्य देश में इलेक्ट्रिर व्हीकल की बिक्री को बढ़ाना, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है. भारत में EV मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत करना है. सरकार का फोकस इलेक्ट्रिक वाहनों को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के साथ-साथ देश में इनके निर्माण से जुड़े पूरे सिस्टम को डेवलप करने पर है। </p>
<p><strong>इलेक्ट्रिक दोपहिया पर कितनी मिलेगी सब्सिडी?<br>
नई व्यवस्था के तहत रजिस्टर्ड इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स प</strong>र 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2028 तक खरीदारी इंसेंटिव जारी रहेगा. सरकार ने इंसेंटिव 2,500 रुपये प्रति kWh तय किया है. हालांकि एक इलेक्ट्रिक दोपहिया पर अधिकतम 5,000 रुपये तक का ही फायदा मिलेगा. यानी बैटरी की क्षमता के हिसाब से इंसेंटिव बढ़ेगा, लेकिन सरकार की तय अधिकतम सीमा से ज्यादा सब्सिडी नहीं मिलेगी. इसके अलावा इंसेंटिव वाहन की एक्स-फैक्ट्री कीमत के 15% या तय इंसेंटिव राशि, जो भी कम होगी, तक सीमित रहेगा। </p>
<p>योजना के तहत एलिजिबल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन की अधिकतम एक्स-फैक्ट्री कीमत 1.5 लाख रुपये तय की गई है. इसका मतलब है कि इससे ज्यादा कीमत वाले वाहन इस इंसेंटिव के लिए एलिजिबल नहीं होंगे। </p>
<p><strong>45.79 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया को मिलेगा फायदा</strong><br>
सरकार के मुताबिक PM E-DRIVE के तहत अधिकतम 45,79,120 Electric Two-Wheelers को इंसेंटिव दिया जाएगा. इसके लिए भारी उद्योग मंत्रालय की ओर से कुल 2,767 करोड़ की फंडिंग का प्रावधान किया गया है. ये आंकड़ा इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के बाजार के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इंसेंटिव जारी रहने से ग्राहकों की शुरुआती खरीद लागत कम हो सकती है. इससे कंपनियों को भी ज्यादा इलेक्ट्रिक मॉडल बेचने में मदद मिल सकती है। </p>
<p>हालांकि, मौजूदा इंसेंटिव पहले की तुलना में कम है. FY2024-25 में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए इंसेंटिव 5,000 रुपये प्रति kWh था और इसकी अधिकतम सीमा 10,000 रुपये प्रति वाहन थी. अब प्रति kWh और अधिकतम दोनों इंसेंटिव को घटाया गया है। </p>
<p><strong>सरकार जरूरत के हिसाब से बदल सकती है इंसेंटिव</strong><br>
सरकार ने ये भी साफ किया है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतों में कमी आने के आधार पर प्रति kWh इंसेंटिव की समीक्षा की जा सकती है. जरूरत के अनुसार इसे समय-समय पर नोटिफाई किया जाएगा. सरकार ने साफ किया है कि PM E-DRIVE एक फंड-लिमिटेड स्कीम है. इसका मतलब है कि योजना के तहत कुल भुगतान 11,900 करोड़ के निर्धारित बजट से ज्यादा नहीं होगा। </p>
<p>अगर 31 मार्च 2028 से पहले योजना के किसी हिस्से या पूरे फंड की राशि खत्म हो जाती है तो संबंधित कंपोनेंट्स को पहले ही बंद किया जा सकता है. इसके बाद नए क्लेम स्वीकार नहीं किए जाएंगे. इसलिए सिर्फ योजना की अंतिम तारीख देखकर ये मानना सही नहीं होगा कि हर एलिजिबल व्हीकल को 31 मार्च 2028 तक निश्चित रूप से इंसेंटिव मिलता रहेगा. फंड खत्म होने की स्थिति में संबंधित लाभ पहले बंद हो सकता है। </p>
<p><strong>क्लेम जमा करने की आखिरी तारीख</strong><br>
सरकार के नोटिफिकेशन के मुताबिक PM E-DRIVE के सभी हिस्सों के लिए 31 मार्च 2028 अंतिम तारीख होगी. हालांकि Ministry of Heavy Industries या प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एजेंसी के पास क्लेम जमा करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2027 रखी गई है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>Aaj Ka Rashifal 13 August 2026: 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा गुरुवार? जानें धन, करियर, प्रेम और सेहत का हाल</title>
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<description><![CDATA[ मेष आज आपका दिमाग एक्टिव है और अवसर रोमांचक लग रहे हैं। प्यार, काम, स्वास्थ्य और धन के मामले में आज बेहतरीन नतीजों के लिए जिज्ञासु और खुश रहें। चाहे किसी को हंसाना हो या काम पर कोई समस्या सुलझाना हो, आपकी एनर्जी हाई है। वृषभ आज फालतू खरीदारी से बचें। सैर और पढ़ने के … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 00:30:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Aaj, Rashifal, August, 2026:, राशियों, के, लिए, कैसा, रहेगा, गुरुवार, जानें, धन, करियर, प्रेम, और, सेहत, का, हाल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मेष</strong><br>
आज आपका दिमाग एक्टिव है और अवसर रोमांचक लग रहे हैं। प्यार, काम, स्वास्थ्य और धन के मामले में आज बेहतरीन नतीजों के लिए जिज्ञासु और खुश रहें। चाहे किसी को हंसाना हो या काम पर कोई समस्या सुलझाना हो, आपकी एनर्जी हाई है।</p>
<p><strong>वृषभ</strong><br>
आज फालतू खरीदारी से बचें। सैर और पढ़ने के साथ मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें। खुली बातचीत आपके पर्सनल कनेक्शन में अंडरस्टैंडिंग और आनंद को बढ़ावा देगी। आपका नेचर सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देता है।</p>
<p><strong>मिथुन</strong><br>
आज का दिन जीवन में बदलाव ला सकता है। रोमांच और सोच-समझकर योजना बनाने को मोटिवेट किया जाता है। दूसरों की सलाह के लिए खुले रहें। हमेशा अपने ज्ञान पर भरोसा करें।</p>
<p><strong>कर्क</strong><br>
खुद की देखभाल की रूटीन और विराम को प्राथमिकता दें। आपकी इमोशनल फीलिंग आज आपका मार्गदर्शन करेगी क्योंकि आप दूसरों की देखभाल के साथ पर्सनल जरूरतों को बैलेंस करते हैं। नए दृष्टिकोण के लिए खुले रहें।</p>
<p><strong>सिंह</strong><br>
सिंह राशि वाले आज आप इमोशनल रूप से हल्का महसूस करेंगे। सितारे क्लियर सोच और शांत भावनाओं को प्रोत्साहित करते हैं, जिससे आपको अपने दिन का सामना करने का कॉन्फिडेंस मिलता है।</p>
<p><strong>कन्या</strong><br>
कन्या राशि आज का दिन आपके लिए एक इमोशनल बदलाव लेकर आया है, जो आपको क्लियर रूप से सोचने, गहराई से जुड़ने और अपने दिल में शांति के साथ आगे बढ़ने में मदद करता है।</p>
<p><strong>तुला</strong><br>
तुला आज जिज्ञासा आपकी बातचीत का नेतृत्व करेगी, जो नए कनेक्शन को प्रोत्साहित करेगी। ऑफिस में बदलावों के अनुकूल बनें। क्रिएटिव फीडबैक पर फोकस रखें। धन के मामले में बजट बनाने पर फोकस करें।</p>
<p><strong>वृश्चिक</strong><br>
आप टास्क को सावधानी से करते हैं। बातचीत के माध्यम से रिश्ते बढ़ते हैं, और काम के प्रयासों को लगातार मान्यता मिलती है। सावधानी के साथ योजना बनाने के कारण वित्त संतुलित रहता है।</p>
<p><strong>धनु</strong><br>
आज आप रिश्तों में बैलेंस, काम में क्लैरिटी, एनर्जी और संतुलन बनाए रखते हुए वित्तीय लक्ष्यों की ओर प्रगति पा सकते हैं। आपकी विश्वसनीय भावना आज की गतिविधियों को गति प्रदान करती है, कार्यों में धैर्य को बढ़ावा देती है।</p>
<p><strong>मकर</strong><br>
आज नए विचार आएंगे, जो आकर्षक मौकों को बढ़ावा देंगे। योजनाओं में बदलाव का स्वागत करें, जिससे पर्सनल और प्रोफेशनल पथों को समृद्ध करने के लिए अप्रत्याशित अवसर मिलेंगे।</p>
<p>कुंभ<br>
आज रिश्ते में आप अधिक संतुलित महसूस कर सकते हैं। बातचीत में सुधार होगा। खुद पर भरोसा करें। मूड में बदलाव आपको क्लैरिटी पाने में मदद कर सकता है। दिन को पार करने के लिए अपने धैर्य और शक्ति पर भरोसा करें।</p>
<p><strong>मीन</strong><br>
आपका चंचल और जिज्ञासु स्वभाव खुशी और नए विचार लाएगा। अच्छे पलों की अपेक्षा करें और खुले दिमाग से काम लें। छोटे-मोटे सरप्राइज खुशनुमा बदलाव ला सकते हैं। मन और शरीर की शांति एक साथ चलती है।</p>
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<title>सतपुड़ा ताप विद्युत गृह की 250 मेगावाट इकाई ने लगातार 100 दिन संचालन का बनाया रिकॉर्ड</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी की 250 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट नंबर-11 ने 2 मई 2026 से लगातार 100 दिनों तक निर्बाध संचालन का महत्वपूर्ण कीर्तिमान स्थापित किया है।यह यूनिट पिछले पांच वर्षों से लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। इस यूनिट ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में 202 … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 00:15:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी की 250 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट नंबर-11 ने 2 मई 2026 से लगातार 100 दिनों तक निर्बाध संचालन का महत्वपूर्ण कीर्तिमान स्थापित किया है।यह यूनिट पिछले पांच वर्षों से लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। इस यूनिट ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में 202 दिन, वर्ष 2024-25में 235 और वर्ष 2025-26 में 138 दिनों तक लगातार विद्युत उत्पादन करने का रिकार्ड बनाया है। यूनिट के इस उल्लेखनीय प्रदर्शन पर ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सतपुड़ा ताप विद्युत गृह के मुख्य अभियंता एस.के. लिल्होरे और उनकी पूरी टीम को बधाई दी है।</p>
<p><strong>99.91 प्रतिशत प्लांट अवेलेबिलिटी फैक्टर</strong></p>
<p>सतपुड़ा ताप विद्युत गृह की यूनिट नंबर-11 का लगातार 100 दिनों तक संचालन संयंत्र की उत्कृष्ट परिचालन विश्वसनीयता और दक्षता को प्रदर्शित करता है। इस अवधि में इकाई ने 99.91 प्रतिशत प्लांट अवेलेबिलिटी फैक्टर (PAF) तथा 89.31 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर (PLF) दर्ज किया। साथ ही इकाई का ऑक्जिलरी पावर कंजम्पशन (APC) 8.25 प्रतिशत रहा।</p>
<p><strong>परिचालन उत्कृष्टता के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता</strong></p>
<p>यह प्रदर्शन मानक सतपुड़ा ताप विद्युत गृह में कार्यरत परिचालन, अनुरक्षण एवं सहयोगी टीमों के समर्पित प्रयास, तकनीकी दक्षता और प्रभावी समन्वय का प्रमाण हैं। लगातार 100 दिनों का यह संचालन स्टेशन की परिचालन उत्कृष्टता के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है और मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के लिए गौरव का विषय है।</p>
<p><strong>सतत् समर्पण और व्यावसायिक दक्षता से हासिल हुआ लक्ष्य</strong></p>
<p>प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने पूरी टीम को उनके सतत् समर्पण और व्यावसायिक दक्षता के लिए हार्दिक बधाई देते हुए भविष्य में भी विश्वसनीयता, दक्षता और बेहतर प्रदर्शन के उच्च मानकों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का उत्कृष्ट प्रदर्शन प्रदेश के विद्युत क्षेत्र के व्यापक हित में महत्वपूर्ण योगदान देता है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>IFA अनुपूरण में देश में तृतीय स्थान, उत्कृष्ट IEC प्रदर्शन के लिए भी मिला राष्ट्रीय सम्मान</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  एनीमिया मुक्त भारत (AMB) अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में मध्यप्रदेश को दो अलग-अलग श्रेणियों में राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं। प्रदेश को सभी छह लक्षित लाभार्थी समूहों में आयरन एवं फोलिक … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 00:15:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>IFA, अनुपूरण, में, देश, में, तृतीय, स्थान, उत्कृष्ट, IEC, प्रदर्शन, के, लिए, भी, मिला, राष्ट्रीय, सम्मान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>एनीमिया मुक्त भारत (AMB) अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में मध्यप्रदेश को दो अलग-अलग श्रेणियों में राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं। प्रदेश को सभी छह लक्षित लाभार्थी समूहों में आयरन एवं फोलिक एसिड (IFA) अनुपूरण के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए देश में तृतीय स्थान मिला है, वहीं एनीमिया नियंत्रण एवं जन-जागरूकता से संबंधित उत्कृष्ट IEC सामग्री के लिए “Best IEC Display” सम्मान प्रदान किया गया।</p>
<p><strong>सभी छह लाभार्थी समूहों तक IFA अनुपूरण की प्रभावी पहुंच</strong></p>
<p>एनीमिया मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत मध्यप्रदेश द्वारा एनीमिया की रोकथाम के लिए Life-Cycle Approach अपनाई गई है। इसके तहत जीवन-चक्र के विभिन्न चरणों में आने वाले सभी छह निर्धारित लाभार्थी समूहों तक निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार IFA अनुपूरण पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।</p>
<p>प्रदेश में 6–59 माह के बच्चों को IFA सिरप, 5–9 वर्ष के बच्चों को IFA की गुलाबी गोली, 10–19 वर्ष के किशोर-किशोरियों को IFA की नीली गोली तथा 20–49 वर्ष की प्रजनन आयु की महिलाओं को IFA की लाल गोली उपलब्ध कराई जाती है। इसी प्रकार गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को भी निर्धारित अवधि एवं प्रोटोकॉल के अनुसार IFA अनुपूरण सुनिश्चित किया जा रहा है। इस प्रकार शैशवावस्था से लेकर किशोरावस्था, प्रजनन आयु, गर्भावस्था एवं स्तनपान की अवधि तक एनीमिया की रोकथाम के लिए निरंतरता आधारित दृष्टिकोण अपनाया गया है।</p>
<p>IFA अनुपूरण की पहुंच को स्वास्थ्य संस्थाओं तक सीमित न रखते हुए समुदाय एवं विद्यालय आधारित सेवा प्रदायगी तंत्र से भी जोड़ा गया है। स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले के साथ विद्यालयों, आंगनवाड़ी केन्द्रों एवं अन्य सामुदायिक प्लेटफॉर्म के माध्यम से पात्र हितग्राहियों तक IFA की नियमित उपलब्धता और सेवन सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही छूटे हुए लाभार्थियों की पहचान, आवश्यक फॉलो-अप तथा कार्यक्रम की प्रगति की सतत मॉनिटरिंग पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।</p>
<p><strong> नियमित सेवन और जन-जागरूकता पर विशेष जोर</strong></p>
<p>एनीमिया नियंत्रण के लिए केवल IFA वितरण ही नहीं, बल्कि उसके नियमित सेवन और अनुपालन (Compliance) को भी महत्वपूर्ण माना गया है। इसी उद्देश्य से लाभार्थियों एवं उनके परिवारों में एनीमिया के कारणों, स्वास्थ्य एवं पोषण पर इसके प्रभाव, आयरन युक्त आहार तथा IFA के नियमित सेवन के महत्व के संबंध में व्यापक जन-जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।</p>
<p>इसी क्रम में राष्ट्रीय कार्यशाला में मध्यप्रदेश की IEC सामग्री को “Best IEC Display” के रूप में सम्मानित किया गया। एनीमिया की रोकथाम, IFA अनुपूरण एवं व्यवहार परिवर्तन से संबंधित राज्य की IEC सामग्री में सरल, प्रभावी एवं नवाचारपूर्ण संचार माध्यमों के उपयोग को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। इन प्रयासों के माध्यम से एनीमिया नियंत्रण के संदेशों को समुदाय तक सहज एवं प्रभावशाली तरीके से पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया गया है।</p>
<p><strong>समन्वित प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर मिली मान्यता</strong></p>
<p>सभी छह लक्षित लाभार्थी समूहों में IFA अनुपूरण के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश को मिला राष्ट्रीय तृतीय पुरस्कार तथा उत्कृष्ट IEC प्रदर्शन के लिए प्राप्त सम्मान प्रदेश में एनीमिया नियंत्रण की दिशा में किए जा रहे समन्वित प्रयासों की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, मैदानी स्वास्थ्य अमले, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, विद्यालयों तथा अभियान से जुड़े सभी सहयोगियों के निरंतर प्रयासों, बेहतर समन्वय एवं प्रतिबद्धता से यह परिणाम प्राप्त हुआ हैं। मध्यप्रदेश एनीमिया की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए अंतिम लाभार्थी तक IFA अनुपूरण की पहुंच सुनिश्चित करने, नियमित सेवन को बढ़ावा देने और जन-जागरूकता को और प्रभावी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>बिहान से आत्मनिर्भर बनीं शकुंतला राजवाड़े, कम लागत की खेती से बढ़ा आय का आधार</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर छत्तीसगढ़ शासन की राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को कृषि, पशुपालन एवं अन्य आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के साथ-साथ कृषि आदान, गुणवत्तापूर्ण बीज, तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार से जुड़ाव … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 23:45:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>बिहान, से, आत्मनिर्भर, बनीं, शकुंतला, राजवाड़े, कम, लागत, की, खेती, से, बढ़ा, आय, का, आधार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ शासन की राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को कृषि, पशुपालन एवं अन्य आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के साथ-साथ कृषि आदान, गुणवत्तापूर्ण बीज, तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार से जुड़ाव उपलब्ध कराया जा रहा है। इसका सकारात्मक परिणाम अब ग्रामीण महिलाओं की आय और आत्मविश्वास में दिखाई दे रहा है।</p>
<p>सरगुजा जिले के झूमरपारा की मती शकुंतला राजवाड़े इसकी प्रेरक मिसाल हैं। गायत्री स्व-सहायता समूह से जुड़कर वे कृषि गतिविधियों को नई तकनीक और बेहतर प्रबंधन के साथ आगे बढ़ा रही हैं। उत्पादक समूह के माध्यम से उन्हें बाजार मूल्य की तुलना में कम लागत पर धान बीज उपलब्ध हुआ, जिसका उपयोग उन्होंने एक एकड़ खेत में किया है।</p>
<p><strong>कम लागत में मिला गुणवत्तापूर्ण बीज</strong></p>
<p>शकुंतला राजवाड़े बताती हैं कि उत्पादक समूह के माध्यम से उन्हें 20 रुपये से कम की दर पर धान बीज प्राप्त हुआ। इससे खेती की प्रारंभिक लागत कम हुई और गुणवत्तापूर्ण बीज की उपलब्धता सुनिश्चित हुई। कृषि सखी एवं पशु सखी के मार्गदर्शन से उन्होंने खेती में नई पद्धतियों को अपनाते हुए उत्पादन और आय बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।</p>
<p><strong>लाइन विधि से खेती को मिली नई दिशा</strong></p>
<p>शकुंतला ने एक एकड़ क्षेत्र में धान की खेती के लिए लाइन विधि अपनाई है। इस पद्धति से खेत में फसल का बेहतर प्रबंधन, पौधों की उचित दूरी और कृषि कार्यों को व्यवस्थित तरीके से करने में सुविधा मिल रही है। उनका कहना है कि नई कृषि पद्धतियों और तकनीकी मार्गदर्शन से खेती को अधिक लाभकारी बनाने का अवसर मिला है।</p>
<p><strong>उत्पादक समूह बन रहे आयवर्धन का माध्यम</strong></p>
<p>अम्बिकापुर विकासखंड में बिहान के अंतर्गत 25 गांवों की 19 ग्राम पंचायतों के 505 स्व-सहायता समूहों से 5,540 परिवार जुड़े हुए हैं। स्व-सहायता समूहों को केवल बचत और ऋण तक सीमित न रखते हुए उन्हें आयवर्धक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 16 उत्पादक समूह गठित किए गए हैं, जिनसे लगभग 300 सदस्य सक्रिय रूप से जुड़े हैं।</p>
<p>इसी क्रम में 22 उत्पादक समूहों ने एफपीसी के माध्यम से धान बीज का व्यवसाय किया। इन समूहों ने किसानों की मांग के अनुसार धान बीज की खरीद, भंडारण और बिक्री की व्यवस्था की। इससे किसानों को उचित दर पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध हुआ, वहीं महिला समूहों को कृषि आधारित व्यवसाय और बाजार से सीधे जुड़ने का अवसर मिला।</p>
<p><strong>तकनीकी मार्गदर्शन से बढ़ रहा आत्मविश्वास</strong></p>
<p>कृषि सखी और पशु सखी के माध्यम से महिलाओं को आधुनिक एवं बेहतर कृषि पद्धतियों की जानकारी दी जा रही है। शकुंतला राजवाड़े भी इसी मार्गदर्शन का लाभ लेकर अपनी खेती को व्यवस्थित कर रही हैं। उनका कहना है कि बिहान से जुड़ने के बाद उनके सामने आजीविका के नए अवसर खुले हैं। पहले वे घर तक सीमित थीं, लेकिन समूह से जुड़ने के बाद कृषि गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने और स्वयं निर्णय लेने का आत्मविश्वास बढ़ा है।</p>
<p><strong>‘लखपति दीदी’ बनने की दिशा में बढ़े कदम</strong></p>
<p>बिहान से जुड़कर शकुंतला राजवाड़े ने न केवल अपनी कृषि गतिविधियों को मजबूत किया, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में भी आगे बढ़ी हैं। वे ‘लखपति दीदी’ अभियान से जुड़ी हैं और इस उपलब्धि को अपने लिए गर्व का विषय मानती हैं। अब वे अन्य ग्रामीण महिलाओं को भी स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर कृषि एवं अन्य आजीविका गतिविधियों को अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।</p>
<p>शकुंतला राजवाड़े ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने वाली इस पहल के लिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बिहान ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने और समाज में अपनी नई पहचान बनाने का अवसर दिया है।</p>
<p>प्रदेश में बिहान के माध्यम से स्व-सहायता समूहों को कृषि, पशुपालन, लघु उद्यम और अन्य आयवर्धक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहा है। शकुंतला राजवाड़े जैसी महिलाएं इस बदलाव की प्रेरक बनकर अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की राह आसान कर रही हैं।</p>]]> </content:encoded>
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<title>अवैध हथियारों के नेटवर्क पर मध्यप्रदेश पुलिस का करारा प्रहार — विगत 5 दिनों में 31 अवैध हथियार जब्त, 10 आरोपी गिरफ्तार</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मध्यप्रदेश में अवैध हथियारों के निर्माण, तस्करी, खरीदी-बिक्री एवं परिवहन के विरुद्ध पुलिस द्वारा लगातार सख्त एवं प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। विगत 5 दिनों में बुरहानपुर, खरगोन, सागर एवं इंदौर पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई करते हुए कुल 31 अवैध हथियार बरामद किए हैं। इन कार्रवाइयों में अवैध हथियारों की तस्करी एवं सप्लाई … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 23:15:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>अवैध, हथियारों, के, नेटवर्क, पर, मध्यप्रदेश, पुलिस, का, करारा, प्रहार, —, विगत, दिनों, में, अवैध, हथियार, जब्त, आरोपी, गिरफ्तार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मध्यप्रदेश में अवैध हथियारों के निर्माण, तस्करी, खरीदी-बिक्री एवं परिवहन के विरुद्ध पुलिस द्वारा लगातार सख्त एवं प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। विगत 5 दिनों में बुरहानपुर, खरगोन, सागर एवं इंदौर पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई करते हुए कुल 31 अवैध हथियार बरामद किए हैं। इन कार्रवाइयों में अवैध हथियारों की तस्करी एवं सप्लाई से जुड़े आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ हथियार निर्माण की गतिविधि का भी खुलासा हुआ है। पुलिस ने हथियारों के साथ जिंदा कारतूस, मैगजीन, हथियार निर्माण में प्रयुक्त सामग्री तथा तस्करी में उपयोग किए जा रहे वाहनों को भी जब्त किया है।</p>
<p><strong>बुरहानपुर : 13 हस्तनिर्मित पिस्टल और 45 जिंदा कारतूस जब्त</strong></p>
<p>बुरहानपुर पुलिस द्वारा अवैध हथियारों के निर्माण, क्रय-विक्रय एवं परिवहन के विरुद्ध थाना खकनार पुलिस को बड़ी सफलता मिली। 09 अगस्त 2026 को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि साईबाबा स्कूल के पीछे जंगल में पेड़ के नीचे ग्राम खकनार के पास एक व्यक्ति अवैध हथियार लेकर बैठा है। सूचना पर पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार किया।</p>
<p>तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 13 हस्तनिर्मित देशी पिस्टल, 01 खाली मैगजीन एवं 45 जिंदा कारतूस, कुल कीमत 3 लाख 72 हजार रूपये, तथा हथियारों के परिवहन में प्रयुक्त 01 मोटरसाइकिल, कीमत 1 लाख 20 हजार रूपये, बरामद की गई। कुल जब्त संपत्ति 4 लाख 72 हजार रूपए है।</p>
<p><strong>पुलिस द्वारा आरोपी से अवैध हथियारों के स्रोत, निर्माण एवं सप्लाई नेटवर्क के संबंध में पूछताछ की जा रही है।</strong></p>
<p><strong>खरगोन : हरियाणा और उत्तर प्रदेश से हथियार खरीदने पहुंचे आरोपियों से 10 पिस्टल बरामद</strong></p>
<p>खरगोन पुलिस की थाना बिस्टान टीम ने अवैध फायर आर्म्स की तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 02 आरोपियों को हथियारों के जखीरे के साथ गिरफ्तार किया। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक काले रंग की बिना नंबर की स्कॉर्पियो में दो व्यक्ति अवैध पिस्टल लेकर सिगनूर से गढ़ी-मोगरगांव होते हुए खरगोन की ओर जाने वाले हैं। पुलिस टीम गठित कर तत्काल घेराबंदी की गई। वाहन की तलाशी लेने पर सीट के नीचे छिपाकर रखी गई थैली से 10 अवैध देशी पिस्टल बरामद हुईं। पूछताछ में दोनों के पास हथियार रखने संबंधी कोई वैध लाइसेंस अथवा दस्तावेज नहीं था।</p>
<p>पुलिस ने 10 अवैध देशी पिस्टल, कीमत लगभग 2 लाख 50 हजार रूपए, तथा हथियारों के परिवहन में प्रयुक्त स्कॉर्पियो वाहन, कीमत लगभग 15 लाख रूपए, जब्त किया। कुल जब्त संपत्ति लगभग 17 लाख 50 हजार रुपए है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों द्वारा सिगनूर क्षेत्र के एक व्यक्ति से अवैध फायर आर्म्स खरीदने की जानकारी सामने आई है। पुलिस द्वारा उक्त व्यक्ति की भूमिका एवं अवैध हथियार सप्लाई नेटवर्क के संबंध में आगे की जांच की जा रही है।</p>
<p><strong>इंदौर : 04 आरोपी गिरफ्तार, 05 अवैध हथियार और 04 कारतूस बरामद</strong></p>
<p>इंदौर पुलिस की थाना राऊ टीम ने अवैध हथियारों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 04 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 04 पिस्टल, 01 रिवॉल्वर एवं 04 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। जब्त हथियारों की कुल कीमत लगभग 1 लाख 60 हजार है।</p>
<p><strong>सागर : अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़, निर्माण एवं सप्लाई से जुड़े 03 आरोपी गिरफ्तार</strong></p>
<p>सागर पुलिस ने थाना कैंट क्षेत्र में अवैध हथियार निर्माण एवं सप्लाई की कड़ी का खुलासा करते हुए 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 01 देशी कट्टा, 01 देशी रिवॉल्वर, 01 देशी पिस्टल एवं 03 जिंदा कारतूस बरामद किए। साथ ही अवैध हथियार बनाने में प्रयुक्त ड्रिल मशीन, पेचकस, पाना, हथौड़ा, लोहे की रॉड, पाइप, स्प्रिंग, कटी हुई नाल, स्क्रू, लकड़ी के गुटके, स्प्रिंग लॉक, कैंची, रापी एवं लोहे की पत्तियों सहित विभिन्न सामग्री जब्त की गई।</p>
<p>मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध हथियारों के निर्माण स्थल से लेकर सप्लाई, खरीदी-बिक्री एवं परिवहन तक की पूरी श्रृंखला को चिन्हित कर उसके विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। विगत 5 दिनों में हुई इन कार्रवाइयों में 31 अवैध हथियारों की बरामदगी के साथ कई आरोपियों की गिरफ्तारी, हथियार निर्माण सामग्री की जब्ती तथा तस्करी में प्रयुक्त वाहनों की जब्ती की गई है। पुलिस की इन कार्रवाइयों से अवैध हथियारों के नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग, भोपाल में बैंक कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन</title>
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<description><![CDATA[ विवेक झा, भोपाल, 12 अगस्त। सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर बुधवार को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर देशभर में प्रदर्शन हुए। इसी क्रम में UFBU की भोपाल इकाई के आह्वान पर राजधानी के सैकड़ों बैंक कर्मचारी और अधिकारी शाम करीब 5:15 बजे पंजाब नेशनल … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 23:15:26 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>पांच, दिन, बैंकिंग, व्यवस्था, लागू, करने, की, मांग, भोपाल, में, बैंक, कर्मचारियों, का, जोरदार, प्रदर्शन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="" data-start="291" data-end="885"><strong data-start="291" data-end="311">विवेक झा, भोपाल, 12 अगस्त।</strong> सप्ताह में <strong data-start="323" data-end="362">पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने</strong> की मांग को लेकर बुधवार को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर देशभर में प्रदर्शन हुए। इसी क्रम में UFBU की भोपाल इकाई के आह्वान पर राजधानी के सैकड़ों बैंक कर्मचारी और अधिकारी शाम करीब <strong data-start="561" data-end="616">5:15 बजे पंजाब नेशनल बैंक के जोनल ऑफिस, अरेरा हिल्स</strong> के सामने एकत्रित हुए। कर्मचारियों ने मांग के समर्थन में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया और सभा आयोजित की। बैंक यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि मांग पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा राष्ट्रव्यापी बैंक हड़तालें की जा सकती हैं।</p>
<p data-start="291" data-end="885"><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone  wp-image-264743" src="https://firstkhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/b1-300x141.jpg" alt="" width="947" height="445" srcset="https://firstkhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/b1-300x141.jpg 300w, https://firstkhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/b1.jpg 576w" sizes="auto, (max-width: 947px) 100vw, 947px"></p>
<h2 data-section-id="5hhq3w" data-start="887" data-end="947"><span role="text"><strong data-start="890" data-end="947">2015 में दूसरे-चौथे शनिवार की छुट्टी से हुई थी शुरुआत</strong></span></h2>
<p class="" data-start="949" data-end="1250">सभा को संबोधित करते हुए यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि पहले बैंक सोमवार से शुक्रवार तक पूरे दिन और प्रत्येक शनिवार को आधे दिन काम करते थे। वर्ष <strong data-start="1092" data-end="1142">2015 में सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA)</strong> के बीच सहमति के बाद दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश घोषित किया गया, जबकि बाकी शनिवार पूर्ण कार्य दिवस रखे गए।</p>
<p class="" data-start="1252" data-end="1493">वक्ताओं के अनुसार उस समय डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते विस्तार और बैंक शाखाओं में ग्राहकों की संख्या में कमी को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था की गई थी। साथ ही शेष शनिवारों को भी अवकाश घोषित करने के विषय पर उचित समय पर विचार करने की बात कही गई थी।</p>
<p data-start="1252" data-end="1493"><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone  wp-image-264744" src="https://firstkhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/b2-300x141.jpg" alt="" width="1074" height="505" srcset="https://firstkhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/b2-300x141.jpg 300w, https://firstkhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/b2.jpg 576w" sizes="auto, (max-width: 1074px) 100vw, 1074px"></p>
<h2 data-section-id="141q95l" data-start="1495" data-end="1549"><span role="text"><strong data-start="1498" data-end="1549">मार्च 2024 में बनी थी पांच दिन बैंकिंग की सहमति</strong></span></h2>
<p class="" data-start="1551" data-end="1865">बैंक यूनियनों के अनुसार <strong data-start="1575" data-end="1611">मार्च 2024 के वेतन संशोधन समझौते</strong> के दौरान IBA ने सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने पर सहमति दी थी। इसके तहत ग्राहकों के लिए बैंकिंग कारोबार के समय में प्रतिदिन <strong data-start="1752" data-end="1773">40 मिनट की वृद्धि</strong> करने और उसके बदले शेष शनिवारों को भी बैंक अवकाश घोषित करने की व्यवस्था प्रस्तावित की गई थी।</p>
<p class="" data-start="1867" data-end="2043">यूनियनों का कहना है कि इससे ग्राहकों के लिए उपलब्ध कुल बैंकिंग व्यवसाय के घंटों में कमी नहीं होती, बल्कि सप्ताह के अन्य कार्यदिवसों में अतिरिक्त समय देकर इसकी भरपाई की जानी थी।</p>
<h2 class="" data-section-id="1l8cn1" data-start="2045" data-end="2107"><span role="text"><strong data-start="2048" data-end="2107">दो साल से अधिक समय से वित्त मंत्रालय में लंबित प्रस्ताव</strong></span></h2>
<p data-start="2109" data-end="2415">वक्ताओं ने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था से संबंधित प्रस्ताव को विधिवत स्वीकृति के लिए वित्त मंत्रालय भेजा गया था, लेकिन <strong data-start="2236" data-end="2274">दो साल से अधिक समय बीतने के बावजूद</strong> इस पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। यूनियनों का कहना है कि लगातार प्रयासों के बावजूद समाधान नहीं निकलने पर UFBU को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।</p>
<p data-start="2417" data-end="2530">इसी मांग को लेकर <strong data-start="2434" data-end="2466">27 जनवरी 2026 को बैंक हड़ताल</strong> भी की गई थी, लेकिन इसके बाद भी मामला सरकार के स्तर पर लंबित है।</p>
<p data-start="2417" data-end="2530"><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone  wp-image-264745" src="https://firstkhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/b3-300x141.jpg" alt="" width="1072" height="504" srcset="https://firstkhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/b3-300x141.jpg 300w, https://firstkhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/b3.jpg 576w" sizes="auto, (max-width: 1072px) 100vw, 1072px"></p>
<h2 data-section-id="11l33ku" data-start="2532" data-end="2573"><span role="text"><strong data-start="2535" data-end="2573">कर्मचारियों पर बढ़ रहा काम का दबाव</strong></span></h2>
<p class="" data-start="2575" data-end="2824">सभा में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के बढ़ते कार्यदबाव का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। यूनियन नेताओं ने कहा कि बैंक शाखाओं में कर्मचारियों की कमी और बैंकिंग कारोबार के लगातार बढ़ने के कारण कर्मचारियों तथा अधिकारियों पर काम का दबाव बढ़ रहा है।</p>
<p data-start="2826" data-end="3078">कई कर्मचारी सामान्य कार्य समय से अधिक समय तक काम कर रहे हैं। वहीं बैंक अधिकारियों को कई बार <strong data-start="2918" data-end="2971">शनिवार और रविवार को भी काम के लिए बुलाया जाता है।</strong> ऐसे में कर्मचारियों के कार्य-जीवन संतुलन (Work-Life Balance) के लिए पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था जरूरी है।</p>
<h2 data-section-id="cg242f" data-start="3080" data-end="3123"><span role="text"><strong data-start="3083" data-end="3123">‘40 मिनट अतिरिक्त काम करने को तैयार’</strong></span></h2>
<p class="" data-start="3125" data-end="3364">UFBU नेताओं ने कहा कि बैंक कर्मचारी और अधिकारी ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रतिदिन <strong data-start="3222" data-end="3253">40 मिनट अतिरिक्त कार्य करने</strong> के लिए सहमत हैं। उनका कहना है कि इससे ग्राहकों को मिलने वाले कुल बैंकिंग कारोबार के समय में कोई कमी नहीं होगी।</p>
<p data-start="3366" data-end="3508">यूनियनों ने इसे कर्मचारियों के हित के साथ-साथ ग्राहकों की सुविधा से जुड़ी व्यवस्था बताते हुए सरकार से प्रस्ताव को जल्द मंजूरी देने की मांग की।</p>
<p data-start="3366" data-end="3508"><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone  wp-image-264746" src="https://firstkhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/b4-300x141.jpg" alt="" width="1077" height="506" srcset="https://firstkhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/b4-300x141.jpg 300w, https://firstkhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/b4.jpg 576w" sizes="auto, (max-width: 1077px) 100vw, 1077px"></p>
<h2 data-section-id="1futozt" data-start="3510" data-end="3574"><span role="text"><strong data-start="3513" data-end="3574">कई क्षेत्रों में पहले से लागू है पांच दिन का कार्य सप्ताह</strong></span></h2>
<p data-start="3576" data-end="3871">प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि सप्ताह में पांच दिन कार्य प्रणाली केंद्र एवं राज्य सरकारों के कई कार्यालयों, <strong data-start="3689" data-end="3778">भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), निजी कंपनियों और अनेक उद्योगों</strong> में पहले से लागू है। ऐसे में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों को इससे वंचित रखना उचित नहीं है।</p>
<p data-start="3873" data-end="4043">उन्होंने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में डिजिटल सेवाओं का विस्तार होने के बावजूद कर्मचारियों का कार्यभार कम नहीं हुआ है। इसके विपरीत बैंकिंग कारोबार और जिम्मेदारियां बढ़ी हैं।</p>
<h2 data-section-id="kzxupa" data-start="4045" data-end="4089"><span role="text"><strong data-start="4048" data-end="4089">सरकार ने अनदेखी की तो आंदोलन होगा तेज</strong></span></h2>
<p class="" data-start="4091" data-end="4369">UFBU ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग पर लगातार निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। संगठन के नेताओं के अनुसार UFBU की आगामी बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी और <strong data-start="4301" data-end="4345">हड़ताल सहित अन्य आंदोलनात्मक कार्यक्रमों</strong> की घोषणा की जा सकती है।</p>
<p data-start="4371" data-end="4462">UFBU ने बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों से आगामी आंदोलन के लिए तैयार रहने का आह्वान भी किया।</p>
<h2 data-section-id="1yw5b4s" data-start="4464" data-end="4523"><span role="text"><strong data-start="4467" data-end="4523">भोपाल में बड़ी संख्या में यूनियन पदाधिकारी रहे मौजूद</strong></span></h2>
<p class="" data-start="4525" data-end="5257">प्रदर्शन और सभा में फोरम से संबद्ध विभिन्न बैंक यूनियनों के पदाधिकारियों ने कर्मचारियों को संबोधित किया। इनमें <strong data-start="4636" data-end="5226">संजीव मिश्रा, वी.के. शर्मा, दिनेश झा, प्रवीण मेघानी, दीपक रत्न शर्मा, निर्भय सिंह ठाकुर, संजय कुदेशिया, वी.एस. नेगी, देवेंद्र खरे, मनीष भार्गव, जे.पी. झंवर, सुबिन सिन्हा, मनीष चतुर्वेदी, अनिल कुमार श्रीवास्तव, मनीष भार्गव, अम्बरीश नंदा, हरिशंकर पांडे, सनी श्रीवास्तव, सुमित मिश्रा, विशाल जैन, आस्तिक बाजपेयी, गुणशेखरन, जे.पी. दुबे, कैलाश माखीजानी, राजीव उपाध्याय, महेंद्र गुप्ता, अमित गुप्ता, अमोल अचवाल, वैभव गुप्ता, सनी शर्मा, शैलेन्द्र नरवरे, संतोष मालवीय, राम चौरसिया, डी.के. सिंह, के. वासुदेव सिंह, मनीष यादव, पंकज ठाकुर, अमित शर्मा, शोभित वाडेल, सिद्धार्थ सिंह, वासु जेठानी, अविनाश धमेजा, राशी सक्सेना, दिव्या, खरे शिवानी शर्मा और राजेश्वरी अय्यर</strong> सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।</p>
<p class="" data-start="5259" data-end="5537" data-is-last-node="" data-is-only-node=""><strong data-start="5259" data-end="5307">UFBU मध्य प्रदेश के कोऑर्डिनेटर वी.के. शर्मा</strong> ने कहा कि बैंक कर्मचारियों की यह मांग लंबे समय से लंबित है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के कार्य-जीवन संतुलन और बैंकिंग व्यवस्था में हो रहे तकनीकी बदलावों को देखते हुए पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू किया जाना समय की आवश्यकता है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>शहपुरा आरओबी के एप्रोच पुनर्निर्माण के लिये उच्चस्तरीय बैठक</title>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 23:15:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>शहपुरा, आरओबी, के, एप्रोच, पुनर्निर्माण, के, लिये, उच्चस्तरीय, बैठक</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>भोपाल </p>
<p>लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह ने कहा है कि क्षतिग्रस्त शहपुरा जबलपुर रेलवे ओवर ब्रिज के एप्रोच का स्थायी पुनर्निर्माण पूरी तकनीकी गंभीरता और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जाए। पुनर्निर्माण में संरचनात्मक सुरक्षा, निर्माण की गुणवत्ता और दीर्घकालीन स्थायित्व सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। कार्य के प्रत्येक चरण में निर्धारित मापदंडों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए और पुनर्निर्माण कार्य तय समय-सीमा में पूर्ण किया जाए।</p>
<p>मंत्री  सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पुनर्निर्माण कार्य पूर्ण होने तक नागरिकों एवं यातायात के सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित आवागमन के लिए निर्धारित किए गए तीनों वैकल्पिक मार्ग पूरी तरह आवागमन योग्य बने रहें। इन मार्गों सतत रख-रखाव एवं आवश्यक मरम्मत, संकेतक, बैरिकेडिंग और अन्य आवश्यक यातायात सुरक्षा उपायों के प्रबंधों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए।</p>
<p>मंत्री  सिंह ने भोपाल स्थित निवास कार्यालय पर शहपुरा (जबलपुर) रेलवे ओवर ब्रिज के संबंध में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में रेलवे ओवर ब्रिज के क्षतिग्रस्त एप्रोच के पुनर्निर्माण की प्रगति, अब तक किए गए सुरक्षा उपायों, वैकल्पिक यातायात व्यवस्था, तकनीकी परीक्षणों और प्रस्तावित स्थायी समाधान की विस्तार से समीक्षा की गई।</p>
<p>मंत्री  सिंह को अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से वर्तमान स्थिति और विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई से अवगत कराया। मंत्री  सिंह ने निर्देश दिए कि तकनीकी परीक्षणों और विशेषज्ञ सुझावों के आधार पर स्थायी समाधान को प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जाए। पुनर्निर्माण की प्रक्रिया में सुरक्षा और गुणवत्ता संबंधी प्रत्येक पहलू का विशेष ध्यान रखा जाए तथा कार्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।</p>
<p>बैठक में प्रमुख सचिव लोक निर्माण  सुखवीर सिंह, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक  भरत यादव, प्रमुख अभियंता, मुख्य अभियंता सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>आवागमन के लिए तीन वैकल्पिक मार्ग निर्धारित</strong></p>
<p>शहपुरा रेलवे ओवर ब्रिज के एप्रोच के क्षतिग्रस्त होने के कारण आसपास के मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ा है। इसे देखते हुए नागरिकों और भारी वाहनों के आवागमन के लिए तीन वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। मंत्री  सिंह ने इन मार्गों पर आवश्यक सुधार एवं सुरक्षा संबंधी कार्य प्राथमिकता से निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक मार्गों पर आवागमन के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। भारी वाहनों के दबाव को ध्यान में रखते हुए मार्गों की नियमित निगरानी की जाए और जहां भी आवश्यकता हो, तत्काल सुधार कार्य कराया जाए।</p>
<p><strong>शहपुरा–कृषि उपज मंडी–रेलवे लेवल क्रॉसिंग मार्ग : 20 अगस्त तक पूर्ण होंगे सुधार कार्य</strong></p>
<p>दूसरा वैकल्पिक मार्ग शहपुरा–कृषि उपज मंडी–रेलवे लेवल क्रॉसिंग मार्ग है। इसकी कुल लंबाई लगभग 4.80 किलोमीटर है। इसमें से मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा मंडी प्रांगण के अंदर से, 300 मीटर अस्थाई मार्ग पर डामरीकरण कर लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माण किये जा रहे आर ओ बी के एप्रोच से जोड़ दिया गया है, जिसका उपयोग स्थानीय यातायात द्वारा किया जा सकेगा।</p>
<p>मंत्री  सिंह ने इस मार्ग के कच्चे हिस्सों पर आवश्यकता के अनुसार पीसीसी एवं पेवर ब्लॉक लगाने, क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत करने और मार्ग को आवागमन के लिए व्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जरूरी स्थानों पर संकेतक, बैरिकेडिंग और अन्य यातायात सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने मार्ग के सभी आवश्यक सुधार कार्य 20 अगस्त 2026 तक पूर्ण करने की समय-सीमा निर्धारित की गई है। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम एवं लोक निर्माण विभाग द्वारा इसे सुनिश्चित कराया जाएगा।</p>
<p>मंत्री  सिंह ने दोनों विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि कार्यों के विभाजन के कारण किसी भी स्तर पर विलंब नहीं होना चाहिए। निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन किया जाए।</p>
<p><strong>जबलपुर–पाटन–शहपुरा मार्ग : 15 सितम्बर तक पूर्ण होंगे सभी सुधार कार्य</strong></p>
<p>लगभग 36 किलोमीटर लंबा जबलपुर–पाटन–शहपुरा मार्ग मुख्य वैकल्पिक मार्ग है। राष्ट्रीय राजमार्ग का बड़ा हिस्सा इस मार्ग से संचालित हो रहा है। इस मार्ग पर जहां-जहां ट्रैफिक कंजेस्शन की स्थिति बनती है वहां रोड शोल्डर निर्माण तथा मरम्मत और सुदृढ़ीकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मार्ग के सभी आवश्यक स्थानों पर स्पष्ट, पर्याप्त और दूर से दिखाई देने वाले संकेतक लगाए जाएं, जिससे वाहन चालकों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।</p>
<p>मंत्री  सिंह ने निर्देश दिए कि मार्ग पर यातायात सुरक्षा से संबंधित सभी आवश्यक कार्य 15 सितम्बर 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण किए जाएं। संपूर्ण सुधार कार्य मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा कराया जाएगा।</p>
<p>मंत्री  सिंह ने कहा कि भारी वाहनों के नियमित आवागमन के कारण मार्ग की स्थिति पर सतत नजर रखी जाए। आवश्यकता के अनुसार मरम्मत और अन्य सुरक्षा कार्य तत्काल किए जाएं, जिससे यातायात निर्बाध और सुरक्षित बना रहे।</p>
<p><strong>3. सहजपुर–किसरोद–टिपराह–नोनी–घुनसौर मार्ग को बनाया जाएगा यातायात के अनुकूल</strong></p>
<p>तीसरा वैकल्पिक मार्ग सहजपुर–किसरोद–टिपराह–नोनी–घुनसौर मार्ग है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 6.50 किलोमीटर है। इसमें 3.18 किलोमीटर हिस्सा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत आता है।</p>
<p>मंत्री  सिंह ने इस पूरे मार्ग को यातायात के अनुकूल बनाने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत आने वाले 3.18 किलोमीटर हिस्से सहित मार्ग के सभी आवश्यक सुधार कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए जाएंगे। सुधार कार्य 20 अगस्त 2026 तक पूर्ण करने की समय-सीमा निर्धारित की है। उन्होंने मार्ग पर आवश्यक मरम्मत, पर्याप्त संकेतक, बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने को कहा। मार्ग की स्थिति का नियमित निरीक्षण करने और आवश्यकता के अनुसार तत्काल सुधार कार्य कराने के निर्देश भी दिए गए।</p>
<p><strong>वैकल्पिक मार्गों की सतत निगरानी और विभागों के बीच समन्वय के निर्देश</strong></p>
<p>मंत्री  सिंह ने निर्देश दिए कि शहपुरा आरओबी के एप्रोच का स्थायी पुनर्निर्माण पूर्ण होने तक तीनों वैकल्पिक मार्गों की नियमित निगरानी की जाए। इन मार्गों पर यातायात की स्थिति और वाहनों के दबाव का आकलन करते हुए आवश्यकतानुसार मरम्मत, संकेतक, बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था केवल मार्ग निर्धारित करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। संबंधित विभागों और अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि ये मार्ग हर समय सुरक्षित और आवागमन योग्य बने रहें। किसी मार्ग पर समस्या सामने आने पर उसके निराकरण के लिए तत्काल कार्रवाई की जाए। भारी वाहनों के आवागमन को ध्यान में रखते हुए लोक निर्माण विभाग, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम, पुलिस और स्थानीय प्रशासन आपसी समन्वय से यातायात व्यवस्था संचालित करें। नागरिकों की सुरक्षा को केंद्र में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण की जाएं।</p>
<p>निर्माण कार्यों में लापरवाही स्वीकार नहीं</p>
<p>मंत्री  सिंह ने कहा कि निर्माण कार्यों में लापरवाही, गुणवत्ता से समझौता अथवा कार्य को अधूरा छोड़ना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। निर्माण एजेंसियों को अनुबंध की शर्तों और निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन करना होगा। जिम्मेदारी से पीछे हटने वाली एजेंसी और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुनर्निर्माण कार्य की प्रत्येक स्तर पर निगरानी की जाए। सुरक्षा, गुणवत्ता और समय-सीमा से संबंधित निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के साथ कार्य की प्रगति की नियमित समीक्षा भी की जाए।</p>
<p>निर्माण करने वाली एजेंसी डिबार, उनके प्रबंध निदेशक के विरुद्ध एफआईआर</p>
<p>आरओबी का निर्माण कार्य करने वाली एजेंसी द्वारा दायित्वों का पालन न करने के विरुद्ध विभाग द्वारा कड़ी कार्रवाई की गई है। निर्माण एजेंसी मेसर्स वागड़ इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्रा.लि.–मेसर्स सोराठिया वेलजी रत्ना कंपनी लिमिटेड के संयुक्त उपक्रम को 10 जून 2026 को डिबार किया जा चुका है। इसके साथ ही मेसर्स वागड़ इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्रा.लि. के प्रबंध निदेशक विनोद जैन के विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।</p>
<p>मंत्री  सिंह ने कहा कि जनसुविधाओं से जुड़े निर्माण कार्यों में जवाबदेही सर्वोपरि है। दायित्वों के अनुरूप कार्य न करने, उन्हें अधूरा छोड़ने, निर्माण में लापरवाही करने अथवा गुणवत्ता से समझौता करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहपुरा आरओबी के एप्रोच के स्थायी पुनर्निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और दीर्घकालीन समाधान सुनिश्चित किया जाए।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>डिजिटल गवर्नेंस की मिसाल बना मध्यप्रदेश : पोषण ट्रैकर ऐप और एफआरएस तकनीक से सुधरा मातृ शिशु स्वास्थ्य : मंत्री  भूरिया</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  महिला बाल विकास मंत्री  निर्मला भूरिया ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में चलाए जा रहे &#039;जन विश्वास अभियान&#039; के तहत प्रदेश ने पोषण सुधार और स्वास्थ्य सेवाओं के वितरण में एक नया राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आधुनिक तकनीक—&#039;पोषण ट्रैकर ऐप&#039; और बायोमेट्रिक … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 23:15:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>डिजिटल, गवर्नेंस, की, मिसाल, बना, मध्यप्रदेश, पोषण, ट्रैकर, ऐप, और, एफआरएस, तकनीक, से, सुधरा, मातृ, शिशु, स्वास्थ्य, मंत्री, भूरिया</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>महिला बाल विकास मंत्री  निर्मला भूरिया ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में चलाए जा रहे 'जन विश्वास अभियान' के तहत प्रदेश ने पोषण सुधार और स्वास्थ्य सेवाओं के वितरण में एक नया राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आधुनिक तकनीक—'पोषण ट्रैकर ऐप' और बायोमेट्रिक आधारित 'फेस रिकॅग्निशन सिस्टम' (FRS)—के पारदर्शी क्रियान्वयन से राज्य के मातृ एवं बाल स्वास्थ्य संकेतकों में अभूतपूर्व सुधार दर्ज किया गया है। आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में 50.36 लाख से अधिक बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है। वहीं, लाभार्थियों की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए लागू बायोमेट्रिक सत्यापन तकनीक के जरिए गर्भवती महिलाओं के सत्यापन में राज्य ने 99.99% की ऐतिहासिक सफलता हासिल की है।</p>
<p><strong>तकनीक और पारदर्शिता से अंतिम छोर तक पहुँच रहा योजनाओं का लाभ</strong></p>
<p>मंत्री  भूरिया ने इस सफलता को सुशासन की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि 'पोषण ट्रैकर' केवल एक डिजिटल एप्लीकेशन नहीं, बल्कि पोषण सेवाओं में पारदर्शिता, सटीकता और त्वरित जवाबदेही सुनिश्चित करने का एक सशक्त माध्यम है। एफआरएस और रियल-टाइम मॉनिटरिंग के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि पूरक पोषण आहार और स्वास्थ्य सेवाएँ बिना किसी रूकावट के सीधे वास्तविक लाभार्थियों तक समय पर पहुँचें। आंगनवाड़ी केंद्रों पर दैनिक सेवाओं—जैसे पूरक पोषण आहार वितरण, बच्चों की ग्रोथ मॉनिटरिंग, गृह भेंट और सामुदायिक गतिविधियों—की मॉनिटरिंग पारदर्शी रूप से की जा रही है। ऐप से प्राप्त रियल-टाइम डेटा के आधार पर अति कुपोषित (SAM) और मध्यम कुपोषित (MAM) बच्चों की तत्काल पहचान कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्रों (NRC) और विशेष स्वास्थ्य देखभाल से जोड़ा जा रहा है।</p>
<p><strong>प्रमुख श्रेणियों में बायोमेट्रिक सत्यापन का उत्कृष्ट प्रदर्शन</strong></p>
<p>राज्य में बायोमेट्रिक आधार फेस मैचिंग में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। गर्भवती महिलाओं की श्रेणी में पंजीकृत 4,54,951 महिलाओं में से 99.99% का बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा हो चुका है, जिसमें अनूपपुर, बालाघाट, भोपाल, छिंदवाड़ा, दमोह, दतिया और देवास सहित 25 से अधिक जिलों ने शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया है। इसी प्रकार धात्री माताओं के वर्ग में पंजीकृत 3,44,160 माताओं में से 99.87% (3,43,729 माताओं) का सत्यापन पूर्ण हुआ है, जिसमें अनूपपुर, बुरहानपुर, सिवनी और उमरिया जिले अग्रणी रहे हैं। इसके अतिरिक्त 6 माह से 3 वर्ष के 25,38,587 पंजीकृत बच्चों में से 94.69% (24,03,712 बच्चे) का सफल बायोमेट्रिक सत्यापन किया जा चुका है, जिसमें सिवनी और नीमच शीर्ष स्थान पर हैं। मंत्री  भूरिया ने उच्च कुपोषण दर वाले क्षेत्रों में विशेष समीक्षा बैठकें आयोजित कर सघन अभियान चलाने और मैदानी अमले को शत-प्रतिशत गृह भ्रमण के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>फुटबॉल के बाद क्रिकेट में भी पुर्तगाल की एंट्री, खिलाड़ियों का ऐलान; ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज बने कप्तान</title>
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<description><![CDATA[ लिस्बन ऑस्ट्रेलिया के लिए 4 टेस्ट, 16 वनडे और 24 टी20 मैच खेल चुके 39 साल के दिग्गज ऑलराउंडर मोइसेस हेनरिक्स अब एक नई अंतरराष्ट्रीय पारी शुरू करने जा रहे हैं। हेनरिक्स इस हफ्ते पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम की कप्तानी करते नजर आएंगे। पुर्तगाली टीम पहली बार टी20 वर्ल्ड कप में जगह बनाने की कोशिशों … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 23:00:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>फुटबॉल, के, बाद, क्रिकेट, में, भी, पुर्तगाल, की, एंट्री, खिलाड़ियों, का, ऐलान, ऑस्ट्रेलियाई, दिग्गज, बने, कप्तान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लिस्बन</strong></p>
<p>ऑस्ट्रेलिया के लिए 4 टेस्ट, 16 वनडे और 24 टी20 मैच खेल चुके 39 साल के दिग्गज ऑलराउंडर मोइसेस हेनरिक्स अब एक नई अंतरराष्ट्रीय पारी शुरू करने जा रहे हैं। हेनरिक्स इस हफ्ते पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम की कप्तानी करते नजर आएंगे। पुर्तगाली टीम पहली बार टी20 वर्ल्ड कप में जगह बनाने की कोशिशों में जुटी है।</p>
<p><strong>पुर्तगाल से जुड़ाव और घरेलू क्रिकेट से संन्यास</strong><br>
हेनरिक्स का जन्म पुर्तगाल के मदेरा द्वीप पर हुआ था, यह वही स्थान है जहां से महान फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो आते हैं। बचपन में ही उनका परिवार ऑस्ट्रेलिया शिफ्ट हो गया था। ऑस्ट्रेलिया में उन्होंने न्यू साउथ वेल्स और सिडनी सिक्सर्स के लिए लंबा और सफल पेशेवर करियर बिताया, साथ ही ऑस्ट्रेलिया के लिए 44 इंटरनेशनल मैच खेले। पिछले महीने ही उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई घरेलू क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया था, हालांकि वे विदेशी टी20 लीग्स में खेलना जारी रखेंगे।</p>
<p><strong>T20 वर्ल्ड कप यूरोप सब-रीजनल क्वालीफायर C का शेड्यूल</strong><br>
आईसीसी पुरुष टी20 आई रैंकिंग में 37वें स्थान पर मौजूद पुर्तगाली टीम 14 से 20 अगस्त के बीच फिनलैंड में होने वाले T20 वर्ल्ड कप यूरोप सब-रीजनल क्वालीफायर C के ग्रुप-बी में खेलेगी। इसमें पुर्तगाल का सामना इजराइल, जर्मनी, ग्रीस और चेकिया से होगा।</p>
<p><strong>    14 अगस्त: बनाम इजराइल<br>
    15 अगस्त: बनाम जर्मनी<br>
    17 अगस्त: बनाम ग्रीस<br>
    20 अगस्त: बनाम चेकिया<br>
    21 अगस्त: फाइनल मैच (ग्रुप-ए और ग्रुप-बी के विजेताओं के बीच)</strong></p>
<p>
<strong>T20 वर्ल्ड कप 2028 की राह</strong><br>
इस सब-रीजनल क्वालीफायर को जीतने वाली टीम यूरोपियन रीजनल फाइनल में पहुंचेगी, जहां स्कॉटलैंड, जर्सी और डेनमार्क पहले से मौजूद हैं। रीजनल फाइनल की टॉप-2 टीमें ग्लोबल क्वालीफायर में जगह बनाएंगी, जहां से ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में होने वाले 2028 टी20 वर्ल्ड कप का टिकट मिलेगा।</p>
<p><strong>ऑस्ट्रेलिया ने इंडो-पैसिफिक के सबसे सैन्य अभ्यास का ऐलान, भारत भी होगा शामिल</strong></p>
<p><strong>अनुभवी खिलाड़ियों से सजी है पुर्तगाल की टीम</strong><br>
हेनरिक्स को कार्लोस नूनेस की जगह कप्तान बनाया गया है, जो इंग्लैंड में मिडलसेक्स काउंटी क्रिकेट लीग में ट्विकेनहैम की कप्तानी करते हैं। नूनेस भी 14 सदस्यीय टीम का हिस्सा हैं। टीम में हेनरिक्स के अलावा अन्य अंतरराष्ट्रीय व काउंटी क्रिकेट के अनुभवी चेहरे शामिल हैं:</p>
<p><strong>    क्रेग कैचोपा: ससेक्स</strong>, ऑकलैंड और वेलिंगटन के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज।<br>
<strong>    कैमरन शेकलेटन: </strong>दक्षिण अफ्रीका 'ए' के लिए खेल चुके खिलाड़ी।<br>
<strong>    सेबेस्टियन डी ओलिवेरा: </strong>गौतेंग के लिए लिस्ट-ए मैच खेल चुके खिलाड़ी।<br>
 <strong>   सिराज उल्लाह खादम: </strong>बांग्लादेशी मूल के स्पिनर।</p>
<p>
<strong>पुर्तगाल की 14 सदस्यीय टीम:</strong><br>
मोइसेस हेनरिक्स (कप्तान), क्रेग कैचोपा, एडवर्ड फ्लेमिंग, क्रिस्टोफर डी फ्रिटास, राहुलकुमार हाशू, सिराज उल्लाह खादम, हरदीप खुट्टन, जेरेमी मार्टिन्स, धवलकुमार नोरोतम (विकेटकीपर), जॉर्डन नेटो, कार्लोस नूनेस, सेबेस्टियन डी ओलिवेरा, उपेन शांतू, कैमरन शेकलेटन</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>लोक निर्माण विभाग के सचिव ने सड़क एवं भवन निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल ने आज रायपुर परिक्षेत्र के सभी संभागों में निर्माणाधीन सड़कों और भवनों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर में पीडब्लूडी मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में आयोजित बैठक में अधिकारियों से स्वीकृत और निर्माणाधीन कार्यों के साथ ही प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त कार्यों की निविदा प्रक्रिया की … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 22:45:16 +0530</pubDate>
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<media:keywords>लोक, निर्माण, विभाग, के, सचिव, ने, सड़क, एवं, भवन, निर्माण, कार्यों, की, प्रगति, की, समीक्षा, की</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल ने आज रायपुर परिक्षेत्र के सभी संभागों में निर्माणाधीन सड़कों और भवनों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर में पीडब्लूडी मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में आयोजित बैठक में अधिकारियों से स्वीकृत और निर्माणाधीन कार्यों के साथ ही प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त कार्यों की निविदा प्रक्रिया की प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने वर्ष 2024-25 तक के सभी प्रगतिरत कार्यों को 31 मार्च 2027 तक पूर्ण करने के दिए निर्देश दिए।  बंसल ने अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों का मूल्यांकन कर हर महीने भुगतान के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता को हर महीने कार्यपालन अभियंताओं की बैठक लेकर कार्यों की समीक्षा करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता  वी.के. भतपहरी, मुख्य अभियंता  पी.एम. कश्यप और  टी.आर. कुंजाम भी बैठक में मौजूद थे।</p>
<p>लोक निर्माण विभाग के सचिव ने फील्ड का दौरा कर और साइट देखने के बाद ही निर्माण कार्यों के प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश विभागीय अभियंताओं को दिए। उन्होंने ठेकेदारों से नियमित संपर्क और समन्वय बनाकर निर्धारित टाइम-लाइन के अनुसार कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने टाइम-लाइन के मुताबिक समय पर काम नहीं करने वाले, लापरवाही बरतने वाले और गुणवत्ताहीन कार्य करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने तथा आगामी निविदाओं के लिए अपात्र करने के निर्देश दिए।</p>
<p>विभागीय सचिव ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने और उन्हें समय-सीमा में पूरा करने सुव्यवस्थित तथा योजनाबद्ध ढंग से काम करने को कहा। उन्होंने रायपुर और नवा रायपुर में कार्यों की सहूलियत, बेहतर मॉनिटरिंग और प्रशासनिक कसावट के लिए रायपुर मंडल क्रमांक-1 के चारों संभागों को पुनर्गठित कर कार्यक्षेत्रों का नए सिरे से विभाजन करने को कहा। उन्होंने राज्य शासन के निर्देशों के अनुरूप एक ही टेबल पर तीन वर्षों से अधिक समय से काम कर रहे अधिकारियों-कर्मचारियों की सूची तैयार कर 30 सितम्बर तक नई पदस्थापना के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में लोक निर्माण विभाग के रायपुर परिक्षेत्र के सभी संभागों में अनुकंपा नियुक्ति तथा न्यायालयीन प्रकरणों की भी समीक्षा की।</p>
<p> बंसल ने पीडब्लूडी-आईएमएस (PWD-IMS) में विभाग के सभी कार्यों की एंट्री 31 अगस्त तक करने के निर्देश दिए। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 तथा 2026-27 के प्राथमिकता वाले नए कार्यों के प्राक्कलन भी 31 अगस्त तक जमा करने को कहा। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, सेवा सेतु तथा लोक सेवा गांरटी के प्रकरणों को भी समय-सीमा में सक्रियता से निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने जनसुविधा और नागरिकों की आवश्यकता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अगले पांच वर्षों में सड़कों की जरूरत का आकलन कर प्रस्ताव तैयार करने को कहा।</p>
<p>लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निर्माण कार्यों के लिए निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद तत्काल अनुबंध कर कार्यादेश जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने निविदा में कार्यपूर्णता के लिए उपयुक्त समय-सीमा के निर्धारण के लिए एसओपी तैयार करने के निर्देश प्रमुख अभियंता को दिए। उन्होंने वर्षा ऋतु, पोल शिफ्टिंग, पाइपलाइन शिफ्टिंग तथा अन्य यूटिलिटीज की शिफ्टिंग की जरूरत को ध्यान में रखते हुए कार्यपूर्णता के लिए समयावधि निर्धारित करने को कहा। उन्होंने निर्माण कार्यों के पूर्ण होने के बाद तीन महीनों के भीतर फाइनल बिल तैयार करने तथा ठेकेदारों को भुगतान के लिए भी एसओपी बनाने के निर्देश प्रमुख अभियंता को दिए।</p>
<p> बंसल ने कार्यपालन अभियंताओं को विभिन्न आयोजनों के बिलों के भुगतान ठेकेदारों को तत्परता से एक महीने के भीतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने चालू मानसून सीजन में सड़कों की पेच रिपेयरिंग और गड्ढा भरने के काम तत्काल करने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों को नोटिस देकर परफॉर्मेंस गारंटी की सड़कों की भी मरम्मत तत्काल सुनिश्चित करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के अपर सचिव  एस.एन. वास्तव, छत्तीसगढ़ सड़क एवं अधोसंरचना विकास निगम के अतिरिक्त प्रबंध संचालक  शशांक पाण्डेय, अधीक्षण अभियंता  वी.के. बेदिया और  सुरेश भूपल तथा रायपुर परिक्षेत्र के सभी 9 संभागों के कार्यपालन अभियंता और अनुविभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने प्रदेशवासियों को दी हरेली की बधाई</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर  उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने आज छत्तीसगढ़ के पहले त्योहार हरेली पारंपरिक तरीके से पूजा-पाठ कर मनाई। उन्होंने नवा रायपुर स्थित अपने शासकीय निवास मे गौमाता एवं कृषि औजारों नांगर, गैती, कुदारी इत्यादि की विधिवत पूजा-अर्चना की। घर के प्रवेश द्वार पर आरोग्य और हरियाली के प्रतीक नीम की डाली लगाई। उन्होंने हरेली पर … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 22:45:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>उप, मुख्यमंत्री, अरुण, साव, ने, प्रदेशवासियों, को, दी, हरेली, की, बधाई</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p> उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने आज छत्तीसगढ़ के पहले त्योहार हरेली पारंपरिक तरीके से पूजा-पाठ कर मनाई। उन्होंने नवा रायपुर स्थित अपने शासकीय निवास मे गौमाता एवं कृषि औजारों नांगर, गैती, कुदारी इत्यादि की विधिवत पूजा-अर्चना की। घर के प्रवेश द्वार पर आरोग्य और हरियाली के प्रतीक नीम की डाली लगाई। उन्होंने हरेली पर ईश्वर से प्रदेश में अच्छी बारिश, खुशहाली और खेतों में लहलहाती फसल की कामना की।</p>
<p>उप मुख्यमंत्री  साव ने प्रदेशवासियों को हरेली की बधाई देते हुए कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की माटी, खेती-किसानी और लोक संस्कृति से जुड़ा पर्व है। इसमें गेड़ी सहित छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं की झलक देखने को मिलती है। हरेली हमारी संस्कृति और ग्रामीण जीवन की आत्मीयता को दर्शाता है। यह पर्व प्रकृति और अन्नदाता के प्रति सम्मान का भाव भी प्रकट करता है। हमारी लोक परंपराएं और त्योहार हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं। इनका संरक्षण और संवर्धन हम सभी की जिम्मेदारी है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>जनता की अपेक्षाओं को पूर्ण करना और क्षेत्र का सर्वांगीण विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : राज्यमंत्री गौर</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने कहा की “जनता ने हम पर जो असीम विश्वास जताया है, उसे सतत विकास कार्यों के माध्यम से चरितार्थ करना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है।&quot; पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर गोविन्दपुरा विधानसभा क्षेत्र में लगभग 1 करोड़ 33 लाख रुपये की लागत के विभिन्न अधोसंरचनात्मक विकास … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 22:45:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>जनता, की, अपेक्षाओं, को, पूर्ण, करना, और, क्षेत्र, का, सर्वांगीण, विकास, हमारी, सर्वोच्च, प्राथमिकता, राज्यमंत्री, गौर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने कहा की “जनता ने हम पर जो असीम विश्वास जताया है, उसे सतत विकास कार्यों के माध्यम से चरितार्थ करना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है।" पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर गोविन्दपुरा विधानसभा क्षेत्र में लगभग 1 करोड़ 33 लाख रुपये की लागत के विभिन्न अधोसंरचनात्मक विकास कार्यों के भूमि-पूजन  समारोह को संबोधित कर रही थीं । उन्होंने कहा कि सावन के पावन अवसर पर क्षेत्रवासियों की दीर्घकालिक अभिलाषाएं साकार हो रही हैं। जनप्रतिनिधि के रूप में जन-आकांक्षाओं के अनुरूप क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करना और प्रत्येक नागरिक की हर अपेक्षा पर खरा उतरना शासन का मुख्य ध्येय है।</p>
<p>विकास कार्यक्रमों की श्रृंखला में क्षेत्र में सड़क, जल निकासी और सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार के लिए विविध निर्माण कार्यों की आधारशिला रखी गई। इसके अंतर्गत वार्ड क्रमांक 53 के मिसरोद स्थित चाचा मोहल्ला में 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाली सीसी सड़क तथा गायत्री विहार फेस-1 में 41 लाख रुपये की लागत से बनने वाले सामुदायिक भवन का भूमि- पूजन किया गया । इसी क्रम में वार्ड क्रमांक 55 के जाटखेड़ी में 30 लाख रुपये की लागत से नाली एवं रोड क्रॉस निर्माण तथा बागमुगालिया एक्सटेंशन क्लस्टर कैंपस (लहारपुर) में 43 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाली सीसी सड़क का शुभारंभ किया गया।</p>
<p>राज्यमंत्री गौर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत निर्माण कार्य पूर्ण गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ संपन्न कराए जाएं, जिससे आमजन को अविलंब इनका लाभ मिल सके। कार्यक्रम में उन्होंने स्थानीय निवासियों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना तथा उपस्थित अधिकारियों को उनके त्वरित निराकरण के लिए निर्देशित किया। इस अवसर पर मोनिका ठाकुर, अर्चना परमार,  प्रताप वारे,  जितेंद्र शुक्ला,  धर्मेंद्र परिहार,  नीरज सिंह,  रामबाबू पाटीदार सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रबुद्ध नागरिक एवं रहवासी उपस्थित रहे। </p>]]> </content:encoded>
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<title>दुनिया में बजेगा भारत का डंका! SBI का बड़ा अनुमान, US&#45;चीन को पीछे छोड़ सकता है भारतीय अर्थव्यवस्था का दम</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर एक शानदार रिपोर्ट आई है. एसबीआई रिसर्च (SBI Research) की रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1) में भारत की वास्तविक जीडीपी ग्रोथ लगभग 8% रहने का अनुमान है।  दरअसल, भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट बेहद सकारात्मक संकेत है. क्योंकि यह भारतीय रिजर्व … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 22:30:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर एक शानदार रिपोर्ट आई है. एसबीआई रिसर्च (SBI Research) की रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1) में भारत की वास्तविक जीडीपी ग्रोथ लगभग 8% रहने का अनुमान है। </p>
<p>दरअसल, भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट बेहद सकारात्मक संकेत है. क्योंकि यह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा लगाए गए 7% के अनुमान से भी 1 फीसदी ज्यादा है. यह अनुमान न केवल आरबीआई के 7% के पूर्वानुमान से 1 फीसदी अधिक है, बल्कि यह दर्शाता है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत का आंतरिक आर्थिक आधार कितना मजबूत है। </p>
<p><strong>आरबीआई के अनुमान से बेहतर प्रदर्शन</strong></p>
<p>एसबीआई रिसर्च ने अपने विस्तृत आकलन के आधार पर इसके 8% तक पहुंचने की संभावना जताई है. रिपोर्ट के अनुसार इस उछाल का सबसे बड़ा कारण भारतीय घरेलू मांग और उपभोक्ता विश्वास है. जून 2026 के आंकड़ों से साफ होता है कि लोग बड़े पैमाने पर खरीदारी और निवेश कर रहे हैं। </p>
<p>एसबीआई रिसर्च अर्थव्यवस्था के 50 प्रमुख लीडिंग इंडिकेटर्स पर नजर रखता है. इस साल पहली तिमाही में 86% संकेतकों में मजबूती और तेजी दर्ज की गई है. जबकि पिछले साल की इसी अवधि में यह आंकड़ा करीब 69% था, जिससे ये साबित होता है कि अर्थव्यवस्था की रफ्तार में समय से साथ मजबूती आई है. वहीं दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्था खासकर चीन-अमेरिकी की जीडीपी ग्रोथ 2-4 फीसदी रहने का अनुमान है। </p>
<p><strong>मजबूत डिमांड और सेल </strong><br>
जून 2026 में कारों की बिक्री में 24.1% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई. इससे पहले मई में यह 27.3% थी. दोपहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन में 18.7% और थ्री-व्हीलर की बिक्री में 26.1% का इजाफा हुआ। </p>
<p>इसके अलावा जून 2026 में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) का रजिस्ट्रेशन 55.3% बढ़ा है, जो कि मई के 38.7% से काफी अधिक है. जो कि ऑटो सेक्टर के ग्रीन ट्रांसफॉर्मेशन को दर्शाती है। </p>
<p>साथ ही लोगों द्वारा लिए जाने वाले कर्ज में 15.8% की बढ़ोतरी दर्ज की गई. व्यक्तिगत और उपभोक्ता कर्ज की मांग में 15.8% का इजाफा हुआ है, जिससे पता चलता है कि लोग खरीदारी के लिए कर्ज लेने में भी सहज महसूस कर रहे हैं। </p>
<p>अर्थव्यवस्था के दूसरे संकेतों को देखें तो देश में बिजली की मांग में 11.5% की बढ़ोतरी हुई है. डीजल की खपत भी 6.2% बढ़ी है, जो यह दर्शाती है कि माल ढुलाई और औद्योगिक गतिविधियां तेजी से चल रही हैं. ऐसे में इकोनॉमी के सभी प्रमुख इंडिकेटर्स खपत, औद्योगिक गतिविधियां, सेवाएं, सरकारी खर्च और क्रेडिट ग्रोथ एक साथ सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। </p>]]> </content:encoded>
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<title>तिरंगे की छटा से अद्भुत नजर आएगा बड़ा तालाब, सैकड़ो नावों से निकलेगी नौका तिरंगा यात्रा</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  देश के प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभर में निकाली जा रही तिरंगा यात्राओं की श्रृंखला में मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 13 अगस्त को विशाल नौका तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में यह यात्रा सुबह 11 बजे बोट क्लब, … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 22:15:34 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>देश के प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभर में निकाली जा रही तिरंगा यात्राओं की श्रृंखला में मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 13 अगस्त को विशाल नौका तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में यह यात्रा सुबह 11 बजे बोट क्लब, बड़े तालाब से प्रारंभ होगी।</p>
<p>सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास सारंग ने बताया कि इस भव्य आयोजन में सैकड़ों नावें तिरंगे के साथ शामिल होंगी और हजारों देशभक्त नागरिक तिरंगा यात्रा का हिस्सा बनेंगे। बड़े तालाब का जल क्षेत्र तिरंगे की छटा से सराबोर होगा।</p>
<p>मंत्री  सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के आह्वान पर पूरे देश में तिरंगा यात्राएं निकाली जा रही हैं। भोपाल की बड़ी झील के प्राकृतिक सौंदर्य के बीच नौका तिरंगा यात्रा का आयोजन भोपाल के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगा।</p>
<p>मंत्री  सारंग ने कहा कि “नभ से लेकर जल तक हर जगह तिरंगा लहराए, यही हमारा लक्ष्य है।” भारत माता वैभव परम तक पहुंचे और देश का प्रत्येक नागरिक देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत हो, इसी उद्देश्य से यह भव्य यात्रा आयोजित की जा रही है।</p>
<p><strong>मंत्री  विश्वास सारंग ने किया आयोजन स्थल का निरीक्षण</strong></p>
<p>नौका तिरंगा यात्रा की तैयारियों को लेकर मंत्री  विश्वास सारंग ने जिला प्रशासन, खेल विभाग के अधिकारियों, पुलिस एवं एसडीआरएफ के अधिकारियों के साथ बोट क्लब एवं बड़े तालाब क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को सुरक्षा, यातायात, नावों के संचालन, गोताखोरों एवं एसडीआरएफ की तैनाती, पार्किंग, साफ-सफाई तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आयोजन में शामिल होने वाले नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण की जाएं।</p>
<p><strong>सैकड़ों नावों पर लहराएगा तिरंगा</strong></p>
<p>नौका तिरंगा यात्रा में विभिन्न नावों पर राष्ट्रीय ध्वज के साथ प्रतिभागी शामिल होंगे। बड़े तालाब के जल क्षेत्र में तिरंगे से सजी सैकड़ों नावों का भव्य दृश्य देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना को प्रदर्शित करेगा। आयोजन में युवाओं, खिलाड़ियों, सामाजिक संगठनों एवं बड़ी संख्या में आम नागरिकों की सहभागिता रहेगी।</p>
<p><strong>देश में पहली बार तालाब के बीच बनेगा फ्लोटिंग तिरंगा</strong></p>
<p>भोपाल के बड़े तालाब में देशभक्ति का अनूठा और भव्य नजारा देखने को मिलेगा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश में पहली बार तालाब के बीच फ्लोटिंग तिरंगा तैयार किया जाएगा। बड़ी संख्या में नावों और तिरंगे के साथ विशेष फॉर्मेशन तैयार कर जल सतह पर विशाल तिरंगे का स्वरूप प्रदर्शित किया जाएगा। यह अनूठा आयोजन देशभक्ति, एकता और राष्ट्रगौरव का संदेश देगा तथा भोपाल के बड़े तालाब से निकलने वाली नौका तिरंगा यात्रा का प्रमुख आकर्षण बनेगा।</p>
<p>मंत्री  सारंग ने प्रदेशवासियों से इस ऐतिहासिक और भव्य आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर तिरंगे के सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>ऊर्जा क्षेत्र में बड़े निवेश से मध्यप्रदेश बनेगा आत्मनिर्भर,15 हजार से अधिक रोजगार होंगे सृजित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति और राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में टोरेंट ग्रुप द्वारा प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है। टोरेंट ग्रुप की संचालित एवं विकासाधीन विभिन्न परियोजनाओं से प्रदेश में 43 हजार करोड़ … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 22:15:31 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>ऊर्जा, क्षेत्र, में, बड़े, निवेश, से, मध्यप्रदेश, बनेगा, आत्मनिर्भर, 15, हजार, से, अधिक, रोजगार, होंगे, सृजित, मुख्यमंत्री, डॉ., यादव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति और राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में टोरेंट ग्रुप द्वारा प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है। टोरेंट ग्रुप की संचालित एवं विकासाधीन विभिन्न परियोजनाओं से प्रदेश में 43 हजार करोड़ रूपये से अधिक का निवेश किया जा रहा है, जिससे 15 हजार से अधिक युवाओं के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बात बुधवार को गुजरात के अहमदाबाद में टोरेंट ग्रुप एवं टोरेंट पावर लिमिटेड के चेयरमैन  समीर मेहता से भेंट एवं उच्चस्तरीय विचार-विमर्श के बाद कही।इस दौरान आद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन के अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई, सचिव  जॉन किंसले और एमडी, एमपीआईडीसी  चंद्रमौली शुक्ला उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>अनूपपुर में 22 हजार करोड़ रुपए की 1,600 मेगावाट ताप विद्युत परियोजना</strong></p>
<p>राज्य की दीर्घकालिक विद्युत आपूर्ति एवं बेसलोड क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए अनूपपुर जिले में टोरेंट पावर द्वारा 1,600 मेगावाट क्षमता की अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत परियोजना स्थापित की जा रही है। लगभग 22,000 करोड़ रुपए के निवेश वाली इस परियोजना से लगभग 7000 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मध्यप्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (MPPMCL) के साथ 27 जनवरी 2026 को पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) निष्पादित किया जा चुका है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य पूर्ण हो चुका है और एलएंडटी और टाटा प्रोजेक्ट्स जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं को कार्य आवंटित कर दिए गए हैं। पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से स्वीकृति प्राप्त होने के साथ ही वर्तमान में स्थल पर प्री-कंस्ट्रक्शन गतिविधियां तेजी से जारी हैं।</p>
<p><strong>पंप्ड स्टोरेज, पवन ऊर्जा और अतिरिक्त थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स का विस्तार</strong></p>
<p>हरित ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण को बढ़ावा देने के क्रम में छिंदवाड़ा जिले में 1,500 मेगावाट क्षमता की पातालकोट पंप्ड स्टोरेज परियोजना पर कार्य चल रहा है, जिसमें 7,500 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है और इससे लगभग 4,000 रोजगार सृजित होंगे। इसके अतिरिक्त रतलाम एवं उज्जैन में 250 मेगावाट क्षमता की पवन ऊर्जा परियोजना विकासाधीन है, जिसमें 2,000 करोड़ रुपए का निवेश और 500 रोजगार शामिल हैं। मंदसौर में समूह की 36 मेगावाट क्षमता की पवन ऊर्जा इकाई पूर्व से सफलतापूर्वक संचालित है। साथ ही टोरेंट ग्रुप द्वारा 800 मेगावाट क्षमता की एक और अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना पर भी कार्य किया जा रहा है, जिसमें 11,000 करोड़ रुपए के निवेश से 3,500 रोजगार मिलने का प्रावधान है।</p>
<p><strong>भावी ऊर्जा जरूरतों के लिए 2,800 मेगावाट की DBFOO निविदा में आमंत्रण</strong></p>
<p>राज्य की बढ़ती विद्युत मांग तथा भविष्य की विश्वसनीय विद्युत उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) द्वारा वर्ष 2036-37 तक राज्य को लगभग 1,900 मेगावाट अतिरिक्त ताप विद्युत आवश्यकता का आंकलन किया गया है। इसके दृष्टिगत राज्य सरकार द्वारा कुल 2,800 मेगावाट ताप विद्युत क्षमता के क्रय हेतु DBFOO (डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन एंड ऑपरेट) आधार पर पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टोरेंट पावर को इस विशाल निविदा प्रक्रिया में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है।</p>
<p><strong>पीथमपुर में फार्मा इकाई का सफल संचालन और समूह का वैश्विक विज़न</strong></p>
<p>ऊर्जा क्षेत्र के साथ टोरेंट ग्रुप द्वारा धार जिले के पीथमपुर में USFDA अनुमोदित अत्याधुनिक फार्मा विनिर्माण इकाई का सफल संचालन किया जा रहा है। 300 करोड़ रुपए के निवेश से संचालित इस इकाई से 400 से अधिक लोगों को रोजगार मिला हुआ है। अहमदाबाद स्थित टोरेंट ग्रुप की प्रमुख ऊर्जा कंपनी टोरेंट पावर की कुल स्थापित उत्पादन क्षमता लगभग 5.1 गीगावाट है और कंपनी वर्ष 2030 तक 10 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता विकसित करने के लक्ष्य पर कार्य कर रही है। टोरेंट ग्रुप का यह बहुआयामी निवेश मध्यप्रदेश के सर्वांगीण औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को नई गति देगा।</p>
<p><strong>ऊर्जा, फार्मा और सिटी गैस क्षेत्र में सक्रिय है टोरेंट ग्रुप</strong></p>
<p>अहमदाबाद स्थित टोरेंट ग्रुप देश के प्रमुख औद्योगिक समूहों में शामिल है। समूह की गतिविधियां ऊर्जा, फार्मास्युटिकल्स और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन सहित विभिन्न क्षेत्रों में हैं। समूह की प्रमुख ऊर्जा कंपनी टोरेंट पावर विद्युत उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण, नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में कार्यरत है। कंपनी की स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता लगभग 5.1 गीगावाट है। कंपनी वर्ष 2030 तक लगभग 10 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता विकसित करने के लक्ष्य के साथ सौर, पवन, हाइब्रिड, बैटरी स्टोरेज एवं पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं में निवेश कर रही है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>हरियाली अमावस्या पर उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने सपत्नीक किए बाबा महाकाल के दर्शन</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  हरियाली अमावस्या के पावन अवसर पर उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने सपत्नीक उज्जैन पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन एवं विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और कल्याण की कामना की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने बाबा महाकाल से प्रार्थना की कि भगवान की कृपा प्रदेश … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 22:15:27 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>हरियाली, अमावस्या, पर, उप, मुख्यमंत्री, शुक्ल, ने, सपत्नीक, किए, बाबा, महाकाल, के, दर्शन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>हरियाली अमावस्या के पावन अवसर पर उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने सपत्नीक उज्जैन पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन एवं विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और कल्याण की कामना की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने बाबा महाकाल से प्रार्थना की कि भगवान की कृपा प्रदेश के प्रत्येक नागरिक पर बनी रहे तथा मध्यप्रदेश निरंतर विकास, प्रगति और समृद्धि की ओर अग्रसर हो। उन्होंने प्रदेश में सुख-शांति, खुशहाली और सौहार्द बनाए रखने तथा सभी प्रदेशवासियों के जीवन में सुख एवं समृद्धि की कामना की।</p>
<p>उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन आध्यात्मिक ऊर्जा और आस्था का प्रमुख केंद्र है। हरियाली अमावस्या जैसे पावन अवसर पर बाबा महाकाल के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की प्रार्थना करना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने सभी प्रदेशवासियों को हरियाली अमावस्या की शुभकामनाएं देते हुए सभी के सुखी, स्वस्थ एवं मंगलमय जीवन की कामना की।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>अहमदाबाद निवेश संवाद में मध्यप्रदेश को मिले 8 हजार 635 करोड़ के निवेश प्रस्ताव</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित निवेश संवाद के दौरान मध्यप्रदेश को विभिन्न क्षेत्रों में 8 हजार 635 करोड़ रुपये के निवेश प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों से 5 हजार 785 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। निवेश संवाद में गुजरात के अहमदाबाद, सूरत, भावनगर, राजकोट और वडोदरा सहित प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से 500 … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 22:15:24 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>अहमदाबाद, निवेश, संवाद, में, मध्यप्रदेश, को, मिले, हजार, 635, करोड़, के, निवेश, प्रस्ताव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><span><span><span><span>भोपाल</span></span><span><span> </span></span></span></span></p>
<p><span><span><span><span>गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित निवेश संवाद के दौरान मध्यप्रदेश को विभिन्न क्षेत्रों में 8 हजार 635 करोड़ रुपये के निवेश प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों से 5 हजार 785 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। निवेश संवाद में गुजरात के अहमदाबाद</span></span><span><span>, </span></span><span><span>सूरत</span></span><span><span>, </span></span><span><span>भावनगर</span></span><span><span>, </span></span><span><span>राजकोट और वडोदरा सहित प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से 500 से अधिक उद्योगपतियों</span></span><span><span>, </span></span><span><span>निवेशकों एवं कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों ने सहभागिता की और मध्यप्रदेश में निवेश के प्रति विशेष रुचि दिखाई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को अहमदाबाद में आयोजित मेगा निवेश संवाद (इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश) में देशभर से आए प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों को संबोधित किया।   </span></span> </span></span></p>
<p><span><span><span><span>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश व्यापार-व्यवसाय</span></span><span><span>, </span></span><span><span>नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना-विस्तार और बिजनेस एक्सटेंशन के लिए असीम संभावनाओं की धरती है। मध्यप्रदेश में निवेश हमेशा से ही फायदे का सौदा रहा है। मुख्यमंत्री ने देशभर के निवेशकों का प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता की ओर से स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश में निवेश करने वालों को हमारी सरकार हर संभव सुविधा</span></span><span><span>, </span></span><span><span>सुरक्षा और सहयोग उपलब्ध कराएगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए देश में चल रहे विकास यज्ञ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की नई औद्योगिक नीतियों को देश के उद्योग जगत से सराहना मिल रही है। उन्होंने कहा कि उद्योग के संचालन के लिए मुख्यत: ठोस नीति</span></span><span><span>, </span></span><span><span>नेक नीयत और सहयोगी सरकार। मध्यप्रदेश में आपको यह तीनों ही मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने गुजरात के उद्योग जगत को आगामी प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027</span></span><span><span>, </span></span><span><span>भोपाल के लिए आमंत्रित करते हुए कहा</span></span><span><span>, </span></span><span><span>आपके पास अनुभव है और हमारे पास अवसर। हमारे अवसरों को आपका अनुभव मिल जाए</span></span><span><span>, </span></span><span><span>तो हम मिलकर इतिहास रचेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से मध्यप्रदेश के प्रगति पथ में सहयात्री बनने का आह्वान करते हुए कहा कि आइए</span></span><span><span>, </span></span><span><span>मध्यप्रदेश में बिना किसी संकोच के और खुले दिल से निवेश कीजिए तथा हमारे साथ विकास की इस ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा बनिए। </span></span></span></span></p>
<p><span><span><span><span>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेशकों को बिजली</span></span><span><span>, </span></span><span><span>पानी और जमीन की चिंता करने की जरूरत नहीं है। औद्योगिक भूमि रियायती दरों पर लीज पर उपलब्ध है</span></span><span><span>, </span></span><span><span>पर्याप्त वाटर बैंक और सरप्लस बिजली है तथा प्लग एंड प्ले जोन विकसित किए जा रहे हैं। लगभग 19 हजार एकड़ में 48 नए इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जा रहे हैं। सिंगल विंडो सिस्टम को </span></span><span><span>'</span></span><span><span>समस्याओं का अंत</span></span><span><span>, </span></span><span><span>सेवा तुरंत</span></span><span><span>' </span></span><span><span>बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हर बाधा का समाधान एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। सरल और सहज कनेक्टिविटी को प्रदेश की बड़ी ताकत बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में 5 लाख किलोमीटर से अधिक सड़क नेटवर्क</span></span><span><span>, </span></span><span><span>मजबूत रेल कनेक्टिविटी</span></span><span><span>, </span></span><span><span>8 एयरपोर्ट</span></span><span><span>, </span></span><span><span>6 अंतर्देशीय कंटेनर डिपो</span></span><span><span>, </span></span><span><span>एक्सप्रेस-वे और हाईवेज़ उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रशिक्षित और कुशल श्रमशक्ति भी बेहद आसानी से उपलब्ध है। </span></span></span></span></p>
<p><span><span><strong><span><span>मध्यप्रदेश और गुजरात हैं जुड़वा भाई </span></span></strong></span></span></p>
<p><span><span><span><span>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश और गुजरात के बीच औद्योगिक संभावनाओं एवं उच्च कोटि के परस्पर सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों ही राज्य जुड़वा भाईयों की तरह हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात के पास तकनीक</span></span><span><span>, </span></span><span><span>व्यापार और औद्योगिक अनुभव है</span></span><span><span>, </span></span><span><span>वहीं मध्यप्रदेश के पास प्रचुर जल</span></span><span><span>, </span></span><span><span>लैंड बैंक और देश के मध्य में स्थित होने का लॉजिस्टिक्स एडवांटेज है। दोनों राज्यों की इन्हीं बेजोड़ विशेषताओं के समन्वय से इस क्षेत्र में औद्योगिक विकास का नया इतिहास रचा जा सकता है। </span></span></span></span></p>
<p><span><span><span><span>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुजरात के पेट्रोकेमिकल</span></span><span><span>, </span></span><span><span>रसायन</span></span><span><span>, </span></span><span><span>टेक्सटाइल</span></span><span><span>, </span></span><span><span>फार्मा</span></span><span><span>, </span></span><span><span>फूड प्रोसेसिंग और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों के लिए मध्यप्रदेश में व्यापक अवसर हैं। बीना में विशाल पेट्रोकेमिकल रिफाइनरी</span></span><span><span>, </span></span><span><span>उज्जैन में 360 एकड़ में विकसित हो रहा अत्याधुनिक मेडिकल डिवाइस पार्क</span></span><span><span>, </span></span><span><span>धार और नवसारी में पीएम मित्रा पार्क तथा पीथमपुर का मजबूत ऑटोमोबाइल आधार दोनों राज्यों की औद्योगिक साझेदारी की संभावनाओं को और मजबूत करते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश को विभिन्न क्षेत्रों में 34 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं</span></span><span><span>, </span></span><span><span>जिनमें से 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। नवीकरणीय ऊर्जा</span></span><span><span>, </span></span><span><span>पंप्ड हाइड्रो और बायोमास जैसी नीतियों से निवेश का रास्ता आसान हुआ है और इन क्षेत्रों में 7 लाख 19 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ है। </span></span></span></span></p>
<p><span><span><strong><span><span>मां नर्मदा के दो बेटे देश के औद्योगिक विकास के लिए बढ़ रहे हैं साथ-साथ </span></span></strong></span></span></p>
<p><span><span><span><span>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के काल से गुजरात की धरती देश को समृद्धि देती आई है। गुजरात ने महात्मा गांधी और सरदार वल्लभ भाई पटेल जैसे महापुरुष हमें दिए हैं। अब प्रधानमंत्री श्री मोदी के कार्यकाल में भारत दुनिया का अग्रणी देश बनने की ओर अग्रसर है। गुजरात और मध्यप्रदेश मां नर्मदा के दो बेटों की तरह हैं। नर्मदा के जल से दोनों प्रदेशों में पेयजल और सिंचाई के पर्याप्त पानी मिल रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सरदार सरोवर बांध के लिए अपने संकल्प को पूरा किया है। दोनों राज्यों में उद्योग</span></span><span><span>, </span></span><span><span>व्यापार</span></span><span><span>, </span></span><span><span>संस्कृति सहित सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूलता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि उद्यमी पुरुषार्थ और व्यापार से कई लोगों को रोजगार और घर चलाने का अवसर मिलता है। हम </span></span><span><span>'</span></span><span><span>जियो और जीने दो</span></span><span><span>' </span></span><span><span>के साहचर्य सिद्धांत पर आगे बढ़ने वाले लोग हैं। </span></span></span></span></p>
<p><span><span><span><span>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेगा निवेश संवाद कार्यक्रम में आए उद्योगपतियों और उद्यमियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि गुजरात के साथ संबंध अनेक प्रकार से महात्मा गांधी जी के समय से है। स्वतंत्रता आंदोलन समर में सभी राज्य संयुक्त रूप से संघर्षरत थे। गुजरात से ही सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा आधुनिक भारत की नींव रखने का कार्य किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने मध्यप्रदेश में शिक्षा ग्रहण की। गुजरात में वे द्वारकाधीश बने और जगद्गुरु भी बने। गुजरात की धरती ही कृष्ण को श्री लगाने वाली और समृद्धि देने वाली धरती है। अब एक बार फिर गुजरात और मध्यप्रदेश के साथ अब नया रिश्ता जुड़ रहा है। मध्यप्रदेश में उद्योगों की स्थापना के लिए गुजरात के सभी उद्यमी आमंत्रित हैं। उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में पूरा सहयोग प्राप्त होगा। गुजरात में पेट्रोकेमिकल</span></span> <span><span>, </span></span><span><span>रसायन</span></span><span><span>, </span></span><span><span>टेक्सटाइल</span></span><span><span>, </span></span><span><span>फॉर्मा और एनर्जी सेक्टर में अपार संभावनाएं हैं। गुजरात का टेक्सटाइल तो दुनिया में प्रसिद्ध है। गुजरात के पास धार जिले में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 2 हजार एकड़ में बन रहे टेक्सटाइल सेक्टर के पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन किया। यहां तेजी से निवेश आ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी भी गुजरात से हैं। उनके नेतृत्व में भारत पूरे विश्व में सबसे अलग छवि बना रहा। </span></span></span></span></p>
<p><span><span><span><span>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और गुजरात के मध्य समन्वय तेजी से बढ़ रहा है। इसमें प्रधानमंत्री का जो राज्यों की समृद्धि का संकल्प था </span></span><span><span>, </span></span><span><span>वह क्रियान्वित हो रहा। सरदार सरोवर परियोजना के संदर्भ में राज्यों के मध्य आवश्यक सहयोग पर बल दिया गया है। दोनों राज्यों के बीच मोदी जी के शासनकाल में केंद्र का पर्याप्त समुचित मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है। राज्यों में परस्पर सहयोग और साथ रहे</span></span><span><span>, </span></span><span><span>इस दृष्टि से विभिन्न क्षेत्रों में राज्य समान रूप से आगे बढ़ें</span></span><span><span>, </span></span><span><span>यह अनुकूलता बढ़ रही है। </span></span></span></span></p>
<p><span><span><span><span>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने औद्योगिक विकास के लिए ठोस नीतियां लागू की हैं। नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में मध्यप्रदेश में विशेष प्रयास हुए हैं। राज्य में बिजली की उपलब्धता सरप्लस है। मध्यप्रदेश की बिजली से दिल्ली में मेट्रो ट्रेन भी चल रही है। देश में सबसे सस्ती बिजली दर मध्यप्रदेश में है। राज्य सरकार ने उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियों को लागू कर सकारात्मक वातावरण तैयार किया है। निवेशकों से किए हर वादे को पूरा करते हुए बड़े उद्योग और एमएसएमई ईकाइयों को पिछले माह तक की निवेश प्रोत्साहन राशि का भुगतान कर दिया गया है। सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता के बलबूते बैकलॉग सब्सिडी को भी खत्म किया है। </span></span></span></span></p>
<p><span><span><span><span>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में युवाओं के लिए हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं। राज्य में टूरिज्म</span></span><span><span>, </span></span><span><span>आईटी</span></span><span><span>, </span></span><span><span>फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में भी अपार संभावनाएं हैं। राज्य में इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन सिटी और भोपाल सहित पड़ोसी जिले को जोड़कर मेट्रोपोलिटन सिटी तैयार करने का संकल्प लिया है। मध्यप्रदेश में सबसे तेज गति से मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं। सबसे तेज गति से उद्योगों की स्थापना हो रही है। मध्यप्रदेश देश में में सबसे कम बेरोजगारी दर वाला राज्य है। उन्होंने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के विकास में मध्यप्रदेश में हो रहे विशेष प्रयासों और अन्य सेक्टर में आ रहे निवेश का भी विवरण दिया। मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियों और सकारात्मक वातावरण की विस्तार पूर्वक जानकारी दी। </span></span></span></span></p>
<p><span><span><span><span>गुजरात के वेलस्पन ट्रांसफॉर्मेशन सर्विस लिमिटेड के ऑनर श्री चिंतन <strong><u>ठाकर</u></strong> ने मध्यप्रदेश में निवेश का अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि गुजरात और मध्यप्रदेश सिस्टर स्टेट होने के साथ-साथ देश के भविष्य के ग्रोथ इंजन हैं। वर्ष 2011 में हमारी कंपनी ने मध्यप्रदेश में प्रवेश किया। देवास-भोपाल रोड पर अपनी यूनिट शुरू की। हमने वॉटर पाइप्स तैयार किए। मध्यप्रदेश सरकार ने केवल 12 महीने में उद्योग स्थापना के लिए जरूरी सभी अनुमतियां दे दीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में उद्यमियों और निवेशकों की सभी देनदारियां लगातार भुगतान की जा रही हैं। </span></span></span></span></p>
<p><span><span><span><span>अपर मुख्य सचिव</span></span><span><span>, </span></span><span><span>औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री नीरज मंडलोई ने निवेशकों को मध्यप्रदेश की विशेषताओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हमारे पड़ोसी राज्य गुजरात ने हमेशा अपनी उद्यमिता</span></span><span><span>, </span></span><span><span>चुनौतियों का सामना करने और नवाचारों से देश को प्रेरित किया है। मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए एक लाख एकड़ से अधिक का लैंड बैंक उपलब्ध है। राज्य में 8 एयरपोर्ट</span></span><span><span>, </span></span><span><span>22 रेल जंक्शन और तेजी से बढ़ता लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर इसे बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करते हैं। राज्य सरकार ने 8 डेडिकेटेड इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने का संकल्प लिया है। इनमें मुरैना में फुटवियर पार्क</span></span><span><span>, </span></span><span><span>उज्जैन में मेडिकल डिवाइस</span></span><span><span>, </span></span><span><span>रायसेन में प्लास्टिक पार्क भी शामिल हैं। सेक्टर आधारित क्लस्टर हमारी विशेषता हैं। नीति आयोग ने मध्यप्रदेश को निवेश प्रोत्साहन नीतियों के निर्माण के मामले में शीर्ष राज्य घोषित किया है। हमारी उद्योग आधारित नीतियों को देश के दूसरे राज्य भी अपना रहे हैं। राज्य की पॉलिसी निर्यात</span></span><span><span>, </span></span><span><span>निवेश अनुदान को भी बढ़ावा दे रही हैं। मध्यप्रदेश जनवरी-फरवरी 2027 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन करने जा रहा है। मध्यप्रदेश देश का सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक</span></span><span><span>, </span></span><span><span>तीसरा सबसे बड़ा दूध उत्पादक है। फूड प्रोसेसिंग के लिए राज्य में कच्चे माल की पर्याप्त उपलब्धता है। पीथमपुर में ऑटो सेक्टर का सबसे बड़ा टेस्टिंग ट्रैक है। धार जिले में टेक्सटाइल सेक्टर का देश के सबसे बड़ा पीएम मित्र पार्क स्थापित किया जा रहा है</span></span><span><span>, </span></span><span><span>जिसमें अब तक 2 हजार करोड़ से अधिक का निवेश मिल चुका है। मध्यप्रदेश की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पॉलिसी निवेशकों को हर क्षेत्र में मदद कर रही हैं। भोपाल</span></span><span><span>, </span></span><span><span>जबलपुर और उज्जैन में नए इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने पर काम चल रहा है। ग्वालियर में केंद्र सरकार के सहयोग से देश का पहला टेलीकॉम मैन्यूफेक्चरिंग जोन (टीएमजेड) विकसित किया जा रहा है। पर्यटन भविष्य में रोजगार का सबसे बड़ा जरिया बनेगा। मध्यप्रदेश वन्यजीव पर्यटन और धार्मिक पर्यटन में अग्रणी राज्य है। राज्य सरकार टूरिज्म सेक्टर में निवेश करने वाले उद्यमियों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। </span></span></span></span></p>
<p><span><span><span><span>प्रमुख सचिव</span></span><span><span>, </span></span><span><span>विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री एम. सेल्वेंद्रन ने कहा कि मध्यप्रदेश में आईटी सेक्टर में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं। इंदौर</span></span><span><span>, </span></span><span><span>भोपाल</span></span><span><span>, </span></span><span><span>ग्वालियर और जबलपुर में देश के दूसरे राज्यों की तुलना में सस्ती और विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलती हैं। यहां रहना काफी सस्ता है। टीसीएस इंदौर में अपनी यूनिट संचालित करती है</span></span><span><span>, </span></span><span><span>जिसमें 16 हजार से अधिक स्टॉफ काम करता है। इन्फोसिस भी राज्य में अपना विस्तार करने जा रही है। बैगलौर और हैदराबाद की अपेक्षा मध्यप्रदेश में ट्रैफिक अत्यंत सुगम है। राज्य सरकार नया स्पेस टेक पार्क स्थापित करने पर कार्य कर रही है। भोपाल में ड्रोन मैन्यूफेक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ड्रोन टेस्टिंग के लिए ग्रीन जोन तैयार किया जा रहा है। मध्यप्रदेश सरकार स्पेस टेक पॉलिसी के अंतर्गत 40 से 60 प्रतिशत तक कैपिटल सब्सिडी प्रदान करती है। हमारी सेमीकंडक्टर पॉलिसी को देशभर से बेहतर रिस्पांस मिल रहा है। राज्य सरकार उद्योग स्थापित करने के लिए किराये और स्टॉफ की सैलरी के लिए भी सहायता दे रही है। </span></span></span></span></p>
<p><span><span><span><span>सिम्फनी लिमिटेड कंपनी के सीएमडी एवं कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज की गुजरात स्टेट कांउसिल के चेयरमेन  श्री अचल बेकेरी ने कहा कि मध्यप्रदेश अतुल्य भारत का हृदय प्रदेश है। हाल के वर्षों में पर्यटन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। घरेलू पर्यटकों की संख्या 14 करोड़ से अधिक दर्ज की गई। अब घरेलू पर्यटन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश पारंपरिक तौर पर गोवा और हिमाचल प्रदेश की श्रेणी में शामिल हो रहा है। धार्मिक पर्यटन के लिए उज्जैन और चित्रकूट</span></span><span><span>, </span></span><span><span>वन्यजीव पर्यटन के लिए बांधवगढ़</span></span><span><span>, </span></span><span><span>कान्हा और पेंच राष्ट्रीय उद्यान</span></span><span><span>, </span></span><span><span>ऐतिहासिक विरासत के लिए खजुराहो</span></span><span><span>, </span></span><span><span>मांडू और सांची प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं। राज्य में बढ़ते टूरिज्म को देखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने होमस्टे की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है। टूरिज्म राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार भी प्रदान कर रहा है। गुजराती समुदाय के लिए मध्यप्रदेश में हॉस्पिटिलिटी सेक्टर में अपार संभावनाएं नजर आ रही हैं। कई गुजराती निवेशक मध्यप्रदेश को अपने दूसरे घर के रूप में देखते हैं। राज्य में नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी बेहतर कार्य हुए हैं। गुजरात में पहले हुई इन्वेस्टर्स मीट में हजारों करोड़ों के निवेश प्रस्ताव मध्यप्रदेश पर भरोसा दिखाते हैं। राज्य में उद्योग मित्र नीतियां</span></span><span><span>, </span></span><span><span>पारदर्शिता और निवेश अनुकूल वातावरण निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। </span></span></span></span></p>
<p><span><span><span><span>इस अवसर पर सचिव परिवहन एवं आयुक्त जनसम्पर्क श्री मनीष सिंह </span></span><span><span>, </span></span><span><span>एमपीआईडीसी लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री चन्द्रमौली शुक्ला सहित अन्य अधिकारी तथा गुजरात के उद्योग जगत के 350 से अधिक प्रतिनिधिगण उपस्थित थे। संवाद के दौरान मध्यप्रदेश में निवेश की अपार संभावनाओं पर आधारित एक ऑडियो-वीडियो फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। </span></span></span></span></p>
<p><span><span><span><span>सचिव</span></span><span><span>, </span></span><span><span>औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री जॉन किंग्सले एआर ने सभी का आभार व्यक्त किया। </span></span></span></span></p>
<p><span><span><strong><span><span>मुख्यमत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से की वन-टू-वन चर्चा</span></span></strong><strong> </strong></span></span></p>
<p><span><span><span><span>मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेश संवाद के दौरान प्रमुख उद्योग समूहों के साथ 15 से अधिक वन-टू-वन बैठकें हुईं। इनमें निवेश प्रस्तावों</span></span><span><span>, </span></span><span><span>औद्योगिक विस्तार और मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई। अरविंद लिमिटेड के साथ पीएम मित्र पार्क में प्रस्तावित 1</span></span><span>,</span><span><span>200 करोड़ रुपये के निवेश को शीघ्र क्रियान्वित करने</span></span><span><span>, </span></span><span><span>टेक्सटाइल एवं गारमेंट क्षेत्र में उपलब्ध प्रोत्साहनों और  पर्यावरण-अनुकूल औद्योगिक अधोसंरचना के विकास पर चर्चा हुई। वहीं</span></span><span><span>, </span></span><span><span>टोरेंट पावर लिमिटेड के साथ अनूपपुर में प्रस्तावित 1600 मेगावाट ताप विद्युत परियोजना</span></span><span><span>, </span></span><span><span>प्रदेश की दीर्घकालीन ऊर्जा सुरक्षा</span></span><span><span>, </span></span><span><span>अतिरिक्त विद्युत क्षमता सृजन और भविष्य में ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की गई।</span></span> </span></span></p>
<p><span><span><span><span>पेट्रोकेमिकल</span></span><span><span>, </span></span><span><span>केमिकल</span></span><span><span>, </span></span><span><span>टेक्सटाइल</span></span><span><span>, </span></span><span><span>फार्मास्युटिकल्स</span></span><span><span>, </span></span><span><span>फूड प्रोसेसिंग</span></span><span><span>, </span></span><span><span>इंजीनियरिंग</span></span><span><span>, </span></span><span><span>एयरोस्पेस एवं रक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों के उद्योग समूहों ने मध्यप्रदेश में निवेश में रुचि दिखाई। वन-टू-वन बैठकों में चिरपाल ग्रुप</span></span><span><span>, </span></span><span><span>गोल्डक्रेस्ट सीमेंट</span></span><span><span>, </span></span><span><span>गुजरात अंबुजा</span></span><span><span>, </span></span><span><span>एजियोस पॉलीफिल्म्स</span></span><span><span>, </span></span><span><span>एरिस लाइफसाइंसेज सहित अन्य उद्योग समूहों के निवेश प्रस्तावों पर चर्चा हुई। गुजरात के निवेशकों एवं उद्योग जगत ने प्रदेश की औद्योगिक नीतियों</span></span><span><span>, </span></span><span><span>व्यवस्थाओं और नेतृत्व के प्रति विश्वास भी व्यक्त किया।</span></span> </span></span></p>
<p><span><span><strong><span><span>विभिन्न क्षेत्रों में प्राप्त हुए निवेश प्रस्ताव</span></span></strong><strong> </strong></span></span></p>
<p><span><span><span><span>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सीमेंट क्षेत्र में गोल्डक्रेस्ट सीमेंट द्वारा 3</span></span><span>,</span><span><span>000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव से 1</span></span><span>,</span><span><span>500 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। पैकेजिंग क्षेत्र में एजियोस पॉलीफिल्म्स प्रा. लि. द्वारा 2</span></span><span>,</span><span><span>500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव से 1</span></span><span>,</span><span><span>000 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। वहीं फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट्स लिमिटेड द्वारा 1</span></span><span>,</span><span><span>200 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव से 500 रोजगार के अवसर सृजित होंगे।</span></span> </span></span></p>
<p><span><span><span><span>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि फार्मास्युटिकल्स क्षेत्र में एरिस लाइफसाइंसेज लिमिटेड द्वारा 500 करोड़ रुपये के निवेश से 800 रोजगार</span></span><span><span>, </span></span><span><span>टेक्सटाइल क्षेत्र में राघव वूवन एलएलपी द्वारा 250 करोड़ रुपये के निवेश से 400 रोजगार</span></span><span><span>, </span></span><span><span>इंजीनियरिंग क्षेत्र में भव्य मशीन टूल्स द्वारा 250 करोड़ रुपये के निवेश से 300 रोजगार</span></span><span><span>, </span></span><span><span>केमिकल क्षेत्र में जय केमिकल इंडस्ट्रीज प्रा. लि. द्वारा 200 करोड़ रुपये के निवेश से 100 रोजगार तथा पैकेजिंग क्षेत्र में बालाजी मल्टीफ्लेक्स प्रा. लि. द्वारा 200 करोड़ रुपये के निवेश से 100 रोजगार के अवसर सृजित होंगे।</span></span> </span></span></p>
<p><span><span><span><span>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि टेक्सटाइल क्षेत्र में श्रद्धा स्पन प्रा. लि. द्वारा 160 करोड़ रुपये के निवेश से 600 रोजगार</span></span><span><span>, </span></span><span><span>अन्य क्षेत्र में इनर इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स एंड सिस्टम्स प्रा. लि. द्वारा 150 करोड़ रुपये के निवेश से 160 रोजगार</span></span><span><span>, </span></span><span><span>एयरोस्पेस एवं डिफेंस क्षेत्र में ऑप्टिमाइज्ड ग्रुप द्वारा 100 करोड़ रुपये के निवेश से 120 रोजगार</span></span><span><span>, </span></span><span><span>फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में जेएमके फूड द्वारा 50 करोड़ रुपये के निवेश से 80 रोजगार</span></span><span><span>, </span></span><span><span>केमिकल क्षेत्र में विबफास्ट ग्रुप द्वारा 50 करोड़ रुपये के निवेश से 75 रोजगार तथा अरुणाया ऑर्गेनिक्स लिमिटेड द्वारा 25 करोड़ रुपये के निवेश से 50 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। इन सभी निवेश प्रस्तावों से कुल 8 हजार 635 करोड़ रुपये का निवेश और 5 हजार 785 रोजगार सृजित होने की संभावना है।</span></span> </span></span></p>
<p><span><span><span><span>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश को पिछले ढाई वर्षों में 34 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं</span></span><span><span>, </span></span><span><span>जबकि 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। उन्होंने निवेशकों को आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया।</span></span> </span></span></p>
<p><span><span><strong><span><span>निवेश घोषणाओं का विवरण</span></span></strong><strong> </strong></span></span></p>
<table align="center" border="1" cellspacing="0" class="Table">
<tbody>
<tr>
<td>
<p><span><span><strong><span><span>क्र.</span></span></strong><strong> </strong></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><strong><span><span>कम्पनी</span></span></strong><strong> </strong></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><strong><span><span>सेक्टर</span></span></strong><strong> </strong></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><strong><span><span>प्रस्तावित निवेश</span></span></strong><strong> </strong></span></span></p>
<p><span><span><strong><span><span>(</span></span></strong><strong><span><span>रु. करोड़</span></span></strong><strong><span><span>) </span></span></strong></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><strong><span><span>प्रस्तावित रोजगार</span></span></strong><strong> </strong></span></span></p>
</td>
</tr>
<tr>
<td>
<p><span><span><span><span>1.       </span></span>  </span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>गोल्डक्रेस्ट </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>सीमेंट </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>3</span></span><span>,</span><span><span>000 </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>1</span></span><span>,</span><span><span>500 </span></span></span></span></p>
</td>
</tr>
<tr>
<td>
<p><span><span><span><span>2.       </span></span>  </span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>एजियोस पॉलीफिल्म्स प्रा.लि. </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>पैकेजिंग </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>2</span></span><span>,</span><span><span>500 </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>1</span></span><span>,</span><span><span>000 </span></span></span></span></p>
</td>
</tr>
<tr>
<td>
<p><span><span><span><span>3.       </span></span>  </span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट्स लिमिटेड </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>फूड प्रोसेसिंग </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>1</span></span><span>,</span><span><span>200 </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>500 </span></span></span></span></p>
</td>
</tr>
<tr>
<td>
<p><span><span><span><span>4.       </span></span>  </span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>एरिस लाइफसाइंसेज लिमिटेड </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>फार्मास्युटिकल्स </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>500 </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>800 </span></span></span></span></p>
</td>
</tr>
<tr>
<td>
<p><span><span><span><span>5.       </span></span>  </span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>राघव वूवन एलएलपी </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>टेक्सटाइल </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>250 </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>400 </span></span></span></span></p>
</td>
</tr>
<tr>
<td>
<p><span><span><span><span>6.       </span></span>  </span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>भव्य मशीन टूल्स </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>इंजीनियरिंग </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>250 </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>300 </span></span></span></span></p>
</td>
</tr>
<tr>
<td>
<p><span><span><span><span>7.       </span></span>  </span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>जय केमिकल इंडस्ट्रीज प्रा.लि. </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>केमिकल </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>200 </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>100 </span></span></span></span></p>
</td>
</tr>
<tr>
<td>
<p><span><span><span><span>8.       </span></span>  </span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>बालाजी मल्टीफ्लेक्स प्रा.लि. </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>पैकेजिंग </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>200 </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>100 </span></span></span></span></p>
</td>
</tr>
<tr>
<td>
<p><span><span><span><span>9.       </span></span>  </span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>श्रद्धा स्पन प्रा.लि. </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>टेक्सटाइल </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>160 </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>600 </span></span></span></span></p>
</td>
</tr>
<tr>
<td>
<p><span><span><span><span>10.   </span></span>  </span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>इनर इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स एण्ड सिस्टम्स प्रा.लि. </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>अन्य </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>150 </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>160 </span></span></span></span></p>
</td>
</tr>
<tr>
<td>
<p><span><span><span><span>11.   </span></span>  </span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>ऑप्टिमाइज्ड ग्रुप </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>एयरोस्पेस एवं डिफेंस </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>100 </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>120 </span></span></span></span></p>
</td>
</tr>
<tr>
<td>
<p><span><span><span><span>12.   </span></span>  </span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>जेएमके फूड </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>फूड प्रोसेसिंग </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>50 </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>80 </span></span></span></span></p>
</td>
</tr>
<tr>
<td>
<p><span><span><span><span>13.   </span></span>  </span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>विबफास्ट ग्रुप </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>केमिकल </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>50 </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>75 </span></span></span></span></p>
</td>
</tr>
<tr>
<td>
<p><span><span><span><span>14.   </span></span>  </span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>अरुणाया ऑर्गेनिक्स लिमिटेड </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>केमिकल </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>25 </span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>50 </span></span></span></span></p>
</td>
</tr>
<tr>
<td colspan="3">
<p><span><span><strong><span><span>                                 कुल </span></span></strong></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><strong><span><span>8</span></span></strong><strong><span>,</span></strong><strong><span><span>635 </span></span></strong></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><strong><span><span>5</span></span></strong><strong><span>,</span></strong><strong><span><span>785</span></span></strong></span></span></p>
</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>भोपाल की झीलों पर मध्यप्रदेश के सेलर्स का शानदार प्रदर्शन, 420 MIX और 29ER में पहला स्थान</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  भोपाल के अपर लेक स्थित बोट क्लब पर चल रही तृतीय राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल सेलिंग चैम्पियनशिप-2026 में मध्यप्रदेश के सेलर्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विभिन्न वर्गों में शीर्ष स्थान हासिल किए हैं। राष्ट्रीय रैंकिंग की इस प्रतियोगिता में देशभर के खिलाड़ी अपनी तकनीक, संतुलन, गति और रणनीतिक कौशल का प्रदर्शन कर रहे … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 22:15:20 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>भोपाल, की, झीलों, पर, मध्यप्रदेश, के, सेलर्स, का, शानदार, प्रदर्शन, 420, MIX, और, 29ER, में, पहला, स्थान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>भोपाल के अपर लेक स्थित बोट क्लब पर चल रही तृतीय राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल सेलिंग चैम्पियनशिप-2026 में मध्यप्रदेश के सेलर्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विभिन्न वर्गों में शीर्ष स्थान हासिल किए हैं। राष्ट्रीय रैंकिंग की इस प्रतियोगिता में देशभर के खिलाड़ी अपनी तकनीक, संतुलन, गति और रणनीतिक कौशल का प्रदर्शन कर रहे हैं। 10 से 16 अगस्त तक आयोजित इस राष्ट्रीय रैंकिंग प्रतियोगिता में 12 राज्यों के करीब 100 राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।</p>
<p><strong>420 MIX में समृद्धि-पार्थ की जोड़ी अव्वल</strong></p>
<p>420 MIX वर्ग में NSS भोपाल की समृद्धि बाथम और पार्थ सिंह चौहान की जोड़ी ने शानदार तालमेल, संतुलन और रणनीतिक प्रदर्शन करते हुए दोनों रेस में पहला स्थान हासिल किया। दोनों रेस में लगातार बेहतर प्रदर्शन के साथ जोड़ी ने 2 नेट अंक अर्जित कर वर्ग में शीर्ष स्थान पर कब्जा जमाया। वहीं NSS भोपाल की एकलव्य बाथम और वंशिका सिकरवार की जोड़ी ने भी दमदार प्रदर्शन करते हुए 4 नेट अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। दोनों टीमों के प्रदर्शन से इस वर्ग में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों की मजबूत तैयारी और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता देखने को मिली।</p>
<p><strong>29ER GIRLS में शगुन-अर्पणा ने मारी बाजी</strong></p>
<p>29ER GIRLS वर्ग में NSS भोपाल की शगुन झा और अपर्णा चौधरी ने दोनों रेस में पहला स्थान हासिल करते हुए शीर्ष स्थान पर कब्जा जमाया।</p>
<p>वहीं 29ER वर्ग में NYSC की शोवण्या जोधा और हृदय जोशी ने पहला स्थान हासिल किया। NSS के रुद्रेश सिंह पटेल और मयंक राजपूत दूसरे तथा NYSC के एमडी रिजवान और शिवम वाल्मीकि तीसरे स्थान पर रहे।</p>
<p><strong>टेक्नो में भी MP के खिलाड़ियों का दबदबा</strong></p>
<p>टेक्नो BOYS U-15 वर्ग में NSS भोपाल के अंकित विश्वकर्मा ने पहला और MPYA के अयान खान ने दूसरा स्थान हासिल किया। BOYS U-17 में NSS भोपाल के सोहम योगेश राजपूत पहले, स्वस्तिक गौतम दूसरे और EMESC Bhopal के आरान मलिक तीसरे स्थान पर रहे।</p>
<p>GIRLS U-15 में NSS भोपाल की अनन्या अवधिया ने पहला और विपासा सिंह ने दूसरा स्थान हासिल किया। GIRLS U-17 में YAM की प्रियंशी एम. पाटिल प्रथम और NSS भोपाल की तेजस्वी प्रजापति दूसरे स्थान पर रहीं।</p>
<p><strong>12 राज्यों के करीब 100 खिलाड़ी ले रहे हिस्सा</strong></p>
<p>खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा आयोजित यह प्रतियोगिता 10 से 16 अगस्त तक अपर लेक, बोट क्लब स्थित वाटर स्पोर्ट्स सेंटर में हो रही है। प्रतियोगिता में देश के 12 राज्यों और विभिन्न प्रतिष्ठित क्लबों से करीब 100 राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। Yachting Association of India (YAI) के तकनीकी मार्गदर्शन में प्रतियोगिता का संचालन किया जा रहा है।</p>
<p><strong>वाटर स्पोर्ट्स में मध्यप्रदेश की मजबूत पहचान</strong></p>
<p>भोपाल की प्राकृतिक परिस्थितियां सेलिंग, रोइंग, कयाकिंग और केनोइंग जैसे वाटर स्पोर्ट्स के लिए अनुकूल हैं। मध्यप्रदेश राज्य जल क्रीड़ा अकादमी की स्थापना वर्ष 2007 में हुई थी और यहां सेलिंग सहित विभिन्न वाटर स्पोर्ट्स के लिए प्रशिक्षण एवं सुविधाएं उपलब्ध हैं। अकादमी के खिलाड़ियों ने अब तक 28 अंतर्राष्ट्रीय और 69 राष्ट्रीय पदक अर्जित किए हैं तथा 37 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सहभागिता की है।</p>
<p>वर्ष 2025 की राजा भोज मल्टीक्लास सेलिंग चैम्पियनशिप में भी मध्यप्रदेश की टीम ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए 16 पदक—8 स्वर्ण, 5 रजत और 3 कांस्य अर्जित किए थे। प्रतियोगिता की 12 में से 8 कैटेगरी में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक जीते थे।</p>
<p><strong>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे 16 अगस्त को समापन एवं पुरस्कार वितरण</strong></p>
<p>राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप का समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह 16 अगस्त को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में होगा। विभिन्न वर्गों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान किए जाएंगे।</p>
<p>भोपाल में लगातार राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय वाटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं के आयोजन से शहर की पहचान देश के प्रमुख वाटर स्पोर्ट्स केंद्र के रूप में मजबूत हो रही है। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा खेल प्रतिभाओं को आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर अधोसंरचना और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के मंच उपलब्ध कराने पर लगातार काम किया जा रहा है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कर सुगम यातायात करें सुनिश्चित : मंत्री  सिंह</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह ने वर्षाकाल के कारण भोपाल में विभाग की क्षतिग्रस्त सड़कों और विभिन्न स्थानों पर हुए गड्ढों को गंभीरता से लेते हुए उनकी तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण नागरिकों को आवागमन में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। सड़कों को सुरक्षित … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 22:15:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>क्षतिग्रस्त, सड़कों, की, तत्काल, मरम्मत, कर, सुगम, यातायात, करें, सुनिश्चित, मंत्री, सिंह</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>भोपाल </p>
<p>लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह ने वर्षाकाल के कारण भोपाल में विभाग की क्षतिग्रस्त सड़कों और विभिन्न स्थानों पर हुए गड्ढों को गंभीरता से लेते हुए उनकी तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण नागरिकों को आवागमन में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। सड़कों को सुरक्षित और सुगम बनाए रखना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।</p>
<p>मंत्री  सिंह ने भोपाल की सड़कों की स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्य अभियंता ब्रिज एवं मुख्य अभियंता भोपाल को निर्देशित किया कि वे आज ही शहर की प्रमुख सड़कों, पुलों और यातायात की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों का गहन निरीक्षण करें। निरीक्षण के दौरान क्षतिग्रस्त हिस्सों और गड्ढों को चिह्नित कर तत्काल सुधार कार्य प्रारंभ कराया जाए।</p>
<p>मंत्री  सिंह ने कहा कि वर्षा के कारण जहां डामरीकरण अथवा स्थायी मरम्मत तत्काल संभव नहीं है, वहां क्विक सेट सीमेंट, पेवर ब्लॉक अथवा अन्य उपयुक्त तकनीक का उपयोग कर गड्ढों को तुरंत भरा जाए। सुधार कार्य इस प्रकार किया जाए कि नागरिकों को शीघ्र राहत मिले और वाहनों का सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़कों के सुधार कार्य में किसी प्रकार की देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। क्षतिग्रस्त सड़कों की नियमित निगरानी की जाए और बारिश के दौरान पुनः गड्ढे होने पर त्वरित कार्रवाई के लिए मैदानी अमले को सतर्क रखा जाए। प्रमुख मार्गों के साथ ही आंतरिक और संपर्क सड़कों की स्थिति पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।</p>
<p>मंत्री  सिंह ने कहा कि सड़क मरम्मत केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। प्रत्येक सुधार कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए और संबंधित अधिकारी स्वयं मौके पर उपस्थित रहकर कार्य की निगरानी करें अन्यथा होगी कड़ी कार्यवाही। उन्होंने निरीक्षण और सुधार कार्यों की प्रगति से उन्हें अवगत कराने के भी निर्देश दिए।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>मध्यप्रदेश में बढ़ रहा हाथियों का कुनबा</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मध्यप्रदेश के जंगलों में हाथियों की उपस्थिति लगातार बढ़ रही है। बाघों के लिए देश-दुनिया में प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व अब हाथियों के लिए भी अनुकूल रहवास के रूप में उभर रहा है। यहां हाथियों का कुनबा लगातार फल-फूल रहा है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व एवं आसपास के लैंडस्केप में वर्तमान में करीब 50 से … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 22:15:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>मध्यप्रदेश, में, बढ़, रहा, हाथियों, का, कुनबा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मध्यप्रदेश के जंगलों में हाथियों की उपस्थिति लगातार बढ़ रही है। बाघों के लिए देश-दुनिया में प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व अब हाथियों के लिए भी अनुकूल रहवास के रूप में उभर रहा है। यहां हाथियों का कुनबा लगातार फल-फूल रहा है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व एवं आसपास के लैंडस्केप में वर्तमान में करीब 50 से 70 जंगली हाथियों की मौजूदगी का अनुमान है। वहीं शहडोल जिले के पश्चिमी ब्यौहारी क्षेत्र में भी करीब 25 हाथियों का दल पिछले लगभग डेढ़ वर्ष से लगातार रह रहा है।</p>
<p><strong>वर्ष 2018 से बांधवगढ़ में नियमित उपस्थिति</strong></p>
<p>क्षेत्र संचालक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व  अनुपम सहाय ने बताया कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथियों की नियमित उपस्थिति अक्टूबर-2018 में स्पष्ट रूप से दर्ज हुई। हाथी संजय गांधी टाइगर रिजर्व से बांधवगढ़ लैंडस्केप कॉरिडोर के माध्यम से यहां पहुंचे। इसके बाद धीरे-धीरे हाथियों की संख्या और उनके विचरण क्षेत्र में विस्तार हुआ है।</p>
<p>हाथियों का विचरण मुख्य रूप से खेतौली, पनपथा कोर, ताला एवं कल्लवाह क्षेत्र में देखा जा रहा है। हाथी किसी एक क्षेत्र में स्थाई रूप से सीमित नहीं रहते, बल्कि भोजन, पानी एवं अन्य आवश्यकताओं के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में विचरण करते हैं। यही कारण है कि किसी एक रेंज में हाथियों की स्थाई संख्या निर्धारित करना कठिन होता है और उनकी नियमित निगरानी की जाती है।</p>
<p><strong>भोजन-पानी और सुरक्षित वातावरण बना आकर्षण</strong></p>
<p>बांधवगढ़ का विस्तृत प्राकृतिक एवं सुरक्षित वन परिदृश्य हाथियों के लिए अनुकूल परिस्थितियां उपलब्ध कराता है। यहां अलग-अलग मौसम में पर्याप्त भोजन एवं पानी, घास के मैदान, बांस के क्षेत्र, साल एवं मिश्रित वन तथा अन्य प्राकृतिक वनस्पतियां उपलब्ध हैं। सुरक्षित वातावरण और अपेक्षाकृत कम मानव हस्तक्षेप के कारण हाथियों को यहां अनुकूल रहवास मिल रहा है।</p>
<p>हाथियों की बढ़ती मौजूदगी से बांधवगढ़ के वन्यजीव पर्यटन में भी नया आकर्षण जुड़ा है। जंगल में स्वतंत्र रूप से विचरण करते हाथियों के झुंड, उनके साथ मौजूद बच्चे तथा उनका प्राकृतिक सामाजिक व्यवहार पर्यटकों के लिए रोमांचकारी अनुभव बन रहा है।</p>
<p><strong>तकनीक और वैज्ञानिक पद्धति से हो रही निगरानी</strong></p>
<p>बांधवगढ़ में हाथियों के संरक्षण एवं मानव-हाथी सहअस्तित्व को मजबूत करने के लिए प्रबंधन द्वारा तकनीक, वैज्ञानिक अध्ययन, सामुदायिक भागीदारी और नियमित मॉनिटरिंग को अपनाया गया है। हाथियों की लोकेशन, मूवमेंट एवं अलर्ट की जानकारी के लिए विशेष गजरक्षक ऐप का उपयोग किया जा रहा है।</p>
<p>स्थानीय समुदाय की भागीदारी के लिए हाथी मित्र दल गठित किए गए हैं। इसके अलावा रेडियो कॉलरिंग एवं वैज्ञानिक मॉनिटरिंग के माध्यम से हाथियों की गतिविधियों और विचरण क्षेत्र का अध्ययन किया जा रहा है। हाथियों की पहचान उनके कानों के आकार, दाग-धब्बों, दांतों की बनावट, पूंछ और शरीर की अन्य विशिष्ट विशेषताओं के आधार पर की जाती है तथा प्रत्येक हाथी को अलग पहचान नंबर दिया जाता है।</p>
<p>हाथियों से संबंधित सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और कार्रवाई के लिए एलीफेंट कंट्रोल रूम के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था की गई है। फ्रंटलाइन स्टॉफ को समय-समय पर प्रशिक्षण एवं कार्यशालाओं के माध्यम से हाथी प्रबंधन से संबंधित जानकारी दी जा रही है। अन्य राज्यों, विशेषकर पश्चिम बंगाल में हाथी प्रबंधन एवं मानव-हाथी संघर्ष न्यूनीकरण के अनुभवों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अपनाने का प्रयास किया जा रहा है।</p>
<p><strong>ब्यौहारी क्षेत्र में भी 25 हाथियों का दल</strong></p>
<p>शहडोल उत्तर वनमंडल की डीएफओ मती तरुणा वर्मा के अनुसार शहडोल क्षेत्र में हाथियों का आवागमन ऐतिहासिक रहा है। हाल के वर्षों में वर्ष 2005 के आसपास हाथियों का शहडोल क्षेत्र में आना-जाना दर्ज हुआ। वर्ष 2018 में हाथियों का एक झुंड यहां आया और बाद में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व क्षेत्र में स्थाई रूप से रह गया।</p>
<p>वर्तमान में शहडोल उत्तर वनमंडल के पश्चिमी ब्यौहारी क्षेत्र में लगभग 25 हाथियों का एक दल पिछले करीब डेढ़ वर्ष से रह रहा है। यह क्षेत्र हाथियों के लिए अनुकूल परिस्थितियां उपलब्ध करा रहा है। बाणसागर के बैकवाटर क्षेत्र में पर्याप्त पानी, अपेक्षाकृत कम मानव बस्तियां और कम मानव हस्तक्षेप के साथ बांस के जंगलों में पर्याप्त भोजन उपलब्ध होने से हाथियों को सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण मिल रहा है।</p>
<p><strong> मध्यप्रदेश बना करीब 100 वर्ष बाद हाथियों का स्थाई रहवास</strong></p>
<p>स्टेटस ऑफ एलिफेंट इन इंडिया वर्ष 2021-25 की रिपोर्ट के अनुसार मध्यप्रदेश में जंगली हाथियों की कुल संख्या 97 दर्ज की गई है। यह रिपोर्ट देश की पहली डीएनए आधारित हाथी गणना पर तैयार की गई है, जिसे भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) एवं प्रोजेक्ट एलिफेंट द्वारा जारी किया गया है।</p>
<p>इतिहास में मध्यप्रदेश का क्षेत्र हाथियों का महत्वपूर्ण रहवास रहा है। 16वीं-17वीं सदी तक यहां हाथियों की बड़ी आबादी होने का उल्लेख मिलता है। बाद में शिकार, जंगलों की कटाई एवं बढ़ते मानव हस्तक्षेप के कारण वर्ष 1925 तक मध्यप्रदेश में हाथियों की संख्या शून्य हो गई थी। अब करीब एक सदी बाद छत्तीसगढ़, ओडिशा एवं झारखंड की ओर से हाथियों का मध्यप्रदेश में आगमन हुआ है और वे यहां के अनुकूल वन क्षेत्रों में अपना रहवास बना रहे हैं।</p>
<p>वर्तमान में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, संजय-दुबरी टाइगर रिजर्व और शहडोल के बाणसागर बैकवाटर क्षेत्र हाथियों के पसंदीदा रहवास के रूप में उभर रहे हैं।</p>
<p>हाथी संरक्षण के साथ मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व पर जोर</p>
<p>हाथियों का संरक्षण केवल एक प्रजाति के संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे जंगल, उसके पारिस्थितिकी तंत्र तथा मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व की रक्षा से जुड़ा विषय है। बांधवगढ़ में प्रयास किया जा रहा है कि हाथी जंगल में सुरक्षित रहें और स्थानीय समुदाय भी उनके साथ सुरक्षित रूप से सह-अस्तित्व कायम रखते हुए आगे बढ़े।</p>
<p>भारत में जंगली हाथियों की कुल संख्या 22 हजार 486 बताई गई है। राज्यवार स्थिति में कर्नाटक में सबसे अधिक हाथी हैं, इसके बाद असम, तमिलनाडु, केरल, उत्तराखंड एवं ओडिशा का स्थान है। मध्यप्रदेश में भी हाथियों की बढ़ती संख्या और मानव-हाथी सह-अस्तित्व की स्थिति वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>शीघ्र एचआईवी जांच और उपचार से एचआईवी महामारी पर नियंत्रण संभव : उप मुख्यमंत्री  शुक्ल</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश में 12 अगस्त से 12 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशव्यापी एचआईवी/एड्स सघन जागरूकता अभियान का शुभारंभ हुआ। उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने वीडियो संदेश में कहा कि समय पर एचआईवी जांच और उपचार से संक्रमण को नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से बिना संकोच एचआईवी जांच … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 22:15:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>शीघ्र, एचआईवी, जांच, और, उपचार, से, एचआईवी, महामारी, पर, नियंत्रण, संभव, उप, मुख्यमंत्री, शुक्ल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>भोपाल </p>
<p>अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश में 12 अगस्त से 12 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशव्यापी एचआईवी/एड्स सघन जागरूकता अभियान का शुभारंभ हुआ। उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने वीडियो संदेश में कहा कि समय पर एचआईवी जांच और उपचार से संक्रमण को नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से बिना संकोच एचआईवी जांच कराने तथा संक्रमित व्यक्तियों से एआरटी उपचार प्राप्त करने की अपील की। उन्होंने गर्भवती माताओं की गर्भावस्था के प्रथम तीन माह में एचआईवी, सिफलिस एवं हेपेटाइटिस-बी की जांच कराने पर भी जोर दिया।</p>
<p>मध्यप्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय द्वारा कमला नगर सिविल डिस्पेंसरी में आयोजित कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री  नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि एचआईवी के नियंत्रण एवं रोकथाम में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से ब्रेकफ़्री इंडिया पोर्टल के माध्यम से एचआईवी जोखिम का आकलन करने एवं आवश्यक जानकारी प्राप्त करने का आह्वान किया।</p>
<p>अभियान के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों, सघन शहरी बस्तियों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, ग्राम सभाओं और ग्राम स्वास्थ्य समितियों के माध्यम से व्यापक जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभियान में प्रदेश की जनता, संस्थाओं एवं संगठनों से सक्रिय भागीदारी की अपील की गई है। कार्यक्रम में क्षेत्रीय संचालक भोपाल संभाग डॉ. नीरा चौधरी, सीएमएचओ भोपाल डॉ. मनीष शर्मा, संयुक्त संचालक  सविता ठाकुर सहित स्वास्थ्य विभाग एवं मध्यप्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>किसानों की समृद्धि से ही समृद्ध होगा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज हरेली तिहार के पावन अवसर पर नवा रायपुर में राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा के नवीन शासकीय आवास में आयोजित गृह प्रवेश समारोह एवं हरेली उत्सव में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने  वर्मा एवं उनके परिजनों को नवीन आवास में गृह प्रवेश की बधाई देते हुए उनके सुखी, समृद्ध और मंगलमय … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 21:45:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>किसानों, की, समृद्धि, से, ही, समृद्ध, होगा, छत्तीसगढ़, मुख्यमंत्री, विष्णु, देव, साय</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर </strong></p>
<p>मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज हरेली तिहार के पावन अवसर पर नवा रायपुर में राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा के नवीन शासकीय आवास में आयोजित गृह प्रवेश समारोह एवं हरेली उत्सव में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने  वर्मा एवं उनके परिजनों को नवीन आवास में गृह प्रवेश की बधाई देते हुए उनके सुखी, समृद्ध और मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों को भी छत्तीसगढ़ के प्रथम लोक पर्व हरेली की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे।</p>
<p>मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हरेली जैसे शुभ अवसर पर राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा का नवीन शासकीय आवास में गृह प्रवेश इस अवसर को और भी विशेष बनाता है। हरेली हमारी कृषि संस्कृति, प्रकृति और ग्रामीण जीवन से गहराई से जुड़ा पर्व है। किसान इस दिन कृषि औजारों और गौवंश की पूजा कर प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं तथा अच्छी वर्षा, भरपूर फसल और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं। यह पर्व छत्तीसगढ़ की उस समृद्ध परंपरा का प्रतीक है, जिसमें प्रकृति, खेती और लोकजीवन एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं।</p>
<p><strong>किसान छत्तीसगढ़ की प्रगति की धुरी : मुख्यमंत्री</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन का मजबूत आधार खेती-किसानी है। किसान प्रदेश की प्रगति की धुरी हैं और उनकी समृद्धि में ही छत्तीसगढ़ की समृद्धि निहित है। राज्य सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने और कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं के विस्तार के लिए निरंतर काम कर रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश में किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी की जा रही है। इससे किसान परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिली है।</p>
<p>मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि खेती की उत्पादकता बढ़ाने के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार भी तेजी से किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक कृषि क्षेत्र को सुनिश्चित सिंचाई की सुविधा मिले, जिससे किसान वर्षा पर निर्भरता कम कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकें।</p>
<p>मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए केवल परंपरागत खेती तक सीमित रहने के बजाय उन्हें कृषि से जुड़ी सहायक और आयमूलक गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, सिंचाई, कृषि यंत्रीकरण तथा अन्य आयवर्धक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित कर रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि किसान आर्थिक रूप से मजबूत होगा तो गांव मजबूत होगा और गांव मजबूत होंगे तो विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की गति और तेज होगी। सरकार की नीतियों के केंद्र में अन्नदाता का हित है और खेती-किसानी को अधिक समृद्ध तथा लाभकारी बनाने के लिए योजनाबद्ध रूप से कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है।</p>
<p><strong>हरेली से शुरू होता है छत्तीसगढ़ के पर्वों का सिलसिला : डॉ. रमन सिंह</strong></p>
<p>विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रदेशवासियों को हरेली तिहार की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और कृषि परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व है। हरेली के साथ ही प्रदेश में तीज-त्योहारों का उल्लासपूर्ण सिलसिला प्रारंभ हो जाता है। आज पूरा छत्तीसगढ़ हरेली के रंग में रंगा हुआ है।</p>
<p>विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि इस वर्ष अच्छी बारिश से किसानों में उत्साह है और बेहतर फसल की उम्मीद जगी है। उन्होंने ईश्वर से कामना की कि प्रदेश के खेत-खलिहान अच्छी फसल से लहलहाएं, किसानों के घरों में खुशहाली आए और छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति करे। उन्होंने राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा एवं उनके परिजनों को नवीन शासकीय आवास में गृह प्रवेश के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।</p>
<p><strong>राम भजन की प्रस्तुति ने बनाया भक्तिमय वातावरण</strong></p>
<p>हरेली तिहार और गृह प्रवेश के उल्लास के बीच राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा ने राम भजन की सुंदर प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुति ने समारोह में भक्तिमय वातावरण निर्मित कर दिया। उपस्थित अतिथियों और नागरिकों ने भजन का आनंद लिया।</p>
<p>इस अवसर पर महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल  रमेश बैस, कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव, उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक  मोतीलाल साहू एवं  इंद्रकुमार साहू, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  गौरीशंकर अग्रवाल, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा के परिजन उपस्थित थे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>धमतरी तिहरे हत्याकांड में बड़ा फैसला, पांच आरोपियों को उम्रकैद की सजा</title>
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<description><![CDATA[ धमतरी. धमतरी के बहुचर्चित ट्रिपल मर्डर केस में अदालत ने करीब एक साल बाद फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश मोहन कोर्राम ने मामले में 8 आरोपियों में से 5 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट के फैसले के बाद मृतकों के परिजनों ने न्याय व्यवस्था के प्रति आभार जताया है। जानकारी … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 21:45:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>धमतरी, तिहरे, हत्याकांड, में, बड़ा, फैसला, पांच, आरोपियों, को, उम्रकैद, की, सजा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>धमतरी.</strong></p>
<p>धमतरी के बहुचर्चित ट्रिपल मर्डर केस में अदालत ने करीब एक साल बाद फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश मोहन कोर्राम ने मामले में 8 आरोपियों में से 5 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट के फैसले के बाद मृतकों के परिजनों ने न्याय व्यवस्था के प्रति आभार जताया है।</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, 12 अगस्त 2025 की रात धमतरी के एक ढाबे में मामूली विवाद के बाद रायपुर के तीन युवकों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। एक ही रात में तीन लोगों की हत्या की इस वारदात ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी। मामले में पुलिस ने कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।</p>
<p><strong>8 में से 5 आरोपियों को उम्रकैद</strong><br>
अदालत ने मामले में पांच आरोपियों को हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं एक आरोपी को आर्म्स एक्ट के तहत 3 साल की सजा दी गई है। इसके अलावा बलवा के आरोप में सभी आरोपियों को 2 साल और मारपीट के मामले में 6 माह की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।</p>
<p><strong>एक साल से फैसले का था इंतजार</strong><br>
ट्रिपल मर्डर की इस घटना के बाद से ही मृतकों के परिजन और धमतरी की जनता अदालत के फैसले का इंतजार कर रही थी। करीब एक साल तक चले न्यायिक प्रक्रिया के बाद बुधवार को फैसला आया। सजा सुनाए जाने के बाद परिजनों ने न्याय मिलने पर संतोष जताते हुए न्याय व्यवस्था का आभार जताया। बता दें कि मामूली विवाद से शुरू हुई इस घटना में तीन युवकों की निर्मम हत्या ने धमतरी समेत पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। मामले की गंभीरता के चलते यह ट्रिपल मर्डर केस लंबे समय तक प्रदेश में चर्चा का विषय बना रहा।</p>]]> </content:encoded>
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<title>OpenAI के दफ्तर में घुसे प्रदर्शनकारी, 13 गिरफ्तार; अमेरिका&#45;यूरोप में क्यों बढ़ रहा AI का विरोध?</title>
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<description><![CDATA[ वॉशिंगटन अमेरिका और यूरोप में AI के खिलाफ विरोध भी तेज होता जा रहा है. ताजा मामला अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी का है, जहां प्रदर्शनकारियों ने OpenAI के दफ्तर में घुसकर AI के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के खिलाफ प्रदर्शन किया. फ्यूचरिज्म की रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में OpenAI  के वॉशिंगटन डीसी स्थित … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 21:45:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>OpenAI, के, दफ्तर, में, घुसे, प्रदर्शनकारी, गिरफ्तार, अमेरिका-यूरोप, में, क्यों, बढ़, रहा, का, विरोध</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>वॉशिंगटन</strong><br>
अमेरिका और यूरोप में AI के खिलाफ विरोध भी तेज होता जा रहा है. ताजा मामला अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी का है, जहां प्रदर्शनकारियों ने OpenAI के दफ्तर में घुसकर AI के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के खिलाफ प्रदर्शन किया. फ्यूचरिज्म की रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में OpenAI  के वॉशिंगटन डीसी स्थित लॉबिंग ऑफिस में करीब दो घंटे तक प्रदर्शन हुआ और 13 छात्रों को गिरफ्तार किया गया। </p>
<p>यह सिर्फ एक कंपनी के दफ्तर के बाहर हुआ नॉर्मल प्रोटेस्ट नहीं है. दरअसल अमेरिका और यूरोप में पिछले कुछ समय से AI को लेकर अलग-अलग मुद्दों पर लोगों का गुस्सा सामने आ रहा है. कहीं लोगों को अपनी नौकरी जाने का डर है, कहीं कलाकार अपने काम के इस्तेमाल को लेकर परेशान हैं, तो कहीं AI के लिए बनाए जा रहे बड़े डेटा सेंटर्स बिजली और पानी की भारी खपत को लेकर विरोध का कारण बन रहे हैं। </p>
<p>मार्च 2026 में सैन फ्रांसिस्को में भी प्रोटेस्टर्स OpenAI के मुख्यालय से लेकर एलॉन मस्क के xAI तक मार्च कर चुके हैं. रॉयटर्स के मुताबिक, प्रोटेस्टर्स AI के डेवेलपमेंट को रोकने की मांग कर रहे थे। </p>
<p><strong>OpenAI के दफ्तर में प्रदर्शन क्यों हुआ?</strong><br>
वॉशिंगटन डीसी में हुआ यह प्रदर्शन AI के तेजी से बढ़ते असर और उसके संभावित नुकसान को लेकर था. उनका कहना है कि एआई कंपनियां जिस रफ्तार से नई तकनीक बना रही हैं, उसके मुकाबले सरकारों की तरफ से नियम और सुरक्षा इंतजाम उतनी तेजी से नहीं बन रहे हैं. यही वजह है कि अमेरिका में एआई को लेकर विरोध करने वाले अलग-अलग समूह अब कंपनियों के दफ्तरों, सरकारी संस्थानों और डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। </p>
<p>मार्च में सैन फ्रांसिस्को में OpenAI,  Anthropic और Google Deepmind से जुड़े ठिकानों पर भी प्रोटेस्ट हुआ था. जुलाई में सैन फ्रांसिस्को में स्टॉपएआई से जुड़े लोगों ने इन कंपनियों के खिलाफ मार्च किया और एआई की रफ्तार पर सवाल उठाए। </p>
<p><strong>सबसे बड़ा डर नौकरी जाने का है</strong><br>
AI के खिलाफ गुस्से की सबसे बड़ी वजह नौकरी है. ब्रिटेन में किंग्स कॉलेज लंदन की 2026 की एक स्टडी में सामने आया कि करीब 10 में से 7 लोग AI की वजह से होने वाले नौकरी के नुकसान के आर्थिक असर को लेकर चिंतित हैं. 57 फीसदी लोगों को लगता है कि AI बड़े पैमाने पर बेरोजगारी ला सकता है. वहीं करीब 22 फीसदी लोगों का मानना है कि AI की वजह से इतनी तेजी से नौकरियां खत्म हो सकती हैं कि इससे सामाजिक अशांति पैदा हो सकती है। </p>
<p>युवाओं और नई नौकरी शुरू करने वालों को लेकर डर और ज्यादा है. स्टडी में करीब 10 में से 6 लोगों ने माना कि एआई की वजह से शुरुआती स्तर की सफेदपोश नौकरियों पर बड़ा असर पड़ सकता है.  यही डर अब सिर्फ कर्मचारियों तक नहीं है. यूरोप में सरकारें भी इस बात पर चर्चा कर रही हैं कि AI के दौर में लोगों की नौकरियां कैसे बचाई जाएं और कर्मचारियों को नई स्किल कैसे दी जाए। </p>
<p><strong>कलाकारों को डर, उनका काम लेकर AI बना रहा कंटेंट</strong><br>
AI के खिलाफ दूसरा बड़ा मोर्चा कलाकारों और क्रिएटर्स का है. AI मॉडल को ट्रेन करने के लिए बड़ी मात्रा में डेटा की जरूरत होती है. इसमें इंटरनेट पर मौजूद किताबें, तस्वीरें, संगीत, लेख और दूसरे तरह का कंटेंट शामिल हो सकता है. कलाकारों और लेखकों का सवाल है कि अगर उनकी मेहनत से तैयार किए गए काम का इस्तेमाल एआई मॉडल को ट्रेन करने में हो रहा है, तो इसके लिए उनकी इजाजत और उन्हें पैसे क्यों नहीं मिल रहे?</p>
<p>यूरोप में यह मुद्दा इतना बड़ा हो चुका है कि यूरोपीय संसद ने एआई और कॉपीराइट को लेकर नए नियमों की जरूरत पर जोर दिया है. संसद की रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई ट्रेनिंग में कॉपीराइट वाले काम के इस्तेमाल को लेकर मौजूदा नियम काफी नहीं हैं. इसमें एआई कंपनियों से ज्यादा पारदर्शिता और क्रिएटर्स के अधिकारों की बेहतर सुरक्षा की मांग की गई है। </p>
<p><strong>लेखकों ने खाली पन्नों वाली किताबें छाप कर किया विरोध</strong><br>
मार्च में करीब 10 हजार लेखकों ने ब्रिटेन में एआई के खिलाफ एक अनोखा विरोध भी किया था. उन्होंने ऐसी किताब प्रकाशित की जिसमें लेखकों के नाम तो थे, लेकिन बाकी पन्ने खाली थे. इसका मकसद यह दिखाना था कि अगर एआई कंपनियों को इंसानों के लिखे काम का इस्तेमाल बिना इजाजत करने दिया गया, तो भविष्य में असली लेखकों और उनके काम की जगह क्या बचेगी। </p>
<p>संगीत की दुनिया में भी ऐसा विरोध देखने को मिला है. एक हजार से ज्यादा कलाकारों ने AI के खिलाफ एक ऐसा म्यूजिक एल्बम जारी किया था जिसमें रिकॉर्डिंग की जगह खाली स्टूडियो की आवाजें थीं. यह विरोध एआई मॉडल की ट्रेनिंग में कलाकारों के काम के इस्तेमाल को लेकर था। </p>
<p><strong>अमेरिका में अब AI डेटा सेंटर भी विरोध की वजह बन रहे हैं</strong><br>
AI के खिलाफ अमेरिका में एक नया मोर्चा डेटा सेंटर को लेकर खुला है. AI मॉडल चलाने के लिए बहुत बड़ी कंप्यूटिंग ताकत चाहिए. इसके लिए विशाल डेटा सेंटर बनाए जा रहे हैं. इन सेंटरों को चलाने के लिए बहुत ज्यादा बिजली और पानी की जरूरत होती है. यही बात स्थानीय लोगों को परेशान कर रही है. कहीं लोग डेटा सेंटर के शोर से परेशान हैं तो कहीं इसके साइड इफेक्ट्स से। </p>
<p>अमेरिका के कई इलाकों में लोगों का कहना है कि उनके शहर और गांव AI कंपनियों के डेटा सेंटर के लिए बिजली, पानी, जमीन और दूसरी सुविधाओं का बोझ क्यों उठाएं. उन्हें यह भी डर है कि बड़े डेटा सेंटर से पर्यावरण पर असर पड़ेगा, बिजली की कीमत बढ़ सकती है और स्थानीय लोगों को जितनी नौकरियां मिलने की उम्मीद दिखाई जा रही है, असल में उतनी नौकरियां लंबे समय तक नहीं मिलेंगी। </p>
<p>हाल के महीनों में अमेरिका में डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स के खिलाफ विरोध काफी बढ़ा है. फ्लोरिडा में AI डेटा सेंटर के विरोध में अलग-अलग विचारधारा वाले लोग भी एक साथ आए हैं. वहां लोगों की चिंता पानी, पर्यावरण, बिजली और स्थानीय समुदाय की भूमिका को लेकर है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>सितंबर में उज्जैन आएंगे राहुल गांधी, महाकाल के करेंगे दर्शन; कार्यकर्ताओं से भी करेंगे संवाद</title>
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<description><![CDATA[ उज्जैन  कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सितंबर में उज्जैन आएंगे। प्रस्तावित दौरे के दौरान वे उज्जैन संभाग के उन कांग्रेस कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे, जिनकी नियुक्ति संगठन सृजन के माध्यम से हुई है। कार्यक्रम में उज्जैन के साथ रतलाम, शाजापुर, देवास, आगर मालवा, मंदसौर और नीमच जिले के … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 21:15:28 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>सितंबर, में, उज्जैन, आएंगे, राहुल, गांधी, महाकाल, के, करेंगे, दर्शन, कार्यकर्ताओं, से, भी, करेंगे, संवाद</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>उज्जैन </strong></p>
<p><strong>कांग्रेस के वरिष्ठ</strong> नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सितंबर में उज्जैन आएंगे। प्रस्तावित दौरे के दौरान वे उज्जैन संभाग के उन कांग्रेस कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे, जिनकी नियुक्ति संगठन सृजन के माध्यम से हुई है। कार्यक्रम में उज्जैन के साथ रतलाम, शाजापुर, देवास, आगर मालवा, मंदसौर और नीमच जिले के कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगे।</p>
<p>राहुल गांधी के प्रस्तावित उज्जैन दौरे की खबर के बाद कांग्रेस संगठन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिला अध्यक्ष महेश परमार और शहर अध्यक्ष मुकेश भाटी कार्यक्रम को लेकर रणनीति बनाने में जुटे हैं। हालांकि दोनों नेता अभी कार्यक्रम को लेकर सार्वजनिक रूप से कुछ कहने से बच रहे हैं।</p>
<p><strong>क्षीरसागर और कार्तिक मेला ग्राउंड के नाम पर विचार</strong><br>
राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए क्षीरसागर और कार्तिक मेला ग्राउंड को संभावित स्थल के तौर पर चिन्हित किया गया है। प्रशासन से जिस स्थान की अनुमति मिलेगी, वहीं कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। अनुमति मिलने के बाद कार्यक्रम स्थल पर डोम तैयार किया जाएगा।</p>
<p>प्रस्तावित कार्यक्रम में राहुल गांधी उज्जैन संभाग के कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे और संगठन की जमीनी स्थिति की जानकारी लेंगे। इसमें जिला अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष, जिला और ब्लॉक कार्यकारिणी, मंडलम अध्यक्ष व कार्यकारिणी, ग्राम पंचायत अध्यक्ष, बीएलए-2 सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगे।</p>
<p><strong>संगठन सृजन अभियान पर राहुल का फोकस</strong><br>
राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम में उज्जैन के साथ रतलाम, देवास, शाजापुर, आगर मालवा, मंदसौर और नीमच जिले के कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हो सकते हैं. खासतौर पर संगठन सृजन अभियान के तहत जिम्मेदारी संभाल रहे कार्यकर्ताओं से राहुल गांधी सीधे फीडबैक ले सकते हैं. इसे लेकर कार्यकर्ताओं द्वारा खास तैयारी की जा रही हैं. राहुल गांधी इससे पहले 5 मार्च 2024 को 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' के दौरान उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर आए थे। </p>
<p><strong>बूथ-पंचायत से लेकर जिला स्तर तक संगठन की समीक्षा</strong><br>
राहुल गांधी के संवाद कार्यक्रम को लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. कांग्रेस के विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, '' जिला और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों के अलावा जिला एवं ब्लॉक कार्यकारिणी, मंडल अध्यक्ष, ग्राम पंचायत अध्यक्ष और बीएलए-2 सहित जमीनी स्तर से जुड़े पदाधिकारियों की मौजूदगी होगी. बैठक में संगठन की सक्रियता, बूथ स्तर की स्थिति, कार्यकर्ताओं की भूमिका और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर चर्चा हो सकती है. कार्यकर्ता संवाद और संभावित सभा के लिए उज्जैन के क्षीरसागर मैदान और कार्तिक मेला ग्राउंड को विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। </p>
<p><strong>उज्जैन के बाद रीवा संभाग पर भी नजर</strong><br>
कांग्रेस संगठन की ओर से उज्जैन के बाद रीवा संभाग में भी इसी तर्ज पर कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम प्रस्तावित बताया जा रहा है. फिलहाल दोनों कार्यक्रमों की अंतिम तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन कांग्रेस नेता तैयारियों में लगे हुए हैं. राहुल गांधी का यह संभावित दौरा कांग्रेस के लिए संभाग स्तर पर संगठन को बूथ तक मजबूत करने और जमीनी कार्यकर्ताओं से सीधे फीडबैक लेने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। </p>
<p><strong>पंचायत और मंडलम पदाधिकारियों से भी करेंगे चर्चा</strong><br>
राहुल गांधी पंचायत कमेटी के अध्यक्षों और मंडलम कमेटी के पदाधिकारियों से भी बातचीत करेंगे। बैठक के दौरान संगठन को मजबूत करने, जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की भूमिका और आगामी गतिविधियों को लेकर चर्चा होने की संभावना है।</p>
<p>हालांकि राहुल गांधी के उज्जैन दौरे की तारीख अभी तय नहीं हुई है। उज्जैन के बाद इसी तरह का कार्यक्रम रीवा संभाग में भी प्रस्तावित है, लेकिन वहां की तारीख भी फिलहाल तय नहीं है।</p>
<p><strong>महाकाल मंदिर में दर्शन का भी प्लान</strong><br>
राहुल गांधी उज्जैन आने पर पहले भी बाबा महाकाल के दर्शन कर चुके हैं। इस बार भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से उनके श्री महाकालेश्वर मंदिर जाने का प्लान बताया जा रहा है। हालांकि वे कार्यक्रम से पहले मंदिर जाएंगे या कार्यक्रम के बाद, इसे लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>“नशे को ना, जिंदगी को हाँ”</title>
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<description><![CDATA[ ग्वालियर माय भारत यूथ कनेक्ट कार्यक्रम के अंतर्गत नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत कार्यक्रम का आयोजन नोडल सेन्टर राष्ट्रीय सेवा योजना, माधव महाविद्यालय ग्वालियर में किया गया । नशामुक्त भारत अभियान के तहत नशामुक्ति एवं जागरूकता कार्यक्रम की दृष्टि से सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में सात स्थानों को नोडल बना कर यह आयोजन किया गया । … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 21:15:25 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>“नशे, को, ना, जिंदगी, को, हाँ”</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>ग्वालियर</p>
<p>माय भारत यूथ कनेक्ट कार्यक्रम के अंतर्गत नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत कार्यक्रम का आयोजन नोडल सेन्टर राष्ट्रीय सेवा योजना, माधव महाविद्यालय ग्वालियर में किया गया । नशामुक्त भारत अभियान के तहत नशामुक्ति एवं जागरूकता कार्यक्रम की दृष्टि से सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में सात स्थानों को नोडल बना कर यह आयोजन किया गया । ज्ञातव्य है कि भारत सरकार के माय भारत कार्यक्रम के लिए माधव महाविद्यालय राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई को सम्पूर्ण भारत के 150 नोडल केन्द्रों में से एक बनाया गया है जिसका नोडल अधिकारी ग्वालियर-चम्बल संभाग के लिए वरिष्ठ रासेयो कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संजय कुमार पाण्डेय को बनाया गया है । कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए स्वस्थ, सशक्त एवं नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।</p>
<p>कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. बिंदु सिंघल एवं विशिष्ट अतिथि यूथ आइकन तथा राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त NSS स्वयंसेवक सौरभ भार्गव ने PPT के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर अपने जीवन को सकारात्मक दिशा देने तथा समाज में नशामुक्ति का संदेश प्रसारित करने का आह्वान किया।</p>
<p>महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शिव कुमार शर्मा ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की नशामुक्ति की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि युवा देश की शक्ति हैं और यदि युवा नशे से मुक्त रहेंगे तो राष्ट्र का भविष्य भी अधिक सशक्त और सुरक्षित होगा।</p>
<p>ब्रह्माकुमारी संस्था के वी.के. प्रहलाद जी ने भी विद्यार्थियों से नशे से पूर्णतः दूर रहने का आह्वान करते हुए स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संजय कुमार पांडे भी मंचासीन रहे।</p>
<p>कार्यक्रम के दौरान “नशे को ना, जिंदगी को हाँ” का संदेश विद्यार्थियों के बीच प्रमुखता से दिया गया। कार्यक्रम के अंत में सहभागिता करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।<br>
कार्यक्रम का शुभारंभ एवं समापन देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत रहा। डॉ. रूपाली गोखले द्वारा वंदे मातरम् का गायन किया गया। कार्यक्रम का  संचालन डॉ संजय कुमार पांडे एवं आभार प्रदर्शन जिलासंगठक रासेयो ग्वालियर डॉ. मनोज अवस्थी ने किया।</p>
<p>इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना अधिकारी डॉ. सरिता दीक्षित, डॉ. राजेश मिश्रा, NCC अधिकारी लेफ्टिनेंट मुलायम सिंह, डॉ. दीपक शिंदे, डॉ. प्रशांत साहू, डॉ. संजय गुप्ता, डॉ. दीप्ति नारंग सहित महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक उपस्थित रहे।</p>
<p>कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में नशे के विरुद्ध जागरूकता उत्पन्न करने के साथ-साथ उन्हें अपने परिवार एवं समाज में भी नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने के लिए प्रेरित किया।</p>]]> </content:encoded>
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<title>उप मुख्यमंत्री  देवड़ा के नेतृत्व में देवास में निकली तिरंगा यात्रा</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  देवास में उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री  जगदीश देवड़ा नेतृत्व में तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। जिले में &quot;हर घर तिरंगा अभियान-2026&quot; पूरे उत्साह और देशभक्ति के साथ मनाया जा रहा है। अभियान अन्तर्गत देशभक्ति एवं राष्ट्रप्रेम की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रभारी मंत्री  जगदीश देवड़ा नेतृत्व … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 21:15:21 +0530</pubDate>
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<media:keywords>उप, मुख्यमंत्री, देवड़ा, के, नेतृत्व, में, देवास, में, निकली, तिरंगा, यात्रा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>देवास में उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री  जगदीश देवड़ा नेतृत्व में तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। जिले में "हर घर तिरंगा अभियान-2026" पूरे उत्साह और देशभक्ति के साथ मनाया जा रहा है। अभियान अन्तर्गत देशभक्ति एवं राष्ट्रप्रेम की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रभारी मंत्री  जगदीश देवड़ा नेतृत्व में सावन की फुहार और देशभक्ति गीतों की धुन के बीच जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, अधिकारी-कर्मचारियों, स्कूली बच्चे, खिलाड़ी तथा सभी आयु वर्ग के नागरिक तिरंगा लहराते हुए यात्रा में उत्साह से शामिल हुए। तिरंगा यात्रा मंत तुकोजीराव पॅवार स्टेडियम से शुरू होकर भोपाल चौराहा, नाहर दरवाजा, नयापुरा, सुपर मार्केट, जवाहर चौक, मंडी धर्मशाला से भोपाल चौराहा होते हुए मंत तुकोजीराव पवार स्टेडियम में आकर समाप्त हुई।</p>
<p>प्रभारी मंत्री  देवड़ा ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर देशव्यापी 'हर घर तिरंगा' अभियान के अंतर्गत भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। तिरंगा हमारी आन, बान और शान है। हाथों में जब भारत का राष्ट्रीय ध्वज लेकर निकलते हैं, तो हर नागरिक को गर्व होता है। वर्तमान में पूरे मध्य प्रदेश में इसी देशभक्ति की भावना के साथ भव्य तिरंगा यात्राएं निकाली जा रही हैं, जिसमें जनता का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है।</p>
<p>प्रभारी मंत्री  देवड़ा ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम बधाई व शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देश की आजादी और सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूतों को याद करते हुए कहा कि आज हम सभी को उन शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को नमन करना चाहिए। आज उन्हीं की शहादत और वीरता के कारण हमारा देश सुरक्षित है और हम खुली हवा में सांस ले रहे हैं।</p>
<p>प्रभारी मंत्री  देवड़ा ने नागरिकों से अपील की कि 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत हम सभी की यह जिम्मेदारी है कि अपने-अपने घरों पर गर्व के साथ तिरंगा लहराएं। यह अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के प्रति हमारी कृतज्ञता और एकजुटता को प्रदर्शित करने का माध्यम है। उपमुख्यमंत्री  देवड़ा ने मंत तुकोजीराव पवार स्टेडियम परिसर में पौधारोपण किया। उन्होंने सभी से आग्रह किया वे अधिक से अधिक पौध-रोपण कर उनका संरक्षण भी करें।तिरंगा यात्रा में देवास विधायक मती गायत्री राजे पवार भी शामिल थीं।</p>]]> </content:encoded>
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<title>उपमुख्यमंत्री  राजेंद्र शुक्ल ने स्व.  पारस जैन के निवास पहुंचकर परिजनों से की भेंट, व्यक्त की शोक संवेदना</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री  राजेंद्र शुक्ल ने आज स्वर्गीय  पारस जैन के निवास पहुंचकर उनके परिजनों से भेंट की और शोक संवेदना व्यक्त की। उपमुख्यमंत्री  शुक्ल ने स्वर्गीय  पारस जैन के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 21:15:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>उपमुख्यमंत्री, राजेंद्र, शुक्ल, ने, स्व., पारस, जैन, के, निवास, पहुंचकर, परिजनों, से, की, भेंट, व्यक्त, की, शोक, संवेदना</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री  राजेंद्र शुक्ल ने आज स्वर्गीय  पारस जैन के निवास पहुंचकर उनके परिजनों से भेंट की और शोक संवेदना व्यक्त की।</p>
<p>उपमुख्यमंत्री  शुक्ल ने स्वर्गीय  पारस जैन के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।</p>
<p>इस अवसर पर उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि दुःख की इस घड़ी में वे परिवार के साथ हैं। उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों ने भी स्वर्गीय  पारस जैन को श्रद्धांजलि अर्पित की।</p>]]> </content:encoded>
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<title>शीघ्र एचआईवी जांच और उपचार से एचआईवी महामारी पर नियंत्रण संभव – उप मुख्यमंत्री  शुक्ल</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश में 12 अगस्त से 12 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशव्यापी एचआईवी/एड्स सघन जागरूकता अभियान का शुभारंभ हुआ। उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने वीडियो संदेश में कहा कि समय पर एचआईवी जांच और उपचार से संक्रमण को नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से बिना संकोच एचआईवी जांच … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 21:15:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>शीघ्र, एचआईवी, जांच, और, उपचार, से, एचआईवी, महामारी, पर, नियंत्रण, संभव, –, उप, मुख्यमंत्री, शुक्ल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश में 12 अगस्त से 12 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशव्यापी एचआईवी/एड्स सघन जागरूकता अभियान का शुभारंभ हुआ। उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने वीडियो संदेश में कहा कि समय पर एचआईवी जांच और उपचार से संक्रमण को नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से बिना संकोच एचआईवी जांच कराने तथा संक्रमित व्यक्तियों से एआरटी उपचार प्राप्त करने की अपील की। उन्होंने गर्भवती माताओं की गर्भावस्था के प्रथम तीन माह में एचआईवी, सिफलिस एवं हेपेटाइटिस-बी की जांच कराने पर भी जोर दिया।</p>
<p> मध्यप्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय द्वारा कमला नगर सिविल डिस्पेंसरी में आयोजित कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री  नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि एचआईवी के नियंत्रण एवं रोकथाम में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से ब्रेकफ़्री इंडिया पोर्टल  के माध्यम से एचआईवी जोखिम का आकलन करने एवं आवश्यक जानकारी प्राप्त करने का आह्वान किया।</p>
<p>अभियान के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों, सघन शहरी बस्तियों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, ग्राम सभाओं और ग्राम स्वास्थ्य समितियों के माध्यम से व्यापक जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभियान में प्रदेश की जनता, संस्थाओं एवं संगठनों से सक्रिय भागीदारी की अपील की गई है। कार्यक्रम में क्षेत्रीय संचालक भोपाल संभाग डॉ. नीरा चौधरी, सीएमएचओ भोपाल डॉ. मनीष शर्मा, संयुक्त संचालक मती सविता ठाकुर सहित स्वास्थ्य विभाग एवं मध्यप्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>EOW की मंडला में बड़ी कार्रवाई, वन विभाग के बाबू श्वेतांक चौरसिया के घर छापा</title>
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<description><![CDATA[  मंडला  मंडला से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि, जबलपुर ईओडब्ल्यू की टीम ने क्लर्क के घर पर छापामार कार्रवाई की है। पश्चिम सामान्य वन मंडल के बाबू के घर पर ये दबिश दबिश गई है। आय से अधिक संपत्ति की शिकायत सामने आने के बाद टीम … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 21:15:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>EOW, की, मंडला, में, बड़ी, कार्रवाई, वन, विभाग, के, बाबू, श्वेतांक, चौरसिया, के, घर, छापा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> मंडला</strong><br>
 मंडला से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि, जबलपुर ईओडब्ल्यू की टीम ने क्लर्क के घर पर छापामार कार्रवाई की है। पश्चिम सामान्य वन मंडल के बाबू के घर पर ये दबिश दबिश गई है। आय से अधिक संपत्ति की शिकायत सामने आने के बाद टीम ने ये कार्रवाई की है। फिलहाल, टीम बाबू के घर नें दस्तावेजों की जांच पड़ताल कर रही है।</p>
<p>बताया जा रहा है कि, जबलपुर ईओडब्ल्यू की टीम ने बुधवार सुबह पश्चिम सामान्य वन मंडल के बाबू के मंडला स्थित घर पर दबिश दी है। मिली जानकारी के अनुसार, पश्चिम सामान्य वन मंडल के बाबू स्वेतान्क चौरसिया के घर पर छापा मारा हैं। बताया जा रहा है कि, आय से अधिक संपत्ति की शिकायत सामने आई थी, जिसके बाद ईओडब्ल्यू की टीम बुधवार सुबह अचानक मंडला पहुंचीं। अब तक इस पर किसी अधिकारी का कोई बयान सामने नहीं आया है। फिलहाल, जांच पड़ताल की जा रही है। माना जा रहा है कि, जांच के बाद इस मामले में बड़ा खुलासा हो सकता है।<br>
<strong>आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर कार्रवाई</strong></p>
<p>जबलपुर ईओडब्ल्यू की टीम ने वन विभाग के क्लर्क स्वेतांक चौरसिया के राज राजेश्वरी स्थित घर पर छापामार कार्रवाई की है। उक्त कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत के चलते की गई है।</p>
<p><strong>टीम को देख संतब्ध रह गया परिवार</strong><br>
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईओडब्ल्यू के एक अधिकारी का कहना है कि, स्वेतांक चौरसिया के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति जमा करने की शिकायते मिली थी। जिसकी जांच के बाद जबलपुर ईओडब्ल्यू की टीम ने आज सुबह उनके आवास पर पहुंची है। ईओडब्ल्यू की टीम को देखकर परिवार के सदस्यों समेत स्वेतांक चौरसिया स्तब्ध रह गए। टीम द्वारा लिपिक के घर में मौजूद दस्तावेजों, संपत्ति से संबंधित कागजात और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है। अधिकारी संपत्ति और आय से जुड़े दस्तावेजों का मिलान कर रहे हैं। इसके बाद खुलासा हो पाएगा कि, आखिर आय से कितनी सम्पति अधिक है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>Apple Pay India Launch: 2026 के अंत तक भारत में दस्तक, शुरुआत में UPI सपोर्ट नहीं; जानें क्या बदलेगा</title>
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<description><![CDATA[ मुंबई  एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, टेक दिग्गज Apple इस साल के आखिर में अपनी Apple Pay सर्विस को भारत में लॉन्च कर सकती है. जानकारी के अनुसार, Apple देश के डिजिटल पेमेंट मार्केट में कदम रखने की तैयारी कर रहा है और इसी के तहत यह सर्विस तैयार की जा रही है।  बताया जा … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 21:00:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Apple, Pay, India, Launch:, 2026, के, अंत, तक, भारत, में, दस्तक, शुरुआत, में, UPI, सपोर्ट, नहीं, जानें, क्या, बदलेगा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंबई </strong><br>
एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, टेक दिग्गज Apple इस साल के आखिर में अपनी Apple Pay सर्विस को भारत में लॉन्च कर सकती है. जानकारी के अनुसार, Apple देश के डिजिटल पेमेंट मार्केट में कदम रखने की तैयारी कर रहा है और इसी के तहत यह सर्विस तैयार की जा रही है। </p>
<p>बताया जा रहा है कि लॉन्च की तैयारियों के हिस्से के तौर पर कंपनी फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस के साथ बातचीत कर रही है. हालांकि Apple ने अभी तक इन योजनाओं के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है. इसमें लॉन्च की संभावित टाइमलाइन या भारत में Apple Pay के आने पर मिलने वाले फीचर्स शामिल हैं। </p>
<p><strong>भारत में Apple Pay के लॉन्च की संभावना</strong><br>
बिज़नेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, Apple सितंबर के आखिर या अक्टूबर में भारत में Apple Pay को भारत में लॉन्च करने की तैयारी कर रही है. संभावना जताई जा रही है कि यह सर्विस शुरू में Visa और Mastercard जैसे नेटवर्क वाले क्रेडिट कार्ड को सपोर्ट करेगी। </p>
<p>इस योजना की जानकारी रखने वाले तीन लोगों ने पब्लिकेशन को बताया कि Apple ट्रांज़ैक्शन से होने वाली कमाई को लेकर बड़े कार्ड जारी करने वाले बैंकों के साथ बातचीत भी कर रहा है. इस लॉन्च से भारत के प्रीमियम क्रेडिट कार्ड मार्केट में Apple Pay की मौजूदगी बन जाएगी। </p>
<p>यूज़र्स Apple Wallet में एलिजिबल कार्ड जोड़ सकेंगे और नियर-फ़ील्ड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके, कम्पैटिबल पॉइंट-ऑफ़-सेल टर्मिनल पर iPhone या iPad से कॉन्टैक्टलेस पेमेंट कर सकेंगे. इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि लॉन्च के समय UPI की सुविधा मिलने की संभावना नहीं है, क्योंकि इस सर्विस को शुरू करने के लिए Apple को 'नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया' और एक स्पॉन्सर बैंक से मंज़ूरी की ज़रूरत होगी। </p>
<p>ऐसे में, संभावना जताई जा रही है कि यह सर्विस उस कार्ड-बेस्ड पेमेंट सिस्टम के साथ शुरू होगी, जिसका इस्तेमाल Apple दूसरे बाज़ारों में करता है. रिपोर्ट्स की माने तो, Apple हर ट्रांज़ैक्शन पर 15 से 20 बेसिस पॉइंट की फ़ीस चाहता है, जबकि कुछ बैंक 10 बेसिस पॉइंट की मांग कर रहे हैं. यह फ़ीस ग्राहकों या मर्चेंट से नहीं, बल्कि बैंकों के इंटरचेंज रेवेन्यू से ली जाएगी। </p>
<p>बता दें कि फरवरी 2026 में ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट सामने आई थी कि जिसमें बताया गया था कि Apple भारत में पेमेंट सर्विस शुरू करने के लिए ICICI Bank Ltd., HDFC Bank Ltd. और Axis Bank Ltd के साथ बातचीत कर रही है. Apple इस प्लान के लिए ग्लोबल पेमेंट नेटवर्क कंपनियों Mastercard Inc. और Visa Inc. से भी बात कर रही है। </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>दंतेवाड़ा में एक अनोखा स्कूल ‘सक्षम’, जो दिव्यांग बच्चों को शिक्षा और खेल&#45;कूद के माध्यम से आत्मनिर्भर बना रहा है</title>
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<description><![CDATA[ दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़):  छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में भारतीय पुनर्वास परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त यह आवासीय स्कूल अपनी तरह का पहला मॉडल है, जो दिव्यांगता की सभी 21 श्रेणियों के बच्चों को एक ही छत तले शिक्षा के साथ-साथ विशेष थेरेपी, पुनर्वास, खेल और व्यावसायिक प्रशिक्षण निःशुल्क प्रदान कर रहा है।  अटल बिहारी वाजपेयी एजुकेशन सिटी, जावंगा … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 20:45:28 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>दंतेवाड़ा, में, एक, अनोखा, स्कूल, ‘सक्षम’, जो, दिव्यांग, बच्चों, को, शिक्षा, और, खेल-कूद, के, माध्यम, से, आत्मनिर्भर, बना, रहा, है</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़):</strong></p>
<p> छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में भारतीय पुनर्वास परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त यह आवासीय स्कूल अपनी तरह का पहला मॉडल है, जो दिव्यांगता की सभी 21 श्रेणियों के बच्चों को एक ही छत तले शिक्षा के साथ-साथ विशेष थेरेपी, पुनर्वास, खेल और व्यावसायिक प्रशिक्षण निःशुल्क प्रदान कर रहा है।</p>
<p> अटल बिहारी वाजपेयी एजुकेशन सिटी, जावंगा में स्थित यह ‘सक्षम’ स्कूल न केवल जन्मजात दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की बाधाओं को दूर करने में मदद कर रहा है, बल्कि माओवादी हिंसा के शिकार लोगों सहित उन बच्चों का भी पुनर्वास कर रहा है, जो बाद में दिव्यांगता का शिकार हुए हैं।</p>
<p>वर्ष 2014 में स्थापित इस संस्थान का संचालन दंतेवाड़ा जिला प्रशासन द्वारा एनएमडीसी के नैगम सामाजिक दायित्व (CSR) कार्यक्रम के तहत वित्तीय सहायता से किया जाता है। वर्तमान में सक्षम के दोनों स्कूलों — लड़कों के लिए सक्षम और लड़कियों के लिए सक्षम — में कुल 200 छात्र हैं, जिनमें 100 लड़के और 100 लड़कियां शामिल हैं। यह संस्थान पहली कक्षा से लेकर बारहवीं कक्षा तक दिव्यांग बच्चों को शिक्षा, भोजन, आवास, थेरेपी और पुनर्वास की सुविधाएं पूरी तरह निःशुल्क प्रदान करता है।</p>
<p>संस्थान के अधीक्षक प्रमोद कर्मा के अनुसार, सक्षम भारतीय पुनर्वास परिषद के दिशानिर्देशों के तहत दिव्यांगता की सभी 21 श्रेणियों के बच्चों की जरूरतों को पूरा करता है। यही विशेषता इसे एक अनूठा संस्थान बनाती है, जहां विभिन्न प्रकार की दिव्यांगताओं वाले बच्चों को एक ही परिसर में शिक्षित और प्रशिक्षित किया जाता है।<br>
कर्मा ने कहा, “मेरा मानना है कि यह न केवल छत्तीसगढ़ में, बल्कि पूरे देश में पहला ऐसा संस्थान है, जहां सभी 21 प्रकार की दिव्यांगताओं वाले बच्चों को एक ही परिसर और एक ही स्कूल के भीतर शिक्षा की विभिन्न विधाओं से जोड़ा जाता है।”</p>
<p>स्कूल का दृष्टिकोण इसे पारंपरिक शिक्षा से कहीं आगे ले जाता है। इसके सहायता तंत्र में फिजियोथेरेपिस्ट, ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट, ऑडियोलॉजिस्ट, विशेष शिक्षक और शारीरिक प्रशिक्षण प्रदान करने वाले प्रशिक्षक शामिल हैं, जिससे छात्रों को उनकी व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार सहायता मिलती है।<br>
इस संस्थान में हाथ की कमजोर पकड़, न्यूरोलॉजिकल समस्याओं और टांगों की लंबाई में अंतर जैसी स्थितियों से जूझ रहे बच्चों को फिजियोथेरेपी दी जाती है। रोजमर्रा के कौशल विकसित करने और आत्मनिर्भरता पर अधिक ध्यान केंद्रित करने के लिए ऑक्यूपेशनल थेरेपी प्रदान की जाती है। ऐसे छात्रों, जिन्हें सुनने और बोलने में समस्या आती है, उन्हें उनकी जरूरत के अनुरूप विशेष उपकरणों का उपयोग करके स्पीच थेरेपी दी जाती है।<br>
इसके अलावा, सक्षम उन बच्चों को भी सहायता प्रदान करता है जिनकी दिव्यांगता उस हिंसा का परिणाम है, जिसने दशकों से बस्तर को प्रभावित किया है।</p>
<p>बीजापुर जिले के कमलेश ने एक आईईडी विस्फोट में अपना दाहिना पैर खो दिया था। सक्षम में उन्हें एक कृत्रिम अंग (प्रोस्थेटिक लिम्ब) के साथ-साथ पुनर्वास सहायता भी प्रदान की गई, जिससे उन्हें अपनी दिव्यांगता के साथ तालमेल बिठाने और अपनी शिक्षा जारी रखने में मदद मिली।</p>
<p>संस्थान का पुनर्वास पर जितना जोर है, उतना ही ध्यान वह उन छिपी हुई प्रतिभाओं को निखारने पर भी देता है, जो अन्यथा सामने नहीं आ पातीं।</p>
<p>ग्रोथ हार्मोन की कमी से जूझ रहे छात्र प्रिंस यहां घुड़सवारी के शौकीन बनकर उभरे हैं और अब राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग ले रहे हैं। उन्होंने पिछले दो वर्षों से सक्षम में घुड़सवारी का प्रशिक्षण लिया है और राज्य तथा राष्ट्रीय दोनों स्तर की प्रतियोगिताओं में सफलता हासिल करने का लक्ष्य रखते हैं।</p>
<p>सक्षम की खेल गतिविधियों में घुड़सवारी भी शामिल है। यहां के छात्र टेबल टेनिस, वॉलीबॉल और कई तरह के इनडोर तथा आउटडोर खेलों में भी भाग लेते हैं। स्कूल बच्चों की रुचि और उनकी क्षमताओं के आधार पर उन्हें अलग-अलग खेलों से जोड़ता है। कई छात्र राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं।<br>
कर्मा के अनुसार, स्कूल की सफलता की असली कसौटी यह है कि यहां से पढ़ाई पूरी कर निकलने के बाद छात्र अपने जीवन में किस प्रकार सफलता हासिल करते हैं और अपने लिए एक स्वतंत्र भविष्य बनाते हैं।</p>
<p>सक्षम के पूर्व छात्रों में किशन मंडावी भी शामिल हैं, जो सिविल इंजीनियर बने हैं। रोहित पेंगर ने मेडिकल की पढ़ाई के लिए क्वालीफाई किया, जबकि रूपेश मरकाम ने हाल ही में नीट परीक्षा के लिए क्वालीफाई किया। सक्षम से कक्षा 12 पूरी करने वाले एक दिव्यांग छात्र आकाश सुकमा में शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं।<br>
कर्मा के अनुसार, अब तक कुल 37 पूर्व छात्र सरकारी नौकरियों सहित विभिन्न व्यवसायों और पेशों में प्रवेश कर चुके हैं।<br>
स्कूल की कार्यप्रणाली ऐसी है कि शिक्षा, पुनर्वास और आत्मनिर्भरता को अलग-अलग लक्ष्यों के बजाय आपस में जोड़कर देखा जाता है। उदाहरण के लिए, जिस बच्चे को फिजियोथेरेपी की आवश्यकता होती है, उसे खेलों में भी शामिल किया जाता है। वहीं, जिसे विशेष शिक्षण सहायता की जरूरत होती है, उसे व्यावसायिक प्रशिक्षण और मुख्यधारा की शिक्षा के अवसर भी प्रदान किए जाते हैं।</p>
<p>छात्रों को कला, शिल्प, संगीत तथा अन्य व्यावसायिक कौशलों में प्रशिक्षित किया जाता है, जबकि विशेष शिक्षक बच्चों की दिव्यांगता और सीखने की जरूरतों के अनुसार उन्हें प्रशिक्षित करते हैं।</p>
<p>एनएमडीसी के CSR कार्यक्रम के तहत सक्षम को पूरी तरह वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। क्षेत्र में स्थित प्रमुख खनन कंपनी एनएमडीसी ने सक्षम-II के निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये से अधिक का योगदान दिया है तथा संस्थान के परिचालन व्यय के लिए सालाना 3 करोड़ रुपये से अधिक राशि खर्च की जाती है।<br>
सक्षम के दोनों स्कूलों में कुल 200 छात्र रहते और पढ़ते हैं। यहां उन्हें ऐसा आवासीय वातावरण उपलब्ध कराया जाता है, जहां शिक्षा, थेरेपी, भोजन, आवास और पुनर्वास को एक ही व्यवस्था में एकीकृत किया गया है।<br>
सुदूर और आर्थिक रूप से पिछड़े जिले के बच्चों के लिए इस तरह के मॉडल का महत्व केवल स्कूली शिक्षा तक सीमित नहीं है। यह परिवारों को अपने बच्चों को दूर भेजे बिना विशेष सहायता प्राप्त करने में सक्षम बनाता है तथा छात्रों को प्रतिस्पर्धा करने, कौशल हासिल करने और अंततः कार्यबल में शामिल होने के अवसर प्रदान करता है।<br>
माओवादी विस्फोट में अपना अंग खोने वाले बच्चे से लेकर घुड़सवारी में राष्ट्रीय पदक जीतने का लक्ष्य रखने वाले बच्चे तक, सक्षम के छात्रों की दिव्यांगता और उनकी कहानियां भले ही अलग हों, लेकिन जो चीज उन्हें आपस में जोड़ती है, वह है एक ऐसा भविष्य गढ़ने का अवसर जो उनकी कमियों से नहीं, बल्कि इस बात से तय होता है कि वे क्या सीख सकते हैं, क्या हासिल कर सकते हैं और समाज में क्या योगदान दे सकते हैं।</p>
<p>दंतेवाड़ा में सक्षम इस सोच को एक संस्थान में बदलने का प्रयास कर रहा है — एक ऐसा संस्थान जो शिक्षा, पुनर्वास और अवसर को एक ही परिसर में साथ लाकर दिव्यांग बच्चों को निर्भरता से आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>हज&#45;2027 की प्रथम किश्त जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ी&#45;मिर्ज़ा एजाज़ बेग</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के चेयरमैन मिर्ज़ा एजाज़ बेग ने आज जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि, हज कमेटी ऑफ़ इंडिया मुंबई के सर्कुलर 06 से प्राप्त सूचना अनुसार, हज 2027 हेतु चयनित आवेदकों द्वारा यात्रा की पहली किश्त राशि रु. 1,52,300/- प्रति हाजी, जमा करने की अंतिम तिथि को आगे बढ़ाया जाकर अब … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 20:45:24 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>हज-2027, की, प्रथम, किश्त, जमा, करने, की, अंतिम, तिथि, बढ़ी-मिर्ज़ा, एजाज़, बेग</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के चेयरमैन मिर्ज़ा एजाज़ बेग ने आज जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि, हज कमेटी ऑफ़ इंडिया मुंबई के सर्कुलर 06 से प्राप्त सूचना अनुसार, हज 2027 हेतु चयनित आवेदकों द्वारा यात्रा की पहली किश्त राशि रु. 1,52,300/- प्रति हाजी, जमा करने की अंतिम तिथि को आगे बढ़ाया जाकर अब 17/08/2026, निर्धारित किया गया है। अतः राज्य के हज 2027 हेतु चयनित आवेदक अब दिनांक 17/08/2026 तक यात्रा की पहली किश्त जमा कर सकते है । अधिक जानकारी के लिए कार्यालय छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी मुखर्जी बाड़ा बैरन बाजार,रायपुर  के दूरभाष क्रमांक 0771-4266646 पर संपर्क किया जा सकता है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>सर्व शिक्षक संघ ने शिक्षकों की मांगों को लेकर DEO को सौंपा ज्ञापन, जनगणना ड्यूटी के अवकाश और पदोन्नति की मांग</title>
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<description><![CDATA[ गरियाबंद. सर्व शिक्षक संघ जिला गरियाबंद ने शिक्षकों की विभिन्न लंबित समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर मंगलवार को जिला शिक्षा अधिकारी राजेश चंद्राकर को ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार साहू के नेतृत्व में पहुंचे संघ के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षक हित के मुद्दों पर जल्द कार्रवाई की मांग की। संघ ने ज्ञापन में बताया … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 20:45:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>सर्व, शिक्षक, संघ, ने, शिक्षकों, की, मांगों, को, लेकर, DEO, को, सौंपा, ज्ञापन, जनगणना, ड्यूटी, के, अवकाश, और, पदोन्नति, की, मांग</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>गरियाबंद.</strong></p>
<p>सर्व शिक्षक संघ जिला गरियाबंद ने शिक्षकों की विभिन्न लंबित समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर मंगलवार को जिला शिक्षा अधिकारी राजेश चंद्राकर को ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार साहू के नेतृत्व में पहुंचे संघ के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षक हित के मुद्दों पर जल्द कार्रवाई की मांग की।</p>
<p>संघ ने ज्ञापन में बताया कि सहायक शिक्षक ई/टी संवर्ग की अंतिम वरिष्ठता सूची अब तक जारी नहीं की गई है। कार्यालय द्वारा 10 जून 2026 को जारी पत्र अनुसार अनंतिम वरिष्ठता सूची जारी कर विकासखंड शिक्षा अधिकारियों से 18 जून तक प्रतिवेदन मांगा गया था। इसके बावजूद करीब दो माह बीत जाने के बाद भी अंतिम वरिष्ठता सूची जारी नहीं हो सकी है। संघ का कहना है कि अंतिम वरिष्ठता सूची जारी होने के बाद ही पदोन्नति की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी, ऐसे में इसमें हो रही देरी से शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>गरियाबंद में अलंकरण समारोह की मांग</strong><br>
ज्ञापन में मुख्यमंत्री शिक्षक गौरव अलंकरण सम्मान समारोह 2025 का आयोजन गरियाबंद जिले में शीघ्र कराने की मांग भी की गई। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के कई अन्य जिलों में यह सम्मान समारोह आयोजित हो चुका है, लेकिन गरियाबंद में पिछले वर्ष का शिक्षक सम्मान कार्यक्रम अब तक नहीं हो सका है। संघ के अनुसार विकासखंडों से सम्मान के लिए प्रस्ताव जिला कार्यालय को भेजे जा चुके हैं, इसके बावजूद समारोह के आयोजन को लेकर अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। शिक्षकों ने लंबित सम्मान समारोह जल्द आयोजित करने की मांग की है।</p>
<p><strong>विभागीय परीक्षा और प्रधान पाठक पदोन्नति का मुद्दा</strong><br>
शिक्षक संघ ने विभागीय परीक्षा में शामिल होने के लिए अनुमति समय पर नहीं मिलने की समस्या भी DEO के सामने रखी। इसके अलावा प्रधान पाठक के पद पर पदोन्नति प्रक्रिया लंबित होने और विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में शिक्षकों की सेवा पुस्तिका में अर्जित शैक्षणिक योग्यता का इंद्राज नहीं किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया। संघ ने कहा कि सेवा पुस्तिका में शैक्षणिक योग्यता का समय पर इंद्राज नहीं होने से शिक्षकों को विभागीय कार्यों और भविष्य में मिलने वाले लाभों में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।</p>
<p><strong>शिक्षकों के अवकाश इंद्राज की मांग</strong><br>
ज्ञापन में जनगणना ड्यूटी में लगाए गए शिक्षकों के अर्जित अवकाश का सेवा पुस्तिका में संधारण नहीं किए जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। संघ ने मांग की कि जनगणना ड्यूटी करने वाले सभी पात्र शिक्षकों के अर्जित अवकाश का नियमानुसार सेवा पुस्तिका में इंद्राज कराया जाए, ताकि उन्हें इसका लाभ मिल सके।</p>
<p><strong>एकल शिक्षकीय स्कूलों में स्थायी पदस्थापना की मांग</strong><br>
संघ ने एकल शिक्षकीय विद्यालयों में अतिशेष शिक्षकों की वरिष्ठता के आधार पर स्थायी पदस्थापना किए जाने की मांग भी रखी। इसके साथ ही विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को देखते हुए सेवा प्रदाता शिक्षकों की व्यवस्था करने की मांग की गई, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।</p>
<p><strong>मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन की चेतावनी</strong><br>
सर्व शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार साहू ने कहा कि शिक्षकों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामले लंबे समय से लंबित हैं। संघ ने जिला शिक्षा अधिकारी से इन समस्याओं का जल्द निराकरण करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो संघ शिक्षक हित में आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। ज्ञापन की प्रतिलिपि कलेक्टर गरियाबंद, संचालक लोक शिक्षण नवा रायपुर और संयुक्त संचालक रायपुर को भी प्रेषित की गई है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>ईरान के डर से बदला ट्रंप का विमान? खुद अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताई तुर्की से लौटने की पूरी कहानी</title>
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<description><![CDATA[ वाशिंगटन तुर्की में अमेरिकी राष्ट्रपति की जान को खतरा था और इसके लिए उन्होंने ट्रक में छिपकर अपना प्लेन बदल लिया. दुनिया को लगा कि ट्रंप अपने एयर फोर्स वन प्लेन में बैठकर जा रहे हैं लेकिन ट्रंप चकमा देते हुए किसी और प्लेन से अमेरिका पहुंचे. मीडिया में इस खबर के सामने आने के … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 20:45:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>ईरान, के, डर, से, बदला, ट्रंप, का, विमान, खुद, अमेरिकी, राष्ट्रपति, ने, बताई, तुर्की, से, लौटने, की, पूरी, कहानी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>वाशिंगटन</strong></p>
<p>तुर्की में अमेरिकी राष्ट्रपति की जान को खतरा था और इसके लिए उन्होंने ट्रक में छिपकर अपना प्लेन बदल लिया. दुनिया को लगा कि ट्रंप अपने एयर फोर्स वन प्लेन में बैठकर जा रहे हैं लेकिन ट्रंप चकमा देते हुए किसी और प्लेन से अमेरिका पहुंचे. मीडिया में इस खबर के सामने आने के बाद आखिरकर ट्रंप ने भी इसे स्वीकार कर लिया है. डोनाल्ड ट्रंप ने माना है कि पिछले महीने तुर्की में हुए नाटो सम्मेलन से लौटते समय उन्होंने चुपचाप अपना प्लेन बदल लिया था. यह फैसला सीक्रेट सर्विस और अमेरिकी सेना की सलाह पर लिया गया था, क्योंकि उन्हें लेकर एक खतरा था. ट्रंप ने यह बात वॉशिंगटन पोस्ट की इस घटना पर रिपोर्ट आने के कुछ ही समय बाद मान ली है। </p>
<p>मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने सीक्रेट सर्विस और सेना की बात मानी और दूसरे प्लेन में बैठ गए। <br>
ट्रंप ने कहा, “यह पूरी तरह सीक्रेट सर्विस पर निर्भर है. मैं वही करता हूं जो वे चाहते हैं. मैं सीक्रेट सर्विस और सेना की बात मानता हूं. वे चाहते थे कि मैं दूसरी फ्लाइट और दूसरे प्लेन से जाऊं. उसकी सुरक्षा भी उतनी ही थी, लेकिन वे चाहते थे कि मैं ऐसा करूं, इसलिए मैंने किया. मैं वही करता हूं जो वे कहते हैं. मुझे लगता है कि वहां कोई खतरा था. मुझे बहुत सारी धमकियां मिलती हैं। </p>
<p><strong>रिपोर्ट में क्या पता चला?</strong><br>
राष्ट्रपति ट्रंप का यह बयान वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के बाद आया है. अखबार ने बताया था कि 8 जुलाई को तुर्की में नाटो सम्मेलन में शामिल होने के कुछ समय बाद ट्रंप ने ईरान की तरफ से हत्या की कोशिश के खतरे के बीच चुपचाप देश से बाहर निकलने के लिए एक सीक्रेट फ्लाइट ली थी। </p>
<p>खास बात है कि ट्रंप को बचाने के लिए ऐसी कार्रवाई की गई, इसकी जानकारी बहुत कम लोगों को थी. इसे पत्रकारों और व्हाइट हाउस के कुछ कर्मचारियों से भी छिपाकर किया गया था. उन्हें तो लगा था कि वे उसी प्लेन में हैं, जिसमें राष्ट्रपति ट्रंप भी सफर कर रहे हैं. जब मीडिया ने ट्रंप से पूछा कि क्या एयर फोर्स वन में उड़ान भरना खतरनाक था, तो उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि जिस प्लेन से मैंने उड़ान भरी, वह असल में ज्यादा खतरे में था. क्योंकि मुझे लगता है कि हमलावरों के उस प्लेन को निशाना बनाने की ज्यादा संभावना थी। </p>
<p><strong>ट्रंप ने ट्रक में बैठकर प्लेन बदला</strong><br>
वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप कैमरों के सामने तो पुराने एयर फोर्स वन विमान में सवार हुए थे. लेकिन कुछ मिनट बाद उन्हें चुपचाप एक छोटे विमान एयर फोर्स सी-32ए में ले जाया गया. दूसरे प्लेन में चुपचाप जाने के लिए एयरपोर्ट के एक कैटरिंग ट्रक का इस्तेमाल किया गया. ऐसे ट्रक आमतौर पर उड़ान से पहले प्लेन में खाना और दूसरी जरूरी चीजें पहुंचाने के लिए इस्तेमाल होते हैं। </p>
<p>ट्रंप और उनके कई सहयोगी इसी कैटरिंग ट्रक में सवार हुए. ट्रक को हाइड्रोलिक सिस्टम की मदद से ऊपर उठाकर प्लेन के पास ले जाया गया. इसे एयर फोर्स वन के मुख्य दरवाजे के दूसरी तरफ मौजूद एक दरवाजे के सामने खड़ा किया गया, ताकि ट्रंप को किसी की नजर में आए बिना प्लेन से बाहर निकाला जा सके. इस तरह एयर फोर्स वन को एक “दिखावटी प्लेन” यानी डिकॉय बनाया गया था. उसमें मीडिया के लोग और व्हाइट हाउस के कुछ कर्मचारी मौजूद थे, जबकि ट्रंप पहले ही दूसरे प्लेन में चले गए थे. दुनिया को लग रहा था कि ट्रंप भी उसी प्लेन पर थे, जबकि ऐसा नहीं था। </p>
<p>अब सवाल उठ रहा है कि क्या मीडिया के लोगों और व्हाइट हाउस के कुछ कर्मचारियों की जान को खतरे में डाला गया. अगर ट्रंप की जान को खतरा था तो इन लोगों की जान को भी तो खतरा था. अगर सचमुच इस प्लेन पर अटैक हो जाता तो। </p>]]> </content:encoded>
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<title>हरियाली तीज एवं सावन महोत्सव का भव्य आयोजन</title>
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<description><![CDATA[ मुरैना  इनर व्हील क्लब ऑफ मुरैना द्वारा हरियाली तीज एवं सावन महोत्सव का भव्य एवं उल्लासपूर्ण आयोजन होटल रेडिएंट इन में किया गया। कार्यक्रम में क्लब की सदस्याओं ने पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होकर सावन की खुशियों और भारतीय संस्कृति की खूबसूरत झलक प्रस्तुत की। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत एवं पारंपरिक वातावरण के साथ हुई। … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 20:15:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>हरियाली, तीज, एवं, सावन, महोत्सव, का, भव्य, आयोजन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुरैना</strong></p>
<p> इनर व्हील क्लब ऑफ मुरैना द्वारा हरियाली तीज एवं सावन महोत्सव का भव्य एवं उल्लासपूर्ण आयोजन होटल रेडिएंट इन में किया गया। कार्यक्रम में क्लब की सदस्याओं ने पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होकर सावन की खुशियों और भारतीय संस्कृति की खूबसूरत झलक प्रस्तुत की।</p>
<p>कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत एवं पारंपरिक वातावरण के साथ हुई। इस अवसर पर महिलाओं ने हरी चूड़ियां, पारंपरिक परिधान एवं सावन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में मनोरंजक खेल, सांस्कृतिक गतिविधियां एवं फोटोग्राफी का भी आयोजन किया गया। पूरे कार्यक्रम में सावन के गीतों और उत्साह से वातावरण आनंदमय बना रहा।</p>
<p>कार्यक्रम में फाउंडर प्रेसिडेंट करुणा जैन, अध्यक्ष प्रतीक्षा बांदिल, सचिव मीनाक्षी माहेश्वरी, कोषाध्यक्ष भावना मित्तल, सीसी रंजिता शिवहरे, पूजा मोदी, डॉ. नीरज गुप्ता, डॉ. दीक्षा गुप्ता, शालू जैन, साक्षी, आस्था मंगल, माधुरी मित्तल, निशा तिवारी, अर्चना शर्मा, राधिका माहेश्वरी, शिल्पी जैन, उमा बंसल, जयश्री शर्मा, एकता माहेश्वरी, शिल्पा बंसल, संगीता गर्ग, डॉ. सरोज गुप्ता, ममता अग्रवाल, अलका बंसल, आशिमा जैन, अनीता किंगरानी एवं अर्पिता गोयल सहित क्लब की सदस्याएं उपस्थित रहीं।</p>
<p>क्लब की अध्यक्ष प्रतीक्षा बांदिल ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन महिलाओं को एक-दूसरे से जुड़ने, अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने तथा भारतीय संस्कृति और परंपराओं को उत्साह के साथ मनाने का अवसर प्रदान करते हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने एकजुटता, सहयोग और उत्साह के साथ सामाजिक एवं रचनात्मक गतिविधियों में निरंतर सहभागिता का संकल्प लिया।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार  दिलीप जायसवाल 13 से 15 अगस्त तक जिले के प्रवास पर</title>
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<description><![CDATA[ अनूपपुर   मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  दिलीप जायसवाल 13 से 15 अगस्त 2026 तक अनूपपुर जिले के प्रवास पर रहेंगे। निर्धारित भ्रमण कार्यक्रम के अनुसार 13 अगस्त को वे प्रातः 11 बजे बिजुरी तथा दोपहर 2 बजे कोतमा में हर घर तिरंगा अभियान अंतर्गत आयोजित विशाल तिरंगा यात्रा में सम्मिलित होंगे। … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 20:15:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>कुटीर, एवं, ग्रामोद्योग, राज्यमंत्री, स्वतंत्र, प्रभार, दिलीप, जायसवाल, से, अगस्त, तक, जिले, के, प्रवास, पर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>अनूपपुर </strong></p>
<p> मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  दिलीप जायसवाल 13 से 15 अगस्त 2026 तक अनूपपुर जिले के प्रवास पर रहेंगे। निर्धारित भ्रमण कार्यक्रम के अनुसार 13 अगस्त को वे प्रातः 11 बजे बिजुरी तथा दोपहर 2 बजे कोतमा में हर घर तिरंगा अभियान अंतर्गत आयोजित विशाल तिरंगा यात्रा में सम्मिलित होंगे। इसके पश्चात वे बिजुरी पहुंचकर स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे तथा रात्रि विश्राम करेंगे।</p>
<p>राज्यमंत्री  जायसवाल 14 अगस्त को प्रातः बिजुरी से अनूपपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। प्रातः 11:30 बजे अनूपपुर सर्किट हाउस पहुंचने के बाद दोपहर 12 बजे आईटीआई कैंपस अनूपपुर में आयोजित मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। इसके पश्चात अनूपपुर में हर घर तिरंगा अभियान अंतर्गत आयोजित विशाल तिरंगा यात्रा में शामिल होंगे। रात्रि विश्राम सर्किट हाउस अनूपपुर में करेंगे।</p>
<p>15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर  जायसवाल प्रातः 9 बजे उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्रांगण अनूपपुर में आयोजित जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण करेंगे। इस दौरान वे सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं अन्य स्थानीय कार्यक्रमों में भी सम्मिलित होंगे। इसके पश्चात दोपहर 2 बजे अनूपपुर से बिजुरी के लिए प्रस्थान करेंगे तथा वहां पहुंचकर स्थानीय कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे। शेष कार्यक्रम पृथक से जारी किया जाएगा।</p>]]> </content:encoded>
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<title>41 की उम्र में दूल्हा बने Cristiano Ronaldo, 9 साल छोटी दुल्हन से रचाई शादी; कौन हैं Georgina Rodríguez?</title>
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<description><![CDATA[ लिस्बन जिस पल का दुनियाभर के फैंस को इंतजार था, आखिर वो आ ही गया है. अरबपति फुटबॉल स्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो शादी के बंधन में बंध गए हैं. रोनाल्डो ने अपनी लेडी लव जॉर्जिना रोड्रिगेज संग लंबी डेटिंग के बाद शादी करके मैरिड लाइफ की शुरुआत की है. कपल को दुनियाभर से बधाइयां मिल रही … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 20:00:25 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>की, उम्र, में, दूल्हा, बने, Cristiano, Ronaldo, साल, छोटी, दुल्हन, से, रचाई, शादी, कौन, हैं, Georgina, Rodríguez</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लिस्बन</strong></p>
<p>जिस पल का दुनियाभर के फैंस को इंतजार था, आखिर वो आ ही गया है. अरबपति फुटबॉल स्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो शादी के बंधन में बंध गए हैं. रोनाल्डो ने अपनी लेडी लव जॉर्जिना रोड्रिगेज संग लंबी डेटिंग के बाद शादी करके मैरिड लाइफ की शुरुआत की है. कपल को दुनियाभर से बधाइयां मिल रही हैं। </p>
<p><strong>क्रिस्टियानो ने दी गुडन्यूज</strong><br>
रोनाल्डो ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी शादी का ऐलान किया है. उन्होंने नई दुल्हन जॉर्जिना संग हाथों की तस्वीर शेयर की है. फोटो में दोनों एक दूजे का हाथ थामे अपनी वेडिंग रिंग फ्लॉन्ट करते हुए दिखाई दे रहे हैं। </p>
<p>बताया जा रहा है कि रोनाल्डो और जॉर्जिना रोड्रिगेज ने पुर्तगाल के कैस्काइस में काफी प्राइवेटली शादी रचाई है. उनकी शादी में फुटबॉलर के पांचों बच्चे शामिल रहे. रोनाल्डो और जॉर्जिना की शादी की खबर सामने आते ही फैंस खुशी से गदगद हो गए हैं. फैंस उन्हें जमकर बधाई दे रहे हैं। </p>
<p><strong>10 साल पहले शुरू हुई थी लव स्टोरी</strong><br>
रोनाल्डो और जॉर्जिना की लव स्टोरी भी किसी फेयरीटेल से कम नहीं है. रिपोर्ट्स की मानें तो दोनों की पहली मुलाकात 10 साल पहले साल 2016 में Gucci के स्टोर में हुई थी. जॉर्जिना वहां काम करती थीं. जॉर्जिना को देखकर रोनाल्डो उनपर दिल हार बैठे थे और इस तरह उनकी लव स्टोरी की शुरुआत हुई. कई सालों की डेटिंग के बाद कपल ने पिछले साल अगस्त 2025 में सगाई की थी और अब लगभग 10 साल की डेटिंग के बाद रोनाल्डो और जॉर्जिना शादी करके हमेशा के लिए एक हो गए हैं। </p>
<p><strong>क्या करती हैं क्रिस्टियानो रोनाल्डो की दुल्हन?</strong><br>
क्रिस्टियानो रोनाल्डो की दुल्हन का दीदार करने को फैंस बेकरार हैं. बता दें कि जॉर्जिया रोड्रिगेज एक स्पैनिश मॉडल, इन्फ्लुएंसर, डांसर और बिजनेसवुमन हैं. उनका जन्म अर्जेंटीना में हुआ था. वो बचपन में अपने परिवार के साथ स्पेन के जाका चली गई थीं और बाद में करियर बनाने के लिए मैड्रिड शिफ्ट हुईं. जॉर्जिना 32 साल की हैं, जबकि रोनाल्डो 41 के हैं. दोनों की उम्र में 9 साल का अंतर है. मगर उम्र उनके रिश्ते में कभी दीवार नहीं बनी।  </p>
<p><strong>बोल्ड हैं जॉर्जिना</strong><br>
जॉर्जिना रोड्रिगेज काफी बोल्ड और ग्लैमरस हैं. सोशल मीडिया पर उनके बोल्ड और किलर बिकिनी लुक्स वायरल रहते हैं. अपनी बोल्डनेस से वो हर किसी को दीवाना बना देती हैं. इंस्टाग्राम पर उनके 77 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. अब आप उनके लिए लोगों की दीवानगी समझ सकते हैं।  </p>
<p><strong>क्रिस्टियानो रोनाल्डो और जॉर्जिना रोड्रिगेज को हमारी तरफ से शादी की ढेरों बधाई!</strong></p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>बांग्लादेश को BCCI का बड़ा झटका! नहीं होगा क्रिकेट मैच, दौरे पर अटकी पूरी सीरीज</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली  भारत के साथ फिर से क्रिकेट को बहाल करने की कोशिश में बांग्लादेश को बड़ा झटका लगा है. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड टीम इंडिया के साथ क्रिकेट सीरीज के लिए कोशिश में जुटी थी. बीसीबी के प्लान के मुताबिक टीम इंडिया के साथ वह सितंबर में तीन वनडे और तीन टी20 मैचों की सीरीज … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 20:00:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>बांग्लादेश, को, BCCI, का, बड़ा, झटका, नहीं, होगा, क्रिकेट, मैच, दौरे, पर, अटकी, पूरी, सीरीज</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
 भारत के साथ फिर से क्रिकेट को बहाल करने की कोशिश में बांग्लादेश को बड़ा झटका लगा है. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड टीम इंडिया के साथ क्रिकेट सीरीज के लिए कोशिश में जुटी थी. बीसीबी के प्लान के मुताबिक टीम इंडिया के साथ वह सितंबर में तीन वनडे और तीन टी20 मैचों की सीरीज खेलना चाह रही थी. इसे लेकर दोनों बोर्ड के बीच बातचीत की पहल भी हुई, लेकिन पहले से तय शेड्यूल के कारण अब ये सीरीज संभव होती नहीं दिख रही है। </p>
<p>दरअसल, सितंबर में भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन टी20 मैचों की सीरीज प्रस्तावित है. ये मैच 13, 15 और 17 सितंबर को अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाना है. क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक इस सीरीज पर लगभग मुहर लग चुकी है और बस आधिकारिक ऐलान होना बाकी रह गया है. यही कारण है कि सितंबर में बांग्लादेश के साथ क्रिकेट मैच का होना संभव नहीं है। </p>
<p><strong>टी20 विश्व कप के दौरान दोनों देशों के बिगड़े संबंध</strong><br>
भारत और बांग्लादेश के बीच क्रिकेट को लेकर इस साल के शुरुआत में हुई आईसीसी टी20 विश्व कप के कारण संबंध में तनाव आया है. दरअसल, बांग्लादेश ने भारत में अपने मुकाबले खेलने से मना कर दिया था, जिसके कारण उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल गया था. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की जिद के कारण टीम इंडिया की टी20 विश्व कप की मेजबानी पर सवाल उठे थे. इसी घटना के बाद से दोनों देशों के क्रिकेट बोर्ड में मतभेद का दौर शुरू हुआ। </p>
<p><strong>क्यों शुरू हुआ भारत-बांग्लादेश क्रिकेट में मतभेद</strong><br>
भारत और बांग्लादेश के बीच क्रिकेट को लेकर मतभेद आईपीएल 2026 से ठीक पहले शुरू हुआ था. पूरा मामला ये था कि आईपीएल के ऑक्शन में बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को केकेआर की टीम ने बड़ी रकम पर खरीदा था. उसी समय बांग्लादेश में सांप्रदायिक हिंसा जोर पकड़ रखी थी, जिसमें वहां के गैर मुस्लिम सामुदाय के साथ बर्बरता की घटना से भारत में खूब विरोध प्रदर्शन हो रहा था. ऐसे में जब बांग्लादेशी क्रिकेटर का आईपीएल में खेलने की बात सामने आई तो उसका विरोध होने लगा. मामला गंभीर होते देख बीसीसीआई ने केकेआर को मुस्तफिजुर को रिलीज करने का निर्देश दे दिया। </p>
<p>मुस्तफिजुर को रिलीज किए जाने के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने बीसीसीआई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और कहा कि वह टी20 विश्व कप के लिए यहां नहीं आएगा, क्योंकि उन्हें सुरक्षा का खतरा है. काफी मनाने के बाद भी बांग्लादेश क्रिकेट नहीं माना, जिसके बाद उसकी जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल गया. तभी से भारत और बांग्लादेश क्रिकेट में तनाव का दौर शुरू हो गया. हालांकि, बांग्लादेश को जल्द ही पता चल गया कि उसने गलत किया और वह भारत के साथ संबंध को बेहतर करने के लिए अपनी तरफ से पहल कर रहा है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>किसानों की समृद्धि से ही समृद्ध होगा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय</title>
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<description><![CDATA[ किसानों की समृद्धि से ही समृद्ध होगा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय किसान प्रदेश की प्रगति की धुरी, उनकी आय बढ़ाने के लिए सरकार निरंतर कर रही काम : मुख्यमंत्री हरेली के पावन अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के नवीन शासकीय आवास के गृह प्रवेश कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 19:45:21 +0530</pubDate>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>किसानों की समृद्धि से ही समृद्ध होगा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय</strong></p>
<p><strong>किसान प्रदेश की प्रगति की धुरी, उनकी आय बढ़ाने के लिए सरकार निरंतर कर रही काम : मुख्यमंत्री</strong></p>
<p><strong>हरेली के पावन अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के नवीन शासकीय आवास के गृह प्रवेश कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय</strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री ने राजस्व मंत्री एवं उनके परिजनों को दी गृह प्रवेश और हरेली तिहार की शुभकामनाएं</strong></p>
<p><strong>रायपुर </strong><br>
 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज हरेली तिहार के पावन अवसर पर नवा रायपुर में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के नवीन शासकीय आवास में आयोजित गृह प्रवेश समारोह एवं हरेली उत्सव में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने वर्मा एवं उनके परिजनों को नवीन आवास में गृह प्रवेश की बधाई देते हुए उनके सुखी, समृद्ध और मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों को भी छत्तीसगढ़ के प्रथम लोक पर्व हरेली की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे।</p>
<p>मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हरेली जैसे शुभ अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा का नवीन शासकीय आवास में गृह प्रवेश इस अवसर को और भी विशेष बनाता है। हरेली हमारी कृषि संस्कृति, प्रकृति और ग्रामीण जीवन से गहराई से जुड़ा पर्व है। किसान इस दिन कृषि औजारों और गौवंश की पूजा कर प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं तथा अच्छी वर्षा, भरपूर फसल और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं। यह पर्व छत्तीसगढ़ की उस समृद्ध परंपरा का प्रतीक है, जिसमें प्रकृति, खेती और लोकजीवन एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं।</p>
<p><strong>किसान छत्तीसगढ़ की प्रगति की धुरी : मुख्यमंत्री</strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और ग्रा</strong>मीण जीवन का मजबूत आधार खेती-किसानी है। किसान प्रदेश की प्रगति की धुरी हैं और उनकी समृद्धि में ही छत्तीसगढ़ की समृद्धि निहित है। राज्य सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने और कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं के विस्तार के लिए निरंतर काम कर रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश में किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी की जा रही है। इससे किसान परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिली है।</p>
<p>मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खेती की उत्पादकता बढ़ाने के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार भी तेजी से किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक कृषि क्षेत्र को सुनिश्चित सिंचाई की सुविधा मिले, जिससे किसान वर्षा पर निर्भरता कम कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकें।</p>
<p>मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए केवल परंपरागत खेती तक सीमित रहने के बजाय उन्हें कृषि से जुड़ी सहायक और आयमूलक गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, सिंचाई, कृषि यंत्रीकरण तथा अन्य आयवर्धक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित कर रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि किसान आर्थिक रूप से मजबूत होगा तो गांव मजबूत होगा और गांव मजबूत होंगे तो विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की गति और तेज होगी। सरकार की नीतियों के केंद्र में अन्नदाता का हित है और खेती-किसानी को अधिक समृद्ध तथा लाभकारी बनाने के लिए योजनाबद्ध रूप से कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है।</p>
<p><strong>हरेली से शुरू होता है छत्तीसगढ़ के पर्वों का सिलसिला : डॉ. रमन सिंह</strong></p>
<p>विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रदेशवासियों को हरेली तिहार की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और कृषि परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व है। हरेली के साथ ही प्रदेश में तीज-त्योहारों का उल्लासपूर्ण सिलसिला प्रारंभ हो जाता है। आज पूरा छत्तीसगढ़ हरेली के रंग में रंगा हुआ है।</p>
<p>विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि इस वर्ष अच्छी बारिश से किसानों में उत्साह है और बेहतर फसल की उम्मीद जगी है। उन्होंने ईश्वर से कामना की कि प्रदेश के खेत-खलिहान अच्छी फसल से लहलहाएं, किसानों के घरों में खुशहाली आए और छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति करे। उन्होंने राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा एवं उनके परिजनों को नवीन शासकीय आवास में गृह प्रवेश के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।</p>
<p><strong>राम भजन की प्रस्तुति ने बनाया भक्तिमय वातावरण</strong></p>
<p>हरेली तिहार और गृह प्रवेश के उल्लास के बीच राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने राम भजन की सुंदर प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुति ने समारोह में भक्तिमय वातावरण निर्मित कर दिया। उपस्थित अतिथियों और नागरिकों ने भजन का आनंद लिया।</p>
<p>इस अवसर पर महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक मोतीलाल साहू एवं इंद्रकुमार साहू, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के परिजन उपस्थित थे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>जीजामगांव के नवीन आईटीआई में शुरू हुआ ‘मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल’ ट्रेड; युवाओं के लिए रोजगार के खुलेंगे नए द्वार</title>
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<description><![CDATA[ जीजामगांव के नवीन आईटीआई में शुरू हुआ ‘मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल’ ट्रेड; युवाओं के लिए रोजगार के खुलेंगे नए द्वार बदलती तकनीक और हरित परिवहन की जरूरतों के अनुरूप युवाओं को मिलेगा आधुनिक एवं उद्योग-आधारित प्रशिक्षण ऑनलाइन प्रवेश पंजीयन प्रक्रिया शुरू रायपुर, छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए रोजगार एवं … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 19:45:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>जीजामगांव, के, नवीन, आईटीआई, में, शुरू, हुआ, ‘मैकेनिक, इलेक्ट्रिक, व्हीकल’, ट्रेड, युवाओं, के, लिए, रोजगार, के, खुलेंगे, नए, द्वार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>जीजामगांव के नवीन आईटीआई में शुरू हुआ ‘मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल’ ट्रेड; युवाओं के लिए रोजगार के खुलेंगे नए द्वार</strong></p>
<p><strong>बदलती तकनीक और हरित परिवहन की जरूरतों के अनुरूप युवाओं को मिलेगा आधुनिक एवं उद्योग-आधारित प्रशिक्षण</strong></p>
<p><strong>ऑनलाइन प्रवेश पंजीयन प्रक्रिया शुरू</strong></p>
<p><strong>रायपुर,</strong><br>
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। नवीन शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई), जीजामगांव में सत्र 2026-27 से पहली बार मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल ट्रेड का प्रथम बैच प्रारंभ किया गया है। यह इस संस्था का भी पहला प्रशिक्षण सत्र होगा। इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में हो रहे तकनीकी बदलावों को देखते हुए यह ट्रेड युवाओं के लिए करियर की दृष्टि से बेहद अहम साबित होगा।</p>
<p><strong>दो वर्षीय पाठ्यक्रम और आधुनिक प्रशिक्षण</strong></p>
<p>       मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल दो वर्षीय पाठ्यक्रम है। इसमें प्रशिक्षणार्थियों को इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक के साथ-साथ बैटरी प्रबंधन प्रणाली (BMS), मोटर कंट्रोल, चार्जिंग सिस्टम, वाहन सर्विसिंग और फॉल्ट डायग्नोसिस जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक एवं उद्योग-आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा। वर्तमान में यह ट्रेड छत्तीसगढ़ के चुनिंदा 5 शासकीय आईटीआई संस्थानों में ही संचालित है, जिससे जीजामगांव आईटीआई में इसकी शुरुआत जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।</p>
<p><strong>रोजगार व स्वरोजगार के बेहतर अवसर</strong></p>
<p>      ई-व्हीकल के बढ़ते चलन से अधिकृत सर्विस सेंटरों, ई-व्हीकल निर्माण कंपनियों, चार्जिंग स्टेशनों और बैटरी से संबंधित सेवा इकाइयों में प्रशिक्षित तकनीशियनों की मांग तेजी से बढ़ेगी। इसके अलावा, प्रशिक्षित युवा खुद का सर्विस सेंटर या तकनीकी सेवा शुरू कर स्वरोजगार भी स्थापित कर सकेंगे।</p>
<p><strong>क्षेत्र का तेजी से हो रहा विकास</strong></p>
<p>        जीजामगांव क्षेत्र में फॉरेस्ट पार्क, फूड पार्क सहित विभिन्न विकास एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। हाल ही में कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने नवीन आईटीआई भवन के लिए चिह्नित भूमि का निरीक्षण भी किया था। जिला धमतरी की नोडल संस्था शासकीय आईटीआई कुरूद के प्राचार्य श्री योगेश देवांगन ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से अपील की है कि वे इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए इस नवीन ट्रेड में प्रवेश लें।</p>
<p><strong>प्रवेश प्रक्रिया और अन्य सौगातें</strong></p>
<p>       आईटीआई में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीयन एवं चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित तिथि तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जिसके बाद मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए शासकीय आईटीआई कुरूद से संपर्क किया जा सकता है।</p>
<p>       उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष 23 सितंबर को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ग्राम करेली बड़ी में आयोजित समारोह में जिले के लिए 83 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की घोषणा की थी, जिसमें जीजामगांव में नवीन आईटीआई की स्थापना भी शामिल थी।</p>]]> </content:encoded>
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<title>CM हाउस में हरेली की धूम, सजे कृषि उपकरण; राउत नाचा पर थिरके मंत्री गुरु खुशवंत साहेब</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर. छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं, कृषि संस्कृति और ग्रामीण जीवन की आत्मा माने जाने वाले प्रथम पर्व हरेली का भव्य और सांस्कृतिक गरिमा से भरपूर आयोजन नया रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में उत्साहपूर्वक किया गया। आयोजन ने राजधानी में छत्तीसगढ़ के गांवों की सोंधी खुशबू और पारंपरिक जीवन शैली को साकार कर दिया। मुख्यमंत्री निवास … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 19:45:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं, कृषि संस्कृति और ग्रामीण जीवन की आत्मा माने जाने वाले प्रथम पर्व हरेली का भव्य और सांस्कृतिक गरिमा से भरपूर आयोजन नया रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में उत्साहपूर्वक किया गया। आयोजन ने राजधानी में छत्तीसगढ़ के गांवों की सोंधी खुशबू और पारंपरिक जीवन शैली को साकार कर दिया।</p>
<p>मुख्यमंत्री निवास परिसर को नीम और आम के पत्तों, गेंदे के फूलों तथा पारंपरिक ग्रामीण सजावट से विशेष रूप से सजाया गया था। प्रवेश द्वार से लेकर मुख्य परिसर तक छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक दिखाई दे रही थी। हरियाली, प्राकृतिक सजावट और लोक अलंकरण ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। हरेली पर्व के अवसर पर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेलों का विशेष आकर्षण देखने को मिला। गेड़ी दौड़ ने लोगों में रोमांच और उत्साह भर दिया, वहीं बिल्लस, गोटी और बाटी जैसे ग्रामीण खेलों ने बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों सभी को अपनी ओर आकर्षित किया। इन खेलों के माध्यम से नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ की पारंपरिक खेल संस्कृति से परिचित कराने का संदेश भी दिया गया।</p>
<p>आयोजन में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों की सुगंध चारों ओर फैल रही थी। ठेठरी, खुरमी, बड़ा सहित अनेक पारंपरिक पकवानों का स्वाद लोगों ने उत्साहपूर्वक लिया। ग्रामीण अंचलों में विशेष अवसरों पर बनाए जाने वाले इन व्यंजनों ने लोगों को अपने गांव और पारिवारिक उत्सवों की याद दिला दी।     लोक कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी लोकगीत और लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर पूरे आयोजन को जीवंत बना दिया। मांदर, ढोलक और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर कलाकार झूमते नजर आए। लोकधुनों पर उपस्थित जनसमूह भी तालियां बजाते और उत्साह से सहभागी बनते दिखाई दिए। आयोजन में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और लोक कला की समृद्ध परंपरा का प्रभावशाली प्रदर्शन हुआ।कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण रहचुली रहा, जिसका आनंद बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी ने लिया। ग्रामीण मेलों और पारंपरिक उत्सवों की पहचान मानी जाने वाली रहचुली ने आयोजन में गांव के मेले जैसा आनंदमय वातावरण बना दिया।</p>
<p><strong>हरेली पर्व मूलतः</strong> कृषि और प्रकृति से जुड़ा उत्सव है। इस दिन किसान अपने कृषि औजारों की पूजा कर अच्छी फसल और समृद्धि की कामना करते हैं। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित इस कार्यक्रम ने हरेली को केवल एक पर्व नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक अस्मिता, कृषि परंपरा और सांस्कृतिक गौरव के उत्सव के रूप में प्रस्तुत किया।</p>
<p>नया रायपुर में आयोजित यह भव्य आयोजन इस बात का प्रतीक बना कि छत्तीसगढ़ अपनी आधुनिक विकास यात्रा के साथ-साथ अपनी लोक संस्कृति, पारंपरिक खेलों, खानपान और ग्रामीण विरासत को भी समान सम्मान और संरक्षण दे रहा है। हरेली महोत्सव ने राजधानी में उपस्थित लोगों को छत्तीसगढ़ की मिट्टी, हरियाली और लोक जीवन से गहराई से जोड़ने का कार्य किया।</p>]]> </content:encoded>
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<title>कर्नाटक में गुटखा&#45;पान मसाला पर बड़ा एक्शन, तंबाकू&#45;निकोटिन वाले उत्पादों पर 1 साल का बैन</title>
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<description><![CDATA[ बेंगलुरु कर्नाटक के खाद्य सुरक्षा आयुक्त कार्यालय ने राज्य में तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा व पान मसाला के निर्माण, भंडारण, वितरण, परिवहन और बिक्री पर एक साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला सार्वजनिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। आदेश के तहत ऐसे उत्पादों की किसी भी तरह … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 19:45:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>कर्नाटक, में, गुटखा-पान, मसाला, पर, बड़ा, एक्शन, तंबाकू-निकोटिन, वाले, उत्पादों, पर, साल, का, बैन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>बेंगलुरु</strong></p>
<p>कर्नाटक के खाद्य सुरक्षा आयुक्त कार्यालय ने राज्य में तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा व पान मसाला के निर्माण, भंडारण, वितरण, परिवहन और बिक्री पर एक साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला सार्वजनिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। आदेश के तहत ऐसे उत्पादों की किसी भी तरह की आपूर्ति और बिक्री पर रोक रहेगी। खाद्य सुरक्षा विभाग ने संबंधित कारोबारियों को प्रतिबंध का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का उद्देश्य तंबाकू और निकोटीन के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों को कम करना है। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है। </p>
<p><strong>कर्नाटक सरकार का खास अभियान</strong><br>
कर्नाटक सरकार ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के नेतृत्व में विशेष निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान भी शुरू किए हैं. अधिकारियों की टीमें प्रतिबंधित तंबाकू और निकोटिन उत्पादों की बिक्री और वितरण पर नजर रखेंगी तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी. विभाग ने यह आदेश खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30(2)(a) और खाद्य सुरक्षा और मानक (बिक्री पर निषेध और प्रतिबंध) विनियम, 2011 के विनियमन 2.3.4 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए जारी किया है। </p>
<p>यह आदेश खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 (FSS Act) की धारा 30 की उप-धारा (2) के खंड (a) और खाद्य सुरक्षा और मानक (बिक्री निषेध और प्रतिबंध) विनियमन, 2011 के नियम 2.3.4 के तहत जारी किया गया है।</p>
<p>आदेश में साफ किया गया है कि अगर गुटखा, तंबाकू या निकोटिन को अलग-अलग पाउच/सैशेट में इस तरह बेचा जाता है, जिससे उपभोक्ता उन्हें आसानी से मिलाकर खा सकें, तो उन पर भी यह प्रतिबंध समान रूप से लागू होगा।</p>
<p>चाहे प्रोडेक्ट पैकेज्ड हो या बिना पैकेजिंग के, और उसे किसी भी ब्रांड या नाम से बेचा जा रहा हो- अगर उसके अंतिम रूप में तंबाकू या निकोटिन मौजूद है, तो उसकी बिक्री अवैध मानी जाएगी।</p>
<p><strong>गतिविधि                           प्रतिबंध की स्थिति<br>
उत्पादन और निर्माण          पूरी तरह बैन<br>
स्टोरेज और गोदाम            पूरी तरह बैन<br>
परिवहन व लॉजिस्टिक्स      पूरी तरह बैन<br>
थोक व खुदरा बिक्री           पूरी तरह बैन</strong></p>
<p>खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, जनस्वास्थ्य को तंबाकू के दुष्प्रभावों से बचाना इस फैसले का मुख्य उद्देश्य है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p><strong>क्या हैं FSSAI के पान मसाला की पैकिंग को लेकर नए नियम?</strong><br>
इससे पहले भारत के फूड सेफ्टी रेगुलेटर FSSAI ने पान मसाला की पैकिंग को लेकर नए नियम जारी किए हैं। अब पान मसाला की पैकिंग में प्लास्टिक और एल्युमिनियम फॉयल का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।</p>
<p>नए Fफूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स पैकेजिंग एमेंडमेंट रेगुलेशन 2025 के तहत पान मसाला बनाने वाली कंपनियां प्लास्टिक वाली पैकेजिंग, प्लास्टिक लैमिनेट, एल्युमिनियम फॉयल और मेटल की परत वाली पैकिंग का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगी।</p>
<p>अब पान मसाला को कागज, पेपर बोर्ड, सेलुलोज या प्राकृतिक चीजों से बने दूसरे मटेरियल में पैक करना होगा। इसके अलावा पारंपरिक और मजबूत कंटेनर में भी इसे पैक किया जा सकेगा।</p>
<p>ये नए नियम सरकारी गजट में प्रकाशित होने के साथ ही लागू हो जाएंगे। यानी अब पान मसाला के पैकेट का लुक और पैकेजिंग दोनों बदल सकते हैं, क्योंकि कंपनियों को प्लास्टिक और फॉयल वाली पैकिंग छोड़नी होगी।</p>
<p><strong>कर्नाटक सरकार का आम लोगों से अपील</strong><br>
कर्नाटक के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं प्रतिबंधित तंबाकू या निकोटिन उत्पादों के निर्माण, बिक्री या वितरण की जानकारी मिले तो संबंधित अधिकारियों को सूचित करें. सरकार का कहना है कि इस कदम का मकसद राज्य में तंबाकू की लत पर अंकुश लगाना और स्वस्थ एवं नशा-मुक्त कर्नाटक के निर्माण की दिशा में काम करना है. सरकार ने इस फैसले को नशा-मुक्त और स्वस्थ कर्नाटक की दिशा में उठाया गया कदम बताया है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>बलूचिस्तान में बढ़ा तनाव! BLA के हमलों से पाकिस्तानी सेना पर दबाव, मुखबिरों को निशाना बनाने का दावा</title>
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<description><![CDATA[ बलूचिस्तान  बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने बलूचिस्तान प्रांत को अब किस तरह से अपने कब्जे में कर लिया है, इस बात का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि BLA सीधे-सीधे कह रही है कि वो पाकिस्तानी हूकूमत के मुखबरिों को नहीं छोड़ेगी. हाल ही में इस संगठन ने क्वेटा में एक व्यक्ति की … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 19:30:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>बलूचिस्तान, में, बढ़ा, तनाव, BLA, के, हमलों, से, पाकिस्तानी, सेना, पर, दबाव, मुखबिरों, को, निशाना, बनाने, का, दावा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>बलूचिस्तान </strong><br>
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने बलूचिस्तान प्रांत को अब किस तरह से अपने कब्जे में कर लिया है, इस बात का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि BLA सीधे-सीधे कह रही है कि वो पाकिस्तानी हूकूमत के मुखबरिों को नहीं छोड़ेगी. हाल ही में इस संगठन ने क्वेटा में एक व्यक्ति की हत्या की जिम्मेदारी ली है. उनकी ओर से इसकी वजह बताते हुए कहा गया है कि मारे गए व्यक्ति का नाम फारूक मोहम्मद हसनी था और उसे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के साथ काम करने की वजह से मारा गया है। </p>
<p>सूत्रों के मुताबिक ये घटना क्वेटा के सरयाब मिल इलाके में हुई. BLA का कहना है कि मारे गए फारूक मोहम्मद शख्स हसनी को खुफिया एजेंसियों से जुड़े एक समूह का सदस्य माना जाता था. संगठन ने आरोप लगाया कि वह बलूचिस्तान में सैन्य और खुफिया कार्रवाइयों में मदद करता था. BLA की खुफिया ब्रांच ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखी हुई थी और जैसे ही वो मंगुचर से क्वेटा आया, उसे विद्रोही संगठन ने मौत के घाट उतार दिया। </p>
<p><strong>BLA  का ‘हंट एंड किल’ अभियान तेज </strong><br>
BLA  ने इसे ‘ऑपरेशन गोबात’ और नए ‘हंट एंड किल’ अभियान का हिस्सा बताया. संगठन का दावा है कि हसनी बलूच अलगाववादी आंदोलन के समर्थकों की पहचान कराने या उनके खिलाफ कार्रवाई में मदद करता था. इसके साथ ही उसे जबरन लापता किए जाने के मामलों में भी राज्य एजेंसियों की सहायता करने का आरोप लगाया गया. यह घटना ऐसे वक्त में हुई है, जब बलूचिस्तान में लंबे विद्रोह चल रहा है और बलूचों ने खुद को आजाद घोषित कर दिया है. BLA  समेत कई बलूच समूह पाकिस्तानी राज्य और सुरक्षा बलों पर राजनीतिक दमन, लापता होने और फर्जी मुठभेड़ों का आरोप लगाते रहे हैं और उनका खुलकर विरोध करते हैं। </p>
<p><strong>पाकिस्तानी फौज के हाथ-पांव काट रहा संगठन</strong><br>
पाकिस्तान सरकार इन समूहों को उग्रवादी और अलगाववादी बताती है, जो सुरक्षा कर्मियों, आम नागरिकों और बुनियादी ढांचे पर हमले करते हैं. BLA इस वक्त काफी मजबूत स्थिति में है और वो अब अपनी कार्रवाइयों को ज्यादा खुफिया-आधारित बता रहा है. वह उन लोगों को निशाना बनाने का दावा करता है जिन्हें वह सहयोगी या मुखबिर मानता है, ताकि पाकिस्तानी फौज की पैठ इलाके में बिल्कुल खत्म हो जाए. क्वेटा की यह गोलीबारी संघर्ष के व्यक्तिगत स्वरूप को भी दिखाती है, जहां सुरक्षा बलों और सरकारी ठिकानों के साथ-साथ संदिग्ध सहयोगियों को भी निशाना बनाया जा रहा है. संगठन ने बलूचिस्तान की पूर्ण आजादी की अपनी मांग दोहराई है और चेतावनी दी है कि राज्य की मदद करने वालों को आगे भी निशाना बनाया जा सकता है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>West Bengal SIR: वोटर लिस्ट से हटाए नामों की अपील पर धीमी सुनवाई से SC नाराज, चुनाव आयोग से मांगी रिपोर्ट</title>
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<description><![CDATA[ कलकत्ता पश्चिम बंगाल में एसआईआर (SIR) की प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से जिन लोगों के नाम हटाए गए थे उन्होंने अपील दायर की है। इसकी सुनवाई स्थानीय ट्रिब्यूनल में हो रही है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट में धीमी सुनवाई के लिए फटकार लगाई है। ट्रिब्यूनल के काम-काज को लेकर चुनाव आयोग से विस्तृत रिपोर्ट … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 19:30:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>West, Bengal, SIR:, वोटर, लिस्ट, से, हटाए, नामों, की, अपील, पर, धीमी, सुनवाई, से, नाराज, चुनाव, आयोग, से, मांगी, रिपोर्ट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>कलकत्ता</strong></p>
<p>पश्चिम बंगाल में एसआईआर (SIR) की प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से जिन लोगों के नाम हटाए गए थे उन्होंने अपील दायर की है। इसकी सुनवाई स्थानीय ट्रिब्यूनल में हो रही है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट में धीमी सुनवाई के लिए फटकार लगाई है। ट्रिब्यूनल के काम-काज को लेकर चुनाव आयोग से विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है। शीर्ष अदालत ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि वह ट्रिब्यूनल द्वारा निपटाए गए मामलों का पूरा ब्योरा पेश करे। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ ने कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया है।</p>
<p>सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, "मामलों के निपटारे की प्रक्रिया इतनी धीमी नहीं हो सकती है। अभी तो इस गति से सुनवाई हो रही है कि अपीलों पर निर्णय आने से पहले अगले विधानसभा चुनाव की नौबत ना आ जाए।"</p>
<p><strong>अधीर रंजन ने की थी कैसी मांग?</strong><br>
आपको बता दें कि अधीर रंजन चौधरी ने अपनी याचिका में मांग की थी कि पश्चिम बंगाल के प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर SIR ट्रिब्यूनल का गठन किया जाए ताकि प्रभावित लोग आसानी से अपनी अपील दर्ज करा सकें और मामलों का तेजी से निपटारा हो सके।</p>
<p><strong>समय सीम तय करने पर क्या बोला SC?</strong><br>
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि समय सीमा तय करने से पहले वह मौजूदा ट्रिब्यूनल के कामकाज और पेंडिंग मामलों की संख्या की समीक्षा करेगा। याचिकाकर्ता द्वारा अपीलों के निपटारे के लिए एक निश्चित समय सीमा तय करने की मांग पर न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि अदालत अभी ऐसी कोई समय सीमा तय नहीं कर सकती। पहले ट्रिब्यूनल के फैसलों की संख्या और उनकी सटीकता का आकलन किया जाएगा।</p>
<p>सुनवाई के दौरान यह मुद्दा भी उठा कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं उन्हें राज्य सरकार द्वारा राशन और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित किया जा रहा है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि यदि पश्चिम बंगाल सरकार सामाजिक लाभों से वंचित कर रही है तो प्रभावित पक्षों को इस मामले की चुनौती लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट जाना चाहिए।</p>]]> </content:encoded>
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<title>प्रदेश में निवेश से गुजरात&#45;मध्यप्रदेश के संबंध होंगे और प्रगाढ़, युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव</title>
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<description><![CDATA[ प्रदेश में निवेश से गुजरात-मध्यप्रदेश के संबंध होंगे और प्रगाढ़, युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव पीएम मित्र पार्क में 1200 करोड़ रुपए के निवेश से औद्योगिक विकास को मिलेगी गति: मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुजरात के सहयोग से मध्यप्रदेश के 5000 लोगों को गारमेंट सेक्टर में मिलेगा रोजगार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 19:15:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>प्रदेश, में, निवेश, से, गुजरात-मध्यप्रदेश, के, संबंध, होंगे, और, प्रगाढ़, युवाओं, को, मिलेंगे, रोजगार, के, अवसर:, मुख्यमंत्री, डॉ., यादव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>प्रदेश में निवेश से गुजरात-मध्यप्रदेश के संबंध होंगे और प्रगाढ़, युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव</strong></p>
<p><strong>पीएम मित्र पार्क में 1200 करोड़ रुपए के निवेश से औद्योगिक विकास को मिलेगी गति: मुख्यमंत्री डॉ. यादव</strong></p>
<p><strong>गुजरात के सहयोग से मध्यप्रदेश के 5000 लोगों को गारमेंट सेक्टर में मिलेगा रोजगार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव</strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अहमदाबाद में अरविंद लिमिटेड के वाइस चेयरमैन कुलीन लालभाई से की निवेश पर चर्चा<br>
बरलाई, पीएम मित्र पार्क और बेटमा में अरविंद लिमिटेड स्थापित करेगी औद्योगिक इकाइयां</strong></p>
<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन याद</strong>व ने कहा है कि गुजरात के साथ मध्यप्रदेश के संबंधों को और प्रगाढ़ करते हुए अरविंद समूह द्वारा मध्यप्रदेश में भी अपनी इकाई स्थापित की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप पीएम मित्र पार्क में अगले वर्ष तक उत्पादन प्रारंभ करने का लक्ष्य है। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अरविंद समूह द्वारा 3 स्थानों पर अपनी इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। इनमें देवास के निकट बरलाई, धार स्थित पीएम मित्र पार्क और इंदौर का बेटमा शामिल हैं। कंपनी इन स्थानों के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी कार्य कर रही है। इन औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से प्रदेश में युवाओं के लिये रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बात बुधवार को गुजरात के अहमदाबाद में अरविंद लिमिटेड के वाइस चेयरमैन कुलीन लालभाई से चर्चा के बाद कही।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुजरात और मध्यप्रदेश के बीच सहयोग से दोनों राज्यों के संबंध और अधिक प्रगाढ़ होंगे। औद्योगिक निवेश से एक ओर जहां प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर उद्योगों से प्राप्त होने वाले कर राजस्व से राज्य के विकास के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे। इससे प्रदेश के विकास को और गति मिलेगी। उन्होंने इस पहल के लिए अरविंद समूह को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।</p>
<p>मध्यप्रदेश में कंपनी के प्रस्तावित निवेश, पीएम मित्र पार्क में उद्योग की स्थापना, रोजगार सृजन, वस्त्र एवं परिधान (टेक्सटाइल) क्षेत्र में निवेश, औद्योगिक क्षेत्रों में जल के पुनः उपयोग तथा सिंहस्थ-2028 के लिए आधुनिक संचार व्यवस्था सहित विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान अपर मुख्य सचिव, उद्योग नीरज मंडलोई, सचिव, उद्योग जॉन किंसले तथा एमडी, एमपीआईडीसी चंद्रमौली शुक्ला उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>पीएम मित्र पार्क में 1200 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित</strong></p>
<p>अरविंद लिमिटेड द्वारा पीएम मित्र पार्क में लगभग 1200 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है। इसके लिए कंपनी को 105 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। इंदौर में संचालित पेपकोन प्रायवेट लिमिटेड के साथ कंपनी के अनुबंध के तहत प्रतिवर्ष लगभग 70 लाख परिधानों का निर्माण किया जाता है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीएम मित्र पार्क में उद्योग की स्थापना और निवेश प्रक्रिया को गति देने पर चर्चा की। सीसीआईपी के अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने तथा शासन स्तर पर प्रस्ताव के त्वरित परीक्षण एवं अनुमोदन की दिशा में आवश्यक कार्यवाही पर भी विचार-विमर्श हुआ। वस्त्र एवं परिधान उद्योगों के लिए उपलब्ध निवेश प्रोत्साहनों की जानकारी भी दी गई। इनमें पूंजी अनुदान, ब्याज अनुदान, स्टॉम्प एवं पंजीयन शुल्क की प्रतिपूर्ति, ग्रीन इंडस्ट्रियलाइजेशन तथा अनुसंधान एवं विकास सुविधाओं के लिए सहायता सहित अन्य प्रावधान शामिल हैं।</p>
<p><strong>औद्योगिक क्षेत्रों में जल के पुनः उपयोग को मिलेगा बढ़ावा</strong></p>
<p>औद्योगिक क्षेत्रों में जल के पुनः उपयोग के लिए जीरो लिक्विड डिस्चार्ज समाधान की संभावनाओं पर भी विचार हुआ। मध्यप्रदेश में विकसित किए जा रहे 90 से अधिक औद्योगिक पार्कों में टेक्सटाइल, फार्मा एवं अन्य औद्योगिक क्लस्टरों में कॉमन जेडएलडी प्रणालियों की स्थापना की संभावनाओं पर चर्चा की गई। औद्योगिक पार्कों को निकटवर्ती नगर निगमों के एसटीपी से जोड़कर सर्कुलर वॉटर इकोनॉमी’ मॉडल विकसित करने के सुझाव पर भी विचार हुआ।</p>
<p><strong>सिंहस्थ-2028 में आधुनिक संचार व्यवस्था के उपयोग की तैयारी</strong></p>
<p>सिंहस्थ-2028 में मिशन-क्रिटिकल कम्युनिकेशन नेटवर्क के उपयोग की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। अरविंद लिमिटेड एवं जेएम बक्सी समूह के संयुक्त उद्यम आर्य ऑम्निटॉक सॉल्यूशंस द्वारा मिशन-क्रिटिकल वायरलेस कम्युनिकेशन, वॉकी-टॉकी नेटवर्क, पीएमआरटी तथा सार्वजनिक सुरक्षा संचार समाधान उपलब्ध कराए जाते हैं।सिंहस्थ-2028 में पुलिस, सुरक्षा बल, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं एवं आयोजन प्रबंधन के लिए इस प्रकार के मिशन-क्रिटिकल कम्युनिकेशन नेटवर्क के उपयोग की संभावनाओं पर विचार किया गया।</p>
<p><strong>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीआईएस-2027 के लिए किया आमंत्रित</strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुलीन लालभाई को मध्यप्रदेश में निवेश के लिये आमंत्रित किया। साथ ही उन्हें ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस)-2027 में सहभागिता के लिए भी आमंत्रित किया।</strong></p>
<p>अरविंद लिमिटेड देश के प्रमुख टेक्सटाइल समूहों में शामिल है। वर्ष 1931 में स्थापित कंपनी का मुख्यालय अहमदाबाद में है। कंपनी डेनिम, परिधान, फैब्रिक्स एवं टेक्सटाइल वैल्यू चेन के क्षेत्र में कार्यरत है। समूह की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में 60 हजार से अधिक व्यक्तियों को रोजगार प्राप्त है तथा कंपनी एक लाख से अधिक कपास उत्पादन करने वाले कृषकों से कच्चे माल की खरीद करती है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>Ladli Behna Yojana: 39वीं किस्त कब आएगी? ₹1500 को लेकर CM मोहन यादव का बड़ा अपडेट</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मध्य प्रदेश की लाडली बहनें अपनी 39वीं किस्त का काफी बेसब्री से इंतजार कर रही है। हर महीने के 12 से 13 अगस्त के बीच मोहन यादव की सरकार बैंक अकाउंट में 1500 रुपये की भेज देते हैं। ऐसे में अब सवाल कि क्या आज 12 अगस्त को लाडली बहना योजना की किस्त जारी … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 19:15:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Ladli, Behna, Yojana:, 39वीं, किस्त, कब, आएगी, ₹1500, को, लेकर, मोहन, यादव, का, बड़ा, अपडेट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p> मध्य प्रदेश की लाडली बहनें अपनी 39वीं किस्त का काफी बेसब्री से इंतजार कर रही है। हर महीने के 12 से 13 अगस्त के बीच मोहन यादव की सरकार बैंक अकाउंट में 1500 रुपये की भेज देते हैं। ऐसे में अब सवाल कि क्या आज 12 अगस्त को लाडली बहना योजना की किस्त जारी होगी या नहीं?</p>
<p><strong>क्या आज आएगी लाडली बहना योजना की 39वीं किस्त?</strong><br>
मध्य प्रदेश सरकार लाडली बहनों की आर्थिक मदद के लिए हर महीने 1500 रुपये की मदद करती है। इस योजना की 38 किस्त जारी हो चुकी है और अब 39वीं किस्त की इंतजार है। हर महीने 12-13 अगस्त तक लाडली बहनों के अकाउंट में पैसे आ जाते हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि आज शायद लाडली बहना योजना की 39वीं किस्त जारी हो सकती है। हालांकि अभी तक इसको लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।</p>
<p><strong>सीएम यादव ने 10 अगस्त को दिया था बड़ा संकेत</strong><br>
मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने 10 अगस्त को एक जनसभा को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा था कि बहनों के बैंक अकाउंट में जल्द ही राशि भेजी जाएगी। हालांकि, उन्होंने किसी तारीख का ऐलान नहीं किया था।</p>
<p><strong>कब जारी होगी लाडली बहना की किस्त</strong><br>
आमतौर हर महीने 12-13 तारीख तक लाडली बहना योजना की किस्त जारी हो जाती है। अभी तक सरकार ने अगस्त की तारीख को लेकर कोई घोषणा नहीं की है। लेकिन मुख्यमंत्री के बयान से संकेत मिल रहे हैं कि जल्द ही महिलाओं का इंतजार खत्म होने वाला है। रक्षाबंधन से पहले उनके खाते में 1500-1500 रुपये आ सकते हैं।</p>
<p>
<strong>किसानों के लिए चल रहीं कई योजनाएं</strong><br>
राजगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए सीएम ने किसानों के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं के बारे में भी जानकारियां दीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसान कल्याण वर्ष में कृषकों के कल्याण के लिए 16 विभागों के समन्वय से विभिन्न गतिविधियां संचालित कर रही है। किसान पूरी लगन और मेहनत से खेती करें, अगले सीजन से खेती के लिए दिन में 10 घंटे बिजली की व्यवस्था की जा रही है। हमारा उद्देश्य खेती की आमदनी को दोगुना करने के साथ मत्स्य पालन, पशुपालन और दुग्ध उत्पादन के माध्यम से कृषकों के लिए सहायक आय की व्यवस्था करना है। प्रदेश में सांची ब्रांड के आधार पर दुग्ध उत्पादन को 12 प्रतिशत से 20 प्रतिशत ले जाने का लक्ष्य है।</p>
<p><strong>7 लाख नाम हटने की चर्चा</strong><br>
सूत्रों के अनुसार, लाडली बहना योजना से करीब 7 लाख महिलाओं के नाम को हटाया गया है। ये सभी महिलाएं योजना की शर्तों पर खरी नहीं उतर रही थी। हालांकि अभी तक सरकार की तरफ से इसकी पुष्टि नहीं हुई है। बता दें कि मध्य प्रदेश की करीब 1 करोड़ से अधिक महिलाएं लाडली बहना योजना का लाभ ले रही हैं।</p>
<p>मध्य प्रदेश की लालडी बहना योजना की 39वीं किस्त के 1500 रुपये जारी होने वाले हैं। किस्त के आने से पहले एक बार लिस्ट में अपना नाम चेक कर लें कि आपके बैंक अकाउंट में पैसे आएंगे या नहीं।</p>
<p>    सबसे पहले लाड़ली बहना योजना की आधिकारिक वेबसाइट <strong><a href="https://cmladlibahna.mp.gov.in/">https://cmladlibahna.mp.gov.in/ </a></strong>पर जाना होगा।<br>
    होम पेज पर आवेदन एवं भुगतान की स्थिति पर क्लिक करें।<br>
    अपना एप्लीकेशन नंबर या सदस्य क्रमांक दर्ज करें।<br>
    कैप्चा कोड सबमिट करने के बाद, मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा।<br>
    ओटीपी दर्ज करें और वेरिफाई कर लें।<br>
    ओटीपी वेरिफाई होते ही सर्च बटन पर क्लिक करें, आपका स्टेटस सामने आ जाएगा।</p>
<p>इससे पता चल जाएगा कि आपको लाडली बहना योजना की 39वीं किस्त का फायदा होगा या नहीं।</p>
<p><strong>कवच योजना से दूर हुई हजारों किसानों की चिंता</strong><br>
मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने 'कवच योजना' का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से किसान द्वारा दोबारा बैंक ऋण और फसल ऋण प्राप्त कर सकते हैं। किसानों की चिंता दूर हुई है और किसान बैंकिंग व्यवस्था की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्वतंत्रता दिवस, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, हलधर जयंती आदि त्यौहारों की बधाई और मंगलकामनाएं दीं।</p>]]> </content:encoded>
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<title>नारायणपुर से शुरू हुई बस्तर तिरंगा यात्रा, विजय शर्मा&#45;केदार कश्यप ने बाइक से किया नेतृत्व</title>
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<description><![CDATA[ नारायणपुर से शुरू हुई बस्तर तिरंगा यात्रा  उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने बाइक चलाकर किया नेतृत्व, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचेगा तिरंगा  उप मुख्यमंत्री और वन मंत्री ने फूंका विकास का बिगुल, किया विकास के आगाज का संदेश रायपुर  बस्तर में शांति, एकता और राष्ट्र निर्माण का संदेश लेकर बुधवार को … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 18:45:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>नारायणपुर, से, शुरू, हुई, बस्तर, तिरंगा, यात्रा, विजय, शर्मा-केदार, कश्यप, ने, बाइक, से, किया, नेतृत्व</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नारायणपुर से शुरू हुई बस्तर तिरंगा यात्रा </strong></p>
<p><strong>उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने बाइक चलाकर किया नेतृत्व, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचेगा तिरंगा</strong></p>
<p><strong> उप मुख्यमंत्री और वन मंत्री ने फूंका विकास का बिगुल, किया विकास के आगाज का संदेश</strong></p>
<p><strong>रायपुर</strong><br>
 बस्तर में शांति, एकता और राष्ट्र निर्माण का संदेश लेकर बुधवार को नारायणपुर जिला मुख्यालय के हायर सेकेंडरी स्कूल ग्राउंड से श्बस्तर तिरंगा यात्रा 2026श् का शुभारंभ हुआ। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा एवं वन मंत्री केदार  कश्यप बाइक पर तिरंगा लेकर यात्रा का नेतृत्व करते हुए रवाना हुए, जिसे क्षेत्र के विभिन्न समाज प्रमुखों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। बस्तर तिरंगा यात्रा के आयोजन में शामिल बच्चों से मंत्री द्वय ने उनके बीच पहुंच कर आत्मीयता के साथ मुलाकात की और सभी का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उन्होंने विकास का बिगुल फूंकते हुए सभी को शांति और विकास का संदेश दिया।</p>
<p>        उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह यात्रा उन क्षेत्रों से होकर गुजरेगी, जहां पहले नक्सली घटनाओं ने लोगों को प्रभावित किया था। उन्होंने कहा कि यात्रा के माध्यम से देश और दुनिया को यह संदेश दिया जाएगा कि इन क्षेत्रों में अब नक्सलवाद समाप्त हो चुका है। उन्होंने बताया कि नारायणपुर का चयन विशेष उद्देश्य के तहत किया गया है, क्योंकि यह जिला सबसे लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहा है। यात्रा का समापन 14 अगस्त को बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर तिरंगा फहराकर किया जाएगा।</p>
<p>      उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में माओवाद के विरुद्ध नीति बनाकर नियत तिथि पर 31 मार्च 2026 में नक्सलवाद राज्य के साथ साथ देश से समाप्त किया गया है। आज के बाद हर राष्ट्रीय पर्व एवं स्वतंत्रता दिवस पर बस्तर के कोने-कोने तक भारत का तिरंगा पूरी आन, बान और शान से लहराएगा। उन्होंने कहा कि जनवरी 2024 से लेकर अब तक बस्तर के अनेक दुर्गम गाँवों में लगातार राष्ट्रीय पर्वों पर ध्वजारोहण किया गया है। इस स्वतंत्रता दिवस पर बस्तर सम्भाग के 90 से अधिक ऐसे गाँव हैं, जहाँ आजादी के बाद पहली बार इस स्वाधीनता दिवस पर तिरंगा लहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि तिरंगा फहरने का मतलब बाबा साहब के द्वारा लिखा संविधान अब राज्य के कोने कोने पर लागू होगा। </p>
<p>       शर्मा ने कहा कि आज जब मैं बस्तर के अलग अलग गांवों में जाता हूँ तो बस्तरवासी कहते हैं कि वे खुद को सही मायनों में स्वतंत्र महसूस कर रहे हैं और अब कोई ऐसी ताकत नहीं बची जो भारत के राष्ट्रीय ध्वज को नकार सके। पहले राष्ट्रीय पर्वों पर माओवादियों का फरमान होता था कि अपने घरों में काला झंडा लगाया जाए, आज हर घर में तिरंगा फहर रहा है। इसमें बस्तर के लोगों ने अपने मनोबल और जवानों का अदम्य साहस सहयोग रहा, जिससे नक्सलावाद से मुक्ति पाई है। अब समय आ गया है कि दुनिया के लोग बस्तर को जानें, अब बस्तर के लोग दुनिया में छाने वाले हैं। बस्तर के लोग आगे चलकर नया इतिहास लिखने वाले हैं। </p>
<p>        गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर में अब लोगों को मूलभूत सुविधाएं, विकास कार्य और सुरक्षा का वातावरण मिल रहा है। शासन बस्तर में सड़क, शिक्षा, कौशल विकास, लघु वनोपज के प्रसंस्करण और रोजगार के क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। वहीं विकास कार्यों में गुणवत्ता को लेकर उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>       वन मंत्री एवं नारायणपुर विधायक केदार कश्यप ने कहा कि कभी नक्सल गतिविधियों का केंद्र माने जाने वाले क्षेत्रों से आज तिरंगा यात्रा निकल रही है। उन्होंने कहा कि यात्रा उन स्थानों की मिट्टी एकत्रित करेगी, जहां जवानों और नागरिकों ने शहादत दी है। इस मिट्टी का उपयोग भविष्य में बनने वाले स्मारक में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बस्तर अब नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ रहा है। 12 अगस्त से प्रारंभ होकर 14 अगस्त तक बस्तर के अति-संवेदनशील और भीषण माओवाद प्रभावित रहे इलाकों से गुजरेगी।</p>
<p>       आज पहले दिन यात्रा नारायणपुर से शुरू होकर यात्रा मुंजमेटा, झारागांव, धौड़ाई, कन्हारगांव, कड़ेनार, बोदली, सातधार, बारसुर होते हुए दंतेवाड़ा पहुंची। दूसरे दिन यात्रा दंतेवाड़ा से सुकमा और बीजापुर जिले के विभिन्न नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। तीसरे दिन बीजापुर से आवापल्ली, उसूर, गलगम, नंबी, ताड़पाला होते हुए कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर यात्रा का समापन होगा।</p>
<p>                इस अवसर पर लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगर पालिका के अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल, जनप्रतिनिधि राहुल टिकरिया श्रीमती संध्या पवार सहित अन्य जनप्रतिनिधि और कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह, आईजी बद्री नारायण मीणा, कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन, एसपी संदीप कुमार पटेल, जिला पंचायत सीईओ डीएफओ  सहित बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>Chhattisgarh Pharma Industrial Policy 2024&#45;30: फार्मा निवेश का नया हब बना छत्तीसगढ़, 18 महीने में ₹992 करोड़ के प्रस्ताव</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर  छत्तीसगढ़ सरकार की औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के लागू होने के बाद से राज्य के औद्योगिक परिदृश्य में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखा जा रहा है, जिसमें पारंपरिक उद्योगों से हटकर फार्मास्यूटिकल जैसे नए जमाने के क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है। नीति आयोग द्वारा जारी ‘इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स 2026’ में विनियामक … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 18:45:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Chhattisgarh, Pharma, Industrial, Policy, 2024-30:, फार्मा, निवेश, का, नया, हब, बना, छत्तीसगढ़, महीने, में, ₹992, करोड़, के, प्रस्ताव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर </strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ सरकार की औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के लागू होने के बाद से राज्य के औद्योगिक परिदृश्य में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखा जा रहा है, जिसमें पारंपरिक उद्योगों से हटकर फार्मास्यूटिकल जैसे नए जमाने के क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है। नीति आयोग द्वारा जारी ‘इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स 2026’ में विनियामक सुगमता और संस्थागत वातावरण के लिए बड़े राज्यों की श्रेणी में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले छत्तीसगढ़ ने पिछले 18 महीनों के भीतर ₹992.53 करोड़ के फार्मास्यूटिकल निवेश प्रस्ताव आकर्षित किए हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इनमें से ₹216 करोड़ की लागत वाली चार परियोजनाएं धरातल पर क्रियान्वयन के उन्नत चरणों में पहुंच चुकी हैं, जो यह स्पष्ट दर्शाती हैं कि निवेशकों की रुचि केवल कागजी एमओयू तक सीमित न रहकर वास्तविक विनिर्माण गतिविधियों में बदल रही है।</p>
<p>ज़मीन पर तेज़ी से आकार ले रही इन चार प्रमुख परियोजनाओं में 9एम इंडिया, शंकरा लेटेक्स इंडस्ट्रीज, अविला फार्मास्यूटिकल्स और वाइटलिस हेल्थ सर्विसेज शामिल हैं, जो निर्माण और स्थापना के विभिन्न चरणों में हैं। 9एम इंडिया और शंकरा लेटेक्स इंडस्ट्रीज की उत्पादन इकाइयां वर्तमान में निर्माणाधीन हैं और जल्द ही परिचालन शुरू करने की स्थिति में होंगी, जबकि अविला फार्मास्यूटिकल्स और वाइटलिस हेल्थ सर्विसेज के प्रोजेक्ट भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। फार्मास्यूटिकल निर्माण जैसे क्षेत्र में, जहां निवेश निर्णय अत्यंत सतर्कता से लिए जाते हैं और परियोजना की चक्र अवधि लंबी होती है, इतनी तेजी से कार्यान्वयन होना राज्य के प्रशासनिक तंत्र और निवेशकों के भरोसे को मजबूती से रेखांकित करता है।</p>
<p><strong>राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव </strong>साय ने इस औद्योगिक बदलाव पर जोर देते हुए स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ सचेत रूप से अपने औद्योगिक आधार का विविधीकरण कर रहा है और फार्मास्यूटिकल उन उभरते हुए क्षेत्रों में से एक है जिन्हें बड़े पैमाने पर स्थापित करने के लिए राज्य पूरी तरह तैयार है। नवा रायपुर में दिख रही यह व्यावसायिक गतिशीलता और क्रियान्वित हो रही परियोजनाएं निवेशकों के उस विश्वास को सुदृढ़ करती हैं जो वे छत्तीसगढ़ की आधुनिक विनिर्माण तैयारियों पर जता रहे हैं। इसके साथ ही, यह सफलता राज्य सरकार द्वारा व्यापार को आसान बनाने (Ease of Doing Business) के लिए लगातार किए जा रहे प्रयासों और नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन को भी प्रमाणित करती है।</p>
<p><strong>औद्योगिक विकास नीति 2024-30 व प्रोत्साहन</strong></p>
<p><strong>    ‘थ्रस्ट सेक्टर’ का दर्जा:</strong> औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के तहत फार्मास्यूटिकल्स को प्राथमिकता वाला (Thrust Sector) क्षेत्र घोषित किया गया है, जिसके माध्यम से निवेशकों को विशेष वित्तीय व प्रशासनिक छूट दी जा रही है।</p>
<p><strong>    वित्तीय सहायता एवं रियायतें:</strong> निवेशकों को पूंजीगत सहायता (Capital Assistance), 12 वर्षों तक शुद्ध SGST की प्रतिपूर्ति, बिजली शुल्क व स्टाम्प ड्यूटी में 100% छूट और शुरुआती निवेशकों के लिए विशेष अग्रणी लाभ शामिल हैं।</p>
<p><strong>    उद्देश्य</strong>: इन रियायतों का मुख्य लक्ष्य परियोजनाओं को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाना, शुरुआती निवेशकों को सुरक्षा देना और राज्य में दीर्घकालिक विनिर्माण को बढ़ावा देना है।</p>
<p><strong>छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट, 2026</strong></p>
<p><strong>    देश में पहला प्रयास</strong>: छत्तीसगढ़ जोखिम-आधारित विनियामक ढांचा (Risk-based Regulatory Framework) पेश करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।</p>
<p><strong>    प्रक्रियाओं का सरलीकरण:</strong> इस कानून का उद्देश्य अनुपालन (Compliance) के बोझ को घटाना, सरकारी स्वीकृतियों को सुगम बनाना और परियोजनाओं की शुरुआत में लगने वाले समय को कम करना है।</p>
<p><strong>नवा रायपुर का फ्लैगशिप ‘फार्मा पार्क’</strong></p>
<p><strong>    विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर:</strong> नवा रायपुर में लगभग 142 एकड़ क्षेत्र में एक अत्याधुनिक ‘फार्मा पार्क’ विकसित किया जा रहा है, जो प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी से लैस है।</p>
<p><strong>    तेजी से आवंटन: </strong>प्लॉट आवंटन शुरू होने के मात्र 1 वर्ष के भीतर 7 प्रमुख प्लॉट्स आवंटित किए जा चुके हैं, जो राज्य में मजबूत होते फार्मा इकोसिस्टम को दर्शाते हैं।</p>
<p>छत्तीसगढ़ का यह नया फार्मास्यूटिकल इकोसिस्टम केवल भूमि और वित्तीय प्रोत्साहन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे एम्स रायपुर (AIIMS Raipur), आईआईटी भिलाई (IIT Bhilai), आईआईएम रायपुर (IIM Raipur) और एनआईटी रायपुर (NIT Raipur) जैसे देश के शीर्ष संस्थानों का मजबूत शैक्षणिक और तकनीकी समर्थन प्राप्त है। ये संस्थान उद्योग को निरंतर कुशल कार्यबल, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार की सुविधा प्रदान करते हैं। इसके अलावा, 26,000 मेगावाट से अधिक की स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता, लगातार सुधरती सड़क, रेल व हवाई कनेक्टिविटी और मध्य भारत के प्रमुख बाजारों से निकटता के बल पर छत्तीसगढ़ पुराने औद्योगिक ढांचों पर निर्भर रहने के बजाय एक आधुनिक, स्केलेबल और भविष्य के अनुकूल फार्मास्यूटिकल विनिर्माण केंद्र के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>CG में नागपुर की महिला चोर गैंग का पर्दाफाश, 7 महिलाएं गिरफ्तार; कार से करती थीं रेकी</title>
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<description><![CDATA[ गरियाबंद/महासमुंद. सावन में जतमई, घटारानी, राजिम धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को निशाना बनाने वाली नागपुर की महिला चोर गैंग को पुलिस ने पकड़ने में कामयाबी पाई है। पकड़ी गईं महिलाएं कार में घूमकर पहले रेकी किया करती थीं। दरअसल, 9 अगस्त को जतमई धाम में आरंग निवासी नीलम चक्रधर के गले से 2 तोले की … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 18:45:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>में, नागपुर, की, महिला, चोर, गैंग, का, पर्दाफाश, महिलाएं, गिरफ्तार, कार, से, करती, थीं, रेकी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>गरियाबंद/महासमुंद.</strong></p>
<p>सावन में जतमई, घटारानी, राजिम धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को निशाना बनाने वाली नागपुर की महिला चोर गैंग को पुलिस ने पकड़ने में कामयाबी पाई है। पकड़ी गईं महिलाएं कार में घूमकर पहले रेकी किया करती थीं।</p>
<p>दरअसल, 9 अगस्त को जतमई धाम में आरंग निवासी नीलम चक्रधर के गले से 2 तोले की सोने की चेन पार कर दी गई थी। चेन की कीमत करीब 3 लाख रुपये बताई जा रही है। महिला ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।</p>
<p><strong>ऐसे पकड़ा गया गिरोह</strong><br>
CCTV फुटेज और कार नंबर के आधार पर पुलिस ने महासमुंद के पास नाकेबंदी की। इस दौरान कार क्रमांक MP 49 SB 2471 को रोका गया। तलाशी में कार से चोरी का सामान बरामद हुआ। कार में सवार 7 संदिग्ध महिलाओं को हिरासत में लिया गया।</p>
<p><strong>कौन हैं आरोपी</strong><br>
पूछताछ में पता चला कि सभी 7 महिलाएं महाराष्ट्र के नागपुर और आसपास की रहने वाली हैं। इनके नाम – रोनक पातनकर 30, सीमा पात्रे 40, विद्या उफाड़े 30, मुस्कान पात्रे 26, मीना खवड़े 35, नंदिनी पात्रे 30 और छाया उफाड़े 50 हैं।</p>
<p><strong>कैसे देती थीं वारदात को अंजाम</strong><br>
पुलिस के अनुसार ये महिलाएं कार से धार्मिक स्थलों की रेकी करती थीं। भीड़ का फायदा उठाकर महिलाओं के गले, कान से गहने और पर्स पार कर देती थीं। पुलिस को आशंका है कि ये किसी बड़े अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़ी हो सकती हैं।</p>
<p><strong>भक्तों में दहशत, पुलिस अलर्ट</strong><br>
घटना के बाद जतमई धाम में श्रद्धालुओं में डर का माहौल है। कई महिलाएं अब आर्टिफिशियल गहने पहनकर दर्शन करने आ रही हैं। पुलिस ने सभी प्रमुख मंदिरों के आसपास सुरक्षा बढ़ाते हुए सादी वर्दी में पुलिस जवानों को तैनात कर रही है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>पूर्व CJI चंद्रचूड़ बने पुतिन के ‘तारणहार’! रूस ने अरबों डॉलर के केस में सौंपी बड़ी जिम्मेदारी</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को रूस ने यूक्रेन के सरकारी बैंक ओशादबैंक (Oschadbank) से जुड़े निवेश विवाद में अपना आर्बिट्रेटर नियुक्त किया है. यह मामला रूस और यूक्रेन के बीच 1998 में हुए द्विपक्षीय निवेश समझौते से जुड़ा है. तीन सदस्यीय आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल इस विवाद की सुनवाई करेगा. इस घटनाक्रम … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 18:30:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को रूस ने यूक्रेन के सरकारी बैंक ओशादबैंक (Oschadbank) से जुड़े निवेश विवाद में अपना आर्बिट्रेटर नियुक्त किया है. यह मामला रूस और यूक्रेन के बीच 1998 में हुए द्विपक्षीय निवेश समझौते से जुड़ा है. तीन सदस्यीय आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल इस विवाद की सुनवाई करेगा. इस घटनाक्रम की खास बात यह है कि चंद्रचूड़ पहले रूस की ओर से कुछ अन्य निवेश विवादों में आर्बिट्रेटर बनने के प्रस्ताव ठुकरा चुके हैं. ऐसे में इस बार उनकी नियुक्ति अंतरराष्ट्रीय कानूनी और निवेश मध्यस्थता के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है। </p>
<p>ग्लोबल आर्बिट्रेशन रिव्यू की रिपोर्ट के मुताबिक विवाद की रकम भी छोटी नहीं है. ओशादबैंक का दावा यूक्रेन के डोनेत्स्क, लुहांस्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया क्षेत्रों में उसकी संपत्तियों और कारोबार से जुड़ा है. बैंक का कहना है कि रूसी सैन्य कार्रवाई के बाद उसे इन संपत्तियों और ऑपरेशंस का नुकसान उठाना पड़ा. दावा सैकड़ों मिलियन डॉलर का बताया जा रहा है. यानी यह सिर्फ दो देशों के बीच कानूनी लड़ाई नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़ी रकम और युद्ध के दौरान हुए आर्थिक नुकसान का सवाल भी है। </p>
<p>इस मामले की सुनवाई तीन सदस्यीय आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल करेगा. कोस्टा रिका की आर्बिट्रेटर और पूर्व ट्रेड मिनिस्टर ड्याला जिमेनेज को दोनों पक्षों ने मिलकर ट्रिब्यूनल का अध्यक्ष चुना है. ओशादबैंक की ओर से ग्रीक आर्बिट्रेटर और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर के प्रोफेसर स्टावरोस ब्रेकौलाकिस को नियुक्त किया गया है. रूस ने भारत के पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ को अपना आर्बिट्रेटर चुना है। </p>
<p>यह मामला रूस और यूक्रेन के बीच 1998 में हुए Agreement on the Encouragement and Mutual Protection of Investments के तहत शुरू किया गया है. इस तरह की संधियां विदेशी निवेशकों को कुछ कानूनी सुरक्षा देती हैं और विवाद की स्थिति में अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता का रास्ता खोलती हैं. यहां एक और दिलचस्प बात है. ओशादबैंक रूस के खिलाफ पहले भी एक बड़े निवेश विवाद में जीत हासिल कर चुका है. वह मामला क्रीमिया में बैंक की संपत्तियों और कारोबार से जुड़ा था, जिसे रूस ने 2014 में अपने नियंत्रण में लिया था। </p>
<p>क्रीमिया से जुड़े पुराने मामले में Permanent Court of Arbitration के तहत गठित ट्रिब्यूनल ने रूस को गैरकानूनी तरीके से संपत्ति अधिग्रहण के लिए जिम्मेदार ठहराया था. ट्रिब्यूनल ने ओशादबैंक को करीब 1.1 अरब डॉलर का मुआवजा, ब्याज और आर्बिट्रेशन की लागत देने का आदेश दिया था. रूस ने उस कार्यवाही में हिस्सा लेने से इनकार किया था. इसके बावजूद लागू आर्बिट्रेशन नियमों के तहत प्रक्रिया आगे बढ़ी. मौजूदा विवाद उस पुराने मामले से अलग है और यूक्रेन के चार अन्य क्षेत्रों में ओशादबैंक की संपत्तियों से संबंधित है। </p>
<p>डीवाई चंद्रचूड़ की इस नियुक्ति को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वह पहले रूस की ओर से आए कुछ प्रस्ताव स्वीकार नहीं कर चुके हैं. रिपोर्ट के अनुसार रूस ने उन्हें जर्मन ऊर्जा कंपनी Wintershall Dea और यूक्रेन की सरकारी ऊर्जा कंपनी Ukrenergo से जुड़े निवेश विवादों में अपना आर्बिट्रेटर बनाने के लिए संपर्क किया था. चंद्रचूड़ ने इन प्रस्तावों को स्वीकार नहीं किया था. Wintershall मामले में Permanent Court of Arbitration ने उन्हें appointing authority की भूमिका भी दी थी. बाद में रूस से हुई बातचीत की जानकारी साझा करने के बाद उन्होंने इस भूमिका से भी हटने का फैसला किया था। </p>
<p>अब ओशादबैंक मामले में रूस की ओर से चंद्रचूड़ की नियुक्ति उस पुराने घटनाक्रम से अलग तस्वीर दिखाती है. वह इस तीन सदस्यीय ट्रिब्यूनल में रूस की ओर से नियुक्त आर्बिट्रेटर के तौर पर काम करेंगे. हालांकि आर्बिट्रेटर की भूमिका किसी देश के पक्ष में फैसला सुनाने की नहीं होती. ट्रिब्यूनल का काम दोनों पक्षों की दलीलों, दस्तावेजों और लागू अंतरराष्ट्रीय कानून के आधार पर विवाद का फैसला करना होता है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>Twisha Case: CBI की फाइनल रिपोर्ट में आई अड़चन, ट्विशा पक्ष के वकील ने बताई बड़ी वजह</title>
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<description><![CDATA[ भोपल  भोपाल का बहुचर्चित ट्विशा शर्मा केस एक बार फिर सुर्खियों में है। मामले में कोर्ट ने सीबीआई को 17 अगस्त को चार्जशीट पेश करने को कहा है। मंगलवार को कोर्ट ने आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की हिरासत अवधि 19 अगस्त तक बढ़ाने की CBI की मांग नहीं मानी। कोर्ट ने दोनों आरोपियों … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 18:15:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपल </strong></p>
<p>भोपाल का बहुचर्चित ट्विशा शर्मा केस एक बार फिर सुर्खियों में है। मामले में कोर्ट ने सीबीआई को 17 अगस्त को चार्जशीट पेश करने को कहा है। मंगलवार को कोर्ट ने आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की हिरासत अवधि 19 अगस्त तक बढ़ाने की CBI की मांग नहीं मानी। कोर्ट ने दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत सिर्फ 17 अगस्त तक ही बढ़ाई। मामले में सीबीआई की दिक्कत भी सामने आ गई है। ट्विशा पक्ष के वकील अंकुर पांडे के अनुसार CBI को फाइनल रिपोर्ट जमा करनी थी लेकिन आरोपी गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका के लिए केस के कुुुछ रिकॉर्ड हाईकोर्ट भेज दिए गए। इस कारण CBI ने कोर्ट से चौदह दिन का और समय मांगा।</p>
<p>मॉडल और फिल्म अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में सीबीआई की जांच पूर्णता की कगार पर है। कोर्ट ने भी मामले में सख्ती दिखाते हुए CBI को अपनी जांच पूरी कर 17 अगस्त तक चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट के इस रुख के बाद CBI पर दबाव बढ़ गया है। चार्जशीट प्रस्तुत नहीं किए जाने पर आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को जमानत का लाभ मिल सकता है और वे जेल से बाहर आ सकते हैं।</p>
<p>ट्विशा शर्मा केस में आरोपी पति समर्थ सिंह की 90 दिन की हिरासत अवधि 19 अगस्त तक पूरी हो जाएगी। सीबीआई द्वारा चार्जशीट पेश नहीं होने पर उसे जमानत का लाभ मिल सकता है।</p>
<p><strong> जेल से बाहर आ सकते हैं गिरिबाला सिंह और समर्थ</strong><br>
 मॉडल और फिल्म अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में सीबीआई को बड़ा झटका लगा है। मंगलवार को CBI कोर्ट ने आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की हिरासत अवधि 19 अगस्त तक बढ़ाने की उसकी मांग नहीं मानी। कोर्ट ने दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत सिर्फ 17 अगस्त तक ही बढ़ाई। इसी के साथ CBI को अपनी जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल करने का भी निर्देश दिया। कोर्ट के इस रुख के बाद ट्विशा शर्मा केस में 17 अगस्त की तारीख बेहद अहम हो गई है। CBI पर दबाव बढ़ गया है। चार्जशीट प्रस्तुत नहीं किए जाने पर आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को जमानत का लाभ मिल सकता है। दोनों जेल से बाहर आ सकते हैं। खास तौर पर समर्थ सिंह की 90 दिन की हिरासत अवधि 19 अगस्त तक पूरी हो जाएगी। चार्जशीट पेश नहीं होने पर उसे जमानत का लाभ मिल सकता है।</p>
<p><strong>चार्जशीट दाखिल नहीं होने पर आरोपी वैधानिक जमानत पा सकते </strong></p>
<p>ट्विशा शर्मा केस में केंद्रीय जांच एजेंसी पर अब दबाव खासा बढ़ गया है। कोर्ट ने उसे 17 अगस्त तक चार्जशीट हर हाल में अदालत में पेश करने को कहा है। मामले में दोनों आरोपियों की वैधानिक अवधि इसी माह खत्म होने वाली है. 90 दिनों की तय समय सीमा में चार्जशीट दाखिल नहीं होने पर आरोपी वैधानिक जमानत पा सकते हैं।</p>
<p>आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए में कोर्ट में पेश किया गया था। यहां अदालत ने सीबीआई पर सख्ती दिखाई। सुनवाई के दौरान CBI अधिकारियों ने आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की हिरासत अवधि 19 अगस्त तक बढ़ाने की मांग की। कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया, आरोपियों को केवल 17 अगस्त तक ही न्यायिक हिरासत में रखने को कहा।</p>
<p><strong>आरोपियों को केवल 17 अगस्त तक ही न्यायिक हिरासत में रखने को कहा</strong><br>
CBI कोर्ट का सख्त रुख जारी रहा। कोर्ट ने CBI को 17 अगस्त तक चार्जशीट दाखिल करने के लिए भी कहा। कानूनी विशेषज्ञों और अधिवक्ताओं के अनुसार कोर्ट ने जांच एजेंसी के सामने तय समय सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल करने का दबाव बढ़ा दिया है। 17 अगस्त को चार्जशीट पेश कर दिए जाने की स्थिति में जांच से जुड़े आरोप और साक्ष्य कोर्ट के समक्ष आ जाएंगे। लेकिन ऐसा नहीं होने पर आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की जेल से बाहर आने की राह खुल जाएगी। समय सीमा में चार्जशीट पेश नहीं किया जाना आरोपियों के लिए डिफॉल्ट बेल का आधार बन सकता है। दोनों आरोपी वैधानिक जमानत की मांग करेंगे।</p>
<p>ट्विशा शर्मा केस में केंद्रीय जांच एजेंसी पर अब दबाव खासा बढ़ गया है। कोर्ट ने उसे 17 अगस्त तक चार्जशीट हर हाल में अदालत में पेश करने को कहा है। मामले में दोनों आरोपियों की वैधानिक अवधि इसी माह खत्म होने वाली है. 90 दिनों की तय समय सीमा में चार्जशीट दाखिल नहीं होने पर आरोपी वैधानिक जमानत पा सकते हैं।</p>
<p>आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए में कोर्ट में पेश किया गया था। यहां अदालत ने सीबीआई पर सख्ती दिखाई। सुनवाई के दौरान CBI अधिकारियों ने आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की हिरासत अवधि 19 अगस्त तक बढ़ाने की मांग की। कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया, आरोपियों को केवल 17 अगस्त तक ही न्यायिक हिरासत में रखने को कहा।</p>
<p><strong>आरोपियों को केवल 17 अगस्त तक ही न्यायिक हिरासत में रखने को कहा</strong><br>
CBI कोर्ट का सख्त रुख जारी रहा। कोर्ट ने CBI को 17 अगस्त तक चार्जशीट दाखिल करने के लिए भी कहा। कानूनी विशेषज्ञों और अधिवक्ताओं के अनुसार कोर्ट ने जांच एजेंसी के सामने तय समय सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल करने का दबाव बढ़ा दिया है। 17 अगस्त को चार्जशीट पेश कर दिए जाने की स्थिति में जांच से जुड़े आरोप और साक्ष्य कोर्ट के समक्ष आ जाएंगे। लेकिन ऐसा नहीं होने पर आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की जेल से बाहर आने की राह खुल जाएगी। समय सीमा में चार्जशीट पेश नहीं किया जाना आरोपियों के लिए डिफॉल्ट बेल का आधार बन सकता है। दोनों आरोपी वैधानिक जमानत की मांग करेंगे।</p>
<p><strong>12 मई 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत</strong><br>
बता दें कि ट्विशा शर्मा की 12 मई 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। वे मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं। 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा ने कुछ दक्षिण भारतीय फिल्मों में काम किया था। वे माडलिंग भी करती थीं। दिसंबर 2025 में उनकी शादी भोपाल के वकील समर्थ सिंह से हुई थी। शादी के महज पांच महीने बाद ट्विशा शर्मा की मौत हो गई जिसको लेकर मायके पक्ष और ससुराल पक्ष के बीच खासा विवाद हो गया। ट्विशा के मां पिता और भाई ने पति समर्थ सिंह व सास गिरिबाला सिंह पर दहेज हत्या और दहेज प्रताड़ना के आरोप लगाए। इधर ससुराल पक्ष का कहना है कि ट्विशा ने मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या की। CBI पूरे केस की जांच कर रही है।</p>
<p>बता दें कि ट्विशा शर्मा की 12 मई 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। वे मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं। 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा ने कुछ दक्षिण भारतीय फिल्मों में काम किया था। वे माडलिंग भी करती थीं। दिसंबर 2025 में उनकी शादी भोपाल के वकील समर्थ सिंह से हुई थी। शादी के महज पांच महीने बाद ट्विशा शर्मा की मौत हो गई जिसको लेकर मायके पक्ष और ससुराल पक्ष के बीच खासा विवाद हो गया। ट्विशा के मां पिता और भाई ने पति समर्थ सिंह व सास गिरिबाला सिंह पर दहेज हत्या और दहेज प्रताड़ना के आरोप लगाए। इधर ससुराल पक्ष का कहना है कि ट्विशा ने मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या की। CBI पूरे केस की जांच कर रही है।</p>
<p> </p>
<p><strong>केस के रिकॉर्ड का कुछ हिस्सा हाईकोर्ट भेज दिया</strong><br>
कोर्ट की सख्ती के बाद सीबीआई अधिकारी फाइनल रिपोर्ट तैयार करने में जुट गए हैं। इस बीच ट्विशा के परिवार के वकील अंकुर पांडे ने कहा है कि आरोपी गिरिबाला सिंह ने अपनी रेगुलर ज़मानत अर्ज़ी को ट्रायल कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी। इसके चलते केस के रिकॉर्ड का कुछ हिस्सा हाईकोर्ट भेज दिया गया। CBI ने कोर्ट को यह वजह बताते हुए अगली सुनवाई में सभी सबूतों के साथ फाइनल रिपोर्ट जमा करने की बात कही।</p>
<p><strong>17 तारीख को कोर्ट के सामने सभी सबूतों के साथ फाइनल रिपोर्ट पेश करेगी CBI</strong><br>
अधिवक्ता अंकुर पांडे ने कहा, "पिछले आदेश में कहा गया था कि CBI को आज फाइनल रिपोर्ट जमा करनी थी। लेकिन इसी बीच आरोपी गिरिबाला सिंह ने अपनी रेगुलर ज़मानत अर्ज़ी को ट्रायल कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी जिसके चलते केस के रिकॉर्ड का कुछ हिस्सा हाईकोर्ट भेज दिया गया। इसका हवाला देते हुए CBI ने कहा कि वे अगली सुनवाई में इकट्ठा किए गए सभी सबूतों के साथ फाइनल रिपोर्ट जमा करेंगे। CBI ने चौदह दिन का और समय मांगा था। हालांकि जांच की कानूनी समय-सीमा (90 दिन) 19 अगस्त को खत्म हो रही है इसलिए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने CBI को 17 तारीख तक हर हाल में फाइनल रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया। CBI 17 तारीख को कोर्ट के सामने इकट्ठा किए गए सभी सबूतों के साथ फाइनल रिपोर्ट पेश करेगी। गिरिबाला सिंह की रेगुलर ज़मानत अर्ज़ी ट्रायल कोर्ट ने खारिज कर दी थी और उन्होंने उस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी है।"</p>]]> </content:encoded>
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<title>MP में एनालॉग पनीर पर बैन! CM मोहन यादव बोले&#45; प्राकृतिक दूध से बने उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने एमपी में एनालॉग पनीर पर बैन लगा दिया है। साथ ही सीएम मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में प्राकृतिक दूध के उत्पादों को ही हम प्रोत्साहित करेंगे। देश के दूसरे राज्यों ने भी एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाया है। एनालॉग … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 18:15:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>में, एनालॉग, पनीर, पर, बैन, मोहन, यादव, बोले-, प्राकृतिक, दूध, से, बने, उत्पादों, को, मिलेगा, बढ़ावा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong><br>
 मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने एमपी में एनालॉग पनीर पर बैन लगा दिया है। साथ ही सीएम मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में प्राकृतिक दूध के उत्पादों को ही हम प्रोत्साहित करेंगे। देश के दूसरे राज्यों ने भी एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाया है।</p>
<p><strong>एनालॉग बैन पर पूरी तरह से प्रतिबंध</strong><br>
मध्यप्रदेश में एनालॉग पनीर पर बैन लग गया है। इस तरह का पनीर बनाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है। सीएम मोहन यादव ने साफ कर दिया है कि वे राज्य में प्राकृतिक पनीर को ही प्रोत्साहित करेंगे। एनालॉग पनीर की बिक्री जैसी गतिविधियों को हतोत्साहित किया जाएगा।</p>
<p><strong>हम प्राकृतिक पनीर बनाएंगे</strong><br>
उन्होंने कहा कि हमने ये निर्णय किया है कि मध्यप्रदेश में एनालॉग पनीर की बिक्री को हतोत्साहित करेंगे। इस पर प्रतिबंध लगाएंगे। देश के अन्य राज्यों में भी इस पर प्रतिबंध लगाया गया है। हमारे यहां प्राकृतिक दूध के उत्पाद हैं हम प्राकृतिक पनीर बनाएंगे। हम इन उत्पादों के बलबूते पर राज्य की पहचान बनाएंगे।</p>
<p>बता दें कि एनालॉग पनीर को असली दूध से बने पनीर के विकल्प के तौर पर तैयार किया जाता है। इसमें दूध की जगह या दूध के साथ वनस्पति वसा, स्टार्च और अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। इसकी कम कीमत के कारण बाजार में इसकी खपत तेजी से बढ़ी है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर पर हम प्रतिबंध लगा रहे हैं। जैसा अन्य राज्यों ने लगाया है। हम प्राकृतिक रूप से दुग्ध उत्पादन को बढ़ाएंगे और प्राकृतिक रूप से ही पनीर बनाएंगे।</p>
<p><strong>बिल्कुल बढ़ावा नहीं देंगे</strong><br>
मोहन यादव ने कहा कि हम दूध का उत्पादन बढ़ाने की दिशा में आगे चल रहे हैं। एनालॉग पनीर की बिक्री जैसी गतिविधियों को हम बढ़ावा नहीं देंगे।</p>
<p>गौरतलब है कि हाल के दिनों में देश में एनालॉग पनीर की चर्चा शुरू हो गई है। इसका निर्माण आर्टिफिशियल तरीके से की जाती है। मध्य प्रदेश की कंपनी का माल हाल ही में रायपुर में सीज किया गया था। साथ ही एनालॉग पनीर का आरोप लगाया था। लेकिन जांच रिपोर्ट में क्लिनचिट मिल गई थी।</p>
<p><strong>रोज 300 से 400 क्विंटल की खपत का अनुमान</strong><br>
मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर की रोजाना आवक और बिक्री करीब 300 से 400 क्विंटल होने का अनुमान है। इस हिसाब से प्रदेश में हर महीने करीब 9 हजार से 12 हजार क्विंटल, यानी 900 से 1200 टन एनालॉग पनीर खपने की बात सामने आई है। बड़ी मात्रा में इसकी बिक्री को देखते हुए सरकार ने अब इस पर सख्ती का निर्णय लिया है।</p>
<p><strong>मानवाधिकार आयोग ने भी जताई नाराजगी</strong><br>
एनालॉग पनीर की बिक्री को लेकर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने भी नाराजगी जताई है। आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों को पत्र लिखने का फैसला किया है। आयोग की ओर से राज्यों से इस तरह के उत्पाद की बिक्री और लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर जानकारी मांगे जाने की संभावना है।</p>
<p>आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने कहा कि एनालॉग पनीर घातक है। इसके लिए एफएसएसएआई को नोटिस देकर पूछ रहे हैं कि इस तरह के पनीर को बेचने की इजाजत क्यों दे रहे हैं।</p>
<p>कानूनगो ने कहा कि अगर सिगरेट के ऊपर लिख देते हैं कि यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है तो क्या यह हानि करना बंद कर देता है। जब तीन राज्यों की सरकार ने अच्छा निर्णय लिया है तो इस पर अन्य राज्यों को भी निर्णय लिया जाना चाहिए। सिर्फ एरोबिक स्टार्च वाला टेस्ट करने से एनालॉग पनीर पकड़ में नहीं आता है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>रेलवे ओवरब्रिज का कार्य गंभीरता एवं रुचि के साथ शीघ्र पूर्ण करें अधिकारी&#45; कलेक्टर  झा</title>
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<description><![CDATA[ रेलवे ओवरब्रिज का कार्य गंभीरता एवं रुचि के साथ शीघ्र पूर्ण करें अधिकारी- कलेक्टर  झा कलेक्टर ने निरीक्षण के पश्चात निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा कर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश अनूपपुर  कलेक्टर श्री रत्नाकर झा ने आज जिला मुख्यालय अनूपपुर में निर्माणाधीन रेलवे फ्लाईओवर ब्रिज का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति एवं मौके पर … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 18:15:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>रेलवे, ओवरब्रिज, का, कार्य, गंभीरता, एवं, रुचि, के, साथ, शीघ्र, पूर्ण, करें, अधिकारी-, कलेक्टर, झा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रेलवे ओवरब्रिज का कार्य गंभीरता एवं रुचि के साथ शीघ्र पूर्ण करें अधिकारी- कलेक्टर  झा</strong></p>
<p><strong>कलेक्टर ने निरीक्षण के पश्चात निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा कर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश</strong></p>
<p><strong>अनूपपुर </strong><br>
कलेक्टर श्री रत्नाकर झा ने आज जिला मुख्यालय अनूपपुर में निर्माणाधीन रेलवे फ्लाईओवर ब्रिज का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति एवं मौके पर चल रहे कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों से कार्य की वर्तमान स्थिति, पूर्ण किए जा चुके कार्यों तथा लंबित कार्यों की जानकारी प्राप्त की।</p>
<p>कलेक्टर श्री झा ने निर्माण कार्य में उपयोग की जा रही सामग्री, गुणवत्ता एवं निर्धारित तकनीकी मापदंडों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण अधोसंरचना परियोजना नागरिकों की सुविधा एवं सुगम आवागमन से सीधे जुड़ी है, इसलिए निर्माण कार्य को गंभीरता, रुचि एवं पूर्ण गुणवत्ता से कराएं जाने पर जोर दिया।</p>
<p>निरीक्षण के पश्चात कलेक्टर श्री झा ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के नर्मदा सभागार में संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों की बैठक लेकर रेलवे फ्लाईओवर ब्रिज की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने लंबित कार्यों की जानकारी ली। इस दौरान रेलवे विभाग के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि अपने स्तर का कार्य पूर्ण कर लिया गया है, जिस पर कलेक्टर ने शेष कार्यों को कार्य योजना बनाकर तथा मजदूरों को मोबिलाइज कर निर्माण एजेंसी एवं संबंधित विभागीय अधिकारी आपसी समन्वय से शीघ्र पूर्ण करें। बैठक में बताया गया कि रिटर्निंग वॉल, गार्डर एवं विद्युत पोल संबंधी कार्य प्रगतिरत है। </p>
<p>कलेक्टर ने निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी परियोजना की प्रगति की निरंतर समीक्षा करते हुए कार्य में अपेक्षित गति सुनिश्चित करें। कलेक्टर श्री झा ने रेलवे फ्लाईओवर ब्रिज के ड्रेनेज सिस्टम की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि ब्रिज एवं रेलवे लाइन के विद्युतीकरण क्षेत्र में जलभराव के कारण किसी भी प्रकार का व्यवधान की स्थिति निर्मित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए ड्रेनेज सिस्टम को तकनीकी दृष्टि से बेहतर एवं प्रभावी बनाया जाए तथा जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण करने तथा रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक में अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने आवश्यक दिशा निर्देश दिए।</p>
<p>निरीक्षण एवं बैठक के दौरान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनूपपुर सुश्री प्राशी अग्रवाल, संबंधित विभागों के अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त पर जिला स्तरीय आयोजन के मुख्य अतिथि होंगे मंत्री दिलीप जायसवाल फहराएंगे राष्ट्रीय ध्वज</title>
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<description><![CDATA[ स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त पर जिला स्तरीय आयोजन के मुख्य अतिथि होंगे मंत्री दिलीप जायसवाल फहराएंगे राष्ट्रीय ध्वज अनूपपुर राज्य शासन द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2026 के अवसर पर प्रातः 9 बजे जिला मुख्यालय अनूपपुर स्थित शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्रांगण में आयोजित जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 18:15:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>स्वतंत्रता, दिवस, अगस्त, पर, जिला, स्तरीय, आयोजन, के, मुख्य, अतिथि, होंगे, मंत्री, दिलीप, जायसवाल, फहराएंगे, राष्ट्रीय, ध्वज</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त पर जिला स्तरीय आयोजन के मुख्य अतिथि होंगे मंत्री दिलीप जायसवाल फहराएंगे राष्ट्रीय ध्वज</strong></p>
<p><strong>अनूपपुर</strong><br>
राज्य शासन द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2026 के अवसर पर प्रातः 9 बजे जिला मुख्यालय अनूपपुर स्थित शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्रांगण में आयोजित जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के  मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल होंगे।</p>
<p> मुख्य अतिथि मंत्री दिलीप जायसवाल द्वारा समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा तथा परेड  की सलामी ली जाएगी। जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में  विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>सीपीसीटी परीक्षा कर्मचारियों की पदोन्नति में बाधक नहीं बने : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</title>
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<description><![CDATA[ सीपीसीटी परीक्षा कर्मचारियों की पदोन्नति में बाधक नहीं बने : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाने के दिए निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की पदोन्नति में सीपीसीटी परीक्षा बाधक नहीं बने। उन्होंने निर्देश दिए कि तृतीय एवं चतुर्थ … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 18:15:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>सीपीसीटी, परीक्षा, कर्मचारियों, की, पदोन्नति, में, बाधक, नहीं, बने, मुख्यमंत्री, डॉ., यादव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सीपीसीटी परीक्षा कर्मचारियों की पदोन्नति में बाधक नहीं बने : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाने के दिए निर्देश</strong></p>
<p><strong>भोपाल </strong><br>
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की पदोन्नति में सीपीसीटी परीक्षा बाधक नहीं बने। उन्होंने निर्देश दिए कि तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की पदोन्नति में सीपीसीटी परीक्षा को उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता पर जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाए। यह सुनिश्चित करें कि सभी तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पात्र कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिले।  सीपीसीटी परीक्षा के कारण कोई भी तृतीय-चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी पदोन्नति से वंचित या रिवर्ट नहीं हो।</p>
<p><strong>एनालॉग पनीर पर लगेगा प्रतिबंध</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास पर संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाया जाएगा, जैसे अन्य राज्यों ने लगाया है। उन्होंने कहा कि हम प्राकृतिक रूप से दुग्ध उत्पादन को बढाएंगे और प्राकृतिक रूप से ही पनीर बनाएंगे।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>MP कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक बदलाव, इसी सप्ताह भंग होगी प्रदेश कार्यकारिणी; Gen&#45;Z पर भी मंथन</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  कांग्रेस के प्रकोष्ठ और विभागों को पांच अगस्त को भंग किए जाने के बाद अब इसी सप्ताह पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी (पीसीसी) को भी भंग किया जाएगा। इसमें उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव सहित अन्य पदाधिकारी शामिल हैं। एक से दो माह में नई कार्यकारिणी बनेगी। इसके बाद प्रकोष्ठ और विभागों का पुनर्गठन किया जाएगा। इसमें … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 18:00:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>कांग्रेस, में, बड़ा, संगठनात्मक, बदलाव, इसी, सप्ताह, भंग, होगी, प्रदेश, कार्यकारिणी, Gen-Z, पर, भी, मंथन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong><br>
 कांग्रेस के प्रकोष्ठ और विभागों को पांच अगस्त को भंग किए जाने के बाद अब इसी सप्ताह पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी (पीसीसी) को भी भंग किया जाएगा। इसमें उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव सहित अन्य पदाधिकारी शामिल हैं। एक से दो माह में नई कार्यकारिणी बनेगी। इसके बाद प्रकोष्ठ और विभागों का पुनर्गठन किया जाएगा।</p>
<p>इसमें कार्यकर्ताओं की भी राय ली जाएगी। प्रमुख पदाधिकारियों के चयन के लिए तीन-तीन नामों का पैनल बनेगा, जिसमें एक के नाम को केंद्रीय नेतृत्व हरी झंडी देगा। यह निर्णय मंगलवार को पीसीसी में कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) की बैठक में लिया गया है। बैठक में समिति के कुछ सदस्यों ने यह भी कहा कि नाम लिए जाते हैं, पर जब चयन होता है तो कोई और चेहरा आ जाता है। ऐसा नहीं होना चाहिए।</p>
<p><strong>जेन-जी पर फोकस</strong><br>
पांच घंटे तक चली बैठक में लगभग ढाई घंटे की चर्चा जेन-जी यानी युवाओं पर पर केंद्रित रही। तय किया गया है जबलपुर या इंदौर में जेन-जी से संवाद के लिए 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भी बुलाने की तैयारी है। युवाओं के जिलेवार सम्मेलन भी होंगे। बैठक में कमल नाथ, दिग्विजय सिंह, अरुण यादव व्यक्तिगत कारणों से सम्मिलित नहीं हुए।</p>
<p><strong>अनुशासन तोड़ने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई<br>
बैठक में जन आंदोलन के मुद्दे और नगरीय निकाय चु</strong>नाव की तैयारियों पर भी चर्चा की गई। इसमें तय किया गया है कि अनुशासन तोड़ने वाले कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। इंटरनेट मीडिया पर विवादित पोस्ट डालने वालों को चिह्नित किया जाएगा। इस पर भी सहमति बनी है कि अन्य विभागों की तरह एससी विभाग की भी कमेटी बनेगी। संभागीय स्तर पर चल रहे प्रशिक्षण शिविरों में रीवा में राहुल गांधी को बुलाने पर चर्चा हुई।</p>
<p><strong>बैठक में किसने क्या कहा</strong><br>
प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने संगठन सृजन अभियान की समीक्षा की। विभाग का प्रकोष्ठों के पुनर्गठन में साफ छवि वालों के नाम तय करने के लिए कहा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा दतिया उपचुनाव प्रदेश में बदलाव के संकेत हैं। इससे कार्यकर्ताओं में उत्साह है। इसका लाभ आगामी नगरीय निकाय चुनाव में मिलेगा।</p>
<p>नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि केन-बेतवा परियोजना में विस्थापित परिवारों के लिए पार्टी लड़ेगी। राज्य सभा सदस्य विवेक तन्खा ने युवा आंदोलन चलाने और सोनम वांगचुक को शामिल करने का सुझाव दिया। महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रीना बौरासी ने जिला कार्यकारिणी के गठन की प्रगति बताई।</p>
<p><strong>बैठक में कांतिलाल भूरिया, कमलेश्वर पटेल, सज्जन सिंह वर्मा, संगठन प्रभारी संजय कामले, एनएसयूआइ के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे सहित प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए।</strong></p>
<p><strong>संभावित तीन-तीन उम्मीदवारों के नाम तय हों</strong>गे<br>
बैठक में अगले वर्ष होने वाले नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों को लेकर भी लंबी चर्चा हुई। इसमें तय किया गया है कि जिलाध्यक्ष अभी से एससी, एसटी, ओबीसी और अनारक्षित श्रेणी के तीन-तीन नाम चिह्नित कर लें, जिससे आरक्षण निर्धारित होने के बाद प्रत्याशी चयन में जल्दबाजी नहीं हो। दतिया उपचुनाव की तरह ही नगरीय निकाय चुनावों में क्लस्टर और बूथ प्रबंधन का माडल अपनाया जाएगा।</p>
<p>जनआंदोलनों की बनी रूपरेखा, उज्जैन में होगा बड़ा आंदोलन<br>
बैठक में पार्टी ने जनआंदोलन के लिए मुद्दे भी निर्धारित किए हैं। पत्रकारों से बातचीत में पार्टी के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने आरोप लगाया कि उज्जैन में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के विरूद्ध पार्टी उज्जैन में बड़ा प्रदर्शन करेगी। राम मंदिर में चंदा घोटाला, केन-बेतवा लिंक परियोजना में विस्थापित परिवारों की समस्याएं, किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता कम होने, कथित पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर बेवजह 62 लाख पुलिस प्रकरण भाजपा सरकार के समय दर्ज किए जाने, छात्र संघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाने, युवाओं की समस्याओं की लेकर अलग-अलग तरह से आंदोलन की रणनीति बनी है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>हरेली तिहार पर मुख्यमंत्री निवास में साकार हुई छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, कृषि परंपरा और ग्रामीण जीवन की जीवंत झांकी</title>
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<description><![CDATA[ हरेली तिहार पर मुख्यमंत्री निवास में साकार हुई छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, कृषि परंपरा और ग्रामीण जीवन की जीवंत झांकी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कृषि औजारों और गौवंश की पूजा कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, अच्छी वर्षा और भरपूर फसल की कामना की हरेली प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, पशुधन के सम्मान और खेती-किसानी के गौरव … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 17:45:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>हरेली, तिहार, पर, मुख्यमंत्री, निवास, में, साकार, हुई, छत्तीसगढ़, की, लोक, संस्कृति, कृषि, परंपरा, और, ग्रामीण, जीवन, की, जीवंत, झांकी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>हरेली तिहार पर मुख्यमंत्री निवास में साकार हुई छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, कृषि परंपरा और ग्रामीण जीवन की जीवंत झांकी</strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कृषि औजारों और गौवंश की पूजा कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, अच्छी वर्षा और भरपूर फसल की कामना की</strong></p>
<p><strong>हरेली प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, पशुधन के सम्मान और खेती-किसानी के गौरव का पर्व – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय</strong></p>
<p><strong>पारंपरिक वेशभूषा में पिंक ऑटो से कार्यक्रम स्थल पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह</strong></p>
<p><strong>पौधरोपण से दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने लगाया पारिजात का पौधा</strong></p>
<p><strong>लोकगीत-लोकनृत्य, गेड़ी-बिल्लस जैसे पारंपरिक खेल और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों से मुख्यमंत्री निवास में उतरा गांव का रंग</strong></p>
<p><strong>ड्रोन दीदी से किया संवाद: किसान को हार्वेस्टर सब्सिडी का 16 लाख रुपए का चेक सौंपा</strong></p>
<p><strong>रायपुर </strong><br>
छत्तीसगढ़ की मिट्टी की सोंधी महक, खेत-खलिहानों की परंपराएं, लोकगीतों की स्वर लहरियां, मांदर की थाप, गेड़ी का उल्लास और पारंपरिक व्यंजनों की खुशबू – प्रदेश के प्रथम लोक पर्व हरेली तिहार पर आज नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और ग्रामीण जीवन की जीवंत झांकी में बदल गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधि-विधान से भगवान शिव, गौमाता और कृषि औजारों की पूजा-अर्चना कर प्रदेश में अच्छी वर्षा, भरपूर फसल, किसानों की समृद्धि और सभी परिवारों की सुख-खुशहाली की कामना की। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि, विभिन्न निगम-मंडल एवं आयोगों के पदाधिकारी, किसान और बड़ी संख्या में नागरिक इस उत्सव के साक्षी बने।</p>
<p>मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों, विशेषकर किसान भाई-बहनों को हरेली तिहार की गाड़ा-गाड़ा बधाई देते हुए कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति, प्रकृति और ग्रामीण जीवन के बीच आत्मीय रिश्ते का उत्सव है। यह पर्व हमें अपनी धरती, पशुधन, कृषि उपकरणों और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर देता है। छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है और प्रदेश की बड़ी आबादी की आजीविका खेती-किसानी से जुड़ी है। किसान की समृद्धि ही गांव और प्रदेश की खुशहाली का मजबूत आधार है।</p>
<p><strong>पारंपरिक वेशभूषा में पिंक ऑटो से पहुंचे मुख्यमंत्री</strong></p>
<p>हरेली के उत्सव में मुख्यमंत्री साय पूरी तरह छत्तीसगढ़ी रंग में रंगे नजर आए। पारंपरिक वेशभूषा धारण कर वे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के साथ महिला ऑटो चालक श्रीमती संगीता यादव के पिंक ऑटो में मुख्यमंत्री निवास परिसर से कार्यक्रम स्थल पहुंचे। इस अनूठे अंदाज ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया और उत्सव के माहौल में आत्मीयता का रंग घोल दिया।</p>
<p>कार्यक्रम की शुरुआत गौरी-गणेश एवं नवग्रह पूजन के साथ हुई। मुख्यमंत्री ने मंत्रोच्चार के बीच शिवलिंग का अभिषेक किया और नांगर, रापा, कुदाल, फावड़ा सहित खेती-किसानी में उपयोग आने वाले कृषि औजारों की विधि-विधान से पूजा की। इसके बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा को नमन किया।</p>
<p>मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हरेली के समय तक खेती के अनेक प्रमुख कार्य पूरे हो चुके होते हैं और किसान प्रकृति एवं अपने कृषि साधनों की पूजा कर अच्छे कृषि वर्ष की कामना करते हैं। यह परंपरा हमारे पुरखों की प्रकृति के प्रति गहरी समझ और सम्मान को दर्शाती है।</p>
<p><strong>गौमाता को खिलाई पारंपरिक लोंदी, पशुधन संरक्षण का दिया संदेश</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री साय ने मुख्यमंत्री निवास परिसर में निर्मित गौशाला पहुंचकर गौमाता की आरती और पूजा-अर्चना की। उन्होंने गाय और बछड़े को हरा चारा, चना-गुड़ तथा पारंपरिक ‘लोंदी’ खिलाई। हरेली पर पशुधन को लोंदी खिलाने की लोक परंपरा पशुओं के बेहतर स्वास्थ्य और रोगों से बचाव की कामना से जुड़ी है।</p>
<p>मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण जीवन में पशुधन परिवार और कृषि व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा है। हमारी लोक संस्कृति हमें पशुओं के प्रति संवेदनशीलता, सम्मान और संरक्षण की सीख देती है। आधुनिकता के साथ अपनी ऐसी उपयोगी और प्रकृति-सम्मत <strong>परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी हमारी जिम्मेदारी है।</strong></p>
<p><strong>किसानों की समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है सरकार</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में शुरू हुए किसान क्रेडिट कार्ड ने किसानों को खेती के लिए सहज रूप से पूंजी उपलब्ध कराने का रास्ता खोला। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने सहकारी कृषि ऋण की ब्याज दरों को चरणबद्ध ढंग से कम करते हुए अंततः शून्य प्रतिशत तक पहुंचाया। आज किसानों को सहकारी बैंकों से शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध हो रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि फसल बीमा को सरल बनाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक कृषि तकनीक को किसानों तक पहुंचाने की दिशा में भी निरंतर काम किया जा रहा है। राज्य सरकार किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीद रही है। इससे प्रदेश के लाखों किसान परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है।</p>
<p><strong>पारिजात का पौधा लगाकर दिया हरियाली बढ़ाने का संदेश</strong></p>
<p>हरेली के प्रकृति संरक्षण के संदेश को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री साय ने मुख्यमंत्री निवास परिसर में पारिजात का पौधा लगाया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी पारिजात का पौधा रोपा। मंत्रीगण तथा विभिन्न निगम-मंडल और आयोगों के पदाधिकारियों ने भी विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।</p>
<p>मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हरेली हमें प्रकृति से केवल लेने की नहीं, उसे सहेजने और लौटाने की भी सीख देती है। पौधरोपण के साथ पौधों का संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। अधिक से अधिक पौधे लगाकर और उन्हें वृक्ष बनने तक सहेजकर आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित और सुरक्षित भविष्य तैयार किया जा सकता है।</p>
<p><strong>आधुनिक कृषि तकनीक से रू-ब-रू हुए मुख्यमंत्री</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम में लगाए गए कृषि एवं अन्य विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया। कृषि अभियांत्रिकी विभाग के स्टॉल पर उन्होंने आधुनिक कृषि यंत्रों की उपयोगिता और विशेषताओं की जानकारी ली। </p>
<p>मुख्यमंत्री ने रायपुर के किसान इंद्र कुमार वर्मा को हार्वेस्टर पर मिलने वाली सब्सिडी के रूप में 16 लाख रुपए का चेक प्रदान किया। उन्होंने कहा कि खेती में आधुनिक तकनीक और यंत्रीकरण से किसानों की लागत और श्रम कम करने के साथ उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिल रही है।</p>
<p><strong>ड्रोन दीदी चंद्रकली की सफलता को मुख्यमंत्री ने सराहा</strong></p>
<p>कृषि विभाग के स्टॉल पर मुख्यमंत्री ने ड्रोन दीदी श्रीमती चंद्रकली वर्मा से आत्मीय संवाद किया। श्रीमती वर्मा ने बताया कि वे ड्रोन के माध्यम से खेतों में नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और कीटनाशकों का छिड़काव करती हैं तथा प्रति एकड़ 300 रुपए पारिश्रमिक प्राप्त करती हैं। वे अब तक ढाई हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र में ड्रोन से छिड़काव कर चुकी हैं और पिछले दो वर्षों में लगभग 7 लाख रुपए की आय अर्जित की है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने उनकी उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि कृषि में तकनीक का उपयोग महिलाओं के लिए भी आय और आत्मनिर्भरता के नए अवसर पैदा कर रहा है। ड्रोन दीदियां आधुनिक कृषि और महिला सशक्तीकरण की एक प्रेरक कड़ी बन रही हैं।</p>
<p>नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के स्टॉल पर मुख्यमंत्री ने किसानों को अरहर और उड़द दाल के मिनी किट वितरित किए। उन्होंने कृषि मित्रों द्वारा तैयार ब्रह्मास्त्र, नीमास्त्र और मधुमक्खी के मोम से बने लिप बाम जैसे उत्पादों के बारे में जानकारी ली। उद्यानिकी विभाग के स्टॉल पर किसान रामविशाल निषाद ने मुख्यमंत्री को नीम का पौधा भेंट किया।</p>
<p><strong>गेड़ी, बिल्लस, गोटी और बाटी ने ताजा की गांव की यादें</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री निवास को हरेली के अनुरूप नीम और आम के पत्तों, गेंदे के फूलों और पारंपरिक ग्रामीण अलंकरण से सजाया गया था। परिसर में कदम रखते ही छत्तीसगढ़ के गांवों और मेलों जैसा वातावरण महसूस हो रहा था। हरियाली और लोक सज्जा के बीच गेड़ी, बिल्लस, गोटी और बाटी जैसे पारंपरिक खेल विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।</p>
<p>गेड़ी पर चढ़े कलाकारों और प्रतिभागियों ने हरेली की पहचान को जीवंत किया, वहीं ग्रामीण खेलों ने बच्चों और युवाओं को अपनी परंपरागत खेल संस्कृति से परिचित कराया। रहचुली ने भी लोगों को खूब आकर्षित किया और पूरे आयोजन में गांव के मेले जैसा आनंद <strong>घोल दिया।</strong></p>
<p><strong>लोकधुनों पर कलाकारों के साथ झूमे मुख्यमंत्री साय</strong></p>
<p>मांदर, ढोलक और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप के बीच लोक कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी गीत और नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। हरेली के उल्लास में मुख्यमंत्री साय भी कलाकारों के बीच पहुंचे और उनके साथ पारंपरिक लोकधुनों पर झूमे। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर कलाकारों का उत्साह दोगुना हो गया।</p>
<p>ठेठरी, खुरमी, बड़ा सहित विभिन्न छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के स्टॉलों ने आयोजन में पारंपरिक खानपान का रंग भरा। मुख्यमंत्री ने स्टॉलों का अवलोकन करते हुए नागरिकों और कलाकारों से संवाद किया तथा हरेली की खुशियां साझा कीं।</p>
<p><strong>किसान की खुशहाली से ही छत्तीसगढ़ की समृद्धि : डॉ. रमन सिंह</strong></p>
<p>विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की कृषि परंपरा, संस्कृति और प्रकृति से जुड़ा महत्वपूर्ण लोक पर्व है। कृषि औजारों, गौमाता और प्रकृति की पूजा हमारी कृतज्ञता की संस्कृति को अभिव्यक्त करती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर काम किया जा रहा है। किसानों को 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान का मूल्य मिल रहा है और महतारी वंदन योजना से माताओं-बहनों को आर्थिक संबल प्राप्त हो रहा है। किसान का घर खुशहाल और गांव मजबूत होगा, तभी छत्तीसगढ़ की समृद्धि का मार्ग और प्रशस्त होगा।</p>
<p><strong>किसान समृद्ध होगा तो प्रदेश और देश समृद्ध होंगे : कृषि मंत्री</strong></p>
<p>कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की खेती-किसानी, हरियाली और प्रकृति के प्रति आस्था का महापर्व है। हमारी संस्कृति प्रकृति के संरक्षण, पशुधन के सम्मान और अन्नदाता के श्रम के प्रति आदर का संदेश देती है। हरेली अपनी परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और खेती को अधिक समृद्ध बनाने का संकल्प लेने का अवसर है। किसान समृद्ध होगा तो प्रदेश और देश दोनों समृद्ध होंगे।</p>
<p>मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की लोक अस्मिता और हमारी जड़ों का उत्सव है। आधुनिक विकास की तेज यात्रा के बीच अपनी संस्कृति, परंपरागत ज्ञान, ग्रामीण खेल, लोककला और खानपान को सहेजकर रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बाबा भोलेनाथ, गौमाता और प्रकृति से प्रदेश पर कृपा बनाए रखने की प्रार्थना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के खेत लहलहाएं, किसानों के घर खुशहाली आए और प्रदेश निरंतर समृद्धि के पथ पर आगे बढ़े।</p>
<p>इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायकगण, विभिन्न निगम-मंडल एवं आयोगों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी, प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए किसान तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>बिलासपुर में रिपोर्ट दर्ज नहीं करने पर बड़ा एक्शन, तारबाहर TI रविंद्र अनंत लाइन अटैच</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर. दो दिन पहले पुराना बस स्टैण्ड की चखना दुकान के कर्मचारी के साथ युवकों ने जमकर मारपीट की. पीड़ित रिपोर्ट लिखाने थाने गया तो उसकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई. उसके बाद पीड़ित युवक लापता हो गया है. एसएसपी ने रिपोर्ट नहीं लिखने पर तारबाहर टीआई को लाइन अटैच कर दिया है. 9 अगस्त को … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 17:45:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>बिलासपुर.</strong></p>
<p>दो दिन पहले पुराना बस स्टैण्ड की चखना दुकान के कर्मचारी के साथ युवकों ने जमकर मारपीट की. पीड़ित रिपोर्ट लिखाने थाने गया तो उसकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई. उसके बाद पीड़ित युवक लापता हो गया है. एसएसपी ने रिपोर्ट नहीं लिखने पर तारबाहर टीआई को लाइन अटैच कर दिया है.</p>
<p>9 अगस्त को पुराना बस स्टैण्ड स्थित चखना सेंटर के कर्मचारी निराला नगर निवासी वासु केशरवानी के साथ चार युवकों ने जमकर मारपीट की थी. पीड़ित युवक घटना की रिपोर्ट लिखाने तारबाहर थाने गया तो उसकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई. थाने से बाहर निकलने के बाद पीड़ित युवक रहस्यमय ढंग से लापता हो गया था. रात भर घर नहीं लौटने पर परिजन ने चखना सेंटर में पतासाजी की तो जानकारी मिली उसके साथ मारपीट की गई और थाने में उसकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई. 10 अगस्त को परिजन ने थाने में जाकर पीड़ित युवक के लापता होने की सूचना दी. जिससे थाने में हड़कंप मच गया.</p>
<p>आनन फानन में पीड़ित युवक के लापता होने का गुम इंसान कायम किया गया और उसके साथ हुई मारपीट के मामले में हमलावरों के खिलाफ जुर्म दर्ज किया गया. दूसरे दिन भी पीड़ित युवक के पता नहीं चलने पर परिजन ने घटना की शिकायत एसएसपी रजनेश सिंह से की. एसएसपी सिंह ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए त्वरित एफआईआर नहीं करने पर तारबाहर टीआई रविन्द्र अनंत को लाइन अटैच कर दिया. वहीं 11 अगस्त को पुलिस ने पीड़ित युवक से मारपीट करने वाले रमजान जली तालापारा, प्रिंस रजक टिकरापारा निवासी को गिरफ्तार कर लिया है. अन्य दो हमलावर नहीं पकड़े गए हैं.</p>]]> </content:encoded>
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<title>आज साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, आसमान में दिखेगा अद्भुत नजारा; जानें कहां&#45;कहां दिखेगा</title>
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<description><![CDATA[ आज 12 अगस्त 2026 को भारतीय समय के अनुसार, यह ग्रहण (Surya Grahan time) रात 09 बजकर 04 मिनट पर शुरू होगा और 13 अगस्त की देर रात 01 बजकर 27 मिनट पर समाप्त होगा। ग्रहण का पीक यानी चरम रात 11 बजकर 16 मिनट पर होगा। जानें आज लगने वाले सूर्य ग्रहण से जुड़ी … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 17:30:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>आज, साल, का, आखिरी, सूर्य, ग्रहण, आसमान, में, दिखेगा, अद्भुत, नजारा, जानें, कहां-कहां, दिखेगा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>आज 12 अगस्त 2026 को भारतीय समय के अनुसार, यह ग्रहण (Surya Grahan time) रात 09 बजकर 04 मिनट पर शुरू होगा और 13 अगस्त की देर रात 01 बजकर 27 मिनट पर समाप्त होगा। ग्रहण का पीक यानी चरम रात 11 बजकर 16 मिनट पर होगा। जानें आज लगने वाले सूर्य ग्रहण से जुड़ी सभी जरूरी बातें। श्रावण कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि पर साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। जानें आज लगने वाले सूर्य ग्रहण से जुड़ी सभी जरूरी बातें। यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण है जो कि कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में लगेगा। पंडित नरेंद्र उपाध्याय बताते हैं कि सूर्य ग्रहण एक नकारात्मक घटना होती है जिसका देश-दुनिया के साथ राशियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव ही पड़ता है। हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में ग्रहण शुभ भी होता है। सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या तिथि पर ही लगता है। यह ग्रहण सावन अमावस्या पर लग रहा है, जिसे हरियाली अमावस्या भी कहा जाता है। सावन अमावस्या तिथि पर शिव उपासना के साथ स्नान, दान और पितरों के तर्पण का विशेष महत्व होता है।</p>
<p><strong>जानें कब कुंडली में 'विजय योग' बनाते हैं राहु-सूर्य</strong></p>
<p>सूर्य और राहु की युति से बनने वाले ग्रहण योग का नाम सुनते ही आमतौर पर लोग भयभीत हो जाते हैं. इसे अक्सर नकारात्मक प्रभाव देने वाला योग माना जाता है. लेकिन इसका फल पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि यह युति किस भाव और किस राशि में बन रही है. कई स्थितियों में यही ग्रहण योग राजयोग की तरह सकारात्मक परिणाम भी देता है. छठा भाव भी ऐसी ही विशेष स्थिति वाला भाव माना जाता है। </p>
<p>छठा भाव शत्रु, रोग, ऋण और प्रतियोगिता का कारक भाव होता है. जब इस भाव में सूर्य और राहु की युति से ग्रहण योग बनता है तो प्रारंभिक स्तर पर कुछ चुनौतियां जरूर सामने आती हैं. व्यक्ति को अपने कार्यक्षेत्र में विरोध, बाधाएं और सहयोगियों से मतभेद का सामना करना पड़ सकता है. साथ ही, पिता के साथ विचारों में टकराव की स्थिति भी बन सकती है. लेकिन इन सबके बावजूद यह योग व्यक्ति को अंदर से मजबूत और संघर्षशील बनाता है। </p>
<p><strong>ग्रहण योग कब बनाता है विजय योग?</strong><br>
छठे भाव में बनने वाला यह ग्रहण योग व्यक्ति को अपने शत्रुओं पर विजय दिलाने की क्षमता देता है. विरोधी चाहे कितने भी मजबूत क्यों न हों, वे लंबे समय तक टिक नहीं पाते हैं. कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में भी ऐसे व्यक्ति को सफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है. यही कारण है कि इस योग को कई मामलों में ‘विजय योग’ के रूप में भी देखा जाता है। </p>
<p><strong>आज सूर्य ग्रहण के बाद मेष राशि वाले क्या उपाय करें?</strong><br>
 मेष राशि वालों के लिए ग्रहण के परिणाम अच्छे नहीं है। इस समय आपको पारिवारिक और आर्थिक परेशानियां परेशान कर सकती हैं। पैसों का नुकसान हो सकता है। मेष राशि वालों को इस समय वाहन प्रयोग में सावधानी बरतनी चाहिए। चोट-चपेट से बचाव करें। इस दौरान अपनी योजनाओं को गोपनीय रखें, वरना बना हुआ काम टल सकता है। ग्रहण के खराब प्रभाव से बचने के लिए सूर्य ग्रहण खत्म होने के बाद गुड़ का दान करना अच्छा रहेगा।</p>
<p>विशेष रूप से यदि ऐसा व्यक्ति वकालत या कानून से जुड़े क्षेत्र में हो तो उसे इस योग का विशेष लाभ मिलता है. उसकी तार्किक क्षमता, आत्मविश्वास और विरोधियों को परास्त करने की योग्यता उसे सफल बनाती है. कार्यस्थल पर भी भले ही कुछ लोग बाधाएं उत्पन्न करें, <strong>लेकिन व्यक्ति का प्रभाव और दबदबा बना रहता है, जिससे अंततः सफलता उसी के हिस्से में आती है। </strong></p>
<p><strong>तुला राशि में ग्रहण योग देता है लाभ</strong><br>
यदि यह ग्रहण योग सूर्य की नीच राशि तुला में बनता है तो इसके परिणाम और भी रोचक हो जाते हैं. इस स्थिति में सूर्य चौथे भाव का स्वामी होकर छठे भाव में स्थित होता है. ज्योतिष में छठे भाव में नीच ग्रह का होना कई बार शुभ फलदायी माना जाता है, क्योंकि यह नकारात्मकताओं को नियंत्रित करने की क्षमता देता है. ऐसे में व्यक्ति को संपत्ति, वाहन और भौतिक सुख-सुविधाओं का लाभ मिल सकता है। </p>
<p>हालांकि ऐसे व्यक्तियों को अपने स्वभाव में संतुलन बनाए रखना चाहिए. विशेष रूप से बड़बोलापन और अहंकार से बचना जरूरी है, क्योंकि यह उनके संबंधों और छवि को नुकसान पहुंचा सकता है. संयमित व्यवहार और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने से इस योग के अच्छे परिणाम और भी बढ़ सकते हैं. छठे भाव में सूर्य-राहु का ग्रहण योग केवल भय का कारण नहीं होती, बल्कि सही समझ और दृष्टिकोण के साथ वही स्थिति सफलता और विजय का मार्ग भी प्रशस्त कर सकती है। </p>
<p><strong> सूर्य ग्रहण का देश-दुनिया पर प्रभाव</strong><br>
सूर्य ग्रहण कर्क राशि में लग रहा है। यह जल तत्व की राशि है। इस राशि में ग्रहण लगने के कारण जल से जुड़ी प्राकृतिक घटनाओं का प्रभाव देखने को मिल सकता है। इसके अलावा भूकंप जैसी घटनाओं की भी आशंका जताई गई है। ग्रहण का असर राजनीति या सत्ता पर भी देखने को मिल सकता है।</p>
<p><strong> सूर्य ग्रहण के सूर्य बदलेंगे राशि</strong><br>
सूर्य ग्रहण के कुछ दिन सूर्य अपनी राशि बदलेंगे। 17 अगस्त 2026 को सूर्य सिंह राशि में गोचर करेंगे। सिंह राशि में सूर्य आने का प्रभाव देश-दुनिया के साथ मानव जीवन पर पड़ेगा। सूर्य ग्रहण के बाद सूर्य गोचर से सिंह, कुंभ और कन्या राशि वालों को अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे।</p>
<p><strong> यहां 64 साल बाद दिखेगा ऐसा दुर्लभ सूर्य ग्रहण</strong><br>
1999 से 27 वर्ष बाद 12 अगस्त 2026 को यूरोप की मुख्य भूमि पर पूर्ण सूर्य ग्रहण लगने वाला है। अब 64 वर्ष बाद 23 सितंबर 2090 को पूर्ण सूर्य ग्रहण का नजारा यूनाइटेड किंगडम और यूरोप के लोग देख पाएंगे। सूर्य ग्रहण के दौरान कुछ समय के लिए चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है। सूर्य का एक हिस्सा पूरी तरह से ढक जाता है और आसमान में इस समय अनोखा नजारा देखने को मिलता है।</p>
<p><strong> सूर्य ग्रहण को खुली आंखों से देखा जा सकता है या नहीं?</strong><br>
खगोलीय वैज्ञानिकों के अनुसार, सूर्य ग्रहण को खुली आंखों से नहीं देखना चाहिए। ग्रहण के समय निकलने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणें आंखों की रोशनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं।</p>
<p><strong> सूर्य ग्रहण कब होगा पीक पर</strong><br>
आज रात 11 बजकर 16 मिनट पर सूर्य अपने पीक पर होगा। आसमान में पूर्ण सूर्य ग्रहण की घटना रात 10 बजकर 29 मिनट पर होगी। इस समय चंद्रमा सूर्य का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा ढक लेगा। हालांकि भारत में इस समय रात होने के कारण लोग यह अद्भुत नजारा नहीं देख पाएंगे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वतंत्रता दिवस पर भोपाल में करेंगे ध्वजारोहण</title>
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<description><![CDATA[ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वतंत्रता दिवस पर भोपाल में करेंगे ध्वजारोहण स्वतंत्रता दिवस पर पंचायतों से जिलों तक में होंगे गरिमामय आयोजन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राजधानी भोपाल के लाल परेड ग्राउण्ड पर 15 अगस्त 2026 को होने वाले स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे और प्रदेश … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 17:15:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>मुख्यमंत्री, डॉ., मोहन, यादव, स्वतंत्रता, दिवस, पर, भोपाल, में, करेंगे, ध्वजारोहण</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वतंत्रता दिवस पर भोपाल में करेंगे ध्वजारोहण</strong></p>
<p><strong>स्वतंत्रता दिवस पर पंचायतों से जिलों तक में होंगे गरिमामय आयोजन</strong></p>
<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राजधानी भोपाल के लाल परेड ग्राउण्ड पर 15 अगस्त 2026 को होने वाले स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे और प्रदेश की जनता को संबोधित करेंगे। पुलिस, एस.ए.एफ., सी.आई.एस.एफ., जेल गार्ड, होम गार्ड, एन.सी.सी. एवं स्काउट गाइड्स की संयुक्त परेड आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री डाँ. यादव को संयुक्त परेड द्वारा "गार्ड ऑफ ऑनर" दिया जाएगा। मुख्य समारोह के पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा शौर्य स्मारक में शहीदों को श्रद्धाजंलि दी जायेगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य स्तर के साथ ही जिला, जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर स्वतंत्रता दिवस समारोह को गरिमामय रूप से आयोजित करने के लिए परिपत्र जारी किया है।</p>
<p><strong>स्वतंत्रता दिवस पर कार्यक्रमों की रूपरेखा</strong></p>
<p>स्वतंत्रता दिवस पर 15 अगस्त को राज्य स्तर, जिला, जनपद पंचायत, ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर कार्यक्रम होंगे। जिला स्तर पर कार्यक्रम का आयोजन प्रातः 9:00 बजे से किया जाएगा, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष/ मंत्रीगण और कलेक्टर द्वारा ध्वजारोहण पश्चात राष्ट्रगान का गायन किया जाएगा एवं परेड की सलामी ली जाएगी। मुख्यमंत्री डाँ.यादव द्वारा स्वतंत्रता दिवस संदेश का वाचन प्रातः 9:25 से 9:55 बजे तक किया जाएगा, जिसका सीधा प्रसारण राज्य स्तरीय मुख्य समारोह, भोपाल से जिला स्तर पर किया जाएगा। जिला स्तरीय समारोह में विधानसभा अध्यक्ष / मंत्रीगण और कलेक्टर द्वारा संक्षिप्त लिखित बधाई संदेश का वाचन किया जाएगा। कार्यक्रम में राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा <strong>सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।</strong></p>
<p>जनपद पंचायत मुख्यालय में जनपद अध्यक्ष द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा तथा समारोह में सामूहिक राष्ट्रगान गाया जाएगा। ऐसी नगर पालिका/नगर परिषद जिनका मुख्यालय ब्लाक मुख्यालय पर नहीं है, उनमें अध्यक्ष, नगर पालिका/नगर परिषद द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा और समारोह में राष्ट्रगान गाया जाएगा। साथ ही पंचायत मुख्यालय में सरपंच द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा और समारोह में राष्ट्रगान गाया जाएगा।</p>
<p>जिले से संबंधित सभी संसद सदस्य , विधायक गण, महापौर, पार्षद एवं अन्य गणमान्य नागरिकों को सम्मान पूर्वक स्वतंत्रता दिवस समारोह में आमंत्रित किया जाएगा। सभी शासकीय कार्यालयों/शिक्षण संस्थाओं में पूर्व वर्ष अनुसार प्रातः 8:00 बजे या उसके पूर्व ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। बाद में सांस्कृतिक/साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सभी शिक्षण संस्थाओं में मौसम का ध्यान रखते हुए प्रभातफेरी का आयोजन किए जाने के लिए कहा गया है।</p>
<p><strong>विभिन्न सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम</strong></p>
<p>स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कॉलेज/स्कूल में खेल कूद, अन्य प्रकार के कौशलों का प्रदर्शन अन्तर्विद्यालय, अन्तर महाविद्यालय स्तर पर वाद विवाद प्रतियोगिताएं, 15 अगस्त के महत्व पर चुने हुए छात्र-छात्राओं द्वारा वार्ता, राष्ट्रीय एकता, लघु बचत, जनसंख्या स्थिरीकरण, स्वच्छता अभियान एवं पुरस्कारों/ प्रमाण पत्रों / मेडल आदि जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वृक्षारोपण का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम को प्रभावी रूप से सम्पन्न कराने में वन विभाग का आवश्यक सहयोग प्राप्त किया जाएगा। स्कूल/कालेजों में जिला/संभाग एवं राज्य स्तर पर राष्ट्रीय एकता के समूह गान आयोजित किये जायेंगे। जिला मुख्यालयों पर स्वतंत्रता दौड का आयोजन किया जाएगा।</p>
<p>विभिन्न समारोहों में ध्वनि विस्तार यंत्र (लाउड स्पीकर) का उपयोग किया जायेगा और उस पर देशभक्ति से प्रेरित गीत का प्रसारण किया जाएगा। विभिन्न समाचार पत्रों में स्वतंत्रता दिवस पर जारी किए जाने वाले विज्ञापनों को स्वतंत्रता संग्राम के संदेशों पर केन्द्रित किया जाएगा एवं विज्ञापनों को इस प्रकार नियोजित किया जाएगा कि 15 अगस्त 2026 को प्रदेश के समाचार पत्रों में शहीदों तथा विशेष रूप से मध्यप्रदेश के शहीदों के सम्बन्ध में संदेश प्रसारित हो। कार्यक्रमों में प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाएगी।</p>
<p><strong>शासकीय भवनों एवं इमारतों में की जायेगी प्रकाश की व्यवस्था</strong></p>
<p><strong>स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर प्रदेश में स्थित समस्त शासकीय भवनों एवं राष्ट्रीय महत्व की इमारतों पर 14 एवं 15 अगस्त 2026 की रात में प्रकाश की व्यवस्था की जाएगी।</strong></p>
<p><strong>शहीद हुए सैनिकों के परिवारों को किया जायेगा आमंत्रित</strong></p>
<p>सामान्य प्रशासन विभाग ने निर्देश दिए हैं कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, कारगिल में शहीद हुए सैनिकों के परिवारों एवं प्रदेश के लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान पूर्वक आमंत्रित किया जाए एवं वृद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को जिला कलेक्टर अथवा उनके द्वारा नामित प्रतिनिधि घर जाकर शाल, श्रीफल से सम्मानित करेगें।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>RNTU का मेगा जॉब फेयर संपन्न, 25+ कंपनियों ने दिए रोजगार&#45;इंटर्नशिप के मौके; 700 से ज्यादा विद्यार्थी शामिल</title>
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<description><![CDATA[ आरएनटीयू का दो दिवसीय मेगा ओपन जॉब एवं इंटर्नशिप फेयर संपन्न, 25 से अधिक कंपनियों ने दिए रोजगार और इंटर्नशिप के मौके, 700 से अधिक विद्यार्थी हुए शामिल रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में दो दिन चला मेगा ओपन जॉब एवं इंटर्नशिप फेयर, 700 से अधिक विद्यार्थियों को मिला करियर संवारने का मौका, 25 से अधिक कंपनियों … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 17:15:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आरएनटीयू का दो दिवसीय मेगा ओपन जॉब एवं इंटर्नशिप फेयर संपन्न, 25 से अधिक कंपनियों ने दिए रोजगार और इंटर्नशिप के मौके, 700 से अधिक विद्यार्थी हुए शामिल</strong></p>
<p><strong>रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में दो दिन चला मेगा ओपन जॉब एवं इंटर्नशिप फेयर, 700 से अधिक विद्यार्थियों को मिला करियर संवारने का मौका, 25 से अधिक कंपनियों ने दिए रोजगार और इंटर्नशिप के अवसर</strong></p>
<p><strong>भोपाल</strong><br>
 रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय (आरएनटीयू) में 7 और 8 अगस्त 2026 को आयोजित दो दिवसीय “मेगा ओपन जॉब एवं इंटर्नशिप फेयर” सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस आयोजन में विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसमें 25 से अधिक कंपनियां शामिल हुईं। जॉब फेयर में विद्यार्थियों को इंटर्नशिप और फुल-टाइम जॉब के अवसर प्रदान किए  गए। अभ्यर्थियों को उनकी करियर लक्ष्यों के अनुरूप रोजगार का मौका मिला।</p>
<p>फेयर में विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों की प्रमुख कंपनियां शामिल रहीं, जिनमें वर्धमान यार्न्स, पैन हेल्थ, परमेली वॉलेस, नेटलिंक, एसजीएस कंसल्टिंग सहित अन्य कंपनियां प्रमुख रहीं। कंपनियों के प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों से संवाद किया। साथ ही विभिन्न पदों और इंटर्नशिप अवसरों के लिए कैंडिडेट्स का चयन किया गया। </p>
<p>दो दिनों तक चले इस मेगा फेयर में 700 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न कंपनियों में इंटर्नशिप और रोजगार के अवसरों के लिए आवेदन किया। युवाओं ने उद्योग जगत की आवश्यकताओं और उपलब्ध करियर अवसरों की जानकारी भी प्राप्त की। </p>
<p>विद्यार्थियों ने विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों से सीधे बातचीत की। इससे उन्हें अपनी योग्यता, रुचि और करियर लक्ष्यों के अनुरूप अवसरों को जानने का मौका मिला। तकनीकी, प्रबंधन, स्वास्थ्य, आईटी तथा औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी कंपनियों की मौजूदगी ने प्रतिभागियों को रोजगार के कई विकल्प उपलब्ध कराए।</p>
<p>इस मौके पर विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार डॉ. संगीता जौहरी ने बताया कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को उद्योगों से जोड़ने और उन्हें व्यावहारिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आरएनटीयू लंबे समय से कौशल विकास, उद्योग-अकादमिक सहयोग और रोजगारोन्मुख गतिविधियों को प्रोत्साहित करता रहा है। मेगा ओपन जॉब एवं इंटर्नशिप फेयर के माध्यम से विद्यार्थियों को वास्तविक कार्यक्षेत्र की अपेक्षाओं को समझने और अपने भविष्य की बेहतर योजना बनाने का अवसर मिला।</p>
<p>आपको बता दें कि दो दिवसीय मेगा ओपन जॉब एवं इंटर्नशिप फेयर विद्यार्थियों के लिए करियर उन्मुख मंच के रूप में सफल रहा। विश्वविद्यालय ने इसे युवाओं और उद्योगों के बीच प्रभावी संवाद स्थापित करने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया, जिससे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के नए अवसर प्राप्त हुए। वहीं विद्यार्थियों ने भी इस अवसर के लिए विश्वविद्यालय का आभार जताया।</p>]]> </content:encoded>
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<title>प्रोजेक्ट गजलोक में खुलासा—करोड़ों वर्ष पुरानी है प्रदेश की गज विरासत</title>
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<description><![CDATA[ विश्व एलीफेंट दिवस प्रोजेक्ट गजलोक में खुलासा—करोड़ों वर्ष पुरानी है प्रदेश की गज विरासत शैल चित्रों में सहेजी गई प्रदेश की गज परंपरा विश्व एलीफेंट दिवस पर राज्य पुरातत्व संग्रहालय परिसर में आयोजित हुआ कार्यक्रम भोपाल करोड़ों वर्ष पहले जीवाश्म, जो हमारे संग्रहालयों में भी रखे हुए है, यह दर्शाते हैं कि मध्यप्रदेश विश्व के … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 17:15:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>प्रोजेक्ट, गजलोक, में, खुलासा—करोड़ों, वर्ष, पुरानी, है, प्रदेश, की, गज, विरासत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>विश्व एलीफेंट दिवस<br>
प्रोजेक्ट गजलोक में खुलासा—करोड़ों वर्ष पुरानी है प्रदेश की गज विरासत</strong></p>
<p><strong>शैल चित्रों में सहेजी गई प्रदेश की गज परंपरा<br>
विश्व एलीफेंट दिवस पर राज्य पुरातत्व संग्रहालय परिसर में आयोजित हुआ कार्यक्रम</strong></p>
<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>करोड़ों वर्ष पहले जीवाश्म, जो हमारे संग्रहालयों में भी रखे हुए है, यह दर्शाते हैं कि मध्यप्रदेश विश्व के प्राचीनतम हाथी क्षेत्रों में से एक रहा है। भारत में एशियाई हाथियों की वैश्विक संख्या की 60 प्रतिशत आबादी पाई जाती है। इस दृष्टि से अंतर्राष्ट्रीय परिपेक्ष्य में हाथी संरक्षण में मध्यप्रदेश का अति महत्वपूर्ण स्थान है। विश्व एलीफेंट दिवस पर राज्य पुरातत्व संग्रहालय परिसर भोपाल में इंटेक भोपाल चैप्टर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में यह जानकारी दी गई।</p>
<p>पद्मडॉ. नारायण व्यास ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश के परिप्रेक्ष्य में आदिकाल से हाथियों का विशिष्ट स्थान रहा है। हमारी कला, संस्कृति तथा साहित्य में निरंतरता से उनका वर्णन हुआ है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के शैलचित्रों में हाथियों का चित्रण हजारों वर्ष से होना इस बात का प्रतीक है कि ये हमारी सामाजिक संरचना के साथ बहुत ही गहराई से जुड़े हुए हैं।</p>
<p>इंटेक, भोपाल चेप्टर कन्वीनर मदन मोहन उपाध्याय ने बताया कि प्रोजेक्ट गजलोक का मध्यप्रदेश में विशेष महत्व है, और पिछले एक वर्ष से इंटेक, प्रदेश के सभी क्षेत्रों में हाथी से जुड़ी गाथाओं उनकी युद्ध में भूमिका, कला तथा संस्कृति में और लोकगाथाओं में उनके चित्रण का डॉक्यूमेंटेशन कर रहे है। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट को संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा सहयोग प्रदान किया जा रहा है, हम संस्थागत पार्टनर के रूप में भूमिका निभा रहे है।</p>
<p>कार्यक्रम में पद्मडॉ. व्यास द्वारा "गजलोक-वाइल्ड-सेक्रेड-ईटरनल" फिल्म का विमोचन किया। इस डॉक्यूमेंट्री फिल्म के माध्यम से बेहतर जनजागृति लाने का प्रयास किया गया है। फिल्म में भारतीय हाथियों के सामान्य विचरण के बारे में बताया गया है। केरल और दक्षिण भारत के मंदिरों में हाथियों का विशेष स्थान जगजाहिर है। मध्यप्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के गौतम हाथी का विशेष स्थान है। गढ़ा मंडला, गिन्नौरगढ़ के गौंड साम्राज्य में भी हाथी राजकीय चिन्ह का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। धार राज्य की मुद्रा पर भी हाथी का निशान विद्यमान था। इसी प्रकार साँची के विश्व प्रसिद्ध यूनेस्कों स्मारक में जितना सुंदर चित्रण हाथियों का किया गया है, उतना शायद ही विश्व में किसी दूसरे स्थान पर देखने को मिले। गजलक्ष्मी के रूप में गज का चित्रण भी आता है। गणेश जी तो हमारे आराध्य देव अंनतकाल से हैं।</p>
<p>इंटेक भोपाल ने आग्रह किया है कि हाथियों से संबंधित जो भी कथा, कहानी या जानकारी विद्यमान हो उसे साझा किया जाये, जिससे उसे राष्ट्रीय अभिलेख में समाहित किया जा सके। कार्यक्रम में वन्यप्रेमी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>उज्जैन के बड़े गणेश मंदिर में अनोखा स्वाधीनता दिवस, सवा लाख दूर्वा&#45;पुष्प और तिरंगे का हुआ पूजन</title>
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<description><![CDATA[  उज्जैन  धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध उज्जैन में मंगलवार को स्वतंत्रता दिवस का अनूठा आयोजन देखने को मिला। महाकाल मंदिर के समीप स्थित प्राचीन बड़े गणेश मंदिर में श्रावण कृष्ण चतुर्दशी के अवसर पर तिथि के अनुसार स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। भगवान गणपति की विशेष पूजा-अर्चना के बाद मंदिर परिसर से तिरंगा यात्रा … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 17:15:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>उज्जैन, के, बड़े, गणेश, मंदिर, में, अनोखा, स्वाधीनता, दिवस, सवा, लाख, दूर्वा-पुष्प, और, तिरंगे, का, हुआ, पूजन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> उज्जैन<br>
 धार्मिक और सां</strong>स्कृतिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध उज्जैन में मंगलवार को स्वतंत्रता दिवस का अनूठा आयोजन देखने को मिला। महाकाल मंदिर के समीप स्थित प्राचीन बड़े गणेश मंदिर में श्रावण कृष्ण चतुर्दशी के अवसर पर तिथि के अनुसार स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। भगवान गणपति की विशेष पूजा-अर्चना के बाद मंदिर परिसर से तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस दौरान धर्म और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत संगम नजर आया।</p>
<p>सुबह मंदिर के पुजारियों ने भगवान बड़े गणेश का विशेष अभिषेक और पूजन किया। इसके बाद भगवान को नवीन वस्त्र और आभूषण धारण कराकर आकर्षक शृंगार किया गया। वेदपाठी बटुकों ने गणपति अथर्वशीर्ष का सस्वर पाठ किया। भगवान गणेश को सवा लाख दूर्वा, सवा लाख लाल पुष्प और लड्डुओं का भोग अर्पित किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा।</p>
<p>पूजन के बाद झांझ और डमरू की मंगल ध्वनि के बीच मंदिर परिसर में तिरंगा यात्रा निकाली गई। श्रद्धालुओं और मंदिर से जुड़े लोगों ने देशभक्ति के भाव के साथ इसमें सहभागिता की। इसके बाद दोपहर 12 बजे राष्ट्रीय ध्वज को भगवान गणेश के समक्ष विराजित कर विधि-विधान से उसका पूजन किया गया। देश की रक्षा, सुरक्षा और समृद्धि के लिए विशेष प्रार्थना भी की गई।</p>
<p><strong>गणपति को माना जाता है गणतंत्र का देवता</strong><br>
पंचांगकर्ता एवं ज्योतिषविद आनंद शंकर व्यास के अनुसार बड़े गणेश मंदिर में राष्ट्रीय पर्वों को तिथि के आधार पर मनाने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। भारतीय सनातन परंपरा में पर्व और उत्सव पंचांग की तिथि के अनुसार मनाए जाते हैं। भगवान गणपति को गणतंत्र का देवता माना गया है। इसी मान्यता के चलते स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भगवान गणेश के समक्ष तिरंगा रखकर राष्ट्र की स्वतंत्रता, सुरक्षा और समृद्धि के लिए प्रार्थना की जाती है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि मंदिर में गणतंत्र दिवस भी तिथि के अनुसार मनाया जाता है। 26 जनवरी 1950 को भारत गणतंत्र बना था और उस दिन माघ मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि थी। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए बड़े गणेश मंदिर में राष्ट्रीय पर्वों का आयोजन पंचांग की तिथि के अनुरूप आज भी किया जाता है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>बिलासपुर कलेक्टर सख्त, पाठ्यपुस्तकें नहीं लेने वाले निजी स्कूलों को जारी करें नोटिस</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर. साप्ताहिक टीएल बैठक के दौरान कलेक्टर संजय अग्रवाल ने निजी स्कूलों द्वारा सरकारी पाठ्यपुस्तकों का उठाव नहीं करने पर नाराजगी जताई और संबंधित प्रबंधनों को शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए. कोचिंग संस्थानों की लिस्टिंग और पंजीयन के साथ विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी रखने को कहा गया. स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 16:45:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>बिलासपुर.</strong></p>
<p>साप्ताहिक टीएल बैठक के दौरान कलेक्टर संजय अग्रवाल ने निजी स्कूलों द्वारा सरकारी पाठ्यपुस्तकों का उठाव नहीं करने पर नाराजगी जताई और संबंधित प्रबंधनों को शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए.</p>
<p>कोचिंग संस्थानों की लिस्टिंग और पंजीयन के साथ विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी रखने को कहा गया. स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां 13 अगस्त तक पूरी करने के निर्देश दिए गए. सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के त्वरित निराकरण पर जोर दिया गया. वहीं पीएम सूर्यघर योजना की धीमी प्रगति पर कलेक्टर ने चिंता जताई. बैठक में कृषि आदानों की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई. कलेक्टर ने आज टीएल की बैठक में शिक्षा और शैक्षणिक संस्थानों को लेकर अहम निर्देश दिए. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बिलासपुर में बड़ी संख्या में विद्यार्थी आते हैं. इसे देखते हुए कलेक्टर ने जिला मुख्यालय में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों की लिस्टिंग और पंजीयन कराने के निर्देश दिए.</p>
<p>संस्थानों में विद्यार्थियों की सुरक्षा, आवश्यक सुविधाओं और निर्धारित मानकों के पालन की जानकारी संधारित करने के साथ उनकी कार्यप्रणाली से संबंधित एसओपी की जानकारी सुनिश्चित करने को कहा गया. इसके अलावा बैठक में खाद-बीज की उपलब्धता और वितरण की समीक्षा करते हुए किसानों को समय पर कृषि सामाग्री उपलब्ध कराने तथा उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होने देने के निर्देश भी दिए गए.</p>]]> </content:encoded>
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<title>ग्रीन स्टील एवं माइनिंग समिट में जिंदल स्टील की प्रभावी भागीदारी</title>
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<description><![CDATA[ ग्रीन स्टील एवं माइनिंग समिट में जिंदल स्टील की प्रभावी भागीदारी – सीआईआई के दो दिवसीय समिट में प्राइम स्पॉन्सर के रूप में शामिल हुई कंपनी, ग्रीन स्टील और सस्टेनेबल भविष्य की योजनाओं का प्रदर्शन रायपुर  भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा रायपुर में आयोजित 5वें ग्रीन स्टील एवं माइनिंग समिट में जिंदल स्टील लिमिटेड प्राइम … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 16:45:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>ग्रीन, स्टील, एवं, माइनिंग, समिट, में, जिंदल, स्टील, की, प्रभावी, भागीदारी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>ग्रीन स्टील एवं माइनिंग समिट में जिंदल स्टील की प्रभावी भागीदारी</strong></p>
<p><strong>– सीआईआई के दो दिवसीय समिट में प्राइम स्पॉन्सर के रूप में शामिल हुई कंपनी, ग्रीन स्टील और सस्टेनेबल भविष्य की योजनाओं का प्रदर्शन</strong></p>
<p>
<strong>रायपुर</strong><br>
 भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा रायपुर में आयोजित 5वें ग्रीन स्टील एवं माइनिंग समिट में जिंदल स्टील लिमिटेड प्राइम स्पॉन्सर के रूप में सहभागी है। दो दिवसीय समिट का शुभारंभ आज छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ।</p>
<p>समिट के एग्जीबिशन एरिया में जिंदल स्टील द्वारा स्थापित आकर्षक स्टॉल प्रमुख आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। स्टॉल में जिंदल समूह का परिचय, कंपनी की उत्पादन क्षमताओं, वर्तमान परियोजनाओं तथा भविष्य की विस्तार योजनाओं को प्रदर्शित किया गया है। इसके साथ ही ग्रीन स्टील, ग्रीन एनर्जी तथा कार्बन फुटप्रिंट को कम करने की दिशा में कंपनी की भावी योजनाओं और पहलों को भी विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है। जिंदल स्टील के विभिन्न उत्पादों का प्रदर्शन भी स्टॉल पर किया गया है, जिसे आगंतुकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों द्वारा सराहा जा रहा है। सेल्स एवं मार्केटिंग टीम के सदस्य आगंतुकों को उत्पादों की विशेषताओं एवं उपयोग से संबंधित जानकारी दे रहे हैं।</p>
<p>जिंदल स्टील के बिजनेस हेड-रायपुर निलेश शाह एवं हेड-कॉरपोरेट अफेयर्स, रायपुर एस.एस. बजाज ने स्टॉल पर उपमुख्यमंत्री, उद्योग मंत्री सहित अन्य गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया और कंपनी की वर्तमान परियोजनाओं एवं भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। अतिथियों ने राज्य के औद्योगिक एवं समग्र विकास में जिंदल स्टील के योगदान की सराहना की। इसके अतिरिक्त, प्रदर्शनी क्षेत्र के बाहर जिंदल स्टील लिमिटेड के मशीनरी डिवीजन, रायपुर के उत्पादों का एक अलग स्टॉल भी लगाया गया है, जो आगंतुकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।</p>
<p>
<strong>पैनल एवं तकनीकी सत्र में जिंदल स्टील की सक्रिय भागीदारी</strong></p>
<p>समिट के दौरान जिंदल स्टील लिमिटेड की ओर से नवीन अहलावत ने वर्ष 2047 के लिए इस्पात उद्योग जगत की तैयारी विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में सहभागिता की। उन्होंने जिंदल स्टील द्वारा अपनाई जा रही उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों, हरित एवं सतत विनिर्माण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों तथा समूह की भविष्य की योजनाओं को साझा किया। उन्होंने भारत के इस्पात क्षेत्र को भविष्य के लिए तैयार करने में तकनीक, नवाचार, ऊर्जा दक्षता और पर्यावरणीय स्थिरता की महत्वपूर्ण भूमिका पर अपने विचार रखे। उनके विचारों और कंपनी की भावी योजनाओं ने उपस्थित उद्योग प्रतिनिधियों एवं श्रोताओं को प्रेरित किया।</p>
<p>वहीं, निलेश शाह, बिजनेस हेड–रायपुर, जिंदल स्टील लिमिटेड ने ‘ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग इन हेवी इक्विपमेंट’ विषय पर आयोजित तकनीकी सत्र में भाग लिया। उन्होंने हरित विनिर्माण, ऊर्जा दक्षता एवं पर्यावरण-अनुकूल औद्योगिक प्रक्रियाओं से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं तथा जिंदल स्टील के अनुभवों को साझा किया। उनके संबोधन को सत्र में उपस्थित उद्योग विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों ने सराहा और इसकी प्रशंसा की।</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>पन्ना की खदान में चमका 16.96 कैरेट का हीरा, बारिश के पानी में मिला ₹50 लाख का जेम क्वालिटी डायमंड</title>
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<description><![CDATA[ पन्ना न्ना जिले की एक खदान में 16.96 कैरेट का जेम क्वालिटी हीरा मिला है। एक्सपर्ट्स ने इसकी अनुमानित कीमत 50 लाख रुपए से ज्यादा बताई है। हीरे को सरकारी दफ्तर में जमा करा दिया गया है। इसे अगली नीलामी में रखा जाएगा। खदान में 7 साझेदार- अखिलेश पाल, संतोष कुशवाहा, शर्मन पाल, अरुण रावत, हेमचंद्र … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 16:15:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>पन्ना, की, खदान, में, चमका, 16.96, कैरेट, का, हीरा, बारिश, के, पानी, में, मिला, ₹50, लाख, का, जेम, क्वालिटी, डायमंड</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पन्ना</strong></p>
<p>न्ना जिले की एक खदान में 16.96 कैरेट का जेम क्वालिटी हीरा मिला है। एक्सपर्ट्स ने इसकी अनुमानित कीमत 50 लाख रुपए से ज्यादा बताई है। हीरे को सरकारी दफ्तर में जमा करा दिया गया है। इसे अगली नीलामी में रखा जाएगा। खदान में 7 साझेदार- अखिलेश पाल, संतोष कुशवाहा, शर्मन पाल, अरुण रावत, हेमचंद्र पाल, जमुना पाल और हीरालाल कुशवाहा हैं। अखिलेश ने करीब दो साल पहले अपने खेत में हीरा खदान के लिए पट्टा लिया था। मंगलवार को बारिश के बाद खदान से निकले मलबे का जायजा लेने पहुंचे तो मिट्टी के ढेर में पानी से धुलकर चमकता हीरा दिखा। 2026 में अब तक पन्ना के शासकीय हीरा कार्यालय में 14 हीरे जमा किए जा चुके हैं। इनका कुल वजन 61.94 कैरेट है।</p>
<p><strong>शादी और मकान पर खर्च करेंगे रकम</strong><br>
खदान के सभी सात साझेदार मजदूरी और खेती का काम करते हैं। उन्होंने साल 2024 में पट्टा बनवाकर निजी खेत में खदान शुरू की थी, उस समय कोई हीरा नहीं निकला। इसके बाद इसी साल दोबारा पट्टा बनवाया था।</p>
<p>संतोष कुशवाहा, शर्मन पाल और अरुण रावत ने आर्थिक अभाव के कारण अब तक शादी नहीं की है। हीरे की नीलामी से मिलने वाले रुपयों का एक हिस्सा उनकी शादी में खर्च किया जाएगा। दूसरे साझेदारों ने बच्चों की पढ़ाई और घर बनाने की बात कही है।</p>
<p><strong>9 दिसंबर को दो दोस्तों को मिला था हीरा</strong><br>
इससे पहले 9 दिसंबर 2025 को कृष्णा कल्याणपुर पटी इलाके की खदान से 15.34 कैरेट का जेम्स क्वालिटी हीरा मिला था। इसकी अनुमानित कीमत भी 50 लाख रुपए से ज्यादा बताई गई। खदान रानीगंज निवासी सतीश खटीक (24) और उनके दोस्त साजिद मोहम्मद (23) ने संयुक्त रूप से लगाई थी।</p>
<p><strong>एक दिन बाद ही किसान को मिला 10 लाख का हीरा</strong><br>
इसके ठीक एक दिन बाद 10 दिसंबर 2025 को कृष्णा कल्याणपुर पटी क्षेत्र में ही किसान राजेंद्र सिंह बुंदेला की उथली खदान से 3.39 कैरेट का जेम्स क्वालिटी हीरा निकला। इसकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपए बताई गई है।</p>
<p>राजेंद्र छतरपुर जिले के खजुराहो में वार्ड नंबर 12 के रहने वाले हैं। करीब डेढ़ साल पहले उन्हें लकवा लग गया था। इलाज के बाद सेहत सुधरी लेकिन शारीरिक मेहनत नहीं कर पा रहे थे। इसके चलते हीरा खदान का पट्टा लिया था।</p>
<p><strong>30 लाख के हीरे ने बदली आदिवासी भाइयों की किस्मत</strong><br>
इसी साल 29 जून 2026 को दो आदिवासी भाइयों को अपनी खदान में 30 लाख रुपए का हीरा मिला। ये 11.19 कैरेट का जेम्स क्वालिटी हीरा है। अहिरगवां की इस खदान में 4 साझेदार- राकेश गौड़, उसका बड़ा भाई राजू आदिवासी, जीजा रतन आदिवासी और खेत मालिक छुट्टो सरकार हैं।</p>]]> </content:encoded>
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<title>मीटिंग से लेकर कॉल तक, हर काम में बनेगा स्मार्ट साथी Pova AI Buds Pro</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली। टेक्नोलॉजी और ऑडियो सेगमेंट में Pova अब अपने पहले AI ऑडियो प्रोडक्ट के साथ एंट्री करने जा रहा है। कंपनी Pova AI Buds Pro को भारत में 14 अगस्त को दोपहर 12 बजे लॉन्च करेगी। लॉन्च से पहले इन ईयरबड्स का डिजाइन Amazon पर लाइव हुई माइक्रोसाइट के जरिए सामने आ चुका है। … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 16:15:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>मीटिंग, से, लेकर, कॉल, तक, हर, काम, में, बनेगा, स्मार्ट, साथी, Pova, Buds, Pro</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><strong>नई दिल्ली।</strong> टेक्नोलॉजी और ऑडियो सेगमेंट में Pova अब अपने पहले AI ऑडियो प्रोडक्ट के साथ एंट्री करने जा रहा है। कंपनी <strong>Pova AI Buds Pro</strong> को भारत में <strong>14 अगस्त को दोपहर 12 बजे</strong> लॉन्च करेगी। लॉन्च से पहले इन ईयरबड्स का डिजाइन Amazon पर लाइव हुई माइक्रोसाइट के जरिए सामने आ चुका है। कंपनी इन्हें भारत के पहले AI ईयरबड्स के तौर पर पेश कर रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">Pova AI Buds Pro को केवल म्यूजिक सुनने वाले सामान्य TWS ईयरबड्स के बजाय AI आधारित कामकाज और प्रोडक्टिविटी को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इनमें <strong>AI Meeting Summary, 78 भाषाओं तक Translation, Quick Notes, 48dB Hybrid Active Noise Cancellation, 8 माइक्रोफोन और 40 घंटे तक की बैटरी</strong> जैसे फीचर्स दिए जाएंगे।</p>
<h2><strong>मीटिंग खत्म होते ही तैयार होगा सारांश</strong></h2>
<p class="isSelectedEnd">Pova AI Buds Pro का सबसे खास फीचर <strong>AI Meeting Summary</strong> बताया जा रहा है। इसके जरिए मीटिंग में हुई बातचीत का ऑटोमैटिक सारांश तैयार किया जा सकेगा। इससे लंबी मीटिंग के दौरान हुई महत्वपूर्ण बातों को दोबारा सुनने की जरूरत कम हो सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">कंपनी के अनुसार, ईयरबड्स में <strong>78 भाषाओं तक ट्रांसलेशन</strong> का सपोर्ट भी मिलेगा। इसका इस्तेमाल अलग-अलग भाषाओं में बातचीत और मीटिंग से जुड़े कामों में किया जा सकेगा। यूजर एक भाषा में नोट तैयार कर उसे दूसरी भाषा में मीटिंग मिनट्स के रूप में तैयार कर सकता है।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone wp-image-264530" src="https://firstkhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/pova1-193x300.jpg" alt="" width="796" height="1237" srcset="https://firstkhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/pova1-193x300.jpg 193w, https://firstkhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/pova1-659x1024.jpg 659w, https://firstkhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/pova1-768x1193.jpg 768w, https://firstkhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/pova1-989x1536.jpg 989w, https://firstkhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/pova1.jpg 1242w" sizes="(max-width: 796px) 100vw, 796px"></p>
<h2><strong>Quick Notes से चार घंटे तक की रिकॉर्डिंग</strong></h2>
<p class="isSelectedEnd">इन ईयरबड्स में <strong>Quick Notes</strong> फीचर भी दिया गया है। इसके लिए ईयरबड्स में इन-बिल्ट स्टोरेज उपलब्ध कराया गया है, जिसमें कंपनी के अनुसार <strong>चार घंटे तक की ऑडियो रिकॉर्डिंग</strong> सीधे सेव की जा सकेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">चार्जिंग केस पर दिया गया <strong>लाल बटन</strong> Quick Note रिकॉर्डिंग शुरू करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। यह फीचर उन यूजर्स के लिए उपयोगी हो सकता है, जिन्हें अचानक कोई महत्वपूर्ण विचार, बातचीत या जानकारी रिकॉर्ड करनी हो।</p>
<h2><strong>सेल्स प्रोफेशनल्स के लिए खास बनेंगे Pova AI Buds Pro </strong></h2>
<p class="isSelectedEnd">Pova AI Buds Pro को केवल म्यूजिक और कॉलिंग के लिए नहीं, बल्कि प्रोफेशनल कामकाज में AI की मदद देने वाले डिवाइस के तौर पर भी पेश किया जा रहा है। खासतौर पर <strong>सेल्स प्रोफेशनल्स, बिजनेस डेवलपमेंट टीमों और ऐसे लोगों के लिए ये ईयरबड्स उपयोगी हो सकते हैं, जिन्हें रोजाना कई क्लाइंट्स से बातचीत करनी पड़ती है।</strong></p>
<p class="isSelectedEnd">कंपनी के अनुसार, क्लाइंट बातचीत के दौरान सामने वाले की <strong>जरूरतों, महत्वपूर्ण बिंदुओं, कमिटमेंट्स और चर्चा में तय हुई बातों</strong> को याद रखने में AI आधारित फीचर्स मदद कर सकते हैं। बातचीत के बाद तैयार होने वाली AI-generated summary से सेल्स प्रोफेशनल्स को जरूरी जानकारी दोबारा व्यवस्थित करने में कम समय लगेगा। इससे वे क्लाइंट की जरूरतों को बेहतर तरीके से समझकर आगे की बातचीत और फॉलो-अप को अधिक प्रभावी बना सकेंगे।</p>
<h2><strong>बेहतर रिकॉल से बढ़ सकती है प्रोफेशनल परफॉर्मेंस</strong></h2>
<p class="isSelectedEnd">कई क्लाइंट्स के साथ लगातार बातचीत करने वाले सेल्स कर्मचारियों के लिए हर बातचीत की बारीकियां याद रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। Pova AI Buds Pro के AI फीचर्स इस प्रक्रिया को आसान बनाने पर केंद्रित हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">कंपनी का दावा है कि बातचीत का बेहतर रिकॉर्ड और AI-generated summaries सेल्स प्रोफेशनल्स को <strong>फॉलो-अप, क्लाइंट की आवश्यकताओं की पहचान और कमिटमेंट्स को ट्रैक करने</strong> में मदद कर सकते हैं। इससे कर्मचारी अपने ग्राहकों को अधिक वैल्यू दे सकेंगे और कंपनी के लिए बेहतर बिजनेस अवसर तैयार करने में योगदान कर सकेंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd">कंपनी के अनुसार, बेहतर रिकॉल और AI की मदद से काम करने की क्षमता से प्रदर्शन में सुधार होने पर कुछ सेल्स प्रोफेशनल्स की कमाई में <strong>10 हजार रुपए या उससे अधिक प्रति माह</strong> की अतिरिक्त संभावना भी बन सकती है। हालांकि वास्तविक आय या कमाई में वृद्धि व्यक्ति के प्रदर्शन, कंपनी की प्रोत्साहन नीति और अन्य व्यावसायिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।</p>
<h2><strong>अलग-अलग AI टूल्स की जरूरत कम करने का दावा</strong></h2>
<p class="isSelectedEnd">Pova AI Buds Pro की एक अन्य खासियत यह बताई जा रही है कि इनमें कई AI आधारित क्षमताओं को एक ही डिवाइस के माध्यम से उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। इसके चलते यूजर्स को अलग-अलग AI टूल्स और सब्सक्रिप्शन पर खर्च करने की जरूरत कम हो सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">कंपनी के अनुसार, कई अलग-अलग AI सेवाओं के लिए भुगतान करने की तुलना में ईयरबड्स के माध्यम से मिलने वाली संयुक्त सुविधाएं <strong>वन-टाइम इन्वेस्टमेंट</strong> के रूप में उपयोगी हो सकती हैं। कंपनी का दावा है कि अलग-अलग AI टूल्स और सब्सक्रिप्शन की लागत की तुलना में इससे कुछ यूजर्स को सालाना <strong>3.6 लाख रुपए तक की संभावित बचत</strong> हो सकती है। यह आंकड़ा उपयोग किए जाने वाले अलग-अलग AI टूल्स और उनकी सब्सक्रिप्शन लागत पर निर्भर करेगा।</p>
<p>इस तरह Pova AI Buds Pro को कंपनी केवल एक ऑडियो एक्सेसरी के रूप में नहीं, बल्कि <strong>AI-powered productivity device</strong> के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है।</p>
<h2><strong>8 माइक्रोफोन से कॉल और रिकॉर्डिंग में बेहतर आवाज का दावा</strong></h2>
<p class="isSelectedEnd">Pova AI Buds Pro में कुल <strong>8 माइक्रोफोन</strong> दिए गए हैं। इनमें फीडफॉरवर्ड माइक्रोफोन, कॉल के दौरान आवाज कैप्चर करने वाले माइक्रोफोन और Voice Pickup Unit शामिल हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">कंपनी का कहना है कि यह मल्टी-माइक्रोफोन सेटअप कॉल और ऑडियो रिकॉर्डिंग के दौरान आवाज को बेहतर तरीके से कैप्चर करने में मदद करेगा। AI आधारित फीचर्स के साथ माइक्रोफोन सिस्टम ईयरबड्स की प्रमुख खूबियों में शामिल होगा।</p>
<h2><strong>48dB तक Hybrid ANC, शोर में भी सुनाई देगी साफ आवाज</strong></h2>
<p class="isSelectedEnd">नॉइस कैंसिलेशन के लिए Pova AI Buds Pro में <strong>48dB तक Hybrid Active Noise Cancellation (ANC)</strong> दिया गया है। यह फीचर आसपास के अनचाहे शोर को कम करने में मदद करेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसके अलावा ईयरबड्स में <strong>Dual Device Pairing</strong> भी मिलेगा। इसकी मदद से यूजर एक साथ स्मार्टफोन और PC जैसे दो डिवाइस कनेक्ट कर सकेगा और जरूरत के अनुसार दोनों के बीच स्विच कर सकेगा।</p>
<h2><strong>केस के साथ 40 घंटे तक चलेगी बैटरी</strong></h2>
<p class="isSelectedEnd">बैटरी के मामले में Pova AI Buds Pro को चार्जिंग केस के साथ <strong>कुल 40 घंटे तक का प्लेबैक</strong> देने के लिए तैयार किया गया है। चार्जिंग के लिए <strong>USB Type-C</strong> पोर्ट के साथ वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट भी दिया जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">ईयरबड्स और चार्जिंग केस को <strong>IP55 रेटिंग</strong> के साथ पेश किया जाएगा। इसका मतलब है कि डिवाइस को धूल और पानी के छींटों से सुरक्षा मिलेगी। हालांकि इसे पानी में डुबोकर इस्तेमाल करने के लिए डिजाइन नहीं किया गया है।</p>
<h2><strong>Pova स्मार्टफोन जैसी डिजाइन लैंग्वेज</strong></h2>
<p class="isSelectedEnd">डिजाइन की बात करें तो Pova AI Buds Pro के चार्जिंग केस में <strong>ग्लॉसी फिनिश</strong> दी गई है। इसका डिजाइन कंपनी के Pova स्मार्टफोन की डिजाइन लैंग्वेज से मिलता-जुलता नजर आता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">कंपनी इन्हें <strong>Amazon Special Product</strong> के तौर पर बिक्री के लिए उपलब्ध कराएगी। लॉन्च से पहले Amazon पर लाइव माइक्रोसाइट के जरिए इसके डिजाइन और कुछ प्रमुख फीचर्स की जानकारी सामने आ चुकी है।</p>
<h2><strong>कीमत का खुलासा 14 अगस्त को</strong></h2>
<p class="isSelectedEnd">Pova AI Buds Pro की <strong>कीमत और अन्य विस्तृत स्पेसिफिकेशंस का खुलासा लॉन्च के दौरान 14 अगस्त को</strong> किया जाएगा। कंपनी ने फिलहाल इसकी कीमत के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।</p>
<p class="isSelectedEnd">AI आधारित मीटिंग समरी, 78 भाषाओं का ट्रांसलेशन, Quick Notes, मल्टी-माइक्रोफोन सेटअप और लंबी बैटरी लाइफ के साथ Pova AI Buds Pro का मुकाबला भारतीय TWS बाजार में AI फीचर्स पर फोकस करने वाले अन्य प्रोडक्ट्स से होने की उम्मीद है।</p>
<h3><strong>एक नजर में Pova AI Buds Pro</strong></h3>
<ul data-spread="false">
<li><strong>लॉन्च:</strong> 14 अगस्त, दोपहर 12 बजे</li>
<li><strong>AI फीचर:</strong> AI Meeting Summary</li>
<li><strong>ट्रांसलेशन:</strong> 78 भाषाओं तक</li>
<li><strong>माइक्रोफोन:</strong> 8</li>
<li><strong>नॉइस कैंसिलेशन:</strong> 48dB तक Hybrid ANC</li>
<li><strong>रिकॉर्डिंग:</strong> इन-बिल्ट स्टोरेज, 4 घंटे तक</li>
<li><strong>बैटरी:</strong> केस के साथ 40 घंटे तक</li>
<li><strong>चार्जिंग:</strong> USB Type-C और वायरलेस चार्जिंग</li>
<li><strong>कनेक्टिविटी:</strong> Dual Device Pairing</li>
<li><strong>ड्यूरेबिलिटी:</strong> IP55 रेटिंग</li>
<li><strong>बिक्री:</strong> Amazon Special Product</li>
<li><strong>कीमत:</strong> 14 अगस्त को घोषित होगी</li>
</ul>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>विजन 2047 की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़: उद्योगों से आत्मनिर्भर और समृद्ध भविष्य की नई पहल</title>
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<description><![CDATA[ विशेष लेख विजन 2047 की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़: उद्योगों से आत्मनिर्भर और समृद्ध भविष्य की नई पहल रायपुर,   छत्तीसगढ़ आज औद्योगिक विकास के ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां विकास का उद्देश्य केवल नए उद्योग स्थापित करना नहीं, बल्कि रोजगार, निवेश, आधुनिक तकनीक और क्षेत्रीय संतुलन के माध्यम से प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना है। … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 15:45:24 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>विजन, 2047, की, ओर, बढ़ता, छत्तीसगढ़:, उद्योगों, से, आत्मनिर्भर, और, समृद्ध, भविष्य, की, नई, पहल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>विशेष लेख</strong></p>
<p><strong>विजन 2047 की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़: उद्योगों से आत्मनिर्भर और समृद्ध भविष्य की नई पहल</strong></p>
<p>
<strong>रायपुर, </strong><br>
 छत्तीसगढ़ आज औद्योगिक विकास के ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां विकास का उद्देश्य केवल नए उद्योग स्थापित करना नहीं, बल्कि रोजगार, निवेश, आधुनिक तकनीक और क्षेत्रीय संतुलन के माध्यम से प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने उद्योगों के लिए पारदर्शी, निवेश-अनुकूल और रोजगारोन्मुख वातावरण तैयार किया है। वहीं वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन के मार्गदर्शन में नई औद्योगिक नीतियों ने निवेशकों का विश्वास मजबूत किया है और छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों की कतार में खड़ा करने की दिशा में ठोस कदम बढ़ाए हैं।</p>
<p><strong>25 जून 2026 में टेक्सटाइल पार्क की पहली यूनिट का किया भूमिपूजन</strong></p>
<p>         वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने 25 जून 2026 में टेक्सटाइल पार्क की पहली यूनिट का भूमिपूजन किया। तमिलनाडु की स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड 235 करोड़ रुपए के निवेश से यहां गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगा रही है। इस यूनिट से 4650 लोगों को रोजगार मिलेगा। टेक्सटाइल और गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश-विदेश में नई पहचान दिलाने यह अहम कदम है। </p>
<p><strong>प्रदेश में 3,009 नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुईं, जिनसे 50,807 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार</strong><br>
 <br>
      बीते ढाई वर्षों में राज्य को 264 औद्योगिक परियोजनाओं से लगभग 8.22 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनसे 1.72 लाख से अधिक रोजगार सृजन की संभावना है। इनमें से 154 परियोजनाएं निर्माण, भूमि आवंटन अथवा उत्पादन के चरण तक पहुंच चुकी हैं, जबकि कई इकाइयां पहले ही उत्पादन प्रारंभ कर चुकी हैं। इसी अवधि में प्रदेश में 3,009 नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुईं, जिनसे 50,807 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला। यह दर्शाता है कि सरकार की औद्योगिक नीतियां केवल कागज़ों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि धरातल पर परिणाम दे रही हैं। </p>
<p><strong>विनिर्माण इकाइयों को 100 प्रतिशत तथा सेवा क्षेत्र को 150 प्रतिशत तक वित्तीय प्रोत्साहन</strong></p>
<p>         राज्य सरकार द्वारा लागू औद्योगिक विकास नीति 2024-30 ने उद्योगों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। विनिर्माण इकाइयों को 100 प्रतिशत तथा सेवा क्षेत्र को 150 प्रतिशत तक वित्तीय प्रोत्साहन, एमएसएमई और सेवा उद्योगों को पहली बार विशेष लाभ, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फार्मा जैसे भविष्य के क्षेत्रों के लिए विशेष पैकेज तथा स्थानीय युवाओं के रोजगार को बढ़ावा देने वाले प्रावधान इस नीति की प्रमुख विशेषताएं हैं। यही कारण है कि नवा रायपुर में देश का पहला एआई डेटा सेंटर एसईजेड और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश जैसी बड़ी पहलें आकार ले रही<strong> हैं। </strong></p>
<p><strong>ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को सर्वाेच्च प्राथमिकता</strong></p>
<p>     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार ने ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। 150 से अधिक सेवाओं वाला नया सिंगल विंडो सिस्टम, निवेशकों के लिए एआई आधारित वाणी प्रणाली, 500 से अधिक प्रशासनिक सुधार तथा प्रक्रियाओं का सरलीकरण निवेशकों के लिए बेहतर माहौल तैयार कर रहा है। औद्योगिक विकास का लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र तक पहुंचे, इसके लिए राज्य में 23 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए गए तथा 15 जिलों में 26 नए औद्योगिक कार्य स्वीकृत किए गए हैं। सरोरा में प्लास्टिक पार्क और नवा रायपुर में टेक्सटाइल, फार्मा एवं रेडीमेड गारमेंट पार्क जैसे प्रयास औद्योगिक आधार को और मजबूत बना रहे हैं। </p>
<p><strong>सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक रोजगार सृजित करना और निवेश को तेजी से धरातल पर उतारना</strong></p>
<p>      हाल ही में विजन 2047 औद्योगिक विकास की संभावनाएं विषयक चर्चा में उद्योगमंत्री लखन लाल देवांगन ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक रोजगार सृजित करना और निवेश को तेजी से धरातल पर उतारना है, ताकि स्थानीय युवाओं को अधिकतम अवसर मिल सकें। आने वाले वर्षों के लिए सरकार निर्यात नीति, स्टार्टअप एवं नवाचार नीति, कौशल विकास, इंटर्नशिप, एमएसएमई सशक्तिकरण और बस्तर-सरगुजा जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। राज्य सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है, प्रदेश के युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला उद्यमी बनाना है।</p>
<p><strong>छत्तीसगढ़ के इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम और बिज़नेस-फ्रेंडली माहौल में निवेशकों के बढ़ते भरोसे</strong></p>
<p>        राज्य में नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद पिछले 18 महीनों में 8 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के निवेश का वादा मिला है, जिससे अलग-अलग सेक्टर में 1.6 लाख से ज़्यादा रोज़गार के अवसर पैदा होने की संभावना है। टेक्सटाइल और कपड़ों के अलावा, राज्य ने डेटा सेंटर, आईटी, फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिकल व इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में भी बड़े निवेश आकर्षित किए हैं। यह छत्तीसगढ़ के इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम और बिज़नेस-फ्रेंडली माहौल में निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दिखाता है। </p>
<p><strong> नवा रायपुर में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क की स्थापना</strong></p>
<p>       राज्य में वस्त्र एवं परिधान उद्योग को प्रोत्साहित करने नवा रायपुर में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की जा रही है। इसके 81 एकड़ क्षेत्र में 2758 वर्गमीटर से लेकर 38 हजार 180 वर्गमीटर आकार के भूखंड उपलब्ध हैं। टेक्सटाइल, गारमेंट एवं परिधान उद्योग, तकनीकी वस्त्र (ज्मबीदपबंस ज्मगजपसमे) तथा इनके सहायक एवं पूरक उद्योगों की स्थापना के लिए निवेशकों को यहां सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। </p>
<p><strong>प्रदेश आज उद्योगों की नई उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयार</strong></p>
<p>      विजन 2047 की दिशा में छत्तीसगढ़ का यह औद्योगिक अभियान केवल आर्थिक विकास की कहानी नहीं, बल्कि एक ऐसे भविष्य का निर्माण है जहां निवेश, नवाचार, रोजगार और समावेशी विकास मिलकर आत्मनिर्भर, विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव रख रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन के प्रयासों से प्रदेश आज उद्योगों की नई उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयार है।</p>
<p><strong>छगन लाल लोन्हारे<br>
संयुक्त संचालक, जनसंपर्क</strong></p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>Chhattisgarh Industrial Policy 2024&#45;30: छत्तीसगढ़ बना निवेश का नया हब, ₹8.22 लाख करोड़ के प्रस्ताव से लाखों रोजगार की उम्मीद</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर  छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज संपदा और प्राकृतिक संसाधनों वाले राज्य तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह देश के एक तेजी से उभरते हुए आधुनिक औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। 1 नवंबर 2024 से राज्य में प्रभावी हुई नई औद्योगिक विकास नीति (2024-2030) के लागू होने के … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 15:45:20 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong><br>
 छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज संपदा और प्राकृतिक संसाधनों वाले राज्य तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह देश के एक तेजी से उभरते हुए आधुनिक औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। 1 नवंबर 2024 से राज्य में प्रभावी हुई नई औद्योगिक विकास नीति (2024-2030) के लागू होने के बाद से ही पूरे प्रदेश में पूंजी निवेश का अत्यंत सकारात्मक और अनुकूल माहौल निर्मित हुआ है। उद्योगों को दिए जा रहे निरंतर प्रोत्साहन, पारदर्शी एवं सरल प्रक्रियाओं तथा आधुनिक बुनियादी सुविधाओं के चलते विगत ढाई वर्षों में राज्य को 264 प्रमुख औद्योगिक इकाइयों से लगभग 8.22 लाख करोड़ रुपये के भारी-भरकम निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन वृहद निवेश परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से प्रदेश के 1.72 लाख से अधिक युवाओं के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर सृजित होने की प्रबल संभावना है।</p>
<p>प्राप्त निवेश प्रस्तावों में से 154 औद्योगिक परियोजनाएं वर्तमान में भूमि आबंटन, संयंत्र निर्माण या प्रारंभिक उत्पादन के उन्नत चरण में पहुंच चुकी हैं। इसके अलावा 18 इकाइयाँ सफलतापूर्वक अपना व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर चुकी हैं, जबकि 65 अन्य इकाइयाँ तेजी से निर्माणाधीन हैं। देश-विदेश के प्रमुख उद्योगपतियों को आकर्षित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा रायपुर, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, अहमदाबाद, जगदलपुर के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जापान के ओसाका शहर में उच्चस्तरीय ‘इन्वेस्टर कनेक्ट’ कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया था। इसी समयावधि के भीतर प्रदेश में 3,009 नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना भी दर्ज की गई है, जिसके माध्यम से ₹22,117.03 करोड़ का नया पूंजी निवेश आया है और 50,807 स्थानीय नागरिकों को सीधे रोजगार प्राप्त हुआ है।</p>
<p>
<strong>रोजगार-केंद्रित नई औद्योगिक नीतियां, AI, सेमीकंडक्टर और टेक्सटाइल बने निवेश के नए इंजन</strong></p>
<p>नई औद्योगिक विकास नीति की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे पहली बार पूरी तरह से रोजगार-केंद्रित और समावेशी दृष्टिकोण के साथ तैयार किया गया है। इसमें स्थानीय युवाओं के कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण सब्सिडी, ईपीएफ प्रतिपूर्ति (EPF Reimbursement) और 1,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार देने वाली बड़ी इकाइयों के लिए विशेष कस्टमाइज्ड वित्तीय प्रोत्साहन पैकेज का स्पष्ट प्रावधान किया गया है। मई-2025 में इस नीति में दूरगामी संशोधन करते हुए ‘रोजगार सृजन सब्सिडी’ और ‘एम्प्लायमेंट मल्टिप्लायर’ जैसी नई व्यवस्थाएं जोड़ी गईं, जिससे रोजगार देने वाले उद्योगों को अतिरिक्त वित्तीय लाभ मिल सके। इसके साथ ही, विनिर्माण के साथ-साथ सेवा क्षेत्र (Service Sector) के भी 43 प्रमुख उप-क्षेत्रों को औद्योगिक प्रोत्साहन के दायरे में शामिल किया गया है।</p>
<p>वित्तीय प्रोत्साहन संरचना के अंतर्गत विनिर्माण इकाइयों को 100 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र की इकाइयों को 150 प्रतिशत तक के अभूतपूर्व वित्तीय इंसेंटिव्स दिए जा रहे हैं। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और फार्मास्युटिकल जैसे ‘थ्रस्ट सेक्टर्स’ के लिए विशेष आर्थिक पैकेज लागू किए गए हैं। इसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि नवा रायपुर में भारत की दूसरी सेमीकंडक्टर निर्माण इकाई और देश का पहला समर्पित एआई डेटा सेंटर एसईजेड (AI Data Center SEZ) तेजी से आकार ले रहा है, जिससे छत्तीसगढ़ अब उच्च-तकनीकी उद्योगों की नई वैश्विक संभावनाओं का प्रमुख केंद्र बन रहा है।</p>
<p><strong>छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2024-30 के प्रमुख प्रोत्साहन और प्रावधान</strong></p>
<p><strong>    लचीले इंसेंटिव विकल्प (Incentive Options): </strong>निवेशकों के लिए नेट एसजीएसटी (Net SGST) प्रतिपूर्ति मार्ग या फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट (FCI) सब्सिडी मार्ग में से अपने अनुकूल विकल्प का चयन करने की सुविधा उपलब्ध है।</p>
<p><strong>    कैपिटल सब्सिडी एवं ब्याज </strong>अनुदान: एमएसएमई (MSME) और बड़े उद्योगों के लिए श्रेणी और जिले के विकास स्तर (Group A/B/C) के आधार पर 15% से 45% तक पूंजीगत सब्सिडी और 40% से 70% तक ब्याज सब्सिडी का प्रावधान।</p>
<p><strong>    रोजगार एवं ईपीएफ इंसेंटिव: </strong>छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को रोजगार देने वाली इकाइयों के लिए 75% तक ईपीएफ प्रतिपूर्ति (प्रतिवर्ष ₹1 करोड़ तक) तथा अतिरिक्त एम्प्लायमेंट मल्टिप्लायर सब्सिडी।</p>
<p><strong>    शुल्क एवं कर छूट: </strong>उद्योगों की स्थापना पर स्टाम्प ड्यूटी, मंडी शुल्क में 100% छूट और 6 से 15 वर्षों के लिए बिजली शुल्क (Electricity Duty) में पूर्ण छूट की सुविधा।</p>
<p><strong>    विशेष वर्गों हेतु अतिरिक्त सब्सिडी: </strong>अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST), महिला उद्यमियों, पूर्व सैनिकों, दिव्यांगजनों, थर्ड जेंडर और नक्सल प्रभावित व्यक्तियों द्वारा स्थापित उद्यमों के लिए 10% से 25% तक अतिरिक्त सब्सिडी और मार्जिन मनी सहायता।</p>
<p><strong>    थ्रस्ट सेक्टर और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट</strong>: फार्मा, आईटी/आईटीईएस, ग्रीन एनर्जी, एआई और लॉजिस्टिक्स पार्क्स के लिए उच्च सीमा वाली विशेष सब्सिडी तथा निर्यात परिवहन अनुदान (Export Transport Subsidy) का प्रावधान।</p>
<p><strong>नवा रायपुर और आगामी परियोजनाओं का भव्य रोडमैप</strong></p>
<p>राज्य में नए उद्योगों की स्थापना और उनके सुगम संचालन के लिए सरकार ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के क्षेत्र में व्यापक और ऐतिहासिक संस्थागत सुधार किए हैं। इसके अंतर्गत एक नया डिजिटल सिंगल विंडो पोर्टल लागू किया गया है, जिसके माध्यम से विभिन्न विभागों की 150 से अधिक औद्योगिक सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर बिना किसी रुकावट के उपलब्ध कराई जा रही हैं। निवेशकों को real-time सहायता, परामर्श और समस्याओं के त्वरित निवारण हेतु कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित एआई प्रणाली ‘वाणी’ (VANI) की शुरुआत की गई है। प्रशासनिक लालफीताशाही को समाप्त करने और प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने के लिए 500 से अधिक सरलीकरण सुधार लागू किए गए हैं। साथ ही, दो जन विश्वास अधिनियमों के जरिए 279 पुराने कड़े प्रावधानों को पूरी तरह अपराधमुक्त (Decriminalize) किया गया है। जोखिम-आधारित वर्गीकरण (Risk-based classification) अपनाकर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस कानून लागू करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला अग्रणी राज्य बन गया है।</p>
<p>इन दूरदर्शी सुधारों का प्रतिफल राज्य में स्थापित हो रही देश की शीर्ष और विशालकाय निवेश परियोजनाओं में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। नवा रायपुर में पॉलीमेटेक कंपनी द्वारा ₹1,143 करोड़ के प्रस्तावित निवेश से भारत की दूसरी अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर निर्माण इकाई की स्थापना का काम जोर-शोर से प्रारंभ हो चुका है। इसके अतिरिक्त, रैकबैंक द्वारा ₹1,000 करोड़ से अधिक के निवेश से देश के पहले एआई स्पेशल इकोनॉमिक जोन (AI SEZ) के तहत विशाल एआई-समर्थित डेटा सेंटर की स्थापना प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।</p>
<p>प्राकृतिक संसाधनों के वैल्यू एडिशन और टेक्सटाइल क्षेत्र में नवा रायपुर के टेक्सटाइल पार्क में स्विफ्ट टेक्सटाइल को राज्य के पहले बड़े गारमेंट व अपैरल उद्योग के लिए भूमि आबंटित की गई है, जिससे अकेले 4,600 से अधिक लोगों को सीधा रोजगार मिलेगा। वहीं, सार्वजनिक क्षेत्र की महारत्न कंपनी गेल (इंडिया) लिमिटेड द्वारा राजनांदगांव के बिजेतला में ₹10,500 करोड़ के भारी-भरकम निवेश से एक विशाल फर्टिलाइजर प्लांट की स्थापना प्रस्तावित है। इस परियोजना से 3,500 से अधिक प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे और भूमि आबंटन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जो छत्तीसगढ़ के औद्योगिकीकरण को एक नई ऊँचाई प्रदान करेगी।</p>]]> </content:encoded>
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<title>बिलासपुर में बिजली तार चोरी का खुलासा, पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर. सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के तिफरा सेक्टर-डी में सड़क लाइट के लिए लगाए गए बिजली पावर सप्लाई तार की चोरी का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया. मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है. आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए चार बंडल … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 15:45:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>बिलासपुर, में, बिजली, तार, चोरी, का, खुलासा, पुलिस, ने, चार, आरोपियों, को, किया, गिरफ्तार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>बिलासपुर.</strong></p>
<p>सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के तिफरा सेक्टर-डी में सड़क लाइट के लिए लगाए गए बिजली पावर सप्लाई तार की चोरी का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया. मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है. आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए चार बंडल बिजली तार और वारदात में प्रयुक्त कार क्रमांक सीजी 10 एफए 2456 जब्त की गई है.</p>
<p>पुलिस के अनुसार तिफरा सेक्टर-डी में सड़क लाइट की सुविधा के लिए विद्युत पोल खड़े कर बिजली तार खींचे गए थे. वर्तमान में वहां पावर सप्लाई नहीं हो रही थी. इसी का फायदा उठाकर 9 और 10 अगस्त की दरमियानी रात अज्ञात चोर करीब एक किलोमीटर लंबा बिजली तार, जिसकी कीमत लगभग 45 हजार रुपए बताई गई है, चोरी कर ले गए. थाना प्रभारी प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक आकाश चौधरी के मार्गदर्शन में टीम गठित की गई. पुलिस ने मुखबिरों को सक्रिय करने के साथ तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की तलाश शुरू की. पूर्व में चोरी के मामलों में जेल जा चुके आरोपियों से भी पूछताछ की गई. जांच के दौरान पुलिस को नीतेश पंडित, राजेश राय (रात्रे), विकास साण्डे और श्रीजीत जोशी के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले.</p>
<p>पुलिस ने चारों को हिरासत में लेकर पूछताछ की. पूछताछ में आरोपियों ने बिजली तार चोरी करना स्वीकार किया. आरोपियों की निशानदेही पर चार बंडल बिजली तार बरामद किए गए. घटना में इस्तेमाल की गई ओमनी कार भी पुलिस ने जब्त कर ली. पुलिस जांच में आरोपियों के खिलाफ थाना अकलतरा, मस्तूरी, मुलमुला और जांजगीर-चांपा क्षेत्र में भी अपराध दर्ज होने की जानकारी सामने आई है. पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल कर दिया है.</p>]]> </content:encoded>
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<title>भोपाल में 3 दिन की बारिश ने खोली सड़कों की पोल! अटल पथ और लिंक रोड&#45;2 खस्ताहाल, 527 लोगों का रेस्क्यू</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल मध्यप्रदेश में लगातार हो रही बारिश अब कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा रही है। पिछले तीन दिनों से जारी बारिश के बीच नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नर्मदा का पानी सिर्फ 48 घंटे में करीब 10 फीट बढ़ गया है। कई छोटे पुल डूब गए हैं और निचले इलाकों … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 15:15:12 +0530</pubDate>
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<media:keywords>भोपाल, में, दिन, की, बारिश, ने, खोली, सड़कों, की, पोल, अटल, पथ, और, लिंक, रोड-2, खस्ताहाल, 527, लोगों, का, रेस्क्यू</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>मध्यप्रदेश में लगातार हो रही बारिश अब कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा रही है। पिछले तीन दिनों से जारी बारिश के बीच नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नर्मदा का पानी सिर्फ 48 घंटे में करीब 10 फीट बढ़ गया है। कई छोटे पुल डूब गए हैं और निचले इलाकों में घरों तक पानी पहुंच गया है। प्रदेश में अब तक 527 बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। बारिश की गंभीर स्थिति को देखते हुए भोपाल और गुना में बुधवार को स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। भोपाल में लगातार दूसरे दिन भी कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही। यहां दो दिनों में करीब 8 इंच बारिश रिकॉर्ड हो चुकी है।</p>
<p><strong>इंदौर संभाग पर सबसे ज्यादा खतरा</strong><br>
प्रदेश में सक्रिय मजबूत मौसम प्रणाली का असर बुधवार को भी रहेगा। इंदौर संभाग के रतलाम, झाबुआ, धार, बड़वानी और इंदौर में भारी बारिश की चेतावनी है। इन जिलों में अगले 24 घंटे में 4 इंच या उससे अधिक पानी गिर सकता है। भारी बारिश के कारण इन इलाकों में नदी-नालों के उफान पर आने और निचले क्षेत्रों में पानी भरने का खतरा बढ़ गया है।</p>
<p><strong>भोपाल में 200 घरों में घुसा पानी</strong><br>
राजधानी में लगातार बारिश से हालात बिगड़े हैं। करीब 200 मकानों में ढाई फीट तक पानी भर गया। कई सड़कें घंटों तक बंद रहीं। कुछ स्थानों पर बिजली के ट्रांसफार्मर और वितरण पेटियां पानी में घिर गईं, जिसके बाद सुरक्षा के लिए बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी। मंगलवार रात राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर करीब एक फीट पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ। न्यू पुलिस लाइन स्टेशन रोड पर पानी से भरे गड्ढे में बच्चों से भरी स्कूली वैन भी फंस गई। नर्मदा में तेजी से बढ़ते पानी ने भी चिंता बढ़ा दी है। नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर जलस्तर 946.40 फीट दर्ज किया गया है। पिछले 48 घंटे में नदी का जलस्तर करीब 10 फीट बढ़ा है। </p>
<p><strong> सड़कें हुई खस्ताहाल ……</strong></p>
<p>भोपाल की सड़कें 3 हुई बारिश भी सहन नहीं कर पाई और छलनी हो गई है। अटल पथ, लिंक रोड नंबर-2, एमपी नगर, न्यू मार्केट, रोशनपुरा हो या कॉलोनियों की अंदरूनी सड़कें, सभी खस्ताहाल है। कहीं डामर उखड़ गया है तो कहीं बड़े-बड़े गड्‌ढे हो गए हैं। इसे लेकर कांग्रेस ने जिम्मेदारों से क्वॉलिटी पर सवाल करते हुए प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।</p>
<p>भोपाल में मध्य प्रदेश के दूसरे सबसे लंबे ब्रिज डॉ. अंबेडकर (जीजी) फ्लाईओवर की सड़क से सरिए भी झांकने लगे हैं। यह फ्लाईओवर करीब 154 करोड़ रुपए की लागत से बना है, लेकिन तीन दिन लगातार हुई बारिश सहन नहीं कर पाया।</p>
<p>यही हाल राजधानी की दूसरी सड़कों के भी है। पुराने शहर के अंदरूनी इलाकों की सड़कें ठीक हालत में नहीं है। अशोका गार्डन, कैलाश नगर, सेमरा, शिव नगर, अयोध्या बायपास, पटेल नगर, आनंद नगर, अरेड़ी, राजीव नगर, ऐशबाग, बाग उमराव दूल्हा समेत कई इलाकों में सड़कों से डामर गायब हो गया है। अशोका गार्डन में तो सड़क का हर 50 मीटर का टुकड़ा जर्जर हालत में है।</p>
<p><strong>    भोपाल के अटल पथ (बुलेवर्ड स्ट्रीट) को</strong> करीब 40 करोड़ रुपए से बनाया गया था। हर साल यह सड़क उखड़ती है और फिर मेंटेनेंस के नाम पर लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं।</p>
<p><strong>    लिंक रोड नंबर-2 का बड़ा हिस्सा जर्जर हो रहा</strong> है। ऊर्जा भवन से सात नंबर चौराहे तक कई जगहों से सड़क उखड़ गई हैं।</p>
<p><strong>    न्यू मार्केट के चारों ओर की सड़कों भी </strong>जर्जर हो गई है। सड़क से गिट्‌टी बाहर निकल आई है। इससे फिसलने और दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना है।</p>
<p><strong>    एमपी नगर में मेट्रो स्टेशन के नीचे बड़े-बड़े गड्‌ढे हो गए हैं।</strong></p>
<p> </p>
<p><strong>भोपाल में दो दिन में 8 इंच बारिश</strong><br>
भोपाल में पिछले दो दिनों में करीब 8 इंच बारिश हुई है। शहर के निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब 200 मकानों में ढाई फीट तक पानी पहुंच गया। कई जगह ट्रांसफार्मर और बिजली वितरण पेटियां पानी की चपेट में आने के कारण सुरक्षा के लिए बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी।मंगलवार को भी सुबह से रुक-रुककर बारिश होती रही। शाम करीब 5 बजे तेज बारिश शुरू हुई, जिससे दफ्तरों से घर लौट रहे लोगों को परेशानी हुई। शाम करीब 7 बजे 7 नंबर स्टॉप की सड़क भी पानी में डूब गई। बारिश के कारण भोपाल में दृश्यता भी कम रही। एमपी नगर में सुबह दृश्यता एक किलोमीटर से कम दर्ज की गई। अंबेडकर फ्लाईओवर पर वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा।</p>
<p><strong>गुना में साढ़े 3, खंडवा में सवा 2 इंच बारिश</strong><br>
मंगलवार को गुना में 85 मिमी यानी साढ़े 3 इंच और खंडवा में सवा 2 इंच बारिश दर्ज हुई। इसके अलावा भोपाल, बैतूल, छिंदवाड़ा, शाजापुर, सीहोर, रायसेन, विदिशा, धार, नर्मदापुरम, इंदौर, जबलपुर, रीवा, श्योपुर, टीकमगढ़, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, खरगोन, शिवपुरी, मऊगंज, उमरिया और बड़वानी में भी बारिश हुई। अधिकांश जिलों में देर रात तक बारिश का दौर जारी रहने की चेतावनी है।</p>
<p><strong>राजगढ़ और आगर-मालवा में भारी बारिश</strong><br>
पिछले 24 घंटे में राजगढ़ जिले के ब्यावरा में करीब 9 इंच, खिलचीपुर में 8 इंच और जीरापुर में 7.7 इंच बारिश दर्ज की गई। आगर-मालवा के सोयतकलां में भी करीब 7.7 इंच बारिश हुई। गुना, शाजापुर, नरसिंहपुर, मंदसौर और उज्जैन के कई क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश हुई।</p>
<p><strong>बड़ा तालाब भरने की ओर</strong><br>
लगातार बारिश का सबसे बड़ा असर भोपाल के बड़े तालाब पर दिख रहा है। एक दिन में करीब पौन फीट पानी बढ़ने के बाद जलस्तर 1663 फीट पहुंच गया है। इससे भोपाल के प्रमुख जलस्रोत की स्थिति काफी बेहतर हुई है। कोलार, केरवा और कलियासोत बांध में भी पानी की आमद बढ़ी है। नर्मदा के जलस्तर में बढ़ोतरी से इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर बांध में भी पानी बढ़ रहा है।</p>
<p><strong>नर्मदा 48 घंटे में 10 फीट बढ़ी</strong><br>
नर्मदापुरम में लगातार बारिश के कारण नर्मदा नदी का जलस्तर 48 घंटे में करीब 10 फीट बढ़ गया। सेठानी घाट पर जलस्तर 946.40 फीट पहुंच गया है। तवा बांध का जलस्तर भी करीब 8.5 फीट बढ़कर 1137.70 फीट हो गया। फिलहाल तवा बांध का जलस्तर निर्धारित सीमा से नीचे है, इसलिए उसके गेट खोलने की जरूरत नहीं बताई गई है।</p>
<p><strong>खरगोन में बांध के गेट खुले, 24 गांवों में अलर्ट</strong><br>
लगातार बारिश से खरगोन के अपरवेदा बांध का जलस्तर बढ़ने के बाद गेट खोले गए। बांध से करीब 340 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। निचले क्षेत्र के 24 गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। आगर-मालवा के कुंडालिया और उमरिया के जोहिला बांध से भी पानी छोड़ा जा रहा है।लगातार बारिश के कारण रतलाम के सागोद रोड स्थित रेलवे अंडरब्रिज में पानी भर गया। कई वाहन पानी में फंसकर बंद हो गए। मंदसौर में शिवना नदी का जलस्तर बढ़ने से पशुपतिनाथ मंदिर की छोटी पुलिया भी पानी में डूब गई। कालाभाटा बांध के दो गेट खोले गए हैं।</p>
<p><strong>प्रदेश में अब तक 19 इंच बारिश</strong><br>
मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश में अब तक करीब 19 इंच बारिश हुई है। यह सामान्य बारिश से लगभग 3.5 इंच कम है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सामान्य से करीब 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में करीब 13 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। अभी भी 46 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। कुछ जिलों में बारिश की कमी 4 से 57 प्रतिशत तक है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>धान खरीदी केंद्र में ₹1.31 करोड़ की गड़बड़ी, संस्था प्रबंधक समेत दो गिरफ्तार</title>
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<description><![CDATA[ सक्ती. धान खरीदी केंद्र पुटीडीह में धान की बोरियों में कथित रूप से मिट्टी मिलाकर शासन को करीब 1 करोड़ 31 लाख रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाने के मामले में संस्था प्रबंधक शशिकांत महंत और प्राधिकृत अधिकारी श्यामा बाई को गिरफ्तार किया है. मामले में खरीदी केंद्र प्रभारी प्रकाश महंत के खिलाफ पहले ही एफआईआर … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 14:45:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>धान, खरीदी, केंद्र, में, ₹1.31, करोड़, की, गड़बड़ी, संस्था, प्रबंधक, समेत, दो, गिरफ्तार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सक्ती.</strong></p>
<p>धान खरीदी केंद्र पुटीडीह में धान की बोरियों में कथित रूप से मिट्टी मिलाकर शासन को करीब 1 करोड़ 31 लाख रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाने के मामले में संस्था प्रबंधक शशिकांत महंत और प्राधिकृत अधिकारी श्यामा बाई को गिरफ्तार किया है.</p>
<p>मामले में खरीदी केंद्र प्रभारी प्रकाश महंत के खिलाफ पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी थी. अब जांच में जिम्मेदारी सामने आने के बाद दो अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. मामला 24 नवंबर 2025 का बताया जा रहा है. उस समय समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य चल रहा था. इसी दौरान प्रशासन को सूचना मिली कि पुटीडीह धान खरीदी केंद्र में रात के समय धान की बोरियों में मिट्टी मिलाई जा रही है. सूचना पर जिला पंचायत सीईओ टीम के साथ देर रात मौके पर पहुंचे. जांच के दौरान केंद्र में गंभीर अनियमितताएं सामने आने का दावा किया गया. प्रशासनिक जांच में खरीदी केंद्र में करीब 4200 क्विंटल धान की कमी सामने आने की बात कही गई.</p>
<p>आरोप है कि इस कमी की पूर्ति करने के उद्देश्य से धान की बोरियों में मिट्टी मिलाकर उन्हें भेजने की तैयारी की जा रही थी. कलेक्टर ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे. प्रारंभिक कार्रवाई में खरीदी केंद्र प्रभारी प्रकाश महंत के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. हालांकि संस्था प्रबंधक शशिकांत महंत, कंप्यूटर ऑपरेटर द्रोण प्रताप शांडिल्य और प्राधिकृत अधिकारी श्यामा बाई का नाम उस समय एफआईआर में शामिल नहीं होने को लेकर सवाल उठे थे. मामले की जांच आगे बढ़ने के बाद कार्यालय सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं, जिला सक्ती की ओर से 29 मई 2026 को एक और पत्र जारी किया गया.</p>
<p>इसमें संस्था प्रबंधक शशिकांत महंत, कंप्यूटर ऑपरेटर द्रोण प्रताप शांडिल्य और प्राधिकृत अधिकारी श्यामा बाई के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए जाने की बात सामने आई. इसके बाद अब डभरा पुलिस ने मामले में शशिकांत महंत और श्यामा बाई के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया है. हालांकि कंप्यूटर ऑपरेटर द्रोण प्रताप शांडिल्य के संबंध में आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है. इस पूरे प्रकरण के बीच संस्था प्रबंधक शशिकांत महंत द्वारा 6 अगस्त 2026 को मानवाधिकार आयोग में की गई शिकायत से मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया. शिकायत में शशिकांत ने सक्ती कलेक्टर पर कथित रूप से टॉयलेट साफ कराने का गंभीर आरोप लगाया है.</p>
<p>शिकायत के साथ एक वीडियो दिए जाने की बात भी कही गई है, जिसमें शशिकांत टॉयलेट साफ करते दिखाई देने का दावा है. मामले में कलेक्टर ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि शशिकांत महंत पिछले करीब दो महीने से अपने खिलाफ चल रही कार्रवाई से बचने के लिए विभिन्न प्रयास कर रहा था. कलेक्टर के मुताबिक उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई होगी. वीडियो को लेकर कलेक्टर का कहना है कि संबंधित व्यक्ति कहीं भी टॉयलेट साफ कर अपना वीडियो बनवा सकता है और प्रशासन उसकी हर गतिविधि की निगरानी नहीं कर सकता. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्रशासन ने ऐसा कराया होता तो संबंधित व्यक्ति के पास उसका वीडियो कैसे पहुंचता. कलेक्टर ने पूरे आरोप को निराधार बताते हुए इसे कार्रवाई से बचने की कोशिश करार दिया.</p>]]> </content:encoded>
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<title>Weather Alert: जम्मू&#45;कश्मीर, हिमाचल समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें आज का मौसम</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली  भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश जारी है. मौसम विभाग के अनुसार पूरे भारत में मॉनसून की गतिविधियां सक्रिय है. कई इलाकों में हल्की से लेकर भारी बारिश और कुछ जगहों पर छिटपुट बारिश होने की संभावना है. अगस्त के महीने में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून मुख्य मौसमी सिस्टम होता है, जिससे भारत के … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 14:30:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
 भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश जारी है. मौसम विभाग के अनुसार पूरे भारत में मॉनसून की गतिविधियां सक्रिय है. कई इलाकों में हल्की से लेकर भारी बारिश और कुछ जगहों पर छिटपुट बारिश होने की संभावना है. अगस्त के महीने में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून मुख्य मौसमी सिस्टम होता है, जिससे भारत के कई हिस्सों में व्यापक बारिश होती है। </p>
<p><strong>उत्तर-पश्चिम भारत</strong><br>
मौसम विभाग के अनुसार आज दिल्ली और हरियाणा में काफी ज़्यादा या व्यापक बारिश होने की संभावना है, क्योंकि दक्षिण राजस्थान के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र और मॉनसून का असर है. इसके अलावा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और पश्चिमी हिमालयी राज्यों में भी अगले कुछ दिनों में व्यापक बारिश होने की उम्मीद है। </p>
<p>जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. उत्तराखंड के नौ जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिनमें उत्तरकाशी और चमोली भी शामिल हैं. यहाँ भूस्खलन (landslides) और सड़कें बंद होने का खतरा ज़्यादा है। </p>
<p><strong>मध्य भारत</strong><br>
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में मॉनसून के जोरदार बने रहने की उम्मीद है. इन इलाकों में व्यापक बारिश हो सकती है, साथ ही बारिश के दौरान आंधी-तूफ़ान और बिजली कड़कने की भी संभावना है. पूर्वी मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश हो सकती है। </p>
<p><strong>पूर्वी भारत</strong><br>
बिहार में मॉनसून सक्रिय है और पूरे राज्य में बादल छाए हुए हैं. कम बारिश के कारण लगातार उमस बनी हुई है, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है. मॉनसून के दौरान ज़्यादा उमस की मुख्य वजह हवा में नमी का बढ़ना है. बिहार में अब तक सामान्य से 36फीसदी कम बारिश हुई है, जिसका असर खेती और जल स्तर पर पड़ सकता है। </p>
<p>समुद्र और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली हवाएं बिहार पहुँचती हैं और उमस बढ़ा देती हैं. कम दबाव के क्षेत्र के कारण ओडिशा में बारिश होने की संभावना है. आईएमडी ने सभी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी बारिश होने की उम्मीद है। </p>
<p><strong>पूर्वोत्तर भारत</strong><br>
पूरे हफ़्ते अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम और त्रिपुरा में बारिश जारी रहने की उम्मीद है. इस इलाके के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जिससे जलभराव और स्थानीय स्तर पर बाढ़ आने का खतरा बढ़ सकता है। </p>
<p><strong>पश्चिमी भारत</strong><br>
इस हफ़्ते कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र और गुजरात में भारी बारिश होने की संभावना है. आईएमडी ने कोंकण और गोवा और मध्य महाराष्ट्र में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया है, जबकि गुजरात में भी भारी बारिश होने की उम्मीद है। </p>
<p><strong>दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत</strong><br>
आने वाले दिनों में केरल, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और आस-पास के इलाकों में बारिश जारी रहने की संभावना है. केरल और तटीय कर्नाटक में तो अच्छी-खासी बारिश होने की उम्मीद है, जबकि दक्षिण के अन्य राज्यों में कहीं-कहीं या काफी हद तक बारिश हो सकती है. इस बीच समुद्र में खराब हालात और तेज हवा के कारण मछुआरों को अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में न जाने की सलाह दी गई है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>चार राजयोगों का दुर्लभ महासंयोग, मेष समेत इन 5 राशियों का चमकेगा भाग्य</title>
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<description><![CDATA[ द्रिक पंचांग के अनुसार, आज का दिन वैदिक ज्योतिष के इतिहास में एक अत्यंत दुर्लभ और कल्याणकारी अध्याय दर्ज करने जा रहा है. पंचांगीय गणनाओं के अनुसार, इस दिन आकाशगंगा में ग्रहों की ऐसी अद्भूत युति बन रही है, जो सदियों में एकाध बार ही देखने को मिलती है. हंस राजयोग, शशि आदित्य राजयोग, गजकेसरी … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 14:30:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>चार, राजयोगों, का, दुर्लभ, महासंयोग, मेष, समेत, इन, राशियों, का, चमकेगा, भाग्य</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>द्रिक पंचांग के अनुसार, आज का दिन वैदिक ज्योतिष के इतिहास में एक अत्यंत दुर्लभ और कल्याणकारी अध्याय दर्ज करने जा रहा है. पंचांगीय गणनाओं के अनुसार, इस दिन आकाशगंगा में ग्रहों की ऐसी अद्भूत युति बन रही है, जो सदियों में एकाध बार ही देखने को मिलती है. हंस राजयोग, शशि आदित्य राजयोग, गजकेसरी राजयोग और बुधादित्य राजयोग, इन चार शक्तिशाली राजयोगों का एक साथ निर्मित होना एक महासंयोग है. ग्रहों की इस दुर्लभ स्थिति का प्रत्यक्ष प्रभाव सभी 12 राशियों पर देखने को मिलेगा, लेकिन कुछ विशेष राशियों के लिए यह दिन सोए हुए भाग्य को जगाने और जीवन में अपार सफलता, धन व प्रतिष्ठा लाने वाला साबित होगा.</p>
<p><strong>मेष राशि (Aries): करियर और धन में उछाल</strong><br>
चारों राजयोगों की शुभ दृष्टि से आपके लिए व्यापार और नौकरी में नए रास्ते खुलेंगे. अचानक धन लाभ होगा. आर्थिक तंगी पूरी तरह दूर होगी. जिस भी काम में हाथ डालेंगे, उसमें सफलता मिलेगी.</p>
<p><strong>वृषभ राशि (Taurus): अकूत संपत्ति और सुख</strong><br>
आर्थिक दृष्टिकोण से आप सबसे ज्यादा लकी रहेंगे. पैतृक संपत्ति से बड़ा लाभ, नए निवेश से भारी मुनाफा और भौतिक सुख-सुविधाओं (घर, गाड़ी आदि) में वृद्धि के सबसे मजबूत योग बन रहे हैं.</p>
<p><strong>सिंह राशि (Leo): राजसत्ता और नेतृत्व</strong><br>
बुधादित्य और शशि आदित्य राजयोग का सबसे सीधा और शक्तिशाली लाभ आपको मिलेगा. समाज और कार्यक्षेत्र में आपका वर्चस्व बढ़ेगा, सरकारी या प्रशासनिक कार्यों में बड़ी सफलता मिलेगी और अचानक पद-प्रतिष्ठा में भारी उछाल आएगा.</p>
<p><strong>धनु राशि (Sagittarius): भाग्योदय और सफलता</strong><br>
आपकी राशि के स्वामी गुरु के प्रभाव से बनने वाले हंस और गजकेसरी राजयोग आपके लिए वरदान साबित होंगे. किस्मत का 100% साथ मिलेगा. करियर में लंबी छलांग, अटके हुए बड़े काम पूरे होने और अपार धन-लाभ के प्रबल योग हैं.</p>
<p><strong>मीन राशि (Pisces): मानसिक शांति और कर्जों से मुक्ति</strong><br>
गुरु की कृपा से हंस और गजकेसरी योग आपको पुराने कर्जों और मानसिक तनाव से पूरी तरह निजात दिलाएंगे. आय के नए और स्थायी स्रोत बनेंगे, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति बेहद मजबूत हो जाएगी.</p>]]> </content:encoded>
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<title>मृत लोगों के जॉब कार्ड से मनरेगा भुगतान का आरोप, कलेक्टर से जांच की मांग</title>
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<description><![CDATA[ मृत लोगों के जॉब कार्ड से मनरेगा भुगतान का आरोप, कलेक्टर से जांच की मांग इमलिया ग्राम पंचायत में फर्जी हाजिरी लगाकर शासकीय राशि निकालने की शिकायत, ऑनलाइन रिकॉर्ड और मस्टर रोल जांचने की मांग मुरैना जनपद पंचायत मुरैना की ग्राम पंचायत इमलिया में मनरेगा कार्यों में कथित अनियमितता और फर्जीवाड़े का मामला सामने आया … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 14:15:25 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>मृत, लोगों, के, जॉब, कार्ड, से, मनरेगा, भुगतान, का, आरोप, कलेक्टर, से, जांच, की, मांग</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मृत लोगों के जॉब कार्ड से मनरेगा भुगतान का आरोप, कलेक्टर से जांच की मांग</strong></p>
<p><strong>इमलिया ग्राम पंचायत में फर्जी हाजिरी लगाकर शासकीय राशि निकालने की शिकायत, ऑनलाइन रिकॉर्ड और मस्टर रोल जांचने की मांग</strong></p>
<p><strong>मुरैना</strong><br>
जनपद पंचायत मुरैना की ग्राम पंचायत इमलिया में मनरेगा कार्यों में कथित अनियमितता और फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। ग्राम इमलिया निवासी धर्मवीर मोर्य ने कलेक्टर मुरैना को आवेदन देकर आरोप लगाया है कि मृत व्यक्तियों तथा विवाह के बाद अन्यत्र जा चुकी महिलाओं के नाम से मनरेगा में फर्जी हाजिरी दर्ज कर मजदूरी राशि निकाली जा रही है।</p>
<p>शिकायत में बताया गया है कि उनके भाई दिलीप पिता मोतीराम की वर्ष 2010 में मृत्यु हो चुकी है। उनका जॉब कार्ड क्रमांक MP-01-003-079-001/41 है। आरोप है कि इस जॉब कार्ड में वीरू नामक व्यक्ति का नाम जोड़कर उसके नाम से हाजिरी भरकर भुगतान कराया गया।</p>
<p>इसी प्रकार मृत दामोदर बघेल के जॉब कार्ड क्रमांक MP-01-003-079-001/14A में बिसन नामक व्यक्ति का नाम जोड़कर मजदूरी भुगतान लेने का आरोप लगाया गया है। वहीं महाराज सिंह के जॉब कार्ड क्रमांक MP-01-003-079-001/236 में भी कथित रूप से फर्जी हाजिरी भरकर राशि निकाले जाने की शिकायत की गई है।</p>
<p>आवेदन में मुन्ना ठकुरी के जॉब कार्ड क्रमांक MP-01-003-079-001/69 का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार उनकी पत्नी लक्ष्मी की लगभग 15 वर्ष पूर्व मृत्यु हो चुकी है, इसके बावजूद जॉब कार्ड में गुड्डी नामक महिला का नाम जोड़कर दोनों के नाम से भुगतान निकाले जाने का आरोप है।</p>
<p>इसके अलावा सुरेश सिंह के जॉब कार्ड क्रमांक MP-01-003-079-001/114 में उनकी पुत्री नीतू, जिसकी शादी 10 वर्ष से अधिक पहले हो चुकी है, के नाम से भी मनरेगा भुगतान किए जाने की शिकायत की गई है।</p>
<p>शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से संबंधित जॉब कार्ड, मस्टर रोल, हाजिरी रजिस्टर, मजदूरी भुगतान विवरण, बैंक खातों तथा मनरेगा के ऑनलाइन रिकॉर्ड की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही आरोप सही पाए जाने पर दोषी व्यक्तियों के साथ जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा शासकीय राशि की वसूली की मांग की गई है।</p>
<p>धर्मवीर मोर्य ने ग्राम पंचायत इमलिया के अन्य मृत व्यक्तियों के जॉब कार्डों का भी सत्यापन कराने की मांग की है। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि जॉब कार्ड, मस्टर रोल और भुगतान रिकॉर्ड में वास्तव में कोई अनियमितता हुई है या नहीं।</p>]]> </content:encoded>
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<title>Bhojshala Case: सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई, मंदिर घोषित करने के फैसले को मुस्लिम पक्ष ने दी चुनौती</title>
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<description><![CDATA[ धार  मध्यप्रदेश के धार जिले की ऐतिहासिक भोजशाला से जुड़े मामले में बुधवार 12 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। यह सुनवाई इंदौर हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ मुस्लिम समाज की ओर से दायर 5 याचिकाओं पर होगी। पहले 5 और 6 अगस्त को सुनवाई होनी थी।  दरअसल, 15 मई 2026 को इंदौर हाईकोर्ट … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 14:15:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>धार </strong><br>
मध्यप्रदेश के धार जिले की ऐतिहासिक भोजशाला से जुड़े मामले में बुधवार 12 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। यह सुनवाई इंदौर हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ मुस्लिम समाज की ओर से दायर 5 याचिकाओं पर होगी। पहले 5 और 6 अगस्त को सुनवाई होनी थी। </p>
<p>दरअसल, 15 मई 2026 को इंदौर हाईकोर्ट ने भोजशाला को मां सरस्वती का मंदिर घोषित करते हुए हिंदू समाज को वहां रोजाना पूजा करने की अनुमति दी थी। इस फैसले के खिलाफ मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने सुप्रीम कोर्ट में पांच याचिकाएं दायर की हैं।</p>
<p><strong>14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने दिया था अंतरिम आदेश</strong><br>
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 14 जुलाई को अंतरिम आदेश जारी किया था। कोर्ट ने प्रदेश सरकार को निर्देश दिए थे कि मुस्लिम समाज के लिए हर शुक्रवार जुमे की नमाज अदा करने के लिए भोजशाला के पास ही किसी खाली वैकल्पिक स्थान की व्यवस्था की जाए।</p>
<p>इसके बाद प्रशासन ने मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। प्रशासन ने चालीस पीर दरगाह के पास स्थित खाली जमीन पर नमाज की व्यवस्था करने की बात कही। इस जगह को समतल भी कराया गया था। मुस्लिम समाज ने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताई।</p>
<p>समाज के लोगों का कहना था कि चालीस पीर दरगाह भोजशाला से काफी दूर है। उनका कहना था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार भोजशाला से लगी खाली जमीन पर नमाज की व्यवस्था होनी चाहिए।</p>
<p><strong>इसके बाद मुस्लिम समाज ने चालीस पीर की जगह पर जुमे की नमाज नहीं पढ़ी और फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।</strong></p>
<p><strong>भोजशाला के पीछे खसरा नंबर 612 की जमीन पर हो रही नमाज</strong><br>
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार को भोजशाला के पास ही उपयुक्त खाली जगह उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके बाद प्रशासन ने भोजशाला के पिछले हिस्से की दाहिनी ओर स्थित खसरा नंबर 612 की जमीन को जुमे की नमाज के लिए तय किया।</p>
<p>पिछले दो शुक्रवार से मुस्लिम समाज के लोग इसी जमीन पर जुमे की नमाज अदा कर रहे हैं। नमाज के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था भी की जा रही है। दोनों शुक्रवार को नमाज शांतिपूर्वक हुई।</p>
<p><strong>14 अगस्त को शुक्रवार, आदेश पर रहेगी नजर</strong><br>
बुधवार की सुनवाई के बाद 14 अगस्त को शुक्रवार है। ऐसे में प्रशासन को सुप्रीम कोर्ट के 12 अगस्त के आदेश के अनुसार नमाज की व्यवस्था में बदलाव की स्थिति के लिए भी तैयारी रखनी होगी।</p>
<p>शुक्रवार की नमाज को लेकर आगे की व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आधार पर ही स्पष्ट होगी। अब सभी की नजर बुधवार को होने वाली सुनवाई पर है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>मैदे को भूल घर पर बनाएं गेहूं के आटे के टेस्टी नूडल्स, आसान है रेसिपी</title>
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<description><![CDATA[ अगर आपको नूडल्स खाना पसंद है लेकिन बाहर के नूडल्स से बचना चाहते हैं तो घर पर गेहूं के आटे के आसानी से नूडल्स बना सकते हैं. आमतौर पर नूडल्स मैदे से बनाए जाते हैं लेकिन आप चाहें तो गेहूं के आटे से भी टेस्टी नूडल्स तैयार कर सकते हैं. इसमें अपनी पसंद की सब्जियां … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 14:15:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>मैदे, को, भूल, घर, पर, बनाएं, गेहूं, के, आटे, के, टेस्टी, नूडल्स, आसान, है, रेसिपी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>अगर आपको नूडल्स खाना पसंद है लेकिन बाहर के नूडल्स से बचना चाहते हैं तो घर पर गेहूं के आटे के आसानी से नूडल्स बना सकते हैं. आमतौर पर नूडल्स मैदे से बनाए जाते हैं लेकिन आप चाहें तो गेहूं के आटे से भी टेस्टी नूडल्स तैयार कर सकते हैं. इसमें अपनी पसंद की सब्जियां डालकर इसे और भी टेस्टी बनाया जा सकता है.</p>
<p>खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए आपको बहुत ज्यादा सामान की जरूरत नहीं पड़ेगी और न ही किचन में ज्यादा समय बिताना होगा. इसका स्वाद इतना लाजवाब होगा कि बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आएगा. तो आइए जानते हैं घर पर गेहूं के आटे से टेस्टी नूडल्स कैसे बना सकते हैं और इसे बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होगी.</p>
<p><strong>इंग्रेडिएंट्स (ingredients)</strong><br>
1 कप गेहूं का आटा<br>
1/2 छोटा चम्मच नमक<br>
1 प्याज, पतला कटा हुआ<br>
1 शिमला मिर्च, पतली कटी हुई<br>
1 गाजर, पतली कटी हुई<br>
4-5 लहसुन की कलियां, बारीक कटी हुई<br>
1 हरी मिर्च, बारीक कटी हुई<br>
1 छोटा चम्मच सोया सॉस<br>
1 बड़ा चम्मच टोमैटो सॉस<br>
1/2 छोटा चम्मच सिरका<br>
काली मिर्च स्वादानुसार<br>
जरूरत के अनुसार तेल<br>
जरूरत के अनुसार पानी</p>
<p><strong>आटा नूडल्स बनाएं  कैसे ?</strong></p>
<ul>
<li>सबसे पहले एक बड़े बाउल में गेहूं का आटा, नमक और थोड़ा तेल डालकर मिला लें. अब इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए सख्त आटा गूंथ लें. आटे को ढककर लगभग 15-20 मिनट के लिए रख दें.</li>
<li>इसके बाद आटे की एक लोई लेकर इसे बेलन की मदद से पतली रोटी की तरह बेल लें. अब चाकू या कटर की मदद से इसे पतली-पतली पट्टियों में काट लें. इसी तरह बाकी आटे से भी नूडल्स तैयार कर लें.</li>
<li>अब एक बर्तन में पानी उबालें. इसमें थोड़ा नमक और तेल डालें और तैयार नूडल्स डालकर लगभग 4-5 मिनट तक उबालें. नूडल्स पक जाएं तो इन्हें छानकर ठंडे पानी से धो लें और अलग रख दें.</li>
<li>अब कड़ाही में थोड़ा तेल गर्म करें. इसमें कटा हुआ लहसुन और हरी मिर्च डालकर कुछ सेकेंड भूनें. इसके बाद प्याज डालकर हल्का भूनें. अब इसमें गाजर और शिमला मिर्च डालकर तेज आंच पर 3-4 मिनट तक पकाएं. सब्जियों को ज्यादा न पकाएं, ताकि उनका हल्का क्रंच बना रहे.</li>
<li>अब इसमें उबले हुए नूडल्स डालें. साथ ही सोया सॉस, टोमैटो सॉस, सिरका, नमक और काली मिर्च डालकर अच्छी तरह मिला लें. तेज आंच पर 2-3 मिनट तक चलाते हुए पकाएं.</li>
<li>जब नूडल्स अच्छी तरह मसाले और सब्जियों के साथ मिक्स हो जाएं तो गैस बंद कर दें. तैयार आटा नूडल्स को गरमा-गरम सर्व करें. चाहें तो ऊपर से थोड़ा हरा धनिया डालकर इसका स्वाद और बढ़ा सकते हैं.</li>
</ul>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>CG के CM हाउस में आज मनेगा हरेली तिहार, बस्तर से शुरू होगी भव्य तिरंगा यात्रा</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर. आज छत्तीसगढ़ में पहला लोक तिहार (पर्व ) मनाया जायेगा। 12 अगस्त को मुख्यमंत्री निवास नवा रायपुर में यह पर्व धूमधाम से मनाया जायेगा। सुबह दस बजे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में हरेली तिहार पारंपरिक उल्लास और छत्तीसगढ़ी रंग में मनाया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ी लोक परंपराओं और ग्रामीण परिवेश … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 13:45:30 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>के, हाउस, में, आज, मनेगा, हरेली, तिहार, बस्तर, से, शुरू, होगी, भव्य, तिरंगा, यात्रा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>आज छत्तीसगढ़ में पहला लोक तिहार (पर्व ) मनाया जायेगा। 12 अगस्त को मुख्यमंत्री निवास नवा रायपुर में यह पर्व धूमधाम से मनाया जायेगा। सुबह दस बजे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में हरेली तिहार पारंपरिक उल्लास और छत्तीसगढ़ी रंग में मनाया जाएगा।</p>
<p>इस दौरान मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ी लोक परंपराओं और ग्रामीण परिवेश जीवंत झलक देखने को मिलेगी। ऐसे में सीएम हाउस को छत्तीसगढ़ी ग्रामीण परिवेश में सजाया गया है। खेती-किसानी से जुड़ी पारंपरिक वस्तुओं, कृषि उपकरणों और लोक संस्कृति के प्रतीकों को आकर्षक तरीके से सजाया गया है। कार्यक्रम में हरेली से जुड़ी पारंपरिक गतिविधियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इस आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी लोक परंपराओं, कृषि संस्कृति और ग्रामीण जीवन की समृद्ध विरासत से जोड़ना  है।</p>
<p><strong>क्या है हरेली तिहार?</strong><br>
हरेली छत्तीसगढ़ का प्रमुख और पहला लोकपर्व है। खेती-किसानी से जुड़ा यह पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, अच्छी फसल की कामना और ग्रामीण जीवन के सामूहिक उल्लास का प्रतीक है। सावन की हरियाली के बीच मनाया जाने वाला हरेली तिहार प्रदेश की कृषि प्रधान संस्कृति और प्रकृति के साथ छत्तीसगढ़ के आत्मीय जुड़ाव को दिखाता है। किसान हरेली के दिन अपने कृषि उपकरणों और हल-नांगर की साफ-सफाई कर उनकी पूजा करते हैं। खेती में उपयोग होने वाले औजारों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए अच्छी फसल, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की जाती है।</p>
<p>गांवों में घरों और चौपालों में पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ हरेली की खुशियां मनाई जाती है। गेड़ी चढ़ने की परंपरा और विभिन्न छत्तीसगढ़ी खेल इस पर्व में चार चांद लगाते हैं। हरेली तिहार छत्तीसगढ़ की उस जीवन पद्धति का प्रतीक है, जिसमें प्रकृति, कृषि और संस्कृति एक-दूसरे से जुड़े हैं। यह पर्व किसान और खेती के सम्मान के साथ सामूहिकता, प्रकृति संरक्षण और अपनी जड़ों से जुड़े रहने का संदेश देता है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>बस्तर में आज से शुरू होगी तिरंगा यात्रा, नक्सलमुक्त गांवों से होकर गुजरेगी बाइक रैली</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर. छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा आज यानी 12 अगस्त से बस्तर दौरे पर रहेंगे। वे स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेश लेकर &#039;बस्तर तिरंगा यात्रा&#039; निकालेंगे। 12 से 15 अगस्त तक निकलने वाली यह यात्रा बस्तर के नक्सलमुक्त गांवों से होकर गुजरेगी। पार्टी हर घर तिरंगा अभियान के … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 13:45:26 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>बस्तर, में, आज, से, शुरू, होगी, तिरंगा, यात्रा, नक्सलमुक्त, गांवों, से, होकर, गुजरेगी, बाइक, रैली</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा आज यानी 12 अगस्त से बस्तर दौरे पर रहेंगे। वे स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेश लेकर 'बस्तर तिरंगा यात्रा' निकालेंगे। 12 से 15 अगस्त तक निकलने वाली यह यात्रा बस्तर के नक्सलमुक्त गांवों से होकर गुजरेगी।</p>
<p>पार्टी हर घर तिरंगा अभियान के तहत लोगों में राष्ट्रभक्ति की अलख जगाने के लिये तिरंगा यात्रा निकाल रही है।  इस यात्रा के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि बस्तर अब अमन, विश्वास, शांति और विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। यात्रा के माध्यम से तिरंगा बस्तर के कोने कोने तक फहराया जायेगा। भारत का संविधान राज्य के कोने-कोने में लागू होने का संदेश दिया जाएगा।</p>
<p><strong>शहीद स्थलों पर दी जायेगी श्रद्धांजलि</strong><br>
तिरंगा यात्रा के दौरान श्रद्धांजलि कार्यक्रम भी किये जायेंगे। हर बलिदान स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ दो मिनट का मौन रखा जाएगा। शहीद परिवारों का सम्मान किया जाएगा। शहीदों की शहादत वाले स्थानों की मिट्टी को लेकर संरक्षित किया जाएगा। इस पवित्र मिट्टी को शहीदों के लिए बनने वाले संग्रहालय में रखा जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां वीर शहीदों के त्याग और बलिदान से प्रेरणा ले सकें। </p>
<p><strong>महिला बाइकर्स की विशेष भागीदारी</strong><br>
बस्तर तिरंगा यात्रा में वुमन बाइकर्स रैली विशेष आकर्षक रहेगी। हर जिले से बड़ी संख्या में बाइक राइडर शामिल होंगे। महिला बाइकर्स तिरंगा हाथ में लेकर रैली में शामिल होंगी। स्थानीय युवा, स्वयंसेवी संगठन, महिला समूह, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, स्काउट-गाइड और स्थानीय जनप्रतिनिधियों भी इसमें भाग लेंगे।</p>
<p><strong>दुर्गम इलाकों में पहुंचेगी तिरंगा यात्रा</strong><br>
बस्तर तिरंगा यात्रा 12 अगस्त को यात्रा नारायणपुर से शुरू होकर धौड़ाई, कन्हारगांव, कोड़ेनार, बोदली, सातधार, बारसूर और गीदम होते हुए दंतेवाड़ा पहुंचेगी। यहां पर रात्रि विश्राम के बाद 13 अगस्त को यात्रा दंतेवाड़ा से कुआकोंडा, भुसारास घाटी, चिंगावरम, सुकमा, एर्राबोर, मनीकोंटा, दोरनापाल, पोलमपल्ली, बुर्कापाल, मिनपा-टाड़मेटला, चिंतलनार, जगरगुंडा, सिलगेर, टेकलगुड़ेम और आवापल्ली होते हुए बीजापुर पहुंचेगी। बीजापुर में रात्रि विश्राम के बाद  14 अगस्त को यात्रा बीजापुर से आवापल्ली, उसूर, गलगम, नंबी और ताड़पाला होते हुए कुर्रेगुट्टालु पहाड़ी पहुंचेगी, जहां यात्रा के अंतिम पड़ाव पर कभी माओवादियों का गढ़ माने जाने वाले कुर्रेगुट्टालु की पहाड़ी पर तिरंगा फहराया जाएगा।</p>
<p><strong>‘एक पेड़ शहीदों के नाम’ से होंगे पौधरोपण</strong><br>
हर घटना स्थल पर ‘एक पेड़ शहीदों के नाम’ अभियान के तहत स्थल पर जितने लोग शहीद हुए थे, उतने ही पौधों का पौधरोपण किया जाएगा। इसके साथ ही युवाओं, विद्यार्थियों और खेल प्रतिभाओं से संवाद किए जाएंगे। नशामुक्ति एवं साइबर सुरक्षा के को लेकर संदेश दिया जायेगा।</p>
<p><strong>बस्तर की संस्कृति और विकास की दिखेगी झलक </strong><br>
तिरंगा यात्रा के दौरान सांस्कृतिक संध्याओं में बस्तर के पारंपरिक लोकनृत्य, देशभक्ति गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, डिजिटल सेवाओं और विभिन्न शासकीय योजनाओं पर आधारित विकास प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। पुनर्वासित युवाओं की सफलता की कहानियों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। </p>
<p><strong>बस्तर की वादियों में होगी शांति की दौड़</strong><br>
हर जिला मुख्यालय में बस्तर की वादियों के बीच बस्तर शांति दौड़ होगी।  विशाल तिरंगा मार्च, राष्ट्रगान, शहीद सम्मान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>छात्र आंदोलन पर संसद में चर्चा को तैयार सरकार, अमित शाह बोले&#45; ‘दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा’</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में जारी गतिरोध के बीच बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि सरकार छात्र आंदोलन पर चर्चा को तैयार है. हम हर सवाल का जवाब देने को तैयार हूं. हम आज 3 बजे से कल तीन बजे तक चर्चा को तैयार हूं. दूध का दूध पानी का … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 13:45:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>छात्र, आंदोलन, पर, संसद, में, चर्चा, को, तैयार, सरकार, अमित, शाह, बोले-, ‘दूध, का, दूध, पानी, का, पानी, हो, जाएगा’</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में जारी गतिरोध के बीच बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि सरकार छात्र आंदोलन पर चर्चा को तैयार है. हम हर सवाल का जवाब देने को तैयार हूं. हम आज 3 बजे से कल तीन बजे तक चर्चा को तैयार हूं. दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा. विपक्ष सिर्फ हंगामा करने पर तुला है. चर्चा में जनता के सामने सब स्पष्ट हो जाएगा. जनता तय करे कि कौन चर्चा से भाग रहा है. सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है. विपक्षी नेताओं के बयानों पर शाह ने कहा कि लापता, भगोड़े और भाग गए जैसे शब्द ठीक नहीं हैं। </p>
<p>अमित शाह ने कहा कि नीट आंदोलन से जुड़े छात्रों के प्रदर्शन समेत सभी मुद्दों पर सरकार चर्चा के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू भी पहले ही सरकार का रुख साफ कर चुके हैं. अमित शाह ने विपक्ष से कहा कि वह दोपहर 2 बजे तक लोकसभा स्पीकर को पत्र दे. इसके बाद 3 बजे से चर्चा शुरू की जा सकती है. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो क्वेश्चन ऑवर भी स्थगित किया जा सकता है. गृह मंत्री ने कहा कि वह खुद सदन में बैठेंगे. विपक्ष के हर सवाल को सुनेंगे और हर सवाल का जवाब देंगे. उनका कहना है कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है. शाह ने विपक्ष से सवाल किया कि आखिर वह चर्चा से क्यों भाग रहा है. उन्होंने कहा कि अब विपक्ष को तय करना है कि उसे चर्चा करनी है या सिर्फ हंगामा करना है. उन्होंने कहा कि संसद में गंभीर मुद्दों पर चर्चा के लिए तय नियम और प्रक्रिया है. सिर्फ बयान देकर ऐसे मामलों को खत्म नहीं किया जा सकता. अमित शाह ने कहा कि सरकार चाहती है कि संसद चले और देश की जनता के सामने हर मुद्दे पर स्थिति साफ हो. उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह पत्र दे और चर्चा शुरू करे। </p>
<p>केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, मैं विपक्ष से कहना चाहता हूं. दोपहर 2 बजे तक लोकसभा अध्यक्ष को पत्र सौंप दें. हम दोपहर 3 बजे चर्चा शुरू करेंगे और मैं कल दोपहर 3:00 बजे तक सभी सवालों के जवाब दे दूंगा. इसके लिए स्थापित नियम और प्रक्रियाएं हैं। </p>
<p>वहीं विपक्ष के नेता राशिद अल्वी ने कहा है कि हम चाहते हैं कि गृह मंत्री सदन में आकर जवाब दें. हम चर्चा की बात नहीं कर रहे हैं। </p>
<p><strong>राहुल गांधी से झारखंड मामले में जवाब की मांग<br>
NDA सांसद जब मीटिंग कर निकले तो वे मार्च करते</strong> हुए मकर द्वार की तरफ बढ़े। उनके हाथों में पोस्टर थे। उन पर लिखा था झारखंड में छात्रों पर हुई क्रूरता पर राहुल गांधी जवाब दो, राहुल गांधी भागो मत चर्चा करो। वे नारे लगाते हुए मकर द्वार के सामने पहुंचे और यहां विरोध-प्रदर्शन किया और नारेबाजी करने शुरू की। इसी बीच विपक्ष के सांसद भी वहां एकत्र हो गए जो पिछले कई दिनों से घदा चोरी मसले पर और गृह मंत्री अमित शाह के सदन में आकर जवाब देने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।</p>
<p><strong>प्रियंका ने कहा- राहुल दे रहे हैं जवाब</strong><br>
जब सत्ता पक्ष के सांसद राहुल गांधी जवाब दो के नारे लगा रहे थे तभी एक सांसद के पास से कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी गुजरीं और रुककर उनसे कहा कि राहुल गांधी तो सभी सवालों का जवाब दे रहे हैं। उसके बाद प्रियंका विपक्ष के दूसरे सांसदों के साथ जाकर खड़ी हो गईं। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी सहित विपक्ष के सांसदों ने भी नारेबाजी शुरू की। प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव, जया बच्चन सहित कई सीनियर नेता इसमें मौजूद थे। विपक्ष अमित शाह माफी मांगो के नारे लगा रहा था तो सत्ता पक्ष नारे लगा रहा था- राहुल गांधी माफी मांगो।</p>
<p><strong>F&O ट्रेडिंग में रिटेल निवेशकों का औसत नुकसान बढ़ा</strong></p>
<p>    इक्विटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में रिटेल निवेशकों का कुल नुकसान वित्त वर्ष 2025 में 1.12 लाख करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2026 में घटकर 91685 करोड़ रुपये पर आ गया।<br>
    हालांकि प्रति निवेशक नुकसान का आंकड़ा वित्त वर्ष 2026 में बढ़ गया।<br>
    वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने  एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को यह जानकारी दी।</p>
<p>    चौधरी ने बताया कि वित्त वर्ष 2022 में निवेशकों को कुल 40824 करोड़, वित्त वर्ष 2023 में 65747 करोड़ और वित्त वर्ष 2024 में 74812 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।<br>
    वित्त वर्ष 2025 में यह उछलकर 1,11,788 करोड़ रुपये हो गया।</p>
<p>    इस दौरान F&O सेगमेंट में ट्रेडर्स की संख्या वित्त वर्ष 2022 में 42.74 लाख से बढ़ते-बढ़ते वित्त वर्ष 2025 में 98.1 लाख पर पहुंच गई।</p>
<p>    चौधरी ने बताया कि सेबी के रेगुलेटरी कदम उठाने के बाद इस सेगमेंट में रिटेल निवेशकों की संख्या घटी।</p>
<p><strong>'राहुल को छात्र नहीं, राजनीति की चिंता'</strong><br>
BJP ने कहा है कि कांग्रेस और राहुल गांधी का आचरण लोकतंत्र और संवैधानिक व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। BJP सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि सरकार ने NEET, कठोर कानून, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और अन्य मांगों पर कदम उठाए हैं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में जवाब देने को तैयार हैं। इन सबके बावजूद विपक्ष चर्चा से बच रहा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को झारखंड के छात्रों की गूंज सुनाई नहीं दे रही है। कांग्रेस को छात्र हित नहीं बल्कि तुच्छ राजनीति की चिंता है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>8वें वेतन आयोग का नया नोटिफिकेशन जारी! केंद्रीय कर्मचारियों के लिए जानना जरूरी, क्या बदलेगा?</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली केंद्र सरकार के कर्मचारियों को बेसब्री से आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार है। वेतन आयोग अगले साल की पहली छमाही तक अपनी सिफारिशें सरकार को सौंप देगा। इससे पहले, कर्मचारियों के अलग-अलग संगठन के साथ बैठकें की जा रही हैं। इसके बाद वेतन आयोग अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा। इससे पहले, … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 13:45:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>8वें, वेतन, आयोग, का, नया, नोटिफिकेशन, जारी, केंद्रीय, कर्मचारियों, के, लिए, जानना, जरूरी, क्या, बदलेगा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
केंद्र सरकार के कर्मचारियों को बेसब्री से आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार है। वेतन आयोग अगले साल की पहली छमाही तक अपनी सिफारिशें सरकार को सौंप देगा। इससे पहले, कर्मचारियों के अलग-अलग संगठन के साथ बैठकें की जा रही हैं। इसके बाद वेतन आयोग अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा। इससे पहले, केंद्रीय कर्मचारी आठवें वेतन आयोग से जुड़े हर अपडेट को जानना चाहते हैं। आइए जान लेते हैं कि अब एक नया अपडेट क्या आएगा।</p>
<p><strong>वेबसाइट पर नोटिफिकेशन</strong><br>
आठवें केंद्रीय वेतन आयोग में कंसल्टेंट के तौर पर नियुक्ति के लिए पात्रता नियमों में आंशिक बदलाव किया गया है। आयोग ने अपनी वेबसाइट पर एक नोटिफिकेशन जारी कर इसकी जानकारी दी। इस नोटिफिकेशन में बताया गया है कि नए नियमों के तहत अलग-अलग श्रेणियों के कंसल्टेंट के लिए अनुभव और अधिकतम आयु सीमा निर्धारित की गई है।</p>
<p>संशोधित दिशा-निर्देशों के मुताबिक कंसल्टेंट पदों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। ये तीन पद सीनियर कंसल्टेंट, कंसल्टेंट और यंग प्रोफेशनल कंसल्टेंट हैं। सीनियर कंसल्टेंट के लिए कम से कम 10 वर्ष का अनुभव जरूरी है। वहीं, अधिकतम उम्र सीमा 45 वर्ष रखी गई है। दूसरी श्रेणी में कंसल्टेंट पद के लिए कम से कम छह वर्ष का अनुभव चाहिए। इसके लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष है।</p>
<p>वहीं, तीसरी श्रेणी के यंग प्रोफेशनल कंसल्टेंट की बात करें तो दो वर्ष का अनुभव होना चाहिए। इस श्रेणी में आवेदन करने वाले उम्मीदवार की अधिकतम उम्र 32 वर्ष होनी चाहिए। आयोग इस श्रेणी में अधिकतम 16 कंसल्टेंट नियुक्त कर सकता है।</p>
<p><strong>कौन कर सकता है आवेदन?</strong></p>
<p>-HR, इंडस्ट्रियल रिलेशंस (IR) या संबंधित विषय में मास्टर डिग्री अथवा MBA वाले उम्मीदवार हो सकते हैं ।</p>
<p>-संबंधित अनुभव के साथ बार काउंसिल या बार एसोसिएशन में नामांकित LLB उम्मीदवार भी इसके लिए पात्र हैं। कानून शोध, ट्रिब्यूनल और अदालतों में अधिवक्ता के तौर पर सेवा संबंधी मामलों को संभालने का अनुभव रखने वालों को भी वेतन आयोग योग्य मानता है।</p>
<p>– B.Tech/M.Tech और IT, डेटा एनालिसिस, डेटा विजुअलाइजेशन जैसे क्षेत्रों में अनुभव रखने वाले उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं।</p>
<p>– एक्सेल, स्प्रेडशीट और प्रेजेंटेशन तैयार करने का ज्ञान होना जरूरी है। वे उम्मीदवार, जिन्हें वेतन, भत्ते, क्षतिपूर्ति पैकेज या स्थापना संबंधी मामलों का अनुभव है, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।</p>
<p>वेतन आयोग के नोटिफिकेशन में बताया गया है कि आवेदन केवल ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि डाक, ईमेल या किसी अन्य माध्यम से भेजी गई हार्ड कॉपी स्वीकार नहीं की जाएगी। वहीं, अगर आपने पहले आवेदन कर दिया है तो दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>भारत&#45;बांग्लादेश बॉर्डर पर तनाव! 2 भारतीय किसानों के अपहरण का आरोप, सीमा पार ले जाने का दावा</title>
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<description><![CDATA[ कलकत्ता भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अचानक तनाव बढ़ने की खबरें हैं। इसकी वजह है बॉर्डर पर बांग्लादेशियों की एक हरकत। मंगलवार को बांग्लादेश के कुछ लोगों ने 2 भारतीय किसानों का अपहरण कर लिया। रिपोर्ट के मुताबिक घटना पश्चिम बंगाल के नादिया जिले के पास हुई। बांग्लादेशी ग्रामीणों का एक समूह सीमावर्ती इलाके में खेत … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 13:30:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>भारत-बांग्लादेश, बॉर्डर, पर, तनाव, भारतीय, किसानों, के, अपहरण, का, आरोप, सीमा, पार, ले, जाने, का, दावा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>कलकत्ता</strong></p>
<p>भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अचानक तनाव बढ़ने की खबरें हैं। इसकी वजह है बॉर्डर पर बांग्लादेशियों की एक हरकत। मंगलवार को बांग्लादेश के कुछ लोगों ने 2 भारतीय किसानों का अपहरण कर लिया। रिपोर्ट के मुताबिक घटना पश्चिम बंगाल के नादिया जिले के पास हुई। बांग्लादेशी ग्रामीणों का एक समूह सीमावर्ती इलाके में खेत में काम कर रहे दो भारतीय किसानों को खींचकर सीमा पार ले कर चला गया।</p>
<p>बताया जा रहा है कि बांग्लादेशी ग्रामीणों ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) की हिरासत से एक 70 वर्षीय बांग्लादेशी की रिहाई के लिए दबाव बनाने के इरादे से यह कदम उठाया था। बांग्लादेश की स्थानीय न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक बाद में BSF और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के बीच हुई फ्लैग मीटिंग के बाद तीनों नागरिकों की अदला-बदली कर उन्हें रिहा करा लिया गया।</p>
<p><strong>कैसे बढ़ी हलचल?</strong><br>
रिपोर्ट्स के मुताबिक, विवाद की शुरुआत मंगलवार सुबह हुई। यहां मेहेरपुर में इच्छाखाली बॉर्डर के पास अब्दुल मन्नान नाम का बांग्लादेशी किसान अपनी फसल पर कीटनाशक छिड़कने गया था। बांग्लादेशी मीडिया का दावा है कि इस दौरान BSF जवानों ने सीमा क्षेत्रों के नियमों के उल्लंघन के आरोप में मन्नान को हिरासत में ले लिया।</p>
<p>अब्दुल मन्नान के पकड़े जाने की खबर मिलते ही उसके रिश्तेदार और स्थानीय बांग्लादेशी ग्रामीण भड़क उठे। मन्नान के पोते इब्राहिम खलीलउल्लाह ने बताया कि बीएसएफ से मन्नान को छोड़ने के बार-बार अनुरोध के बावजूद जब उसे नहीं छोड़ा गया, तो ग्रामीणों ने भारतीय क्षेत्र में घुस गए। गुस्साए बांग्लादेशी ग्रामीण सीमा पार कर भारतीय इलाके में दाखिल हुए और वहां खेतों में काम कर रहे दो भारतीय किसानों को उठाकर जबरन बांग्लादेश ले गए और उन्हें BGB को सौंप दिया। भारतीय किसानों की पहचान सचिन कर्मकार और नारायण देब के रूप में हुई है।</p>
<p><strong>BSF-BGB की फ्लैग मीटिंग के बाद रिहाई</strong><br>
घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अचानक तनाव बढ़ गया था। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मंगलवार दोपहर इच्छाखाली सीमा पर जीरो लाइन पर BSF और BGB के अधिकारियों के बीच तत्काल एक फ्लैग मीटिंग बुलाई गई। BGB के बटालियन कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल नजमुल हसन ने मीडिया को पुष्टि की कि बातचीत के बाद बांग्लादेशी किसान अब्दुल मन्नान को बीजीबी को सौंप दिया गया। वहीं बांग्लादेशी ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए दोनों भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बीएसएफ के हवाले कर दिया गया।</p>
<p><strong>एक हफ्ते में दूसरी घटना</strong><br>
बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा सीमा पार कर भारतीयों के अपहरण की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले बीते शनिवार को पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में भी ऐसी ही घटना हुई थी। जलपाईगुड़ी के रहने वाले 35 वर्षीय चाय किसान दीपंकर गोप को करीब 20 बांग्लादेशियों ने अगवा कर लिया था और खींचकर बांग्लादेश के पंचगढ़ जिले में ले गए थे। जानकारी के मुताबिक ग्रामीणों ने 6 अगस्त को भारत में फेंसिंग काटकर अवैध रूप से घुसने की कोशिश कर रहे एक बांग्लादेशी नागरिक को बीएसएफ द्वारा पकड़े जाने के विरोध में भारतीय किसान को पकड़ा था।</p>]]> </content:encoded>
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<title>‘सौतेला बेटा भी बेटा’, दुकान खाली कराने पर ग्वालियर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला</title>
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<description><![CDATA[ ग्वालियर  सौतेला बेटा भी किरायेदारी कानून के तहत बेटे की श्रेणी में आता है। यदि उसके कारोबार के लिए दुकान की वास्तविक जरूरत है, तो मां अपनी संपत्ति पर काबिज किराएदार से दुकान खाली करा सकती है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने करीब 21 साल पुराने किरायेदारी विवाद में यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 13:15:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>‘सौतेला, बेटा, भी, बेटा’, दुकान, खाली, कराने, पर, ग्वालियर, हाईकोर्ट, का, बड़ा, फैसला</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>ग्वालियर</strong><br>
 सौतेला बेटा भी किरायेदारी कानून के तहत बेटे की श्रेणी में आता है। यदि उसके कारोबार के लिए दुकान की वास्तविक जरूरत है, तो मां अपनी संपत्ति पर काबिज किराएदार से दुकान खाली करा सकती है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने करीब 21 साल पुराने किरायेदारी विवाद में यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। जस्टिस आशीष श्रोती ने सेकंड अपील स्वीकार करते हुए निचली अपीलीय अदालत के उस निर्णय को निरस्त कर दिया, जिसमें सौतेले बेटे की कारोबारी जरूरत को आधार बनाकर दुकान खाली कराने से इनकार किया गया था।</p>
<p><strong>1972 से किराए पर थी दुकान</strong><br>
मामला गुना की मटकरी कॉलोनी स्थित 'आनंद भवन' की दुकान से जुड़ा है। यह दुकान वर्ष 1972 में आनंद राव मटकरी ने किराए पर दी थी। उनके निधन के बाद पारिवारिक बंटवारे में दुकान उनकी बेटी विजया के हिस्से में आई।</p>
<p>विजया ने अपने बेटे आशुतोष के कारोबार के लिए दुकान की जरूरत बताते हुए किराएदार से दुकान खाली कराने का मुकदमा दायर किया था। आशुतोष, विजया के पति आनंद कुमार की पहली पत्नी आरती का बेटा है। आरती का वर्ष 1992 में निधन हो गया था। इसके अगले वर्ष 1993 में आनंद कुमार ने विजया से विवाह किया। विजया और आनंद कुमार की अपनी कोई संतान नहीं है।</p>
<p><strong>ट्रायल कोर्ट ने माना था विजया का दावा</strong><br>
मामले की सुनवाई के दौरान ट्रायल कोर्ट ने विजया के पक्ष में फैसला देते हुए किराएदार को दुकान खाली करने की डिक्री जारी की थी। हालांकि, निचली अपीलीय अदालत ने इस निर्णय को पलट दिया। उसका मानना था कि सौतेले बेटे की कारोबारी जरूरत को आधार बनाकर किराएदार से दुकान खाली नहीं कराई जा सकती।</p>
<p><strong>इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा</strong><br>
    'फॉस्टर सन' को मान्यता तो सौतेला बेटा क्यों नहीं: हाईकोर्ट ने निचली अपीलीय अदालत के निष्कर्ष को सही नहीं माना। कोर्ट ने कहा कि यदि किरायेदारी कानून के तहत 'फॉस्टर सन' यानी पालन-पोषण किए गए बेटे को भी बेटे के रूप में माना जा सकता है, तो सौतेले बेटे को इससे अलग रखने का कोई उचित आधार नहीं है।</p>
<p>    कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल इस वजह से आशुतोष को मां की कोख से जन्मा बेटा नहीं माना जा सकता, उसकी कारोबारी जरूरत को खारिज नहीं किया जा सकता। उसकी जरूरत को कानून के तहत बेटे की जरूरत के रूप में देखा जा सकता है।<br>
    पहली मंजिल की जगह दुकान का विकल्प नहीं: किराएदार की ओर से यह तर्क भी दिया गया कि भवन की पहली मंजिल पर दूसरी जगह उपलब्ध है, इसलिए ग्राउंड फ्लोर की दुकान खाली कराने की जरूरत नहीं है। हाईकोर्ट ने इस तर्क को भी स्वीकार नहीं किया।</p>
<p>    कोर्ट ने कहा कि कारोबारी गतिविधियों के लिए पहली मंजिल की जगह को ग्राउंड फ्लोर की दुकान का समान विकल्प नहीं माना जा सकता। दुकान की प्रकृति, स्थान और कारोबार की जरूरत को देखते हुए मालिक की वास्तविक आवश्यकता का आकलन किया जाना चाहिए।</p>
<p>इसी आधार पर हाईकोर्ट ने सेकंड अपील स्वीकार करते हुए निचली अपीलीय अदालत का फैसला पलट दिया और विजया के पक्ष में पहले से हुई बेदखली की डिक्री को बहाल कर दिया।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>Tata Sons में बड़ा बदलाव! चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने छोड़ा पद, AGM से पहले लिया बड़ा फैसला</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली टाटा ग्रुप के मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव हुआ है। दरअसल, एन. चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही उनका लगभग एक दशक लंबा कार्यकाल अचानक खत्म हो गया है। ईटी की एक खबर में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि 63 साल के चंद्रशेखरन … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 13:00:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Tata, Sons, में, बड़ा, बदलाव, चेयरमैन, एन., चंद्रशेखरन, ने, छोड़ा, पद, AGM, से, पहले, लिया, बड़ा, फैसला</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
टाटा ग्रुप के मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव हुआ है। दरअसल, एन. चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही उनका लगभग एक दशक लंबा कार्यकाल अचानक खत्म हो गया है। ईटी की एक खबर में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि 63 साल के चंद्रशेखरन ने टाटा संस बोर्ड को अपने फैसले के बारे में बता दिया है। वे फरवरी 2027 में अपना कार्यकाल आधिकारिक रूप से पूरा होने तक पद पर बने रहेंगे। इस खबर के बाद टाटा ग्रुप की कंपनी TCS समेत टाटा के दूसरे शेयरों में 4% तक की गिरावट आई।</p>
<p><strong>एजीएम से पहले फैसला</strong><br>
चंद्रशेखरन का यह फैसला 18 अगस्त की एनुअल जनरल मीटिंग यानी एजीएम और टाटा संस में लगभग 66% हिस्सेदारी रखने वाले टाटा ट्रस्ट्स के वोटिंग के तरीके को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच आया है। टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा, चंद्रशेखरन के बने रहने के खिलाफ माने जाते हैं।</p>
<p><strong>ग्रुप के दूसरे कारोबार पर भी पड़ेगा असर</strong><br>
इसके साथ ही एन. चंद्रशेखरन का लगभग दस साल का कार्यकाल अचानक खत्म हो गया है। इस दौरान उन्होंने भारत के सबसे बड़े बिजनेस ग्रुप को एयरलाइंस, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी और डिजिटल बिजनेस जैसे कई क्षेत्रों में फैले एक बड़े ग्रुप में बदल दिया।</p>
<p>चंद्रशेखरन के जाने का असर पूरे ग्रुप पर भी पड़ेगा। वे टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा मोटर्स और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स जैसी टाटा कंपनियों के चेयरमैन हैं और 2017 में टाटा संस की कमान संभालने के बाद से ग्रुप के कारोबार में अहम भूमिका निभाते रहे हैं।</p>
<p><strong>विजय सिंह भी दे चुके ट्रस्ट से इस्तीफा</strong><br>
बता दें कि बीते कुछ समय से टाटा ट्रस्ट में कई इस्तीफे हो चुके हैं। हाल ही में टाटा ट्रस्ट के वाइस चेयरमैन विजय सिंह ने सर रतन टाटा ट्रस्ट (एसआरटीटी) के न्यासी (ट्रस्टी) पद से इस्तीफा दे दिया है। वह सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (एसडीटीटी) के ट्रस्टी बने रहेंगे। विजय सिंह के इस्तीफ की भी खबर सर रतन टाटा ट्रस्ट के ट्रस्टियों के बीच मतभेदों के बीच सामने आया है।</p>
<p>इसके बोर्ड के गठन को नियंत्रित करने वाले नियमों के कथित उल्लंघन की जांच लंबित रहने तक महाराष्ट्र राज्य चैरिटी कमिश्नर ने ट्रस्ट को अपने बोर्ड की बैठक करने से रोक दिया है। एसआरटीटी ने प्रतिबंध हटाने की मांग करते हुए चैरिटी कमिश्नर से संपर्क किया है, जिसमें 18 अगस्त को टाटा संस की एजीएम में ट्रस्ट की भागीदारी पर इसके संभावित प्रभाव का हवाला दिया गया है। विजय सिंह और उनके साथी ट्रस्टी वेणु श्रीनिवासन ने सार्वजनिक रूप से टाटा संस को सूचीबद्ध करने का समर्थन किया है, जिसका टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा ने विरोध किया है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>परिसीमन के खिलाफ थलपति विजय का बड़ा ऐलान, बोले&#45; लोकसभा की सीटें 850 नहीं होने देंगे</title>
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<description><![CDATA[ चेन्नई  परिसीमन बिल को लेकर थलपति विजय ने एक बार फिर विद्रोही तेवर दिखाया है। नीट और FCRA बिल के खिलाफ प्रस्ताव पास करने के बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने बुधवार को केंद्र की मोदी सरकार के परिसीमन प्लान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विजय ने तमिलनाडु विधानसभा में लोकसभा सीटों की … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 13:00:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>परिसीमन, के, खिलाफ, थलपति, विजय, का, बड़ा, ऐलान, बोले-, लोकसभा, की, सीटें, 850, नहीं, होने, देंगे</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>चेन्नई </strong></p>
<p>परिसीमन बिल को लेकर थलपति विजय ने एक बार फिर विद्रोही तेवर दिखाया है। नीट और FCRA बिल के खिलाफ प्रस्ताव पास करने के बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने बुधवार को केंद्र की मोदी सरकार के परिसीमन प्लान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विजय ने तमिलनाडु विधानसभा में लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव के खिलाफ एक प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव को पेश करते हुए सीएम विजय ने साफ कर दिया कि वे दक्षिण भारत के अधिकारों की कीमत पर मोदी सरकार को लोकसभा सीटें नहीं बढ़ाने देंगे।</p>
<p>तमिलनाडु सरकार ने केंद्र सरकार के सामने यह स्पष्ट मांग रखी है कि देश में लोकसभा सीटों की कुल संख्या को हमेशा के लिए 543 पर ही फ्रीज रखा जाए। प्रस्ताव में कहा गया है कि तमिलनाडु और अन्य दक्षिणी राज्यों ने राष्ट्रीय नीतियों का पालन करते हुए जनसंख्या नियंत्रण को प्रभावी ढंग से लागू किया है। ऐसे में केवल आबादी के आधार पर सीटें बढ़ाने से संसद में तमिलनाडु और दक्षिण भारत का प्रतिनिधित्व हमेशा के लिए कमजोर हो जाएगा।</p>
<p><strong>850 सीटें करने का विरोध</strong><br>
तमिलनाडु सरकार के मुताबिक 2011 की जनगणना के आधार पर लोकसभा की सीटें 550 से बढ़ाकर 850 करना उन राज्यों के लिए नुकसानदायक बेहद होगा, जिन्होंने केंद्र के जनसंख्या नियंत्रण कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से लागू किया है। प्रस्ताव में दक्षिणी राज्यों के हितों की रक्षा को केंद्र सरकार की जिम्मेदारी बताते हुए कहा गया, "यह केंद्र सरकार का कर्तव्य है कि दक्षिणी राज्यों को परिसीमन से किसी भी तरह का नुकसान न हो।…”</p>
<p><strong>महिला आरक्षण पर क्या बोले CM विजय?</strong><br>
प्रस्ताव पेश करते हुए मुख्यमंत्री विजय ने महिला आरक्षण को लेकर कहा कि इसे मौजूदा सीटों की संख्या के हिसाब से लागू किया जाए। उन्होंने कहा, “2029 के लोकसभा चुनाव में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण मौजूदा 543 लोकसभा सीटों के आधार पर ही दिया जाना चाहिए। महिला आरक्षण में अब और देरी नहीं होनी चाहिए। तमिलनाडु में पुरुषों की तुलना में महिलाओं ने ज्यादा मतदान किया है। महिलाओं को आरक्षण देना कोई रियायत नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय का मामला है। 33 फीसदी महिला आरक्षण को बिना किसी और देरी के लागू किया जाना चाहिए।”</p>
<p><strong>केंद्र के सामने चार बड़ी मांगें</strong><br>
प्रस्ताव के जरिए तमिलनाडु सरकार ने केंद्र के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, लोकसभा की कुल सीटें मौजूदा 543 पर ही स्थायी रूप से बरकरार रखी जाएं। दूसरी मांग यह है कि राज्यों के बीच लोकसभा सीटों का बंटवारा मौजूदा प्रतिनिधित्व के अनुपात के आधार पर ही फ्रीज किया जाए। इसके अलावा आबादी और राज्यों के बीच मौजूदा 2.2:1 अनुपात को बनाए रखने की मांग है। वहीं 2029 के लोकसभा चुनाव में मौजूदा 543 सीटों के आधार पर महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिए जाने की भी मांग की गई है।</p>
<p><strong>परिसीमन बिल पर तकरार</strong><br>
गौरतलब है कि इससे पहले सरकार ने बीते 16 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र बुलाकर संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 लोकसभा में पेश किया था। इसका मकसद लोकसभा की सदस्य संख्या बढ़ाकर 850 करना और 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को लागू करना था। हालांकि, विधेयक को जरूरी दो-तिहाई विशेष बहुमत नहीं मिल सका और बिल पारित नहीं हो पाया। कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने इस बिल का विरोध किया है। विपक्ष की मांग है कि महिला आरक्षण को परिसीमन से अलग कर लागू किया जाए।</p>]]> </content:encoded>
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<title>रायपुर : प्रभारी मंत्री राजेश अग्रवाल ने ली विभागीय समीक्षा बैठक</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर : प्रभारी मंत्री राजेश अग्रवाल ने ली विभागीय समीक्षा बैठक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर तक पहुंचाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता अधोसंरचना विकास कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा का रखें विशेष ध्यान, धनपुर में मिली दुर्लभ मूर्तियों के संरक्षण के निर्देश रायपुर  गौरेला पेन्ड्रा मरवाही जिले के प्रभारी मंत्री एवं पर्यटन, … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 12:45:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>रायपुर, प्रभारी, मंत्री, राजेश, अग्रवाल, ने, ली, विभागीय, समीक्षा, बैठक</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर : प्रभारी मंत्री राजेश अग्रवाल ने ली विभागीय समीक्षा बैठक</strong></p>
<p><strong>जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर तक पहुंचाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता</strong></p>
<p><strong>अधोसंरचना विकास कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा का रखें विशेष ध्यान, धनपुर में मिली दुर्लभ मूर्तियों के संरक्षण के निर्देश</strong></p>
<p><strong>रायपुर </strong><br>
गौरेला पेन्ड्रा मरवाही जिले के प्रभारी मंत्री एवं पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने आज कलेक्ट्रेट स्थित अरपा सभा कक्ष में जिला अधिकारियों की बैठक लेकर विभिन्न विभागों की योजनाओं के क्रियान्वयन, लक्ष्य एवं उपलब्धियों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए उनका लाभ समाज के अंतिम छोर तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब शासन की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे।</p>
<p><strong>प्रभारी मंत्री राजेश अग्रवाल ने ली विभागीय समीक्षा बैठक</strong></p>
<p>बैठक में विधायक प्रणव कुमार मरपची, जिला पंचायत अध्यक्ष सुसमीरा पैकरा, उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह, कलेक्टर विजय दयाराम के, पुलिस अधीक्षक मनोज खिलारी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।</p>
<p><strong>विकास कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश</strong></p>
<p>मंत्री अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशा के अनुरूप शासन की योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जिले में चल रहे अधोसंरचना एवं विकास कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।</p>
<p><strong>प्रधानमंत्री आवास की तीसरी किश्त और मनरेगा कार्यों की समीक्षा</strong></p>
<p>समीक्षा के दौरान मंत्री अग्रवाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को तीसरी किश्त की राशि समय पर जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत स्वीकृत आंगनबाड़ी भवन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के दुकानों, मुक्तिधाम एवं प्रतीक्षालय निर्माण जैसे कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने कहा।</p>
<p>उन्होंने जिले के सभी विद्यालयों में अनिवार्य रूप से बालिका शौचालय की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बालिकाओं के लिए विद्यालयों में सुरक्षित एवं स्वच्छ सुविधाएं उपलब्ध कराना शिक्षा के अनुकूल वातावरण के लिए अत्यंत आवश्यक है।</p>
<p><strong>जीपीएम को टीबी मुक्त जिला बनाने पर जोर</strong></p>
<p>मंत्री अग्रवाल ने जिले को टीबी मुक्त जिला बनाने के लिए अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़ने तथा स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने को कहा। साथ ही सभी पात्र परिवारों को उज्ज्वला गैस कनेक्शन दिलाने के निर्देश दिए, ताकि जरूरतमंद परिवारों को स्वच्छ ईंधन की सुविधा उपलब्ध हो सके।</p>
<p><strong>विद्युत सुविधाओं के विस्तार और बिजली बिल समाधान योजना का अधिक से अधिक लाभ दिलाएं</strong></p>
<p>मंत्री ने जिले में स्वीकृत विद्युत उपकेंद्रों की स्थापना की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर निविदा आमंत्रित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना का अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में विद्युत सुविधाओं के विस्तार से लोगों के जीवन स्तर में सुधार के साथ विकास की गति भी तेज होगी।</p>
<p><strong>छात्रावासों में बढ़ें सीटें, पहुंच मार्गों के प्रस्ताव शीघ्र भेजें</strong></p>
<p>शिक्षा एवं आवासीय सुविधाओं की समीक्षा करते हुए मंत्री अग्रवाल ने जिले के छात्रावासों में आवश्यकता के अनुसार सीटों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य मार्गों से गांवों और महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ने वाले छोटे-छोटे पहुंच मार्गों के निर्माण के लिए आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र भेजने कहा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बेहतर हो सके।</p>
<p><strong>बकरी और मछली पालन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर</strong></p>
<p>मंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बकरी पालन एवं मछली पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संबंधित विभागों को अधिक से अधिक लोगों को इन व्यवसायों से जोड़कर स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के अवसर बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक आजीविका से जुड़े व्यवसायों को प्रोत्साहित कर ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सकता है।</p>
<p><strong>पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पीपल के पौधे लगाने के निर्देश</strong></p>
<p>मंत्री अग्रवाल ने मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जिले में पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पीपल के पौधे लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण को केवल अभियान तक सीमित न रखते हुए पौधों के संरक्षण और उनके वृक्ष बनने तक देखभाल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।</p>
<p><strong>धनपुर में खुदाई से प्राप्त दुर्लभ मूर्तियों के संरक्षण की पहल</strong></p>
<p>बैठक के दौरान कलेक्टर विजय दयाराम के. ने जिले में पर्यटन विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने धार्मिक एवं पुरातात्विक पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण ’धनपुर’ में खुदाई के दौरान प्राप्त दुर्लभ मूर्तियों की जानकारी भी मंत्री अग्रवाल को दी। उन्होंने इन प्राचीन मूर्तियों की पहचान, सर्वेक्षण एवं संरक्षण के लिए आवश्यक पहल करने का आग्रह किया।</p>
<p>कलेक्टर के आग्रह को गंभीरता से लेते हुए मंत्री अग्रवाल ने बैठक के दौरान ही दूरभाष पर पर्यटन विभाग के उच्च अधिकारी से चर्चा की और ’धनपुर‘ में खुदाई से प्राप्त मूर्तियों के सर्वेक्षण एवं संरक्षण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहरों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसी धरोहरों को संरक्षित कर उन्हें पर्यटन विकास से जोड़ने की दिशा में भी कार्य किया जाना चाहिए।</p>
<p><strong>विभागीय अधिकारियों ने प्रस्तुत किया योजनाओं का प्रगति विवरण</strong></p>
<p>बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने क्रमवार प्रस्तुतिकरण के माध्यम से अपने-अपने विभाग की योजनाओं, निर्धारित लक्ष्यों, अब तक की उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तार से जानकारी दी। प्रभारी मंत्री अग्रवाल ने विभागवार समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने तथा पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।</p>
<p>उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शासन की प्रत्येक योजना का उद्देश्य आम नागरिक के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। इसलिए अधिकारी योजनाओं को केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रखते हुए मैदानी स्तर पर उनकी प्रभावी पहुंच और परिणाम सुनिश्चित करें।</p>]]> </content:encoded>
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<title>GeM पर छत्तीसगढ़ की खरीदारी दोगुनी, MSE को मिले ₹1,800 करोड़ के ऑर्डर</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर प्रदेश को सरकारी खरीदी में डिजिटल प्लेटफार्म के बढ़ते इस्तेमाल में बड़ी उपलब्धि मिली है। गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) के माध्यम से राज्य में शासकीय खरीदी वित्तीय वर्ष 2025-26 में 113 प्रतिशत बढ़कर 3,935 करोड़ रुपये पहुंच गई। वहीं, सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एमएसई) को इसी अवधि में 1,800 करोड़ रुपये के आर्डर मिले हैं। … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 12:45:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>GeM, पर, छत्तीसगढ़, की, खरीदारी, दोगुनी, MSE, को, मिले, ₹1, 800, करोड़, के, ऑर्डर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>प्रदेश को सरकारी खरीदी में डिजिटल प्लेटफार्म के बढ़ते इस्तेमाल में बड़ी उपलब्धि मिली है। गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) के माध्यम से राज्य में शासकीय खरीदी वित्तीय वर्ष 2025-26 में 113 प्रतिशत बढ़कर 3,935 करोड़ रुपये पहुंच गई। वहीं, सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एमएसई) को इसी अवधि में 1,800 करोड़ रुपये के आर्डर मिले हैं। यह विगत वित्तीय वर्ष की तुलना में 61 प्रतिशत अधिक है।</p>
<p>यह निर्धारित 25 प्रतिशत एमएसई खरीद लक्ष्य से अधिक है। छोटे उद्यमियों की भागीदारी भी बढ़ी है। महिला उद्यमियों से खरीदी में 97 प्रतिशत, एससी-एसटी उद्यमियों से 108 प्रतिशत और स्टार्टअप से खरीदी में 178 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।</p>
<p><strong>प्रदेश का हुआ सम्मान</strong></p>
<p>जेम के 10वें स्थापना दिवस समारोह में प्रदेश को जेम सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की मौजूदगी में यह पुरस्कार प्रदान किया गया। जेम के प्रभावी उपयोग और शासकीय खरीदी में उल्लेखनीय वृद्धि के लिए यह सम्मान मिला है।<br>
130 करोड़ की बचत हुई</p>
<p>जेम की खुली और प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के चलते वर्ष 2025-26 में राज्य शासन को करीब 130 करोड़ रुपये की बचत हुई। यह बचत विभागों द्वारा खरीदी के लिए अनुमानित लागत और खुली प्रतिस्पर्धी बोली के बाद प्राप्त वास्तविक बाजार मूल्य के अंतर से हुई है। विगत तीन वित्तीय वर्षों में प्रतिस्पर्धी खरीदी से कुल 235 करोड़ रुपये की बचत हुई है।<br>
उद्यमियों के लिए खोले शासकीय बाजार के द्वार : मुख्यमंत्री साय</p>
<p>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि जेम ने प्रदेश के उद्यमियों को बिना किसी मध्यस्थ के सीधे शासकीय मांग और बाजार से जुड़ने का सशक्त माध्यम उपलब्ध कराया है। महिला, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के उद्यमियों और स्टार्टअप की भागीदारी में वृद्धि इस पारदर्शी व्यवस्था की सफलता को दर्शाती है। खुला और पारदर्शी डिजिटल मार्केटप्लेस प्रत्येक उद्यमी को समान अवसर प्रदान करता है।<br>
सीधे सरकार को बेचें अपने उत्पाद, यह है प्रक्रिया</p>
<p>सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) से जुड़कर स्थानीय उद्यमी बिना किसी बिचौलिए के सीधे सरकारी विभागों को अपने उत्पाद बेच सकते हैं। इससे व्यापार में पूरी पारदर्शिता आती है और भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म होती है। जेम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करने के लिए उद्यमियों को अपना आधार, पैन कार्ड, बैंक विवरण और जीएसटी नंबर (यदि लागू हो) के साथ आधिकारिक वेबसाइट gem.gov.in पर जाना होता है। यहां 'साइन अप' विकल्प चुनकर विक्रेता (Seller) के रूप में अपनी कंपनी का पंजीयन करना बेहद आसान और निःशुल्क है। इसके माध्यम से छोटे कारोबारियों को बड़ा बाजार और समय पर भुगतान मिलता है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>CJI के ‘कॉकरोच’ बयान का हुआ गलत इस्तेमाल! सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और CBI से मांगा जवाब</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम जनहित याचिका पर केंद्र सरकार और सीबीआई से जवाब तलब किया है। यह मामला चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत की तीन महीने पुरानी &#039;कॉकरोच&#039; वाली टिप्पणी से जुड़ा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि वर्चुअल कोर्ट की कार्यवाही के वीडियो को चालाकी से एडिट करके इस टिप्पणी … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 12:30:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>CJI, के, ‘कॉकरोच’, बयान, का, हुआ, गलत, इस्तेमाल, सुप्रीम, कोर्ट, ने, केंद्र, और, CBI, से, मांगा, जवाब</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम जनहित याचिका पर केंद्र सरकार और सीबीआई से जवाब तलब किया है। यह मामला चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत की तीन महीने पुरानी 'कॉकरोच' वाली टिप्पणी से जुड़ा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि वर्चुअल कोर्ट की कार्यवाही के वीडियो को चालाकी से एडिट करके इस टिप्पणी का व्यावसायिक फायदा उठाया गया और इसे ऐसा मतलब दे दिया गया जो कभी कहा ही नहीं गया था।</p>
<p><strong>क्या है पूरा मामला?</strong><br>
15 मई को CJI के नेतृत्व वाली बेंच 'संजय दुबे बनाम रजिस्ट्रार जनरल, दिल्ली हाईकोर्ट' याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसी दौरान CJI ने अदालती प्रक्रिया के दुरुपयोग और वकालत के गिरते मानकों पर चिंता जताते हुए, खास तौर पर फर्जी वकीलों के संदर्भ में 'कॉकरोच' शब्द का इस्तेमाल किया था।</p>
<p><strong>विवाद और CJP का जन्म</strong><br>
CJI की इस टिप्पणी के बाद खासा बवाल खड़ा हुआ और इसी बीच 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) वजूद में आई। इस पार्टी ने NEET-UG <strong>पेपर लीक के खिलाफ जेन-जी के विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व किया।</strong></p>
<p><strong>मीम्स बनाकर मुनाफा कमाने का आरोप</strong><br>
याचिकाकर्ता और पेशे से वकील राजा चौधरी ने CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच के सामने अपनी दलीलें रखीं। करीब आधे घंटे चली बहस के दौरान उन्होंने कोर्ट को बताया कि 15 मई की घटना के बाद से अदालती कार्यवाही के चुनिंदा और एडिटेड क्लिप्स शेयर करने के मामलों में भारी बढ़ोतरी हुई है।</p>
<p>अदालती टिप्पणियों के अर्थ को तोड़-मरोड़ कर मीम्स में बदला जा रहा है और सोशल मीडिया पर मुनाफे के लिए इसे सर्कुलेट किया जा रहा है। याचिकाकर्ता ने शिकायत की कि जजों की छवि खराब करने और न्यायपालिका से जनता का भरोसा कम करने वाली इन साजिशों को रोकने के लिए फिलहाल कोई तंत्र मौजूद नहीं है।</p>
<p><strong>सुप्रीम कोर्ट से क्या की गई है मांग?</strong><br>
याचिकाकर्ता ने इस बात की गहरी जांच की मांग की है कि कैसे एक अलग संदर्भ में इस्तेमाल किए गए शब्द को चुनकर, एडिट करके संस्थागत गरिमा को ठेस पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किया गया। PIL में मुख्य रूप से कई मांगें रखी गई हैं, जैसे-</p>
<p>अधिकारियों को उन व्यक्तियों और संस्थाओं पर कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया जाए, जो अदालती टिप्पणियों का अनधिकृत व्यावसायिक इस्तेमाल और कमाई कर रहे हैं। याचिका में CJP की गतिविधियों सहित ऐसे शब्दों के ट्रेडमार्क के तौर पर इस्तेमाल पर भी एक्शन की मांग की गई है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>रायपुर : नया रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में सजेगा छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति का रंग: हरेली तिहार पर होगा विशेष आयोजन</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर : नया रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में सजेगा छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति का रंग: हरेली तिहार पर होगा विशेष आयोजन मुख्यमंत्री निवास नया रायपुर में पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया जाएगा छत्तीसगढ़ का पहला लोकपर्व हरेली खेती-किसानी, लोक परंपराओं और ग्रामीण जीवन की दिखेगी जीवंत झलक गेड़ी, पारंपरिक खेल और छत्तीसगढ़ी संस्कृति के रंगों … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 11:45:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>रायपुर, नया, रायपुर, स्थित, मुख्यमंत्री, निवास, में, सजेगा, छत्तीसगढ़, की, लोक, संस्कृति, का, रंग:, हरेली, तिहार, पर, होगा, विशेष, आयोजन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर : नया रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में सजेगा छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति का रंग: हरेली तिहार पर होगा विशेष आयोजन</strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री निवास नया रायपुर में पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया जाएगा छत्तीसगढ़ का पहला लोकपर्व हरेली</strong></p>
<p><strong>खेती-किसानी, लोक परंपराओं और ग्रामीण जीवन की दिखेगी जीवंत झलक</strong></p>
<p><strong>गेड़ी, पारंपरिक खेल और छत्तीसगढ़ी संस्कृति के रंगों से सराबोर होगा मुख्यमंत्री निवास</strong></p>
<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा, कृषि संस्कृति और ग्रामीण जनजीवन की पहचान हरेली तिहार के अवसर पर 12 अगस्त को मुख्यमंत्री निवास, नवा रायपुर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में हरेली का यह लोकपर्व पूरे पारंपरिक उल्लास और छत्तीसगढ़ी रंग में मनाया जाएगा। संस्कृति विभाग एवं कृषि विभाग द्वारा आयोजित यह विशेष कार्यक्रम प्रातः 10 बजे प्रारंभ होगा।</p>
<p>हरेली छत्तीसगढ़ का प्रमुख और पहला लोकपर्व माना जाता है। खेती-किसानी से गहराई से जुड़ा यह पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, अच्छी फसल की कामना और ग्रामीण जीवन के सामूहिक उल्लास का प्रतीक है। सावन की हरियाली के बीच मनाया जाने वाला हरेली तिहार प्रदेश की कृषि प्रधान संस्कृति और प्रकृति के साथ छत्तीसगढ़ के आत्मीय संबंध को अभिव्यक्त करता है।</p>
<p>हरेली के दिन किसान अपने कृषि उपकरणों और हल-नांगर की साफ-सफाई कर उनकी पूजा करते हैं। खेती में उपयोग होने वाले औजारों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए अच्छी फसल, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की जाती है। गांवों में घरों और चौपालों में पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ हरेली की खुशियां साझा की जाती हैं। गेड़ी चढ़ने की परंपरा और विभिन्न छत्तीसगढ़ी खेल इस पर्व के उत्साह को और बढ़ाते हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री निवास में आयोजित विशेष कार्यक्रम में भी छत्तीसगढ़ की इन्हीं लोक परंपराओं और ग्रामीण जीवन की जीवंत झलक देखने को मिलेगी। आयोजन स्थल को हरेली की भावना के अनुरूप छत्तीसगढ़ी ग्रामीण परिवेश में सजाया जाएगा। खेती-किसानी से जुड़ी पारंपरिक वस्तुओं, कृषि उपकरणों और लोक संस्कृति के विविध प्रतीकों के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा।</p>
<p>कार्यक्रम में हरेली से जुड़ी पारंपरिक गतिविधियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेलों और लोक संस्कृति के विविध रंगों के साथ उत्सव का वातावरण निर्मित होगा। आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी लोक परंपराओं, कृषि संस्कृति और ग्रामीण जीवन की समृद्ध विरासत से जोड़ना भी है।</p>
<p>हरेली तिहार छत्तीसगढ़ की उस जीवन पद्धति का प्रतीक है जिसमें प्रकृति, कृषि और संस्कृति एक-दूसरे से अभिन्न रूप से जुड़े हैं। यह पर्व किसान और खेती के सम्मान के साथ सामूहिकता, प्रकृति संरक्षण और अपनी जड़ों से जुड़े रहने का संदेश देता है।</p>
<p>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, तीज-त्योहारों, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री निवास में हरेली तिहार का आयोजन इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ की माटी, महतारी, खेती-किसानी और लोकजीवन के गौरव का उत्सव बनेगा।</p>]]> </content:encoded>
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<title>रायपुर : विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व, पाट जात्रा पूजा विधान के साथ कल से शुरू होगा</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर : विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व, पाट जात्रा पूजा विधान के साथ कल से शुरू होगा 75 दिनों तक चलने वाले इस ऐतिहासिक पर्व में निभाई जाएंगी पारंपरिक रस्में, दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में होगा आयोजन रायपुर बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के मंदिर प्रांगण में कल बुधवार, 12 अगस्त को हरेली अमावस्या … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 11:45:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>रायपुर, विश्व, प्रसिद्ध, ऐतिहासिक, बस्तर, दशहरा, पर्व, पाट, जात्रा, पूजा, विधान, के, साथ, कल, से, शुरू, होगा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर : विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व, पाट जात्रा पूजा विधान के साथ कल से शुरू होगा</strong></p>
<p><strong>75 दिनों तक चलने वाले इस ऐतिहासिक पर्व में निभाई जाएंगी पारंपरिक रस्में, दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में होगा आयोजन</strong></p>
<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>
बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के मंदिर प्रांगण में कल बुधवार, 12 अगस्त को हरेली अमावस्या के पावन अवसर पर पाट जात्रा पूजा विधान के साथ विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व का आगाज होने जा रहा है। इस दौरान पारंपरिक मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन, पुजारी, पटेल, नाईक-पाईक और सेवादार रथ निर्माण के लिए औजार बनाने की श्ठुरलू खोटलाश् रस्म अदा करेंगे। बस्तर दशहरा समिति ने सभी सेवादारों, ग्रामीणों और गणमान्य नागरिकों को इस पूजा विधान में शामिल होने का आग्रह किया है।</p>
<p>75 दिनों तक चलने वाले बस्तर दशहरा का मुख्य कार्यक्रम जारी किया गया है, जिसके तहत 12 अगस्त बुधवार से पाट जात्रा पूजा विधान दशहरा पर्व का शुभारंभ, 24 सितम्बर गुरूवार को डेरी गड़ाई पूजा विधान, 10 अक्टूबर शनिवार को काछनगादी पूजा विधान, 11 अक्टूबर रविवार को कलश स्थापना पूजा विधान, 12 अक्टूबर सोमवार को जोगी बिठाई पूजा विधान के रस्म का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार 13 अक्टूबर से 18 अक्टूबर को प्रतिदिन नवरात्रि पूजा एवं रथ परिक्रमा पूजा विधान, 18 अक्टूबर रविवार को सुबह 11 बजे बेल पूजा विधान, 19 अक्टूबर सोमवार को महाअष्टमी पूजा विधान एवं निशा जात्रा पूजा विधान, 20 अक्टूबर मंगलवार को कुंवारी पूजा विधान, जोगी उठाई पूजा विधान एवं मावली परघाव का आयोजन किया जाएगा।</p>
<p>21 अक्टूबर बुधवार को भीतर रैनी पूजा विधान एवं रथ परिक्रमा, 22 अक्टूबर गुरूवार को बाहर रैनी पूजा विधान एवं रथ परिक्रमा, 23 अक्टूबर शुक्रवार को सुबह काछन जात्रा पूजा विधान, दोपहर में ऐतिहासिक मुरिया दरबार का आयोजन किया जाएगा। 24 अक्टूबर शनिवार कुटुम्ब जात्रा पूजा विधान ग्राम्य देवी-देवताओं की विदाई, 27 अक्टूबर मंगलवार मावली माता की डोली की विदाई पूजा विधान के साथ पर्व का औपचारिक समापन किया जाएगा। मां दंतेश्वरी को समर्पित यह 75 दिवसीय दशहरा पर्व अपनी अनूठी लोक-परंपराओं, जनजातीय संस्कृति और भव्य रस्मों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>ATM से निकलेंगे प्लास्टिक वाले नोट! RBI का बड़ा प्लान, ₹10 और ₹20 के Polymer Notes पर होगा ट्रायल</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली अगर सबकुछ ठीक रहा तो नए साल में आप प्लास्टिक या पॉलिमर नोट का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके लिए केंद्रीय रिजर्व बैंक एक्शन मोड में आ चुका है। हालांकि, इसे लागू करने लिए कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। बदलना होगा कैश रखने वाला कैसेट एक बड़े सरकारी बैंक के सीनियर … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 11:45:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>अगर सबकुछ ठीक रहा तो नए साल में आप प्लास्टिक या पॉलिमर नोट का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके लिए केंद्रीय रिजर्व बैंक एक्शन मोड में आ चुका है। हालांकि, इसे लागू करने लिए कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।</p>
<p><strong>बदलना होगा कैश रखने वाला कैसेट</strong><br>
एक बड़े सरकारी बैंक के सीनियर अधिकारी ने कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पॉलिमर नोट लाने के प्लान में काफी खर्च आएगा, क्योंकि ATM में कैश रखने वाली कैसेट को बदलना होगा। बैंकर ने कहा कि कैसेट बदले बिना मौजूदा ऑटोमेटेड टेलर मशीनों (ATM) में पॉलिमर नोट नहीं डाले जा सकते। इसका मतलब बैंकों के लिए अतिरिक्त खर्च होगा। हालांकि, बैंकों ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि <strong>इस पर कितना खर्च आएगा।</strong></p>
<p><strong>कितना खर्च करना होगा?</strong><br>
नाम न बताने की शर्त पर बात करने वाले बैंकर ने कहा कि ATM बदलने का खर्च लगभग ₹2 लाख है। वहीं, कैसेट बदलने के खर्च की बात करें तो इससे कम होगा। बैंकर ने कहा, "जहां तक ​​हमें पता है, भारत में ऐसी कोई कंपनी नहीं है जो ये कैसेट बनाती हो, इसलिए इन्हें कहां से मंगाया जाए, इस पर चर्चा करनी होगी।" बैंकर के मुताबिक लंबे समय में पॉलिमर नोटों को शुरुआती दौर में अपनाने में बहुत खर्च आता है। जब पहले नोटों का साइज बदला गया था, तो बैंकों को ATM में कैसेट बदलने में लगभग एक साल लग गया था ताकि वे नए नोट निकाल सकें।" बता दें कि कैसेट वे बॉक्स होते हैं जिनमें ATM में अलग-अलग मूल्य के नोट रखे जाते हैं। हर ATM में हर मूल्य के नोट के लिए अलग-अलग कैसेट होती हैं।</p>
<p><strong>100 और 500 के नोट भी आएंगे</strong><br>
आरबीआई गवर्नर ने साफ संकेत दिया है कि 10 और 20 के पॉलीमर नोटों की सफलता के बाद 100 और 500 के नोट भी लॉन्च किए जाएंगे. इससे पहले आरबीआई ने साल 2009 में भी पॉलीमर के नोट लॉन्च करने की मंशा जताई थी, लेकिन तक इसमें सफलता नहीं मिली थी. पॉलीमर के नोट नमी से बचे रहते हैं और जल्दी गंदे भी नहीं होते. इनके कटने-फटने का भी कम चांस रहता है और लंबे समय तक सर्कुलेशन में बने रह सकते हैं। </p>
<p><strong>इन नोटों की 25 फीसदी हिस्सेदारी</strong><br>
आरबीआई ने 10 और 20 के नोटों को ही पॉलीमर में पहले लॉन्च करने का फैसला इसलिए किया है, क्योंकि इन नोटों की सर्कुलेशन में हिस्सेदारी करीब 25 फीसदी है. हालांकि, वैल्यू के लिहाज से महज 1.4 फीसदी हिस्सा है. यही वजह है कि आरबीआई ने इसे अपने पायलट प्रोजेक्ट का हिस्सा बनाया. इस पायलट प्रोजेक्ट के जरिये आरबीआई सर्कुलेशन में पॉलीमर के नोटों की पहुंच को सुनिश्चित करेगी. गवर्नर ने संकेत दिया है कि 10 और 20 रुपये के पॉलीमर नोट तैयार होने के बाद इसे बैंक की शाखाओं और एटीएम के जरिये सर्कुलेशन में पहुंचाया जाएगा और मौजूदा कागज की नोटों के साथ ही चलन में रखा जाएगा। </p>
<p><strong>आरबीआई गवर्नर ने क्या कहा था?</strong><br>
सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो अगले वित्त वर्ष के आरंभ तक प्लास्टिक के नोट लोगों के हाथों में होंगे। बीते दिनों आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि शुरुआत में इन नोटों को पायलट परीक्षण के लिए लाया जाएगा। यदि पायलट में सबकुछ ठीक रहा तो इसका आगे विस्तार किया जाएगा। संजय मल्होत्रा ने कहा, "यदि सबकुछ योजना के मुताबिक हुआ तो हमने अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में इसे लाने का लक्ष्य रखा है।" उन्होंने बताया कि अभी पॉलिमर के कागज के लिए निविदा आमंत्रित की है। उसके आने के बाद उस पर परीक्षण किए जाएंगे, सुरक्षा संबंधी स्वीकृतियां मिलेंगी, कई चरण हैं, कई सिक्योरिटी फीचर हैं। उन्होंने कहा कि सही समय पर लोगों को इसकी जानकारी दी जाएगी।</p>
<p>पॉलिमर के नोट लाने के दो उद्देश्य हैं। पहला, इससे नोट का जीवनकाल बढ़ जाता है। यह विशेष रूप से कम मूल्य के नोटों पर अधिक लागू होता है जिनका हस्तांतरण एक हाथ से दूसरे हाथ में अधिक होता है जिससे वे जल्दी खराब हो जाते हैं। कई देशों में 30 साल से इन नोटों का इस्तेमाल हो रहा है। वहां यह पाया गया है कि ये नोट कागज के नोटों की तुलना में तीन-चार गुना ज्यादा समय तक चलते हैं। <strong>इसके अलावा, इससे आरबीआई की क्षमता बढ़ जाती है। अर्थव्यवस्था के बढ़ते आकार के साथ क्षमता बढ़ाना जरूरी है। </strong></p>
<p><strong>प्लास्टिक नोटों का होगा ट्रायल</strong><br>
दरअसल हाल ही में सरकार ने 10 और 20 रुपये के प्लास्टिक नोटों को बाजार में उतारने से पहले ट्रायल करने के लिए मंजूरी दे दी है. इसके तहत दोनों नोटों के 100-100 करोड़ पॉलिमर नोट तैयार किए जाएंगे. राज्यसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे लेकर लिखित जवाब दिया, जिसमें उन्होंने पूरी जानकारी दी है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>QS World University Rankings 2027 में भारत के 52 संस्थान शामिल, देखें पूरी लिस्ट</title>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 11:30:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>World, University, Rankings, 2027, में, भारत, के, संस्थान, शामिल, देखें, पूरी, लिस्ट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>केंद्र सरकार की तरफ से संसद में बताया गया है कि प्रतिष्ठित QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स (QS World University Rankings) में भारत की यूनिवर्सिटीज ने एक बड़ा मुकाम हासिल किया है. रैंकिंग में शामिल होने वाले भारतीय संस्थानों की संख्या पहले के मुकाबले कई गुना बढ़ गई है. जहां 2015 तक ये संख्या 11 थी, वहीं अब ये बढ़कर अब 52 तक पहुंच चुकी है. सरकार की तरफ से बताया गया कि भारतीय विश्वविद्यालयों और संस्थानों ने वैश्विक स्तर पर अपनी साख मजबूत की है. ऐसे में आज हम आपके लिए उन सभी 52 संस्थानों और यूनिवर्सिटीज की लिस्ट लेकर आए हैं, जिन्हें QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स में जगह मिली है। </p>
<p><strong>IITs का दबदबा </strong><br>
QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स में जगह बनाने वाले संस्थानों में सबसे ज्यादा IITs के नाम शामिल हैं. उनके अलावा केंद्रीय विश्वविद्यालयों के साथ-साथ कई प्राइवेट और डीम्ड यूनिवर्सिटीज ने भी अपनी जगह बनाई है. नीचे आप रैंकिंग के हिसाब से पूरी लिस्ट देख सकते हैं। </p>
<p>    <strong>IIT दिल्ली: 118 रैंक<br>
    IIT बॉम्बे: 134 रैंक<br>
    IIT मद्रास: 170 रैंक<br>
    IIT खड़गपुर: 205 रैंक <br>
    इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस बेंगलोर: 221 रैंक <br>
    IIT कानपुर: 221 रैंक<br>
    दिल्ली यूनिवर्सिटी: 322 रैंक <br>
    IIT रुड़की: 335 रैंक <br>
    IIT गुवाहाटी: 349 रैंक <br>
    शूलनी यूनिवर्सिटी ऑफ बायोटेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट साइंस, सोलन: 452 रैंक <br>
    अन्ना यूनिवर्सिटी, चेन्नई: 470 रैंक <br>
    IIT BHU, वाराणसी: 510 रैंक <br>
    चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, पंजाब: 526 रैंक <br>
    IIT इंदौर: 546 रैंक <br>
    जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU, दिल्ली): 555 रैंक <br>
    बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस, पिलानी: 575 रैंक <br>
    IIT हैदराबाद: 588 रैंक <br>
    वीआईटी वेल्लोर (VIT Vellore): 597 रैंक <br>
    सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी: 655 रैंक <br>
    जामिया मिलिया इस्लामिया, दिल्ली: – 686 रैंक <br>
    IIT धनबाद: 701-710 रैंक<br>
    थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, पटियाला: 701-710 रैंक<br>
    Bharathiar यूनिवर्सिटी, कोयंबटूर: 711-720 रैंक<br>
    जाधवपुर यूनिवर्सिटी, कोलकाता: 721-730 रैंक<br>
    NIT तिरुचिरापल्ली (NIT Trichy): 721-730 रैंक<br>
    ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी, सोनीपत: 751-760 रैंक<br>
    लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, चहेरू (LPU): 791-800 रैंक <br>
    सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी: 791-800 रैंक <br>
    सवीथा इंस्टीट्यूट, तमिलनाडु (SIMATS): 801-850<br>
    IIT गांधीनगर: 851-900 रैंक<br>
    मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन (MAHE): 851-900 रैंक<br>
    यूनिवर्सिटी ऑफ हैदराबाद: 851-900 रैंक<br>
    एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा: 901-950 रैंक<br>
    यूनिवर्सिटी ऑफ कोलकाता: 901-950 रैंक<br>
    यूनिवर्सिटी ऑफ मुंबई: 901-950 रैंक<br>
    UPES देहरादून: 901-950 रैंक<br>
    बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, वाराणसी: 951-1000 रैंक <br>
    अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU): 1001-1200 रैंक<br>
    चितकारा यूनिवर्सिटी, राजपुरा: 1001-1200 रैंक<br>
    गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU): 1001-1200 रैंक<br>
    IIT टेक्नोलॉजी भुवनेश्वर: 1001-1200 रैंक<br>
    कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (KIIT), भुवनेश्वर: 1001-1200 रैंक<br>
    पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़: 1001-1200 रैंक<br>
    शिव नादर यूनिवर्सिटी, दादरी: 1001-1200 रैंक<br>
    एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (SRM): 1001-1200 रैंक<br>
    अमृता विश्व विद्यापीठम: 1201-1400<br>
    गलगोटियास यूनिवर्सिटी (Galgotias University): 1201-1400 रैंक<br>
    IIIT अलाहाबाद, प्रयागराज: 1201-1400 रैंक<br>
    सत्यबामा इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी: 1201-1400 रैंक<br>
    शिक्षा 'ओ' अनुसंधान (SOA), भुवनेश्वर:  1201-1400 रैंक<br>
    जामिया हमदर्द, नई दिल्ली: 1401+ रैंक<br>
    पोंडिचेरी यूनिवर्सिटी: 1401+ रैंक</strong></p>]]> </content:encoded>
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<title>TRAI का बड़ा फैसला: अब बिजली, LPG और कूरियर की कॉल 1601 सीरीज से आएगी, ऐसे पहचानें असली कॉल</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (TRAI) ने सोमवार को यूटिलिटी, कूरियर और लॉजिस्टिक्स कंपनियों की सर्विस और ट्रांज़ैक्शन से जुड़ी कॉल्स के लिए 1601- सीरीज़ के फ़ोन नंबर शुरू किए हैं।  यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि ग्राहक असली कॉल्स की पहचान कर सकें और उन्हें उन धोखेबाज़ों से बचाया जा सके … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 11:30:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>TRAI, का, बड़ा, फैसला:, अब, बिजली, LPG, और, कूरियर, की, कॉल, 1601, सीरीज, से, आएगी, ऐसे, पहचानें, असली, कॉल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (TRAI) ने सोमवार को यूटिलिटी, कूरियर और लॉजिस्टिक्स कंपनियों की सर्विस और ट्रांज़ैक्शन से जुड़ी कॉल्स के लिए 1601- सीरीज़ के फ़ोन नंबर शुरू किए हैं। </p>
<p>यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि ग्राहक असली कॉल्स की पहचान कर सकें और उन्हें उन धोखेबाज़ों से बचाया जा सके जो आम 10-अंकों वाले मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करके खुद को असली सर्विस और ट्रांज़ैक्शन कॉल करने वाली कंपनी का प्रतिनिधि बताते हैं. इससे इस तरह की वॉइस-बेस्ड बातचीत पर भरोसा बढ़ेगा। </p>
<p>पहले चरण में, 1601 सीरीज़ बिजली वितरण कंपनियों, पानी की सप्लाई करने वाली कंपनियों, सिटी गैस कंपनियों, LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स, कूरियर कंपनियों, पार्सल डिलीवरी सेवाओं और सामान की डिलीवरी करने वाली लॉजिस्टिक्स फर्मों के लिए उपलब्ध होगी। </p>
<p>BFSI सेक्टर और सरकार की संस्थाओं के बीच होने वाले कम्युनिकेशन की अहम और संवेदनशील प्रकृति को देखते हुए, यह निर्देश BFSI और सरकारी सेक्टर के अलावा दूसरे सेक्टरों के लिए जारी किया गया है, ताकि सर्विस और दूसरे सेक्टरों से आने वाली फाइनेंशियल बातचीत को आपस में मिलने से रोका जा सके। </p>
<p>TRAI ने घोषणा की है कि 1601 नंबर सीधे योग्य कंपनियों को दिए जाएंगे, न कि बिचौलियों या एग्रीगेटर्स को. टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर नंबर देने से पहले कंपनियों की जांच करेंगे. इसके अलावा, TRAI ने पहले चरण में शामिल योग्य कंपनियों की ऑनबोर्डिंग और माइग्रेशन प्रक्रिया पूरी करने के लिए 90 दिनों की समय-सीमा तय की है। </p>
<p>1601 नंबर का इस्तेमाल करने वाली कंपनियों को यह अंडरटेकिंग देनी होगी कि इन नंबरों का इस्तेमाल सिर्फ़ सर्विस और ट्रांज़ैक्शन के लिए ही किया जाएगा. उन्होंने कहा कि किसी भी कंपनी या संस्था द्वारा इन नंबरों का इस्तेमाल प्रमोशनल वॉइस कॉल के लिए नहीं किया जा सकता है। </p>
<p>बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विस और इंश्योरेंस (BFSI) सेक्टर की कंपनियों और सरकारी संस्थाओं द्वारा सर्विस और ट्रांज़ैक्शन से जुड़ी कॉल्स के लिए 1600 सीरीज़ को अपनाने के बाद 1601 सीरीज़ आई है। </p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>क्षिप्रा में कूदकर बच्ची की जान बचाने वाली मोनिका को मिलेगा राष्ट्रपति सम्मान, 15 अगस्त को होगा सम्मान</title>
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<description><![CDATA[ उज्जैन हादसों ने घर की जिम्मेदारी दी, लेकिन कभी हौसला नहीं तोड़ा। आज उसी हौसले का इनाम मिलने जा रहा है। उज्जैन की 30 वर्षीय बेटी मोनिका सूर्यवंशी को 15 अगस्त को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू खुद अपने हाथों से सम्मानित करेंगी। इसके लिए मोनिका को राष्ट्रपति भवन से आमंत्रण पत्र आया है। … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 11:15:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>क्षिप्रा, में, कूदकर, बच्ची, की, जान, बचाने, वाली, मोनिका, को, मिलेगा, राष्ट्रपति, सम्मान, अगस्त, को, होगा, सम्मान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>उज्जैन</strong><br>
हादसों ने घर की जिम्मेदारी दी, लेकिन कभी हौसला नहीं तोड़ा। आज उसी हौसले का इनाम मिलने जा रहा है। उज्जैन की 30 वर्षीय बेटी मोनिका सूर्यवंशी को 15 अगस्त को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू खुद अपने हाथों से सम्मानित करेंगी। इसके लिए मोनिका को राष्ट्रपति भवन से आमंत्रण पत्र आया है। मोनिका को निमंत्रण मिलना उज्जैन ही नहीं, मध्य प्रदेश के लिए भी गौरव का क्षण है।</p>
<p>बताया जाता है कि अप्रैल 2026 में उज्जैन की पंचकोशी यात्रा के दौरान मोनिका की ड्यूटी श्री रामघाट, क्षिप्रा नदी पर युवा आपदा मित्र के रूप में लगी थी। उस दौरान एक परिवार स्नान के लिए पहुंचा था। अचानक 14 वर्षीय बच्ची गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। मोनिका ने पल भर भी नहीं गंवाया। लाइफ जैकेट पहनकर सीधे नदी में कूद गईं और बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।</p>
<p><strong>सिर्फ ट्रेनिंग नहीं, हिम्मत का इम्तिहान भी पास किया</strong><br>
मोनिका ने मार्च 2026 में 7 दिन का युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण लिया। बाढ़, आग, भूकंप, खोज-बचाव और प्राथमिक उपचार का व्यावहारिक प्रशिक्षण लेकर उन्होंने उसे सिर्फ सर्टिफिकेट तक सीमित नहीं रखा। ग्रामीण इलाकों में जाकर लोगों को आपदा से बचाव के बारे में जागरूक भी किया। अभी वह बाबा महाकाल की सवारी में ड्यूटी दे रही हैं और आगामी सिंहस्थ में भी सेवा का संकल्प लिया है।</p>
<p><strong>पिता का साया छूटा, पर सपना जिंदा रहा</strong><br>
तीन साल पहले पिता के निधन के बाद घर की बड़ी बेटी होने के नाते जिम्मेदारी मोनिका के कंधों पर आ गई। बीसीए-सीएस पढ़ी मोनिका का सपना डिफेंस में जाने का था। परिस्थितियों ने साथ नहीं दिया, तो उन्होंने हार नहीं मानी। होमगार्ड युवा आपदा मित्र बनकर देश सेवा का रास्ता चुना। </p>
<p><strong>देशभर से पांच लोगों का चयन</strong><br>
मध्य प्रदेश के 11 जिलों में शुरू हुए युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण के पहले चरण में उज्जैन से मोनिका का चयन हुआ। ट्रेनिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन और मैदान पर दिखाई गई बहादुरी के कारण देशभर से चुने गए सिर्फ पांच युवा आपदा मित्रों में मोनिका का नाम शामिल है। मध्य प्रदेश से मोनिका के अलावा हेमलता का भी चयन हुआ है। बाकी 3 युवा नागालैंड, मिजोरम, उत्तराखंड और कर्नाटक से हैं।</p>
<p><strong>राष्ट्रपति के हाथों मिलेगा सम्मान</strong><br>
राष्ट्रपति भवन से मिला आमंत्रण पत्र जब मोनिका को अधिकारियों ने सौंपा तो यह उनके लिए ही नहीं, बल्कि उज्जैन और मध्य प्रदेश के लिए भी गौरव का क्षण बन गया। 15 अगस्त के मौके पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष कार्यक्रम में मोनिका को सम्मानित किया जाएगा। उनके लिए यह सिर्फ एक पुरस्कार या सम्मान नहीं, बल्कि उन तमाम युवाओं के लिए संदेश है, जो परिस्थितियों को अपनी सफलता के रास्ते की सबसे बड़ी बाधा मान लेते हैं। </p>]]> </content:encoded>
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<title>नवागत कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से इरशाद अहमद ने की मुलाकात</title>
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<description><![CDATA[ नवागत कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से इरशाद अहमद ने की मुलाकात अनूपपुर नवागत कलेक्टर रत्नाकर झा एवं नवागत पुलिस अधीक्षक एस.पी विक्रम मुराब से जिला वक्फबोर्ड के जिला अध्यक्ष इरशाद अहमद ने मुलाकात की और अनूपपुर जिले के लिए बधाई दी साथी उनके कमेटी के हाजी मो.इलियाकत मो.असलम जिला सचिव मो. नईम सह सचिव मो.शरीफ … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 11:15:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>नवागत, कलेक्टर, एवं, पुलिस, अधीक्षक, से, इरशाद, अहमद, ने, की, मुलाकात</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नवागत कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से इरशाद अहमद ने की मुलाकात</strong></p>
<p><strong>अनूपपुर</strong><br>
नवागत कलेक्टर रत्नाकर झा एवं नवागत पुलिस अधीक्षक एस.पी विक्रम मुराब से जिला वक्फबोर्ड के जिला अध्यक्ष इरशाद अहमद ने मुलाकात की और अनूपपुर जिले के लिए बधाई दी साथी उनके कमेटी के हाजी मो.इलियाकत मो.असलम जिला सचिव मो. नईम सह सचिव मो.शरीफ कुरैशी (राजू) के साथ मुलाकात कर जिले की अंजुमन कमेटियों की जानकारी देते हुए वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर की चर्चा। </p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>‘इस्लामिक NATO’ जैसा था बगदाद पैक्ट, जंग छिड़ी तो पाकिस्तान को नहीं मिली मदद; ऐसे टूटा गठबंधन</title>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली 6 सितंबर 1965. पाकिस्तान को लगा अरब के उसके देश उसके साथ उतरेंगे. भारत के खिलाफ जंग में मदद देंगे. भारतीय सेना ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर पश्चिमी पाकिस्तान में मोर्चा खोल दिया था. लाहौर के आसपास गोलियां चल रही थीं, टैंक आगे बढ़ रहे थे और पाकिस्तान के सामने अब कश्मीर तक … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 10:45:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>‘इस्लामिक, NATO’, जैसा, था, बगदाद, पैक्ट, जंग, छिड़ी, तो, पाकिस्तान, को, नहीं, मिली, मदद, ऐसे, टूटा, गठबंधन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong></p>
<p>6 सितंबर 1965. पाकिस्तान को लगा अरब के उसके देश उसके साथ उतरेंगे. भारत के खिलाफ जंग में मदद देंगे. भारतीय सेना ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर पश्चिमी पाकिस्तान में मोर्चा खोल दिया था. लाहौर के आसपास गोलियां चल रही थीं, टैंक आगे बढ़ रहे थे और पाकिस्तान के सामने अब कश्मीर तक सीमित संघर्ष नहीं, एक बड़ा युद्ध खड़ा था. इस वक्त इस्लामाबाद को अपने पुराने दोस्तों की याद आई। </p>
<p><strong>लेकिन पाकिस्तान का भ्रम बहुत बुरी तरह से टूटा। </strong></p>
<p><strong>आइए थोड़ा पीछे चलते हैं. पाकिस्तान के भ्रम टूटने की कहानी का बैकग्राउंड समझते हैं। </strong></p>
<p>1950 का दशक था. दुनिया दो खेमों में बंट चुकी थी. एक तरफ अमेरिका और उसके पश्चिमी सहयोगी थे, तो दूसरी तरफ सोवियत संघ. शीत युद्ध अपने चरम पर था. अमेरिका को डर था कि सोवियत प्रभाव मध्य-पूर्व तक पहुंच गया तो तेल से लेकर यूरोप की सुरक्षा तक सब कुछ खतरे में पड़ सकता है। </p>
<p>इसी डर से एक ऐसा सुरक्षा घेरा बनाने की कोशिश हुई, जो मध्य-पूर्व को सोवियत संघ से दूर रख सके. 1955 में इराक, तुर्की, ईरान, पाकिस्तान और ब्रिटेन ने मिलकर बगदाद पैक्ट बनाया। </p>
<p><strong>इस संगठन का नाम बगदाद इसलिए पड़ा क्योंकि इसका मुख्यालय इराक की राजधानी में था। </strong></p>
<p>अमेरिका इसमें औपचारिक सदस्य नहीं बना, लेकिन उसने इस गठबंधन को मजबूत समर्थन दिया और बाद में इसके साथ रक्षा संबंधी समझौते किए. 1959 में इराक के हटने के बाद इसका नाम बदलकर CENTO यानी Central Treaty Organization कर दिया गया। </p>
<p><strong>पाकिस्तान का मकसद दूसरा था</strong><br>
<strong>जाहिर है पाकिस्तान को तब सोवियत रूस से कोई खतरा नहीं था. वो खुद तो अमेरिका की गोद में बैठा ही था। </strong></p>
<p><strong>हिन्दुस्तान के साथ हद तक बराबरी करने की आग में जल रहे पाकिस्तान का असल टारगेट नई दिल्ली था।</strong> </p>
<p>इन समझौते के बहाने पाकिस्तान ने पश्चिमी देशों के साथ सैन्य रिश्ते मजबूत किए. उसे अमेरिकी हथियार मिले, मिलिट्री ट्रेनिंग  और सुरक्षा सहयोग बढ़ा. पाकिस्तान ने SEATO में भी सदस्यता ली. इससे पाकिस्तान की सेना तेजी से आधुनिक हुई। </p>
<p><strong>पाकिस्तान सोचने लगा कि इस पूरी सैन्य ताकत का </strong><br>
फायदा उठाकर वो भारत पर हावी होने की कोशिश करेगा. अमेरिकी अपनी कूटनीति के तहत पाकिस्तान को गाहे-बगाहे उकसाता और उसे मदद भी देता. ये वो दौर था जब भारत सोवियत रूस के कैंप में था. पाकिस्तान को झूठा आत्मविश्वास होने लगा। </p>
<p>लेकिन इस पूरी व्यवस्था में एक बुनियादी गलतफहमी पैदा हो गई. पाकिस्तान ने अमेरिकी हथियारों को भारत के खिलाफ इस्तेमाल होने वाली ताकत समझ लिया, जबकि अमेरिका पाकिस्तान को मुख्य रूप से कम्युनिस्ट खतरे के खिलाफ तैयार कर रहा था. अमेरिका पाकिस्तान में अपना स्टेशन तैयार कर रहा था. वह सोवियत रूस और चीन पर नजर रखना था। </p>
<p><strong>यानी पाकिस्तान की दोस्ती तुर्की, ईरान, जैसे देशों से तो थी लेकिन दोस्ती की वजह अलग-अलग थी। </strong></p>
<p><strong>1965 का जंग आया, पाकिस्तान का दोस्ती का बुखार उतर गया</strong><br>
पाकिस्तान भारत के खिलाफ जंग में कूद चुका था. पाकिस्तान को उम्मीद थी कि सहयोगी मदद करेंगे. लेकिन CENTO के सदस्यों ने मुंह फेर लिया। <br>
अमेरिका ने दोनों तरफ हथियार बंद कर दिए. तुर्की और ईरान ने नैतिक समर्थन तो दिया, लेकिन सैन्य मदद नहीं. इस जंग में पाकिस्तान की बुरी तरह 'मरम्मत' हुई. पाकिस्तान का जिन अरब और अमेरिकी दोस्तों पर कूद रहा था उन्होंने उन्हें कुछ नहीं दिया. पाकिस्तान का दोस्ती का बुखार उतर चुका था। </p>
<p>दरअसल पाकिस्तान ने जिस चीज को अपनी सुरक्षा गारंटी समझ लिया था, अमेरिका ने उसे शीत युद्ध की रणनीति का हिस्सा माना था। </p>
<p><strong>1965 की जंग ने यह अंतर बिल्कुल साफ कर दिया। </strong></p>
<p><strong>6 साल बाद फिर जंग और टूट गया पाकिस्तान</strong><br>
1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध पाकिस्तान के लिए और भी बड़ा सबक बन गया. पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में विद्रोह के साथ भारत-पाकिस्तान के बीच के बीच जंग छिड़ गई. पाकिस्तान ने CENTO सहयोगियों से मदद की अपील की. अमेरिका ने सातवें बेड़े का जहाज यूएसएस एंटरप्राइज बंगाल की खाड़ी में भेजा, जो दबाव बनाने की कोशिश थी, लेकिन कोई सैन्य हस्तक्षेप नहीं हुआ। </p>
<p><strong>सोवियत रूस ने शक्ति संतुलन करते हुए अपना बेड़ा भारत की ओर से भेज दिया। </strong></p>
<p>ब्रिटेन भी सक्रिय मदद से दूर रहा. तुर्की और ईरान ने राजनयिक समर्थन और कुछ सीमित सहायता दी, लेकिन कोई सैनिक टुकड़ी या बड़े पैमाने पर हथियार नहीं भेजे. नतीजा यह हुआ कि पाकिस्तान फिर पीटा और दुनिया के राजनीतिक मानचित्र पर एक नए देश का जन्म हुआ. 16 दिसंबर 1971 को ढाका में आत्मसमर्पण हो गया और बांग्लादेश बन गया। पाकिस्तान फिर से मुंह ताकता रह गया। </p>
<p><strong>पाक को मदद क्यों नहीं मिली? </strong><br>
तुर्की NATO का सदस्य था और यूरोप की तरफ देखता था. ईरान अपनी सुरक्षा सोचता था. ब्रिटेन और अमेरिका भारत के साथ भी संबंध रखना चाहते थे और सोवियत संघ को सीधे टकराव से बचना चाहते थे।  </p>
<p><strong>इसके अलावा इंदिरा गांधी के लीडरशिप वाले भारत के सामने कोई भी देश इतनी आसानी से टकराने की हिमाकत नहीं कर सकता था। </strong></p>
<p>आखिरकार 4 वर्ष बाद ईरान की क्रांति के बाद वहां के शाह की सत्ता चली गई और  मार्च 1979 में ईरान और पाकिस्तान ने CENTO छोड़ दिया. 16 मार्च 1979 को इसे औपचारिक रूप से भंग घोषित कर दिया गया. इस तरह बगदाद पैक्ट (बाद में CENTO) करीब 24 साल चला और 1979 में समाप्त हो गया। </p>
<p><strong>इस्लामिक NATO का शिगुफा</strong><br>
अब पाकिस्तान बगदाद पैक्ट जैसे ही एक समझौते का ढोल पीट रहा है. 7 अगस्त 2026 को मक्का में तीनों देशों ने Mecca Joint Defence Agreement पर हस्ताक्षर किए. समझौते के मुताबिक किसी एक देश पर सशस्त्र हमला तीनों पर हमला माना जाएगा. यह NATO के Article 5 की तर्ज पर है, इसलिए इसे 'इस्लामिक नाटो' कहा जा रहा है. इस समझौते में पाकिस्तान के साथ सऊदी अरब और तुर्की शामिल हैं। </p>
<p>इसे 'इस्लामिक नाटो' नाम किसी एक सरकार ने आधिकारिक तौर पर नहीं दिया है. लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञ इसे इस्लामिक नाटो कह रहे हैं। इस समझौते रणनीतिक अहमियत इसलिए भी है क्योंकि सऊदी अरब के पास पैसा और ऊर्जा, तुर्की के पास बड़ी नाटो प्रशिक्षित सेना और रक्षा उद्योग, जबकि पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार और बड़ा सैन्य बल है. इसलिए इसे पश्चिमी सुरक्षा व्यवस्था पर निर्भरता कम करने और क्षेत्र में ईरान और इजरायल के प्रभाव का संतुलन बनाने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है। </p>
<p><strong>लेकिन बगदाद पैक्ट की तरह मक्का एग्रीमेंट की ढाल लेकर पाकिस्तान भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा हैे। </strong></p>
<p><strong>7 अगस्त को मक्का में हुए समझौते में तय हुआ कि तीनों में से किसी एक पर सशस्त्र हमला बाकी दोनों पर हमला माना जाएगा। </strong></p>
<p>पाकिस्तान के लिए इसका महत्व इसलिए ज्यादा है क्योंकि तुर्की NATO का सदस्य और मजबूत सैन्य शक्ति है, जबकि सऊदी अरब आर्थिक और कूटनीतिक ताकत रखता है. पाकिस्तान इस त्रिकोण को अपनी रणनीतिक हैसियत बढ़ाने और भारत पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने के लिए पेश कर सकता है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>दशहरी&#45;लंगड़ा आम के बाद अब दुबई पहुंचा 10 क्विंटल शहद, किसानों के चेहरे खिले</title>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली दशहरी और लंगड़ा आम के बाद अब दुबई के बाजारों में भारतीय शहद (Honey) का डंका बजने वाला है. पहली बार त्रिपुरा से एक मीट्रिक टन सरसों के शहद (Mustard Honey) की खेप दुबई भेजी गई. त्रिपुरा के कृषि और डेरी (मधुमक्खी) पालन करने वालों के लिए ये एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।  दरअसल, … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 10:30:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>दशहरी-लंगड़ा, आम, के, बाद, अब, दुबई, पहुंचा, क्विंटल, शहद, किसानों, के, चेहरे, खिले</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong></p>
<p>दशहरी और लंगड़ा आम के बाद अब दुबई के बाजारों में भारतीय शहद (Honey) का डंका बजने वाला है. पहली बार त्रिपुरा से एक मीट्रिक टन सरसों के शहद (Mustard Honey) की खेप दुबई भेजी गई. त्रिपुरा के कृषि और डेरी (मधुमक्खी) पालन करने वालों के लिए ये एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। </p>
<p>दरअसल, APEDA के सहयोग से डेरगांग फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (FPO) ने 1 मीट्रिक टन शहद का निर्यात किया है. यह त्रिपुरा के स्थानीय किसानों और मधुमक्खी पालकों के लिए वैश्विक बाजार के दरवाजे खोलने वाला एक बड़ा कदम है. केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से शहद के एक्सपोर्ट को उत्तर पूर्वी भारत के कृषि क्षेत्र के लिए अद्भुत और ऐतिहासिक उपलब्धि बताई। </p>
<p><strong>त्रिपुरा से पहला निर्यात</strong><br>
यह त्रिपुरा के इस इलाके से सरसों के शहद का पहला अंतरराष्ट्रीय निर्यात है. इससे राज्य में शहद के कारोबार को एक नया आयाम मिलेगा. दुबई से जैसे बाजारों में त्रिपुरा के शहर पहुंचने से किसानों को स्थानीय बाजारों की तुलना में काफी बेहतर कीमत मिलेगी, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी होने वाली है। </p>
<p>इस पूरी प्रक्रिया में M/s Salt Range Foods Pvt. Ltd. ने डेरगांग FPO को तकनीकी सहायता, मधुमक्खी पालन सुधार और निर्यात के लायक गुणवत्ता तैयार करने में पूरी मदद की है. यह सफलता त्रिपुरा ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर भारत के अन्य FPOs और किसानों को गुणवत्ता सुधारने और निर्यात की दिशा में सोचने के लिए प्रेरित करेगी। </p>
<p><strong>कृषि मंत्री ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना</strong><br>
इस ऐतिहासिक निर्यात खेप को त्रिपुरा के कृषि मंत्री रतन लाल नाथ ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस अवसर पर कई प्रमुख हस्तियां और अधिकारी उपस्थित थे. रतन लाल नाथ ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि डेरगांग FPO द्वारा सरसों के शहद का यह पहला निर्यात राज्य के किसानों और मधुमक्खी पालकों के लिए गर्व की बात है. यह साबित करता है कि त्रिपुरा के कृषि उत्पादों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का अपार संभावना है। </p>
<p>उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य सरकार जैविक खेती और मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. किसानों, FPOs, APEDA और निजी संस्थाओं के साझा प्रयासों से त्रिपुरा आने वाले समय में वैश्विक कृषि बाजार में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा। </p>
<p>बता दें, सरसों के फूलों से मिलने वाला शहद (मस्टर्ड हनी) एंटीऑक्सीडेंट्स, पोलन ग्रेन्स और पोषक तत्वों से भरपूर होता है. यह प्राकृतिक रूप से सफेद रंग का होता है और जम जाने पर घी जैसा दिखता है। </p>
<p>गौरतलब है कि पिछले महीने उत्तर प्रदेश के अमरोहा से दशहरी और लंगड़ा आम की 12.5 टन की खेप 40 फीट के रेफ्रिजरेटेड कंटेनर में समुद्री मार्ग से दुबई भेजी गई थी. इस सफल निर्यात से भारतीय आम समेत दूसरे प्रोडक्ट्स के लिए खाड़ी देश एक बड़ा बाजार बनकर उभर रहा है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>भोपाल से रायपुर अब सिर्फ 6&#45;7 घंटे में! 6&#45;लेन एक्सप्रेसवे से सागर&#45;जबलपुर&#45;मंडला तक हाईस्पीड कनेक्टिविटी</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल भोपाल से रायपुर का सफर अब 14 से 15 घंटे से घटकर महज 6 से 7 घंटे में पूरा होने वाला है. मध्य प्रदेश सरकार ने जबलपुर-भोपाल ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और जबलपुर-मंडला-छत्तीसगढ़ सीमा 6-लेन मार्ग परियोजना को हरी झंडी दे दी है. दोनों प्रोजेक्ट के लिए 15000 करोड़ रुपए का बजट पास किया गया है. … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 10:15:26 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>भोपाल, से, रायपुर, अब, सिर्फ, 6-7, घंटे, में, 6-लेन, एक्सप्रेसवे, से, सागर-जबलपुर-मंडला, तक, हाईस्पीड, कनेक्टिविटी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>भोपाल से रायपुर का सफर अब 14 से 15 घंटे से घटकर महज 6 से 7 घंटे में पूरा होने वाला है. मध्य प्रदेश सरकार ने जबलपुर-भोपाल ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और जबलपुर-मंडला-छत्तीसगढ़ सीमा 6-लेन मार्ग परियोजना को हरी झंडी दे दी है. दोनों प्रोजेक्ट के लिए 15000 करोड़ रुपए का बजट पास किया गया है. यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे भोपाल, सागर, दमोह, जबलपुर, मंडला से होते हुए छत्तीसगढ़ सीमा तक जाएगा. जिससे भोपाल और रायपुर के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत हो जाएगी. यह पूरा इंटर-स्टेट कॉरिडोर मध्य भारत की सबसे बड़ी लाइफलाइन बनने जा रहा है। </p>
<p><strong>MP की महा-कॉरिडोर परियोजना</strong><br>
जबलपुर-मंडला-रायपुर के बीच हाईवे को अब अपग्रेड किया जाएगा. मध्य प्रदेश सरकार ने जबलपुर से छत्तीसगढ़ सीमा चिल्पी घाट से होते हुए रायपुर तक जाने वाले इस हाईवे को 6-लेन एक्सप्रेसवे में बदला जाएगा. 2500 करोड़ की लागत से इसे अपग्रेड किया जाएगा. यह मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को आपस में जोड़ने वाला सबसे मुख्य व्यापारिक रूट है. यह प्रोजेक्ट भोपाल-जबलपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का ही हिस्सा है, जिसे आगे तक विस्तार करने का प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश सरकार ने पास कर दिया है. इस एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रतिघंटे तक रहेगी. जिससे समय की बचत होगी। </p>
<p><strong>हाई-स्पीड कॉरिडोर के फायदे </strong><br>
भोपाल से जबलपुर की दूरी फिलहाल 320 किलोमीटर है. लेकिन इस ग्रीनफील्ड हाईवे के बनने से यह दूरी 255 किलोमीटर रह जाएगी. जहां पहले यात्रा में 6 से 7 घंटे का समय लगता था. वह अब 2.5 से 3 घंटे में ही पूरा हो जाएगा। </p>
<p>इसी हाईवे को जबलपुर से आगे छत्तीसगढ़ सीमा तक विस्तार किया जाएगा. जिससे जबलपुर और रायपुर की दूरी कम हो जाएगी.  जबलपुर से रायपुर पहुंचने में 7 से 8 घंटे का 6-लेन कॉरिडोर बनने के बाद मात्र 3.5 से 4 घंटे का रह जाएगा। </p>
<p>इस पूरी परियोजना का लाभ एमपी की राजधानी भोपाल से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को होगा. दोनों शहरों के बीच अभी यात्रा में 14 से 15 घंटे का समय लगता है. जिसे मात्र 6 से 7 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। </p>
<p><strong>MP-छत्तीसगढ़ के इन शहरों को फायदा </strong></p>
<p><strong>    मध्य प्रदेश: भोपाल, जबलपुर, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम (होशंगाबाद), दमोह, सागर, डिंडोरी और मंडला. <br>
    छत्तीसगढ़: रायपुर, कवर्धा (कबीरधाम), बेमेतरा और सिमगा.</strong></p>
<p><strong>पर्यटकों को उपयोगी रहेगा यह रूट </strong><br>
इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का बड़ा फायदा मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ आने वाले पर्यटकों को भी होगा. दरअसल, राज्य सरकार ने 5500 करोड़ के टाइगर कॉरिडोर की घोषणा की है. जिससे कान्हा, बांधवगढ़ और पन्ना टाइगर रिजर्व आपस में जुड़ेंगे. ऐसे में भोपाल, जबलपुर और रायपुर से आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों के लिए इन टाइगर रिजर्व तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगी। </p>
<p><strong>मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ को बड़ा फायदा </strong><br>
इस परियोजना को मध्य भारत की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है. क्योंकि यह एक्सप्रेसवे छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के व्यापारिक रूट को सीधे जोड़ेगा. जिससे मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल, संस्कारधानी जबलपुर और छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को एक सूत्र में पिरो देगा. ऐसे में व्यापारिक, मेडिकल सुविधा और पर्यटन के लिहाज से दोनों राज्य और कनेक्ट हो जाएंगे। </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>MP में ‘Cat&#45;22’ का संकट! 8 महीने में 45 से ज्यादा बाघों की मौत, 50 इंसानों ने भी गंवाई जान</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मध्य प्रदेश हमेशा से वन्यजीवों की संख्या और संरक्षण में अव्वल रहा है। भारत में बाघों और तेंदुओं की सबसे ज्यादा आबादी एमपी में ही है। लेकिन संरक्षण की इस शानदार सफलता के पीछे परेशान करने वाला संकट भी पनप रहा है। 2026 के शुरुआती 8 महीनों में राज्य भर में जंगली जानवरों के … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 10:15:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>में, ‘Cat-22’, का, संकट, महीने, में, से, ज्यादा, बाघों, की, मौत, इंसानों, ने, भी, गंवाई, जान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong><br>
 मध्य प्रदेश हमेशा से वन्यजीवों की संख्या और संरक्षण में अव्वल रहा है। भारत में बाघों और तेंदुओं की सबसे ज्यादा आबादी एमपी में ही है। लेकिन संरक्षण की इस शानदार सफलता के पीछे परेशान करने वाला संकट भी पनप रहा है।</p>
<p>2026 के शुरुआती 8 महीनों में राज्य भर में जंगली जानवरों के हमलों में कम से कम 50 लोगों की मौत हो चुकी है। इसी अवधि में 45 से ज्यादा बाघों की भी जान गई है।</p>
<p>मध्य प्रदेश वन विभाग के अनुसार, इस साल सबसे ज्यादा इंसानी मौतें बाघों के हमले से हुई हैं। कुल 50 मौतों में से 22 लोगों की जान बाघों ने ली है। इसके अलावा जंगली सुअरों के हमले में 8, हाथियों के हमले में 7, भालू के हमले में 4 और तेंदुए के हमले में 1 व्यक्ति की मौत हुई है। मृतकों में कम से कम 16 लड़कियां और महिलाएं शामिल थीं, जबकि बाकी लड़के और पुरुष थे।</p>
<p><strong>किन इलाकों में है सबसे ज्यादा दहशत?</strong><br>
इन मौतों का चिंताजनक पैटर्न यह है कि 50 में से 30 मौतें केवल तीन महीनों के भीतर हुईं। मार्च में 7, अप्रैल में 13 और मई में 10 लोगों की जान गई। ये वे महीने होते हैं जब बड़ी संख्या में ग्रामीण, विशेषकर आदिवासी समुदाय, तेंदूपत्ता और महुआ इकट्ठा करने के लिए जंगलों में जाते हैं, जिससे उनका वन्यजीवों से आमना-सामना होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।</p>
<p>बाघों के हमलों में मारे गए 22 लोगों में से 14 की मौत घने जंगलों वाले महाकौशल क्षेत्र में हुई। यह वही इलाका है जिसने रुडयार्ड किपलिंग की मशहूर किताब द जंगल बुक के मोगली की दुनिया को प्रेरित किया था। 7 अन्य मौतें पूर्वी मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और आसपास के इलाकों में दर्ज की गईं, जहां बाघों का घनत्व सबसे ज्यादा है।</p>
<p>यह संघर्ष सिर्फ बाघों तक सीमित नहीं है। जंगली सुअरों ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में 8 लोगों की जान ली है। हाथियों के हमले से हुई 7 मौतें मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे पूर्वी जिलों अनूपपुर, सीधी और शहडोल में हुईं।</p>
<p>छत्तीसगढ़ अब जंगली हाथियों के मध्य प्रदेश में प्रवेश का एक प्रमुख मार्ग बन गया है। वहीं भालू के हमले से हुई 4 में से 3 मौतें भी सीधी और शहडोल में ही दर्ज की गई हैं।</p>
<p><strong>5 साल में 400 से ज्यादा मौतें</strong><br>
मौजूदा मौतें एक बड़े और लगातार चल रहे पैटर्न का हिस्सा हैं। वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2020-21 से 2024-25 के बीच मध्य प्रदेश में जंगली जानवरों के हमलों में 406 लोग मारे गए हैं। इस दौरान 5,804 लोग घायल हुए और पशुओं के शिकार के 72,627 मामले दर्ज किए गए।</p>
<p>इस संघर्ष की आर्थिक कीमत भी लगातार बढ़ रही है। राज्य सरकार ने पिछले पांच वर्षों में मानव मृत्यु और पशुओं के नुकसान के मुआवजे के रूप में 88.38 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया है। अकेले 2024-25 में यह आंकड़ा 20.05 करोड़ रुपये को पार कर गया।</p>
<p><strong>वन्यजीव संरक्षण की सफलता ही बनी चुनौती</strong><br>
वन विभाग के सूत्रों का कहना है कि अब संघर्ष क्षेत्र का दायरा बढ़ रहा है। ये वे इलाके हैं जहां मानव बस्तियां, खेत, राजमार्ग, रेलवे लाइनें और वन्यजीवों की आवाजाही आपस में टकरा रहे हैं।</p>
<p>मध्य प्रदेश में 2022 की राष्ट्रीय गणना के अनुसार, 785 बाघ थे, जिनकी संख्या अब अधिकारियों और विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक 1,000 के करीब हो गई है। लेकिन बाघों की संख्या जिस तेजी से बढ़ी है, उनके रहने के लिए जंगल का दायरा उसी अनुपात में नहीं बढ़ा है।</p>
<p>एक वयस्क नर बाघ को अपनी जरूरत के लिए लगभग 50 से 100 वर्ग किलोमीटर के इलाके की आवश्यकता होती है। जब नए और युवा बाघों को ताकतवर बाघ इलाके से खदेड़ देते हैं, तो वे अपना क्षेत्र तलाशने के लिए लंबी दूरी तय करते हुए खेतों, रिहायशी इलाकों और बस्तियों तक पहुंच जाते हैं।</p>
<p>यह स्थिति जमीनी स्तर पर बेहद खतरनाक हो रही है। अप्रैल में पेंच टाइगर रिजर्व के पास महज 13 दिनों के भीतर बाघ के हमले में दो लोगों की मौत हो गई थी। इनमें से एक 30 वर्षीय दिनेश सेवतकर थे, जिसके बाद ग्रामीणों का भारी गुस्सा फूट पड़ा।</p>
<p>सैकड़ों ग्रामीणों ने रिजर्व के गेट तोड़ दिए, वाहनों में तोड़फोड़ की और जंगल के कुछ हिस्सों में आग लगा दी। जंगलों पर निर्भर रहने वाले ग्रामीणों के लिए बाघ सिर्फ एक 'संरक्षण का प्रतीक' नहीं, बल्कि हर दिन का जोखिम बन चुका है।</p>
<p><strong>बाघों की भी लगातार हो रही मौत</strong><br>
संकट का एक दूसरा पहलू भी है। 2026 के शुरुआती 8 महीनों में मध्य प्रदेश में 45 से ज्यादा बाघों की भी जान जा चुकी है। इनकी मौत प्राकृतिक कारणों, आपसी लड़ाई, सड़क या रेल हादसों, करंट लगने और शिकार के कारण हो रही है।</p>
<p>एक आरटीआई रिपोर्ट के अनुसार, पूरे भारत में 2020 और 2021 के बीच बाघों की मौत के 88 मामले अनसुलझे थे, जिनमें मौत के कारणों का ठीक से पता नहीं चल पाया। इनमें से बहुत से मामले मध्य प्रदेश के प्रमुख टाइगर रिजर्व बांधवगढ़, कान्हा और पन्ना के थे। लेकिन जवाबदेही तय करने के बजाय राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण इन मामलों को हमेशा के लिए बंद करने की तैयारी कर रहा है।</p>
<p>मध्य प्रदेश इस समय एक गंभीर दोहरे संकट का सामना कर रहा है। एक तरफ बाघों की आबादी बढ़ रही है, लेकिन उनके सुरक्षित रहने के लिए जगह सिकुड़ रही है। वहीं दूसरी तरफ, ग्रामीण आजीविका के लिए उन्हीं जंगलों पर निर्भर हैं। बाघ अपना इलाका और शिकार खोजते हुए बाहर आ रहे हैं, जबकि इंसान महुआ, तेंदूपत्ता और लकड़ियों की तलाश में उनके इलाके में जा रहे हैं।</p>]]> </content:encoded>
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<title>हर घर तिरंगा अभियान प्रदेश में मनाया जा रहा है उत्साह और उल्लास के साथ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</title>
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<description><![CDATA[ हर घर तिरंगा अभियान प्रदेश में मनाया जा रहा है उत्साह और उल्लास के साथ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य सरकार विकास परक और जनकल्याणकारी कार्यों को निरंतर बढ़ा रही है आगे सभी शासकीय विभागों में रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए भर्ती प्रक्रिया आरंभ लोकभवन में राज्यपाल पटेल से भेंट के बाद मुख्यमंत्री डॉ. … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 10:15:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>हर घर तिरंगा अभियान प्रदेश में मनाया जा रहा है उत्साह और उल्लास के साथ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</strong></p>
<p><strong>राज्य सरकार विकास परक और जनकल्याणकारी कार्यों को निरंतर बढ़ा रही है आगे</strong></p>
<p><strong>सभी शासकीय विभागों में रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए भर्ती प्रक्रिया आरंभ</strong></p>
<p><strong>लोकभवन में राज्यपाल पटेल से भेंट के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की मीडिया से चर्चा</strong></p>
<p><strong>भोपाल </strong><br>
राज्यपाल मंगुभाई पटेल से भेंट के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोक भवन के बाहर मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सभी क्षेत्रों में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। आज दुनिया भारत की ओर आशान्वित भाव से देखती है। राज्य सरकार, प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत@2047 के संकल्प को पूरा करने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर विकास परक और जनकल्याणकारी कार्यों को निरंतर आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्यपाल पटेल को अवगत कराया कि प्रदेश में उत्साह और उल्लास के साथ हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत गतिविधियां जारी हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्यपाल पटेल से चर्चा के दौरान उन्हें अवगत कराया की राज्य सरकार ने सभी शासकीय विभागों में रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया आरंभ की है। पिछले दिनों प्रदेश के सभी पात्र अधिकारी और कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिला है। यह पदोन्नति प्रक्रिया लंबे समय से अटकी हुई थी, हमारे अधिकारी-कर्मचारी कई वर्षों से पदोन्नति प्रक्रिया आरंभ होने की प्रतीक्षा में थे।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्यपाल पटेल को आगामी राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस को लेकर प्रदेश स्तर पर जारी व्यापक तैयारियों से अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि भेंट के दौरान प्रदेश में इंदौर-उज्जैन और भोपाल-सीहोर मेट्रोपोलिटन सिटी बनाए जाने, विधानसभा के वर्षाकालीन सत्र में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) सहित कई विधेयकों को पारित करने, अलनीनो प्रभाव के कारण राज्य में अब तक 15 प्रतिशत कम बारिश की स्थिति और प्रदेश में जारी विकासपरक गतिविधियों पर भी चर्चा हुई।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>सांची में सालभर होंगे बुद्ध के प्रमुख शिष्यों के पवित्र अस्थि कलशों के दर्शन, तैयारी तेज</title>
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<description><![CDATA[  रायसेन  भगवान बुद्ध के प्रमुख शिष्यों- सारिपुत्र और महामोग्गलान के सांची में रखे पवित्र अस्थि कलशों के दर्शन अभी वर्ष में केवल दो दिन होते हैं, लेकिन यह व्यवस्था बदलने वाली है। बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए सबसे पवित्र इन अस्थि कलशों के दर्शन आम श्रद्धालुओं को वर्ष में प्रतिदिन कराने की तैयारी है। … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 10:15:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>सांची, में, सालभर, होंगे, बुद्ध, के, प्रमुख, शिष्यों, के, पवित्र, अस्थि, कलशों, के, दर्शन, तैयारी, तेज</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> रायसेन</strong><br>
 भगवान बुद्ध के प्रमुख शिष्यों- सारिपुत्र और महामोग्गलान के सांची में रखे पवित्र अस्थि कलशों के दर्शन अभी वर्ष में केवल दो दिन होते हैं, लेकिन यह व्यवस्था बदलने वाली है। बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए सबसे पवित्र इन अस्थि कलशों के दर्शन आम श्रद्धालुओं को वर्ष में प्रतिदिन कराने की तैयारी है। इसके लिए केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार ने इन पवित्र कलशों की संरक्षक महाबोधि सोसाइटी आफ श्रीलंका एंड सांची और रायसेन जिला प्रशासन को प्रस्ताव दिया है।</p>
<p>अब सालभर हो सकेंगे सारिपुत्र और महामोग्गलान के अस्थि कलशों के दर्शन<br>
    भगवान बुद्ध के प्रमुख शिष्यों- सारिपुत्र और महामोग्गलान के सांची में रखे पवित्र अस्थि कलशों के दर्शन अभी वर्ष में केवल दो दिन होते हैं, लेकिन यह व्यवस्था बदलने वाली है। बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए सबसे पवित्र इन अस्थि कलशों के दर्शन आम श्रद्धालुओं को वर्ष में प्रतिदिन कराने की तैयारी है। इसके लिए केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार ने इन पवित्र कलशों की संरक्षक महाबोधि सोसाइटी आफ श्रीलंका एंड सांची और रायसेन जिला प्रशासन को प्रस्ताव दिया है।</p>
<p>
दरअसल, केंद्र सरकार चाहती है कि आम श्रद्धालुओं के साथ ही देश-विदेश से आने वालों के लिए इन अस्थि कलशों के दर्शन की व्यवस्था सदैव उपलब्ध रहे। हालांकि पवित्र अस्थि कलशों के धार्मिक-ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए महाबोधि सोसायटी इस प्रस्ताव पर अमल से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर निश्चिंत हो जाना चाहती है। इसके लिए सोसायटी की ओर से केंद्र और राज्य सरकार को लिखा गया है। वहीं, जिला प्रशासन अपने स्तर पर तैयारियां शुरू कर रहा है।</p>
<p>बता दें कि 1952 में इन अस्थि कलशों को मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित सांची के चेतियागिरी बौद्ध विहार में रखा गया था, तब से इन्हें वर्ष में केवल नवंबर के आखिरी शनिवार-रविवार को ही तलघर से बाहर निकाला जाता रहा। इस दिन सांची में मेला लगता है और देश-विदेश से बौद्ध धर्म के अनुयायी बड़ी संख्या में दर्शन पूजन के लिए पहुंचते हैं।</p>
<p><strong>थाईलैंड भी भेजे गए थे अस्थि कलश</strong><br>
2024 में पहली बार इन पवित्र अवशेषों को पहली बार देश से बाहर थाइलैंड भेजा गया था। इस साल उन्हें 10 दिन के लिए मंगोलिया भेजा गया था। भोपाल में पांच से आठ अगस्त तक हुए ब्रिक्स देशों के संस्कृति मंत्रियों के सम्मेलन के दौरान संस्कृति विभाग के आग्रह पर परंपरा तोड़कर इन अस्थि कलशों को बाहर निकाला गया था। सांची पहुंचे ब्रिक्स सम्मेलन के प्रतिनिधिमंडल ने उनके दर्शन किए।</p>
<p><strong>इसलिए महत्वपूर्ण हैं बुद्ध के ये दो शिष्य</strong><br>
    सारिपुत्र: इनको बुद्ध का 'प्रज्ञा में सर्वोच्च' (अग्गपञ्ञा) शिष्य माना गया है। उनका मूल नाम उपतिस्स था। बौद्ध ग्रंथों में उन्हें धम्म के प्रमुख व्याख्याकार के रूप में चित्रित किया गया है। बुद्ध के परिनिर्वाण से पहले ही उनका निधन हो गया था।</p>
<p>    महामोग्गलान: (महामौद्गल्यायन) बुद्ध के दूसरे प्रमुख शिष्य थे। उनका मूल नाम मोग्गलान था। बौद्ध परंपरा उन्हें 'ऋद्धि/अलौकिक शक्तियों में सर्वोच्च' शिष्य मानती है। उन्हें ध्यान और आध्यात्मिक साधना में असाधारण उपलब्धियों के लिए जाना जाता है।</p>
<p><strong>नेहरु-मुखर्जी की कोशिशों से सांची लौटी थी विरासत</strong><br>
    ईसा पूर्व दूसरी शताब्दी में सांची के स्तूप संख्या- तीन को सारिपुत्र और महामोग्गलान की स्मृति में बनाया गया था। इसमें उनके अस्थि कलश रखे थे। 1851 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के संस्थापक जनरल एलेक्जेंडर कनिंघम ने स्तूप की खुदाई की थी, तब यह अस्थि कलश मिले थे, उनको पहचाना गया था।</p>
<p>    1866 में इन पवित्र अवशेषों को इंग्लैंड के विक्टोरिया एंड अल्बर्ट म्यूजियम में रख दिए गए। प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु, महाबोधि सोसाइटी आफ इंडिया के तत्कालीन अध्यक्ष श्यामाप्रसाद मुखर्जी और महाबोधि सोसाइटी आफ श्रीलंका की कोशिशों से इन्हें इंग्लैंड से वापस लाकर पहले कोलंबो और 1952 में सांची के चेतियागिरी विहार में स्थापित कर दिया गया।</p>
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<title>40 घंटे की बैटरी के साथ Pova AI Buds Pro की 14 अगस्त को एंट्री,  78 भाषाओं में करेगा ट्रांसलेशन, 8 माइक्रोफोन से बेहतर होगी आवाज </title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली। टेक्नोलॉजी और ऑडियो सेगमेंट में Pova अब अपने पहले AI ऑडियो प्रोडक्ट के साथ एंट्री करने जा रहा है। कंपनी Pova AI Buds Pro को भारत में 14 अगस्त को दोपहर 12 बजे लॉन्च करेगी। लॉन्च से पहले इन ईयरबड्स का डिजाइन Amazon पर लाइव हुई माइक्रोसाइट के जरिए सामने आ चुका है। … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 10:15:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>घंटे, की, बैटरी, के, साथ, Pova, Buds, Pro, की, अगस्त, को, एंट्री,  , भाषाओं, में, करेगा, ट्रांसलेशन, माइक्रोफोन, से, बेहतर, होगी, आवाज </media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><strong>नई दिल्ली।</strong> टेक्नोलॉजी और ऑडियो सेगमेंट में Pova अब अपने पहले AI ऑडियो प्रोडक्ट के साथ एंट्री करने जा रहा है। कंपनी <strong>Pova AI Buds Pro</strong> को भारत में <strong>14 अगस्त को दोपहर 12 बजे</strong> लॉन्च करेगी। लॉन्च से पहले इन ईयरबड्स का डिजाइन Amazon पर लाइव हुई माइक्रोसाइट के जरिए सामने आ चुका है। कंपनी इन्हें भारत के पहले AI ईयरबड्स के तौर पर पेश कर रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">Pova AI Buds Pro को केवल म्यूजिक सुनने वाले सामान्य TWS ईयरबड्स के बजाय AI आधारित कामकाज और प्रोडक्टिविटी को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इनमें <strong>AI Meeting Summary, 78 भाषाओं तक Translation, Quick Notes, 48dB Hybrid Active Noise Cancellation, 8 माइक्रोफोन और 40 घंटे तक की बैटरी</strong> जैसे फीचर्स दिए जाएंगे।</p>
<h2><strong>मीटिंग खत्म होते ही तैयार होगा सारांश</strong></h2>
<p class="isSelectedEnd">Pova AI Buds Pro का सबसे खास फीचर <strong>AI Meeting Summary</strong> बताया जा रहा है। इसके जरिए मीटिंग में हुई बातचीत का ऑटोमैटिक सारांश तैयार किया जा सकेगा। इससे लंबी मीटिंग के दौरान हुई महत्वपूर्ण बातों को दोबारा सुनने की जरूरत कम हो सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">कंपनी के अनुसार, ईयरबड्स में <strong>78 भाषाओं तक ट्रांसलेशन</strong> का सपोर्ट भी मिलेगा। इसका इस्तेमाल अलग-अलग भाषाओं में बातचीत और मीटिंग से जुड़े कामों में किया जा सकेगा। यूजर एक भाषा में नोट तैयार कर उसे दूसरी भाषा में मीटिंग मिनट्स के रूप में तैयार कर सकता है।</p>
<h2><strong>Quick Notes से चार घंटे तक की रिकॉर्डिंग</strong></h2>
<p class="isSelectedEnd">इन ईयरबड्स में <strong>Quick Notes</strong> फीचर भी दिया गया है। इसके लिए ईयरबड्स में इन-बिल्ट स्टोरेज उपलब्ध कराया गया है, जिसमें कंपनी के अनुसार <strong>चार घंटे तक की ऑडियो रिकॉर्डिंग</strong> सीधे सेव की जा सकेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">चार्जिंग केस पर दिया गया <strong>लाल बटन</strong> Quick Note रिकॉर्डिंग शुरू करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। यह फीचर उन यूजर्स के लिए उपयोगी हो सकता है, जिन्हें अचानक कोई महत्वपूर्ण विचार, बातचीत या जानकारी रिकॉर्ड करनी हो।</p>
<h2><strong>8 माइक्रोफोन से कॉल और रिकॉर्डिंग में बेहतर आवाज का दावा</strong></h2>
<p class="isSelectedEnd">Pova AI Buds Pro में कुल <strong>8 माइक्रोफोन</strong> दिए गए हैं। इनमें फीडफॉरवर्ड माइक्रोफोन, कॉल के दौरान आवाज कैप्चर करने वाले माइक्रोफोन और Voice Pickup Unit शामिल हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">कंपनी का कहना है कि यह मल्टी-माइक्रोफोन सेटअप कॉल और ऑडियो रिकॉर्डिंग के दौरान आवाज को बेहतर तरीके से कैप्चर करने में मदद करेगा। AI आधारित फीचर्स के साथ माइक्रोफोन सिस्टम ईयरबड्स की प्रमुख खूबियों में शामिल होगा।</p>
<h2><strong>48dB तक Hybrid ANC, शोर में भी सुनाई देगी साफ आवाज</strong></h2>
<p class="isSelectedEnd">नॉइस कैंसिलेशन के लिए Pova AI Buds Pro में <strong>48dB तक Hybrid Active Noise Cancellation (ANC)</strong> दिया गया है। यह फीचर आसपास के अनचाहे शोर को कम करने में मदद करेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसके अलावा ईयरबड्स में <strong>Dual Device Pairing</strong> भी मिलेगा। इसकी मदद से यूजर एक साथ स्मार्टफोन और PC जैसे दो डिवाइस कनेक्ट कर सकेगा और जरूरत के अनुसार दोनों के बीच स्विच कर सकेगा।</p>
<h2><strong>केस के साथ 40 घंटे तक चलेगी बैटरी</strong></h2>
<p class="isSelectedEnd">बैटरी के मामले में Pova AI Buds Pro को चार्जिंग केस के साथ <strong>कुल 40 घंटे तक का प्लेबैक</strong> देने के लिए तैयार किया गया है। चार्जिंग के लिए <strong>USB Type-C</strong> पोर्ट के साथ वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट भी दिया जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">ईयरबड्स और चार्जिंग केस को <strong>IP55 रेटिंग</strong> के साथ पेश किया जाएगा। इसका मतलब है कि डिवाइस को धूल और पानी के छींटों से सुरक्षा मिलेगी। हालांकि इसे पानी में डुबोकर इस्तेमाल करने के लिए डिजाइन नहीं किया गया है।</p>
<h2><strong>Pova स्मार्टफोन जैसी डिजाइन लैंग्वेज</strong></h2>
<p class="isSelectedEnd">डिजाइन की बात करें तो Pova AI Buds Pro के चार्जिंग केस में <strong>ग्लॉसी फिनिश</strong> दी गई है। इसका डिजाइन कंपनी के Pova स्मार्टफोन की डिजाइन लैंग्वेज से मिलता-जुलता नजर आता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">कंपनी इन्हें <strong>Amazon Special Product</strong> के तौर पर बिक्री के लिए उपलब्ध कराएगी। लॉन्च से पहले Amazon पर लाइव माइक्रोसाइट के जरिए इसके डिजाइन और कुछ प्रमुख फीचर्स की जानकारी सामने आ चुकी है।</p>
<h2><strong>कीमत का खुलासा 14 अगस्त को</strong></h2>
<p class="isSelectedEnd">Pova AI Buds Pro की <strong>कीमत और अन्य विस्तृत स्पेसिफिकेशंस का खुलासा लॉन्च के दौरान 14 अगस्त को</strong> किया जाएगा। कंपनी ने फिलहाल इसकी कीमत के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।</p>
<p class="isSelectedEnd">AI आधारित मीटिंग समरी, 78 भाषाओं का ट्रांसलेशन, Quick Notes, मल्टी-माइक्रोफोन सेटअप और लंबी बैटरी लाइफ के साथ Pova AI Buds Pro का मुकाबला भारतीय TWS बाजार में AI फीचर्स पर फोकस करने वाले अन्य प्रोडक्ट्स से होने की उम्मीद है।</p>
<h3><strong>एक नजर में Pova AI Buds Pro</strong></h3>
<ul data-spread="false">
<li><strong>लॉन्च:</strong> 14 अगस्त, दोपहर 12 बजे</li>
<li><strong>AI फीचर:</strong> AI Meeting Summary</li>
<li><strong>ट्रांसलेशन:</strong> 78 भाषाओं तक</li>
<li><strong>माइक्रोफोन:</strong> 8</li>
<li><strong>नॉइस कैंसिलेशन:</strong> 48dB तक Hybrid ANC</li>
<li><strong>रिकॉर्डिंग:</strong> इन-बिल्ट स्टोरेज, 4 घंटे तक</li>
<li><strong>बैटरी:</strong> केस के साथ 40 घंटे तक</li>
<li><strong>चार्जिंग:</strong> USB Type-C और वायरलेस चार्जिंग</li>
<li><strong>कनेक्टिविटी:</strong> Dual Device Pairing</li>
<li><strong>ड्यूरेबिलिटी:</strong> IP55 रेटिंग</li>
<li><strong>बिक्री:</strong> Amazon Special Product</li>
<li><strong>कीमत:</strong> 14 अगस्त को घोषित होगी</li>
</ul>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>विराट कोहली का ये महारिकॉर्ड टूटेगा या रहेगा अमर? भारत&#45;श्रीलंका टेस्ट सीरीज में दिग्गजों की नजर</title>
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<description><![CDATA[ मुंबई   भारतीय क्रिकेट टीम 2 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए श्रीलंका में मौजूद है. पहला टेस्ट 15 अगस्त से और दूसरा टेस्ट कोलंबो में 23 अगस्त से खेला जाना है. श्रीलंका-भारत सीरीज में बल्लेबाजों का दबदबा देखने को मिलता है. दोनों टीमों के बीच खेली किसी एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 10:00:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>विराट, कोहली, का, ये, महारिकॉर्ड, टूटेगा, या, रहेगा, अमर, भारत-श्रीलंका, टेस्ट, सीरीज, में, दिग्गजों, की, नजर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंबई </strong></p>
<p> भारतीय क्रिकेट टीम 2 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए श्रीलंका में मौजूद है. पहला टेस्ट 15 अगस्त से और दूसरा टेस्ट कोलंबो में 23 अगस्त से खेला जाना है. श्रीलंका-भारत सीरीज में बल्लेबाजों का दबदबा देखने को मिलता है. दोनों टीमों के बीच खेली किसी एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम है।  </p>
<p>विराट कोहली ने श्रीलंका के खिलाफ भारत में 2017-18 में खेली गई तीन टेस्ट मैचों की सीरीज की 5 पारियों में 3 शतक और 1 अर्धशतक लगाते हुए 610 रन बनाए थे. कोहली का औसत 152.50 और सर्वाधिक स्कोर 243 रन है. यह भारत और श्रीलंका के बीच किसी भी एक टेस्ट सीरीज में सर्वाधिक रनों का रिकॉर्ड है। </p>
<p>भारत-श्रीलंका के बीच खेली गई एक टेस्ट सीरीज में सर्वाधिक रन बनाने के मामले में दूसरे नंबर पर श्रीलंका के पूर्व सलामी बल्लेबाज सनथ जयसूर्या हैं. जयसूर्या ने 1997 में श्रीलंका में भारत के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों की सीरीज की 3 पारियों में 2 शतक लगाते हुए 571 रन बनाए थे. जयसूर्या का औसत 190.33 रहा था. उस सीरीज में जयसूर्या ने तिहरा शतक लगाया था. उन्होंने 340 रन की पारी खेली थी, जो टेस्ट क्रिकेट में उनका सर्वाधिक स्कोर भी है। </p>
<p>भारत-श्रीलंका के बीच एक टेस्ट सीरीज में सर्वाधिक रन बनाने के मामले में तीसरे नंबर पर भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग हैं. सहवाग ने भारत में 2009-10 में 3 टेस्ट मैचों की सीरीज की 4 पारियों में 2 शतक और 1 अर्धशतक लगाते हुए 491 रन बनाए थे. उनका औसत 122.75 रहा था. सहवाग इस सीरीज में तिहरा शतक का मौका चूक गए थे. उनका सर्वाधिक स्कोर 293 रन रहा था। </p>
<p>मौजूदा सीरीज में भारत की तरफ से शुभमन गिल, केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल पर नजर रहेगी, तो श्रीलंका की तरफ से श्रीलंका की तरफ से लाहिरू उदारा, कामिंदु मेंडिस, कप्तान धनंजय डी सिल्वा और कुसल मेंडिस भारतीय गेंदबाजों की कड़ी परीक्षा ले सकते हैं। </p>]]> </content:encoded>
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<title>Maruti Suzuki August Offers: अगस्त में कारों पर बंपर डिस्काउंट, Grand Vitara से Baleno तक ₹1.55 लाख तक का फायदा</title>
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<description><![CDATA[ मुंबई  Maruti Suzuki ने अगस्त 2026 में अपनी Nexa कारों पर कई तरह के डिस्काउंट और बेनिफिट्स पेश किए हैं. इन ऑफर्स में कैश डिस्काउंट, एक्सचेंज या स्क्रैपेज बोनस, लॉयल्टी अपग्रेड बेनिफिट और इंस्टीट्यूशनल डिस्काउंट शामिल हैं. इस महीने सबसे बड़ा फायदा Maruti Invicto पर मिल रहा है. इसके अलावा Grand Vitara, XL6, Jimny, Baleno … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 10:00:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Maruti, Suzuki, August, Offers:, अगस्त, में, कारों, पर, बंपर, डिस्काउंट, Grand, Vitara, से, Baleno, तक, ₹1.55, लाख, तक, का, फायदा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंबई </strong><br>
Maruti Suzuki ने अगस्त 2026 में अपनी Nexa कारों पर कई तरह के डिस्काउंट और बेनिफिट्स पेश किए हैं. इन ऑफर्स में कैश डिस्काउंट, एक्सचेंज या स्क्रैपेज बोनस, लॉयल्टी अपग्रेड बेनिफिट और इंस्टीट्यूशनल डिस्काउंट शामिल हैं. इस महीने सबसे बड़ा फायदा Maruti Invicto पर मिल रहा है. इसके अलावा Grand Vitara, XL6, Jimny, Baleno और Fronx पर भी अलग-अलग ऑफर दिए जा रहे हैं। </p>
<p><strong>Maruti Invicto पर 1.55 लाख तक का फायदा</strong><br>
अगस्त में Nexa रेंज में सबसे ज्यादा डिस्काउंट Maruti Invicto पर मिल रहा है. इस MPV पर ग्राहकों को अधिकतम 1.55 लाख रुपये तक के फायदे मिल सकते हैं. ऑफर में 55,000 रुपये का कैश डिस्काउंट, 50,000 रुपये तक का एक्सचेंज बोनस या 50,000 रुपये का स्क्रैपेज बोनस शामिल है. इसके अलावा 30 हजार का लॉयल्टी बोनस और 20,000 रुपये का इंस्टीट्यूशनल डिस्काउंट भी दिया जा रहा है. Maruti Invicto की कीमत 24.97 लाख रुपये से 28.61 लाख रुपये के बीच है. ये कंपनी की फ्लैगशिप MPV है और इसका मुकाबला Toyota Innova Hycross से होता है। </p>
<p><strong>Grand Vitara पर 1.30 लाख तक की बचत</strong><br>
Maruti Grand Vitara के Sigma पेट्रोल वैरिएंट पर अगस्त में 1.30 लाख तक के फायदे मिल रहे हैं. Delta पेट्रोल वैरिएंट पर 1.20 लाख तक का फायदा है. Zeta, Alpha और AWD वैरिएंट पर भी 1.20 लाख तक के फायदे दिए जा रहे हैं. इनके साथ 5 साल की एक्सटेंडेड वारंटी भी मुफ्त मिलती है। </p>
<p>Grand Vitara के स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वैरिएंट पर भी 1.25 लाख तक के फायदे मिल रहे हैं. इसके अलावा दिल्ली में 1.85 लाख तक की रोड टैक्स छूट और 5 साल की एक्सटेंडेड वारंटी भी दी जा रही है. स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वैरिएंट के ऑफर में 75,000 रुपये तक का एक्सचेंज बोनस या 45,000 रुपये का स्क्रैपेज बोनस, 30,000 रुपये का लॉयल्टी अपग्रेड बोनस और 20 हजार का इंस्टीट्यूशनल डिस्काउंट शामिल है। </p>
<p>Delta CNG वैरिएंट पर 1.05 लाख तक और Zeta CNG पर 95,000 रुपये तक के फायदे मिल रहे हैं. Grand Vitara की कीमत 10.77 लाख से 19.57 लाख के बीच है. इसका मुकाबला Hyundai Creta, Kia Seltos, Honda Elevate, Toyota Hyryder और Tata Sierra से है। </p>
<p><strong>Maruti XL6 पर 50 हजार तक का फायदा</strong><br>
Maruti XL6 के पेट्रोल और CNG वैरिएंट पर 50 हजार तक के फायदे दिए जा रहे हैं. इसमें 20 हजार का कैश डिस्काउंट, 30 हजार तक का एक्सचेंज बोनस या 15 हजार का स्क्रैपेज बोनस और 10 हजार का इंस्टीट्यूशनल डिस्काउंट शामिल है. XL6 की कीमत 11.57 लाख से 14.37 लाख के बीच है. यह Ertiga का प्रीमियम 6-सीटर मॉडल है। </p>
<p><strong>Jimny पर 35 हजार का कैश डिस्काउंट</strong><br>
Maruti Jimny के सभी वैरिएंट पर अगस्त में 35 हजार का कैश डिस्काउंट मिल रहा है. इस मॉडल पर एक्सचेंज, स्क्रैपेज, लॉयल्टी या इंस्टीट्यूशनल डिस्काउंट नहीं दिया जा रहा है. Jimny की कीमत 12.39 लाख से 14.37 लाख के बीच है. इसका मुकाबला Mahindra Thar और Force Gurkha से होता है। </p>
<p><strong>Baleno पर 30 हजार तक की बचत</strong><br>
Maruti Baleno के पेट्रोल मैनुअल और AMT वैरिएंट पर 30 हजार तक के फायदे मिल रहे हैं. वहीं CNG वैरिएंट पर 25 हजार तक का फायदा दिया जा रहा है. पेट्रोल वैरिएंट पर 5 हजार का कैश डिस्काउंट और 25,000 रुपये तक का एक्सचेंज बोनस या 10,000 रुपये का स्क्रैपेज बोनस मिलता है. CNG वैरिएंट में कैश डिस्काउंट नहीं है, लेकिन एक्सचेंज या स्क्रैपेज बेनिफिट का विकल्प दिया गया है. Baleno की कीमत 5.99 लाख से 9.17 लाख के बीच है. इसका मुकाबला Hyundai i20 और Tata Altroz जैसी प्रीमियम हैचबैक से है। </p>
<p><strong>Fronx पर 20 हजार तक का फायदा</strong><br>
Maruti Fronx के टर्बो-पेट्रोल वैरिएंट पर अगस्त में 20 हजार तक के फायदे मिल रहे हैं. पेट्रोल और CNG वैरिएंट पर 15,000 रुपये तक के ऑफर हैं. टर्बो वैरिएंट पर अतिरिक्त 5,000 रुपये का कैश डिस्काउंट दिया जा रहा है. इसके अलावा सभी वैरिएंट पर 15,000 रुपये तक का एक्सचेंज बोनस या 10,000 रुपये का स्क्रैपेज बोनस और 5,000 रुपये का इंस्टीट्यूशनल डिस्काउंट उपलब्ध है। </p>
<p>Fronx की कीमत 6.85 लाख से 11.84 लाख के बीच है. इसका मुकाबला Toyota Taisor, Tata Nexon, Hyundai Venue, Kia Sonet, Mahindra XUV 3XO और Nissan Magnite से है। </p>
<p><strong>ऑफर लेने से पहले इन बातों का रखें ध्यान</strong><br>
Maruti Suzuki के ये ऑफर शहर, वैरिएंट और स्टॉक के हिसाब से अलग-अलग हो सकते हैं. एक्सचेंज और स्क्रैपेज बोनस भी ग्राहक और पुराने वाहन की कंडीशन के आधार पर बदल सकता है. इस वजह से कार खरीदने से पहले अपने नजदीकी Maruti Suzuki Nexa डीलर से ऑफर की सही जानकारी जरूर लें। </p>]]> </content:encoded>
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<title>8th Pay Commission: ₹20, ₹30 और ₹50 हजार पेंशन कितनी बढ़ेगी? Fitment Factor से समझें पूरा कैलकुलेशन</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था। आयोग के पास अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय है। इस बीच करीब 33.76 लाख केंद्रीय पेंशनभोगियों के बीच यह सवाल सबसे अहम बना हुआ है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने पर उनकी पेंशन में … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 09:30:20 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था। आयोग के पास अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय है। इस बीच करीब 33.76 लाख केंद्रीय पेंशनभोगियों के बीच यह सवाल सबसे अहम बना हुआ है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने पर उनकी पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी।फिलहाल, 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक पेंशन ₹9,000 प्रति माह है। लेकिन कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स यूनियनों ने 8वें वेतन आयोग के तहत इसमें कई गुना बढ़ोतरी की मांग रखी है।</p>
<p><strong>NC-JCM ने रखी है 3.83 फिटमेंट फैक्टर की डिमांड</strong><br>
पेंशन में होने वाली वास्तविक बढ़ोतरी पूरी तरह से फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगी। नेशनल काउंसिल-जेसीएम (NC-JCM) की स्टाफ साइड ने सरकार के समक्ष 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग रखी है। अगर सरकार इस मांग को मान लेती है, तो पेंशन की गणना का फॉर्मूला बेहद आसान हो जाएगा:</p>
<p><strong>अनुमानित नई बेसिक पेंशन = मौजूदा बेसिक पेंशन × 3.83</strong></p>
<p><strong>फिटमेंट फैक्टर 3.83 के आधार पर संभावित पेंशन</strong></p>
<p>अगर 3.83 के फिटमेंट फैक्टर की मांग को स्वीकार किया जाता है, तो अलग-अलग बेसिक पेंशन पाने वाले पेंशनभोगियों की नई बेसिक पेंशन का अनुमानित कैलकुलेशन इस प्रकार होगा:</p>
<p><strong>फिटमेंट फैक्टर 3.83 के आधार पर संभावित पेंशन</strong></p>
<p><strong>न्यूनतम पेंशन ₹45,000 करने की मांग</strong></p>
<p><strong>भारत पेंशनर्स समाज (BPS) जैसे प्रमुख संगठनों ने पेंशनभोगियों के लिए ये प्रमुख मांगें उठाई हैं:</strong></p>
<p><strong>न्यूनतम पेंशन:</strong> न्यूनतम बेसिक पेंशन को ₹9,000 से बढ़ाकर ₹45,000 किया जाए।</p>
<p><strong>महंगाई राहत (DR) का विलय</strong>: जैसे ही महंगाई राहत (DR) 25% के पार जाए, उसे बेसिक पेंशन में मिला दिया जाए।</p>
<p><strong>तिमाही संशोधन:</strong> महंगाई राहत की समीक्षा हर 3 महीने में की जाए।</p>
<p><strong>पेंशन में 5 साल में बदलाव की मांग</strong><br>
पेंशनर्स संगठन ने केवल एक बार पेंशन बढ़ाने की मांग नहीं की है. उसने पेंशन और वेतन की समीक्षा के लिए 5 साल का चक्र रखने की मांग भी की है। </p>
<p>यानी लंबे अंतराल के बाद होने वाली Pay Commission प्रक्रिया के बजाय हर पांच साल में पेंशन की समीक्षा हो. इससे महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत के हिसाब से पेंशन में बदलाव किया जा सकेगा। </p>
<p><strong>DA और DR में भी बदलाव की मांग</strong><br>
BPS ने Dearness Allowance और Dearness Relief को लेकर भी बदलाव का प्रस्ताव रखा है। </p>
<p>संगठन चाहता है कि DA/DR की समीक्षा हर तिमाही की जाए. इसके लिए तीन महीने के औसत को आधार बनाने की मांग की गई है। </p>
<p>साथ ही DR के 25% से ऊपर पहुंचने के बाद उसे बेसिक पेंशन के साथ मर्ज करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। </p>
<p><strong>पेंशनर्स के लिए मेडिकल सुविधा बढ़ाने की मांग</strong><br>
पेंशनर्स की जरूरतों में स्वास्थ्य खर्च सबसे अहम मुद्दों में से एक है. इसलिए BPS ने CGHS को मजबूत करने की मांग की है। </p>
<p>संगठन ने पेंशनर्स के लिए कैशलेस हेल्थकेयर सुविधा और ₹5,000 का Fixed Medical Allowance देने की मांग रखी है। </p>
<p>ग्रामीण और ऐसे इलाकों में रहने वाले पेंशनर्स के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा की भी मांग की गई है जहां CGHS की सुविधा उपलब्ध नहीं है। </p>
<p><strong>कम्यूटेड पेंशन को लेकर भी बड़ी मांग</strong><br>
BPS ने Commuted Pension की बहाली को लेकर भी प्रस्ताव रखा है। </p>
<p>मांग है कि रिटायरमेंट के समय कम्यूट की गई पेंशन की राशि को 11 साल बाद या 71 साल की उम्र में, जो पहले हो, बहाल किया जाए. यह प्रस्ताव 60 साल की उम्र में रिटायर होने वाले कर्मचारियों के संदर्भ में रखा गया है। </p>
<p><strong>65 साल से अतिरिक्त पेंशन की मांग</strong><br>
पेंशनर्स समाज ने उम्र बढ़ने के साथ अतिरिक्त पेंशन देने का प्रस्ताव भी रखा है। </p>
<p>संगठन की मांग है कि 65 साल की उम्र से Additional Pension शुरू हो और इसके बाद हर पांच साल के अंतराल पर इसमें बढ़ोतरी की जाए। </p>
<p><strong>1 जनवरी 2026 से मिले संशोधित लाभ</strong><br>
BPS ने 8वें Pay Commission से संशोधित वेतन, पेंशन और भत्तों को 1 जनवरी 2026 से लागू करने की मांग भी की है। </p>
<p>यह मांग इसलिए अहम है क्योंकि 8वें CPC का गठन हो चुका है और आयोग फिलहाल विभिन्न पक्षों से सुझाव और मांगें ले रहा है. आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अलग-अलग संगठनों के साथ बैठकों और राज्यों के दौरे की जानकारी जारी की जा रही है। </p>
<p><strong>पेंशनर्स की मांगों में सिर्फ पेंशन नहीं</strong><br>
BPS ने HRA और LTC जैसे लाभों को पेंशनर्स तक बढ़ाने की मांग भी की है. इसके अलावा Central Autonomous और Statutory Bodies के पात्र पेंशनर्स तक 8वें CPC के लाभों को समान रूप से पहुंचाने का प्रस्ताव है. BSNL पेंशनर्स से जुड़े पेंशन-पैरिटी और हेल्थकेयर के मुद्दे भी मांगों में शामिल हैं। </p>
<p><strong>8th CPC के लिए क्यों अहम है ये मांग?</strong><br>
8वां Pay Commission केवल कर्मचारियों की सैलरी तय करने तक सीमित नहीं है. इसके दायरे में पेंशन से जुड़े मुद्दे भी हैं. सरकार ने संसद में भी स्पष्ट किया है कि आयोग वेतन, भत्ते और पेंशन से जुड़े मामलों पर सिफारिशें करेगा। </p>
<p>आयोग अभी अलग-अलग हितधारकों से बातचीत और डेटा जुटाने की प्रक्रिया में है. आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक आयोग का गठन नवंबर 2025 में हुआ था और अगस्त-सितंबर 2026 में भी राज्यों में बातचीत और दौरे निर्धारित हैं। </p>
<p>इसलिए पेंशनर्स संगठनों की मांगें आने वाले महीनों में चर्चा का बड़ा हिस्सा बन सकती हैं। </p>
<p><strong>सबसे जरूरी बात</strong><br>
₹45,000 न्यूनतम पेंशन, 67% Last Basic Pay पर पेंशन और 50% Family Pension अभी प्रस्ताव हैं. इन्हें 8वें Pay Commission का अंतिम फैसला नहीं माना जाना चाहिए। </p>
<p>आयोग अलग-अलग संगठनों की मांगों, सरकारी वित्तीय स्थिति, महंगाई, कर्मचारियों-पेंशनर्स की जरूरतों और अन्य आर्थिक पहलुओं को देखते हुए अपनी सिफारिशें देगा. अंतिम फैसला सरकार द्वारा सिफारिशों पर कार्रवाई के बाद ही होगा। </p>
<p><strong>क्या 7वें वेतन आयोग की तरह मिलेगा फिटमेंट फैक्टर?</strong><br>
7वें वेतन आयोग के समय सरकार ने 2.57 का फिटमेंट फैक्टर मंजूर किया था, जिससे न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 और न्यूनतम पेंशन ₹9,000 हो गई थी। 8वें वेतन आयोग के लिए अभी तक आधिकारिक फिटमेंट फैक्टर की घोषणा नहीं हुई है, क्योंकि आयोग अभी अपनी रिपोर्ट तैयार कर रहा है।</p>
<p><strong>महंगाई राहत का क्या होगा?</strong><br>
पेंशनधारक ध्यान रखें कि नए वेतन आयोग के लागू होने पर वर्तमान में मिल रही महंगाई राहत (DR) को सीधे नई बेसिक पेंशन में नहीं जोड़ा जाता। जब भी नया वेतन आयोग लागू होता है, मौजूदा DR को शून्य कर दिया जाता है और उसे नई बेसिक पेंशन के ढांचे में समाहित कर लिया जाता है।</p>
<p><strong>कब साफ होगी अंतिम तस्वीर?</strong><br>
आयोग 3 मई 2027 तक अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगा। इसके बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल इन सिफारिशों की समीक्षा करेगा और अंतिम फैसला लेगा। तभी पेंशनभोगियों को उनकी सटीक और संशोधित पेंशन की जानकारी मिल सकेगी।</p>]]> </content:encoded>
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<title>15 अगस्त पर क्यों नहीं गाया जाता था पूरा ‘वंदे मातरम’? अब नए कानून से बदलेगा नियम, जानें विवाद की जड़</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली भारत देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इस बार कुछ खास होने जा रहा है. 15 अगस्त के दिन देश की राजधानी दिल्ली के लालकिले की प्राचीर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार 13वें साल तिरंगा झंडा फहराएंगे. फिर वह देश के नाम अपना संबोधन देंगे. इस दौरान तमाम सांस्कृतिक उत्सव भी … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 09:30:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>अगस्त, पर, क्यों, नहीं, गाया, जाता, था, पूरा, ‘वंदे, मातरम’, अब, नए, कानून, से, बदलेगा, नियम, जानें, विवाद, की, जड़</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>भारत देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इस बार कुछ खास होने जा रहा है. 15 अगस्त के दिन देश की राजधानी दिल्ली के लालकिले की प्राचीर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार 13वें साल तिरंगा झंडा फहराएंगे. फिर वह देश के नाम अपना संबोधन देंगे. इस दौरान तमाम सांस्कृतिक उत्सव भी होंगे. अभी तक आपने जो भी पढ़ा उसमें कुछ अलग नहीं है, बल्कि खास तो यह है कि इस स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पहली बार ‘वंदे मातरम’ को गाया जाएगा. जी हां, अभी तक राष्ट्रीय गीत को कभी भी इस समारोह में नहीं गाया गया है. आखिर अभी तक ऐसा क्यों था? आजादी से पहले ऐसा क्या हुआ था कि वंदेमातरम को लेकर विवाद था? इसके साथ ही अब किस नियम में बदलाव के तहत शामिल क्या गया है?</p>
<p>लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस के आयोजन को लेकर रक्षा मंत्रालय की तरफ से प्राप्त जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण से पहले लाल किले की प्राचीर से देश का राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ गाया जाएगा. आजादी के जश्न के इतिहास में यह पहली बार होगा जब लाल किले पर मुख्य समारोह के दौरान ‘वंदे मातरम’ गूंजेगा. लेकिन बड़ा सवाल यही है कि अब तक इसे स्वतंत्रता दिवस के मुख्य कार्यक्रम में शामिल क्यों नहीं किया जाता था और इसके पीछे क्या वजह रही है?</p>
<p><strong>अब तक क्यों नहीं गाया जाता था?</strong><br>
राष्ट्रीय प्रोटोकॉल और नियम के मुताबिक अब तक लाल किले पर होने वाले आधिकारिक ध्वजारोहण समारोह में सिर्फ राष्ट्रगान यानी ‘जन गण मन’ को ही प्राथमिकता दी जाती थी. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि साल 1937 में ‘वंदे मातरम’ के शुरुआती दो छंदों को ही रखने का फैसला इसलिए लिया गया था ताकि देश की विविधता को ध्यान में रखते हुए किसी भी तरह के धार्मिक विवाद से बचा जा सके। </p>
<p><strong>क्यों छोटा किया गया था वंदे मातरम?</strong><br>
बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के लिखे गए इस प्रसिद्ध गीत के शुरुआती दो छंद तो मातृभूमि की वंदना करते हैं लेकिन इसके बाद के छंदों में देवी दुर्गा और हिंदू देवियों से जुड़े संदर्भ और प्रतीक नजर आते हैं. इसको लेकर मुस्लिम लीग और अन्य संबंधित पक्षों की तरफ से इन धार्मिक संदर्भों पर आपत्ति जताए जाने के बाद साल 1937 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को अहम फैसला करना पड़ा. तब महात्मा गांधी और रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह पर इसके शुरुआती दो छंदों को ही सार्वजनिक मंचों पर इस्तेमाल करने का फैसला किया था। </p>
<p>इसके बाद आया 1947 और देश की आजादी का साल. जब भारत गणतंत्र बना, तब 1950 में संविधान सभा ने ‘जन गण मन’ को आधिकारिक राष्ट्रगान और ‘वंदे मातरम’ के पहले 2 छंदों को राष्ट्रीय गीत घोषित किया. दोनों को बराबर सम्मान दिया गया, ताकि सरकारी प्रोटोकॉल में देश की धर्मनिरपेक्षता का संतुलन बना रहे। </p>
<p><strong>अब क्या बदल रहा है?</strong><br>
देश में राष्ट्रीय उत्सवों की पुरानी परंपरा अब बदल रही है. इस बार स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण से ठीक पहले लाल किले की प्राचीर से ‘वंदे मातरम’ की प्रस्तुति दी जाएगी. हाल ही में हुए प्रोटोकॉल बदलावों के बाद अब इस पूरे गीत को आधिकारिक राजकीय कार्यक्रमों में शामिल कर लिया गया है. राष्ट्रगान जन-गण-मन को भी इस दौरान गाया जाएगा। </p>
<p><strong>किस कानून में हुआ बदलाव? </strong></p>
<p>संसद ने पिछले महीने जुलाई में ही Prevention of Insults to National Honour (Amendment) Bill, 2026 पास कर दिया है, जिसके तहत ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान के बराबर कानूनी दर्जा मिल गया. इसके साथ ही इसके गायन के दौरान जानबूझकर बाधा पैदा करने को अपमान और दंडनीय अपराध के तौर पर माना जाएगा। </p>
<p>अभी तक साल 1971 में राष्ट्रगान से जुड़ा ‘प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर ऐक्ट’ आया था. इसके सेक्शन 2 और सेक्शन 3 के तहत गीत के गायन के दौरान अपमान करने को कानूनन अपराध घोषित किया गया. अब इसी 1971 के ऐक्ट में संशोधन करके वंदे मातरम को भी जोड़ दिया गया है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>नया रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में सजेगा छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति का रंग: हरेली तिहार पर होगा विशेष आयोजन</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा, कृषि संस्कृति और ग्रामीण जनजीवन की पहचान हरेली तिहार के अवसर पर 12 अगस्त को मुख्यमंत्री निवास, नवा रायपुर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की उपस्थिति में हरेली का यह लोकपर्व पूरे पारंपरिक उल्लास और छत्तीसगढ़ी रंग में मनाया जाएगा। संस्कृति विभाग एवं कृषि … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 01:45:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>नया, रायपुर, स्थित, मुख्यमंत्री, निवास, में, सजेगा, छत्तीसगढ़, की, लोक, संस्कृति, का, रंग:, हरेली, तिहार, पर, होगा, विशेष, आयोजन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा, कृषि संस्कृति और ग्रामीण जनजीवन की पहचान हरेली तिहार के अवसर पर 12 अगस्त को मुख्यमंत्री निवास, नवा रायपुर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की उपस्थिति में हरेली का यह लोकपर्व पूरे पारंपरिक उल्लास और छत्तीसगढ़ी रंग में मनाया जाएगा। संस्कृति विभाग एवं कृषि विभाग द्वारा आयोजित यह विशेष कार्यक्रम प्रातः 10 बजे प्रारंभ होगा।</p>
<p>हरेली छत्तीसगढ़ का प्रमुख और पहला लोकपर्व माना जाता है। खेती-किसानी से गहराई से जुड़ा यह पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, अच्छी फसल की कामना और ग्रामीण जीवन के सामूहिक उल्लास का प्रतीक है। सावन की हरियाली के बीच मनाया जाने वाला हरेली तिहार प्रदेश की कृषि प्रधान संस्कृति और प्रकृति के साथ छत्तीसगढ़ के आत्मीय संबंध को अभिव्यक्त करता है।</p>
<p>हरेली के दिन किसान अपने कृषि उपकरणों और हल-नांगर की साफ-सफाई कर उनकी पूजा करते हैं। खेती में उपयोग होने वाले औजारों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए अच्छी फसल, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की जाती है। गांवों में घरों और चौपालों में पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ हरेली की खुशियां साझा की जाती हैं। गेड़ी चढ़ने की परंपरा और विभिन्न छत्तीसगढ़ी खेल इस पर्व के उत्साह को और बढ़ाते हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री निवास में आयोजित विशेष कार्यक्रम में भी छत्तीसगढ़ की इन्हीं लोक परंपराओं और ग्रामीण जीवन की जीवंत झलक देखने को मिलेगी। आयोजन स्थल को हरेली की भावना के अनुरूप छत्तीसगढ़ी ग्रामीण परिवेश में सजाया जाएगा। खेती-किसानी से जुड़ी पारंपरिक वस्तुओं, कृषि उपकरणों और लोक संस्कृति के विविध प्रतीकों के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा।</p>
<p>कार्यक्रम में हरेली से जुड़ी पारंपरिक गतिविधियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेलों और लोक संस्कृति के विविध रंगों के साथ उत्सव का वातावरण निर्मित होगा। आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी लोक परंपराओं, कृषि संस्कृति और ग्रामीण जीवन की समृद्ध विरासत से जोड़ना भी है।</p>
<p>हरेली तिहार छत्तीसगढ़ की उस जीवन पद्धति का प्रतीक है जिसमें प्रकृति, कृषि और संस्कृति एक-दूसरे से अभिन्न रूप से जुड़े हैं। यह पर्व किसान और खेती के सम्मान के साथ सामूहिकता, प्रकृति संरक्षण और अपनी जड़ों से जुड़े रहने का संदेश देता है।</p>
<p>मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, तीज-त्योहारों, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री निवास में हरेली तिहार का आयोजन इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ की माटी, महतारी, खेती-किसानी और लोकजीवन के गौरव का उत्सव बनेगा।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>Aaj Ka Rashifal 12 August 2026: 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन? जानें धन, करियर, प्रेम और सेहत</title>
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<description><![CDATA[ मेष आज धन लाभ होने की संभावना है। स्ट्रेस से बचने के लिए आप स्किन केयर भी कर सकते हैं। काम पर फोकस करने के साथ अपनी पर्सनल लाइफ में भी बैलेंस मेंटेन करके चलें। वृषभ करियर लाइफ में वर्क प्रेशर बढ़ सकता है। मेंटल हेल्थ का ध्यान रखें और समय-समय पर ब्रेक लेते रहें। … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 01:30:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Aaj, Rashifal, August, 2026:, राशियों, के, लिए, कैसा, रहेगा, आज, का, दिन, जानें, धन, करियर, प्रेम, और, सेहत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मेष</strong><br>
आज धन लाभ होने की संभावना है। स्ट्रेस से बचने के लिए आप स्किन केयर भी कर सकते हैं। काम पर फोकस करने के साथ अपनी पर्सनल लाइफ में भी बैलेंस मेंटेन करके चलें।</p>
<p><strong>वृषभ</strong><br>
करियर लाइफ में वर्क प्रेशर बढ़ सकता है। मेंटल हेल्थ का ध्यान रखें और समय-समय पर ब्रेक लेते रहें। घर परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताना आपके लिए अच्छा रहेगा।</p>
<p><strong>मिथुन</strong><br>
आज हाइड्रेटेड रहने की कोशिश करें। लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशन वालों को अपने पार्टनर के साथ समय बिताने के लिए नए तरीके ढूंढने <strong>चाहिए। आपको सेल्फ लव पर फोकस करना चाहिए।</strong></p>
<p><strong>कर्क</strong><br>
आज आपकी लव लाइफ में काफी बदलाव देखने को मिलेंगे। मैरिड कपल्स तू तू मैं मैं का शिकार होने से बचें। आपकी फाइनेंशियल सिचुएशन पहले से बेहतर होगी। बच्चों की सेहत पर ध्यान दें।</p>
<p><strong>सिंह</strong><br>
आप लोगों का दिन आज हलचल भरा रहेगा। आर्थिक जीवन में दिक्कतें आ सकती हैं आज बेहद सावधानी के साथ आपको धन के मसलों को हैंडल करना होगा। वर्क प्रेशर ज्यादा फील हो सकता है।</p>
<p><strong>कन्या</strong><br>
आज आर्थिक स्थिति अच्छी रहने वाली है। आज आप दिन भर पॉजिटिव फील करेंगे। सिंगल जातकों के लिए दिन खास माना जा रहा है। आज आपको अपने क्रश के साथ टाइम स्पेंड करने का मौका मिलेगा।</p>
<p><strong>तुला</strong><br>
आज याद रखें आपके अंदर हर परिस्थिति से निपटने की काबिलियत है। मुश्किलों को पार करने के लिए अपने पार्टनर की सलाह लें। फाइनेंशियल सिचुएशन आज स्टेबल रहेगी।</p>
<p><strong>वृश्चिक</strong><br>
आज सिंगल लोगों को दिल नहीं बल्कि दिमाग से डिसीजन लेने की सलाह दी जाती है। परिवार के किसी सदस्य की आर्थिक मदद करनी पड़ सकती है। डाइट को हेल्दी रखें। आज का आपका दिन पॉजिटिव रहने वाला है।</p>
<p><strong>धनु</strong><br>
आज सोच समझकर हर कदम उठाएं। हेल्दी डाइट का सेवन करें। खुद को ऑफिस की पॉलिटिक्स से दूर रखें। पॉजिटिव रहने की कोशिश करें साथ ही अपनी मेंटल हेल्थ का भी ख्याल रखें।</p>
<p><strong>मकर</strong><br>
आज जंक फूड्स से दूरी बनाएं। काम के सिलसिले में यात्रा करनी भी पड़ सकती है। आप थोड़ा बहुत स्ट्रेस महसूस कर सकते हैं। तनाव से दूरी बनाने के लिए अपनी फेवरेट एक्टिविटी या हॉबी को समय दें।</p>
<p><strong>कुंभ</strong><br>
आज अपने पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करना चाहिए। रोमांटिक डिनर करने का प्लान करें। आज आप थोड़ा बिजी बीजी फील करने वाले हैं। करियर लाइफ में पॉलिटिक्स का शिकार होने से बचें।</p>
<p><strong>मीन</strong><br>
आज आपका दिन शानदार रहने वाला है। करियर में कुछ नई जिम्मेदारियां मिलेगी, जो आपके प्रमोशन का कारण भी बन सकती हैं। अपनी मेंटल हेल्थ का ध्यान रखें। सेहत थोड़ी गड़बड़ हो सकती है। इसलिए बाहर के खाने से परहेज करें।</p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>ऑपरेशन मुस्कान : मध्याप्रदेश पुलिस ने 10 दिनों में 13 नाबालिगों को सकुशल दस्तयाब कर परिजनों से मिलाया</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा गुमशुदा एवं अपहृत नाबालिग बालक-बालिकाओं की सकुशल दस्तयाबी एवं उन्हें उनके परिजनों से मिलाने के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत विगत 10 दिनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए 13 नाबालिग बालक-बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 01:15:30 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>ऑपरेशन, मुस्कान, मध्याप्रदेश, पुलिस, ने, दिनों, में, नाबालिगों, को, सकुशल, दस्तयाब, कर, परिजनों, से, मिलाया</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा गुमशुदा एवं अपहृत नाबालिग बालक-बालिकाओं की सकुशल दस्तयाबी एवं उन्हें उनके परिजनों से मिलाने के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत विगत 10 दिनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए 13 नाबालिग बालक-बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया है। पुलिस टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों, साइबर सेल की सहायता, मोबाइल एवं टावर लोकेशन तथा लगातार किए गए मैदानी प्रयासों के माध्यम से प्रदेश के साथ-साथ महाराष्ट्र, गुजरात एवं उत्तर प्रदेश तक पहुंचकर नाबालिगों को सुरक्षित वापस लाने में सफलता प्राप्त की।</p>
<p><strong>कटनी पुलिस — महाराष्ट्र एवं गुजरात तक पहुंचकर 03 नाबालिग बालिकाओं को खोजा</strong></p>
<p>कटनी पुलिस ने विभिन्न प्रकरणों में कुल 03 नाबालिग बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब किया। थाना एन.के.जे. पुलिस ने अपहृत नाबालिग बालिका को मुंबई (महाराष्ट्र) से साइबर सेल की सहायता एवं टावर लोकेशन के आधार पर सकुशल दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया। प्रकरण में आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।</p>
<p><strong>थाना बरही पुलिस ने अपहृत बालिका को मोरवी, गुजरात से सकुशल दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया।</strong></p>
<p>वहीं थाना कोतवाली पुलिस ने करीब एक माह से लापता नाबालिग बालिका को ग्वारीघाट, जबलपुर से सकुशल दस्तयाब किया।</p>
<p>देवास पुलिस — 05 नाबालिग बालिकाओं को सकुशल परिजनों से मिलाया</p>
<p>देवास पुलिस ने “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत विभिन्न प्रकरणों में 05 अपहृत नाबालिग बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर उनके परिजनों के सुपुर्द किया। इनमें विगत 24 घंटे में 02 नाबालिग बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब किया गया। इसके अतिरिक्त 01 अपहृत नाबालिग बालिका को जिला इंदौर से, 01 बालिका को बड़वाह, जिला खरगोन से तथा 01 नाबालिग बालिका को अकोदिया, जिला शाजापुर से सकुशल दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया गया।</p>
<p><strong>सिंगरौली-पुलिस ने उत्तर प्रदेश से 16 वर्षीय बालिका को सुरक्षित वापस लाया</strong></p>
<p>सिंगरौली पुलिस के थाना बरगवां पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों एवं त्वरित कार्रवाई के आधार पर गुम हुई 16 वर्षीय नाबालिग बालिका को अनपरा, उत्तर प्रदेश से सकुशल दस्तयाब कर उसे परिजनों के सुपुर्द किया।</p>
<p><strong>राजगढ़-पुलिस ने 72 घंटे में गुजरात से नाबालिग बालिका को दस्तयाब किया</strong></p>
<p>पुलिस ने “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत 02 नाबालिगों को दस्तयाब करने में सफलता हासिल की। थाना कोतवाली पुलिस ने अपहृत नाबालिग बालिका को महज 72 घंटे में अहमदाबाद (गुजरात) से सकुशल दस्तयाब कर प्रकरण में आरोपी को गिरफ्तार किया।</p>
<p>वहीं थाना लीमाचौहान पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 17 वर्षीय अपहृत नाबालिग बालक को सकुशल दस्तयाब किया।</p>
<p>सीहोर — भैरूंदा पुलिस ने तत्परता से गुमशुदा बालिका को खोजा</p>
<p>जिले की थाना भैरूंदा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक गुमशुदा नाबालिग बालिका को सकुशल खोजकर उसके परिजनों के सुपुर्द किया।</p>
<p>गुना- इंदौर से अपहृत नाबालिग बालिका को सकुशल दस्तयाब किया</p>
<p>जिले के थाना मधुसूदनगढ़ पुलिस ने गुमशुदा एवं अपहृत नाबालिगों की दस्तयाबी के लिए जारी सतत प्रयासों के तहत थाना क्षेत्र से अपहृत नाबालिग बालिका को इंदौर से सकुशल दस्तयाब कर उसके परिजनों से मिलाया।</p>
<p>मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा गुमशुदा एवं अपहृत नाबालिग बालक-बालिकाओं की दस्तयाबी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। “ऑपरेशन मुस्कान” के माध्यम से पुलिस टीमें तकनीकी एवं साइबर संसाधनों के साथ-साथ मैदानी स्तर पर भी निरंतर प्रभावी कार्रवाई कर रही हैं।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>संकट की घड़ी में ‘डायल&#45;112’ बनी जीवन की उम्मीद</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात परिस्थितियों में त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ जरूरतमंद नागरिकों के लिए जीवनरक्षक भूमिका भी निभा रही है। प्रदेश के खंडवा एवं सतना जिलों में डायल-112 टीमों ने तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण का परिचय देते हुए एक युवक को आत्मघाती कदम उठाने से बचाया वहीं दूसरी … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 01:15:26 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>संकट, की, घड़ी, में, ‘डायल-112’, बनी, जीवन, की, उम्मीद</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात परिस्थितियों में त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ जरूरतमंद नागरिकों के लिए जीवनरक्षक भूमिका भी निभा रही है। प्रदेश के खंडवा एवं सतना जिलों में डायल-112 टीमों ने तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण का परिचय देते हुए एक युवक को आत्मघाती कदम उठाने से बचाया वहीं दूसरी ओर झाड़ियों में परित्यक्त अवस्था में मिले नवजात शिशु को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उपचार एवं संरक्षण सुनिश्चित कराया।</p>
<p>खंडवा – जिले के हरसूद थाना क्षेत्र की चौकी आशापुर में डायल-112 टीम ने समय रहते पहुंचकर एक युवक की जान बचाई। टीम किसी अन्य इवेंट से लौट रही थी, तभी सूचना मिली कि छनेरा रेलवे ब्रिज पर एक युवक रेलवे पटरी पर बैठा है और आत्महत्या करने की बात कर रहा है। सूचना मिलते ही आरक्षक  रघुवीर जाटव एवं पायलट  फरीद बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचे। युवक रेलवे पटरी पर बैठकर वीडियो कॉल पर किसी से बातचीत कर रहा था। आरक्षक रघुवीर ने अत्यंत धैर्य एवं संवेदनशीलता के साथ युवक से संवाद किया और लगातार समझाइश दी। पुलिस टीम की समझाइश से युवक उनकी बात मानकर शांत हुआ। पूछताछ में युवक ने बताया कि पारिवारिक विवादों के कारण वह मानसिक तनाव में था और इसी वजह से आत्मघाती कदम उठाने की सोच रहा था।</p>
<p>सतना – जिले के चित्रकूट थाना क्षेत्र में डायल-112 टीम ने झाड़ियों में परित्यक्त मिले नवजात शिशु को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर जीवन रक्षा का कार्य किया। 11 अगस्त को स्थानीय लोगों ने डायल-112 टीम को सूचना दी कि अक्षयबट तिराहे के पास झाड़ियों से नवजात शिशु के रोने की आवाज आ रही है और कोई अज्ञात व्यक्ति नवजात को वहां छोड़कर चला गया है। सूचना मिलते ही सहायक उपनिरीक्षक  योगेन्द्र मिश्रा, आरक्षक  अजय देवरे एवं पायलट  बीरेन्द्र कुमार पाल ने थाना प्रभारी को सूचना से अवगत कराया और बिना समय गंवाए नवजात शिशु को डायल-112 वाहन से शासकीय अस्पताल मझगवां पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद नवजात को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल सतना रेफर किया गया।</p>
<p>मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा का उद्देश्य केवल पुलिस सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि आपात स्थिति में नागरिकों तक सबसे कम समय में पहुंचकर उनकी सुरक्षा और जीवन रक्षा सुनिश्चित करना है। आत्मघाती स्थिति में फंसे व्यक्ति से संवेदनशील संवाद हो या असहाय अवस्था में मिले नवजात को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना-डायल-112 की टीमें प्रत्येक परिस्थिति में अपनी जिम्मेदारी पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ निभा रही हैं।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>ख्यमंत्री डॉ. यादव स्वतंत्रता दिवस पर भोपाल में करेंगे ध्वजारोहण</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वतंत्रता दिवस पर 15 अगस्त को राजधानी भोपाल में आयोजित राज्य-स्तरीय समारोह में ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों के नाम संदेश देंगे। इस अवसर पर राजधानी भोपाल सहित जिला मुख्यालयों पर विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां भी होंगी। विधानसभा अध्यक्ष  नरेन्द्र सिंह तोमर ग्वालियर में ध्वजारोहण करेंगे। उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा मंदसौर और उप … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 01:15:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>ख्यमंत्री, डॉ., यादव, स्वतंत्रता, दिवस, पर, भोपाल, में, करेंगे, ध्वजारोहण</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>भोपाल </p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वतंत्रता दिवस पर 15 अगस्त को राजधानी भोपाल में आयोजित राज्य-स्तरीय समारोह में ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों के नाम संदेश देंगे। इस अवसर पर राजधानी भोपाल सहित जिला मुख्यालयों पर विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां भी होंगी। विधानसभा अध्यक्ष  नरेन्द्र सिंह तोमर ग्वालियर में ध्वजारोहण करेंगे।</p>
<p>उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा मंदसौर और उप मुख्यमंत्री  राजेंद्र शुक्ल रीवा में ध्वजारोहण करेंगे। मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह खण्डवा, मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय देवास, मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल नरसिंहपुर, मंत्री  राकेश सिंह जबलपुर, मंत्री  करन सिंह वर्मा सीहोर, मंत्री  राव उदय प्रताप सिंह छिंदवाड़ा, मंत्री मती सम्पतिया उइके मंडला, मंत्री  तुलसीराम सिलावट इंदौर, मंत्री  एदल सिंह कंषाना मुरैना, मंत्री सु निर्मला भूरिया झाबुआ, मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत सागर, मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग खरगौन, मंत्री  नारायण सिंह कुशवाह दतिया, मंत्री  नागर सिंह चौहान अलीराजपुर, मंत्री  प्रदुम्न सिंह तोमर शिवपुरी, मंत्री  राकेश शुक्ला श्योपुर और मंत्री  इन्दर सिंह परमार शाजापुर में ध्वजारोहण करेंगे।</p>
<p>राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर टीकमगढ़, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी दमोह, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  दिलीप जायसवाल अनूपपुर, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  गौतम टेटवाल उज्जैन, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  लखन पटेल विदिशा, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  नारायण सिंह पंवार राजगढ़, राज्यमंत्री  नरेन्द्र शिवाजी पटेल रायसेन, राज्यमंत्री मती प्रतिमा बागरी सतना, राज्यमंत्री  दिलीप अहिरवार छतरपुर और राज्यमंत्री मती राधा सिंह सिंगरौली में ध्वजारोहण करेंगी।</p>
<p>रतलाम, शहडोल, नर्मदापुरम, धार, बालाघाट, पांढुर्णा, सिवनी, निवाड़ी, सीधी, बड़वानी, मउगंज, गुना, उमरिया, आगर-मालवा, हरदा, नीमच, अशोकनगर, कटनी, भिण्ड, पन्ना, बैतूल, डिण्डौरी, मैहर और बुरहानपुर जिले में संबंधित जिले के कलेक्टर ध्वजारोहण करेंगे।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>नींद में घरों में घुसा पानी, संभलते&#45;संभलते सब कुछ डूबा; भोपाल की उड़िया बस्ती में बारिश का कहर</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल रविवार शाम से हुई बारिश ने छोला क्षेत्र की उड़िया बस्ती के रहवासियों की परेशानी बढ़ा दी। सोमवार सुबह करीब छह बजे अचानक कई घरों में पानी घुसने लगा। लोगों को सामान समेटने और बचाने का मौका मिलता, उससे पहले ही घरों में करीब डेढ़ फीट तक पानी भर गया। इससे राशन और घरेलू … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 01:15:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>रविवार शाम से हुई बारिश ने छोला क्षेत्र की उड़िया बस्ती के रहवासियों की परेशानी बढ़ा दी। सोमवार सुबह करीब छह बजे अचानक कई घरों में पानी घुसने लगा। लोगों को सामान समेटने और बचाने का मौका मिलता, उससे पहले ही घरों में करीब डेढ़ फीट तक पानी भर गया। इससे राशन और घरेलू सामान खराब हो गए।<br>
रातभर पानी उलीचता रहा परिवार</p>
<p>उड़िया बस्ती में करीब 22 साल से रह रहीं गीता बाथम ने बताया कि पानी तेजी से बढ़ा तो परिवार के सदस्य रातभर घर से पानी बाहर निकालते रहे। स्थिति ऐसी हो गई कि घर में सोने तक की जगह नहीं बची। बिस्तर भी पूरी तरह गीला हो गया। रसोई में रखा आटा, चावल और खाने-पीने का सामान पानी में खराब हो गया, जबकि सब्जियां बहकर नाले में चली गईं।</p>
<p>सुबह पानी उतरने के बाद घर में बिखरी गृहस्थी और खराब हो चुका राशन सामने था। सोमवार दोपहर नगर निगम का अमला खाना देकर गया था, लेकिन अब परिवार के सामने भोजन की व्यवस्था की चिंता है। घर में खाना बनाने के लिए सामान ही नहीं बचा है।<br>
तिरपाल पर बैठने को मजबूर</p>
<p>पानी भरने से घर का फर्श भी गीला हो गया है। सीलन और पानी के कारण बैठने की जगह नहीं बची, इसलिए परिवार ने तिरपाल बिछाकर बैठने की व्यवस्था की है। बिस्तर और कपड़े भी पानी से प्रभावित हुए हैं, जिन्हें सुखाने में लोग जुटे हुए हैं।<br>
पूरी बस्ती में यही हाल</p>
<p>यह समस्या केवल गीता बाथम के परिवार तक सीमित नहीं है। उड़िया बस्ती में रहने वाले लगभग हर परिवार को बारिश के कारण परेशानी झेलनी पड़ी। पानी उतरने के बाद लोगों ने घरों की सफाई शुरू कर दी है, लेकिन दीवारों और घरों पर पानी भरने के निशान अब भी दिखाई दे रहे हैं। कई घरों के सामने गंदगी भी जमा है।</p>
<p><strong>सड़कों पर जलभराव से बढ़ी परेशानी</strong></p>
<p>मंगलवार को दिनभर रिमझिम बारिश जारी रही। इसके चलते शहर की कई सड़कों पर पानी भर गया और सड़कें छोटे तालाब जैसी नजर आईं। नालों पर अतिक्रमण और उनके संकरे होने से पानी की निकासी प्रभावित होती है। बारिश थमने के बाद भी कई इलाकों में पानी जमा रहा, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हुई।<br>
बारिश का पानी घर में घुसने से राशन और पानी समेत घर का सामान खराब हो गया। हम करीब 18 साल से यहां रह रहे हैं। इसके बाद यह तीसरी बार क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बनी है। पहले सड़क की ऊंचाई कम थी, लेकिन सड़क बनने के बाद वह ऊंची हो गई, जिससे पानी घरों में भरने लगा।</p>
<p><strong>  जरनैल सिंह, रहवासी, उड़िया बस्ती</strong></p>
<p> कल बारिश का पानी करीब डेढ़ फीट तक घर में भर गया था। तीनों कमरों में पानी घुसने से गोदरेज, पलंग और गृहस्थी का पूरा सामान खराब हो गया। कल ही राशन लेकर आए थे, वह भी पानी में भीगकर खराब हो गया। रातभर पानी भरे होने के कारण सोने की जगह नहीं थी, इसलिए परिवार ने पूरी रात बैठकर गुजारी।</p>
<p><strong>    – गुड्डी बाई, रहवासी, उड़िया बस्ती</strong></p>
<p>    रविवार रात से हो रही बारिश के चलते सोमवार सुबह करीब छह बजे हमारे घरों में पानी भर गया था। करीब दो फीट तक पानी भरने की वजह से घर के अंदर रखा राशन का पूरा सामान खराब हो गया, जिसकी वजह से खाने-पीने के लिए भी परेशान हो रहे हैं। कपड़े भी गीले हो गए थे, जिसे अब सुखाने में लगे हुए हैं।</p>
<p><strong>    -कला बाई, रहवासी, उड़िया बस्ती</strong></p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>मध्यप्रदेश पुलिस की मादक पदार्थों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल मादक पदार्थों की तस्करी एवं अवैध कारोबार के विरुद्ध मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत 5 दिनों में पुलिस ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्रवाई के दौरान डोडाचूरा, अफीम, एमडी ड्रग्स, ब्राउन शुगर एवं अवैध नशीली कफ सिरप सहित लगभग 83 लाख 97 हजार रूपये … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 01:15:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>मध्यप्रदेश, पुलिस, की, मादक, पदार्थों, के, विरुद्ध, बड़ी, कार्रवाई</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>मादक पदार्थों की तस्करी एवं अवैध कारोबार के विरुद्ध मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत 5 दिनों में पुलिस ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्रवाई के दौरान डोडाचूरा, अफीम, एमडी ड्रग्स, ब्राउन शुगर एवं अवैध नशीली कफ सिरप सहित लगभग 83 लाख 97 हजार रूपये से अधिक कीमत के अवैध मादक पदार्थ एवं तस्करी में प्रयुक्त वाहन जब्त किए हैं।</p>
<p>मंदसौर – पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध अलग-अलग थाना क्षेत्रों में प्रभावी कार्रवाई की गई। थाना अफजलपुर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 62 किलो 840 ग्राम डोडाचूरा, कीमत लगभग 1 लाख 25 हजार रूपये का जब्त किया।</p>
<p>थाना भावगढ़ पुलिस ने अंतर्राज्यीय अफीम तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 3 किलो अफीम, एक मोटरसाइकिल तथा एक एंड्रॉयड मोबाइल सहित लगभग 6 लाख 60 हजार रूपये की संपत्ति जब्त की है।</p>
<p>वहीं थाना सीतामऊ पुलिस ने डोडाचूरा तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 529 किलो 690 ग्राम डोडाचूरा तथा तस्करी में प्रयुक्त महिंद्रा बोलेरो पिकअप वाहन सहित लगभग 15 लाख 59 हजार रूपए की संपत्ति जब्त की। तीनों कार्रवाईयों में लगभग 23 लाख 44 हजार रूपये की संपत्ति जब्त की है।</p>
<p>नीमच -पुलिस द्वारा मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध लगातार चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना रतनगढ़ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 4 किलो 100 ग्राम अवैध अफीम सहित लगभग 20 लाख 50 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।</p>
<p>इंदौर – इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा अवैध मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त एवं तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत क्राइम ब्रांच ने दो अलग-अलग कार्रवाईयों में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में क्राइम ब्रांच पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 103.55 ग्राम एमडी ड्रग्स, तथा बिना नंबर की होंडा हॉर्नेट मोटरसाइकिल सहित लगभग 11 लाख 80 हजार रूपये की संपत्ति जब्त की है।</p>
<p>वहीं भंडारी ब्रिज के नीचे पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 54.70 ग्राम एमडी ड्रग्स सहित लगभग 5 लाख 40 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। इस प्रकार दोनों कार्रवाईयों में 17 लाख 20 हजार रूपये की संपत्ति जब्‍त की है।</p>
<p>रीवा -पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत कार्रवाई करते हुए लग्जरी कार से परिवहन की जा रही 1,410 शीशी अवैध नशीली ऑनरेक्स कफ सिरप सहित लगभग 13 लाख 83 हजार रूपये की संपत्ति जब्‍त की है।</p>
<p>उज्जैन -जिले के थाना घट्टिया पुलिस ने यात्री बैग एवं ट्रॉली बैग में छिपाकर ले जाए जा रहे 33 किलो 550 ग्राम अवैध डोडाचूरा, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 5 लाख रूपए है, जब्त किया।</p>
<p>विदिशा -थाना देहात गंजबासौदा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 25 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ एक पूर्व तस्कर एवं एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया। कार्रवाई में लगभग 4 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।</p>
<p>मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा नशे के अवैध कारोबार की पूरी श्रृंखला को ध्वस्त करने के उद्देश्य से प्रदेशभर में लगातार सघन एवं समन्वित कार्रवाई की जा रही है। अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, भंडारण अथवा बिक्री में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि नशे से संबंधित किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस को दें, ताकि नशामुक्त, सुरक्षित एवं स्वस्थ मध्यप्रदेश के निर्माण में जनसहभागिता सुनिश्चित हो सके।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>किसानों से भूमि अधिग्रहण पर उन्हें दिया जाएगा चार गुना मुआवजा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार खेती और किसान के हितों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने किसानों से अपनी जमीन हर हाल में सुरक्षित रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि भूमि हमारी माता है। यह हमारा उदर-पोषण करती है। इसे किसी … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 23:15:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>किसानों, से, भूमि, अधिग्रहण, पर, उन्हें, दिया, जाएगा, चार, गुना, मुआवजा, मुख्यमंत्री, डॉ., यादव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>भोपाल</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार खेती और किसान के हितों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने किसानों से अपनी जमीन हर हाल में सुरक्षित रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि भूमि हमारी माता है। यह हमारा उदर-पोषण करती है। इसे किसी को न बेचें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को भरोसा देते हुए कहा कि किन्हीं भी शासकीय योजनाओं के निर्माण के लिए कृषि भूमि का अधिग्रहण करने पर किसानों को एक-दो नहीं, पूरे चार गुना मुआवजा दिया जाएगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय से भोपाल की करौंद कृषि उपज मंडी परिसर में हुए बलराम कृषि महोत्सव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने किसानों से कहा कि आपके खेत सरकार के लिए देवस्थल है और आपका एक-एक दाना हमारे लिए प्रसाद के समान है। आपके पसीने की हरेक बूंद के सम्मान के लिए हमारी सरकार हमेशा आपके साथ है। उन्होंने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव किसानों की मेहनत, समर्पण और कृषि क्षेत्र में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को सम्मान देने का माध्यम है। मुख्यमंत्री ने वीसी से बलराम कृषि महोत्सव में मौजूद किसानों से संवाद भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपकी खुशी हमारे लिए होली और सबसे बड़ी दिवाली है। उन्होंने किसानों से पूरे उत्साह के साथ बलराम कृषि महोत्सव में सहभागी बनने का आह्वान किया।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। बीते 26 दिनों में यह प्रदेश का 14वां बलराम कृषि महोत्सव आयोजन है। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द भोपाल मुख्यालय में भी एक बड़ा कृषि महोत्सव आयोजित किया जाएगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से "कवच'' योजना शुरू की है। इससे सहकारी खातों की पुरानी गड़बड़ियां दूर कर 5 हजार किसानों को ऋण और विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाया गया है। किसानों को बिना ब्याज के ऋण और ऋण चुकाने के लिए पूरे 12 महीने का समय देने की व्यवस्था भी इस योजना में की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश का किसान अपने परिश्रम से प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है। मध्यप्रदेश दलहन में पहले अन्न उत्पादन में देश में दूसरे, , तिलहन में दूसरे और दुग्ध उत्पादन में तीसरे स्थान पर है। जैविक खेती और जैविक कपास उत्पादन में प्रदेश पूरे देश में अव्वल है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय के साधन बढ़ाने, खेती की लागत घटाने तथा तकनीक और नवाचार के माध्यम से उत्पादन एवं आमदनी बढ़ाने पर विशेष जोर दे रही है। हमने प्रदेश में सिंचाई क्षमता को 100 लाख हैक्टेयर तक बढ़ाने, उद्यानिकी का रकबा 30 लाख हैक्टेयर करने तथा 10 हजार नई सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य रखा है।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से फसल विविधीकरण अपनाने, उद्यानिकी और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा पशुपालन एवं मछली पालन से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेती को सिर्फ अन्न उत्पादन का जरिया होने तक सीमित न रखकर इसे प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग से जोड़कर किसानों की आय के नए रास्ते खोले जा रहे है।</p>
<p>बलराम कृषि महोत्सव में स्थानीय विधायक  विष्णु खत्री,  तीरथ सिंह मीणा,  गोपाल सिंह मीणा, कलेक्टर भोपाल  प्रियंक मिश्रा सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ जिलाधिकारीगण सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय किसान बंधु उपस्थित थे। विधायक  रामेश्वर शर्मा और अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई ने मंत्रालय से ही बलराम कृषि महोत्सव में सहभागिता की।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>राज्य मंत्री जायसवाल ने बजट का समुचित उपयोग नहीं करने पर की नाराजगी व्यक्त</title>
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<description><![CDATA[ राज्य मंत्री जायसवाल ने बजट का समुचित उपयोग नहीं करने पर की नाराजगी व्यक्त रेशम संचालनालय की विभागीय समीक्षा बैठक ली भोपाल कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने मंत्रालय में रेशम संचालनालय की समीक्षा बैठक ली। बैठक में राज्य मंत्री जायसवाल ने विभाग के लिये जारी बजट का समुचित उपयोग नहीं … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 23:15:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>राज्य, मंत्री, जायसवाल, ने, बजट, का, समुचित, उपयोग, नहीं, करने, पर, की, नाराजगी, व्यक्त</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>राज्य मंत्री जायसवाल ने बजट का समुचित उपयोग नहीं करने पर की नाराजगी व्यक्त</strong></p>
<p><strong>रेशम संचालनालय की विभागीय समीक्षा बैठक ली</strong></p>
<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने मंत्रालय में रेशम संचालनालय की समीक्षा बैठक ली। बैठक में राज्य मंत्री जायसवाल ने विभाग के लिये जारी बजट का समुचित उपयोग नहीं कर पाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विभाग में उपलब्ध बजट का शत-प्रतिशत सदुपयोग होना चाहिये।</p>
<p>राज्य मंत्री जायसवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रदेश के समस्त जिलों में रेशम की खेती के लिये किसानों को प्रोत्साहित किया जाये। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में रेशम की खेती नहीं हो रही है, वहाँ 50-50 किसानों को चिन्हित कर रेशम की खेती करने के लिये पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में कार्यवाही की जाये।</p>
<p>राज्य मंत्री जायसवाल ने संचालनालय में पदोन्नतियों के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार पदोन्नति की कार्यवाही शीघ्र की जाये।</p>
<p>बैठक के दौरान रेशम संचालनालय द्वारा अपनी उपलब्धियों की जानकारी आगामी 2 वर्ष के प्रस्तावित रोडमेप के बारे में राज्य मंत्री जायसवाल को अवगत कराया।</p>
<p>बैठक में अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता और रेशम संचालनालय के अधिकारी उपस्थित रहे।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>मध्यप्रदेश की फेंसिंग प्रतिभा खुशी दाभाड़े ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर रचा गौरव</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल मध्यप्रदेश की फेंसिंग खिलाड़ी कु. खुशी दाभाड़े ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए नाइजीरिया में आयोजित सीनियर कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैम्पियनशिप-2026 की वूमेंस इपी इंडिविजुअल स्पर्धा में रजत पदक अर्जित किया है। प्रतियोगिता का आयोजन 9 से 14 अगस्त 2026 तक नाइजीरिया में हुआ। कु. खुशी दाभाड़े मध्यप्रदेश राज्य फेंसिंग अकादमी, भोपाल की … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 23:15:16 +0530</pubDate>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>मध्यप्रदेश की फेंसिंग खिलाड़ी कु. खुशी दाभाड़े ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए नाइजीरिया में आयोजित सीनियर कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैम्पियनशिप-2026 की वूमेंस इपी इंडिविजुअल स्पर्धा में रजत पदक अर्जित किया है। प्रतियोगिता का आयोजन 9 से 14 अगस्त 2026 तक नाइजीरिया में हुआ। कु. खुशी दाभाड़े मध्यप्रदेश राज्य फेंसिंग अकादमी, भोपाल की खिलाड़ी हैं। उनकी इस उपलब्धि से प्रदेश और देश का गौरव बढ़ा है।</p>
<p><strong>खुशी की सफलता से बढ़ा मध्यप्रदेश का गौरव-खेल मंत्री  सारंग ने दी बधाई</strong></p>
<p>सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने फेंसिंग खिलाड़ी कु. खुशी दाभाड़े को सीनियर कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैम्पियनशिप 2026 की वूमेंस इपी इंडिविजुअल स्पर्धा में रजत पदक जीतने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि खुशी की यह उपलब्धि मध्यप्रदेश की खेल प्रतिभा, अथक परिश्रम और उत्कृष्ट प्रशिक्षण का गौरवशाली परिणाम है। अंतर्राष्ट्रीय मंच पर तिरंगा ऊंचा करने वाली खुशी ने प्रदेश की बेटियों के सामर्थ्य और आत्मविश्वास को नई पहचान दी है। मंत्री  सारंग ने खुशी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की प्रतिभाएं अब हर अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अपनी चमक बिखेर रही हैं और प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं एवं बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।</p>
<p><strong>विश्व मंच पर लगातार मजबूत हो रही खुशी की पहचान</strong></p>
<p>कु. खुशी दाभाड़े का यह रजत पदक उनके निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिणाम है। इसी वर्ष मई 2026 में उन्होंने फ्रांस के सेंट मॉर डेस फॉसस में आयोजित इपी वूमेंस वर्ल्ड कप फेंसिंग चैम्पियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। इसके अलावा उन्होंने इजिप्ट के कायरो में एफआईई इपी ग्रांड प्रिक्स 21/22, वर्ष 2021 में रूस के कजान में एफआई सीनियर इपी वर्ल्ड कप और वर्ष 2022 में साउथ कोरिया के सीओल में आयोजित सीनियर एशियन चैम्पियनशिप में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था।</p>
<p><strong>नेशनल गेम्स में भी जीत चुकी हैं पदक</strong></p>
<p>कु. खुशी दाभाड़े ने राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। 37वें नेशनल गेम्स, गोआ 2023 में वूमेंस इपी टीम स्पर्धा में उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया। वहीं खेलो इण्डिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2023 में इपी टीम स्पर्धा में तीसरा स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा कु. खुशी 30वीं और 32वीं सीनियर नेशनल फेंसिंग चैम्पियनशिप में भी पदक जीत चुकी हैं।</p>
<p><strong>मध्यप्रदेश फेंसिंग अकादमी में तराशी प्रतिभा, अब अंतर्राष्ट्रीय मंच पर चमक</strong></p>
<p>मध्यप्रदेश के एक सामान्य परिवार से आने वाली खुशी दाभाड़े ने टी.टी. नगर स्टेडियम, भोपाल स्थित मध्यप्रदेश राज्य फेंसिंग अकादमी से अपनी खेल यात्रा को नई दिशा दी। वर्तमान में वे मुख्य प्रशिक्षक  भूपेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन एवं निरंतर प्रशिक्षण में अपनी प्रतिभा को निखार रही हैं। खुशी के खेल सफर में उनके माता-पिता  बाबाराव दाभाड़े और स्टाफ नर्स मां विद्या दाभाड़े का महत्वपूर्ण सहयोग रहा है। परिवार के निरंतर प्रोत्साहन और खुशी की मेहनत ने उन्हें अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया। आज उनकी सफलता मध्यप्रदेश की बेटियों के लिए प्रेरणा बनकर सामने आई है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>भोपाल में 12 अगस्त को नर्सरी से 12वीं तक के विद्यार्थियों की छुट्टी, भारी बारिश के चलते कलेक्टर ने जारी किया आदेश</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल जिले में लगातार हो रही भारी बारिश और उससे उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए भोपाल जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिला शिक्षा अधिकारी भोपाल द्वारा 11 अगस्त 2026 को जारी आदेश के अनुसार 12 अगस्त 2026 को जिले के सभी शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त विद्यालयों में … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 23:15:13 +0530</pubDate>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>जिले में लगातार हो रही भारी बारिश और उससे उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए भोपाल जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिला शिक्षा अधिकारी भोपाल द्वारा 11 अगस्त 2026 को जारी आदेश के अनुसार 12 अगस्त 2026 को जिले के सभी शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त विद्यालयों में नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया गया है।</p>
<p>जिला शिक्षा अधिकारी अभिनव आर्य द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि जिले में अत्यधिक वर्षा को दृष्टिगत रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। अवकाश विद्यार्थियों के लिए लागू रहेगा, जबकि सभी शिक्षक एवं कर्मचारी विद्यालयीन समय में अपने कार्यालय में उपस्थित रहेंगे।</p>
<p>आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि विद्यालयों की आवश्यकता एवं निर्धारित समय-सारणी के अनुसार ऑनलाइन अथवा वर्चुअल कक्षाओं का आयोजन किया जा सकेगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।</p>
<p><strong>जोखिम वाले विद्यालयों में शिक्षकों को नहीं भेजा जाएगा</strong></p>
<p>जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यालयों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष निर्देश दिए हैं। अत्यधिक बारिश, बाढ़, मार्ग अवरुद्ध होने, नदी-नालों में उफान अथवा अन्य कारणों से जिन विद्यालयों तक पहुंचना जोखिमपूर्ण हो, वहां किसी भी शिक्षक या कर्मचारी को केवल उपस्थिति दर्ज कराने के लिए जोखिम उठाकर विद्यालय पहुंचने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।</p>
<p>ऐसे विद्यालयों को चिन्हित कर संबंधित शिक्षक-कर्मचारियों की उपस्थिति का सत्यापन अलग से कराया जाएगा और इसकी जानकारी जिला शिक्षा कार्यालय को भेजी जाएगी।</p>
<p>जिले के सभी संकुल प्राचार्यों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संबंधित संस्था प्रमुखों को भी निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>भोपाल की झीलों से निकलेंगे देश&#45;दुनिया के चैंपियन : मंत्री  सारंग</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को भोपाल के बोट क्लब में राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप (रैंकिंग) के तृतीय संस्करण का शुभारंभ किया। रविवार 16 अगस्त तक होने वाली इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से 100 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के सेलिंग … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 23:15:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को भोपाल के बोट क्लब में राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप (रैंकिंग) के तृतीय संस्करण का शुभारंभ किया। रविवार 16 अगस्त तक होने वाली इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से 100 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के सेलिंग खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर उनकी राष्ट्रीय रैंकिंग निर्धारित होगी, जो आगे अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।</p>
<p>मंत्री  सारंग ने कहा कि भोपाल की झीलें अब केवल पर्यटन और प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र नहीं हैं, बल्कि देश के भविष्य के चैंपियन तैयार करने की भूमि बन रही हैं। राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा साबित करने और राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान कर रही है। मंत्री  सारंग ने कहा कि प्रतियोगिता में होने वाली प्रत्येक रेस केवल पदक के लिए मुकाबला नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खेल करियर की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण अवसर है। प्रतियोगिता से निर्धारित होने वाली राष्ट्रीय रैंकिंग खिलाड़ियों के लिए आगे अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मार्ग प्रशस्त करेगी।</p>
<p><strong>भोपाल बन रहा देश का प्रमुख वाटर स्पोर्ट्स केंद्र</strong></p>
<p>मंत्री  सारंग ने कहा कि भोपाल का बड़ा तालाब और यहां की प्राकृतिक परिस्थितियां सेलिंग, रोइंग, कयाकिंग और केनोइंग जैसे खेलों के लिए बेहद अनुकूल हैं। मध्यप्रदेश राज्य जल क्रीड़ा अकादमी की स्थापना वर्ष 2007 में हुई थी और आज यह देश की प्रमुख वाटर स्पोर्ट्स प्रशिक्षण संस्थाओं में शामिल है। मंत्री  सारंग ने कहा कि अकादमी में सेलिंग, रोइंग, कयाकिंग, केनोइंग और स्लालम की सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां प्रशिक्षित खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश तथा देश का नाम रोशन किया है।</p>
<p><strong>वाटर स्पोर्ट्स में मध्यप्रदेश की शानदार उपलब्धियां</strong></p>
<p>मंत्री  सारंग ने बताया कि मध्यप्रदेश वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के खिलाड़ियों ने अब तक 28 अंतर्राष्ट्रीय और 69 राष्ट्रीय पदक अर्जित किए हैं तथा खिलाड़ियों ने 37 अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सहभागिता की है। मंत्री  सारंग ने कहा कि यह उपलब्धियां प्रदेश में वाटर स्पोर्ट्स के क्षेत्र में विकसित हो रहे मजबूत खेल इकोसिस्टम का प्रमाण हैं और भोपाल देश में वाटर स्पोर्ट्स की नई पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।</p>
<p><strong>सेलिंग में मध्यप्रदेश का दबदबा</strong></p>
<p>मंत्री  सारंग ने कहा कि वर्ष 2025 की राजा भोज मल्टीक्लास सेलिंग चैंपियनशिप में मध्यप्रदेश की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 16 पदक- 8 स्वर्ण, 5 रजत और 3 कांस्य हासिल किए थे। प्रतियोगिता की 12 में से 8 कैटेगरी में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक जीते थे। मंत्री  सारंग ने कहा कि यह उपलब्धियां साबित करती हैं कि भोपाल अब केवल प्रतियोगिताओं की मेजबानी करने वाला शहर नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के चैंपियन तैयार करने वाला प्रमुख केंद्र बन रहा है।</p>
<p><strong>हर प्रतिभावान खिलाड़ी को मिलेगा आगे बढ़ने का अवसर</strong></p>
<p> सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर प्रतिभावान बच्चे को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिले। इसी दिशा में प्रदेश की सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसरों के निर्माण की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं तथा प्रत्येक जिले में फीडर सेंटर विकसित किए जा रहे हैं। मंत्री  सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश पहले राष्ट्रीय खेलों में 17वें स्थान पर रहा करता था, लेकिन पिछले तीन वर्षों में प्रदेश लगातार तीसरे स्थान पर आ रहा है। प्रदेश में वर्तमान में 18 खेलों की 11 अकादमियां संचालित की जा रही हैं।</p>
<p><strong>भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजनों का नया मंच तैयार</strong></p>
<p>मंत्री  सारंग ने कहा कि भोपाल में लगभग 1000 करोड़ रुपये की लागत से अंतर्राष्ट्रीय खेल परिसर विकसित किया जा रहा है। इसके प्रथम चरण का लोकार्पण जल्द होने वाला है। इससे मध्यप्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन को नई गति मिलेगी। मंत्री  सारंग ने बताया कि नवंबर माह में अंतर्राष्ट्रीय महिला हॉकी एशियन चैंपियनशिप का आयोजन भोपाल के अंतर्राष्ट्रीय खेल परिसर में मध्यप्रदेश खेल एवं युवा कल्याण विभाग के माध्यम से किया जाएगा। इसके साथ ही अंतर्राष्ट्रीय एशियन रोइंग चैंपियनशिप भी भोपाल में होने वाली है।</p>
<p><strong>16 अगस्त को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे समापन एवं पुरस्कार वितरण</strong></p>
<p>राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप का आयोजन 11 से 16 अगस्त तक किया जाएगा। प्रतियोगिता का समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह 16 अगस्त को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के मुख्य आतिथ्य में आयोजित होगा। इस अवसर पर विभिन्न वर्गों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरण कर उनका सम्मान किया जाएगा।</p>
<p><strong>भोपाल की झीलों से निकलेंगे भारत के भविष्य के चैंपियन</strong></p>
<p>मंत्री  सारंग ने देशभर से आए खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि वे प्रतियोगिता में जीत और पदक के लिए पूरी ताकत से खेलें, लेकिन अपने मन में भारत के लिए खेलने का सपना भी लेकर आगे बढ़ें। मंत्री  सारंग ने कहा कि "भोपाल की इन झीलों में केवल नावें नहीं चल रही हैं, यहां भारत के भविष्य के चैंपियन अपने सपनों को गति दे रहे हैं। राजा भोज की इस धरती से हम संकल्प लें कि मध्यप्रदेश की झीलों से निकलने वाली प्रतिभाएं देश के तिरंगे को दुनिया के हर खेल मंच पर ऊंचा करेंगी।” मंत्री  सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश में खेल प्रतिभाओं को अवसर, आधुनिक प्रशिक्षण और बेहतर खेल अधोसंरचना उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। लक्ष्य है कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएं और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर देश का तिरंगा गौरव के साथ फहराएं।</p>]]> </content:encoded>
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<title>प्रदेश के 7 जिलों में मुख्य अभियंताओं के दलों ने किया 35 निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए माह मैं दो बार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्य अभियंताओं के सात दलों ने सीहोर, बालाघाट, ग्वालियर, झाबुआ, अनूपपुर, रतलाम एवं पन्ना जिलों में रेंडम आधार पर चयनित 35 निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया। … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 23:15:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>प्रदेश, के, जिलों, में, मुख्य, अभियंताओं, के, दलों, ने, किया, निर्माण, कार्यों, का, औचक, निरीक्षण</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए माह मैं दो बार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्य अभियंताओं के सात दलों ने सीहोर, बालाघाट, ग्वालियर, झाबुआ, अनूपपुर, रतलाम एवं पन्ना जिलों में रेंडम आधार पर चयनित 35 निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में असंतोषजनक पाए गए कार्यों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, गुणवत्तापूर्ण कार्य करने वाले अधिकारियों की प्रशंसा भी की गई।</p>
<p>निरीक्षण किए गए 35 कार्यों में लोक निर्माण विभाग के सड़क एवं पुल से संबंधित 21 कार्य, परियोजना क्रियान्वयन इकाई के 6 भवन निर्माण कार्य, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के 6 कार्य, मध्यप्रदेश भवन विकास निगम का एक और लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग का एक कार्य शामिल है।</p>
<p>निरीक्षण दलों से प्राप्त प्रतिवेदनों की समीक्षा मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री भरत यादव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई। बैठक में प्रमुख अभियंता सड़क एवं पुल श्री आर.एल. वर्मा, प्रमुख अभियंता एमपीआरडीसी श्री के.पी.एस. राणा सहित मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री तथा निरीक्षणकर्ता अधिकारी ऑनलाइन शामिल हुए।</p>
<p><strong>असंतोषजनक कार्य पर नोटिस और कार्रवाई</strong></p>
<p>ग्वालियर जिले में लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए जा रहे अटल गेट से बहोड़ापुर चौराहा फोरलेन निर्माण कार्य की प्रगति एवं गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही ठेकेदार मेसर्स ऋषिराज कंस्ट्रक्शन के विरुद्ध ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई करने के लिए मुख्य अभियंता ग्वालियर को निर्देशित किया गया।</p>
<p>अनूपपुर जिले में निर्माणाधीन कोयलारी–पुरगा–मझली सड़क का कार्य भी संतोषजनक नहीं पाया गया। संबंधित तत्कालीन अधिकारियों को नोटिस जारी करने तथा ठेकेदार मेसर्स पांडे कंस्ट्रक्शन कंपनी, कोरिया के विरुद्ध ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई करने के निर्देश मुख्य अभियंता रीवा को दिए गए।</p>
<p>झाबुआ जिले में मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के झाबुआ–जोबट–बाग–कुक्षी मार्ग का संधारण कार्य संतोषजनक नहीं पाए जाने पर ठेकेदार मेसर्स गंगोत्री झाबुआ–जोबट–कुक्षी टोलवे लिमिटेड को नोटिस जारी कर निर्धारित समय-सीमा में संधारण कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए गए।</p>
<p>इसी प्रकार अनूपपुर जिले के नोनघाटी–दमेहड़ी–लीलाटोला मार्ग की स्थिति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर मुख्य ठेकेदार मेसर्स गावर कंस्ट्रक्शन लिमिटेड, गुरुग्राम तथा उप ठेकेदार मेसर्स एटकॉन, नई दिल्ली को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।</p>
<p>पन्ना जिले के पन्ना–अमानगंज–सिमरिया मार्ग की स्थिति असंतोषजनक पाए जाने पर ठेकेदार मेसर्स जीवीआर पन्ना–अमानगंज टोलवेज प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद को नोटिस जारी कर समय-सीमा में संधारण कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण में पाए गए अन्य 23 कार्यों में भी आवश्यक आंशिक सुधार कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।</p>
<p><strong>गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य करने वाले अधिकारियों की प्रशंसा</strong></p>
<p>निरीक्षण के दौरान गुणवत्तापूर्ण कार्य करने वाले अधिकारियों की सराहना भी की गई। रतलाम जिले में बंजली–सेजावता बायपास रोड पर निर्माणाधीन आरओबी-190 का कार्य गुणवत्तापूर्ण पाए जाने पर अनुविभागीय अधिकारी श्री आर.एन. सूर्यवंशी और उपयंत्री श्री विजय मंडलोई की प्रशंसा की गई।</p>
<p>इसी प्रकार रतलाम जिले के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल, छावनी झोड़िया के निर्माणाधीन भवन का कार्य भी गुणवत्तापूर्ण पाया गया। इसके लिए उपयंत्री एवं अनुविभागीय अधिकारी श्री प्रशांत जोशी की प्रशंसा की गई।</p>
<p><strong>लोकपथ ऐप की शिकायतों का चार दिवस में हो निराकरण</strong></p>
<p>समीक्षा बैठक में सभी अधिकारियों को निरीक्षण प्रतिवेदनों में की गई अनुशंसाओं के अनुसार आवश्यक सुधार कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों का संतुष्टिपूर्वक निराकरण कर शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी देने को कहा गया। मुख्य अभियंताओं और अधीक्षण यंत्रियों को शिकायतों की स्वयं समीक्षा करने के निर्देश दिए गए, जिससे आगामी माह की ग्रेडिंग में सुधार हो सके।</p>
<p>लोकपथ ऐप पर प्राप्त शिकायतों का अनिवार्य रूप से चार दिवस की निर्धारित समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए गए। वर्षाकाल में क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों एवं पुलियों की मरम्मत प्राथमिकता से पूर्ण कराने तथा सभी मार्गों का नियमित संधारण सुनिश्चित करने को कहा गया।</p>
<p><strong>ब्लैक स्पॉट पर शीघ्र करें सुरक्षा संबंधी कार्य</strong></p>
<p>निरीक्षण के दौरान दुर्घटना की आशंका वाले मार्गों को चिह्नित कर आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय करने के निर्देश दिए गए। सड़कों से बेसहारा पशुओं को हटाने की कार्रवाई निरंतर और प्रभावी रूप से करने को कहा गया। बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए सभी पुल-पुलियों पर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा एमपीआरडीसी के टोल-फ्री नंबर 1099 के बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए गए।</p>
<p>अधिकारियों को सभी ब्लैक स्पॉट पर शीघ्रता से सुधार कार्य कराने और सड़क सुरक्षा के संबंध में गठित सुप्रीम कोर्ट कमेटी की आगामी बैठक की तैयारियां समय पर पूर्ण करने को कहा गया। पुल-पुलियों पर वर्षा जल की निकासी की उचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए।</p>
<p>बैठक में लोक कल्याण सरोवर और रिचार्ज बोर के नवीन लक्ष्यों की पूर्ति, लोक परियोजना प्रबंधन प्रणाली का समुचित उपयोग तथा लोक कल्याण सूचकांक के अंतर्गत सभी अधिकारियों-कर्मचारियों का डेटा निरंतर अपडेट करने के निर्देश दिए गए। प्रबंध संचालक श्री भरत यादव ने संधारण कार्य, गड्ढे भरने और पैच रिपेयर के संबंध में लोक निर्माण विभाग द्वारा 27 दिसंबर 2022 को जारी परिपत्र का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>मुख्यमंत्री  साय ने छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद और समाज सेविका मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर किया नमन</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद और समाजसेविका स्वर्गीय मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा है कि मिनीमाता जी ने अपना पूरा जीवन मानव सेवा के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने बाल विवाह और दहेज प्रथा के विरोध में समाज से लेकर संसद तक … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 22:45:56 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>मुख्यमंत्री, साय, ने, छत्तीसगढ़, की, प्रथम, महिला, सांसद, और, समाज, सेविका, मिनीमाता, जी, की, पुण्यतिथि, पर, किया, नमन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर </strong></p>
<p>मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद और समाजसेविका स्वर्गीय मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा है कि मिनीमाता जी ने अपना पूरा जीवन मानव सेवा के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने बाल विवाह और दहेज प्रथा के विरोध में समाज से लेकर संसद तक अपनी आवाज उठाई। </p>
<p>मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि समाज एवं महिलाओं के उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिनीमाता जी के नाम पर राज्य सरकार द्वारा राज्य अलंकरण पुरस्कार भी प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि मिनीमाता जी का सेवाभावी व्यक्तित्व हम सभी को हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।</p>]]> </content:encoded>
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<title>मुख्य सचिव ने केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं की समीक्षा की</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर मुख्य सचिव  विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में विभिन्न विभागों के अंतर्गत संचालित की जा रही केंद्र प्रवर्तित योजनाओं की समीक्षा की।  मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के लाभार्थियों और विभिन्न वेंडर्स को समय पर भुगतान हो इसके लिए सभी जरूरी कार्य करें। योजनाओं के … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 22:45:52 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>मुख्य, सचिव, ने, केन्द्र, प्रवर्तित, योजनाओं, की, समीक्षा, की</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>मुख्य सचिव  विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में विभिन्न विभागों के अंतर्गत संचालित की जा रही केंद्र प्रवर्तित योजनाओं की समीक्षा की।  मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के लाभार्थियों और विभिन्न वेंडर्स को समय पर भुगतान हो इसके लिए सभी जरूरी कार्य करें। योजनाओं के अंतर्गत सभी जरूरी स्वीकृतियां निर्धारित समयावधि में लेना चाहिए, इसके लिए सिस्टमैटिक सिस्टम होना चाहिए। योजनाओं का इंपलिमेंनटेशन हो इसकी मॉनिटरिंग अधिकारी करें।<br>
              <br>
 बैठक में विभिन्न विभागों के अंतर्गत केंद्र प्रयोजित योजनाओं (सीएसएस) के लिए एस. एन. ए. स्पर्श ऑन बोर्डिंग स्थिति की समीक्षा की गई। एस. एन. ए. एक डिजिटल प्रणाली है जो केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न राज्यों में संचालित की जा रही है, जिसमें मनरेगा समेत कई केंद्रीय योजनाओं के तहत फंड ट्रांसफर किया जाता है। यह प्रणाली फंड के दुरुपयोग को रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डिज़ाइन की गई है। इसी तरह से योजनाओं की मातृ स्वीकृतियों और लंबित परिचालन की समीक्षा हुई। मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को योजनाओं की ऑन बोर्डिंग करने के लिए निर्धारित कार्यवाही पूर्ण करने एवं योजनाओं के अंतर्गत सभी भुगतानों प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए सभी विभागों को कार्ययोजना बनाने कहा है। वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं के संबंध में विस्तार से प्रस्तुतीकरण दिया।<br>
             <br>
बैठक में आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की सचिव सु रीना बाबा साहेब कंगाले, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव  अमित कटारिया, उद्योग एवं वाणिज्य एवं सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव  रजत कुमार, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव  सिद्धार्थ कोमल परदेशी, श्रम विभाग के सचिव  हिमशिखर गुप्ता, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव  भूवनेश यादव, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव मती शम्मी आबिदी, जल संसाधन विभाग के सचिव  राजेश सुकुमार टोप्पो, विशेष सचिव वित्त  चंदन कुमार सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।</p>]]> </content:encoded>
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<title>औषधि पौधों की खेती किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम: वन मंत्री  केदार कश्यप</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर   पारंपरिक फसलों की तुलना में औषधीय पौधों की खेती में कम लागत, कम पानी और कम रासायनिक खादों की आवश्यकता होती है, जबकि राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में उच्च मांग के कारण किसानों को कई गुना अधिक मुनाफा मिलता है। अश्वगंधा, शतावर, एलोवेरा, तुलसी और लेमनग्रास जैसी फसलें कम जोस और खर्च में … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 22:45:49 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>औषधि, पौधों, की, खेती, किसानों, की, आय, बढ़ाने, का, प्रभावी, माध्यम:, वन, मंत्री, केदार, कश्यप</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>  पारंपरिक फसलों की तुलना में औषधीय पौधों की खेती में कम लागत, कम पानी और कम रासायनिक खादों की आवश्यकता होती है, जबकि राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में उच्च मांग के कारण किसानों को कई गुना अधिक मुनाफा मिलता है। अश्वगंधा, शतावर, एलोवेरा, तुलसी और लेमनग्रास जैसी फसलें कम जोस और खर्च में किसानों की आय बढ़ाने का बेहतरीन विकल्प हैं।<br>
             <br>
हरेली तिहार की पूर्व संध्या पर छत्तीसगढ़ शासन ने औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहित किया। वन विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा आयोजित कार्यक्रम में नारायणपुर (अबूझमाड़) और धमतरी जिले के किसानों तथा स्व-सहायता समूहों को कुल 54 लाख 36 हजार रुपये की अग्रिम प्रोत्साहन राशि वितरित की गई।<br>
              <br>
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप आज राजधानी स्थित राज्य वन अनुसंधान भवन जीरो पॉइंट में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ राज्य औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष  विकास मरकाम ने की और उपाध्यक्ष  अंजय शुक्ला तथा विधायक  अनुज शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>किसानों को औषधि पौधों की खेती के लिए अग्रिम राशि देना हरेली तिहार का उपहार </strong></p>
<p>कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि औषधि पौधों की खेती किसानों के लिए कम लागत और अधिक लाभ वाला विकल्प बनकर उभर रही है। इसमें पानी की आवश्यकता कम होती है, कीटनाशकों पर खर्च नहीं के बराबर होता है और खेत की मेड़ों पर औषधीय पौधे लगाकर अतिरिक्त आय भी अर्जित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ का सबसे प्राचीन और कृषि संस्कृति से जुड़ा पर्व है। इस अवसर पर किसानों को औषधि पौधों की खेती के लिए अग्रिम राशि देना वास्तव में हरेली तिहार का उपहार है, जो किसानों को नई आर्थिक ताकत देगा। इस अवसर पर वन मंत्री  केदार कश्यप का स्वागत बोर्ड के अध्यक्ष  विकास मरकाम, उपाध्यक्ष  अंजय शुक्ला और बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  जे.ए.सी.एस. राव ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार खुमरी की माला और पुष्पगुच्छ भेंट कर किया।</p>
<p><strong>दुर्लभ औषधीय प्रजातियों के संरक्षण और संवर्धन का कार्          </strong></p>
<p>कार्यक्रम में बोर्ड के अध्यक्ष  विकास मरकाम ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और वन मंत्री  केदार कश्यप के मार्गदर्शन में बोर्ड वनौषधियों के संरक्षण, संवर्धन, पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण, वैद्यों के क्षमता विकास और किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में विलुप्ति के कगार पर पहुंच चुकी लगभग 50 दुर्लभ औषधीय प्रजातियों के संरक्षण और संवर्धन का कार्य भी प्रारंभ किया गया है।</p>
<p><strong>हमारी पारंपरिक स्वास्थ्य प्रणाली का आधार वनौषधि </strong><br>
           <br>
बोर्ड के उपाध्यक्ष  अंजय शुक्ला ने कहा कि वनौषधियों का महत्व हमारी पारंपरिक स्वास्थ्य प्रणाली का आधार है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोग प्राकृतिक औषधीय पौधों का उपयोग करते हैं और यही हमारी स्वास्थ्य परंपरा की सबसे बड़ी ताकत है। कार्यक्रम में बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  जे.ए.सी.एस. राव ने बताया कि बोर्ड औषधीय पौधों की खेती को मिशन मोड में बढ़ावा दे रहा है। किसानों को निःशुल्क पौधे उपलब्ध कराए जाते हैं और उपज की खरीद की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाती है, जिससे उन्हें खेती में किसी प्रकार की विपणन कठिनाई का सामना न करना पड़े।<br>
          <br>
कार्यक्रम में नारायणपुर (अबूझमाड़) के 25 किसान, धमतरी जिले के 18 किसान और 43 स्व-सहायता समूहों को कुल 54.36 लाख रुपये की अग्रिम प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। यह राशि बोर्ड द्वारा अनुबंधित संस्थाओं मेसर्स स्टीविया और इंस्टा हर्ब्स के माध्यम से दी गई, ताकि किसान बिना आर्थिक कठिनाई के औषधीय पौधों की खेती शुरू कर सकें। यह पहल न केवल औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देगी, बल्कि किसानों की आय में वृद्धि, महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और छत्तीसगढ़ की पारंपरिक स्वास्थ्य परंपराओं को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।</p>]]> </content:encoded>
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<title>उन्नत मक्का बीज और कृषि सहायता से संवरी कृषक शुभम दुबे की राह</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और मोटे अनाजों के उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। कृषि विभाग द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के तहत राज्य के कृषकों को उन्नत कृषि तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज और … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 22:45:45 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>उन्नत, मक्का, बीज, और, कृषि, सहायता, से, संवरी, कृषक, शुभम, दुबे, की, राह</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और मोटे अनाजों के उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। कृषि विभाग द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के तहत राज्य के कृषकों को उन्नत कृषि तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज और आवश्यक कृषि आदान (उर्वरक व दवाएं) उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर नजर आने लगे हैं।</p>
<p><strong>मक्का की खेती से शुभम दुबे की जिंदगी में नया उत्साह</strong>     </p>
<p>राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के तहत किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ-साथ अधिक उत्पादन देने वाली फसलों की ओर प्रेरित किया जा रहा है, जिससे प्रदेश में कृषि उत्पादन और किसानों की खुशहाली को नई गति मिल रही है। सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम कृष्णापुर निवासी कृषक शुभम दुबे की जिंदगी में नया उत्साह देखने को मिल रहा है। शुभम दुबे ने अपनी लगभग दो एकड़ भूमि पर मक्का की खेती की है। कृषि विभाग की ओर से उन्हें उन्नत किस्म के मक्का बीज, खाद और खरपतवार नियंत्रण के लिए आवश्यक दवाएं प्रदान की गई थीं।</p>
<p><strong>सब्जियों से मक्का की ओर रुख, बढ़ी उत्पादन और आय की उम्मीद     </strong></p>
<p>कृषक शुभम दुबे ने बताया कि पहले वे अपने खेत में पारंपरिक रूप से सब्जियों की खेती किया करते थे, लेकिन उससे अपेक्षित उत्पादन और लाभ नहीं मिल पाता था। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन से जुड़कर जब उन्होंने उन्नत किस्म के बीज और पोषण प्रबंधन के साथ मक्का लगाया, तो पौधों का विकास काफी तेजी से हुआ। खरपतवार नियंत्रण के लिए सुझाई गई दवाओं के इस्तेमाल से फसल को पनपने का पूरा अवसर मिला। शुभम दुबे का कहना है कि फसल समय पर और बेहतर गुणवत्ता के साथ तैयार हो रही है, जिससे उन्हें बाजार में सही समय पर उपज बेचकर अच्छा दाम मिलने की पूरी उम्मीद है। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि होगी, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।</p>
<p><strong>मुख्यमंत्री एवं शासन का जताया आभार  </strong></p>
<p>कृषि विभाग से मिले तकनीकी मार्गदर्शन और समय पर प्राप्त सहायता से उत्साहित होकर शुभम दुबे ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं छत्तीसगढ़ शासन का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि शासन की इस पहल से छोटे और पारंपरिक किसानों को खेती की नई दिशा मिल रही है और उनका कृषि के प्रति भरोसा बढ़ा है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>सेवा सेतु केंद्र से डॉली गंधर की आधार संबंधी समस्या का हुआ समाधान</title>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 22:45:41 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>सेवा, सेतु, केंद्र, से, डॉली, गंधर, की, आधार, संबंधी, समस्या, का, हुआ, समाधान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p> मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नागरिक सेवाओं को सरल, सुलभ और सुविधाजनक बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का लाभ आम लोगों को मिल रहा है। सेवा सेतु केंद्रों के माध्यम से दस्तावेज संबंधी समस्याओं के निराकरण सहित विभिन्न शासकीय सेवाओं से जुड़ी सुविधाएं नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे लोगों को शासकीय योजनाओं और सेवाओं का लाभ लेने में आ रही कठिनाइयों का स्थानीय स्तर पर समाधान मिल रहा है।</p>
<p>इसी क्रम में सरगुजा जिले के अम्बिकापुर निवासी सु डॉली गंधर के आधार कार्ड में दर्ज नाम की त्रुटि का निराकरण सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से किया गया। आधार कार्ड में नाम गलत दर्ज होने के कारण उन्हें बैंक खाता खुलवाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। बैंक खाता नहीं होने से छात्रवृत्ति का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही थी।</p>
<p>अपनी समस्या के समाधान के लिए डॉली गंधर ने सेवा सेतु केंद्र में आवेदन प्रस्तुत किया। आवश्यक दस्तावेजों एवं निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर उनके आधार कार्ड में नाम संबंधी त्रुटि को सुधारा गया। नाम में सुधार होने के बाद अब उनके लिए बैंक खाता खुलवाने की प्रक्रिया आसान हो गई है। साथ ही छात्रवृत्ति प्राप्त करने में आ रही दस्तावेज संबंधी बाधा भी दूर हो गई है।</p>
<p>डॉली गंधर ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि आधार कार्ड में नाम की त्रुटि के कारण उन्हें काफी परेशानी हो रही थी। बैंक खाता नहीं खुल पाने के कारण छात्रवृत्ति का लाभ लेने में भी दिक्कत आ रही थी। सेवा सेतु केंद्र में आवेदन देने के बाद उनकी समस्या का समाधान हो गया है। अब वे आसानी से बैंक खाता खुलवा सकेंगी और छात्रवृत्ति प्राप्त करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ा सकेंगी। उन्होंने सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से समस्या का समाधान होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस सुविधा से नागरिकों को दस्तावेज संबंधी समस्याओं के निराकरण में काफी मदद मिल रही है। उन्होंने सेवा सेतु केंद्र की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।</p>
<p><strong>दस्तावेज संबंधी समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका</strong></p>
<p>सेवा सेतु केंद्र नागरिकों के लिए विभिन्न शासकीय सेवाओं तक आसान पहुंच का माध्यम बन रहे हैं। दस्तावेजों में त्रुटि के कारण बैंकिंग, छात्रवृत्ति और अन्य शासकीय सेवाओं का लाभ लेने में आने वाली कठिनाइयों के समाधान में इन केंद्रों की भूमिका महत्वपूर्ण है। डॉली गंधर का मामला इसका उदाहरण है, जहां आधार कार्ड में नाम की त्रुटि सुधरने के बाद उनके लिए बैंक खाता और छात्रवृत्ति से संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ाने का मार्ग सुगम हुआ है।</p>
<p>छत्तीसगढ़ शासन की मंशा के अनुरूप सेवा सेतु केंद्र नागरिकों को सुविधाजनक, पारदर्शी और सुलभ सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। डिजिटल और नागरिक-केंद्रित सेवा व्यवस्था के विस्तार से आमजन को शासकीय सेवाओं का लाभ लेने में समय और परेशानी दोनों से राहत मिल रही है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व, पाट जात्रा पूजा विधान के साथ कल से शुरू होगा</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर  बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के मंदिर प्रांगण में कल बुधवार, 12 अगस्त को हरेली अमावस्या के पावन अवसर पर पाट जात्रा पूजा विधान के साथ विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व का आगाज होने जा रहा है। इस दौरान पारंपरिक मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन, पुजारी, पटेल, नाईक-पाईक और सेवादार रथ निर्माण के लिए औजार बनाने … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 22:45:37 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>विश्व, प्रसिद्ध, ऐतिहासिक, बस्तर, दशहरा, पर्व, पाट, जात्रा, पूजा, विधान, के, साथ, कल, से, शुरू, होगा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p> बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के मंदिर प्रांगण में कल बुधवार, 12 अगस्त को हरेली अमावस्या के पावन अवसर पर पाट जात्रा पूजा विधान के साथ विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व का आगाज होने जा रहा है। इस दौरान पारंपरिक मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन, पुजारी, पटेल, नाईक-पाईक और सेवादार रथ निर्माण के लिए औजार बनाने की श्ठुरलू खोटलाश् रस्म अदा करेंगे। बस्तर दशहरा समिति ने सभी सेवादारों, ग्रामीणों और गणमान्य नागरिकों को इस पूजा विधान में शामिल होने का आग्रह किया है।</p>
<p> 75 दिनों तक चलने वाले बस्तर दशहरा का मुख्य कार्यक्रम जारी किया गया है, जिसके तहत 12 अगस्त बुधवार से पाट जात्रा पूजा विधान दशहरा पर्व का शुभारंभ, 24 सितम्बर गुरूवार को डेरी गड़ाई पूजा विधान, 10 अक्टूबर शनिवार को काछनगादी पूजा विधान, 11 अक्टूबर रविवार को कलश स्थापना पूजा विधान, 12 अक्टूबर सोमवार को जोगी बिठाई पूजा विधान के रस्म का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार 13 अक्टूबर से 18 अक्टूबर को प्रतिदिन नवरात्रि पूजा एवं रथ परिक्रमा पूजा विधान, 18 अक्टूबर रविवार को सुबह 11 बजे बेल पूजा विधान, 19 अक्टूबर सोमवार को महाअष्टमी पूजा विधान एवं निशा जात्रा पूजा विधान, 20 अक्टूबर मंगलवार को कुंवारी पूजा विधान, जोगी उठाई पूजा विधान एवं मावली परघाव का आयोजन किया जाएगा।</p>
<p>21 अक्टूबर बुधवार को भीतर रैनी पूजा विधान एवं रथ परिक्रमा, 22 अक्टूबर गुरूवार को बाहर रैनी पूजा विधान एवं रथ परिक्रमा, 23 अक्टूबर शुक्रवार को सुबह काछन जात्रा पूजा विधान, दोपहर में ऐतिहासिक मुरिया दरबार का आयोजन किया जाएगा। 24 अक्टूबर शनिवार कुटुम्ब जात्रा पूजा विधान ग्राम्य देवी-देवताओं की विदाई, 27 अक्टूबर मंगलवार मावली माता की डोली की विदाई पूजा विधान के साथ पर्व का औपचारिक समापन किया जाएगा। मां दंतेश्वरी को समर्पित यह 75 दिवसीय दशहरा पर्व अपनी अनूठी लोक-परंपराओं, जनजातीय संस्कृति और भव्य रस्मों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>स्वामित्व योजना से बदलेगी गांवों की तस्वीर: मंत्री  टंक राम वर्मा ने</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर   स्वामित्व योजना ड्रोन तकनीक और आधुनिक मैपिंग के जरिए ग्रामीण भारत की तस्वीर बदल रही है। इसके तहत छत्तीसगढ़ समेत देशभर के गांवों में आबादी क्षेत्र की संपत्तियों का सटीक सर्वेक्षण कर ग्रामीणों को कानूनी मालिकाना हक वाला प्रॉपर्टी कार्ड दिया जा रहा है, जिससे भूमि विवाद कम हो रहे हैं और बैंक … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 22:45:33 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>स्वामित्व, योजना, से, बदलेगी, गांवों, की, तस्वीर:, मंत्री, टंक, राम, वर्मा, ने</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>  स्वामित्व योजना ड्रोन तकनीक और आधुनिक मैपिंग के जरिए ग्रामीण भारत की तस्वीर बदल रही है। इसके तहत छत्तीसगढ़ समेत देशभर के गांवों में आबादी क्षेत्र की संपत्तियों का सटीक सर्वेक्षण कर ग्रामीणों को कानूनी मालिकाना हक वाला प्रॉपर्टी कार्ड दिया जा रहा है, जिससे भूमि विवाद कम हो रहे हैं और बैंक ऋण मिलना आसान हुआ है।</p>
<p><strong>राज्य सरकार द्वारा स्वामित्व योजना 10 लाख के कार्ड वितरण का लक्ष्य</strong>         </p>
<p>​राज्य के राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने सारंगढ़ स्थित मंडी प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में श्स्वामित्व योजनाश् के अंतर्गत नागरिकों को अधिकार अभिलेख (स्वामित्व कार्ड) प्रदान किए। इस अवसर पर मंत्री   वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अब तक स्वामित्व योजना के तहत 4 लाख अधिकार अभिलेखों का वितरण किया जा चुका है। राज्य सरकार ने 10 लाख कार्ड वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसे आगामी वर्ष तक पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि नवगठित सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में अब तक 15 हजार स्वामित्व कार्ड तैयार किए जा चुके हैं। मंत्री वर्मा ने नागरिकों से अपने स्वामित्व कार्ड को सुरक्षित रखने का आग्रह किया।</p>
<p><strong>वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ को देश का अग्रणी राज्य बनाने प्रतिबद्ध     </strong></p>
<p>मंत्री  वर्मा ने ​राज्य सरकार की उपलब्धियों और विकास प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए मंत्री  वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार सबका साथ, सबका विकास के ध्येय वाक्य पर निरंतर कार्य कर रही है। पदभार संभालते ही सरकार ने 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए हैं। इसके अलावा महतारी वंदन जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सफल क्रियान्वयन से राज्य में प्रगति के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर को नक्सलवाद से मुक्त कराने की दिशा में ऐतिहासिक सफलता मिली है। सरकार विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।</p>
<p> इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य,पूर्व विधायक मती केराबाई मनहर सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक व ग्रामीण उपस्थित थे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>घर&#45;घर आन&#45;बान और शान से फहराएं तिरंगा&#45; मंत्री  टंक राम वर्मा</title>
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<description><![CDATA[ ​रायपुर   देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने और स्वच्छता के प्रति जनचेतना को सशक्त बनाने के लिए तिरंगा रैली में नागरिक बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहे है।  उच्च शिक्षा मंत्री  टंक राम वर्मा की अगुवाई में आज सारंगढ़ में भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। भारत माता की पूजा-अर्चना के साथ शुरू … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 22:45:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>घर-घर, आन-बान, और, शान, से, फहराएं, तिरंगा-, मंत्री, टंक, राम, वर्मा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>​रायपुर</strong></p>
<p>  देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने और स्वच्छता के प्रति जनचेतना को सशक्त बनाने के लिए तिरंगा रैली में नागरिक बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहे है।  उच्च शिक्षा मंत्री  टंक राम वर्मा की अगुवाई में आज सारंगढ़ में भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। भारत माता की पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुई यह यात्रा भारत माता चौक, नंदा चौक और अटल परिसर से होते हुए रानी लक्ष्मी बाई कॉम्प्लेक्स पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान हजारों स्कूली बच्चों के 'भारत माता की जय' और 'जय जवान, जय किसान' के ओजस्वी नारों से पूरा शहर देशभक्ति के रंग में रंग गया।<br>
​       <br>
तिरंगा यात्रा के समापन अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री  टंक राम वर्मा ने नागरिकों से अपने-अपने घरों पर शान से तिरंगा लहराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। तिरंगा हमारा राष्ट्रीय स्वाभिमान है, जिसकी रक्षा के लिए लाखों देशभक्तों ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। इसका चक्र हमारे देश और प्रदेश की निरंतर प्रगति का प्रतीक है। जब बात तिरंगे की आती है, तो हम सभी जाति, पात और धर्म से ऊपर उठकर एक हो जाते हैं। उन्होंने झांसी की रानी, मंगल पांडे और भगत सिंह जैसे अमर बलिदानियों को नमन करते हुए उनके पदचिह्नों पर चलने की प्रेरणा दी।<br>
     ​​  <br>
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष,पूर्व विधायक मती केराबाई मनहर, पूर्व सैनिकगण, जनप्रतिनिधि, कलेक्टर,पुलिस अधीक्षक,गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में स्कूली बच्चे उपस्थित थे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>बलरामपुर और रामानुजगंज को जल्द मिलेगा बायपास की सौगात</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर छत्तीसगढ़ के आदिम जाति विकास मंत्री एवं रामानुजगंज विधायक  रामविचार नेताम ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी से सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मंत्री  गडकरी से इस दौरान बलरामपुर एवं रामानुजगंज शहरों के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-343 पर बायपास मार्गों की स्वीकृति का आग्रह किया।  नेताम ने दोनों … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 22:45:25 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>बलरामपुर, और, रामानुजगंज, को, जल्द, मिलेगा, बायपास, की, सौगात</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ के आदिम जाति विकास मंत्री एवं रामानुजगंज विधायक  रामविचार नेताम ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी से सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मंत्री  गडकरी से इस दौरान बलरामपुर एवं रामानुजगंज शहरों के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-343 पर बायपास मार्गों की स्वीकृति का आग्रह किया।  नेताम ने दोनों शहरों में बढ़ते यातायात दबाव, दुर्घटनाओं की आशंका तथा अंतर्राज्यीय वाणिज्यिक गतिविधियों को देखते हुए 4-लेन बायपास निर्माण को अत्यंत आवश्यक बताया। केंद्रीय मंत्री  नितिन गडकरी ने दोनों मांगों पर सकारात्मक सहमति व्यक्त करते हुए शीघ्र स्वीकृति की दिशा में कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने मंत्री  नेताम की मांग पर शीघ्र डीपीआर तैयार करने अधिकारियों को निर्देशित किया।</p>
<p><strong>छत्तीसगढ़ को झारखंड से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण अंतर्राज्यीय मार्ग</strong><br>
        <br>
मंत्री  नेताम ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि अम्बिकापुर-रामानुजगंज-गढ़वा राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-343 छत्तीसगढ़ को झारखंड से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण अंतर्राज्यीय मार्ग है। इस मार्ग से यात्री बसों, छोटे-बड़े व्यावसायिक वाहनों, भारी मालवाहकों तथा आम नागरिकों का बड़ी संख्या में आवागमन होता है। प्रशासनिक एवं विशिष्टजनों का आवागमन भी इसी मार्ग से होता है। मंत्री  नेताम ने बताया कि बलरामपुर जिला मुख्यालय राष्ट्रीय राजमार्ग-343 के शहरी हिस्से में स्थित है। शहर के दोनों ओर घनी व्यावसायिक एवं आवासीय बसाहट होने के कारण छोटे वाहनों से लेकर भारी मालवाहकों तक का आवागमन शहर के भीतर से होता है। इससे आए दिन यातायात जाम की स्थिति निर्मित होने के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। </p>
<p><strong>नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की मिलेगी सुविधा </strong><br>
         <br>
केंद्रीय मंत्री से बलरामपुर शहरी क्षेत्र के लिए लगभग ’’10 किलोमीटर लंबाई के 4-लेन बायपास’’ को स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया। प्रस्तावित बायपास बनने से शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव कम होगा, यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। इसी प्रकार रामानुजगंज शहर के लिए लगभग ’’8 किलोमीटर लंबाई के 4-लेन बायपास’’ की मांग भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखी। मंत्री  नेताम ने बताया कि रामानुजगंज अंतर्राज्यीय आवागमन का महत्वपूर्ण केंद्र है। शहर के भीतर ही स्कूली बच्चों, स्थानीय नागरिकों, शासकीय एवं निजी वाहनों के साथ-साथ भारी व्यावसायिक एवं मालवाहक वाहनों का आवागमन होने से यातायात दबाव लगातार बढ़ रहा है।</p>
<p><strong>छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच अंतर्राज्यीय व्यापार एवं परिवहन को मिलेगी गति </strong><br>
          <br>
मंत्री  नेताम ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण एवं यातायात में संभावित वृद्धि के साथ आने वाले समय में शहरी क्षेत्र में यातायात संबंधी चुनौतियां और बढ़ सकती हैं। ऐसे में समय रहते बायपास का निर्माण शहर की यातायात व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और नगरीय विकास के लिए महत्वपूर्ण होगा। मंत्री  नेताम ने कहा कि बलरामपुर और रामानुजगंज में बायपास मार्गों का निर्माण केवल यातायात सुगमता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच अंतर्राज्यीय व्यापार एवं परिवहन को गति मिलेगी। भारी वाहनों को शहरों के बाहर से सुगम मार्ग उपलब्ध होने से परिवहन समय और यातायात दबाव में कमी आएगी। इसके साथ ही दोनों शहरों में व्यवस्थित नगरीय विकास, व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार और राजस्व वृद्धि की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।<br>
          <br>
मंत्री  नेताम ने केंद्रीय मंत्री को यह भी अवगत कराया कि एनएच-343 के कॉरिडोर योजना के अंतर्गत निर्माण कार्य के लिए क्रमशः 397.44 करोड़ रुपये और 199.05 करोड़ रुपये की स्वीकृति पूर्व में प्रदान की जा चुकी है तथा संबंधित निर्माण कार्य प्रगतिरत है। उन्होंने इसी क्रम में बलरामपुर एवं रामानुजगंज के शहरी हिस्सों में बायपास निर्माण को भी प्राथमिकता देने का आग्रह किया।</p>
<p><strong>बायपास निर्माण से बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में सड़क कनेक्टिविटी होगी मजबूत </strong><br>
          <br>
केंद्रीय मंत्री  नितिन गडकरी ने दोनों बायपास प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख व्यक्त करते हुए शीघ्र स्वीकृति की दिशा में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। मंत्री  नेताम ने केंद्रीय मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बायपास निर्माण से बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में सड़क कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ क्षेत्र के आर्थिक एवं नगरीय विकास को नई गति मिलेगी।</p>]]> </content:encoded>
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<title>FMCG Products Price Hike: तेल&#45;साबुन से बिस्किट&#45;ब्रेड तक महंगे होंगे सामान! कंपनियों ने दिए कीमत बढ़ाने के संकेत</title>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली तेल, साबुन से लेकर बिस्किट-ब्रेड तक महंगे हो सकते हैं. दिग्गज एफएमसीजी कंपनियों ने कुछ चुनिंदा उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी करने के संकेत दिए हैं और आम आदमी को महंगाई का ये झटका अगले महीने सितंबर में लग सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटानिया से लेकर हिंदुस्तान यूनीलिवर और डाबर तक कच्चे … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 22:45:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>FMCG, Products, Price, Hike:, तेल-साबुन, से, बिस्किट-ब्रेड, तक, महंगे, होंगे, सामान, कंपनियों, ने, दिए, कीमत, बढ़ाने, के, संकेत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong><br>
तेल, साबुन से लेकर बिस्किट-ब्रेड तक महंगे हो सकते हैं. दिग्गज एफएमसीजी कंपनियों ने कुछ चुनिंदा उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी करने के संकेत दिए हैं और आम आदमी को महंगाई का ये झटका अगले महीने सितंबर में लग सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटानिया से लेकर हिंदुस्तान यूनीलिवर और डाबर तक कच्चे माल की बढ़ती लागत और जियोपॉलिटिकल तनाव का हवाला देते हुए कीमतें बढ़ाने की तैयारी में हैं। </p>
<p><strong>FMCG कंपनियों की बड़ी तैयारी!</strong><br>
एजेंसी रिपोर्ट के मानें, तो भारत की दिग्गज फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स कंपनियां सितंबर तिमाही में चुनिंदा उत्पादों की कीमतें बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं. बीते जून तिमाही के दौरान करीब 2-5% का औसत प्राइस हाइक करने के बाद अब FMCG सेक्टर की कंपनियां महंगाई के दबाव को कम करने के लिए टारगेटेड मूल्य निर्धारण उपायों की ओर बढ़ रही हैं। </p>
<p>इन कंपनियों का कहना है कि वस्तुओं की बढ़ती लागत और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं से उनके मार्जिन पर बुरा असर पड़ रहा है और साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता और मानसून, अल नीनो के संभावित प्रभावों से जुड़े जोखिमों पर भी कंपनियों की बारीक नजर है. इन सबके मद्देनजर कंपनियां कुछ पैकेजों में उत्पाद की मात्रा कम कर रही हैं या चुनिंदा प्रोडक्ट्स पर कीमतों में इजाफा करने की तैयारी में हैं। </p>
<p><strong>ब्रिटानिया ने दिए ये संकेत </strong><br>
ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज को उम्मीद है कि 5 रुपये और 10 रुपये वाले बिस्कुट के  पैकेट की कीमतों में मुख्य रूप से 1.5-2% की अतिरिक्त वृद्धि की जा सकती है. पीटीआई के मुताबिक, Britannia एमडी और सीईओ रक्षित हरगवे ने इस प्राइस हाइक का संकेत देते हुए कहा है कि कंपनी को चीनी और ताड़ के तेल जैसे प्रमुख कच्चे माल की बढ़ती लागत का सामना करना पड़ रहा है. इस तिमाही में आगे चलकर आपको कुछ और बढ़ोतरी देखने को मिलेगी. अगर कुल प्रभाव 1 फीसदी था, तो संभवतः आपको 1.5-2 फीसदी की और बढ़ोतरी दिखेगी। </p>
<p><strong>गोदरेज के सामान भी होंगे महंगे</strong><br>
गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड ने बीते जून तिमाही में अपने तमाम प्रोडक्ट्स की कीमतों में औसतन करीब 5 फीसदी की बढ़ोतरी कर ग्राहकों को झटका दिया था, वहीं अब कंपनी सितंबर तिमाही में भी एक मूल्य वृद्धि कर सकती है. हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि <strong>कंपनी फिलहाल अतिरिक्त मूल्य निर्धारण संबंधी कदम उठाने से पहले कमोडिटी की लागत में होने वाले बदलावों पर नजर रख रही है। </strong></p>
<p><strong>डाबर भी Price Hike की तैयारी में</strong><br>
ब्रिटानिया और गोदरेज के साथ ही डाबर इंडिया भी आने वाले दिनों में अपने ग्राहकों पर महंगाई का बम फोड़ सकती है. हाई इनपुट कॉस्ट के चुनौतीपूर्ण बने रहने की आशंका के बीच कंपनी मार्जिन सेफ्टी के लिए अपने कुछ सामानों की कीमतों में बढ़ोतरी करने का कदम उठा सकती है। </p>
<p><strong>TATA से HUL भी लिस्ट में शामिल</strong><br>
एफएमसीजी सेक्टर की अन्य कंपनियों की बात करें, तो हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड सितंबर तिमाही में कई प्रोडक्ट्स कैटेगरी में कीमतें बढ़ा सकती है. कंपनी ने FY27 की पहली तिमाही में अपने सामानों की कीमतों में 2-5 फीसदी की बढ़ोतरी की थी। </p>
<p>रिपोर्ट में HUL CEO-MD प्रिया नायर के हवाले से कहा गया है कि महंगाई की स्थिति के आधार पर, हम सितंबर तिमाही के लिए कीमतों में संशोधन जारी रखेंगे. इसके अलावा टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स  के एमडी सुनील डिसूजा ने भी संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर प्रोडक्ट्स की कीमतों में और बदलाव पर विचार किया जा सकता है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>अरुणाचल में भारत ने बदले 27 जगहों के नाम, चीन बौखलाया; संबंध खराब होने की दी दुहाई</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली सीमा पर अतिक्रमण की कोशिश में रहने वाला चीन भारत के एक कदम से बौखला गया है। भारत ने अरुणाचल प्रदेश में 27 जगहों के नाम बदले हैं। इसको लेकर चीन ने निंदा करते हुए बयान जारी किया है। बता दें कि भारत और चीन गलवान घाटी में हुई झड़पों के बाद रिश्ते … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 22:45:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>अरुणाचल, में, भारत, ने, बदले, जगहों, के, नाम, चीन, बौखलाया, संबंध, खराब, होने, की, दी, दुहाई</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>सीमा पर अतिक्रमण की कोशिश में रहने वाला चीन भारत के एक कदम से बौखला गया है। भारत ने अरुणाचल प्रदेश में 27 जगहों के नाम बदले हैं। इसको लेकर चीन ने निंदा करते हुए बयान जारी किया है। बता दें कि भारत और चीन गलवान घाटी में हुई झड़पों के बाद रिश्ते को सुधारने की कोशिश में लगे हैं। हालांकि भारत के इस कदम से तनाव एक बार फिर बढ़ सकता है। चीन की सरकार ने सोमवार को कहा कि भारत द्वारा इस तरह से नाम बदला जाना अस्वीकार्य और गैर-कानूनी है। चीन ने कहा कि ये इलाके जंगनान चीन का हिस्सा हैं। बता दें कि चीन अरुणाचल प्रदेश में 90 किलोमीटर तक जंगनान चीन का दावा करता है। जबकि भारत चीन को समय-समय पर बताता रहता है कि यह भारत का अभिन्न भाग है और इसको लेकर कोई भी फैसला भारत सरकार कर सकती है।</p>
<p><strong>चीन बदलता रहा है नाम</strong><br>
चीन लगातार अरुणाचल प्रदेश में जगहों के नाम बदलने का सिलसिला जारी रखता है। इस बार जब भारत ने अपने ही क्षेत्र में नाम बदले तो चीन बौखला गया। भारत सरकार ने आधिकारिक रूप से सर्वे ऑफ इंडिया मैप में अरुणाचल प्रदेश में झील, बस्तियां और स्मारक समेत 27 नाम बदले हैं। वहीं चीन 2017 से ही नाम बदलने के हथकंडे अपनाता रहता है।</p>
<p><strong>अरुणाचल के हिस्से पर कब्जा जनाता है चीन</strong><br>
चीन का मानना है कि अरुणाचल प्रदेश दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा है और इसलिए उसका नाम भी जांगनान रखा है। हालांकि भारत ने इस दावे को हमेशा खारिज किया है और इसे आधारहीन बताया है। वहीं भारत सरकार ने अब अरुणाचल प्रदेश सरकार की सलाह पर 27 जगहों के सटीक नाम अपने आधिकारिक मैप में शामिल कर लिए हैं।</p>
<p><strong>चीनी मीडिया में भी उबाल</strong><br>
भारत के इस कदम को लेकर चीनी मीडिया भी उबलने लगा है। चीन के सरकारी मीडिया 'ग्लोबल टाइम्स' ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, चीन लंबे समय से इस इलाके को अपने मैप में शामिल करता रहा है। भारत-चीन संबंधों में सुधार के संकेतों के बीच भारत ने एकतरफा कदम उठाने शुरू कर दिया हैं। ऐसे में सीमा पर हालात खराब हो सकते हैं। इससे भारत को कोई फायदा नहीं होने वाला है।</p>
<p>अप्रैल महीने में ही विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जैसवाल ने कहा था कि अरुणाचल प्रदेश हमेशा से भारत का अभिन्न हिस्सा रहा है और रहेगा। उन्होंने कहा था कि चीन का नाम बदलने का प्रयास करना गैरकानूनी है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बता दें कि 1914 में शिमला समझौते के दौरान ब्रिटिश इंडिया और तिब्बत के बीच मैकमोहन लाइन बनाई गई थी। हालांकि चीन इस बाउंड्री को नहीं मानता है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>₹154 करोड़ के अंबेडकर फ्लाईओवर की खुली पोल! बारिश में उखड़ा डामर, बाहर निकले सरिए</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भारी बारिश ने शहर के बुनियादी ढांचे की पोल खोल दी है। राज्य के दूसरे सबसे लंबे ब्रिज &#039;डॉ. अंबेडकर (जीजी) फ्लाईओवर&#039; की स्थिति बेहद दयनीय हो गई है। करीब 154 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस फ्लाईओवर की ऊपरी परत बारिश के कारण जगह-जगह से उखड़ … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 22:15:38 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>₹154, करोड़, के, अंबेडकर, फ्लाईओवर, की, खुली, पोल, बारिश, में, उखड़ा, डामर, बाहर, निकले, सरिए</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भारी बारिश ने शहर के बुनियादी ढांचे की पोल खोल दी है। राज्य के दूसरे सबसे लंबे ब्रिज 'डॉ. अंबेडकर (जीजी) फ्लाईओवर' की स्थिति बेहद दयनीय हो गई है। करीब 154 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस फ्लाईओवर की ऊपरी परत बारिश के कारण जगह-जगह से उखड़ गई है, जिससे कंक्रीट के नीचे दबे लोहे के सरिए साफ तौर पर बाहर दिखाई देने लगे हैं।</p>
<p>इस फ्लाईओवर का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद से ही यह विवादों में रहा है। लोकार्पण के शुरुआती दिनों में ही इसमें वाइब्रेशन और सतह के खुरदरेपन जैसी तकनीकी खामियां सामने आई थीं। अब लगातार हो रही बारिश ने इसकी निर्माण गुणवत्ता की कलई खोल दी है। डामर की परत उखड़ने के बाद अब लोहे के सरिए बाहर निकल आए हैं, जो इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों वाहनों के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं।</p>
<p><strong>रोज हजारों VVIP और लोग गुजरते हैं</strong><br>
इस ओवरफ्लाई से हर रोज हजारों वीवीआईपी और आम लोग ब्रिज के ऊपर से गुजर रहे हैं। लोकार्पण के दौरान यह प्रदेश का पहला सबसे लंबा ब्रिज था। बाद में जबलपुर में इससे लंबा ब्रिज बना। इस हिसाब से अब यह प्रदेश का दूसरा सबसे लंबा ब्रिज है।</p>
<p><strong>मेट्रो स्टेशन के नीचे ही उखड़ा रोड, होशंगाबाद रोड पर भी गड्‌ढे</strong><br>
शहर की मुख्य सड़कें हो या अंदरूनी, उन पर गड्‌ढे ही गड्‌ढे हो गए हैं। मुख्य सड़कें- होशंगाबाद रोड, रायसेन रोड, अवधपुरी, अयोध्या बायपास, रातीबड़, एमपी नगर, लिंक रोड नंबर-2 में कई जगहों से सड़कें उखड़ गई हैं।</p>
<p>मिसरोद से वीर सावरकर ब्रिज तक कई जगहों पर गड्‌ढे हैं। एमपी नगर में मेट्रो स्टेशन के नीचे करीब 50 मीटर लंबी सड़क जर्जर हालत में है। इस कारण सिग्नल के बाद तेजी से आने वाले वाहनों के हादसे का शिकार होने की संभावना रहती है।</p>
<p>बीजेपी ऑफिस के पास तिराहे की हालत भी खस्ता है। इस चौराहे का कायाकल्प किया जा रहा है, लेकिन टर्निंग पर ही सड़क उखड़ गई हैं।</p>
<p>स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने इस मामले को लेकर प्रशासन पर भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि इतने बड़े बजट से बने प्रोजेक्ट की ऐसी हालत यह दर्शाती है कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की गई है। इस संबंध में सोशल मीडिया पर कई वीडियो भी वायरल हो रहे हैं, जिनमें फ्लाईओवर की जर्जर स्थिति को स्पष्ट देखा जा सकता है।</p>
<p>केवल अंबेडकर फ्लाईओवर ही नहीं, बल्कि भोपाल के अन्य प्रमुख मार्गों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। होशंगाबाद रोड, रायसेन रोड, लिंक रोड नंबर-2 और अयोध्या बायपास जैसे व्यस्त रास्तों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। एमपी नगर में मेट्रो स्टेशन के नीचे करीब 50 मीटर लंबी सड़क पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है, जहां वाहनों का संतुलन बिगड़ने से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।</p>
<p>सुभाषनगर ब्रिज के पास इनकम टैक्स ऑफिस तिराहे पर लोक निर्माण विभाग द्वारा हाल ही में डाली गई मुर्रम भी बारिश में बह गई, जिससे वहां आधा फीट गहरे गड्ढे बन गए हैं। यह क्षेत्र शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है, जो पुराने शहर को एमपी नगर और होशंगाबाद रोड से जोड़ता है।</p>
<p>पुराने शहर के अशोका गार्डन, निशातपुरा, शबरी नगर और करोंद जैसे इलाकों में भी सड़कों का हाल बेहाल है। अशोका गार्डन थाने के पास मुख्य मार्ग पूरी तरह से उखड़ चुका है, जिससे स्थानीय निवासियों का निकलना दूभर हो गया है। अयोध्या बायपास और कोलार क्षेत्र की कॉलोनियों में भी सड़कों पर गड्ढों की भरमार है, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।</p>
<p>भोपाल में पिछले 24 घंटों के दौरान हुई तेज बारिश ने स्थिति को और अधिक विकट बना दिया है। शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रशासन द्वारा सड़कों की मरम्मत के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति अभी भी सुधार की मांग कर रही है।</p>
<p>वीवीआईपी मूवमेंट और आम नागरिकों की भारी आवाजाही वाले इन मार्गों पर गड्ढे होना न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है, बल्कि यह सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी बड़ा जोखिम है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन जर्जर सड़कों की मरम्मत के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।</p>
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<title>मुख्यमंत्री डॉ. यादव अहमदाबाद में निवेश के लिए उद्योग जगत से करेंगे संवाद</title>
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<description><![CDATA[ मुख्यमंत्री डॉ. यादव अहमदाबाद में निवेश के लिए उद्योग जगत से करेंगे संवाद मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर देश के प्रमुख औद्योगिक समूहों के साथ होगा सीधा संवाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार, 12 अगस्त को अहमदाबाद में मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं को लेकर देश के प्रमुख औद्योगिक समूहों के साथ संवाद … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 22:15:34 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>मुख्यमंत्री, डॉ., यादव, अहमदाबाद, में, निवेश, के, लिए, उद्योग, जगत, से, करेंगे, संवाद</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुख्यमंत्री डॉ. यादव अहमदाबाद में निवेश के लिए उद्योग जगत से करेंगे संवाद</strong></p>
<p><strong>मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर देश के प्रमुख औद्योगिक समूहों के साथ होगा सीधा संवाद</strong></p>
<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार, 12 अगस्त को अहमदाबाद में मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं को लेकर देश के प्रमुख औद्योगिक समूहों के साथ संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में आयोजित होने वाले इस निवेश संवाद में गुजरात के प्रमुख उद्योग समूहों और निवेशकों को मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमता, अनुकूल निवेश वातावरण और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध निवेश अवसरों की जानकारी दी जाएगी। अहमदाबाद रोड शो का उद्देश्य गुजरात के उद्योग जगत के साथ मध्यप्रदेश के निवेश संबंधों को और मजबूत करते हुए प्रदेश में नए निवेश प्रस्तावों को गति देना है।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव अहमदाबाद प्रवास के दौरान प्रमुख औद्योगिक समूहों के प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठकें भी करेंगे। वे उद्योगपतियों के साथ मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं, उद्योग की स्थापना के लिए उपलब्ध सुविधाओं तथा निवेशकों के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे सहयोग पर सीधे चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री के साथ होने वाली इन बैठकों में निवेशकों की आवश्यकताओं और उनके प्रस्तावित निवेश को प्रदेश में धरातल पर उतारने की संभावनाओं पर विशेष रूप से चर्चा होगी।</p>
<p>अहमदाबाद के ताज स्काईलाइन में आयोजित होने वाले निवेश संवाद में मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों पर प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। इसमें प्रदेश की औद्योगिक अधोसंरचना, निवेश के लिए उपलब्ध भूमि, नीतिगत प्रोत्साहन, तकनीकी एवं कौशल आधारित औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र और विभिन्न क्षेत्रों में विकसित हो रहे निवेश अवसरों की जानकारी उद्योग जगत के समक्ष रखी जाएगी।</p>
<p>मध्यप्रदेश सरकार द्वारा निवेशकों की सुविधा के लिए विकसित की गई सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम, प्लग एंड प्ले अधोसंरचना तथा निवेश परियोजनाओं के लिए अनुकूल नीतिगत वातावरण को भी प्रमुखता से रेखांकित किया जाएगा। प्रदेश में विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर, आईटी और प्रौद्योगिकी, वस्त्र, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स, लॉजिस्टिक्स सहित उभरते क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं।</p>
<p>अहमदाबाद रोड शो में गुजरात के प्रमुख औद्योगिक समूहों की भागीदारी मध्यप्रदेश के लिए विशेष महत्व रखती है। गुजरात देश के प्रमुख औद्योगिक और उद्यमशीलता केंद्रों में है। ऐसे में गुजरात के उद्योग जगत के साथ मध्यप्रदेश का यह सीधा संवाद दोनों राज्यों के बीच औद्योगिक सहयोग को नई गति देने के साथ ही मध्यप्रदेश में बड़े निवेश आकर्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश को देश के अग्रणी निवेश और विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए लगातार उद्योग जगत से सीधा संवाद कर रही है। इसी क्रम में अहमदाबाद रोड शो के माध्यम से गुजरात के प्रमुख निवेशकों के समक्ष मध्यप्रदेश की निवेश क्षमता को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया जाएगा और संभावित निवेश परियोजनाओं को प्रदेश में स्थापित करने के लिए संवाद को आगे बढ़ाया जाएगा।</p>
<p>कार्यक्रम में स्पेसटेक विजन फोरम- मध्यप्रदेश का आयोजन किया जाएगा जिसमें 25 से अधिक प्रमुख स्पेसटेक कंपनियों, स्टार्टअप्स, निवेशकों, इकोसिस्टम से जुड़े प्रतिनिधियों एवं उद्योग विशेषज्ञ शामिल होंगे। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश की स्पेसटेक पॉलिसी-2026 और प्रस्तावित स्पेसटेक क्लस्टर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। साथ ही, राज्य में स्पेसटेक क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक अधोसंरचना, नीतिगत सहयोग, कौशल विकास, परीक्षण सुविधाओं, नवाचार इकोसिस्टम और निवेश के अवसरों पर उद्योग जगत के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा।</p>
<p>अहमदाबाद में प्रमुख औद्योगिक समूहों के साथ बैठकें और निवेश संवाद मध्यप्रदेश की निवेश यात्रा को गुजरात के मजबूत औद्योगिक नेटवर्क से जोड़ने तथा प्रदेश में नए निवेश, रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>वन पर्यटन को विस्तार, देकर होम स्टे से जनजातियों की बढ़ायें आय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</title>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 22:15:30 +0530</pubDate>
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<content:encoded><![CDATA[<p>भोपाल </p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वन विभाग प्रदेश में तेजी से बढ़ रही पर्यटन संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए वन पर्यटन के विकास पर विशेष फोकस करें। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में जहाँ-जहाँ वन पर्यटन के विकास और विस्तार की सहज संभावनाएं उपलब्ध हैं, वहां वन विभाग पर्यटन विभाग के साथ समन्वय करें और ठोस कार्य योजना तैयार कर उस पर अमल करें। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की प्राकृतिक संपदा, जैव विविधता और वन्य प्राणी पर्यटन की अपार संभावनाएं प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश राज्य वन्य प्राणी बोर्ड की 32वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से होम स्टे को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि इससे स्थानीय लोगों, वनवासियों और जनजातीय परिवारों को अपने क्षेत्र में ही रोजगार और आमदनी के अतिरिक्त अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि वन पर्यटन का लाभ केवल पर्यटकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जंगलों के बीच और आसपास रहने वाले वनवासियों एवं जनजातीय परिवारों की समृद्धि का माध्यम भी बनना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यटन गतिविधियों के विस्तार में स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इससे एक ओर पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को समझने का अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण एवं जनजातीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दूसरे राज्यों से सतत् सम्पर्क में रहें, उनसे वयस्क और स्वस्थ वन्य प्राणियों का आदान-प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आंध्रप्रदेश, आसाम, कर्नाटका को मध्यप्रदेश में उपलब्ध बाघ देकर उनसे हाथी, गेंडे और अन्य वन्य प्राणी लिए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन भूमि के उपयोग को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वन भूमि में होने वाले किसी भी प्रयोजन के लिए डायवर्सन पर सख्त नजर रखी जाए। वन भूमि में अवैध उत्खनन कदापि न होने पाए।</p>
<p>बैठक में प्रदेश के राष्ट्रीय उद्यानों और टाइगर रिजर्व क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास तथा वन्य प्राणी संरक्षण से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। कुल 30 प्रस्ताव अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किए गए, बोर्ड ने विमर्श के बाद मंजूरी प्रदान कर दी। इनमें प्रदेश में स्थित राष्ट्रीय उद्यानों की परिधि में स्थित वन ग्रामों में सीसी रोड निर्माण, टाइगर रिजर्व में स्थित वन ग्रामों में पक्की सड़कों का निर्माण, राष्ट्रीय उद्यान एवं टाइगर रिजर्व क्षेत्रों में मोबाइल टॉवर्स की स्थापना, उप स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण, विद्युत लाइन बिछाने सहित अन्य आवश्यक निर्माण कार्यों से संबंधित अनुमोदन प्रस्ताव शामिल थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय उद्यानों और टाइगर रिजर्व की परिधि में मौजूद वन ग्रामों में कोई भी निर्माण या विकास कार्य आबादी को विश्वास में लेकर ही किया जाये।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकास और संरक्षण के बीच बराबर संतुलन बनाए रखते हुए वन सम्पदा की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मानव और वन्य प्राणी में किसी प्रकार का संघर्ष ना हो। उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की मूलभूत सुविधाओं का विस्तार करते हुए यह भी सुनिश्चित किया जाए कि विकास कार्यों से वन और वन्य प्राणियों के संरक्षण पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यटन गतिविधियों के विस्तार में स्थानीय समुदाय की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन्य प्राणी बोर्ड में विशेषज्ञ सेवाएं देने के लिए केन्द्र सरकार और राज्य के पुरातत्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया जाए।</p>
<p>बैठक में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री  दिलीप अहिरवार, मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव वन  राघवेन्द्र कुमार सिंह, वन्य प्राणी बोर्ड के सदस्य डॉ. मोहन नागर, डॉ. रूपनारायण मांडवे,  विजय मनोहर तिवारी,  व्यास, विधायक  मधु सिंह गहलोत, भाऊराव भिस्कुटे न्यास नर्मदापुरम के सदस्य और भारत भारती बैतूल के सदस्य, दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट के सदस्य, पीसीसीएफ  सुधिरंजन सेन, मुख्य वन्य प्राणी संरक्षण मती समिता राजौरा सहित वन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>शिक्षकों के सम्मान में 12 अगस्त को निकलेगी तिरंगा यात्रा, प्रधानमंत्री&#45; मुख्यमंत्री के नाम सौंपा जाएगा ज्ञापन</title>
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<description><![CDATA[ ग्वालियर अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा जिला ग्वालियर के तत्वावधान में 12 अगस्त 2026 को शिक्षकों के सम्मान एवं विभिन्न मांगों को लेकर तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। संयुक्त मोर्चा के जिला संयोजक लक्ष्मी नारायण जाटव ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि तिरंगा यात्रा शाम 5 बजे अलकापुरी तिराहा से न्यू कलेक्ट्रेट ग्वालियर तक निकाली … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 22:15:26 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>ग्वालियर</strong></p>
<p>अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा जिला ग्वालियर के तत्वावधान में 12 अगस्त 2026 को शिक्षकों के सम्मान एवं विभिन्न मांगों को लेकर तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। संयुक्त मोर्चा के जिला संयोजक लक्ष्मी नारायण जाटव ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि तिरंगा यात्रा शाम 5 बजे अलकापुरी तिराहा से न्यू कलेक्ट्रेट ग्वालियर तक निकाली जाएगी।</p>
<p>यात्रा के उपरांत कलेक्टर के माध्यम से भारत के प्रधानमंत्री, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री एवं शिक्षामंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। संयुक्त मोर्चा ने जिले के सभी शिक्षक, कर्मचारी, अधिकारी एवं विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों से निर्धारित समय और स्थान पर अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने की अपील की है।</p>
<p>मोर्चा की ओर से सभी साथियों से अपने हाथों में तिरंगा झंडा लेकर यात्रा में शामिल होने तथा अनुशासित एवं संवैधानिक तरीके से तिरंगा यात्रा को सफल बनाने का आग्रह किया गया है। आयोजकों का कहना है कि यह यात्रा शिक्षकों के सम्मान और शिक्षक हितों से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।</p>
<p>तिरंगा यात्रा में विभिन्न शिक्षक एवं कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों तथा शिक्षक हित को सर्वोपरि रखने वाले संगठनों के पदाधिकारियों, शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों की सहभागिता रहेगी।</p>
<p>अपील करने वालों में लक्ष्मी नारायण जाटव (NMOPS), अरुण प्रताप सिंह (राज्य शिक्षक संघ), पदम नारायण शर्मा (राज्य शिक्षक संघ), नरेश गुप्ता (जागरूक अधिकारी कर्मचारी संघ), अमित उपमन्यु (जागरूक अधिकारी कर्मचारी संघ), अतर सिंह जाटव (अजाक्स), राजेन्द्र पक्षबार (अजाक्स), राम अवतार मौर्य (NMOPS), नंदकिशोर गोस्वामी (प्रमुख पेंशनर एसोसिएशन), अजय शर्मा (जागरूक अधिकारी कर्मचारी संघ), राजेन्द्र सिंह (NMOPS),  सरिता शर्मा (आजाद अध्यापक शिक्षक संघ), विवेक चौरसिया (आजाद अध्यापक संघ), दीपक शर्मा (राज्य शिक्षक कांग्रेस), राम विहारी तिवारी (प्रांतीय शिक्षक संघ),  शशि कुशवाह (NMOPS) सहित नीरज सोलंकी, सुरेंद्र पिप्पल, अमन शर्मा, प्रदीप सिंह यादव, मानवेन्द्र सिंह कौरव, झडा सिंह गोयल, मनोज बरैया, राजेंद्र सिंह गुर्जर, कुंअर राज कटारे, सोनू शर्मा, ओपी सिंह, बकील सिंह कुशवाह, हरगोविंद सिंह, हाकिम सिंह पाल,  सविता गौतम, होतम सिंह माथुर, नबाब सिंह रावत,  शैल सगर,  कविता तोमर, शिवकुमारी लोधी,  रेशमा बानो हासमी, दिलीप कुशवाह, श्याम सिंह दिवाकर, मीना शाक्य, विनीता निगम, संगीता खिसनिया, रश्मि सकतौलिया, रामकुमार शर्मा, जय कुमार, राजेश सिंह, प्रीतम सिंह जाटव, देवेंद्र शर्मा, राम अवतार राजौरिया, हाकिम सिंह चौकोटिया, कप्तान सिंह, मोहन लाल चौरसिया, अमजद खान, सुरेश जालोन, सुनील शर्मा, चन्द्र शेखर जाटव, दिनेश शाक्य, हरीकांत वास्तव, अशोक बाबू पाल, पवन कुमार अम्ब, सुरेश कैन, मीरा पाल, रामकुमार डण्डौतिया, जाकिर हुसैन, अब्दुल रशीद, राकेश धाकड़, राधेश्याम कुशवाह, पूरन माहोर, बाबूलाल नागरिया, अवधेश शर्मा, विवेक मिश्रा, शेखर गौड़, फूल सिंह बमरौलिया और जितेन्द्र कसोटिया सहित अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी शामिल हैं।</p>
<p>संयुक्त मोर्चा ने सभी संगठनों और शिक्षक-कर्मचारियों से अपील की है कि वे तिरंगा यात्रा में सहभागिता कर इसे सफल बनाएं।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>भारी बारिश और उफनती नदियों के बीच SDERF एवं होमगार्ड्स का व्यापक रेस्क्यू ऑपरेशन</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में जारी भारी बारिश एवं नदी-नालों के उफान से उत्पन्न आपदा की स्थिति में राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (SDERF), होमगार्ड्स एवं सिविल डिफेंस की टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर प्रदेश के संवेदनशील एवं जलभराव वाले क्षेत्रों … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 22:15:22 +0530</pubDate>
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<content:encoded><![CDATA[<p>भोपाल</p>
<p>मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में जारी भारी बारिश एवं नदी-नालों के उफान से उत्पन्न आपदा की स्थिति में राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (SDERF), होमगार्ड्स एवं सिविल डिफेंस की टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर प्रदेश के संवेदनशील एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में तैनात टीमों द्वारा लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन संचालित कर नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया जा रहा है।</p>
<p>महानिदेशक होमगार्ड, सिविल डिफेंस एवं आपदा प्रबंधन (SDERF) श्रीमती प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश में लगातार हो रही वर्षा को देखते हुए सभी संवेदनशील जिलों में राहत एवं बचाव दलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। जिला स्तर पर क्विक रिस्पॉन्स टीमें (QRT), आपदा राहत वाहन, रेस्क्यू बोट्स एवं आवश्यक आधुनिक उपकरण तैयार रखे गए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और SDERF, होमगार्ड्स एवं सिविल डिफेंस की टीमें त्वरित प्रतिक्रिया के लिए पूरी तरह तैयार हैं।</p>
<p><strong>आगर मालवा में 380 नागरिकों का साहसिक रेस्क्यू</strong></p>
<p>जिले के थाना सोयत क्षेत्र में भारी वर्षा के कारण गंभीर जलभराव की स्थिति निर्मित हुई। सूचना प्राप्त होते ही SDERF, होमगार्ड्स एवं आपदा राहत टीम (DRC) ने तत्काल मौके पर पहुँचकर राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया।</p>
<p>टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बिजली ऑफिस कॉलोनी से 250, माधव चौक से 70 तथा इंदौर-कोटा हाईवे से 60 नागरिकों सहित कुल 380 नागरिकों को आपदाग्रस्त क्षेत्रों से सुरक्षित बाहर निकाला। सभी नागरिकों को सुरक्षित स्थानों एवं राहत शिविरों तक पहुँचाया गया।</p>
<p><strong>उज्जैन में होमगार्ड जवान ने युवक की बचाई जान</strong></p>
<p>उज्जैन के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल रामघाट पर उफनती क्षिप्रा नदी में स्नान के दौरान 3 नागरिकों के तेज जल बहाव में बहने एवं डूबने की आपात स्थिति निर्मित हो गई। घाट पर तैनात होमगार्ड जवान श्री जीवन सोलंकी ने बिना समय गंवाए अदम्य साहस एवं तत्परता का परिचय देते हुए गहरे पानी में छलांग लगाकर डूब रहे 21 वर्षीय जय सिसौदिया, निवासी नानाखेड़ा, उज्जैन को सुरक्षित बाहर निकाला। जवान द्वारा युवक को तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया तथा उपचार के लिए अस्पताल पहुँचाया गया।</p>
<p><strong>प्रदेशभर में 24 घंटे निगरानी, सभी संवेदनशील जिले हाई अलर्ट पर</strong></p>
<p>SDERF मुख्यालय भोपाल द्वारा प्रदेश के समस्त संवेदनशील एवं जलभराव वाले जिलों की स्थिति पर 24 घंटे निरंतर निगरानी रखी जा रही है। भारी वर्षा अथवा जलभराव की स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राहत एवं बचाव दलों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन दलों द्वारा नागरिकों से नदी, नालों, पुल-पुलियाओं एवं जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने तथा प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>सेवा हमारा धर्म और अंत्योदय हमारा लक्ष्य – मुख्यमंत्री डॉ. यादव</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय से प्रदेश की लाखों बहनों के खातों में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की पेंशन राशि तथा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना अंतर्गत गैस सिलेंडर रिफिल की प्रोत्साहन राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी जिलों में मौजूद हितग्राहियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 22:15:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>सेवा, हमारा, धर्म, और, अंत्योदय, हमारा, लक्ष्य, –, मुख्यमंत्री, डॉ., यादव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>भोपाल </p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय से प्रदेश की लाखों बहनों के खातों में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की पेंशन राशि तथा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना अंतर्गत गैस सिलेंडर रिफिल की प्रोत्साहन राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी जिलों में मौजूद हितग्राहियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित करते हुए कहा कि समाज के हर वर्ग के विकास और कल्याण के लिए हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। हम चाहते हैं कि सबके घरों में खुशहाली आए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता सेवा और अंत्योदय है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गरीब, युवा, नारी शक्ति और किसान कल्याण के लिए ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि समर्पण भाव से सबकी सेवा हमारा धर्म और अंत्योदय ही हमारा अंतिम लक्ष्य है।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत प्रदेश के 35 लाख 25 हजार से अधिक पात्र हितग्राहियों के बैंक खातों में 211 करोड़ 53 लाख रुपये अंतरित किये। यह राशि जुलाई 2026 की पेंशन के रूप में संबंधित हितग्राहियों के खातों में अंतरित की गई है। उन्होंने कहा कि पेंशन की राशि भले छोटी हो, लेकिन इससे मिलने वाला सहारा बहुत बड़ा होता है। बुजुर्गो के चेहरे की मुस्कान से ही सरकार को लोक कल्याण के लिए और भी बेहतर काम करने की नई ऊर्जा मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे त्यौहार उत्सव का अवसर ही नहीं, समाज के अंतिम व्यक्ति की खुशियों से जुड़ने का अवसर भी होते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए नागरिकों के सम्मान और सबकी खुशी से बढ़कर दूसरा कोई त्यौहार नहीं है, इसीलिए हमने आने वाले त्यौहारों पर सबसे पहले बुजुर्गों को पेंशन राशि अंतरित करने का फैसला लिया।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रावण मास और आगामी रक्षाबंधन पर्व का उल्लेख करते हुए प्रदेश की लगभग 22 लाख 20 हजार से अधिक बहनों के खातों में अप्रैल और मई 2026 की गैस सिलेंडर रिफिल की राशि भी सिंगल क्लिक से अंतरित की। बहनों के खातों में करीब 99 करोड़ रुपये की दो माह की सब्सिडी पहुंचाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सावन तो बहनों का ही महीना होता है। बहनें खुश न हों, तो घर में रौनक नहीं होती, इसीलिए हमने अभी से ही उन्हें रक्षाबंधन का उपहार देना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सभी बहनों को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी आनंद से रक्षाबंधन मनाएं, अच्छे पकवान बनाएं और अपने भाईयों को खिलायें। उन्होंने कहा कि बहनों की खुशी में ही हमारी खुशी है, बहनों के कल्याण में हम कोई कमी नहीं रखेंगे।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को हरियाली तीज, स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए महाकाल की कृपा से सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने हर घर तिरंगा अभियान के तहत प्रदेश के सभी नागरिकों से अपने-अपने घरों पर तिरंगा लगाने का आह्वान किया।</p>
<p>कार्यक्रम को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना एवं गैर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना पिछले 3 सालों से निरंतर 450 उरूपये में गैस रिफिल की सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री  नारायण सिंह कुशवाह ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति  रश्मि अरूण शमी, प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मती सोनाली वायंगणकर सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करेंगी तिरंगा यात्रा – उप मुख्यमंत्री</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल रीवा नगर निगम क्षेत्र में सिरमौर चौक से गंगा वाटिका तक आयोजित विशाल तिरंगा यात्रा में सम्मिलित हुए। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने हेमू कालाणी चौक स्थित महान स्वतंत्रता सेनानी श्रद्धेय हेमू कालाणी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 22:15:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>राष्ट्रप्रेम, की, भावना, को, मजबूत, करेंगी, तिरंगा, यात्रा, –, उप, मुख्यमंत्री</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>भोपाल </p>
<p>उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल रीवा नगर निगम क्षेत्र में सिरमौर चौक से गंगा वाटिका तक आयोजित विशाल तिरंगा यात्रा में सम्मिलित हुए। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने हेमू कालाणी चौक स्थित महान स्वतंत्रता सेनानी श्रद्धेय हेमू कालाणी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से प्रारंभ हुए ‘हर घर तिरंगा अभियान’ के अंतर्गत राष्ट्रव्यापी अभियान में लोगों से सहभागिता करने का आह्वान किया। सभी लोगों से अपने घरों पर भारत के स्वाभिमान के प्रतीक हमारे तिरंगे को फहराने के लिए प्रेरित किया। इस विशाल तिरंगा यात्रा में लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर इसे और भव्य बना दिया। तिरंगा यात्रा देशवासियों में राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करेंगी। तिरंगा हमारी आन-बान और शान प्रतीक है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष नीता कोल, नगर निगम अध्यक्ष श्री व्यंकटेश पाण्डेय, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री वीरेंद्र गुप्ता, पूर्व विधायक श्री के. पी. त्रिपाठी, पूर्व महापौर श्री राजेंद्र ताम्रकार, विंध्य विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. अजय सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता श्री राम सिंह, श्री कमलेश्वर सिंह, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मनीषा पाठक सहित बड़ी संख्या गणमान्य नागरिक और आम जन उपस्थित रहे।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>छात्रावास के बच्चों का आरोप, गार्ड वर्दी धुलवाने के साथ कराती है मालिश</title>
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<description><![CDATA[ सरगुजा. जिले के उदयपुर ब्लॉक से लगे खमरिया स्थित बालिका छात्रावास की छात्राओं ने वहां के सुरक्षा गार्ड पर अपनी वर्दी धुलवाने और मालिश कराने का आरोप लगाया है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अफसरों ने जांच शुरू कर दी है। दरअसल, इलाके की जिला पंचायत सदस्य राधा रवि रविवार को अचानक से … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 21:45:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>छात्रावास, के, बच्चों, का, आरोप, गार्ड, वर्दी, धुलवाने, के, साथ, कराती, है, मालिश</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सरगुजा.</strong></p>
<p>जिले के उदयपुर ब्लॉक से लगे खमरिया स्थित बालिका छात्रावास की छात्राओं ने वहां के सुरक्षा गार्ड पर अपनी वर्दी धुलवाने और मालिश कराने का आरोप लगाया है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अफसरों ने जांच शुरू कर दी है।</p>
<p>दरअसल, इलाके की जिला पंचायत सदस्य राधा रवि रविवार को अचानक से छात्रावास पहुंची तब वहां कोई भी जिम्मेदार नहीं था। राधा ने छात्राओं से बातचीत कर खाने, रहने और पढ़ाई से संबंधित सवाल पूछे। छात्राओं ने अपनी समस्या बताते हुए कहा, यहां की गार्ड रवि सूर्य राजवाड़े उनसे अपनी वर्दी धुलवाते हैं। साथ ही रात को सोने से पहले मालिश भी कराती है। मना करने पर गार्ड उन्हें दूसरे कमरे में बंद करने की धमकी देती है। छात्राओं ने रोते हुए बताया, कभी-कभी उन्हें बाहर निकलवाने को भी धमकी देती है।</p>
<p><strong>गार्ड को छात्रावास से हटाने की मांग</strong><br>
छात्रावास के निरीक्षण के बाद जिला पंचायत सदस्य राधा रवि ने इसकी शिकायत ट्राइबल विभाग के एसी ललित शुक्ला से की। शुक्ला ने तत्काल वहां के मंडल संयाजक को फोन कर मामले की जांच के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि इस प्रकार के कृत्य करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं जिला पंचायत सदस्य ने भी मामले पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बालिका छात्रावास में रहने वाली बच्चियाें से किसी भी कर्मचारी द्वारा निजी काम करवाना पूरी तरह अनुचित है। यदि शिकायत जांच में सही पाई जाती है तो संबंधित गार्ड को तत्काल छात्रावास से हटाने के साथ-साथ नियमानुसार कड़ी विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए।</p>
<p><strong>जांच के बाद कार्रवाई होगी : संयोजक</strong><br>
नवीन कुमार कश्यप, मंडल संयोजक ट्राइबल ने कहा, खमरिया के छात्रावास में गार्ड द्वारा निजी काम कराए जाने की शिकायत मिली थी। ट्राइबल एसी के निर्देश पर मामले की जांच की जा रही है। गार्ड को वहां से हटाने की कार्रवाई की जा रही है। किन किन छात्रावासों में इस प्रकार की समस्या है, समय समय पर निरीक्षण करेंगे और जो भी उचित कार्रवाई होगा करेंगे। अभी मामले की जांच की जा रही है। मैं खुद मौके पर जाकर जांच करूंगा।</p>
<p><strong>अधीक्षिका पर प्रताड़ना का आरोप</strong><br>
इससे पहले सरगुजा जिले के लुण्डा जनपद के मिशन स्कूल राई, रघुनाथपुर की छात्राओं ने हॉस्टल अधीक्षिका पर प्रताड़ना का आरोप लगाकर विरोध प्रदर्शन किया था। छात्राएं अपनी शिकायत लेकर पैदल ही अंबिकापुर कलेक्टर से मिलने रवाना हो गई थी। करीब 15 किलोमीटर की पैदल यात्रा की खबर मिलते ही स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना पर जिला शिक्षा विभाग के अधिकारी और स्कूल प्रबंधन मौके पर पहुंचे। छात्राओं को समझाइश दी और उन्हें वापस स्कूल लाया गया। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी स्कूल पहुंचे और छात्राओं से बातचीत की।</p>]]> </content:encoded>
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<title>तेल&#45;गैस की सप्लाई पर भारत का बड़ा दांव, 50 से ज्यादा देशों से मंगाया जा रहा कच्चा माल</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और समुद्री व्यापार मार्गों पर जारी अनिश्चितता के बीच भारत सरकार ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है. केंद्र सरकार ने सोमवार को राज्यसभा में जानकारी दी कि भारत ने तरलीकृत प्राकृतिक गैस यानी LNG और कच्चा तेल (Crude … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 21:45:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>तेल-गैस, की, सप्लाई, पर, भारत, का, बड़ा, दांव, से, ज्यादा, देशों, से, मंगाया, जा, रहा, कच्चा, माल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और समुद्री व्यापार मार्गों पर जारी अनिश्चितता के बीच भारत सरकार ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है. केंद्र सरकार ने सोमवार को राज्यसभा में जानकारी दी कि भारत ने तरलीकृत प्राकृतिक गैस यानी LNG और कच्चा तेल (Crude Oil) के आयात स्रोतों में भारी विविधता लाते हुए सप्लायर्स के नेटवर्क को कई गुना बड़ा कर दिया है, ताकि अब देश में किसी तरह की गैस और तेल की किल्लत पैदा न हो। </p>
<p>संसद में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक अब भारत किसी एक भौगोलिक क्षेत्र या समुद्री रास्ते की अनिश्चितता पर निर्भर नहीं रहेगा. आपको बता दें कि पिछले दिनों ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज बंद होने से देश में तेल और गैस की किल्लत पैदा हो गई थी. इसी के बाद सरकार ने ये कदम उठाया है। </p>
<p><strong>पहले और अब की स्थिति</strong><br>
भारत अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरतों का 85% से अधिक हिस्सा आयात करता है. ऐसे में आपूर्ति श्रृंखला में किसी भी रुकावट से निपटने के लिए वैश्विक बाजार में नेटवर्क को व्यापक बनाया गया है. पहले जहां सरकार 6 देशों से एलएनजी का आयात कर  रही थी. वहीं, अब इसे बढ़ाकर 15 कर दी है. इसके अलावा, कच्चा तेल पहले 27 देशों से आयात किए जा रहे थे, जिसे अब बढ़ाकर 41 कर दिया गया है. यानी अब 41 देशों से कच्चे तेल का आयात किया जा रहा है, जिससे पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता बनने में मदद मिल सकती है। </p>
<p><strong>आपूर्ति में विविधता से क्या होंगे बड़े फायदे?</strong><br>
इससे यह फायदा होगा कि किसी एक देश, युद्ध क्षेत्र या विशेष समुद्री मार्ग जैसे रेड सी या स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में संकट आने पर भी भारत की गैस और तेल आपूर्ति अब बाधित नहीं होगी. इसके अलावा, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अचानक उछलती हैं, तो अलग-अलग देशों से कच्चा तेल खरीद करने पर प्रतिस्पर्धात्मक मूल्य मिलने की संभावना बढ़ जाती है. सरकार के इस कदम से घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, क्योंकि सीएनजी, पीएनजी और रसोई गैस के साथ-साथ पावर और फर्टिलाइजर प्लांट्स के लिए गैस की सप्लाई बिना रुकावट जारी रहेगी। </p>
<p><strong>आपात स्थिति के लिए देश का बैकअप प्लान</strong><br>
आयात के स्रोतों में डायवर्सिफिकेशन के साथ-साथ सरकार देश के भीतर कच्चे तेल के आपातकालीन भंडारण को भी तेजी से बढ़ा रही है. इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व लिमिटेड ने आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के तटीय इलाकों में कुल 5.33 मिलियन मीट्रिक टन क्षमता वाले तीन रणनीतिक तेल भंडार स्थापित किए हैं. इसके अलावा, ओडिशा के चांदीखोल और कर्नाटक के पडुर में कुल 6.5 MMT की अतिरिक्त वाणिज्यिक सह रणनीतिक रिजर्व सुविधाओं को मंजूरी दी जा चुकी है. साथ ही ओएनजीसी कर्नाटक में 1.75 MMT क्षमता की एक अलग भंडारण सुविधा विकसित कर रही है, जिसका आधा हिस्सा रणनीतिक भंडार के रूप में आरक्षित रहेगा। </p>]]> </content:encoded>
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<title>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</title>
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<description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वतंत्रता दिवस पर पहली बार होगा राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम् का गरिमापूर्ण गायन संत रविदास जयंती जी के 650वें जयंती वर्ष में प्रदेश में 18 अगस्त से आरंभ होगा राज्य स्तरीय समरसता अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 21:15:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>प्रधानमंत्री, नरेन्द्र, मोदी, के, नेतृत्व, में, देश, अपना, 80वां, स्वतंत्रता, दिवस, मनाने, जा, रहा, है, मुख्यमंत्री, डॉ., यादव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</strong></p>
<p><strong>स्वतंत्रता दिवस पर पहली बार होगा राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम् का गरिमापूर्ण गायन<br>
संत रविदास जयंती जी के 650वें जयंती वर्ष में प्रदेश में 18 अगस्त से आरंभ होगा राज्य स्तरीय समरसता अभियान<br>
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीपरिषद की बैठक से पहले किया संबोधित</strong></p>
<p><strong>भोपाल</strong><br>
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश 15 अगस्त को देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। इस अवसर पर पहली बार राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम् का गरिमापूर्ण गायन होगा, अब तक यह व्यवस्था नहीं थी। स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम का गत वर्ष की तरह सभी जिलों में लाइव प्रसारण किया जाएगा। इसके बाद प्रभारी मंत्री अपने जिलों में हुए विकास कार्यों की जानकारी देंगे। देश विभाजन की विभीषिका के संदर्भ में 14 अगस्त को विभाजन विभिषिका स्मृति दिवस मनाया जाएगा। देश के विभाजन के समय विस्थापन का दंश झेलने वाले और अपने प्राण गवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए यह दिवस मनाया जाएगा। सभी मंत्रीगण कार्यक्रम में सक्रिय रूप से सहभागिता करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में मंत्रिपरिषद् की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केबिनेट की बैठक से पहले कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के वेब पोर्टल को देश में प्रथम पुरस्कार मिलने पर बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिवादन किया।</p>
<p><strong>जनविश्वास अभियान हुआ आरंभ : हर शुक्रवार को फील्ड पर रहेंगे अधिकारी</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि संत रविदास के 650वें जयंती वर्ष में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश के अलग-अलग राज्यों में समरसता संकल्प यात्रा जारी है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश में 18 अगस्त से प्रदेशस्तरीय समरसता अभियान का शुभारंभ होगा। इसके बाद सभी मंत्रीगण 20 अगस्त को अपने जिलों में आयोजित कार्यकमों में शामिल होंगे। समरसता कलश रथ यात्रा प्रदेश के प्रत्येक जिले में पहुंचेगा। प्रदेशवासी इस आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सुशासन के क्षेत्र में क्रांतिकारी शुरूआत करते हुए 7 अगस्त को छिंदवाड़ा से जन विश्वास अभियान आरंभ किया गया। प्रत्येक शुक्रवार को अभियान के अंतर्गत अधिकारी फील्ड पर जनता से सीधे जुड़ कर शिकायतों का समाधान करेंगे।</p>
<p><strong>पुलिस विभाग के 27 हजार 500 से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों को मिला पदोन्नति का लाभ</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस के 27 हजार 500 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिला है। इसमें 12 हजार 928 प्रधान आरक्षक शामिल हैं। राज्य सरकार ने वर्ष 2023 से लेकर अब तक पुलिस विभाग में नई नियुक्तियों के लिए 25 हजार से अधिक पद स्वीकृत किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ब्रिक्स समूह की बैठक देश के अलग-अलग राज्यों में होती है। प्रदेश की राजधानी भोपाल में संस्कृति मंत्रीगण की बैठक आयोजित की गई। इससे पहले इंदौर में ब्रिक्स के कृषि मंत्रियों और प्रतिनिधियों की बैठक हुई थी। भोपाल में ब्रिक्स के प्रतिनिधियों ने भोपाल घोषणापत्र पर सहमति जताई। इस आयोजन में ईरान सहित कई देशों के संस्कृति मंत्री और 55 से अधिक प्रतिनिधि एवं अधिकारियों ने सहभागिता की। भविष्य में ब्रिक्स के भोपाल घोषणापत्र का लाभ मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में मिलेगा। केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी इस आयोजन में शामिल हुए।</p>
<p><strong>प्रत्येक जिले में आयोजित हो रहे हैं बलराम कृषि महोत्सव</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने कृषक कल्याण वर्ष 2026 में बलराम कृषि महोत्सव की शुरुआत की है। प्रदेश के प्रत्येक जिले में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। पिछली 15 जुलाई से अब तक 13 आयोजन हो चुके हैं। इसमें 16 विभाग मिलकर विभिन्न गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। किसानों को उन्नत किस्म के बीज, आधुनिक कृषि यंत्रों उन्नत खेती, जैविक खेती, प्राकृतिक खेती और स्व-सहायता समूह को मिलने वाले लाभों की जानकारी प्रदान की जा रही है। किसानों को आय बढ़ाने के लिए दुग्ध उत्पादन और पशुपालन के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने सभी मंत्रीगण को कृषि महोत्सव में शामिल होने के लिए कहा</p>
<p><strong>अब मध्यप्रदेश से दो अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें संचालित की जाएंगी</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को 4 नए शहरों तक हवाई कनेक्टिविटी का लाभ मिला है। भोपाल-रीवा, भोपाल-पटना, जबलपुर-कोलकाता, रीवा-कोलकाता के बीच नए रूट आरंभ हुए हैं। दो महीने बाद भोपाल से सीधे शरजाह के लिए अंतर्राष्ट्रीय उड़ान शुरू की जाएगी। इससे पहले इंदौर से अबुधाबी के लिए विमान सेवा प्रारंभ हो चुकी है। अब मध्यप्रदेश से दो अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें संचालित की जाएंगी। प्रदेश में ब्रिटिश शासन के दौरान 4 एयरपोर्ट क्रमश: 1930 में जबलपुर, 1933 में ग्वालियर, 1940 में भोपाल और 1948 में इंदौर शुरू किए गए। आजादी के बाद तत्कालीन सरकार ने हवाई सेवाओं के विस्तार पर ध्यान नहीं दिया। वर्तमान सरकार में वर्ष 2024 में प्रदेश में 3 नए एयरपोर्ट, दतिया, रीवा और सतना का लोकार्पण हुआ। दो नए एयरपोर्ट उज्जैन और शिवपुरी में बनाए जाने के लिए स्वीकृति मिल चुकी है। अब प्रदेश में 5 और नए एयरपोर्ट बनाए जाएंगे। इस प्रकार वर्तमान सरकार के 5 साल के कार्यकाल में प्रदेश को 10 एयरपोर्ट की सौगात मिलेगी। यह हवाई सेवाओं के विस्तार में मध्यप्रदेश की बड़ी छलांग होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आरंभ होमस्टे व्यवस्था के सुखद परिणाम सामने आए हैं। होमस्टे में 8 कमरे तक किराये पर दे सकते हैं और बिजली का बिल भी कमर्शियल नहीं लगता है। होमस्टे स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर निर्मित हो रहे हैं।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>FCRA बिल पर विपक्ष में दरार! कांग्रेस ने वापसी की मांग की, TMC&#45;DMK ने अपनाई अलग राह</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली एफसीआरए संशोधन बिल को लेकर विपक्षी दलों के बीच एक राय नहीं बन पा रही है. कांग्रेस जहां बिल को पूरी तरह वापस लेने की मांग कर रही है, वहीं टीएमसी, डीएमके और बीजेडी की तरफ से इसे जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी यानी जेपीसी के पास भेजने की मांग सामने आई है. सरकार भी … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 21:00:08 +0530</pubDate>
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<media:keywords>FCRA, बिल, पर, विपक्ष, में, दरार, कांग्रेस, ने, वापसी, की, मांग, की, TMC-DMK, ने, अपनाई, अलग, राह</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>एफसीआरए संशोधन बिल को लेकर विपक्षी दलों के बीच एक राय नहीं बन पा रही है. कांग्रेस जहां बिल को पूरी तरह वापस लेने की मांग कर रही है, वहीं टीएमसी, डीएमके और बीजेडी की तरफ से इसे जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी यानी जेपीसी के पास भेजने की मांग सामने आई है. सरकार भी बिल को जेपीसी में भेजने के विकल्प पर विचार कर रही है। </p>
<p>एफसीआरए बिल को लेकर कांग्रेस का रुख फिलहाल सबसे सख्त है. पार्टी इसे वापस लेने की मांग कर रही है. विपक्षी दलों के बीच चर्चा के दौरान बिल को लेकर अलग-अलग राय सामने आई है. वहीं, सरकार की ओर से विपक्षी दलों से बातचीत कर जेपीसी के रास्ते पर सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है। </p>
<p><strong>TMC, DMK और BJD की JPC की मांग</strong><br>
टीएमसी ने राज्यसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में पहले बिल को जेपीसी के पास भेजने की बात कही थी, हालांकि बाद में पार्टी की तरफ से इसे वापस लेने की मांग भी सामने आई. डीएमके का कहना है कि बिल को या तो वापस लिया जाए या फिर विस्तृत जांच के लिए जेपीसी के पास भेजा जाए. बीजेडी ने भी बिल को जेपीसी में भेजने की मांग की है। </p>
<p>एनसीपी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने भी केंद्र से बिल वापस लेने या जेपीसी के पास भेजने की मांग की है. उनका कहना है कि विदेशी फंडिंग को हमेशा संदेह की नजर से नहीं देखा जा सकता। </p>
<p><strong>सरकार की तैयारी, लेकिन संसद की तस्वीर अभी साफ नहीं<br>
एफसीआरए संशोधन बिल 25 मार्च 2026 को लोकसभा में पेश किया गया था. इस</strong>के बाद विभिन्न पक्षों की आपत्तियों के चलते इसे आगे बढ़ाने पर रोक लगी रही. बिल में विदेशी योगदान हासिल करने वाली संस्थाओं के एफसीआरए रजिस्ट्रेशन खत्म होने की स्थिति में उनसे जुड़े एसेट्स के प्रबंधन और निगरानी के लिए नई व्यवस्था का प्रस्ताव है। </p>
<p>सोमवार की बीएसी बैठक में एफसीआरए बिल और प्रस्तावित परिसीमन बिल एजेंडे में शामिल नहीं थे. ऐसे में अब सरकार के सामने विपक्ष से सहमति बनाने और बिल को आगे बढ़ाने के लिए जेपीसी का विकल्प मौजूद है. हालांकि, विपक्षी दलों के बीच ही बिल को लेकर अलग-अलग रुख होने से आगे की तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>CG में 12.50 लाख की नकली करेंसी के साथ 3 आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा</title>
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<description><![CDATA[ कवर्धा. कबीरधाम पुलिस ने नकली नोट तैयार कर बाजार में खपाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना बोड़ला, चौकी पोंडी और साइबर टीम की संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर कुल 12 लाख 50 हजार रुपए के नकली नोट, कलर प्रिंटर, मोबाइल फोन … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 20:45:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>में, 12.50, लाख, की, नकली, करेंसी, के, साथ, आरोपी, गिरफ्तार, पुलिस, ने, किया, बड़ा, खुलासा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>कवर्धा.</strong></p>
<p>कबीरधाम पुलिस ने नकली नोट तैयार कर बाजार में खपाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना बोड़ला, चौकी पोंडी और साइबर टीम की संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर कुल 12 लाख 50 हजार रुपए के नकली नोट, कलर प्रिंटर, मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल टाटा पंच ईवी कार बरामद की गई है।</p>
<p>पुलिस के मुताबिक, आरोपी जुलाई 2026 से कलर प्रिंटर के जरिए नकली नोट तैयार कर रहे थे। इसके बाद इन नकली नोटों को असली रकम के तौर पर चलाने की कोशिश की जा रही थी। मामले का खुलासा तब हुआ, जब ग्राम कमराखोल निवासी दिनेश कुमार यादव ने चौकी पोंडी में शिकायत दर्ज कराई। दिनेश कुमार ने बताया कि उसने अप्रैल 2026 में घुरवा राम को 3 लाख 75 हजार रुपये उधार दिए थे। उधारी की रकम वापस मांगने पर घुरवा राम ने रकम लौटाने का भरोसा दिया।</p>
<p>9 अगस्त 2026 को घुरवा राम ने बताया कि सतीश कुमार के माध्यम से रकम भेजी जा रही है और दिनेश कुमार को ग्राम पोंडी स्थित शराब भट्टी के पास बुलाया गया। रात करीब 9 बजे दिनेश कुमार अपने परिचित कैलाश चंद्रवंशी के साथ मौके पर पहुंचा। वहां सतीश कुमार और उसके एक साथी ने काले रंग के बैग में रकम दी। जब रकम की जांच की गई तो नोट संदिग्ध नजर आए। बैग खोलकर देखने पर उसमें 500-500 रुपये के कुल 4 लाख 50 हजार रुपये के नकली नोट मिले। इसके बाद 10 अगस्त को दिनेश कुमार ने चौकी पोंडी में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।</p>
<p><strong>पूछताछ में खुला नकली नोट बनाने का पूरा नेटवर्क</strong><br>
पुलिस ने सतीश कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने रामप्रसाद उर्फ रमऊ और घुरवा राम के साथ मिलकर नकली नोट तैयार करने और उन्हें खपाने की बात स्वीकार की। सतीश से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रामप्रसाद उर्फ रमऊ और घुरवा राम को भी गिरफ्तार कर लिया।</p>
<p><strong>किराए के कमरे में छाप रहे थे नकली नोट</strong><br>
पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने जुलाई 2026 से नकली नोट बनाने का काम शुरू किया था। इसके लिए रामप्रसाद उर्फ रमऊ ने नए बस स्टैंड के पास किराए पर कमरा लिया था। इसी कमरे में कलर प्रिंटर की मदद से नकली नोट तैयार किए जाते थे। पुलिस के अनुसार 13 जुलाई को रामप्रसाद और सतीश कुमार ने कलर प्रिंटर खरीदा था। इसके बाद रामप्रसाद ने किराए का कमरा लिया, जहां रामप्रसाद और घुरवा राम नकली नोट तैयार करते थे। तैयार नकली नोटों को सतीश कुमार और रामप्रसाद मिलकर आगे पहुंचाने का काम करते थे।</p>
<p><strong>12.50 लाख के नकली नोट बरामद</strong><br>
पुलिस ने तीनों आरोपियों से कुल 8 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं। इसके अलावा प्रार्थी को डिलीवरी किए गए 4 लाख 50 हजार रुपये के नकली नोट भी पुलिस ने जब्त किए हैं। इस तरह मामले में कुल 12 लाख 50 हजार रुपये के नकली नोट जब्त किए गए हैं। सतीश कुमार से 2 लाख रुपये के नकली नोट, रामप्रसाद उर्फ रमऊ से 4 लाख 50 हजार रुपये के नकली नोट, 1 मोबाइल फोन, 1 कलर प्रिंटर/फोटोकॉपी मशीन, 1 टाटा पंच ईवी कार, घुरवा राम से 1 लाख 50 हजार रुपये के नकली नोट बरामद किया गया। वहीं प्रार्थी से 4 लाख 50 हजार रुपये के नकली नोट बरामद किया गया। इस तरह कुल 12 लाख 50 हजार रुपये के नकली नोट, 1 कलर प्रिंटर/फोटोकॉपी मशीन, 1 मोबाइल फोन और 1 टाटा पंच ईवी कार बरामद किया गया है।</p>
<p><strong>BNS की धाराओं में मामला दर्ज</strong><br>
मामले में चौकी पोंडी, थाना बोड़ला में अपराध क्रमांक 101/2026 के तहत धारा 179 और 318(4) बीएनएस में अपराध दर्ज किया गया है। जांच के दौरान धारा 178, 180 और 181 बीएनएस भी जोड़ी गई है। नकली नोटों और अन्य सामग्री को विधिवत जब्त कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस आरोपियों से यह भी पूछताछ कर रही है कि नकली नोट बनाने के लिए सामग्री कहां से जुटाई गई, अब तक कितने नकली नोट तैयार किए गए और इन नोटों को किन-किन स्थानों पर खपाया गया है।</p>
<p><strong>गिरफ्तार आरोपी</strong></p>
<ul>
<li>सतीश कुमार, पिता आधे राम, उम्र 33 वर्ष, निवासी मजगांव रोड, थाना कवर्धा।</li>
<li>रामप्रसाद उर्फ रमऊ, पिता ललित राम, उम्र 56 वर्ष, निवासी तालपुर, थाना सिटी कोतवाली कवर्धा।</li>
<li>घुरवा राम, पिता मोतीराम, निवासी कान्हाभैरा, थाना पिपरिया।</li>
</ul>
<p><strong>संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जानकारी तुरंत पुलिस को दें</strong><br>
कबीरधाम पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध नोट को स्वीकार करने से पहले उसकी अच्छी तरह जांच करें। संदिग्ध नकली नोट अथवा किसी संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जानकारी मिलने पर तत्काल नजदीकी पुलिस थाना या चौकी को सूचित करें। पूरी कार्रवाई में कबीरधाम साइबर थाना के निरीक्षक उमाशंकर राठौर, थाना बोड़ला चौकी पोंडी प्रभारी निरीक्षक लक्ष्मीनारायण साव, सउनि चंद्रकांत तिवारी, आशीष सिंह, संजीव तिवारी, प्रधान आरक्षक चुम्मन साहू, अभिनव तिवारी, ओम प्रकाश पटेल, खूबी साहू, आरक्षक संदीप शुक्ला, गज्जू ठाकुर, पूरन दास डाहिरे, देवेंद्र चतुर्वेदी, सोमेंद्र शर्मा और सतखोजन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>बशर अल असद को मौत की सजा! 24 साल तक सीरिया पर किया राज, देश छोड़कर रूस भागा था तानाशाह</title>
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<description><![CDATA[ दमिश्क सीरिया की एक अदालत ने देश के पूर्व शासक बशर अल-असद को मौत की सजा सुना दी. इस अदालत ने गृह युद्ध के दौरान युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराते हुए बशर अल-असद को उनकी गैर-मौजूदगी में मौत की सजा सुनाई. बशर अल-असद ने 24 सालों तक सीरिया पर शासन … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 20:45:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>बशर, अल, असद, को, मौत, की, सजा, साल, तक, सीरिया, पर, किया, राज, देश, छोड़कर, रूस, भागा, था, तानाशाह</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>दमिश्क</strong></p>
<p>सीरिया की एक अदालत ने देश के पूर्व शासक बशर अल-असद को मौत की सजा सुना दी. इस अदालत ने गृह युद्ध के दौरान युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराते हुए बशर अल-असद को उनकी गैर-मौजूदगी में मौत की सजा सुनाई. बशर अल-असद ने 24 सालों तक सीरिया पर शासन किया था. लेकिन दिसंबर 2024 में इस्लामी ताकतों के दमिश्क के करीब पहुंचने के बाद बशर अल-असद अपने परिवार के साथ रूस भाग गए थे और तब से वहीं हैं। </p>
<p>13 सालों के गृह युद्ध में लगभग पांच लाख लोग मारे गए थे और लाखों लोग विस्थापित हुए. सीरिया का बुनियादी ढांचा बर्बाद हो चुका है। </p>
<p><strong>कोर्ट ने क्या कहा?</strong><br>
अदालत ने पाया कि 2011 में डेरा प्रांत में असद की सरकार द्वारा किए गए अपराध मानवता के खिलाफ अपराध की श्रेणी में आते हैं. सीरियाई सेना के पूर्व लीडर और बशर के छोटे भाई माहेर अल-असद को भी मौत की सजा सुनाई गई है. इसके साथ ही अदालत ने बशर अल-असद के चचेरा भाई आतेफ नजीब को भी मौत की सजा दी है. आतेफ नजीब सीरियाई सेना के एक पूर्व ब्रिगेडियर जनरल हैं. 2011 में असद के शासन में नजीब दक्षिणी सीरिया के दारा प्रांत में पॉलिटिकल सिक्योरिटी ब्रांच के प्रमुख थे। </p>
<p>आतेफ नजीब को पिछले साल जनवरी में गिरफ्तार किया गया था. उन्हें हत्या, 15 साल से कम उम्र के बच्चों की जानबूझकर हत्या और यातना देने से मौत देने जैसे अपराधों का दोषी ठहराया गया है. अदालत ने नजीब को लेकर कहा कि उस पर लगे आरोप इंसानियत के खिलाफ अपराध की श्रेणी में आते हैं और उन्हें सबसे कड़ी सजा, यानी मौत की सजा सुनाई गई है। </p>
<p><strong>असद के प‍िता ने 30 साल तक संभाली थी सत्‍ता</strong><br>
नजीब सीरियाई सेना के पूर्व ब्रिगेडियर जनरल हैं, जो 2011 में असद के शासनकाल के दौरान दक्षिणी सीरिया के दारा प्रांत में राजनीतिक सुरक्षा इकाई के प्रमुख थे। सीरिया में अभी अल सारा का शासन है जो तुर्की की मदद से सत्‍ता में आए हैं। हाल ही में सीरियाई राष्‍ट्रपति अल सारा ने पुतिन से मुलाकात की थी। अल सारा अमेरिका के साथ भी अपने रिश्‍ते मजबूत कर रहे हैं।</p>
<p>अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक इस आदेश से सीरियाई लोगों ने बड़ी राहत की सांस ली है। बशर अल असद ने अपने प‍िता की मौत के बाद साल 2000 में सत्‍ता संभाली थी। असद के पिता हाफिज अल असद ने करीब 30 साल तक सीरिया पर शासन किया था। बशर अल असद ने दिसंबर 2024 में पद से हटाए जाने तक सत्‍ता संभाली थी। सीरिया में साल 2011 में गृहयुद्ध शुरू हुआ था। इसे असद की सेना ने ताकत के बल पर कुचल द‍िया था। यह अशांति तेजी से पूरे देश में फैल गई थी।</p>
<p>
50 से ज्यादा सालों तक सीरिया पर हाफेज अल-असद और फिर उनके बेटे बशर अल-असद का शासन रहा. 'अरब स्प्रिंग' के दौरान, 2011 में 2.3 करोड़ की आबादी वाले इस देश में उनके दमनकारी शासन के खिलाफ विद्रोह शुरू हो गया. इससे 13 साल तक चला एक भयानक गृहयुद्ध छिड़ गया, जिसमें 'सीरियन ऑब्जर्वेटरी ऑफ ह्यूमन राइट्स' के अनुसार, पांच लाख से ज़्यादा लोग मारे गए। </p>
<p>लाखों लोग देश छोड़कर लेबनान, जॉर्डन, तुर्की और यूरोप चले गए. असद परिवार ने सत्ता में बने रहने के लिए धार्मिक और सांप्रदायिक तनावों का फायदा उठाया. यह वही विरासत है जिसके कारण सीरिया में अल्पसंख्यक समूहों के खिलाफ हिंसा फिर से भड़क रही है, जबकि यह वादा किया गया था कि देश के नए नेता सीरिया के लिए ऐसा राजनीतिक भविष्य बनाएंगे जिसमें सभी समुदायों को शामिल किया जाएगा और उनका प्रतिनिधित्व होगा। </p>
<p><strong>अभी सीरिया पर किसका शासन है?</strong><br>
बशर अल-असद को सत्ता से हटारकर सीरिया की कमान राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने संभाली है, जिसे अमेरिका ने अपना सपोर्ट दे रखा है. खास बात है कि साल 2013 में जिस समय बराक ओबामा राष्‍ट्रपति थे, अमेरिका ने शरा को ग्‍लोबल टेररिस्‍ट घोषित कर दिया था. उसकी गिरफ्तारी में मददगार जानकारी देने वाले को 1 करोड़ डॉलर का इनाम देने की घोषणा की थी. लेकिन जब दिसंबर 2024 में, असद का पतन हुआ तो व्‍हाइट हाउस ने चुपचाप इस इनाम के ऐलान को वापस ले लिया। </p>]]> </content:encoded>
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<title>NASA का ISRO को बड़ा ऑफर! क्या है Artemis Mission, जिससे Moon Base प्रोग्राम में भारत की एंट्री होगी?</title>
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<description><![CDATA[ बेंगलुरु  अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) ने भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) को बड़ा ऑफर दिया है। दरअसल, NASA ने ISRO को आर्टेमिस मिशन के तहत मून बेस प्रोग्राम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। अमेरिकी दूतावास ने मंगलवार को बताया कि NASA ने आर्टेमिस समझौते … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 20:45:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>NASA, का, ISRO, को, बड़ा, ऑफर, क्या, है, Artemis, Mission, जिससे, Moon, Base, प्रोग्राम, में, भारत, की, एंट्री, होगी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>बेंगलुरु </strong></p>
<p>अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) ने भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) को बड़ा ऑफर दिया है। दरअसल, NASA ने ISRO को आर्टेमिस मिशन के तहत मून बेस प्रोग्राम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। अमेरिकी दूतावास ने मंगलवार को बताया कि NASA ने आर्टेमिस समझौते (Artemis Accords) के तहत भारत-अमेरिका साझेदारी को और मजबूत करने के लिए ISRO को अपने मून बेस प्रोग्राम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।</p>
<p>दोनों पक्ष समझौते के तहत ओपन साइंटिफिक डेटा शेयरिंग पर सहयोग के लिए बातचीत को आगे बढ़ाने पर भी सहमत हुए हैं। इस समझौते का मकसद बाहरी अंतरिक्ष के नागरिक अन्वेषण (civil exploration) और उसके उपयोग के गवर्नेंस को बेहतर बनाना है। NASA अंतरिक्ष में अमेरिका की लीडरशिप को मजबूत करने, वैज्ञानिक खोजों को बढ़ावा देने, इंडस्ट्री और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ इनोवेशन को आगे बढ़ाने और मंगल ग्रह के मिशन के लिए मानवता को तैयार करने के मकसद से चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास एक मून बेस बना रहा है।</p>
<p><strong>आर्टेमिस समझौते पर दस्तखत करने वाला भारत 27वां देश</strong><br>
21 जून 2023 को भारत आर्टेमिस समझौते पर हस्ताक्षर करने वाला 27वां देश बन गया था। यह समझौता देशों के बीच अंतरिक्ष अन्वेषण में सहयोग के लिए दिशा-निर्देश तय करता है। बयान में कहा गया है कि भारत और अमेरिका ने सिविल और कमर्शियल अंतरिक्ष सहयोग पर अपनी बातचीत को आगे बढ़ाया है और भविष्य में विज्ञान और मानव अंतरिक्ष उड़ान तकनीक में साझेदारी पर भी ध्यान केंद्रित किया है। बयान के अनुसार, ये बातचीत भारत-अमेरिका सिविल स्पेस जॉइंट वर्किंग ग्रुप (CSJWG) की 9वीं बैठक के दौरान हुई। इस बैठक की मेजबानी भारत ने 5 और 6 अगस्त को बेंगलुरु में ISRO मुख्यालय में की थी।</p>
<p><strong>क्या है आर्टेमिस मिशन?</strong><br>
आर्टेमिस मिशन नासा का एक महत्वकांक्षी अंतरिक्ष कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य इंसानों को 50 साल बाद दोबारा चंद्रमा पर भेजना, चंद्रमा पर स्थाई बस्ती बसाना और भविष्य में मंगल ग्रह पर मानव मिशन की तैयारी करना है। आर्टेमिस I: पहला चरण था, जो नवंबर 2022 में लॉन्च किया गया एक मानव-रहित परीक्षण उड़ान था। इसमें ओरियन अंतरिक्ष यान ने चंद्रमा के पास से सफलतापूर्वक उड़ान भरी थी।</p>
<p>आर्टेमिस II: 1 अप्रैल 2026 को लॉन्च किया गया पहला मानवयुक्त मिशन था, जिसमें चार अंतरिक्ष यात्रियों (रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हनसेन) ने चंद्रमा की परिक्रमा की और 10 दिन बाद अप्रैल 2026 में सुरक्षित पृथ्वी पर लौटे। इसके बाद के चरणों में आर्टेमिस III और IV हैं, जिनमें चंद्रमा की कक्षा में डॉकिंग परीक्षण और चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर अंतरिक्ष यात्रियों की लैंडिंग की योजना है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>महेंद्र बनकर TCS अफसर से की दोस्ती, फिर रेप&#45; ब्लैकमेलिंग का आरोप; शाहरुख गिरफ्तार</title>
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<description><![CDATA[ इंदौर/देवास मध्य प्रदेश के देवास में लव जिहाद और ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज करवाने वाली युवती ने गिरफ्तार आरोपी पर कई आरोप लगाए हैं. IT कंपनी TCS में काम करने वाली पीड़िता ने हिंदू युवक महेंद्र सिंह चंद्रावत उर्फ शाहरुख बेग पर शादी का झांसा देकर रेप करने, निजी फोटो-वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने और … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 20:15:30 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>महेंद्र, बनकर, TCS, अफसर, से, की, दोस्ती, फिर, रेप-, ब्लैकमेलिंग, का, आरोप, शाहरुख, गिरफ्तार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इंदौर/देवास</strong></p>
<p>मध्य प्रदेश के देवास में लव जिहाद और ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज करवाने वाली युवती ने गिरफ्तार आरोपी पर कई आरोप लगाए हैं. IT कंपनी TCS में काम करने वाली पीड़िता ने हिंदू युवक महेंद्र सिंह चंद्रावत उर्फ शाहरुख बेग पर शादी का झांसा देकर रेप करने, निजी फोटो-वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने और 10 लाख रुपये ऐंठने के गंभीर आरोप लगाए हैं। </p>
<p>दरअसल, आरोपी शाहरुख बेग को पिछले दिनों इंदौर राजपूत करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने पकड़कर देवास के सेंट्रल कोतवाली थाने की पुलिस के हवाले किया था, जहां पुलिस ने दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। </p>
<p>युवती ने इंदौर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए पूरे मामले का खुलासा किया और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. युवती के आरोपों के मुताबिक, उसकी आरोपी से पहली मुलाकात पुणे के एक रेस्टोरेंट में हुई थी। </p>
<p>आरोपी ने शुरुआत में अपना नाम महेंद्र चंद्रावत बताते हुए खुद को देवास का रहने वाला और ई-कॉमर्स, प्रॉपर्टी सहित कई कारोबार से जुड़ा बताया. युवती का आरोप है कि बातचीत बढ़ने के बाद आरोपी ने शादी का प्रस्ताव रखा, लेकिन उसने इनकार कर दिया. इसके बावजूद दोस्ती के नाम पर आरोपी उसे देवास स्थित अपने घर ले गया. वहां घर में कोई नहीं होने का फायदा उठाकर आरोपी ने उसकी इच्छा के खिलाफ संबंध बनाए। </p>
<p>युवती का दावा है कि बाद में उसे आरोपी की वास्तविक पहचान और उसके मुस्लिम होने की जानकारी मिली. युवती का आरोप है कि इसके बाद आरोपी शाहरुख उर्फ महेंद्र चंद्रावत ने निजी फोटो और वीडियो के जरिए उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया और अलग-अलग तरीकों से करीब 8 से 10 लाख रुपये ले लिए। </p>
<p>आरोप है कि शाहरुख ने उसके नाम पर कई लोन और मोबाइल फोन लिए, जिनकी EMI का भुगतान वह अभी भी कर रही है. आरोपी के कथित लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग किए जाने के कारण युवती के दो बैंक खाते भी फ्रीज होने की बात सामने आई है। </p>
<p>युवती ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी. उसके भाई को भी धमकाया. उसने आरोपी के परिवार पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।  </p>
<p>इस मामले में इंदौर के राजपूत करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने आरोपी शाहरुख बेग उर्फ महेंद्र चंद्रावत को पकड़कर देवास की सेंट्रल कोतवाली पुलिस के हवाले किया. देवास पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर दुष्कर्म, धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग और जान से मारने की धमकी देने जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया है। </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>खेल एवं युवा कल्याण मंत्री सारंग ने किया राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप का शुभारंभ</title>
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<description><![CDATA[ खेल एवं युवा कल्याण मंत्री सारंग ने किया राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप का शुभारंभ देशभर के राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय सेलिंग खिलाड़ी ले रहे हिस्सा प्रतियोगिता से तय होगी खिलाड़ियों की राष्ट्रीय रैंकिंग भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को भोपाल के बोट क्लब में राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 20:15:26 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>खेल, एवं, युवा, कल्याण, मंत्री, सारंग, ने, किया, राजा, भोज, मल्टीक्लास, नेशनल, सेलिंग, चैंपियनशिप, का, शुभारंभ</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>खेल एवं युवा कल्याण मंत्री सारंग ने किया राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप का शुभारंभ</strong></p>
<p><strong>देशभर के राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय सेलिंग खिलाड़ी ले रहे हिस्सा<br>
प्रतियोगिता से तय होगी खिलाड़ियों की राष्ट्रीय रैंकिंग</strong></p>
<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को भोपाल के बोट क्लब में राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप (रैंकिंग) के तृतीय संस्करण का शुभारंभ किया। इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से 100 अधिक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के सेलिंग खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर उनकी राष्ट्रीय रैंकिंग निर्धारित होगी, जो आगे अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।</p>
<p>मंत्री सारंग ने कहा कि भोपाल की झीलें अब केवल पर्यटन और प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र नहीं हैं, बल्कि देश के भविष्य के चैंपियन तैयार करने की भूमि बन रही हैं। राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा साबित करने और राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान कर रही है। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रतियोगिता में होने वाली प्रत्येक रेस केवल पदक के लिए मुकाबला नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खेल करियर की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण अवसर है। राष्ट्रीय रैंकिंग खिलाड़ियों के लिए आगे अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मार्ग प्रशस्त करेगी।</p>
<p><strong>भोपाल बन रहा वाटर स्पोर्ट्स का प्रमुख केंद्र</strong></p>
<p>मंत्री सारंग ने कहा कि भोपाल का बड़ा तालाब और यहां की प्राकृतिक परिस्थितियां सेलिंग , रोइंग, कयाकिंग और केनोइंग जैसे खेलों के लिए बेहद अनुकूल हैं। मध्यप्रदेश राज्य जल क्रीड़ा अकादमी की स्थापना वर्ष 2007 में हुई थी और आज यह देश की प्रमुख वाटर स्पोर्ट्स प्रशिक्षण संस्थाओं में शामिल है। अकादमी में सेलिंग, रोइंग, कयाकिंग और केनोइंग और सलालम की सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां प्रशिक्षित खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश तथा देश का नाम रोशन किया है।</p>
<p><strong>वाटर स्पोर्ट्स में मध्यप्रदेश की शानदार उपलब्धियां</strong></p>
<p>मंत्री सारंग ने बताया कि मध्यप्रदेश वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के खिलाड़ियों ने अब तक 28 अंतर्राष्ट्रीय और 69 राष्ट्रीय पदक अर्जित किए हैं तथा खिलाड़ियों ने 37 अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सहभागिता की है।</p>
<p><strong>सेलिंग में मध्यप्रदेश का दबदबा</strong></p>
<p>मंत्री सारंग ने कहा कि वर्ष 2025 की राजा भोज मल्टीक्लास सेलिंग चैंपियनशिप में मध्यप्रदेश की टीम ने कुल 16 पदक जिसने 8 स्वर्ण, 5 रजत और 3 कांस्य हासिल किये थे। प्रतियोगिता की 12 में से 8 कैटेगरी में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक जीते थे। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धियां साबित करती हैं कि भोपाल अब केवल प्रतियोगिताओं की मेजबानी करने वाला शहर नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के चैंपियन तैयार करने वाला प्रमुख केंद्र बन रहा है।</p>
<p><strong>हर प्रतिभावान खिलाड़ी को मिलेगा आगे बढ़ने का अवसर</strong></p>
<p>मंत्री सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर प्रतिभावान बच्चे को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिले। इसी दिशा में प्रदेश की सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसरों के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है तथा प्रत्येक जिले में फीडर सेंटर विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पहले राष्ट्रीय खेलों में 17वें स्थान पर रहा करता था, लेकिन पिछले तीन वर्षों में प्रदेश लगातार तीसरे स्थान पर आ रहा है। प्रदेश में वर्तमान में 18 खेलों की 11 अकादमियां संचालित की जा रही हैं।</p>
<p><strong>भोपाल में अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को मिलेगा नया मंच</strong></p>
<p>मंत्री सारंग ने कहा कि भोपाल में लगभग 1000 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर विकसित किया जा रहा है। इसके प्रथम चरण का लोकार्पण जल्द होने वाला है। इससे मध्यप्रदेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन को नई गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि नवंबर माह में अंतरराष्ट्रीय महिला हॉकी एशियन चैंपियनशिप का आयोजन भोपाल के अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर में मध्यप्रदेश खेल एवं युवा कल्याण विभाग के माध्यम से किया जाएगा। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय एशियन रोइंग चैंपियनशिप भी भोपाल में होने वाली है।</p>
<p><strong>“भोपाल की झीलों से निकलेंगे भारत के भविष्य के चैंपियन”</strong></p>
<p>मंत्री सारंग ने देशभर से आए खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि वे प्रतियोगिता में जीत और पदक के लिए पूरी ताकत से खेलें, लेकिन अपने मन में भारत के लिए खेलने का सपना भी लेकर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा, “भोपाल की इन झीलों में केवल नावें नहीं चल रही हैं, यहां भारत के भविष्य के चैंपियन अपने सपनों को गति दे रहे हैं। राजा भोज की इस धरती से हम संकल्प लें कि मध्यप्रदेश की झीलों से निकलने वाली प्रतिभाएं देश के तिरंगे को दुनिया के हर खेल मंच पर ऊंचा करेंगी।”</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>खाद्य मंत्री राजपूत ने मंत्रालय में सुनीं आमजन की समस्याएं</title>
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<description><![CDATA[ खाद्य मंत्री राजपूत ने मंत्रालय में सुनीं आमजन की समस्याएं समस्याओं के समाधान में देरी बर्दाश्त नहीं, समयबद्ध कार्रवाई करें अधिकारी भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप आमजन से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने की दिशा में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 20:15:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>खाद्य, मंत्री, राजपूत, ने, मंत्रालय, में, सुनीं, आमजन, की, समस्याएं</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>खाद्य मंत्री राजपूत ने मंत्रालय में सुनीं आमजन की समस्याएं</strong></p>
<p><strong>समस्याओं के समाधान में देरी बर्दाश्त नहीं, समयबद्ध कार्रवाई करें अधिकारी</strong></p>
<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप आमजन से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने की दिशा में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत लगातार सक्रिय हैं। इसी क्रम में उन्होंने मंगलवार को मंत्रालय में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।</p>
<p>जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपनी व्यक्तिगत एवं क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर मंत्री राजपूत से मिले। नागरिकों ने सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, राजस्व सहित विभिन्न मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं से अवगत कराया। साथ ही क्षेत्र के विकास कार्यों और स्थानीय स्तर पर लंबित मामलों को लेकर भी चर्चा की गई।</p>
<p>खाद्य मंत्री राजपूत ने प्रत्येक व्यक्ति की बात गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनी तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रकरणों का परीक्षण कर नियमानुसार शीघ्र एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए और पात्र लोगों को शासन की योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ समय पर मिलना सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान सुरखी विधानसभा क्षेत्र से आए लोगों ने क्षेत्र की विभिन्न विकास संबंधी आवश्यकताओं और जनहित के विषयों से भी मंत्री को अवगत कराया। मंत्री राजपूत ने संबंधित अधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने तथा विकास कार्यों की प्रगति पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए।</p>
<p>गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार में जनता से सीधा संवाद और जनसमस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी भावना के अनुरूप खाद्य मंत्री राजपूत द्वारा नियमित रूप से सोमवार एवं गुरुवार को सागर तथा मंगलवार को भोपाल में मंत्रालय एवं सरकारी निवास पर आमजन से संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना जा रहा है और संबंधित अधिकारियों के माध्यम से उनके निराकरण की पहल की जा रही है।</p>
<p><strong>जनता से सीधा संवाद और क्षेत्र का सतत् विकास हमारी प्रतिबद्धता : राजपूत</strong></p>
<p>खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा कि जनता की सेवा और उनकी समस्याओं का समाधान ही जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचे और आमजन को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए अनावश्यक परेशान न होना पड़े, इसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।</p>
<p>जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान और विकास कार्यों को गति देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारा प्रयास है कि शासन की योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे।जनता से सीधा संवाद, समस्याओं का समाधान और क्षेत्र का निरंतर विकास, यही हमारी प्रतिबद्धता है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में अतिवृष्टि, जलभराव और बाढ़ की स्थिति का लिया जायज़ा</title>
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<description><![CDATA[ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में अतिवृष्टि, जलभराव और बाढ़ की स्थिति का लिया जायज़ा प्रदेश में जारी रेस्क्यू ऑपरेशन्स के संबंध में जानकारी प्राप्त की बचाव कार्यों से 527 लोगों की जान बचाई गई आवश्यकता होने पर एयर एबुंलेंस की सेवा उपलब्ध कराई जाएगी राहत और बचाव कार्य के संबंध में दिए आवश्यक दिशा-निर्देश … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 20:15:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>मुख्यमंत्री, डॉ., यादव, ने, प्रदेश, में, अतिवृष्टि, जलभराव, और, बाढ़, की, स्थिति, का, लिया, जायज़ा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में अतिवृष्टि, जलभराव और बाढ़ की स्थिति का लिया जायज़ा</strong></p>
<p><strong>प्रदेश में जारी रेस्क्यू ऑपरेशन्स के संबंध में जानकारी प्राप्त की<br>
बचाव कार्यों से 527 लोगों की जान बचाई गई<br>
आवश्यकता होने पर एयर एबुंलेंस की सेवा उपलब्ध कराई जाएगी<br>
राहत और बचाव कार्य के संबंध में दिए आवश्यक दिशा-निर्देश<br>
मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य आपदा कमान एवं नियंत्रण केंद्र के सिचुएशन रूम पहुंचे</strong></p>
<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य आपदा कमान एवं नियंत्रण केंद्र के सिचुएशन रूम पहुंचकर प्रदेश में अतिवृष्टि, जलभराव और बाढ़ की स्थिति का जायज़ा लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर जल भराव और बाढ़ की स्थिति से लोगों को बचाने के लिए चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली तथा प्रभावितों और रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे कर्मचारियों और स्थानीय जन से वर्चुअली संवाद किया। सिचुएशन रूम में अपर मुख्य सचिव गृह संजय शुक्ला, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, निदेशक होमगार्ड श्रीमती प्रज्ञा रिचा उपस्थित थी।</p>
<p><strong>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एसडीआरएफ, पुलिस, होमगार्ड, स्थानीय जन की पहल को सराहा</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि एसडीआरएफ, पुलिस और होमगार्ड की त्वरित कार्यवाही के परिणाम स्वरुप 527 लोगों की जान बचाई जा सकी। यह पुलिस- होमगार्ड के कार्य और सेवा भाव का स्वर्णिम पक्ष है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बचाव कार्य में लगे स्थानीय लोगों की पहल की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि लोगों की जान बचाने वालों को पुरस्कृत करने की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने कहा कि प्रदेश में सभी आवश्यक स्थलों पर दिन-रात रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहे हैं। पुलिस-प्रशासन द्वारा सभी जरूरतमंद लोगों के लिए भोजन का प्रबंध किया जा रहा है। जिला स्तर पर पुलिस प्रशासन को परस्पर समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता <strong>होने पर आसपास के जिलों का भी सहयोग लिया जा रहा है। जरूरत होने पर एयर एंबुलेंस की सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएगी।</strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरसंभव सावधानी बरतने के दिए निर्देश</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ यादव ने जिला अधिकारियों को आपदा की इस स्थिति में पूर्ण सतर्कता, दक्षता, संवेदनशीलता और संयम के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आवश्यक होने पर संभाग और राज्य स्तर से समन्वय कर सहयोग प्राप्त किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अतिवृष्टि जल भराव और बाढ़ की स्थिति में हर संभव सावधानी बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में पुलिया पर पानी होने पर वाहनों को गुजरने ना दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिचुएशन रूम से राजगढ़, सीहोर, आगर मालवा, विदिशा, खंडवा चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का वर्चुअल अवलोकन किया।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>नए एचटी कनेक्शन से पहले बिजली खर्च का अनुमान जानना हुआ आसान</title>
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<description><![CDATA[ नए एचटी कनेक्शन से पहले बिजली खर्च का अनुमान जानना हुआ आसान मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने शुरू किया ‘अनुमानित मासिक एचटी बिल कैलकुलेटर’ भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा उच्चदाब (HT) उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए ‘अनुमानित मासिक एचटी बिल कैलकुलेटर’ (Estimated Monthly HT Bill Calculator) की सुविधा शुरू की गई है। … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 20:15:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>नए, एचटी, कनेक्शन, से, पहले, बिजली, खर्च, का, अनुमान, जानना, हुआ, आसान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नए एचटी कनेक्शन से पहले बिजली खर्च का अनुमान जानना हुआ आसान</strong></p>
<p><strong>मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने शुरू किया ‘अनुमानित मासिक एचटी बिल कैलकुलेटर’</strong></p>
<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा उच्चदाब (HT) उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए ‘अनुमानित मासिक एचटी बिल कैलकुलेटर’ (Estimated Monthly HT Bill Calculator) की सुविधा शुरू की गई है। यह सुविधा कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट portal.mpcz.in के Consumer Services में HT Service सेक्शन पर उपलब्ध है।</p>
<p>इस ऑनलाइन कैलकुलेटर के माध्यम से नया एचटी कनेक्शन लेने की योजना बना रहे उपभोक्ता प्रस्तावित Contract Demand, संभावित विद्युत खपत, टैरिफ श्रेणी, आपूर्ति वोल्टेज, विद्युत शुल्क तथा TOD खपत जैसी जानकारी दर्ज कर अपने संभावित मासिक बिजली बिल का अनुमान प्राप्त कर सकते हैं।</p>
<p>यह सुविधा उद्योगों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, संस्थानों एवं अन्य एचटी उपभोक्ताओं के लिए उपयोगी होगी। इसके माध्यम से उपभोक्ता नया कनेक्शन लेने से पहले संभावित विद्युत व्यय का अनुमान लगाकर अपनी परियोजना की वित्तीय योजना और निवेश संबंधी निर्णय बेहतर तरीके से कर सकेंगे। साथ ही TOD रिबेट/सरचार्ज एवं टैरिफ न्यूनतम (TMM) के संभावित प्रभाव का भी अनुमान लगाया जा सकेगा।</p>
<p>मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने प्रस्तावित एचटी उपभोक्ताओं से अपील की है कि नया एचटी कनेक्शन लेने से पहले इस कैलकुलेटर का उपयोग अवश्य करें, ताकि संभावित विद्युत व्यय का अनुमान प्राप्त कर वित्तीय योजना तैयार की जा सके।</p>
<p>कंपनी ने स्पष्ट किया है कि कैलकुलेटर से प्राप्त राशि केवल अनुमानित वित्तीय आकलन है। वास्तविक बिजली बिल का निर्धारण मध्यप्रदेश विद्युत विनियामक आयोग (MPERC) के प्रचलित टैरिफ आदेश, लागू नियमों तथा उपभोक्ता की वास्तविक मीटर रीडिंग एवं बिलिंग डेटा के आधार पर किया जाएगा। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी उपभोक्ताओं को आधुनिक, पारदर्शी एवं डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>दो दिनों से भटक रही 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला को पुलिस ने सुरक्षित घर पहुंचाया</title>
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<description><![CDATA[ दो दिनों से भटक रही 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला को पुलिस ने सुरक्षित घर पहुंचाया पुलिसकर्मियों ने पहले भोजन कराया, फिर परिजनों से मिलाकर निभाई मानवता की मिसाल शहडोल  सोहागपुर पुलिस ने संवेदनशीलता और मानवीयता का परिचय देते हुए दो दिनों से भटक रही 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला को सुरक्षित उसके घर पहुंचाकर परिजनों के … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 20:15:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>दो, दिनों, से, भटक, रही, वर्षीय, बुजुर्ग, महिला, को, पुलिस, ने, सुरक्षित, घर, पहुंचाया</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>दो दिनों से भटक रही 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला को पुलिस ने सुरक्षित घर पहुंचाया</strong></p>
<p><strong>पुलिसकर्मियों ने पहले भोजन कराया, फिर परिजनों से मिलाकर निभाई मानवता की मिसाल</strong></p>
<p><strong>शहडोल </strong><br>
सोहागपुर पुलिस ने संवेदनशीलता और मानवीयता का परिचय देते हुए दो दिनों से भटक रही 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला को सुरक्षित उसके घर पहुंचाकर परिजनों के सुपुर्द किया।</p>
<p>प्राप्त जानकारी के अनुसार नरगी निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला संपतिया बैगा अपनी बेटी के घर सिंदुरी जाने के लिए पैदल निकली थीं। रास्ते में भटक जाने के कारण वह अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सकीं और दो दिनों तक इधर-उधर भटकती रहीं। रात के समय वह सोहागपुर बाईपास के समीप सड़क किनारे आराम कर रही थीं।</p>
<p>बुजुर्ग महिला को सड़क किनारे भटकते हुए देखकर एक व्यक्ति ने डायल-112 को सूचना दी। सूचना मिलते ही आरक्षक अजीत सिंह एवं पायलट राजुल तिवारी तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने बुजुर्ग महिला से पूछताछ कर उनकी स्थिति की जानकारी ली। महिला ने बताया कि वह पिछले दो दिनों से भूखी थीं।</p>
<p>पुलिसकर्मियों ने तत्काल बुजुर्ग महिला को भोजन कराया तथा उनके घर और परिजनों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। महिला द्वारा बताए गए पते की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम उन्हें सुरक्षित ग्राम नरगी लेकर पहुंची और परिजनों के सुपुर्द किया।</p>
<p>दो दिनों से भटक रही बुजुर्ग महिला को सुरक्षित घर पहुंचाने तथा जरूरत के समय भोजन कराकर सहायता प्रदान करने पर परिजनों ने सोहागपुर पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया। पुलिसकर्मियों की इस संवेदनशील पहल की क्षेत्र में सराहना की जा रही है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>MP में BJP का ‘Plan Gen&#45;Z’! निकाय चुनाव में युवाओं को मिलेगा मौका, दिखेगा ‘पीढ़ी परिवर्तन’</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  देश और दुनिया में Gen-Z के बीच बढ़ती राजनीतिक सक्रियता और हालिया युवा आंदोलनों के बीच बीजेपी भी नई पीढ़ी से सीधे जुड़ने की तैयारी कर रही है. बताया जा रहा है कि बीजेपी युवाओं से कनेक्ट करने के लिए विशेष अभियान चलाएगी. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि इसके लिए पार्टी … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 20:00:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>में, BJP, का, ‘Plan, Gen-Z’, निकाय, चुनाव, में, युवाओं, को, मिलेगा, मौका, दिखेगा, ‘पीढ़ी, परिवर्तन’</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>देश और दुनिया में Gen-Z के बीच बढ़ती राजनीतिक सक्रियता और हालिया युवा आंदोलनों के बीच बीजेपी भी नई पीढ़ी से सीधे जुड़ने की तैयारी कर रही है. बताया जा रहा है कि बीजेपी युवाओं से कनेक्ट करने के लिए विशेष अभियान चलाएगी. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि इसके लिए पार्टी की ओर से विशेष अभियान चलाए जाने की रणनीति बनाई जा रही है. इसका मकसद युवाओं को संगठन से जोड़ना और पार्टी की नीतियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है. वहीं प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा कि हम निकाय और पंचायत के चुनावों में नए चेहरे, युवाओं को मौका देंगे। </p>
<p><strong>कांग्रेस ने भी भरी हुंकार</strong><br>
बीजेपी की इस रणनीति पर कांग्रेस ने निशाना साधा है. कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी युवाओं के नाम पर केवल राजनीतिक सम्मेलन और अभियान करती है, लेकिन युवाओं के लिए रोजगार और राजनीतिक भागीदारी के वास्तविक अवसर नहीं देती. कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बरौलिया का कहना है कि बीजेपी युवाओं के साथ छलावा कर रही है. पार्टी ने तंज कसते हुए कहा कि युवाओं को रोजगार नहीं दिया जा रहा और अब टिकट देने के नाम पर भी सिर्फ बातें की जा रही हैं. कांग्रेस ने वास्तव में युवाओं को आगे बढ़ाया है टिकट दिया है. निकाय पंचायत के चुनाव में भी टिकट देंगे। </p>
<p><strong>युवाओं का दिल जीतने की चुनौती</strong><br>
बीजेपी के सामने निकाय चुनाव में युवाओं की नाराजगी और संभावित एंटी-इनकंबेंसी से निपटने की चुनौती भी है. ऐसे में पार्टी पुराने चेहरों की जगह युवा नेताओं और कार्यकर्ताओं को मौका देकर नई ऊर्जा के साथ चुनाव मैदान में उतरना चाहती है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक नगरीय निकाय चुनावों में ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जा सकती है, जो लंबे समय से संगठन के लिए काम कर रहे हैं. स्थानीय स्तर पर युवाओं के बीच पकड़ रखते हैं. बीजेपी का मानना है कि नए चेहरों को मौका देने से संगठन में भी नई ऊर्जा आएगी और युवा मतदाताओं के साथ बेहतर संवाद स्थापित किया जा सकेगा। </p>
<p><strong>दोनों पार्टियों ने किया युवाओं के साथ होने का दावा</strong><br>
वहीं कांग्रेस ने दावा किया कि उसने हमेशा युवाओं को राजनीति में आगे बढ़ाने का काम किया है और नगरीय निकाय चुनाव में भी पार्टी युवा चेहरों को टिकट देकर उन्हें नेतृत्व का मौका देगी. अब देखना होगा कि बीजेपी का ‘प्लान Gen-Z’ और ‘पीढ़ी परिवर्तन’ का फॉर्मूला निकाय चुनाव में कितना असरदार साबित होता है और क्या युवा चेहरों पर दांव लगाकर पार्टी जीत की सीढ़ी चढ़ पाती है या नहीं। </p>]]> </content:encoded>
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<title>CM साय के नेतृत्व में मजबूत हो रहा छत्तीसगढ़ का स्वास्थ्य सेक्टर, सुविधाओं का हो रहा विस्तार</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर. विकास के नए युग में प्रवेश करने वाले छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बहुत कुछ स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे व्यापक सुधारों पर टिकी हुई है. इस बड़े परिवर्तन की धुरी बने हुए हैं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय. मुख्यमंत्री की दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र को नई … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 19:45:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>विकास के नए युग में प्रवेश करने वाले छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बहुत कुछ स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे व्यापक सुधारों पर टिकी हुई है. इस बड़े परिवर्तन की धुरी बने हुए हैं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय. मुख्यमंत्री की दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र को नई दिशा, नई ऊंचाई और गति प्रदान की है.</p>
<p>प्रदेश के मुखिया का स्पष्ट मानना है कि “स्वस्थ छत्तीसगढ़ ही विकसित छत्तीसगढ़ का आधार है,” और अपने इसी विचार को आकार देने के लिए राज्य की साय सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है. हाल ही के दिनों में रायपुर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागृह में 103 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की शुरुआत इस दिशा में उठाया गया एक ऐतिहासिक पहल है. इन परियोजनाओं में शामिल हैं आधुनिक सर्जिकल विंग, कैंसर संस्थान का विस्तार, छात्र-छात्राओं के लिए अत्याधुनिक छात्रावास, चिकित्सकों और कर्मचारियों के लिए आवासीय परिसर जैसी सुविधाएं. राज्य सरकार का यह प्रयास चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने के साथ चिकित्सा शिक्षा के स्तर को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाला साबित होगा.</p>
<p><strong>साय सरकार साबित हो रही संवेदनशील</strong><br>
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपनी घोषणाओं से ऊपर उठकर जनता की आवश्यकताओं को समझकर उन्हें धरातल पर उतारने में विश्वास रखते हैं. मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों के द्वारा की गई छात्रावास की मांग को गंभीरता से लेते हुए उस पर त्वरित क्रियान्वयन का किया जाना इस बात का सजीव उदाहरण है कि राज्य सरकार पर्याप्त संवेदनशील, उत्तरदायी और परिणामोन्मुखी है. प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार केवल शहरी क्षेत्रों के अलावा बस्तर, सरगुजा और कबीरधाम जैसे दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों तक भी पहुंच रहा है. प्रदेश के मुख्यमंत्री साय के कुशल नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग घर-घर जाकर लाखों लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार कर रही है. सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है डायलिसिस जैसी जटिल सेवाओं का इन क्षेत्रों में उपलब्ध होना. छत्तीसगढ़, साय सरकार की यह पहल उन लोगों के लिए वरदान साबित हो रहा है जो पहले मूलभूत चिकित्सा सुविधाओं से भी वंचित रहते थे.</p>
<p><strong>स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ रही है पारदर्शिता</strong><br>
राज्य में 1046 अस्पतालों में 133 प्रकार की स्वास्थ्य जांचों का निःशुल्क किया जाना एक क्रांतिकारी कदम है. इसके अलावा इन जांचों की रिपोर्ट को व्हाट्सएप और मैसेज के माध्यम से सीधे मरीजों तक पहुंचाने की सेवा भी की जा रही है. इस सुविधा को डिजिटल भारत की दिशा में एक सशक्त कदम मान सकते हैं. स्वास्थ्य विभाग की इस सेवा से उसकी पारदर्शिता भी बढ़ी है और आम नागरिकों का समय और संसाधन भी बच रहा है.</p>
<p><strong>आधुनिकता के साथ परंपरा को भी महत्व</strong><br>
चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी प्रदेश के मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अभूतपूर्व और दूरदर्शिता पूर्ण बदलाव देखने को मिल रहा है. राज्य को चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं जैसे जशपुर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना को सैद्धांतिक स्वीकृति मिलना, पांच नए मेडिकल कॉलेजों की योजना, नर्सिंग और फिजियोथेरेपी कॉलेजों का विस्तार.आधुनिकता के साथ परंपरा को भी समान महत्व देने के लिए राज्य की साय सरकार ने योग और प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देते हुए 100 बिस्तरों वाले अस्पताल और रिसर्च सेंटर का निर्माण किया गया है. छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ में नए शासकीय मेडिकल कॉलेज के लिए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से एमबीबीएस (MBBS) की 50 सीटों की मंजूरी दे दी गई है. राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) द्वारा राज्य के 5 नए मेडिकल कॉलेजों के साथ इसकी भी घोषणा की गई है.</p>
<p><strong>केंद्र के सहयोग से भी पा रही रफ़्तार</strong><br>
स्वास्थ्य की दिशा में केंद्र सरकार से मिलने वाले सहयोग को महत्वपूर्ण बताते हुए है मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का वैश्विक स्तर पर बढ़ता प्रभाव और छत्तीसगढ़ को मिल रहा सहयोग, राज्य के विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है. डीएम कार्डियक कोर्स की स्वीकृति और भविष्य में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद की संभावनाएं इस सहयोग का प्रमाण हैं.”</p>
<p><strong>दिखाई दे रही है सक्रियता और प्रतिबद्धता</strong><br>
राज्य में लंबित मेडिकल कॉलेजों, कोरबा, कांकेर और महासमुंद के निर्माण कार्यों को फिर से आरम्भ किया जा रहा है. साथ ही बिलासपुर स्थित सिम्स के उन्नयन जैसे कार्य से सरकार की सक्रियता और प्रतिबद्धता दिखाई दे रही है. जगदलपुर में दूसरे बड़े हार्ट सेंटर की स्थापना से उम्मीद की जा रही है कि आदिवासी क्षेत्रों में हृदय रोगियों को बेहतर उपचार मिल सकेगा.</p>
<p><strong>मेडिकल विद्यार्थियों से भी लिया जा रहा संकल्प</strong><br>
मेडिकल के विद्यार्थियों से प्रदेश के हर कोने में अपनी सेवाएं देने का संकल्प लेंने का आह्वान करना मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मात्र एक अपील नहीं है बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का बोध कराने वाली प्रेरणा भी है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश, स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई क्रांति की ओर बढ़ रही है. डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएं और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच, चिकित्सा शिक्षा का विस्तार, अधोसंरचना विकास जैसी पहल, एक ऐसे छत्तीसगढ़ का निर्माण कर रही हैं, जहां हर इकाई व्यक्ति को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हो सके. राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का विकास एक समर्पित नेतृत्व की वह यात्रा है जो हर नागरिक के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है.</p>]]> </content:encoded>
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<title>तमिलनाडु में NEET के खिलाफ प्रस्ताव पास, ‘कोचिंग माफिया’ और छात्रों की आत्महत्या का मुद्दा उठा</title>
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<description><![CDATA[ चेन्नई  NEET पेपर लीक के बाद इस परीक्षा को लेकर तमाम तरह के सवाल उठने लगे थे और सबसे ज्यादा सवाल उठाने वाले राज्यों में एक बार फिर तमिलनाडु का नाम शामिल था. तमिलनाडु पिछले कई सालों से NEET परीक्षा का विरोध करता आया है और अब एक बार फिर राज्य में नीट को खत्म … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 19:45:06 +0530</pubDate>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>चेन्नई </strong></p>
<p>NEET पेपर लीक के बाद इस परीक्षा को लेकर तमाम तरह के सवाल उठने लगे थे और सबसे ज्यादा सवाल उठाने वाले राज्यों में एक बार फिर तमिलनाडु का नाम शामिल था. तमिलनाडु पिछले कई सालों से NEET परीक्षा का विरोध करता आया है और अब एक बार फिर राज्य में नीट को खत्म करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है. तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री केजी अरुणराज ने नीट खत्म करने के मुद्दे पर राज्य विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया, जिसके बाद इसे पारित किया गया. जोसेफ विजय सरकार से पहले स्टालिन सरकार ने भी ऐसा ही एक प्रस्ताव पारित किया था। <br>
 <br>
<strong>NEET खत्म करने की बताई वजह </strong><br>
विधानसभा में नीट-विरोधी प्रस्ताव पेश करते हुए मंत्री अरुणराज ने ‘पेपर लीक, युवाओं की जान जाने और छात्रों का भरोसा टूटने' का जिक्र किया, उन्होंने कहा, "नीट ने छात्रों का ध्यान स्कूल के पाठ्यक्रम से हटाकर सिर्फ कोचिंग पर केंद्रित कर दिया है. नीट की वजह से कोचिंग सेंटर की संख्या में बढ़ोतरी हुई है और वे बहुत अधिक फीस वसूल रहे हैं. नीट ग्रामीण और सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़े छात्रों के लिए मेडिकल शिक्षा के अवसरों को गंभीर रूप से प्रभावित करता है. तमिलनाडु लगातार जोर देती रही है कि नीट सामाजिक न्याय, समानता, राज्यों के अधिकार के खिलाफ है। </p>
<p><strong>सीएम विजय भी कर चुके हैं विरोध</strong><br>
नीट पेपर लीक के बाद सबसे ज्यादा आक्रामक रुख तमिलनाडु के नए सीएम जोसेफ विजय उर्फ थलापति विजय का था. विजय ने कई बार कहा कि इस परीक्षा से गरीब छात्रों को नुकसान हो रहा है और छात्रों को 12वीं के नंबरों के आधार पर मेडिकल सीटें मिलनी चाहिए. उनका कहना है कि राज्य सरकार को ये छूट देनी चाहिए कि वो अपनी सरकारी सीटों पर राज्य के मेधावी छात्रों को एडमिशन दे सकें। </p>
<p><strong>तमिलनाडु में क्यों होता है नीट का विरोध?</strong><br>
तमिलनाडु में बाकी राज्यों की तरह पहले 12वीं के नंबरों के आधार पर ही मेडिकल सीट मिल जाती थी, लेकिन नीट के आने के बाद सब कुछ बदल गया. इसी दौरान अनिता नाम की एक गरीब लड़की का सपना भी अधूरा रह गया. इस लड़की ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में 98% नंबर हासिल किए, लेकिन नीट के चलते उसे सरकारी सीट नहीं मिल पाई. ये मामला सुप्रीम कोर्ट भी गया, लेकिन बाद में दिहाड़ी मजदूर पिता का सपना अधूरा रहने के चलते अनिता ने खुदकुशी कर ली. इस घटना के बाद पूरे राज्य में हिंसक प्रदर्शन हुए और नीट के खिलाफ माहौल बन गया। </p>
<p>इसके बाद से ही तमिलनाडु में हर राजनीतिक दल के लिए ये एक बड़ा मुद्दा रहा है. इससे नेता सीधे गरीबों और मध्यम वर्गीय परिवारों को टारगेट करते हैं. उनका कहना है कि पहले की तरह राज्यों को अपनी मेडिकल सीटों के लिए एडमिशन देने की छूट दी जाए। </p>]]> </content:encoded>
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<title>भोपाल मेट्रो&#45;पोलिटिन क्षेत्र विकास के लिए मंत्रि&#45;परिषद की ठोस पहल</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल मेट्रो-पोलिटिन क्षेत्र विकास के लिए मंत्रि-परिषद की ठोस पहल भोपाल-विदिशा 4-लेन मार्ग निर्माण के लिए 1,757 करोड़ रुपए से अधिक की स्वीकृति स्थानीय संग्रहणकर्ता श्रमिकों और रहवासियों को मिलेगा लाभांश, संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को लाभांश प्रदाय योजना के तहत 918 करोड़ रूपये की स्वीकृति भोपाल बायपास को 6 लेन बनाने के दृष्टिगत उपभोक्ता … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 19:15:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>भोपाल, मेट्रो-पोलिटिन, क्षेत्र, विकास, के, लिए, मंत्रि-परिषद, की, ठोस, पहल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल मेट्रो-पोलिटिन क्षेत्र विकास के लिए मंत्रि-परिषद की ठोस पहल</strong></p>
<p><strong>भोपाल-विदिशा 4-लेन मार्ग निर्माण के लिए 1,757 करोड़ रुपए से अधिक की स्वीकृति</strong></p>
<p><strong>स्थानीय संग्रहणकर्ता श्रमिकों और रहवासियों को मिलेगा लाभांश, संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को लाभांश प्रदाय योजना के तहत 918 करोड़ रूपये की स्वीकृति<br>
भोपाल बायपास को 6 लेन बनाने के दृष्टिगत उपभोक्ता शुल्क संग्रहण 2031 तक बढ़ाने की स्वीकृति<br>
रानी दुर्गावती राज्य स्तरीय पुरस्कार राशि 2 लाख रुपये और रानी अवन्ती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार राशि को एक से बढ़ाकर 2 लाख रूपये करने की स्वीकृति<br>
किसान वर्ष में मंत्रिपरिषद की सौगात-नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट स्थापना के लिए 20 हेक्टेयर भूमि आवंटन को मंजूरी<br>
सर्वांगीण विकास और जन-कल्याण की विभिन्न योजनाओं के लिए 47 हजार 990 करोड़ रूपये की स्वीकृति<br>
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और आयुष्मान भारत सहित स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन के लिए 44 हजार 515.13 करोड़ रूपये की स्वीकृति<br>
कृषि विश्वविद्यालय के निरंतर संचालन के लिए 795 करोड़ 59 लाख रूपये की स्वीकृति<br>
खनिज साधन विभाग की परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 2 करोड़ 50 लाख रूपये की स्वीकृति<br>
देवास की पटाखा फैक्ट्री में अग्नि दुर्घटना की जाँच के लिए जाँच आयोग गठन का अनुमोदन<br>
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिये गए निर्णय</strong></p>
<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक संपन्न हुई। मंत्रि-परिषद ने भोपाल को मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस पहल करते हुए भोपाल-विदिशा मार्ग के 2-लेन से 4-लेन उन्नयन एवं निर्माण के लिए 1757.57 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस मार्ग के निर्माण से तेजी से औद्योगिक निवेश बढ़ेगा और अधोसंरसचना का भी व्यवस्थित विकास हो पायेगा। सांची स्तूप और कर्क रेखा जैसे प्रमुख स्थलों से गुजरने वाला यह मार्ग प्रादेशिक कनेक्टिविटी को नई मजबूती देगा। मंत्रि-परिषद ने भोपाल बासपास को 6-लेन बनाने के दृष्टिगत भोपाल बायपास- टोल टैक्स शुल्क संग्रहण की अनुमति 2031 तक बढ़ाने की मंजूरी दी है। एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में मंत्रि-परिषद ने स्थानीय मजदूरों और क्षेत्र के रहवासियों को लाभांश वितरण के लिए वन विभाग द्वारा संचालित संयुक्त वन प्रबंध समितियों को लाभांश का प्रदाय योजना के तहत वर्ष 2030-31 तक निरंतर रखे जाने की 918 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद ने किसान वर्ष में किसानों को बड़ी सौगात देते हुए भारत सरकार के अंतर्गत गठित उपक्रम नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए सीहोर जिले की इछावर तहसील के गांव भाउखेड़ी में 20 हेक्टेयर भूमि स्थायी पट्टे पर आवंटित किये जाने का निर्णय लिया है। प्रदेश के सर्वांगीण विकास, जन-स्वास्थ्य सुदृढ़ीकरण, बुनियादी ढांचे के विस्तार और महिला सशक्तिकरण को गति देने के लिए 47 हजार 990 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की है। इसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 28,083.47 करोड़ रुपये और आयुष्मान भारत योजना के लिए 12 हजार 123 करोड़ 81 लाख रुपये शामिल हैं।</p>
<p>महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए मंत्रि-परिषद ने हर तरह की परिस्थितियों में समाज सेवा करने वाली महिलाओं के लिए 'रानी दुर्गावती राज्य स्तरीय पुरस्कार' की राशि भी 2 लाख रुपये करने की स्वीकृति दी है और 'रानी अवंती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार' की राशि को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने की मंजूरी दी है। इसी तरह जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के आगामी 5 वर्षों के संचालन के लिए 795 करोड़ 59 लाख रुपये की मंजूरी दी गई। देवास पटाखा फैक्ट्री दुर्घटना जांच आयोग की अवधि 3 माह बढ़ाने तथा एम.पी.पी.एस.सी के वार्षिक प्रतिवेदनों को विधानसभा के पटल पर रखने का अनुमोदन भी बैठक में किया गया।</p>
<p><strong>भोपाल-विदिशा मार्ग का 4 लेन मय पेव्हड शोल्डर निर्माण किये जाने के लिए 1,757 करोड़ 55 लाख रूपये की स्वीकृति</strong></p>
<p>मंत्रि-परिषद ने भोपाल को मेट्रो-पोलिटिन सिटी के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा हाईब्रिड एन्यूटी मोडल (HAM) के लिए बनाए गए मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट के आधार पर, भोपाल-विदिशा मार्ग लंबाई 44.830 कि.मी. का 4 लेन मय पेव्हड शोल्डर निर्माण किये जाने के लिए 1,757 करोड़ 55 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इससे अब औद्योगिक निवेश बढ़ाने के साथ अधोसंरचना का विकास होगा।</p>
<p>कुल परियोजना निर्माण लागत का 40 प्रतिशत हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल (एच.ए.एम) अंतर्गत मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा राज्य राजमार्ग निधि से परियोजना क्रियान्वयन के दौरान जीएसटी सहित वहन किया जायेगा। कुल परियोजना निर्माण लागत की शेष 60 प्रतिशत राशि संचालन अवधि में 15 वर्षों तक छः माही एन्यूटी के रूप में राज्य बजट के माध्यम से किया जायेगा। इसके अतिरिक्त निर्माण पूर्व कार्यकलाप (भू-अर्जन एवं अन्य कार्य) तथा सुपरविजन चार्जेस की राशि रूपये 364 करोड़ 41 लाख रूपये का भुगतान भी राज्य बजट के माध्यम से किया जायेगा।</p>
<p>भोपाल विदिशा (राज्यमार्ग-28) मार्ग, अयोध्या बाईपास के भानपुर टी-जंक्शन से प्रारंभ होकर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-146 पर साँची-सलामतपुर जंक्शन पर समाप्त होता है। यह मार्ग भानपुर, चोपड़ाकला, सूखी सेवनिया, डोब, बालमपुर, दीवानगंज और सलामतपुर से गुजरते हुए भोपाल और विदिशा जिलों को जोड़ता है। रायसेन जिले में सांची स्तूप सबसे महत्वपूर्ण बौद्ध तीर्थस्थलों में से एक है, जो कि यूनेस्को का विश्व धरोहर स्थल भी है। कर्क रेखा भी भोपाल-विदिशा मार्ग के कि.मी. 24.550 से गुजरती है। भौगोलिक दृष्टि से भी यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है।</p>
<p><strong>भोपाल बायपास 4-लेन मार्ग पर वर्ष 2031 तक उपभोक्ता शुल्क संग्रहण की स्वीकृति</strong></p>
<p>मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम अंतर्गत भोपाल बायपास 4-लेन को 6-लेन बनाने के दृष्टिगत मार्ग लम्बाई 51.963 कि.मी. पर 19 जुलाई 2026 से 31 दिसंबर 2031 तक उपयोगकर्ता शुल्क संग्रहण की अनुमति प्रदाय की है। साथ ही इसकी अवधि अतिरिक्त 5 वर्ष तक बढ़ाने के लिए लोक निर्माण विभाग को अधिकृत किया है। भोपाल बायपास पर उपयोगकर्ता शुल्क संग्रहण, पूर्व में जारी अधिसूचना के प्रावधानों के अनुसार यथावत् रखा गया है। उपयोगकर्ता शुल्क संग्रहण का कार्य मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम लिमिटेड अथवा निगम द्वारा चयनित संग्रहण एजेंसी के माध्यम से कराया जाएगा।</p>
<p>भोपाल बायपास 4-लेन मार्ग की कुल लंबाई 51.963 कि.मी. है, जो कि भोपाल शहर से इन्दौर, रायसेन, विदिशा एवं नर्मदापुरम् जिलों को जोड़ता है। जिससे भोपाल शहरी क्षेत्र का यातायात दबाव कम होने के साथ-साथ यात्रियों को निर्बाद्ध रूप से सुगमतापूर्वक मार्ग उपलब्ध होता है। इसका नियमित संचालन, अनुरक्षण एवं रख-रखाव निगम द्वारा किया जाता है। संग्रहित टोल राशि मध्यप्रदेश राजमार्ग निधि अधिनियम 2012 अंतर्गत स्थापित राज्य राजमार्ग निधि में जमा कराई जाती है, जिसका व्यय निगम द्वारा राज्य मार्गों के विकास एवं संधारण सहित अन्य कार्यों में किया जाता है।</p>
<p><strong>संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को लाभांश प्रदाय करने के लिए 918 करोड़ रूपये की स्वीकृति- अब श्रमिकों के साथ रहवासियों को भी मिलेगा लाभांश</strong></p>
<p>मंत्रि-परिषद ने वन विभाग अंतर्गत संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को लाभांश प्रदाय से संबंधित योजना को वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 918 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना का उद्देश्य संयुक्त वन प्रबंधन अंतर्गत वनों के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए श्रमिकों के साथ रहवासियों की जन-भागीदारी प्राप्त करना है। प्रदेश में संयुक्त वन प्रबंधन समितियां वनों के संरक्षण एवं संवर्द्धन में वन विभाग को समुचित सहयोग प्रदान कर रही है। प्रावधानों के अनुरूप काष्ठ के अंतिम पातन से प्राप्त काष्ठ की बिक्री से प्राप्त राजस्व की 20 प्रतिशत राशि संयुक्त वन प्रबंधन समिति को दी जाती है। साथ ही बांस के विदोहन से प्राप्त शुद्ध लाभ का शत-प्रतिशत, कटाई में संलग्न श्रमिकों को प्रदाय किया जाता है।इस योजना के तहत अब श्रमिकों के साथ ही समिति से जुड़े क्षेत्रों के रहवासियों को भी लाभांश दिया जाएगा।</p>
<p><strong>रानी दुर्गावती राज्य स्तरीय पुरस्कार राशि 2 लाख रुपये और रानी अवन्ती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार राशि को एक से बढ़ाकर 2 लाख रूपये करने की स्वीकृति</strong></p>
<p>मंत्रि-परिषद ने हर परिस्थिति में संघर्ष करते हुये समाज सेवा करने वाली एक महिला को प्रतिवर्ष राज्य स्तरीय रानी दुर्गावती पुरस्कार राशि 2 लाख रूपये प्रदाय करने और वर्ष 2006 से प्रदाय किए जा रहे रानी अवन्ती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार की राशि को भी एक लाख रूपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये किये जाने की स्वीकृति दी है।</p>
<p>पुरस्कार प्रदान करने से अत्यन्त गरीब, विकलांग 40 प्रतिशत से अधिक एकल महिला, किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त, एसिड, दहेज, घरेलू हिंसा से पीड़ित अथवा अन्य कोई विपरीत स्थिति में संघर्ष करते हुए समाज सेवा के कार्य कर रही महिलाओं की सेवाओं, कार्यों और योगदान को प्रोत्साहन व पहचान मिलेगी। अन्य महिलाएं भी प्रेरणा लेकर महिलाओं और बच्चों के क्षेत्र में समाजसेवा कार्य करने आगे आएंगी।</p>
<p>वर्तमान में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कुल 6 पुरस्कार यथा रानी अवंती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार, राजमाता विजयाराजे सिंधिया समाज सेवा पुरस्कार, विष्णु कुमार महिला बाल कल्याण समाज सेवा सम्मान पुरस्कार, मुख्यमंत्री नारी सम्मान रक्षा पुरस्कार, अरुणा शानबाग वीरता पुरस्कार और राष्ट्रमाता पद्मावती पुरस्कार प्रदाय किये जा रहे हैं।</p>
<p><strong>किसान वर्ष में सौगात-नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट स्थापना के लिए 20 हेक्टेयर भूमि आवंटन को मंजूरी</strong></p>
<p>मंत्रि-परिषद ने किसान वर्ष में सोयाबीन किसानों को भी सौगात दी है। इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च भारत सरकार के अंतर्गत गठित उपक्रम नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट के लिए ग्राम भाऊखेड़ी तहसील इछावर जिला सीहोर में 20 हेक्टेयर भूमि स्थायी पट्टे पर आवंटित करने का निर्णय लिया गया है।</p>
<p>भारतीय कृषि अनुसंधान के राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान (ICMR-NSRI) भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन एक स्वायत निकाय है, जिसे केन्द्र सरकार द्वारा पूर्ण रूप से वित्त पोषित किया जाता है। यह संस्थान सोयाबीन अनुसंधान एवं विकास के माध्यम से देश के लगभग 50 लाख सोयाबीन किसानों के हितों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है। प्रस्तावित भूमि का उपयोग विशुद्ध रूप से कृषि विज्ञान केन्द्र स्थापित करने के लिये किया जाएगा। इस केंद्र की स्थापना से मध्यप्रदेश में सोयाबीन की खेती में चहुँमुखी प्रगति की उम्मीद है।</p>
<p><strong>राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और आयुष्मान भारत सहित स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन के लिए 44 हजार 515.13 रूपये की स्वीकृति</strong></p>
<p>मंत्रि-परिषद ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य और आयुष्मान भारत (नॉन एस. ई. सी. सी. हितग्राही), बहुउद्देशीय रोग नियंत्रण कार्यक्रम, स्वास्थ्य संस्थाओं की सुरक्षा एवं सफाई व्यवस्था, जिला स्तरीय अमला से संबंधित योजनाओं के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए कुल 44 हजार 515.13 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।</p>
<p>राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 28,083.47 करोड़ रूपये स्वीकृत किए गए है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भारत सरकार से 60:40 के अनुपात में संचालित है। यह योजना केन्द्र प्रवर्तित है एवं प्रमुख राष्ट्रीय कार्यक्रम जैसे मातृ स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, टीकाकरण, टी.बी. उन्मूलन, शिशु स्वास्थ्य पोषण, सिकल सेल, किशोर स्वास्थ्य, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, गैर-संचारी कार्यक्रम, अंधत्व निवारण, कुष्ठ उन्मूलन, प्रधानमंत्री डायलिसिस सेवा, निःशुल्क दवा एवं जांच इत्यादि स्वास्थ्य कार्यक्रमों का संचालन किया जाता है।</p>
<p>स्वीकृति अनुसार आयुष्मान भारत- प्रधानमंत्री जन आरोग्य और आयुष्मान भारत (नॉन एस. ई. सी. सी. हितग्राही) के संचालन के लिए 12 हजार 123 करोड़ 81 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। योजना अंतर्गत गरीब एवं कमजोर वर्ग को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जाती है। स्वास्थ्य व्यय के कारण होने वाली आर्थिक हानि को रोकते हुए सरकारी एवं सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण उपचार कैशलेस रूप में उपलब्ध कराना आवश्यक है। सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लक्ष्य की पूर्ति, उपचार तक सहज पहुँच तथा सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना ही इस योजना का प्रमुख आधार है। स्वास्थ्य संस्थाओं की सुरक्षा एवं सफाई व्यवस्था के लिए 1,159 करोड़ 58 लाख रूपये स्वीकृत किए गये है। जिला स्तरीय अमला योजना के लिए 654 करोड़ 84 लाख रूपये स्वीकृत किए गए हैं। जिला स्तरीय अमला योजना लगभग 40-50 वर्ष से संचालित है।</p>
<p><strong>कृषि विश्वविद्यालय के निरंतर संचालन के लिए 795 करोड़ 59 लाख रूपये की स्वीकृति</strong></p>
<p>मंत्रि-परिषद ने जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय को वेतन भत्तों मानदेय आदि के लिए ब्लाक ग्राण्ट योजना के आगामी 05 वर्षो वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 795 करोड़ 59 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। वर्तमान में विश्वविद्यालय के अधीन 11 महाविद्यालय और 8 अनुसंधान केन्द्र संचालित हैं, जिनके माध्यम से कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं कृषि विस्तार संबंधी गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। विश्वविद्यालय में कार्यरत अधिकारियों, वैज्ञानिकों और कर्मचारियों के अतिरिक्त लगभग 500 ओल्ड पेंशनरों के वेतन, भत्तों, मानदेय एवं पेंशन संबंधी वित्तीय दायित्वों के साथ-साथ संस्थानों के आवश्यक प्रशासनिक एवं आकस्मिक व्ययों की पूर्ति राज्य शासन द्वारा ब्लॉक ग्रांट के माध्यम से की जाती है।</p>
<p><strong>खनिज साधन विभाग की परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 2 करोड़ 50 लाख रूपये की स्वीकृति</strong></p>
<p>मंत्रि-परिषद ने खनिज साधन विभाग अंतर्गत विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण से संबंधित योजना के वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 2 करोड़ 50 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। खनिज साधन विभाग में कुल 54 खनिज भवन है। खनिज भवनों को निर्मित हुए 10 वर्ष से अधिक की अवधि हो चुकी है इसलिए योजना अंतर्गत भवनों में मरम्मत तथा संधारण का कार्य निरंतर रूप से कराया जा रहा है।</p>
<p><strong>देवास की पटाखा फैक्ट्री में अग्नि दुर्घटना जाँच के लिए गठित एकल सदस्यीय न्यायिक जाँच आयोग का अनुमोदन</strong></p>
<p>मंत्रि-परिषद द्वारा देवास जिले में 14 मई 2026 को टोकंकला में स्थित पटाखा फैक्ट्री में घटित दुखद अग्नि दुर्घटना की न्यायिक जाँच के लिए सुभाष काकड़े सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति, उच्च न्यायालय जबलपुर की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय न्यायिक जाँच आयोग गठित किये जाने और जॉच आयोग के कार्यकाल में तीन माह 14 अगस्त 2026 तक की वृद्धि किये जाने के संबंध में जारी अधिसूचना का अनुसमर्थन किया गया।</p>
<p><strong>मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के 63वें, 64वें और 68वें वार्षिक प्रतिवेदन को विधान सभा के पटल पर रखने का अनुमोदन</strong></p>
<p>मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के 63वें, 64वें और 68वें वार्षिक प्रतिवेदन एवं जिन प्रकरणों में आयोग की सलाह स्वीकार नहीं की गई है, उनके संबंध में ज्ञापन के साथ विधान सभा के पटल पर रखे जाने का अनुमोदन दिया है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां समय&#45;सीमा में करें पूर्ण&#45; कलेक्टर झा</title>
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<description><![CDATA[ स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां समय-सीमा में करें पूर्ण- कलेक्टर झा कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने उत्कृष्ट विद्यालय मैदान का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा अनूपपुर   कलेक्टर रत्नाकर झा एवं पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराद ने आज उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मैदान का निरीक्षण कर 15 अगस्त को आयोजित होने वाले जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 19:15:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>स्वतंत्रता, दिवस, समारोह, की, तैयारियां, समय-सीमा, में, करें, पूर्ण-, कलेक्टर, झा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां समय-सीमा में करें पूर्ण- कलेक्टर झा</strong></p>
<p><strong>कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने उत्कृष्ट विद्यालय मैदान का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा</strong></p>
<p><strong>अनूपपुर </strong><br>
 कलेक्टर रत्नाकर झा एवं पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराद ने आज उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मैदान का निरीक्षण कर 15 अगस्त को आयोजित होने वाले जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों का जायजा लिया। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं आपसी समन्वय से समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।</p>
<p>कलेक्टर झा ने साफ-सफाई, रंग-रोगन, मंच एवं ध्वजारोहण स्थल, परेड मैदान, बैठक व्यवस्था, पेयजल, विद्युत, ध्वनि विस्तारक यंत्र, वाहन पार्किंग तथा प्रवेश-निकास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस जिले का महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व है। सभी अधिकारी अपने-अपने दायित्वों की नियमित समीक्षा करते हुए शेष कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराएं, ताकि 15 अगस्त को जिला स्तरीय समारोह गरिमापूर्ण एवं भव्य रूप से संपन्न हो सके।</p>
<p>पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराद ने समारोह स्थल की सुरक्षा, यातायात, प्रवेश-निकास एवं वाहन पार्किंग व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने समारोह के दौरान सुचारू आवागमन एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।</p>
<p>इसके पश्चात कलेक्टर झा ने 15 अगस्त को आयोजित होने वाले विशेष मध्याह्न भोजन कार्यक्रम हेतु चयनित जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित राजा शंकर शाह, रघुनाथ शाह बालक आश्रम (अंग्रेजी माध्यम), परसवार, अनूपपुर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारी को कार्यक्रम की आवश्यक तैयारियां समय-सीमा में पूर्ण करने तथा भोजन, स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।</p>
<p>निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी, अपर कलेक्टर बलवीर रमन, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सुप्राशी अग्रवाल, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग सुसरिता नायक सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>बैडमिंटन चैंपियनशिप में बंदर बनेंगे चुनौती, भगाने के लिए बुलाए गए ‘मंकी व्हिस्परर्स’</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली  अगले सप्ताह दिल्ली में शुरू होने वाली बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के दौरान बंदरों की दखलअंदाजी रोकने के लिए आयोजकों ने एक अनोखा उपाय अपनाया है। उन्होंने तीन पेशेवर विशेषज्ञों को बुलाया है, जो लंगूर की तरह आवाज निकाल सकते हैं ताकि बंदरों को स्टेडियम से दूर भगाया जा सके। बंदर भगाने के … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 19:00:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
 अगले सप्ताह दिल्ली में शुरू होने वाली बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के दौरान बंदरों की दखलअंदाजी रोकने के लिए आयोजकों ने एक अनोखा उपाय अपनाया है। उन्होंने तीन पेशेवर विशेषज्ञों को बुलाया है, जो लंगूर की तरह आवाज निकाल सकते हैं ताकि बंदरों को स्टेडियम से दूर भगाया जा सके।</p>
<p><strong>बंदर भगाने के लिए अनोखा तरीका</strong><br>
भारतीय स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू ने माना कि यह उपाय सुनने में लोगों को मजाकिया लग सकता है लेकिन उन्होंने कहा कि इससे यह भी पता चलता है कि भारत इस विश्वस्तरीय आयोजन को सफल बनाने के लिए कितनी गंभीरता से प्रयास कर रहा है। 17 सालों बाद भारत में लौट रही बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप के लिए भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) ने मिलकर इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम का व्यापक कायाकल्प किया है। इसका उद्देश्य इस साल जनवरी में हुए इंडिया ओपन के दौरान सामने आई अव्यवस्थाओं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई आलोचना जैसी स्थिति से बचना है।</p>
<p><strong>मंकी व्हिस्परर्स को दी जाएगी जिम्मेदारी</strong><br>
आयोजकों ने तीन प्रशिक्षित ‘मंकी व्हिस्परर्स’ (बंदरों को नियंत्रित करने वाले विशेषज्ञ) को नियुक्त किया है जो लंगूर की आवाज निकालकर ‘रीसस मकाक’ प्रजाति के बंदरों को डराकर भगाएंगे। ये बंदर मध्य दिल्ली और इंदिरा गांधी स्टेडियम के आसपास बड़ी संख्या में पाए जाते हैं। इंदिरा गाधी स्टेडियम में ही 17 से 23 अगस्त तक विश्व चैंपियनशिप आयोजित होगी।</p>
<p><strong>इंडिया ओपन के समय हुआ था बवाल</strong><br>
यह अनोखा कदम जनवरी में हुए इंडिया ओपन के बाद उठाया गया है। उस टूर्नामेंट के दौरान बंदर दर्शक दीर्घा तक पहुंच गए थे जिससे कुछ समय के लिए मुकाबलों में व्यवधान पड़ा और इसकी तस्वीरें अंतरराष्ट्रीय मीडिया में सुर्खियां बनी थीं। विशेषज्ञों के अनुसार, ‘रीसस मकाक’ बंदर लंगूर से डरते हैं क्योंकि लंगूर आकार में उनसे काफी बड़े होते हैं। इसी स्वाभाविक डर का फायदा उठाने के लिए लंगूर की आवाज की नकल का इस्तेमाल किया जा रहा है। गौरतलब है कि ऐसे कार्यों के लिए वास्तविक लंगूरों के इस्तेमाल पर साल 2012 में प्रतिबंध लगा दिया गया था।</p>
<p><strong>पीवी सिंधु ने भी किया सपोर्ट</strong><br>
दो बार<strong> </strong>की ओलंपिक पदक विजेता और पूर्व विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता सिंधु ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘इस उपाय पर लोग हंस सकते हैं, लेकिन इसके पीछे किए जा रहे प्रयास की सराहना जरूर करनी चाहिए। भारत दुनिया का स्वागत करने के लिए तैयार हो सके, इसके लिए पर्दे के पीछे बहुत से लोग मेहनत कर रहे हैं। हमारे समाधान भले ही पूरी तरह भारतीय हों, लेकिन हमारी गर्मजोशी, हमारा जज्बा और हमारी मेहमाननवाजी भी उतनी ही भारतीय है।’</p>]]> </content:encoded>
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<title>छात्रों के मुद्दे पर NDA का विपक्षी अंदाज, संसद परिसर में मार्च; राहुल गांधी पर साधा निशाना</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली संसद के मौजूदा मॉनसून सत्र में हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसदों ने विपक्ष के रवैये के खिलाफ संसद भवन के मकर द्वार तक मार्च निकाला। सत्ताधारी सांसदों ने इस दौरान नेता विपक्ष राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। एनडीए सांसदों का आरोप … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 19:00:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>संसद के मौजूदा मॉनसून सत्र में हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसदों ने विपक्ष के रवैये के खिलाफ संसद भवन के मकर द्वार तक मार्च निकाला। सत्ताधारी सांसदों ने इस दौरान नेता विपक्ष राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। एनडीए सांसदों का आरोप है कि विपक्ष जानबूझकर संसद की कार्यवाही को बाधित कर रहा है और छात्र प्रदर्शन के मुद्दे पर चर्चा से भाग रहा है। इस मार्च से ठीक पहले सत्ता पक्ष के सांसदों ने 'मंगल मिलन' कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई शीर्ष नेता मौजूद रहे।</p>
<p>बता दें कि संसद में जारी गतिरोध समाप्त करने के लिए सरकार ने सोमवार को ही प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई पर चर्चा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की पेशकश की थी। हालांकि कांग्रेस ने कहा कि विपक्ष राम मंदिर से चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर चर्चा, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री के जवाब तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी की अपनी मांगों पर कायम है।</p>
<p>मंगलवार को जब सत्ताधारी दलों ने अपना मार्च निकाला उसी वक्त कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भी सदन की ओर जा रही थीं। इस दौरान सांसदों ने उनसे भी सवाल किए। हालांकि प्रियंका बिना कुछ कहे आगे बढ़ गईं।</p>
<p>NDA के सांसदों ने विपक्ष के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाया कि वे संसद में चर्चा से भाग रहे हैं। BJP सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, "झारखंड के युवाओं को न्याय मिलना चाहिए। उन पर जिस तरह से लाठीचार्ज किया गया और ज्यादतियां हुईं, उससे राहुल गांधी की सोच का पता चलता है- इससे साफ होता है कि उनके समर्थकों की सरकार वाले राज्य में युवाओं के साथ कैसा बुरा बर्ताव हो रहा है और उन्हें न्याय से कैसे वंचित रखा जा रहा है। फिर भी, दूसरी तरफ, वे खुद तो सदन में आते नहीं, लेकिन गृह मंत्री से जवाब मांगते हैं। गृह मंत्री जवाब देने के लिए तैयार हैं, लेकिन राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी सिर्फ सुर्खियों में बने रहने के लिए झूठ फैला रहे हैं और गैर-जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं।" BJP सांसद अरुण गोविल ने कहा, "अब जब हम बहस के लिए तैयार हैं, तो वे इससे भाग रहे हैं। विपक्ष बहुत गैर-ज़िम्मेदाराना व्यवहार कर रहा है।"</p>
<p><strong>विपक्ष का भी जोरदार प्रोटेस्ट</strong><br>
बता दें कि इससे पहले कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष भी पिछले कई दिनों से इसी तरह के मार्च निकाल रहा है। अब सत्ताधारी दल भी उसी राह पर है। एनडीए को झारखंड में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद विपक्ष को घेरने को मौका मिल गया है। झारखंड में JMM के साथ कांग्रेस के गठबंधन की सरकार है। भाजपा सांसद राहुल गांधी से जवाब मांगते हुए सवाल भी कर रहे हैं कि क्या छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद कांग्रेस अपना समर्थन वापस लेगी।</p>
<p><strong>इतना ही नहीं, मंगलवार को भी संसद में NDA के अलावा, कांग्रेस के सांसदों ने भी विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस सांसद जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुई 'पुलिस कार्रवाई' को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री के खिलाफ विरोध कर रहे हैं।</strong></p>
<p><strong>'मंगल मिलन' में दिखा देशभक्ति का रंग</strong><br>
इससे पहले संसद की लाइब्रेरी बिल्डिंग स्थित जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में एनडीए संसदीय दल की साप्ताहिक 'मंगल मिलन' बैठक आयोजित की गई। इस दौरान माहौल पूरी तरह से देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत सभी सांसदों के हाथों में तिरंगा था और पूरा हॉल 'वंदे मातरम' तथा 'भारत माता की जय' के नारों से गूंज उठा। इस अहम बैठक में पीएम मोदी के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, किरेन रिजिजू और अर्जुन राम मेघवाल सहित एनडीए के तमाम सांसद उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>मकर द्वार तक मार्च और विपक्ष पर सीधा हमला</strong><br>
'मंगल मिलन' बैठक खत्म होने के बाद एनडीए के सांसदों ने संसद के मकर द्वार की ओर अपना मार्च शुरू किया। प्रदर्शन कर रहे सांसदों के हाथों में तख्तियां थीं। सरकार की ओर से यह संदेश स्पष्ट रूप से दिया गया कि गृह मंत्री अमित शाह जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर सदन में बयान देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं, लेकिन विपक्षी दल जानबूझकर इस बहस से कन्नी काट रहे हैं।</p>
<p><strong>किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी को दी नसीहत</strong><br>
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस गतिरोध को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा तंज कसा। रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी पिछले कई दिनों से गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग कर रहे थे। अब जब गृह मंत्री उनके सभी सवालों का विस्तार से जवाब देने के लिए तैयार बैठे हैं, तो राहुल गांधी को संसद से "भागना" नहीं चाहिए और सदन में रहकर इस चर्चा में शामिल होना चाहिए।</p>]]> </content:encoded>
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<title>जब आंगन में छलका पानी बदल गई जिंदगानी</title>
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<description><![CDATA[ जब आंगन में छलका पानी बदल गई जिंदगानी गलियों में पानी के बर्तनों का सफर थमा, अब हर सुबह नल की धार से शुरू होती है कहानी रायपुर सुबह के वक्त अब सेवैयाकला की गलियों में पानी का बर्तन लिए महिलाओं की कतारें दिखाई नहीं देतीं। घरों के आंगन में लगे नल खुलते हैं और … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 18:45:24 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>जब, आंगन, में, छलका, पानी, बदल, गई, जिंदगानी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>जब आंगन में छलका पानी बदल गई जिंदगानी</strong></p>
<p><strong>गलियों में पानी के बर्तनों का सफर थमा, अब हर सुबह नल की धार से शुरू होती है कहानी</strong></p>
<p><strong>रायपुर</strong><br>
सुबह के वक्त अब सेवैयाकला की गलियों में पानी का बर्तन लिए महिलाओं की कतारें दिखाई नहीं देतीं। घरों के आंगन में लगे नल खुलते हैं और साफ पानी की धार बहने लगती है। बच्चों के हाथों में अब पानी से भरी बाल्टियां नहीं, स्कूल का बस्ता है। यह बदलाव अचानक नहीं आया। यह उस योजना का परिणाम है, जिसने पानी को सुविधा नहीं, बल्कि सम्मान और राहत से जोड़ दिया है।</p>
<p>महासमुंद के पिथौरा विकासखंड के ग्राम पंचायत टेका के आश्रित गांव सेवैयाकला ने इस साल जून में 'हर घर जल' का लक्ष्य हासिल कर लिया। जल जीवन मिशन के तहत अब गांव के सभी 185 घरों तक नियमित रूप से नल से स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। गांववालों के लिए यह केवल एक सरकारी उपलब्धि नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में आया ऐसा बदलाव है, जिसे वे हर सुबह महसूस करते हैं।</p>
<p>गांव की देविका साहू मुस्कराते हुए कहती हैं, "पहले पानी लाना ही सबसे बड़ा काम था। गर्मी में तो कई बार आधा दिन इसी में निकल जाता था। अब नल खोलते ही पानी मिल जाता है। समय भी बचता है और चिंता भी खत्म हो गई है।" उनकी बात सुनते हुए आसपास खड़ी महिलाएं भी सहमति में सिर हिलाती हैं। गांव में शायद ही कोई ऐसा परिवार हो, जिसकी दिनचर्या इस बदलाव से अछूती रही हो।</p>
<p>दरअसल, पानी केवल प्यास बुझाने का साधन नहीं होता। गांवों में यह महिलाओं के श्रम, बच्चों के समय और पूरे परिवार के स्वास्थ्य से जुड़ा होता है। सेवैयाकला में नल से जल पहुंचने के बाद यही बदलाव सबसे स्पष्ट दिखाई देता है। सुबह के जिन घंटों में पहले पानी की जद्दोजहद होती थी, अब वही समय बच्चों की पढ़ाई, खेती-किसानी और घरेलू कामों में लग रहा है।</p>
<p>इस बदलाव के पीछे जल जीवन मिशन के तहत 81 लाख 52 हजार रुपए की लागत से तैयार की गई जलापूर्ति व्यवस्था है। गांव में 40 किलोलीटर क्षमता की ऊंची पानी टंकी बनाई गई है। 3825 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाकर प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन पहुंचाया गया है। प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र को भी इसी व्यवस्था से जोड़ा गया है, जिससे बच्चों को भी स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है।</p>
<p>सरपंच श्रीमती कमली बसंत और सचिव श्रीमती हेमलता साहू के नेतृत्व में योजना को समय पर पूरा किया गया। लेकिन इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि गांव ने इसे केवल सरकारी योजना मानकर नहीं छोड़ा। इसके संचालन और रखरखाव के लिए ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति बनाई गई है। जलापूर्ति व्यवस्था के संचालन-संधारण के लिए हर परिवार 60 रुपए प्रतिमाह दे रहा है, ताकि आने वाले वर्षों में भी निर्बाध पानी मिलता रहे। गांव के मिथिलेश बसंत प्रतिदिन तय समय पर पंप संचालन कर पूरे गांव तक पानी पहुंचाने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।</p>
<p>सेवैयाकला की कहानी बताती है कि विकास केवल आंकड़ों में नहीं दिखता, वह लोगों की बदली हुई दिनचर्या में दिखाई देता है। जब किसी महिला को पानी के लिए कई किलोमीटर नहीं चलना पड़ता, जब बच्चे पानी ढोने की जगह समय पर स्कूल पहुंचते हैं और जब हर घर में बिना चिंता के स्वच्छ पानी उपलब्ध होता है, तभी किसी योजना की असली सफलता दिखाई देती है।</p>
<p>आज सेवैयाकला में बहता पानी केवल नलों से नहीं आ रहा, बल्कि वह ग्रामीण जीवन में सुविधा, स्वास्थ्य और सम्मान का नया भरोसा भी लेकर आया है। जल जीवन मिशन की यह सफलता केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि बदलाव की जीवंत मिसाल है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बहुउद्देशीय मिनी स्टेडियम और इनडोर हॉल का किया लोकार्पण</title>
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<description><![CDATA[ उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बहुउद्देशीय मिनी स्टेडियम और इनडोर हॉल का किया लोकार्पण नगरवासियों को मिलेंगी खेल एवं अन्य गतिविधियां संचालित करने की सुविधा उप मुख्यमंत्री विद्यार्थियों से हुए रू-ब-रू, कहा वीर शहीदों की शहादत व उनके सपनों को संजोकर रखने की जिम्मेदारी आप सब की रायपुर.   उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 18:45:20 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>उप, मुख्यमंत्री, अरुण, साव, ने, बहुउद्देशीय, मिनी, स्टेडियम, और, इनडोर, हॉल, का, किया, लोकार्पण</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बहुउद्देशीय मिनी स्टेडियम और इनडोर हॉल का किया लोकार्पण</strong></p>
<p><strong>नगरवासियों को मिलेंगी खेल एवं अन्य गतिविधियां संचालित करने की सुविधा</strong></p>
<p><strong>उप मुख्यमंत्री विद्यार्थियों से हुए रू-ब-रू, कहा वीर शहीदों की शहादत व उनके सपनों को संजोकर रखने की जिम्मेदारी आप सब की</strong></p>
<p><strong>रायपुर. </strong><br>
 उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने आज कांकेर में तिरंगा यात्रा के समापन अवसर पर मेलाभाठा के समीप नवनिर्मित मिनी स्टेडियम एवं बहुउद्देशीय इनडोर हॉल का लोकार्पण किया। उन्होंने फुटबॉल को किक कर गोल दागकर खेल मैदान का शुभारंभ किया। साव ने कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि तिरंगा यात्रा देश की स्वाधीनता, आत्मनिर्भरता और महान क्रांतिकारियों के अमर बलिदानों का पर्याय है। उनके सपनों को संजोकर व सहेजकर रखने की जिम्मेदारी आप सभी के कंधों पर है।</p>
<p>उप मुख्यमंत्री साव ने नवनिर्मित मिनी स्टेडियम एवं बहुउद्देशीय इनडोर हॉल परिसर में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में कहा कि जिन महान देशभक्तों ने अपने प्राणों की आहुति देकर देश को वर्षों की गुलामी से आजादी दिलाई, उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। क्रांतिवीरों के बलिदान से मिली आजादी के बाद देश को आत्मनिर्भर, विश्व गुरू और सोने की चिड़िया बनाने में निश्चित तौर पर विद्यार्थियों की बड़ी भूमिका रहेगी। उन्होंने कहा कि इस मल्टीपरपज मिनी स्टेडियम के निर्माण से स्थानीय खेल प्रतिभाओं को व्यापक सुविधाएं मुहैया होंगी, साथ ही युवक-युवतियों को एक बेहतर प्लेटफॉर्म भी मिलेगा। </p>
<p>साव ने बताया कि हाल ही में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में राजनांदगांव की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव ने वेट-लिफ्टिंग में रजत पदक हासिल किया, जो पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उम्मीद है कि कांकेर जिले की छिपी हुई खेल प्रतिभाओं के लिए यह मिनी स्टेडियम एक बेहतर प्लेटफॉर्म साबित होगा। विधायक आशाराम नेताम ने कार्यक्रम में नगरवासियों को बधाई देते हुए खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने तथा नगर को स्वच्छ व सुंदर बनाने की अपील की। कांकेर जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी तथा नगर पालिका के अध्यक्ष अरुण कौशिक ने भी नवनिर्मित मिनी स्टेडियम एवं इनडोर हॉल के लोकार्पण की बधाई देते हुए इसे कांकेर शहर के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर भी लोकार्पण कार्यक्रम में मौजूद थे।<br>
 <br>
<strong>7 करोड़ की लागत से मल्टीपरपज मिनी स्टेडियम, 2.40 करोड़ से बना है बहुउद्देशीय इनडोर हॉल</strong></p>
<p>कांकेर में लगभग 7 करोड़ रुपए की लागत से इस मल्टीपरपज मिनी स्टेडियम तथा 2.40 करोड़ रुपए से बहुउद्देशीय इनडोर हॉल का निर्माण किया गया है। मिनी स्टेडियम में फुटबॉल ग्राउण्ड, क्रिकेट बॉक्स, बास्केटबॉल ग्राउण्ड, रनिंग ट्रैक सहित विभिन्न खेलों के नेट प्रैक्टिस की सुविधा है। इसी तरह मल्टीपरपज इनडोर हॉल में बैडमिंटन कोर्ट, टेबल टेनिस, कुश्ती सहित अलग-अलग खेलों के इनडोर अभ्यास की सुविधा है। आउटडोर जिम की भी सुविधा यहां है। इसके निर्माण से नगरवासियों को स्थानीय स्तर पर आधुनिक खेल मैदान एवं बेहतर तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। </p>
<p><strong>मिनी स्टेडियम परिसर में रोपे नारियल के पौधे</strong></p>
<p>उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विधायक आशाराम नेताम ने नवनिर्मित मिनी स्टेडियम एवं बहुउद्देशीय इनडोर हॉल परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत नारियल के पौधे लगाए। अन्य अतिथियों ने भी परिसर में पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया।</p>]]> </content:encoded>
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<title>बस्तर तिरंगा यात्रा में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा होंगे शामिल</title>
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<description><![CDATA[ बस्तर तिरंगा यात्रा में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा होंगे शामिल नक्सल प्रभाव से बाहर आए गांवों तक पहुंचेगी बाइक रैली महिला बाइकर्स भी होंगी सहभागी, शहीद स्थलों पर श्रद्धांजलि के साथ स्मृति के लिए मिट्टी का होगा संग्रहण रायपुर,   स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बस्तर अंचल में राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेश लेकर ‘बस्तर तिरंगा … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 18:45:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>बस्तर, तिरंगा, यात्रा, में, उपमुख्यमंत्री, विजय, शर्मा, होंगे, शामिल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>बस्तर तिरंगा यात्रा में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा होंगे शामिल</strong></p>
<p><strong>नक्सल प्रभाव से बाहर आए गांवों तक पहुंचेगी बाइक रैली</strong></p>
<p><strong>महिला बाइकर्स भी होंगी सहभागी, शहीद स्थलों पर श्रद्धांजलि के साथ स्मृति के लिए मिट्टी का होगा संग्रहण</strong></p>
<p><strong>रायपुर, </strong><br>
 स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बस्तर अंचल में राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेश लेकर ‘बस्तर तिरंगा यात्रा 2026’ का आयोजन किया जा रहा है। 12 से 15 अगस्त तक प्रस्तावित इस तिरंगा यात्रा में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी शामिल होंगे। मोटरसाइकिलों के माध्यम से आयोजित होने वाली यह यात्रा बस्तर के उन क्षेत्रों और ग्रामों तक पहुंचेगी, जो कभी नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे हैं और अब शांति, सुरक्षा एवं विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहे हैं। हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता एवं गौरव की भावना <strong>को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।</strong></p>
<p><strong>बस्तर अब विश्वास, शांति और विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है</strong></p>
<p>         यात्रा का उद्देश्य बस्तर की बदलती तस्वीर को देश-दुनिया के सामने रखना, युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना तथा नक्सल हिंसा में शहीद हुए वीर जवानों और नागरिकों के सर्वाेच्च बलिदान को नमन करना है। यात्रा के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि बस्तर अब अमन, विश्वास, शांति और विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस यात्रा माध्यम से अब तिरंगा बस्तर के कोने कोने तक फहराया जायेगा और भारत का संविधान भी राज्य के कोने कोने में लागू होने का संदेश सभी को दिया जाएगा।</p>
<p><strong>शहीद स्थलों पर श्रद्धांजलि, शहीद परिवारों का सम्मान</strong></p>
<p><strong>       तिरंगा यात्रा के दौरान उन स्थानों पर विशेष रूप से श्रद्धां</strong>जलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां बड़े नक्सली हमले हुए अथवा व्यापक जनहानि हुई थी। प्रत्येक शहीद स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ दो मिनट का मौन रखा जाएगा तथा शहीद परिवारों का सम्मान किया जाएगा। </p>
<p><strong>आने वाली पीढ़ियां इन वीर शहीदों के त्याग और बलिदान से प्रेरणा ले सकें</strong></p>
<p>         इस यात्रा की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में शहीदों की शहादत वाले स्थानों की मिट्टी को श्रद्धापूर्वक संग्रहित एवं संरक्षित किया जाएगा। इस पवित्र मिट्टी को भविष्य में शहीदों के लिए निर्मित किए जाने वाले संग्रहालय में सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां इन वीर शहीदों के त्याग और बलिदान से प्रेरणा ले सकें। यह पहल शहीदों की स्मृति को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने का भावनात्मक और ऐतिहासिक माध्यम बनेगी।</p>
<p><strong>महिला बाइकर्स की विशेष भागीदारी</strong></p>
<p>        बस्तर तिरंगा यात्रा में वुमन बाइकर्स रैली  की विशेष भागीदारी रहेगी। प्रत्येक जिले से बड़ी संख्या में बाइक राइडर शामिल होंगे और महिला बाइकर्स भी तिरंगा हाथ में लेकर इस यात्रा का हिस्सा बनेंगी। यात्रा में स्थानीय युवा, स्वयंसेवी संगठन, महिला समूह, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, स्काउट-गाइड और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी सहभागिता रहेगी। </p>
<p><strong>तीन दिनों में बस्तर के दुर्गम इलाकों तक पहुंचेगी तिरंगा यात्रा</strong></p>
<p>          बस्तर तिरंगा यात्रा 12 अगस्त को यात्रा नारायणपुर से प्रारंभ होकर धौड़ाई, कन्हारगांव, कोड़ेनार, बोदली, सातधार, बारसूर और गीदम होते हुए दंतेवाड़ा पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा। 13 अगस्त को यात्रा दंतेवाड़ा से कुआकोंडा, भुसारास घाटी, चिंगावरम, सुकमा, एर्राबोर, मनीकोंटा, दोरनापाल, पोलमपल्ली, बुर्कापाल, मिनपा-टाड़मेटला, चिंतलनार, जगरगुंडा, सिलगेर, टेकलगुड़ेम और आवापल्ली होते हुए बीजापुर पहुंचेगी। बीजापुर में रात्रि विश्राम होगा। 14 अगस्त को यात्रा बीजापुर से आवापल्ली, उसूर, गलगम, नंबी और ताड़पाला होते हुए कुर्रेगुट्टालु पहाड़ी पहुंचेगी, जहां यात्रा के अंतिम पड़ाव पर कभी माओवादियों का गढ़ माने जाने वाले कुर्रेगुट्टालु की पहाड़ी पर तिरंगा फहराया जाएगा।</p>
<p><strong>‘एक पेड़ शहीदों के नाम’ से होंगे पौधरोपण</strong></p>
<p>          इस यात्रा के प्रत्येक घटना स्थल पर ‘एक पेड़ शहीदों के नाम’ अभियान के तहत स्थल पर जितने लोग शहीद हुए हैं उतने ही पौधों का पौधरोपण किया जाएगा। इसके साथ ही युवाओं, विद्यार्थियों और खेल प्रतिभाओं से संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नशामुक्ति एवं साइबर सुरक्षा के प्रति भी जागरूकता का संदेश दिया जाएगा। </p>
<p><strong>बस्तर की संस्कृति और विकास की झलक भी दिखेगी</strong></p>
<p>         तिरंगा यात्रा के दौरान सांस्कृतिक संध्याओं में बस्तर के पारंपरिक लोकनृत्य, देशभक्ति गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, डिजिटल सेवाओं और विभिन्न शासकीय योजनाओं पर आधारित विकास प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। पुनर्वासित युवाओं की सफलता की कहानियों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। </p>
<p><strong>बस्तर की वादियों में होगी शांति की दौड़</strong></p>
<p>       प्रत्येक जिला मुख्यालय में बस्तर की वादियों के मध्य बस्तर शांति दौड़ का भी आयोजन किया जाएगा। विशाल तिरंगा मार्च, राष्ट्रगान, <strong>शहीद सम्मान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। </strong></p>
<p><strong>तिरंगा यात्रा बनेगी नए बस्तर की पहचान</strong></p>
<p>        ‘बस्तर तिरंगा यात्रा 2026’ केवल एक बाइक रैली नहीं, बल्कि शहादत को नमन, युवाओं को प्रेरित करने, सामाजिक एकता मजबूत करने और बस्तर की नई पहचान को देश के सामने रखने का अभियान है। तिरंगे के साथ बस्तर के गांवों और उन स्थानों तक पहुंचने वाली यह यात्रा उन इलाकों में विश्वास का संदेश लेकर जाएगी, जहां कभी हिंसा और भय का साया था।</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>CG में 17 आपराधिक मामलों के आरोपी ‘मराठा’ पर NSA की कार्रवाई, 3 महीने के लिए जेल भेजा</title>
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<description><![CDATA[ दुर्ग. पुराने और वर्तमान आपराधिक रिकॉर्ड को डिजिटल और अद्यतन करने की दिशा में दुर्ग पुलिस की पहल के बीच एक सक्रिय अपराधी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। थाना छावनी क्षेत्र के मिलन चौक, कैम्प-02 भिलाई निवासी हिस्ट्रीशीटर शुभम तागड़े उर्फ मराठा (उम्र 29 साल) के खिलाफ वर्ष 2015 से 2026 तक कुल … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 18:45:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>में, आपराधिक, मामलों, के, आरोपी, ‘मराठा’, पर, NSA, की, कार्रवाई, महीने, के, लिए, जेल, भेजा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>दुर्ग.</strong></p>
<p>पुराने और वर्तमान आपराधिक रिकॉर्ड को डिजिटल और अद्यतन करने की दिशा में दुर्ग पुलिस की पहल के बीच एक सक्रिय अपराधी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। थाना छावनी क्षेत्र के मिलन चौक, कैम्प-02 भिलाई निवासी हिस्ट्रीशीटर शुभम तागड़े उर्फ मराठा (उम्र 29 साल) के खिलाफ वर्ष 2015 से 2026 तक कुल 17 आपराधिक प्रकरण दर्ज पाए गए।</p>
<p>आपराधिक गतिविधियों और लोक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए जिला दंडाधिकारी, दुर्ग ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA), 1980 की धारा 3(2) के तहत उसे तीन महीने के लिए निरुद्ध करने का आदेश जारी किया है। आरोपी को केंद्रीय जेल, दुर्ग में रखा गया है। दुर्ग पुलिस के मुताबिक, पुराने पुलिस रिकॉर्ड को डिजिटल, ऑनलाइन और अद्यतन किए जाने से लंबे समय से सक्रिय अपराधियों की पहचान और उनके आपराधिक इतिहास की समीक्षा अब पहले की तुलना में तेजी से की जा रही है। एकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए किसी व्यक्ति से जुड़े पुराने और वर्तमान मामलों की जानकारी एक साथ प्राप्त कर प्रकरणवार और व्यक्ति-वार विश्लेषण करना संभव हुआ है।</p>
<p><strong>2015 से 2026 तक दर्ज हुए 17 मामले</strong><br>
पुलिस रिकॉर्ड की समीक्षा में शुभम तागड़े उर्फ मराठा के खिलाफ वर्ष 2015 से 2026 के बीच कुल 17 आपराधिक प्रकरण दर्ज होना पाया गया। इन मामलों में चोरी, मारपीट, लूट, अवैध हथियार, आबकारी अधिनियम और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े प्रकरण शामिल हैं। पुलिस के अनुसार वर्ष 2025 और 2026 में भी उसके खिलाफ मामले दर्ज हुए।</p>
<p><strong>रिकॉर्ड में दर्ज प्रकरणों का विवरण –</strong></p>
<ul>
<li>अपराध क्रमांक 22/2015 – धारा 294, 506, 323, 34 भादवि।</li>
<li>अपराध क्रमांक 64/2015 – धारा 457, 380 भादवि।</li>
<li>अपराध क्रमांक 21/2017 – धारा 379 भादवि।</li>
<li>अपराध क्रमांक 28/2017 – धारा 379 भादवि।</li>
<li>अपराध क्रमांक 206/2018 – धारा 25 आर्म्स एक्ट।</li>
<li>अपराध क्रमांक 421/2018 – धारा 457, 380, 34 भादवि।</li>
<li>अपराध क्रमांक 420/2018 – धारा 457, 380 भादवि।</li>
<li>अपराध क्रमांक 323/2019 – धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट।</li>
<li>अपराध क्रमांक 333/2022 – धारा 392 भादवि।</li>
<li>अपराध क्रमांक 616/2022 – धारा 294, 506बी, 323 भादवि।</li>
<li>अपराध क्रमांक 624/2022 – धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट।</li>
<li>अपराध क्रमांक 375/2023 – धारा 327, 294, 506बी, 323, 34 भादवि।</li>
<li>अपराध क्रमांक 376/2023 – धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट।</li>
<li>अपराध क्रमांक 165/2025 – धारा 34(2) आबकारी अधिनियम।</li>
<li>अपराध क्रमांक 468/2025 – धारा 74 बीएनएस एवं धारा 7, 8 पॉक्सो एक्ट।</li>
<li>अपराध क्रमांक 469/2025 – धारा 126(2), 309(4) बीएनएस एवं पॉक्सो एक्ट।</li>
<li>अपराध क्रमांक 414/2026 – धारा 34(2) आबकारी अधिनियम।</li>
</ul>
<p>पुलिस ने बताया कि उपलब्ध आपराधिक रिकॉर्ड और लोक व्यवस्था के लिए प्रतिकूल गतिविधियों को देखते हुए जिला दंडाधिकारी, दुर्ग द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 1980 की धारा 3(2) के तहत कार्रवाई की गई। आदेश के तहत शुभम तागड़े उर्फ मराठा को तीन माह के लिए केंद्रीय जेल, दुर्ग में निरुद्ध किया गया है। पुलिस का कहना है कि पुराने मामलों को अलग-अलग रजिस्टर और अभिलेखों में तलाशने की प्रक्रिया के बजाय अब डिजिटल रिकॉर्ड के माध्यम से किसी व्यक्ति से संबंधित जानकारी को एक साथ देखा जा सकता है। इससे लंबे समय से सक्रिय व्यक्तियों की पहचान और उनके आपराधिक व्यवहार की समग्र समीक्षा में समय की बचत हो रही है।</p>
<p><strong>डिजिटल रिकॉर्ड से अपराधियों की पहचान में तेजी</strong><br>
दुर्ग पुलिस द्वारा पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को व्यवस्थित कर ऑनलाइन और अद्यतन करने का काम किया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, इस व्यवस्था के कारण वर्षों पुराने प्रकरणों, आरोपियों और उनकी आपराधिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारी को कम समय में प्राप्त किया जा सकता है। नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ पुलिस रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण, तकनीकी संसाधनों और सीसीटीएनएस से प्राप्त जानकारी के इस्तेमाल पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में दुर्ग पुलिस पुलिसिंग को अधिक तकनीक आधारित और रिकॉर्ड-आधारित बनाने की दिशा में काम कर रही है। पुलिस के अनुसार, वर्षों से लंबित और पुराने रिकॉर्ड को व्यवस्थित कर ऑनलाइन एवं अद्यतन किया गया है, जिससे अपराधियों के पुराने और वर्तमान रिकॉर्ड को एक साथ देखकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के लिए उन्हें चिह्नित करना आसान हुआ है।</p>
<p><strong>CCTNS और तकनीकी जानकारी का भी इस्तेमाल</strong><br>
दुर्ग पुलिस अपराध की जांच और अपराधियों की गतिविधियों के विश्लेषण के लिए सीसीटीएनएस तथा अन्य उपलब्ध तकनीकी माध्यमों से प्राप्त जानकारी का भी उपयोग कर रही है। पुलिस के अनुसार, नए कानूनों में उपलब्ध प्रावधानों के अनुरूप डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों के बेहतर इस्तेमाल के जरिए विवेचना और अपराध नियंत्रण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर काम किया जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में डिजिटल रिकॉर्ड, ऑनलाइन पुलिसिंग, तकनीकी साक्ष्य और अपराधों की नियमित समीक्षा को एक साथ जोड़कर डेटा आधारित पुलिसिंग को मजबूत किया जा रहा है। इसका उद्देश्य केवल घटना होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लंबे समय से सक्रिय अपराधियों की पहचान कर उनके रिकॉर्ड के आधार पर समय रहते आवश्यक वैधानिक कदम उठाना भी है।</p>
<p><strong>रिकॉर्ड तैयार करने में CCTNS टीम की भूमिका</strong><br>
दुर्ग पुलिस के अनुसार, पुराने आपराधिक रिकॉर्ड के संकलन, अभिलेखों को ऑनलाइन एवं अद्यतन करने, प्रकरणवार जानकारी की जांच और सक्रिय अपराधियों की पहचान के लिए रिकॉर्ड तैयार करने में CCTNS प्रभारी, CCTNS ऑपरेटरों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का दावा है कि आपराधिक प्रकरणों को ऑनलाइन करने और पुराने रिकॉर्ड को डिजिटल स्वरूप में व्यवस्थित करने की दिशा में दुर्ग पुलिस छत्तीसगढ़ में अग्रणी भूमिका निभा रही है।</p>
<p><strong>अपराधियों के रिकॉर्ड की समीक्षा जारी रहेगी</strong><br>
दुर्ग पुलिस ने कहा है कि अपराधों और अपराधियों के रिकॉर्ड की समीक्षा लगातार जारी रहेगी। लोक व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा को प्रभावित करने वाली आपराधिक गतिविधियों में लगातार सक्रिय पाए जाने वाले व्यक्तियों को उपलब्ध रिकॉर्ड और वैधानिक प्रावधानों पर चिह्नित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी आपराधिक गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।</p>]]> </content:encoded>
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<title>रेड&#45;क्राउंड रूफ कछुओं की अंतर्राष्ट्रीय तस्करी के आरोपियों की अपील खारिज</title>
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<description><![CDATA[ रेड-क्राउंड रूफ कछुओं की अंतर्राष्ट्रीय तस्करी के आरोपियों की अपील खारिज सागर न्यायालय ने बरकरार रखी 3 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा भोपाल  मध्यप्रदेश में दुर्लभ एवं विलुप्तप्राय वन्यजीवों के अवैध व्यापार के खिलाफ स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) को बड़ी सफलता मिली है। सागर के माननीय अपर सत्र न्यायालय ने अत्यंत … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 18:15:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>रेड-क्राउंड, रूफ, कछुओं, की, अंतर्राष्ट्रीय, तस्करी, के, आरोपियों, की, अपील, खारिज</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रेड-क्राउंड रूफ कछुओं की अंतर्राष्ट्रीय तस्करी के आरोपियों की अपील खारिज</strong></p>
<p><strong>सागर न्यायालय ने बरकरार रखी 3 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा</strong></p>
<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मध्यप्रदेश में दुर्लभ एवं विलुप्तप्राय वन्यजीवों के अवैध व्यापार के खिलाफ स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) को बड़ी सफलता मिली है। सागर के माननीय अपर सत्र न्यायालय ने अत्यंत दुर्लभ जलीय जीव रेड-क्राउंड रूफ कछुओं की अंतर्राष्ट्रीय तस्करी के मामले में आरोपी शेखर दास और मोहम्मद सुल्तान की अपीलें खारिज करते हुए विशेष न्यायालय द्वारा सुनाई गई सजा एवं अर्थदंड को बरकरार रखा है।</p>
<p>न्यायालय ने आरोपियों की अपीलको निरस्त करते हुए उन दोनों को 3 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा भुगतने के लिए केंद्रीय जेल सागर भेजने के आदेश जारी किए हैं। दोनों आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।</p>
<p><strong>हवाला से होते थे तस्करी के सौदे, 2017 में हुआ था गिरोह का पर्दाफाश</strong></p>
<p>स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स और वन विभाग की संयुक्त टीम ने वर्ष 2017 में राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य एवं उसके पारिस्थितिकी क्षेत्र से दुर्लभ लाल तिलकधारी कछुओं तथा पैंगोलिन शल्क की तस्करी का पर्दाफाश किया था। जांच में सामने आया कि आरोपी एक अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का हिस्सा थे, जो चंबल नदी से इन दुर्लभ कछुओं को एकत्र कर कोलकाता तथा भारत-बांग्लादेश सीमा के माध्यम से विदेशों में अवैध रूप से भेजता था। गिरोह द्वारा वन्यजीव तस्करी के साथ हवाला के जरिये अवैध वित्तीय लेनदेन का नेटवर्क भी संचालित किया जा रहा था।</p>
<p><strong>न्यायालय ने माना—एसटीएसएफ की जांच और साक्ष्य सही</strong></p>
<p>स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, बयानों और जांच रिपोर्ट के आधार पर विशेष न्यायालय सागर ने 29 मार्च 2022 को दोनों आरोपियों को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (संशोधन 2022) के उल्लंघन का दोषी पाते हुए 3 वर्ष के सश्रम कारावास ली10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई थी।</p>
<p>अपीलीय न्यायालय ने एसटीएसएफ द्वारा की गई विवेचना और प्रस्तुत साक्ष्यों को तथ्यपरक मानते हुए कहा कि विशेष न्यायालय के निर्णय में कोई वैधानिक त्रुटि नहीं है। अपीलीय न्यायालय नेदोनों आरोपियों की अपीलें निरस्त कर उन्हें सजा भुगतने के लिए केंद्रीय जेल सागर भेजने के आदेश जारी कर दिए हैं।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>अंडर&#45;23 राष्ट्रमंडल तलवारबाजी में भारत का जलवा, चार स्वर्ण सहित जीते 17 पदक</title>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली भारत ने पुरुष और महिला दोनों वर्ग की व्यक्तिगत स्पर्धाओं में दबदबा बनाते हुए नाइजीरिया के लागोस में चल रही अंडर-23 राष्ट्रमंडल तलवारबाजी चैंपियनशिप में चार स्वर्ण पदकों सहित 17 पदक जीते। रविवार से शुरू हुई और 14 अगस्त तक चलने वाली इस प्रतियोगिता के पहले दिन भारतीय टीम ने चार स्वर्ण, चार … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 18:00:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>अंडर-23, राष्ट्रमंडल, तलवारबाजी, में, भारत, का, जलवा, चार, स्वर्ण, सहित, जीते, पदक</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong><br>
भारत ने पुरुष और महिला दोनों वर्ग की व्यक्तिगत स्पर्धाओं में दबदबा बनाते हुए नाइजीरिया के लागोस में चल रही अंडर-23 राष्ट्रमंडल तलवारबाजी चैंपियनशिप में चार स्वर्ण पदकों सहित 17 पदक जीते।</p>
<p>रविवार से शुरू हुई और 14 अगस्त तक चलने वाली इस प्रतियोगिता के पहले दिन भारतीय टीम ने चार स्वर्ण, चार रजत और नौ कांस्य पदक जीते। भारतीय तलवारबाजी संघ के अनुसार, भारत ने सेबर, फाइल और ईपी श्रेणियों की सभी छह व्यक्तिगत स्पर्धाओं में कम से कम एक पदक जरूर जीता।</p>
<p><strong>भारतीय खिलाड़ियों ने दिखाया कमाल</strong><br>
पुरुषों के सेबर में निखिल वाघ ने स्वर्ण पदक जीता। लक्ष्य बदसर ने रजत पदक हासिल किया, जबकि अश्विनी आर्य और लैशराम मोरम्बा ने कांस्य पदक जीते। पुरुषों की फाइल स्पर्धा में तेजस पाटिल ने रजत पदक और हेमश सनसम ने कांस्य पदक जीता।</p>
<p>पुरुषों की ईपी स्पर्धा में लोकेश वेमानी ने रजत पदक हासिल किया, जबकि शौर्य अश्विनी और गॉडविन अनबकेस ने कांस्य पदक जीते। जोइस आशिता ने महिला फाइल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता, जबकि कनागलक्ष्मी ने रजत पदक हासिल किया।</p>
<p>महिला ईपी स्पर्धा में प्राची लोहान ने स्वर्ण पदक जबकि निवेद्या नायर और अनुप्रिया ने कांस्य पदक जीते। महिलाओं की सेबर स्पर्धा में जेफरलिन ने स्वर्ण पदक, आखारी ने रजत पदक और श्रेया गुप्ता ने कांस्य पदक जीता।</p>]]> </content:encoded>
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<title>रहाणे के संन्यास पर आया सचिन का पहला फोन, विराट&#45;रोहित समेत इन खिलाड़ियों ने भेजे मैसेज</title>
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<description><![CDATA[ अजिंक्य रहाणे ने अपने क्रिकेट करियर को अलविदा कहने के फैसले पर किसी तरह का पछतावा नहीं जताया है. भारत के इस अनुभवी बल्लेबाज ने कहा कि उन्होंने यह फैसला काफी सोच-समझकर लिया और उन्हें इस बात की पूरी संतुष्टि है कि उन्होंने खेल को अपना सबकुछ दिया. संन्यास की घोषणा के बाद उनके कई … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 18:00:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>रहाणे, के, संन्यास, पर, आया, सचिन, का, पहला, फोन, विराट-रोहित, समेत, इन, खिलाड़ियों, ने, भेजे, मैसेज</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>अजिंक्य रहाणे ने अपने क्रिकेट करियर को अलविदा कहने के फैसले पर किसी तरह का पछतावा नहीं जताया है. भारत के इस अनुभवी बल्लेबाज ने कहा कि उन्होंने यह फैसला काफी सोच-समझकर लिया और उन्हें इस बात की पूरी संतुष्टि है कि उन्होंने खेल को अपना सबकुछ दिया. संन्यास की घोषणा के बाद उनके कई पूर्व भारतीय साथियों ने उनसे संपर्क भी किया.</p>
<p>रहाणे ने बताया कि संन्यास का ऐलान करने के बाद उन्हें सबसे पहले महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का फोन आया था. सचिन ने रहाणे से कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि वह अभी और लंबे समय तक क्रिकेट खेलेंगे.</p>
<p>रहाणे ने कहा कि उन्होंने सचिन को साफ बताया कि वह अपने करियर को अनावश्यक रूप से खींचना नहीं चाहते थे. उनका मानना था कि जब उन्होंने मैदान पर अपना पूरा योगदान दे दिया है और मन में कोई पछतावा नहीं है, तो यही सही समय था.</p>
<p>रहाणे ने 'द इंडियन एक्सप्रेस' से बातचीत में कहा- सबसे पहला फोन सचिन पाजी का आया. उन्होंने कहा कि उन्हें लगा था कि मैं और खेलूंगा. मैंने उनसे कहा कि मैं इसे खींचना नहीं चाहता था, क्योंकि मैं बिना किसी पछतावे के संन्यास ले रहा हूं.</p>
<p><strong>विराट-रोहित समेत इन खिलाड़ियों ने भेजा मैसेज</strong><br>
सिर्फ सचिन ही नहीं, रहाणे के कई पुराने साथियों ने भी उनके संन्यास के बाद उनसे संपर्क किया. इरफान पठान ने उन्हें फोन किया, जबकि चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली, रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह ने मैसेज के जरिए रहाणे से बात की.</p>
<p>रहाणे ने कहा कि इन सभी के सामने उनका जवाब एक जैसा था. उन्होंने बताया कि वह अपने करियर को लेकर संतुष्ट हैं, क्योंकि उन्होंने खेल के लिए पूरी ईमानदारी से मेहनत की और अपना सबकुछ दिया.</p>
<p>उन्होंने कहा- इरफान पठान ने भी फोन किया. पुजारा, विराट, रोहित और बुमराह ने मुझे मैसेज किया. मैंने सभी से एक ही बात कही कि मैं संतुष्ट हूं, क्योंकि मैंने खेल को अपना सबकुछ दिया.</p>
<p>2011 में टीम इंडिया में आए तो सिर्फ सीनियर्स को देखते थे रहाणे<br>
रहाणे ने भारतीय टीम में अपने शुरुआती दिनों को भी याद किया. वह 2011 में टीम इंडिया का हिस्सा बने थे. उन्होंने बताया कि करियर के शुरुआती पांच-छह महीनों में वह ज्यादा समय टीम के सीनियर खिलाड़ियों को देखते हुए सीखते थे.</p>
<p>उस समय भारतीय ड्रेसिंग रूम में सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण, एमएस धोनी और वीरेंद्र सहवाग जैसे बड़े नाम मौजूद थे. रहाणे के मुताबिक इन सभी खिलाड़ियों ने उनका काफी सपोर्ट किया.</p>
<p>उन्होंने बताया कि उस दौर में नेट्स में बल्लेबाजी का पर्याप्त समय मुख्य रूप से प्लेइंग इलेवन में शामिल खिलाड़ियों को ही मिलता था. जो खिलाड़ी प्लेइंग 11 से बाहर होते थे, उन्हें नेट्स में ज्यादा बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिलता था. ऐसे में रहाणे ने सीनियर खिलाड़ियों को देखकर बहुत कुछ सीखा और बाद में जब उन्हें खेलने का मौका मिला, तो उन्हीं चीजों को अपने खेल में उतारा.</p>
<p>रहाणे ने कहा कि 2011 में टीम में आने के बाद शुरुआती पांच-छह महीनों में उन्होंने सीनियर्स को देखकर बहुत कुछ सीखा. सचिन, द्रविड़, लक्ष्मण, धोनी और सहवाग सभी उनके लिए काफी मददगार रहे.</p>
<p><strong>सीनियर्स के जाने के बाद बदला ड्रेसिंग रूम का माहौल</strong><br>
रहाणे ने भारतीय टीम के बदलते दौर को भी करीब से देखा. उनके मुताबिक जैसे-जैसे पुराने सीनियर खिलाड़ी टीम से बाहर होते गए, वैसे-वैसे ड्रेसिंग रूम का माहौल भी बदलने लगा.</p>
<p>उनका कहना था कि एक समय टीम में कई ऐसे खिलाड़ी थे, जो पहले से एक-दूसरे के साथ खेल चुके थे. इस वजह से खिलाड़ियों के बीच आपसी जुड़ाव और साथ होने की भावना अलग थी. टीम के खिलाड़ियों की सोच भी काफी हद तक एक जैसी थी.</p>
<p>रहाणे ने बताया कि उस दौर में टीम आक्रामक क्रिकेट खेलकर ज्यादा मैच जीतने की कोशिश करती थी.</p>
<p><strong>रहाणे की सोच कैसे बदली</strong><br>
इसके बाद जब भारतीय टीम में नई पीढ़ी के खिलाड़ी आने लगे, तो रहाणे और उनके साथियों ने ड्रेसिंग रूम को लेकर एक अलग सोच अपनाई. उनका जोर ऐसा माहौल बनाने पर था, जहां युवा खिलाड़ियों को सहज महसूस हो और उनकी अच्छी पारियों और प्रदर्शन की खुलकर सराहना की जाए.</p>
<p>रहाणे ने कहा कि नए दौर में टीम का उद्देश्य ऐसा ड्रेसिंग रूम तैयार करना था, जहां खिलाड़ियों के बीच किसी तरह का अहंकार या जलन की जगह न हो. वह चाहते थे कि हर खिलाड़ी दूसरे के प्रदर्शन की तारीफ करे और टीम के भीतर एकजुटता बनी रहे.</p>
<p><strong>85 टेस्ट समेत ऐसा रहा रहाणे का इंटरनेशनल करियर</strong><br>
अजिंक्य रहाणे ने 2011 से 2023 के बीच भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेला. इस दौरान उन्होंने 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले.</p>
<p>अपने करियर के दौरान रहाणे अपनी तकनीक, धैर्य और मुश्किल परिस्थितियों में मानसिक मजबूती के लिए पहचाने गए. अब क्रिकेट से विदाई के बाद उन्होंने साफ कर दिया है कि अपने फैसले को लेकर उनके मन में कोई पछतावा नहीं है. उनके मुताबिक वह इस संतुष्टि के साथ खेल से दूर हुए हैं कि उन्होंने टीम और खेल के लिए अपना पूरा योगदान दिया.</p>
<p><strong>रहाणे का टेस्ट करियर</strong><br>
• 85 मैच, 5077 रन, 38.46 औसत<br>
• 12 शतक, 26 अर्धशतक, 49.50 स्ट्राइक रेट<br>
• 578 चौके, 35 छक्के</p>
<p><strong>रहाणे का ODI करियर</strong><br>
• 90 मैच, 2962 रन, 35.26 औसत<br>
• 3 शतक, 24 अर्धशतक, 78.63 स्ट्राइक रेट<br>
• 293 चौके, 33 छक्के</p>
<p><strong>रहाणे का टी20I करियर</strong><br>
• 20 मैच, 375 रन, 20.83 औसत<br>
• 1 अर्धशतक, 113.29 स्ट्राइक रेट<br>
• 32 चौके, 6 छक्के</p>]]> </content:encoded>
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<title>उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पुनर्वास एवं नक्सल प्रभावित परिवारों के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा की</title>
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<description><![CDATA[ उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पुनर्वास एवं नक्सल प्रभावित परिवारों के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा की 109 शहीद स्मारकों का होगा निर्माण, क्यूआर कोड से मिलेगी शहीदों और घटनाओं की पूरी जानकारी लंबित मामलों के निराकरण के लिए चलेगा विशेष अभियान नक्सल प्रभावितों के पुनर्वास और शहीद परिवारों को सहायता में तेजी लाने के … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 17:45:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>उप, मुख्यमंत्री, विजय, शर्मा, ने, पुनर्वास, एवं, नक्सल, प्रभावित, परिवारों, के, लिए, संचालित, योजनाओं, की, समीक्षा, की</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पुनर्वास एवं नक्सल प्रभावित परिवारों के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा की</strong></p>
<p><strong>109 शहीद स्मारकों का होगा निर्माण, क्यूआर कोड से मिलेगी शहीदों और घटनाओं की पूरी जानकारी</strong></p>
<p><strong>लंबित मामलों के निराकरण के लिए चलेगा विशेष अभियान</strong></p>
<p><strong>नक्सल प्रभावितों के पुनर्वास और शहीद परिवारों को सहायता में तेजी लाने के निर्देश</strong></p>
<p><strong>रायपुर</strong><br>
नवा रायपुर अटल नगर स्थित महानदी भवन सभागार में सोमवार को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों, पुनर्वासित युवाओं तथा माओवादी गतिविधियों से प्रभावित लोगों को उपलब्ध कराई जा रही सहायता एवं सुविधाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने प्रभावित परिवारों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने, पुनर्वासित युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने, शहीदों के सम्मान में स्मारकों के निर्माण तथा लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण सहित विभिन्न विषयों पर अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।</p>
<p><strong>शहीद परिवारों को शत-प्रतिशत अनुकंपा नियुक्ति पर उप मुख्यमंत्री ने जताया हर्ष</strong></p>
<p>         बैठक में नक्सल पीड़ित परिवारों एवं पुनर्वासित युवाओं को मिल रही सहायता और सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने शहीद परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति एवं शासकीय सेवा प्रदान किए जाने की प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि शहीद परिवारों को शत-प्रतिशत अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जा चुकी है। इस उपलब्धि पर उप मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शहीद परिवारों के प्रति शासन की जिम्मेदारी सर्वोच्च प्राथमिकता में है और उन्हें किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने एसआईबी के डैशबोर्ड को भी नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए, ताकि नक्सल प्रभावित परिवारों, पुनर्वासित व्यक्तियों और सहायता से संबंधित प्रकरणों की वास्तविक एवं अद्यतन स्थिति की प्रभावी मॉनिटरिंग की जा सके।</p>
<p><strong>109 शहीद स्मारकों का होगा निर्माण, क्यूआर कोड से मिलेगी पूरी जानकारी</strong></p>
<p>        उप मुख्यमंत्री शर्मा ने राज्य निर्माण से अब तक माओवादी हिंसा में शहीद हुए जवानों एवं दिवंगत नागरिकों की स्मृति में घटना स्थल अथवा संबंधित ग्रामों में बनाए जाने वाले 109 शहीद स्मारकों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने इन स्मारकों के लिए एक मानक डिजाइन तैयार कर निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहीद स्मारक केवल स्मृति स्थल नहीं होंगे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को शहीदों के बलिदान और नक्सल हिंसा की घटनाओं से परिचित कराने का माध्यम भी बनेंगे। इन स्मारकों में क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, जिन्हें स्कैन करने पर संबंधित शहीद, घटना और उनके योगदान से जुड़ी विस्तृत जानकारी लोगों को उपलब्ध हो सकेगी।</p>
<p><strong>नक्सल हिंसा में प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने विशेष अभियान</strong></p>
<p>        उप मुख्यमंत्री ने राज्य निर्माण से अब तक नक्सल हिंसा में हताहत हुए लोगों के ऐसे मामलों की भी समीक्षा की, जिनमें अब तक प्रभावित परिवारों तक राहत नहीं पहुंचाई जा सकी है। उन्होंने ऐसे सभी मामलों की पहचान कर विशेष मुहिम चलाने, प्रभावित लोगों से आवेदन प्राप्त करने और पात्र हितग्राहियों को शासन की सहायता एवं राहत का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नक्सल हिंसा से प्रभावित कोई भी पात्र परिवार शासन की सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए मैदानी स्तर पर सक्रिय होकर लंबित मामलों का निराकरण किया जाए।</p>
<p><strong>गंभीर प्रकरणों को छोड़कर अन्य मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश</strong></p>
<p>           उप मुख्यमंत्री शर्मा ने पुनर्वासित युवाओं से संबंधित प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यूएपीए, जनहानि जैसे गंभीर प्रकरणों को छोड़कर अन्य मामलों को गंभीरता से लेते हुए शीघ्रता से निराकृत किया जाए। इसके लिए पेशेवर अधिवक्ताओं, लोक अभियोजन अधिकारियों एवं शासकीय अधिवक्ताओं का दल गठित कर सभी प्रकरणों में प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी मामलों में पृथक्करण की प्रक्रिया भी पूर्ण करने को कहा, ताकि प्रत्येक प्रकरण की प्रकृति के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके और पात्र पुनर्वासित युवाओं को अनावश्यक रूप से लंबित प्रक्रिया का सामना न करना पड़े।</p>
<p><strong>शहीदों के सम्मान में स्कूल, चौक-चौराहों और भवनों के नामकरण की प्रक्रिया होगी तेज</strong><br>
         शहीदों के सम्मान और उनकी स्मृति को स्थायी रूप से जीवित रखने के उद्देश्य से स्कूलों, चौक-चौराहों एवं शासकीय भवनों के नामकरण की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जहां नामकरण के लिए विभागीय अनुमति आवश्यक है, वहां तत्काल अनुमति प्राप्त कर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए और जल्द से जल्द नामकरण पूर्ण कराया जाए।</p>
<p><strong>क्षतिपूर्ति एवं प्रोत्साहन राशि के सभी पात्र मामलों में लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश</strong></p>
<p>         बैठक में राज्य निर्माण से अब तक माओवादी हिंसा में जनहानि के मामलों में मिलने वाली क्षतिपूर्ति तथा घायल जवानों एवं आम नागरिकों को प्रदान की जाने वाली प्रोत्साहन राशि की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने सभी प्रकरणों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र लोगों को निर्धारित सहायता एवं प्रोत्साहन राशि का लाभ अनिवार्य रूप से मिले और कोई भी पात्र प्रकरण लंबित न रहे।</p>
<p><strong>पुनर्वास केंद्रों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और भोजन की व्यवस्था पर विशेष जोर</strong></p>
<p>          उप मुख्यमंत्री शर्मा ने पुनर्वास केंद्रों में उपलब्ध व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने सभी पुनर्वास केंद्रों में आवश्यक एवं उपयुक्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से मौसमी बीमारियों से बचाव, स्वच्छता, भोजन व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने कलेक्टरों को पुनर्वास केंद्रों का नियमित रूप से औचक निरीक्षण करने के निर्देश देते हुए कहा कि केंद्रों में रह रहे लोगों की सुविधाओं और आवश्यकताओं की लगातार निगरानी की जाए तथा किसी भी कमी को तत्काल दूर किया जाए।</p>
<p><strong>पुनर्वासित युवाओं को कौशल विकास से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने पर जोर</strong></p>
<p>        उप मुख्यमंत्री ने पुनर्वासित युवाओं को दी जाने वाली इनाम राशि में से शेष राशि का भुगतान इस माह के अंत तक करने के निर्देश दिए। उन्होंने दूसरे राज्यों में शस्त्र त्यागकर छत्तीसगढ़ वापस आ रहे स्थानीय निवासियों को भी पुनर्वास केंद्रों से जोड़ने और उन्हें कौशल विकास का प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिए, ताकि वे पुनर्वास नीति के तहत समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर सम्मानजनक जीवन जी सकें। उन्होंने ऐसे पुनर्वासित युवाओं के संबंध में भी चर्चा की, जो दूसरे राज्यों के निवासी हैं और अपने गृह राज्य वापस जाना चाहते हैं। उन्होंने संबंधित राज्यों से समन्वय कर ऐसे युवाओं को उनके गृह राज्य भेजने की आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।</p>
<p>          उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पुनर्वास की प्रक्रिया केवल सहायता उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि पुनर्वासित लोगों को समाज में सम्मानजनक स्थान और स्थायी आजीविका उपलब्ध कराना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने ग्राम जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर पुनर्वासित लोगों को समाज में ससम्मान स्थान दिलाने, उन्हें सभी पात्र शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने तथा आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश दिए।</p>
<p><strong>इलवद पंचायत योजना के 50 ग्रामों में विकास कार्यों को प्राथमिकता</strong></p>
<p>        बैठक में इलवद पंचायत योजना के तहत चयनित 50 ग्रामों में विकास कार्यों के आबंटन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने इन ग्रामों के विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि चयनित सभी ग्रामों में विकास कार्यों को स्वीकृति प्रदान कर उन्हें प्रारंभ कराया जाए, ताकि इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं एवं विकास कार्यों का लाभ ग्रामीणों को शीघ्र मिल सके।</p>
<p><strong>पुनर्वासित युवाओं की नसबंदी खुलवाने के निर्देश</strong></p>
<p>       उप मुख्यमंत्री शर्मा ने ऐसे पुनर्वासित युवाओं के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए, जिनकी नसबंदी कराई गई थी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ऐसे युवाओं की नसबंदी खुलवाने की प्रक्रिया के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में पुनर्वास नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, नक्सल प्रभावित परिवारों को समयबद्ध सहायता, शहीद परिवारों के कल्याण, लंबित प्रकरणों के निराकरण और पुनर्वासित युवाओं को सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया।</p>
<p>           बैठक में प्रमुख सचिव गृह सुनिहारिका बारिक, सचिव श्रीमती नेहा चंपावत, सचिव हिमशिखर गुप्ता, डीजी पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन पवन देव, एडीजी नक्सल विवेकानंद सिन्हा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>CG में खेतों को काटकर भू&#45;माफिया कर रहे प्लॉटिंग, किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद</title>
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<description><![CDATA[ धमतरी. जिले के ग्राम पोटियाडीह में कथित अवैध प्लाटिंग के चलते किसानों की फसल पर संकट मंडरा रहा है. समस्या के समाधान और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग को लेकर बड़ी संख्या में किसान कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और प्रशासन को अपनी समस्या से अवगत कराया. ग्रामीणों का आरोप है कि भू-माफियाओं ने खेतीहर जमीन … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 17:45:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>धमतरी.</strong></p>
<p>जिले के ग्राम पोटियाडीह में कथित अवैध प्लाटिंग के चलते किसानों की फसल पर संकट मंडरा रहा है. समस्या के समाधान और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग को लेकर बड़ी संख्या में किसान कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और प्रशासन को अपनी समस्या से अवगत कराया.</p>
<p>ग्रामीणों का आरोप है कि भू-माफियाओं ने खेतीहर जमीन खरीदकर वहां अवैध रूप से प्लॉट काटकर बिक्री शुरू कर दी है. किसानों का आरोप है कि प्लॉटिंग के दौरान जमीन से लगे निकासी नाले को भी पाट दिया गया है. इसके कारण बारिश का पानी खेतों की ओर बहने लगा है.</p>
<p><strong>सैंकड़ों एकड़ फसल हो रही बर्बाद</strong><br>
किसानों का कहना है कि पानी निकासी की व्यवस्था बाधित होने से सैकड़ों एकड़ में लगी फसल जलमग्न हो गई है. इससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. ग्रामीणों ने प्रशासन से अवैध प्लाटिंग पर तत्काल कार्रवाई करने और पानी निकासी की व्यवस्था बहाल करने की मांग की है.</p>
<p><strong>किसानों ने आंदोलन की दी चेतावनी</strong><br>
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे. ग्रामीणों ने प्रशासन से किसानों की फसल और खेती की जमीन को बचाने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है.</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>FCRA Bill पर सरकार का बड़ा यू&#45;टर्न? JPC में भेजने की तैयारी, PM मोदी से मुलाकात के बाद स्पीकर से मिले रिजिजू</title>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली   Foreign Contribution (Regulation) Amendment Bill, 2026 यानी FCRA संशोधन विधेयक को लेकर संसद में जारी गतिरोध के बीच केंद्र सरकार संयुक्त संसदीय समिति (JPC) का रास्ता अपनाने पर विचार कर रही है. सूत्रों के मुताबिक, सरकार विधेयक को संसद में आगे बढ़ाने से पहले विस्तृत जांच और विचार-विमर्श के लिए JPC के पास … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 17:45:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>FCRA, Bill, पर, सरकार, का, बड़ा, यू-टर्न, JPC, में, भेजने, की, तैयारी, मोदी, से, मुलाकात, के, बाद, स्पीकर, से, मिले, रिजिजू</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली </strong><br>
 Foreign Contribution (Regulation) Amendment Bill, 2026 यानी FCRA संशोधन विधेयक को लेकर संसद में जारी गतिरोध के बीच केंद्र सरकार संयुक्त संसदीय समिति (JPC) का रास्ता अपनाने पर विचार कर रही है. सूत्रों के मुताबिक, सरकार विधेयक को संसद में आगे बढ़ाने से पहले विस्तृत जांच और विचार-विमर्श के लिए JPC के पास भेजने के विकल्प पर गंभीरता से विचार कर रही है। </p>
<p>यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब FCRA बिल को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच मतभेद बने हुए हैं. विपक्षी दलों की ओर से विधेयक के मौजूदा स्वरूप पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं. विपक्ष का एक वर्ग इसे सिर्फ JPC को भेजे जाने के बजाय पूरी तरह वापस लेने की मांग कर रहा है। </p>
<p><strong>FCRA Amendment Bill 2026:PM मोदी से मिलने के बाद स्पीकर से मिले किरेन रिजिजू</strong><br>
FCRA बिल पर आम सहमति बनाने की कोशिशों के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से भी मुलाकात की. सूत्रों के अनुसार, सरकार संसद में विधेयक को लेकर जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से बातचीत कर रही है। </p>
<p>सरकार की ओर से JPC का विकल्प विपक्ष को साथ लाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, अभी यह अंतिम निर्णय नहीं है कि विधेयक को निश्चित रूप से JPC के पास भेजा जाएगा। </p>
<p><strong>BAC की बैठक में FCRA और परिसीमन बिल का जिक्र नहीं</strong><br>
 लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक में FCRA संशोधन विधेयक और प्रस्तावित परिसीमन विधेयक को एजेंडे में शामिल नहीं किया गया. इसके बाद संसद के मानसून सत्र के बचे हुए दिनों में इन दोनों विधेयकों को पेश किए जाने को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। </p>
<p>संसद का मानसून सत्र पहले से ही विपक्ष के विरोध और विभिन्न मुद्दों पर हंगामे के कारण प्रभावित रहा है. ऐसे में सरकार के सामने महत्वपूर्ण विधेयकों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ विपक्ष के साथ सहमति बनाने की चुनौती भी है। </p>
<p><strong>क्या है FCRA Amendment Bill 2026?</strong><br>
Foreign Contribution (Regulation) Amendment Bill, 2026 का उद्देश्य विदेशी योगदान प्राप्त करने वाले संगठनों और संस्थाओं के लिए नियामकीय व्यवस्था में बदलाव करना है. विधेयक में खास तौर पर उन परिसंपत्तियों के प्रबंधन से जुड़े प्रावधान प्रस्तावित किए गए हैं, जो विदेशी योगदान से बनाई गई हों और संबंधित संस्था का FCRA पंजीकरण रद्द, समाप्त या नवीनीकृत न हो। </p>
<p>विधेयक में ऐसी स्थिति में विदेशी योगदान और उससे जुड़ी परिसंपत्तियों के प्रबंधन के लिए एक Designated Authority की व्यवस्था का प्रस्ताव है. इसके अलावा ‘Key Functionary’ की परिभाषा और कुछ दंडात्मक एवं प्रक्रियात्मक प्रावधानों में बदलाव भी प्रस्तावित किए गए हैं। </p>
<p><strong>विपक्ष क्यों कर रहा है विरोध?</strong><br>
विपक्ष का आरोप है कि प्रस्तावित कानून से सरकार को विदेशी फंड हासिल करने वाले NGO और अन्य संस्थाओं पर ज्यादा अधिकार मिल सकते हैं. विपक्षी दल विधेयक के प्रावधानों पर व्यापक संसदीय चर्चा की मांग कर रहे हैं.</p>
<p>वहीं सरकार का पक्ष है कि FCRA व्यवस्था में मौजूद कानूनी और प्रशासनिक खामियों को दूर करने के लिए संशोधन जरूरी हैं। विधेयक से विदेशी योगदान और उससे बनाई गई संपत्तियों के प्रबंधन को लेकर स्पष्ट कानूनी ढांचा तैयार करने की कोशिश की जा रही है।</p>
<p><strong>सुप्रिया सुले ने भी की JPC की मांग</strong><br>
NCP (SP) की कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले ने FCRA संशोधन विधेयक के मौजूदा स्वरूप का विरोध किया है. उन्होंने केंद्र सरकार से विधेयक वापस लेने या इसे संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजने की मांग की है। </p>
<p>सुले का कहना है कि विदेशी फंडिंग को हमेशा संदेह की नजर से नहीं देखा जाना चाहिए. उनके मुताबिक, विदेशी योगदान से जुड़े इतने महत्वपूर्ण कानून पर सभी संबंधित पक्षों के साथ व्यापक चर्चा और संसदीय जांच की जरूरत है। </p>
<p><strong>JPC का रास्ता क्यों अहम है?</strong><br>
यदि सरकार FCRA बिल को JPC के पास भेजने का फैसला करती है तो समिति विधेयक के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत समीक्षा कर सकती है. समिति सांसदों, विशेषज्ञों और संबंधित हितधारकों के विचार सुनकर अपनी रिपोर्ट संसद को सौंप सकती है। </p>
<p>ऐसे में JPC का विकल्प सरकार और विपक्ष के बीच तत्काल राजनीतिक टकराव को कम करने का रास्ता बन सकता है. हालांकि, विपक्ष की मौजूदा मांग को देखते हुए केवल JPC को भेजना पर्याप्त होगा या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। </p>
<p><strong>संसद में आगे क्या होगा?</strong><br>
फिलहाल FCRA बिल को लेकर सरकार की रणनीति और विपक्ष के रुख पर सबकी नजर है. सरकार यदि JPC का प्रस्ताव औपचारिक रूप से आगे बढ़ाती है तो विपक्ष के रुख में नरमी आने की संभावना बन सकती है. दूसरी ओर, विपक्ष यदि विधेयक की पूर्ण वापसी पर ही अड़ा रहता है तो संसद में गतिरोध जारी रहने की आशंका रहेगी। </p>
<p>इस पूरे घटनाक्रम में अब किरेन रिजिजू की विपक्षी नेताओं के साथ बातचीत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुलाकात और लोकसभा अध्यक्ष से हुई चर्चा महत्वपूर्ण मानी जा रही है. संसद के मानसून सत्र के बचे दिनों में FCRA बिल को लेकर सरकार क्या अंतिम फैसला लेती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>MP की दीप्ति गौड़ मुखर्जी बनीं देश की नई उच्च शिक्षा सचिव, NEET विवाद के बीच नियुक्ति क्यों खास?</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल मध्य प्रदेश कैडर की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी को केंद्र सरकार ने देश का नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया है। 1993 बैच की अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी की नई जिम्मेदारी के साथ मध्य प्रदेश कैडर के एक और वरिष्ठ अधिकारी को केंद्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। केंद्र सरकार ने सोमवार … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 17:15:24 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>की, दीप्ति, गौड़, मुखर्जी, बनीं, देश, की, नई, उच्च, शिक्षा, सचिव, NEET, विवाद, के, बीच, नियुक्ति, क्यों, खास</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>मध्य प्रदेश कैडर की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी को केंद्र सरकार ने देश का नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया है। 1993 बैच की अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी की नई जिम्मेदारी के साथ मध्य प्रदेश कैडर के एक और वरिष्ठ अधिकारी को केंद्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। केंद्र सरकार ने सोमवार देर रात नौकरशाही में बड़ा फेरबदल करते हुए उनकी नियुक्ति की। इससे पहले वह कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय में सचिव की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। </p>
<p><strong>कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय में उनका क्या अनुभव रहा?</strong><br>
दीप्ति गौड़ मुखर्जी ने कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय में सचिव के तौर पर काम किया है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कॉरपोरेट क्षेत्र और सामाजिक विकास से जुड़े मुद्दों पर भी जोर दिया। वर्ष 2025 में जनजातीय विकास के लिए कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व यानी सीएसआर पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन और प्रदर्शनी में उन्होंने भारतीय कॉरपोरेट मामलों के संस्थान की पहल की सराहना की थी। उन्होंने नीति बनाने वालों, उद्योग जगत और समुदाय से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाने की जरूरत बताई थी।</p>
<p><strong>उन्होंने सीएसआर और डिजिटल प्लेटफॉर्म को लेकर क्या सुझाव दिया था?</strong><br>
मुखर्जी ने सीएसआर से जुड़े सरकारी और कॉरपोरेट प्रयासों के बीच बेहतर तालमेल के लिए एक नए डिजिटल प्लेटफॉर्म का सुझाव दिया था। उनका विचार सीएसआर एक्सचेंज को नए रूप में विकसित करने का था। इसके जरिये अलग-अलग परियोजनाओं की जानकारी एक जगह जुटाने, सहयोग के अवसर पहचानने और बेहतर कामों व उनके प्रभाव की जानकारी साझा करने में मदद मिल सकती है। उनका जोर इस बात पर भी रहा कि विकास से जुड़े कार्यक्रमों में केवल संस्थाओं की भूमिका न हो, बल्कि स्थानीय समुदाय की भी सक्रिय भागीदारी हो।</p>
<p><strong>दीप्ति गौड़ मुखर्जी का प्रशासनिक अनुभव कितना व्यापक है?</strong><br>
तीन फरवरी 1969 को उत्तर प्रदेश में जन्मीं दीप्ति गौड़ मुखर्जी की पढ़ाई अर्थशास्त्र और सार्वजनिक नीति में हुई है। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्री हासिल की है। इसके अलावा उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस से पब्लिक मैनेजमेंट एंड गवर्नेंस में एमएससी की है। अपने प्रशासनिक करियर में उन्होंने राज्य और केंद्र, दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं।</p>
<p><strong>मध्य प्रदेश से केंद्र तक किन अहम पदों पर रहीं?</strong><br>
मध्य प्रदेश सरकार में मुखर्जी ने कार्मिक, सामान्य प्रशासन और खेल एवं युवा कल्याण जैसे विभागों में प्रमुख सचिव के तौर पर काम किया। इस दौरान उनकी जिम्मेदारियों में प्रशासनिक सुधार और शासन से जुड़े काम शामिल रहे। केंद्र में वह राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी रहीं। इस पद पर उन्होंने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के क्रियान्वयन से जुड़े कामकाज की निगरानी की। इसके अलावा वह स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव भी रह चुकी हैं।</p>
<p><strong>अब बड़ी जिम्मेदारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी के सामने</strong><br>
केंद्र सरकार में भी उन्हें महत्वपूर्ण भूमिकाएं मिलीं। वह राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की सीईओ रह चुकी हैं। इस दौरान आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी उनके प्रमुख कामों में शामिल रही। इसके अलावा उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के तौर पर भी काम किया है। अब केंद्र सरकार ने उन्हें देश का नया उच्च शिक्षा सचिव बनाया है। केंद्र के सामने उच्च शिक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दे हैं। नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के साथ विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों से जुड़े नीतिगत फैसले, परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और छात्रों का भरोसा बनाए रखना बड़ी चुनौतियां हैं। </p>
<table>
<thead>
<tr>
<th>अधिकारी</th>
<th>नई जिम्मेदारी</th>
<th>पहले की जिम्मेदारी</th>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td><em><strong>दीप्ति गौर मुखर्जी</strong></em></td>
<td>उच्च शिक्षा सचिव</td>
<td>कॉरपोरेट मामलों की सचिव</td>
</tr>
<tr>
<td><em><strong>पल्लवी जैन गोविल</strong></em></td>
<td>कॉरपोरेट मामलों की सचिव</td>
<td>युवा मामले सचिव</td>
</tr>
<tr>
<td><em><strong>सुनील पालीवाल</strong></em></td>
<td>युवा मामले सचिव</td>
<td>भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष</td>
</tr>
<tr>
<td><em><strong>सुषिल कुमार लोहानी</strong></em></td>
<td>भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष</td>
<td>कैबिनेट सचिवालय में विशेष कार्य अधिकारी</td>
</tr>
<tr>
<td><em><strong>वीएल कांता राव</strong></em></td>
<td>गृह मंत्रालय के आधिकारिक भाषा विभाग में विशेष कार्य अधिकारी</td>
<td>जल संसाधन, नदी विकास और गंगा पुनर्जीवन विभाग के सचिव</td>
</tr>
<tr>
<td><em><strong>अर्चना वर्मा</strong></em></td>
<td>जल संसाधन, नदी विकास और गंगा पुनर्जीवन विभाग की सचिव</td>
<td>राष्ट्रीय जल मिशन की मिशन निदेशक</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><strong>कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय की नई सचिव कौन होंगी? </strong></p>
<p>दीप्ति गौर मुखर्जी के उच्च शिक्षा सचिव बनने के बाद कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय में भी बदलाव किया गया है। युवा मामले सचिव पल्लवी जैन गोविल अब कॉरपोरेट मामलों की नई सचिव होंगी। वह मुखर्जी की जगह लेंगी। इसके बाद युवा मामले विभाग में भी नई नियुक्ति की गई है। भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष सुनील पालीवाल को नया युवा मामले सचिव बनाया गया है। इस तरह एक अधिकारी के स्थानांतरण के साथ कई महत्वपूर्ण विभागों में नई जिम्मेदारियां तय की गई हैं।</p>
<p><strong>यूपी की रहने वाली मुखर्जी  ने एमपी में संभाली अहम जिम्मेदारी </strong><br>
3 फरवरी 1969 को उत्तर प्रदेश में जन्मीं दीप्ति गौड़ मुखर्जी ने अर्थशास्त्र और पब्लिक पॉलिसी की पढ़ाई की है। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर किया। इसके बाद लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस से पब्लिक मैनेजमेंट एंड गवर्नेंस में एमएससी की डिग्री हासिल की। आईएएस के रूप में उनका करियर मध्य प्रदेश से लेकर केंद्र सरकार तक महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियों से जुड़ा रहा है। मध्य प्रदेश में उन्होंने कार्मिक, सामान्य प्रशासन तथा खेल एवं युवा कल्याण विभागों में प्रमुख सचिव के रूप में काम किया। इन पदों पर रहते हुए प्रशासनिक व्यवस्था और शासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण काम उनकी जिम्मेदारी में रहे। </p>
<p><strong>अंतर्देशीय जलमार्ग और आधिकारिक भाषा विभाग में क्या बदलाव हुआ?</strong><br>
सरकार ने अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण में भी बदलाव किया है। कैबिनेट सचिवालय में विशेष कार्य अधिकारी के तौर पर तैनात सुषिल कुमार लोहानी को भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण का नया अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के सचिव वीएल कांता राव को गृह मंत्रालय के आधिकारिक भाषा विभाग में विशेष कार्य अधिकारी नियुक्त किया गया है। वह मौजूदा सचिव अंसुली आर्या के अगले महीने के अंत में सेवानिवृत्त होने के बाद आधिकारिक भाषा विभाग के सचिव का पद संभालेंगे।</p>
<p><strong>जल संसाधन विभाग की जिम्मेदारी अब किसे मिलेगी?</strong><br>
वीएल कांता राव के स्थान पर वरिष्ठ नौकरशाह अर्चना वर्मा को जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग का नया सचिव बनाया गया है। अर्चना वर्मा 1995 बैच की असम-मेघालय कैडर की आईएएस अधिकारी हैं। वह फिलहाल राष्ट्रीय जल मिशन की मिशन निदेशक के तौर पर काम कर रही हैं। इस फेरबदल के साथ केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा, कॉरपोरेट मामलों, युवा मामले, जल संसाधन और आधिकारिक भाषा जैसे कई महत्वपूर्ण विभागों में अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली हैं। उच्च शिक्षा विभाग में दीप्ति गौर मुखर्जी की नियुक्ति इस पूरे फेरबदल की सबसे अहम नियुक्तियों में से एक है। </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>1917 में अंग्रेजों को दिए थे ₹35 हजार, 109 साल बाद 10 करोड़ का दावा! सीहोर परिवार से मांगे दस्तावेज</title>
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<description><![CDATA[ सीहोर प्रथम विश्व युद्ध के दौरान मध्य प्रदेश के सीहोर के सेठ जुम्मा लाल के परिवार द्वारा ब्रिटिश हुकूमत को दिए गए 35 हजार रुपये के ‘वार लोन&#039; के मामले में एक बड़ा मोड़ सामने आया है. वर्ष 1917 में सेना के खर्चों के लिए दिए गए इस कर्ज की देनदारी को लेकर ब्रिटेन सरकार … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 17:15:20 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सीहोर</strong></p>
<p>प्रथम विश्व युद्ध के दौरान मध्य प्रदेश के सीहोर के सेठ जुम्मा लाल के परिवार द्वारा ब्रिटिश हुकूमत को दिए गए 35 हजार रुपये के ‘वार लोन' के मामले में एक बड़ा मोड़ सामने आया है. वर्ष 1917 में सेना के खर्चों के लिए दिए गए इस कर्ज की देनदारी को लेकर ब्रिटेन सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाया है और परिवार से मामले से जुड़े तमाम जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है. बता दें कि नगर सेठ जुम्मा लाल रूठिया के पोते विनय रूठिया और उनके भाई विवेक रूठिया को घर के पुराने कागजात खंगालने के दौरान 109 साल पुरानी इस लिखा-पढ़ी के मूल दस्तावेज मिले थे. इसके बाद परिवार ने अपने अधिवक्ता श्रीयांश रानीवाल के माध्यम से ब्रिटेन सरकार के ‘डेप्ट मैनेजमेंट ऑफिस' को लीगल नोटिस भेजा था. इस नोटिस के औपचारिक जवाब में यूके सरकार ने मामले को खारिज करने के बजाय आगे की जांच की बात कही है और दस्तावेजों को लंदन स्थित ‘गिल्ट रजिस्ट्रार' के सामने प्रस्तुत करने को कहा है. ताजा अपडेट ये है कि रूठिया परिवार ने संबंधित दस्तावेज इकट्ठा करके दिल्ली में अपने वकील रानीवाल को भेज दिए हैं. रानीवाल का कहना है कि जांच-पड़ताल के बाद वे एक हफ्ते में ये दस्तावेज ब्रिटिश सरकार को भेज देंगे। </p>
<p><strong>1917 का युद्ध संकट और 35 हजार रुपये का कर्ज</strong><br>
रूठिया परिवार के अनुसार प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) के समय वर्ष 1917 में पूरे भारत पर ब्रिटिश हुकूमत का शासन था. उस दौर में युद्ध के मोर्चे पर तैनात सेना के राशन, पानी, हथियारों और अन्य रसद संबंधी भारी-भरकम खर्चों को पूरा करने के लिए ब्रिटिश सरकार को भारी वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा था. इस आर्थिक दबाव से निपटने के लिए ब्रिटिश हुकूमत ने भोपाल रियासत और देश के प्रमुख रईसों व सेठों से फंड जुटाना शुरू किया था. इसी दौरान सीहोर के तत्कालीन रईस सेठ जुम्मा लाल रूठिया ने ब्रिटिश सरकार को 35 हजार रुपये का 'वार लोन'दिया था. सेठ जुम्मा लाल का निधन वर्ष 1937 में हो गया था, लेकिन इस ऐतिहासिक लेनदेन से जुड़े आधिकारिक कागजात उनके परिवार की वसीयत और घर की पुरानी तिजोरी में सुरक्षित रहे। </p>
<p><strong>पुरानी फाइलों की छानबीन में मिले 109 साल पुराने मूल कागजात</strong><br>
हाल ही में नगर सेठ विनय रूठिया और उनके छोटे भाई विवेक रूठिया ने जब अपने पैतृक घर के पुराने ऐतिहासिक दस्तावेजों और लिखा-पढ़ी की छानबीन की, तो उन्हें 109 साल पुरानी इस देनदारी के मूल कागजात हाथ लगे. वर्ष 1917 के दौर में दिए गए 35 हजार रुपये की कीमत उस समय के सोने के भाव और आर्थिक मूल्य के हिसाब से अत्यंत विशाल थी. आज के समय में चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) दर और पिछले एक शतक की महंगाई दर के हिसाब से इसका आकलन किया जाए, तो यह राशि कई करोड़ों रुपये बैठती है. दस्तावेजों की वैधानिकता और सत्यता जांचने के बाद परिवार ने इसे कानूनी रूप से यूके सरकार के सामने उठाने का फैसला किया। </p>
<p><strong>यूके के डेप्ट मैनेजमेंट ऑफिस ने दिया औपचारिक जवाब</strong><br>
कागजात सामने आने के बाद रूठिया परिवार ने वकील श्रीयांश रानीवाल के जरिए ब्रिटेन सरकार के ‘डेप्ट मैनेजमेंट ऑफिस' को ईमेल और हार्ड कॉपी के जरिए लीगल नोटिस भेजा. यूके सरकार की ओर से इस नोटिस का औपचारिक जवाब प्राप्त हो चुका है, जिसमें ब्रिटिश सरकार ने इस दावे को खारिज करने के बजाय मामले में आगे की जांच की बात स्वीकार की है. ब्रिटेन सरकार ने लोन से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी और प्रासंगिक दस्तावेज मांगे हैं, जिन्हें वहां के ‘गिल्ट रजिस्ट्रार' (Gilt Registrar) के पास समीक्षा के लिए जमा कराया जाएगा। </p>]]> </content:encoded>
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<title>MP में आदिवासी युवाओं के लिए बड़ा ऐलान, बैगा&#45;भारिया&#45;सहरिया की पुलिस में बनेंगी विशेष कंपनियां</title>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 17:15:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>में, आदिवासी, युवाओं, के, लिए, बड़ा, ऐलान, बैगा-भारिया-सहरिया, की, पुलिस, में, बनेंगी, विशेष, कंपनियां</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> भोपाल</strong><br>
 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह (पीवीटीजी) में आने वाली बैगा, भारिया एवं सहरिया जनजातीय युवाओं की विशेष कंपनियां पुलिस में गठित की जाएंगी। खंडवा में नई पुलिस बटालियन स्थापित की जाएगी।</p>
<p>राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल की दो बटालियनों का गठन किया जाएगा, जिसमें पहले चरण में एक का होगा। वह सोमवार को भोपाल के रवींद्र भवन में अभिनंदन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। पुलिस में भर्तियां और पदोन्नतियों पर सीएम का अभिनंदन कार्यक्रम रखा गया था।</p>
<p><strong>पुलिस का बल और मनोबल दोनों बढ़ाएंगे</strong><br>
    मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस का बल और मनोबल दोनों बढ़ाएंगे। पुलिस विभाग के 58 संवर्गों में 27 हजार 534 पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को पदोन्नत किया गया है। वर्ष 2023 से अब तक विभिन्न संवर्गों में 14 हजार 704 से अधिक पुलिसकर्मियों का चयन हुआ है, जबकि 9751 पदों पर भर्ती चल रही है।</p>
<p>    विभागीय और तकनीकी कारणों से लंबे समय तक पदोन्नति को लेकर असमंजस की स्थिति रही। इसका मलाल है कि 20 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी बिना पदोन्नति सेवानिवृत्त हो गए। पुलिसकर्मी ईमानदारी, संवेदनशीलता, अनुशासन और निष्पक्षता के साथ काम करें। जनता में पुलिस के प्रति प्रेम और अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करना जरूरी है।</p>
<p><strong>सीएम ने कहा- गृह विभाग का मुझे ज्यादा ध्यान</strong><br>
    कार्यक्रम में डीजीपी कैलाश मकवाणा ने बताया कि पुलिस में अभी भी 20 हजार पद रिक्त हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी दो वर्षों में आरक्षक और सब इंस्पेक्टर के जितने पदों पर भर्ती शेष है, उसे भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।</p>
<p>    मध्य प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड बनाने का काम चल रहा है। सरकार के ढाई साल पूरे हो चुके हैं। गृह विभाग की जिम्मेदारी भी मेरे पास है, इसलिए अन्य विभागों की तुलना में इस पर थोड़ा ज्यादा ध्यान देने का प्रयास करता हूं।</p>
<p><strong>खंडवा में बनेगी नई बटालियन</strong><br>
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस बल के सशक्तिकरण के लिए राज्य में तीन नई पुलिस बटालियन बनाने की घोषणा की है. इस योजना के तहत पहली नई पुलिस बटालियन खंडवा जिले में स्थापित की जाएगी. इसके अतिरिक्त दो अन्य बटालियनों का भी गठन किया जाएगा. सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने ‘राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल’ के गठन का भी ऐलान किया. विशेष रूप से, इन नई बटालियनों में बैगा, भारिया और सहरिया वर्ग के युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। </p>
<p><strong>दो साल में भरे जाएंगे सभी रिक्त पद</strong><br>
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें इस बात का मलाल है कि पूर्व में करीब 20 हजार से अधिक पुलिसकर्मी बिना प्रमोशन के ही रिटायर हो गए. उन्हें पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पाया था. इस स्थिति को सुधारते हुए वर्तमान सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने 27000 से अधिक पुलिस कर्मचारियों और अधिकारियों का प्रमोशन किया है. साथ ही, प्रदेश में लगभग 25000 से अधिक पुलिस पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है. मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि पुलिस विभाग के सभी रिक्त पदों को आगामी दो वर्षों के भीतर पूरी तरह से भर दिया जाएगा। </p>
<p><strong>बुनकर और शिल्पकारों का सम्मान</strong><br>
सुरक्षा के साथ-साथ राज्य की समृद्ध विरासत को सहेजने के लिए भी बड़ा काम किया जा रहा है. भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में राज्य स्तरीय बुनकर और शिल्पी सम्मेलन आयोजित किया गया. हाथकरघा सप्ताह के तहत आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के कोने-कोने से बुनकर और शिल्पी शामिल हुए। </p>
<p><strong>वेब कॉमर्स पोर्टल लॉन्च</strong><br>
राज्य के पारंपरिक कलाकारों को सीधे बाजार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ने एक नया वेब कॉमर्स पोर्टल लॉन्च किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार बुनकर और शिल्पियों की बेहतरी के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत की सराहना की। </p>
<p><strong>लोकल से ग्लोबल की ओर मध्य प्रदेश</strong><br>
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘लोकल फॉर वोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ के लिए काम कर रहे हैं. इसी राह पर चलते हुए मध्य प्रदेश सरकार भी ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) योजना के तहत काम कर रही है. इससे राज्य के हर जिले के उत्पाद को बेहतर बाजार मिल रहा है. नया वेब कॉमर्स पोर्टल कलाकारों को नया बाजार उपलब्ध कराकर उन्हें सीधे फायदा पहुंचाएगा। </p>
<p><strong>स्टार्टअप और रोजगार के नए अवसर</strong><br>
सीएम ने कहा कि सरकार एमएसएमई (MSME), नए स्टार्टअप और हथकरघा को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है. उन्होंने जानकारी दी कि राज्य में ‘पीएम मित्र पार्क’ के माध्यम से लगभग तीन लाख लोगों को रोजगार मिलेगा. इस पार्क से न केवल वहां काम करने वालों को काम मिलेगा, बल्कि खेतों में काम करने वाले किसानों को भी बड़ा आर्थिक लाभ होगा. साथ ही, मेट्रोपॉलिटन सिटी बनने से स्थानीय उत्पादों और पर्यटन क्षेत्र को एक नया बढ़ावा मिलेगा। </p>
<p><strong> पारदर्शिता के साथ होगी भर्ती प्रक्रिया</strong><br>
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2023 से अब तक विभिन्न संवर्गों में 14 हजार 704 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन किया जा चुका है। पुलिस बैंड और एकएसएल की भर्ती भी अंतिम दौर में है। वर्ष 2026 में भी विभिन्न पदों पर 9 हजार 751 पुलिसकर्मियों की भर्ती के लिए मंजूरी दी गई है। हमारी कोशिश है कि आगामी 2 सालों में आरक्षक और सब इंस्पेक्टर के जितने पदों पर भर्ती शेष है, उसे भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड ने पूरी पारदर्शिता के साथ प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है।<br>
 <br>
<strong>सभी चुनौतियों से निपटने में सक्षम एमपी पुलिस</strong><br>
कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि सब इंस्पेक्टर और सूबेदार के पदों पर भर्ती के लिए 2025 में नए नियम तैयार किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 7500 नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया को मंजूरी प्रदान की है। 2025 में मंजूर किए गए सिपाही, सूबेदार और सब इंस्पेक्टर पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण हो रही है। इस वर्ष 9662 विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए स्वीकृति मिली है। </p>
<p>आजादी के बाद से नक्सलवाद देश के लिए आंतरिक सुरक्षा की सबसे बड़ी समस्या थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की धरती से नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने में पुलिस विभाग की हॉक फोर्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रदेश की हॉक फोर्स में 325 पद और विशेष सहयोगी दस्ते में भी 882 पदों पर भर्ती की गई है। इन्हीं प्रयासों से मध्यप्रदेश सबसे पहले नक्सलवाद से मुक्त होने वाला राज्य बना है। पुलिस विभाग में अनुशासन का बड़ा महत्व है। परेड से अनुशासन बढ़ता है। इसके लिए बैंड दस्ते में भर्ती प्रक्रिया चल रही है। सभी इकाइयों को जल्द ही पुलिस बैंड उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि नवीन आपराधिक कानूनों को लागू कराने में एफएसएल का बड़ा महत्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एफएसएल में नई भर्ती के लिए भी स्वीकृति प्रदान की। सिंहस्थ 2028 प्रदेश का एक मेगा इवेंट होगा। पूरे देश से श्रद्धालु उज्जैन आएंगे।</p>
<p> पिछले दो वर्षों में पुलिस विभाग ने 18 हजार से अधिक पदों पर नई नियुक्तियां की हैं। उन्होंने कहा कि यह पुलिस बल प्रशिक्षण के बाद सिंहस्थ ड्यूटी के लिए उपलब्ध होगा। नई भर्तियों से आंतरिक सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को मजबूती मिलेगी। पुलिस विभाग में सालों से लंबित पदोन्नति की सौगात मिलने से अधिकारी और कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस में सबसे अधिक 27 हजार से अधिक प्रमोशन हुए हैं। सभी पुलिसकर्मी पूर्ण समर्पण से कार्य करेंगे और अच्छे परिणाम मिलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए सदैव तत्पर हैं। मध्यप्रदेश पुलिस सभी चुनौतियों से निपटने में सक्षम है।<br>
 <br>
<strong>पुलिस की आत्मीय कहानियां</strong><br>
उज्जैन जिले में पदस्थ पदोन्नत डीएसपी दीपिका शिंदे ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमारे कई साथी दो दशक से सेवाएं दे रहे हैं और कई अब सेवानिवृत्ति की ओर हैं। परिवार के सपने हमारी पदोन्नति से जुड़े होते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्णय से हमारी सेवा को सम्मान मिला है। मुझे तीन वर्ष कार्यवाहक डीएसपी पद पर कार्य करने के बाद पदोन्नति मिली है। इसके लिए हम सभी अधिकारी और कर्मचारी आभार व्यक्त करते हैं। </p>
<p>निरीक्षक रीना चौहान ने कहा कि प्रदेश में पदोन्नति प्रक्रिया शुरू होने से मेरे परिवार में तीन सदस्यों को इसका लाभ मिला है। पदोन्नति से एक कर्मचारी में निष्ठा और ऊर्जा का संचा होता है। कर्मचारियों के इंतजार को खुशी में बदलने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त करती हूं। प्रशिक्षु डीएसपी विनय कुमार डहरवाल ने कहा कि मैं बालाघाट जिले का निवासी हूं। कुछ समय पूर्व तक यह क्षेत्र नक्सल प्रभावित था।</p>
<p>मेरी स्कूली शिक्षा गांव में पूरी हुई। लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास करने पर मुझे वर्ष 2022 में डीएसपी पद मिला। मेरी सफलता से क्षेत्रवासियों में नई ऊर्जा मिली है। हम अपने देश भक्ति और सेवा के जज्बे को जमीन पर उतारेंगे। महिला आरक्षण (नवीन भर्ती) आस्था शर्मा ने कहा कि बचपन से मेरा सपना खाकी वर्दी पहनने का था। शादी और बच्चों के बाद पुलिस विभाग में मेरा चयन महिलाओं के लिए गौरव की बात है। कार्यक्रम में एडीजी एसएएफ चंद्रशेखर ने अभिनंदन पत्र को पढ़ा और स्पेशल डीजी एडमिनिस्ट्रेशन आदर्श कटियार ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव गृह संजय शुक्ला, स्पेशल डीजी सीआईडी पंकज श्रीवास्तव, आईजी एडमिन हरिनारायणचारी मिश्र सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। </p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>बेसन&#45;हल्दी से बनाएं नेचुरल फेस वॉश, चेहरे की गंदगी और ऑयल होगा कम</title>
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<description><![CDATA[ फेस वॉश स्किन केयर रूटीन का एक जरूरी हिस्सा है. चेहरे को साफ रखने के लिए ज्यादातर लोग बाजार में मिलने वाले फेस वॉश का इस्तेमाल करते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि आप बेहद आसानी से शुद्ध और नेचुरल फेस वॉश घर पर भी तैयार कर सकते हैं. इसे बनाने के लिए बेसन, … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 17:15:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>बेसन-हल्दी, से, बनाएं, नेचुरल, फेस, वॉश, चेहरे, की, गंदगी, और, ऑयल, होगा, कम</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>फेस वॉश स्किन केयर रूटीन का एक जरूरी हिस्सा है. चेहरे को साफ रखने के लिए ज्यादातर लोग बाजार में मिलने वाले फेस वॉश का इस्तेमाल करते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि आप बेहद आसानी से शुद्ध और नेचुरल फेस वॉश घर पर भी तैयार कर सकते हैं. इसे बनाने के लिए बेसन, कस्तूरी हल्दी, चंदन पाउडर, मुल्तानी मिट्टी और चावल के आटे जैसी चीजों की जरूरत होगी जो आसानी से मिल जाती हैं. तो आइए जानते हैं कि घर पर नेचुरल फेश वॉश कैसे बना सकते हैं और यह स्किन के लिए कैसे फायदेमंद हो सकता है.</p>
<p><strong>इंग्रेडिएंट्स (ingredients)</strong><br>
2 चम्मच बेसन<br>
2 चम्मच चंदन पाउडर<br>
1 चम्मच मुल्तानी मिट्टी<br>
1 चम्मच कस्तूरी हल्दी<br>
1 चम्मच चावल का आटा<br>
एक एयरटाइट कंटेनर</p>
<p><strong>घर पर फेस वॉश कैसे बनाएं?</strong></p>
<ul>
<li>नेचुरल फेस वॉश बनाने के लिए सबसे पहले एक साफ और सूखे बाउल में बेसन, कस्तूरी हल्दी, चंदन पाउडर, मुल्तानी मिट्टी और चावल का आटा डालकर अच्छी तरह मिला लें.</li>
<li>अब तैयार मिश्रण को एक एयरटाइट कंटेनर में रख लें.</li>
<li>जब भी इसका इस्तेमाल करना हो लगभग 2 चम्मच मिश्रण लें और इसमें जरूरत के अनुसार गुलाब जल डालकर पेस्ट बना लें. अगर आपकी स्किन ड्राई है तो गुलाब जल की जगह दूध या थोड़ा शहद मिला सकते हैं.</li>
<li>अब तैयार पेस्ट को चेहरे पर हल्के हाथों से लगाएं और लगभग 10-15 मिनट के लिए छोड़ दें. इसके बाद ठंडे पानी से चेहरा अच्छी तरह धो लें.</li>
</ul>
<p><strong>इस फेस वॉश के क्या फायदे हैं?</strong><br>
बेसन चेहरे से गंदगी, पसीना और एक्स्ट्रा ऑयल हटाकर स्किन को गहराई से साफ करता है. वहीं, कस्तूरी हल्दी में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण पिंपल्स और मुंहासों को कम करने के साथ स्किन को साफ और ग्लोइंग बनाते हैं. चंदन पाउडर त्वचा को ठंडक देने के साथ जलन और रेडनेस को कम करने में मदद कर सकता है.</p>
<p>मुल्तानी मिट्टी पोर्स को साफ कर एक्स्ट्रा ऑयल को कंट्रोल करती है, जिससे ऑयली और पिंपल-प्रोन स्किन को फायदा मिलता है. वहीं, चावल का आटा स्किन को नेचुरली एक्सफोलिएट करता है, टैनिंग कम करता है और चेहरे की रंगत निखारने में मदद करता है.</p>
<p><strong>इन बातों का ध्यान</strong></p>
<ul>
<li>पहली बार चेहरे पर इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें. अगर जलन, खुजली या लालिमा जैसी समस्या हो तो इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें.</li>
<li>फेस वॉश को हमेशा हल्के हाथों से चेहरे पर लगाएं और ज्यादा रगड़ने से बचें.</li>
<li>इसे रोजाना दो बार इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है. अपनी स्किन के हिसाब से इसका इस्तेमाल करें.</li>
<li>फेस वॉश लगाने से पहले चेहरे को पानी से हल्का गीला कर लें, ताकि इसे आसानी से लगाया जा सके.</li>
</ul>
<p><strong>डिस्क्लेमर</strong>: यह खबर सिर्फ जानकारी के लिए है. किसी भी घरेलू नुस्खे को स्किन केयर रूटीन में शामिल करने से पहले अपनी त्वचा के प्रकार को ध्यान में रखें. अगर आपको स्किन से जुड़ी कोई समस्या है, तो एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.</p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>IPL क्रिकेटर अभिषेक पोरेल गिरफ्तार, मेडिकल छात्रा ने रेप और धमकी के गंभीर आरोप लगाए</title>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलने वाले बंगाल के क्रिकेटर अभिषेक पोरेल को एक मेडिकल छात्रा की शिकायत पर दर्ज आपराधिक मामले में गिरफ्तार किया गया. छात्रा ने बलात्कार, आपराधिक धमकी और अन्य गंभीर अपराधों का आरोप लगाया था. हुगली ग्रामीण पुलिस के SP कुंवर भूषण सिंह के अनुसार, … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 17:00:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong><br>
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलने वाले बंगाल के क्रिकेटर अभिषेक पोरेल को एक मेडिकल छात्रा की शिकायत पर दर्ज आपराधिक मामले में गिरफ्तार किया गया. छात्रा ने बलात्कार, आपराधिक धमकी और अन्य गंभीर अपराधों का आरोप लगाया था. हुगली ग्रामीण पुलिस के SP कुंवर भूषण सिंह के अनुसार, पुलिस ने क्रिकेटर को दम दम पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले एमामी सिटी से गिरफ़्तार किया. इससे पहले जून में, पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि क्रिकेटर ने शादी का झूठा वादा करके उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और उसके साथ मारपीट व धमकी दी.</p>
<p>बाद में कलकत्ता हाई कोर्ट ने पुलिस को इस मामले में क्रिकेटर को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया. पोरेल, जो पहले इंडिया A टीम के साथ UK और ऑस्ट्रेलिया का दौरा कर चुके हैं, ने पहले सभी आरोपों से इनकार किया था. शिकायत के अनुसार, महिला ने आरोप लगाया कि वह और पोरेल पिछले तीन साल से रिलेशनशिप में थे और पिछले साल उनके बीच मतभेद पैदा हो गए, जिसके बाद क्रिकेटर ने कथित तौर पर उससे "दूरी बनाना" शुरू कर दिया. उसने यह भी आरोप लगाया कि पोरेल ने उससे शादी करने का वादा किया था, लेकिन अब वह ऐसा करने को तैयार नहीं है.</p>
<p>अपनी शिकायत में, महिला ने आरोप लगाया कि पोरेल ने शादी का वादा करके उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और उस पर मारपीट और आपराधिक धमकी देने का भी आरोप लगाया. पुलिस के एक अधिकारी ने PTI को बताया, "हमें एक शिकायत मिली है और हमने जांच शुरू कर दी है."</p>
<p>बाएं हाथ के टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज पोरेल 2023 से इंडियन प्रीमियर लीग में दिल्ली कैपिटल्स का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. पिछले सीज़न में उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स के लिए चार पारियों में 108 रन बनाए थे. उन्होंने 2021-22 सीज़न में बंगाल के लिए अपना फर्स्ट-क्लास डेब्यू किया और 32 फर्स्ट-क्लास और 23 लिस्ट A मैच खेले हैं.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>वेस्टइंडीज की बढ़ी मुश्किलें, 2027 वर्ल्ड कप में सीधे एंट्री नहीं, अब क्वालिफायर से बनानी होगी जगह</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली दो बार की वनडे विश्व चैम्पियन वेस्टइंडीज 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए सीधे क्वालिफाई नहीं कर पाएगा और उसे एक बार फिर क्वालिफायर का रास्ता अपनाना होगा. अफगानिस्तान ने सोमवार को बेलफास्ट में आयरलैंड को हराकर सीधे क्वालिफाई करने वाली टीमों के बीच अपनी जगह पक्की कर ली, जिससे वेस्टइंडीज की सीधी … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 17:00:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>वेस्टइंडीज, की, बढ़ी, मुश्किलें, 2027, वर्ल्ड, कप, में, सीधे, एंट्री, नहीं, अब, क्वालिफायर, से, बनानी, होगी, जगह</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
दो बार की वनडे विश्व चैम्पियन वेस्टइंडीज 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए सीधे क्वालिफाई नहीं कर पाएगा और उसे एक बार फिर क्वालिफायर का रास्ता अपनाना होगा. अफगानिस्तान ने सोमवार को बेलफास्ट में आयरलैंड को हराकर सीधे क्वालिफाई करने वाली टीमों के बीच अपनी जगह पक्की कर ली, जिससे वेस्टइंडीज की सीधी एंट्री की उम्मीदें खत्म हो गईं l  </p>
<p>2027 वर्ल्ड कप के लिए 30 सितंबर 2026 की ICC ODI रैंकिंग के आधार पर शीर्ष आठ गैर-मेजबान टीमें सीधे क्वालिफाई करेंगी. टूर्नामेंट के तीन मेजबान दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया हैं, जिन्हें मेजबान होने के नाते जगह मिलेगी. इस तरह कुल 11 टीमें सीधे वर्ल्ड कप में पहुंचेंगी, जबकि बाकी तीन स्थान क्वालिफिकेशन प्रक्रिया से तय होंगे l</p>
<p>अफगानिस्तान की सीधी क्वालिफिकेशन के साथ वह गत चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया, भारत, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, श्रीलंका, इंग्लैंड और बांग्लादेश जैसी टीमों के साथ 2027 वर्ल्ड कप के लिए सीधे क्वालिफाई करने वाली टीमों में शामिल हो गया है l  </p>
<p>फिलहाल 10वें स्थान पर मौजूद वेस्टइंडीज के पास कटऑफ से पहले भारत के खिलाफ दो वनडे मैच बाकी हैं. हालांकि, इन दोनों मुकाबलों में जीत हासिल करने के बावजूद वह सीधे क्वालिफिकेशन हासिल नहीं कर पाएगा. अब उसे अगले साल फरवरी से शुरू होने वाले क्वालिफायर के जरिए वर्ल्ड कप में जगह बनानी होगी l</p>
<p>यह लगातार तीसरी बार होगा जब वेस्टइंडीज को वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफायर खेलना पड़ेगा. 2019 में वह क्वालिफायर के जरिए वर्ल्ड कप में पहुंचा था, जबकि 2023 में क्वालिफायर में ही उसका सफर खत्म हो गया था l  </p>
<p><strong>कैसे वर्ल्ड कप में पहुंचेगा वेस्टइंडीज?</strong><br>
ICC ने 15 जुलाई 2026 को 2027 पुरुष वनडे वर्ल्ड कप के प्रारूप में बड़ा बदलाव किया है. टूर्नामेंट में 14 टीमें ही रहेंगी, लेकिन अब मुकाबले तीन चरणों में होंगे.</p>
<p>वर्ल्ड कप क्वालिफायर में 10 टीमें हिस्सा लेंगी. वेस्टइंडीज और आयरलैंड को इसमें सीधे जगह मिलेगी, क्योंकि 30 सितंबर 2026 की कटऑफ पर वे मेजबान देशों को छोड़कर सबसे निचली रैंक वाली दो Full Member टीमें होंगी. इनके अलावा CWC League 2 की शीर्ष चार टीमें और Qualifier Play-off की शीर्ष चार टीमें मुख्य क्वालिफायर में पहुंचेंगी l</p>
<p>क्वालिफायर प्लेऑफ में CWC League 2 की निचली चार टीमें और चैलेंज लीग की चार टीमें खेलेंगी. इस आठ टीमों के प्लेऑफ से शीर्ष चार टीमें मुख्य क्वालिफायर में पहुंचेंगी l</p>
<p>मुख्य क्वालिफायर में कुल 10 टीमें होंगी. इनमें से शीर्ष चार टीमें 2027 वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करेंगी l</p>
<p>इसके बाद वर्ल्ड कप के अंदर नया तीन चरणों वाला प्रारूप लागू होगा. 14 क्वालिफाइड टीमों में सबसे निचली रैंक वाली तीन टीमें पहले चरण में Super Series खेलेंगी. तीनों टीमें एक-दूसरे से मुकाबला करेंगी और शीर्ष टीम अगले दौर में पहुंचेगी. इसके बाद बची हुई 12 टीमें दो ग्रुप में बांटी जाएंगी. दोनों ग्रुप से शीर्ष तीन-तीन टीमें और दोनों ग्रुप में अगली सर्वश्रेष्ठ टीम Super 7 चरण में पहुंचेगी l</p>
<p>Super 7 में सात टीमें राउंड-रॉबिन आधार पर खेलेंगी. यहां से शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी और इसके बाद फाइनल खेला जाएगा l</p>
<p>इस नए प्रारूप का उद्देश्य टूर्नामेंट में अधिक प्रतिस्पर्धी मुकाबले कराना और 14 टीमों के बीच मैचों को ज्यादा रोमांचक बनाना है. हालांकि, कुछ एसोसिएट देशों ने सीधे वर्ल्ड कप में पहुंचने के अवसर कम होने को लेकर चिंता जताई हैl</p>]]> </content:encoded>
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<title>किंग्स कप सेपक टकराव में भारत ने जीता कांस्य, एशियन गेम्स से पहले बढ़ा आत्मविश्वास</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली  भारतीय पुरुष क्वाड्रेंट टीम ने थाईलैंड में आयोजित किंग्स कप सेपक टकराव चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया है। एशियन गेम्स 2026 से पहले टीम इंडिया के लिए जीत आत्मविश्वास बढ़ा सकती है। ये खेल काफी दिलचस्प है क्योंकि इसमें फुटबॉल और वॉलीबॉल जैसे अन्य खेलों का मिश्रण देखने को मिलता है। … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 17:00:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
 भारतीय पुरुष क्वाड्रेंट टीम ने थाईलैंड में आयोजित किंग्स कप सेपक टकराव चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया है। एशियन गेम्स 2026 से पहले टीम इंडिया के लिए जीत आत्मविश्वास बढ़ा सकती है। ये खेल काफी दिलचस्प है क्योंकि इसमें फुटबॉल और वॉलीबॉल जैसे अन्य खेलों का मिश्रण देखने को मिलता है।</p>
<p>भारत ने सेमीफाइनल में मेजबान थाईलैंड का सामना किया। तीन सेट के रोमांचक मुकाबले में भारत 15-9, 9-15, 9-15 से हार गया। हालांकि हार हुई, लेकिन टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया और पोडियम पर जगह बनाई। इस कांस्य पदक ने सोशल मीडिया पर चर्चा छेड़ दी है। सेपक टकराव की लोकप्रियता बढ़ रही है, इसलिए टीम के खेल और पदक समारोह के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।</p>
<p><strong>सेपक टकराव क्या है?</strong><br>
सेपक टकराव वॉलीबॉल, फुटबॉल और मार्शल आर्ट का मिश्रण है। खिलाड़ी गेंद को हवा में रखने और नेट के पार भेजने के लिए सिर, घुटने, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन हाथों का इस्तेमाल मना है। मैदान बैडमिंटन जैसा होता है, जबकि खेल का तरीका वॉलीबॉल से मिलता-जुलता है।</p>
<p><strong>किंग्स कप का इतिहास</strong><br>
किंग्स कप सेपक टकराव चैंपियनशिप इस खेल की बड़ी प्रतियोगिताओं में से एक है। यह थाईलैंड के राजा को समर्पित है और 1985 में शुरू हुई थी। पहले विजेता मलेशिया थे। उसके बाद से थाईलैंड इस टूर्नामेंट में सबसे आगे रहा है।</p>
<p><strong>भारत ने हाल ही में हासिल की सफलताएं</strong><br>
यह जीत भारत के लिए और एक अच्छी खबर है। इससे पहले जापान के नागोया में हुए एशिया सेपक टकराव चैंपियनशिप 2026 में भारत ने पुरुष क्वाड्रेंट में स्वर्ण पदक जीता था। फाइनल में जापान को 15-10, 12-15, 15-12 से हराया गया। ग्रुप बी में मलेशिया और दक्षिण कोरिया को पीछे छोड़कर टीम आगे बढ़ी थी और सेमीफाइनल में थाईलैंड को भी हराया था।</p>
<p>मार्च 2025 में भारत ने इंटरनेशनल सेपक टकराव फेडरेशन वर्ल्ड कप में पुरुष रेगू इवेंट में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता था। किंग्स कप का यह कांस्य पदक पुरुष क्वाड्रेंट टीम को और मजबूत बनाता है। अब एशियाई खेल 2026 में भारत की मेडल की उम्मीदें बढ़ गई हैं।</p>]]> </content:encoded>
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<title>मुख्य सचिव का सख्त निर्देश: रिटायरमेंट से पहले ही कर्मचारियों के लंबित प्रकरण करें निराकृत</title>
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<description><![CDATA[ मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों की उच्च स्तरीय बैठक ली  सेवा निवृत्त होने से पहले ही प्रकरण कर निराकृत करें महत्वपूर्ण योजनाओं और विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश रायपुर  मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के समस्त विभागों के भार साधक सचिवों की … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 16:45:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>मुख्य, सचिव, का, सख्त, निर्देश:, रिटायरमेंट, से, पहले, ही, कर्मचारियों, के, लंबित, प्रकरण, करें, निराकृत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों की उच्च स्तरीय बैठक ली</strong></p>
<p><strong> सेवा निवृत्त होने से पहले ही प्रकरण कर निराकृत करें</strong></p>
<p><strong>महत्वपूर्ण योजनाओं और विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश</strong></p>
<p><strong>रायपुर</strong><br>
 मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के समस्त विभागों के भार साधक सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा की। </p>
<p>         मुख्य सचिव ने कहा है कि सेवा निवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के विभिन्न प्रकरणों के निराकरण उनके सेवा निवृत्त होने से पहले ही तैयार कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि सेवा निवृत्त होने वाले अधिकारी कर्मचारियों की सूची विभागावार नियतकालिक अवधि में बनायी जाए। विभागों में रिक्त पदों की सूची एवं बैकलॉक के पदों पर सेटअप बनाकर भर्ती प्रक्रिया पूरी करें। मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों को उनके विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए है। बैठक में लोक सेवा गारंटी, सूचना के अधिकार, सेवा सेतु, लोक सेवा गारंटी, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति, डी रेगुलेशन, ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। बैठक में बताया गया कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत 728 सेवाएं को नोटिफाइड हो चूकी है। </p>
<p>           मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि आई-गॉट के तहत विभागवार चिन्हित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की मॉनिटरिंग की जाये। अधिकारी-कर्मचारियों को आई-गॉट के तहत विभाग की आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण दिलाने कहा है। अधिकारी- कर्मचारियों के लिए आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण के कार्ययोजना बनायें। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि रिफार्म के तहत अपने-अपने विभागवार जानकारी तैयार करें। आगामी दिनों में रिफार्म उत्सव अभियान का आयोजन होगा।</p>
<p>        बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव श्रीमती शहला निगार, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, मुख्यमंत्री एवं सुशासन अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, खाद्य विभाग की सचिव सुरीना बाबा साहेब कंगाले, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, ऊर्जा विभाग के सचिव सारांश मित्तर, श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, परिवहन विभाग के सचिव एस.प्रकाश, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव बसवराजु एस., राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव भुवनेश यादव सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>देशभक्ति से ओतप्रोत अप्रतिम उत्साह के साथ निकली तिरंगा यात्रा, उप मुख्यमंत्री अरुण साव हुए शामिल</title>
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<description><![CDATA[ देशभक्ति से ओतप्रोत अप्रतिम उत्साह के साथ निकली तिरंगा यात्रा, उप मुख्यमंत्री अरुण साव हुए शामिल लहराया गया 92 फीट का तिरंगा तिरंगा यात्रा की ढाई किमी पैदल रैली में उत्साह और उमंग से शामिल हुए जनप्रतिनिधि, पूर्व सैनिक, विद्यार्थी, अधिकारी-कर्मचारी और नागरिक रायपुर.  उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव के … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 16:45:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>देशभक्ति से ओतप्रोत अप्रतिम उत्साह के साथ निकली तिरंगा यात्रा, उप मुख्यमंत्री अरुण साव हुए शामिल</strong></p>
<p><strong>लहराया गया 92 फीट का तिरंगा</strong></p>
<p><strong>तिरंगा यात्रा की ढाई किमी पैदल रैली में उत्साह और उमंग से शामिल हुए जनप्रतिनिधि, पूर्व सैनिक, विद्यार्थी, अधिकारी-कर्मचारी और नागरिक</strong></p>
<p><strong>रायपुर. </strong><br>
उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव के मुख्य आतिथ्य में आज कांकेर में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। अप्रतिम उत्साह के साथ देशभक्ति से ओतप्रोत तिरंगा यात्रा की ढाई किमी पैदल रैली में जनप्रतिनिधि, पूर्व सैनिक, विद्यार्थी, अधिकारी-कर्मचारी और शहरवासी बड़ी संख्या में शामिल हुए। विधायक आशाराम नेताम और छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत ने भी तिरंगा यात्रा में भागीदारी की।  </p>
<p>उप मुख्यमंत्री अरुण साव के नेतृत्व में शासकीय नरहरदेव उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के खेल मैदान से शुरू हुई तिरंगा यात्रा नगर घड़ी चौक, ऊपर-नीचे रोड, मस्जिद चौक, गांधी चौक होते हुए नवनिर्मित मिनी स्टेडियम परिसर में सम्पन्न हुई। इसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, पूर्व सैनिकों, विद्यार्थियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, गणमान्य नागरिकों, मीडिया प्रतिनिधियों तथा स्वयंसेवी संगठनों के पदाधिकारियों ने हाथ में राष्ट्र ध्वज लेकर उत्साह से भाग लिया। </p>
<p>यात्रा की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के गायन से की गई। नागरिकों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर रैली में शामिल लोगों का स्वागत किया तथा देशभक्ति के नारे लगाए। नगरवासियों ने चॉकलेट व टॉफी बांटकर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय तथा छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग के निर्देश पर वंदेमातरम् गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के मौके पर इस जिला स्तरीय तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया था। </p>
<p><strong>92 फीट तिरंगा बना आकर्षण का केंद्र</strong></p>
<p>तिरंगा यात्रा में शामिल विद्यार्थियों ने 92 फीट लंबा तथा 5 फीट चौड़ा तिरंगा का प्रदर्शन किया। शहर के विभिन्न मार्गों और चौक-चौराहों पर इसे लहराते हुए यात्रा निकाली गई, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। सेंट माइकल इंग्लिश स्कूल की बैंड टोली में शामिल छात्राओं ने राष्ट्रगीत की धुन पर वाद्य यंत्र बजाते हुए रैली में मार्चपास्ट किया। </p>
<p>केंद्र शासन एवं राज्य शासन के निर्देश पर 9 अगस्त से 17 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। तिरंगा यात्रा के माध्यम से नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज अपने घर पर फहराने एवं राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम के गायन के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिससे लोगों में देश भक्ति और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना जागृत हो।</p>
<p>कांकेर नगर पालिका के अध्यक्ष अरुण कौशिक, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी, कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, एसपी निखिल राखेचा, महेश जैन, सतीश लाटिया, राहुल टिकरिहा, राजा देवनानी, जिला पंचायत की उपाध्यक्ष श्रीमती तारा ठाकुर, कांकेर नगर पालिका के उपाध्यक्ष उत्तम यादव, पूर्व विधायक श्रीमती सुमित्रा मारकोले, जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी और जिला शिक्षा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी रमेश निषाद भी तिरंगा यात्रा में मौजूद थे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>खड़गवां&#45;चिरमिरी की राह होगी आसान, डबल लेन सड़क को 11.84 करोड़ की मंजूरी</title>
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<description><![CDATA[ खड़गवां-चिरमिरी की राह होगी आसान, डबल लेन सड़क को 11.84 करोड़ की मंजूरी स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयास रंग लाए, भुकभुकी-चिरमिरी मार्ग के उन्नयन को विष्णुदेव सरकार की हरी झंडी मनेन्द्रगढ़/एमसीबी खड़गवां, दूबछोला और चिरमिरी क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी राहत और विकास की नई राह खुलने जा रही है। क्षेत्रीय विधायक … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 16:45:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>खड़गवां-चिरमिरी, की, राह, होगी, आसान, डबल, लेन, सड़क, को, 11.84, करोड़, की, मंजूरी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>खड़गवां-चिरमिरी की राह होगी आसान, डबल लेन सड़क को 11.84 करोड़ की मंजूरी</strong></p>
<p><strong>स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयास रंग लाए, भुकभुकी-चिरमिरी मार्ग के उन्नयन को विष्णुदेव सरकार की हरी झंडी</strong></p>
<p><strong>मनेन्द्रगढ़/एमसीबी</strong></p>
<p>खड़गवां, दूबछोला और चिरमिरी क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी राहत और विकास की नई राह खुलने जा रही है। क्षेत्रीय विधायक एवं प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से भुकभुकी-चिरमिरी सड़क को डबल लेन में विकसित करने के लिए 1184.86 लाख यानी करीब 11.85 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। राज्य की विष्णुदेव साय सरकार की इस मंजूरी से क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ आवागमन, व्यापार और परिवहन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।</p>
<p><strong>सोनवनी नाका के लंबे फेर से मिलेगी राहत</strong></p>
<p>खड़गवां और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को लंबे समय तक चिरमिरी पहुंचने के लिए सोनवनी नाका होकर लंबा रास्ता तय करना पड़ता था। क्षेत्र की इस समस्या को देखते हुए श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने पूर्व विधायक कार्यकाल में भुकभुकी-चिरमिरी मार्ग का निर्माण कराया था, जिससे दोनों क्षेत्रों के बीच दूरी और यात्रा का समय कम हुआ।<br>
हालांकि सिंगल लेन होने के कारण सड़क पर भारी एवं व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही में परेशानी बनी हुई थी। अब डबल लेन सड़क के लिए मिली प्रशासकीय स्वीकृति से इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।</p>
<p><strong>व्यापार और परिवहन को मिलेगी रफ्तार</strong></p>
<p>डबल लेन सड़क के निर्माण से खड़गवां, दूबछोला और चिरमिरी के बीच आवागमन अधिक सुगम और सुरक्षित होने की उम्मीद है। भारी वाहनों की आवाजाही आसान होने से स्थानीय व्यापार, परिवहन और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। सड़क का उन्नयन क्षेत्र के समग्र विकास और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
<p><strong>मंत्री जायसवाल ने जताया आभार</strong></p>
<p>स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि क्षेत्र की जनता की सुविधा और सर्वांगीण विकास उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सिंगल लेन सड़क से चिरमिरी और खड़गवां की दूरी कम हुई थी, लेकिन भारी वाहनों के आवागमन में कठिनाइयां बनी हुई थीं। जनता की मांग को देखते हुए सड़क को डबल लेन बनाने के लिए प्रयास किए गए।<br>
उन्होंने इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सड़क के निर्माण के बाद क्षेत्र के व्यापार और परिवहन को नई दिशा मिलेगी।<br>
11.84 करोड़ की यह स्वीकृति केवल सड़क निर्माण की मंजूरी नहीं, बल्कि खड़गवां-चिरमिरी क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी, सुगम परिवहन और विकास के नए अवसरों की मजबूत नींव के रूप में देखी जा रही है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>अजय चंद्राकर का कांग्रेस पर हमला, बोले&#45; ‘झीरम कांड में इन्हें सच्चाई नहीं चाहिए, राजीव भवन से सुना दें फैसला’</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर. झीरम घाटी मामले की एनआईए स्पेशल कोर्ट में चल रही सुनवाई को लेकर कांग्रेस के बयानों पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने तीखा पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता खुद ही जज बन जाएं और कांग्रेस भवन से ही फैसला सुना दें. विधायक चंद्राकर ने निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 16:45:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>अजय, चंद्राकर, का, कांग्रेस, पर, हमला, बोले-, ‘झीरम, कांड, में, इन्हें, सच्चाई, नहीं, चाहिए, राजीव, भवन, से, सुना, दें, फैसला’</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>झीरम घाटी मामले की एनआईए स्पेशल कोर्ट में चल रही सुनवाई को लेकर कांग्रेस के बयानों पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने तीखा पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता खुद ही जज बन जाएं और कांग्रेस भवन से ही फैसला सुना दें.</p>
<p>विधायक चंद्राकर ने निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस को सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है और वह केवल झीरम मामले पर राजनीति करना चाहती है.</p>
<p><strong>कांग्रेस से मार्गदर्शन की जरूरत नहीं है : MLA चंद्राकर</strong><br>
भाजपा सरकार और संगठन द्वारा विश्व आदिवासी दिवस नहीं मनाने और बधाई तक नहीं देने को कांग्रेस ने मुद्दा बना लिया. आज 15 जिलों में कांग्रेस इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाली है. विधायक अजय चंद्राकर ने कांग्रेस पर हमलावर होते हुए कहा कि विश्व के मूल निवासियों का अंतरराष्ट्रीय दिवस 9 अगस्त को होता है और कांग्रेस को इस प्रस्ताव को पढ़ना चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस में अक्ल की कमी है और भाजपा को कांग्रेस से मार्गदर्शन की जरूरत नहीं है. उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि उसने आदिवासियों के लिए क्या किया है.</p>
<p><strong>कांग्रेस में महिला और उनके पुत्र का ही दखल</strong><br>
कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधते हुए बयान दिया  कि महिलाओं की राजनीति में भाजपा के नेता सबसे ज्यादा दखल देते हैं. इस पर विधायक चंद्राकर ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस खुद महिला और महिला पुत्र के इर्द-गिर्द चल रही है. पूरी पार्टी में महिला और उनके पुत्र का ही दखल है. कांग्रेस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि ये ‘हाइब्रिड नस्ल’ के हैं, देसी नस्ल के भी नहीं हैं.<br>
<strong>पार्षद पति व्यवस्था खत्म करने से बढ़ेगा महिला सशक्तिकरण</strong><br>
छत्तीसगढ़ में ‘पार्षद पति’ व्यवस्था खत्म करने संबंधी सरकार के राजपत्र जारी होने पर अजय चंद्राकर ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया. उन्होंने कहा कि राजनीतिक और गैर-राजनीतिक विवादों से ऊपर उठकर इस व्यवस्था पर काम किया जाना चाहिए. उन्होंने बताया कि नगरीय निकायों में 33 प्रतिशत और पंचायतों में 50 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं के लिए है.</p>]]> </content:encoded>
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<title>MP Police Recruitment: 9,662 पदों पर भर्ती को मंजूरी, 20 हजार पद खाली; CM यादव ने किया बड़ा ऐलान</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल   मध्यप्रदेश पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। वर्ष 2026 में पुलिस विभाग के 9,662 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी गई है। भोपाल में आयोजित नवीन भर्ती एवं पदोन्नति आभार समारोह में डीजीपी कैलाश मकवाना ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभिन्न संवर्गों में 14,704 अभ्यर्थियों … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 16:15:35 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Police, Recruitment:, 9, 662, पदों, पर, भर्ती, को, मंजूरी, हजार, पद, खाली, यादव, ने, किया, बड़ा, ऐलान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong><br>
 मध्यप्रदेश पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। वर्ष 2026 में पुलिस विभाग के 9,662 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी गई है। भोपाल में आयोजित नवीन भर्ती एवं पदोन्नति आभार समारोह में डीजीपी कैलाश मकवाना ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभिन्न संवर्गों में 14,704 अभ्यर्थियों का चयन हो चुका है, जबकि 9,751 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया फिलहाल जारी है।</p>
<p><strong>पुलिस विभाग में हजारों पदों पर भर्ती की तैयारी</strong><br>
डीजीपी कैलाश मकवाना ने बताया कि वर्ष 2026 में 9,662 पदों पर भर्ती की मंजूरी मिली है। विभिन्न संवर्गों में 14,704 अभ्यर्थियों का चयन किया जा चुका है। पुलिस बैंड और FSL से जुड़ी भर्तियां अगले चरण में की जाएंगी। विभाग में रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।</p>
<p><strong>20 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी बिना प्रमोशन हुए रिटायर</strong><br>
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विभागीय और तकनीकी कारणों से लंबे समय तक पुलिसकर्मियों की पदोन्नति अटकी रही। उन्होंने बताया कि 20 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी बिना पदोन्नति के सेवानिवृत्त हो गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें इस बात का मलाल है कि कई पुलिसकर्मियों को सेवाकाल के दौरान प्रमोशन नहीं मिल सका। अब पदोन्नति का रास्ता खोल दिया गया है।</p>
<p><strong>सीएम की घोषणा- MP में SISF की 3 बटालियन बनेंगी</strong><br>
मुख्यमंत्री ने बताया कि जुलाई 2026 में पुलिस विभाग के 58 संवर्गों के 27,534 अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति** दी गई है। इनमें 30 रक्षित निरीक्षक उप पुलिस अधीक्षक बने हैं। उन्होंने राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (SISF) की तीन बटालियन गठित करने की घोषणा भी की।</p>
<p>उन्होंने कहा कि एक बटालियन खंडवा में बनाई जाएगी, जबकि अन्य दो के स्थान बाद में तय किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि एसआईएसएफ में बैगा, भारिया और सहरिया समुदायों की अलग-अलग कंपनियां गठित की जाएंगी, ताकि इन समुदायों के युवाओं को रोजगार और सुरक्षा बल में प्रतिनिधित्व मिल सके।</p>
<p><strong>डीजीपी बोले- ‘8 साल से SI-सूबेदार की भर्ती नहीं हुई थी’</strong><br>
डीजीपी कैलाश मकवाना ने बताया कि दिसंबर 2024 में पदभार संभालने के बाद हुई समीक्षा में पुलिस विभाग में करीब 20 हजार पद रिक्त पाए गए। उन्होंने कहा, सब इंस्पेक्टर और सूबेदार जैसे महत्वपूर्ण पदों पर करीब आठ साल से भर्ती नहीं हुई थी। इन पदों की रिक्तियों का असर कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण पर पड़ रहा था। डीजीपी ने बताया कि भर्ती नियमों से जुड़ी आपत्तियों का समाधान कर भर्ती प्रक्रिया दोबारा शुरू कराई गई।</p>
<p><strong>27,534 पुलिसकर्मियों को मिली पदोन्नति</strong><br>
मुख्यमंत्री ने बताया कि जुलाई 2026 में पुलिस विभाग के 58 संवर्गों के 27,534 अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई है। इनमें 30 रक्षित निरीक्षक भी शामिल हैं, जिन्हें पदोन्नति देकर उप पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। सरकार का कहना है कि पदोन्नति से पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ेगा और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे।</p>
<p><strong>MP में SISF की 3 नई बटालियन बनेंगी</strong><br>
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल यानी SISF की तीन नई बटालियन गठित करने की घोषणा की। इनमें एक बटालियन खंडवा में बनाई जाएगी, जबकि अन्य दो बटालियनों के स्थान बाद में तय किए जाएंगे। इसके साथ ही SISF में बैगा, भारिया और सहरिया समुदायों के लिए अलग-अलग कंपनियां गठित करने की बात भी कही गई है।</p>
<p><strong>8 साल से SI और सूबेदार की भर्ती नहीं हुई थी</strong><br>
डीजीपी कैलाश मकवाना ने बताया कि दिसंबर 2024 में पदभार संभालने के बाद हुई समीक्षा में पुलिस विभाग में करीब 20 हजार पद खाली मिले थे। उन्होंने कहा कि सब इंस्पेक्टर और सूबेदार जैसे महत्वपूर्ण पदों पर करीब आठ साल से भर्ती नहीं हुई थी। रिक्तियों का असर कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण पर पड़ रहा था। भर्ती नियमों से जुड़ी आपत्तियों का समाधान कर प्रक्रिया दोबारा शुरू कराई गई।</p>
<p><strong>नक्सल मोर्चे के लिए भी सैकड़ों नए पद मंजूर</strong><br>
डीजीपी ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंजूरी से हॉक फोर्स में 325 और विशेष सहयोगी दस्ते में 882 पद स्वीकृत किए गए हैं। इन नई नियुक्तियों से नक्सल विरोधी अभियान को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि पुलिस बल को मजबूत करने के लिए भर्ती, पदोन्नति और नए पदों की स्वीकृति की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।</p>
<p><strong>डीजीपी ने बताया- नक्सल मोर्चे पर भी नए पद मंजूर</strong><br>
डीजीपी कैलाश मकवाना ने बताया कि मुख्यमंत्री की स्वीकृति से **हॉक फोर्स में 325 और विशेष सहयोगी दस्ते में 882 पद** मंजूर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि लगातार लिए गए निर्णयों और नए पदों की स्वीकृति से नक्सल विरोधी अभियान को मजबूती मिली है। कार्यक्रम में डीजीपी कैलाश मकवाना, अपर मुख्य सचिव गृह संजय शुक्ला, स्पेशल डीजी सीआईडी पंकज श्रीवास्तव, एडीजी प्रशासन आदर्श कटियार और एडीजी एसएएफ चंचल शेखर मौजूद रहे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>जहां मलेरिया था बड़ी चुनौती, वहां बदली तस्वीर, 10 साल में 83% घटे मामले, अब गांवों में बदल रही लोगों की आदत</title>
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<description><![CDATA[ जहां मलेरिया था बड़ी चुनौती, वहां बदली तस्वीर, 10 साल में 83% घटे मामले, अब गांवों में बदल रही लोगों की आदत बैगा-गुनिया और मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने संभाली जागरूकता की कमान, गांवों में बदलने लगा मलेरिया से बचाव का व्यवहार रायपुर   बस्तर में मलेरिया से जंग अब सिर्फ दवा और जांच की नहीं रही। … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 16:15:31 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>जहां, मलेरिया, था, बड़ी, चुनौती, वहां, बदली, तस्वीर, साल, में, 83, घटे, मामले, अब, गांवों, में, बदल, रही, लोगों, की, आदत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>जहां मलेरिया था बड़ी चुनौती, वहां बदली तस्वीर, 10 साल में 83% घटे मामले, अब गांवों में बदल रही लोगों की आदत</strong></p>
<p><strong>बैगा-गुनिया और मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने संभाली जागरूकता की कमान, गांवों में बदलने लगा मलेरिया से बचाव का व्यवहार</strong></p>
<p><strong>रायपुर </strong><br>
 बस्तर में मलेरिया से जंग अब सिर्फ दवा और जांच की नहीं रही। जंगलों के बीच बसे गांवों में मच्छरदानी की आदत, बुखार पर तुरंत जांच और समय पर इलाज का संदेश धीरे-धीरे लोगों की जीवनशैली का हिस्सा बन रहा है। कभी मलेरिया के लिए संवेदनशील माने जाने वाले इन इलाकों में स्वास्थ्य विभाग ने बीमारी से लड़ने के साथ-साथ लोगों की सोच और व्यवहार में बदलाव को भी अभियान का केंद्र बनाया है। इसी सामूहिक प्रयास का असर है कि पिछले 10 वर्षों में मलेरिया के मामलों में करीब 83 प्रतिशत की कमी आई है।</p>
<p>बस्तर की इस तस्वीर को बदलने के पीछे वर्षों से चल रही वह मुहिम है, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं को गांवों तक पहुंचाने के साथ लोगों को बीमारी से बचाव का तरीका भी समझाया गया। खासकर संभाग की बड़ी जनजातीय आबादी तक पहुंचने के लिए स्थानीय भाषा, स्थानीय परंपराओं और समुदाय में प्रभाव रखने वाले लोगों को माध्यम बनाया गया। मकसद साफ रहा-मलेरिया से बचाव की बात ऐसी भाषा में कही जाए, जिसे गांव का हर परिवार आसानी से समझ सके और अपनी दिनचर्या में अपना सके।</p>
<p><strong>बैगा-गुनिया भी बने जागरूकता की कड़ी</strong><br>
इसी सोच के साथ बैगा-गुनिया सिरहा सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। गांवों में जिन लोगों की बात समुदाय सहजता से सुनता है, उन्हें मलेरिया से बचाव के उपायों से जोड़ा जा रहा है। इन सम्मेलनों में स्थानीय भाषा और संवाद शैली के जरिए मच्छरदानी के नियमित उपयोग, बुखार होने पर तत्काल जांच और डॉक्टर से उपचार लेने की जरूरत समझाई जाती है।</p>
<p>यह संदेश खास तौर पर इस बात पर केंद्रित है कि बुखार को मामूली समझकर घर पर इंतजार करना भारी पड़ सकता है। समय पर जांच होने से बीमारी की पहचान जल्दी होती है और उपचार शुरू किया जा सकता है। इसी तरह सोते समय  मच्छरदानी का इस्तेमाल मलेरिया से बचाव का सबसे आसान और प्रभावी उपाय है।</p>
<p>स्वास्थ्य अमला अब मछरदानी के नियमित इस्तेमाल पर भी जोर दे रहा है। मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ता और मितानिनें परिवारों से संपर्क कर यह देख रही हैं कि मच्छरदानी केवल घर में रखी न रहे, बल्कि रात में उसका इस्तेमाल भी हो।</p>
<p>मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में बुखार की निगरानी और जांच की व्यवस्था को भी लगातार मजबूत किया गया है। गांवों में लोगों को यह समझाया जा रहा है कि बुखार आने पर घरेलू उपचार के भरोसे रहने के बजाय स्वास्थ्य कार्यकर्ता से संपर्क करें और जांच कराएं। इस तरह बचाव और उपचार दोनों को समुदाय के व्यवहार से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>ग्राम अखड़ार में निकली तिरंगा यात्रा, देशभक्ति के नारों से गूंजा गांव</title>
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<description><![CDATA[ ग्राम अखड़ार में निकली तिरंगा यात्रा, देशभक्ति के नारों से गूंजा गांव उमरिया जिले के बिलासपुर तहसील अंतर्गत ग्राम अखड़ार में भाजपा कार्यकर्ताओं, ग्रामीणों एवं छात्र-छात्राओं द्वारा तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा ग्राम के हाई स्कूल से प्रारंभ होकर गढ़ी चौराहा तक पहुंची। तिरंगा यात्रा के दौरान ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों ने हाथों में तिरंगा लेकर … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 16:15:26 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>ग्राम, अखड़ार, में, निकली, तिरंगा, यात्रा, देशभक्ति, के, नारों, से, गूंजा, गांव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>ग्राम अखड़ार में निकली तिरंगा यात्रा, देशभक्ति के नारों से गूंजा गांव</strong></p>
<p><strong>उमरिया</strong><br>
जिले के बिलासपुर तहसील अंतर्गत ग्राम अखड़ार में भाजपा कार्यकर्ताओं, ग्रामीणों एवं छात्र-छात्राओं द्वारा तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा ग्राम के हाई स्कूल से प्रारंभ होकर गढ़ी चौराहा तक पहुंची।</p>
<p>तिरंगा यात्रा के दौरान ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों ने हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति के नारों के साथ सहभागिता की। यात्रा में कार्यक्रम के प्रभारी पंकज तिवारी सह प्रभारी विनय तिवारी भाजपा मंडल बिलासपुर के अध्यक्ष पुष्पेंद्र सोनी, मंडल उपाध्यक्ष राकेश तिवारी, महामंत्री,सोहन कोल, मंटू राम बारी, अजय असाटी, देवी शरण एवं उत्तम बर्मन सहित भाजपा कार्यकर्ता, ग्रामीणजन, विद्यालय के छात्र-छात्राएं एवं शिक्षक उपस्थित रहे।</p>
<p>तिरंगा यात्रा के माध्यम से ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया।</p>]]> </content:encoded>
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<title>iQOO ला रहा 10,000mAh बैटरी वाला फोन, 18 अगस्त को हो सकता है बड़ा लॉन्च</title>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 16:15:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>iQOO, ला, रहा, 10, 000mAh, बैटरी, वाला, फोन, अगस्त, को, हो, सकता, है, बड़ा, लॉन्च</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>स्मार्टफोन की बैटरी खत्म होने की टेंशन से परेशान रहने वालों के लिए iQOO जल्द ही बड़ा फोन लॉन्च करने की तैयारी में है. कंपनी की Neo और Z सीरीज में दो नए फोन चर्चा में हैं. इनमें iQOO Neo 11 Ultra और iQOO Z11s शामिल हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों फोन 18 अगस्त को चीन में पेश किए जा सकते हैं. इनमें Z11s सबसे ज्यादा चर्चा में है, क्योंकि इसमें 10,000mAh की बैटरी मिलने की बात सामने आई है जो एक पावरबैंक के बराबर है.</p>
<p>iQOO Neo 11 Ultra को कंपनी ज्यादा पावर और परफॉर्मेंस वाले फोन के तौर पर पेश कर सकती है. सामने आई जानकारी के मुताबिक इसमें MediaTek का Dimensity 9500 चिपसेट, 2K डिस्प्ले और 100W फास्ट चार्जिंग दी जा सकती है. फोन में करीब 9,100mAh की बैटरी होने की बात भी सामने आई है. हालांकि इन स्पेसिफिकेशन में से कुछ जानकारी अभी रिपोर्ट्स और लीक पर आधारित है.</p>
<p>वहीं iQOO Z11s का सबसे बड़ा अट्रैक्शन इसकी बैटरी हो सकती है. रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इसमें 10,000mAh बैटरी दी जाएगी. इसके साथ 144Hz रिफ्रेश रेट वाला डिस्प्ले मिलने की भी बात कही जा रही है. अगर यह जानकारी सही निकलती है तो यह फोन उन यूजर्स को खास तौर पर पसंद आ सकता है जो गेमिंग, वीडियो और लंबे समय तक फोन इस्तेमाल करते हैं.</p>
<p><strong>Neo 11S भी आएगा?</strong><br>
इन नए फोन की चर्चा अचानक शुरू नहीं हुई है. पिछले कुछ महीनों से iQOO Neo 11S को लेकर कई लीक सामने आते रहे हैं. जून में सामने आई रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि फोन में 2K रेजॉल्यूशन वाला 144Hz OLED डिस्प्ले दिया जा सकता है. साथ ही MediaTek Dimensity 9500 सीरीज की चिप मिलने की बात कही गई थी. गीकबेंच पर कथित लिस्टिंग में 16GB RAM और Android 16 का भी जिक्र था.</p>
<p>इसके बाद जुलाई में आई रिपोर्ट्स में फोन की बैटरी को 8,000mAh से ज्यादा बताया गया था. एक रिपोर्ट में 8,000mAh बैटरी, 100W चार्जिंग और 2K 144Hz डिस्प्ले की जानकारी सामने आई थी. कुछ रिपोर्ट्स में IP68/IP69 रेटिंग और अल्ट्रासोनिक फिंगरप्रिंट सेंसर जैसी चीजों का भी दावा किया गया था.</p>
<p>यानी iQOO इस बार सिर्फ तेज प्रोसेसर देने पर फोकस नहीं कर रही है. कंपनी बड़ी बैटरी, हाई रिफ्रेश रेट डिस्प्ले और तेज चार्जिंग जैसे फीचर्स के साथ फोन को पावर यूजर्स के लिए तैयार कर सकती है.</p>
<p><strong>Dimensity 9500 क्यों है खास?</strong><br>
Neo 11 Ultra और Neo 11S में MediaTek का Dimensity 9500 चिपसेट दिया जाएगा. Neo 11S की गीकबेंच लिस्टिंग में इसी चिपसेट का नाम सामने आया था. उस लिस्टिंग में फोन के 16GB RAM वेरिएंट और Android 16 पर चलने की जानकारी भी मिली थी.</p>
<p>iQOO की Neo सीरीज पहले से ही परफॉर्मेंस और गेमिंग पर फोकस करती रही है. इसलिए नई सीरीज में इस चिप का इस्तेमाल कंपनी को हाई-परफॉर्मेंस फोन की कैटेगरी में मजबूत कर सकता है. हालांकि असली परफॉर्मेंस का पता फोन के लॉन्च और इस्तेमाल के बाद ही चलेगा.</p>
<p><strong>क्या भारत में भी आएंगे ये फोन?</strong><br>
फिलहाल सबसे जरूरी बात यह है कि सामने आई लॉन्च जानकारी चीन के बाजार से जुड़ी है. भारत में Neo 11 Ultra या Z11s की लॉन्च डेट को लेकर अभी पक्की जानकारी नहीं है. इसलिए चीन की लॉन्च खबर को भारत की लॉन्च डेट मानना सही नहीं होगा.</p>
<p>iQOO के भारत पोर्टफोलियो को लेकर भी तस्वीर थोड़ी अलग है. हाल की रिपोर्ट्स में भारत में Neo सीरीज की नई डिवाइस को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं. इसलिए भारतीय यूजर्स को कंपनी के आधिकारिक ऐलान का इंतजार करना होगा.</p>
<p><strong>iQOO का फोकस अब सिर्फ स्पीड पर नहीं</strong><br>
पिछले कुछ सालों में स्मार्टफोन कंपनियों के बीच सिर्फ प्रोसेसर और कैमरा की लड़ाई नहीं रह गई है. अब बैटरी भी बड़ा हथियार बन रही है. 7,000mAh और 8,000mAh से आगे बढ़कर कंपनियां 9,000mAh और 10,000mAh तक की बैटरी वाले फोन पर काम कर रही हैं.</p>]]> </content:encoded>
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<title>इंटरनेट पर इंसानों से आगे निकली मशीनें, 50 फीसदी से ज्यादा ट्रैफिक अब बॉट्स का</title>
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<description><![CDATA[ इंटरनेट को अब तक हम इंसानों की दुनिया मानते आए हैं. लोग वेबसाइट खोलते हैं, खबरें पढ़ते हैं, चीजें सर्च करते हैं और ऑनलाइन खरीदारी करते हैं. लेकिन अब इंटरनेट पर एक बड़ा बदलाव हो रहा है. वेबसाइट्स पर आने वाले ट्रैफिक में इंसानों की हिस्सेदारी पीछे छूट रही है और मशीनों का ट्रैफिक तेजी … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 16:15:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p>इंटरनेट को अब तक हम इंसानों की दुनिया मानते आए हैं. लोग वेबसाइट खोलते हैं, खबरें पढ़ते हैं, चीजें सर्च करते हैं और ऑनलाइन खरीदारी करते हैं. लेकिन अब इंटरनेट पर एक बड़ा बदलाव हो रहा है. वेबसाइट्स पर आने वाले ट्रैफिक में इंसानों की हिस्सेदारी पीछे छूट रही है और मशीनों का ट्रैफिक तेजी से बढ़ रहा है.</p>
<p>क्लाउडफ्लेयर के मुताबिक, जून 2026 में इंटरनेट का 50 फीसदी से ज्यादा ट्रैफिक इंसानों की बजाय मशीनों से आया. इसमें एआई सिस्टम, क्रॉलर और दूसरे ऑटोमेटेड सिस्टम शामिल हैं. कंपनी का कहना है कि इंटरनेट अब तेजी से ऐसे दौर में जा रहा है, जहां एआई एजेंट इंसानों की जगह खुद वेबसाइट्स पर जाकर जानकारी जुटा रहे हैं.</p>
<p>यह बदलाव इसलिए भी बड़ा है क्योंकि कुछ महीने पहले तक क्लाउडफ्लेयर का अनुमान था कि बॉट ट्रैफिक 2027 तक इंसानों से आगे निकलेगा. मार्च में कंपनी के सीईओ मैथ्यू प्रिंस ने कहा था कि एआई की तेजी से बढ़ती ग्रोथ के चलते बॉट ट्रैफिक 2027 तक इंसानों के ट्रैफिक से ज्यादा हो सकता है. लेकिन अब कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक यह बदलाव उससे पहले ही आ चुका है.</p>
<p><strong>AI एजेंट इंटरनेट पर क्या कर रहे हैं?</strong><br>
इसे एक आसान उदाहरण से समझिए. अगर किसी इंसान को नया घड़ी खरीदना है तो वह शायद चार-पांच वेबसाइट खोलकर कीमत और फीचर्स देखेगा. लेकिन यही काम अगर कोई एआई एजेंट कर रहा है तो वह एक साथ हजारों वेबसाइट्स पर जा सकता है, वहां से जानकारी ले सकता है और फिर उसे मिलाकर यूजर को एक जवाब दे सकता है.</p>
<p>क्लाउडफ्लेयर के सीईओ ने मार्च में बताया था कि इंसान किसी प्रोडक्ट की जानकारी के लिए करीब पांच वेबसाइट्स देख सकता है, जबकि AI एजेंट उसी काम के लिए हजारों वेबसाइट्स तक जा सकता है. इसका मतलब है कि एक इंसान के काम से जितना ट्रैफिक बनता है, एक एआई एजेंट उसी काम के दौरान उससे कई गुना ज्यादा रिक्वेस्ट भेज सकता है. यही वजह है कि एआई के बढ़ते इस्तेमाल के साथ वेबसाइट्स पर मशीनों की विजिट भी तेजी से बढ़ रही है.</p>
<p><strong>अब आधे से ज्यादा ट्रैफिक मशीनों से</strong><br>
क्लाउडफ्लेयर ने जुलाई 2026 में बताया कि इंटरनेट पर पहली बार ऐसा हुआ है जब 50 फीसदी से ज्यादा ट्रैफिक इंसानों की बजाय नॉन-ह्यूमन ट्रैफिक बन गया. आसान भाषा में कहें तो वेबसाइट्स तक पहुंचने वाली हर 100 रिक्वेस्ट में 50 से ज्यादा रिक्वेस्ट इंसानों के अलावा दूसरे सिस्टम से आ रही हैं. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले इंसान अचानक कम हो गए हैं. यह आंकड़ा वेबसाइट्स को भेजी जाने वाली रिक्वेस्ट से जुड़ा है. इसमें सर्च क्रॉलर, एआई सिस्टम, दूसरे ऑटोमेटेड सिस्टम और अलग-अलग तरह के बॉट शामिल हैं.</p>
<p>क्लाउडफ्लेयर ने अप्रैल में बताया था कि उसके नेटवर्क पर करीब 32 फीसदी ट्रैफिक ऑटोमेटेड सिस्टम से आ रहा था. इसमें सर्च इंजन क्रॉलर, एड नेटवर्क और एआई सिस्टम भी शामिल थे.</p>
<p>कुछ ही महीनों में तस्वीर काफी बदल गई. एआई के लिए इंटरनेट अब सबसे बड़ा डेटा सोर्स है. एआई सिस्टम को बेहतर जवाब देने के लिए बहुत ज्यादा डेटा चाहिए. इसके लिए एआई कंपनियां इंटरनेट पर मौजूद वेबसाइट्स को लगातार पढ़ रही हैं.</p>
<p><strong>इंसान से ज्यादा इंटरनेट पर मशीन</strong><br>
क्लाउडफ्लेयर के जून के आंकड़ों के मुताबिक, क्रॉलर से आने वाली रिक्वेस्ट में 52 फीसदी का इस्तेमाल एआई ट्रेनिंग के लिए हो रहा था. 2025 के वसंत में यह आंकड़ा 22 फीसदी था. यानी सिर्फ एक साल के अंदर एआई ट्रेनिंग से जुड़ी क्रॉलर गतिविधि काफी बढ़ गई.</p>
<p>इसके साथ ही ऐसे क्रॉलर भी बढ़ रहे हैं जो सर्च, एआई एजेंट और ट्रेनिंग जैसे कई कामों के लिए इस्तेमाल होते हैं. इंसान पांच वेबसाइट देखेगा, एआई हजारों. यही अंतर आने वाले समय में इंटरनेट को पूरी तरह बदल सकता है.</p>
<p>मान लीजिए आप किसी शहर में घूमने के लिए होटल ढूंढ रहे हैं. आप कुछ होटल की वेबसाइट खोलेंगे, कीमत देखेंगे और फिर फैसला करेंगे. लेकिन अगर यही काम एआई एजेंट कर रहा है तो वह एक साथ दर्जनों या सैकड़ों होटल, ट्रैवल वेबसाइट्स, रिव्यू और दूसरी जानकारी देख सकता है. इसके बाद आपको सिर्फ एक जवाब मिल सकता है कि आपके लिए कौन सा होटल बेहतर रहेगा.</p>
<p>यानी आगे चलकर इंसान खुद इंटरनेट पर जानकारी ढूंढने के बजाय एआई को काम देगा और एआई इंटरनेट पर जाकर जानकारी ढूंढेगा. क्लाउडफ्लेयर के मुताबिक यही बदलाव इंटरनेट के इस्तेमाल के तरीके को बदल रहा है. कंपनी का कहना है कि लोग अब कई वेबसाइट्स पर जाकर जानकारी जुटाने के बजाय एआई से एक ही सवाल पूछकर जवाब पाने लगे हैं.</p>
<p>सबसे बड़ी चिंता वेबसाइट चलाने वालों की है. यह बदलाव एआई कंपनियों के लिए भले ही फायदेमंद हो, लेकिन वेबसाइट चलाने वालों के सामने नई परेशानी खड़ी हो रही है.. आज किसी वेबसाइट की कमाई काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि कितने इंसान उसकी वेबसाइट पर आते हैं. इंसान आकर खबर पढ़ता है, विज्ञापन देखता है और दूसरी चीजों पर क्लिक करता है.</p>
<p>लेकिन अगर एआई एजेंट वेबसाइट से जानकारी लेकर वही जवाब सीधे यूजर को दे देता है और यूजर वेबसाइट पर आता ही नहीं, तो वेबसाइट को इंसानी ट्रैफिक नहीं मिलेगा. दूसरी तरफ एआई सिस्टम वेबसाइट की जानकारी लगातार पढ़ते रहेंगे. यानी वेबसाइट का डेटा इस्तेमाल होगा, लेकिन उसके बदले इंसानी पाठक और उससे होने वाली कमाई जरूरी नहीं कि मिले.</p>]]> </content:encoded>
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<title>साई सुदर्शन के बाहर होते ही सरफराज खान की टीम इंडिया में वापसी, श्रीलंका दौरा अहम</title>
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<description><![CDATA[ बी साई सुदर्शन के चोटिल होकर बाहर होने के बाद सरफराज खान को श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है. दाएं पैर के अंगूठे में स्ट्रेस रिएक्शन के कारण सुदर्शन सीरीज से बाहर हुए हैं. श्रीलंका दौरा सरफराज के लिए इसी लिहाज से बेहद अहम … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 16:00:37 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>साई, सुदर्शन, के, बाहर, होते, ही, सरफराज, खान, की, टीम, इंडिया, में, वापसी, श्रीलंका, दौरा, अहम</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>बी साई सुदर्शन के चोटिल होकर बाहर होने के बाद सरफराज खान को श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है. दाएं पैर के अंगूठे में स्ट्रेस रिएक्शन के कारण सुदर्शन सीरीज से बाहर हुए हैं.</p>
<p>श्रीलंका दौरा सरफराज के लिए इसी लिहाज से बेहद अहम है. भारतीय टेस्ट टीम में मिडिल ऑर्डर की जगहों के लिए मुकाबला आसान नहीं है. ऐसे में अगर उन्हें मौका मिलता है तो यह सिर्फ एक और टेस्ट मैच नहीं होगा. यह उस खिलाड़ी के लिए परीक्षा होगी, जिसके बारे में बचपन से ही असाधारण प्रतिभा की बातें होती रही हैं.</p>
<p><strong>12 साल की उम्र में 439… और दुनिया की नजरें</strong><br>
सरफराज ने तब दुनिया का ध्यान खींचा था, जब 12 साल की उम्र में उन्होंने मुंबई के हैरिस शील्ड इंटर-स्कूल टूर्नामेंट में 439 रन ठोक दिए थे. रिजवी स्प्रिंगफील्ड के लिए खेलते हुए उनकी पारी में 56 चौके और 12 छक्के शामिल थे. उस उम्र में ऐसी पारी ने उनके बारे में उम्मीदों को आसमान तक पहुंचा दिया.</p>
<p>सरफराज की उम्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया था. मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन को शक था कि उन्होंने अपनी वास्तविक उम्र से कम उम्र बताई है. इसी आरोप में उन्हें कुछ समय के लिए निलंबित भी किया गया. बाद में उनकी उम्र की जांच के लिए एडवांस टेस्ट कराया गया. टेस्ट के नतीजे स्वीकार किए गए और इसके बाद सरफराज को दोबारा क्रिकेट खेलने की अनुमति मिल गई.</p>
<p><strong>अंडर-19 में धमाका, फिर भारत की दहलीज</strong><br>
मुंबई अंडर-19 के लिए शानदार प्रदर्शन के बाद सरफराज को 2013 में भारत की अंडर-19 टीम में जगह मिली. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 66 गेंदों में शतक जड़कर अपनी टीम को जीत दिलाई.</p>
<p>2014 के अंडर-19 विश्व कप में भी उन्होंने अपनी छाप छोड़ी. छह मैचों में 211 रन और 70.33 का एवरेज बताता है कि वह सिर्फ प्रतिभाशाली नहीं, बड़े मंच पर प्रदर्शन करने की क्षमता भी रखते थे.</p>
<p>इसके बाद आईपीएल का दरवाजा खुला. 2015 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने उन्हें 50 लाख रुपये में खरीदा और वह आईपीएल खेलने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ियों में शामिल हो गए. अगले साल अंडर-19 विश्व कप में उन्होंने फिर अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया. बांग्लादेश में खेले गए उस टूर्नामेंट में 355 रन बनाकर वह भारत के दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे. कई मौकों पर उन्होंने टीम को मुश्किल शुरुआत से बाहर निकाला.</p>
<p><strong>घरेलू क्रिकेट के रन, टेस्ट का इंतजार</strong><br>
सरफराज ने 2015-16 घरेलू सत्र में मुंबई छोड़कर उत्तर प्रदेश का रुख किया. बाद में मुंबई लौटे और घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाते रहे. उनकी बल्लेबाजी ने उन्हें टेस्ट टीम के दरवाजे तक पहुंचाया.</p>
<p>टेस्ट क्रिकेट में अब तक उनके नाम 6 मैचों में 11 पारियों से 371 रन हैं. उनका उच्चतम स्कोर 150 है और औसत 37.10 का है. उनके खाते में एक शतक और तीन अर्धशतक हैं.</p>
<p>ये आंकड़े खराब नहीं हैं, लेकिन सरफराज की कहानी में सवाल सिर्फ आंकड़ों का नहीं है. सवाल यह है कि जिस खिलाड़ी से बचपन से असाधारण उम्मीदें की गईं, क्या वह अब इंटरनेशनल स्तर पर अपनी जगह को स्थायी बना सकता है?</p>
<p><strong>अब अतीत नहीं, वर्तमान बोलेगा</strong><br>
सरफराज के करियर की सबसे बड़ी ताकत उनकी प्रतिभा रही है. लेकिन भारतीय टीम में जगह बनाए रखने के लिए प्रतिभा के साथ निरंतरता भी चाहिए. घरेलू क्रिकेट के रन, अंडर-19 के रिकॉर्ड और किशोर उम्र में बनाए गए कारनामे उन्हें टीम तक पहुंचा सकते हैं, लेकिन टीम में बनाए रखने का काम सिर्फ वर्तमान प्रदर्शन करेगा.</p>
<p>यही श्रीलंका दौरे को उनके लिए खास बनाता है. मौका मिलता है तो सरफराज के सामने दोहरी चुनौती होगी. पहली, श्रीलंका की परिस्थितियों में स्पिन के खिलाफ खुद को साबित करना. दूसरी, टीम मैनेजमेंट को यह भरोसा दिलाना कि वह सिर्फ एक प्रतिभाशाली बल्लेबाज नहीं, बल्कि भारतीय टेस्ट मिडिल ऑर्डर की जरूरत भी हैं.</p>
<p>क्योंकि अब भारतीय क्रिकेट में हर स्थान के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है. नए खिलाड़ी दस्तक दे रहे हैं और बेंच पर मौजूद विकल्प चयनकर्ताओं का सिरदर्द बढ़ा रहे हैं.</p>
<p>सरफराज के लिए इसलिए संदेश बिल्कुल साफ है- 439 रन की वह किशोर उम्र वाली पारी इतिहास है, अंडर-19 के रिकॉर्ड इतिहास हैं और घरेलू क्रिकेट के रन भी इतिहास का हिस्सा बन चुके हैं. अब भविष्य तय करने का काम बल्ले को करना है.</p>
<p>श्रीलंका दौरे के लिए टेस्ट स्क्वॉड: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बरार, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन, आकिब नबी और सरफराज खान.</p>]]> </content:encoded>
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<title>छत्तीसगढ़ को ‘GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड’, शासकीय खरीदी दोगुनी होकर ₹3,935 करोड़ पहुंची</title>
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<description><![CDATA[ छत्तीसगढ़ को ‘GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड’, शासकीय खरीदी दोगुनी होकर ₹3,935 करोड़ पहुंची गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस से राज्य की खरीदी में एक वर्ष में 113 प्रतिशत की वृद्धि, सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को मिले ₹1,800 करोड़ के ऑर्डर प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया से वर्ष 2025-26 में राज्य को ₹130 करोड़ की बचत रायपुर  छत्तीसगढ़ को गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 15:45:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>छत्तीसगढ़, को, ‘GeM, सस्टेनेबल, प्रोक्योरमेंट, अवार्ड’, शासकीय, खरीदी, दोगुनी, होकर, ₹3, 935, करोड़, पहुंची</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>छत्तीसगढ़ को ‘GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड’, शासकीय खरीदी दोगुनी होकर ₹3,935 करोड़ पहुंची</strong></p>
<p><strong>गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस से राज्य की खरीदी में एक वर्ष में 113 प्रतिशत की वृद्धि, सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को मिले ₹1,800 करोड़ के ऑर्डर</strong></p>
<p><strong>प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया से वर्ष 2025-26 में राज्य को ₹130 करोड़ की बचत</strong></p>
<p><strong>रायपुर </strong><br>
छत्तीसगढ़ को गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) के 10वें स्थापना दिवस समारोह में ‘GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल की गरिमामयी उपस्थिति में यह सम्मान प्रदान किया गया। GeM के एक दशक पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित समारोह की थीम ‘GeM 10: A Decade of Exponential Possibilities’ रही।</p>
<p>राज्य सरकारों के लिए निर्धारित ‘प्रीमियर अवार्ड्स – स्टेट गवर्नमेंट फेलिसिटेशन’ श्रेणी के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को यह पुरस्कार GeM के प्रभावी उपयोग तथा इसके माध्यम से शासकीय खरीदी के मूल्य और मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि के लिए प्रदान किया गया है।</p>
<p><strong>खुली प्रतिस्पर्धा से ₹130 करोड़ की बचत</strong></p>
<p>GeM प्लेटफॉर्म पर पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के कारण वित्तीय वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ शासन को ₹130 करोड़ की बचत हुई है। यह बचत विभागों द्वारा खरीदी के लिए अनुमानित लागत और खुली प्रतिस्पर्धी बोली के बाद प्राप्त वास्तविक बाजार मूल्य के अंतर से हुई है।</p>
<p>GeM की खुली बोली प्रक्रिया, मानकीकृत विनिर्देश और प्रत्येक लेन-देन का डिजिटल एवं ऑडिट योग्य रिकॉर्ड शासकीय खरीदी में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करता है। पिछले तीन वित्तीय वर्षों में प्रतिस्पर्धी खरीदी के माध्यम से राज्य शासन को कुल ₹235 करोड़ की बचत हुई है।</p>
<p>खरीदी प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में निर्धारित जांच और निगरानी व्यवस्था लागू है। साथ ही निविदा की शर्तों एवं तकनीकी विनिर्देशों की नियमित समीक्षा की जाती है, जिससे खरीदी की गुणवत्ता सुनिश्चित होने के साथ बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप वस्तुओं और सेवाओं की उपलब्धता बनी रहे।</p>
<p><strong>GeM से खरीदी में 113 प्रतिशत की वृद्धि</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ में GeM के माध्यम से शासकीय खरीदी वित्तीय वर्ष 2025-26 में बढ़कर ₹3,935 करोड़ पहुंच गई। यह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 113 प्रतिशत की वृद्धि है।</p>
<p>राज्य शासन द्वारा विभागों, निगमों और स्थानीय निकायों की खरीदी को एक साझा एवं पारदर्शी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने के सुनियोजित प्रयासों से यह वृद्धि संभव हुई है। इससे अधिकाधिक शासकीय खरीदी खुली प्रतिस्पर्धा के दायरे में आई है और प्रत्येक लेन-देन में प्रतिस्पर्धी दर निर्धारण तथा पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।</p>
<p><strong>सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को ₹1,800 करोड़ के ऑर्डर</strong></p>
<p>GeM के व्यापक उपयोग से शासकीय खरीदी में छोटे उद्यमियों की भागीदारी भी तेजी से बढ़ी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (MSEs) से खरीदी 61 प्रतिशत बढ़कर ₹1,800 करोड़ हो गई। यह निर्धारित 25 प्रतिशत MSE खरीद लक्ष्य से काफी अधिक है।</p>
<p>राज्य के प्राथमिकता वाले उद्यमी वर्गों की भागीदारी में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। महिला उद्यमियों से खरीदी में 97 प्रतिशत और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के उद्यमियों से खरीदी में 108 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं स्टार्टअप से खरीदी में सर्वाधिक 178 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।</p>
<p><strong>GeM ने उद्यमियों के लिए खोले शासकीय बाजार के द्वार : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि GeM ने छत्तीसगढ़ के उद्यमियों को बिना किसी मध्यस्थ के सीधे शासकीय मांग और बाजार से जुड़ने का सशक्त माध्यम उपलब्ध कराया है। महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के उद्यमियों और स्टार्टअप की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि इस पारदर्शी व्यवस्था की सफलता को दर्शाती है।</p>
<p>मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खुला और पारदर्शी डिजिटल मार्केटप्लेस प्रत्येक उद्यमी को समान अवसर प्रदान करता है।  हमारी सरकार का प्रयास है कि इस व्यवस्था का लाभ प्रदेश के अधिक से अधिक सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों, महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति-जनजाति के उद्यमियों और स्टार्टअप तक पहुंचे। हम पारदर्शी शासकीय खरीदी के साथ स्थानीय उद्यमिता को सशक्त बनाकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।</p>]]> </content:encoded>
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<title>झीरम घाटी नक्सली हमले की अंतिम बहस आज, बचाव पक्ष रखेगा अपनी दलीलें</title>
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<description><![CDATA[ जगदलपुर. झीरम घाटी नक्सली हमले से जुड़े मामले की सुनवाई अब अंतिम दौर में पहुंच गई है। जगदलपुर जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर स्थित एनआईए की विशेष अदालत में सोमवार को मामले की अंतिम बहस शुरू हुई। अदालत ने पूरे दिन अभियोजन पक्ष की अंतिम दलीलें सुनीं, लेकिन न्यायालयीन समय समाप्त होने के कारण बहस … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 15:45:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>झीरम, घाटी, नक्सली, हमले, की, अंतिम, बहस, आज, बचाव, पक्ष, रखेगा, अपनी, दलीलें</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>जगदलपुर.</strong></p>
<p>झीरम घाटी नक्सली हमले से जुड़े मामले की सुनवाई अब अंतिम दौर में पहुंच गई है। जगदलपुर जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर स्थित एनआईए की विशेष अदालत में सोमवार को मामले की अंतिम बहस शुरू हुई।</p>
<p>अदालत ने पूरे दिन अभियोजन पक्ष की अंतिम दलीलें सुनीं, लेकिन न्यायालयीन समय समाप्त होने के कारण बहस पूरी नहीं हो सकी। अब आज मामले की सुनवाई दोबारा होगी, जिसमें बचाव पक्ष को अपनी अंतिम दलीलें रखने का अवसर मिलेगा। सोमवार को अंतिम बहस शुरू होने के साथ ही जगदलपुर जिला न्यायालय परिसर में दिनभर गहमागहमी का माहौल रहा। एनआईए की विशेष अदालत में शासन की ओर से अभियोजन पक्ष ने मामले से जुड़े साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर अपनी अंतिम दलीलें पेश कीं। पूरे दिन अभियोजन पक्ष की ही दलीलें सुनी गईं। समय समाप्त होने के कारण सुनवाई को आगे के लिए टालना पड़ा। अब आज बचाव पक्ष अपनी अंतिम दलीलें अदालत के सामने रखेगा। दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत आगे की न्यायिक प्रक्रिया तय करेगी। इसके बाद अदालत फैसला सुरक्षित रख सकती है या निर्णय सुनाने के लिए अगली तारीख निर्धारित की जा सकती है।</p>
<p><strong>25 मई 2013 को हुआ था झीरम घाटी हमला</strong><br>
झीरम घाटी हमला 25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के दौरान हुआ था। दरभा क्षेत्र की झीरम घाटी में हुए इस घातक नक्सली हमले में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, वरिष्ठ नेता महेंद्र कर्मा और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल समेत कई लोगों की मौत हुई थी। हमले में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी और कांग्रेस कार्यकर्ता भी मारे गए थे। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। हमले के बाद से ही मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया लंबे समय से जारी है।</p>
<p><strong>11 आरोपियों के खिलाफ चल रहा अभियोजन</strong><br>
मामले में कुल 11 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन चल रहा है। इनमें से एक आरोपी की मौत हो चुकी है, जबकि बाकी आरोपियों के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया जारी है। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अब तक 101 गवाहों के बयान अदालत में दर्ज कराए जा चुके हैं। गवाहों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अब मामला अंतिम बहस के चरण तक पहुंचा है। शासन की ओर से मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश पाणिग्रही पैरवी कर रहे हैं।</p>
<p><strong>शहीदों के परिजनों की नजर अदालत की अगली कार्रवाई पर</strong><br>
झीरम घाटी हमला प्रदेश के सबसे बड़े राजनीतिक और नक्सली हमलों में शामिल रहा है। मामले की सुनवाई अंतिम चरण में पहुंचने के बाद अब शहीदों के परिजनों के साथ-साथ राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की नजर अदालत की आगे की कार्रवाई पर है। अभियोजन पक्ष की अंतिम दलीलें सुनने के बाद अब बचाव पक्ष का पक्ष सामने आना बाकी है। मंगलवार की सुनवाई के बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।</p>]]> </content:encoded>
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<title>ईरान जंग में अमेरिका को बड़ा झटका! 20 अमेरिकी ठिकाने प्रभावित, 42 विमान हुए नष्ट या क्षतिग्रस्त</title>
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<description><![CDATA[ वाशिंगटन फरवरी 2026 के अंत में अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू किया. इसका मकसद ईरान की मिसाइल, ड्रोन और सैन्य क्षमता को कमजोर करना था. जवाब में ईरान ने मध्य पूर्व में फैले अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए. रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 15:30:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>ईरान, जंग, में, अमेरिका, को, बड़ा, झटका, अमेरिकी, ठिकाने, प्रभावित, विमान, हुए, नष्ट, या, क्षतिग्रस्त</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>वाशिंगटन</strong><br>
फरवरी 2026 के अंत में अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू किया. इसका मकसद ईरान की मिसाइल, ड्रोन और सैन्य क्षमता को कमजोर करना था. जवाब में ईरान ने मध्य पूर्व में फैले अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए. रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान ने 2000 से अधिक मिसाइल और ड्रोन दागे। </p>
<p>इनमें बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और एकतरफा हमलावर ड्रोन शामिल थे. अमेरिका और सहयोगियों ने ज्यादातर को रोक लिया, लेकिन कई हमले लक्ष्य तक पहुंच गए. इससे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया और अमेरिकी सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ा। </p>
<p>ईरानी हमलों से अमेरिका को करीब 13 अरब डॉलर (123,818 करोड़ रुपए) का नुकसान होने का अनुमान लगाया गया है. इसमें इमारतों, रडार सिस्टम, ईंधन डिपो, हैंगर और अन्य बुनियादी ढांचे की मरम्मत का खर्च शामिल है. कुल सैन्य अभियान की लागत पेंटागन के अनुसार 29 अरब डॉलर तक पहुंच गई, जिसमें उपकरण मरम्मत भी शामिल है।  </p>
<p>सैटेलाइट इमेज और कांग्रेसनल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि नुकसान आधिकारिक बयानों से कहीं ज्यादा था. हैंगर, बैरक, संचार केंद्र और एयर डिफेंस सिस्टम बुरी तरह प्रभावित हुए. कई ठिकानों को खाली करना पड़ा या संचालन सीमित करना पड़ा। </p>
<p><strong>प्रभावित सुविधाएं और विमानों का नुकसान</strong><br>
ईरान ने आठ देशों में 20 अमेरिकी या अमेरिका से जुड़े सैन्य सुविधाओं को निशाना बनाया. इनमें सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, इराक और अन्य जगहों के एयर बेस शामिल हैं. प्रिंस सुल्तान एयर बेस (सऊदी अरब), अल उद्देद (कतर), अली अल सलेम (कुवैत) और अल धफरा (यूएई) जैसे प्रमुख ठिकानों को बार-बार निशाना बनाया गया। </p>
<p>रिसर्च सर्विस की रिपोर्ट के अनुसार कम से कम 42 अमेरिकी विमान क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए. इनमें F-15E, F-35A, KC-135 टैंकर, E-3 सेंट्र्री एवाक्स, MQ-9 रीपर ड्रोन और अन्य शामिल हैं. कई विमान जमीन पर पार्क किए हुए थे जब उन पर हमला हुआ। </p>
<p>ये हमले दिखाते हैं कि आधुनिक युद्ध में सस्ते ड्रोन और मिसाइल महंगे रक्षा सिस्टम को चुनौती दे सकते हैं. अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम जैसे पैट्रियट और थैड ने कई हमलों को रोका, लेकिन कुछ घुस गए. इससे क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों की सुरक्षा पर सवाल उठे. सैनिकों की मौत और घायलों की संख्या भी बढ़ी। </p>
<p>कई ठिकानों पर नुकसान इतना था कि संचालन प्रभावित हुआ. विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान ने अमेरिकी ठिकानों की कमजोरियों का अध्ययन कर सटीक निशाना साधा. इससे अमेरिका को मिसाइल डिफेंस और बेस सुरक्षा को और मजबूत करने की जरूरत महसूस हुई। </p>
<p>इस संघर्ष से दोनों पक्षों को भारी कीमत चुकानी पड़ी. अमेरिका ने ईरान की कई सैन्य क्षमताएं नष्ट कीं, लेकिन खुद को भी बड़ा नुकसान हुआ. मरम्मत और नए उपकरणों की लागत लंबे समय तक बजट पर असर डालेगी. क्षेत्र में स्थिरता अब भी नाजुक है. यह घटना याद दिलाती है कि बड़े पैमाने के संघर्ष में नुकसान सिर्फ एक तरफ नहीं होता. भविष्य में ऐसी स्थितियों से बचने के लिए कूटनीति और मजबूत रक्षा दोनों जरूरी हैं। </p>
<p><strong>अमेरिकी हमलों में ईरान में भयानक तबाही</strong><br>
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, हाल के अमेरिकी हमलों में दर्जनों लोगों की मौत हुई है और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। दूसरी ओर, अमेरिकी सेना ने भी अपने कई और सैनिकों के घायल होने की पुष्टि की है। ईरान ने युद्ध शुरू होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही प्रभावी रूप से बाधित कर दी, जिससे वैश्विक तेल बाजार प्रभावित हुआ।</p>
<p><strong>कच्चे तेल की कीमतों में तेजी</strong><br>
 कच्चे तेल की कीमत 86 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई, जबकि इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की संख्या तीन सप्ताह के न्यूनतम स्तर पर आ गई। युद्ध शुरू होने से पहले अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत चल रही थी। अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर युद्ध समाप्त करने और लंबे समय तक चलने वाले पश्चिम एशिया संघर्ष से दूरी बनाने का घरेलू राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है।</p>
<p><strong>ईरान में पीने के पानी का संकट</strong><br>
ईरान के सरकारी टेलीविजन के अनुसार, अमेरिका के हवाई हमलों में ईरान के दक्षिणी होरमोज़गान प्रांत में स्थित एक बिजली संयंत्र और समुद्री जल को मीठा बनाने के संयंत्र को निशाना बनाया गया। ये हमले बोंजी नामक गांव में किए गए, जो होर्मुज जलडमरूमध्य के तट पर स्थित है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, रातभर हुए हवाई हमलों में दो सुरंगें और एक पुल क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे बंदर अब्बास जाने वाले प्रमुख राजमार्गों में से एक पर यातायात बाधित हो गया। बंदर अब्बास शहर होर्मुज जलडमरूमध्य के सबसे संकरे हिस्से के निकट स्थित है। ईरान ने यह भी बताया कि जलडमरूमध्य के भीतर स्थित सामरिक महत्व के केशम द्वीप पर भी हवाई हमले किए गए।</p>
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<title>MP Weather: मानसून का रौद्र रूप, भोपाल समेत कई जिलों में जलभराव; नर्मदा&#45;बेतवा उफान पर, आज भी अलर्ट</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाया है। पिछले दो दिनों में सक्रिय रहे मजबूत मौसम तंत्र ने प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश कराई। राजधानी भोपाल में महज 24 घंटे में करीब 7 इंच पानी गिरने से निचले इलाकों और कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति बन गई। … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 15:15:25 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong><br>
मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाया है। पिछले दो दिनों में सक्रिय रहे मजबूत मौसम तंत्र ने प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश कराई। राजधानी भोपाल में महज 24 घंटे में करीब 7 इंच पानी गिरने से निचले इलाकों और कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति बन गई। कई जगह सड़कें और रास्ते पानी में डूब गए, जबकि नदियों और नालों के उफान पर आने से आवागमन प्रभावित हुआ। बारिश का सबसे ज्यादा असर भोपाल, सीहोर, शाजापुर, विदिशा, मंडला और राजगढ़ में दिखाई दिया। राजगढ़ के ब्यावरा में रेलवे अंडरपास में पानी भरने से करीब 25 गांवों का संपर्क टूट गया। विदिशा में बाढ़ के पानी में 17 लोग फंस गए, जिन्हें बचाव दल ने सुरक्षित बाहर निकाला। लगातार बारिश और जलभराव को देखते हुए भोपाल और आगर-मालवा में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी, नाले और जलभराव वाले रास्तों से दूर रहने की अपील की है।प्रदेश के कई हिस्सों में सुबह तक बारिश का दौर जारी रहा। आधे से ज्यादा जिलों में कहीं तेज तो कहीं हलकी बारिश हुई। भारी बारिश को देखते हुए भोपाल, आगर-मालवा और रायसेन में स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है।</p>
<p><strong>इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट</strong><br>
मौसम केंद्र ने मंगलवार को नीमच, मंदसौर, रतलाम, आलीराजपुर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, शिवपुरी, श्योपुर और मुरैना में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, दतिया, अशोकनगर, भिंड, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।</p>
<p><strong>राजधानी भोपाल तालाब में तब्दील, जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त</strong><br>
मध्य प्रदेश में मानसून की दूसरी पारी ने बेहद आक्रामक रूप अख्तियार कर लिया है। बंगाल की खाड़ी में बने गहरे कम दबाव के क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) और ग्वालियर से होकर गुजर रही मानसूनी ट्रफ के सक्रिय होने के कारण राज्य के बड़े हिस्से में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। भोपाल में रविवार रात से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला सोमवार और मंगलवार को भी अनवरत जारी रहा। मौसम विभाग के अनुसार, शहर में महज 24 घंटों में 7 इंच से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। इस भारी डाउनपोर के कारण शहर के वीआईपी रोड, भानपुर की गीता नगर कॉलोनी, अशोक गार्डन के पास सेमरा और पुराने भोपाल के निचले इलाकों में सड़कें समुद्र जैसी नजर आने लगी हैं।</p>
<p><strong>घरों मे पहुंचा पानी</strong><br>
सेमरा में पात्रा नाला के उफान पर आने से करीब 250 से अधिक घरों में 5 फीट तक पानी भर गया है। स्थिति इतनी विकट है कि जलजमाव के चलते कई इलाकों में खड़ी गाड़ियां आधी से ज्यादा डूब गईं और लोगों के घरों में जहरीले सांप और अन्य जीव घुसने की खबरें सामने आ रही हैं। वीआईपी रोड पर एक विशाल पेड़ गिरने के कारण घंटों लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहा, जिसे हटाने में नगर निगम की टीमों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।</p>
<p><strong>स्कूलों में ऐन वक्त पर छुट्टी से बढ़ी परेशानी</strong><br>
बढ़ते जलभराव और मौसम विभाग के भारी बारिश के रेड/ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए भोपाल के कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने आनन-फानन में नर्सरी से लेकर 12वीं तक के सभी शासकीय, अशासकीय, CBSC और ICSE स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी किया। हालांकि, प्रशासन का यह आदेश सोमवार को उस समय आया जब कई छात्र भारी बारिश के बीच संघर्ष करते हुए स्कूल पहुंच चुके थे। इसके बाद स्कूलों ने बच्चों को वापस घर भेजा। मंगलवार को भी स्थिति जस की तस बनी रहने के कारण अवकाश को बढ़ा दिया गया। आगर-मालवा जिले में भी कलेक्टर शेर सिंह मीणा के आदेश पर सभी स्कूलों को बंद रखा गया, हालांकि शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक स्टाफ को प्रशासनिक दायित्वों के लिए उपस्थित रहने को कहा गया है।</p>
<p><strong>डैमों में बढ़ा पानी, गेट खोलकर छोड़ा गया</strong><br>
भारी बारिश का असर जलाशयों पर भी पड़ा है। जोहिला बांध के दो गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। भोपाल के कलियासोत और केरवा तथा सीहोर के कोलार बांध में भी जलस्तर तेजी से बढ़ा है। भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर भी करीब तीन फीट बढ़ गया है।</p>
<p>मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार, 10 अगस्त को उत्तर मध्य प्रदेश और आसपास कम दबाव का क्षेत्र बना था। इसके साथ चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय रहा, जो करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला था। मानसून की द्रोणिका भी इसी तंत्र से होकर गुजर रही थी। इसी वजह से प्रदेश के कई हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश हुई। अब उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में नया चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हुआ है। इसके प्रभाव से करीब 12 अगस्त के आसपास नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। ऐसे में अगले चार दिन मध्य प्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।</p>
<p><strong>19 इंच बारिश, फिर भी सामान्य से 15 प्रतिशत पीछे</strong><br>
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश में अब तक करीब 19 इंच यानी 483 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। सामान्य तौर पर इस अवधि में करीब 22.5 इंच यानी 571.4 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी। इस हिसाब से प्रदेश अभी भी सामान्य बारिश से करीब 15 प्रतिशत पीछे है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी करीब 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 13 प्रतिशत है। </p>
<p><strong>12 अगस्त के आसपास नया कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय होने की संभावना</strong><br>
मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार, 10 अगस्त को उत्तर मध्य प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र और चक्रवाती परिसंचरण के कारण प्रदेश में भारी बारिश हुई। अब उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में एक नया चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हो गया है, जिसके प्रभाव से 12 अगस्त के आसपास एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की प्रबल संभावना है। इसे देखते हुए अगले चार दिन मध्य प्रदेश के मौसम के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।</p>
<p><strong>बारिश के आंकड़े और सामान्य से पीछे रहने की स्थिति</strong><br>
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस मानसून सीजन में अब तक मध्य प्रदेश में औसतन 19 इंच यानी 483 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है। हालांकि, सामान्य तौर पर इस अवधि तक 22.5 इंच (571.4 मिलीमीटर) पानी गिर जाना चाहिए था, जिसके चलते प्रदेश अभी भी सामान्य कोटे से लगभग 15 प्रतिशत पीछे चल रहा है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी करीब 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 13 प्रतिशत है। राज्य के करीब 46 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, जिसमें जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के जिले प्रमुख हैं। इसके विपरीत भोपाल, गुना, सीहोर, ग्वालियर और खरगोन जैसे जिलों में सामान्य से अधिक पानी गिरा है। जून महीने में 14 प्रतिशत की कमी के साथ कमजोर शुरुआत करने वाले मानसून ने जुलाई के अंत में रफ्तार पकड़कर कोटा जरूर पूरा किया, लेकिन अब अगस्त का नया सिस्टम बारिश के इन आंकड़ों को और बेहतर बनाने की उम्मीद जगा रहा है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>लव जिहाद मामले के आरोपी अनवर कादरी को जम्मू&#45;कश्मीर ले गई पुलिस, फर्जी शस्त्र लाइसेंस की जांच तेज</title>
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<description><![CDATA[ इंदौर  कांग्रेस के पूर्व पार्षद अनवर कादरी से जुड़े विवादित शस्त्र लाइसेंस प्रकरण में स्थानीय पुलिस प्रशासन ने छानबीन का दायरा बढ़ा दिया है। सदर बाजार पुलिस स्टेशन की एक विशेष जांच टीम आरोपी अनवर कादरी को साथ लेकर जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना हो गई है।  कठुआ जिले में चल रही पूछताछ पुलिस टीम द्वारा … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 15:15:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>लव, जिहाद, मामले, के, आरोपी, अनवर, कादरी, को, जम्मू-कश्मीर, ले, गई, पुलिस, फर्जी, शस्त्र, लाइसेंस, की, जांच, तेज</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इंदौर</strong> </p>
<p>कांग्रेस के पूर्व पार्षद अनवर कादरी से जुड़े विवादित शस्त्र लाइसेंस प्रकरण में स्थानीय पुलिस प्रशासन ने छानबीन का दायरा बढ़ा दिया है। सदर बाजार पुलिस स्टेशन की एक विशेष जांच टीम आरोपी अनवर कादरी को साथ लेकर जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना हो गई है। </p>
<p><strong>कठुआ जिले में चल रही पूछताछ</strong><br>
पुलिस टीम द्वारा मुख्य रूप से कठुआ जिले पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, जहां से आरोपी द्वारा यह शस्त्र लाइसेंस संदिग्ध रूप से जारी कराया गया था। जांच अधिकारी इस बात का पता लगाने में जुटे हैं कि लाइसेंस स्वीकृत किए जाने के दौरान किन आधिकारिक प्रक्रियाओं का पालन किया गया था और इसमें किन स्थानीय व्यक्तियों अथवा बिचौलियों की संलिप्तता थी।</p>
<p><strong>जम्मू-कश्मीर प्रशासन के पास आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं </strong><br>
पुलिस अधिकारियों के अनुसार भिश्ती मोहल्ला निवासी अनवर के खिलाफ सितंबर 2023 में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था। उसने अपने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी छिपाकर वर्ष 2007 में फर्जी दस्तावेजों से जम्मू और कश्मीर के कठुआ से 12 बोर बंदूक का लाइसेंस बनवाया था। इसके बाद वर्ष 2012 में उसने रिवॉल्वर का लाइसेंस भी प्राप्त कर लिया। पुलिस द्वारा जम्मू-कश्मीर प्रशासन से जानकारी मांगने पर इसका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं मिला। अनवर ने खुद को ठेकेदार बताकर और जान का खतरा दिखाकर यह लाइसेंस हासिल किया था। वह चुनाव और आचार संहिता के समय इस लाइसेंस को थाने में जमा भी कराता था। मामला संज्ञान में आने के पश्चात सदर बाजार पुलिस ने त्वरित वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ की थी।</p>
<p><strong>आधिकारिक भूमिकाओं पर टिकी पुलिस की नजर</strong><br>
वर्तमान में पुलिस बल कठुआ में उपस्थित होकर संबंधित अभिलेखों तथा आधिकारिक कागजात का बारीकी से सत्यापन कर रहा है। जांच अधिकारी आवेदन प्रक्रिया के दौरान प्रस्तुत किए गए पहचान पत्रों, शपथ पत्रों तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की संभावित भूमिका की विस्तृत जानकारी एकत्रित कर रहे हैं। राज्य प्रशासन के अनुसार, जम्मू-कश्मीर से प्राप्त होने वाले आधिकारिक रिकॉर्ड्स एवं साक्ष्यों के आधार पर ही इस प्रकरण में आगामी विधिक रणनीति तय की जाएगी। फिलहाल पुलिस द्वारा मामले की विस्तृत छानबीन की जा रही है।  </p>
<p><strong>24 से अधिक मामले दर्ज</strong><br>
पूर्व कांग्रेस पार्षद और नेता अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत पर कई हिंदू युवतियों के शोषण और लव जिहाद के मामलों में शामिल लोगों को आर्थिक सहायता प्रदान करने का आरोप है। इस मामले में उसे हाल ही में न्यायालय से जमानत मिली है। अनवर कादरी पर 24 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।  </p>]]> </content:encoded>
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<title>सावन शिवरात्रि पर बनाएं स्पेशल व्रत थाली, 6 स्वादिष्ट डिश से होगी दावत</title>
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<description><![CDATA[ आज यानी 11 अगस्त 2026 को पूरे देश में सावन शिवरात्रि का पर्व मनाया जा रहा है. सावन के इस खास दिन भगवान शिव के भक्त पूजा-अर्चना करते हैं, व्रत रखते हैं और शिवलिंग पर जलाभिषेक कर महादेव का आशीर्वाद लेते हैं. इस दिन कई लोग पूरे दिन फलाहार करते हैं, जबकि कुछ लोग शाम … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 15:15:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>सावन, शिवरात्रि, पर, बनाएं, स्पेशल, व्रत, थाली, स्वादिष्ट, डिश, से, होगी, दावत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>आज यानी 11 अगस्त 2026 को पूरे देश में सावन शिवरात्रि का पर्व मनाया जा रहा है. सावन के इस खास दिन भगवान शिव के भक्त पूजा-अर्चना करते हैं, व्रत रखते हैं और शिवलिंग पर जलाभिषेक कर महादेव का आशीर्वाद लेते हैं. इस दिन कई लोग पूरे दिन फलाहार करते हैं, जबकि कुछ लोग शाम या पूजा के बाद व्रत का खाना खाते हैं.</p>
<p>ऐसे में व्रत रखने वालों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर आज खाने में क्या बनाया जाए. अगर व्रत का नाम सुनते ही अगर आपके दिमाग में भी साबूदाना खिचड़ी, उबले आलू और फल जैसी गिनी-चुनी चीजें घूमने लगती हैं, तो इस बार थोड़ा स्वाद बदलने का वक्त है. सावन शिवरात्रि के व्रत में ऐसा खाना बनाया जा सकता है, जो फलाहारी भी हो और स्वाद में किसी दावत से कम भी न लगे. खास बात ये है कि इसके लिए घंटों रसोई में खड़े रहने की भी जरूरत नहीं है. आज हम आपको शेफ रणवीर बरार की बताई स्पेशल व्रत थाली बताएंगे, जिसमें 6 ऐसी डिश शामिल हैं, जो कम इंग्रेडिएंट्स में जल्दी तैयार हो जाती हैं और स्वाद में भरपूर हैं. यानी व्रत में भी खाना होगा चटपटा, क्रिस्पी, क्रीमी और मीठा. चलिए जानते हैं कि आप व्रत में क्या-क्या बना सकते हैं.</p>
<p>व्रत की थाली में होंगे 6 अलग-अलग स्वाद<br>
शेफ रणवीर बरार की इस थाली की खासियत यही है कि इसमें व्रत के नाम पर सिर्फ एक ही तरह का खाना नहीं है. इसमें समक के चावल का पुलाव, मूंगफली की कढ़ी, कुट्टू के पकौड़े, मखाना खीर, फ्रूट रायता और शकरकंद की झटपट बनने वाली सब्जी है.</p>
<p><strong>1. झटपट बनाएं समक के चावल की खिचड़ी</strong>: व्रत में नॉर्मल चावल नहीं खाए जाते हैं, ऐसे में समक के चावल यानी व्रत वाली खिचड़ी बनाई जा सकती है. शेफ रणवीर बरार के मुताबिक, चावलों को धोकर थोड़ी देर भिगोने के बाद घी में जीरा, हींग और हरी मिर्च के साथ भूनें और फिर पानी डालकर पकाएं. समक के चावल कम समय में तैयार हो जा सकते हैं.  </p>
<p><strong>2. मूंगफली की कढ़ी से बढ़ाएं स्वाद: </strong>व्रत में अगर कुछ ऐसा चाहिए जो नॉर्मल फलाहारी खाने से अलग हो, तो मूंगफली की कढ़ी ट्राई कर सकते हैं. भुनी हुई मूंगफली से बनने वाली ये कढ़ी गाढ़ी और बहुत ही ज्यादा टेस्टी होती है. इसे समक के चावल की खिचड़ी के साथ खाया जा सकता है.</p>
<p><strong>3. चटपटा खाने का मन हो तो कुट्टू के पकौड़े:</strong> व्रत में भी अगर आपका मन कुछ क्रिस्पी और चटपटा खाने का कर रहा है, तो कुट्टू के पकौड़े बना सकते हैं. शेफ रणवीर बरार इसमें आलू का इस्तेमाल करते हैं. बैटर को थोड़ी देर सेट होने देने से पकौड़े ज्यादा फूले और क्रिस्पी बन सकते हैं.</p>
<p><strong>4. मीठे में बनाएं मखाना खीर</strong>: व्रत की थाली में मीठा न हो तो मजा ही नहीं आता है. इसके लिए दूध, मखाने और ड्राई फ्रूट्स से मखाना खीर तैयार कर सकते हैं. खीर को धीमी आंच पर पकाने से इसका स्वाद और टेक्शचर बेहतर आता है.</p>
<p><strong>5. फ्रूट रायता से थाली को दें फ्रेश ट्विस्ट:</strong> अगर थाली में तला-भुना खाना ज्यादा हो रहा है तो उसके साथ फ्रूट रायता जरूर रखें. दही में पसंद के फल मिलाकर तैयार किया गया ये रायता थाली में फ्रेशनेस और हल्का स्वाद जोड़ता है.</p>
<p><strong>6. शकरकंद की झटपट सब्जी: </strong>आखिर में बनाएं शकरकंद की ऐसी सब्जी जो मिनटों में तैयार हो जाती है. घी में जीरा, हरी मिर्च और करी पत्ते का तड़का लगाकर शकरकंद डालें और मसालों के साथ भून लें. शकरकंद की हल्की मिठास और घी की खुशबू इस डिश को खास बना देती है.</p>
<p><strong>व्रत में भी लगेगा दावत वाला खाना</strong><br>
अगर आप भी सावन शिवरात्रि पर हर साल एक जैसा खाना खाकर बोर हो चुके हैं, तो शेफ रणवीर बरार की इस थाली से आइडिया ले सकते हैं. समक के चावल की खिचड़ी, मूंगफली की कढ़ी, क्रिस्पी कुट्टू पकौड़े, शकरकंद की सब्जी, फ्रूट रायता और मखाना खीर से सजी ये थाली व्रत के खाने को बोरिंग होने से बचा सकती है. </p>]]> </content:encoded>
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<title>CG में 3 दिन बाद फिर जोर पकड़ेगा मानसून, आज रायपुर समेत कई इलाकों में बारिश के आसार</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर. छत्तीसगढ़ में अगले 3 दिनों तक बारिश की तीव्रता में कमी आने के आसार हैं. इसके बाद फिर बादल बरसेंगे. प्रदेश में 11 अगस्त को अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने और गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना जताई गई है. सोमवार को राजधानी 32.2 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 14:45:10 +0530</pubDate>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ में अगले 3 दिनों तक बारिश की तीव्रता में कमी आने के आसार हैं. इसके बाद फिर बादल बरसेंगे. प्रदेश में 11 अगस्त को अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने और गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना जताई गई है.</p>
<p>सोमवार को राजधानी 32.2 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा. शाम के वक्त हल्की बूंदाबांदी हुई. राजधानी रायपुर में मंगलवार को आकाश मेघमय रहने और वर्षा की संभावना जताई गई है. प्रदेश में सोमवार को कई जगहों पर 1 से 5 सेंटीमीटर तक वर्षा दर्ज की गई है. हालांकि राजधानी में वर्षा नहीं हुई. अधिकतम तापमान 32 और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के करीब रह सकता है.</p>
<p><strong>रायपुर समेत विभिन्न जिलों में बारिश की संभावना</strong><br>
प्रदेश के कई जिलों में मंगलवार सुबह बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सुरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में बादल गरजने, आकाशीय बिजली, 30-40 किमी की रफ्तार से तेज हवा और वर्षा की संभावना मौसम विभाग ने जताई है. इन इलाकों में यलो अलर्ट जारी किया गया है.</p>
<p><strong>मौसम प्रणालियां</strong><br>
मौसम विभाग के अनुसार एक निम्न दाब का क्षेत्र उत्तर मध्य प्रदेश और उसके आसपास स्थित है. मानसून द्रोणिका माध्य समुद्र तल पर बीकानेर, दतिया, निम्न दाब का केंद्र, डालटेनगंज, दीघा और उसके बाद दक्षिण पूर्व की ओर पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी तक स्थित है तथा यह 1.5 कम ऊंचाई तक विस्तारित है. एक पश्चिमी विक्षोभ6 6 डिग्री पूर्व और 30 डिग्री उत्तर में स्थित है. एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण उत्तर पश्चिम बंगाल के खाड़ी और उसके आसपास स्थित है तथा यह 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है. इसके प्रभाव से 12 अगस्त को एक निम्न दाब का क्षेत्र इसी स्थान पर बनने की संभावना है.</p>
<p><strong>सोमवार को यहां हुई बारिश</strong><br>
प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश सोमवार को 5 सेमी भैरमगढ़, सुकमा और कुटरू में हुई. वहीं कुआकोंडा और गादीरास में 4 सेमी, जनकपुर भरतपुर, तखतपुर, करपावंड और बड़े बचेली में 3 सेमी पानी गिरा. गीदम, दंतेवाड़ा, खड़गांव, कटेकल्याण, अंतागढ़, सकरी, नानगुर और कोमाखान में 2-2 सेमी बारिश हुई. वहीं मुकडेगा, भोपालपटनम, धनोरा, कोटाडोल, छोटेडोंगर, सकोला, दुर्गकोंदल, भैसमा, बस्तर, हरदीबाजार, अंबागढ़ चौकी, बगीचा, कोंडागांव, कांसाबेल, भानुप्रतापपुर, उसूर, बारसूर, लाल बहादुर नगर, गंगालूर, बास्तानार और कुकदूर में 1-1 सेमी वर्षा दर्ज की गई.</p>]]> </content:encoded>
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<title>क्या पाकिस्तान में तख्तापलट की तैयारी कर रहे हैं आसिम मुनीर? चौतरफा संकट के बीच बढ़ी हलचल</title>
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<description><![CDATA[ इस्लामबाद  पाकिस्तान इस वक्त चौतरफा जल रहा है। पहले से आर्थिक बदहाली झेल रहे पाकिस्तान में जहां एक तरफ बलूचिस्तान में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने 85 फीसदी हिस्से पर कब्जा करने का दावा कर दिया है, वहीं खैबर पख्तूनख्वा में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने पाक सैनिकों की नाक में दम कर दिया है। इधर … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 14:30:21 +0530</pubDate>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इस्लामबाद </strong></p>
<p>पाकिस्तान इस वक्त चौतरफा जल रहा है। पहले से आर्थिक बदहाली झेल रहे पाकिस्तान में जहां एक तरफ बलूचिस्तान में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने 85 फीसदी हिस्से पर कब्जा करने का दावा कर दिया है, वहीं खैबर पख्तूनख्वा में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने पाक सैनिकों की नाक में दम कर दिया है। इधर पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में 'जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी' (JAAC) का आंदोलन जारी है। इस चौतरफा संकट के बीच इस्लामाबाद से लेकर रावलपिंडी के सैन्य हेडक्वॉर्टर तक एक ही चर्चा गर्म है- क्या सैन्य प्रमुख जनरल असीम मुनीर देश में तख्तापलट करने वाले हैं?</p>
<p>राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्ताज के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की लाचार सरकार को हटाकर आसिम मुनीर खुद 'चीफ मार्शल लॉ एडमिनिस्ट्रेटर' बनने का मन बना रहे हैं, ताकि देश को पूर्ण रूप से गृहयुद्ध में जाने से बचाया जा सके। रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के मुख्यालय में इसे लेकर एक मीटिंग भी हुई है।</p>
<p><strong>बलूचिस्तान में दहली पाकिस्तानी सेना</strong><br>
बलूचिस्तान प्रांत में BLA ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ मोर्चा पूरी तरह खोल दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक BLA के रेड में सैंकड़ों पाकिस्तानी सैनिक और पुलिसकर्मी मारे जा चुके हैं। BLA ड्रोन तकनीक और आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल कर सैन्य ठिकानों और चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) के प्रोजेक्ट्स को निशाना बना रही है। कई इलाकों में बलूच विद्रोहियों का प्रभाव इतना बढ़ गया है कि पाकिस्तानी सेना बैकफुट पर आ चुकी है और स्थानीय आबादी का भी सेना से भरोसा पूरी तरह उठ चुका है।</p>
<p><strong>PoK में बगावत</strong><br>
पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में दशकों से दमन झेल रही जनता का गुस्सा अब फूट पड़ा है। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में महीनों से जारी विरोध प्रदर्शन ने शहबाज सरकार की नाक में दम कर रखा है। रावलकोट समेत PoK के प्रमुख शहरों में प्रदर्शनकारी खुलेआम कह रहे हैं कि वे पाकिस्तान का हिस्सा नहीं हैं। पाकिस्तानी सेना के अत्याचारों से तंग आ चुकी जनता अब सीधे इस्लामाबाद की गद्दी को चुनौती दे रही है।</p>
<p><strong>खैबर पख्तूनख्वा में TTP का बढ़ता दबदबा</strong><br>
इधर अफगानिस्तान सीमा से सटे खैबर पख्तूनख्वा में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) पाक को गहरा जख्म दे रहा है। TTP लगातार पुलिस थानों, सैन्य काफिलों और चौकियों को निशाना बना रहा है। पाकिस्तान और अफगान तालिबान सरकार के बीच भी सीमा पर भारी तनाव बना हुआ है।</p>
<p><strong>तख्तापलट करेंगे आसिम मुनीर?</strong><br>
पाकिस्तान में जब-जब सरकार लाचार हुई है, तब-तब सेना ने तख्तापलट किया है। अब आसिम मुनीर भी अय्यूब खान, जिया-उल-हक या परवेज मुशर्रफ की राह अपनाते नजर आ सकते हैं। फिलहाल अलग-अलग मोर्चों पर संकट से निपटने में शहबाज शरीफ सरकार पूरी तरह से नाकामयाब साबित हुई है। BLA और TTP के हमलों में रोज दर्जनों फौजी मारे जा रहे हैं। सेना की छवि भी दांव पर है। ऐसे में मुनीर की स्क्रिप्ट रेडी है। पाकिस्तान के पूर्व सैन्य अधिकारी आदिल रजा ने हाल ही में इसे लेकर एक बड़ा दावा भी किया है। उनके मुताबिक 7 घंटे तक चली ISI की एक मीटिंग में इस बात पर सहमति बनी है कि देश का मौजूदा सिस्टम अब गिर चुका है और एक नए सिस्टम पर काम जारी है।</p>
<p><strong>कैसे सत्ता पर कब्जा कर सकते हैं मुनीर?</strong><br>
विशेषज्ञों के मुताबिक आसिम मुनीर तख्तापलट को दो चरणों में अंजाम दे सकते हैं। आसिम मुनीर पहले शहबाज सरकार से देश में नेशनल इमरजेंसी या सेना को सीधे विशेषाधिकार देने का ऐलान करवा सकते हैं। इससे संसद का वजूद सिर्फ नाममात्र का रह जाएगा। इसके बाद अगर BLA और PoK का प्रदर्शन इस्लामाबाद तक पहुंचता है, तो मुनीर देश को टूटने से बचाने का बहाना बनाकर शहबाज शरीफ को बर्खास्त कर देंगे, संविधान को निलंबित करेंगे और सीधे मार्शल लॉ लागू कर खुद राष्ट्रपति बन सकते हैं।</p>
<p><strong>भारत के लिए खतरा?</strong><br>
इतिहास गवाह है कि जब भी पाकिस्तान में कोई सैन्य तानाशाह तख्तापलट कर गद्दी पर बैठता है, तो वह सबसे पहले कट्टरपंथियों को खुश करने के लिए भारत विरोधी कार्ड खेलता है। अगर आसिम मुनीर तख्तापलट करते हैं, तो अपनी नाकामियों से ध्यान भटकाने के लिए वो भारत-पाक सीमा पर युद्ध जैसा माहौल बनाने की नापाक कोशिश कर सकते हैं। हालांकि भारत ऐसी किसी भी स्थिति में मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>12 अगस्त को सूर्य ग्रहण, कर्क राशि वालों पर एक महीने तक रहेगा असर</title>
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<description><![CDATA[  द्रिक पंचांग के अनुसार, 12 अगस्त को साल का दूसरा और पूर्ण सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रहण को एक बेहद संवेदनशील और प्रभावशाली खगोलीय घटना माना जाता है. हालांकि यह ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा, जिससे यहां सूतक काल मान्य नहीं रहेगा. ज्योतिषियों के मुताबिक, यह ग्रहण कर्क … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 14:30:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>अगस्त, को, सूर्य, ग्रहण, कर्क, राशि, वालों, पर, एक, महीने, तक, रहेगा, असर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p> द्रिक पंचांग के अनुसार, 12 अगस्त को साल का दूसरा और पूर्ण सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रहण को एक बेहद संवेदनशील और प्रभावशाली खगोलीय घटना माना जाता है. हालांकि यह ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा, जिससे यहां सूतक काल मान्य नहीं रहेगा. ज्योतिषियों के मुताबिक, यह ग्रहण कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में लगेगा.</p>
<p>ज्योतिषियों की मानें तो, ग्रहण का प्रभाव करीब 1 महीने तक रहता है. इसलिए कर्क राशि के जातकों को 1 महीने तक सावधान रहने की सलाह दी जा रही है. तो आइए जानते हैं कर्क राशि पर कैसा प्रभाव पड़ेगा.</p>
<p><strong>करियर और कार्यक्षेत्र</strong><br>
कार्यक्षेत्र में आपकी जिम्मेदारियां अचानक बढ़ सकती हैं. आपके काम को बारीकी से देखा जाएगा, जिससे आपको अपनी नेतृत्व क्षमता दिखाने का मौका मिलेगा. यदि आप पद या भूमिका में बदलाव चाहते हैं, तो इसके रास्ते खुलेंगे.</p>
<p>सावधानी: ऑफिस में सीनियर्स या अधिकारियों से बहस करने से बचें. बिना सोचे-समझे नौकरी छोड़ने का फैसला न करें; कोई भी नया कदम पूरी योजना के साथ ही उठाएं.</p>
<p><strong>व्यक्तिगत पहचान और आत्मविश्वास</strong><br>
ग्रहण आपके प्रथम भाव में होने से आपकी सोच, आत्म-छवि और व्यक्तित्व में बड़े बदलाव आएंगे. आप उन भूमिकाओं या जिम्मेदारियों से पीछे हट सकते हैं, जिन्हें आप केवल दूसरों को खुश करने के लिए निभा रहे थे.</p>
<p>सावधानी: मानसिक भ्रम या भ्रमित करने वाले विचारों से बचें. जल्दबाजी में अपनी जीवनशैली या पहचान को बदलने का कोई आक्रामक फैसला न लें.</p>
<p><strong>आर्थिक स्थिति और धन</strong><br>
ग्रहण के दौरान देवगुरु बृहस्पति भी आपकी राशि में मौजूद रहेंगे, जो आपको अचानक धन लाभ और आय के नए विचार दे सकते हैं. हालांकि, ग्रहण के समय पैसों के लेन-देन <strong>को लेकर अतिरिक्त सतर्कता की आवश्यकता होगी.</strong></p>
<p><strong>सावधानी</strong>: संपत्ति, शेयर बाजार या किसी बड़े निवेश से जुड़े फैसले ग्रहण के आसपास टाल दें. भावुक होकर किसी को उधार न दें.</p>
<p><strong>पारिवारिक और दांपत्य जीवन</strong><br>
कर्क राशि जल तत्व की राशि है और इसका स्वामी चंद्रमा है. ग्रहण के प्रभाव से पारिवारिक मामलों और रिश्तों में पुरानी दबी हुई बातें या असहमतियां बाहर आ सकती हैं. वैवाहिक जीवन में जीवनसाथी के साथ संवाद बनाए रखना बेहद जरूरी होगा.</p>
<p><strong>सावधानी: </strong>कड़वे शब्दों के इस्तेमाल से बचें. अपनी बात थोपने के बजाय दूसरों के पक्ष को समझने का प्रयास करें.</p>
<p><strong>स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति</strong><br>
प्रथम भाव में सूर्य ग्रहण होने से शारीरिक ऊर्जा में थोड़ी गिरावट या मानसिक उतार-चढ़ाव (Mood Swings) महसूस हो सकता है. नींद की कमी, सिरदर्द या चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है.</p>
<p><strong>सावधानी: </strong>ग्रहण के दौरान पर्याप्त आराम करें, ध्यान लगाएं और योग का सहारा लें. अपने खान-पान का विशेष ध्यान रखें.</p>]]> </content:encoded>
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<title>झारखंड के इस मंदिर में 24 घंटे होता है शिवलिंग का जलाभिषेक, रहस्य आज भी बरकरार</title>
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<description><![CDATA[ झारखंड के रामगढ़ जिले में भगवान शिव का एक ऐसा प्राचीन मंदिर मौजूद है, जो अपने आप में बेहद रहस्यमयी माना जाता है. इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि यहां शिवलिंग पर साल के 12 महीने और 24 घंटे लगातार जलाभिषेक होता रहता है. खास बात यह है कि शिवलिंग पर जल … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 14:30:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>झारखंड, के, इस, मंदिर, में, घंटे, होता, है, शिवलिंग, का, जलाभिषेक, रहस्य, आज, भी, बरकरार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>झारखंड के रामगढ़ जिले में भगवान शिव का एक ऐसा प्राचीन मंदिर मौजूद है, जो अपने आप में बेहद रहस्यमयी माना जाता है. इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि यहां शिवलिंग पर साल के 12 महीने और 24 घंटे लगातार जलाभिषेक होता रहता है. खास बात यह है कि शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए किसी श्रद्धालु को वहां मौजूद रहने की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि एक प्राकृतिक जलधारा लगातार शिवलिंग पर गिरती रहती है.</p>
<p><strong>1925 में खुदाई के दौरान सामने आया मंदिर</strong><br>
बताया जाता है कि इस मंदिर का इतिहास साल 1925 से जुड़ा हुआ है. उस समय ब्रिटिश शासन के दौरान इलाके में पानी के लिए खुदाई का काम चल रहा था. इसी दौरान जमीन के नीचे एक गुंबदनुमा ढांचा दिखाई दिया. जब खुदाई को आगे बढ़ाया गया तो जमीन के अंदर दबा हुआ पूरा मंदिर सामने आया.</p>
<p>मंदिर के अंदर एक शिवलिंग स्थापित था और उसके ठीक ऊपर मां गंगा की सफेद रंग की प्रतिमा मिली. इस प्रतिमा से जुड़ी सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इसकी नाभि से लगातार जल की धारा निकलती रहती है.</p>
<p><strong>मां गंगा की प्रतिमा से निकलता है जल</strong><br>
मान्यता के अनुसार, मां गंगा की प्रतिमा की नाभि से निकलने वाला जल उनकी दोनों हथेलियों से होकर सीधे नीचे मौजूद शिवलिंग पर गिरता है. इस तरह शिवलिंग का लगातार जलाभिषेक होता रहता है. यह जलधारा कब से और किस प्राकृतिक स्रोत से निकल रही है, इसका रहस्य आज भी बना हुआ है.</p>
<p>बताया जाता है कि इस जल के स्रोत को समझने के लिए वैज्ञानिक स्तर पर भी जांच की गई, लेकिन अब तक इसके वास्तविक स्रोत का पता नहीं चल पाया है. यही वजह है कि मंदिर में होने वाला लगातार जलाभिषेक श्रद्धालुओं के लिए आस्था के साथ-साथ रहस्य का विषय भी बना हुआ है.</p>
<p><strong>बिना चलाए चलते हैं हैंडपंप</strong><br>
इस मंदिर का रहस्य सिर्फ शिवलिंग पर गिरने वाली जलधारा तक ही सीमित नहीं है. मंदिर परिसर में दो हैंडपंप भी लगे हुए हैं, जिनसे बिना चलाए लगातार पानी निकलता रहता है. खास बात यह है कि आसपास की नदी के सूख जाने और भीषण गर्मी के बावजूद इन हैंडपंपों से जल प्रवाहित होता रहता है.</p>
<p>मंदिर से जुड़े लोगों और श्रद्धालुओं के लिए यह भी एक चमत्कार से कम नहीं है. लगातार बहते पानी का स्रोत कहां है और जमीन के अंदर इसका संबंध किस जलधारा से है, इसे लेकर आज भी कई सवाल बने हुए हैं.</p>
<p><strong>जल को प्रसाद मानते हैं श्रद्धालु</strong><br>
इस मंदिर से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं भी काफी खास हैं. श्रद्धालु शिवलिंग पर लगातार चढ़ने वाले जल को प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं. मान्यता है कि यहां सच्चे मन से भगवान शिव से मांगी गई मुराद पूरी होती है. यही वजह है कि दूर-दूर से श्रद्धालु इस मंदिर में दर्शन और पूजा के लिए पहुंचते हैं. प्राकृतिक जलधारा, मां गंगा की प्रतिमा और बिना चलाए पानी देने वाले हैंडपंप इस प्राचीन मंदिर को बाकी शिव मंदिरों से अलग बनाते हैं. आस्था और रहस्य से जुड़ी इन मान्यताओं की वजह से यह मंदिर लोगों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.</p>]]> </content:encoded>
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<title>30 साल बाद मेष राशि में जाएंगे शनि, 2027 में इन राशियों की बदलेगी किस्मत</title>
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<description><![CDATA[ ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्म और न्याय का देवता माना जाता है. शनि की चाल सबसे धीमी होती है. वे करीब ढाई साल में एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करते हैं.  ऐसे में शनि का राशि परिवर्तन सभी 12 राशियों के जीवन, करियर और आर्थिक स्थिति पर गहरा प्रभाव डालता है. … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 14:30:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>साल, बाद, मेष, राशि, में, जाएंगे, शनि, 2027, में, इन, राशियों, की, बदलेगी, किस्मत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्म और न्याय का देवता माना जाता है. शनि की चाल सबसे धीमी होती है. वे करीब ढाई साल में एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करते हैं.  ऐसे में शनि का राशि परिवर्तन सभी 12 राशियों के जीवन, करियर और आर्थिक स्थिति पर गहरा प्रभाव डालता है.</p>
<p>पंचांग और ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 3 जून 2027 को शनि देव करीब 30 साल बाद अपनी नीच राशि यानी मेष राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं.  शनि के इस बड़े गोचर के साथ ही सभी राशियों पर चल रही साढ़ेसाती और ढैय्या का पूरा गणित व चक्र बदल जाएगा.  आइए जानते हैं कि इस गोचर से किन राशियों को राहत मिलेगी, किस पर इसका नया प्रभाव शुरू होगा.</p>
<p><strong>किन राशियों को मिलेगी साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति?</strong><br>
कुंभ राशि: शनि के मेष राशि में कदम रखते ही कुंभ राशि के जातकों को शनि की साढ़ेसाती से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी.लंबे समय से चली आ रही आर्थिक अड़चनें और मानसिक तनाव अब कम होने लगेंगे.</p>
<p><strong>सिंह राशि:</strong> सिंह राशि के जातकों पर चल रही अष्टम शनि की ढैय्या समाप्त हो जाएगी.इससे अटके हुए कार्य गति पकड़ेंगे. करियर में स्थिरता आएगी.</p>
<p><strong>धनु राशि</strong>: धनु राशि के लोगों को भी कंटक शनि की ढैय्या से बड़ी राहत मिलेगी.कामकाज और पारिवारिक जीवन में सुधार देखने को मिलेगा.</p>
<p><strong>किन राशियों पर शुरू होगा नया प्रभाव?</strong><br>
<strong>वृषभ राशि:</strong> 3 जून 2027 से वृषभ राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू हो जाएगा.इस दौरान खर्च बढ़ सकते हैं . कार्यों में थोड़ी रुकावटें आ सकती हैं.ऐसे में धैर्य रखना बेहद जरूरी होगा.</p>
<p><strong>कन्या और मकर राशि: </strong>इन दोनों ही राशियों के जातकों पर शनि की ढैय्या शुरू हो जाएगी.नौकरी, कारोबार और पारिवारिक मामलों में अधिक मेहनत और अनुशासन की आवश्यकता होगी.</p>
<p><strong>मीन, मेष और वृषभ पर क्या रहेगा असर?</strong><br>
मीन राशि: शनि के मेष में जाने के बाद मीन राशि पर साढ़ेसाती का तीसरा और अंतिम चरण शुरू होगा, जिससे दबाव धीरे-धीरे कम होने लगेगा.</p>
<p><strong>मेष राशि:</strong> इस राशि के जातकों पर साढ़ेसाती का दूसरा (सबसे प्रभावी) चरण रहेगा.चूंकि मेष में शनि नीच के होते हैं, इसलिए सेहत और फैसलों के मामले में विशेष सावधानी बरतनी होगी.</p>]]> </content:encoded>
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<title>उज्जैन की बेटियों ने रचा इतिहास, नेपाल में चीन को हराकर जीता बैडमिंटन इंटरनेशनल डबल्स गोल्ड</title>
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<description><![CDATA[ उज्जैन सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय की खिलाड़ियों ने इंटरनेशनल बैडमिंटन डबल्स प्रतियोगिता में चीन को हराकर गोल्ड अपने नाम किया है। पिछले 5 दिनों से नेपाल में चल रही इस इंटरनेशनल प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में सोमवार रात भारत की जीत हुई। इसमें उज्जैन की खिलाड़ियों ने गोल्ड खिताब जीता है। फाइनल में चीन की टीम … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 14:15:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>उज्जैन, की, बेटियों, ने, रचा, इतिहास, नेपाल, में, चीन, को, हराकर, जीता, बैडमिंटन, इंटरनेशनल, डबल्स, गोल्ड</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>उज्जैन</strong></p>
<p>सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय की खिलाड़ियों ने इंटरनेशनल बैडमिंटन डबल्स प्रतियोगिता में चीन को हराकर गोल्ड अपने नाम किया है। पिछले 5 दिनों से नेपाल में चल रही इस इंटरनेशनल प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में सोमवार रात भारत की जीत हुई। इसमें उज्जैन की खिलाड़ियों ने गोल्ड खिताब जीता है।</p>
<p><strong>फाइनल में चीन की टीम को हराकर गोल्ड अपने नाम किया</strong><br>
खेलो इंडिया के तहत सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में तराना में रहने वाली विधि शर्मा और उज्जैन में रहने वाली उत्कर्षा पाल का चयन हुआ था। वैसे तो दोनों खिलाड़ी बैडमिंटन की नेशनल प्रतियोगिताओं में कई खिताब जीत चुकी हैं, लेकिन इस बार उनका चयन नेपाल में आयोजित इंडो-नेपाल इंटरनेशनल टूर्नामेंट के लिए हुआ था। इस प्रतियोगिता में दोनों खिलाड़ियों ने पहले क्वार्टर फाइनल में इंडोनेशिया को हराया। इसके बाद सेमीफाइनल में मलेशिया और फाइनल में चीन की टीम को हराकर गोल्ड अपने नाम कर लिया।</p>
<p><strong>25 देशों की टीम हुई थी प्रतियोगिता में शामिल</strong><br>
इंटरनेशनल बैडमिंटन डबल्स प्रतियोगिता में गोल्ड जीतने वाली विधि शर्मा ने बताया कि इंडो-नेपाल इंटरनेशनल टूर्नामेंट 7 अगस्त से 11 अगस्त तक आयोजित किया गया। इसमें 25 देशों की टीमों ने भाग लिया। बताया जाता है कि विधि शर्मा और उत्कर्षा पाल दोनों ही सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में योग से एमए कर रही हैं। बैडमिंटन में दोनों की शुरुआत से ही रुचि रही है और वे कई बार यूनिवर्सिटी की ओर से नेशनल गेम भी खेल चुकी हैं। विधि शर्मा ने बताया कि इंडो-नेपाल इंटरनेशनल टूर्नामेंट के लिए दिल्ली में खेलो इंडिया के तहत उनका चयन हुआ था। इसके बाद से ही उन्होंने ओपन टूर्नामेंट खेला। </p>
<p><strong>15 अगस्त को पहुंचेगी उज्जैन, होगा भव्य स्वागत</strong><br>
विधि शर्मा के पिता मुकेश शर्मा ने बताया कि यह हमारे लिए काफी खुशी का दिन है, क्योंकि हमारी बेटी ने हमारा ही नहीं, बल्कि पूरे भारत का नाम गौरवान्वित किया है। उसने पहली बार इंटरनेशनल बैडमिंटन डबल्स प्रतियोगिता में गोल्ड का खिताब जीता है। उन्होंने बताया कि विधि शर्मा 15 अगस्त को उज्जैन आएगी, जहां उसका और उसकी पार्टनर उत्कर्षा पाल का भव्य स्वागत किया जाएगा।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>घर पर बनाएं बाजार जैसा स्पंजी खमन ढोकला, खट्टा&#45;मीठा स्वाद आएगा लाजवाब</title>
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<description><![CDATA[ गुजरात का फेमस खमन ढोकला आज देशभर में फेमस है और स्नैक्स में दिल्ली-मुंबई में भी लोग इसे बड़े शौक से खाते हैं. अगर आपके घरवाले भी हमेशा एक जैसा ढोकला खाकर बोर गए हैं तो आप घर पर आसानी से बनाकर खमन ढोकला सबको खिला सकते हैं. इसका खट्टा-मीठा स्वाद और टेक्सचर बच्चों को … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 14:15:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>घर, पर, बनाएं, बाजार, जैसा, स्पंजी, खमन, ढोकला, खट्टा-मीठा, स्वाद, आएगा, लाजवाब</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>गुजरात का फेमस खमन ढोकला आज देशभर में फेमस है और स्नैक्स में दिल्ली-मुंबई में भी लोग इसे बड़े शौक से खाते हैं. अगर आपके घरवाले भी हमेशा एक जैसा ढोकला खाकर बोर गए हैं तो आप घर पर आसानी से बनाकर खमन ढोकला सबको खिला सकते हैं. इसका खट्टा-मीठा स्वाद और टेक्सचर बच्चों को बहुत पसंद आता है और लोग इसे बड़े मन से खाते हैं.</p>
<p>आइए आपको एकदम बाजार जैसा स्ंपजी और रसभरा खमन ढोकला बनाने की विधि बताते हैं, जिसे फॉलो करते आप घर पर ही इसे आसानी से बना पाएंगे.  इस रेसिपी की सबसे खास बात यह है कि इसे बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता और यह बहुत ही हल्का और हेल्दी स्नैक है. इसे आप सुबह के नाश्ते, शाम की चाय या बच्चों के टिफिन के लिए भी तैयार कर सकते हैं.</p>
<p><strong>खमन ढोकला बना के लिए सामग्री</strong><br>
<strong>घोल के लिए:</strong><br>
    2 कप बेसन<br>
    2 बड़े चम्मच सूजी<br>
    1 बड़ा चम्मच चीनी<br>
    1 छोटा चम्मच नमक<br>
    1 छोटा चम्मच हल्दी<br>
    1 बड़ा चम्मच नींबू का रस<br>
    1 बड़ा चम्मच दही<br>
    1 से 1¼ कप पानी<br>
    1½ छोटा चम्मच ईनो फ्रूट सॉल्ट</p>
<p><strong>तड़के के लिए:</strong><br>
    2 बड़े चम्मच तेल<br>
    1 छोटा चम्मच राई<br>
    2 हरी मिर्च लंबाई में कटी हुई<br>
    8-10 करी पत्ते<br>
    2 बड़े चम्मच चीनी<br>
    ½ कप पानी<br>
    1 बड़ा चम्मच नींबू का रस<br>
    गार्निश के लिए<br>
    बारीक कटा हरा धनिया<br>
    कद्दूकस किया हुआ ताजा नारियल</p>
<p><strong>बनाने का आसान तरीका</strong><br>
<strong>बैटर तैयार करें</strong>: सबसे पहले एक बड़े बर्तन में बेसन, सूजी, नमक, हल्दी और चीनी डालकर अच्छी तरह मिला लें. अब इसमें दही, नींबू का रस और थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए बिना गुठलियों वाला चिकना घोल तैयार करें. घोल को 10 से 15 मिनट के लिए ढककर साइड में रख दें.</p>
<p><strong>पानी गर्म करें</strong>: अब स्टीमर या बड़े बर्तन में पानी गर्म होने के लिए रख दें. जिस थाली या टिन में ढोकला बनाना है, उसे हल्के तेल से ग्रीस कर लें.</p>
<p><strong>बैटर में ईनो मिलाएं</strong>: स्टीम करने से ठीक पहले घोल में ईनो डालें और ऊपर से एक चम्मच पानी डालकर हल्के हाथों से एक दिशा में मिलाएं. जैसे ही घोल फूलने लगे, उसे तुरंत ग्रीस की हुई थाली में डाल दें.</p>
<p>ढोकला स्टीम करें: थाली को स्टीमर में रखकर मिडियम फ्लेम पर 15 से 20 मिनट तक पकाएं. टूथपिक डालकर जांच लें. अगर टूथपिक साफ बाहर निकल आए तो ढोकला तैयार है. इसे थोड़ा ठंडा होने दें और अपनी पसंद की शेप में काट लें.</p>
<p><strong>तड़का लगाने का तरीका</strong><br>
एक पैन में तेल गर्म करें. इसमें राई डालें. राई चटकने लगे तो हरी मिर्च और करी पत्ता डालकर कुछ सेकंड भून लें. अब पानी, चीनी और नींबू का रस डालकर एक उबाल आने दें. तैयार तड़के को धीरे-धीरे कटे हुए ढोकले के ऊपर डाल दें ताकि ढोकला रस अच्छी तरह सोख ले. आखिर में ऊपर से हरा धनिया और कद्दूकस किया नारियल डालकर गार्निश करें.</p>
<p><strong>स्वाद बढ़ाने के आसान टिप्स</strong><br>
    ईनो डालने के बाद घोल को ज्यादा देर न रखें, तुरंत स्टीम करें.<br>
    ढोकले को हमेशा मध्यम आंच पर पकाएं, इससे वह मुलायम बनता है.<br>
    तड़के का पानी थोड़ा ज्यादा रखें, इससे ढोकला रसभरा और बाजार जैसा बनता है.<br>
    हरी चटनी और मीठी इमली की चटनी के साथ परोसने पर इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है.</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>MP कांग्रेस की PAC बैठक में बड़ा फेरबदल, कमलनाथ&#45;दिग्विजय और अरुण यादव नहीं होंगे शामिल</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मध्य प्रदेश कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) की अहम बैठक मंगलवार को भोपाल स्थित कांग्रेस मुख्यालय में होगी। बैठक में इस बार मुख्य एजेंडा संगठन सृजन और पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना रहेगा।प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी अब तक संगठन सृजन के तहत हुए काम की समीक्षा करेंगे। इसके साथ … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 14:00:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>कांग्रेस, की, PAC, बैठक, में, बड़ा, फेरबदल, कमलनाथ-दिग्विजय, और, अरुण, यादव, नहीं, होंगे, शामिल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong><br>
 मध्य प्रदेश कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) की अहम बैठक मंगलवार को भोपाल स्थित कांग्रेस मुख्यालय में होगी। बैठक में इस बार मुख्य एजेंडा संगठन सृजन और पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना रहेगा।प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी अब तक संगठन सृजन के तहत हुए काम की समीक्षा करेंगे। इसके साथ ही आगामी दिनों में संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर भी चर्चा होगी।</p>
<p><strong>विमान के इंजन में खराबी, नकुलनाथ छिंदवाड़ा से नहीं उड़ सके</strong><br>
बैठक में पहली बार नकुलनाथ के शामिल होने की संभावना थी, लेकिन छिंदवाड़ा से भोपाल आने वाले विमान के एक इंजन में खराबी आ गई। इसके चलते विमान उड़ान नहीं भर सका और नकुलनाथ बैठक में शामिल नहीं हो पाए।</p>
<p>नकुलनाथ के साथ प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी भी इसी विमान से भोपाल आने वाले थे। विमान में खराबी के बाद हरीश चौधरी कार से छिंदवाड़ा से भोपाल के लिए रवाना हो गए हैं। संभावना है कि वे बैठक में वर्चुअली शामिल होंगे।</p>
<p><strong>पटवारी के कार्यकाल में पहली बार PAC बैठक में शामिल होना था</strong><br>
जीतू पटवारी के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद PAC के सदस्य नकुलनाथ पहली बार राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक में शामिल होने वाले थे। कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने कुछ दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि इस बार PAC की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ भी शामिल होंगे। हालांकि, अब नकुलनाथ के विमान में तकनीकी खराबी के कारण उनके बैठक में पहुंचने पर विराम लग गया है।</p>
<p><strong>सभी सदस्यों को व्यक्तिगत रूप से शामिल होने के लिए बुलाया गया</strong><br>
बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, संगठन महासचिव डॉ. संजय कामले, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा सहित PAC के अन्य सदस्य मौजूद रहेंगे। पिछली बैठक ऑनलाइन आयोजित की गई थी, लेकिन इस बार कमेटी के सभी 37 सदस्यों को बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने के लिए बुलाया गया है।</p>
<p><strong>दिग्विजय सिंह और अरुण यादव फिलहाल विदेश में हैं</strong><br>
बैठक में पार्टी के तीन प्रमुख नेता पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और पूर्व सांसद अरुण यादव शामिल नहीं होंगे। जानकारी के मुताबिक, दिग्विजय सिंह और अरुण यादव फिलहाल विदेश में हैं, जबकि कमलनाथ की तबीयत ठीक नहीं होने के कारण उनके बैठक में शामिल होने की संभावना नहीं है। वहीं, छिंदवाड़ा के पूर्व सांसद नकुलनाथ के बैठक में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।</p>
<p><strong>दतिया चुनाव की समीक्षा और निकाय चुनाव की तैयारियों पर मंथन</strong><br>
बैठक में दतिया चुनाव की समीक्षा के साथ नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों को लेकर पार्टी की रणनीति पर मंथन किया जाएगा। इसके अलावा यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई और महिला कांग्रेस की गतिविधियों और संगठनात्मक कामकाज की भी समीक्षा होगी।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>झारखंड क्यों नहीं गईं?’ संसद में BJP सांसद ने प्रियंका गांधी को घेरा, मिला ये जवाब</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली  संसद के मॉनसून सत्र के दौरान परिसर में गहमागहमी देखने को मिली। एक तरफ जहां एनडीए और विपक्ष के सांसद आमने-सामने होकर जोरदार नारेबाजी कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ BJP के सांसदों ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी को घेर लिया। बीजेपी सांसदों ने प्रियंका को घेरते हुए सवाल किया कि आखिर वह … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 14:00:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>झारखंड, क्यों, नहीं, गईं’, संसद, में, BJP, सांसद, ने, प्रियंका, गांधी, को, घेरा, मिला, ये, जवाब</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p> संसद के मॉनसून सत्र के दौरान परिसर में गहमागहमी देखने को मिली। एक तरफ जहां एनडीए और विपक्ष के सांसद आमने-सामने होकर जोरदार नारेबाजी कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ BJP के सांसदों ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी को घेर लिया। बीजेपी सांसदों ने प्रियंका को घेरते हुए सवाल किया कि आखिर वह झारखंड क्यों नहीं गईं और वहां के छात्रों के मुद्दे पर क्यों चुप हैं। इस पर प्रियंका गांधी ने <strong>तुरंत जवाब देते हुए कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पहले ही झारखंड के छात्रों से मिल चुके हैं।</strong></p>
<p><strong>'राहुल गांधी ने की है मुलाकात', प्रियंका का पलटवार</strong><br>
संसद परिसर में जैसे ही बीजेपी सांसदों ने प्रियंका गांधी को रोककर सवाल पूछा कि वे झारखंड के छात्रों की समस्याओं पर बोलने से क्यों बच रही हैं, तो प्रियंका ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पहले ही झारखंड के छात्रों से मुलाकात कर चुके हैं और उनकी बात को प्रमुखता से सुन चुके हैं।</p>
<p><strong>संसद परिसर में जमकर हंगामा, विपक्ष का अनोखा प्रदर्शन</strong><br>
सत्र खत्म होने से ठीक पहले सदन के बाहर भी जबरदस्त घमासान देखने को मिला। विपक्षी सांसद हाथों में नारे लिखे पोस्टर लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री के खिलाफ लगातार प्रदर्शन करते दिखे। इसी दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद अक्षय यादव अन्य नेताओं के साथ संसद परिसर में दान-पेटियां और गन्ने का पेड़ लेकर पहुंचे और अनोखे अंदाज में विरोध जताया। परिसर में बढ़ती धक्का-मुक्की और तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए सुरक्षाकर्मियों को तुरंत 'ह्यूमन चेन' बनाकर स्थिति संभालनी पड़ी।</p>
<p><strong>'मंगल मिलन' बैठक में एनडीए ने बनाई रणनीति</strong><br>
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले एनडीए सांसदों की 'साप्ताहिक मंगल मिलन' बैठक हुई। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सहित एनडीए के कई बड़े नेता मौजूद रहे। इस बैठक के दौरान मॉनसून सत्र के अंतिम दिनों की रणनीति पर चर्चा हुई, जिसमें विपक्ष के हंगामे के बीच जरूरी विधेयकों को पारित कराने और विपक्ष के हमलों का एकजुट होकर मजबूती से जवाब देने पर सहमति बनी।</p>
<p><strong>हंगामे के चलते लगातार बाधित हुई कार्यवाही</strong><br>
20 जुलाई से शुरू हुआ यह मॉनसून सत्र अब 13 अगस्त को खत्म होने वाला है। पूरे सत्र के दौरान विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई है, जिससे कई दिनों तक प्रश्नकाल भी पूरा नहीं हो सका। बीते दिन भी शोर-शराबे के चलते दोनों सदनों को स्थगित करना पड़ा था।</p>]]> </content:encoded>
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<title>बस्तर में केबल व्यवस्था से बिजली चोरी पर लगी रोक, बिजली विभाग को मिली बड़ी राहत</title>
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<description><![CDATA[ जगदलपुर. बस्तर में बिजली चोरी रोकने के लिए विद्युत विभाग की केबल लाइन व्यवस्था असर दिखा रही है. जिन इलाकों में खुले तारों से हुकिंग कर बिजली चोरी की जाती थी, वहां अब यह रास्ता काफी मुश्किल हो गया है. विभाग पुराने खुले तारों को हटाकर कई क्षेत्रों में केबलयुक्त विद्युत लाइन बिछा रहा है. … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 13:45:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>बस्तर, में, केबल, व्यवस्था, से, बिजली, चोरी, पर, लगी, रोक, बिजली, विभाग, को, मिली, बड़ी, राहत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>जगदलपुर.</strong></p>
<p>बस्तर में बिजली चोरी रोकने के लिए विद्युत विभाग की केबल लाइन व्यवस्था असर दिखा रही है. जिन इलाकों में खुले तारों से हुकिंग कर बिजली चोरी की जाती थी, वहां अब यह रास्ता काफी मुश्किल हो गया है. विभाग पुराने खुले तारों को हटाकर कई क्षेत्रों में केबलयुक्त विद्युत लाइन बिछा रहा है. इससे सीधे लाइन से अवैध कनेक्शन लेने की संभावना कम हुई है.</p>
<p>बिजली चोरी लंबे समय से विभाग के लिए बड़ी चुनौती रही है. अवैध कनेक्शन का असर सिर्फ विभाग पर नहीं, बल्कि नियमित बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं पर भी पड़ता है. हुकिंग के कारण लाइन पर अतिरिक्त भार बढ़ता है और कई बार विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित होती है. केबल व्यवस्था से बिजली चोरी पर रोक के साथ लाइन की सुरक्षा भी बढ़ी है. विभाग की ओर से अवैध कनेक्शन के खिलाफ जांच और कार्रवाई भी जारी है.</p>
<p>अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक लाइन व्यवस्था से बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता बेहतर करने में मदद मिल रही है. आने वाले समय में अन्य संवेदनशील इलाकों में भी खुले तारों की जगह केबल लगाने पर जोर दिया जा रहा है. यानी बस्तर में बिजली चोरी रोकने के लिए सिर्फ कार्रवाई नहीं, बल्कि व्यवस्था को ही मजबूत किया जा रहा है.</p>]]> </content:encoded>
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<title>ODI World Cup 2027: 10 टीमें हुईं कन्फर्म, जानें किन देशों ने पक्की की जगह</title>
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<description><![CDATA[ मुंबई  अफगानिस्तान ने दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में आयोजित होने वाले वनडे विश्व कप 2027 में जगह बना ली है. सोमवार को आयरलैंड के खिलाफ जारी 5 वनडे मैचों की सीरीज के तीसरे मैच में जीत दर्ज कर अफगानिस्तान ने विश्व कप 2027 में सीधी एंट्री ले ली है. अफगानिस्तान ने … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 13:00:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>ODI, World, Cup, 2027:, टीमें, हुईं, कन्फर्म, जानें, किन, देशों, ने, पक्की, की, जगह</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंबई </strong></p>
<p>अफगानिस्तान ने दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में आयोजित होने वाले वनडे विश्व कप 2027 में जगह बना ली है. सोमवार को आयरलैंड के खिलाफ जारी 5 वनडे मैचों की सीरीज के तीसरे मैच में जीत दर्ज कर अफगानिस्तान ने विश्व कप 2027 में सीधी एंट्री ले ली है. अफगानिस्तान ने आयरलैंड को तीसरे वनडे में 3 विकेट से हराकर वनडे विश्व कप 2027 में अपनी जगह बनाई. अफगानिस्तान  वनडे विश्व कप 2023 का हिस्सा थी। </p>
<p>इस विश्व कप में अफगानिस्तान ने अपने प्रदर्शन से चौंकाया था और श्रीलंका, इंग्लैंड और पाकिस्तान जैसी विश्न चैंपियन रह चुकी टीमों को मात दी थी. अफगानिस्तान उस विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया पर भी जीत के बहुत करीब पहुंच गई थी, लेकिन ग्लेन मैक्सवेल के ऐतिहासिक दोहरे शतक ने टीम से जीत छीन ली थी. आगामी विश्व कप में एक बार फिर अफगानिस्तान के प्रदर्शन पर नजर रहेगी। </p>
<p>वनडे विश्व कप 2027 के लिए वेस्टइंडीज को क्वालीफाइंग टूर्नामेंट खेलना होगा. टीम टूर्नामेंट में सीधे जगह बनाने में सफल नहीं रही. वेस्टइंडीज को अगले साल फरवरी में होने वाले क्वालीफायर खेलना होगा और जीत दर्ज करनी होगी. क्वालीफायर के विजेता को 2027 विश्व कप के दूसरे राउंड में सीधे एंट्री मिलेगी, जबकि दूसरे, तीसरे और चौथे नंबर पर रहने वाली टीमें सुपर सीरीज नाम का पहला राउंड खेलेंगी। </p>
<p>यह लगातार दूसरा मौका है जब वेस्टइंडीज को विश्व कप में जगह बनाने के लिए क्वालीफाइंग खेलना होगा. वनडे विश्व कप 2023 में वेस्टइंडीज क्वालीफाई नहीं कर सकी थी. यह पहला विश्व कप था जिसका हिस्सा वेस्टइंडीज नहीं थी। </p>
<p>अफगानिस्तान के लिए क्वालीफाई करने के साथ ही वनडे विश्व कप 2027 में 10 टीमें तय हो गई हैं. ये टीमें भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे हैं. दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे मेजबान होने के नाते पहले ही इवेंट के लिए क्वालीफाई कर चुके हैं। </p>
<p><strong>वनडे विश्व कप 2027 में 10 टीमें तय</strong></p>
<p><strong>भारत</strong></p>
<p><strong>पाकिस्तान</strong></p>
<p><strong>श्रीलंका</strong></p>
<p><strong>बांग्लादेश</strong></p>
<p><strong>अफगानिस्तान</strong></p>
<p><strong>ऑस्ट्रेलिया</strong></p>
<p><strong>न्यूजीलैंड</strong></p>
<p><strong>इंग्लैंड</strong></p>
<p><strong>दक्षिण अफ्रीका</strong></p>
<p><strong>जिम्बाब्वे </strong></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>2027 वर्ल्ड कप से पहले वेस्टइंडीज को बड़ा झटका, अफगानिस्तान ने पक्की की सीधे एंट्री</title>
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<description><![CDATA[   नई दिल्ली दो बार की वनडे विश्व चैम्पियन वेस्टइंडीज 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए सीधे क्वालिफाई नहीं कर पाएगा और उसे एक बार फिर क्वालिफायर का रास्ता अपनाना होगा. अफगानिस्तान ने सोमवार को बेलफास्ट में आयरलैंड को हराकर सीधे क्वालिफाई करने वाली टीमों के बीच अपनी जगह पक्की कर ली, जिससे वेस्टइंडीज की … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 13:00:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>2027, वर्ल्ड, कप, से, पहले, वेस्टइंडीज, को, बड़ा, झटका, अफगानिस्तान, ने, पक्की, की, सीधे, एंट्री</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>  नई दिल्ली</strong></p>
<p>दो बार की वनडे विश्व चैम्पियन वेस्टइंडीज 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए सीधे क्वालिफाई नहीं कर पाएगा और उसे एक बार फिर क्वालिफायर का रास्ता अपनाना होगा. अफगानिस्तान ने सोमवार को बेलफास्ट में आयरलैंड को हराकर सीधे क्वालिफाई करने वाली टीमों के बीच अपनी जगह पक्की कर ली, जिससे वेस्टइंडीज की सीधी एंट्री की उम्मीदें खत्म हो गईं। </p>
<p>2027 वर्ल्ड कप के लिए 30 सितंबर 2026 की ICC ODI रैंकिंग के आधार पर शीर्ष आठ गैर-मेजबान टीमें सीधे क्वालिफाई करेंगी. टूर्नामेंट के तीन मेजबान दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया हैं, जिन्हें मेजबान होने के नाते जगह मिलेगी. इस तरह कुल 11 टीमें सीधे वर्ल्ड कप में पहुंचेंगी, जबकि बाकी तीन स्थान क्वालिफिकेशन प्रक्रिया से तय होंगे। </p>
<p>अफगानिस्तान की सीधी क्वालिफिकेशन के साथ वह गत चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया, भारत, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, श्रीलंका, इंग्लैंड और बांग्लादेश जैसी टीमों के साथ 2027 वर्ल्ड कप के लिए सीधे क्वालिफाई करने वाली टीमों में शामिल हो गया है। </p>
<p>फिलहाल 10वें स्थान पर मौजूद वेस्टइंडीज के पास कटऑफ से पहले भारत के खिलाफ दो वनडे मैच बाकी हैं. हालांकि, इन दोनों मुकाबलों में जीत हासिल करने के बावजूद वह सीधे क्वालिफिकेशन हासिल नहीं कर पाएगा. अब उसे अगले साल फरवरी से शुरू होने वाले क्वालिफायर के जरिए वर्ल्ड कप में जगह बनानी होगी। </p>
<p>यह लगातार तीसरी बार होगा जब वेस्टइंडीज को वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफायर खेलना पड़ेगा. 2019 में वह क्वालिफायर के जरिए वर्ल्ड कप में पहुंचा था, जबकि 2023 में क्वालिफायर में ही उसका सफर खत्म हो गया था। </p>
<p><strong>कैसे वर्ल्ड कप में पहुंचेगा वेस्टइंडीज?</strong><br>
ICC ने 15 जुलाई 2026 को 2027 पुरुष वनडे वर्ल्ड कप के प्रारूप में बड़ा बदलाव किया है. टूर्नामेंट में 14 टीमें ही रहेंगी, लेकिन अब मुकाबले तीन चरणों में होंगे। </p>
<p>वर्ल्ड कप क्वालिफायर में 10 टीमें हिस्सा लेंगी. वेस्टइंडीज और आयरलैंड को इसमें सीधे जगह मिलेगी, क्योंकि 30 सितंबर 2026 की कटऑफ पर वे मेजबान देशों को छोड़कर सबसे निचली रैंक वाली दो Full Member टीमें होंगी. इनके अलावा CWC League 2 की शीर्ष चार टीमें और Qualifier Play-off की शीर्ष चार टीमें मुख्य क्वालिफायर में पहुंचेंगी। </p>
<p>क्वालिफायर प्लेऑफ में CWC League 2 की निचली चार टीमें और चैलेंज लीग की चार टीमें खेलेंगी. इस आठ टीमों के प्लेऑफ से शीर्ष चार टीमें मुख्य क्वालिफायर में पहुंचेंगी। </p>
<p><strong>मुख्य क्वालिफायर में कुल 10 टीमें होंगी. इनमें से शीर्ष चार टीमें 2027 वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करेंगी। </strong></p>
<p>इसके बाद वर्ल्ड कप के अंदर नया तीन चरणों वाला प्रारूप लागू होगा. 14 क्वालिफाइड टीमों में सबसे निचली रैंक वाली तीन टीमें पहले चरण में Super Series खेलेंगी. तीनों टीमें एक-दूसरे से मुकाबला करेंगी और शीर्ष टीम अगले दौर में पहुंचेगी. इसके बाद बची हुई 12 टीमें दो ग्रुप में बांटी जाएंगी. दोनों ग्रुप से शीर्ष तीन-तीन टीमें और दोनों ग्रुप में अगली सर्वश्रेष्ठ टीम Super 7 चरण में पहुंचेगी। </p>
<p>Super 7 में सात टीमें राउंड-रॉबिन आधार पर खेलेंगी. यहां से शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी और इसके बाद फाइनल खेला जाएगा। </p>
<p>इस नए प्रारूप का उद्देश्य टूर्नामेंट में अधिक प्रतिस्पर्धी मुकाबले कराना और 14 टीमों के बीच मैचों को ज्यादा रोमांचक बनाना है. हालांकि, कुछ एसोसिएट देशों ने सीधे वर्ल्ड कप में पहुंचने के अवसर कम होने को लेकर चिंता जताई है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>Nifty 50 में बड़ा बदलाव: करीब 3 दशक बाद Wipro बाहर, BSE की हुई एंट्री</title>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 13:00:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Nifty, में, बड़ा, बदलाव:, करीब, दशक, बाद, Wipro, बाहर, BSE, की, हुई, एंट्री</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong><br>
शेयर बाजार (Share Market) में निवेश करने वालों के लिए बड़ी खबर है. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी-50 इंडेक्स में शामिल शेयरों में बड़ा फेरबदल होने जा रहा है. करीब तीन दशक तक Nifty-50 में शामिल रहने के बाद अब आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी विप्रो लिमिटेड इससे बाहर होने वाली है, जबकि उसकी जगह बीएसई लिमिटेड की एंट्री होगी. इस बदलाव का सीधा असर विप्रो और बीएसई के शेयरों (Wipro-BSE Shares) पर देखने को मिलेगा. हालांकि, मंगलवार को मार्केट ओपन होने के साथ ही जहां विप्रा मामूली तेजी के साथ, तो बीएसई मामूली गिरावट लेकर खुला। </p>
<p><strong>सितंबर से लागू होगा ये बड़ा चेंज </strong><br>
निफ्टी इंडेक्स में ये नया बदलाव अगले महीने सितंबर में देखने को मिलेगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 29 सितंबर को शेयर मार्केट में कारोबार खत्म होने के बाद विप्रो का निफ्टी के साथ तीन दशक का सफर खत्म हो जाएगा यानी 30 सितंबर से Wipro इस इंडेक्स से बाहर कर दी जाएगी. NSE की ओर से बीते कारोबारी दिन सोमवार को छमाही समीक्षा के बाद ये बड़ा फैसला लिया गया है। </p>
<p><strong>Wipro के बाहर होने की वजह क्या? </strong><br>
यहां ये समझ लेना जरूरी है कि आखिर क्यों लंबे समय से निफ्टी-50 इंडेक्स में शामिल दिग्गज आईटी कंपनी के विप्रो के शेयर इससे बाहर किए जा रहे हैं. तो बता दें कि विप्रो का छह महीने का फ्री-फ्लोट मार्केट कैपिटल काफी कम करीब 55,930 करोड़ रुपये रहा है, जबकि इसकी तुलना में BSE Ltd का फ्री-फ्लोट मार्केट कैप इन अवधि में तेजी से बढ़ते हुए 1.4 लाख करोड़ रुपये पर जा पहुंचा. ये विप्रो के आउट और बीएसई की एंट्री के लिए सबसे बड़ा कारण है। </p>
<p><strong>शेयर पर दिख सकता है असर</strong><br>
Wipro और BSE को लेकर आई इस खबर का सीधा असर शेयर बाजार में कारोबार के दौरान इन दोनों कंपनियों के शेयरों पर आने वाले दिनों में देखने को मिल सकता है. मंगलवार को Share Market में कारोबार की शुरुआत होने पर विप्रो का शेयर करीब 186 रुपये पर ओपन हुआ. पिछले एक साल में इस आईटी शेयर में 23 फीसदी की गिरावट आई है, तो पांच साल में इसने निवेशकों को 40 फीसदी का निगेटिव रिटर्न दिया है। </p>
<p>वहीं बीएसई का शेयर मामूली गिरावट लेकर 3565 रुपये पर कारोबार करता हुआ नजर आया. इस शेयर ने बीते एक साल में करीब 50 फीसदी का रिटर्न निवेशकों को दिया है, जबकि पांच साल में ये 2700 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुका है और निवेशकों की दौलत में तगड़ा इजाफा हुआ है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>रायपुर : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने 25वीं छत्तीसगढ़ स्टेट जूनियर रैंकिंग बैडमिंटन टूर्नामेंट का किया शुभारंभ</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने 25वीं छत्तीसगढ़ स्टेट जूनियर रैंकिंग बैडमिंटन टूर्नामेंट का किया शुभारंभ रायपुर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने राजनांदगांव के दिग्विजय स्टेडियम में जिला बैडमिंटन एसोसिएशन द्वारा आयोजित 25वीं छत्तीसगढ़ स्टेट जूनियर रैंकिंग बैडमिंटन टूर्नामेंट का शुभारंभ किया। … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 12:45:33 +0530</pubDate>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने 25वीं छत्तीसगढ़ स्टेट जूनियर रैंकिंग बैडमिंटन टूर्नामेंट का किया शुभारंभ</strong></p>
<p>
<strong>रायपुर</strong><br>
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने राजनांदगांव के दिग्विजय स्टेडियम में जिला बैडमिंटन एसोसिएशन द्वारा आयोजित 25वीं छत्तीसगढ़ स्टेट जूनियर रैंकिंग बैडमिंटन टूर्नामेंट का शुभारंभ किया। प्रतियोगिता में अंडर-19 बालक एवं बालिका वर्ग के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता 9 अगस्त से 13 अगस्त 2026 तक आयोजित की जा रही है।<br>
    <br>
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाडिय़ों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राजनांदगांव में प्रदेश स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता का आयोजन होना गर्व की बात है। उन्होंने खिलाडिय़ों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाएं। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। हॉकी, फुटबॉल, क्रिकेट, बास्केटबॉल, बैडमिंटन, जूडो, कराटे और कुश्ती सहित विभिन्न खेलों में यहां के खिलाड़ी लगातार आगे बढ़ रहे हैं। </p>
<p>विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि राजनांदगांव को खेल नगरी के रूप में और अधिक विकसित करने के लिए खेल अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। खिलाडिय़ों की आवश्यकता के अनुरूप मैदान, कोर्ट, प्रशिक्षण सुविधाएं और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा खेलों को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर राशि का प्रावधान किया गया है। खिलाडिय़ों के प्रशिक्षण, कोचिंग और प्रशिक्षकों के विशेष प्रशिक्षण के साथ-साथ खेल अधोसंरचना के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खेल प्रतिभाओं को आगे बढऩे के लिए बेहतर अवसर और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि राजनांदगांव के बच्चे भी खेलों के प्रति उत्साह के साथ मैदानों में पहुंच रहे हैं। सुबह बड़ी संख्या में बच्चे हॉकी, फुटबॉल और क्रिकेट सहित विभिन्न खेलों का अभ्यास करते दिखाई देते हैं। यह राजनांदगांव की खेल संस्कृति और यहां की प्रतिभाओं की मजबूत नींव को दर्शाता है। उन्होंने खिलाडिय़ों से कहा कि वे अनुशासन, निरंतर अभ्यास और मेहनत के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राजनांदगांव के खिलाड़ी प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।<br>
    <br>
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सभी खिलाडिय़ों और आयोजकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि राजनांदगांव संस्कारधानी के साथ-साथ अब खेलों की राजधानी के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। ज्ञानेश्वरी यादव जैसे प्रतिभाशाली खिलाडिय़ों ने विश्व स्तर पर राजनांदगांव का नाम रोशन किया है और जिले में ऐसी अनेक खेल प्रतिभाएं मौजूद हैं। उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाडिय़ों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संदेश जो खेलेगा, वही खिलेगा को आत्मसात करते हुए खिलाड़ी पूरी लगन और मेहनत के साथ खेलें, आगे बढ़ें और देश का नाम रोशन करें। </p>
<p>उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि प्रदेश में सरकार बनने के बाद खेल और खिलाडिय़ों की तरक्की एवं बेहतरी के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। उत्कृष्ट खिलाडिय़ों की लंबित घोषणा को पूरा करते हुए इस वर्ष 156 खिलाडिय़ों को उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित किया गया है, जो सरकार की खेलों और खिलाडिय़ों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विकास के साथ विभिन्न खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार बड़े आयोजन किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के लिए 100 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है, जिसका उपयोग खेल अधोसंरचना, प्रशिक्षण और खिलाडिय़ों की सुविधाओं के विकास के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बैडमिंटन एसोसिएशन द्वारा अधोसंरचना के संबंध में प्रस्ताव दिए जाने पर आवश्यकतानुसार बजट का प्रावधान करने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रतियोगिता सफल होगी और यहां से प्रतिभाशाली खिलाड़ी निकलकर प्रदेश एवं देश का नाम रोशन करेंगे।<br>
    <br>
सांसद संतोष पाण्डेय ने प्रतियोगिता में शामिल खिलाडिय़ों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राजनांदगांव में वॉलीबॉल, फुटबॉल, हॉकी और बैडमिंटन सहित विभिन्न खेलों में प्रतिभाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव के खिलाडिय़ों ने अपनी प्रतिभा के बल पर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है, जो जिले के लिए गर्व की बात है। उन्होंने उपस्थित खिलाडिय़ों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे मेहनत और लगन के साथ खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ें। सांसद पाण्डेय ने दिग्विजय स्टेडियम परिसर में उपलब्ध भवन एवं अन्य संसाधनों का खिलाडिय़ों के हित में बेहतर उपयोग करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बैडमिंटन सहित अन्य खेलों के प्रशिक्षण एवं अभ्यास के लिए आवश्यक अधोसंरचना विकसित की जानी चाहिए, ताकि राजनांदगांव के खिलाडिय़ों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष विक्रम सिंह सिसोदिया, राजगामी संपदा न्यास के अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा साहू, कोमल सिंह राजपूत, रमेश पटेल, राजेश श्यामकर, योगेश बागड़ी और सीईओ जिला पंचायत दुर्गा प्रसाद अधिकारी सहित में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, जिला बैडमिंटन एसोसिएशन के पदाधिकारी, कोच, प्रशिक्षक एवं खिलाड़ी उपस्थित थे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>युवाओं का हित सर्वोपरि: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर पुलिस भर्ती मुख्य परीक्षा की तिथियों में बदलाव</title>
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<description><![CDATA[ युवाओं का हित सर्वोपरि: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर पुलिस भर्ती मुख्य परीक्षा की तिथियों में बदलाव शिक्षक भर्ती और पुलिस भर्ती परीक्षा की तिथियां टकराने से अभ्यर्थियों को हो रही थी परेशानी, मुख्यमंत्री ने लिया त्वरित संज्ञान अब सूबेदार, उप निरीक्षक संवर्ग एवं प्लाटून कमांडर मुख्य परीक्षा 02, 03 एवं 04 नवम्बर … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 12:45:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>युवाओं, का, हित, सर्वोपरि:, मुख्यमंत्री, विष्णु, देव, साय, के, निर्देश, पर, पुलिस, भर्ती, मुख्य, परीक्षा, की, तिथियों, में, बदलाव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>युवाओं का हित सर्वोपरि: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर पुलिस भर्ती मुख्य परीक्षा की तिथियों में बदलाव</strong></p>
<p><strong>शिक्षक भर्ती और पुलिस भर्ती परीक्षा की तिथियां टकराने से अभ्यर्थियों को हो रही थी परेशानी, मुख्यमंत्री ने लिया त्वरित संज्ञान</strong></p>
<p><strong>अब सूबेदार, उप निरीक्षक संवर्ग एवं प्लाटून कमांडर मुख्य परीक्षा 02, 03 एवं 04 नवम्बर को होगी आयोजित</strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री साय ने कहा – परीक्षा तिथियों के टकराव से कोई भी पात्र युवा अवसर से वंचित न रहे</strong></p>
<p><strong>रायपुर</strong><br>
 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के युवाओं के हित में संवेदनशील निर्णय लेते हुए शिक्षक भर्ती परीक्षा और सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमांडर मुख्य परीक्षा की तिथियां एक साथ होने से अभ्यर्थियों को हो रही परेशानी का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को परीक्षा तिथियों में आवश्यक बदलाव के निर्देश दिए थे।  छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमांडर (मुख्य) परीक्षा-2024 की संशोधित तिथियां घोषित कर दी हैं।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा गृह (पुलिस) विभाग के अंतर्गत सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमांडर परीक्षा-2024 की प्रारंभिक लिखित परीक्षा का परिणाम 04 अगस्त 2026 को जारी किया गया था। इसके साथ मुख्य परीक्षा के आयोजन के लिए 24, 25 एवं 26 अक्टूबर 2026 की संभावित तिथियां निर्धारित की गई थीं। इसी दौरान 25 अक्टूबर 2026 को शिक्षक भर्ती परीक्षा भी आयोजित होने के कारण दोनों परीक्षाओं की तिथियों में टकराव की स्थिति बन गई थी। इससे दोनों परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के सामने किसी एक परीक्षा से वंचित होने की आशंका उत्पन्न हो गई थी।</p>
<p>अभ्यर्थियों की इस व्यावहारिक समस्या की जानकारी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के संज्ञान में आने पर उन्होंने तत्काल अधिकारियों को युवाओं के हित में समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा मुख्य परीक्षा की पूर्व निर्धारित तिथियों में परिवर्तन किया गया है। अब सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमांडर (मुख्य) परीक्षा-2024 का आयोजन 02, 03 एवं 04 नवम्बर 2026 को किया जाएगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री साय ने कहा कि युवाओं का हित हमारी सरकार के लिए सर्वोपरि है। प्रदेश के युवाओं को आगे बढ़ने का हर अवसर मिले और केवल परीक्षा तिथियों के टकराव के कारण कोई भी पात्र अभ्यर्थी अवसर से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में युवा वर्षों तक कठिन परिश्रम करते हैं। ऐसे में प्रशासनिक अथवा परीक्षा कार्यक्रम से जुड़ी किसी व्यावहारिक समस्या के कारण उनके सामने दो अवसरों में से किसी एक को चुनने की विवशता नहीं होनी चाहिए। राज्य सरकार युवाओं की आकांक्षाओं के प्रति संवेदनशील है और उनके भविष्य से जुड़े विषयों पर तत्परता से निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध है।</p>
<p>छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने मुख्य परीक्षा के लिए चिन्हांकित अभ्यर्थियों को पृथक से ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत करने की सलाह दी है। इस संबंध में विस्तृत सूचना आयोग द्वारा अलग से जारी की जाएगी। अभ्यर्थियों से आयोग की वेबसाइट का नियमित अवलोकन करने को कहा गया है।</p>
<p>मुख्यमंत्री साय ने आगामी भर्ती परीक्षाओं में सम्मिलित होने वाले सभी अभ्यर्थियों को उज्ज्वल भविष्य और सफलता के लिए शुभकामनाएं दी हैं।</p>]]> </content:encoded>
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<title>रायपुर : बगिया में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुनी आम लोगों की आवाज, समस्याओं के निराकरण के दिए सख्त निर्देश</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर : बगिया में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुनी आम लोगों की आवाज, समस्याओं के निराकरण के दिए सख्त निर्देश इलाज, आर्थिक सहायता, शिक्षा, रोजगार और प्रधानमंत्री आवास से जुड़ी मांगें लेकर पहुंचे नागरिक मुख्यमंत्री ने कहा—जनता की समस्याओं का समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रायपुर बगिया में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 12:45:26 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>रायपुर, बगिया, में, मुख्यमंत्री, विष्णु, देव, साय, ने, सुनी, आम, लोगों, की, आवाज, समस्याओं, के, निराकरण, के, दिए, सख्त, निर्देश</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर : बगिया में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुनी आम लोगों की आवाज, समस्याओं के निराकरण के दिए सख्त निर्देश</strong></p>
<p><strong>इलाज, आर्थिक सहायता, शिक्षा, रोजगार और प्रधानमंत्री आवास से जुड़ी मांगें लेकर पहुंचे नागरिक</strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री ने कहा—जनता की समस्याओं का समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता</strong></p>
<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>बगिया में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुनी आम लोगों की आवाज, समस्याओं के निराकरण के दिए सख्त निर्देशबगिया में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुनी आम लोगों की आवाज, समस्याओं के निराकरण के दिए सख्त निर्देश</p>
<p>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय, बगिया में आम नागरिकों से भेंट-मुलाकात कर उनकी समस्याएं और मांगें सुनीं। मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे नागरिकों ने इलाज, आर्थिक सहायता, शिक्षा, रोजगार, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न विषयों से जुड़ी अपनी समस्याएं और आवश्यकताएं उनके समक्ष रखीं।</p>
<p>मुख्यमंत्री साय ने नागरिकों की समस्याओं को पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता से सुना तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रत्येक प्रकरण का नियमानुसार परीक्षण कर समयबद्ध तरीके से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का मूल उद्देश्य आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। जनसमस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनहित से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए नागरिकों को शासन की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ सहजता से उपलब्ध कराया जाए।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आम नागरिक अपनी समस्याओं को लेकर दूर-दराज से मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय तक पहुंचते हैं, इसलिए उनके प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ-साथ शिकायतों के निराकरण की नियमित समीक्षा करने के भी निर्देश दिए।</p>]]> </content:encoded>
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<title>CM साय आज जाएंगे जशपुर, मिनीमाता की जयंती पर देंगे श्रद्धांजलि और करेंगे पुष्पांजलि</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर दौरे पर रहेंगे. वे सुबह मुख्यमंत्री निवास से पुलिस ग्राउंड हेलीपेड पहुंचेंगे और दोपहर 12 बजे हेलीकॉप्टर से जशपुर के लिए रवाना होंगे. दोपहर 1:20 बजे सलियाटोली हेलीपेड पहुंचने के बाद कार से कुनकुरी जाएंगे, जहां दोपहर 1:30 बजे से 3:30 बजे तक आयोजित तिरंगा यात्रा में शामिल होंगे. … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 12:45:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>साय, आज, जाएंगे, जशपुर, मिनीमाता, की, जयंती, पर, देंगे, श्रद्धांजलि, और, करेंगे, पुष्पांजलि</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर दौरे पर रहेंगे. वे सुबह मुख्यमंत्री निवास से पुलिस ग्राउंड हेलीपेड पहुंचेंगे और दोपहर 12 बजे हेलीकॉप्टर से जशपुर के लिए रवाना होंगे.</p>
<p>दोपहर 1:20 बजे सलियाटोली हेलीपेड पहुंचने के बाद कार से कुनकुरी जाएंगे, जहां दोपहर 1:30 बजे से 3:30 बजे तक आयोजित तिरंगा यात्रा में शामिल होंगे. इसके बाद शाम 3:30 बजे कुनकुरी से रवाना होकर शाम 4 बजे बगिया पहुंचेंगे, जहां वे रात्रि विश्राम करेंगे.</p>
<p><strong>मिनीमाता की पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि कार्यक्रम</strong><br>
<strong>रायपुर.</strong> छत्तीसगढ़ की महान समाजसेविका और जननेता मिनीमाता की पुण्यतिथि पर 11 अगस्त को रायपुर के न्यू बस स्टैंड पंडरी स्थित उनकी प्रतिमा के सामने सुबह 11 बजे पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. उपस्थितजन प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे. नगर निगम के संस्कृति विभाग और जोन क्रमांक-2 द्वारा कार्यक्रम स्थल की विशेष साफ-सफाई, पुष्प सज्जा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई  हैं. कार्यक्रम में मिनीमाता के सामाजिक योगदान, समाज सुधार और जनसेवा को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी.</p>
<p><strong>पप्पू यादव-राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन आज</strong><br>
<strong>रायपुर. </strong>अखिल भारतीय संत समिति संसद परिसर में सनातन विरोधी स्वांग रचने वाले सांसद पप्पू यादव, राहुल गांधी और अवधेश प्रसाद से बेहद नाराज है. संत समिति ने 11 अगस्त मंगलवार को राजधानी के श्री दूधाधारी सत्संग भवन मठपारा (टिकरापारा) में विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम आहूत किया है, जिसमें संत समाज, पुजारी, कथावाचक तीनों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करेंगे. समिति का कहना है कि अयोध्या के श्रीराम मंदिर में हुई चोरी संत समाज या पुजारी ने नहीं, बल्कि कर्मचारियों ने की है, बावजूद इसके सनातन विरोधी स्वांग रचकर संत समाज को बदनाम किया जा रहा है.</p>]]> </content:encoded>
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<title>CG के ‘गुटखा किंग’ गुरमुख जुमनानी पर GST का शिकंजा, ‘सितार’ गुटखे पर ₹317 करोड़ की टैक्स&#45;पेनल्टी</title>
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<description><![CDATA[ दुर्ग. दुर्ग के चर्चित गुटखा कारोबारी गुरमुख जुमनानी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राज्य जीएसटी विभाग ने उसके खिलाफ 317 करोड़ रुपये की टैक्स और पेनल्टी का आदेश जारी किया है। विभाग के आदेश अनुसार निर्धारित राशि 90 दिन के भीतर जमा करनी होगी। राज्य जीएसटी विभाग की जांच में प्रतिबंधित तंबाकू युक्त गुटखे के … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 12:45:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>के, ‘गुटखा, किंग’, गुरमुख, जुमनानी, पर, GST, का, शिकंजा, ‘सितार’, गुटखे, पर, ₹317, करोड़, की, टैक्स-पेनल्टी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>दुर्ग.</strong></p>
<p>दुर्ग के चर्चित गुटखा कारोबारी गुरमुख जुमनानी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राज्य जीएसटी विभाग ने उसके खिलाफ 317 करोड़ रुपये की टैक्स और पेनल्टी का आदेश जारी किया है। विभाग के आदेश अनुसार निर्धारित राशि 90 दिन के भीतर जमा करनी होगी।</p>
<p>राज्य जीएसटी विभाग की जांच में प्रतिबंधित तंबाकू युक्त गुटखे के कारोबार से जुड़े कई तथ्य सामने आने का दावा किया गया है। विभाग के मुताबिक करीब पांच वर्षों से प्रदेशभर में नेटवर्किंग के जरिए यह कारोबार संचालित किया जा रहा था। जांच में सामने आया कि ‘सितार’ नाम से गुटखा तैयार कर उसे प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई किया जाता था। विभाग ने जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पांच वर्षों के कारोबार की गणना की और इसी आधार पर बकाया टैक्स व पेनल्टी की राशि निर्धारित की।</p>
<p><strong>कोर्ट में चालान पेश, तीन कर्मचारी बने सरकारी गवाह</strong><br>
जीएसटी विभाग के अधिकारियों के मुताबिक गुरमुख जुमनानी के खिलाफ कोर्ट में चालान भी पेश किया जा चुका है। मामले की जांच के दौरान उसके तीन कर्मचारियों को सरकारी गवाह बनाया गया है। अधिकारियों के अनुसार इन कर्मचारियों से एफिडेविट भी लिया गया है। इसका मकसद यह है कि यदि वे बाद में कोर्ट में अपने बयान से मुकरते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सके।</p>
<p><strong>12 संपत्तियां विभाग की नजर में</strong><br>
जांच के दौरान जीएसटी विभाग ने गुरमुख जुमनानी के मालिकाना हक वाली 12 संपत्तियों को चिन्हित किया है। विभाग के मुताबिक यदि 90 दिन की निर्धारित अवधि में 317 करोड़ रुपये की टैक्स-पेनल्टी राशि जमा नहीं की जाती है तो इन संपत्तियों को कुर्क कर बकाया रकम की वसूली की जा सकती है। जांच में यह भी जानकारी सामने आई कि ‘सितार’ गुटखा बनाने का फार्मूला तैयार करने छिंदवाड़ा से एक कर्मचारी बुलाया था। इसके बाद गुटखे के निर्माण और सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जांच की गई।</p>
<p><strong>जुलाई 2025 में जोरातराई और गनियारी की फैक्ट्रियों में छापा</strong><br>
जीएसटी विभाग की टीम ने जुलाई 2025 में गुरमुख जुमनानी से जुड़ी जोरातराई और गनियारी स्थित फैक्ट्रियों में छापा मारा था। जांच के दौरान अधिकारियों को दोनों फैक्ट्रियों में गुटखे की सिर्फ पैकिंग किए जाने की जानकारी मिली। इसके बाद जांच टीम ने कारोबारी के बेटे सागर जुमनानी की राजनांदगांव स्थित कोमल फूड फैक्ट्री में भी जांच की। विभाग ने यहां भी गुटखे के निर्माण, पैकिंग और सप्लाई से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की। अब जीएसटी विभाग के 317 करोड़ रुपये के टैक्स-पेनल्टी आदेश के बाद कारोबारी को 90 दिन के भीतर राशि जमा करनी होगी। ऐसा नहीं होने पर विभाग द्वारा चिन्हित संपत्तियों की कुर्की कर रकम की वसूली की कार्रवाई की जा सकती है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>‘सुयशक्ति’ पुरस्कार से महिला उद्यमियों को किया गया सम्मानित और प्रोत्साहित</title>
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<description><![CDATA[ ​चेन्नई महिला उद्यमियों और उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को पहचान देने और उन्हें प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से, शक्ति मसाला पिछले नौ वर्षों से प्रतिष्ठित ‘सुयशक्ति’ पुरस्कार प्रदान करता आ रहा है। इसी पहल के तहत, इस वर्ष का पुरस्कार समारोह चेन्नई के चेटपट स्थिति आंडाल ऑडिटोरियम में भव्य रूप से आयोजित किया गया।​शक्ति … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 12:45:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>‘सुयशक्ति’, पुरस्कार, से, महिला, उद्यमियों, को, किया, गया, सम्मानित, और, प्रोत्साहित</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>​चेन्नई</strong></p>
<p>महिला उद्यमियों और उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को पहचान देने और उन्हें प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से, शक्ति मसाला पिछले नौ वर्षों से प्रतिष्ठित ‘सुयशक्ति’ पुरस्कार प्रदान करता आ रहा है। इसी पहल के तहत, इस वर्ष का पुरस्कार समारोह चेन्नई के चेटपट स्थिति आंडाल ऑडिटोरियम में भव्य रूप से आयोजित किया गया।​शक्ति मसाला द्वारा आयोजित इस पुरस्कार समारोह में तमिलनाडु के स्कूली शिक्षा मंत्री राजमोहन और वित्त मंत्री मारिया विल्सन ने विशेष अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर सांसद प्रवीण चक्रवर्ती और प्रसिद्ध अभिनेता सूरी भी उपस्थित रहे।</p>
<p>​कार्यक्रम की अध्यक्षता शक्ति मसाला के संस्थापक पी.सी. दुरैसामी और निदेशक शांति दुरैसामी ने की। इस कार्यक्रम में विधायक सौम्या अन्बुमणि और अभिनेत्री उर्वशी सहित कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया। शिक्षा, साहित्य, समाज सेवा, खाद्य, कला और संस्कृति जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को ‘सुयशक्ति’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।</p>
<p>​समारोह को संबोधित करते हुए विधायक सौम्या अन्बुमणि ने कहा कि उनके मायके और ससुराल दोनों की राजनीतिक पृष्ठभूमि रही है। डॉ. अन्बुमणि रामदास के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के रूप में कार्यकाल के दौरान की गई पहलों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सांप के काटने से होने वाली मौतों को रोकने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए थे।</p>
<p>​उन्होंने यह भी याद दिलाया कि उसी अवधि के दौरान 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई थी और सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी-स्नेक वेनम (सांप के जहर की दवा) की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास किए गए थे।<br>
​उन्होंने कहा, "मुझे धर्मपुरी के हर गांव का दौरा करना और लोगों से मिलना बहुत पसंद है। लोग ही मेरी प्रेरणा हैं। उन्हें देखकर मुझे खुशी होती है, और मुझे विश्वास है कि जब वे मुझे देखते हैं तो वे भी खुश होते हैं।"</p>
<p>​शक्ति मसाला के संस्थापक पी.सी. दुरैसामी ने अपने संबोधन में सौम्या अन्बुमणि के व्यक्तित्व और बात करने की शैली की सराहना की।<br>
​उन्होंने कहा, "सौम्या अन्बुमणि के भाषण रचनात्मक और सटीक होते हैं। वह एक उत्कृष्ट व्यक्तित्व के रूप में उभरी हैं। डॉ. अन्बुमणि रामदास इस कहावत का एक बेहतरीन उदाहरण हैं कि हर सफल महिला के पीछे एक पुरुष का हाथ होता है। मैं भी इसका एक उदाहरण हूँ।"​विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित और प्रोत्साहित करने वाले इस पुरस्कार समारोह को प्रतिभागियों और अतिथियों से काफी उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली।</p>]]> </content:encoded>
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<title>E20 पर बड़ा सवाल: ‘एथेनॉल के चक्कर में खाने के लाले न पड़ जाएं’, सरकार को किसने चेताया?</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली केंद्र सरकार की एथेनॉल-ब्लेंडेड फ्यूल की नीति पर कई विशेषज्ञों ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नीति से न केवल पर्यावरण और भूजल स्तर पर गहरा असर पड़ेगा, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा और कृषि व्यवस्था भी खतरे में पड़ सकती है। इसके साथ ही, विशेषज्ञों ने … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 12:45:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>E20, पर, बड़ा, सवाल:, ‘एथेनॉल, के, चक्कर, में, खाने, के, लाले, न, पड़, जाएं’, सरकार, को, किसने, चेताया</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>केंद्र सरकार की एथेनॉल-ब्लेंडेड फ्यूल की नीति पर कई विशेषज्ञों ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नीति से न केवल पर्यावरण और भूजल स्तर पर गहरा असर पड़ेगा, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा और कृषि व्यवस्था भी खतरे में पड़ सकती है। इसके साथ ही, विशेषज्ञों ने सरकार को सलाह दी है कि एथेनॉल वाले पेट्रोल की कीमतें कम की जानी चाहिए, क्योंकि इससे गाड़ियों का माइलेज घट रहा है और इंजनों के कलपुर्जों के जल्दी खराब होने से उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।</p>
<p>सोमवार को 'इंडियन वीमेंस प्रेस कॉर्प्स' द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में इन अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। इस परिचर्चा में दिल्ली साइंस फोरम के वैज्ञानिक व सामाजिक कार्यकर्ता डी रघुनंदन, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के पूर्व सचिव सिराज हुसैन, और नीति आयोग के पूर्व सदस्य रमेश चंद शामिल थे।</p>
<p><strong>'भोजन' की बजाय 'ईंधन' वाली खेती की ओर बढ़ रहा देश</strong><br>
दिल्ली साइंस फोरम के डी रघुनंदन ने कहा कि एथेनॉल फ्यूल नीति ने भारतीय कृषि क्षेत्र की दिशा ही बदल दी है। अब हमारी खेती 'भोजन-उन्मुख' से 'ईंधन-उन्मुख' हो गई है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि एथेनॉल बनाने के लिए मक्के का भारी इस्तेमाल हो रहा है। इसका नतीजा यह है कि जो भारत पहले दुनिया को मक्के का निर्यात करता था, आज उसे अपनी घरेलू मांग पूरी करने के लिए मक्के का आयात करना पड़ रहा है। रघुनंदन ने इसे एक "विघटनकारी नीति" करार दिया, जो पानी के अत्यधिक दोहन और कृषि के पारंपरिक पैटर्न को बिगाड़ रही है।</p>
<p><strong>चावल-चीनी के सरप्लस से निपटने की कोशिश</strong><br>
नीति आयोग के पूर्व सदस्य रमेश चंद ने बताया कि हाल के वर्षों में सरकार ने चावल और चीनी के सरप्लस (जरूरत से ज्यादा) उत्पादन से निपटने के लिए ही एथेनॉल फ्यूल को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने चावल और चीनी की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की है, जो अंतरराष्ट्रीय और खुले बाजार की कीमतों से ज्यादा है। ऐसे में यह बचा हुआ स्टॉक न तो देश के अंदर खप पा रहा है और न ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में खरीदा जा रहा है।</p>
<p>चंद ने जोर देकर कहा कि देश में धान की खेती वाले एक बड़े हिस्से को मक्के की खेती से रिप्लेस करने की सख्त जरूरत है। धान की खेती में बहुत ज्यादा पानी लगता है और इससे मीथेन जैसी ग्रीनहाउस गैस भी भारी मात्रा में निकलती है।</p>
<p><strong>भारत की तुलना ब्राजील से करना गलत</strong><br>
पूर्व सचिव सिराज हुसैन ने स्पष्ट किया कि भारत के एथेनॉल प्रोग्राम की तुलना ब्राजील से नहीं की जा सकती। ब्राजील सालाना 45 मिलियन टन चीनी का उत्पादन करता है और उसमें से 36 मिलियन टन एक्सपोर्ट कर देता है। वहां की आबादी काफी कम है और खेती के लिए जमीन का बहुत बड़ा हिस्सा मौजूद है।</p>
<p>हुसैन ने चेतावनी देते हुए कहा, "कई स्टडीज बताती हैं कि जलवायु परिवर्तन के कारण भविष्य में भारत के कृषि उत्पादन में 25 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है, इसलिए ब्राजील से हमारी तुलना करना बिल्कुल गलत है।"</p>
<p><strong>E20 फ्यूल बंद करने की उठी मांग</strong><br>
रघुनंदन ने सरकार को सुझाव दिया कि उसे 20% एथेनॉल वाले 'E20' फ्यूल का इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए और वापस 'E10' (10% एथेनॉल) पर लौट जाना चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि वर्तमान में एथेनॉल के इस्तेमाल का खामियाजा सिर्फ पर्यावरण और आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है, जबकि किसानों को इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। अगर E20 बंद होता है, तो नुकसान सिर्फ उन लगभग 400 डिस्टिलरीज को होगा जिन्होंने एथेनॉल बनाने का सेटअप लगाया है। सरकार चाहे तो उन्हें आसानी से इसका मुआवजा दे सकती है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>प्रदेश में साढ़े 3 लाख मेट्रिक टन मूंग की खरीदी</title>
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<description><![CDATA[ प्रदेश में साढ़े 3 लाख मेट्रिक टन मूंग की खरीदी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की मूंग खरीदी की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में मूंग की खरीदी कार्य की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मूंग खरीदी कार्य में कोई अनियमितता नहीं होना चाहिए। मंत्रालय में आयोजित बैठक … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 12:15:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>प्रदेश, में, साढ़े, लाख, मेट्रिक, टन, मूंग, की, खरीदी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>प्रदेश में साढ़े 3 लाख मेट्रिक टन मूंग की खरीदी</strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की मूंग खरीदी की समीक्षा</strong></p>
<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में मूंग की खरीदी कार्य की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मूंग खरीदी कार्य में कोई अनियमितता नहीं होना चाहिए। मंत्रालय में आयोजित बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में करीब साढ़े तीन लाख मेट्रिक टन मूंग की खरीदी की जा चुकी है।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खरीदी के जुड़े कार्यों में गड़बड़ी करने वालों पर सख्त एक्शन लिया जाए। खरीदी कार्य में दोषी सिद्ध व्यक्तियों को ब्लेक लिस्टेड करते हुए सख्त कार्यवाही की जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि भारत सरकार से 4 लाख 54 लाख टन मूंग खरीदी का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसके मुकाबले प्रदेश में खरीदी कार्य प्रगति पर है। प्रदेश के तीन लाख 47 हजार किसानों द्वारा पंजीयन करवाया गया था। इनमें से 3.42 लाख किसानों का सत्यापन सम्पन्न हुआ। बैठक से कृषि मंत्री एंदल सिंह कंषाना भी वर्चुअली जुड़े। मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>सकारात्मक विचार और श्रेष्ठ संगति ही जीवन की दिशा तय करते हैं: मंत्री टंक राम वर्मा</title>
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<description><![CDATA[ सकारात्मक विचार और श्रेष्ठ संगति ही जीवन की दिशा तय करते हैं: मंत्री टंक राम वर्मा सारंगढ़ के शासकीय लोचन प्रसाद पांडेय महाविद्यालय का स्थापना दिवस समारोह उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने जनभागीदारी मद निर्मित कक्ष का किया लोकार्पण ​रायपुर,  शासकीय लोचन प्रसाद पांडेय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सारंगढ़ के स्थापना दिवस के अवसर पर … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 11:45:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>सकारात्मक, विचार, और, श्रेष्ठ, संगति, ही, जीवन, की, दिशा, तय, करते, हैं:, मंत्री, टंक, राम, वर्मा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सकारात्मक विचार और श्रेष्ठ संगति ही जीवन की दिशा तय करते हैं: मंत्री टंक राम वर्मा</strong></p>
<p><strong>सारंगढ़ के शासकीय लोचन प्रसाद पांडेय महाविद्यालय का स्थापना दिवस समारोह</strong></p>
<p><strong>उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने जनभागीदारी मद निर्मित कक्ष का किया लोकार्पण</strong></p>
<p><strong>​रायपुर, </strong><br>
शासकीय लोचन प्रसाद पांडेय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सारंगढ़ के स्थापना दिवस के अवसर पर राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने विद्यार्थियों को अकादमिक शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद, पठन-पाठन, कला, गायन एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।  उन्होंने कहा कि मनुष्य के विचार ही उसके जीवन में वास्तविक बदलाव लाते हैं। श्रेष्ठ विचारों का निर्माण अच्छी संगति से ही संभव है। उन्होंने पौराणिक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए स्पष्ट किया कि गुरु द्रोणाचार्य के सानिध्य के बावजूद गलत संगति के कारण दुर्योधन का पतन हुआ। ​</p>
<p>     मंत्री वर्मा ने कहा कि राज्य में 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020' को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शिक्षा एवं जिला विकास के लिए पर्याप्त बजटीय प्रावधान किए गए हैं, जिसके अंतर्गत सारंगढ़ में ऑडिटोरियम निर्माण सहित अन्य विकास कार्य गति पकड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को साकार करने में युवा शक्ति की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।</p>
<p>      मंत्री वर्मा ने कहा कि जब कुम्हार ने चिलम बनाने के स्थान पर शीतल जल प्रदान करने वाली सुराही बनाने का निर्णय लिया, तो मिट्टी का रूप और उद्देश्य दोनों बदल गए। यदि विचार सकारात्मक हों, तो वे स्वयं के जीवन को संवारने के साथ-साथ समाज को भी शीतलता और शांति प्रदान करते हैं। इस दौरान उन्होंने कॉलेज परिसर में पौधरोपण किया l जनभागीदारी मद से निर्मित नवीन अतिरिक्त कक्ष का <strong>लोकार्पण भी किया।</strong></p>
<p><strong>महाविद्यालय में सुविधाओं का विस्तार और स्थानीय मांगें</strong></p>
<p>         ​कार्यक्रम में सारंगढ़ विधायक उत्तरी जांगड़े ने नवीन कक्ष के निर्माण पर बधाई देते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने महाविद्यालय में सेमिनार हॉल निर्माण की मांग रखी। प्राचार्य ने संस्था का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए स्नातकोत्तर स्तर पर संस्कृत एवं गणित विषय प्रारंभ करने तथा सेमिनार हॉल की आवश्यकता से अवगत कराया। </p>
<p>    इस अवसर पर ​जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, पूर्व विधायक श्रीमती केराबाई मनहर,स्थानीय जनप्रतिनिधि, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, महाविद्यालय के प्राध्यापक, एनसीसी एवं एनएसएस के कैडेट्स तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>लाल सागर में उतरी भारतीय नौसेना! हूतियों के हमले का दिया जवाब, INS आदित्य&#45;त्रिशूल एक्शन में</title>
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<description><![CDATA[ मुंबई  लाल सागर में बढ़ते खतरे के बीच भारत ने अब साफ संकेत दे दिया है कि अपने समुद्री हितों की सुरक्षा के लिए वह किसी और पर निर्भर नहीं रहेगा. भारतीय नेवी ने भारत से जुड़े दो तेल टैंकरों को यहां से सुरक्षित एस्कॉर्ट किया है. कुछ दिनों पहले भारतीय झंडे वाले एक जहाज … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 11:30:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>लाल, सागर, में, उतरी, भारतीय, नौसेना, हूतियों, के, हमले, का, दिया, जवाब, INS, आदित्य-त्रिशूल, एक्शन, में</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंबई </strong></p>
<p>लाल सागर में बढ़ते खतरे के बीच भारत ने अब साफ संकेत दे दिया है कि अपने समुद्री हितों की सुरक्षा के लिए वह किसी और पर निर्भर नहीं रहेगा. भारतीय नेवी ने भारत से जुड़े दो तेल टैंकरों को यहां से सुरक्षित एस्कॉर्ट किया है. कुछ दिनों पहले भारतीय झंडे वाले एक जहाज पर हमला हुआ था और वो डूब गया था. इसके बाद भारतीय नौसेना खुद मैदान में उतर गई है और हाई-रिस्क जोन में एक्टिव ऑपरेशन शुरू कर दिए हैं. यमन के पास एक भारतीय जहाज पर हमले के बाद स्थिति अचानक बदल गई. यह सिर्फ एक घटना नहीं थी, बल्कि एक चेतावनी थी कि लाल सागर अब सुरक्षित वैकल्पिक रूट भी नहीं रहा। </p>
<p>इसी के बाद भारतीय नौसेना ने बाब-अल-मंदेब जैसे संवेदनशील जलडमरूमध्य में सीधे दखल देते हुए दो क्रूड ऑयल टैंकरों MT Compass और MT Thalatta को सुरक्षित बाहर निकाला. भारतीय नौसेना ने बाब-अल-मंदेब जैसे खतरनाक इलाके में दो तेल टैंकरों को अपनी सुरक्षा में बाहर निकाला. INS Trishul और INS Aditya ने 9 और 10 अगस्त को इन जहाजों को एस्कॉर्ट किया। </p>
<p>
<strong>क्यों अहम है बाब-अल-मंदेब?</strong><br>
बाब-अल-मंदेब दुनिया के सबसे अहम समुद्री चोकपॉइंट्स में से एक है, जो लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है. जब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को ब्लॉक किया, तो सऊदी ने तेल बेचने के लिए लाल सागर का रास्ता चुना. क्योंकि वह पूर्व और पश्चिम दोनों तरफ से समुद्र से जुड़ा है. कई तेल टैंकरों ने इसी रूट को विकल्प के तौर पर चुना. लेकिन अब यहां भी ईरान के समर्थन वाले हूती विद्रोहियों के <strong>हमले बढ़ने से यह रास्ता भी जोखिम में आ गया है. यानी दुनिया के दोनों बड़े तेल रूट होर्मुज और बाब-अल-मंदेब एक साथ अस्थिर हैं। </strong></p>
<p><strong>हूती बने समुद्र के लिए नया खतरा</strong><br>
यमन के हूती विद्रोही लगातार जहाजों को निशाना बना रहे हैं. हालिया हमले में एक भारतीय झंडे वाला जहाज डूब गया, हालांकि सभी 14 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया. यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार ने इस हमले के पीछे हूतियों को जिम्मेदार ठहराया है, हालांकि समूह ने आधिकारिक तौर पर जिम्मेदारी नहीं ली. हूतियों ने 20 जुलाई को सऊदी अरब के रेड सी पोर्ट्स के खिलाफ ‘ब्लॉकेड’ का ऐलान भी किया था, जिससे पूरे इलाके में असुरक्षा और बढ़ गई है। </p>
<p><strong>भारत क्यों उतरा सीधे मैदान में?</strong><br>
भारतीय झंडे वाले जहाज के डूबने के बाद यह तय हो गया है कि अब ईरान-अमेरिका के जंग की आग हमारे घर तक पहुंच गई है. यही वजह है कि भारत को पहली बार इस तरह सीधे एस्कॉर्ट ऑपरेशन चलाना पड़ा है. अब तक समुद्री सुरक्षा के लिए बड़े देशों या अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था पर भरोसा किया जाता था, लेकिन मौजूदा हालात में वह व्यवस्था कमजोर पड़ती दिख रही है. भारत का यह कदम इसी बदलाव का संकेत है कि अब अपने जहाजों और ऊर्जा सप्लाई की सुरक्षा खुद करनी होगी। </p>]]> </content:encoded>
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<title>इंदौर अंडरग्राउंड मेट्रो में बड़ी तैयारी, ‘क्षिप्रा’ और ‘नर्मदा’ TBM एयरपोर्ट से BSF परिसर तक बनाएंगी सुरंग</title>
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<description><![CDATA[ इंदौर   शहर में अब भूमिगत मेट्रो के लिए सुरंग बनाने का कार्य जल्द शुरू होगा। एयरपोर्ट स्थित मेट्रो स्टेशन परिसर से दो टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) जिन्हें क्षिप्रा व नर्मदा नाम दिया गया है। इनके माध्यम से जमीन के 22 मीटर गहराई में दो सुरंगों निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। ये टीबीएम एयरपोर्ट से बीएसएफ … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 11:15:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>इंदौर, अंडरग्राउंड, मेट्रो, में, बड़ी, तैयारी, ‘क्षिप्रा’, और, ‘नर्मदा’, TBM, एयरपोर्ट, से, BSF, परिसर, तक, बनाएंगी, सुरंग</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इंदौर </strong><br>
 शहर में अब भूमिगत मेट्रो के लिए सुरंग बनाने का कार्य जल्द शुरू होगा। एयरपोर्ट स्थित मेट्रो स्टेशन परिसर से दो टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) जिन्हें क्षिप्रा व नर्मदा नाम दिया गया है। इनके माध्यम से जमीन के 22 मीटर गहराई में दो सुरंगों निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।</p>
<p>ये टीबीएम एयरपोर्ट से बीएसएफ परिसर के भूमिगत मेट्रो स्टेशन के सबसे पहले सुरंग बनाएगी। फिलहाल एक टनल बोरिंग ही इंदौर पहुंची है। ऐसे में इसे एयरपोर्ट भूमिगत मेट्रो स्टेशन परिसर में 28 मीटर गहराई में बने गड्ढे में अगले 10 दिन में उतारा जाएगा।</p>
<p>वही सितंबर तक दूसरी टनल बोरिंग मशीन के भी इंदौर पहुंचने की संभावना है। शनिवार को मेट्रो के एमडी एस कृष्ण चैतन्य ने टनल बोरिंग मशीन का निरीक्षण किया और भूमिगत सुरंग बनाने के संबंध में निर्माण एजेंसी के अधिकारियों से चर्चा भी की।<br>
इंदौर मे यलो लाइन मेट्रो</p>
<p><strong>    31.76 किमी :</strong> मेट्रो की रिंग निर्माण है प्रस्तावित ।<br>
<strong>    19.04 किमी :</strong> गांधी नगर स्टेशन से बंगाली चौराहे तक हिस्सा है एलिवेटेड।<br>
<strong>    12.72 किमी</strong> : एयरपोर्ट से बंगाली चौराहा तक का हिस्सा है भूमिगत ।</p>
<p><strong>    भूमिगत मेट्रो स्टेशन </strong>: कट एंड कवर (ऊपर से खुदाई कर निर्माण) पद्धति के तहत बाटम-अप (नीचे से ऊपर की ओर निर्माण) तरीके से किया जा रहा है।<br>
<strong>    मेट्रो की सुरंग :</strong> सुरंग बनाने के लिए टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) का होगा उपयोग।</p>
<p><strong>इस तरह होगा सुरंग का स्वरूप</strong><br>
    मिक्स्ड फेस शील्ड टीबीएम से जमीन के नीचे 18 से 22 मीटर की गहराई में सुरंग बनेगी। छोटा गणपति भूमिगत मेट्रो स्टेशन के पास 28 मीटर गहराई में सुरंग बनेगी।</p>
<p><strong>    सुरंग का व्यास लगभग 5.8 मीटर होगा।</strong></p>
<p>    टीबीएम मिट्टी को काटते हुए आगे बढ़ेगी और साथ ही सुरंग के भीतर सीमेंट-कांक्रीट की स्थायी प्रीकास्ट आरसीसी रिंग बनाएगी।</p>
<p><strong>सुरंग के ऊपर बने भवनों की सुरक्षा सेंसर से होगी सुनिश्चित</strong><br>
टीबीएम से सुरंग निर्माण के दौरान इस बात विशेष ध्यान रखा जाएगा कि जमीन के ऊपर रहने वाले आमजन, भवनों और अन्य संरचनाएं सुरक्षित रहे। सतह पर स्थित भवनों को किसी प्रकार की क्षति की आशंका को न्यूनतम रखने के लिए व्यापक सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं।</p>
<p>सुरंग निर्माण क्षेत्र के आसपास लगभग 30 मीटर के दायरे में आने वाले भवनों का भवन स्थिति सर्वेक्षण भवन मालिकों की उपस्थिति में किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, जमीन और भवनों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के लिए विस्तृत उपकरण निगरानी प्रणाली तैयार की गई है।</p>
<p>लगाए जाने वाले सेंसर जमीन अथवा भवनों में होने वाले अत्यंत मामूली बदलाव की भी जानकारी विशेषज्ञों को उपलब्ध कराएंगे, ताकि आवश्यकता होने पर समय रहते उचित सुधारात्मक कार्रवाई की जा सके। </p>
<p><strong>अग्निरोधी सामग्री का होगा उपयोग, सुरंग में वेंटिलेशन के लिए पर्याप्त होगा इंतजाम</strong><br>
टीबीएम में किसी भी अप्रत्याशित भूगर्भीय परिस्थिति से सुरक्षित एवं प्रभावी ढंग से निपटने के लिए कई अंतर्निर्मित सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध हैं। मशीन में गैर-ज्वलनशील एवं अग्निरोधी सामग्री का उपयोग किया गया है। इसके अलावा टीबीएम में स्वचालित गैस पहचान सेंसर लगाए गए हैं।</p>
<p>सुरंग में ऑक्सीजन, तापमान एवं आर्द्रता का निर्धारित स्तर बनाए रखने के लिए बाहरी बलपूर्वक वेंटिलेशन प्रणाली की व्यवस्था की गई है। सुरंग में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा के लिए हाइपरबैरिक चैंबर एवं आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाएं भी स्थापित की जा रही हैं।</p>
<p><strong>मेट्रो के कमर्शियल रन की तैयारियां शुरू</strong><br>
मेट्रो प्रबंधन द्वारा सुपर कारिडोर से रेडिसन चौराहे तक तक कर्मशियल रन की तैयारी शुरु कर दी गई। कमिश्नर आफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी द्वारा अगले एक सप्ताह में एनओसी जारी कर दी जाएगी। यह दूसरी बार जारी एनओसी होगी। ऐसे में अगस्त माह के अंत तक मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू किया जाएगा।</p>
<p>शनिवार को मेट्रो के एमडी एस कृष्ण चैतन्य ने मेट्रो के बैठकर सुपर कारिडोर से रेडिसन चौराहे तक हुए मेट्रो कार्य का निरीक्षण किया गया। प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य ने कहा कि इंदौर मेट्रो शहरवासियों के लिए एक आधुनिक और विश्वस्तरीय सार्वजनिक परिवहन साधन है।</p>
<p>परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आगे बढ़ाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यात्रियों की सुविधा के साथ-साथ सुरक्षा के सभी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>Bajaj Pulsar N160 S और N160 SS लॉन्च, दमदार इंजन के साथ मिले नए फीचर्स; जानें कीमत और खासियतें</title>
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<description><![CDATA[ मुंबई  बजाज ऑटो ने अपनी लोकप्रिय पल्सर श्रृंखला का विस्तार करते हुए भारतीय बाजार में N160 S और N160 SS को पेश किया है। दोनों नई मोटरसाइकिलों को मौजूदा N160 से अधिक दमदार इंजन और आधुनिक तकनीक के साथ बाजार में उतारा गया है। नई मोटरसाइकिलों में चार वाल्व वाला इंजन, अलग-अलग सवारी मोड, इलेक्ट्रॉनिक … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 11:00:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Bajaj, Pulsar, N160, और, N160, लॉन्च, दमदार, इंजन, के, साथ, मिले, नए, फीचर्स, जानें, कीमत, और, खासियतें</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंबई </strong></p>
<p>बजाज ऑटो ने अपनी लोकप्रिय पल्सर श्रृंखला का विस्तार करते हुए भारतीय बाजार में N160 S और N160 SS को पेश किया है। दोनों नई मोटरसाइकिलों को मौजूदा N160 से अधिक दमदार इंजन और आधुनिक तकनीक के साथ बाजार में उतारा गया है। नई मोटरसाइकिलों में चार वाल्व वाला इंजन, अलग-अलग सवारी मोड, इलेक्ट्रॉनिक थ्रॉटल और बेहतर कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं दी गई हैं। कंपनी ने इन्हें पल्सर की 25वीं वर्षगांठ के मौके पर पेश किया है। N160 S की कीमत 1,33,511 रुपये और N160 SS की कीमत 1,42,585 रुपये रखी गई है। ये दोनों कीमतें दिल्ली में प्रदर्शित शोरूम कीमत हैं। पहले से ज्यादा ताकतवर हुआ इंजन नई पल्सर N160 S और N160 SS में सबसे बड़ा बदलाव इनके इंजन में किया गया है। दोनों मोटरसाइकिलों में 164.5 घन सेंटीमीटर क्षमता वाला नया चार वाल्व इंजन दिया गया है। यह इंजन 18.5 हॉर्सपावर की अधिकतम शक्ति पैदा करता है। इसके मुकाबले मौजूदा पल्सर N160 में 164.9 घन सेंटीमीटर क्षमता वाला दो वाल्व इंजन मिलता है, जो 16 हॉर्सपावर की शक्ति देता है। यानी नई मोटरसाइकिलों को पहले की <strong>तुलना में ज्यादा ताकतवर बनाया गया है</strong>।<br>
नया इंजन अधिकतम 14.4 न्यूटन मीटर का टॉर्क पैदा करता है। कंपनी का दावा है कि यह मोटरसाइकिल महज 4.5 सेकंड में शून्य से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पकड़ सकती है। बजाज के अनुसार, इस प्रदर्शन के साथ नई N160 अपने वर्ग में सबसे तेज और ताकतवर मोटरसाइकिलों में शामिल हो जाती है।<br>
<strong>इलेक्ट्रॉनिक थ्रॉटल से बेहतर होगा नियंत्रण</strong><br>
नई N160 S और N160 SS में इलेक्ट्रॉनिक थ्रॉटल प्रणाली दी गई है। यह तकनीक चालक द्वारा थ्रॉटल घुमाने के अनुसार इंजन की प्रतिक्रिया को लगातार नियंत्रित करती है। इसका उद्देश्य मोटरसाइकिल की शक्ति को अधिक सहज तरीके से उपलब्ध कराना है। इससे अलग-अलग परिस्थितियों में मोटरसाइकिल चलाते समय चालक को बेहतर नियंत्रण मिलने की उम्मीद है।<br>
इस तकनीक की मदद से मोटरसाइकिल में चार अलग-अलग सवारी मोड दिए गए हैं। इनमें रेन, स्पोर्ट, रोड और ऑफ-रोड मोड शामिल हैं। सड़क और मौसम की स्थिति के अनुसार इन मोड को बदला जा सकता है। सामान्य शहर की सवारी के लिए रोड मोड, तेज और उत्साही सवारी के लिए स्पोर्ट मोड तथा कम पकड़ वाली सड़क पर रेन मोड उपयोगी हो सकता है। ऑफ-रोड मोड खराब या असमतल रास्तों पर मोटरसाइकिल के व्यवहार को अलग तरीके से नियंत्रित करता है।<br>
<strong>N160 SS में ट्रैक्शन कंट्रोल की सुविधा</strong><br>
दोनों में से अधिक महंगे N160 SS में ट्रैक्शन कंट्रोल भी दिया गया है। यह सुविधा इलेक्ट्रॉनिक थ्रॉटल प्रणाली के साथ मिलकर काम करती है और सड़क की पकड़ में बदलाव होने पर मोटरसाइकिल को नियंत्रित रखने में मदद करती है। खासतौर पर गीली, फिसलन वाली या ऐसी सड़क पर जहां टायर की पकड़ अचानक कम हो सकती है, यह तकनीक चालक के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।<br>
नई मोटरसाइकिलों में क्रॉल तकनीक भी दी गई है। इसे कम गति पर मोटरसाइकिल चलाने को आसान बनाने के लिए तैयार किया गया है। इसका फायदा खासतौर पर शहरों में लगने वाले बार-बार के यातायात जाम में मिल सकता है। कम गति पर ऊंचे गियर में भी मोटरसाइकिल को सहज तरीके से आगे बढ़ाने में यह तकनीक मदद करती है, जिससे चालक को बार-बार क्लच दबाने या गियर कम करने की जरूरत कम पड़ सकती है।<br>
<strong>N160 SS में 5 इंच की TFT स्क्रीन</strong><br>
N160 SS को तकनीक के मामले में N160 S से आगे रखा गया है। इसमें 5 इंच की TFT स्क्रीन दी गई है, जिस पर गूगल मैप्स के जरिए मार्ग निर्देशन की जानकारी दिखाई जा सकती है। बजाज का दावा है कि भारतीय बाजार में किसी स्पोर्ट्स मोटरसाइकिल में इस तरह की सुविधा पहली बार दी गई है।<br>
इस स्क्रीन के जरिए चालक को रास्ते की दिशा और मार्ग से जुड़ी जानकारी मोटरसाइकिल के उपकरण पटल पर ही मिल सकती है। इससे बार-बार मोबाइल फोन देखने की जरूरत कम हो सकती है और यात्रा के दौरान मार्गदर्शन अधिक सुविधाजनक हो सकता है।<br>
<strong>डिजाइन में भी किए गए बदलाव</strong><br>
N160 SS में तकनीकी बदलावों के साथ इसके बाहरी रूप को भी पहले से ज्यादा आकर्षक बनाया गया है। इसमें नए और अधिक धारदार ग्राफिक्स दिए गए हैं। इसके अलावा रंगीन मिश्रधातु के पहिए मोटरसाइकिल को स्पोर्टी रूप देते हैं। कंपनी ने हैंडलबार के कोण में भी बदलाव किया है, जबकि सीट की ऊंचाई से जुड़े बदलावों का उद्देश्य चालक को बेहतर आराम देना है।<br>
N160 S में अपेक्षाकृत सरल उपकरण और सुविधाएं दी गई हैं, लेकिन इसमें नई पीढ़ी के इंजन और इलेक्ट्रॉनिक तकनीक से जुड़े महत्वपूर्ण बदलाव मौजूद हैं। इस तरह दोनों मोटरसाइकिलों को अलग-अलग जरूरत वाले ग्राहकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।</p>
<p><strong>तीन रंगों में उपलब्ध होंगी मोटरसाइकिलें</strong><br>
बजाज पल्सर N160 S और N160 SS को तीन रंगों में पेश किया गया है। इनमें अटलांटिक ब्लू, पर्ल मेटैलिक व्हाइट और ब्रुकलिन ब्लैक शामिल हैं। रंगों के साथ नए ग्राफिक्स और डिजाइन बदलाव मोटरसाइकिलों को अधिक आक्रामक और आधुनिक रूप देते हैं।</p>
<p><strong>कीमत और बाजार में स्थिति</strong><br>
बजाज पल्सर N160 S की दिल्ली में प्रदर्शित शोरूम कीमत 1,33,511 रुपये रखी गई है। वहीं N160 SS की कीमत 1,42,585 रुपये है। कंपनी मौजूदा पल्सर N160 की बिक्री भी जारी रखेगी। इसका मतलब है कि ग्राहकों के पास अब N160 परिवार में अपनी जरूरत और बजट के अनुसार अलग-अलग विकल्प मौजूद होंगे।<br>
बजाज के अनुसार, वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में N160 श्रृंखला की बिक्री में 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कंपनी का कहना है कि यह वृद्धि संबंधित दोपहिया बाजार की वृद्धि दर से करीब तीन गुना अधिक है। बजाज के मुताबिक N160 खरीदने वाले ग्राहकों में लगभग 70 <strong>प्रतिशत की उम्र 35 वर्ष से कम है।</strong><br>
नई N160 S और N160 SS के साथ बजाज ने 160 सीसी वर्ग में अपनी पल्सर को अधिक आधुनिक और तकनीक से लैस बनाने की कोशिश की है। खासतौर पर चार वाल्व इंजन, इलेक्ट्रॉनिक थ्रॉटल, चार सवारी मोड, ट्रैक्शन कंट्रोल और मार्ग निर्देशन वाली TFT स्क्रीन जैसी सुविधाएं N160 SS को इस वर्ग की तकनीक के मामले में मजबूत विकल्प बनाती हैं। दूसरी ओर, N160 S उन ग्राहकों के लिए अधिक किफायती विकल्प हो सकती है जो नए इंजन और आधुनिक तकनीक चाहते हैं, लेकिन शीर्ष संस्करण की सभी सुविधाओं की आवश्यकता नहीं रखते।</p>
<p><strong>क्या मौजूदा N160 की जगह लेंगी नई मोटरसाइकिलें?</strong><br>
बजाज ने नई N160 S और N160 SS को मौजूदा N160 के विकल्प के तौर पर सीधे पेश करने के बजाय इसके परिवार का विस्तार किया है। कंपनी पुराने मॉडल को भी बिक्री में बनाए रखेगी। ऐसे में ग्राहक कीमत, प्रदर्शन और सुविधाओं के आधार पर तीनों विकल्पों में से अपनी पसंद की मोटरसाइकिल चुन सकेंगे।<br>
नई मोटरसाइकिलों में ज्यादा ताकतवर इंजन और इलेक्ट्रॉनिक तकनीक को शामिल करने का फैसला ऐसे समय में आया है, जब 160 सीसी वर्ग में ग्राहकों की अपेक्षाएं लगातार बढ़ रही हैं। अब इस श्रेणी में केवल इंजन की क्षमता और कीमत ही महत्वपूर्ण नहीं रह गई है, बल्कि सवारी अनुभव, सुरक्षा तकनीक, कनेक्टिविटी और अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार मोटरसाइकिल के व्यवहार को बदलने वाली सुविधाएं भी खरीदारी के फैसले को प्रभावित कर रही हैं।</p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>Smart Industrial City: देश में ₹16,172 करोड़ से बनेंगी 20 नई स्मार्ट इंडस्ट्रियल सिटी, देखें पूरी लिस्ट</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली देश को वैश्विक विनिर्माण केंद्र (Global Manufacturing Hub) बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है. दरअसल, केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास कार्यक्रम (NICDP) के तहत 20 नए औद्योगिक शहरों की स्थापना के लिए ₹16,172.95 करोड़ की भारी भरकम राशि जारी कर दी है।  Industrial Corridor Development … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 10:45:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>देश को वैश्विक विनिर्माण केंद्र (Global Manufacturing Hub) बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है. दरअसल, केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास कार्यक्रम (NICDP) के तहत 20 नए औद्योगिक शहरों की स्थापना के लिए ₹16,172.95 करोड़ की भारी भरकम राशि जारी कर दी है। </p>
<p>Industrial Corridor Development Programme:  संसद के लोकसभा सत्र में वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद की ओर से दी गई लिखित जानकारी के मुताबिक, केंद्र-राज्य भागीदारी मॉडल (Centre State Partnership Model) के जरिए से देशभर में इन 20 अत्याधुनिक औद्योगिक शहरों (Industrial Cities) के विकास को मंजूरी दी गई है। </p>
<p><strong>औद्योगिक शहर में होंगी ये सुविधाएं</strong><br>
औद्योगिक शहर के भीतर सड़कें, पानी की आपूर्ति, सीवरेज और बिजली वितरण सहित आंतरिक ट्रंक बुनियादी ढांचे को संबंधित परियोजना SPVs के जरिए लगे ईपीसी ठेकेदारों के जरिए से किया जाता है. थोक जल आपूर्ति, बिजली, दूरसंचार और सड़कों जैसे बाहरी कनेक्टिविटी बुनियादी ढांचे को पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान पोर्टल पर व्यापक रूप से मैप और जांचा गया है और राज्य के विभागों और केंद्रीय एजेंसियों के परामर्श से संबंधित राज्य SPVs की ओर से शुरू किया गया है। </p>
<p><strong>कैबिनेट से 12 शहरों की मिल चुकी है मंजूरी</strong><br>
इन औद्योगिक टाउनशिप (Industrial Townships) का विकास राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास और कार्यान्वयन ट्रस्ट के माध्यम से किया जा रहा है, जिसने परियोजना विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित योजना के लिए 16172.97 करोड़ रुपये की राशि जारी की है. इन सभी स्मार्ट इंडस्ट्रियल सिटी का गठन केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से संयुक्त रूप से किया गया है. परियोजना विकास गतिविधियों में राज्य सरकार की प्राथमिकता के मुताबिक औद्योगिक नोड्स की पहचान, इसके बाद अवधारणा मास्टर प्लान और विकास योजना की तैयारी, पर्यावरण मंजूरी और विस्तृत डिजाइन योजना शामिल है. इसमें राज्य सरकार का योगदान भूमि (Land) के रूप में होता है, जबकि केंद्र सरकार का योगदान इक्विटी और ऋण (Equity & Debt) के रूप में होता है। </p>
<p>
<strong>10 राज्यों में 12 नए औद्योगिक क्षेत्रों की सूची: देखें अपना शहर</strong><br>
प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने NICDP के तहत 28,602 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश के साथ 12 नए परियोजना प्रस्तावों को मंजूरी दी है. 6 प्रमुख कॉरिडोरों के साथ रणनीतिक रूप से स्थित ये 12 औद्योगिक क्षेत्र भारत की विनिर्माण क्षमताओं और आर्थिक विस्तार को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. स्वीकृत शहरों की सूची में उत्तर प्रदेश के आगरा और प्रयागराज, बिहार का गया, उत्तराखंड का खुरपिया और पंजाब का राजपुरा पटियाला शामिल हैं. 12 शहरों की लिस्ट नीचे देखें। </p>
<p>NICDP के तहत अनुमोदित 20 परियोजनाओं में से 4 परियोजनाओं को विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के साथ पूरा कर लिया गया है. जबकि शेष 16 अन्य चालू परियोजनाओं के काम में तेजी लाई गई है. मंत्री ने बताया कि परियोजना पूरा होने की कुल निर्माण समय सीमा ईपीसी ठेकेदार की नियुक्ति की वास्तविक तारीख से 36-48 महीने है.</p>
<p><strong>    खुरपिया (उत्तराखंड)<br>
    राजपुरा पटियाला (पंजाब)<br>
    दिघी (महाराष्ट्र)<br>
    पलक्कड़ (केरल)<br>
    आगरा (उत्तर प्रदेश)<br>
    प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)<br>
    गया (बिहार)<br>
    जहीराबाद (तेलंगाना)<br>
    ओर्वाकल (आंध्र प्रदेश)<br>
    कोप्पर्थी (आंध्र प्रदेश)</strong></p>]]> </content:encoded>
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<title>भोपाल मेट्रो की अंडरग्राउंड सुरंग ने पकड़ी रफ्तार, 60 फीट नीचे 260 मीटर टनल तैयार; दोनों TBM एकसाथ दौड़ रहीं</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल भोपाल में मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। भोपाल रेलवे स्टेशन से ऐशबाग की ओर दो टनल बोरिंग मशीन (TBM) लगातार सुरंग बनाने में जुटी हैं। दोनों मशीनें अब तक करीब 260 मीटर सुरंग तैयार कर चुकी हैं। यह पूरा कॉरिडोर जमीन से करीब 60 फीट नीचे बनाया … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 10:15:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>भोपाल, मेट्रो, की, अंडरग्राउंड, सुरंग, ने, पकड़ी, रफ्तार, फीट, नीचे, 260, मीटर, टनल, तैयार, दोनों, TBM, एकसाथ, दौड़, रहीं</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>भोपाल में मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। भोपाल रेलवे स्टेशन से ऐशबाग की ओर दो टनल बोरिंग मशीन (TBM) लगातार सुरंग बनाने में जुटी हैं। दोनों मशीनें अब तक करीब 260 मीटर सुरंग तैयार कर चुकी हैं। यह पूरा कॉरिडोर जमीन से करीब 60 फीट नीचे बनाया जा रहा है।</p>
<p>मेट्रो अधिकारियों के अनुसार अंडरग्राउंड रूट का काम अगले डेढ़ से दो साल में पूरा होने की उम्मीद है। यह रूट घनी आबादी वाले <strong>इलाकों से होकर गुजरेगा और भोपाल रेलवे स्टेशन व नादरा बस स्टैंड जैसे प्रमुख क्षेत्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगा।</strong></p>
<p><strong>दो TBM ने मिलकर 260 मीटर सुरंग बनाई</strong><br>
अंडरग्राउंड कॉरिडोर के पहले चरण में दोनों TBM भोपाल रेलवे स्टेशन से ऐशबाग की तरफ आगे बढ़ रही हैं। इनमें से पहली मशीन करीब 160 मीटर, जबकि दूसरी करीब 100 मीटर सुरंग बना चुकी है।</p>
<p>TBM जमीन के अंदर मिट्टी को काटते हुए आगे बढ़ती है। साथ ही मशीन सुरंग के अंदर प्री-कास्ट RCC रिंग लगाती जाती है। इन रिंग की मदद से सुरंग को मजबूती मिलती है और निर्माण के दौरान उसकी संरचनात्मक स्थिरता बनी रहती है।</p>
<p><strong>लोगों की सुरक्षा सबसे पहले</strong></p>
<p>भूमिगत निर्माण में आमजन, भवनों एवं श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। सुरंग के ऊपर स्थित भवनों एवं अन्य संरचनाओं में संभावित कंपन (वाइब्रेशन) और जमीन के बैठने (सेटलमेंट) की निगरानी के लिए इंस्ट्रूमेंटेशन एवं मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। इससे किसी भी असामान्य बदलाव की समय रहते जानकारी प्राप्त कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जा सकती है।</p>
<p>वहीं, मजदूरों की सुरक्षा के लिए फ्रेश एयर वेंटिलेशन सिस्टम और गैस मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए गए हैं। सुरंग में गैस की नियमित जांच के साथ 24 घंटे सुरक्षा निगरानी की जा रही है।</p>
<p><strong>सुरक्षा के लिए जमीन के ऊपर भी निगरानी</strong><br>
अंडरग्राउंड निर्माण के दौरान आसपास के भवनों और अन्य संरचनाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। संभावित कंपन और जमीन के बैठने जैसी स्थिति पर नजर रखने के लिए इंस्ट्रूमेंटेशन और मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया गया है।</p>
<p>सुरंग के अंदर काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए फ्रेश एयर वेंटिलेशन और गैस मॉनिटरिंग सिस्टम भी लगाए गए हैं। गैस की नियमित जांच के साथ 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है।</p>
<p><strong>भोपाल में पहली बार एक साथ 2 TBM का इस्तेमाल</strong><br>
भोपाल मेट्रो के इस अंडरग्राउंड कॉरिडोर में पहली बार दो TBM का एक साथ इस्तेमाल किया जा रहा है। करीब 3.39 किमी लंबी सुरंग ऐशबाग से सिंधी कॉलोनी के बीच बनाई जा रही है। यह रूट भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड जैसे व्यस्त क्षेत्रों के नीचे से गुजरेगा।</p>
<p>अंडरग्राउंड निर्माण के लिए TBM तकनीक का इस्तेमाल इसलिए किया जा रहा है ताकि घनी आबादी वाले इलाकों में सड़क और भवनों को प्रभावित किए बिना जमीन के नीचे मेट्रो लाइन तैयार की जा सके।जानकारी के अनुसार, प्रदेश में पहली बार इस प्रकार की दो टनल बोरिंग मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। यह सुरंग ऐशबाग से सिंधी कॉलोनी के बीच निर्मित की जा रही है, जो भोपाल रेलवे स्टेशन एवं नादरा बस स्टैंड जैसे प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ेगी। टीबीएम तकनीक को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि यह घनी आबादी वाले एवं संवेदनशील शहरी क्षेत्र के नीचे उच्च सटीकता और सुरक्षा के साथ कार्य कर सके।<br>
इनके प्रयासों से रफ्तार पकड़ रही मेट्रो मेट्रो प्रोजेक्ट को भोपाल नगर निगम, लोक निर्माण विभाग (PWD), रेलवे, पुलिस विभाग, स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों का सहयोग मिल रहा है।</p>
<p><strong>30 मार्च से शुरू हुई थी सुरंग की खुदाई</strong><br>
अंडरग्राउंड सुरंग की खुदाई का काम 30 मार्च से शुरू हुआ था। परियोजना में भोपाल नगर निगम, PWD, रेलवे, पुलिस, स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और शहर के नागरिकों का सहयोग मिल रहा है।</p>
<p><strong>दो स्टेशन, 180 मीटर रहेगी लंबाई</strong><br>
इस कॉरिडोर में भोपाल और नादरा, दो अंडरग्राउंड स्टेशन बनाए जा रहे हैं। जिनकी लंबाई करीब 180-180 मीटर होगी। टीबीएम से बनी सुरंग 3.39 किमी तक जाएगी। इसके बाद बड़ा बाग के पास नादरा स्टेशन के आगे 143 मीटर स्लोप के जरिए मेट्रो फिर जमीन के ऊपर आ जाएगी।</p>
<p><strong>सुभाषनगर से करोंद के बीच भी जारी है काम</strong><br>
भोपाल में एम्स से करोंद चौराहे तक ऑरेंज लाइन का निर्माण चल रहा है। सुभाषनगर से एम्स के बीच करीब 6 किमी का प्रायोरिटी कॉरिडोर तैयार हो चुका है, जहां मेट्रो सेवा चल रही है। इसके आगे सुभाषनगर से करोंद के बीच दूसरे चरण का काम जारी है। इस हिस्से में मेट्रो का कुछ हिस्सा अंडरग्राउंड भी रहेगा।</p>
<p><strong>भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड पर बनेंगे अंडरग्राउंड स्टेशन</strong><br>
अंडरग्राउंड कॉरिडोर में भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड, दो भूमिगत स्टेशन बनाए जा रहे हैं। दोनों स्टेशनों की लंबाई करीब 180-180 मीटर होगी। TBM से तैयार होने वाली सुरंग करीब 3.39 किमी लंबी होगी। इसके बाद बड़ा बाग के पास नादरा स्टेशन से आगे करीब 143 मीटर लंबे स्लोप के जरिए मेट्रो फिर जमीन के ऊपर आ जाएगी।</p>]]> </content:encoded>
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<title>Har Ghar Tiranga 2026: तिरंगा फहराने से उतारने तक जानें पूरे नियम, ऐसे डाउनलोड करें सर्टिफिकेट</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल   15 अगस्त 2026 को भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस खास मौके पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन में पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लेने का आह्वान किया है। हर घर तिरंगा अभियान 9 अगस्त से शुरू होकर 17 अगस्त तक पूरे देश में भव्य … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 10:15:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Har, Ghar, Tiranga, 2026:, तिरंगा, फहराने, से, उतारने, तक, जानें, पूरे, नियम, ऐसे, डाउनलोड, करें, सर्टिफिकेट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p> 15 अगस्त 2026 को भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस खास मौके पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन में पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लेने का आह्वान किया है। हर घर तिरंगा अभियान 9 अगस्त से शुरू होकर 17 अगस्त तक पूरे देश में भव्य स्तर पर आयोजित किया जाएगा। इसमें सभी को भाग लेने के लिए कहा जा रहा है और इस अभियान के तहत अपने घर पर तिरंगा फहराना होगा। तिरंगा फहराने के कुछ नियम हैं, जिन्हें आपको ध्यान में रखना होगा। तिरंगा फहराने से उतारने तक कुछ नियमों का पालन करना होगा और अगर आप तिरंगे के साथ सेल्फी पोस्ट करते हैं, तो सर्टिफिकेट भी मिलेगा। चलिए आपको तिरंगा फहराने के नियम और सर्टिफिकेट पाने का सही तरीका बताते हैं।</p>
<p><strong>क्या है थीम और उसकी खासियत?</strong><br>
'हर घर तिरंगा' भारत सरकार का एक राष्ट्रव्यापी अभियान है, जिसे 'आजादी का अमृत महोत्सव' के तहत शुरू किया गया था। इस अभियान की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक खासियत है कि यह इस साल राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को समर्पित किया गया है। साल 2026 में देश ‘वंदे मातरम’ की रचना के 150वें वर्ष का उत्सव मना रहा है।</p>
<p><strong>सूर्यापथ तिरंगा क्या है</strong><br>
स्वतंत्रता दिवस पर इस अभियान को सफल बनाने के लिए देश भर में तिरंगा यात्राएं, सांस्कृतिक कॉन्सर्ट, रैलियों का भव्य आयोजन किया जाएगा, जिसे सूर्यापथ तिरंगा का नाम दिया गया है। सूर्यापथ तिरंगा के जरिए दुनिया भर में फैले भारतीयों को एक साथ उत्सव में जोड़ा जाएगा। इसी के तहत हर घर तिरंगा फहराने की अपील की गई है।</p>
<p><strong>क्या हैं तिरंगा को फहराने और उतारने के नियम</strong></p>
<p><strong>1.</strong> तिरंगे का हमेशा सम्मान करें- आप अपने घर, ऑफिस, कॉलेज, स्कूल कहीं पर भी तिरंगा फहराए लेकिन उसके सम्मान का पूरा ध्यान रखें। 9 अगस्त से 17 अगस्त के बीच तिरंगा झंडा घर पर फहराकर अभियान का हिस्सा बनें।</p>
<p><strong>2. </strong>फटा-गंदा तिरंगा न फहराएं- फटा या फिर गंदा तिरंगा न फहराएं, साफ-सुथरा झंडा ही फहराना है। गंदा या फटा होने पर तिरंगे के सम्मान को ठेस पहुंचाना होगा।</p>
<p><strong>3.</strong> जमीन पर न गिरे या छुए- तिरंगा इतनी ऊंचाई पर फहराएं, जिससे वह जमीन को न छू रहा हो। साथ ही तिरंगा पानी में भीगे भी नहीं। अगर आप छत या बालकनी में फहरा रहे हैं, तो पानी से छाया करें।</p>
<p><strong>4.</strong> तिरंगे का कपड़ा सही चुनें- तिरंगा अगर खुद से बनाकर फहरा रहे हैं, तो उसका सही कपड़ा चुनें। उसका कपड़ा सूती, पॉलिएस्टर, ऊन, सिल्क या खादी का हो सकता है। तिरंगे का इस्तेमाल कपड़ों के रूप में या सजावट के लिए नहीं किया जाना चाहिए।</p>
<p><strong>5. </strong>तिरंगे के आकार का रखें ध्यान- कई लोग तिरंगा घर पर बनाकर ही फहराते हैं, ऐसे में उसके सही आकार का खास ध्यान रखें। राष्ट्रीय ध्वज आयताकार होना चाहिए। इसकी लंबाई और ऊंचाई (चौड़ाई) का अनुपात 3:2 होना चाहिए।</p>
<p><strong>6. </strong>दिन और रात में फहराने की परमिशन- फ्लैग कोड में संशोधन के बाद अब लोग अपने घरों और खुले स्थानों पर तिरंगा दिन और रात दोनों समय फहरा सकते हैं। रात में फहरा रहे हैं, तो उस जगह पर हल्की रोशनी होनी चाहिए।</p>
<p><strong>7. </strong>अशोक चक्र दिखना चाहिए- तिरंगा ऐसी जगह पर फहराए, जहां उस पर हवा लगने पर उड़े और अशोक चक्र साफ दिखाई दे। अशोक चक्र के डिजाइन या स्वरूप में किसी तरह की गलती नहीं होनी चाहिए।</p>
<p><strong>8.</strong> झंडों के मुकाबले तिरंगे की स्थिति सम्मानजनक हो- तिरंगा के साथ कोई और झंडा न फहराए। इससे दूसरे और खुद तिरंगे का अपमान हो सकता है। किसी और झंडे से तिरंगे को छोटा या बड़ा नहीं फहराना है।</p>
<p><strong>9.</strong> तिरंगे का रंग का ध्यान- तिरंगे को फहराते समय ध्यान रखें कि वह उल्टा न हो, केसरिया रंग हमेशा ऊपर होना चाहिए। इसे तेजी से ऊपर या फिर खींचकर नीचे न करें।</p>
<p><strong>10.</strong> तिरंगा उतारने का नियम- अभियान खत्म होने के बाद तिरंगे को सम्मानपूर्वक उतारें और फिर उसे सही से रखें। उसे किसी भी तरह के पोशाक या अन्य चीजों में इस्तेमाल नहीं करना है।</p>
<p>नियम तोड़ने पर हो सकती है सजा- ध्यान रखें अभियान के तहत अगर तिरंगा को फहराने और उतारने के सही नियमों का पालन नहीं किया गया, तो आपको सजा भी हो सकती है। 2002 में ध्वज संहिता में किए गए संशोधन के बाद आम नागरिकों को घर, ऑफिस या फैक्ट्री में राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अनुमति है, लेकिन इसके लिए निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी है। ध्वज संहिता का उल्लंघन करने या राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने पर 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। यह कार्रवाई Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 के तहत की जा सकती है।</p>
<p><strong>सर्टिफिकेट कैसे मिलेगा?</strong><br>
आप 9 अगस्त से 17 अगस्त के बीच अपने घर पर तिरंगा फहरा सकते हैं। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा और सम्मान का पूरा ध्यान रखें। अभियान की आधिकारिक वेबसाइट harghartiranga.com पर जाकर इसमें हिस्सा लें। राष्ट्रीय ध्वज के साथ अपनी फोटो या सेल्फी क्लिक करें। वेबसाइट पर अपनी फोटो अपलोड करके अभियान में अपना नाम दर्ज करें। अपना सर्टिफिकेट बनाएं और उसे डाउनलोड करें। इसके बाद सर्टिफिकेट को #HarGharTiranga और #HGT2026 हैशटैग के साथ सोशल मीडिया पर शेयर करें।</p>]]> </content:encoded>
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<title>MP Rail Update: रेल यात्री ध्यान दें, तिरुवनंतपुरम&#45;हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस का बदलेगा रूट; जानें कब से</title>
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<description><![CDATA[ इंदौर  मध्य प्रदेश के रेल यात्रियों के लिए बारतीय रेलवे की ओर से बड़ा अपडेट सामने आया है। दक्षिण रेलवे के तिरुवनंतपुरम मंडल में ब्लॉक का काम चल रहा है, जिसके चलते रतलाम रेल मंडल के इंदौर रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली तिरुवनंतपुरम सेंट्रल – हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस के परिचालन में बदलाव किया गया है। … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 10:15:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Rail, Update:, रेल, यात्री, ध्यान, दें, तिरुवनंतपुरम-हजरत, निजामुद्दीन, एक्सप्रेस, का, बदलेगा, रूट, जानें, कब, से</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इंदौर </strong><br>
मध्य प्रदेश के रेल यात्रियों के लिए बारतीय रेलवे की ओर से बड़ा अपडेट सामने आया है। दक्षिण रेलवे के तिरुवनंतपुरम मंडल में ब्लॉक का काम चल रहा है, जिसके चलते रतलाम रेल मंडल के इंदौर रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली तिरुवनंतपुरम सेंट्रल – हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस के परिचालन में बदलाव किया गया है। रेलवे ने इस ट्रेन को निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग से चलाने का फैसला लिया है।</p>
<p>पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के जनसंपर्क विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 21 अगस्त 2026 को तिरुवनंतपुरम सेंट्रल से रवाना होने वाली गाड़ी नंबर 22653 तिरुवनंतपुरम सेंट्रल – हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग से चलाई जाएगी।</p>
<p><strong>इन स्टेशनों से गुजरेगी ट्रेन</strong><br>
ब्लॉकिंग के काम के चलते ट्रेन को निर्धारित मार्ग में बदलाव करते हुए हरिप्पाड, अम्बलप्पुझा, आलप्पुझा और एरणाकुलम के रास्ते चलाया जाएगा। रेलवे की ओर से संबंधित यात्रियों को सलाह दी गई है कि, 21 अगस्त को इस ट्रेन से यात्रा करने से पहले अपने ट्रेन रूट, ठहराव और समय की जानकारी जरूर दख लें, ताकि यात्रा के समय किसी तरह की परेशानी न हो।</p>
<p><strong>क्यों किया गया रूट में बदलाव?</strong><br>
दक्षिण रेलवे के तिरुवनंतपुरम मंडल में ब्लॉक के चलते इस ट्रेन के परिचालन मार्ग में अस्थायी बदलाव किया गया है। ब्लॉक की अवधि में रेल परिचालन को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रेन को परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा।</p>
<p><strong>यात्री कहां से लें ट्रेन की अपडेट जानकारी?</strong><br>
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले ट्रेन की ताजा स्थिति, ठहराव और समय की जानकारी आधिकारिक रेलवे माध्यमों से जरूर प्राप्त करें। यात्री Indian Railways Enquiry की वेबसाइट पर जाकर ट्रेन से जुड़ी अद्यतन जानकारी देख सकते हैं। इसके अलावा RailOne ऐप के माध्यम से भी ट्रेन के रूट, समय और अन्य अपडेट की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।</p>
<p><strong>यात्रा से पहले जानें यात्री</strong><br>
21 अगस्त 2026 को गाड़ी संख्या 22653 से यात्रा करने वाले यात्री घर से निकलने से पहले ट्रेन का अपडेटेड रूट और समय जरूर चेक करें, क्योंकि दक्षिण रेलवे में ब्लॉक के कारण ट्रेन निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग से संचालित होगी।</p>]]> </content:encoded>
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<title>भारत सरकार के हाथ में टीम इंडिया के बांग्लादेश दौरे की चाबी, BCCI को मंजूरी का इंतजार</title>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली टीम इंडिया का बांग्लादेश दौरा अभी तक कन्फर्म नहीं हुआ है। पिछले साल ही भारतीय टीम को बांग्लादेश जाना था, लेकिन उस समय यह दौरा स्थगित हो गया था। अगस्त के आखिर और सितंबर की शुरुआत में इस साल 3-3 मैचों की टी20 और वनडे सीरीज बांग्लादेश में भारतीय टीम को खेलनी थी, … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 10:00:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>भारत, सरकार, के, हाथ, में, टीम, इंडिया, के, बांग्लादेश, दौरे, की, चाबी, BCCI, को, मंजूरी, का, इंतजार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong></p>
<p>टीम इंडिया का बांग्लादेश दौरा अभी तक कन्फर्म नहीं हुआ है। पिछले साल ही भारतीय टीम को बांग्लादेश जाना था, लेकिन उस समय यह दौरा स्थगित हो गया था। अगस्त के आखिर और सितंबर की शुरुआत में इस साल 3-3 मैचों की टी20 और वनडे सीरीज बांग्लादेश में भारतीय टीम को खेलनी थी, लेकिन पिछले साल के आखिर और इस साल की शुरुआत बहुत कुछ दोनों देशों के बीच हुआ, जिसके कारण ये दौरा अधर में है। हालांकि, अब रिपोर्ट आई है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई केंद्र सरकार से इसको लेकर बात कर सकती है।</p>
<p>बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड यानी बीसीबी को तो अभी तक उम्मीद है और इंडिया वर्सेस बांग्लादेश सीरीज के 50-50 चांस उन्हें लग रहे हैं। यहां तक कि बीसीबी के नए प्रमुख तमीम इकबाल भी बीसीसीआई के अधिकारियों से मिल चुके हैं। इस बीच एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि बीसीसीआई भारत सरकार से इस मुद्दे को लेकर बात कर सकती है और परमिशन के अलावा इस पर स्पष्टता भी बोर्ड सरकार से चाह रहा है। दोनों देशों के रिश्ते अभी भी उतने अच्छे नहीं हैं, जो कि कुछ समय पहले तक बहुत अच्छे हुआ करते थे।</p>
<p>BCCI के एक बड़े सूत्र ने इंडिया टुडे से बात करते हुए कहा कि बोर्ड इस स्टेज पर अकेले टूर पर कोई फैसला नहीं ले सकता और सरकार से गाइडेंस मांगेगा। सूत्र ने कहा है, "हम इस पर काम कर रहे हैं और जहां तक ​​बांग्लादेश टूर का सवाल है, परमिशन और सप्षटता मांगेंगे। हम इस स्टेज पर अकेले कोई फैसला नहीं ले सकते। अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है, लेकिन हम जल्द ही सरकार से बात करेंगे।" सूत्र ने यह भी कन्फर्म किया कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने BCCI को पत्र भी लिखा है। दोनों बोर्ड सीरीज को लेकर चर्चा कर रहे हैं।</p>
<p>सूत्र ने आगे बताया, "BCB ने हमें लिखा है और वे लगातार हमारे संपर्क में हैं। जल्द ही और साफ जानकारी मिलेगी।" BCB ने भारत के खिलाफ प्रस्तावित व्हाइट बॉल सीरीज के लिए 29 अगस्त से 15 सितंबर तक का समय रखा है। बदले हुए कार्यक्रम में तीन ODI और तीन T20I मैच रखे गए हैं, जिसमें 1, 3 और 6 सितंबर को 3 वनडे मैच और इसके बाद 9, 12 और 13 सितंबर को 3 T20I मैचों के आयोजन शामिल है। भारतीय टीम के 28 अगस्त को बांग्लादेश पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। यह विंडो बीसीसीआई की ओर से भी अभी तक <strong>खाली है।</strong></p>
<p><strong>क्या है भारत बनाम बांग्लादेश मुद्दा?</strong><br>
अगर आप क्रिकेट के नजरिए से देखें तो बीसीसीआई ने बांग्लादेश के पेसर मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल 2026 से बाहर कर दिया था। इसके बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने भारत में टी20 विश्व कप 2026 खेलने से इनकार कर दिया था और टीम भारत आई नहीं थी। यह सब सरकार के कहने पर हुआ, क्योंकि बांग्लादेश और भारत के राजनीतिक संबंध उस समय अच्छे नहीं थे और इस समय भी दोनों देशों के संबंध उतने मधुर नहीं हैं।</p>]]> </content:encoded>
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<title>दतिया में BJP का नया प्लान! नरोत्तम मिश्रा पर सस्पेंस, आशुतोष तिवारी को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  उप चुनाव में मिली हार के बाद प्रदेश भाजपा अब नया प्लान लेकर दतिया में उतरने की तैयारी कर रही है। प्लान में बहुत कुछ तय कर लिया है, जिसकी घोषणा होनी बाकी है। नए प्लान के साथ ही दो प्रमुख नेताओं की नई भूमिकाएं भी सामने आ सकती हैं। दतिया उपचुनाव में प्रत्याशी … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 10:00:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>दतिया, में, BJP, का, नया, प्लान, नरोत्तम, मिश्रा, पर, सस्पेंस, आशुतोष, तिवारी, को, मिल, सकती, है, बड़ी, जिम्मेदारी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong><br>
 उप चुनाव में मिली हार के बाद प्रदेश भाजपा अब नया प्लान लेकर दतिया में उतरने की तैयारी कर रही है। प्लान में बहुत कुछ तय कर लिया है, जिसकी घोषणा होनी बाकी है। नए प्लान के साथ ही दो प्रमुख नेताओं की नई भूमिकाएं भी सामने आ सकती हैं। दतिया उपचुनाव में प्रत्याशी रहे आशुतोष तिवारी को जहां बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है वहीं नरोत्तम मिश्रा की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। दतिया में उनके योगदान और प्रभुत्व को पार्टी नकार नहीं पा रही।</p>
<p><strong>दतिया में हार की जिम्मेदारी तय होनी बाकी, तब तक भाजपा जारी नहीं करेगी नया प्लान</strong></p>
<p>बीजेपी के नए प्लान का सबसे बड़ा हिस्सा दतिया जिले की नई कार्यकारिणी है। अभी यह तय नहीं हुआ है कि कार्यकारिणी को एक ही बार में जारी किया जाए या फिर इसकी टुकड़ों में घोषणा की जाए। चूंकि दतिया में हार की जिम्मेदारी तय होनी बाकी है, तब तक भाजपा नया प्लान जारी नहीं करेगी।</p>
<p><strong>कांग्रेस 2028 में तीसरी जीत के लिए अभी से कर रही तैयारी</strong><br>
उधर उप चुनाव जीत चुकी कांग्रेस 2028 के चुनाव में भी जीत को बरकरार रखने की तैयारी में है। कांग्रेस यह सीट किसी हाल में खोना नहीं चाहेगी। चूंकि घनश्याम सिंह मजबूत प्रत्याशी थे, जो विधायक बन चुके हैं। वे दतिया में अपनी स्वीकारोक्ति बढ़ाएंगे। वहीं भाजपा को इन दो साल में जमीनी स्तर पर जन विश्वास जीतना होगा।</p>
<p><strong>भाजपा की हार का अंतर बढ़कर 5604</strong><br>
भाजपा ने 6 मंडलों के 46 शक्ति केंद्रों पर पूरा जोर लगाया। लेकिन चुनाव परिणाम के आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि, 2023 में भाजपा पूरे नगर पालिका क्षेत्र में 2691 वोटों से पीछे रही थी।</p>
<p>लेकिन 2026 के उपचुनाव के आंकड़े बताते हैं कि नगर मंडल में भाजपा की हार का अंतर बढ़कर 5604 हो गया है। भाजपा के लिए शहर के अंतर में 2913 वोटों का और नुकसान हुआ, जो उपचुनाव में हार का सबसे बड़ा कारण बना।</p>
<p><strong>नए जिलाध्यक्ष के लिए आशुतोष और घनश्याम के नाम</strong><br>
दतिया में नए जिलाध्यक्ष की दौड़ में पूर्व विधायक घनश्याम पिरोनिया और हाल ही में चुनाव हारे आशुतोष तिवारी के नाम चर्चा में हैं। घनश्याम पिरोनिया दलित वर्ग से आते हैं। आजाद समाज पार्टी के दलित वोटरों को साधने के लिए भाजपा उन्हें जिलाध्यक्ष बना सकती है।</p>
<p>वहीं, यदि पार्टी नरोत्तम के खिलाफ कड़ा संदेश देना चाहती है तो आशुतोष तिवारी को जिलाध्यक्ष बनाकर उन्हें मजबूत नेता के रूप में <strong>स्थापित करने की कोशिश कर सकती है।</strong></p>
<p><strong>तय की जाएगी जिम्मेदारी</strong><br>
चर्चा के बाद अपनी रिपोर्ट बीजेपी हाईकमान को सौंपी जाएगी. रिपोर्ट के आधार पर सभी की जिम्मेदारी तय की जाएगी. जिम्मेदारी तय <strong>करने के फैसले से कयास लगाए जा रहे हैं कि जिम्मेदार नेताओं पर पार्टी एक्शन भी ले सकती है। </strong></p>
<p><strong>नरोत्तम मिश्रा का बार-बार हो रहा जिक्र</strong><br>
दरअसल, दतिया में हार के कारणों की जब भी चर्चा होती है, बार बार पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का नाम सामने आता है. दतिया में नरोत्तम मिश्रा काफी मजबूत नेता माने जाते हैं. वर्षों से उनका इस सीट पर दबदबा रहा है. इस बीच जब उन्हें टिकट न देकर पार्टी ने पहली बार चुनाव लड़ रहे आशुतोष मिश्रा को मैदान में उतारा तो नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों में खासा नाराजगी दिखी. नरोत्तम खुद पार्टी के इस फैसले <strong>से भावुक हो गए थे. विशेषज्ञों का कहना है कि उनके समर्थकों की नाराजगी भी बीजेपी की हार का कारण हो सकती है। </strong></p>
<p><strong>नया चेहरा लाने पर बीजेपी को हुआ नुकसान?</strong><br>
दतिया सीट पर उपचुनाव में 6 बार के विधायक नरोत्तम मिश्रा की जगह नए चेहरे को उम्मीदवार बनाने का BJP का फैसला सफल नहीं रहा. कांग्रेस ने यह सीट बरकरार रखी. कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने सोमवार को BJP के आशुतोष तिवारी को 6016 मतों से हराया.  राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, BJP की हार केवल एक विधानसभा सीट का नुकसान नहीं है बल्कि यह मध्य प्रदेश में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे के लिए भी बड़ा झटका है। </p>
<p><strong>दतिया में बीजेपी की ये 3 अहम चुनौतियां</strong></p>
<p><strong>अभी तय करना होगा, दतिया का चेहरा:</strong></p>
<p>भाजपा दतिया में काफी कुछ बदलना चाहती है इसके लिए कई मोर्चों पर काम करने की योजना है। अगले कुछ ही दिनों में दतिया में वह चेहरा घोषित हो सकता है, जो भविष्य में दतिया सीट का चेहरा हो। यूं कहें कि जिले में भाजपा को जिताने वाला हो।<br>
<strong>सर्वमान्य मुखिया की तलाश:</strong></p>
<p>नए प्लान में भाजपा प्रत्याशी रहे आशुतोष तिवारी को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। यह उनकी इच्छा पर भी निर्भर होगा। राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, दतिया में जो हालात हैं, उसे देखकर ऐसा चेहरा नहीं थोप सकते, जो जमीनी पकड़ व सर्वमान्य श्रेणी से बाहर हो।</p>
<p><strong>नरोत्तम पर स्थिति स्पष्ट नहीं:</strong><br>
पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा भाजपा के कद्दावर नेताओं में एक हैं। दतिया में भाजपा को मजबूती देने में उनकी मेहनत को नकारा नहीं जा सकता। ऐसे में अभी नरोत्तम की भूमिका तय करनी होगी। यदि ऐसा नहीं हुआ तो आगामी चुनावों में इसके फायदे कम, नुकसान ज्यादा हो सकते हैं।</p>]]> </content:encoded>
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<title>8th Pay Commission: बेसिक सैलरी में DA मर्ज होगा? सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में हो सकता है बड़ा इजाफा</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली 8वें वेतन आयोग को लेकर सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स में उम्मीदें बढ़ गई हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर नई सैलरी आने के बाद जेब में कितने रुपये ज्यादा आएंगे? हालांकि, अभी तक फिटमेंट फैक्टर, बेसिक सैलरी में डीए मर्ज करना या भत्ते को लेकर कोई भी अंतिम फैसला नहीं हुआ … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 09:45:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>8th, Pay, Commission:, बेसिक, सैलरी, में, मर्ज, होगा, सरकारी, कर्मचारियों, की, सैलरी, में, हो, सकता, है, बड़ा, इजाफा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>8वें वेतन आयोग को लेकर सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स में उम्मीदें बढ़ गई हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर नई सैलरी आने के बाद जेब में कितने रुपये ज्यादा आएंगे? हालांकि, अभी तक फिटमेंट फैक्टर, बेसिक सैलरी में डीए मर्ज करना या भत्ते को लेकर कोई भी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। लेकिन फिटमेंट फैक्चर, डीए मर्जर और नए बेसिक पे के आधार पर सैलरी बढ़ोतरी के अलग-अलग अनुमान सामने आ रहे हैं। </p>
<p><strong>सरकार मानेंगी ये डिमांड</strong><br>
8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) ने कर्मचारियों, यूनियनों और दूसरे हितधारकों से सुझाव और आंकड़े लेने की प्रक्रिया जुलाई में पूरी कर ली है। अब इन सुझावों का अध्ययन किया जाएगा। इसके आधार पर केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी, भत्ते, पेंशन और दूसरे फायदों में बदलाव की सिफारिश की जाएगी।</p>
<p>आयोग ने अगस्त और सितंबर में अलग-अलग राज्यों में कर्मचारियों और संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात का कार्यक्रम भी जारी किया है। दिल्ली के अलावा चेन्नई, पुडुचेरी, चंडीगढ़, जयपुर और मुंबई में बैठकें प्रस्तावित हैं। इन बैठकों में कर्मचारी, पेंशनर्स, रेलवे और डिफेंस सेक्टर से जुड़े प्रतिनिधि अपनी मांगें रखेंगे।</p>
<p><strong>कितनी बढ़ सकती है सैलरी?</strong><br>
अभी यह साफ नहीं है कि 8वें वेतन आयोग में कर्मचारियों की सैलरी कितनी बढ़ेगी। फिलहाल जो आंकड़े सामने आ रहे हैं, वह केवल अनुमान हैं।</p>
<p><strong>कम बढ़ोतरी का अनुमान: करीब 20-30 प्रतिशत</strong></p>
<p><strong>मध्यम अनुमान: करीब 30-50 प्रतिशत</strong></p>
<p><strong>सबसे ज्यादा अनुमान: 80 प्रतिशत से अधिक तक</strong></p>
<p>हालांकि सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी, यह इस बात पर निर्भर करता है कि फिटमेंट फैक्टर कितना बढ़ता है। आपकी बेसिक पे कितनी है और साथ ही डीए को बेसिक पे के साथ मर्ज किया जाता है या नहीं।</p>
<p><strong>फिटमेंट फैक्टर क्यों है जरूरी?</strong><br>
फिटमेंट फैक्टर वह मल्टीप्लायर है, जिसके जरिए मौजूदा बेसिक सैलरी को नई बेसिक सैलरी में बदला जाता है। अभी 8वें सीपीसी का फिटमेंट फैक्टर तय नहीं हुआ है। अलग-अलग कर्मचारी संगठन और रिपोर्ट इसे 2.28 से 3.83 के बीच रहने का अनुमान लगा रही हैं।</p>
<p><strong>डीए मर्जर से भी बदल सकता है हिसाब</strong><br>
डीए यानी महंगाई भत्ते को बेसिक पे में मिलाने की मांग भी कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगों में शामिल है। अगर डीए का विलय बेसिक पे में होता है, तो इसका असर पीएफ, पेंशन, ग्रेच्युटी और दूसरे भत्तों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें आना बाकी हैं। उम्मीद है कि आयोग करीब 18 महीने में अपनी सिफारिशें देगा। ऐसे में 2027 में सैलरी बढ़ोतरी की तस्वीर साफ हो सकती है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>Russia&#45;India Train: राजधानी&#45;शताब्दी से मॉस्को पहुंचने में लगेंगे कितने दिन? सफर लंबा, फायदे अनगिनत</title>
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<description><![CDATA[  नईदिल्ली  रूस-भारत की दोस्ती के बारे में बताने की जरूरत नहीं है क्योंकि ये सोवियत संघ के जमाने से इतनी गहरी रही है कि गाढ़े वक्त में दोनों साथ रहे हैं. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जब भारत दौरे पर आए थे, तब भी दोनों देशों ने इस दोस्ती को सेलिब्रेट करते हुए कहा था कि … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 09:45:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नईदिल्ली </strong><br>
रूस-भारत की दोस्ती के बारे में बताने की जरूरत नहीं है क्योंकि ये सोवियत संघ के जमाने से इतनी गहरी रही है कि गाढ़े वक्त में दोनों साथ रहे हैं. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जब भारत दौरे पर आए थे, तब भी दोनों देशों ने इस दोस्ती को सेलिब्रेट करते हुए कहा था कि रूस और भारत बुरे वक्त के साथी हैं. अब इस दोस्ती को और पक्की करने के लिए रूस ने भारतीय महासागर तक पहुंचने वाले रेल मार्ग की संभावना तलाशने का प्रस्ताव रखा है. रूसी उप-प्रधानमंत्री मरात खुसनुलिन ने रूसी एजेंसी TASS को दिए इंटरव्यू में जैसे ही कहा कि वे भारत तक पहुंचने के लिए एक ट्रेन रूट पर काम करना चाहते हैं, ये पूरी दुनिया की सुर्खियों में आ गया. अब दिलचस्प सवाल ये है कि भारत की रूस से 4500 किलोमीटर से भी ज्यादा दूरी ट्रेन से तय होगी, तो इसमें कितना वक्त लगेगा?</p>
<p>रूस का कहना है कि बोस्फोरस और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों से जुड़े जोखिमों को कम करने के लिए वैकल्पिक रूट पर विचार करना जरूरी है. ऐसे में रूस से तुर्कमेनिस्तान, ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान होते हुए भारत तक पहुंचने वाले संभावित मार्ग का उल्लेख किया गया है. रूसी उप प्रधानमंत्री के मुताबिक भारत तक पहुंच देने वाला कोई भी विकल्प स्वीकार्य है. हालांकि यह प्रस्ताव अभी चर्चा के चरण में है. इसे लेकर दोनों देशों की ओर से कोई स्पष्ट परियोजना, समय सीमा, यात्री ट्रेन सेवा, टिकट फेयर या लॉन्च की तारीख घोषित नहीं हुई है। </p>
<p><strong>हाई-स्पीड ट्रेन से मास्को पहुंचने में कितना वक्त लगेगा?</strong><br>
    भारत में वर्तमान में सबसे तेज चलने वाली ट्रेनें वंदे भारत जैसी सेवाएं हैं, जिनकी मैक्सिमम स्पीड कुछ रूट पर 160 किलोमीटर प्रति घंटा है. प्रस्तावित रूस-भारत रेल मार्ग की सटीक लंबाई अभी तय नहीं है, लेकिन मॉस्को से दिल्ली तक वायु मार्ग करीब 4,340 किलोमीटर है. अगर ये शताब्दी-राजधानी जैसी ट्रेनों से तय की जाए, जिनकी स्पीड 130-150 किलोमीटर प्रतिघंटा है, तो इसमें 33 घंटे का वक्त लगेगा। </p>
<p>    चूंकि रेल रूट को तुर्कमेनिस्तान-ईरान-अफगानिस्तान-पाकिस्तान से गुजारा जाएगा, तो इसकी अनुमानित दूरी 6000 से 7500 किलोमीटर या उससे अधिक हो सकती है. मान लें कि कुल दूरी करीब 7000 किलोमीटर है और अगर ट्रेन लगातार 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलती है. ऐसे में इसमें करीब 44 घंटे यानी लगभग दो दिन लगेंगे लेकिन 130-150 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से इसमें 50-53 दिन लग जाएंगे। </p>
<p>    थोड़ा और व्यावहारिक होकर देखें, तो सीमा पार जांच, स्टॉप, गेज परिवर्तन, ट्रैक की स्थिति और औसत गति कम होने के कारण यह समय 3 से 5 दिन या उससे अधिक हो सकता है.  भविष्य में भारत की प्रस्तावित बुलेट ट्रेन जैसी 300-320 किलोमीटर प्रति घंटे की गति वाली सेवाएं उपलब्ध हों तो समय आधा रह सकता है, लेकिन तब भी अंतरराष्ट्रीय रूट पर आने वाली समस्याएं यात्रा को और लंबा करेंगी। </p>
<p>हालांकि यह अनुमान पूरी तरह काल्पनिक है क्योंकि मार्ग अभी प्रस्ताव मात्र है. यह विचार ऐतिहासिक रूप से भी दिलचस्प है. 19वीं सदी में भी रूस से भारत तक रेल जोड़ने के प्रस्ताव आए थे लेकिन आज के संदर्भ में यह रूस की रणनीतिक जरूरतों और भारत-रूस संबंधों को ये नई दिशा दे सकता है. सफलता कई देशों के सहयोग, निवेश और स्थिरता पर निर्भर करेगी. फिलहाल यह एक महत्वाकांक्षी प्रस्ताव है जो भविष्य की कनेक्टिविटी की संभावनाएं खोलता है, लेकिन इसे हकीकत में बदलने में काफी समय और प्रयास लगेंगे। </p>
<p><strong>रूस-भारत के बीच ट्रेन सेवा मील का पत्थर क्यों?</strong></p>
<p>    भारत-रूस रेल लिंक का मुख्य उद्देश्य माल ढुलाई के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार करना है, ताकि समुद्री मार्गों पर निर्भरता घटे. होर्मुज जलडमरूमध्य से वैश्विक तेल व्यापार का करीब 25 प्रतिशत और एलएनजी शिपमेंट का करीब 20 प्रतिशत गुजरता है.क्षेत्रीय तनावों के बीच ऐसे चोकपॉइंट्स की सुरक्षा चिंता का विषय बनी हुई है. ऐसे में ये अहम विकल्प बन सकता है। </p>
<p>    इंटरनेशनल नॉर्थ साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) जैसी पहल पहले से रूस, ईरान और भारत के बीच मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी को बढ़ावा दे रही है. रूस, मध्य एशिया और ईरान में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर का कुछ हिस्सा पहले से सक्रिय है और माल परिवहन बढ़ रहा है. ऐसे में उसे इसका अनुभव है। </p>
<p>    बावजूद इसके प्रस्तावित मार्ग में कई दिक्कतें भी आने वाली हैं- क्रॉस बॉर्ड स्टैंडर्ड, रेल गेज में समानता नहीं होना, जियोपॉलिटकल  कठिनाइयां और भारत तक निर्बाध कनेक्टिविटी. पाकिस्तान और अफगानिस्तान से गुजरने वाले रूट पर सुरक्षा और सहयोग संबंधी चुनौतियां आने वाली हैं. अगर यह हो जाता है तो रूस के लिए भारतीय महासागर तक सीधी भूमि पहुंच मिलेगी. भारत के लिए यह मध्य और दक्षिण एशिया के साथ ओवरलैंड कनेक्टिविटी मजबूत कर सकता है. माल ढुलाई में पारंपरिक स्वेज नहर मार्ग की तुलना में समय बचत की उम्मीद है। </p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>FCRA बिल पर NDA क्यों दिखा रहा नरमी? लोकसभा&#45;राज्यसभा में दो&#45;तिहाई बहुमत से कितनी दूर है सरकार</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली संसद का मॉनसून सत्र अब महज चार दिनों में खत्म होने वाला है। हालांकि महिला आरक्षण, परिसीमन और FCRA जैसे अहम बिलों को लेकर अब भी अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। इनमें से कोई भी विधेयक सोमवार को लोकसभा की कार्यसूची में शामिल नहीं है। अब खबर है कि सरकार इन महत्वपूर्ण … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 09:45:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>संसद का मॉनसून सत्र अब महज चार दिनों में खत्म होने वाला है। हालांकि महिला आरक्षण, परिसीमन और FCRA जैसे अहम बिलों को लेकर अब भी अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। इनमें से कोई भी विधेयक सोमवार को लोकसभा की कार्यसूची में शामिल नहीं है। अब खबर है कि सरकार इन महत्वपूर्ण विधेयकों को लेकर फूंक -फूंक कर कदम रख रही है। समझते हैं कि इस वक्त संसद में सीटों का गणित क्या कहता है।</p>
<p>बता दें कि कांग्रेस और उसके ज्यादातर सहयोगियों ने भले ही परिसीमन और FCRA संशोधन बिल का विरोध करने की बात कही है, लेकिन बीते कुछ दिनों में सरकार की ओर से संपर्क साधे जाने के बाद कुछ विपक्षी दलों ने इन विधेयकों को लेकर अपने रुख में नरमी के भी संकेत दिए हैं। अब माना जा रहा है कि केंद्र सरकार परिसीमन बिल और महिला आरक्षण को लागू करने के लिए DMK और NCP (शरदचंद्र पवार) का समर्थन जुटाने के उद्देश्य से FCRA विधेयक पर अपने कदम धीमे कर रही है।</p>
<p><strong>FCRA बिल फिलहाल होल्ड पर?</strong><br>
जानकारी के मुताबिक संसद की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक में मॉनसून सत्र के बचे हुए चार दिनों के एजेंडे को अंतिम रूप दिया जाना है। हालांकि सोमवार के शुरुआती एजेंडे में चार नए विधेयक पेश करने की बात तो कही गई है, लेकिन FCRA संशोधन विधेयक का कहीं जिक्र नहीं है। ऐसे में यह संकेत हैं कि FCRA में संशोधन को लेकर जारी हंगामे के बीच सरकार फिलहाल इसे होल्ड पर रख सकती है।</p>
<p><strong>द्रमुक ने किया है विरोध</strong><br>
इससे पहले विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम यानी FCRA को लेकर द्रमुक अपनी स्थिति साफ कर चुकी है। DMK नेता उदयनिधि स्टालिन ने पिछले सप्ताह एक इंटरव्यू कहा था कि उनकी पार्टी ने न तो अतीत में परिसीमन विधेयक का समर्थन किया है और न ही भविष्य में करेगी। दूसरी तरफ डीएमके प्रमुख एम के स्टालिन ने भी अलग अलग चर्च के प्रतिनिधिमंडलों की उस मांग का खुलकर समर्थन किया है, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह से विधेयक को वापस लेने या समीक्षा के लिए संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजने की अपील की गई थी।</p>
<p><strong>कई धीमी पड़ी सरकार?</strong><br>
भाजपा के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ NDA के लिए स्थिति फिलहाल पेचीदा है। सरकार परिसीमन और महिला आरक्षण कानून को लागू कराने के लिए समर्थन जुटाने की कोशिश में जिसके लिए DMK और NCP(SP) का साथ जरूरी है। हालांकि DMK और सुप्रिया सुले की अगुवाई वाली एनसीपी (एसपी) दोनों ही FCRA बिल के सख्त प्रावधानों के खिलाफ रही हैं। ऐसे में परिसीमन के मुद्दे पर इन पार्टियों को साथ लाने के लिए सरकार FCRA बिल को लेकर नरमी बरत रही है।</p>
<p><strong>सीटों का क्या गणित?</strong><br>
अगर लोकसभा के सभी 540 मौजूदा सांसद वोट डालते हैं तो परिसीमन विधेयक को पास कराने के लिए 360 वोट चाहिए होंगे। फिलहाल एनडीए के पास 319 सांसदों का समर्थन है। इसमें तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसद और शिवसेना (यूबीटी) से शिवसेना में आए 6 सांसद भी शामिल हैं। इसके अलावा एनडीए को YSR कांग्रेस के सांसदों समेत पांच और सांसदों के समर्थन का भी भरोसा है। YSR कांग्रेस ने अप्रैल में भी विधेयक के पक्ष में मतदान किया था।</p>
<p>अब अगर डीएमके सरकार के साथ आकर परिसीमन विधेयक के पक्ष में वोट करती है, तो एनडीए का आंकड़ा 346 तक पहुंच जाएगा। ऐसे में बहुमत के लिए उसे सिर्फ 14 और वोट चाहिए होंगे। वहीं, अगर डीएमके मतदान से वॉकआउट करती है, तो कुल मतदान करने वाले सांसदों की संख्या 518 रह जाएगी। ऐसे में दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा 345 होगा। ऐसी स्थिति में एनडीए को 21 और सांसदों का समर्थन जुटाना पड़ेगा।</p>
<p>वहीं राज्यसभा की बात करें तो एनडीए के पास फिलहाल 154 सांसद हैं। एनडीए को YSR कांग्रेस के चार सांसदों का समर्थन मिलने की उम्मीद है। इस तरह राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए एनडीए को सिर्फ छह और वोटों की जरूरत होगी।</p>]]> </content:encoded>
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<title>EPFO Alert: फर्जीवाड़े से बचना है तो तुरंत करें ये 6 काम, छोटी सी गलती पड़ सकती है भारी</title>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 09:45:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p><strong>EPFO Fraud Alert:</strong> डिजिटल दौर में PF से जुड़ी ज्यादातर सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। ऐसे में EPFO (Employees’ Provident Fund Organisation) के सदस्य घर बैठे UAN, PF बैलेंस, क्लेम और दूसरी सर्विस का इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन, सुविधा बढ़ने के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी का खतरा भी बढ़ा है। इसी को देखते हुए EPFO ने अपने सदस्यों को फर्जी वेबसाइट, संदिग्ध लिंक, SMS, ईमेल और सोशल मीडिया संदेशों से सावधान रहने की सलाह दी है। EPFO ने 9 अगस्त को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए सदस्यों से कहा कि किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले सोचें, वेबसाइट का URL जांचें और अपनी निजी जानकारी को सुरक्षित रखें। खासकर UAN, आधार, PAN, बैंक अकाउंट की जानकारी, पासवर्ड और OTP जैसी संवेदनशील जानकारी किसी अनजान वेबसाइट या व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।</p>
<p>EPFO की चेतावनी इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि साइबर ठग अक्सर ऐसी फर्जी वेबसाइट या लिंक तैयार करते हैं, जो देखने में सरकारी वेबसाइट जैसी लगती हैं। कई बार लोगों को SMS, WhatsApp, ईमेल या सोशल मीडिया के जरिए संदेश भेजकर कहा जाता है कि उनका UAN बंद होने वाला है, PF अकाउंट अपडेट करना जरूरी है, KYC तुरंत पूरा करें या किसी समस्या के कारण उनका क्लेम अटक गया है। इसके साथ एक लिंक दिया जाता है। जैसे ही व्यक्ति उस लिंक पर क्लिक करके अपनी जानकारी भरता है, उसकी निजी और वित्तीय जानकारी ठगों के हाथ लग सकती है। कुछ मामलों में ठग OTP हासिल करके बैंक खाते से पैसे निकालने की कोशिश भी कर सकते हैं। इसलिए केवल किसी वेबसाइट का सरकारी जैसा दिखना यह साबित नहीं करता कि वह असली है।</p>
<p>EPFO के सदस्यों को सबसे पहले यह आदत डालनी चाहिए कि PF से जुड़ी किसी भी सर्विस के लिए आधिकारिक वेबसाइट का इस्तेमाल खुद करें। किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक करके EPFO की सेवा खोलने से बचें। अगर आपको कोई SMS, ईमेल या WhatsApp संदेश मिलता है और उसमें तुरंत कार्रवाई करने के लिए कहा जाता है, तो घबराने के बजाय पहले उसकी सत्यता जांचें। खास तौर पर ऐसे संदेशों से सावधान रहें, जिनमें अकाउंट बंद होने, पैसे मिलने, KYC अपडेट या PF क्लेम के नाम पर तुरंत OTP, पासवर्ड या बैंक डिटेल मांगी जाती हो।</p>
<p>दूसरा जरूरी कदम वेबसाइट का URL ध्यान से जांचना है। साइबर ठग असली वेबसाइट के नाम में मामूली बदलाव करके नकली वेबसाइट बना सकते हैं। उदाहरण के लिए किसी अक्षर की स्पेलिंग बदलना, अतिरिक्त शब्द जोड़ना या अलग डोमेन का इस्तेमाल करना आम तरीका है। इसलिए लॉगिन करने से पहले वेबसाइट के पते को ध्यान से देखें। अगर URL अजीब दिखाई दे, उसमें अनावश्यक शब्द हों या वेबसाइट पर पहुंचने का तरीका संदिग्ध हो, तो वहां अपनी जानकारी बिल्कुल न भरें।</p>
<p>तीसरी और सबसे महत्वपूर्ण सावधानी है कि UAN, Aadhaar, PAN, बैंक डिटेल, पासवर्ड और OTP को किसी अनधिकृत वेबसाइट या व्यक्ति के साथ साझा न करें। OTP को कभी भी किसी दूसरे व्यक्ति को बताना सुरक्षित नहीं है। इसी तरह ATM PIN, इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड और अन्य वित्तीय जानकारी भी किसी के साथ शेयर नहीं करनी चाहिए। अगर कोई व्यक्ति फोन करके खुद को EPFO अधिकारी बताता है और आपसे OTP या लॉगिन डिटेल मांगता है, तो तुरंत सावधान हो जाएं।</p>
<p>चौथा नियम यह है कि SMS, सोशल मीडिया और ईमेल से मिले अनवेरिफाइड लिंक पर क्लिक न करें। अगर आपको EPFO से संबंधित कोई सेवा इस्तेमाल करनी है, तो लिंक पर क्लिक करने के बजाय आधिकारिक वेबसाइट का पता अपने ब्राउजर में खुद टाइप करके वेबसाइट खोलना ज्यादा सुरक्षित तरीका है। इससे फर्जी लिंक के जरिए गलत वेबसाइट पर पहुंचने का जोखिम काफी कम किया जा सकता है।</p>
<p>5वीं सावधानी के तौर पर किसी भी संदिग्ध वेबसाइट, संदेश या साइबर फ्रॉड की कोशिश को नजरअंदाज न करें। अगर आपको लगता है कि कोई लिंक या संदेश फर्जी है, तो उसकी जानकारी संबंधित आधिकारिक माध्यम या साइबर अपराध रिपोर्टिंग चैनल के जरिए दें। इससे दूसरे लोग भी ऐसे धोखे से बच सकते हैं। साथ ही अगर गलती से आपने किसी संदिग्ध वेबसाइट पर अपनी संवेदनशील जानकारी डाल दी है, तो तुरंत संबंधित बैंक या वित्तीय संस्थान से संपर्क करना और आवश्यक सुरक्षा कदम उठाना जरूरी है।</p>
<p>छठी और सबसे जरूरी बात यह है कि EPFO खुद फोन कॉल, SMS, WhatsApp, सोशल मीडिया या ईमेल के जरिए OTP, पासवर्ड या लॉगिन क्रेडेंशियल मांगने की प्रक्रिया नहीं अपनाता। इसलिए अगर कोई व्यक्ति EPFO के नाम पर आपसे ऐसी जानकारी मांगता है, तो उस पर भरोसा न करें। ठग अक्सर सरकारी संस्थाओं का नाम और लोगो इस्तेमाल करके लोगों में विश्वास पैदा करने की कोशिश करते हैं।</p>
<p>आज PF से जुड़े कई काम ऑनलाइन किए जा सकते हैं, इसलिए UAN और दूसरी व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा पहले से ज्यादा जरूरी हो गई है। फर्जी लिंक पर क्लिक न करना, URL की जांच करना और OTP व वित्तीय जानकारी किसी के साथ साझा न करना साइबर फ्रॉड से बचने के सबसे आसान तरीकों में शामिल हैं। याद रखें, EPFO से जुड़ी किसी भी ऑनलाइन सेवा के लिए जल्दबाजी में लिंक खोलने के बजाय पहले उसकी प्रामाणिकता जांचना ज्यादा सुरक्षित है। आपकी कुछ सेकंड की सावधानी आपके PF खाते, बैंक खाते और वर्षों की मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>माओवादियों तक विस्फोटक पहुंचाने वाले पति&#45;पत्नी समेत तीन दोषियों को सजा, विशेष NIA कोर्ट का फैसला</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में माओवादियों तक विस्फोटक सामग्री पहुंचाने की साजिश के मामले में विशेष एनआईए कोर्ट ने पति-पत्नी समेत तीन आरोपितों को दोषी करार दिया है। विशेष न्यायालय एनआई एक्ट, नारायणपुर ने रवि मरकाम, उसकी पत्नी चमेली बाई और कोसरू वड्डे को दोषी ठहराते हुए विभिन्न धाराओं में सश्रम कारावास और जुर्माने … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 00:30:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>माओवादियों, तक, विस्फोटक, पहुंचाने, वाले, पति-पत्नी, समेत, तीन, दोषियों, को, सजा, विशेष, NIA, कोर्ट, का, फैसला</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में माओवादियों तक विस्फोटक सामग्री पहुंचाने की साजिश के मामले में विशेष एनआईए कोर्ट ने पति-पत्नी समेत तीन आरोपितों को दोषी करार दिया है। विशेष न्यायालय एनआई एक्ट, नारायणपुर ने रवि मरकाम, उसकी पत्नी चमेली बाई और कोसरू वड्डे को दोषी ठहराते हुए विभिन्न धाराओं में सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले की प्रारंभिक कार्रवाई नारायणपुर पुलिस ने की थी, जबकि आगे की जांच राज्य अन्वेषण अभिकरण (SIA), रायपुर ने की।<br>
जड़ी-बूटी बेचने की आड़ में रखी थी विस्फोटक सामग्री</p>
<p>मामला 19 मार्च 2024 का है। नारायणपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम तारागांव में कुछ संदिग्ध लोग जड़ी-बूटी बेचने के नाम पर विस्फोटक सामग्री से भरी गठरियां लेकर पहुंचे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने तत्काल तारागांव में दबिश दी। पुलिस ने मौके से दो संदिग्धों को पकड़ा। उनके पास रखी गठरियों की तलाशी लेने पर पोटेशियम नाइट्रेट, कार्डेक्स वायर और डेटोनेटर समेत अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद हुई।</p>
<p>पकड़े गए दोनों की पहचान रवि मरकाम (45) और उसकी पत्नी चमेली बाई (35), निवासी मध्य प्रदेश के रूप में हुई। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि विस्फोटक सामग्री को माओवादियों तक पहुंचाने के लिए रखा गया था।<br>
जांच में तीसरे आरोपित की भूमिका सामने आई</p>
<p>मामले की जांच आगे बढ़ने पर कोसरू वड्डे (39), निवासी ओरछा की भूमिका भी सामने आई। उसकी संलिप्तता पाए जाने के बाद उसे भी गिरफ्तार किया गया। इस तरह माओवादियों तक विस्फोटक पहुंचाने की साजिश में पति-पत्नी समेत तीन आरोपित गिरफ्तार किए गए। नारायणपुर पुलिस ने अपराध दर्ज करने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की जांच राज्य अन्वेषण अभिकरण (SIA), रायपुर को सौंप दी।<br>
पूर्व बस्तर डिवीजन के माओवादी सप्लायरों तक पहुंचाना था विस्फोटक</p>
<p>SIA की जांच में सामने आया कि आरोपितों के पास से बरामद विस्फोटक सामग्री को पूर्व बस्तर डिवीजन भाकपा माओवादी के सप्लायर नेटवर्क और अन्य माओवादी सदस्यों तक पहुंचाया जाना था। आरोपित विस्फोटक सामग्री की सप्लाई की तैयारी में थे, लेकिन इससे पहले ही नारायणपुर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान SIA ने मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए और तीनों आरोपितों की भूमिका स्पष्ट करते हुए विशेष न्यायालय एनआई एक्ट, नारायणपुर में अभियोग पत्र पेश किया।</p>
<p><strong>साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने ठहराया दोषी</strong></p>
<p>अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर विशेष न्यायालय ने तीनों आरोपितों को दोषी करार दिया। कोर्ट ने विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 और विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 की विभिन्न धाराओं में सजा सुनाई।<br>
छह धाराओं में सजा</p>
<p>– धारा 4, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908: 7 वर्ष का सश्रम कारावास और 1000 रुपये जुर्माना।</p>
<p>– धारा 5, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908: 7 वर्ष का सश्रम कारावास और 1000 रुपये जुर्माना।</p>
<p>– धारा 10(1), विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1967: 2 वर्ष का सश्रम कारावास और 500 रुपये जुर्माना।</p>
<p>– धारा 13(1): 5 वर्ष का सश्रम कारावास और 500 रुपये जुर्माना।</p>
<p>– धारा 38(2): 5 वर्ष का सश्रम कारावास और 500 रुपये जुर्माना।</p>
<p>– धारा 39(2): 5 वर्ष का सश्रम कारावास और 500 रुपये जुर्माना।</p>]]> </content:encoded>
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<title>Aaj Ka Rashifal 11 August 2026: 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन? जानें प्यार, करियर, धन और सेहत का हाल</title>
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<description><![CDATA[ मेष आज सेल्फ केयर भी जरूरी है। आज का आपका दिन दिलचस्प रहने वाला है। अपनी बुद्धि से हर मौके को अनलॉक करें। नई जिम्मेदारियां आपकी क्रिएटिव स्किल को निखारेंगी। आज अपने पैसों को स्मार्ट तरीके और सावधानी के साथ हैन्डल करें। वृषभ जल्दबाजी में लिया गया निर्णय अनावश्यक मुश्किलें पैदा कर सकता है। बातचीत … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 00:15:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Aaj, Rashifal, August, 2026:, राशियों, के, लिए, कैसा, रहेगा, आज, का, दिन, जानें, प्यार, करियर, धन, और, सेहत, का, हाल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मेष</strong><br>
आज सेल्फ केयर भी जरूरी है। आज का आपका दिन दिलचस्प रहने वाला है। अपनी बुद्धि से हर मौके को अनलॉक करें। नई जिम्मेदारियां आपकी क्रिएटिव स्किल को निखारेंगी। आज अपने पैसों को स्मार्ट तरीके और सावधानी के साथ हैन्डल करें।</p>
<p><strong>वृषभ</strong><br>
जल्दबाजी में लिया गया निर्णय अनावश्यक मुश्किलें पैदा कर सकता है। बातचीत में, खासतौर पर रिश्तों में और कार्यस्थल पर धैर्य <strong>विकसित करने से बेहतर परिणाम मिलेंगे। सामाजिक तौर पर और करियर में ग्रोथ की काफी संभावना है।</strong></p>
<p><strong>मिथुन</strong><br>
आज के दिन पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों क्षेत्रों में विकास के कई अवसर हैं। सकारात्मक मानसिकता से अच्छे परिणाम मिलेंगे। मेंटल हेल्थ को हेल्दी रखें और पॉजिटिव बने रहें।</p>
<p><strong>कर्क</strong><br>
पर्सनल ग्रोथ की अपनी खोज में अपनी ख्वाहिशों के साथ अपनी भावना को संतुलित करना याद रखें। आज एक महत्वपूर्ण समय है। बदलाव को अपनाएं और नए रास्ते तलाशें, जो खुद ही सामने आ सकते हैं।</p>
<p><strong>सिंह</strong><br>
आज दिन को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए ओवर कमिटमेंट से बचें। आज का दिन खुद की खोज करने और अपने रिश्तों को मजबूत <strong>करने की संभावनाओं से भरपूर है। किसी आकस्मिक मुलाकात से अच्छा कनेक्शन बन सकता है।</strong></p>
<p><strong>कन्या</strong><br>
अपने प्रेमी के साथ समय बिताते हुए फीलिंग्स शेयर करें। नौकरी में उत्पादक और इनोवेटिव बनें। आज धन-दौलत के मामले में कोई समस्या नहीं रहेगी। आपको अपने स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की जरूरत है।</p>
<p><strong>तुला</strong><br>
आज अवसरों और अप्रत्याशित चुनौतियों दोनों से भरे दिन का सामना करना पड़ सकता है। सोच-समझकर डिसीजन लेने और अनुशासन बनाए रखने की आपकी क्षमता महत्वपूर्ण रहेगी। कार्यों को प्राथमिकता दें।</p>
<p><strong>वृश्चिक</strong><br>
प्रेम जीवन से अहंकार को दूर रखें। आप दोनों को एक साथ अधिक समय बिताना चाहिए। आपका दिन उत्पादक रहेगा। अपने स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहें, जबकि आर्थिक रूप से आप सफल रहेंगे।</p>
<p><strong>धनु</strong><br>
आज लव लाइफ में रोमांटिक बने रहें और बिना किसी बाधा के फीलिंग्स को शेयर करें। काम में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें और इससे वेतन और पद में वृद्धि हो सकती है। स्वास्थ्य और धन संबंधी छोटी-मोटी परेशानियां हो सकती हैं।</p>
<p><strong>मकर</strong><br>
आज का दिन थोड़ा रिस्की साबित हो सकता है। नए अवसरों को हाथ से जाने न दें। करियर और प्यार में नए रास्ते सामने आ सकते हैं। <strong>सावधानी से हर एक कदम उठाएं। सफलतापूर्वक सिचूऐशन को पार करने के लिए खुद पर भरोसा रखें।</strong></p>
<p><strong>कुंभ</strong><br>
प्रेम जीवन को बरकरार रखने के लिए तैयार रहें। व्यावसायिक जीवन मिश्रित स्थिति वाला है। आर्थिक खुशहाली रहेगी। आज आपको अपने स्वास्थ्य पर भी नजर रखनी चाहिए।</p>
<p><strong>मीन</strong><br>
आज पूरे दिन रोमांटिक बने रहें। आपकी पेशेवर कमिटमेंट आपके करियर के विकास में मदद करेगी। आर्थिक रूप से आप भाग्यशाली हैं लेकिन आज अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>बलराम कृषि महोत्सव को सांस्कृतिक उत्सव के रूप में मनाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बलराम कृषि महोत्सव सिर्फ किसानों का नहीं, यह हमारी भारतीय कृषि संस्कृति का उत्सव है। इसीलिए इसे एक सांस्कृतिक पर्व के रूप में मनाया जाए। इन दिनों प्रदेश में सभी जिलों में बलराम कृषि महोत्सव मनाया जा रहा है। जिसमें उन्नत कृषि पर केंद्रित प्रदर्शनी भी … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 00:00:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>बलराम, कृषि, महोत्सव, को, सांस्कृतिक, उत्सव, के, रूप, में, मनाएं, मुख्यमंत्री, डॉ., यादव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बलराम कृषि महोत्सव सिर्फ किसानों का नहीं, यह हमारी भारतीय कृषि संस्कृति का उत्सव है। इसीलिए इसे एक सांस्कृतिक पर्व के रूप में मनाया जाए। इन दिनों प्रदेश में सभी जिलों में बलराम कृषि महोत्सव मनाया जा रहा है। जिसमें उन्नत कृषि पर केंद्रित प्रदर्शनी भी लगाई जा रही है। बड़ी संख्या में किसानों और ग्रामीणों की इसमें सहभागिता इस बात का प्रतीक है कि किसान स्वप्रेरणा से इस महोत्सव से जुड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संस्कृति विभाग बलराम कृषि महोत्सव में विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित कर किसानों की बड़ी संख्या में उपस्थिति का लाभ उठाए और उन्हें मनोरंजक तरीके से हमारी संस्कृति और सरकार की उपलब्धियों के बारे में बताया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस सहित आगामी सभी पर्व पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रालय में स्वतंत्रता दिवस और अन्य पर्वों से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रावण मास चल रहा है। कांवड़िये शिवालयों की तरफ बढ़ रहे हैं। इनके सहज आवागमन, भोजन, पानी, सुरक्षा सभी के लिए व्यापक प्रबंध किए जाएं। कांवड़ियों को कोई कठिनाई नहीं हो।</p>
<p><strong>14 अगस्त को मनाया जाएगा भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस</strong></p>
<p>अपर मुख्य सचिव गृह विभाग  संजय कुमार शुक्ल ने बैठक में बताया कि 14 अगस्त को वंदेमातरम् 150 वर्ष समारोह एवं भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया जाएगा। इस दिन शौर्य स्मारक में एक 'चित्र प्रदर्शनी' आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस प्रदर्शनी का शुभारंभ कर इसका अवलोकन भी करेंगे। इस अवसर पर शौर्य स्मारक में ही प्रवासी भारतीय और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करती 'प्रवासी सेनानी वीथी' का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री इसी स्थान से पुलिस बल की तिरंगा बाईक रैली को हरी झंडी दिखाकर इस रैली को रवाना करेंगे। रैली की शुरुआत शौर्य स्मारक से होकर विभिन्न मार्ग होते हुए इसका समापन भी शौर्य स्मारक में ही होगा।</p>
<p><strong>स्वतंत्रता दिवस पर सुबह शौर्य स्मारक में पुष्पांजलि और शाम को रविन्द्र भवन में मनेगा आजादी का महापर्व</strong></p>
<p>अपर मुख्य सचिव  शुक्ल ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस अवसर पर सुबह 8.30 बजे शौर्य स्मारक भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा शौर्य स्मारक स्थित शहीद स्तम्भ पर पुष्प चक्र एवं भारतमाता की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी। इसी दिन शाम 6.30 बजे रवीन्द्र भवन के हंसध्वनि सभागार में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में आजादी का महापर्व कार्यक्रम मनाया जाएगा। इसमें सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका मती कविता कृष्णमूर्ति और उनके दल द्वारा सांगीतिक प्रस्तुति दी जाएगी।</p>
<p><strong>28 अगस्त को मनाया जाएगा रक्षाबंधन</strong></p>
<p>अपर मुख्य सचिव संस्कृति  शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि 28 अगस्त को रक्षा पर्व के रूप में रक्षाबंधन बनाया जाएगा। इस वर्ष यह सामाजिक संबंधों के राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री निवास में लाड़ली बहनों से रक्षा सूत्र बंधवाएंगे। साथ ही इस दिन सभी वरिष्ठजन समाज के कमजोर वर्गों, जरूरतमंदों और निराश्रितों की रक्षा करने का भाव लेकर उनसे रक्षा सूत्र बंधवाएंगे।</p>
<p><strong>2 सितम्बर को मनाई जाएगी बलराम जयंती</strong></p>
<p>अपर मुख्य सचिव  शुक्ला ने बताया कि 2 सितम्बर को बलराम जयंती मनाई जाएगी। इस दिन संस्कृति विभाग द्वारा कृषि संबंधी पारम्परिक कलारूपों की प्रस्तुतियां, खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा ग्रामीण अंचलों में खेल-कूद प्रतियोगिता तथा किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा कृषि संबंधी आधुनिक उपकरण, खाद, बीज और औषधि केन्द्रित प्रदर्शनी, सह-संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।</p>
<p><strong>'कृष्ण पर्व'</strong></p>
<p>अपर मुख्य सचिव संस्कृति  शुक्ला ने बताया कि संस्कृति विभाग द्वारा 29 अगस्त से 6 सितम्बर तक प्रदेश भर में 'कृष्ण पर्व' मनाया जाएगा। इसमें 29 अगस्त से 4 सितम्बर तक रविन्द्र भवन में सात दिवसीय  रासलीला समारोह जैसे अन्य आयोजन भी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कृष्ण पर्व के दौरान प्रदेश के 101 स्थानों पर कृष्ण की लीलाओं पर आधारित सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृष्ण पर्व से जुड़ी गतिविधियों में स्कूल शिक्षा विभाग, जनजातीय कार्य विभाग और नगरीय निकायों को भी शामिल करने और इनका सहयोग लेने के निर्देश दिए।</p>
<p><strong>'कृष्ण पर्व' के दौरान होने वाली गतिविधियों का स्वरुप</strong></p>
<p>अपर मुख्य सचिव  शुक्ल ने बताया कि कृष्ण पर्व आयोजन के दौरान प्रदेश में कृष्ण की लीलाओं और प्रसंगों से जुड़े 25 स्थलों में उस स्थल से जुड़े हुए प्रसंग/आख्यान के अनुसार कलाकारों की प्रस्तुति, लीला केन्द्रित गतिविधियां, कृष्ण से जुड़े विभिन्न प्रसंगों पर नृत्य-नाट्य प्रस्तुतियाँ एवं भगवान बलराम-कृष्ण केन्द्रित भक्ति गायन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर संबंधित जिला प्रशासन के अंतर्गत आने वाले सभी कृष्ण मंदिरों, मठों, देवालयों का विशेष श्रृंगार एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों में स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक जिले के महत्वपूर्ण स्थल पर संस्कृति विभाग के माध्यम से अन्य आयोजन भी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में कलेक्टर्स को भी निर्देश जारी कर दिए गए हैं। कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर सभी कृष्ण मंदिरों में होने वाली गतिविधियों के आयोजन में तीर्थ स्थान एवं मेला प्राधिकरण का सहयोग भी लिया जाएगा।</p>
<p>बैठक में मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव  अनुपम राजन, अपर मुख्य सचिव मती दीपाली रस्तोगी, पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाना, प्रमुख सचिव  सुखबीर सिंह, आयुक्त जनसम्पर्क  मनीष सिंह, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार  राम तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>राजनांदगांव में 25वीं छत्तीसगढ़ स्टेट जूनियर रैंकिंग बैडमिंटन टूर्नामेंट का भव्य शुभारंभ</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर राजनांदगांव के दिग्विजय स्टेडियम में जिला बैडमिंटन एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित 25वीं छत्तीसगढ़ स्टेट जूनियर रैंकिंग बैडमिंटन टूर्नामेंट 2026-27 का भव्य शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता का उद्घाटन विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उपमुख्यमंत्री  अरुण साव ने किया। 9 से 13 अगस्त 2026 तक चलने वाली इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रदेशभर से अंडर-19 … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 23:30:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>राजनांदगांव, में, 25वीं, छत्तीसगढ़, स्टेट, जूनियर, रैंकिंग, बैडमिंटन, टूर्नामेंट, का, भव्य, शुभारंभ</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>राजनांदगांव के दिग्विजय स्टेडियम में जिला बैडमिंटन एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित 25वीं छत्तीसगढ़ स्टेट जूनियर रैंकिंग बैडमिंटन टूर्नामेंट 2026-27 का भव्य शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता का उद्घाटन विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उपमुख्यमंत्री  अरुण साव ने किया। 9 से 13 अगस्त 2026 तक चलने वाली इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रदेशभर से अंडर-19 बालक एवं बालिका वर्ग के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।</p>
<p><strong>राजनांदगांव खेल नगरी के रूप में हो रहा विकसित- डॉ. रमन सिंह   </strong></p>
<p>विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव में प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन होना गर्व का विषय है। यहाँ हॉकी, फुटबॉल, क्रिकेट, बास्केटबॉल, बैडमिंटन, जूडो, कराटे और कुश्ती जैसे खेलों में अपार प्रतिभाएं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार राजनांदगांव को खेल नगरी के रूप में विकसित करने के लिए खेल अधोसंरचना, कोर्ट, प्रशिक्षण सुविधाओं और आधुनिक संसाधनों के विकास पर लगातार काम कर रही है। उन्होंने खिलाड़ियों को अनुशासन और कड़ी मेहनत के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।</p>
<p><strong>खेलों को बढ़ावा देने मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन को 100 करोड़- उपमुख्यमंत्री अरुण साव     </strong> </p>
<p>उपमुख्यमंत्री  अरुण साव ने राजनांदगांव को संस्कारधानी के साथ-साथ खेलों की राजधानी बताया। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय भारोत्तोलक ज्ञानेश्वरी यादव का उल्लेख करते हुए कहा कि जिले में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। राज्य सरकार खेलों के विकास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस वर्ष 156 खिलाड़ियों को श्उत्कृष्ट खिलाड़ीश् घोषित किया गया है तथा श्मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशनश् के तहत 100 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। उन्होंने बैडमिंटन एसोसिएशन को अधोसंरचना के प्रस्ताव पर बजट उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया।</p>
<p><strong>सांसद संतोष पाण्डेय ने दिया खिलाड़ियों को मार्गदर्शन      </strong></p>
<p>सांसद  संतोष पाण्डेय ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए दिग्विजय स्टेडियम परिसर के संसाधनों का खिलाड़ियों के हित में बेहतर उपयोग करने और खेल अधोसंरचना को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन छत्तीसगढ़ बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष  विक्रम सिंह सिसोदिया ने दिया। इस अवसर पर राजगामी संपदा न्यास की अध्यक्ष मती पूर्णिमा साहू, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, कोच और बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित थे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>छत्तीसगढ़ में व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं, आपसी सहयोग से बढ़ेगा व्यापार&#45; राज्यपाल  डेका</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर पूर्वाेत्तर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड कम्युनिटी, दिल्ली-एनसीआर तथा छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधिमंडल ने आज समन्वयक  सुशील अग्रवाल के नेतृत्व में राज्यपाल  रमेन डेका से सौजन्य भेंट की। इस दौरान छत्तीसगढ़, पूर्वाेत्तर  तथा दिल्ली-एनसीआर के बीच व्यापारिक एवं औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। राज्यपाल  रमेन डेका ने … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 23:30:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>छत्तीसगढ़, में, व्यापार, और, उद्योग, के, क्षेत्र, में, व्यापक, संभावनाएं, आपसी, सहयोग, से, बढ़ेगा, व्यापार-, राज्यपाल, डेका</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>पूर्वाेत्तर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड कम्युनिटी, दिल्ली-एनसीआर तथा छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधिमंडल ने आज समन्वयक  सुशील अग्रवाल के नेतृत्व में राज्यपाल  रमेन डेका से सौजन्य भेंट की। इस दौरान छत्तीसगढ़, पूर्वाेत्तर  तथा दिल्ली-एनसीआर के बीच व्यापारिक एवं औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।</p>
<p>राज्यपाल  रमेन डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है और यहां वनोपज, कृषि एवं फार्मिंग, स्टील, चाय सहित विभिन्न क्षेत्रों में व्यापार एवं उद्योग की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा व्यापार और उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक सुविधाएं एवं हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।</p>
<p>राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के व्यापारियों और उद्योगपतियों के लिए भी पूर्वाेत्तर राज्यों तथा दिल्ली-एनसीआर में व्यापार एवं उद्योग के विस्तार की भी पर्याप्त संभावनाएं हैं। उन्होंने दोनों क्षेत्रों के चैंबर ऑफ कॉमर्स से आपसी समन्वय बढ़ाकर व्यापारियों एवं उद्योगपतियों को आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करने पर चर्चा की।</p>
<p>प्रतिनिधिमंडलों ने आपसी व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने तथा व्यापार एवं उद्योग के नए अवसर विकसित करने के संबंध में अपने विचार साझा किए।</p>
<p>इस अवसर पर पूर्वाेत्तर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड कम्युनिटी, नई दिल्ली-एनसीआर के अध्यक्ष  अजय खेमानी,  राजेश सोनी, सह-समन्वयक  सारंग अग्रवाल तथा छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष  सतीश थोरानी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की नियुक्ति कैसे होती है? जानें CJI, कॉलेजियम और केंद्र की पूरी भूमिका</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली  देश के सात हाईकोर्ट इस समय नियमित चीफ जस्टिस के बिना चल रहे हैं. इस बीच सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले कोलेजियम ने चार हाईकोर्ट में नियमित चीफ जस्टिस नियुक्त करने के लिए चार नामों की सिफारिश की है. इनमें बॉम्बे, कलकत्ता, पटना और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट शामिल हैं. कोलेजियम … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 23:15:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p> देश के सात हाईकोर्ट इस समय नियमित चीफ जस्टिस के बिना चल रहे हैं. इस बीच सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले कोलेजियम ने चार हाईकोर्ट में नियमित चीफ जस्टिस नियुक्त करने के लिए चार नामों की सिफारिश की है. इनमें बॉम्बे, कलकत्ता, पटना और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट शामिल हैं. कोलेजियम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी को बॉम्बे हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश की है. बॉम्बे हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस जस्टिस रवींद्र वी. घुगे को कलकत्ता हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने का प्रस्ताव है. दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा को नियमित चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश की गई है। </p>
<p>यहां बड़ा सवाल यह है कि आखिर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की नियुक्ति होती कैसे है? क्या इसमें राज्य सरकार की कोई भूमिका होती है? क्या मुख्यमंत्री या राज्यपाल किसी नाम को रोक सकते <strong>हैं? और क्या पूरी प्रक्रिया सीधे सीजेआई के हाथ में होती है?पहले समझिए, हाईकोर्ट के CJ की नियुक्ति कौन करता है</strong>। </p>
<p>हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 217 के तहत होती है. नियुक्ति का अंतिम अधिकार राष्ट्रपति के पास होता है. यानी तकनीकी तौर पर चीफ जस्टिस की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं. लेकिन, राष्ट्रपति किसी नाम का अपने स्तर पर चयन नहीं करते. नामो के चयन का काम कोलेजियम व्यवस्था करती है. यही वजह है कि व्यवहार में हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की नियुक्ति में सुप्रीम कोर्ट का कोलेजियम सबसे अहम भूमिका निभाता है. यहां एक बात समझना जरूरी है. सीजेआई अकेले किसी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस का नाम तय नहीं करते. नाम पर फैसला सुप्रीम कोर्ट का कोलेजियम करता है. मौजूदा वक्त में कोलेजियम में चीज जस्टिस और उनके बाद कुछ <strong>सीनियर जज शामिल होते हैं</strong>। <br>
<strong>चीफ जस्टिस का नाम कहां से आता है?</strong></p>
<p>हाईकोर्ट के सामान्य जज की नियुक्ति और हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की नियुक्ति की प्रक्रिया में बड़ा अंतर है. हाईकोर्ट के जजों की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव संबंधित हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अपने दो वरिष्ठतम जजों से सलाह लेकर तैयार करते हैं. इसके बाद यह प्रस्ताव राज्य सरकार और राज्यपाल की मंजूरी के बाद सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम के पास पहुंचता है. फिर सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम केंद्र सरकार के जरिए राष्ट्रपति तक नाम भेजता है. फिर राष्ट्रपति हाईकोर्ट में जजों को नियुक्त करते हैं। </p>
<p>लेकिन किसी हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने के मामले में संबंधित हाईकोर्ट का कोलेजियम किसी व्यक्ति को चीफ जस्टिस बनाने का अंतिम फैसला नहीं करता. इसका फैसला सुप्रीम कोर्ट का कोलेजियम करता है. यही कारण है कि देश के अलग-अलग हाईकोर्ट में चीफ <strong>जस्टिस बनाने के लिए अक्सर दूसरे हाईकोर्ट के वरिष्ठ जजों के नाम सामने आते हैं</strong>। <br>
<strong>अपने हाईकोर्ट का जज वहीं का चीफ जस्टिस नहीं बनता?</strong></p>
<p>इसके पीछे न्यायपालिका में लंबे समय से चली आ रही एक परंपरा है. आमतौर पर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के पद पर उसी हाईकोर्ट के बजाय दूसरे हाईकोर्ट के जज को नियुक्त करने की कोशिश की जाती है. इसका उद्देश्य जूडिशियरी की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को मजबूत करना है. माना जाता है कि किसी जज को उसके मूल हाईकोर्ट से बाहर चीफ जस्टिस बनाना स्थानीय प्रभाव और संभावित हितों के टकराव को कम करता है. मौजूदा सिफारिशों में भी इसका उदाहरण दिखाई देता है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी के नाम की बॉम्बे हाईकोर्ट के लिए सिफारिश हुई है. वहीं दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश की गई है। </p>
<p>
<strong>कोलकाता हाईकोर्ट के लिए भी जीफ जस्टिस की नियुक्ति हुई है.<br>
राज्य सरकार की भूमिका क्या होती है?</strong></p>
<p>इन नियुक्तियों में राज्य सरकार की भूमिका पूरी तरह खत्म नहीं होती. लेकिन राज्य सरकार के पास किसी नाम को अपनी पसंद से तय करने की शक्ति भी नहीं होती. हाईकोर्ट के जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया में राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री और राज्यपाल की भूमिका होती है. प्रस्ताव पर राज्य के संवैधानिक अधिकारियों के विचार लिए जाते हैं. इसके बाद मामला केंद्र सरकार के जरिए आगे बढ़ता है. केंद्रीय कानून मंत्रालय भी प्रस्ताव की जांच करता है. उपलब्ध रिपोर्ट और अन्य इनपुट पर विचार किया जाता है. इसके बाद पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के पास भेजा जाता है और सुप्रीम कोर्ट का कोलेजियम उस पर विचार करता है. इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि राज्य सरकार की कोई भूमिका ही नहीं है. लेकिन, यह भी कहना गलत होगा कि मुख्यमंत्री या राज्य सरकार किसी व्यक्ति को अपनी पसंद से हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बना सकती है। <br>
<strong>क्या राज्य सरकार किसी नाम को रोक सकती है?</strong></p>
<p>राज्य सरकार या राज्य के संवैधानिक अधिकारी प्रक्रिया में अपनी राय दे सकते हैं. किसी प्रस्ताव पर आपत्ति या इनपुट भी सामने आ सकता है. लेकिन अंतिम नियुक्ति की संवैधानिक प्रक्रिया न्यायपालिका और केंद्र के स्तर से होकर गुजरती है. सुप्रीम कोर्ट के कोलेजियम की सिफारिश इस पूरी व्यवस्था में बेहद महत्वपूर्ण है. सरकार के पास सिफारिश पर विचार करने और सुझाव देने की भूमिका है. नियुक्ति <strong>का अंतिम आदेश राष्ट्रपति जारी करते हैं। </strong></p>
<p><strong>तो क्या सीजेआई के हाथ में पूरी ताकत होती है?</strong><br>
इसका सीधा जवाब है- नहीं. सीजेआई बेहद महत्वपूर्ण भूमिका में होते हैं. लेकिन वह अकेले फैसला नहीं करते. सुप्रीम कोर्ट का कोलेजियम सामूहिक रूप से नाम पर विचार करता है. मौजूदा व्यवस्था में हाईकोर्ट से जुड़े मामलों पर सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जज भी इस प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं. इसके बाद सिफारिश केंद्र सरकार के पास जाती है. सरकार प्रक्रिया पूरी करती है. अंत में राष्ट्रपति नियुक्ति का आदेश जारी करते हैं. इस तरह कोलेजियम नाम तय करने में निर्णायक भूमिका निभाता है, केंद्र सरकार प्रक्रिया को आगे बढ़ाती है और राष्ट्रपति नियुक्ति की संवैधानिक कार्रवाई पूरी करते हैं। </p>
<p><strong>हाईकोर्ट के दूसरे जजों की नियुक्ति कैसे होती है?</strong><br>
हाईकोर्ट के सामान्य जजों की नियुक्ति में प्रक्रिया कुछ अलग है. सबसे पहले संबंधित हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस अपने दो वरिष्ठतम जजों के साथ मिलकर नामों पर विचार करता है. इसके बाद प्रस्ताव राज्य और केंद्र के स्तर से गुजरता है. केंद्र सरकार प्रस्ताव की जांच करती है. फिर उसे सुप्रीम कोर्ट के कोलेजियम के सामने रखा जाता है. सुप्रीम कोर्ट का कोलेजियम नाम को स्वीकार कर सकता है, वापस भेज सकता है या किसी अन्य नाम पर विचार कर सकता है. सुप्रीम कोर्ट के कोलेजियम की सिफारिश के बाद मामला केंद्र सरकार के पास जाता है और राष्ट्रपति नियुक्ति करते हैं। </p>]]> </content:encoded>
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<title>पेपर लीक विवाद के बाद NTA का बड़ा कदम, ‘Build New NTA’ मिशन के तहत होंगी नई भर्तियां</title>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली परीक्षा की सुरक्षा, टेक्नोलॉजी, पारदर्शिता और कामकाज को लेकर NTA पर कई सालों से सवाल उठते रहे हैं. अब NTA अपने काम में सुधार करने की तैयारी कर रहा है. इसके तहत नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने साइबर सिक्योरिटी, सतर्कता, परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था, रिसर्च, डेटा और कम्युनिकेशन जैसे कई क्षेत्रों में अलग-अलग पदों … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 23:15:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>पेपर, लीक, विवाद, के, बाद, NTA, का, बड़ा, कदम, ‘Build, New, NTA’, मिशन, के, तहत, होंगी, नई, भर्तियां</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong></p>
<p>परीक्षा की सुरक्षा, टेक्नोलॉजी, पारदर्शिता और कामकाज को लेकर NTA पर कई सालों से सवाल उठते रहे हैं. अब NTA अपने काम में सुधार करने की तैयारी कर रहा है. इसके तहत नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने साइबर सिक्योरिटी, सतर्कता, परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था, रिसर्च, डेटा और कम्युनिकेशन जैसे कई क्षेत्रों में अलग-अलग पदों पर भर्ती निकाली है. इन पदों के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 21 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है. NTA देश की बड़ी परीक्षाएं जैसे JEE Main, NEET UG, CUET और UGC NET का आयोजन करता है. एजेंसी ने इस नए भर्ती अभियान को “Build New NTA” नाम दिया है.  इसके जरिए अनुभवी प्रोफेशनल्स, रिसर्चर्स और युवाओं को NTA की टीम में शामिल किया जाएगा. यह कदम NEET-UG विवाद और NTA की ओर से 3 मई की परीक्षा को रद्द करके दोबारा आयोजित करने के फैसले के बाद लिया गया है। </p>
<p><strong>NTA को नए टीम की जरूरत</strong><br>
बता दें कि NTA की इस नई भर्ती के तहत अलग-अलग क्षेत्रों के एक्सपर्ट्स को शामिल किया जाएगा. एजेंसी ने 3 साल के कॉन्ट्रैक्ट पर महाप्रबंधक (GM) के लेवल पर भर्ती के लिए 4 पदों पर भर्ती निकाली है. इन पदों में मूल्यांकन, रिसर्च और साइकोमेट्रिक्स, टेस्ट सेंटर नेटवर्क और संचालन. सूचना सुरक्षा और सतर्कता, जांच और फोरेंसिक को शामिल किया गया है. टेस्ट सेंटर नेटवर्क और संचालन के GM की जिम्मेदारी देश के 500 से ज्यादा शहरों और कुछ विदेशी जगहों पर मौजूद NTA के परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था संभालना होगा. इसमें परीक्षा केंद्रों की गुणवत्ता, क्षमता और मानकों का ध्यान रखना शामिल है।  </p>
<p>इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी के GM (CISO) NTA की साइबर सुरक्षा संभालेंगे. वहीं, विजिलेंस, जांच और फोरेंसिक के GM आंतरिक जांच, सतर्कता और डिजिटल फोरेंसिक का काम देखेंगे. इन चीजों से साफ समझ आ रहा है कि NTA केवल परीक्षा कराने के लिए कर्मचारी नहीं रख रहा है, बल्कि परीक्षा की सुरक्षा, व्यवस्था और निष्पक्षता को मजबूत करने के लिए विशेषज्ञों की भर्ती कर रहा है। </p>
<p><strong>क्यों खास हैं NTA की नई भर्ती </strong><br>
NTA में ये भर्तियां ऐसे समय में हो रही हैं, जब पेपर की सुरक्षा, परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था, टेक्नोलॉजी और जानकारी देने के तरीके को लेकर कई सवाल उठ चुके हैं. ऐसे में नई भर्तियों के तहत उनका मकसद इन कमियों को दूर करना है. CISO का काम साइबर सुरक्षा को मजबूत करना होगा. वहीं, सतर्कता, जांच और फोरेंसिक टीम किसी भी गड़बड़ी की जांच और डिजिटल सबूतों पर काम करेगी. इसके साथ ही टेस्ट सेंटर नेटवर्क और ऑपरेशन टीम देशभर के परीक्षा केंद्रों पर अपनी नजर बनाई रखेंगी. कुल मिलाकर, NTA इन नई भर्तियों के जरिए परीक्षा की सुरक्षा, टेक्नोलॉजी, परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था और निगरानी को मजबूत करना चाहता है। </p>
<p><strong>डेटा और रिसर्च पर भी दे रहा है ध्यान </strong><br>
NTA में हो रही नई भर्ती केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है. एजेंसी रिसर्च और डेटा के क्षेत्र में भी लोगों को भर्ती कर रही है. NTA ऐसे रिसर्चर की तलाश कर रहा है, जो सही जानकारी और डेटा के आधार पर रिसर्च करने का तरीका तैयार कर सके.  इससे NTA को अपने फैसले, प्लानिंग और कामकाज बेहतर करने में मदद मिलेगी. इसके साथ ही NTA डेटा एनालिस्ट और मीडिया मॉनिटरिंग से जुड़े पद पर भी भर्ती कर रहा है. इनका काम मीडिया में NTA से जुड़ी खबरों, लोगों की राय और नए मुद्दों पर नजर रखना होगा. इसका मतलब है कि NTA अब डेटा और लोगों की प्रतिक्रिया के आधार पर समस्याओं को पहले पहचानने और समय रहते कार्रवाई करने पर ज्यादा ध्यान दे रहा है। </p>
<p><strong>16 युवा पेशेवर होंगे शामिल </strong><br>
यह भर्ती सिर्फ वरिष्ठ अधिकारियों के लिए नहीं है. NTA ने UPSC के प्रतिभा सेतु पोर्टल के जरिए 16 युवा प्रोफेशनल्स के लिए भी पद निकाले हैं. NTA की ओर से इस तरह की यह पहली पहल है. इन पदों में अकादमिक रिसर्च, कानूनी रिसर्च, वित्त और लेखा जैसे क्षेत्रों में काम करने का मौका मिलेगा. संबंधित पोस्टग्रेजुएट डिग्री या प्रोफेशनल योग्यता वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी. इस तरह NTA की भर्ती में अनुभवी अधिकारी, अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ और करियर की शुरुआत करने वाले युवा शोधकर्ता सभी के लिए मौके हैं। </p>
<p><strong>21 अगस्त है लास्ट डेट </strong><br>
इन नए पदों पर आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 21 अगस्त 2026 है. NTA से जुड़े नोटिस के मुताबिक, इन प्रोफेशनल पदों पर मिलने वाली सैलरी उम्मीदवारों के अनुभव और इंडस्ट्री में चल रहे मानकों के हिसाब से तय की जाएगी.जो उम्मीदवार आवेदन करना चाहते हैं, उन्हें NTA के आधिकारिक भर्ती नोटिस में अपने पद की योग्यता, पात्रता और आवेदन करने के तरीके की जानकारी जरूर देखनी चाहिए। </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>लहरों पर दिखेगा रोमांच, अपर लेक पर कल से ‘राजा भोज नेशनल सेलिंग चैम्पियनशिप’ का आगाज</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल एक बार फिर देश के बड़े वाटर स्पोर्ट्स आयोजनों का केंद्र बनने जा रही है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा ‘राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल सेलिंग चैम्पियनशिप (रैंकिंग) 2026’ का तृतीय संस्करण 11 से 16 अगस्त 2026 तक अपर लेक स्थित बोट क्लब के वाटर स्पोर्ट्स सेंटर में आयोजित किया … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 23:00:32 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>लहरों, पर, दिखेगा, रोमांच, अपर, लेक, पर, कल, से, ‘राजा, भोज, नेशनल, सेलिंग, चैम्पियनशिप’, का, आगाज</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल एक बार फिर देश के बड़े वाटर स्पोर्ट्स आयोजनों का केंद्र बनने जा रही है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा ‘राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल सेलिंग चैम्पियनशिप (रैंकिंग) 2026’ का तृतीय संस्करण 11 से 16 अगस्त 2026 तक अपर लेक स्थित बोट क्लब के वाटर स्पोर्ट्स सेंटर में आयोजित किया जा रहा है। छह दिवसीय इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देशभर के प्रतिभाशाली सेलर्स अपनी रफ्तार, संतुलन और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन करेंगे।</p>
<p><strong>12 राज्यों के करीब 100 खिलाड़ी होंगे शामिल</strong></p>
<p>राष्ट्रीय रैंकिंग की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देश के 12 राज्यों और विभिन्न प्रतिष्ठित क्लबों से करीब 100 राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ उभरती हुई प्रतिभाओं को भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। अपर लेक की अनुकूल परिस्थितियों में खिलाड़ियों के बीच रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे।</p>
<p><strong>YAI के तकनीकी मार्गदर्शन में होगा आयोजन</strong></p>
<p>प्रतियोगिता को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आयोजित करने के लिए Yachting Association of India (YAI) का तकनीकी मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। YAI के 12 ज्यूरी मेंबर्स एवं पदाधिकारी आयोजन के लिए भोपाल पहुंच चुके हैं। प्रतियोगिता के संचालन, तकनीकी व्यवस्थाओं और निर्णयन की प्रक्रिया में YAI की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। साथ ही भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के वरिष्ठ अधिकारी भी आयोजन से जुड़े रहेंगे।</p>
<p><strong>मध्यप्रदेश याटिंग एसोसिएशन का रहेगा समन्वय</strong></p>
<p>खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के संचालन में मध्यप्रदेश याटिंग एसोसिएशन का विशेष समन्वय रहेगा। आयोजन के माध्यम से प्रदेश में सेलिंग एवं अन्य वाटर स्पोर्ट्स को और अधिक प्रोत्साहन देने के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा।</p>
<p><strong>वाटर स्पोर्ट्स के हब के रूप में पहचान बना रहा भोपाल</strong></p>
<p>अपर लेक पर लगातार राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन से भोपाल ने देश के प्रमुख वाटर स्पोर्ट्स सेंटर के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। मध्यप्रदेश वाटर स्पोर्ट्स अकादमी में खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञ प्रशिक्षण के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जा रहा है।</p>
<p><strong>विदेशी विशेषज्ञों की निगरानी में तैयार हो रहे चैंपियन</strong></p>
<p>मध्यप्रदेश वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने के उद्देश्य से खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विदेशी प्रशिक्षकों की सेवाएं भी ली जा रही हैं। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में खिलाड़ी तकनीक, फिटनेस, रणनीति और प्रतियोगिता के दबाव से निपटने की क्षमता पर निरंतर काम कर रहे हैं।</p>
<p><strong>राष्ट्रीय प्रतियोगिता से प्रदेश की प्रतिभाओं को मिलेगा एक्सपोजर</strong></p>
<p>‘राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल सेलिंग चैम्पियनशिप’ जैसे आयोजनों से मध्यप्रदेश के युवा खिलाड़ियों को देश के शीर्ष सेलर्स के साथ प्रतिस्पर्धा करने और अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर मिलेगा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग का उद्देश्य प्रदेश में वाटर स्पोर्ट्स को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देना तथा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बेहतर मंच और प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।</p>
<p>भोपाल में 11 अगस्त से अपर लेक पर शुरू होने वाली यह चैम्पियनशिप न केवल देशभर के शीर्ष सेलर्स के कौशल और रफ्तार की परीक्षा होगी, बल्कि भोपाल की वाटर स्पोर्ट्स क्षमताओं और मध्यप्रदेश की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का भी महत्वपूर्ण अवसर बनेगी।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>भोपाल–विदिशा मार्ग 1,758 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा 4&#45;लेन</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश मेट्रोपोलिटन विकास, आधुनिक अधोसंरचना और हाई-स्पीड कनेक्टिविटी के नए युग में प्रवेश कर रहा है। भोपाल और उज्जैन–इंदौर मेट्रोपोलिटन क्षेत्रों की अधिसूचना प्रदेश के सुनियोजित शहरी एवं क्षेत्रीय विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। राज्य सरकार इन मेट्रोपोलिटन क्षेत्रों से जुड़े शहरों, कस्बों, औद्योगिक … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 23:00:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>भोपाल–विदिशा, मार्ग, 1, 758, करोड़, रुपये, की, लागत, से, बनेगा, 4-लेन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश मेट्रोपोलिटन विकास, आधुनिक अधोसंरचना और हाई-स्पीड कनेक्टिविटी के नए युग में प्रवेश कर रहा है। भोपाल और उज्जैन–इंदौर मेट्रोपोलिटन क्षेत्रों की अधिसूचना प्रदेश के सुनियोजित शहरी एवं क्षेत्रीय विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। राज्य सरकार इन मेट्रोपोलिटन क्षेत्रों से जुड़े शहरों, कस्बों, औद्योगिक क्षेत्रों, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तथा आर्थिक केंद्रों को आधुनिक, सुरक्षित और निर्बाध सड़क नेटवर्क से जोड़ने की व्यापक कार्ययोजना पर तेजी से काम कर रही है।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेट्रोपोलिटन विकास का अर्थ केवल बड़े नगरों की सीमाओं का विस्तार नहीं, बल्कि आसपास के छोटे शहरों, नगरीय निकायों और ग्रामीण क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। इन क्षेत्रों में बेहतर सड़कें, सुगम सार्वजनिक परिवहन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ निवेश और रोजगार के नए अवसर विकसित किए जाएंगे। इसके लिए वर्तमान सड़कों का उन्नयन करने के साथ एक्सप्रेस-वे, ग्रीनफील्ड मार्ग, रिंग रोड, बायपास और हाई-स्पीड कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल और उज्जैन–इंदौर मेट्रोपोलिटन क्षेत्रों के बीच आधुनिक एवं निर्बाध संपर्क स्थापित होने से प्रदेश में विकास का एक सशक्त त्रिकोण तैयार होगा। उज्जैन की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता, इंदौर की औद्योगिक एवं व्यावसायिक क्षमता तथा भोपाल की प्रशासनिक, शैक्षणिक और संस्थागत शक्ति परस्पर जुड़कर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई प्रदान करेगी। यह मेट्रोपोलिटन क्षेत्र आने वाले समय में निवेश, उद्योग, व्यापार, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और रोजगार के प्रमुख ग्रोथ इंजन बनेंगे।</p>
<p><strong>भोपाल–विदिशा 4-लेन परियोजना मंत्रि-परिषद की स्वीकृति के लिए प्रस्तावित</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल–विदिशा मार्ग को 4-लेन बनाने की महत्वाकांक्षी परियोजना का प्रस्ताव आज मंगलवार को आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है। हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर प्रस्तावित इस परियोजना की कुल लागत ₹1,757 करोड़ 55 लाख है। इसके अंतर्गत 44.83 किलोमीटर लंबे वर्तमान 2-लेन मार्ग को पेव्ड शोल्डर सहित 4-लेन में उन्नत किया जाएगा। मंत्रि-परिषद की स्वीकृति मिलने के बाद परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।</p>
<p>यह मार्ग भोपाल के अयोध्या बायपास स्थित भानपुर टी-जंक्शन से प्रारंभ होकर सूखी सेवनिया, दीवानगंज और सलामतपुर होते हुए एनएच-146 के सांची–सलामतपुर जंक्शन तक जाता है। यह भोपाल, रायसेन और विदिशा जिलों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण क्षेत्रीय मार्ग है।</p>
<p>मार्ग पर वर्तमान यातायात लगभग 10,975 पैसेंजर कार यूनिट है, जो 4-लेन मार्ग के लिए निर्धारित 10 हजार पैसेंजर कार यूनिट के मानक से अधिक है। महानगरीय क्षेत्र के विकास और भविष्य में यातायात वृद्धि को देखते हुए इसका 4-लेन उन्नयन आवश्यक है।</p>
<p><strong>परियोजना में कुल 8.25 किलोमीटर लंबाई के तीन बायपास प्रस्तावित हैं—</strong></p>
<p>             1.80 किलोमीटर लंबा सूखी सेवनिया बायपास</p>
<p>             1.35 किलोमीटर लंबा बेरखेड़ी बायपास</p>
<p>             5.10 किलोमीटर लंबा सलामतपुर बायपास</p>
<p>इन बायपास के निर्माण से आबादी वाले क्षेत्रों में वाहनों का दबाव कम होगा, सड़क दुर्घटनाओं की आशंका घटेगी और स्थानीय नागरिकों का आवागमन अधिक सुरक्षित होगा। यह मार्ग भोपाल–कानपुर हाई-स्पीड कॉरिडोर के लिए महत्वपूर्ण फीडर कॉरिडोर के रूप में भी कार्य करेगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल–विदिशा मार्ग यातायात के साथ धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इसके आसपास विश्व प्रसिद्ध सांची स्तूप, संग्रहालय, अशोक स्तंभ, उदयगिरि की गुफाएं और अनेक पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक स्थल मौजूद हैं। यह मार्ग लगभग 24.550 किलोमीटर पर कर्क रेखा से भी गुजरता है, जिससे इसका विशेष भौगोलिक महत्व है।</p>
<p>बेहतर सड़क संपर्क से भोपाल से विदिशा और सांची तक की यात्रा अधिक सुगम होगी तथा कम समय में पूरी की जा सकेगी। इससे पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ होटल, परिवहन, गाइड सेवा, हस्तशिल्प और स्थानीय कारोबार को प्रोत्साहन मिलेगा।</p>
<p>भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा रायसेन, सांची और विदिशा को बायपास करते हुए बनाए जा रहे नवीन 4-लेन मार्ग से जुड़कर यह परियोजना भोपाल, सागर, दमोह, छतरपुर और पन्ना सहित उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश की कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगी।</p>
<p>उज्जैन–इंदौर मेट्रोपोलिटन क्षेत्र में तैयार हो रहा आधुनिक सड़क नेटवर्क</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन–इंदौर मेट्रोपोलिटन क्षेत्र में तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन के लिए अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इनमें प्रमुख रूप से—</p>
<p>             इंदौर–उज्जैन 6-लेन मार्ग</p>
<p>             इंदौर–उज्जैन ग्रीनफील्ड 4-लेन मार्ग</p>
<p>             उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड 4-लेन मार्ग</p>
<p>             उज्जैन–मक्सी 4-लेन चौड़ीकरण</p>
<p>             उज्जैन सिंहस्थ बायपास</p>
<p>             हरिफाटक ब्रिज का चौड़ीकरण</p>
<p><strong>इंदौर–उज्जैन 6-लेन परियोजना में लगभग 80 प्रतिशत भौतिक प्रगति हासिल की जा चुकी है।</strong></p>
<p>भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा इंदौर आउटर रिंग रोड विकसित किया जा रहा है। उज्जैन–नागदा 4-लेन मार्ग का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि उज्जैन–झालावाड़ 4-लेन मार्ग की स्वीकृति भारत सरकार के स्तर पर विचाराधीन है। उज्जैन–जावरा मार्ग के माध्यम से उज्जैन को दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेस-वे से जोड़ने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इससे उज्जैन को देश के प्रमुख औद्योगिक, व्यापारिक और आर्थिक कॉरिडोर से सीधा संपर्क मिलेगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर की ईस्टर्न और वेस्टर्न रिंग रोड तथा उज्जैन क्षेत्र की बायपास परियोजनाएं महानगरीय क्षेत्र में वाहनों के दबाव को नियंत्रित करेंगी। भारी और लंबी दूरी के वाहन शहरी क्षेत्रों में प्रवेश किए बिना अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। इससे यात्रा समय और ईंधन की बचत होगी, सड़क सुरक्षा बेहतर होगी तथा शहरी यातायात अधिक व्यवस्थित बनेगा।</p>
<p>भोपाल मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के लिए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप नेटवर्क</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल मेट्रोपोलिटन क्षेत्र को आधुनिक और सुनियोजित स्वरूप देने के लिए राजधानी तथा इसके आसपास के नगरों, औद्योगिक क्षेत्रों, शिक्षण संस्थानों और आर्थिक गतिविधियों के केंद्रों को क्षेत्रीय सड़क नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। इस कार्ययोजना की प्रमुख परियोजनाएं हैं—</p>
<p>             भोपाल वेस्टर्न बायपास</p>
<p>             भोपाल ईस्टर्न बायपास</p>
<p>             भोपाल–इंदौर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे</p>
<p>             भोपाल–विदिशा 4-लेन मार्ग</p>
<p>भोपाल वेस्टर्न बायपास को स्वीकृति मिल चुकी है और भोपाल ईस्टर्न बायपास की स्वीकृति की प्रक्रिया प्रचलन में है। दोनों परियोजनाओं के पूरा होने पर शहर में प्रवेश करने वाले और भोपाल से होकर गुजरने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होंगे। इससे शहरी यातायात का दबाव कम होगा और भोपाल के आगामी दशकों के सुव्यवस्थित विस्तार का मजबूत आधार तैयार होगा।</p>
<p>प्रस्तावित भोपाल–इंदौर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे प्रदेश के दो प्रमुख मेट्रोपोलिटन क्षेत्रों के बीच हाई-स्पीड और निर्बाध संपर्क स्थापित करेगा। भोपाल, इंदौर और उज्जैन के बीच बेहतर कनेक्टिविटी से निवेशकों, उद्यमियों, विद्यार्थियों, पर्यटकों और आम नागरिकों को सुविधा मिलेगी। इससे नए औद्योगिक, व्यावसायिक और सेवा क्षेत्र क्लस्टर विकसित होने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।</p>
<p>विगत ढाई वर्षों में 29,693 किलोमीटर सड़कों का निर्माण एवं उन्नयन</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेट्रोपोलिटन क्षेत्रों के साथ पूरे प्रदेश में सड़क अधोसंरचना के विस्तार और उन्नयन का कार्य तेजी से किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग ने पिछले ढाई वर्षों में 29,693 किलोमीटर सड़कों का निर्माण एवं उन्नयन पूरा किया है। इससे दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर संपर्क स्थापित हुआ है तथा सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली है।</p>
<p>हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के अंतर्गत मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा ₹18,166 करोड़ लागत की 444 किलोमीटर लंबी सात प्रमुख परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इनमें प्रमुख रूप से—</p>
<p>             इंदौर–उज्जैन 6-लेन मार्ग</p>
<p>             इंदौर–उज्जैन ग्रीनफील्ड 4-लेन मार्ग</p>
<p>             उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड 4-लेन मार्ग</p>
<p>             नर्मदापुरम–टिमरनी मार्ग</p>
<p>इसके अतिरिक्त ₹26,890 करोड़ लागत की 626 किलोमीटर लंबी नौ परियोजनाएं विभिन्न चरणों में प्रक्रियाधीन हैं। इनमें प्रमुख रूप से—</p>
<p>             भोपाल–विदिशा मार्ग</p>
<p>             कटनी–दमोह मार्ग</p>
<p>             पूर्वी भोपाल बायपास</p>
<p>             सिवनी–बालाघाट मार्ग</p>
<p>             देवास–चापड़ा मार्ग</p>
<p>             मेलघाट चौराहा–मालथौन मार्ग</p>
<p>             तिलवारी–हरदी–जनकपुर मार्ग</p>
<p>             मंदसौर–सीतामऊ मार्ग</p>
<p>भविष्य की परियोजनाओं के लिए 1,734 किलोमीटर लंबी 41 परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट भी तैयार की जा रही है।</p>
<p> ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे से घटेगी दूरी, बचेगा समय</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को एक्सप्रेस-वे कनेक्टिविटी में अग्रणी बनाने के लिए बीओटी मॉडल पर एकीकृत ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे नेटवर्क विकसित किया जा रहा है।</p>
<p><strong>प्रथम चरण में कुल 794 किलोमीटर लंबे तीन एक्सप्रेस-वे की डीपीआर तैयार करने का कार्य प्रगतिरत है—</strong></p>
<p>             सागर–सतना एक्सप्रेस-वे</p>
<p>             भोपाल–मंदसौर एक्सप्रेस-वे</p>
<p>             जबलपुर–आशापुर एक्सप्रेस-वे</p>
<p>इनकी अनुमानित लागत ₹38,456 करोड़ है। इन मार्गों के निर्माण से सागर–सतना की यात्रा अवधि 6 से 7 घंटे से घटकर लगभग 3 से साढ़े 3 घंटे रह जाएगी। भोपाल–मंदसौर और जबलपुर–आशापुर मार्ग पर वर्तमान 8 से 9 घंटे की यात्रा घटकर लगभग 5 से 6 घंटे में पूरी होने का अनुमान है।</p>
<p><strong>दूसरे चरण में बीओटी मॉडल पर लगभग 926 किलोमीटर लंबे चार नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे प्रस्तावित हैं—</strong></p>
<p>             सागर–जबलपुर एक्सप्रेस-वे — लगभग 135 किलोमीटर</p>
<p>             कटनी–सिंगरौली एक्सप्रेस-वे — लगभग 232 किलोमीटर</p>
<p>             भोपाल–जबलपुर एक्सप्रेस-वे — लगभग 239 किलोमीटर</p>
<p>             भोपाल–ग्वालियर एक्सप्रेस-वे — लगभग 320 किलोमीटर</p>
<p><strong>इन परियोजनाओं से यात्रा समय में डेढ़ से लगभग पौने तीन घंटे तक की बचत होने का अनुमान है।</strong></p>
<p>प्रदेश में इन सातों एक्सप्रेस-वे के विकसित होने से प्रमुख शहरों, औद्योगिक क्षेत्रों और आर्थिक केंद्रों के बीच तेज, सुरक्षित और निर्बाध संपर्क स्थापित होगा। यह नेटवर्क मध्यप्रदेश को “एक्सप्रेस-वे कनेक्टिविटी स्टेट” के रूप में स्थापित करने की दिशा में मजबूत आधार बनेगा।</p>
<p>₹88,634 करोड़ का भविष्यदर्शी रोड नेटवर्क</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम गतिशक्ति पोर्टल के माध्यम से प्रदेश में सड़क नेटवर्क की दीर्घकालिक और डेटा-आधारित योजना को नई दिशा दी गई है। जीआईएस आधारित व्यवस्था से वर्तमान एवं प्रस्तावित सड़क अधोसंरचना, कनेक्टिविटी गैप और संभावित विकास क्षेत्रों का समेकित विश्लेषण कर आवश्यकता-आधारित प्राथमिकताएं निर्धारित की जा रही हैं।</p>
<p>वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक तैयार रोड नेटवर्क मास्टर प्लान में 1,226 मार्गों की 29,682 किलोमीटर लंबाई के विकास एवं उन्नयन का लक्ष्य रखा गया है। इन कार्यों की अनुमानित लागत ₹88,634 करोड़ है। “जहां आवश्यकता, वहीं प्राथमिकता” के सिद्धांत पर आधारित यह मास्टर प्लान नए मार्गों की आवश्यकता, मौजूदा सड़कों के उन्नयन, महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी गैप और आर्थिक-सामाजिक गतिविधियों से जुड़े मार्गों की पहचान वैज्ञानिक आधार पर करेगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प के अनुरूप मध्यप्रदेश में आधुनिक, सुरक्षित, नियोजित और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुकूल अधोसंरचना तैयार की जा रही है। सड़क परियोजनाएं केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि निवेश, उद्योग, कृषि, पर्यटन, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की नई संभावनाओं का आधार हैं। उज्जैन–इंदौर और भोपाल मेट्रोपोलिटन क्षेत्रों के विकास के साथ पूरे प्रदेश में तैयार हो रहा आधुनिक सड़क और एक्सप्रेस-वे नेटवर्क मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख निवेश, पर्यटन, व्यापार और लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में स्थापित करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>कुटीर एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की ग्लोबल मार्केटिंग के करेंगे समस्त प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</title>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 23:00:25 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>कुटीर, एवं, ग्रामोद्योग, उत्पादों, की, ग्लोबल, मार्केटिंग, के, करेंगे, समस्त, प्रयास, मुख्यमंत्री, डॉ., यादव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कुटीर एवं ग्रामोद्योग हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने इन उद्योगों से जुड़े भारत के सभी बुनकरों, शिल्पकारों, मूर्तिकारों और अन्य कलाकारों के परिश्रम को पूरा सम्मान दिलाने का संकल्प लिया है। हमारी सरकार प्रधानमंत्री  मोदी के संकल्प को पूरा करने के लिये सभी परिश्रमी किसानों, हुनरमंद बुनकरों, समर्पित शिल्पियों और बेहतरीन ग्रामीण कलाकारों को सम्मानित करने के लिये हरसंभव प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ऐसे कई कलाकार हुए हैं, जिन्होंने मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को विश्व पटल पर सुशोभित किया है। हमारी सरकार सभी कलाकारों की समृद्धि के लिए सदैव तत्पर है। प्रधानमंत्री  मोदी ने 'वोकल फॉर लोकल' और 'लोकल टू ग्लोबल' का महामंत्र दिया है। हमारी सरकार प्रधानमंत्री के इसी महामंत्र के अनुसार ठोस कदम उठा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में हाथकरघा सप्ताह के अंतर्गत आयोजित बुनकरों एवं शिल्पियों के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की हाथकरघा और हस्तशिल्प परम्परा को समृद्ध करने वाले प्रदेश के 15 श्रेष्ठ शिल्पियों और बुनकर को विभिन्न पुरस्कार श्रेणी में सम्मानित कर उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्जवलित कर इस बुनकर-शिल्पी सम्मान समारोह का शुभारंभ किया। उन्होंने बुनकर-हस्तशिल्प प्रदर्शनी का अवलोकन किया एवं मिट्टी से शिवलिंग (पिंडी) भी बनाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग द्वारा तैयार किए गए 2 वेब कॉमर्स पोर्टल – मृगनयनी (www.the mrignayani.com) और ओडीओपी मार्ट एमपी (www.odopmartmp.com) नामक ई-कॉमर्स पोर्टल्स का शुभारंभ किया।</p>
<p><strong>विभागीय पोर्टल को देश में प्रथम स्थान मिलना उल्लेखनीय उपलब्धि</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी बुनकरों, सूक्ष्म एवं लघु उद्योग से जुड़े कलाकारों और विशेष तौर पर ओडीओपी उत्पादों को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने के लिए 2 ई-कॉमर्स वेब पोर्टल्स की शुरुआत की गई है। इसी पोर्टल को देश में पहला पुरस्कार मिला है। यह राज्य सरकार और कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के लिए बड़ी उपलब्धि है। ई-कॉमर्स पोर्टल से मृगनयनी इंपोरियम के प्रोडक्ट्स की डिलीवरी देश के 16 हजार से अधिक स्थानों पर सुनिश्चित हो रही है। पहले चरण में मृगनयनी पोर्टल पर 460 से अधिक उत्पाद पोर्टल पर उपलब्ध करा दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि चंदेरी का कुर्ता, महेश्वर की साड़ी, बाग की शॉल और जरी का बैग सभी वस्तुएं प्रदेशवासियों को गौरव का अनुभव कराती हैं।</p>
<p><strong>युवा पीढ़ी को भी लुभा रहे हैं कुटीर एवं ग्रामोद्योग उत्पाद</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के किसानों के अथक परिश्रम से उपजे से बुनकर कपड़ा, बुटिक और खादी तैयार करते हैं। खादी मध्यप्रदेश की विशेष पहचान रही है। मध्यप्रदेश आज सभी क्षेत्रों में तेज गति से आगे बढ़ रहा है, लेकिन हाथकरघा और शिल्पकला को प्रोत्साहन पर विशेष जोर देने की आवश्यकता है। वे अपने खून-पसीने और अथक परिश्रम से समृद्ध परंपरा और कला को संरक्षित करते हुए आगे कर रहे हैं। शिल्पकार और कलाकारों के हाथों में चमत्कारिक प्रतिभा होती है। उन्होंने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर ने लगभग 250 वर्ष पूर्व महेश्वरी साड़ी के माध्यम से देशभर के बुनकरों को संरक्षण प्रदान किया। चंदेरी, इंदौर और उज्जैन प्रत्येक शहर में बुनकर और शिल्प कलाकारों को अनेक अवसर मिल रहे हैं। वर्तमान युवा पीढ़ी भी अब कुटीर एवं ग्रामोद्योग के उत्पादों को अपना रही है। अब भोपाल और इंदौर के प्रमुख बाजारों में ये उत्पाद उपलब्ध हो रहे हैं। अब नए पोर्टल्स के शुभारंभ से यह उत्पाद ऑनलाइन शॉपिंग के लिए युवाओं के लिए उपलब्ध होंगे। ओडीओपी उत्पादों में भी हम चंदेरी की साड़ी, सीधी की दरी, उज्जैन का बटिक, धार का बाग प्रिंट को बढ़ावा दे रहे हैं। प्रदेश के 7 जिलों के कारीगरों द्वारा निर्मित 2 हजार से अधिक उत्पादों की देशभर में आपूर्ति की जा रही है। बाजार में इन उत्पादों की मार्केटिंग के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए सरकार साथ है।</p>
<p><strong>उज्जैन में जल्द शुरू होगा यूनिटी मॉल, मिलेंगे देश के सभी उत्पाद</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, कुटीर एवं ग्रामोद्योग उद्योग, स्टार्टअप और स्व-सहायता समूहों के माध्यम से बुनकरों, शिल्पियों और कलाकारों को सभी जरूरी मदद मुहैया करा रही है। हाल ही में उज्जैन में हैंडलूम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की शुरुआत की गई है। यहां पहले बड़ी संख्या में कॉटन मिल संचालित होती थीं। मध्यप्रदेश अब गारमेंट सेक्टर में बड़ी छलांग लगाने के लिए आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री  मोदी ने धार जिले को पीएम मित्र पार्क की अनुपम सौगात दी है। यहां लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। खेत से लेकर कारखाने (फार्म टू फैक्ट्री) तक पूरी वैल्यू चेन तैयार होगी। इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन सिटी में 6 जिले – इंदौर, उज्जैन, धार, देवास, शाजापुर और रतलाम को शामिल किया है। इन इलाकों में 3 एयरपोर्ट, 6 रेलवे जंक्शन, 8 से अधिक औद्योगिक क्षेत्र और रोजगार को बढ़ाने वाले टूरिज्म सेंटर उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब प्रतिवर्ष 8 करोड़ से अधिक श्रद्धालु उज्जैन आ रहे हैं। उज्जैन शहर में एक यूनिटी मॉल बनाया जा रहा है, जिसका निर्माण कार्य अगले माह तक पूरा कर लिया जाएगा। कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के माध्यम से देशभर के उत्पादों को इस यूनिटी मॉल में उपलब्ध कराया जाएगा।</p>
<p>कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  दिलीप जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के संकल्प को मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में म.प्र. कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने कुटीर एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री के लिए ई-कॉमर्स पोर्टल की शुरुआत की है। इन प्रोडक्ट्स पर लेबलिंग और क्यूआर कोड के माध्यम से जानकारी प्रदान करने की शुरुआत की गई है। अब हमारे उत्पाद देश के विभिन्न शहरों के बाजारों में उपलब्ध होंगे।</p>
<p>अपर मुख्य सचिव कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग  के सी गुप्ता ने कहा कि मध्यप्रदेश में लगभग ढाई लाख से अधिक बुनकर, शिल्पकार और कलाकार हैं, जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना अपनी आजीविका से जुड़ा काम कर रहे हैं। ये हमारी परंपराओं का निर्वहन करते हुए सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित भी कर रहे हैं। कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग में कार्यरत 70 प्रतिशत महिलाएं हैं। उन्होंने बताया कि आज से कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग को 2 नए ई-पोर्टल और डिजीटल प्लेटफॉर्म की सौगात मिली है। इनके माध्यम से मृगनयनी इम्पोरियम और विभाग के 7 ओडीओपी उत्पादों की आपूर्ति देशभर में की जाएगी।</p>
<p><strong>इन्हें मिला सम्मान</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में बुनकर, शिल्पकार और कलाकारों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरस्कृत किया। प्रथम पुरस्कार के रूप में 1 लाख रुपए, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 50 हजार रुपए, तृतीय पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपए और प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में 15 हजार रुपए की राशि और प्रशस्ति पत्र देकर इन्हें सम्मानित किया गया।</p>
<p><strong>    प्रथम कबीर बुनकर पुरस्कार वर्ष 2022-23</strong></p>
<p> साकिब अहमद (चंदेरी)</p>
<p><strong>    प्रथम राज्य स्तरीय विश्कर्मा पुरस्कार वर्ष 2022-23</strong></p>
<p> रोहित रूसिया (छिंदवाड़ा)</p>
<p><strong>    प्रथम कबीर बुनकर पुरस्कार वर्ष 2023-24</strong></p>
<p> मसीहउद्दीन (चंदेरी)</p>
<p><strong>    प्रथम कबीर बुनकर पुरस्कार वर्ष 2024-25</strong></p>
<p> मोहम्मद गुलफाम (चंदेरी)</p>
<p><strong>    द्वितीय कबीर बुनकर पुरस्कार वर्ष 2022-23</strong></p>
<p> सिद्दीक अंसारी (महेश्वर)</p>
<p><strong>    द्वितीय राज्य स्तरीय विश्कर्मा पुरस्कार वर्ष 2022-23</strong></p>
<p> मोहम्मद रफीक छीपा (उज्जैन)</p>
<p><strong>    द्वितीय कबीर बुनकर पुरस्कार वर्ष 2023-24</strong></p>
<p> मंजुला बंडे (महेश्वर)</p>
<p><strong>    द्वितीय कबीर बुनकर पुरस्कार वर्ष 2024-25</strong></p>
<p> पृथ्वीराज सिंह कोली (चंदेरी)</p>
<p><strong>    तृतीय कबीर बुनकर पुरस्कार वर्ष 2022-23</strong></p>
<p> महमूद अहमद (चंदेरी)</p>
<p><strong>    तृतीय राज्य स्तरीय विश्कर्मा पुरस्कार वर्ष 2022-23</strong></p>
<p> सतीश विश्वकर्मा (ग्वालियर)</p>
<p><strong>    तृतीय कबीर बुनकर पुरस्कार वर्ष 2023-24</strong></p>
<p>वकीलन बी (महेश्वर)</p>
<p><strong>    तृतीय कबीर बुनकर पुरस्कार वर्ष 2024-25</strong></p>
<p> शेषराव निमजे (सौंसर)</p>
<p><strong>    प्रोत्साहन पुरस्कार, राज्य स्तरीय विश्वकर्मा पुरस्कार वर्ष 2022-23</strong></p>
<p> दीपा अहिरवार (इंदौर)</p>
<p> तानसिंह बामने (भोपाल)</p>
<p> हरीश धवन (ग्वालियर)</p>
<p>कार्यक्रम में म.प्र. राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष  पंकज जोशी, बोर्ड के उपाध्यक्ष डॉ. राकेश जादौन, हाथकरघा विभाग के आयुक्त  मदन कुमार नागरगोजे, रेशम उत्पादन आयुक्त  मोहित बुंदस सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए बुनकर, शिल्पकार और कलाकार उपस्थित थे।</p>
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<title>मध्यप्रदेश भवन में साड़ी ड्रेपिंग एवं हैंडलूम प्रदर्शन प्रतियोगिता का हुआ आयोजन</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल मध्यप्रदेश भवन नई दिल्ली में भारतीय साड़ी, हस्तकरघा एवं हस्तशिल्प की समृद्ध परंपरा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से साड़ी ड्रेपिंग एवं हैंडलूम डेमोंस्ट्रेशन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कुल 13 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतिभागियों ने साड़ी पहनने की विभिन्न पारंपरिक एवं रचनात्मक शैलियों के माध्यम से भारत की समृद्ध … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 23:00:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>मध्यप्रदेश, भवन, में, साड़ी, ड्रेपिंग, एवं, हैंडलूम, प्रदर्शन, प्रतियोगिता, का, हुआ, आयोजन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>मध्यप्रदेश भवन नई दिल्ली में भारतीय साड़ी, हस्तकरघा एवं हस्तशिल्प की समृद्ध परंपरा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से साड़ी ड्रेपिंग एवं हैंडलूम डेमोंस्ट्रेशन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कुल 13 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतिभागियों ने साड़ी पहनने की विभिन्न पारंपरिक एवं रचनात्मक शैलियों के माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक एवं क्षेत्रीय विविधता को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया।</p>
<p>प्रतियोगिता में महिलाओं ने बंगाली, महाराष्ट्रीयन सहित विभिन्न राज्यों की पारंपरिक साड़ी पहनने की शैलियों का प्रदर्शन किया। इस दौरान सिल्क, बनारसी सिल्क, बंगाली कॉटन, महाराष्ट्रियन नौवारी, बाघ प्रिंट सिल्क, पूना सिल्क तथा पटोला सिल्क सहित विभिन्न प्रकार की साड़ियां देखने को मिलीं। हस्तनिर्मित एवं हैंडलूम साड़ियों ने भी विशेष आकर्षण बटोरा। प्रतिभागियों ने साड़ियों को पारंपरिक तरीकों के साथ रचनात्मक अंदाज में धारण कर उनकी विशेषताओं और क्षेत्रीय पहचान को प्रदर्शित किया।</p>
<p>प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को निर्धारित 20 मिनट में साड़ी ड्रेपिंग पूरी करनी थी। इसके बाद रैंप वॉक के माध्यम से प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुति दी तथा अपनाई गई साड़ी पहनने की शैली, उसकी विशेषताओं और उससे जुड़ी सांस्कृतिक परंपरा के बारे में जानकारी साझा की। अलग-अलग साड़ी पहनने की शैलियों ने भारत के विभिन्न क्षेत्रों की संस्कृति, परंपरा और जीवनशैली की विविधता को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। प्रत्येक साड़ी को पहनने का तरीका अपने क्षेत्र की संस्कृति और परंपरा की एक अलग कहानी को दर्शाता नजर आया।</p>
<p><strong>निर्णायकों ने परखी प्रतिभागियों की प्रस्तुति</strong></p>
<p>कार्यक्रम में  महेश गुलाटी, सेवानिवृत्त संयुक्त संचालक, हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट तथा वर्तमान में कंसल्टेंट, नेशनल काउंसिल फॉर हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट और डॉ. रुचिरा अग्रवाल, एसोसिएट प्रोफेसर, डिपार्टमेंट ऑफ फैब्रिक एंड अपैरल साइंस, लेडी इरविन कॉलेज, यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली, ने निर्णायक की भूमिका निभाई। निर्णायकों द्वारा प्रतिभागियों की साड़ी ड्रेपिंग की शैली, प्रस्तुति, साड़ी की विशेषता तथा उससे जुड़े सांस्कृतिक पक्षों का मूल्यांकन किया गया।</p>
<p>प्रतियोगिता के परिणामों में प्रथम स्थान गुनगुन, द्वितीय स्थान ममता कपसे, तृतीय स्थान नंदिनी त्रिपाठी, चतुर्थ स्थान रूपाल कपसे तथा पंचम स्थान डॉ. मेघा ने प्राप्त किया।</p>
<p><strong>हैंडलूम दिवस के उपलक्ष्य में हुआ कार्यक्रम</strong></p>
<p>कार्यक्रम में एआरसी  प्रकाश उन्हाले एवं प्रोटोकॉल ऑफिसर मती शिवाली सिंह भी उपस्थित रहीं। मती शिवाली सिंह ने बताया कि 7 अगस्त को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि साड़ी केवल पहनावा नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, क्षेत्रीय परंपराओं और हस्तकरघा कारीगरों के कौशल का परिचायक है। साड़ी पहनने की अलग-अलग शैलियां देश के विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट संस्कृति और जीवनशैली को दर्शाती हैं।</p>
<p>मती सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश की साड़ियां और यहां की पारंपरिक वस्त्र कला भी अपनी विशिष्ट पहचान रखती हैं। चंदेरी और महेश्वरी जैसी मध्यप्रदेश की प्रसिद्ध साड़ियां अपनी बुनाई, डिजाइन, हल्केपन और पारंपरिक शिल्प के लिए देश-विदेश में पहचान रखती हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से न केवल भारतीय साड़ी की विविध शैलियों को सामने लाने का अवसर मिलता है, बल्कि हस्तकरघा से जुड़े बुनकरों और शिल्पकारों के कार्य को प्रोत्साहन देने तथा नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध वस्त्र परंपरा से जोड़ने में भी मदद मिलती है।</p>
<p>कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय परिधान संस्कृति, साड़ी पहनने की पारंपरिक एवं विविध शैलियों तथा हस्तकरघा एवं हस्तशिल्प से जुड़े वस्त्रों के प्रति जागरूकता और आकर्षण बढ़ाना रहा। आयोजन के माध्यम से भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत और समृद्ध वस्त्र परंपरा को आधुनिक एवं रचनात्मक प्रस्तुति के साथ सामने लाने का प्रयास किया गया है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>‘हर घर तिरंगा’ अभियान से व्यापारियों को भी मिलेगा कारोबार का बड़ा मौका, देशभर में 35 करोड़ झंडों की बिक्री का अनुमान</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाला ‘हर घर तिरंगा’ अभियान इस बार देशभक्ति के साथ व्यापार और छोटे कारोबारियों के लिए भी बड़ा अवसर लेकर आया है। अभियान के चलते मध्यप्रदेश सहित देशभर में राष्ट्रीय ध्वज और देशभक्ति से जुड़ी सामग्री की मांग तेजी से बढ़ रही है। बाजार से जुड़े कारोबारियों … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 23:00:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>‘हर, घर, तिरंगा’, अभियान, से, व्यापारियों, को, भी, मिलेगा, कारोबार, का, बड़ा, मौका, देशभर, में, करोड़, झंडों, की, बिक्री, का, अनुमान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><strong>भोपाल।</strong> स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाला <strong>‘हर घर तिरंगा’ अभियान</strong> इस बार देशभक्ति के साथ व्यापार और छोटे कारोबारियों के लिए भी बड़ा अवसर लेकर आया है। अभियान के चलते मध्यप्रदेश सहित देशभर में राष्ट्रीय ध्वज और देशभक्ति से जुड़ी सामग्री की मांग तेजी से बढ़ रही है। बाजार से जुड़े कारोबारियों के अनुसार इस बार देशभर में करीब <strong>35 करोड़ तिरंगे झंडों की बिक्री</strong> का अनुमान है। इससे लगभग <strong>650 करोड़ रुपए के कारोबार</strong> की संभावना जताई जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मध्यप्रदेश में भी अभियान को लेकर बाजारों में गतिविधियां तेज हो गई हैं। राजधानी भोपाल सहित प्रदेशभर में <strong>9 से 17 अगस्त 2026</strong> तक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को जनभागीदारी के साथ आयोजित किया जा रहा है। स्वतंत्रता दिवस से पहले बाजारों में तिरंगे और इससे जुड़ी सामग्री की खरीदारी बढ़ने लगी है।</p>
<h2><strong>20×30 और 20×28 इंच के तिरंगों की सबसे ज्यादा मांग</strong></h2>
<p class="isSelectedEnd">भोपाल के मालवीय नगर में पत्रकार भवन के सामने पिछले कई दशकों से प्रचार सामग्री का कारोबार कर रही <strong>शीला एड मेकर्स</strong> के संचालक <strong>अजय अग्रवाल</strong> के अनुसार इस समय बाजार में सबसे ज्यादा मांग <strong>20×30 इंच और 20×28 इंच आकार के तिरंगों</strong> की है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इन आकार के तिरंगों की कीमत थोक और खुदरा बाजार में लगभग <strong>15 रुपए से 100 रुपए</strong> तक है। वहीं खादी और विशेष रूप से तैयार किए गए बड़े आकार के तिरंगों की कीमत <strong>150 रुपए से लेकर 1500 रुपए</strong> तक पहुंच रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">अग्रवाल के अनुसार स्वतंत्रता दिवस के प्रति लोगों में बढ़ते उत्साह और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की व्यापक पहुंच के कारण इस बार तिरंगों की बिक्री में रिकॉर्ड वृद्धि की संभावना है।</p>
<h2><strong>तिरंगे के साथ टी-शर्ट, टोपी और बैज की भी बंपर बिक्री</strong></h2>
<p class="isSelectedEnd">स्वतंत्रता दिवस से पहले बाजार में केवल राष्ट्रीय ध्वज की ही मांग नहीं बढ़ी है, बल्कि देशभक्ति से जुड़ी अन्य सामग्री की बिक्री भी तेज हो गई है। <strong>तिरंगा टी-शर्ट, टोपी, गांधी टोपी, तिरंगा पटका, कलाई बैंड, मेटल ब्रोच और बैज</strong> की मांग भी बढ़ी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">अजय अग्रवाल ने बताया कि <strong>स्कूली बच्चों, युवाओं और स्थानीय संगठनों</strong> में तिरंगा यात्राओं, स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों और सजावट को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। यही वजह है कि छोटे आकार के हैंड फ्लैग से लेकर बड़े राष्ट्रीय ध्वज तक की मांग लगातार बढ़ रही है।</p>
<h2><strong>बाजार में पर्याप्त स्टॉक, हर जरूरत के लिए अलग विकल्प</strong></h2>
<p class="isSelectedEnd">शीला एड मेकर्स ने स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए राष्ट्रीय ध्वज और इससे संबंधित प्रचार सामग्री का पर्याप्त स्टॉक तैयार किया है। यहां अलग-अलग आकार के <strong>कपड़े के तिरंगे, झंडे, डंडे, कार फ्लैग, हैंड फ्लैग, बैज, स्टिकर, टी-शर्ट और कैप</strong> सहित विभिन्न प्रकार की देशभक्ति से जुड़ी सामग्री उपलब्ध है।</p>
<p class="isSelectedEnd">व्यापारियों का कहना है कि अभियान के अंतिम दिनों में मांग और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में बाजार में पर्याप्त स्टॉक रखने के साथ ग्राहकों को उनकी जरूरत के अनुसार अलग-अलग आकार और कीमतों में सामग्री उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।</p>
<h2><strong>‘हर घर और हर हाथ में लहराए तिरंगा’</strong></h2>
<p class="isSelectedEnd">राष्ट्रीय ध्वज एवं प्रचार सामग्री के विक्रेता और निर्माता शीला एड-मेकर्स के संचालक <strong>अजय अग्रवाल</strong> ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल तिरंगे की बिक्री करना नहीं, बल्कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अधिक से अधिक लोगों को राष्ट्रीय ध्वज से जोड़ना है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा है कि <strong>कार्यालय, स्कूल, सरकारी-अर्द्धसरकारी संस्थानों के साथ-साथ हर घर और हर हाथ में राष्ट्रीय ध्वज लहराए।</strong> इसी भावना को ध्यान में रखते हुए संस्था की ओर से उपभोक्ताओं के लिए तिरंगा उपलब्ध कराने की विशेष व्यवस्था की गई है।</p>
<h2><strong>कॉम्प्लीमेंटरी रेट पर भी तिरंगा उपलब्ध कराने की पहल</strong></h2>
<p class="isSelectedEnd">अग्रवाल के अनुसार संस्था की ओर से उपभोक्ताओं को <strong>कॉम्प्लीमेंटरी रेट पर तिरंगा</strong> उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक नागरिकों तक राष्ट्रीय ध्वज पहुंचाना है, ताकि स्वतंत्रता दिवस पर घरों और प्रतिष्ठानों में तिरंगा फहराने की भागीदारी बढ़े।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज देश की आन-बान-शान और गौरव का प्रतीक है। इसलिए इसे हर नागरिक तक पहुंचाना संस्था के लिए व्यावसायिक गतिविधि के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का भी हिस्सा है।</p>
<h2><strong>डिजिटल ऑर्डर से 500 किमी दूर तक डिलीवरी</strong></h2>
<p class="isSelectedEnd">डिजिटल इंडिया और ईज ऑफ डूइंग की दिशा में शीला एड मेकर्स ने ऑनलाइन ऑर्डर की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। संस्था के अनुसार ग्राहक ऑनलाइन माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज एवं अन्य प्रचार सामग्री का ऑर्डर कर सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">अजय अग्रवाल ने बताया कि ऑनलाइन ऑर्डर प्राप्त होने के बाद ग्राहकों को जल्द से जल्द सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। संस्था का दावा है कि <strong>500 किलोमीटर दूर तक के ग्राहकों को 24 घंटे के भीतर सामग्री पहुंचाने</strong> में वह सक्षम है।</p>
<h2><strong>छोटे कारोबारियों के लिए भी बढ़ेंगे अवसर</strong></h2>
<p class="isSelectedEnd">‘हर घर तिरंगा’ अभियान के चलते झंडों के साथ-साथ प्रिंटिंग, पैकेजिंग, कपड़ा, सिलाई, टी-शर्ट, कैप, बैज, स्टिकर और अन्य प्रचार सामग्री से जुड़े छोटे कारोबारियों के लिए भी मांग बढ़ने की संभावना है।</p>
<p class="isSelectedEnd">व्यापार से जुड़े लोगों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस के आसपास बढ़ने वाली यह मांग स्थानीय स्तर पर छोटे निर्माताओं और विक्रेताओं के लिए अतिरिक्त कारोबार का अवसर तैयार करती है। खासकर स्कूलों, सामाजिक संगठनों, व्यापारिक संस्थानों और विभिन्न आयोजनों के लिए बड़ी मात्रा में सामग्री की जरूरत पड़ने से बाजार में गतिविधियां बढ़ती हैं।</p>
<h2><strong>देशभक्ति के साथ बाजार में भी बढ़ी रौनक</strong></h2>
<p class="isSelectedEnd">स्वतंत्रता दिवस से पहले बाजारों में तिरंगे और देशभक्ति से जुड़ी सामग्री की बढ़ती मांग ने कारोबारियों के चेहरे पर भी उत्साह ला दिया है। एक ओर नागरिकों में राष्ट्रीय पर्व को लेकर उत्साह है, वहीं दूसरी ओर झंडे और प्रचार सामग्री से जुड़े कारोबारियों को बिक्री बढ़ने की उम्मीद है।</p>
<p>‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत 9 से 17 अगस्त तक होने वाली गतिविधियों और 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखते हुए आने वाले दिनों में बाजार में तिरंगे और देशभक्ति की सामग्री की मांग और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>कम वर्षा की स्थिति में प्रत्येक जिले में आवश्यक तैयारी रखी जाए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इस मानसून में प्रदेश में औसत से 15 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। कुछ जिलों में वर्षा कम हुई है और कुछ जिलों में आने वाले समय में अधिक वर्षा की संभावना है। वर्तमान में प्रदेश के आधे जिलों में सामान्य वर्षा हुई है। ऐसी असामान्य … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 23:00:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>कम, वर्षा, की, स्थिति, में, प्रत्येक, जिले, में, आवश्यक, तैयारी, रखी, जाए, मुख्यमंत्री, डॉ., यादव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इस मानसून में प्रदेश में औसत से 15 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। कुछ जिलों में वर्षा कम हुई है और कुछ जिलों में आने वाले समय में अधिक वर्षा की संभावना है। वर्तमान में प्रदेश के आधे जिलों में सामान्य वर्षा हुई है। ऐसी असामान्य स्थितियों में किसानों सहित नागरिकों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं हो, यह सुनिश्चित किया जाए।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में प्रदेश में कम वर्षा की वर्तमान स्थिति और उत्पन्न परिस्थितियों के संबंध में मंत्री गण और वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुछ जिलों में कम वर्षा की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि प्रदेश में कम वर्षा के कारण उत्पन्न हालातों से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां संबंधित विभाग सुनिश्चित करें।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जानकारी दी गई कि प्रदेश में 1 जून से 10 अगस्त की अवधि में सामान्य वर्षा 571 मिली मीटर की तुलना में 483 मिली मीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई है जो औसतन 15 प्रतिशत कम है। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में पूर्वी मध्यप्रदेश में 513.20 मिलीमीटर और पश्चिम मध्यप्रदेश में 459.80 मिलीमीटर वर्षा हुई है। प्रदेश की कुल औसत वर्षा 949. 50 मि.मी. है।जहां तक फसलों की बोवनी का प्रश्न है प्रदेश में धान की 84 प्रतिशत बोवनी हो गई है।</p>
<p><strong>कम सिंचाई में होने वाली फसलों को दें प्राथमिकता</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि एहतियातन आने वाली रबी फसलों के लिए किसानों को प्रेरित किया जाए जिससे कम सिंचाई में उगाई जाने वाली फसलों को प्राथमिकता से ले सकें। विशेष रूप से चने की फसल के लिए आवश्यक बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।</p>
<p><strong>मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश</strong></p>
<ul>
<li>    वर्षा की स्थिति और जल संग्रहण की नियमित निगरानी हो।</li>
<li>    प्रमुख जल स्रोतों तालाबों के जलस्तर की भी नियमित रूप से निगरानी की जाए।</li>
<li>    राज्य और जिला स्तर पर आपदा कंट्रोल रूम संचालित रहे जहां जल भराव और क्षति से जुड़ी सूचनाओं को तुरंत दर्ज किया जाए और जल भराव या बाढ़ संभावित क्षेत्रों से नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का आकलन किया जाए।</li>
<li>    अतिवृष्टि की स्थिति में राहत शिविरों का भी आवश्यकता के अनुसार प्रबंध किया जाए।</li>
<li>    किसानों के लिए खाद और बीज की उपलब्धता और आवश्यक तैयारी की जाए।</li>
<li>    बीमा योजना से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ा जाए।</li>
<li>    सिंचाई के दौरान सुचारू विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था रहे।</li>
<li>    वर्षा के उपरांत सड़कों के संधारण का कार्य भी सुचारू रूप से किया जाए।</li>
<li>    बांधों से जल छोड़े जाने की स्थिति में निचले इलाकों में समय रहते चेतावनी जारी की जाए।</li>
<li>    वर्षा काल में होने वाले संक्रामक रोगों की रोकथाम भी आवश्यक है। इसके लिए औषधियों पर्याप्त रूप से उपलब्ध हों । प्रत्येक जिले में दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।</li>
<li>    अतिवृष्टि या जल भराव से प्रभावित फसलों का राजस्व विभाग के दलों द्वारा पारदर्शिता से सर्वेक्षण हो। क्षति का सर्वेक्षण हो और किसानों को आपदा राहत कोष से मुआवजा दिलवाने की प्रक्रिया पर ध्यान दिया जाए।</li>
<li>    अब तक संपन्न मूंग खरीदी के कार्य में जहां गुणवत्ता से संबंधित या अन्य शिकायत मिले, तुरंत एक्शन लिया जाए।</li>
<li>    जहां कोई अड़चन हो विशेष टीम बनाकर कार्य संपन्न किया जाए।</li>
<li>    कालाबाजारी की शिकायतों पर तत्काल कदम उठाया जाए।</li>
<li>    संबंधित विभाग किसानों और किसान संगठनों से आवश्यक संवाद भी स्थापित करें।</li>
</ul>
<p>बैठक में जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, राजस्व मंत्री  करण सिंह वर्मा, सहकारिता मंत्री  विश्वास सारंग,सामाजिक न्याय मंत्री  नारायण सिंह कुशवाह,लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री मती संपतिया उइके भी उपस्थित थीं। अन्य मंत्रीगण पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद पटेल,ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर और कृषि मंत्री  एन्दल सिंह कंषाना बैठक से वर्चुअल रूप से जुड़े। मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल, पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।</p>
<p><strong>बांधों की स्थिति</strong></p>
<p>बैठक में बताया गया कि प्रदेश के बांधों में 10 अगस्त तक जलभराव की स्थिति लगभग 49 प्रतिशत है, जो औसत से 10 प्रतिशत कम है। गत 5 वर्ष में 59 प्रतिशत औसत जल भराव की स्थिति रही है। गत वर्ष जल भराव की स्थिति 75 प्रतिशत थी। ऐसे जलाशय जिनमें जल भराव 50 प्रतिशत या उससे कम है उनकी संख्या 36 है। प्रदेश के ऐसे जलाशय जिनमें जलभराव 50 से 90 प्रतिशत कम है उनकी संख्या 18 है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मुख्यमंत्री डॉ. यादव अहमदाबाद में 12 अगस्त को करेंगे मेगा निवेश संवाद</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को गति देने और देश के प्रमुख औद्योगिक समूहों के साथ निवेश साझेदारी को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 12 अगस्त को अहमदाबाद में गुजरात के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों से संवाद करेंगे। अहमदाबाद में मेगा निवेश रोड शो में मुख्यमंत्री गुजरात के उद्योग जगत को मध्यप्रदेश … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 23:00:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>मुख्यमंत्री, डॉ., यादव, अहमदाबाद, में, अगस्त, को, करेंगे, मेगा, निवेश, संवाद</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को गति देने और देश के प्रमुख औद्योगिक समूहों के साथ निवेश साझेदारी को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 12 अगस्त को अहमदाबाद में गुजरात के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों से संवाद करेंगे। अहमदाबाद में मेगा निवेश रोड शो में मुख्यमंत्री गुजरात के उद्योग जगत को मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों, अनुकूल औद्योगिक नीतियों और निवेशक सुविधाओं से अवगत कराऐंगे तथा प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस अवसर पर आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लिए भी गुजरात के उद्योग जगत को आमंत्रित भी करेंगे।</p>
<p><strong>मुख्यमंत्री की अहमदाबाद के प्रमुख उद्योग समूहों से महत्वपूर्ण मुलाकातें</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव अहमदाबाद प्रवास के दौरान गुजरात के प्रमुख औद्योगिक समूहों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठकें करेंगे। मुख्यमंत्री अरविंद लिमिटेड, टोरेंट पॉवर तथा अडानी ग्रुप के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ चर्चा करेंगे। इन बैठकों में वस्त्र, ऊर्जा, अधोसंरचना, विनिर्माण और औद्योगिक विस्तार के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर विचार-विमर्श होगा। हरी कृष्णा एक्सपोर्ट के चेयरमैन  ढोलकिया, चिरिपाल समूह के चेयरमैन  बृजमोहन चिरिपाल और अग्रवाल ग्रुप के चेयरमैन  चिमन भाई शाह के साथ भी व्यक्तिगत बैठकें करेंगे। संवादों में संभावित निवेश परियोजनाओं, औद्योगिक विस्तार, भूमि उपलब्धता तथा निवेशकों को उपलब्ध सुविधाओं और सहयोग पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह सीधा संवाद गुजरात के प्रमुख उद्योग समूहों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए उपलब्ध अवसरों से जोड़ने और संभावित निवेश प्रस्तावों को आगे बढ़ाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा।</p>
<p><strong>औद्योगिक क्षमता, आधुनिक अधोसंरचना और टेक इको सिस्टम की होगी प्रस्तुति</strong></p>
<p>ताज स्काईलाइन होटल अहमदाबाद में आयोजित मुख्य निवेशक संवाद सत्र में मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमता और निवेश संभावनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। कार्यक्रम में सीआईआई गुजरात स्टेट काउंसिल के चेयरमैन एवं सिम्फनी लिमिटेड के चेयरमैन  अचल बाकेरी स्वागत उद्बोधन देंगे। इसके बाद मध्यप्रदेश में निवेश अवसरों पर विशेष ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति होगी।</p>
<p>अपर मुख्य सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन  नीरज मंडलोई मध्यप्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य, मजबूत अधोसंरचना, निवेशक-अनुकूल नीतियों तथा विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध निवेश अवसरों पर विस्तृत प्रस्तुति देंगे। प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी  एम. सेल्वेन्द्रन प्रदेश के टेक इकोसिस्टम, नवाचार, अनुसंधान एवं विकास, स्टार्टअप्स एवं उच्च प्रौद्योगिकी आधारित निवेश की संभावनाओं पर प्रकाश डालेंगे। कार्यक्रम में वेलस्पन के  चिंतन ठाकरे एवं चिरिपाल समूह के  बृजमोहन चिरिपाल भी अपने विचार साझा करेंगे।</p>
<p><strong>गुजरात के औद्योगिक अनुभव और मध्यप्रदेश के अवसरों के बीच बनेगा नया सेतु</strong></p>
<p>अहमदाबाद का यह निवेश संवाद गुजरात और मध्यप्रदेश के उद्योग जगत के बीच निवेश सहयोग को नई दिशा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा। गुजरात देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों में है और यहां के उद्योग समूहों की विनिर्माण, ऊर्जा, वस्त्र, निर्यात, अवसंरचना और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति है। मध्यप्रदेश में उपलब्ध औद्योगिक भूमि, बेहतर कनेक्टिविटी, पर्याप्त ऊर्जा, कुशल मानव संसाधन और निवेशक-अनुकूल नीतियां गुजरात के निवेशकों के लिए नए विस्तार अवसर उपलब्ध कराती हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार देश और विदेश के प्रमुख निवेशकों के साथ निरंतर संवाद स्थापित कर रही है। अहमदाबाद में होने वाला यह निवेश रोड शो इसी प्रयास की महत्वपूर्ण कड़ी है, जिसके माध्यम से गुजरात के प्रमुख उद्योग समूहों को मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं से जोड़ा जाएगा। इससे नए निवेश प्रस्तावों, औद्योगिक विस्तार और रोजगार सृजन को गति मिलने की उम्मीद है तथा आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लिए भी मजबूत निवेश आधार तैयार होगा।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>कैबिनेट सचिव ने राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सुधारात्मक उपायों पर की चर्चा</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर  भारत सरकार के कैबिनेट सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन ने आज देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रिफॉर्म (सुधार) एवं सुधारात्मक उपायों को लेकर चर्चा की। बैठक में राज्यों से प्रशासनिक एवं विकासात्मक कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सुझाव आमंत्रित किए गए।     … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 22:30:30 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>कैबिनेट, सचिव, ने, राज्यों, के, मुख्य, सचिवों, के, साथ, वीडियो, कॉन्फ्रेंसिंग, में, सुधारात्मक, उपायों, पर, की, चर्चा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p> भारत सरकार के कैबिनेट सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन ने आज देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रिफॉर्म (सुधार) एवं सुधारात्मक उपायों को लेकर चर्चा की। बैठक में राज्यों से प्रशासनिक एवं विकासात्मक कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सुझाव आमंत्रित किए गए।<br>
          <br>
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने राज्य की ओर से विभिन्न महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। रिफार्मस के लिए सुझाव देने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा किए। बैठक में देश के अन्य राज्यों के मुख्य सचिवों ने भी अपने-अपने राज्यों की आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं के अनुरूप महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। इस दौरान राज्यों में सुधारों को गति देने, प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनाने तथा विभिन्न प्रक्रियाओं के सरलीकरण से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।<br>
        <br>
केन्द्रीय सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में केंद्र शासन के विभिन्न विभागों के सचिव भी शामिल हुए। बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकारों के बीच समन्वय को मजबूत करते हुए सुधारात्मक उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष जोर दिया गया। आगामी अक्टूबर माह  से दिसम्बर तक देश भर में रिफार्म उत्सव मनाया जाएगा। जिसमें जनता से भी विभिन्न माध्यमों से सुझाव लिए जायेंगे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>बेटियों ने दिखाया खेल का हुनर, खेल एवं युवा दिवस पर शा. उ. माध्यमिक विद्यालय बेलबहरा में गूंजा उत्साह का माहौल</title>
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<description><![CDATA[ मनेन्द्रगढ़/एमसीबी बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेलबहरा में आज खेल एवं युवा दिवस का उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, खेल भावना और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना तथा उन्हें शिक्षा के साथ खेल के क्षेत्र में भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 22:30:26 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मनेन्द्रगढ़/एमसीबी</strong></p>
<p>बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेलबहरा में आज खेल एवं युवा दिवस का उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, खेल भावना और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना तथा उन्हें शिक्षा के साथ खेल के क्षेत्र में भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना रहा। आयोजन में विद्यालय की बालिकाओं ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया।</p>
<p>कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर सु संतान देवी जांगड़े के निर्देशानुसार एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य शर्मा के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का संचालन महिला सशक्तिकरण केंद्र हब की जिला मिशन समन्वयक  तारा कुशवाहा द्वारा किया गया। आयोजन के दौरान बालिकाओं के लिए कुर्सी दौड़, रस्साकस्सी, 100 मीटर दौड़, लंगड़ी दौड़ सहित विभिन्न मनोरंजक एवं प्रतिस्पर्धात्मक खेलों का आयोजन किया गया।</p>
<p>खेल प्रतियोगिताओं में बालिकाओं ने पूरे जोश और उत्साह के साथ भाग लिया। मैदान में बालिकाओं की उमंग, उत्साह और प्रतिस्पर्धा ने पूरे वातावरण को जीवंत बना दिया। खेलों के माध्यम से बालिकाओं ने न केवल अपनी शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन किया, बल्कि टीम भावना, अनुशासन, आत्मविश्वास और एक-दूसरे का उत्साह बढ़ाने की भावना का भी परिचय दिया।</p>
<p>कार्यक्रम के दौरान विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने पर पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने वाली बालिकाओं के चेहरे पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दिया। आयोजकों ने अन्य छात्राओं को भी खेल गतिविधियों में निरंतर भाग लेने और अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रेरित किया।</p>
<p>कार्यक्रम में विधिक सेवा प्राधिकरण से  अंजनी यादव, सखी वन स्टॉप सेंटर से  प्रियंका राजवाड़े तथा महिला सशक्तिकरण केंद्र से  अनीता कुमारी शाह ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके साथ ही विद्यालय प्रबंधन, शिक्षा विभाग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा भी आयोजन को सफल बनाने में पूर्ण सहयोग प्रदान किया गया।</p>
<p>कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं को यह संदेश दिया गया कि शिक्षा के साथ-साथ खेल भी उनके सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। खेल बालिकाओं में आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता, अनुशासन और नेतृत्व कौशल विकसित करने का सशक्त माध्यम है। ऐसे आयोजन बेटियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और समाज में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं।</p>
<p>बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के संदेश को खेल गतिविधियों से जोड़कर आयोजित इस कार्यक्रम ने बालिकाओं के बीच उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया। आयोजन ने यह संदेश भी दिया कि बेटियों को अवसर और प्रोत्साहन मिले तो वे शिक्षा, खेल और जीवन के हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकती हैं।</p>]]> </content:encoded>
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<title>CG में 10 लाख से ज्यादा के संदिग्ध ट्रांजेक्शन पर बड़ा एक्शन, 13 आरोपी गिरफ्तार</title>
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<description><![CDATA[ भिलाई नगर. साइबर ठगी की रकम खपाने वाले 13 म्यूल बैंक खाताधारकों पर पुलिस ने कार्रवाई की है। कमीशन के लालच में बैंक खाता, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक एवं सिम कार्ड उपलब्ध कराने का तथ्य सामने आया और खातों में 10 लाख रुपए से अधिक संदिग्ध ट्रांजेक्शन का खुलासा हुआ है। ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चन्द्रा … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 22:30:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>में, लाख, से, ज्यादा, के, संदिग्ध, ट्रांजेक्शन, पर, बड़ा, एक्शन, आरोपी, गिरफ्तार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भिलाई नगर.</strong></p>
<p>साइबर ठगी की रकम खपाने वाले 13 म्यूल बैंक खाताधारकों पर पुलिस ने कार्रवाई की है। कमीशन के लालच में बैंक खाता, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक एवं सिम कार्ड उपलब्ध कराने का तथ्य सामने आया और खातों में 10 लाख रुपए से अधिक संदिग्ध ट्रांजेक्शन का खुलासा हुआ है।</p>
<p>ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चन्द्रा ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार साइबर अपराधों एवं म्यूल बैंक खातों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दुर्ग पुलिस ने थाना सुपेला, थाना भिलाई नगर एवं एसीसीयू की संयुक्त कार्रवाई में कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपीगण अपने एवं अन्य व्यक्तियों के बैंक खातों को कमीशन / प्रतिफल के लालच में साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि के लेन-देन एवं हस्तांतरण के लिए उपलब्ध करा रहे थे। एजेंटों के माध्यम से बैंक खातों से संबंधित पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक एवं सिम कार्ड प्राप्त कर साइबर अपराधियों तक पहुंचाए जाते थे।</p>
<p>जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित खाताधारकों ने 2 हजार से 15 हजार रुपए तक के कमीशन / प्रतिफल के बदले अपने बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज एवं साधन अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराए गए। इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैंक खातों में स्थानांतरित करने एवं छिपाने के लिए किया गया। प्राप्त तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर थाना सुपेला में धारा 318 (2), 318 (3), 318 (4) बीएनएस के तहत 10 आरोपियों तथा थाना भिलाई नगर में धारा 318 (2), 318 (3), 318 (4) बीएनएस के तहत 03 आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>सारंगढ़&#45;बिलाईगढ़ में अधोसंरचना को मिली नई रफ्तार</title>
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<description><![CDATA[ ​रायपुर राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री  टंक राम वर्मा ने सारंगढ़ प्रवास के दौरान जिले को स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा और पशु चिकित्सा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने लगभग 1.24 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित विभिन्न विभागीय भवनों का लोकार्पण कर जिला मुख्यालय में बुनियादी सुविधाओं और अधोसंरचना … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 22:30:16 +0530</pubDate>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>​रायपुर</strong></p>
<p>राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री  टंक राम वर्मा ने सारंगढ़ प्रवास के दौरान जिले को स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा और पशु चिकित्सा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने लगभग 1.24 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित विभिन्न विभागीय भवनों का लोकार्पण कर जिला मुख्यालय में बुनियादी सुविधाओं और अधोसंरचना को मजबूती प्रदान की।</p>
<p><strong>​विभिन्न विभागीय भवनों का लोकार्पण</strong></p>
<p>मंत्री टंकराम वर्मा ने आज प्रमुख निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया, जिसमें पशु चिकित्सा विभाग को 74 लाख 59 हजार रुपये की लागत से निर्मित जिला कार्यालय भवन, स्वास्थ्य विभाग का 50 लाख रुपये की लागत से तैयार सीजीएमएससी (CGMSC) का अतिरिक्त कक्ष, बीपीएचयू (BPHU) भवन तथा जिला अस्पताल का मेडिसीन वार्ड, शासकीय लोचन प्रसाद पाण्डेय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में जनभागीदारी मद से निर्मित अतिरिक्त कक्ष शामिल हैं। ​मंत्री  वर्मा ने लोकार्पण समारोह के साथ-साथ क्षेत्र में खेल और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में भी हिस्सा लिया। उन्होंने ऑफिसर्स क्लब का उद्घाटन किया।<br>
 <br>
<strong>​वृक्षारोपण एवं सीड बॉल अभियान </strong> </p>
<p>परिसर में पौधे रोपने के साथ ही मंत्री  वर्मा ने ग्राम छुहीपाली में आयोजित वृहद पर्यावरण कार्यक्रम में भाग लेकर सीड बॉल का उपयोग कर पौधरोपण किया। उन्होंने जिला कार्यालय के संयुक्त भवन (कंपोजिट बिल्डिंग) का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके पश्चात मंडी प्रांगण में स्वामित्व योजना के तहत किसान हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख का वितरण किया।       </p>
<p>इस अवसर पर ​विधायक उत्तरी जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय, उपाध्यक्ष अजय नायक, सदस्य, पूर्व विधायक केराबाई मनहर सहित वरिष्ठ अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।</p>]]> </content:encoded>
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<title>राजनांदगांव को 43 करोड़ 61 लाख 26 हजार रूपए के विकास कार्यों की सौगात</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं उप मुख्यमंत्री  अरूण साव ने  राजनांदगांव शहर में 43 करोड़ 61 लाख 26 हजार रूपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें 15 करोड़ 92 लाख रूपए की लागत से बनने वाला प्रदेश का सबसे बड़ा 2000 सीटर ऑडिटोरियम प्रमुख रूप से शामिल है।    … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 22:30:11 +0530</pubDate>
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<media:keywords>राजनांदगांव, को, करोड़, लाख, हजार, रूपए, के, विकास, कार्यों, की, सौगात</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं उप मुख्यमंत्री  अरूण साव ने  राजनांदगांव शहर में 43 करोड़ 61 लाख 26 हजार रूपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें 15 करोड़ 92 लाख रूपए की लागत से बनने वाला प्रदेश का सबसे बड़ा 2000 सीटर ऑडिटोरियम प्रमुख रूप से शामिल है। <br>
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विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव में बनने वाला 2000 सीटर ऑडिटोरियम शहर के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। ऑडिटोरियम में बड़े आयोजनों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यहां पार्किंग, कॉरिडोर के साथ लगभग एक हजार लोगों के एक साथ बैठकर भोजन करने की व्यवस्था भी होगी। यह ऑडिटोरियम राजनांदगांव सहित आसपास के नगरीय क्षेत्रों के लिए बड़े आयोजनों का प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव शहर के विभिन्न वार्डों में सड़क, नाली, सीसी रोड, इंटरलॉकिंग, प्रकाश व्यवस्था एवं पाइपलाइन विस्तार सहित 43 करोड़ रूपए से अधिक के विकास कार्य किए जा रहे हैं।          </p>
<p>मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राजनांदगांव के सभी क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिली है तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा रखी जा रही मांगों और प्रस्तावों को प्राथमिकता के साथ स्वीकृति प्रदान की जा रही है। डॉ. रमन सिंह ने नगर निगम क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त 10 एमएलडी जल शोधन संयंत्र की स्थापना की आवश्यकता बताई। उन्होंने गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम के पीछे गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के विवाह एवं अन्य सामाजिक आयोजनों के लिए शेड तथा अतिरिक्त कक्षों के निर्माण का प्रस्ताव भी रखा।<br>
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विकास कार्यों का भूमिपूजन किया उसमें शहर के विभिन्न वार्डों में सड़क, नाली, विद्युतीकरण, पेयजल, मुक्तिधाम उन्नयन, सामुदायिक भवन एवं अन्य अधोसंरचना विकास कार्य किए जाएंगे। कार्यक्रम के अंतर्गत 15वें वित्त आयोग अनटाइड ग्रांट से 12 करोड़ 9 लाख 44 हजार रूपए की लागत से विभिन्न वार्डों में सड़क, नाली एवं विद्युतीकरण के कार्य किए जाएंगे।</p>
<p>अधोसंरचना मद से 11 करोड़ 57 लाख रूपए की लागत से सड़क, नाली, मुक्तिधाम उन्नयन एवं सामुदायिक भवन निर्माण के कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत 1 करोड़ रूपए की लागत से 4 वार्डों में सड़क, नाली एवं सामुदायिक भवन निर्माण कार्य तथा 15वें वित्त आयोग टाइड ग्रांट के पेयजल प्रबंधन घटक से 3 करोड़ 2 लाख 82 हजार रूपए की लागत से विभिन्न वार्डों में पाइपलाइन विस्तार के कार्य किए जाएंगे। इस अवसर पर नागरिकों को 1000 पौधों का वितरण भी किया गया।<br>
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उप मुख्यमंत्री  अरूण साव ने कहा कि आज राजनांदगांव शहर के लिए ऐतिहासिक दिन है। शहर को 43 करोड़ रूपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिली है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद पिछले दो वर्षों में राजनांदगांव नगर निगम को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगभग 267 करोड़ रूपए की राशि विकास कार्यों के लिए प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शहरों को स्वच्छ, सुंदर एवं सुविधापूर्ण बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा लगातार योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने राजनांदगांववासियों से शहर को स्वच्छता के क्षेत्र में देश में अग्रणी बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नागरिक और नगर निगम मिलकर प्रयास करें तो राजनांदगांव स्वच्छता के क्षेत्र में देश में पहला स्थान प्राप्त कर सकता है।<br>
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उप मुख्यमंत्री  अरूण साव ने राजनांदगांव शहर के लिए कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों को शीघ्र स्वीकृति प्रदान किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गांधी चौक, पोस्ट ऑफिस चौक, नंदई चौक सहित अन्य प्रमुख चौकों के सौंदर्यीकरण के लिए लगभग 3 करोड़ रूपए की स्वीकृति प्रक्रियाधीन है। रानी सागर एवं बूढ़ा सागर तालाब के पुनर्विकास के लिए 14 करोड़ रूपए की योजना तैयार की गई है। इसी प्रकार जीई रोड से लखोली कबाड़ी दुकान तक सड़क चौड़ीकरण के लिए 6 करोड़ 85 लाख रूपए, आरके नगर चौक से डोंगरगांव रोड तक सड़क निर्माण के लिए 6 करोड़ 90 लाख रूपए तथा बायपास कन्हारपुरी से तिरंगा चौक तक सड़क चौड़ीकरण के लिए 5 करोड़ 50 लाख रूपए की स्वीकृति शीघ्र प्रदान की जाएगी। उन्होंने मोहारा जल संयंत्र के री-मरम्मत कार्य के लिए 4 करोड़ रूपए तथा ढाबा, गौरीनगर और गोकुलनगर में ओवरहेड टैंक निर्माण के लिए 12 करोड़ 61 लाख रूपए की स्वीकृति शीघ्र प्रदान किए जाने की जानकारी दी। <br>
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 साव ने कहा कि विकास के साथ स्वच्छता भी शहर की पहचान का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने नागरिकों से घर एवं आसपास स्वच्छता बनाए रखने, कचरा नालियों एवं सड़कों पर नहीं डालने तथा नगर निगम की स्वच्छता व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से राजनांदगांव को स्वच्छता के क्षेत्र में देश में पहला स्थान दिलाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की गारंटियों को पूरा करने के साथ ही छत्तीसगढ़ के शहरों के समग्र विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से निरंतर कार्य कर रही है।      </p>
<p>सांसद  संतोष पाण्डेय ने कहा कि शासन द्वारा राजनांदगांव शहर के विकास कार्यों के लिए 43 करोड़ 61 लाख 26 हजार रूपए की सौगात दी गई है। नगर निगम राजनांदगांव अंतर्गत नालंदा परिसर सहित अन्य विकास कार्य किए जा रहे हैं। केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा जिले के विकास के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा परमालकसा से खरसिया तक नई रेल लाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है तथा चौथी रेल लाइन भी चालू हो गई है। राजनांदगांव एवं डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन को मॉडल एवं अमृत रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। गौरीनगर एवं स्टेशन पारा के अंडरब्रिज का निर्माण कार्य दिसंबर तक पूर्ण हो जाएगा तथा मोतीपुर अंडरब्रिज का निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि डोंगरगढ़ से कटघोरा तक नई रेल लाइन की स्वीकृति दी गई है, जिसका जंक्शन डोंगरगढ़ होगा। सांसद  पाण्डेय ने कहा कि राजनांदगांव प्रतिभा, श्रम एवं परिश्रम की भूमि है। जिले के प्रतिभावान खिलाड़ी ज्ञानेश्वर यादव ने राष्ट्रमंडल खेल में देश के लिए पदक जीतकर राजनांदगांव एवं छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है।<br>
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महापौर  मधुसूदन यादव ने कहा कि राजनांदगांव शहर के विकास के लिए 43 करोड़ 61 लाख 26 हजार रूपए की लागत से विभिन्न कार्यों का भूमिपूजन किया गया है। उन्होंने बताया कि राजनांदगांव शहर में वर्तमान में 800 सीटर ऑडिटोरियम उपलब्ध है तथा अब 15 करोड़ 92 लाख रूपए की लागत से 2000 सीटर ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया है। इसके निर्माण से भविष्य में बड़े आयोजनों के लिए व्यवस्थित एवं सुविधायुक्त स्थल उपलब्ध होगा। उन्होंने बताया कि शहर के सभी 51 वार्डों के संतुलित विकास को दृष्टिगत रखते हुए 15वें वित्त आयोग से 12 करोड़ रूपए एवं 3 करोड़ रूपए, मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत वाटर सप्लाई के लिए 1 करोड़ रूपए तथा अधोसंरचना विकास के लिए 11 करोड़ 57 लाख रूपए के विभिन्न कार्यों का भूमिपूजन किया गया है।<br>
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कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष  नीलू शर्मा, श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष  योगेश दत्त मिश्रा, अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक  सचिन बघेल, राजगामी संपदा न्यास के अध्यक्ष मती पूर्णिमा साहू,  खूबचंद पारख,  कोमल सिंह राजपूत,  संतोष अग्रवाल,  रमेश पटेल,  राजेश श्यामकर,  राजेन्द्र गोलछा,  सौरभ कोठारी, नगर निगम सभापति  पारस वर्मा, पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा, सीईओ जिला पंचायत सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पार्षदगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं नागरिकगण उपस्थित थे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>ट्रंप के पीछे हटने के बीच ईरान की खुली धमकी, जमीनी हमले की कोशिश पर दी कड़ी चेतावनी</title>
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<description><![CDATA[ तेहरान  ईरान ने अमेरिका को सीधे शब्दों में धमकी दे दी है. ईरान ने कहा है कि अगर अमेरिकी सैनिकों ने उसकी जमीन पर पैर भी रखा, तो हम उनकी गर्दनें काट देंगे. यह बयान ऐसे वक्त आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद इस टकराव से निकलने का रास्ता तलाशते नजर आ रहे … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 22:15:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>ट्रंप, के, पीछे, हटने, के, बीच, ईरान, की, खुली, धमकी, जमीनी, हमले, की, कोशिश, पर, दी, कड़ी, चेतावनी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>तेहरान </strong><br>
ईरान ने अमेरिका को सीधे शब्दों में धमकी दे दी है. ईरान ने कहा है कि अगर अमेरिकी सैनिकों ने उसकी जमीन पर पैर भी रखा, तो हम उनकी गर्दनें काट देंगे. यह बयान ऐसे वक्त आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद इस टकराव से निकलने का रास्ता तलाशते नजर आ रहे हैं. ईरानी सेना की ग्राउंड फोर्स के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल अली जहांशाही ने साफ कहा, ‘अगर कोई अमेरिकी सैन्यकर्मी ईरान की जमीन पर कदम रखता है, तो हम उन्हें काट देंगे’. उन्होंने यह भी जोड़ा कि ईरान हर खतरे का ‘कड़ा और रोकने वाला जवाब’ देने के लिए पूरी तरह तैयार है. उनके मुताबिक, ईरानी सेना सीमाओं पर पूरी कॉम्बैट रेडीनेस में है और हर गतिविधि पर नजर रख रही है. वहीं ट्रंप चुनाव से पहले इस समस्या का हल निकालना चाहते हैं. इसके लिए वह अपनी सबसे बड़ी डिमांड परमाणु हथियारों पर भी कदम <strong>पीछे करने को तैयार हैं। </strong></p>
<p><strong>बातचीत भी, धमकी भी</strong><br>
ईरान की तरफ से एक तरफ यह सख्त चेतावनी है, तो दूसरी तरफ कूटनीतिक चैनल भी पूरी तरह बंद नहीं हैं. ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा, ‘हम फिलहाल अमेरिका से सीधे बातचीत नहीं कर रहे हैं. संदेशों का आदान-प्रदान बिचौलियों के जरिए हो रहा है.’ उन्होंने साफ कर दिया कि जब तक अमेरिका अपने पुराने समझौते के उल्लंघन की भरपाई नहीं करता, तब तक सीधी बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं है. अराघची ने यह भी बताया कि ओमान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है, लेकिन इसे खोलना अमेरिका की ‘भरपाई’ पर निर्भर करेगा। </p>
<p><strong>युद्ध ने ट्रंप की मुश्किल बढ़ाई</strong><br>
उधर अमेरिका में हालात ट्रंप के लिए आसान नहीं दिख रहे. मिडटर्म चुनाव करीब हैं और ट्रंप प्रशासन जनता को यह दिखाना चाहता है कि उसने ईरान के खिलाफ जंग जीत ली. वाल स्ट्रीट जर्नल की खबर के मुताबिक ट्रंप बिना न्यूक्लियर डील के ही बातचीत को फाइनल करने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं. यह सीधे पीछे हटने वाला कदम माना जा रहा है, क्योंकि इस युद्ध की असली जड़ न्यूक्लियर ही है. लेकिन ईरान ने शर्तों की ऐसी लिस्ट रख दी है, जिससे मामला और फंस गया है. तेहरान ने अरबों डॉलर की पेमेंट, अमेरिकी सैनिकों की वापसी और नेवल ब्लॉकेड खत्म करने की मांग रखी है. यही वजह है कि डील की राह और मुश्किल हो गई है। </p>
<p><strong>होर्मुज पर अटका खेल</strong><br>
होर्मुज जलडमरूमध्य इस पूरे टकराव का सबसे अहम मोर्चा बना हुआ है. ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों के चलते यहां शिपिंग प्रभावित हुई है और वैश्विक तेल बाजार भी हिल गया है. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ओमान और ईरान के बीच बातचीत में कुछ प्रगति हुई है और जल्द कोई समझौता हो सकता है, जिससे शिपिंग बहाल हो सके. लेकिन इसके साथ ही अमेरिका को ईरानी बंदरगाहों पर लगी पाबंदियां हटानी होंगी। </p>]]> </content:encoded>
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<title>बारिश और बाढ़ के बीच मध्यप्रदेश पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन—SDERF एवं होमगार्ड्स ने बचाईं 98 जिंदगियां</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में जारी भारी बारिश एवं नदियों-नालों के उफान से उत्पन्न आपदा की स्थिति में राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (SDERF) एवं होमगाईस की टीमों ने त्वरित व अदम्य साहस का परिचय देते हुए बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान संचालित किए हैं। होमगार्ड, सिविल डिफेंस और आपदा प्रबंधन (एसडीईआरएफ) … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 22:00:40 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>बारिश, और, बाढ़, के, बीच, मध्यप्रदेश, पुलिस, का, रेस्क्यू, ऑपरेशन—SDERF, एवं, होमगार्ड्स, ने, बचाईं, जिंदगियां</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>भोपाल </p>
<p>मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में जारी भारी बारिश एवं नदियों-नालों के उफान से उत्पन्न आपदा की स्थिति में राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (SDERF) एवं होमगाईस की टीमों ने त्वरित व अदम्य साहस का परिचय देते हुए बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान संचालित किए हैं।</p>
<p>होमगार्ड, सिविल डिफेंस और आपदा प्रबंधन (एसडीईआरएफ) की महानिदेशक श्रीमती प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्‍तव ने बताया कि 10 अगस्त को प्रदेश के कई जिलों से जलभराव एवं बाढ़ में नागरिकों के फंसने की आपातकालीन सूचनाएं प्राप्त हुईं, जिस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मुख्यालय भोपाल के निर्देशन में क्षेत्रीय टीमों द्वारा विभिन्न स्थानों पर तत्परता से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए गए। दिनभर चले इन अभियानों के दौरान बहादुर जवानों द्वारा 98 नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालकर राहत पहुँचाई गई तथा 7 गोवंश एवं 4 पालतू पशुओं का भी सुरक्षित बचाव किया गया।</p>
<p>सीहोर जिले में नाले का जलस्तर अचानक बढ़ने से आपदा की गंभीर स्थिति निर्मित हो गई। थाना सीहोर अंतर्गत ग्राम जामनी (जिला मुख्यालय से 20 किमी) में नाले के उफान के कारण घर में फंसी 23 वर्षीय गर्भवती महिला श्रीमती गीता राजपूत एवं उनके परिवार के 3 अन्य सदस्यों के फंसे होने की सूचना मिली। SDERF और होमगार्ड्स की टीम ने तत्काल मौके पर पहुँचकर रबर बोट (Rubber Boat) की सहायता से अत्यधिक सावधानीपूर्वक गर्भवती महिला एवं तीनों परिजनों को जलभराव से सुरक्षित बाहर निकाला और एम्बुलेंस तक पहुँचाया। इसके अतिरिक्त, सीहोर के थाना अहमदपुर क्षेत्र (मुख्यालय से 60 किमी) में भी जलभराव के बीच फँसे 4 नागरिकों को SDERF टीम द्वारा सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।</p>
<p>राजधानी भोपाल के थाना सूखी सेवानिया अंतर्गत ग्राम बालमपुर (मुख्यालय से 18 किमी) में डैम की दीवार टूटने के कारण बाढ़ का पानी तेजी से रिहायशी क्षेत्र में प्रविष्ट हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए SDERF की टीम ने तत्काल मोर्चा संभाला और बढ़ते जलस्तर के बीच फंसे 19 नागरिकों तथा 4 पालतू पशुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। इसी कम में, सूखी सेवानिया क्षेत्र (मुख्यालय से 16 किमी) में नाले के तेज बहाव से उपजे जलभराव में फंसे 4 व्यक्तियों को क्विक रिस्पांस टीम (QRT) द्वारा त्वरित रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया गया।</p>
<p>विदिशा जिले के थाना करारिया अंतर्गत ग्राम बामनखेड़ा (मुख्यालय से 70 किमी) में जलभराव की गंभीर स्थिति निर्मित होने से 15 मजदूर फंस गए थे। SDERF एवं होमगार्ड्स की संयुक्त टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर 2 महिलाओं, 6 बच्चों एवं 7 पुरुषों सहित सभी 15 श्रमिकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। वहीं विदिशा के ही ग्राम पथरिया में जलभराव में फंसे 4 नागरिकों (1 महिला एवं 3 पुरुष) के साथ-साथ 7 गोवंश को भी रेस्क्यू टीम द्वारा सफलतापूर्वक सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया गया।</p>
<p>खंडवा जिले के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल ओंकारेश्वर स्थित अभयपुरी घाट पर स्नान के दौरान 3 श्रद्धालु अचानक नदी के तेज बहाव में बहने लगे। घाट पर तैनात SDERF के जांबाज जवान तेजपाल एवं बलबहादुर ने बिना समय गंवाए अदम्य साहस का परिचय दिया और लाइफ जैकेट की सहायता से उफनती नदी में कूदकर तीनों श्रद्धालुओं को सुरक्षित बहाव से बाहर निकाल लिया। जवानों की इस त्वरित सतर्कता एवं जांबाजी से तीन अमूल्य जानें बचाई जा सकीं।</p>
<p>राजगढ़ जिले के थाना खिलचीपुर अंतर्गत ग्राम बाधाहेड़ी में मंदिर के चारों तरफ पानी भर जाने के कारण छत पर शरण लिए 15 लोगों को SDERF/HG टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू किया। इसी प्रकार, आगर मालवा जिले के थाना सोयत क्षेत्र में व्यापक जलभराव की सूचना मिलते ही SDERF, होमगार्ड्स एवं आपदा राहत टीम (DRC) ने मोर्चा संभाला और लगभग 30 से 40 नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया, जहाँ राहत व बचाव कार्य निरंतर जारी है।</p>
<p>राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (SDERF) मुख्यालय भोपाल द्वारा प्रदेश के समस्त संवेदनशील एवं जलभराव वाले जिलों की स्थिति पर 24×7 निरंतर निगरानी रखी जा रही है। सभी जिला मुख्यालयों पर क्विक रिस्पांस टीमें (QRT), आपदा राहत वाहन, बोट्स एवं आधुनिक उपकरण हाई अलर्ट मोड पर रखे गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता पहुँचाई जा सके।</p>
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<title>राष्ट्रीय सेवा योजना की सभी इकाइयां सक्रिय एवं क्रियाशील हों, गतिविधियों का व्यापक विस्तार करें : मंत्री  परमार</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने कहा है कि राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों में सेवा, नेतृत्व, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित कर उन्हें समाज एवं राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। राष्ट्रीय सेवा योजना को विश्वविद्यालयों का अभिन्न अंग बनाते हुए इसकी गतिविधियों को अधिक … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 22:00:36 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>राष्ट्रीय, सेवा, योजना, की, सभी, इकाइयां, सक्रिय, एवं, क्रियाशील, हों, गतिविधियों, का, व्यापक, विस्तार, करें, मंत्री, परमार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने कहा है कि राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों में सेवा, नेतृत्व, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित कर उन्हें समाज एवं राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। राष्ट्रीय सेवा योजना को विश्वविद्यालयों का अभिन्न अंग बनाते हुए इसकी गतिविधियों को अधिक व्यापक, प्रभावी और परिणाममूलक बनाया जाए। सभी इकाइयां सक्रिय एवं क्रियाशील हों तथा विद्यार्थियों को विभिन्न गतिविधियों में दायित्व सौंपकर उनमें नेतृत्व और जिम्मेदारी की भावना विकसित की जाए। मंत्री  परमार सोमवार को मंत्रालय स्थित सभाकक्ष में राष्ट्रीय सेवा योजना की राज्य स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे।</p>
<p>मंत्री  परमार ने निर्देश दिए कि प्रदेश के जिन विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में अभी राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाइयां नहीं हैं, वहां राज्य मद से नई इकाइयों के गठन के लिए कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सांदीपनि विद्यालयों में भी राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाइयां प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने विश्वविद्यालय स्तर पर राष्ट्रीय सेवा योजना की गतिविधियों की नियमित समीक्षा करने तथा प्रत्येक इकाई को पूरी तरह सक्रिय एवं क्रियाशील बनाने पर विशेष जोर दिया।</p>
<p>मंत्री  परमार ने कहा कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय सेवा योजना की गतिविधियों को पूर्ण सहयोग प्रदान करें। विद्यार्थियों को केवल सहभागी के रूप में नहीं, बल्कि गतिविधियों की योजना, संचालन और क्रियान्वयन में दायित्व एवं नेतृत्व दिया जाए। इससे उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास होगा। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना के गोद ग्रामों की संख्या एवं गतिविधियों का विस्तार करने तथा सेवा कार्यों को स्थानीय आवश्यकताओं और जनभागीदारी से जोड़ने के निर्देश दिए।</p>
<p><strong>युवाओं को नशामुक्ति एवं टी.बी. मुक्त अभियान से जोड़ें</strong></p>
<p>मंत्री  परमार ने कहा कि जिला एवं तहसील मुख्यालयों के खेल मैदानों में प्रातःकाल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले बड़ी संख्या में युवा आते हैं। इन युवाओं को नशामुक्ति एवं टी.बी. मुक्त अभियान से जोड़ने के लिए विशेष गतिविधियां संचालित की जाएं। इस कार्य में खेल शिक्षकों की भूमिका का प्रभावी उपयोग करते हुए युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित किया जाए।</p>
<p>मंत्री  परमार ने राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से बाल अधिकार एवं संरक्षण सहित विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे उत्कृष्ट एवं प्रेरणादायी कार्यों की सफलता की कहानियों का मुद्रित एवं डिजिटल रूप में प्रकाशन करने तथा सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट कार्यों को सामने लाने से स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन होगा और अधिकाधिक युवा जनसेवा से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे।</p>
<p>अधिकाधिक विद्यार्थियों को राष्ट्रीय सेवा योजना से जोड़ें : अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा  राजन</p>
<p>अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा  अनुपम राजन ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाइयों का संख्यात्मक विस्तार महत्वपूर्ण है, लेकिन प्रत्येक इकाई का सक्रिय एवं प्रभावी होना उससे भी अधिक आवश्यक है। उन्होंने प्रदेश के अधिकाधिक विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में नई इकाइयां स्थापित करने तथा अधिक से अधिक विद्यार्थियों को राष्ट्रीय सेवा योजना से जोड़ने के निर्देश दिए।</p>
<p> राजन ने माय भारत पोर्टल पर राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक विद्यार्थियों का अधिकाधिक पंजीयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने राज्य एवं जिला स्तर पर प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने तथा स्वयंसेवकों एवं पदाधिकारियों को प्रोत्साहित करने के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवकों एवं पदाधिकारियों को स्वतंत्रता दिवस एवं गणतंत्र दिवस के अवसर पर सम्मानित करने की व्यवस्था विकसित करने तथा राज्य स्तर पर विभिन्न स्वस्थ प्रतियोगिताओं के आयोजन की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।</p>
<p><strong>साहसिक एवं चिंतन शिविरों सहित विभिन्न गतिविधियों की कार्ययोजना</strong></p>
<p>बैठक में आगामी सत्र के लिए स्वच्छता ही सेवा अभियान, नशामुक्ति एवं टी.बी. मुक्त युवा अभियान, ‘हर युवा संवाद-विकसित भारत’, बाल अधिकार एवं संरक्षण, एड्स जागरूकता एवं रेड रिबन क्लब की गतिविधियां, ‘एक पेड़ माँ के नाम’, महिला सशक्तिकरण तथा ‘ज्वाइन राष्ट्रीय सेवा योजना’ अभियान सहित विभिन्न गतिविधियों की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। इसके साथ ही राज्य स्तरीय साहसिक शिविर, दमोह तथा चिंतन शिविर, पचमढ़ी, नेतृत्व प्रशिक्षण शिविर एवं राज्य स्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार सहित विभिन्न गतिविधियों एवं नवाचारों के आयोजन पर भी विचार-विमर्श किया गया।</p>
<p>बैठक में पिछले वर्ष राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा संचालित जन-जागरूकता, समाजसेवा, बाल अधिकार एवं संरक्षण, स्वास्थ्य, पर्यावरण तथा छात्र सहभागिता से जुड़ी गतिविधियों एवं उपलब्धियों की प्रस्तुति दी गई। आगामी सत्र की प्रस्तावित गतिविधियों एवं योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। आयुक्त उच्च शिक्षा  प्रबल सिपाहा, क्षेत्रीय निदेशक राष्ट्रीय सेवा योजना मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ डॉ. अशोक कुमार श्रोती, राष्ट्रीय सेवा योजना राज्य अधिकारी  मनोज अग्निहोत्री सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, विश्वविद्यालयों के कुलगुरु एवं प्रतिनिधि, राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ के कार्यक्रम समन्वयक तथा अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>मध्यप्रदेश पुलिस की साइबर अपराधियों के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, डिजिटल फुटप्रिंट, बैंकिंग ट्रांजेक्शन एवं साइबर विश्लेषण के आधार पर विगत 7 दिनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में साइबर ठगी के मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ पीड़ितों की ठगी गई … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 22:00:33 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>मध्यप्रदेश, पुलिस, की, साइबर, अपराधियों, के, विरुद्ध, निरंतर, कार्रवाई</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, डिजिटल फुटप्रिंट, बैंकिंग ट्रांजेक्शन एवं साइबर विश्लेषण के आधार पर विगत 7 दिनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में साइबर ठगी के मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ पीड़ितों की ठगी गई राशि वापस कराने में भी महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की गई है। बैतूल, छिंदवाड़ा,  इंदौर, खंडवा एवं कटनी पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि देवास पुलिस द्वारा 54 लाख  रुपए से अधिक की राशि पीड़ितों के खातों में वापस कराई गई।</p>
<p><strong>बैतूल</strong></p>
<p>थाना कोतवाली पुलिस ने ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब एवं होटल रेटिंग के नाम पर 2 लाख 25 हजार रुपए की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी ने पहले छोटी-छोटी रकम निवेश करवाकर पीड़िता का विश्वास जीता और बाद में बड़ी रकम निवेश कराने के नाम पर कुल 2 लाख 25 हजार रुपए की ठगी की। तकनीकी साक्ष्यों एवं साइबर सेल की सहायता से आरोपी को गिरफ्तार किया गया।  पूछताछ में आरोपी द्वारा अपना बैंक खाता 20 हजार रुपए के लालच में साइबर ठगी के लिए उपलब्ध कराना स्वीकार किया गया। आरोपी के कब्जे से रियलमी मोबाइल फोन एवं 1 हजार रुपए नगद जप्त किए गए।</p>
<p><strong>छिंदवाड़ा</strong></p>
<p>थाना कुण्डीपुरा पुलिस ने रॉयल एनफील्ड डीलरशिप दिलाने के नाम पर लगभग 77 लाख 25 हजार रुपए की साइबर ठगी करने वाले बिहार के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।  पुलिस टीम ने बिहार में लगातार 8 दिनों तक एसी एवं गीजर मैकेनिक बनकर घर-घर जाकर गोपनीय रैकी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों द्वारा ठगी की राशि से बनाई गई संपत्ति की जानकारी जुटाकर कुर्की की कार्रवाई की जा रही है।</p>
<p><strong>इंदौर</strong></p>
<p>थाना राऊ पुलिस ने पेटीएम लोन दिलाने एवं प्रोसेस कराने के नाम पर 1 लाख  रुपए की धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों को  गिरफ्तार कर ठगी की 1 लाख  रुपए की राशि बरामद की।</p>
<p><strong>खंडवा</strong></p>
<p>थाना कोतवाली पुलिस ने शेयर मार्केट में निवेश कर लाभ दिलाने के नाम पर 21 लाख 63 हजार 970  रुपए की ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के तीन आरोपियों को राजस्थान से गिरफ्तार किया तथा आरोपियों के कब्जे से 2 लाख 55 हजार 200  रुपए नगद जप्त किए गए।</p>
<p><strong>कटनी</strong></p>
<p>थाना कुठला पुलिस ने तकनीकी जांच एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर लाख 88 हजार रुपए की साइबर ठगी से जुड़े अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। </p>
<p><strong>देवास</strong></p>
<p>पुलिस ने साइबर फ्रॉड के मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए  मात्र 13 दिवस के भीतर साइबर फ्रॉड में गई 90 हजार रुपए की राशि वापस कराई।</p>
<p>वहीं एकअन्य कार्यवाही में 53 लाख रुपए की धनराशि तथा  32 हजार 794 रुपए की राशि पीड़ितों के खातों में वापस कराई।</p>
<p>इस प्रकार तीनों प्रकरणों में पुलिस ने 54 लाख 22 हजार रुपए से अधिक की राशि पीड़ितों को  वापस दिलाने में  प्रभावी भूमिका निभाई।</p>
<p><strong>सीहोर</strong></p>
<p>थाना कोतवाली साइबर हेल्प डेस्क ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर फ्रॉड की लगभग 40 हजार रुपए की संपूर्ण राशि वापस कराई। पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात लिंक पर क्लिक करने के बाद उनका मोबाइल हैक हो गया और क्रेडिट कार्ड से लगभग 40 हजार रुपए की राशि कट गई। साइबर हेल्प डेस्क द्वारा तत्काल  तकनीकी कार्रवाई कर Amazon Pay से भुगतान कैंसिल कराकर संपूर्ण राशि पीड़ित के खाते में वापस कराई गई।</p>
<p>मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब, शेयर मार्केट में निवेश, लोन, डीलरशिप, होटल रेटिंग, टास्क अथवा अधिक लाभ का प्रलोभन देने वाले अनजान व्यक्तियों एवं सोशल मीडिया अकाउंट से सावधान रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाता, ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम अथवा अन्य बैंकिंग जानकारी साझा न करें और संदेह होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>पुलिस बल और जवानों का मनोबल दोनों बढ़ाना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सोमवार को रविन्द्र भवन में पुलिस विभाग द्वारा अभिनंदन किया गया। पुलिस विभाग में बड़ी संख्या में नवीन भर्तियों की शुरुआत करने तथा वर्षों से लंबित पदोन्नतियों का लाभ दिलाने के लिए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 22:00:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>पुलिस, बल, और, जवानों, का, मनोबल, दोनों, बढ़ाना, हमारी, प्राथमिकता, मुख्यमंत्री, डॉ., यादव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सोमवार को रविन्द्र भवन में पुलिस विभाग द्वारा अभिनंदन किया गया। पुलिस विभाग में बड़ी संख्या में नवीन भर्तियों की शुरुआत करने तथा वर्षों से लंबित पदोन्नतियों का लाभ दिलाने के लिए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि सरकार ने तय किया है कि पुलिस बल और पुलिसवालों का मनोबल दोनों बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर चोट और तनाव झेलते हैं, लेकिन उनके परिश्रम को सम्मान और पुरस्कार मिलने का भरोसा भी जरूरी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस विभाग के 58 संवर्गों में रिकॉर्ड 27 हजार 534 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी पदोन्नत हुए हैं। इनमें मैदानी स्तर के 12 हजार 928 आरक्षक प्रधान आरक्षक तथा 5 हजार 171 प्रधान आरक्षक सहायक उपनिरीक्षक बने हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पदोन्नति का रास्ता खुलने का सबसे बड़ा लाभ पुलिस विभाग को मिला है। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2023 से अब तक विभिन्न संवर्गों में 14 हजार 704 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन हो चुका है और 9 हजार 751 अतिरिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। पुलिस बैंड और एफएसएल की भर्ती भी अंतिम चरण में है।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश के खंडवा में नई पुलिस बटालियन स्थापित की जायेगी। प्रदेश में तीन राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल गठित किया जाएगा। पहले चरण में एक बल गठित करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह (पीवीटीजी) में आने वाली बैगा, भारिया एवं सहरिया जनजातीय युवाओं की विशेष कम्पनियां भी गठित की जायेंगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खाकी वर्दी और कंधों पर सजे सितारे मध्यप्रदेश के साढ़े 8 करोड़ नागरिकों की सुरक्षा और विश्वास का प्रतीक हैं। उन्होंने पुलिसकर्मियों से ईमानदारी, संवेदनशीलता, अनुशासन और निष्पक्षता के साथ कार्य करते हुए जनता में पुलिस के प्रति प्रेम और अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करने का आहवान किया।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश पुलिस देश भक्ति, जनसेवा, साहस और अपनी प्रतिबद्धता के बलबूते देशभर में अपनी विशेष पहचान बना रही है। मध्यप्रदेश पुलिस देश की सबसे अच्छी पुलिस फोर्स में शामिल है। इसके लिए सभी पुलिसकर्मी बधाई के पात्र हैं। हमारी पुलिस ने जो भी काम मिला, उसे उत्कृष्ट तरीके से सम्पन्न किया है। चंबल अंचल से दस्यु समस्या को खत्म किया और मध्यप्रदेश के सबसे पहले नक्सलवाद की समस्या से मुक्त कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस अपनी ड्यूटी निभाए, सरकार आपके परिवार के लिए अपने दायित्वों का निर्वहन करेगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस के जवान और अधिकारी अनुशासन के साथ अपने दायित्वों को पूरा कर जीवन को धन्य करते हैं। पुलिस परंपरा में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार  अजीत डोभाल जैसे अनेकों नाम हैं, जो सेवानिवृत्ति के बाद भी देश की सेवा कर रहे हैं।  डोभाल ने राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती प्रदान करने के लिए सराहनीय कार्य किए हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने पुलिस विभाग के 58 संवर्गों में रिकॉर्ड 27 हजार 534 अधिकारी और कर्मचारियों को भी पदोन्नति का लाभ दिया है। पुलिसकर्मी अपनी क्षमता और योग्यता के बलबूते आगे बढ़ रहे हैं। हमारे 30 रक्षित, निरीक्षक से उप पुलिस अधीकक्ष (डीएसपी) बने हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2023 से अब तक विभिन्न संवर्गों में 14 हजार 704 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन किया जा चुका है। पुलिस बैंड और एफएसएल की भर्ती भी अंतिम दौर में है। वर्ष 2026 में भी विभिन्न पदों पर 9 हजार 751 पुलिसकर्मियों की भर्ती के लिए मंजूरी दी गई है। हमारी कोशिश है कि आगामी 2 सालों में आरक्षक और सब इंस्पेक्टर के जितने पदों पर भर्ती शेष है, उसे भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड ने पूरी पारदर्शिता के साथ प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है।</p>
<p>पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाना ने कहा कि सब इंस्पेक्टर और सूबेदार के पदों पर भर्ती के लिए 2025 में नए नियम तैयार किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 7500 नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया को मंजूरी प्रदान की है। 2025 में मंजूर किए गए सिपाही, सूबेदार और सब इंस्पेक्टर पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण हो रही है। इस वर्ष 9662 विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए स्वीकृति मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की धरती से नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने में पुलिस विभाग की हॉक फोर्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रदेश की हॉक फोर्स में 325 पद और विशेष सहयोगी दस्ते में भी 882 पदों पर भर्ती की गई है। पुलिस विभाग में अनुशासन का बड़ा महत्व है। परेड से अनुशासन बढ़ता है। इसके लिए बैंड दस्ते में भर्ती प्रक्रिया चल रही है। सभी इकाइयों को जल्द ही पुलिस बैंड उपलब्ध होगा। नवीन आपराधिक कानूनों को लागू कराने में एफएसएल का बड़ा महत्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एफएसएल में नई भर्ती के लिए भी स्वीकृति प्रदान की। सिंहस्थ 2028 में पूरे देश से श्रद्धालु उज्जैन आएंगे। पिछले दो वर्षों में पुलिस विभाग ने 18 हजार से अधिक पदों पर नई नियुक्तियां की हैं। यह पुलिस बल प्रशिक्षण के बाद सिंहस्थ ड्यूटी के लिए उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए सदैव तत्पर हैं।</p>
<p>उज्जैन जिले में पदस्थ पदोन्नत डीएसपी सु दीपिका शिंदे ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमारे कई साथी दो दशक से सेवाएं दे रहे हैं और कई अब सेवानिवृत्ति की ओर हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्णय से हमारी सेवा को सम्मान मिला है। मुझे तीन वर्ष कार्यवाहक डीएसपी पद पर कार्य करने के बाद पदोन्नति मिली है।</p>
<p>निरीक्षक सु रीना चौहान ने कहा कि प्रदेश में पदोन्नति प्रक्रिया शुरू होने से मेरे परिवार में तीन सदस्यों को इसका लाभ मिला है। पदोन्नति से कर्मचारी में निष्ठा और ऊर्जा का संचार होता है।</p>
<p>प्रशिक्षु डीएसपी  विनय कुमार डहरवाल ने कहा कि मैं बालाघाट जिले का निवासी हूं। कुछ समय पूर्व तक यह क्षेत्र नक्सल प्रभावित था। मेरी स्कूली शिक्षा गांव में पूरी हुई। लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास करने पर मुझे वर्ष 2022 में डीएसपी पद मिला। मेरी सफलता से क्षेत्रवासियों में नई ऊर्जा मिली है। हम अपने देश भक्ति और सेवा के जज्बे को जमीन पर उतारेंगे। महिला आरक्षक (नवीन भर्ती) सु आस्था शर्मा ने कहा कि बचपन से मेरा सपना खाकी वर्दी पहनने का था। शादी और बच्चों के बाद पुलिस विभाग में मेरा चयन महिलाओं के लिए गौरव की बात है।</p>
<p>एडीजी एसएएफ  चंचल शेखर ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अभिनंदन पत्र का वाचन किया। स्पेशल डीजी एडमिनिस्ट्रेशन  आदर्श कटियार ने आभार व्यक्त किया।</p>
<p>कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव गृह विभाग  संजय कुमार शुक्ल, स्पेशल डीजी सीआईडी  पंकज वास्तव, आईजी एडमिन  हरिनारायणचारी मिश्रा सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>राजनगर के  केरहा धाम से कांवड़ियों ने भोले बाबा को जल अर्पित करने किया प्रस्थान</title>
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<description><![CDATA[ अनूपपुर  सावन महीने के दूसरे सोमवार के शुभ अवसर पर भक्तों ने राजनगर के केरहा मंदिर प्रांगण केरहा धाम से जल भरकर भगवान भोले बाबा के मंदिर सिद्ध बाबा मनेन्द्रगढ़ पहुंच कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक करके अपने आप को कृतार्थ किया । इस दौरान बाबा भगवान भोलेनाथ के श्रद्धालुओं ने भारी संख्या में कावंड़ … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 22:00:25 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>अनूपपुर </strong></p>
<p>सावन महीने के दूसरे सोमवार के शुभ अवसर पर भक्तों ने राजनगर के केरहा मंदिर प्रांगण केरहा धाम से जल भरकर भगवान भोले बाबा के मंदिर सिद्ध बाबा मनेन्द्रगढ़ पहुंच कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक करके अपने आप को कृतार्थ किया । इस दौरान बाबा भगवान भोलेनाथ के श्रद्धालुओं ने भारी संख्या में कावंड़ एवं अन्य पात्र में जल भरकर के पैदल ही राजनगर से होते हुए मनेन्द्रगढ़ स्थित सिद्ध बाबा मंदिर में भगवान भोले बाबा को जलाभिषेक किया। इस दौरान भारी संख्या में बड़े बुजुर्ग,मातायें, बहनें,और बच्चों ने भी खुशी से बोल बम के नारे लगाते हुए भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के दौरान नगर के युवा एवं वरिष्ठ जानो का योग्दान सराहनीय रहा।</p>]]> </content:encoded>
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<title>नगरीय क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन तंत्र को सुदृढ़ करने के निर्देश</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  वर्षा ऋतु के दृष्टिगत नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा प्रदेश के समस्त नगरीय क्षेत्रों में सम्भावित प्राकृतिक एवं आकस्मिक आपदाओं से निपटने के लिए त्रिस्तरीय (राज्य, संभाग एवं जिला स्तर) नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) स्थापित किए गए हैं। नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने कहा है कि अतिवृष्टि, जलभराव, बाढ़, … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 22:00:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>नगरीय, क्षेत्रों, में, आपदा, प्रबंधन, तंत्र, को, सुदृढ़, करने, के, निर्देश</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>भोपाल </p>
<p>वर्षा ऋतु के दृष्टिगत नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा प्रदेश के समस्त नगरीय क्षेत्रों में सम्भावित प्राकृतिक एवं आकस्मिक आपदाओं से निपटने के लिए त्रिस्तरीय (राज्य, संभाग एवं जिला स्तर) नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) स्थापित किए गए हैं। नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने कहा है कि अतिवृष्टि, जलभराव, बाढ़, जर्जर भवनों के धराशायी होने तथा वज्रपात जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों में जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह कंट्रोल रूम अंतर-विभागीय समन्वय के माध्यम से आपदा प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित जल निकासी, प्रभावित नागरिकों के सुरक्षित विस्थापन तथा भोजन, शुद्ध पेयजल एवं चिकित्सा जैसी मूलभूत जीवनरक्षक सुविधाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे।</p>
<p>आपदा प्रबंधन व्यवस्था को व्यावहारिक रूप देते हुए जर्जर एवं क्षतिग्रस्त भवनों को चिन्हित कर समय रहते आवश्यक सुरक्षात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त आंधी-तूफान के कारण मार्ग में धराशायी हुए वृक्षों को तत्काल हटाकर यातायात को अविलंब सुचारू बनाने तथा वज्रपात से उत्पन्न आपातकालीन स्थितियों में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने पर विशेष बल दिया गया है। स्थापित कंट्रोल रूम मौसम विज्ञान केंद्र के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखेंगे, जिससे प्राप्त होने वाले पूर्व अनुमानों एवं चेतावनी संदेशों को संबंधित नगरीय निकायों तक समय रहते संप्रेषित किया जा सके और किसी भी संभावित आपदा के प्रभाव को न्यूनतम किया जा सके।</p>
<p>आपदा प्रबंधन के कुशल क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिंग के लिए प्रत्येक जिले में जिला शहरी विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी को जिला स्तरीय कंट्रोल रूम का नोडल अधिकारी/प्रभारी नियुक्त किया गया है। जिले से संबंधित परियोजना अधिकारी जिला प्रशासन के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर अतिवृष्टि एवं जलभराव से प्रभावित नागरिकों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराएंगे। आपदा की किसी भी स्थिति में न्यूनतम प्रतिक्रिया समय के साथ राहत एवं बचाव कार्य संपादित करना अनिवार्य होगा, जिससे शहरी क्षेत्रों में जनजीवन सामान्य बना रहे।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>MP में दो मानसूनी सिस्टम एक्टिव, भोपाल से रीवा तक झमाझम बारिश का अलर्ट</title>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 22:00:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>में, दो, मानसूनी, सिस्टम, एक्टिव, भोपाल, से, रीवा, तक, झमाझम, बारिश, का, अलर्ट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>राजधानी भोपाल में मानसून ने सोमवार रात अचानक अपना रौद्र रूप दिखाया। लगातार हो रही बारिश के बीच एक ही रात में 175.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। चार साल बाद भोपाल में एक रात में इतनी अधिक बारिश हुई है। इससे पहले वर्ष 2022 में एक रात में 190.5 मिलीमीटर और वर्ष 2020 में 210.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी।</p>
<p>सोमवार रात हुई मूसलाधार बारिश के कारण भोपाल की रफ्तार थम गई। शहर के कई निचले इलाकों और कालोनियों में पानी भर गया, जबकि हमीदिया रोड सहित कई प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं। आशिमा माल केंद्रीय विद्यालय के पास स्थित एक कालोनी के 30 से अधिक घरों में घुटनों तक पानी भर गया।</p>
<p><strong>रविवार की रिमझिम के बाद सोमवार रात बदला मौसम</strong></p>
<p>भोपाल में रविवार सुबह से रिमझिम बारिश का दौर शुरू हुआ था। सोमवार रात बारिश ने अचानक तेज रफ्तार पकड़ ली। रातभर हुई मूसलधार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। कई स्थानों पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा और शहर की सामान्य रफ्तार प्रभावित हुई।</p>
<p>मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला के अनुसार, यह इस सीजन में भोपाल में अब तक की सबसे तेज बारिश है। उन्होंने बताया कि 1 अगस्त से 10 अगस्त तक भोपाल में 214 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हो चुकी है। यह अगस्त माह की औसत 326 मिलीमीटर वर्षा के आधे से अधिक है।<br>
13 अगस्त को फिर बन सकता है निम्न दबाव</p>
<p>मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला के मुताबिक 13 अगस्त को एक और निम्न दबाव का क्षेत्र बनने वाला है। इसके प्रभाव से आने वाले दिनों में प्रदेश में फिर तेज वर्षा होने के आसार हैं।</p>
<p><strong>सामान्य से 11 मिलीमीटर अधिक वर्षा</strong></p>
<p>भोपाल में 1 जून से 10 अगस्त तक कुल 640.1 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की जा चुकी है। इस अवधि में सामान्य वर्षा का औसत 578.4 मिलीमीटर है। यानी राजधानी में अब तक सामान्य से 11 मिलीमीटर अधिक वर्षा दर्ज हुई है।</p>
<p>शेष 20 दिनों में भोपाल को करीब 112 मिलीमीटर वर्षा की जरूरत है। करीब एक-डेढ़ सप्ताह पहले तक राजधानी में वर्षा का आंकड़ा सामान्य से नीचे चल रहा था। ऐसे में राजधानीवासी लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे थे।<br>
<strong>दो मौसमी सिस्टम सक्रिय, 14 अगस्त तक बारिश</strong></p>
<p>प्रदेश में पिछले 24 घंटों से जारी लगातार वर्षा के पीछे दो प्रमुख मानसूनी सिस्टम सक्रिय हैं। उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश से लेकर बंगाल की खाड़ी तक एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ ही मानसूनी द्रोणिका भी उत्तरी मध्य प्रदेश से होकर गुजर रही है।</p>
<p>मौसम विभाग के अनुसार 14 अगस्त तक पूरे प्रदेश में रुक-रुककर हल्की से मध्यम वर्षा का दौर जारी रह सकता है। कुछ स्थानों पर अति भारी वर्षा होने की भी संभावना है।<br>
<strong>प्रदेश में 15 प्रतिशत कम वर्षा</strong></p>
<p>पूरे प्रदेश में एक जून से 10 अगस्त तक सामान्य की तुलना में 15 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 18 प्रतिशत और पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 13 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।<br>
<strong>पड़ोसी जिलों में उफान पर नदी-नाले</strong></p>
<p>तेज बारिश के कारण प्रदेश के कई जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं। कुछ स्थानों पर गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया है। मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार रायसेन, विदिशा और राजगढ़ में कुल वर्षा अभी भी औसत से कुछ कम है, जबकि सीहोर में स्थिति बेहतर है।<br>
<strong>विदिशा: बेतवा का जलस्तर बढ़ा, रेस्क्यू ऑपरेशन</strong></p>
<p>विदिशा तहसील में 2.7 इंच, पठारी में 3.7 इंच और लटेरी में चार इंच से अधिक बारिश हुई। तेज बारिश के कारण नदियां उफान पर आ गईं और कई बस्तियों में पानी भर गया। एसडीईआरएफ और होमगार्ड की टीम ने पथरिया में चार लोगों और सात मवेशियों को सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं वामनखेड़ा में 15 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। बेतवा नदी का जलस्तर बढ़कर 1363 फीट पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 1372 फीट है।</p>
<p><strong>सीहोर: श्यामपुर में 8.27 इंच बारिश</strong></p>
<p>सीहोर में पिछले 24 घंटों में औसतन 3.96 इंच बारिश दर्ज की गई। जिले के श्यामपुर में सर्वाधिक 8.27 इंच और जिला मुख्यालय पर 6.69 इंच वर्षा हुई। निचली बस्तियों में जलभराव को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है।</p>
<p><strong>रायसेन: दो साल पहले बनी पुलिया बारिश में बही</strong></p>
<p>रायसेन के अंबाड़ी-डोला घाट मार्ग पर दो साल पहले करीब 24 लाख रुपये की लागत से बनाई गई पुलिया तेज बारिश में बह गई। आसपास की मिट्टी धंसने से मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।</p>
<p>
<strong>गुना: झागर नदी उफनी, स्टेट हाईवे की पुलिया डूबी</strong></p>
<p>गुना में 48 घंटे से जारी बारिश के कारण बमोरी की झागर नदी का जलस्तर बढ़ गया। इससे स्टेट हाईवे की पुलिया डूब गई। शहर की कई कालोनियों में नालियां चोक होने से जलभराव की स्थिति बन गई है।</p>
<p><strong>राजगढ़: उफनते नाले में कार बही, 9 शव बरामद</strong></p>
<p>राजगढ़ जिले के पड़ाना कस्बे में अपने नाले का पानी सड़क के ऊपर से बह रहा था।तब ही नाला पार करते समय एक कार बह गई। कार में महिलाओं व बच्चों सहित 11 लोग सवार थे। हादसे में दो लोगों को स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया। 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>‘हर घर&#45;हर हाथ’ तिरंगे से सजेगा भोपाल, स्वतंत्रता दिवस से पहले बाजारों में बढ़ी देशभक्ति की सामग्री की मांग</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल। स्वतंत्रता दिवस में अब कुछ ही दिन शेष हैं और राजधानी भोपाल के बाजारों में देशभक्ति का रंग दिखाई देने लगा है। ‘हर घर तिरंगा-2026’ अभियान को लेकर राष्ट्रीय ध्वज और देशभक्ति से जुड़ी प्रचार सामग्री की मांग तेजी से बढ़ रही है। थोक एवं खुदरा विक्रेताओं ने स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों को देखते … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 22:00:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>‘हर, घर-हर, हाथ’, तिरंगे, से, सजेगा, भोपाल, स्वतंत्रता, दिवस, से, पहले, बाजारों, में, बढ़ी, देशभक्ति, की, सामग्री, की, मांग</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><strong>भोपाल।</strong> स्वतंत्रता दिवस में अब कुछ ही दिन शेष हैं और राजधानी भोपाल के बाजारों में देशभक्ति का रंग दिखाई देने लगा है। <strong>‘हर घर तिरंगा-2026’</strong> अभियान को लेकर राष्ट्रीय ध्वज और देशभक्ति से जुड़ी प्रचार सामग्री की मांग तेजी से बढ़ रही है। थोक एवं खुदरा विक्रेताओं ने स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों को देखते हुए विभिन्न प्रकार की सामग्री का पर्याप्त स्टॉक तैयार कर लिया है। व्यापारियों का अनुमान है कि अगस्त के दूसरे सप्ताह में तिरंगे और इससे जुड़ी सामग्री की बिक्री में और तेजी आएगी।</p>
<h2><strong>तिरंगे के साथ देशभक्ति की सामग्री भी तैयार</strong></h2>
<p class="isSelectedEnd">मालवीय नगर में पत्रकार भवन के सामने स्थित दशकों पुरानी प्रचार सामग्री निर्माता एवं विक्रेता संस्था <strong>शीला एड मेकर्स</strong> ने स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए विभिन्न आकार के राष्ट्रीय ध्वज सहित देशभक्ति से जुड़ी सामग्री का पर्याप्त स्टॉक तैयार किया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">यहां अलग-अलग आकार के <strong>तिरंगे, झंडे, कार फ्लैग, हैंड फ्लैग, बैज, स्टिकर, टी-शर्ट और कैप</strong> सहित अन्य प्रचार सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। बढ़ती मांग को देखते हुए संस्थान ने ग्राहकों की जरूरत के अनुरूप विभिन्न श्रेणियों में सामग्री तैयार की है।</p>
<h2><strong>‘हर घर और हर हाथ में लहराए तिरंगा’</strong></h2>
<p class="isSelectedEnd">शीला एड मेकर्स के संचालक <strong>अजय अग्रवाल</strong> ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि देश के प्रति सम्मान, गौरव और राष्ट्रभक्ति की भावना व्यक्त करने का अवसर है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए संस्था ने नागरिकों तक राष्ट्रीय ध्वज पहुंचाने के लिए विशेष व्यवस्था की है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने कहा कि उद्देश्य है कि <strong>हर घर और हर हाथ में तिरंगा पहुंचे</strong>। कार्यालयों, स्कूलों, सरकारी एवं अर्द्धसरकारी संस्थानों के साथ-साथ आम नागरिक भी अपने घर और प्रतिष्ठानों पर राष्ट्रीय ध्वज फहरा सकें, इसी उद्देश्य से तिरंगे उपलब्ध कराए जा रहे हैं।</p>
<h2><strong>दो आउटलेट पर उपलब्ध होगा तिरंगा</strong></h2>
<p class="isSelectedEnd">अजय अग्रवाल के अनुसार भोपाल में शीला एड मेकर्स के दोनों आउटलेट पर उपभोक्ताओं को तिरंगा <strong>कॉम्प्लीमेंटरी रेट पर</strong> उपलब्ध कराया जाएगा। इनमें <strong>भाजपा कार्यालय के पास स्थित आउटलेट और न्यू मार्केट में पत्रकार भवन के सामने स्थित आउटलेट</strong> शामिल हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">संस्था का कहना है कि अधिक से अधिक नागरिक स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घर, दुकान और प्रतिष्ठान पर तिरंगा फहराएं और राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना को प्रदर्शित करें।</p>
<h2><strong>ऑनलाइन भी खरीद सकेंगे प्रचार सामग्री</strong></h2>
<p class="isSelectedEnd">डिजिटल इंडिया की दिशा में कदम बढ़ाते हुए शीला एड मेकर्स द्वारा प्रचार एवं चुनाव सामग्री की ऑनलाइन खरीदारी की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। संस्था के अनुसार ग्राहकों को विभिन्न प्रकार की गुणवत्तापूर्ण सामग्री ऑनलाइन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">संस्था द्वारा <strong>टी-शर्ट और टोपी की मैन्युफैक्चरिंग के साथ प्रिंटिंग का कार्य</strong> भी किया जाता है। इसके अलावा वार्षिक कैलेंडर, पोस्टर, बैनर सहित विभिन्न प्रकार की प्रचार सामग्री के निर्माण के लिए एक अलग यूनिट स्थापित की गई है।</p>
<h2><strong>देश-दुनिया तक पहुंच रही सामग्री</strong></h2>
<p class="isSelectedEnd">संस्था के अनुसार ऑनलाइन माध्यम से देश के अलग-अलग हिस्सों में सामग्री पहुंचाने के लिए करीब दर्जनभर ऑनलाइन सेवा प्रदाता कंपनियों के साथ गठबंधन किया गया है। वेबसाइट के माध्यम से शीला एड मेकर्स की विभिन्न प्रकार की सामग्री उपलब्ध कराई जाती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस व्यवस्था के चलते भोपाल से बाहर रहने वाले ग्राहक भी अपनी आवश्यकता के अनुसार सामग्री का ऑर्डर कर सकते हैं।</p>
<h2><strong>500 किलोमीटर दूर तक 24 घंटे में डिलीवरी का दावा</strong></h2>
<p class="isSelectedEnd">शीला एड मेकर्स के अनुसार ऑनलाइन ऑर्डर प्राप्त होने के बाद ग्राहकों को सामग्री की आपूर्ति के लिए त्वरित डिलीवरी व्यवस्था भी की गई है। संस्था का दावा है कि <strong>भोपाल से करीब 500 किलोमीटर तक की दूरी वाले ग्राहकों को 24 घंटे के भीतर सामग्री पहुंचाने</strong> में वह सक्षम है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस व्यवस्था का उद्देश्य ऐसे ग्राहकों को भी समय पर सामग्री उपलब्ध कराना है, जो स्वतंत्रता दिवस या अन्य आयोजनों के लिए बड़ी मात्रा में सामग्री का ऑर्डर देते हैं।</p>
<h2><strong>छोटे से बड़े ऑर्डर की आपूर्ति</strong></h2>
<p class="isSelectedEnd">आधुनिकीकरण और मशीनरीकरण से लैस शीला एड मेकर्स के अनुसार संस्था छोटे से छोटे और बड़े से बड़े ऑर्डर के अनुरूप सामग्री तैयार करने और उसकी आपूर्ति करने में सक्षम है। ऑर्डर मिलने के बाद संबंधित ग्राहक को <strong>12 से 18 घंटे के भीतर माल उपलब्ध कराने</strong> की व्यवस्था का दावा किया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसमें विभिन्न प्रकार की प्रचार सामग्री के साथ टी-शर्ट, टोपी, पोस्टर, बैनर और अन्य प्रिंटिंग सामग्री शामिल है।</p>
<h2><strong>स्वतंत्रता दिवस से पहले बढ़ी तैयारियां</strong></h2>
<p class="isSelectedEnd">स्वतंत्रता दिवस नजदीक आने के साथ स्कूलों, संस्थानों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और आम नागरिकों की ओर से तिरंगे और देशभक्ति से जुड़ी सामग्री की मांग बढ़ने लगी है। बाजार में भी इसे लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">व्यापारियों को उम्मीद है कि स्वतंत्रता दिवस से पहले अंतिम कुछ दिनों में बिक्री में और तेजी आएगी। वहीं ‘हर घर तिरंगा’ जैसे अभियानों के चलते इस बार भी बड़ी संख्या में लोग अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की तैयारी कर रहे हैं।</p>
<h2><strong>तिरंगा बनेगा देशभक्ति का संदेश</strong></h2>
<p class="isSelectedEnd">अजय अग्रवाल ने कहा कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि देश की एकता, सम्मान और गौरव का प्रतीक है। संस्था की कोशिश है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अधिक से अधिक नागरिकों तक राष्ट्रीय ध्वज पहुंचाया जा सके।</p>
<p>उन्होंने कहा कि <strong>‘हर घर-हर हाथ तिरंगा’</strong> की भावना के साथ नागरिकों की भागीदारी बढ़े और स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह एवं देशभक्ति की भावना के साथ मनाया जाए, यही संस्था का उद्देश्य है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>PM मोदी से मिले शरद पवार गुट के सांसद, महाराष्ट्र की सियासत में क्या पक रही है खिचड़ी?</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली महाराष्ट्र की सियासत में एक नई सियासी बिसात बिछती नजर आ रही है. बांकीपुर में बीजेपी के मात देकर विधायक बने प्रशांत किशोर महाराष्ट्र में डिप्टीसीएम सुनेत्रा पवार के साथ मेल-मुलाकात कर रहे हैं तो दूसरी तरफ सियासी के चाणक्य कहे जाने वाले शरद पवार और बीजेपी के बीचनजदीकियां बढ़ रही है. शरद … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 21:45:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>महाराष्ट्र की सियासत में एक नई सियासी बिसात बिछती नजर आ रही है. बांकीपुर में बीजेपी के मात देकर विधायक बने प्रशांत किशोर महाराष्ट्र में डिप्टीसीएम सुनेत्रा पवार के साथ मेल-मुलाकात कर रहे हैं तो दूसरी तरफ सियासी के चाणक्य कहे जाने वाले शरद पवार और बीजेपी के बीचनजदीकियां बढ़ रही है. शरद पवार के सभी सांसद सोमवार को पीएम मोदी से संसद भवन में मुलाकात कि। </p>
<p>शरद पवार के सभी आठ लोकसभा सांसद संसद भवन स्थिति प्रधानमंत्री कार्यलय में पीएम मोदी से मुलाकात हुई. आधे घंटे तक एनसीपी (एसपी) सांसदों ने पीएम मोदी के बात किया. इस मुलाकात के पीछे की वजह महाराष्ट्र के अहम मुद्दों को लेकर एनसीपी (एसपी) के सांसद प्रधानमंत्री मोदी के साथ किया। </p>
<p>सुप्रिया सुले के मुताबिक पार्टी ने महाराष्ट्र से जुड़े कई गंभीर और लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों पर प्रधानमंत्री का ध्यान खींचने के लिए मुलाकात का समय मांगा था. संसद की कार्यवाही लगातार बाधित होने के कारण सांसदों ने अब सीधे प्रधानमंत्री से मिलकर राज्य की समस्याएं रखने का फैसला किया है। </p>
<p><strong>पीएम मोदी से एनसीपी सांसदों ने रखी कई मांग</strong><br>
शरद पवार गुट के सांसदों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच आधे घंटे तक बैठक चली. इस दौरान शरद पवार के सांसदों ने पीएम मोदी से खुलकर बात की. सांसदों ने प्रधानमंत्री के सामने महाराष्ट्र में सूखे और सिंचाई से जुड़े मुद्दों पर चिंता जताई. सांसदों ने प्रधानमंत्री के साथ अपने संसदीय क्षेत्रों से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की।</p>
<p>पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान शरद पवार के सांसदों ने मांग किया है कि महात्मा ज्योतिराव फुले, सावित्रीबाई फुले, शाहीर अन्ना भाऊ साठे और तुकडोजी महाराज को भारत रत्न दिया जाए. नवी मुंबई एयरपोर्ट का नाम डी. वाई. पाटिल एयरपोर्ट रखने की मांग भी की गई। </p>
<p>एनसीपी (एसपी) सांसदों ने प्रधानमंत्री को एक लिखित ज्ञापन सौंपा, NCP-SP के सांसदों ने प्रधानमंत्री के साथ हुई बैठक को सकारात्मक बताया.प्रधानमंत्री ने कहा कि इन समस्याओं पर ध्यान देने की ज़रूरत है और उन्होंने इन मुद्दों पर ठोस कार्रवाई का भरोसा दिलाया।</p>
<p><strong>सुप्रिया सुले ने बताया पीएम से क्यों मिल रहे</strong><br>
सुप्रिया सुले ने बताया कि महाराष्ट्र के सामने इस समय कई गंभीर चुनौतियां हैं. इनमें पानी की कमी, किसानों की आत्महत्या, तेजी से बढ़ता शहरीकरण और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों से जुड़ी समस्याएं प्रमुख हैं. उन्होंने सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना यानी MPLAD फंड का मुद्दा भी उठाया। </p>
<p>सुले के मुताबिक, सांसदों को अपने क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए मिलने वाले 5 करोड़ रुपये के फंड का इस्तेमाल करने में भी कई व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की ओर से पर्याप्त सहयोग नहीं मिलने के कारण इन फंडों का इस्तेमाल प्रभावित हो रहा है। </p>
<p><strong>बीजेपी ने किया मुलाकात का स्वागत</strong><br>
बीजेपी नेता नवनीत राणा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि महाराष्ट्र के विकास के लिए अगर शरद पवार की पार्टी के सांसद मिल रहे हैं. मुझे लगता है कि वो महाराष्ट्र की और प्रगति के बारे में सोच रहे हैं और इस सोच के साथ पीएम मोदी से मिल रहे हैं तो इसमें किसी तरह की कोई बुरी बात नहीं है। </p>
<p>नवनीत राणा ने कहा कि कयास तो कुछ भी लगाया जा सकता है. मुझे लगता है कि हर कयास अच्छा ही होगा महाराष्ट्र के विकास के लिए. मुझे लगता है कि अगर वो कुछ सोच भी रहे हैं तो इससे बड़ी अच्छी बात हो नहीं सकती है.उन्होंने आगे कहा कि अगर वो महाराष्ट्र के विकास के लिए मिलते हैं पीएम मोदी से, उनसे विनती करते हैं तो अच्छा है. जो आप लोग सोच रहे हैं, वो हो जाये तो ये महाराष्ट्र और उनके क्षेत्र का नसीब होगा। </p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से पूरन दास को मिली बड़ी राहत</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर. प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना जिले के लोगों के लिए बिजली खर्च में राहत के साथ स्वच्छ ऊर्जा अपनाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। इसी क्रम में खैरागढ़ जिले के विकासखंड छुईखदान के ग्राम टिकरीपारा निवासी पूरन दास मानिकपुरी ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित कर … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 21:30:27 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>प्रधानमंत्री, सूर्यघर, मुफ्त, बिजली, योजना, से, पूरन, दास, को, मिली, बड़ी, राहत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना जिले के लोगों के लिए बिजली खर्च में राहत के साथ स्वच्छ ऊर्जा अपनाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। इसी क्रम में खैरागढ़ जिले के विकासखंड छुईखदान के ग्राम टिकरीपारा निवासी पूरन दास मानिकपुरी ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित कर सौर ऊर्जा को अपनाया है।</p>
<p><strong>बिजली बिल में आई बड़ी कमी</strong><br>
पूरन दास मानिकपुरी ने बताया कि सोलर प्लांट स्थापित करने से पहले उनके घर का मासिक बिजली बिल लगभग 5 हजार रुपये आता था। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर रूफटॉप प्लांट लगने के बाद अब उनका बिजली बिल 1 हजार रुपये से भी कम रह गया है। इससे उन्हें हर महीने बिजली खर्च में बड़ी आर्थिक बचत हो रही है।</p>
<p><strong>स्वच्छ ऊर्जा से पर्यावरण संरक्षण की ओर कदम</strong><br>
सौर ऊर्जा के उपयोग से न केवल बिजली खर्च में कमी आई है, बल्कि श्री मानिकपुरी स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी योगदान दे रहे हैं। घर की छत पर स्थापित 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप प्लांट उन्हें बिजली की जरूरत पूरी करने में मदद कर रहा है और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता भी कम हुई है।</p>
<p><strong>दूसरों को भी कर रहे प्रेरित</strong><br>
योजना से मिले लाभ से उत्साहित पूरन दास मानिकपुरी अब अपने आसपास के लोगों को भी प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। वे लोगों से घरों में सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित कर बिजली की बचत के साथ स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने की अपील कर रहे हैं। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से श्री पूरन दास मानिकपुरी की यह पहल आर्थिक बचत, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आई है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>भिलाई नगर निगम में कामों की समय सीमा तय, प्राक्कलन से अंतिम भुगतान तक लागू होगी डेडलाइन</title>
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<description><![CDATA[ भिलाई नगर. छत्तीसगढ़ शासन, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नगर निगम भिलाई में कराए जाने वाले निर्माण कार्यों के लिए 15 बिंदुओं पर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उक्त आदेश सचिव आर. शंगीता ने जारी किया है। निर्देशों में कहा गया है कि मुख्य प्राक्कलन और स्वीकृति में पारदर्शिता कोई भी प्रस्ताव बनाने से … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 21:30:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>भिलाई, नगर, निगम, में, कामों, की, समय, सीमा, तय, प्राक्कलन, से, अंतिम, भुगतान, तक, लागू, होगी, डेडलाइन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भिलाई नगर.</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ शासन, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नगर निगम भिलाई में कराए जाने वाले निर्माण कार्यों के लिए 15 बिंदुओं पर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उक्त आदेश सचिव आर. शंगीता ने जारी किया है।</p>
<p>निर्देशों में कहा गया है कि मुख्य प्राक्कलन और स्वीकृति में पारदर्शिता कोई भी प्रस्ताव बनाने से पहले स्थल निरीक्षण करना अनिवार्य है। भूमि विवाद मुक्त होना चाहिए। प्राक्कलन में एसओआर का स्पष्ट उल्लेख और ड्राइंग- डिजाइन के साथ प्रस्तुत करना होगा। 50 हजार तक सहायक अभियंता, 50 लाख तक कार्यपालन अभियंता 2 करोड़ तक अधीक्षण अभियंता और उससे अधिक पर मुख्य अभियंता देंगे। प्रशासनिक स्वीकृति की सीमा तय नगर निगम में जनसंख्या के आधार पर आयुक्त, मेयर इन कौंसिल और निगम को वित्तीय शक्ति दी गई है।</p>
<p>भिलाई नगर निगम 10 लाख से अधिक आबादी वाले क्षेत्र में आ रहा है इसके लिए निगम आयुक्त 1.5 करोड़ तक, मेयर इन कौंसिल 1.5 से 6 करोड़ तक और निगम 6 से 10 करोड़ तक की स्वीकृति दे सकेगा। इससे अधिक राशि के लिए राज्य शासन की पूर्व स्वीकृति जरूरी होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक माह के अंतिम मंगलवार को जारी निविदाओं की समीक्षा होगी। निर्देशों के उल्लंघन या विसंगति पाए जाने पर आयुक्त और अभियंता के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>छात्रवृत्ति स्वीकृति और जनसुनवाई को लेकर दिए सख्त निर्देश</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर आदिम जाति विकास, अनुसूचित जाति विकास, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कहा कि पीएम जनमन (PM-JANMAN) योजना के तहत देश के दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए बहुउद्देशीय केंद्रों के निर्माण का … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 21:30:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>छात्रवृत्ति, स्वीकृति, और, जनसुनवाई, को, लेकर, दिए, सख्त, निर्देश</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>आदिम जाति विकास, अनुसूचित जाति विकास, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कहा कि पीएम जनमन (PM-JANMAN) योजना के तहत देश के दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए बहुउद्देशीय केंद्रों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिनका उपयोग स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और सामुदायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। । धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का उद्देश्य आदिवासी बहुल गांवों में बुनियादी सुविधाओं और सामाजिक-आर्थिक विकास को बेहतर बनाना है।<br>
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आदिम जाति विकास, अनुसूचित जाति विकास, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने आज बिलासपुर प्रवास के दौरान विभागीय योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मंथन सभाकक्ष में बिलासपुर संभाग के सहायक आयुक्त आदिवासी विकास एवं परियोजना प्रशासकों की उच्चस्तरीय बैठक ली। इस बैठक में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल सहित संभाग के संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।</p>
<p><strong>समय-सीमा में छात्रवृत्ति और जनसुनवाई के प्रभावी आयोजन पर जोर</strong><br>
         <br>
 बैठक के दौरान प्रमुख सचिव श्री बोरा ने विद्यार्थियों के हित में छात्रवृत्ति की स्वीकृति निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने जल्द से जल्द संस्था प्रमुखों की बैठक आयोजित करने को कहा। इसके साथ ही, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 13 से 15 अगस्त तक गाँवों के आदि सेवा केंद्रों में आयोजित होने वाली जनसुनवाई की तैयारियों की समीक्षा की गई। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों और मैदानी अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर जनसुनवाई को पूरी तरह प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।</p>
<p><strong>विभागीय योजनाओं की समीक्षा</strong><br>
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आवासीय विद्यालय व कोचिंग संस्थान प्रयास व एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में प्रवेश व संचालन की स्थिति तथा विद्यार्थियों की कोचिंग हेतु संस्था चयन प्रक्रिया की समीक्षा की गई। पीएम जनमन योजना के तहत निर्मित बहुउद्देशीय केंद्रों के संचालन, धरती आबा अभियान के स्वीकृत कार्यों तथा प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत जारी निर्माण कार्यों की प्रगति देखी गई। पठन सामग्री, गणवेश (यूनिफॉर्म) के समय पर वितरण, विद्यार्थी पोषण उपवन तथा पीएचडीटीजी (च्भ्क्ज्ळ) सर्वे कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई। सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त आवेदनों के त्वरित निराकरण और विलेज वेरिफिकेशन सर्वे पर विशेष बल दिया गया।</p>
<p><strong>योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना ज़रूरी</strong>     </p>
<p>बैठक में प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि विभागीय योजनाओं का उद्देश्य केवल प्रशासनिक स्वीकृति तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनका वास्तविक और प्रत्यक्ष लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने और मैदानी स्तर पर आने वाली समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करने के निर्देश दिए।</p>]]> </content:encoded>
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<title>विष्णु सरकार ने बढ़ाया किसानों का मान&#45;खेती किसानी को मिला नया संबल</title>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 21:30:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>विष्णु, सरकार, ने, बढ़ाया, किसानों, का, मान-खेती, किसानी, को, मिला, नया, संबल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>प्रदेश सरकार किसानों के आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। गांव, गरीब और किसान सरकार की पहली प्राथमिकता में हैं। देश की जीडीपी में कृषि का बड़ा योगदान है, छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का मूल आधार भी कृषि ही है और छत्तीसगढ़ धान का कटोरा कहलाता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की इन ढाई साल के अवधि में किसानों के हित में लिए गए नीतिगत फैसलों से खेती किसानी को नया संबल मिला है। बीते खरीफ विपणन वर्ष में किसानों से समर्थन मूल्य पर 141.05 लाख मीेट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। छत्तीसगढ़ में हरेली त्यौहार का विशेष महत्व है। हरेली छत्तीसगढ़ का पहला त्यौहार है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह त्यौहार परंपरागत् रूप से उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन किसान खेती-किसानी में उपयोग आने वाले कृषि यंत्रों की पूजा करते हैं और घरों में माटी पूजन होता है। गांव में बच्चे और युवा गेड़ी का आनंद लेते हैं। इस त्यौहार से छत्तीसगढ़ की संस्कृति और लोक पर्वों की महत्ता भी बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में गेड़ी के बिना हरेली तिहार अधूरा है।</p>
<p>मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर प्रति एकड़ 21 क्विंटल 3100 रूपए प्रति क्विंटल की मान से धान खरीदीकर न सिर्फ किसानों को मान बढ़ाया, बल्कि किसानों को उन्नति की ओर ले जाने में भी उल्लेखनीय कार्य किया है। साथ ही किसानों के खाते में रमन सरकार के पिछले दो वर्ष का बकाया धान के बोनस 3716.38 करोड़ रूपए अंतरित कर किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत कर दी है। मुख्यमंत्री का मानना है कि भारत गांवों में बसता है। जब किसान खुशहाल होंगे तो प्रदेश का व्यापार, उद्योग बढे़गा। <br>
    <br>
परंपरा के अनुसार वर्षों से छत्तीसगढ़ के गांव में अक्सर हरेली तिहार के पहले बढ़ई के घर में गेड़ी का ऑर्डर रहता था और बच्चों की जिद पर अभिभावक जैसे-तैसे गेड़ी भी बनाया करते थे। हरेली तिहार के दिन सुबह से तालाब के पनघट में किसान परिवार, बड़े बजुर्ग बच्चे सभी अपने गाय, बैल, बछड़े को नहलाते हैं और खेती-किसानी, औजार, हल (नांगर), कुदाली, फावड़ा, गैंती को साफ कर घर के आंगन में मुरूम बिछाकर पूजा के लिए सजाते हैं। माताएं गुड़ का चीला बनाती हैं। कृषि औजारों को धूप-दीप से पूजा के बाद नारियल, गुड़ के चीला का भोग लगाया जाता है। अपने-अपने घरों में अराध्य देवी-देवताओं की साथ पूजा करते हैं। गांवों के गुड़ी में ठाकुरदेव की पूजा की जाती है।<br>
    <br>
हरेली पर्व के दिन पशुधन के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए औषधियुक्त आटे की लोंदी खिलाई जाती है। गांव में यादव समाज के लोग वनांचल जाकर कंदमूल लाकर हरेली के दिन किसानों को पशुओं के लिए वनौषधि उपलब्ध कराते हैं। गांव के सहाड़ादेव अथवा ठाकुरदेव के पास यादव समाज के लोग जंगल से लाई गई जड़ी-बूटी उबाल कर किसानों को देते हैं। इसके बदले किसानों द्वारा चावल, दाल आदि उपहार में यादवों को भेंट करने की परंपरा रही हैं।<br>
    <br>
सावन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को हरेली पर्व मनाया जाता है। हरेली का आशय हरियाली ही है। वर्षा ऋतु में धरती हरा चादर ओड़ लेती है। वातावरण चारों ओर हरा-भरा नजर आने लगता है। हरेली पर्व आते तक खरीफ फसल आदि की खेती-किसानी का कार्य लगभग हो जाता है। माताएं गुड़ का चीला बनाती हैं। कृषि औजारों को धोकर, धूप-दीप से पूजा के बाद नारियल, गुड़ का चीला भोग लगाया जाता है। गांव के ठाकुर देव की पूजा की जाती है और उनको नारियल अर्पण किया जाता है।</p>
<p>हरेली तिहार के साथ गेड़ी चढ़ने की परंपरा अभिन्न रूप से जुड़ी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग सभी परिवारों द्वारा गेड़ी का निर्माण किया जाता है। परिवार के बच्चे और युवा गेड़ी का जमकर आनंद लेते है। गेड़ी बांस से बनाई जाती है। दो बांस में बराबर दूरी पर कील लगाई जाती है। एक और बांस के टुकड़ों को बीच से फाड़कर उन्हें दो भागों में बांटा जाता है। उसे नारियल रस्सी से बांध़कर दो पउआ बनाया जाता है। यह पउआ असल में पैर दान होता है  जिसे लंबाई में पहले कांटे गए दो बांसों में लगाई गई कील के ऊपर बांध दिया जाता है। गेड़ी पर चलते समय रच-रच की ध्वनि निकलती हैं, जो वातावरण को औैर आनंददायक बना देती है। इसलिए किसान भाई इस दिन पशुधन आदि को नहला-धुला कर पूजा करते हैं। गेहूं आटे को गंूथ कर गोल-गोल बनाकर अरंडी या खम्हार पेड़ के पत्ते में लपेटकर गोधन को औषधि खिलाते हैं। ताकि गोधन को रोगों से बचाया जा सके। गांव में पौनी-पसारी जैसे राऊत, लोहार व बैगा हर घर के दरवाजे पर नीम की डाली खोंचते हैं। गांव में लोहार अनिष्ट की आशंका को दूर करने के लिए चौखट में कील लगाते हैं। यह परम्परा आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यमान है।<br>
    <br>
पिहले के दशक में गांव में बारिश के समय कीचड़ आदि हो जाता था उस समय गेड़ी से गली का भ्रमण करने का अपना अलग ही आनंद रहता था। गांव-गांव में गली कांक्रीटीकरण से अब कीचड़ की समस्या काफी हद तक दूर हो गई है। हरेली के दिन गृहणियां अपने चूल्हे-चौके में कई प्रकार के छत्तीसगढ़ी व्यंजन बनाती है। किसान अपने खेती-किसानी के उपयोग में आने वाले औजार नांगर, कोपर, दतारी, टंगिया, बसुला, कुदारी, सब्बल, गैती आदि की पूजा कर छत्तीसगढ़ी व्यंजन गुलगुल भजिया व गुड़हा चीला का भोग लगाते हैं। इसके अलावा गेड़ी की पूजा भी की जाती है। शाम को युवा वर्ग, बच्चे गांव के गली में नारियल फेंक और गांव के खेल मैदान में कबड्डी आदि कई तरह के खेल खेलते हैं। बहु-बेटियां नए वस्त्र धारण कर सावन झूला, बिल्लस, खो-खो, फुगड़ी आदि खेल का आनंद लेती हैं।<br>
    <br>
हरेली तिहार सामाजिक समरसता का प्रतीक है यह केवल धार्मिक या कृषि पर्व नहीं है यह समाज के सभी वर्गों को एक साथ जोड़ने का माध्यम है। गांव के लोग मिल-जुलकर पूजा और कार्यक्रमों का आयोजन करते है। इस दिन परिवार में सुख-समृद्धि की कामना के साथ ही प्रकृति और पशुधन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जाती है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>होर्मुज में अमेरिका की ‘महाघेराबंदी’! 20 युद्धपोत तैनात, 55 जहाजों ने बदला रास्ता; ईरान पर बढ़ा दबाव</title>
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<description><![CDATA[ वाशिंगटन ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) होर्मुज स्ट्रेट के आसपास 20 से अधिक युद्धपोत तैनात कर दिए हैं। यह कदम वाशिंगटन द्वारा ईरान के खिलाफ अपनी नाकाबंदी को और सख्त बनाने के बीच उठाया गया है। यह तैनाती होर्मुज के आसपास बढ़ते तनाव के मद्देनजर की गई है। तेहरान … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 21:15:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>होर्मुज, में, अमेरिका, की, ‘महाघेराबंदी’, युद्धपोत, तैनात, जहाजों, ने, बदला, रास्ता, ईरान, पर, बढ़ा, दबाव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>वाशिंगटन</strong></p>
<p>ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) होर्मुज स्ट्रेट के आसपास 20 से अधिक युद्धपोत तैनात कर दिए हैं। यह कदम वाशिंगटन द्वारा ईरान के खिलाफ अपनी नाकाबंदी को और सख्त बनाने के बीच उठाया गया है। यह तैनाती होर्मुज के आसपास बढ़ते तनाव के मद्देनजर की गई है। तेहरान ने साफ कहा है कि वाणिज्यिक शिपिंग के लिए इस रणनीतिक जलमार्ग को फिर से खोलने से पहले उसकी मांगें पूरी की जानी चाहिए।</p>
<p>सेंटकॉम के अनुसार, अमेरिकी नौसेना के विध्वंसक यूएसएस रॉस पर सवार नाविक भी इस क्षेत्र में तैनात बलों का हिस्सा हैं। कमांड ने कहा कि ये युद्धपोत सैन्य मिशनों का समर्थन कर रहे हैं, जिनमें 'ईरान के खिलाफ अमेरिकी नाकाबंदी को सख्ती से लागू करना' शामिल है। अमेरिकी सैन्य कमांड ने आगे बताया कि 9 अगस्त तक सेंटकॉम ने 55 वाणिज्यिक जहाजों को दूसरी दिशा में मोड़ दिया है, दो को रोका है और दो पर चढ़कर नियमों का पालन सुनिश्चित किया है।</p>
<p><strong>ईरान के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई तेज</strong><br>
यह तैनाती ऐसे समय हुई है जब खबर है कि ईरान और ओमान एक समझौते के करीब पहुंच गए हैं, जिससे होर्मुज से होकर नई शिपिंग लेन बन सकती हैं। रॉयटर्स के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को कहा कि होर्मुज पर ओमान के साथ समझौता अपने 'अंतिम चरण' में है। हालांकि, तेहरान ने स्पष्ट कर दिया है कि जलमार्ग को फिर से खोलना अमेरिका की कुछ शर्तों के पूरा होने पर निर्भर करेगा।</p>
<p>ईरान ने अमेरिकी हमलों से हुए नुकसान का मुआवजा, प्रतिबंधों और सैन्य धमकियों को समाप्त करने तथा खाड़ी में अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी हटाने की मांग की है। वहीं, न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से बात करते हुए एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि बिना रुकावट वाणिज्यिक शिपिंग फिर से शुरू करने के समझौते की घोषणा के बाद वाशिंगटन ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटा देगा। अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी कार्रवाई ईरान द्वारा अपने वादे पूरे करने से जुड़ी होगी।</p>
<p><strong>अंतिम चरण में होर्मुज जलसंधि समझौता</strong><br>
ईरान-ओमान के संभावित समझौते से ऐसी शिपिंग लेन बनने की उम्मीद है, जिनका उपयोग होर्मुज को फिर से खोलने की शर्तें पूरी होने के बाद किया जा सकेगा। रॉयटर्स के अनुसार, इस व्यवस्था से बड़े तेल और गैस शिपिंग मार्गों से सुरक्षित रास्ता फिर से शुरू हो सकता है। फिर भी, अराघची ने दोहराया कि जब तक वाशिंगटन तेहरान की मांगें पूरी नहीं करता, ईरान जलमार्ग को फिर से नहीं खोलेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान और अमेरिका के बीच सीधी बातचीत नहीं हो रही है, बल्कि मध्यस्थों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान चल रहा है।</p>
<p><strong>ईरान ने जलमार्ग खोलने की शर्तें रखीं</strong><br>
ईरानी अधिकारियों ने जलमार्ग फिर से खोलने के लिए शर्तों की एक लंबी सूची पेश की है। ईरान की शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा संस्था के सचिव मोहम्मद बाकर जोलकादर ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी धमकियों को समाप्त करने, ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के खिलाफ हमले रोकने, अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी हटाने, प्रतिबंध हटाने और ईरान की फ्रीज संपत्ति जारी करने की मांग की।</p>
<p>दूसरी ओर वाशिंगटन का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना और क्षेत्र के लिए खतरा पैदा करने की उसकी क्षमता को कम करना था।जून में वाशिंगटन और तेहरान के बीच युद्धविराम पर सहमति बनी थी, जिसके बाद जुलाई में खाड़ी में ईरानी शिपिंग पर अमेरिका ने फिर से रोक लगा दी। तेहरान ने इसे संघर्ष विराम का उल्लंघन बताया, जो तब तक टूट चुका था।</p>]]> </content:encoded>
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<title>साझी संस्कृति, शांति, पारस्परिक सम्मान और समावेशी विकास के संकल्प के साथ ब्रिक्स संस्कृति सम्मेलन बना ऐतिहासिक</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल 11वीं ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक और ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह (CWG) के सम्मेलनों का भोपाल में सफल समापन हो चुका है। &#039;सर्वे भवन्तु सुखिनः&#039; की शाश्वत भारतीय भावना और भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की मुख्य थीम &quot;लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण&quot; (Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability) के संकल्प … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 21:00:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>11वीं ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक और ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह (CWG) के सम्मेलनों का भोपाल में सफल समापन हो चुका है। 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' की शाश्वत भारतीय भावना और भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की मुख्य थीम "लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण" (Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability) के संकल्प के साथ आयोजित इस तीन दिवसीय वैश्विक समागम ने अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति और सांस्कृतिक सहयोग का एक नया इतिहास रच दिया है। कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में संपन्न हुए इस बहुपक्षीय सम्मेलन ने साबित किया कि जब वैश्विक स्तर पर संस्कृति, परंपरा और रचनात्मकता आपस में जुड़ती हैं, तो वे भौगोलिक सीमाओं से परे शांति, परस्पर सम्मान और समावेशी विकास का एक स्थायी ढांचा तैयार करती हैं।</p>
<p>इस ऐतिहासिक आयोजन की पूर्व संध्या से लेकर समापन तक, भोपाल की धरा पर वैश्विक सहयोग का एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला। सम्मेलन में भारत सहित कुल 14 देशों के 55 उच्चस्तरीय प्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें 10 ब्रिक्स सदस्य देश—ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात के साथ चार साझेदार देश बेलारूस, क्यूबा, कजाकिस्तान और थाईलैंड शामिल हुए। सम्मेलन की भव्यता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात के संस्कृति मंत्रियों ने स्वयं भोपाल पहुंचकर इस विचार-विमर्श का नेतृत्व किया, जबकि मिस्र के संस्कृति मंत्री ने ऑनलाइन माध्यम से अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।</p>
<p>यह आयोजन भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत संस्कृति क्षेत्र के अंतर्गत अपनाई गई एक अत्यंत सुव्यवस्थित और चरणबद्ध प्रक्रिया की ऐतिहासिक परिणति रहा। इस यात्रा की शुरुआत 29–30 अप्रैल 2026 को वर्चुअल माध्यम से आयोजित पहली ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की बैठक से हुई थी। इसके पश्चात 4–5 जून को सांस्कृतिक नगरी वाराणसी में दूसरी कार्य समूह की बैठक आयोजित हुई, जिसमें नीतिगत प्राथमिकताओं का खाका खींचा गया। 5–6 अगस्त को भोपाल में संपन्न हुई तीसरी कार्य समूह की बैठक ने मंत्री-स्तरीय वार्ताओं का आधार तैयार किया। इन गहन और बहुस्तरीय विचार-विमर्शों का सफल समापन 8 अगस्त 2026 को 11वीं ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक और सर्वसम्मति से 'भोपाल घोषणा पत्र' को अंगीकार किए जाने के साथ हुआ।</p>
<p><strong>'साझा ब्रिक्स डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मिलेगी सांस्कृतिक कलाकारों की रचनात्मक जानकारी</strong></p>
<p>भोपाल सम्मेलन की दूरगामी और ऐतिहासिक सफलताओं में से एक भारत द्वारा प्रस्तुत 'स्वैच्छिक कलाकार रजिस्ट्री' का प्रस्ताव रहा, जिसे सभी सहभागी देशों ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया। भारत द्वारा शुरू की गई यह पायलट पहल एक 'साझा ब्रिक्स डिजिटल प्लेटफॉर्म' के रूप में आकार लेगी। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म ब्रिक्स देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को केवल सरकारी स्तर तक सीमित न रखकर, उन्हें सीधे कलाकारों, विचारकों, शिल्पकारों और रचनात्मक उद्यमियों से जोड़ने का एक मजबूत संस्थागत जरिया बनेगा।</p>
<p>इस एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म से ब्रिक्स सदस्य देशों और साझेदार राष्ट्रों के कलाकारों की एक वृहद निर्देशिका (डायरेक्टरी) तैयार की जाएगी। साथ ही इस मंच पर सांस्कृतिक एवं रचनात्मक उद्योगों से जुड़ी नीतियां, दुर्लभ पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण, ऐतिहासिक स्थापत्य विरासत की जानकारी और रचनात्मक पद्धतियों का साझा दस्तावेजीकरण उपलब्ध रहेगा।</p>
<p>यह पहल ब्रिक्स देशों के बीच ज्ञान, तकनीकी संसाधनों और उत्कृष्ट सांस्कृतिक प्रथाओं के त्वरित और पारदर्शी आदान-प्रदान को अभूतपूर्व गति देगी। इसके माध्यम से सदस्य देशों के कलाकार न केवल एक-दूसरे के अनुभवों से सीख सकेंगे, बल्कि डिजिटल साधनों का उपयोग करके वैश्विक बाजारों तक सीधी पहुंच भी प्राप्त करेंगे। यह व्यवस्था ब्रिक्स देशों के रचनात्मक क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा करने, पेशेवर नेटवर्क को सुदृढ़ करने और वास्तविक अर्थों में जन-से-जन (People-to-People) संपर्क को गहरा करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम सिद्ध होगी।</p>
<p><strong>विश्व धरोहर स्थल घोषित करने के लिए यूनेस्को में ब्रिक्स देश भेजेगा साझा नामांकन</strong></p>
<p>वैश्विक सांस्कृतिक परिदृश्य पर अपनी साझी पहचान को सशक्त रूप से स्थापित करने के उद्देश्य से, सम्मेलन में भारत द्वारा रखे गए दूसरे प्रमुख प्रस्ताव पर भी ऐतिहासिक सहमति बनी। इसके तहत ब्रिक्स देश अब यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के लिए अपनी साझा स्थापत्य, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपराओं का संयुक्त या बहुराष्ट्रीय (Multinational) नामांकन दाखिल करेंगे।</p>
<p>यह पहल उन ऐतिहासिक और सभ्यतागत कड़ियों को वैश्विक मंच पर उजागर करेगी जो सदियों से सीमाओं के पार ब्रिक्स राष्ट्रों को आपस में जोड़ती रही हैं। संयुक्त नामांकन के इस सहयोगात्मक दृष्टिकोण से न केवल बहुपक्षीय सांस्कृतिक कूटनीति को मजबूती मिलेगी, बल्कि परस्पर संबद्ध विरासतों के संरक्षण और प्रबंधन में अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी बढ़ेगा।</p>
<p>साझा धरोहरों के संरक्षण की इस भावना को आगे बढ़ाते हुए 'भोपाल घोषणा पत्र' में गैर-कानूनी रूप से हटाई गई या तस्करी की गई सांस्कृतिक संपदा के उद्गम-अनुसंधान और उनकी सुरक्षित वापसी व पुनर्स्थापन पर विशेष सहमति व्यक्त की गई है। इसके लिए आधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित ट्रैकिंग टूल्स का उपयोग करने की संभावनाओं पर बल दिया गया है। इसके अलावा, पीढ़ियों से चली आ रही पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों, पारम्परिक सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों की सुरक्षा और संग्रहालयों, पुस्तकालयों और अभिलेखागारों के डिजिटलीकरण से दस्तावेजी विरासत को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित करने का संकल्प लिया गया है।</p>
<p><strong>ब्रिक्स संस्कृति सम्मेलन-2026 में अपनाया गया 'भोपाल घोषणा पत्र'</strong></p>
<p>भोपाल में 8 अगस्त 2026 को अपनाया गया 'भोपाल घोषणा पत्र' (Bhopal Declaration) बहुपक्षीय वार्ताओं और गहन चर्चाओं का एक ठोस, व्यावहारिक और भविष्य-उन्मुख परिणाम है। यह घोषणा पत्र केवल एक औपचारिक दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह आगामी वर्षों में ब्रिक्स देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग, विरासत संरक्षण, डिजिटल नवाचार और रचनात्मक अर्थव्यवस्था को गति देने वाला एक सुस्पष्ट और रणनीतिक रोडमैप प्रस्तुत करता है।</p>
<p>घोषणा पत्र की प्रमुख प्राथमिकताओं में सांस्कृतिक एवं रचनात्मक उद्योगों को सतत विकास और आर्थिक समृद्धि का प्रमुख चालक मानना शामिल है। इसके माध्यम से ब्रिक्स देशों ने सांस्कृतिक नीतियों को आधुनिक अर्थव्यवस्था के साथ जोड़ने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। इसमें कलाकारों के अधिकारों के संरक्षण और वर्तमान डिजिटल युग की चुनौतियों से निपटने के लिए ठोस दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। विशेष रूप से, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) प्रणालियों में कॉपीराइट संरक्षित कृतियों के उपयोग में पूर्ण पारदर्शिता बरतने और रचनाकारों को उनके बौद्धिक श्रम का उचित और न्यायसंगत पारिश्रमिक दिलाना इस घोषणा पत्र का एक प्रमुख बिंदु है।</p>
<p>यह ऐतिहासिक दस्तावेज ब्रिक्स देशों के प्रमुख सांस्कृतिक संस्थानों—संग्रहालयों, पुस्तकालयों और अभिलेखागारों—के बीच सीधी साझेदारी और विशेषज्ञता साझा करने का एक स्थायी ढांचा तैयार करता है। 'भोपाल घोषणा पत्र' ने यह स्पष्ट किया है कि ब्रिक्स देशों का सांस्कृतिक एजेंडा अब आवधिक बैठकों से आगे बढ़कर परिणाम-उन्मुख और संस्थागत सहयोग की ओर मजबूती से बढ़ चुका है।</p>
<p><strong>मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थल और सांस्कृतिक विरासत को देख अभिभूत हुए ब्रिक्स प्रतिनिधिमंडल, साझा किए अपने अनुभव</strong></p>
<p>अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के औपचारिक सत्रों के साथ ब्रिक्स प्रतिनिधिमंडलों के लिए सांस्कृतिक भ्रमण और आतिथ्य कार्यक्रम इस आयोजन का एक बेहद जीवंत और यादगार अध्याय रहा। प्रतिनिधियों ने भोपाल स्थिति इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय का भ्रमण कर भारत की समृद्ध जनजातीय, लोक जीवन और सभ्यतागत यात्रा का अवलोकन किया। इसके उपरांत भोपाल की ऐतिहासिक हेरिटेज वॉक के दौरान प्रतिनिधियों ने गौहर महल, इकबाल मैदान और मोती मस्जिद के अद्वितीय वास्तुशिल्प को निहारा और वन विहार की समृद्ध जैव-विविधता एवं बड़ा तालाब में शिकारा सैर का अविस्मरणीय आनंद लिया।</p>
<p>प्रतिनिधिमंडल के लिए यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों सांची और भीमबेटका का भ्रमण ज्ञानवर्धक और अद्भुत रहा। केंद्रीय संस्कृति मंत्री  गजेन्द्र सिंह शेखावत के नेतृत्व में 42 सदस्यीय दल ने सांची के महान बौद्ध स्तूपों, तोरण द्वारों पर उकेरी गई प्राकृत संरचना और संग्रहालय का गहनता से अवलोकन किया। संध्या समय प्रतिनिधियों ने भव्य लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से भगवान बुद्ध के जीवन-दर्शन और शांति व करुणा के संदेश को प्रत्यक्ष महसूस किया। वहीं, 9 अगस्त को प्रतिनिधियों ने यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल भीमबेटका के प्रागैतिहासिक शैलाश्रयों की यात्रा की। दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया, रूस, चीन सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने हजारों वर्ष पुराने प्रागैतिहासिक शैलचित्रों को देखकर मानव सभ्यता के क्रमिक विकास और प्रारंभिक मानव जीवन के दुर्लभ प्रमाणों का साक्षात्कार किया।</p>
<p><strong>मध्यप्रदेश की कालजयी विरासत और आतिथ्य से अभिभूत होकर ब्रिक्स प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा </strong>किए:</p>
<p>     फदली ज़ोन (संस्कृति मंत्री, इंडोनेशिया) ने सांची के विशाल स्तूपों और भीमबेटका के प्राचीन शैलचित्रों के अपने अनुभव को विस्मयकारी और अत्यंत समृद्ध बताया।</p>
<p>     जुआन कार्लोस मार्सन (राजदूत, क्यूबा) ने 'भोपाल घोषणा पत्र' को वैश्विक सांस्कृतिक संबंधों के क्षेत्र में एक मील का पत्थर बताते हुए कहा कि सांची और भीमबेटका की विरासत संपूर्ण मानवता के लिए एक अमूल्य धरोहर है।</p>
<p>    डॉ. ओमिद बाबेलियन (ईरान दूतावास) ने भोपाल के झीलों के सौंदर्य, बेगमों के ऐतिहासिक स्थापत्य, सांची के शांति संदेश और वर्षा की फुहारों के बीच भीमबेटका के शैलचित्रों के इस सुंदर दौरे के लिए मध्यप्रदेश सरकार और यहाँ के निवासियों का हृदय से आभार प्रकट किया।</p>
<p>     लुकास गोडॉय विलेयला बारबोसा (सहायक, आर्थिक शासन प्रभाग, विदेश मंत्रालय, ब्राजील) ने कहा कि भीमबेटका के शैलाश्रयों को प्रत्यक्ष देखना एक अद्वितीय अनुभव रहा, जहाँ यह स्पष्ट दिखता है कि मानव सभ्यता और सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों की निरंतरता कितनी गहरी और प्राचीन रही है।</p>
<p>    सु क्लिऑन नोआह (निदेशक, बहुपक्षीय एवं संसाधन विभाग, दक्षिण अफ्रीका) ने भोपाल के लोगों के मित्रवत व्यवहार, आतिथ्य और लजीज व्यंजनों की भरपूर सराहना की। उन्होंने सांची के बौद्ध स्तूपों और भीमबेटका के प्राचीन चित्रों को देखना अपनी जीवन यात्रा का एक बेहद महत्वपूर्ण और यादगार क्षण बताया।</p>
<p>इस ऐतिहासिक अवसर पर मध्यप्रदेश सरकार की ओर से प्रतिनिधियों को अद्वितीय आतिथ्य प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 8 अगस्त को कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में दोपहर के भोजन और सांची में रात्रिभोज का आयोजन किया गया। इन अवसरों ने प्रतिनिधियों के बीच अनौपचारिक बातचीत, सौहार्द और व्यक्तिगत मित्रता के नए तार जोड़े। सम्मेलन के समानांतर केंद्रीय संस्कृति मंत्री तथा संस्कृति सचिव स्तर पर विभिन्न प्रतिभागी देशों के साथ कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें भी हुईं, जिनमें परस्पर सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ाने पर सार्थक सहमति बनी।</p>
<p><strong>ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव रहा अद्भुत तो 'प्रोजेक्ट मौसम', 'बृहत्तर भारत' और 'ज्ञान भारतम्' प्रदर्शनियां बनीं आकर्षण का केंद्र</strong></p>
<p>भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के अंतर्गत, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 6–7 अगस्त 2026 को भोपाल के ऐतिहासिक रवींद्र भवन में दो दिवसीय भव्य 'ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव' का आयोजन किया गया। इस महोत्सव ने विभिन्न प्रतिभागी देशों की सांगीतिक और कलात्मक विधाओं के माध्यम से वैश्विक विविधता में एकता का एक अद्वितीय दृश्य प्रस्तुत किया।</p>
<p>महोत्सव में बेलारूस, ब्राजील, इंडोनेशिया, रूस और संयुक्त अरब अमीरात के कलाकारों ने अपनी पारंपरिक लोक एवं शास्त्रीय प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मुग्ध कर दिया। भारत की ओर से राजस्थान की विश्व प्रसिद्ध लोक नृत्य प्रस्तुति 'मारू के रंग' का मंचन किया गया, जिसने भारत के जीवंत लोक रंगों को वैश्विक मंच पर बिखेर दिया।</p>
<p>महोत्सव का सबसे भावुक और भव्य क्षण 'ब्रिक्स पीस सॉन्ग' की सामूहिक प्रस्तुति रही। इसमें प्रतिभागी देशों के कलाकारों ने अपनी-अपनी राष्ट्रीय भाषाओं में भारतीय लोकाचार के अमर मंत्र 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' का समवेत गायन किया। वहीं भारतीय गान-वृंद ने संबंधित देशों की भाषाओं में इस शांति मंत्र को दोहराकर सांस्कृतिक संवाद की एक अद्भुत मिसाल कायम की।</p>
<p>मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा निर्मित 35 मिनट की भव्य नृत्य-नाट्य प्रस्तुति 'अमृतस्य मध्यप्रदेश: भारत के हृदय की एक नृत्य-नाट्य यात्रा' इस सांस्कृतिक महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण रही। 125 से अधिक कुशल कलाकारों द्वारा शास्त्रीय, लोक और जनजातीय नृत्य शैलियों के संगम से तैयार की गई इस प्रस्तुति ने राज्य की प्रागैतिहासिक काल से लेकर आधुनिक युग तक की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक यात्रा को जीवंत कर दिया। इसमें 'ओंकार – सृष्टि की शुरुआत', महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, राजा भोज की नगरी, मां नर्मदा की पावन धारा तथा आगामी सिंहस्थ महाकुंभ-2028 की सांस्कृतिक चेतना को उन्नत कोरियोग्राफी और इमर्सिव मल्टीमीडिया तकनीकों के साथ प्रस्तुत किया गया।</p>
<p>सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ, सम्मेलन स्थल कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर और मिंटो हॉल परिसर में भारत की सभ्यतागत विरासत और वैश्विक संपर्कों को उजागर करने वाली तीन विशेष प्रदर्शनियां आयोजित की गईं, जो आगंतुकों और प्रतिनिधियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।</p>
<p>    प्रोजेक्ट मौसम (Project Mausam): इस प्रदर्शनी ने हिंद महासागर के समुद्री मार्गों के माध्यम से भारत के प्राचीन व्यापारिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संपर्कों को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया।</p>
<p>    बृहत्तर भारत (Greater India): इसने दक्षिण-पूर्व एशिया और विश्व के विभिन्न हिस्सों में भारतीय कला, स्थापत्य, दर्शन और संस्कृति के ऐतिहासिक प्रभाव और प्रसार को रेखांकित किया।</p>
<p>    ज्ञान भारतम् (Gyan Bharatam): इस प्रदर्शनी ने भारत की प्राचीन पांडुलिपियों, वैज्ञानिक खोजों, खगोलशास्त्र और सदियों पुरानी मौखिक ज्ञान परंपराओं का एक विस्तृत परिदृश्य प्रस्तुत किया।</p>
<p>इन तीनों प्रदर्शनियों ने ब्रिक्स प्रतिनिधियों को यह समझने का गहरा अवसर दिया कि भारत की संस्कृति सदैव से ज्ञान, शांति और वैश्विक कल्याण की पक्षधर रही है।</p>
<p>भोपाल की धरा से "सर्वे भवन्तु सुखिनः" का वैश्विक संदेश</p>
<p>भोपाल में संपन्न हुए 11वें ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों के इस ऐतिहासिक समागम ने यह स्पष्ट किया है कि सांस्कृतिक कूटनीति अब केवल औपचारिक आयोजनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को नई गहराई और स्थिरता देने वाला एक सशक्त माध्यम बन चुकी है।</p>
<p>अप्रैल 2026 में वर्चुअल वार्ताओं से प्रारंभ होकर, जून में वाराणसी के आध्यात्मिक क्षितिज से गुजरती हुई, अगस्त में भोपाल की ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरा पर 'भोपाल घोषणा पत्र' के रूप में संपन्न हुई यह यात्रा बहुपक्षीय सहयोग की एक मिसाल बन गई है। 'स्वैच्छिक कलाकार रजिस्ट्री' जैसा संस्थागत ढांचा, यूनेस्को का साझा एजेंडा, AI और डिजिटल तकनीक का न्यायसंगत उपयोग तथा उच्चस्तरीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान इस बात के प्रमाण हैं कि भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स संस्कृति ट्रैक ने नीतिगत और व्यावहारिक दोनों स्तरों पर दूरगामी परिणाम हासिल किए हैं।</p>
<p>भोपाल सम्मेलन ने न केवल मध्यप्रदेश की समृद्ध पर्यटन और ऐतिहासिक धरोहर को दुनिया के मानचित्र पर नई चमक दी है, बल्कि 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' के अमर संदेश को संपूर्ण विश्व में प्रसारित कर वैश्विक शांति, पारस्पारिक सम्मान और साझी संस्कृति का एक मजबूत रोडमैप प्रस्तुत किया है।</p>
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<title>Meta की बढ़ी टेंशन! अमेरिका में बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर बैन की मांग, सर्वे में सामने आई बड़ी बात</title>
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<description><![CDATA[ वाशिंगटन सोशल मीडिया हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. सुबह उठते ही इंस्टाग्राम खोलना हो या फेसबुक पर दोस्तों और परिवार की खबर लेना, करोड़ों लोग इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन अब अमेरिका में इन्हीं सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ लोगों का गुस्सा बढ़ता दिख रहा है. एक नए Reuters/Ipsos … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 20:15:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>Meta, की, बढ़ी, टेंशन, अमेरिका, में, बच्चों, के, सोशल, मीडिया, इस्तेमाल, पर, बैन, की, मांग, सर्वे, में, सामने, आई, बड़ी, बात</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>वाशिंगटन</strong></p>
<p>सोशल मीडिया हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. सुबह उठते ही इंस्टाग्राम खोलना हो या फेसबुक पर दोस्तों और परिवार की खबर लेना, करोड़ों लोग इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन अब अमेरिका में इन्हीं सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ लोगों का गुस्सा बढ़ता दिख रहा है. एक नए Reuters/Ipsos सर्वे में 61 फीसदी अमेरिकियों ने कहा है कि सोशल मीडिया कंपनियों पर सरकार को और सख्त नजर रखनी चाहिए. इतना ही नहीं, 66 फीसदी लोग चाहते हैं कि 16 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखने के लिए कंपनियों के लिए उम्र की वेरिफिकेशन जरूरी किया जाए। </p>
<p><strong>अमेरिका में लोगों का मूड क्यों बदल रहा है?</strong><br>
Reuters/Ipsos का यह सर्वे 4,505 अमेरिकी लोगों के बीच किया गया था और इसमें करीब 2 फीसदी का मार्जिन ऑफ एरर है. सर्वे में 61 फीसदी लोगों ने सोशल मीडिया कंपनियों पर ज्यादा सख्त निगरानी की मांग की. दिलचस्प बात यह है कि यह सोच सिर्फ किसी एक पोलिटिकल पार्टी तक सीमित नहीं है. 71 फीसदी डेमोक्रैक्ट और 62 फीसदी रिपब्लिकन ने ज्यादा निगरानी का समर्थन किया। </p>
<p>सबसे ज्यादा चिंता बच्चों को लेकर है. 66 फीसदी लोगों ने ऐसे कानूनों का समर्थन किया जिनमें सोशल मीडिया कंपनियों को 16 साल से कम उम्र के यूजर्स की उम्र चेक करनी पड़े. रिपब्लिकन्स में इसका समर्थन 74 फीसदी और डेमोक्रैट्स में 69 फीसदी रहा. यानी बच्चों को सोशल मीडिया से बचाने का मुद्दा अमेरिका में काफी हद तक दोनों तरफ के लोगों को एक साथ ला रहा है। </p>
<p><strong>लोग खुद मानते हैं कि सोशल मनीडिया की लत लग सकती है</strong><br>
सर्वे का एक और आंकड़ा काफी चौंकाने वाला है. 85 फीसदी अमेरिकियों का मानना है कि सोशल मीडिया बच्चों के लिए एडिक्टिव हो सकता है. लगभग इतनी ही बड़ी संख्या मानती है कि इसका इस्तेमाल बच्चों की मेंटल हेल्थ के लिए नुकसानदेह हो सकता है. वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया को पसंद करने वालों की संख्या भी बहुत ज्यादा है. 70 फीसदी लोगों ने कहा कि इन प्लेटफॉर्म्स पर समय बिताना उन्हें मजेदार लगता है. 52 फीसदी लोगों ने माना कि वे सोशल मीडिया पर जरूरत से ज्यादा समय बिताते हैं। </p>
<p>यानी समस्या यह नहीं है कि लोग फेसबुक या इंस्टाग्राम इस्तेमाल ही नहीं करना चाहते. समस्या यह है कि लोग चाहते हैं कि इन कंपनियों पर कुछ नियम हों, खासकर जब बात बच्चों की हो। </p>
<p><strong>मेटा के खिलाफ बढ़ता जा रहा है कानूनी दबाव</strong><br>
यह सर्वे ऐसे समय आया है जब मेटा के खिलाफ अमेरिका में कई मामलों में कानूनी दबाव बढ़ रहा है. हाल ही में न्यू मेक्सिको की एक अदालत ने मेटा को 567 मिलियन डॉलर का भुगतान करने का आदेश दिया. यह पैसा युवाओं की मेंटल हेल्थ से जुड़े कामों के लिए इस्तेमाल किया जाना है. इससे पहले इसी मामले में Meta पर 375 मिलियन डॉलर का जूरी अवॉर्ड लगाया गया था. दोनों को जोड़ें तो इस मामले में कंपनी की कुल फाइनांशियल लाइब्लिटी करीब 942 मिलियन डॉलर हो जाती है </p>
<p>न्यू मेक्सिको के जज ब्रायन बीडशीड ने Meta के फेसबुक और इंस्टाग्राम के डिजाइन और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए. अदालत ने मेटा को कई बदलाव करने का आदेश दिया है. इनमें बच्चों की उम्र की बेहतर जांच, नाबालिगों के लिए इस्तेमाल की कुछ सीमाएं, रात और स्कूल के समय नोटिफिकेशन्स बंद करना और कुछ मामलों में पेरेंट्स की अनुमति जैसी चीजें शामिल हैं. मेटा इस फैसले के खिलाफ अपील करने की तैयारी में है। </p>
<p>इस मामले में एक खास बात यह भी है कि अदालत ने मेटा के प्लेटफॉर्म्स को सिर्फ किसी एक बच्चे को नुकसान पहुंचाने वाली चीज के तौर पर नहीं देखा, बल्कि बड़े स्तर पर समाज पर असर डालने वाली समस्या के रूप में देखा. रॉयटर्स के मुताबिक जज ने Meta के डिजाइन को लेकर काफी सख्त रुख अपनाया. हालांकि अदालत के आदेश का असर सीधे न्यू मेक्सिको में है, वहां के अटॉर्नी जनरल का कहना है कि यह फैसला दूसरे मामलों के लिए एक उदाहरण बन सकता है। </p>
<p><strong>फेसबुक और इंस्टाग्राम पर क्या बदल सकता है?</strong><br>
इसका मतलब यह नहीं है कि कल से फेसबुक या इंस्टाग्राम बंद हो जाएंगे. बल्कि आने वाले समय में इन प्लेटफॉर्म्स पर एज वेरिफिकेशन और चाइल्ड सेफ्टी से जुड़े नियम और सख्त हो सकते हैं। </p>
<p>मिसाल के लिए न्यू मेक्सिको के आदेश में नाबालिगों के लिए रात और स्कूल के समय पुश नोटिफिकेशन पर रोक, उम्र की बेहतर जांच और बच्चों के अकाउंट को लेकर ज्यादा सख्त नियम शामिल हैं. कुछ मामलों में प्लेटफॉर्म को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कम उम्र के बच्चे सिस्टम में अपनी सही उम्र छिपाकर अकाउंट न बना सकें </p>
<p>अमेरिका के कई राज्यों में पहले से ही बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर अलग-अलग कानून बनाए जा चुके हैं. कुछ जगहों पर एज वेरिफिकेशन, कुछ जगहों पर पेरेंट कंसेंट और कुछ जगहों पर बच्चों के लिए एडिक्टिव फीचर्स को लिमिट करने की कोशिश हो रही है। </p>
<p><strong>Meta के लिए सबसे बड़ी चिंता सिर्फ जुर्माना नहीं है</strong><br>
मेटा जैसी कंपनियों के लिए समस्या सिर्फ करोड़ों डॉलर का Fine नहीं है. अगर अलग-अलग राज्यों और अदालतों से ऐसे नियम आने लगते हैं जिनमें एज वेरिफिकेशन, नोटिफिकेशन रिकॉमेंडेशन और बच्चों के लिए दूसरे फीचर्स में बदलाव करना पड़े, तो कंपनियों को अपने पूरे प्रोडक्ट डिजाइन में बदलाव करना पड़ सकता है। </p>
<p>रॉयटर्स के मुताबिक 29 अमेरिकी राज्यों से जुड़ा एक अलग फेडरल ट्रायल भी 12 अगस्त से कैलिफोर्निया में शुरू होने वाला है. इसमें मेटा समेत दूसरी कंपनियों पर बच्चों और टीनेजर्स को लेकर इसी तरह के आरोपों की सुनवाई होनी है. मेटा इन <br>
आरोपों से इनकार करता है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>कांवड़ यात्रा धार्मिक&#45;सांस्कृतिक परंपरा के साथ प्रतीक है श्रद्धा और सामाजिक एकता का : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</title>
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<description><![CDATA[ कांवड़ यात्रा धार्मिक-सांस्कृतिक परंपरा के साथ प्रतीक है श्रद्धा और सामाजिक एकता का : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की समृद्ध संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए समुचित प्रबंधन कर रही है राज्य सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की प्रदेशवासियों के मंगल की कामना मुख्यमंत्री दादा गुरु के साथ कांवड़ उठाकर यात्रा में हुए शामिल मुख्यमंत्री … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 20:00:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>कांवड़, यात्रा, धार्मिक-सांस्कृतिक, परंपरा, के, साथ, प्रतीक, है, श्रद्धा, और, सामाजिक, एकता, का, मुख्यमंत्री, डॉ., यादव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>कांवड़ यात्रा धार्मिक-सांस्कृतिक परंपरा के साथ प्रतीक है श्रद्धा और सामाजिक एकता का : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</strong></p>
<p><strong>प्रदेश की समृद्ध संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए समुचित प्रबंधन कर रही है राज्य सरकार<br>
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की प्रदेशवासियों के मंगल की कामना<br>
मुख्यमंत्री दादा गुरु के साथ कांवड़ उठाकर यात्रा में हुए शामिल<br>
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा कर किया स्वागत और अभिनंदन</strong></p>
<p><strong> जबलपुर</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश की समृद्ध सनातन संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए सभी समुचित प्रबंधन कर रही है। सावन का पवित्र माह भगवान शिव की आराधना और भक्ति का पर्व है। मां नर्मदा का जल लेकर निकले कांवड़ यात्रियों का उत्साह अतुलनीय है। संस्कार कांवड़ यात्रा हमारी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं, श्रद्धा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। भगवान शिव की भक्ति से क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि का संचार हो और प्रदेशवासियों का जीवन मंगलमय हो, यही कामना है। कांवड़ यात्रियों को यथा-योग्य सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। प्रदेश के धर्म स्थलों पर सभी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। संस्कारधानी जबलपुर से शुरू हुई संस्कार कांवड़ यात्रा अद्भुत है, जिसमें पूज्य दादा गुरु के साथ हजारों कांवड़िये भक्ति भाव से साधना के मार्ग पर चल रहे हैं। पूज्य दादा गुरु अन्न छोड़कर केवल नर्मदा मैया का जल गृहण कर स्वस्थ जीवन जी रहे है। उनका त्याग और तपस्या सभी के लिए अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सावन के दूसरे सोमवार को जबलपुर की संस्कार कांवड़ यात्रा में शामिल कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री दादा गुरू के साथ कांवड़ उठाकर संस्कार कांवड़ यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने कांवड़ियों तथा उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित भी किया।</p>
<p><strong>मां नर्मदा के हर कंकर में शंकर दिखाई देते हैं</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कांवड़ियों और प्रदेशवासियों को पवित्र श्रावण मास और कांवड़ यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के धर्म के प्रति प्रेम से वातावरण भगवान शिव के जयकारों से गूंज उठा और पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कांवड़ यात्रियों के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि श्रावण सोमवार के पावन अवसर पर शिव भक्त कांवड़िये नर्मदा मैया का जल लेकर अपना संकल्प पूरा करने के लिए निकले हैं। मां नर्मदा के हर कंकर में शंकर दिखाई देते हैं।</p>
<p><strong>पर्व और त्योहार जीवन में उत्साह, उमंग और उल्लास का करते हैं संचार</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्व और त्योहार हमारे जीवन में उत्साह, उमंग और उल्लास का संचार करते हैं। परमात्मा हमें चुनौतियों का सामना करने की सामर्थ्य प्रदान करते हैं। जीवन की पवित्रता के माध्यम से परामात्मा तक पहुंचा जा सकता है। ईश्वर सभी प्रदेशवासियों की मनोकामनाएं पूर्ण करें।</p>
<p>कांवड़ यात्रा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, जबलपुर महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अशोक रोहाणी, विधायक सुशील तिवारी इंदु, विधायक डॉ. अभिलाष पाण्डेय, विधायक नीरज सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष सुआशा मुकेश गोंटिया, जबलपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष संदीप जैन, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, पूर्व विधायक नीलेश अवस्थी, सोनू बचवानी एवं रंजीत पटेल, काँवड़ यात्रा के संयोजक शिव यादव भी शामिल हुए।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>साइबर जालसाजों से सावधान रहें, बिल भुगतान केवल अधिकृत माध्यमों से करें : ऊर्जा मंत्री तोमर</title>
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<description><![CDATA[ साइबर जालसाजों से सावधान रहें, बिल भुगतान केवल अधिकृत माध्यमों से करें : ऊर्जा मंत्री तोमर भोपाल  ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने बिजली बिलों का नगद भुगतान कंपनी के जोन, वितरण केन्द्र कार्यालय, पीओएस मशीन अथवा अधिकृत भुगतान केन्द्रों जैसे एम.पी.ऑनलाइन, कॉमन सर्विस सेंटर पर … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 20:00:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>साइबर, जालसाजों, से, सावधान, रहें, बिल, भुगतान, केवल, अधिकृत, माध्यमों, से, करें, ऊर्जा, मंत्री, तोमर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>साइबर जालसाजों से सावधान रहें, बिल भुगतान केवल अधिकृत माध्यमों से करें : ऊर्जा मंत्री तोमर</strong></p>
<p><strong>भोपाल </strong><br>
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने बिजली बिलों का नगद भुगतान कंपनी के जोन, वितरण केन्द्र कार्यालय, पीओएस मशीन अथवा अधिकृत भुगतान केन्द्रों जैसे एम.पी.ऑनलाइन, कॉमन सर्विस सेंटर पर ही करें। उपभोक्ताओं को बिजली बिलों के केशलेस भुगतान के लिये कंपनी के पोर्टल  (नेट बैंकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, यूपीआई, ईसीएस, बीबीपीएस, कैश कार्ड एवं वॉलेट आदि) फोन पे, अमेजान पे, गूगल पे, पेटीएम ऐप, व्हाट्सएप पे एवं उपाय मोबाइल ऐप के माध्यम से भी बिल भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।</p>
<p>ऊर्जा मंत्री तोमर ने बताया है कि उपभोक्ता को असमय विद्युत विच्छेदन से बचने के लिये किसी निजी मोबाईल नंबर से  कॉल कर भुगतान करने हेतु कोई एसएमएस/ व्हाट्सएप जारी नहीं किया जाता है। कंपनी द्वारा जारी किए गए एसएमएस केवल कंपनी द्वारा निर्धारित नम्बर एवं सेंडर आईडी से ही प्रेषित किए जाते हैं। उपभोक्ता किसी अन्य सेंडर आईडी अथवा निजी नंबर से आए भ्रामक मेसेज से सतर्क रहें। कंपनी अंतर्गत विद्युत देयकों के भुगतान के लिए उपभोक्ता पहचान नंबर यानि आईवीआरएस नंबर की जरूरत होती है। आईवीआरएस नंबर के आधार पर ही जोन, वितरण केन्द्रों या अन्य गेटवे एमपी ऑनलाइन, पेटीएम, फोन पे, गूगल पे. अमेजन पे, व्हाट्सएप पे आदि पर बिजली बिलों का भुगतान होता है। कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी अनजान मोबाइल नंबर से आए फोन या व्हाट्सएप मैसेज के आधार पर किसी भी मोबाइल नंबर पर देयकों की राशि अंतरित न करें। साथ ही अपना पिन नंबर भी किसी के साथ साझा न करें।</p>
<p>संज्ञान में आया है कि सायबर जालसाजों द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को एसएमएस, व्हाट्सएप मैसेज अथवा आई.व्ही.आर. तकनीक से फोन कॉल पर नंबर दबाने के लिये कहा जाता है जिसमें बिल भुगतान कराने हेतु भय बनाकर कि आपकी बिजली कुछ घंटों बाद काट दी जाएगी, इसके लिए बिल भुगतान करने हेतु विशेष नंबर दबाएं, मोबाइल नंबर विशेष अथवा अनजान लिंक/ऐप पर क्लिक कर या संपर्क कर बकाया राशि जमा कराएं। इस प्रकार के एसएमएस, व्हाट्सएप मैसेज एवं आई.व्ही.आर. फोन कॉल फर्जी हैं, इन पर ध्यान नहीं दिया जाए। इस प्रकार के फर्जी सायबर जालसाजों से सतर्क और सावधान रहें। साइबर फ्रॉड संबंधित किसी भी घटना की सूचना तत्काल भारत सरकार की हेल्पलाइन 1930 पर दर्ज कराए।</p>
<p>यदि किसी अनजान नंबर से बिजली संबंधी कार्य के लिए फोन आता है, तो उपभोक्ता संबंधित व्यक्ति से उसका Employee ID अवश्य पूछें। इसके बाद UPAY App के होम पेज पर नीचे स्क्रॉल कर “OtherServices” में उपलब्ध “EmployeeVerification” विकल्प पर जाकर Employee ID दर्ज करें और संबंधित व्यक्ति का सत्यापन करें। सत्यापन के बाद ही किसी व्यक्ति को कंपनी का अधिकृत कर्मचारी मानें और किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी साझा करने से बचें।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>बॉक्स ऑफिस पर ‘द ओडिसी’ का जलवा, दुनियाभर में कमाए 10,515 करोड़ रुपये</title>
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<description><![CDATA[ फिल्म निर्माता और निर्देशक क्रिस्टोफर नोलन की हालिया रिलीज फिल्म &#039;द ओडिसी&#039; को दर्शकों ने जमगकर प्यार दिया है। इतना कि यह फिल्म अब उनके करियर की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन चुकी है। यहां जानें फिल्म ने अब तक कितनी कमाई कर ली है। साथ ही पढ़ें कि इसने अब तक किन … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 20:00:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>बॉक्स, ऑफिस, पर, ‘द, ओडिसी’, का, जलवा, दुनियाभर, में, कमाए, 10, 515, करोड़, रुपये</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>फिल्म निर्माता और निर्देशक क्रिस्टोफर नोलन की हालिया रिलीज फिल्म 'द ओडिसी' को दर्शकों ने जमगकर प्यार दिया है। इतना कि यह फिल्म अब उनके करियर की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन चुकी है। यहां जानें फिल्म ने अब तक कितनी कमाई कर ली है। साथ ही पढ़ें कि इसने अब तक किन फिल्मों का रिकॉर्ड तोड़ा है?</p>
<p><strong>कितना रहा नोलन की फिल्मों का कलेक्शन?</strong><br>
फिल्म ‘ओडिसी’ ने अपनी रिलीज के पहले दिन से ही दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर तगड़ी कमाई की थी। यूनिवर्सल पिक्चर्स ने रविवार को फिल्म के कलेक्शन से जुड़ी जानकारी साझा की। मेकर्स ने बताया कि 'द ओडिसी' ने नोलन की पिछली फिल्मों के कलेक्शन का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।</p>
<ul>
<li>दुनियाभर में 10,515.99 करोड़ रुपये कमाकर ‘द ओडिसी' नोलन की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन चुकी है।</li>
<li>इससे पहले 2012 में रिलीज हुई फिल्म  'द डार्क नाइट राइज’ ने 10,335 करोड़ का कारोबार किया था।</li>
<li>वहीं नोलन की फिल्म 'द डार्क नाइट' जो 2008 में रिलीज हुई थी उसने एक महीने में 9,572.98 करोड़ रुपये का करोबार किया था।</li>
<li>'द ओडिसी' से पहले वार्नर ब्रदर्स के बैनर तले बनी बैटमैन सीरीज की फिल्में नोलन की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्में थीं।</li>
</ul>
<p><strong>भारत में ‘द ओडिसी’ ने कितना कमाया?</strong><br>
रविवार तक भारतीय बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ‘द ओडिसी’ ने 169.81 करोड़ का कलेक्शन किया है। फिल्म ने रविवार के दिन 5.21 करोड़ रुपए का कारोबार किया। हालांकि, यह अब भी दूसरी हॉलीवुड फिल्म ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ से पीछे है।<br>
'ब्रांड न्यू डे' का कुल कलेक्शन 415.46 करोड़ है। इसके साथ ही टॉम हॉलैंड की फिल्म पहले नंबर पर है। वहीं ‘द ओडिसी’ पर बॉक्स ऑफिस पर दूसरे स्थान में हैं।</p>
<p><strong>‘द ओडिसी’ फिल्म की कास्ट और कहानी</strong><br>
क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म ‘द ओडिसी’, होमर की ग्रीक कविता पर आधारित है। फिल्म की कहानी ग्रीक हीरो और इथाका के राजा ओडीसियस की है जो घर लौटने के लिए समुद्री तूफानों और राक्षसों से जूझता है। फिल्म में मैट डेमन, रॉबर्ट पैटिनसन, टॉम हॉलैंड, जेंडया, ऐनी हैथवे, चार्लीज थेरॉन और ट्रैविस स्कॉट जैसे सितारे अहम किरदार निभाते नजर आए।</p>]]> </content:encoded>
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<title>मोहम्मद शमी की टीम इंडिया में वापसी पर संशय, जहीर खान ने दी बड़ी सलाह</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट टीम में सीनियर तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की वापसी को लेकर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। लगातार चोटों की समस्याओं और जसप्रीत बुमराह की अनुपलब्धता के बावजूद अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति फिलहाल शमी को वापस टीम में लाने के मूड में नजर नहीं आ रही है। भारत … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 19:45:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>मोहम्मद, शमी, की, टीम, इंडिया, में, वापसी, पर, संशय, जहीर, खान, ने, दी, बड़ी, सलाह</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
 भारतीय क्रिकेट टीम में सीनियर तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की वापसी को लेकर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। लगातार चोटों की समस्याओं और जसप्रीत बुमराह की अनुपलब्धता के बावजूद अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति फिलहाल शमी को वापस टीम में लाने के मूड में नजर नहीं आ रही है। भारत ने साल 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियां शुरू कर दी हैं और नए विकल्पों को तराशा जा रहा है लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में शमी का नाम चयन चर्चाओं से गायब दिख रहा है।</p>
<p><strong>जहीर खान ने मोहम्मद शमी को लेकर क्या कहा?</strong><br>
टीम मैनेजमेंट के इस रुख पर पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज जहीर खान ने अपनी बेबाक राय रखी है। जहीर का मानना है कि भारतीय टीम मैनेजमेंट की सोच इस समय भविष्य की योजनाओं और नई प्राथमिकताओं पर केंद्रित हो सकती है। हालांकि, उनका कहना है कि शमी को अपनी उम्मीदें नहीं छोड़नी चाहिए और जिस तरह से वह खुद को तैयार रख रहे हैं उन्हें वही रुख बरकरार रखना चाहिए।</p>
<p><strong>शमी खेलते रहें और मैदान पर मौजूद रहें</strong><br>
जहीर खान ने शमी को सलाह देते हुए कहा, 'यह पूरी तरह से आपका फैसला होता है कि आप आगे कैसे बढ़ना चाहते हैं। अगर आप मैच खेल रहे हैं और अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं तो आप चयन के लिए उपलब्ध रहते हैं। मैं इस मामले को इसी नजरिए से देखता हूं। टीम मैनेजमेंट की सोच अलग हो सकती है, लेकिन एक खिलाड़ी के रूप में आपकी अपनी सोच बेहद मायने रखती है। अगर आप योगदान देना चाहते हैं तो शमी जैसा कर रहे हैं वैसा ही करें- खेलते रहें और मैदान पर बने रहें।'</p>
<p><strong>चोट खिलाड़ी की लाइफ का हिस्सा</strong><br>
टीम में बढ़ती खिलाड़ियों की चोटों और वर्कलोड के मुद्दे पर बात करते हुए जहीर खान ने इसे खेल का स्वाभाविक हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि चोटें किसी भी एथलीट के करियर का अहम दौर होती हैं और इसे सही ढंग से प्रबंधित करना जरूरी है। जहीर ने कहा, 'चोटें खेल और हर खिलाड़ी के सफर का अभिन्न हिस्सा हैं। वर्कलोड मैनेजमेंट की बातें होती हैं लेकिन घटनाओं की टाइमिंग को समझना भी उतना ही जरूरी है। जब कोई तेज गेंदबाज चोटिल होता है या खराब दौर से गुजरता है तो जो चीजें आपके हाथ में हैं उन्हें सही तरीके से नियंत्रित करना बेहद जरूरी हो जाता है। जब तक आप समस्या की असली वजह नहीं समझ लेते, तब तक आप सही दिशा में आगे नहीं बढ़ सकते।'</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>राजनांदगांव को बड़ी सौगात, इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर को केंद्र की मंजूरी</title>
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<description><![CDATA[ राजनांदगांव. जिले में इलेक्ट्रानिक मैन्यूफैक्चरिंग कलस्टर 2.0 की स्वीकृति केन्द्र सरकार द्वारा दी गई है। नगरनिगम द्वारा शहर में आयोजित किए गए कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डां रमन सिंह ने इसकी जानकारी दी है। उन्होने मंच से कहा कि कल ही इसकी स्वीकृति केन्द्र सरकार द्वारा दी गई है। इसके लिए उन्होने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 19:30:30 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>राजनांदगांव, को, बड़ी, सौगात, इलेक्ट्रॉनिक, मैन्यूफैक्चरिंग, क्लस्टर, को, केंद्र, की, मंजूरी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>राजनांदगांव.</strong></p>
<p>जिले में इलेक्ट्रानिक मैन्यूफैक्चरिंग कलस्टर 2.0 की स्वीकृति केन्द्र सरकार द्वारा दी गई है। नगरनिगम द्वारा शहर में आयोजित किए गए कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डां रमन सिंह ने इसकी जानकारी दी है। उन्होने मंच से कहा कि कल ही इसकी स्वीकृति केन्द्र सरकार द्वारा दी गई है।</p>
<p>इसके लिए उन्होने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय उद्योग मंत्री अश्वनी वैष्णव व सांसद संतोष पांडे का आभार जताया। डां रमन सिंह ने बताया कि, इस कलस्टर के लगने से जिले के नौ हजार बेरोजगारों को नौकरी प्रदान की जाएगी। इस इलेक्ट्रानिक हब में करीब 342 करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे। वहीं करीब तीन हजार निवेशक यहां निवेश करेगें । उल्लेखनीय है कि इलेक्ट्रानिक मैन्यूफैक्चरिंग कलस्टर के लिए लंबे समय से प्रवास किया जा रहा था ।</p>
<p>सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार इसका निर्माण डोंगरगांव के पटेवा में होगा। इसके लिए उद्योग विभाग द्वारा मुआवजा की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है। पूर्व में यहां पतंजलि योगपीठ का उद्योग खुलना था, लेकिन अब इसी जगह इलेक्ट्रानिक कलस्टर की तैयारी कर ली गई हैं। बहरहाल इस कलस्टर के खुलने से बड़ी संख्या में रोजगार मिलेगा। वहीं आसपास के इलाको में विकास के नए अवसर खुलेगें। उद्योग विभाग के जीएम सानू वर्गीस ने बताया कि, निवेशकों का यहां दौरा हो चुका है, पूरी प्रक्रिया राज्य और केन्द्र सरकार की निगरानी में हो रही है।</p>
<p>भारत सरकार ने EMC 2.0 योजना के अंतर्गत ₹432.08 करोड़ की कुल परियोजना लागत के विरुद्ध ₹210.56 करोड़ की केंद्रीय सहायता स्वीकृत की है. परियोजना का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) द्वारा किया जाएगा। </p>
<p>यह मंजूरी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने, निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने तथा इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के निरंतर प्रयासों का महत्वपूर्ण परिणाम है. नवा रायपुर में स्थापित पहले इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के बाद यह राज्य का दूसरा बड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर होगा, जिससे उद्योगों के लिए आधुनिक आधारभूत संरचना और औद्योगिक भूखंडों की उपलब्धता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। </p>
<p>सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) और स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की चार एंकर इकाइयों ने पहले ही इस क्लस्टर में रुचि दिखाई है. इन कंपनियों द्वारा लगभग ₹365 करोड़ के प्रारंभिक निवेश का प्रस्ताव दिया गया है। </p>
<p>करीब 306.56 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाले इस क्लस्टर में 150.56 एकड़ औद्योगिक भूखंड आरक्षित किए गए हैं. यहां रेडी-बिल्ट फैक्ट्री, विद्युत एवं जल आपूर्ति, वेयरहाउस तथा अन्य आधुनिक औद्योगिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी. सभी आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त हो चुकी हैं और परियोजना क्रियान्वयन के लिए पूरी तरह तैयार है। </p>
<p>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन से छत्तीसगढ़ इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में तेजी से नई पहचान बना रहा है। </p>
<p>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि EMC 2.0 इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ अब राष्ट्रीय स्तर के विनिर्माण उद्योगों के लिए एक भरोसेमंद और सक्षम गंतव्य बन चुका है. उन्होंने कहा कि यह क्लस्टर राज्य के युवाओं के लिए लगभग 9,000 गुणवत्तापूर्ण एवं दीर्घकालिक रोजगार के अवसर सृजित करेगा. राज्य सरकार तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थानों को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करेगी, ताकि स्थानीय युवाओं को भर्ती प्रारंभ होते ही रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें। </p>
<p>वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योगों के लिए त्वरित एवं पारदर्शी व्यवस्था विकसित की है. ‘वनक्लिक’ सिंगल विंडो प्रणाली के माध्यम से भूमि आवंटन एवं सभी आवश्यक स्वीकृतियां निर्धारित समयसीमा में उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे निवेशक बिना किसी अनावश्यक विलंब के अपनी परियोजनाएं प्रारंभ कर सकें। </p>
<p>यह परियोजना ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे राष्ट्रीय अभियानों को नई गति देने के साथ-साथ देश में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षमता, कंपोनेंट निर्माण और वैल्यू एडिशन को भी महत्वपूर्ण बढ़ावा देगी. साथ ही, यह छत्तीसगढ़ को देश के उभरते इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी। </p>
<p>औद्योगिक विकास निगम करेगा परियोजना का विकास<br>
परियोजना का विकास छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सीएसआइडीसी) करेगा। लगभग 306 एकड़ में विकसित होने वाले इस क्लस्टर में रेडी-बिल्ट फैक्ट्री, आधुनिक औद्योगिक अधोसंरचना, बिजली, पानी, वेयरहाउस और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि कंपनियां कम समय में उत्पादन शुरू कर सकें।</p>
<p>
अधिकारियों ने बताया कि सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) और स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की चार प्रमुख कंपनियां पहले ही यहां निवेश में रुचि जता चुकी हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि छत्तीसगढ़ तेजी से उच्च-प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों के लिए एक आकर्षक निवेश गंतव्य बन रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल एक औद्योगिक क्लस्टर नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला विकास इंजन साबित हो सकती है।</p>
<p>
<strong>सीएम ने जताया आभार</strong><br>
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय छत्तीसगढ़ में निवेश के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षित करेगी, ताकि नए उद्योगों में रोजगार का अधिकतम लाभ प्रदेश के युवाओं को मिल सके।</p>
<p><strong>    छत्तीसगढ़ को केंद्र सरकार से मिली सौगात<br>
    सीएम ने पीएम मोदी का जताया आभार<br>
    इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर को मिली मंजूरी<br>
    राजनांदगांव में रोजगार के नए मौके मिलेंगे</strong></p>
<p><strong>अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती</strong><br>
अधिकारियों ने बताया कि ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विज़न को आगे बढ़ाने वाली यह परियोजना इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, कंपोनेंट निर्माण और वैल्यू एडिशन को नई गति देगी। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल होगा, जहां भविष्य की इलेक्ट्रॉनिक्स अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव रखी जा रही है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हाथ में तिरंगा थामकर किया भव्य तिरंगा यात्रा का नेतृत्व</title>
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<description><![CDATA[ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हाथ में तिरंगा थामकर किया भव्य तिरंगा यात्रा का नेतृत्व मुख्यमंत्री ने कहा – 140 करोड़ भारतीयों को एक सूत्र में बांधता है तिरंगा हजारों कदमों के साथ गूंजा ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ का संकल्प तिरंगे के रंग में रंगा रायपुर, राष्ट्रध्वज के तले एकजुट हुआ जनसैलाब छत्तीसगढ़ के वीर सपूतों की … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 19:30:25 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>मुख्यमंत्री, विष्णु, देव, साय, ने, हाथ, में, तिरंगा, थामकर, किया, भव्य, तिरंगा, यात्रा, का, नेतृत्व</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हाथ में तिरंगा थामकर किया भव्य तिरंगा यात्रा का नेतृत्व</strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री ने कहा – 140 करोड़ भारतीयों को एक सूत्र में बांधता है तिरंगा</strong></p>
<p><strong>हजारों कदमों के साथ गूंजा ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ का संकल्प</strong></p>
<p><strong>तिरंगे के रंग में रंगा रायपुर, राष्ट्रध्वज के तले एकजुट हुआ जनसैलाब</strong></p>
<p><strong>छत्तीसगढ़ के वीर सपूतों की शौर्यगाथा का किया स्मरण, शहीद वीर नारायण सिंह और गुण्डाधुर को किया नमन</strong></p>
<p><strong>रायपुर </strong><br>
 हाथों में लहराता तिरंगा, भारत माता के जयघोष, देशभक्ति के गीत और राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत हजारों नागरिकों का उत्साह – राजधानी रायपुर आज पूरी तरह तिरंगे के रंग में रंगी नजर आई। बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम से सुभाष स्टेडियम तक निकली भव्य तिरंगा यात्रा में हजारों नागरिक राष्ट्रध्वज के तले एकजुट हुए। </p>
<p>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वयं हाथ में तिरंगा थामकर जनसैलाब के साथ कदम से कदम मिलाया। यात्रा में युवाओं, महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों, पूर्व सैनिकों और विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। स्कूली विद्यार्थियों द्वारा हाथों में थामा गया लगभग एक किलोमीटर लंबा तिरंगा पूरे आयोजन का विशेष आकर्षण रहा।</p>
<p>तिरंगा यात्रा के शुभारंभ से लेकर समापन तक राजधानी में राष्ट्रभक्ति का अद्भुत वातावरण दिखाई दिया। हजारों हाथों में एक साथ लहराते राष्ट्रीय ध्वज और भारत माता के जयघोष ने पूरे यात्रा मार्ग को राष्ट्रप्रेम की भावना से भर दिया। मुख्यमंत्री साय भी नागरिकों के बीच तिरंगा लेकर आगे बढ़े। इस दौरान नागरिकों में मुख्यमंत्री के साथ चलने और राष्ट्रध्वज के सम्मान में आयोजित इस यात्रा का हिस्सा बनने को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया।</p>
<p>मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि तिरंगा हमारी आन, बान और शान है। यह केवल हमारा राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि भारत की एकता, अखंडता, स्वाभिमान और असंख्य बलिदानों का प्रतीक है। तिरंगे में देश के 140 करोड़ भारतीयों को एक सूत्र में बांधने की अद्भुत शक्ति है। अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों, परंपराओं और क्षेत्रों की विविधता के बावजूद तिरंगा हम सभी को भारतीय होने के एक साझा गौरव से जोड़ता है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तिरंगा लहराता है तो प्रत्येक भारतीय के मन में स्वाभाविक रूप से राष्ट्र के प्रति गौरव और सम्मान का भाव जागृत होता है। हमारा राष्ट्रीय ध्वज स्वतंत्रता आंदोलन के संघर्ष, स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और एक सशक्त राष्ट्र के रूप में भारत की यात्रा का साक्षी है। तिरंगा हमें अपने अधिकारों के साथ राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का भी स्मरण कराता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान आज एक व्यापक जनअभियान का स्वरूप ले चुका है। इस अभियान ने तिरंगे को घर-घर तक पहुंचाने के साथ राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना को और मजबूत किया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों में पूरे सम्मान और गौरव के साथ तिरंगा फहराने तथा तिरंगा यात्राओं से जुड़कर राष्ट्रीय एकता के इस उत्सव को और भव्य बनाने का आह्वान किया।</p>
<p>मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज हम जिस स्वतंत्र भारत में गर्व और सम्मान के साथ जीवन जी रहे हैं, वह स्वतंत्रता हमें सहज रूप से प्राप्त नहीं हुई है। इसके पीछे लाखों देशवासियों का संघर्ष, त्याग, तपस्या और बलिदान जुड़ा हुआ है। देश के असंख्य वीर सपूतों ने मातृभूमि को पराधीनता की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में देश के हर क्षेत्र और समाज के लोगों ने अपना योगदान दिया। किसी ने अपना जीवन समर्पित किया, किसी ने अपना घर-परिवार छोड़ा और अनेक वीरों ने मातृभूमि के लिए हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दे दी। इन बलिदानों के कारण ही आज हम स्वतंत्रता और लोकतंत्र के गौरव का अनुभव कर पा रहे हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की नई पीढ़ी स्वतंत्र भारत में जन्मी और आगे बढ़ रही है। इसलिए उसे यह जानना आवश्यक है कि आजादी कितनी अनमोल है और इसके लिए हमारे पूर्वजों ने कितना बड़ा संघर्ष किया। स्वतंत्रता सेनानियों की गौरवगाथाओं से परिचित होकर ही नई पीढ़ी स्वतंत्रता के वास्तविक मूल्य को समझ सकेगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि तिरंगा हमें उन सभी ज्ञात-अज्ञात सेनानियों के बलिदान का स्मरण कराता है, जिन्होंने राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया। स्वतंत्रता की इस गौरवशाली विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इससे युवाओं के भीतर राष्ट्र के प्रति कर्तव्य, समर्पण, सेवा और ‘राष्ट्र प्रथम’ का भाव और अधिक मजबूत होगा।</p>
<p><strong>छत्तीसगढ़ के वीर सपूतों ने स्वतंत्रता संग्राम में लिखी शौर्यगाथा</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों का स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती भी वीरों, जननायकों और बलिदानियों की धरती रही है। देश की स्वतंत्रता के लिए हुए संघर्ष में छत्तीसगढ़ के अनेक वीर सपूतों ने अदम्य साहस और स्वाभिमान का परिचय दिया।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने शहीद वीर नारायण सिंह का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में गरीबों और जरूरतमंदों के हित में आवाज उठाई और अंग्रेजी हुकूमत के अन्याय के विरुद्ध संघर्ष किया। उनका जीवन हमें बताता है कि राष्ट्रप्रेम के साथ जनसेवा और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का साहस भी सच्ची देशभक्ति का स्वरूप है।</p>
<p>मुख्यमंत्री साय ने बस्तर के महान जननायक गुण्डाधुर की शौर्यगाथा को याद करते हुए कहा कि उन्होंने विदेशी शासन के विरुद्ध जनजातीय समाज को संगठित कर संघर्ष का बिगुल फूंका। बस्तर की धरती ने सदैव अपने स्वाभिमान, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया है। गुण्डाधुर का साहस और नेतृत्व आज भी छत्तीसगढ़वासियों के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह, गुण्डाधुर सहित छत्तीसगढ़ के अनेक ज्ञात-अज्ञात सेनानियों का संघर्ष हमारे गौरवशाली इतिहास का अभिन्न हिस्सा है। इन महानायकों की शौर्यगाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और उनके आदर्शों से युवाओं को परिचित कराना हमारा <strong>दायित्व है।</strong></p>
<p><strong>बदलते बस्तर में शांति और विकास के साथ लहराएगा तिरंगा</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर आज हिंसा और भय के लंबे दौर को पीछे छोड़कर शांति, विश्वास और विकास की नई दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। डबल इंजन सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और क्षेत्रवासियों के सहयोग से नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई निर्णायक दौर में पहुंची है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि बस्तर के जिन क्षेत्रों में कभी नक्सली हिंसा के कारण भय का वातावरण था, वहां अब विकास की नई रोशनी पहुंच रही है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ लोगों का शासन और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है। बस्तर के लोगों की आकांक्षाओं और सपनों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते बस्तर की पहचान अब हिंसा से नहीं, बल्कि शांति, विकास, विश्वास और नई संभावनाओं से बन रही है। इस वर्ष बस्तर में भी स्वतंत्रता दिवस का पावन पर्व पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाएगा तथा तिरंगा यात्राएं निकाली जाएंगी। बस्तर के गांवों और दूरस्थ अंचलों में भी तिरंगा पूरे गौरव के साथ लहराएगा।</p>
<p><strong>एक किलोमीटर लंबे तिरंगे के साथ आगे बढ़ी नई पीढ़ी</strong></p>
<p>तिरंगा यात्रा में स्कूली छात्र-छात्राओं का उत्साह विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। विद्यार्थियों ने लगभग एक किलोमीटर लंबे तिरंगे को अपने हाथों में थामकर अनुशासित पंक्तियों में यात्रा की। सड़क पर दूर तक फैला विशाल तिरंगा राजधानी में राष्ट्रीय एकता और गौरव की अनुपम छटा बिखेरता दिखाई दिया। यात्रा में युवाओं, महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों, पूर्व सैनिकों और समाज के विभिन्न वर्गों के नागरिकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। </p>
<p><strong>पुष्पवर्षा से स्वागत, भारत माता के जयघोष से गूंजा रायपुर</strong></p>
<p>तिरंगा यात्रा को लेकर राजधानी के नागरिकों में भी विशेष उत्साह दिखाई दिया। यात्रा के मार्ग में जगह-जगह लोगों ने इसका आत्मीय स्वागत किया। कई स्थानों पर नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा में शामिल लोगों का अभिनंदन किया। लोग अपने घरों और प्रतिष्ठानों से तिरंगा लहराकर राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान व्यक्त करते नजर आए।</p>
<p>यात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ी, इसके साथ नागरिकों का उत्साह भी बढ़ता गया। देशभक्ति के गीतों और ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ तथा ‘झंडा ऊंचा रहे हमारा’ के उद्घोष से पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत हो गया। युवाओं के हाथों में लहराते तिरंगे और स्कूली बच्चों के उत्साह ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।</p>
<p>बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम से सुभाष स्टेडियम तक चारों ओर तिरंगा ही तिरंगा दिखाई दे रहा था। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरी राजधानी ने तीन रंगों की चादर ओढ़ ली हो। हजारों हाथों में एक साथ लहराते तिरंगे और राष्ट्रभक्ति से भरे जयघोष के बीच पूरा रायपुर एक स्वर में यही संदेश देता नजर आया – भारत एक है, भारत श्रेष्ठ है और राष्ट्र सर्वोपरि है।</p>
<p><strong>तिरंगा स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक : उप मुख्यमंत्री अरुण साव</strong></p>
<p>उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि देश स्वतंत्रता दिवस का पावन पर्व मनाने जा रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘हर घर तिरंगा’ तथा ‘तिरंगा यात्रा’ के माध्यम से राष्ट्रभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया है। यह उन स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रनायकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जिनके त्याग और बलिदान के कारण देश को स्वतंत्रता मिली।</p>
<p>उन्होंने कहा कि रायपुर के कोने-कोने से बड़ी संख्या में युवा तिरंगा यात्रा में शामिल होने पहुंचे हैं। यह उत्साह बताता है कि देश की नई पीढ़ी के हृदय में राष्ट्रप्रेम की भावना कितनी मजबूत है। जिस तिरंगे ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशवासियों को एकजुट किया था, आज उसी तिरंगे के सम्मान में पूरा रायपुर एक साथ खड़ा दिखाई दे रहा है।</p>
<p><strong>तिरंगा यात्रा राष्ट्रभक्ति की सामूहिक अभिव्यक्ति : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा</strong></p>
<p>उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि तिरंगा हमारी राष्ट्रीय अस्मिता, गौरव और एकता का प्रतीक है। तिरंगा यात्रा केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि देश के प्रति सम्मान और राष्ट्रभक्ति की सामूहिक अभिव्यक्ति है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान ने देशभर में राष्ट्रीय गौरव और राष्ट्रभक्ति की भावना को नई ऊर्जा प्रदान की है। जब प्रत्येक घर पर तिरंगा लहराता है तो वह केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति प्रत्येक नागरिक के सम्मान, गौरव और संकल्प की अभिव्यक्ति बन जाता है।</p>
<p>उप मुख्यमंत्री शर्मा ने प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों में पूरे सम्मान के साथ तिरंगा फहराने और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से उत्साहपूर्वक जुड़ने का आह्वान किया।</p>
<p>तिरंगा यात्रा में कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, विधायक राजेश मूणत, सुनील सोनी, अनुज शर्मा, इंद्र कुमार साहू, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, निगम-मंडल-आयोगों के अध्यक्षगण सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, पूर्व सैनिक, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>बस्तर के खेतों में बही समृद्धि की बयार</title>
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<description><![CDATA[ बस्तर के खेतों में बही समृद्धि की बयार  महिला किसान रैबाली कश्यप ने एकीकृत कृषि अपनाकर रची सफलता की नई इबारत रायपुर,  बकरीपालन, गायपालन और मुर्गीपालन से दूध, मांस और अंडा मिलता है। सुगंधित धान और हरी-भरी सब्ज़ियों की खेती से अच्छा मुनाफा और पौष्टिक भोजन मिलता है। इन सभी कामों को एक साथ करने … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 19:30:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>बस्तर, के, खेतों, में, बही, समृद्धि, की, बयार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>बस्तर के खेतों में बही समृद्धि की बयार </strong></p>
<p><strong>महिला किसान रैबाली कश्यप ने एकीकृत कृषि अपनाकर रची सफलता की नई इबारत</strong></p>
<p><strong>रायपुर, </strong><br>
बकरीपालन, गायपालन और मुर्गीपालन से दूध, मांस और अंडा मिलता है। सुगंधित धान और हरी-भरी सब्ज़ियों की खेती से अच्छा मुनाफा और पौष्टिक भोजन मिलता है। इन सभी कामों को एक साथ करने से किसान को सालभर कमाई होती है। बस्तर संभाग के बस्तर जिला के ग्राम छिंदगांव में आज उम्मीद और स्वाभिमान की एक नई मिसाल देखने को मिल रही है। गाँव की निवासी और जागृति महिला समूह से जुड़ी ग्रामीण महिला रैबाली कश्यप ने अपनी लगन और कड़ी मेहनत से सफलता की अनूठी कहानी लिखी है।</p>
<p>           कभी खेती से केवल बुनियादी ज़रूरतें पूरी करने वाली रैबाली ने एकीकृत कृषि क्लस्टर से जुड़कर अपनी किस्मत बदल दी। उन्होंने पारंपरिक कृषि प्रणाली से आगे बढ़ते हुए अपनी ज़मीन पर एक साथ पाँच प्रमुख गतिविधियाँ शुरू कीं बकरीपालन, गायपालन, मुर्गीपालन, सुगंधित धान और हरी-भरी सब्ज़ियों की खेती। </p>
<p><strong>विभिन्न गतिविधियों से सालाना 1.5 लाख से अधिक की कमाई </strong></p>
<p>         रैबाली कश्यप की इस बहुआयामी खेती ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को पूरी तरह बदल दिया है। वर्तमान में उन्हें विभिन्न माध्यमों से शानदार आय हो रही है। बकरीपालन से  60 हजार, मुर्गीपालन 30 हजार, सब्ज़ियों के उत्पादन से 24 हजार और गायपालन 20 हजार, सुगंधित धान 20 हजार (अतिरिक्त लाभ सहित) की आय प्राप्त कर रही है। इन सभी गतिविधियों के संयोजन से रैबाली दीदी अब हर साल 1.50 से अधिक का शुद्ध मुनाफ़ा अर्जित कर रही हैं।</p>
<p><strong>गाँव-गाँव पहुँच रहा है एकीकृत कृषि का संदेश</strong></p>
<p>        आज रैबाली कश्यप अपने परिवार का मुख्य आर्थिक संबल बन चुकी हैं। अपने बच्चों की बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य को सुनिश्चित करते हुए वे समाज में सम्मानजनक जीवन जी रही हैं। रैबाली दीदी की यह सफलता अन्य ग्रामीणों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। वे क्षेत्र के किसानों को संदेश देते हुए कहती हैंकृ ष्एकीकृत कृषि अपनाएँ, आय बढ़ाएँ और खुशहाल जीवन बनाएँ।ष्</p>]]> </content:encoded>
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<title>CG में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई, 1035 वाहन चालकों से वसूला 5 लाख रुपये जुर्माना</title>
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<description><![CDATA[ राजनांदगांव. आगामी त्योहारी सीजन को दृष्टिगत रखते हुए राजनांदगांव शहर में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध सघन अभियान चलाकर प्रभावी कार्यवाही की गई। यातायात पुलिस द्वारा शहर के नया बस स्टैंड चौक, महावीर चौक, खैरागढ़ रोड, भगत सिंह चौक, पुराना रेस्ट हाउस, रेल्वे स्टेशन रोड, पोस्ट ऑफिस चौक, पुराना बस … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 19:30:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>में, ट्रैफिक, नियम, तोड़ने, वालों, पर, कार्रवाई, 1035, वाहन, चालकों, से, वसूला, लाख, रुपये, जुर्माना</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>राजनांदगांव.</strong></p>
<p>आगामी त्योहारी सीजन को दृष्टिगत रखते हुए राजनांदगांव शहर में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध सघन अभियान चलाकर प्रभावी कार्यवाही की गई।</p>
<p>यातायात पुलिस द्वारा शहर के नया बस स्टैंड चौक, महावीर चौक, खैरागढ़ रोड, भगत सिंह चौक, पुराना रेस्ट हाउस, रेल्वे स्टेशन रोड, पोस्ट ऑफिस चौक, पुराना बस स्टैंड, राम दरबार, अग्रवाल ट्रांसपोर्ट, गंज चौक, कुआं चौक, नंदई चौक, महामाया चौंक, तिरंगा चौक, भारत माता चौक, कामठी लाइन, सिनेमा लाइन, जूनी हटरी, मानव मंदिर चौक, फौवारा चौक, गांधी चौक, दुर्गा चौक, सदर लाइन फुर्सत के पल चौक, कविता कॉम्पलेक्स चौक, अम्बेडकर चौक, आरके नगर जाने वाली सर्विस रोड एवं मोतीपुर अंडर ब्रिज रोड* सहित शहर के प्रमुख एवं व्यस्त मार्गों पर यातायात नियमों के उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई।</p>
<p><strong>अभियान के दौरान कार्यवाही-</strong><br>
नो- पार्किंग क्षेत्र में वाहन खड़ा करने वाले 1556 वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। शराब सेवन कर वाहन चलाने वाले 18 वाहन चालकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। बिना वैध लाइसेंस ई-रिक्शा चलाने वाले 29 वाहन चालकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। प्रतिबंधित क्षेत्र में वाहन प्रवेश कराने वाले 3 वाहनों पर कार्रवाई करते हुए 9,000 का जुर्माना वसूल किया गया। यातायात के अन्य नियमों का उल्लंघन करने वाले 429 वाहनों के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई। इस प्रकार यातायात पुलिस द्वारा कुल 1035 वाहनों पर कार्रवाई करते हुए 5 लाख 26 हजार 300 रुपए का जुर्माना वसूल किया गया।</p>]]> </content:encoded>
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<title>ब्यौहारी के इंदिरा गांधी कंप्यूटर कॉलेज के छात्रों ने फिर बढ़ाया मान, शानदार शैक्षणिक प्रदर्शन से रचा इतिहास</title>
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<description><![CDATA[ ब्यौहारी ब्यौहारी-स्थानीय &#039;इंदिरा गांधी कंप्यूटर कॉलेज&#039; के नियमित छात्रों ने एक बार फिर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का लोहा मनवाते हुए कॉलेज, अपने माता-पिता और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। सत्र 2025-26 के घोषित परीक्षा –   कॉलेज प्रबंधन ने सभी छात्रों को शुभकामनाएं प्रेषित किया। कॉलेज के डायरेक्टर विनय कुमार सोनी एवं प्रिंसिपल संजय … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 19:00:25 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>ब्यौहारी, के, इंदिरा, गांधी, कंप्यूटर, कॉलेज, के, छात्रों, ने, फिर, बढ़ाया, मान, शानदार, शैक्षणिक, प्रदर्शन, से, रचा, इतिहास</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>ब्यौहारी</strong></p>
<p>ब्यौहारी-स्थानीय 'इंदिरा गांधी कंप्यूटर कॉलेज' के नियमित छात्रों ने एक बार फिर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का लोहा मनवाते हुए कॉलेज, अपने माता-पिता और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। <strong>सत्र 2025-26 के घोषित परीक्षा –</strong><br>
 <br>
<strong>कॉलेज प्रबंधन ने सभी छात्रों को शुभकामनाएं प्रेषित किया।</strong><br>
कॉलेज के डायरेक्टर विनय कुमार सोनी एवं प्रिंसिपल संजय तिवारी ने छात्रों की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, लगन और संस्था के कुशल मार्गदर्शन का परिणाम है।कॉलेज प्रबंधन ने सभी उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को मिठाई खिलाकर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सफलता की खबर मिलते ही नगरवासियों और परिजनों ने भी सभी होनहारों को शुभकामनाएं दीं। <br>
<strong>डायरेक्ट विनय कुमार सोनी</strong><br>
प्रिंसिपल संजय तिवारी <br>
आकांक्षा सिंह 84% BCA <br>
हिमानी अशुदानी 83% BCA<br>
रितिका केशरवानी 82% BCA <br>
मनीषा पटेल 71.80% BCA –<br>
आशी गुप्ता 71.20% BCA – <br>
सृष्टि कचेर 71.20% BCA – <br>
आँचल केवट 70.40% BCA <br>
रिद्धिमा प्रसाद 73% BCA <br>
पुष्पांजली बैस 71% BCA <br>
सोनाक्षी पटेल 71% BCA –<br>
अनिल साहू 71% BCA – <br>
अंजना पटेल 70% BCA – <br>
शिवानी मिश्रा 78% DCA – <br>
अंकिता मिश्रा 68.85 DCA – <br>
राजन पाल 68.85 DCA – <br>
पीयूष मिश्रा 66% DCA – <br>
अनिकेत मिश्रा 78% PGDCA <br>
हर्षिता त्रिपाठी 78% PGDCA <br>
ऋचा सिंह बरगाही 74.75% PGDCA <br>
शरद शुक्ला 74.5% PGDCA <br>
साक्षी द्विवेदी 75%  PGDCA <br>
अंजली यादव 78.75 PGDCA <br>
प्रियव्रत कुशवाहा 78.5% PGDCA –<br>
अंशिका शर्मा 76.25% PGDCA के पाठ्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए स्कूल सहित अपने परिजनों का मान बढ़ाया है।</p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति हेतु आवेदन प्रारंभ</title>
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<description><![CDATA[ अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति हेतु आवेदन प्रारंभ  (10 अगस्त से लेकर 31 अगस्त तक अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति  हेतु  छात्राये  ऑनलाइन आवेदन कर सकती है)  भोपाल   अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति, अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा वंचित पृष्ठभूमि की छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सहायता प्रदान करने हेतु एक पहल है। इसे 2024-2025 में चुनिंदा भौगोलिक क्षेत्रों से … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 19:00:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>अज़ीम, प्रेमजी, छात्रवृत्ति, हेतु, आवेदन, प्रारंभ</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति हेतु आवेदन प्रारंभ </strong></p>
<p><strong>(10 अगस्त से लेकर 31 अगस्त तक अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति  हेतु  छात्राये  ऑनलाइन आवेदन कर सकती है) </strong></p>
<p><strong>भोपाल </strong><br>
 अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति, अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा वंचित पृष्ठभूमि की छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सहायता प्रदान करने हेतु एक पहल है। इसे 2024-2025 में चुनिंदा भौगोलिक क्षेत्रों से शुरू किया गया था अब यह कई राज्यों  में इसका विस्तार कर दिया गया  है। <br>
अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति का उद्देश्य स्कूली शिक्षा के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली छात्राओ को  वित्तीय सहायता प्रदान करना है एवं यह सुनिश्चित करना है की धन की कमी से कोई  भी छात्रा अपनी पढ़ाई न छोड़े इस हेतु  इसमे  प्रति वर्ष 30,000 रुपये छात्राओ को प्रदान किये जाते है <br>
 अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा संचालित अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति के बारे में मुख्य बातें:<br>
•    वर्ष 2024-25 में मध्य प्रदेश में 18,000 से अधिक छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई <br>
•    वर्ष 2025-26 में मध्य प्रदेश में 53,300 से अधिक छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई <br>
<strong>•    आवेदन के लिए मुख्य बातें:</strong><br>
o    छात्रवृत्ति का आवेदन पूर्णतः निशुल्क है। इसके लिए किसी भी चरण पर किसी प्रकार का शुल्क देय नहीं है। <br>
o    अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति में आवेदन करने के लिए कोई भी जाति या आय  बंधन नहीं है <br>
o    वर्ष 2026 – 27  के पहले चरण के लिए आवेदन प्रक्रिया 10 अगस्त 2026 को शुरू हो चुकी है ।<br>
o    आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज़ – एक 2×2 इंच का रंगीन फोटो की स्कैन कॉपी, आधार कार्ड के सामने वाले हिस्से की रंगीन कॉपी, सक्रीय बैंक खाता पासबुक के पहले पन्ने की स्कैन कॉपी जिसमें खाताधारक का नाम, खाता संख्या, IFSC, और बैंक शाखा की जानकारी स्पष्ट दिखे, कक्षा 10वीं व 12वीं की अंक तालिका की स्कैन कॉपी, कॉलेज से प्राप्त प्रवेश शुल्क की फीस की रसीद या <strong>बोनाफ़ाइड प्रमाण पत्र </strong><br>
•    अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति की पात्रता:<br>
o    ऐसी छात्रायें जिन्होंने कक्षा 10वीं और 12वीं  दोनों की पढ़ाई सरकारी स्कूलों से  की हो।<br>
o    किसी प्रमाणिक उच्च शिक्षा संस्थान (HEI) में डिग्री या डिप्लोमा कार्यक्रम में प्रवेश लिया हो। ‘प्रमाणिक’ HEI की सूची में सभी सरकारी (पब्लिक) HEI और चुनिंदा निजी HEI भी शामिल होंगे। यह स्कालर्शिप केवल प्रथम वर्ष की छात्राओं के लिए है। <br>
o    पात्र राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की सूची – आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली (NCT), झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, पुडुचेरी, राजस्थान, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, और उत्तराखंड|<br>
o    <br>
<strong>•    छात्रवृत्ति का विवरण:</strong><br>
o    डिग्री या डिप्लोमा कार्यक्रम की सम्पूर्ण अवधि के लिए प्रति वर्ष 30,000 रुपये, जब तक छात्रा सफलतापूर्वक कार्यक्रम में जारी रहती है।<br>
o    उदाहरण के लिए, 4 वर्षीय बीएससी नर्सिंग प्रोग्राम करने वाली छात्रा को उन 4 वर्षों में 1,20,000 रुपये की छात्रवृत्ति सहायता मिलेगी। <br>
o    यह धनराशि हर साल दो किश्तों में छात्राओं के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाएगी। वह अपनी ज़रूरत के हिसाब से इस धनराशि का उपयोग कर सकती है। </p>
<p><strong>स्कालर्शिप संबंधी प्रश्नों के लिए संपर्क करें:<br>
व्हाट्सप्प नंबर: +91 9019960536 <br>
वेबसाईट – azimpremjifoundation.org/what-we-do/education/azim-premji-scholarship/</strong></p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मंडला में उफान पर नर्मदा, कान्हा नेशनल पार्क से टूटा संपर्क; बड़े पुल के करीब पहुंचा जलस्तर</title>
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<description><![CDATA[ मंडला   मध्य प्रदेश के मंडला में पिछले 12 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश से नर्मदा नदी उफान पर आ गई है. नर्मदा के साथ कई सहायक नदियों का तेजी से जलस्तर बढ़ने से नर्मदा ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है. शहर के मुख्य मार्ग पर बना छोटा रपटा डूब गया है, … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 19:00:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>मंडला, में, उफान, पर, नर्मदा, कान्हा, नेशनल, पार्क, से, टूटा, संपर्क, बड़े, पुल, के, करीब, पहुंचा, जलस्तर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मंडला </strong><br>
 मध्य प्रदेश के मंडला में पिछले 12 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश से नर्मदा नदी उफान पर आ गई है. नर्मदा के साथ कई सहायक नदियों का तेजी से जलस्तर बढ़ने से नर्मदा ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है. शहर के मुख्य मार्ग पर बना छोटा रपटा डूब गया है, तो वहीं मुख्य मार्ग के ब्रिज के करीब नर्मदा का उफान मारता पानी पहुंच गया है. सहायक नदियों के उफान पर आने के साथ कई जगहों पर सड़क मार्ग से संपर्क टूट गया है। </p>
<p>
<strong>मंडला से कान्हा नेशनल पार्क का संपर्क टूटा</strong><br>
नर्मदा नदी का छोटा रपटा पुल और घाट डूब गया है, यहां करीब 3 फीट ऊपर से पानी बह रहा है और लगातार इसका जलस्तर बढ़ते ही जा रहा है. वहीं, मंडला से कान्हा नेशनल पार्क का रास्ता बंद हो गया है. इसके साथ ही मंडला से डिंडोरी और अमरकंटक मार्ग भी फिलहाल बंद है. उफनती नदी से लोगों को दूर रखने के लिए पुलिस व प्रशास मुस्तैद है और कई इलाकों में एसडीईआरएफ के जवानों की तैनाती की गई है। </p>
<p><strong>12 घंटे में बरस गया 44 एमएम पानी</strong><br>
मध्य प्रदेस के मंडला जिले में पिछले 12 घंटों में 44 एमएम बारिश हो चुकी है और सोमवार 10 अगस्त को भी तेज बारिश का सिलसिला जारी है. पूरे जिले में अबतक 25 इंच यानी कुल 622.9 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है. एसडीईआरएफ कमांडेंट नरेश साहू ने बताया, '' लगातार बारिश के बाद से नर्मदा नदी के साथ ही बंजर नदी उफान पर है. बंजर के उफान पर आने की वजह से भी कान्हा नेशनल पार्क से सीधा संपर्क टूट जाता है और लोगों को दूसरे लंबे रास्ते से बिछिया की ओर जाना पड़ता है. पुलिस विभाग के साथ होमगार्ड और हमारा एसडीईआरएफ का बल तैनात है। </p>
<p><strong>हर स्थिति से निपटनी की तैयारी</strong></p>
<p>एसडीईआरएफ कमांडेंट ने आगे कहा, '' वर्तमान स्थिति को देखते हुए 6 सदस्यों की एक टीम बनाई गई है. ऐसी 3 टीम आपातकाल की स्थिति के लिए रिजर्व रखी गई है. साथ ही आपदा मित्रों को भी ट्रेनिंग कुछ दिनों पहले ही कराई गई थी, वो भी इस स्थिति में अपने सेवाएं दे रहे है. आपदा के समय के लिए 1079 टोल फ्री नम्बर भी जारी किया गया है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>बच्चों के कान&#45;नाक छिदवाने की सही उम्र क्या? डॉक्टर ने बताई जरूरी सावधानियां</title>
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<description><![CDATA[ भारत में बच्चों के कान और कई परिवारों में नाक छिदवाने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है. कुछ लोग जन्म के कुछ महीनों बाद ही बच्चे का कान छिदवा देते हैं, जबकि कुछ बड़े होने का इंतजार करते हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर बच्चों के कान … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 19:00:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>बच्चों, के, कान-नाक, छिदवाने, की, सही, उम्र, क्या, डॉक्टर, ने, बताई, जरूरी, सावधानियां</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>भारत में बच्चों के कान और कई परिवारों में नाक छिदवाने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है. कुछ लोग जन्म के कुछ महीनों बाद ही बच्चे का कान छिदवा देते हैं, जबकि कुछ बड़े होने का इंतजार करते हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर बच्चों के कान या नाक छिदवाने की सही उम्र क्या है? इस बारे में डॉ. आर. के. चतुर्वेदी (Physician) ने कुछ जरूरी बातें बताईं.</p>
<p><strong>बच्चे के थोड़ा समझदार होने का इंतजार करें</strong><br>
डॉ. आर. के. चतुर्वेदी के अनुसार, बहुत छोटे बच्चे का कान या नाक छिदवाने से बचना चाहिए. बेहतर होगा कि बच्चे का पियर्सिंग तभी कराया जाए, जब वह थोड़ा समझदार हो और नियमित रूप से ईयररिंग या नोज पिन पहन सके. बहुत छोटे बच्चे अक्सर कान की बाली पकड़कर खींच लेते हैं, जिससे खून निकल सकता है और घाव भी हो सकता है.</p>
<p><strong>बहुत छोटी उम्र में पियर्सिंग क्यों नहीं करानी चाहिए?</strong><br>
डॉक्टर बताते हैं कि छोटे बच्चों में पियर्सिंग के दौरान अगर गलती से नस (नर्व) को नुकसान पहुंच जाए, तो आगे चलकर परेशानी हो सकती है. इसके अलावा, पियर्सिंग के समय होने वाला तेज दर्द बच्चे के मन में डर बैठा सकता है. छोटे बच्चों में डर जल्दी विकसित होता है और कई बार यही डर आगे चलकर ट्रॉमा का रूप भी ले सकता है.</p>
<p><strong>बरसात के मौसम में क्यों नहीं करानी चाहिए पियर्सिंग?</strong><br>
डॉ. चतुर्वेदी के अनुसार, मानसून के दौरान कान या नाक छिदवाने से बचना चाहिए. इस मौसम में नमी अधिक रहती है, जिससे फंगल इंफेक्शन और घाव में संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए अगर संभव हो तो बारिश का मौसम निकलने के बाद ही पियर्सिंग कराना बेहतर माना जाता है.</p>
<p><strong>पियर्सिंग कराने से पहले इन बातों का रखें ध्यान</strong><br>
पियर्सिंग करवाने से पहले यह जरूर जांच लें कि जिस सुई या उपकरण का इस्तेमाल किया जा रहा है, वह नया और स्टरलाइज्ड हो. अगर गन या कोई अन्य उपकरण इस्तेमाल हो रहा है, तो उसकी साफ-सफाई और गुणवत्ता भी अच्छी होनी चाहिए. खराब क्वालिटी के उपकरण या इस्तेमाल किए हुए सामान से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है.</p>
<p><strong>क्या है डॉक्टर की सलाह?</strong><br>
डॉ. आर. के. चतुर्वेदी का कहना है कि बच्चों के कान या नाक छिदवाने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए. जब बच्चा थोड़ा बड़ा हो जाए, चीजों को समझने लगे और खुद ज्वेलरी पहनने में सक्षम हो, तब पियर्सिंग कराना अधिक सुरक्षित विकल्प हो सकता है. साथ ही, साफ-सफाई और सही उपकरण का इस्तेमाल करना भी उतना ही जरूरी है.</p>]]> </content:encoded>
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<title>विशेष लेख:छत्तीसगढ़ का लोक&#45;पर्व: हरेली तिहार</title>
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<description><![CDATA[ विशेष लेख:छत्तीसगढ़ का लोक-पर्व: हरेली तिहार  रायपुर  छत्तीसगढ़ी संस्कृति में लोक-त्योहारों की एक समृद्ध परंपरा रही है, जिसमें प्रकृति, कृषि और जीव-जंतुओं के प्रति गहरा सम्मान झलकता है। इन्हीं त्योहारों में सबसे पहला और प्रमुख त्यौहार है — हरेली तिहार। सावन माह की अमावस्या (हरियाली अमावस्या) को मनाया जाने वाला यह पर्व छत्तीसगढ़ के लोक-जीवन, … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 18:30:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>विशेष लेख:छत्तीसगढ़ का लोक-पर्व: हरेली तिहार</strong></p>
<p><strong> रायपुर </strong><br>
छत्तीसगढ़ी संस्कृति में लोक-त्योहारों की एक समृद्ध परंपरा रही है, जिसमें प्रकृति, कृषि और जीव-जंतुओं के प्रति गहरा सम्मान झलकता है। इन्हीं त्योहारों में सबसे पहला और प्रमुख त्यौहार है — हरेली तिहार। सावन माह की अमावस्या (हरियाली अमावस्या) को मनाया जाने वाला यह पर्व छत्तीसगढ़ के लोक-जीवन, कृषि परंपरा और पर्यावरण-प्रेम का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ की पहचान सिर्फ उसकी प्रकृति नहीं, बल्कि उसकी समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराएँ भी हैं।<br>
छत्तीसगढ़ के लोक जीवन में पर्व और त्यौहारों की बहुलता है। प्रत्येक माह कोई न कोई त्यौहार यहाँ लोक मानस को अपने रंग में रंग लेता है। ये त्यौहार जहॉं लोक जीवन में हंसी-खुशी के अवसर उपलब्ध कराती हैं, वहीं खेल और मनोरंजन के अनुकूल साबित होते हैं। प्रकति का यह हरापन छत्तीसगढ़ के लोक जीवन में भी पूरी समाहित है। हरेली, भोजली, जँवारा हो या बसंत पंचमी सभी पर्वों में प्रकृति का मनोरम और इसका अप्रतिम सौंदर्य झलकता है। इस रूप-सौंदर्य में जीवन की चारों अवस्थाओं का उल्लास और उत्साह विविध रंगों में बिखरा हुआ है।<br>
शायद ‘हरेली’ का हरापन हमारी परंपराओं में हमारे संस्कारों में और हमारे लोक जीवन में प्राकृतिक हरीतिमा का ज्यादा एहसास कराता है। हरेली का यह हरापन सबके जीवन में बिखरे और निखरे यही कामना है। यह भी कामना है कि भौतिकता की चकाचौंध से परे हमारी खेल परंपराएँ जीवित रहे ताकि माटी से जुड़े ग्रामीणजन शारीरिक और मानसिक दृष्टि से सुदृढ़ रहें। माटी की सोंधी-सोंधी महक हमारे लोक गीतो से आती रहे और खेल परंपरा की यह अविरल धारा निरंतर गतिमान रहे।<br>
<strong>1. हरेली शब्द का अर्थ और महत्व</strong><br>
'हरेली' शब्द 'हरियाली' से बना है। सावन के महीने में जब चारों तरफ़ खेतों और मैदानों में हरी-भरी फसलें और हरियाली लहलहाने लगती है, तब किसान इस पर्व को उल्लासपूर्वक मनाते हैं। इसे छत्तीसगढ़ का पहला तिहार माना जाता है, जहाँ से राज्य के प्रमुख लोक-पर्वों की श्रृंखला शुरू होती है।<br>
<strong>2. कृषि उपकरणों और पशुधन की पूजा</strong><br>
<strong>हरेली का दिन मुख्य रूप से कृषकों और कृषि से जुड़े साधनों का धन्यवाद ज्ञापित करने का दिन है:</strong><br>
•    कृषि यंत्रों की पूजा:- हरेली की जड़ें छत्तीसगढ़ क्षेत्र की कृषि विरासत में गहराई से जुड़ी हुई हैं। यह एक उत्सव होने के साथ-साथ एक आध्यात्मिक भेंट भी है, लोगों के लिए प्रकृति, बारिश और अपने कृषि कार्य को सम्पन्न करने के बाद किसान अपने औजार, हल, फावड़ा, कुदाल, कुदाली, कुम्हड़ी, बिन्धना, बसुला, हथौड़ी, आरी,असिया, पैसुल, छूरा, खुर्पी आदि को धोकर स्वच्छ मिट्टी (मुरमी) का आसन से सजाकर किसान-किसानिन पूजा सामग्री रखकर धुले हुए चांवल आटे से हाथा लगाकर चन्दन, फूल, धुप-दीप व चीला रोटी से भोग लगाकर श्रीफल अर्पित करते हैं एवं भाव विभोर हो प्रार्थना करते हैं – ‘हे बलराम रूपी हल प्रचण्ड शक्ति के प्रतीक धारापति, आपने कंधा के रूप में माता को संवारा एवं सेवा करने में हमारी सहायता की कृषि कार्य बोनी ब्यासी रोपा के होते ही चहूओर हरियाली छाई इसके लिए कोटिशः धन्यवाद आपका कार्य सम्पन्न हुआ विश्राम करे। हमने आपको बड़ा कष्ट दिया, काम लिया, हमें क्षमा करें। आपकी दया हम पर सदैव बनी रहे, इसी प्रकार अन्य औजारों का कार्यानुसार निवेदन करते गेड़ी की पूजा कर शरीर के सामर्थ पैरो की रक्षा की कामना करते हैं।</p>
<p>•    पशुधन का सत्कार: पशुधन किसानों की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारत में किसान मिश्रित कृषि प्रणाली अपनाते हैं, जिसमें फसल और पशुधन का संयोजन होता है। छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में लोग कम पढ़े-लिखे और अकुशल होने के कारण अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं।  बैल छत्तीसगढ़ कृषि की रीढ़ हैं। किसान, विशेषकर सीमांत और लघु किसान, जुताई, ढुलाई और उत्पादन और इनपुट दोनों के परिवहन के लिए बैलों पर निर्भर रहते हैं।</p>
<p>•     खेती-किसानी के सच्चे साथी यानी गाय और बैलों की विशेष सेवा की जाती है। उन्हें नहला-धुलाकर आरती उतारी जाती है तथा 'गहूंता' (आटा, नमक और जड़ी-बूटी से बना पौष्टिक मिश्रण) खिलाया जाता है, ताकि वे रोगों से मुक्त रहें। जड़ी बुटियों से तैयार औषधि को गौठान में ले जाकर अन्डी एवं खम्हार के पत्तों में नमक, चावल या गेहूँ के गोला के साथ दवा डाल कर पशुओं को खिलाया जाता है। अरण्ड, खम्हार का पत्ता औषधि है, जो वायुजनित रोगों को दूर करता है। नमक उत्प्रेक्षण का कार्य करता है, चावल या गेहूँ के कारण दवा अधिक असरकारक बन जाती है। इससे पशु धन निरोग हो जाता है यह एक प्रकार टीकाकरण ही है।<br>
<strong>3. परंपराएं एवं रीति-रिवाज</strong></p>
<p>•    गेड़ी चढ़ने का आनंद:- इस पर्व में गेंड़ी का काफी महत्व है बांस के मोटे डंडो एवं बांस के पहुये को विशेष विधि से कस कर बांधा जाता है। गेड़ी का उदारण हमें पुराणों में मिलता है। बलदाऊ-कृष्ण अपने सखाओं के साथ गेड़ी चढ़ा करते थे। कृष्ण लीला प्रसंग में इसका उदाहरण मिलता है तथा खेलों का आयोजन भी होते रहे हैं, जिसमें गेड़ी दौड़, पानी पिलाना, एक पैर में खड़े होना, एक पैर में कूदना आदि अनेक खेल का आयोजन प्राचीन काल से अब तक होते आ रहे हैं। बारिश के मौसम में कीचड़ और पानी से भरे रास्तों पर चलने के साधन के रूप में शुरू हुई यह परंपरा आज एक मनोरंजक खेल बन चुकी है। </p>
<p>•    विभिन्न प्रतियोगिता का आयोजन:-हरेली में गाँव व शहरों में नारियल फेंक प्रतियोगिता भी होती है। सुबह पूजा-अर्चना के बाद गाँव के चौक-चौराहों पर युवाओं की टोली जुटती है और नारियल फेंक प्रतियोगिता का आयोजन की जाती है। नारियल हारने और जीतने का यह सिलसिला देर रात तक चलता है। गाँव-गाँव में गेड़ी दौड़ का आयोजन होता है। कहीं खो-खो तो कहीं फुगड़ी, कहीं बिल्लस, कहीं अत्ती-पत्ती, डंडा पचरंगा खेल का आयोजन होते आ रहे हैं। गाँव का गौठान हो या स्कूल का मैदान, गाँव के बाहर सड़क हो या चौबट्टा लगता है सारे लोग रंग-बिरंगे परिधानों में सजे रहते हैं।</p>
<p>•    टोटका और सुरक्षा का विधान:- मान्यतानुसार, इस दिन गाँव को बुरी नज़र और रोगों से बचाने के लिए घर के मुख्य दरवाजों पर नीम की पत्तियाँ बांधी जाती हैं। लोहार द्वारा घरों के चौखट पर नीम की शाखाएं और लोहे की कीलें लगाई जाती हैं। स्थानीय मान्यता है कि इससे घर को बुरी शक्तियों और बीमारियों से सुरक्षा मिलती है। यह प्रथा नीम के ज्ञात औषधीय गुणों और ग्रामीण स्वास्थ्य संबंधी पारंपरिक मान्यताओं में इसकी भूमिका से प्रेरित है।</p>
<p>•    हरेली तिहार में बनाए जाने वाले ब्यंजन:- मुख्य रूप से गुड़ के चीला, अईरसा, चौसेला और बोबरा जैसे पारंपरिक पकवान बनाए और बांटे जाते हैं। गुलगुला भजिया, गुड़हा चीला, सोहारी, बड़ा, ठेठरी, खुरमी और बोबरा जैसे पारंपरिक छत्तीसगढ़ी पकवान बनाए जाते हैं। इन व्यंजनों का भोग कृषि औजारों और गोधन को लगाया जाता है। इस दिन छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का विशेष आनंद लिया जाता है। </p>
<p><strong>4. सांस्कृतिक और सामाजिक संदेश</strong><br>
हरेली तिहार केवल एक धार्मिक या लोक-अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह मानव का प्रकृति के साथ अटूट संबंध दर्शाता है। यह पर्व सिखाता है कि जो प्रकृति और पशुधन हमें जीवन और भोजन देते हैं, उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना हमारा परम कर्तव्य है।आज के समय में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा हरेली पर सार्वजनिक अवकाश घोषित कर और 'छत्तीसगढ़िया क्रांति' के तहत पारंपरिक खेलों (जैसे गेड़ी दौड़) को बढ़ावा देकर इस लोक-सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है।</p>
<p><strong>   धनंजय राठौर<br>
          संयुक्त संचालक, जनसंपर्क</strong></p>]]> </content:encoded>
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<title>CSVTU की नई पहल, आधुनिक तकनीक से वरिष्ठ नागरिकों को बनाया जाएगा आत्मनिर्भर और जागरूक</title>
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<description><![CDATA[ भिलाई नगर. छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर स्किल डेवलपमेंट एंड इन्फॉर्मल एजुकेशन (सीएसडीआईई) ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया है। तकनीकी विश्वविद्यालय का उद्देश्य बुजुर्गों को आधुनिक तकनीक, मानसिक स्वास्थ्य और आध्यात्मिक ज्ञान से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर और जागरूक बनाना है। इन कोसों के लिए 25 अगस्त तक … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 18:30:11 +0530</pubDate>
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<media:keywords>CSVTU, की, नई, पहल, आधुनिक, तकनीक, से, वरिष्ठ, नागरिकों, को, बनाया, जाएगा, आत्मनिर्भर, और, जागरूक</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भिलाई नगर.</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर स्किल डेवलपमेंट एंड इन्फॉर्मल एजुकेशन (सीएसडीआईई) ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया है।</p>
<p>तकनीकी विश्वविद्यालय का उद्देश्य बुजुर्गों को आधुनिक तकनीक, मानसिक स्वास्थ्य और आध्यात्मिक ज्ञान से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर और जागरूक बनाना है। इन कोसों के लिए 25 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। सभी कक्षाएं चरक भवन (यूटीडी-4), सीएसवीटीयू से संचालित होंगी।<br>
तकनीकी विश्वविद्यालय ने इस पहल के तहत तीन अलग- अलग 30 दिवसीय सर्टिफिकेट कोर्स तैयार किए हैं। प्रत्येक कोर्स प्रतिदिन दो घंटे का होगा, जिससे वरिष्ठ नागरिक आसानी से प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। इसमें डिजिटल ठगी, साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। इस कोर्स की फीस 3000 रुपए निर्धारित की गई है।</p>
<p>योगा एंड मेडिटेशन के तहत शारीरिक फिटनेस, मानसिक शांति और तनावमुक्त जीवन के लिए योग एवं ध्यान का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह कोर्स निःशुल्क रहेगा। वहीं भगवगीता के व्यावहारिक जीवन मूल्यों और आध्यात्मिक विज्ञान पर आधारित यह कोर्स भी निःशुल्क होगा। विश्वविद्यालय के अनुसार प्रत्येक कोर्स की अवधि 30 दिन होगी तथा सफल प्रतिभागियों को परीक्षा के बाद ग्रेड सहित सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा। केवल वरिष्ठ नागरिक ही इन कोर्सों के लिए पात्र होंगे। किसी भी कोर्स की शुरुआत कम से कम 13 प्रतिभागियों के पंजीयन के बाद होगी। एक बार कक्षा शुरू होने के बाद फीस वापस नहीं होगी। 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति होने पर प्रशिक्षण प्रमाणपत्र नहीं दिया जाएगा।</p>]]> </content:encoded>
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<title>छात्र आंदोलन पर संसद में चर्चा को तैयार सरकार, ‘गृह मंत्री देंगे जवाब’; विपक्ष की मांग पर बनी सहमति</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली    संसद के मॉनसून सत्र के बीच छात्र आंदोलन को लेकर सरकार ने बड़ा रुख साफ किया है. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सदन में पूरी और विस्तार से चर्चा के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि विपक्ष जिन बिंदुओं को उठाना चाहता है, … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 18:15:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>admin</dc:creator>
<media:keywords>छात्र, आंदोलन, पर, संसद, में, चर्चा, को, तैयार, सरकार, ‘गृह, मंत्री, देंगे, जवाब’, विपक्ष, की, मांग, पर, बनी, सहमति</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
   संसद के मॉनसून सत्र के बीच छात्र आंदोलन को लेकर सरकार ने बड़ा रुख साफ किया है. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सदन में पूरी और विस्तार से चर्चा के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि विपक्ष जिन बिंदुओं को उठाना चाहता है, सरकार उन सभी का जवाब देगी और गृह मंत्री इस मुद्दे पर सरकार की तरफ से जवाब देंगे. हालिया NEET पेपर लीक और छात्र प्रदर्शन को लेकर संसद में विपक्ष लगातार चर्चा की मांग करता रहा है। </p>
<p>किरेन रिजिजू ने विपक्ष से अपील की कि जब छात्र आंदोलन पर चर्चा हो तो सदन में हंगामा न किया जाए. उन्होंने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है और सभी पक्षों को अपनी बात रखने का मौका मिलना चाहिए. सरकार का कहना है कि छात्रों से जुड़े मुद्दे बेहद अहम हैं और संसद में इन पर गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए। </p>
<p><strong>BAC बैठक में सरकार ने रखा चर्चा का प्रस्ताव</strong><br>
बिजनेस एडवाइजरी कमेटी यानी BAC की बैठक में सरकार की ओर से छात्र आंदोलन के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार होने की बात कही गई. हालांकि विपक्ष ने इस दौरान अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े चंदे में कथित गड़बड़ी के मामले पर भी चर्चा की मांग रखी. ऐसे में सदन में किन मुद्दों पर चर्चा होगी, इसे लेकर सरकार और विपक्ष के बीच अलग-अलग प्राथमिकताएं सामने आई हैं। </p>
<p>सरकार की तरफ से साफ किया गया है कि छात्र आंदोलन पर चर्चा के दौरान सरकार जवाब देने को तैयार है. रिजिजू ने कहा कि गृह मंत्री इस मुद्दे पर जवाब देंगे और विपक्ष को चर्चा के दौरान हंगामा करने के बजाय अपनी बात सदन में रखनी चाहिए। </p>
<p><strong>FCRA और परिसीमन बिल पर चर्चा नहीं</strong><br>
BAC में प्रस्तावित एफसीआरए संशोधन और परिसीमन से जुड़े विधेयकों पर चर्चा को लेकर फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं रखा गया है. सरकार की प्राथमिकता में इस समय छात्र आंदोलन और उससे जुड़े परीक्षा सुधार के मुद्दे शामिल हैं। </p>
<p>इससे पहले सरकार लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026 पेश कर चुकी है. यह विधेयक पेपर लीक और परीक्षाओं में अनुचित साधनों पर रोक लगाने के लिए मौजूदा कानूनी ढांचे को मजबूत करने से जुड़ा है. सरकार ने विपक्ष से इस पर भी विस्तृत चर्चा में शामिल होने की अपील की थी। </p>
<p><strong>विपक्ष और सरकार के बीच टकराव जारी</strong><br>
छात्र आंदोलन को लेकर संसद के बाहर और अंदर सियासी टकराव लगातार बना हुआ है. विपक्ष छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई और पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि छात्रों के हित में कानून और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के कदम उठाए जा रहे हैं. अब सरकार के चर्चा के लिए तैयार होने के बाद नजर इस बात पर है कि सदन में चर्चा कब शुरू होती है और विपक्ष किन मुद्दों को प्रमुखता से उठाता है। </p>]]> </content:encoded>
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